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हैदराबाद.भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) में दाखिले के लिए आयोजित संयुक्त प्रवेश परीक्षा जेईई-एडवांस्ड में शीर्ष स्थान पाने वाले वी. चिदविलास रेड्डी ने रविवार को कहा कि उन्हें शीर्ष 10 में रैंक प्राप्त करने की उम्मीद थी और अखिल भारतीय स्तर पर पहली रैंक प्राप्त करने पर वह बहुत खुश हैं। अधिकारियों ने बताया कि जेईई-एडवांस्ड परीक्षा के नतीजे रविवार को घोषित किए गए। इस साल परीक्षा का आयोजन करने वाले आईआईटी गुवाहाटी के अनुसार, रेड्डी ने 360 अंकों में से 341 अंक हासिल किए। रेड्डी तेलंगाना के नागरकुर्नूल जिले के रहने वाले हैं और उनके माता-पिता सरकारी शिक्षक हैं। रेड्डी (17) ने अपनी सफलता का श्रेय परिवार और शिक्षकों को दिया और कहा कि वह आईआईटी मुंबई में कंप्यूटर विज्ञान की पढ़ाई करने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे विज्ञान और गणित पसंद है। मेरे परिवार और शिक्षकों ने मेरा बहुत सहयोग किया।''
रेड्डी ने कहा कि परीक्षा के लिए उनकी तैयारी अच्छी थी और उन्होंने क्रिकेट खेलना भी बंद कर दिया था तथा पिछले दो साल से सोशल मीडिया से भी दूरी बनाई हुई है। उन्होंने कहा, ‘‘जेईई से छह महीने पहले, मैं हर दिन लगभग आठ से 10 घंटे पढ़ता था। पिछले दो महीनों के दौरान, मैंने रोजाना 11-12 घंटे पढ़ाई की।'' रेड्डी के पिता वी. राजेश्वर रेड्डी ने कहा कि उनका बेटा फिल्में नहीं देखता था और उसने केवल पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित किया। वहीं, आईआईटी हैदराबाद जोन की ही नयाकांति नगा भव्या श्री 298 अंक प्राप्त करके लड़कियों में शीर्ष स्थान पर रहीं। आंध्र प्रदेश के कडप्पा जिले से ताल्लुक रखने वाली भव्यश्री ने कहा, ‘‘जब भी मैं उदास महसूस करती थी तो मेरे माता-पिता हमेशा मुझे प्रेरित करते थे। मैं अपनी सफलता को अपने माता-पिता, परिवार और शिक्षकों को समर्पित करना चाहती हूं।' -
नयी दिल्ली. वर्ष 2021 के लिए गांधी शांति पुरस्कार गीता प्रेस, गोरखपुर को प्रदान किया जाएगा। गीता प्रेस को यह पुरस्कार "अहिंसक और अन्य गांधीवादी तरीकों से सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिवर्तन की दिशा में उत्कृष्ट योगदान" के लिए दिया जायेगा। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गीता प्रेस को पुरस्कार के लिए चुने जाने के लिए बधाई दी और क्षेत्र में उसके योगदान की सराहना की। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘मैं गीता प्रेस, गोरखपुर को गांधी शांति पुरस्कार 2021 से सम्मानित किये जाने पर बधाई देता हूं। उन्होंने लोगों के बीच सामाजिक और सांस्कृतिक परिवर्तन को आगे बढ़ाने की दिशा में पिछले 100 वर्षों में सराहनीय कार्य किया है।'' संस्कृति मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता वाली जूरी ने सर्वसम्मति से गीता प्रेस, गोरखपुर को गांधी शांति पुरस्कार के लिए चुनने का फैसला किया। बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री मोदी ने शांति एवं सामाजिक सद्भाव के गांधीवादी आदर्शों को बढ़ावा देने में गीता प्रेस के योगदान को याद किया। बयान के अनुसार मोदी ने कहा कि गीता प्रेस को उसकी स्थापना के सौ साल पूरे होने पर गांधी शांति पुरस्कार से सम्मानित किया जाना संस्थान द्वारा सामुदायिक सेवा में किये गये कार्यों की पहचान है। गीता प्रेस की शुरुआत वर्ष 1923 में हुई थी और यह दुनिया के सबसे बड़े प्रकाशकों में से एक है, जिसने 14 भाषाओं में 41.7 करोड़ पुस्तकें प्रकाशित की हैं, जिनमें श्रीमद्भगवद्गीता की 16.21 करोड़ प्रतियां शामिल हैं। बयान में कहा गया है, ‘‘गांधी शांति पुरस्कार 2021 मानवता के सामूहिक उत्थान में योगदान देने के लिए गीता प्रेस के महत्वपूर्ण और अद्वितीय योगदान को मान्यता देता है, जो गांधीवादी जीवन को सही अर्थों में व्यक्त करता है।'' गांधी शांति पुरस्कार एक वार्षिक पुरस्कार है, जिसकी शुरुआत सरकार ने 1995 में महात्मा गांधी की 125वीं जयंती के अवसर पर गांधी द्वारा प्रतिपादित आदर्शों को सम्मान देते हुए की थी। मंत्रालय ने कहा कि पुरस्कार किसी भी व्यक्ति को दिया जा सकता है चाहे उसकी राष्ट्रीयता, नस्ल, भाषा, जाति, पंथ या लिंग कोई भी हो। मंत्रालय ने कहा कि पुरस्कार में एक करोड़ रुपये, एक प्रशस्ति पत्र, एक पट्टिका और एक उत्कृष्ट पारंपरिक हस्तकला/हथकरघा वस्तु शामिल है। हाल के समय में सुल्तान कबूस बिन सैद अल सैद, ओमान (2019) और बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान (2020), बांग्लादेश को यह पुरस्कार दिया गया है। -
पणजी. जी-20 की पर्यटन कार्यसमूह और पर्यटन मंत्रियों की चौथी एवं अंतिम बैठक सोमवार को गोवा में शुरू होगी। केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय की सचिव वी.विद्यावती ने रविवार को यहां संवाददाताओं से कहा कि कार्यसमूह पर्यटन के लिए गोवा रोडमैप पारित करेगा जो सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) प्राप्त करने का वाहक बनेगा। उन्होंने बताया कि जी-20 पर्यटन मंत्रियों की बैठक में घोषणापत्र जारी किया जाएगा। अधिकारी ने बताया कि पर्यटन मंत्रालय ने पर्यटन कार्य समूह के दो अहम उद्देश्यों को अंतिम रूप देने के लिए सकारात्मक प्रगति की है। विद्यावती ने कहा कि कार्य समूह की पहले ही तीन बैठकें हो चुकी हैं।
