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- रांची. झारखंड की राजधानी के बाहरी इलाके में अपने संबंधियों के सूअरों द्वारा फसल को कथित तौर पर नष्ट किए जाने से गुस्साए कई लोगों ने बृहस्पतिवार को दो महिलाओं समेत तीन लोगों की पीट-पीटकर हत्या कर दी। पुलिस ने यह जानकारी दी। रांची देहात के पुलिस अधीक्षक हारिस बिन जमान ने बताया कि यह घटना शहर से लगभग 25 किलोमीटर दूर ओरमांझी थाना क्षेत्र के झांझी टोला गांव में हुई। उन्होंने कहा, ‘‘कुछ दिन पहले एक परिवार के सूअरों ने उनके रिश्तेदारों के खेत में फसल को कथित तौर पर नष्ट कर दिया था। इस मुद्दे को लेकर दोनों परिवारों के बीच विवाद हो गया। लाठी और कृषि उपकरणों से लैस कई लोगों ने बृहस्पतिवार पूर्वाह्न लगभग 11 बजे दूसरे परिवार के सदस्यों पर हमला कर दिया। भीड़ ने दो महिलाओं सहित परिवार के तीन सदस्यों को पीट-पीटकर मार डाला।'' उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान जनेश्वर बेदिया (42), सरिता देवी (39) और संजू देवी (25) के रूप में हुई। जमान ने बताया कि मृतकों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और गांव में पुलिस तैनात की गई है। उन्होंने कहा कि 14 लोगों के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की गई है, जिसमें से 11 नामजद हैं। उन्होंने कहा कि 11 नामजद लोगों में से छह को गिरफ्तार कर लिया गया है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
- औरंगाबाद/पटना. बिहार के औरंगाबाद जिले में बृहस्पतिवार को एक तालाब में डूबने से पांच बच्चों की मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सलैया थाना अंतर्गत सोनारचक गांव में यह घटना तब हुई जब बृहस्पतिवार दोपहर करीब दो बजे सभी पांच बच्चे राखी बंधवाने के बाद तालाब में नहाने गए थे। मृतकों की पहचान शुभम (11), नीरज कुमार (12), धीरज (10), प्रिंस (12) और अमित (12) के रूप में हुई है। सभी पीड़ित सोनारचक गांव के रहने वाले हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने घटना पर दुख जताते हुए सभी मृतकों के निकटतम परिजनों को चार-चार लाख रूपये की अनुग्रह राशि अविलम्ब उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। औरंगाबाद के अनुमंडल दंडाधिकारी (एसडीएम) विजयंत ने कहा, ‘‘ग्रामीणों के अनुसार, अपनी बहनों से राखी बंधवाने के बाद, सभी पांच बच्चे तालाब में स्नान करने गए थे। ग्रामीणों के एक समूह ने तालाब के किनारे से कुछ शोर सुना। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने बच्चों को तालाब से बाहर निकाला लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।'' आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस के मौके पर काफी देर से पहुंचने का आरोप लगाते हुए गांव की मुख्य सड़क को जाम कर दिया। बाद में पुलिसकर्मियों ने उन्हें तितर-बितर कर दिया।
- धौलपुर (राजस्थान). मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के सराय छोला थाना इलाके में अदालत में पेशी के बाद धौलपुर वापस लाया जा रहा एक आरोपी हथकड़ी सहित ट्रेन से कूदकर फरार हो गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी ने फरार होते समय सिपाही को भी धक्का मारकर ट्रेन से नीचे गिरा दिया और भाग निकला। मध्य प्रदेश की मुरैना एवं धौलपुर जिला पुलिस फरार आरोपी की तलाश कर रही है। अपर पुलिस अधीक्षक ओ पी मीणा ने बताया कि वाहन चोरी के एक मामले में धौलपुर जिला कारागृह से अजीत उर्फ बनिया गुर्जर को मध्य प्रदेश के मुरैना जिले की अदालत में बृहस्पतिवार को पेशी पर ले जाया गया था। उन्होंने बताया कि पेशी के बाद में अमृतसर-विलासपुर छत्तीसगढ एक्सप्रेस ट्रेन से पुलिसकर्मियों की टीम अजीत उर्फ बनिया को वापस धौलपुर लेकर लौट रही थी। शाम को करीब चार बजे रास्ते में मुरैना जिले के हेतमपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन की गति थोडी धीमी हुई तभी बदमाश अजीत उर्फ बनिया ने पुलिसकर्मियों को उल्टी आने की बात कही, तो टीम के सदस्य सिपाही हरदेव सिंह उसे हथकड़ी सहित लेकर ट्रेन के कोच में ही वाशबेसिन पर ले गया। उन्होंने बताया कि इसी दौरान आरोपी ने चलती ट्रेन से सिपाही हरदेव सिंह और हथकड़ी के साथ ही छलांग लगा दी। इसके बाद में पुलिसकर्मी ने ट्रेन को रुकवाया तथा फरार बदमाश का पीछा किया, लेकिन उसके बारे में कोई सुराग नहीं लग सका। अपर पुलिस अधीक्षक ओपी मीणा ने बताया कि मध्य प्रदेश और राजस्थान पुलिस की कई टीम फरार बदमाश की तलाश कर रही है।
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नई दिल्ली। सरकार ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में एक राष्ट्र- एक चुनाव की संभावना का पता लगाने के लिए एक समिति गठित की है। जयपुर में मीडिया से बातचीत में संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि इस बारे में विचलित होने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि इसे लागू करने से पहले विभिन्न स्तरों पर चर्चा की जाएगी। श्री जोशी ने कहा कि वर्ष 1967 तक लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ हुआ करते थे।