पर्यटन सचिव ने बताया कि गोवा में 19 जून से 22 जून तक यह बैठक होगी। उन्होंने कहा, ‘‘भारत के जी-20 पयर्टन पथ के तहत कार्यसमूह पांच अंतर संबंधित प्राथमिक क्षेत्रों पर काम कर रहा है जिनमें हरित पर्यटन, डिजिटलीकरण, कौशल, पर्यटन एमएसएमई और स्थान प्रबंधन शामिल है।'' विद्यावती ने बताया कि ये प्राथमिकताएं पर्यटन क्षेत्र में बदलाव और 2030 सतत विकास लक्ष्य का अहम आधार हैं। उन्होंने बताया कि इससे इतर भी क्रूज पर्यटन और अन्य मुद्दों पर चर्चा करने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पर्यटन मंत्रालय के अपर सचिव राकेश वर्मा ने बताया कि बैठक में शामिल होने के लिए आठ देशों के 150 प्रतिनिधियों ने पंजीकरण कराया है। उन्होंने बताया कि आयोजन के दौरान द्विपक्षीय बैठकें भी होंगी जिनमें से एक बैठक भारत और अमेरिका के बीच होगी। अधिकारी ने बताया कि समापन बैठक में जी-20 के सदस्य देश, आमंत्रित देश और अंतरराष्ट्रीय संगठन लगभग तैयार हो चुके गोवा रोडमैप और पर्यटन मंत्रियों के घोषणापत्र का स्वागत एवं समर्थन करेंगे। -
अहमदाबाद. गुजरात के अहमदाबाद में 20 जून को भगवान जगन्नाथ की 146वीं रथ यात्रा में सुरक्षा व्यवस्था के तहत पहली बार ‘3डी मैपिंग' तकनीक का इस्तेमाल किया जायेगा। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। अहमदाबाद के पुलिस आयुक्त प्रेम वीर सिंह ने कहा कि रथ यात्रा में अनधिकृत मानव रहित हवाई वाहनों (यूएवी) को नीचे ले जाने के लिए रास्ते में भारी संख्या में कर्मियों तैनात किया जायेगा और ड्रोन रोधी तकनीक का इस्तेमाल किया जायेगा। उन्होंने कहा, ‘‘गुजरात में पहली बार रथ यात्रा में पूरे मार्ग और विशेष रूप से रणनीतिक बिंदुओं पर 3डी मैपिंग तकनीक का इस्तेमाल कर नजर रखी जायेगी।'' अधिकारियों ने कहा कि किसी स्थान की त्रि-आयामी रूपरेखा बेहतर दृश्यता और सूचना प्राप्त करने में मदद करती है। गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष सांघवी ने कहा कि रथ यात्रा के दौरान अनधिकृत ड्रोन का इस्तेमाल नहीं हो, यह सुनिश्चित करने के लिए पहली बार ड्रोन रोधी तकनीक का इस्तेमाल किया जायेगा। उन्होंने कहा, ‘‘राज्यभर में 198 रथ यात्राएं निकाली जायेंगी। मुख्य जुलूस के साथ अकेले अहमदाबाद में छह छोटे जुलूस निकाले जायेंगे। जुलूस के 20 किलोमीटर के मार्ग की निगरानी के लिए 2,322 ‘बॉडी वियर कैमरों' और सीसीटीवी और जीपीएस प्रणाली वाले 25 वाहनों का इस्तेमाल किया जायेगा।'' अधिकारियों ने कहा कि कुल 26,091 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया जायेगा, जिनमें पुलिस और अर्धसैनिक इकाइयां शामिल हैं और उन्हें 45 स्थानों पर स्थित 94 सीसीटीवी कैमरों से सूचनाएं प्रदान की जायेगी। सांघवी ने कहा, ‘‘पुलिस ने सर्वधर्म रक्तदान शिविर, क्रिकेट टूर्नामेंट और शांति समिति की बैठकों का भी आयोजन किया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि रथ यात्रा सौहार्दपूर्ण माहौल में पारंपरिक उत्साह के साथ निकाली जा सके।'' गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने मंगलवार को होने वाली यात्रा के लिए पुलिस तैयारियों की समीक्षा की।
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 21 जून को न्यूयार्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। आज आकाशवाणी से मन की बात कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि योग दिवस को लेकर युवाओं में बहुत अधिक उत्साह है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के योग दिवस का विषय है - वसुधैव कुटुम्बकम के लिए योग यानी एक विश्व एक परिवार के रूप में सबके कल्याण के लिए योग। उन्होंने यह भी कहा कि इससे योग की भावना का पता चलता है जो सबको एकजुट करता है और सबको साथ लेकर चलता है। इस वर्ष योग दिवस पर देश भर में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रधानमंत्री ने प्रत्येक देशवासी से योग को अपने जीवन में अपनाने और इसे रोजमर्रा के अपने जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जो लोग योग से नहीं जुडे़ हैं, 21 जून का दिन उनके लिए योग से जुड़ने का संकल्प लेने का एक बड़ा अवसर है। श्री मोदी ने कहा कि भारत लोकतंत्र की जननी है और देश की जनता लोकतांत्रिक आदर्शों को सर्वोच्च मानती है। उन्होंने कहा कि संविधान ही सर्वोच्च होता है और इसलिए 25 जून को कभी भुलाया नहीं जा सकता क्योंकि इसी दिन देश पर आपातकाल थोपा गया था। प्रधानमंत्री ने आपातकाल को भारत के इतिहास का एक काला दौर बताया। उन्होंने कहा कि लाखों लोगों ने अपनी पूरी ताकत के साथ आपातकाल का विरोध किया लेकिन उस दौरान लोकतंत्र के समर्थकों पर अत्याचार किए गए। आपातकाल में पुलिस और प्रशासन के अत्याचार और दंडों पर कई पुस्तकें लिखी गई हैं। श्री मोदी ने कहा कि उन्हें भी उस दौरान संघर्ष में गुजरात नामक पुस्तक लिखने का मौका मिला। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने इमरजेंसी पर लिखी गई कई पुस्तकों का अध्ययन किया। आपातकाल के दौरान प्रकाशित पुस्तक - टार्चर ऑफ पॉलिटिकल प्रिजनर्स इन इंडिया अर्थात भारत में राजनीतिक कैदियों की यातना में बताया गया है कि उस समय सरकार ने लोकतंत्र के रक्षकों के साथ कितना क्रूरतापूर्ण व्यवहार किया। प्रधानमंत्री ने आशा व्यक्त की कि आजादी के इस अमृत महोत्सव के दौरान लोगों को ऐसे अपराधों का भी अवलोकन करना चाहिए, जिनसे देश की आजादी खतरे में पड गई थी। उन्होंने कहा कि इससे आज की युवा पीढ़ी को लोकतंत्र के मायने और उसकी अहमियत को समझने में आसानी होगी।प्रधानमंत्री ने चक्रवात बिपरजॉय से निपटने के प्रयासों की सराहना की और कहा कि इससे देश का आम नागरिक मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि महज दो-तीन दिन पहले ही इस चक्रवात से कच्छ में भारी नुकसान हुआ है। श्री मोदी ने कहा कि कच्छ की जनता ने जिस साहस के साथ इस भीषण आपदा का सामना किया है, वह अभूतपूर्व है। उन्होंने कहा कि कच्छ के लोग कुछ दिन बाद अपना नववर्ष आषाढी बीज मनाने जा रहे हैं। यह एक संयोग ही है कि आषाढी बीज को कच्छ में वर्षा की शुरूआत का प्रतीक माना जाता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि दो दशक पूर्व कच्छ में आए विनाशकारी भूकंप से उबरने के प्रति कच्छ की जनता के संकल्प के कारण ही आज कच्छ देश के सबसे तेजी से विकसित हो रहे जिलों में शामिल है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कच्छ के लोग बिपरजॉय से हुए नुकसान से भी तेजी से उबर जाएंगे।