श्री जोशी शनिवार से शुरू हो रही परिवर्तन यात्रा के प्रबंधों पर चर्चा के लिए जयपुर में हैं। इस बीच भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने आज श्री रामनाथ कोविंद से उनके निवास पर मुलाकात की। -
नई दिल्ली। सर्वोच्च न्यायालय में राष्ट्रीय जनता दल के नेता और बिहार से चार बार के सांसद प्रभुनाथ सिंह को 1995 के दोहरे हत्याकांड मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय में इस घटना के पीड़ित लोगों को 10 लाख का मुआवजा देने का भी आदेश दिया है। सर्वोच्च न्यायालय में 18 अगस्त को प्रभुनाथ सिंह को दोहरे हत्याकांड मामले में दोषी ठहराया था। वे एक अन्य हत्या के मामले में हजारीबाग जेल में हैं। प्रभुनाथ सिंह पर 1995 में मशरख में मतदान केन्द्र पर दो लोगों की हत्या का आरोप है।
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नई दिल्ली। भारत के सौर मिशन आदित्य एल-1 के प्रक्षेपण की गिनती शुरू हो गई है। पीएसएलवी-सी-57 का कल दोपहर में आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केन्द्र से प्रक्षेपण किया जाएगा। उपग्रह को सूर्य और पृथ्वी के बीच लैग्रेंज प्वाइंट एल-1 के आसपास हैलो ऑर्बिट में स्थापित किया जाएगा। यह स्थान धरती से करीब 15 लाख किलोमीटर दूर है। उपग्रह लैग्रेंज प्वाइंट तक पहुंचने में लगभग चार महीने का समय ल्रगेगा। एल-1 प्वाइंट के पास हैलो ऑर्बिट का फायदा यह है कि यहां से यह उपग्रह बिना किसी बाधा के सूर्य की गतिविधियों का अवलोकन कर सकता है। आदित्य एल-1 मिशन सूर्य के वातावरण और पर्यावरण और उससे संबंधित सभी गतिविधियों का अपनी तरह का पहला अध्ययन करेगा। इस पर सात पेलोड लगे हैं।
बेंगलुरु में भारतीय अंतरिक्ष भौतिकी संस्थान के वैज्ञानिक प्रोफेसर बी. रवीन्द्र ने कहा कि सूर्य के कोरोना का अध्ययन करने के लिए मिशन भेजने वाला भारत दुनिया का तीसरा देश होगा। आकाशवाणी से विशेष बातचीत में प्रोफेसर रवीन्द्र ने कहा कि आदित्य एल-1 पर लगे सात पेलोड से प्राप्त आंकड़ों से कई नये तथ्य सामने आयेंगे। - सासाराम-पटना. बिहार के रोहतास जिले में बुधवार तड़के एक एसयूवी सड़क किनारे खड़े एक ट्रेलर ट्रक से टकरा गयी। हादसे में एक ही परिवार के सात सदस्यों की मौत हो गई जबकि पांच अन्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। दुर्घटना रोहतास जिले के शिवसागर थाना से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 02 पर स्कॉर्पियो के ट्रक से टकराने के कारण हुई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने की दुर्घटना में सात लोगों की मौत पर शोक जताते हुए इसे बेहद दुखद बताया।उनहोंने दुख की इस घड़ी में मृतकों के परिजनों को तकलीफ सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना ईश्वर से की। उन्होंने गंभीर रूप घायल लोगों के समुचित इलाज का निर्देश देते हुए उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। शिवसागर थाना के अध्यक्ष राकेश गोसाई ने बताया, ‘‘शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया है। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त दोनों वाहनों को कब्जे में ले लिया है।'' उन्होंने बताया कि यह दुर्घटना सुबह करीब चार बजे हुई। एसयूवी में चालक के अलावा 11 लोग सवार थे। कैमूर जिले के रहने वाले एक ही परिवार के सदस्य झारखंड के रजरप्पा मंदिर से लौट रहे थे। पुलिस ने आशंका जतायी है कि तेज गति के कारण चालक ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया जिससे यह दुर्घटना हुई है। गोसाई ने बताया कि मृतकों की पहचान राजमती देवी (55), उनकी बेटी सोनी कुमारी (35), उनके दामाद अरविंद शर्मा (40), उनके पोते आदित्य कुमार (8) और रिया कुमारी (9) तथा अरविंद की दो भतीजियों तारा कुमारी (22) और चांदनी कुमारी (15) के रूप में की गई है। उन्होंने बताया कि इस हादसे में घायल हुए लोगों को इलाज के लिए एक नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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बेंगलुरु. इसरो ने बृहस्पतिवार को चंद्रयान-3 मिशन की प्रगति की जानकारी देने के लिए ‘मां-बच्चे' के मनमोहक संदर्भ और चंद्रमा के लिए आम भारतीयों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले 'चंदामामा' शब्द का इस्तेमाल किया। अंतरिक्ष एजेंसी ने यह उल्लेख ऐसे समय किया जब चंद्रयान-3 के रोवर ‘प्रज्ञान' द्वारा चांद की सतह पर लगातार एक के बाद एक खोज की जा रही हैं। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने कहा कि चंद्रयान-3 मिशन के रोवर 'प्रज्ञान' पर लगे एक अन्य उपकरण ने भी एक अलग तकनीक का उपयोग करके चंद्र क्षेत्र में गंधक (सल्फर) की मौजूदगी की पुष्टि की है। इसरो ने सुरक्षित रास्ते की तलाश में घूमते रोवर का एक वीडियो भी जारी किया। इस घूर्णन प्रक्रिया का वीडियो लैंडर इमेजर कैमरे ने बनाया। इसके द्वारा किए गए सोशल मीडिया पोस्ट पर आज लोगों की निगाहें टिकी रहीं।