प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में देश में आपदा प्रबंधन की जो ताकत विकसित हुई है, आज वह एक उदाहरण बन रही है। उन्होंने यह भी कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से मुकाबला करने का एक बडा तरीका है -- प्रकृति का संरक्षण। श्री मोदी ने कहा कि मानसून के दौरान हमारी जिम्मेदारी कई गुना बढ जाती है।प्रधानमंत्री ने कहा कि कैच द रेन अभियान के माध्यम से देश में जल-संरक्षण के सामूहिक प्रयास हो रहे हैं। पिछले महीने मन की बात कार्यक्रम में उन्होंने जल-संरक्षण से जुडे स्टार्ट अप की चर्चा की थी। आज उन्होंने उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के तुलसीराम यादव का उल्लेख किया, जिन्होंने बांदा और बुंदेलखंड क्षेत्रों में पानी की समस्या से निपटने के लिए चालीस से अधिक तालाब बनवाए। इसके कारण उनके गांव में भू-जल स्तर में सुधार हो रहा है। इसी प्रकार, उत्तर प्रदेश के हापुड जिले में लोगों ने मिलकर एक विलुप्त नदी को पुनर्जीवित किया है। इस इलाके में नीम नाम की एक नदी हुआ करती थी। लोगों ने अपनी इस प्राकृतिक धरोहर के जीर्णोद्धार का निर्णय लिया और अब नीम नदी फिर से जीवंत होने लगी है। श्री मोदी ने कहा कि इस नदी के उद्गम स्थल को भी अमृत सरोवर के तौर पर विकसित किया जा रहा है।प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की नदियां, नहरें और झीलें हमारे जल-स्रोत मात्र नहीं हैं, बल्कि इनके साथ हमारे जीवन के रंग और हमारी भावनाएं भी जुड़ी होती हैं। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में नीलवंडे बांध की नहर का काम पूरा किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस नहर के परीक्षण के लिए इसमें कुछ ही दिन पहले पानी छोड़ा गया है जिसकी तस्वीरों ने उन्हें भावुक कर दिया है। उन्होंने कहा कि अब इस गांव के लोग होली-दिवाली की तरह प्रफुल्लित हैं।प्रधानमंत्री ने वन-क्षेत्रों के विस्तार के लिए जापान की मियावाकी तकनीक की चर्चा की, जो इलाके को फिर से हरा-भरा करने में बहुत उपयोगी है। मियावाकी के जंगल तेजी से फैलते हैं और लगभग तीन दशक में जल विविधता के बड़े केन्द्र बन जाते हैं। श्री मोदी ने कहा कि अब भारत के अलग-अलग हिस्सों में इसका प्रसार बहुत तेजी से हो रहा है। उन्होंने इस तकनीक के सहारे अपने इलाके की तस्वीर बदलने वाले केरल के शिक्षक राफी रामनाथ की चर्चा की जिसने विद्यावनम् नाम से एक छोटा जंगल विकसित किया है जिसमें एक सौ पन्द्रह प्रकार के साढे चार सौ से अधिक पौधे हैं। रामनाथ को इन वृक्षों के रख-रखाव में अपने विद्यार्थियों का सहयोग मिलता है और अब आस-पास के लोग बड़ी संख्या में इस सुंदर स्थान को देखने आते हैं।प्रधानमंत्री ने कहा कि मियावाकी जैसे वन-क्षेत्र किसी भी जगह और आसानी से विकसित किए जा सकते हैं। उन्होंने हाल ही में गुजरात में एकता नगर में केवड़िया में मियावाकी वन-क्षेत्र का उद्घाटन किया है। कच्छ में वर्ष 2001 के भूकंप में मारे गए लोगों की याद में एक स्मृति-वन विकसित किया गया है। श्री मोदी ने कहा कि कच्छ जैसे इलाके में इसकी सफलता से पता चलता है कि प्रतिकूल प्राकृतिक वातावरण में भी मियावाकी तकनीक कितनी प्रभावी है। इसी प्रकार, मियावाकी तकनीक से ही अम्बाजी और पावागढ में भी पौधे लगाए गए हैं। लखनऊ में अलीगंज में भी मियावाकी बाग विकसित किया जा रहा है। पिछले चार वर्षों में मुम्बई और इसके आस-पास के इलाकों में साठ से अधिक वन-क्षेत्रों में यह काम किया गया है। सिंगापुर, पेरिस, ऑस्ट्रेलिया और मलेशिया सहित कई देशों में इसका व्यापक उपयोग हो रहा है। श्री मोदी ने खासकर शहरों में रह रहे देशवासियों से मियावाकी तकनीक को अपनाने की अपील की।प्रधानमंत्री ने कहा कि देश को वर्ष 2025 तक टीबी से मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में निक्षय-मित्रों ने महत्वपूर्ण कार्य किया है। आज देश में कई प्रकार के सामाजिक संगठन निक्षय-मित्र बन गए हैं। श्री मोदी ने कहा कि गांव और पंचायतों में रहने वाले हजारों लोग इस काम के लिए आगे आएं हैं और उन्होंने टीबी रोगियों को गोद लिया है। उन्होंने कहा कि जन भागीदारी इस अभियान की सबसे बडी शक्ति है और इसी की बदौलत अब देश में दस लाख से अधिक टीबी रोगियों को गोद लिया जा चुका है। श्री मोदी ने कहा कि लगभग 85 हजार निक्षय मित्रों द्वारा किया जा रहा यह एक नेक कार्य है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि अब देश के कई सरपंचों और ग्राम प्रधानों ने अपने गांव से टीबी को पूरी समाप्त करने की पहल की है।प्रधानमंत्री ने नैनीताल के निक्षय-मित्र दीकर सिंह मेवाड़ी की चर्चा की, जिन्होंने छह टीबी रोगियों को गोद लिया है। किन्नौर की ग्राम पंचायत के प्रमुख ज्ञान सिंह भी निक्षय-मित्र हैं जो अपने ब्लॉक में टीबी रोगियों को सहायता उपलब्ध करा रहे हैं।प्रधानमंत्री ने कहा कि देश को टीबी मुक्त करने के अभियान में बच्चे और युवा साथी भी पीछे नहीं हैं। उन्होंने हिमाचल प्रदेश के ऊना की सात साल की नलिनी सिंह का उदाहरण दिया जो अपने जेब खर्च से टीबी रोगियों की मदद कर रही है। मध्य प्रदेश के कटनी जिले की तेरह साल की मीनाक्षी और पश्चिम बंगाल के डायमंड हार्बर के ग्यारह वर्षीय बश्वर मुखर्जी ने भी अपने गुल्लक के पैसे भी टीबी मुक्त भारत अभियान में लगा दिए हैं। श्री मोदी ने कहा कि ये सभी उदाहरण बहुत प्रेरक हैं। उन्होंने कम उम्र में बड़ी सोच रखने वाले बच्चों की प्रशंसा की।