इसरो ने लिखा, ‘‘सुरक्षित रास्ते की तलाश में रोवर घूमा। इसकी घूर्णन प्रक्रिया का वीडियो लैंडर इमेजर कैमरे ने बनाया। आज ऐसा महसूस होता है मानो एक नन्हा शिशु, चंदामामा के आँगन में अठखेलियाँ कर रहा है, जबकि माँ स्नेहपूर्वक उसे निहार रही है। है ना?'' राष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ‘अल्फा पार्टिकल एक्स-रे स्पेक्ट्रोस्कोप' (एपीएक्सएस) नामक उपकरण ने चंद्रमा पर गंधक के साथ-साथ अन्य छोटे तत्वों का भी पता लगाया है। पोस्ट में कहा गया, ‘‘चंद्रयान-3 की यह खोज वैज्ञानिकों को क्षेत्र में गंधक (एस) के स्रोत के लिए नए स्पष्टीकरण विकसित करने के लिए विवश करती है: आंतरिक?, ज्वालामुखीय?, उल्कापिंड?,......?'' अंतरिक्ष एजेंसी ने एक वीडियो जारी किया जिसमें 18 सेमी लंबे एपीएक्सएस को घुमाते हुए एक स्वचालित तंत्र दिखता है, जो डिटेक्टर हेड को चंद्र सतह के करीब पांच सेंटीमीटर की दूरी पर संरेखित करता है। छब्बीस किलोग्रम वजनी, छह पहियों वाला, सौर ऊर्जा से संचालित ‘प्रज्ञान' रोवर अपने वैज्ञानिक उपकरणों का उपयोग करके यह पता लगाने का काम कर रहा है कि दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र में चंद्रमा की मिट्टी और चट्टानें किस चीज से बनी हैं। इसरो ने एक बयान में कहा कि एपीएक्सएस उपकरण चंद्रमा जैसे कम वायुमंडल वाले ग्रहीय पिंडों की सतह पर मिट्टी और चट्टानों की मौलिक संरचना के वास्तविक विश्लेषण के लिए सबसे उपयुक्त है। इसमें रेडियोधर्मी स्रोत होते हैं जो सतह के नमूने पर अल्फा कण और एक्स-रे उत्सर्जित करते हैं। नमूने में मौजूद परमाणु बदले में मौजूद तत्वों के अनुरूप विशिष्ट एक्स-रे रेखाएं उत्सर्जित करते हैं। इन विशिष्ट एक्स-रे की ऊर्जा और तीव्रता को मापकर, अनुसंधानकर्ता मौजूद तत्वों और उनकी प्रचुरता का पता लगा सकते हैं। एपीएक्सएस के अवलोकनों ने एल्युमीनियम, सिलिकॉन, कैल्शियम और लौह जैसे प्रमुख अपेक्षित तत्वों के अलावा, गंधक समेत दिलचस्प छोटे तत्वों की मौजूदगी की खोज की है। रोवर पर लगा ‘लेजर इंड्यूस्ड ब्रेकडाउन स्पेक्ट्रोस्कोप' (एलआईबीएस) उपकरण पहले ही गंधक की मौजूदगी की पुष्टि कर चुका है। इन अवलोकनों का विस्तृत वैज्ञानिक विश्लेषण प्रगति पर है। -
कोलकाता. वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि दो सितंबर को इसरो द्वारा प्रक्षेपित किए जाने वाले भारत के पहले सौर मिशन आदित्य-एल1 के माध्यम से एकत्र किए गए आंकड़ों का विश्लेषण करने के बाद सूर्य के अतीत, वर्तमान और भविष्य के बारे में नयी जानकारी मिल सकेगी। आने वाले दशकों और सदियों में पृथ्वी पर संभावित जलवायु परिवर्तन को समझने के लिए यह आंकड़े महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। सौर भौतिक विज्ञानी प्रोफेसर दीपांकर बनर्जी ने कहा कि आदित्य एल-1 पहले लैग्रेंजियन बिंदु तक जाएगा जो पृथ्वी से करीब 15 लाख किलोमीटर दूर है और फिर वह उस डेटा को प्रसारित करेगा जिसका अधिकांश भाग पहली बार अंतरिक्ष में किसी मंच से वैज्ञानिक समुदाय के पास आएगा। इस अंतरिक्ष यान को सौर कोरोना (सूर्य की सबसे बाहरी परतों) के दूरस्थ अवलोकन और एल1 (सूर्य-पृथ्वी लैग्रेंज बिंदु) पर सौर वायु के यथास्थिति अवलोकन के लिए तैयार किया गया है। एल1 पृथ्वी से करीब 15 लाख किलोमीटर की दूरी पर है। लैग्रेंज बिंदु ऐसे संतुलन बिंदु को कहा जाता है जहां सूर्य और पृथ्वी के गुरुत्वीय बल बराबर होते हैं। आदित्य एल1 को सूर्य-पृथ्वी की व्यवस्था के लैग्रेंज बिंदु 1 (एल1) के चारों ओर एक प्रभामंडल कक्षा में रखा जाएगा, जो पृथ्वी से लगभग 15 लाख किलोमीटर दूर है। यहां से सूर्य को बिना किसी व्यवधान या ग्रहण के लगातार देखने का लाभ मिलेगा। बनर्जी, उस टीम का हिस्सा हैं जिसने 10 साल से अधिक समय पहले मिशन की योजना पर काम किया था।
बनर्जी ने कहा, पृथ्वी पर हमारा अस्तित्व या जीवन मूलतः सूर्य की उपस्थिति के कारण है जो हमारा निकटतम तारा है। सारी ऊर्जा सूर्य से आती है। यह समझना महत्वपूर्ण है कि क्या यह उतनी ही ऊर्जा उत्सर्जित करेगा (जैसा कि यह अभी करता है) या इसमें परिवर्तन होने वाला है।'' उन्होंने कहा, ‘‘यदि कल सूर्य उतनी ही मात्रा में ऊर्जा उत्सर्जित नहीं करेगा तो इसका हमारी जलवायु पर बहुत बड़ा प्रभाव पड़ेगा।'' नैनीताल में आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (एरीज) के निदेशक बनर्जी ने कहा कि यदि लैग्रेंजियन बिंदु से सूर्य की लंबी अवधि तक निगरानी की जा सकती है, तो यह सूर्य के इतिहास का मॉडल तैयार करने की उम्मीद जगाएगा। वैज्ञानिक ने कहा कि ऐसा देखा गया है कि हर 11 साल में सूर्य की चुंबकीय गतिविधि में बदलाव होता है, जिसे सौर चक्र के नाम से जाना जाता है। उन्होंने कहा कि सौर वायुमंडल में चुंबकीय क्षेत्र में भी कभी-कभी व्यापक परिवर्तन होते हैं जिसके परिणामस्वरूप ऊर्जा का भारी विस्फोट होता है, जिसे सौर तूफान कहा जाता है। दीपांकर बनर्जी ने कहा कि बाहरी सौर वातावरण (कोरोना) मजबूत चुंबकीय क्षेत्रों द्वारा संरचित है, जो गर्म प्लाज्मा को सीमित करता है। निश्चित समय पर यह अंतरग्रहीय माध्यम में गैस और चुंबकीय क्षेत्र के बुलबुले छोड़ता है, जिसे ‘कोरोनल मास इजेक्शन' कहते हैं। वैज्ञानिक ने कहा, ‘‘जब वे अंतरग्रहीय माध्यम में यात्रा करते हैं, तो वे सभी दिशाओं में जा सकते हैं। कोरोनल मास इजेक्शन के प्रभाव से उपग्रह सीधे प्रभावित होते हैं। सौर आंधी के कारण चंद्रमा समेत अन्य ग्रह प्रभावित होते हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘अंतरिक्ष में हमारी संपत्तियों की सुरक्षा के लिए अंतरिक्ष मौसम के पूर्वानुमान की आवश्यकता है। आदित्य-एल1 के डेटा की मदद से मौसम के पूर्वानुमान में सुधार किया जा सकता है।'' भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का अंतरिक्ष यान पृथ्वी की जलवायु के छिपे इतिहास का पता लगाAditya-L1ने में भी मदद कर सकता है क्योंकि सौर गतिविधियों का ग्रह के वायुमंडल पर प्रभाव पड़ता है। बनर्जी ने कहा, ‘‘पृथ्वी पर कई हिमयुग रहे हैं। लोग अभी भी पूरी तरह से नहीं समझ पाए हैं कि ये हिमयुग कैसे बने और क्या सूर्य इनके लिए जिम्मेदार था।'' -
मुंबई. मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत सूरत में गिट्टी रहित ट्रैक का निर्माण शुरू कर दिया गया है। नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल) ने बृहस्पतिवार को विज्ञप्ति में यह जानकारी दी। विज्ञप्ति के अनुसार, एनएचएसआरसीएल जे-स्लैब गिट्टी रहित ट्रैक नाम की इस प्रणाली का भारत में पहली बार उपयोग किया जा रहा है। अभी तक यह प्रणाली जापान की हाई-स्पीड रेल प्रणाली शिंकानसेन में उपयोग में लाई जाती रही है। भारत में पारंपरिक रेल ट्रैक बड़ी-बड़ी गिट्टियों में स्लीपर से जुड़े होते है और गिट्टी की जगह कंक्रीट की चादर बिछाकर उसे गिट्टी रहित ट्रैक बना दिया जाता है। विज्ञप्ति के अनुसार, ट्रैक प्रणाली के लिए सूरत में कंक्रीट के बेस का निर्माण शुरू कर दिया गया है और इसमें पहले से तैयार एक ट्रैक स्लैब शामिल है। इन स्लैब के ऊपर फास्टनिंग डिवाइस (एक हार्डवेयर उपकरण जो दो या उससे चीजों को एक साथ जोड़ता है) और रेल लगाए गए हैं। एक बार इस परियोजना के पूरी तरह से चालू होने के बाद अहमदाबाद और मुंबई के बीच देश की पहली बुलेट ट्रेन 350 किमी प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से चलेगी। यह 508 किमी की दूरी को तीन घंटे से कम समय में तय करेगी। इस प्रणाली में एक पहले से तैयार ट्रैक स्लैब होता है जिस पर फास्टनिंग डिवाइस और रेल फिट किए जाते हैं। यह स्लैब कंक्रीट के बेस पर टिका होता है, जिसकी मोटाई लगभग 300 मिमी होती है और अप और डाउन लाइनों के लिए साइट पर बनाया जाता है। कंक्रीट के बेस की चौड़ाई 2420 मिमी है। विज्ञप्ति में कहा, ‘‘आरसी एंकर का उपयोग ट्रैक स्लैब पर लंबवत और अन्य बाधाओं को नियन्त्रित करने के लिए किया जाता है।'' विज्ञप्ति के अनुसार, आरसी एंकर में ‘रेफेरेंस पिन' लगाया जाता है, जिसका उपयोग 320 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन संचालन के लिए उपयुक्त वांछित संरेखण (क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर) प्राप्त करने के लिए किया जाता है। गुजरात राज्य के लिए ट्रैक कार्यों की निविदा प्रदान की जा चुकी है तथा ट्रैक कार्यों के लिए सामग्री की खरीद अगले चरण में है। ट्रैक स्लैब का निर्माण विशेष कारखानों में किया जाएगा और ऐसे दो कारखाने पहले ही स्थापित किए जा चुके हैं।
- नयी दिल्ली । अमृत काल के बीच ‘संसद का विशेष सत्र' 18 से 22 सितंबर को बुलाया गया है जिसमें पांच बैठकें होंगी। संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। संसदीय कार्य मंत्री जोशी ने सोशल मीडिया साइट ‘एक्स' पर अपने पोस्ट में कहा, ‘‘ संसद का विशेष सत्र (17वीं लोकसभा का 13वां सत्र और राज्यसभा का 261वां सत्र) 18 से 22 सितंबर को बुलाया गया है ।'' संसद के इस विशेष सत्र के एजेंडे के बारे में आधिकारिक तौर पर कुछ भी नहीं कहा गया है । हालांकि यह सत्र 9 और 10 सितंबर को राष्ट्रीय राजधनी में जी20 शिखर बैठक के कुछ दिनों बाद आयोजित होने जा रहा है। जोशी ने कहा कि संसद के इस विशेष सत्र में पांच बैठकें होंगी। संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि अमृत काल के बीच आयोजित होने वाले इस विशेष सत्र के दौरान संसद में सार्थक चर्चा को लेकर आशान्वित हैं। file photo
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नई दिल्ली। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में, पहली जुलाई से शुरू हुई 62 दिन की वार्षिक अमरनाथ यात्रा, आज रक्षा बंधन पर समाप्त हो रही है। श्रद्धालुओं ने गांदरबल जिले के सोनमर्ग क्षेत्र में सबसे छोटे बालटाल मार्ग और दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में पहलगाम मार्ग से बाबा अमरनाथ मंदिर के दर्शन किए। इस बीच, आज श्रावण पूर्णिमा के अवसर पर भगवान शिव के दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में तीर्थयात्री, विशेषकर कश्मीरी पंडित, अनंतनाग जिले के बिजबेहरा इलाके में थाजवारी गांव में प्राचीन छोटा अमरनाथ मंदिर में सुबह से ही जुट रहे हैं।