प्रधानमंत्री ने डेयरी फार्मिंग शुरू करने के लिए जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले के लोगों का उदाहरण दिया। इस जिले में लंबे समय से दूध की कमी थी। बारामूला के लोगों ने इस चुनौती को अवसर में बदल दिया। श्री मोदी ने इसरत नबी की चर्चा की जिन्होंने मीर सिस्टर्स डेयरी फार्म शुरू किया है जहां प्रतिदिन लगभग डेढ सौ लीटर दूध की ब्रिकी हो रही है। प्रधानमंत्री ने सोपोर के वसीम अनायत का जिक्र भी किया जो अपने दो दर्जन से अधिक पशुओं की बदौलत प्रतिदिन दो सौ लीटर से अधिक दूध की ब्रिकी कर रहे हैं। उन्होंने बारामूला के आबिद हुसैन की डेयरी फार्मिंग का भी उल्लेख किया जहां प्रतिदिन साढे पांच लाख लीटर दूध का उत्पादन किया जा रहा है। श्री मोदी ने कहा कि कठिन परिश्रम की बदौलत अब बारामूला नई श्वेत क्रांति के प्रतीक के रूप में उभर रहा है। पिछले लगभग तीन वर्षों में बारामूला में पांच सौ से ज्यादा डेयरी इकाईयां खुल गई हैं। श्री मोदी ने कहा कि बारामूला का डेयरी उद्योग इस बात का गवाह है कि हमारे देश का हर हिस्सा कितनी संभावनाओं से भरा हुआ है।प्रधानमंत्री ने जल-प्रबंधन और नौसेना के क्षेत्र में छत्रपति शिवाजी महाराज के योगदान को भी याद किया। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज द्वारा समुद्र में बनाए गए जलदुर्ग आज भी शान से खड़े हैं। श्री मोदी ने कहा कि इस महीने शिवाजी के राज्याभिषेक के साढ़े तीन सौ वर्ष पूरे हो गए हैं। इस अवसर को एक बड़े पर्व के रूप में मनाया जा रहा है और महाराष्ट्र के रायगढ़ किले में कई बड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए। श्री मोदी ने कहा कि लोगों को छत्रपति शिवाजी महाराज के प्रबंधन कौशल से सीख लेनी चाहिए।प्रधानमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त की कि इस महीने खेल जगत से भारत के लिए कई बडी खुशखबरी आई है। उन्होंने कहा कि महिला जूनियर एशिया कप पहली बार जीतकर भारतीय हॉकी टीम ने तिरंगे की शान बढ़ायी है। भारतीय पुरूष हॉकी टीम ने भी जूनियर एशिया कप प्रतिस्पर्धा जीती है। इसके साथ ही भारतीय पुरूष हॉकी टीम इस टूर्नामेंट को सबसे अधिक बार जीतने वाली टीम बन गई है। निशानेबाजी में भारतीय जूनियर टीम ने भी असाधारण प्रदर्शन करते हुए विश्व कप जीता। इस प्रतियोगिता के कुल स्वर्ण पदकों में से बीस प्रतिशत स्वर्ण पदक अकेले भारत के खाते में आए। बीस वर्ष से कम उम्र के एथलीटों की एशियाई चैंपियनशिप इस महीने आयोजित की गई जिसके 45 भागीदार देशों में भारत चोटी की तीन टीमों में शामिल रहा।प्रधानमंत्री ने गर्व व्यक्त किया कि कितने ही खेलों में, अब भारत पहली बार अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहा है। पेरिस डायमंड लीग में भारत को लंबी कूद में पहली बार पदक मिला जहां श्रीशंकर मुरली ने कांस्य जीता। इसी तरह सत्रह वर्ष से कम उम्र की महिलाओं की कुश्ती टीम ने किर्गिजिस्तान में भी ऐसी ही सफलता दर्ज की है। श्री मोदी ने इन सफलताओं के लिए सभी एथलीटों, उनके अभिभावकों और कोच को बधाई दी है।प्रधानमंत्री ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय आयोजनों में देश की इस सफलता के पीछे हमारे खिलाडियों की कडी मेहनत होती है। उन्होंने यह भी कहा कि देश के अलग-अलग राज्यों में नए उत्साह के साथ खेलों के आयोजन होते हैं। श्री मोदी ने कहा कि खेलो इंडिया विश्वविद्यालय गेम्स की चर्चा की, जिसे हाल ही में उत्तर प्रदेश में आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि इन खेलों में देश के युवाओं ने ग्यारह रिकार्ड तोडे हैं। इन खेलों की पदक तालिका में पंजाब विश्वविद्यालय पहले स्थान पर, अमृतसर गुरूनानक देव विश्वविद्यालय दूसरे और कर्नाटक जैन विश्वविद्यालय तीसरे स्थान पर रहा।प्रधानमंत्री ने कहा कि युवा खिलाडियों की प्रेरक कहानियों का सामने आना इन टूर्नामेंट का एक बडा पहलू है। असम के कॉटन विश्वविद्यालय के अन्यतम राजकुमार खेलो इंडिया विश्वविद्यालय खेल में नौकायन स्पर्धा में भाग लेने वाले पहले दिव्यांग एथलीट बने। बरकतुल्ला विश्वविद्यालय की निधि पवैया ने घुटने में गंभीर चोट के बावजूद शॉटपुट प्रतिस्पर्धा में स्वर्ण जीता। सावित्री बाई फुले पुणे विश्वविद्यालय के शुभम भंडारे लंबी बाधा दौड में स्वर्ण जीतने में कामयाब रहे जबकि पिछले वर्ष बंगलुरू में हुई प्रतियोगिता में घुटने की चोट के कारण उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा था। श्री मोदी ने कहा कि बर्दवान विश्वविद्यालय की सरस्वती कुंडु कबड्डी टीम की कप्तान हैं और उन्हें यहां तक पहुंचने में कई कठिनाईयों का सामना करना पडा है। उन्होंने कहा कि ओलिंपिक के लिए खिलाडियों को तैयार करने की स्कीम - टॉप्स से भी एथलीटों को काफी सहायता मिल रही है।प्रधानमंत्री ने कहा कि 20 जून को देश के कई राज्यों में भगवान जगन्नाथ की ऐतिहासिक रथ यात्रा धूमधाम से मनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि ओडिसा में पुरी की रथयात्रा अपने आप में अद्भुत होती है। श्री मोदी ने कहा कि गुजरात में रहने के दौरान उन्हें अहमदाबाद की रथयात्रा में शामिल होने का अवसर मिला था। उन्होंने कहा कि रथयात्रा एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना को परिलक्षित करती है। श्री मोदी ने कामना की है कि अच्छे स्वास्थ्य, खुशी और खुशहाली के लिए भगवान जगन्नाथ का आशीष सबको प्राप्त हो।प्रधानमंत्री ने कहा कि अब देश के राजभवनों की पहचान सामाजिक और विकास कार्यों से होने लगी है। उन्होंने कहा कि राजभवन टीबी मुक्त भारत अभियान और प्राकृतिक खेती के ध्वजवाहक बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजभवनों में गुजरात, गोवा, तेलंगाना, महाराष्ट्र और सिक्किम के स्थापना दिवसों का आयोजन जिस उत्साह से किया गया, उससे एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना सशक्त होती है।प्रधानमंत्री ने कहा उन्हें देश की प्रसिद्ध शास्त्रीय नृत्यांगना आनंदा शंकर जयंत ने मन की बात की एक कडी के बारे में पत्र लिखा है जिसमें कथाकहन पर चर्चा की गई थी। इस कार्यक्रम से प्रेरित होकर सुश्री अनंदा ने कुट्टी कहानी तैयार की है जो अलग-अलग भाषाओं की बाल कहानियों का संग्रह है। श्री मोदी ने बच्चों को संस्कृति से जोड़ने वाले प्रयासों की सराहना की।प्रधानमंत्री ने देशवासियों से वर्षा ऋतु के दौरान अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने और संतुलित आहार लेने की अपील की है। उन्होंने बच्चों को छुट्टी का अपना होमवर्क अंतिम समय के लिए लंबित न रखने की सलाह भी दी है।