- नई दिल्ली। एपीएक्सएस के अवलोकनों ने एल्युमीनियम, सिलिकॉन, कैल्शियम और लौह जैसे प्रमुख अपेक्षित तत्वों के अलावा, गंधक समेत दिलचस्प छोटे तत्वों की मौजूदगी की खोज की है। रोवर पर लगा ‘लेजर इंड्यूस्ड ब्रेकडाउन स्पेक्ट्रोस्कोप’ (एलआईबीएस) उपकरण पहले ही गंधक की मौजूदगी की पुष्टि कर चुका है। इन अवलोकनों का विस्तृत वैज्ञानिक विश्लेषण प्रगति पर है।भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने गुरुवार को कहा कि चंद्रयान-3 मिशन के रोवर प्रज्ञान पर लगे एक अन्य उपकरण ने भी एक अलग तकनीक का उपयोग करके चंद्र क्षेत्र में गंधक (सल्फर) की मौजूदगी की पुष्टि की है। राष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ‘अल्फा पार्टिकल एक्स-रे स्पेक्ट्रोस्कोप’ (एपीएक्सएस) नामक उपकरण ने चंद्रमा पर गंधक के साथ-साथ अन्य छोटे तत्वों का भी पता लगाया है। पोस्ट में कहा गया, ‘‘चंद्रयान-3 की यह खोज वैज्ञानिकों को क्षेत्र में गंधक (एस) के स्रोत के लिए नए स्पष्टीकरण विकसित करने के लिए विवश करती है: आंतरिक?,ज्वालामुखीय?, उल्कापिंड?,......?’’ इसरो ने सुरक्षित रास्ते की तलाश में घूमते रोवर का एक वीडियो भी जारी किया। इस घूर्णन प्रक्रिया का वीडियो लैंडर इमेजर कैमरे ने बनाया।’’ इसने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘‘ऐसा महसूस होता है मानो एक बच्चा चंदामामा के आँगन में अठखेलियाँ कर रहा है, जबकि माँ स्नेहपूर्वक देख रही है।’’ इसरो ने चुटकी लेते हुए पूछा, ‘‘है ना? अंतरिक्ष एजेंसी ने एक वीडियो जारी किया जिसमें 18 सेमी लंबे एपीएक्सएस को घुमाते हुए एक स्वचालित तंत्र दिखता है, जो डिटेक्टर हेड को चंद्र सतह के करीब पांच सेंटीमीटर की दूरी पर संरेखित करता है। छब्बीस किलोग्रम वजनी, छह पहियों वाला, सौर ऊर्जा से संचालित ‘प्रज्ञान’ रोवर अपने वैज्ञानिक उपकरणों का उपयोग करके यह पता लगाने का काम कर रहा है कि दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र में चंद्रमा की मिट्टी और चट्टानें किस चीज से बनी हैं।इसरो ने एक बयान में कहा कि एपीएक्सएस उपकरण चंद्रमा जैसे कम वायुमंडल वाले ग्रहीय पिंडों की सतह पर मिट्टी और चट्टानों की मौलिक संरचना के वास्तविक विश्लेषण के लिए सबसे उपयुक्त हैं। इसमें रेडियोधर्मी स्रोत होते हैं जो सतह के नमूने पर अल्फा कण और एक्स-रे उत्सर्जित करते हैं। नमूने में मौजूद परमाणु बदले में मौजूद तत्वों के अनुरूप विशिष्ट करते हैं। इन विशिष्ट एक्स-रे की ऊर्जा और तीव्रता को मापकर, अनुसंधानकर्ता मौजूद तत्वों और उनकी प्रचुरता का पता लगा सकते हैं।एपीएक्सएस के अवलोकनों ने एल्युमीनियम, सिलिकॉन, कैल्शियम और लौह जैसे प्रमुख अपेक्षित तत्वों के अलावा, गंधक समेत दिलचस्प छोटे तत्वों की मौजूदगी की खोज की है। रोवर पर लगा ‘लेजर इंड्यूस्ड ब्रेकडाउन स्पेक्ट्रोस्कोप’ (एलआईबीएस) उपकरण पहले ही गंधक की मौजूदगी की पुष्टि कर चुका है। इन अवलोकनों का विस्तृत वैज्ञानिक विश्लेषण प्रगति पर है।
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नई दिल्ली। लोकसभा सचिवालय ने कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी का निलंबन निरस्त कर दिया है। उन्हें सदन में जानबूझकर और लगातार दुर्व्यवहार के कारण निलंबित कर दिया गया था।लोकसभा सचिवालय ने एक बयान में कहा कि श्री चौधरी का निलंबन, जो इस महीने की 10 तारीख को विशेषाधिकार समिति द्वारा रिपोर्ट प्रस्तुत करने तक प्रभावी था, निरस्त कर दिया गया है।
- नयी दिल्ली। भारतीय नौसेना ने बुधवार को कहा कि ‘प्रोजेक्ट 17ए' के तहत निर्मित अंतिम पोत ‘महेंद्रगिरि' का एक सितंबर को मुंबई में मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड में जलावतरण किया जायेगा। नौसेना ने कहा कि उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की पत्नी सुदेश धनखड़ द्वारा इसका जलावतरण किया जायेगा।महेंद्रगिरि पोत का नाम ओडिशा स्थित पूर्वी घाट की एक पर्वत शिखर के नाम पर रखा गया है। यह 17ए फ्रिगेट का सातवां पोत है। यह युद्धपोत ‘प्रोजेक्ट 17 क्लास फ्रिगेट्स' के बाद के हैं, जिनमें बेहतर ‘स्टील्थ फीचर्स, उन्नत हथियार और सेंसर हैं। नौसेना ने कहा, “महेंद्रगिरि तकनीकी रूप से उन्नत जंगी पोत है और स्वदेशी रक्षा क्षमताओं के भविष्य की दिशा में आगे बढ़ते हुए अपनी समृद्ध नौसैनिक विरासत को अपनाने संबंधी भारत के दृढ़ संकल्प का प्रतीक है।
- गाजीपुर (उत्तर प्रदेश)। गाजीपुर जिले में रिश्वत लेने के आरोप में एक दारोगा समेत दो पुलिसकर्मियों को निलम्बित कर दिया गया है। पुलिस ने यह जानकारी दी है। पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने बुधवार को बताया कि शहर कोतवाली में तैनात दारोगा अविनाश मणि तिवारी तथा सिपाही राजेंद्र प्रसाद पांडेय को निलम्बित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि निलम्बित दोनों पुलिसकर्मियों पर आरोप है कि वे महाहर क्षेत्र में एक कपड़ा व्यवसायी लवकुश प्रजापति से उसका बकाया धन दिलाने के लिए रिश्वत की मांग कर रहे थे। दोनों पुलिसकर्मियों का पांच हजार रुपये की कथित रिश्वत लेने का एक वीडियो वायरल होने के बाद उसपर संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की गयी है। सिंह ने बताया कि इससे पहले, एक महिला ने इन्हीं दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ 30 हजार रूपए का रिश्वत मांगने की शिकायत जिलाधिकारी से की थी। उसकी भी जांच हो रही है। उन्होंने बताया कि इस प्रकरण में भी जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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मुंबई. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष शरद पवार ने बुधवार को कहा कि 31 अगस्त और एक सितंबर को विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया' की तीसरी बैठक में 28 राजनीतिक दलों के 63 प्रतिनिधि शामिल होंगे। यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, पवार ने विश्वास जताया कि विपक्षी गठबंधन राजनीतिक परिवर्तन लाने के लिए एक मजबूत विकल्प प्रदान करेगा। पवार ने कहा कि ‘इंडिया' में सीट बंटवारे पर कोई चर्चा नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि राकांपा को लेकर कोई भ्रम नहीं है। पिछले महीने महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल हुए अपने भतीजे अजित पवार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “छोड़कर जाने वालों को जनता सबक सिखाएगी।” बसपा प्रमुख मायावती के बारे में पूछे जाने पर पवार ने कहा,“यह पता नहीं है कि वह किसके पक्ष में हैं। इससे पहले वह भाजपा के साथ बातचीत कर चुकी हैं।” पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना (यूबीटी) अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कहा कि विभिन्न विचारधाराओं से जुड़े विपक्षी दलों के गठबंधन का एक साझा उद्देश्य लोकतंत्र की रक्षा करना है। विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इनक्लूसिव अलायंस' (इंडिया) की तरफ से प्रधानमंत्री पद के चेहरे पर, ठाकरे ने कहा, “हमारे पास प्रधानमंत्री उम्मीदवार के लिए कई विकल्प हैं। लेकिन भाजपा के पास एक को छोड़कर क्या विकल्प है।” इस सवाल पर कि ‘इंडिया' का संयोजक कौन होगा, ठाकरे ने पूछा, “राजग का संयोजक कौन है”। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक चव्हाण ने कहा कि 2019 में गैर-भाजपा दलों को 23 करोड़ मत मिले, जबकि भाजपा को 22 करोड़ वोट मिले। उन्होंने कहा, “अगर हम मिलकर काम करें, हम जीत सकते हैं। -
मैसुरु (कर्नाटक). कर्नाटक में एक और प्रमुख चुनावी वादा पूरा करते हुए कांग्रेस सरकार ने बुधवार को ‘गृह लक्ष्मी' योजना शुरू की जिसके तहत करीब 1.1 करोड़ महिलाओं को 2,000 रुपये की मासिक सहायता दी जाएगी। अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) के अध्यक्ष एम. मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार महाराजा कॉलेज मैदान में हुए एक सार्वजनिक कार्यक्रम में उपस्थित थे। कार्यक्रम में हजारों लोग शामिल हुए। धूमधाम के साथ शुरू की गयी ‘‘गृह लक्ष्मी'' योजना कांग्रेस की चुनाव से पहले दी गयी पांच गारंटी में से एक है। कांग्रेस ने मई में हुए विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को सत्ता से बाहर कर दिया था।
इससे पहले, मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने कहा था कि उनकी सरकार ने पांच में तीन गारंटी (चुनाव पूर्व वादे)- ‘शक्ति', ‘गृह ज्योति' और ‘अन्न भाग्य' पहले ही लागू कर दी हैं तथा चौथी गारंटी ‘गृह लक्ष्मी' है। सरकार ने चालू वित्त वर्ष में ‘गृह लक्ष्मी' योजना के लिए 17,500 करोड़ रुपये का बजट तय किया है।
सरकार की पांचवीं गारंटी ‘युवा निधि' के तहत स्नातक कर चुके और डिप्लोमा धारक ऐसे बेरोजगार युवाओं को हर महीने क्रमश: 3,000 रुपये और 1,500 रुपये देने का प्रावधान है जिन्हें 2022-23 अकादमिक वर्ष में परीक्षा पास करने के छह महीने बाद भी नौकरी नहीं मिल सकी है। अधिकारियों ने बताया कि यह योजना दिसंबर में शुरू की जाएगी। -
बेंगलुरु. सूर्य का अध्ययन करने से संबंधित ‘आदित्य-एल1' मिशन के बारे में अद्यतन जानकारी देते हुए इसरो ने बुधवार को कहा कि प्रक्षेपण का पूर्वाभ्यास और रॉकेट की आंतरिक पड़ताल पूरी हो चुकी है। इस मिशन को दो सितंबर को पूर्वाह्न 11.50 बजे श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र से प्रक्षेपित किया जाना है। आदित्य-एल1 अंतरिक्ष यान को सूर्य के परिमंडल के दूरस्थ अवलोकन और एल1 (सूर्य-पृथ्वी लैग्रेंजियन बिंदु) पर सौर हवा का वास्तविक अध्ययन करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो पृथ्वी से लगभग 15 लाख किलोमीटर दूर है। यह सूर्य के अध्ययन के लिए भारत का पहला समर्पित मिशन है जिसे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ऐसे समय अंजाम देने जा रहा है जब हाल ही में इसने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर चंद्रयान-3 की सफल ‘सॉफ्ट लैंडिंग' कराकर देश को गौरवान्वित करने वाला इतिहास रच दिया है। आदित्य-एल1 को पीएसएलवी-सी57 रॉकेट के माध्यम से प्रक्षेपित किया जाएगा।
इसरो ने आज एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, प्रक्षेपण की तैयारियां प्रगति पर हैं। प्रक्षेपण का पूर्वाभ्यास-रॉकेट की आंतरिक पड़ताल पूरी हो गई है।" आदित्य-एल1 मिशन का उद्देश्य ‘एल1' के चारों ओर की कक्षा से सूर्य का अध्ययन करना है। इसमें विभिन्न तरंग बैंडों में सूर्य के प्रकाशमंडल, वर्णमंडल और सबसे बाहरी परत-परिमंडल का निरीक्षण करने के लिए सात उपकरण लगे होंगे। इसरो के एक अधिकारी ने कहा, "आदित्य-एल1 राष्ट्रीय संस्थानों की भागीदारी वाला पूर्णतः स्वदेशी प्रयास है। -
नई दिल्ली। चंद्रयान-3 मिशन के ‘प्रज्ञान’ रोवर ने बुधवार को ‘विक्रम’ लैंडर की एक तस्वीर खींची। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने यह जानकारी दी। ISRO द्वारा साझा की गई तस्वीर रोवर पर लगे नेविगेशन कैमरा (नैवकैम) द्वारा ली गई है।