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहा कि इस साल वृहद पौधा रोपण अभियान में 35 करोड़ पौधे लगाए जाने का लक्ष्य रखा गया है और सभी विभागों, संस्थानों तथा सभी नागरिकों को इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए मिलकर प्रयास करना होगा। सरकार द्वारा शनिवार देर शाम जारी एक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने पांच कालिदास मार्ग स्थित अपने सरकारी आवास पर आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में वर्ष 2023-24 के वृहद पौधा रोपण अभियान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश पर प्रकृति और परमात्मा की असीम कृपा है। यहां वन महोत्सव अब जनांदोलन का रूप ले चुका है। प्रदेश में पिछले छह साल में 131 करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए हैं। इस कार्य में व्यापक जनसहयोग प्राप्त हुआ है। यह सुखद है कि पौधे लगाने के साथ ही, इनके संरक्षण का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है।'' बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी ने कहा, ‘‘‘स्टेट ऑफ फॉरेस्ट' की रिपोर्ट के अनुसार 2015 से 2021 के बीच प्रदेश के कुल हरित क्षेत्र में 794 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि हुई है। हमारा लक्ष्य प्रदेश के कुल हरित क्षेत्र को वर्तमान के नौ प्रतिशत से बढ़ाकर वर्ष 2026-27 तक 15 प्रतिशत तक करने का है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए हमें अगले पांच साल में 175 करोड़ पौधे लगाने और संरक्षित करने होंगे।'' मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साल वृहद पौधा रोपण अभियान में 35 करोड़ पौधे लगाए जाने का लक्ष्य लेकर सभी विभागों, संस्थानों तथा सभी नागरिकों को प्रयास करना होगा। उन्होंने कहा कि वन विभाग द्वारा विभागवार पौधा रोपण का लक्ष्य दिया जाए। उन्होंने 15 अगस्त के दिन एक साथ पांच करोड़ पौधे लगाए जाने की तैयारी करने को भी कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी एक से सात जुलाई के बीच प्रदेशव्यापी पर्यावरण संरक्षण अभियान चलाया जाए। -
जयपुर. राजस्थान सरकार ने शनिवार को भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के आठ एवं भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 11 अधिकारियों के तबादले एवं पदस्थापन किए। राज्य के कार्मिक विभाग ने इस बारे में चार अलग-अलग आदेश जारी किए।इसके तहत पदस्थापन की प्रतीक्षा में चल रहीं आईएएस अधिकारी आरुषि अजेय मलिक को शासन सचिव एवं आयुक्त (बाल अधिकारिता विभाग) बनाया गया है। पदस्थापन की प्रतीक्षा में चल रहे आईएएस एच. गुइटे को आयुक्त (नि:शक्तजन) पद पर नियुक्त किया गया है। आईएएस श्रुति भारद्वाज, उत्साह चौधरी एवं अवधेश मीणा का भी तबादला किया गया है। आईपीएस अधिकारियों की तबादला सूची में अतिरिक्त महानिदेशक (जेल) मालिनी अग्रवाल को अतिरिक्त महानिदेशक (प्रशिक्षण) बनाया गया है। अतिरिक्त महानिदेशक (भर्ती) सचिन मित्तल को इस पद के साथ-साथ अतिरिक्त महानिदेशक (साइबर अपराध) का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। दौसा के जिला पुलिस अधीक्षक संजीव नैन को हटाकर उनकी जगह आईपीएस वंदिता राणा को पदस्थापित किया गया है।
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नयी दिल्ली. अमेरिका के स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय की अगुवाई में हुए एक नये अध्ययन में सामने आया है कि गैस चूल्हे की लौ से घरेलू स्तर पर अत्यधिक ज्वलनशील और ‘कार्सिनोजेनिक' (कैंसर पैदा करने की संभावना वाला) बेंजीन का उत्सर्जन होता है, जिसका स्तर परोक्ष धूम्रपान की तुलना में कहीं अधिक हो सकता है। ‘इनवायरमेंटल साइंस एंड टेक्नोलॉजी' पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन में शामिल वैज्ञानिकों ने कहा कि बेंजीन पूरे घर में फैल जाती है और यह हवा में घंटों तक बरकरार रहती है। स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एवं अध्ययन के वरिष्ठ लेखक रॉब जैकसन ने कहा, ‘‘बेंजीन आग की लौ और अन्य उच्च तापमान वाले वातावरण में बनती है। अब हम जानते हैं कि बेंजीन हमारे घरों में गैस चूल्हे की लौ में भी बनती है।'' जैकसन ने कहा, ‘‘अच्छी हवादार परिस्थितियां प्रदूषक सांद्रता को कम करने में मदद करती है। हालांकि, हमने पाया कि ‘एक्जॉस्ट फैन' अक्सर बेंजीन के असर को खत्म करने में अप्रभावी होते हैं।'' शोधकर्ताओं ने पाया कि गैस चूल्हे की लौ से उत्सर्जित होने वाली बेंजीन की सांद्रता परोक्ष धूम्रपान से उत्पन्न औसत सांद्रता से भी बदतर हो सकती है। अध्ययन में पाया गया कि बेंजीन रसोई से दूर अन्य कमरों में फैल सकती है और शयनकक्ष में मापी गयी इसकी सांद्रता का स्तर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य मानकों को पार कर सकता है। शोधकर्ताओं ने पाया कि गैस, प्रोपेन बर्नर और ओवन, इलेक्ट्रिक स्टोव की तुलना में 10 से 50 गुना अधिक बेंजीन उत्सर्जित करते हैं। शोधकर्ताओं ने यह भी परीक्षण किया कि क्या पकाए जा रहे खाद्य पदार्थ बेंजीन उत्सर्जित करते हैं। हालांकि, ऐसा नहीं पाया गया।