Chandrayaan-3 Mission:Smile, please????!Pragyan Rover clicked an image of Vikram Lander this morning.The 'image of the mission' was taken by the Navigation Camera onboard the Rover (NavCam).NavCams for the Chandrayaan-3 Mission are developed by the Laboratory for… pic.twitter.com/Oece2bi6zE— ISRO (@isro) August 30, 2023अंतरिक्ष एजेंसी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘‘स्माइल प्लीज (कृपया मुस्कराएं)। प्रज्ञान रोवर ने आज सुबह विक्रम लैंडर की तस्वीर खींची।’’ चंद्रयान-3 मिशन के लिए नैवकैम्स को ISRO की इकाई ‘इलेक्ट्रो-ऑप्टिक्स सिस्टम लैबोरैटरी’ (LEOS) द्वारा विकसित किया गया है।लैंडर और रोवर को एक चंद्र दिवस (पृथ्वी के 14 दिन के बराबर) तक कार्य करने के लिए विकसित किया गया है। इस सप्ताह की शुरुआत में, ISRO ने विक्रम के साथ लगे चेस्ट उपकरण का पहला अवलोकन जारी किया था। चंद्रमा की सतह के तापीय व्यवहार को समझने के लिए चेस्ट (चंद्र सफेर्स थर्मोफिजिकल एक्सपेरिमेंट) उपकरण ध्रुव के चारों ओर चंद्रमा की ऊपरी मिट्टी के तापमान प्रालेख को मापने का कार्य कर रहा है। इसमें एक नियंत्रित प्रवेश तंत्र लैस तापमान जांच प्रणाली है जो सतह के नीचे 10 सेमी की गहराई तक पहुंचने में सक्षम है। इसमें 10 तापमान सेंसर लगे हैं।चंद्रयान-3 मिशन के तीन उद्देश्यों में से दो उद्देश्य हुए पूरेISRO ने एक ग्राफ तैयार किया है जो विभिन्न गहराइयों पर चंद्रमा की सतह/निकट सतह के तापमान में भिन्नता को दर्शाता है, जैसा कि पड़ताल के दौरान दर्ज किया गया। यह चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव का पहला ऐसा प्रालेख है। अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि विस्तृत अवलोकन जारी है। ISRO ने कहा है कि चंद्रयान-3 मिशन के तीन उद्देश्यों में से दो उद्देश्य- चंद्रमा की सतह पर सुरक्षित ‘सॉफ्ट लैंडिंग’, और चंद्र सतह पर रोवर की चहलकदमी का प्रदर्शन- हासिल कर लिए गए हैं, जबकि चंद्र सतह पर वैज्ञानिक प्रयोगों से संबंधित तीसरे उद्देश्य को पूरा करने का कार्य जारी है। -
नयी दिल्ली. प्रसिद्ध साहित्यकार दिवंगत राजेन्द्र यादव की स्मृति में हर वर्ष प्रदान किया जाने वाला ‘राजेन्द्र यादव हंस कथा सम्मान' इस बार नवोदित लेखिका नाजिश अंसारी को उनकी कहानी ‘हराम' के लिए दिया गया। इसके साथ ही कुल 10 श्रेणियों में पुरस्कार प्रदान किए गए।
राजेन्द्र यादव के जन्मदिवस पर सोमवार को यहां आयोजित एक समारोह में, हंस पत्रिका में प्रकाशित और राजेन्द्र यादव द्वारा लिखित संपादकीय ‘तेरी मेरी उसकी बात' का संकलन भी छह खंडों में जारी किया गया। हिंदी साहित्य के वरिष्ठ आलोचक, कवि और गद्यकार विश्वनाथ त्रिपाठी ने इन खंडों को जारी करते हुए राजेन्द्र यादव को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि राजेन्द्र यादव ने नयी कहानी को न केवल दिशा दी बल्कि हिदी साहित्य की अस्मिता को उस दौर में संरक्षित किया जब हिंदी साहित्य का अस्तित्व खतरे में महसूस किया जा रहा था। उन्होंने राजेन्द्र यादव को याद करते हुए कहा कि उनकी लेखनी व्यवस्था पर कड़े प्रहार करने, सवाल उठाने और व्यवस्था के सीने में कांटे की तरह चुभने वाली थी जिसने न केवल सामाजिक मूल्यों की नए सिरे से व्याख्या पर बल दिया बल्कि क्रांतिकारी लेखकों की एक नयी जमात पैदा की। इस अवसर पर वरिष्ठ कवि, आलोचक और संस्कृतिकर्मी अशोक वाजपेयी ने राजेन्द्र यादव के साथ अपने संबंधों को याद किया। प्रसिद्ध पत्रकार, कहानीकार, उपन्यासकार और समालोचक पंकज बिष्ट ने वर्ष 2023 के लिए ‘राजेन्द्र यादव हंस कथा सम्मान' की घोषणा करते हुए कहा कि एक कहानीकार की कलम में ठहरे हुए समाज में हलचल पैदा करने और उसके मूल्यों को बदलने की ताकत होनी चाहिए। राजेन्द्र यादव हंस कथा सम्मान श्रेणी में नाजिश अंसारी का मुकाबला उजला लोहिया की कहानी ‘पीली दीवार वाला नरक' और लक्षमेंद्र चोपड़ा की कहानी ‘पृथ्वी के लिए प्रार्थना' से था।
हंस के संपादक संजय सहाय ने बताया कि पहले केवल ‘राजेन्द्र यादव हंस कथा सम्मान' प्रदान किया जाता था लेकिन अब इसका विस्तार करते हुए विभिन्न श्रेणियों को भी इसमें शामिल किया गया है जिनमें ‘राजेन्द्र यादव हंस कविता सम्मान', राजेन्द्र यादव हंस अनूदित कथा सम्मान, राजेन्द्र यादव हंस लेख सम्मान, राजेन्द्र यादव हंस समीक्षा सम्मान, राजेन्द्र यादव हंस लघुकथा सम्मान, राजेन्द्र यादव हंस आवरण सम्मान, राजेन्द्र यादव हंस पत्र सम्मान, हंस विक्रेता सम्मान और हंस युवा कथा सम्मान शामिल हैं। वर्ष 2023 के लिए हंस युवा कथा सम्मान मानवी वहाणे को उनकी कहानी ‘आत्महंता' के लिए; आवरण पुरस्कार हंस के दिसंबर 2022 के अंक के लिए दिनेश खन्ना को; हंस लघुकथा सम्मान विजय उपाध्याय को; हंस पत्र सम्मान रामनिवास सिंह यादव को; हंस समीक्षा सम्मान अमिष वर्मा को उनके लेख युद्ध, स्त्री और प्रेम का त्रिकोण के लिए प्रदान किया गया। इस श्रंखला में राजेन्द्र यादव हंस लेख सम्मान रामशंकर सिंह को उनके लेख ‘हसरतों का लोकतंत्र' के लिए और राजेन्द्र यादव हंस गजल सम्मान देवेन्द्र गौतम को प्रदान किया गया। युवा कवयित्री नताशा को हंस कविता सम्मान और पूजा संचेती को हंस अनूदित कथा सम्मान से सम्मानित किया गया। पुरस्कार के रूप में स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।