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नागपुर. महाराष्ट्र के नागपुर में अजनी पुलिस ने फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाकर नवजात बच्ची को बेचने के आरोप में एक चिकित्सक को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 42 वर्षीय आरोपी जिले के मनकापुर इलाके में एक नर्सिंग होम चलाता है और उसे शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों ने कहा कि अप्रैल, 2022 में जन्मी बच्ची को बरामद कर लिया गया है। लड़की की मां ने अपनी शिकायत में कहा कि मनकापुर निवासी एक व्यक्ति द्वारा जबरन शरीरिक संबंध बनाने पर वह गर्भवती हो गई थी। शिकायत के मुताबिक उस व्यक्ति ने महिला को आरोपी के नर्सिंग होम में मार्च, 2022 को भर्ती कराया जहां उसने एक बच्ची के जन्म दिया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि चिकित्सक ने महिला को तो अस्पताल से छुट्टी दे दी पर उसकी बच्ची को यह कहकर अस्पताल में ही रोक लिया किया कि उसे उपचार की जरूरत है, लेकिन उसने बाद में नवजात बच्ची को बेच दिया। अधिकारियों ने कहा कि महिला के जिस व्यक्ति से संबंध थे उसने जब उससे कथित तौर पर दुर्व्यवहार करना और उसे पीटना शुरू कर दिया तो वह पहली बार मार्च 2023 में पुलिस के पास गई। इसके बाद पुलिस ने उस व्यक्ति को बलात्कार और वूसली के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। जांच से पता चला कि चिकित्सक ने महज कुछ दिनों की बच्ची को बेचने से पहले गोधानी नामक ग्राम पंचायत में बच्ची का जन्म पंजीकृत कराने के लिए फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल किया। अधिकारी ने कहा कि अदालत ने शनिवार को आरोपी चिकित्सक को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया और आगे की जांच जारी है।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सिमलीपाल बाघ रिजर्व में शिकार की घटनाओं पर शनिवार को अपने मंत्रिमंडल सहकर्मी भूपेंद्र यादव और ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से संज्ञान लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि शिकारियों को रोकने के लिए सभी मोर्चे पर कठोर कार्रवाई करने और कानून को प्रभावी रूप से लागू करने की जरूरत है। ओडिशा के मयूरभंज जिले में स्थित अभयारण्य में शिकारियों द्वारा 40 वर्षीय वनकर्मी माती हंसदा की कथित तौर पर गोली मार कर हत्या किये जाने के बाद प्रधान की यह प्रतिक्रिया आई है। एक वन अधिकारी ने शनिवार को बताया कि यह घटना उस वक्त हुई, जब वन विभाग की एक टीम अभयारण्य के अंदर गश्त कर रही थी। टीम और छह हथियारबंद शिकारियों के बीच शुक्रवार रात बडाचाचरण बीट हाउस के पास मुठभेड़ हुई थी। घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रधान ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘एक और वन अधिकारी की शिकारियों ने सिमलीपाल बाघ रिजर्व में गोली मार कर हत्या कर दी, जो प्रत्येक वन्यजीव संरक्षणवादी के लिए बड़ी चिंता का विषय है।'' प्रधान ने पटनायक और केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव को एक अन्य ट्वीट में ‘टैग' करते हुए कहा, ‘‘शिकारियों को रोकने के लिए सभी मोर्चे पर कड़ी कार्रवाई और वन्यजीव अधनियम को प्रभावी रूप से लागू करने की जरूरत है।'' उन्होंने कहा, ‘‘(मैं) अपने मंत्रिमंडल सहकर्मी भूपेंद्र यादव और ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से इन घटनाओं का संज्ञान लेने का आग्रह करता हूं।''
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जयपुर । राजस्थान के 441 गांवों में नवीन उप स्वास्थ्य केंद्र खोले जाएंगे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसके प्रस्ताव को मंजूरी दी है। एक सरकारी बयान के अनुसार चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार तथा आमजन को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री गहलोत ने 441 गांवों में नवीन उप स्वास्थ्य केंद्र खोलने तथा प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र हेतु महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता का एक-एक पद सृजित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। प्रस्ताव के अनुसार, बाड़मेर के 39, दौसा के 33, जयपुर-प्रथम के 25, सीकर के 25, अलवर के 23, जैसलमेर के 22, नागौर के 20, झुन्झूनूं के 20, भरतपुर के 19, अजमेर के 17, डूंगरपुर के 15, हनुमानगढ़ के 15, करौली के 14, चुरू के 14, जयपुर-द्वितीय के 14, बारां के 14, भीलवाड़ा के 12, जोधपुर के 12, टोंक के 12, राजसमंद के 10, कोटा के नौ, बीकानेर के नौ, धौलपुर के छह, बूंदी के छह, उदयपुर के छह, बांसवाड़ा के पांच, चितौड़गढ़ के पांच, सवाई माधोपुर के पांच, गंगानगर के पांच, सिरोही के चार, जालोर के चार एवं पाली के दो सहित कुल 441 गांवों में नवीन उप स्वास्थ्य केंद्र खोले जाएंगे। उप स्वास्थ्य केंद्रों का संचालन भवन निर्माण होने तक उपलब्ध राजकीय भवन अथवा किराये के भवन में किया जाएगा। साथ ही, प्रत्येक उप स्वास्थ्य केंद्र हेतु महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता का 1-1 पद (कुल 441 पद) सृजित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री द्वारा बजट 2023-24 में नवीन उप स्वास्थ्य केंद्र खोलने की घोषणा की गई थी। उक्त घोषणा के क्रियान्वयन के क्रम में यह स्वीकृति दी गई है। बयान के अनुसार गहलोत की इस मंजूरी से प्रदेश की गांव-ढाणी में चिकित्सा सेवाओं का विस्तार होगा तथा स्थानीय लोगों को क्षेत्र में ही बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