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नयी दिल्ली. अगले महीने होने वाले जी20 शिखर सम्मेलन के आयोजन स्थल भारत मंडपम को देश की समृद्ध विरासत और सांस्कृतिक विविधता दुनिया के सामने पेश करने के मद्देनजर तैयार किया गया है। राष्ट्रीय राजधानी के बीचोंबीच स्थित सम्मेलन केंद्र का डिजाइन अंडाकार है। इसमें शहर से होकर बने वाली यमुना नदी के प्रवाह को परिलक्षित किया गया है। आर्कोप एसोसिएट्स के निदेशक और परियोजना के वास्तुकार संजय सिंह ने बताया, “सैकड़ों साल पहले, यमुना इस स्थल से होकर बहती थी। यदि आप सम्मेलन केंद्र को देखें, तो हमने इसे बहुत तरलाकृति वाली रेखाओं में बनाया है। तरलता पानी की प्रकृति है। इसी तरह, सम्मेलन केंद्र में कोई धारदार किनारा नहीं है। यह अंडाकार है, नीचे की ओर दो रैंप हैं।” उन्होंने कहा, “यदि आप पोडियम को देखें, तो ये संरचनाएं ऊपर उठ रही हैं। एक तरफ रिट्रीट लाउंज हैं और दूसरी तरफ टी हाउस हैं। वैचारिक रूप से ये पानी की लहरें हैं। यही वह चीज है जो इसे खास बनाती है।” सिंह ने कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से एक पंक्ति की संक्षिप्त जानकारी मिली थी कि सम्मेलन केंद्र भारतीय जड़ों से जुड़ी एक आधुनिक इमारत होनी चाहिए।
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नयी दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी में जी20 सम्मेलन के दौरान बंदरों के प्रकोप से बचने के लिए अधिकारी कार्यक्रम स्थलों पर लंगूर के कटआउट लगाने और उनकी आवाज निकालने वाले लोगों को तैनात करने पर विचार कर रहे हैं। दिल्ली में, खासतौर पर लुटियन्स इलाके में बड़ी संख्या में बंदर हैं। कई बार ये उत्पात मचाते हैं और लोगों पर हमला कर उन्हें काट भी लेते हैं। इसके मद्देनजर नयी दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) और दिल्ली सरकार के वन विभाग ने इस दिशा में कदम उठाये हैं ताकि बंदरों को 9-10 सितंबर को जी20 सम्मेलन के आयोजन स्थलों से दूर रखा जाए। सरकार के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘सम्मेलन के मुख्य स्थल समेत अन्य सभी महत्वपूर्ण स्थानों, विदेशी मेहमानों के होटलों को कवर किया जा रहा है ताकि कार्यक्रम के दौरान बंदरों की फौज न दिखाई दे।'' एनडीएमसी के उपाध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने कहा कि आयोजन स्थलों के आसपास 30-40 प्रशिक्षित लोगों को तैनात किया जाएगा जो लंगूर की आवाज निकाल सकें और बंदरों को डरा सकें। एक अधिकारी ने बताया कि सरदार पटेल मार्ग समेत विभिन्न क्षेत्रों में लंगूरों के कटआउट भी लगाये गये हैं जहां बड़ी संख्या में बंदर हैं। उन्होंने कहा कि बंदरों ने जी20 के लिए विभिन्न एजेंसियों द्वारा लगाये गये फूलदार पौधों को भी नुकसान पहुंचाया है।
- नयी दिल्ली। दिल्ली के सिविल लाइंस इलाके में मंगलवार को एक सरकारी स्कूल की 12वीं कक्षा की छात्रा ने स्कूल की इमारत की तीसरी मंजिल से कथित तौर पर छलांग लगा दी। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, उसे घटना की जानकारी सुश्रुत ट्रॉमा सेंटर से मिली, जहां छात्रा को भर्ती कराया गया था। पूर्वाह्न 11.55 बजे एसबीबीएम सर्वोदय विद्यालय की छात्रा ने तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि छात्रा का इलाज चल रहा है और मामले में आगे जांच जारी है।
- काठमांडू। नेपाल एयरलाइंस ने मंगलवार को भैरहवा में गौतम बुद्ध अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से काठमांडू के रास्ते दिल्ली और हांगकांग के लिए साप्ताहिक उड़ानों का संचालन शुरू किया, लेकिन कोई टिकट बुक नहीं होने के कारण दोनों विमान यात्रियों के बिना रवाना हुए। नेपाल एयरलाइंस कॉरपोरेशन (एनएसी) ने भैरहवा से दिल्ली और हांगकांग के लिए उड़ानें संचालित कीं, जिसमें काठमांडू एक पारगमन बिंदु है। विमानन कंपनी के सूत्रों के अनुसार, भैरहवा-दिल्ली और भैरहवा-हांगकांग दोनों उड़ानें बिना किसी यात्री के रवाना हुईं। नेपाल की राष्ट्रीय विमानन कंपनी नेपाल एयरलाइंस ने निर्धारित उड़ानों से केवल दो दिन पहले भैरहवा से दिल्ली और हांगकांग जाने वाली उड़ानों के लिए टिकट बुक कराने के बारे में घोषणा की थी। काठमांडू के दक्षिण-पश्चिम में 400 किलोमीटर दूर स्थित भैरहवा न तो कोई व्यापारिक केंद्र है और न ही कोई बड़ा शहर। गौतम बुद्ध अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को हाल ही में एक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाया गया था। नेपाल एयरलाइंस की पहली उड़ान में एक भी यात्री न होने का कारण इन सभी कारकों को बताया गया है।गौतम बुद्ध अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के महाप्रबंधक हंसा राज पांडे ने स्वीकार किया कि मंगलवार को भैरहवा से उड़ान भरने वाले विमानों में कोई यात्री सवार नहीं था।


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