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नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि योग से शरीर की ताकत और मन की शांति दोनों बढ़ती है और लोगों को स्वस्थ जीवन के लिए इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने अलग-अलग 'आसनों' को दर्शाते हुए 'मोदी के साथ योग' शीर्षक वाले वीडियो साझा किए।
प्रधानमंत्री मोदी 21 जून को 9वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में पहली बार योग सत्र का नेतृत्व करेंगे। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का उद्देश्य इसके कई लाभों के बारे में दुनिया भर में जागरूकता बढ़ाना है। इसकी सार्वभौमिक अपील को स्वीकार करते हुए, दिसंबर 2014 में संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने की घोषणा की थी। प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, “योग शरीर की शक्ति और मन की शांति दोनों को बढ़ाता है। आइए, स्वस्थ जीवन के लिए इसे हम अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। विभिन्न आसनों के कुछ वीडियो आपके लिए साझा कर रहा हूं।” - बुलंदशहर (उत्तर प्रदेश) । जिले के सिकंदराबाद थाना क्षेत्र से शनिवार को एक विवाहिता का शव बरामद हुआ है। पुलिस ने बताया कि महिला के मायके वालों ने उसके पति और ससुराल वालों पर दहेज हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस के अनुसार, सिकंदराबाद थाना क्षेत्र के सांवली गांव में रीता (25) नाम की विवाहिता का शव एक कमरे से बरामद हुआ है। महिला का पति राजीव और उसके दोनों बच्चे वहां नहीं थे। रीता की राजीव से पांच साल पहले शादी हुई थी और वे किराए के मकान में रहते थे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।पुलिस ने बताया कि रीता के चाचा सुनील ने उसके पति राजीव और उसके भाई अमलेश पर दहेज हत्या आरोप लगाया है। मृतका के पिता पृथ्वीराज ने भी अपने दामाद और उसके भाई पर दहेज हत्या का आरोप लगाया है।सिकंदराबाद के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) विकास प्रताप सिंह चौहान ने बताया शनिवार को एक महिला का शव मिलने की सूचना पाकर पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। सीओ ने बताया कि परिजनों की तहरीर पर संबंधित धाराओं में आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
- गंगटोक ।उत्तर सिक्किम में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन के चलते लाचेन और लाचुंग इलाकों में फंसे कुल 2,413 पर्यटकों को शनिवार को बचा लिया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पेगोंग-चुंगथांग में भूस्खलन से सड़क बंद हो गई, जिससे क्षेत्र में वाहनों का आवागमन बाधित हो गया। चुंगथांग उप-संभाग के अधिकारियों, जनरल रिजर्व इंजीनियर फोर्स और स्थानीय पंचायत के सदस्यों के संयुक्त बचाव अभियान के तहत, क्षेत्र में फंसे 2,413 व्यक्तियों को सफलतापूर्वक बचा लिया गया। एक अधिकारी ने कहा कि शुक्रवार तड़के भूस्खलन हुआ था, जिससे पेगोंग-चुंगथांग इलाके के निवासी और पर्यटक फंस गए थे और उन्हें सहायता की सख्त जरूरत थी। एक अन्य अधिकारी ने कहा कि सभी पर्यटकों को राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए वाहनों में सिक्किम की राजधानी गंगटोक ले जाया गया।
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नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और उससे लगे गुजरात के ऊपर चक्रवाती तूफान बिपरजॉय के असर से बना दबाव अब पिछले छह घंटे के दौरान सात किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पूर्व-उत्तर-पूर्व की ओर बढ गया है। यह दक्षिण राजस्थान के मध्य क्षेत्र के ऊपर जोधपुर से साठ किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण पूर्व में केन्द्रित है। मौसम विभाग ने कहा है कि इसके पूर्व-उत्तर-पूर्व की ओर बढने की संभावना है।इसके असर से दक्षिणी राजस्थान में आज और कल बहुत तेज वर्षा की संभावना है। उत्तरी गुजरात और पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी आज और कल बहुत तेज वर्षा की संभावना व्यक्त की गई है। दक्षिणी राजस्थान और उससे लगे गुजरात में चालीस से पचास किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशकां है। हवाओं की गति बढकर साठ किलोमीटर प्रति घंटे की हो सकती है।अगले बारह घंटे के दौरान तेज वर्षा से निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा हो सकता है। मौसम विभाग ने लोगों से घरों में रहने और तेज हवाओं के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने को कहा है।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी-20 समूह के नेताओं को पत्र लिखकर भारत में आगामी जी-20 शिखर सम्मेलन में अफ्रीकी संघ को पूर्ण सदस्यता देने का प्रस्ताव रखा है। अफ्रीकी संघ ने जी-20 समूह में शामिल होने के लिए आग्रह किया था। सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर आगे बढकर नेतृत्व कर रहे हैं और वे इसके दृढ पक्षधर और समर्थक हैं। श्री मोदी ने अंतर्राष्ट्रीय मंच पर अफ्रीकी देशों की आवाज उठाने और साझा विश्व के भविष्य को आकार देने के लिए यह साहसिक कदम उठाया है।
सूत्रों ने बताया कि वैश्रविक स्तर पर निष्पक्ष और समावेशी शासन की दिशा में यह सही प्रयास होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का दृढ विश्वास है कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर विकासशील और कम विकसित देशों विशेष रूप से अफ्रीकी देशों को अपनी आवाज उठाने का अवसर मिलना चाहिए। भारत ने अपनी जी-20 की अध्यक्षता में अफ्रीकी देशों की प्राथमिकताओं को शामिल करने पर ध्यान केंद्रित किया है। -
नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता आवश्यक है क्योंकि तेजी से बदल रहे विश्व में उभर रहे नए युद्ध-कौशल के कारण देश की सीमा पर दोहरा खतरा पैदा हो गया है। श्री सिंह ने यह बात कल लखनऊ में आत्मनिर्भर भारत रक्षा संवाद में कही। उन्होंने कहा कि सशक्त और आत्मनिर्भर सेना किसी भी संप्रभु देश के लिए आवश्यक होती है जो सीमा के साथ-साथ देश की सभ्यता-संस्कृति की भी सुरक्षा करती है। श्री सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि सशस्त्र बल विदेशी हथियारों और उपकरणों पर निर्भर न रहें। उन्होंने यह भी कहा कि आपात स्थिति में आत्मनिर्भरता ही वास्तविक शक्ति सिद्ध होती है।
श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि देश को ऐसे अत्याधुनिक स्वदेशी हथियार और प्लेटफॉर्म विकसित करने की आवश्यकता है, जिनसे नई और उभरती चुनौतियों का मुकाबला किया जा सके। उन्होंने कहा कि देश को आला तकनीकों के मामले में भी आत्मनिर्भरता हासिल करनी होगी। रक्षा मंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर बनने से आयात पर व्यय में कमी आएगी और असैन्य क्षेत्र को भी बहुआयामी लाभ मिलेंगे। श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश रक्षा औद्योगिक गलियारे के लिए काम तेज गति से चल रहा है और इस गलियारे के लिए जरूरी सत्रह सौ हेक्टेयर भूमि में से 95 प्रतिशत भूखंड का अधिग्रहण किया जा चुका है। इस भूखंड में से लगभग छह सौ हेक्टेयर भूमि 36 उद्योगों और संस्थानों को आवंटित की गई है। उन्होंने बताया कि इस गलियारे के लिए एक सौ नौ सहमति - पत्रों पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिनसे सोलह हजार करोड रूपये से अधिक मूल्य के निवेश का अनुमान है। -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि युद्धग्रस्त यूक्रेन से भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए ‘ऑपरेशन गंगा' सरकार के अपने लोगों के साथ खड़े होने के दृढ़ संकल्प को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि चाहे कितनी भी कठिन चुनौती क्यों न हो, सरकार अपने लोगों के साथ हमेशा खड़े रहेगी। उनकी टिप्पणी ‘‘हिस्ट्री टीवी 18'' द्वारा अपने नये वृत्तचित्र ‘‘द इवैक्यूएशन: ऑपरेशन गंगा'' पर किये गये एक ट्वीट पर आई है। ‘‘हिस्ट्री टीवी 18'' ने एक ट्वीट किया, ‘‘यूक्रेन में 24 फरवरी 2022 को हजारों भारतीयों ने खुद को एक युद्ध क्षेत्र में फंसा हुआ पाया था। इसके ठीक दो दिन बाद, भारत ने 21वीं सदी में सबसे बड़े हवाई निकासी अभियानों में से एक की शुरुआत की। इतिहास रचने वाले इस मिशन के तहत 90 विशेष उड़ानों के जरिये 18 देशों से 22,000 से अधिक भारतीयों और 147 विदेशी नागरिकों को निकाला गया।'' ट्वीट को टैग करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘ऑपरेशन गंगा हमारे लोगों के साथ खड़े होने के हमारे दृढ़ संकल्प को दर्शाता है, चाहे चुनौती कितनी भी कठिन क्यों न हो। यह भारत की अदम्य भावना को भी प्रदर्शित करता है। यह वृत्तचित्र इस ऑपरेशन से संबंधित पहलुओं पर बहुत जानकारीपूर्ण होगा।'' सरकार ने रूस के साथ युद्ध के दौरान यूक्रेन से भारतीय नागरिकों, ज्यादातर छात्रों को निकालने के लिए ‘ऑपरेशन गंगा' की शुरुआत की थी।
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नयी दिल्ली. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने भारतीय उद्योग जगत से महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों को लाने पर ध्यान केंद्रित करने और अपने कर्मचारियों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने का आह्वान किया ताकि देश की विकास यात्रा को आगे ले जाया जा सके। डोभाल ने भारतीय वाणिज्य एंव उद्योग मंडल (एसोचैम) द्वारा आयोजित ‘नेताजी सुभाष चंद्र बोस' स्मृति व्याख्यान देते हुए वैश्विक स्तर पर कार्यबल मुहैया कराने में भारत की बढ़ती महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया और कहा कि यदि मानव संसाधन पर्याप्त कुशल है तो देश और अधिक सफलता हासिल कर सकता है।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) ने कहा, हमारी सबसे बड़ी ताकत हमारा मानव संसाधन है जो अत्यधिक प्रेरित और प्रतिबद्ध कार्यबल है। हमें उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए उनके कौशल को विकसित करने की आवश्यकता है।'' डोभाल ने जीवन के सभी पहलुओं में निरंतर सुधार का भी आह्वान करते हुए कहा, ‘‘आप जहां भी हैं, जो भी कर रहे हैं, उसे कल से बेहतर कीजिए।'' उन्होंने उद्योगपतियों से कहा कि महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
डोभाल ने कहा, हमें महत्वपूर्ण एवं उभरती और विविध प्रौद्योगिकियों को लाना चाहिए। आपको वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी होना होगा, आपको नवोन्मेषी होना होगा, आपको किफायती होना होगा और यदि आपको यह करना है, तो आपको इनमें निवेश करना होगा।'' उन्होंने कहा, ‘‘हमें वैश्विक बाजार में प्रमुख स्थान हासिल करने के लिए महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाना चाहिए।'' यह उम्मीद है कि अगले सप्ताह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की वाशिंगटन यात्रा के दौरान भारत और अमेरिका महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में सहयोग की घोषणा करेंगे। डोभाल ने देश के लिए बोस के ‘‘महान'' योगदान की भी बात की।
उन्होंने कहा, ‘नेताजी को लोगों की क्षमताओं पर बहुत भरोसा था। आज हमारी प्राथमिकता अपने नागरिकों को सशक्त बनाना और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना होनी चाहिए।'' डोभाल ने इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे बोस ने निडरता से ब्रितानी अधिकारियों को चुनौती दी, अपने कॉलेज के दिनों में एक ब्रिटिश प्रधानाचार्य के सामने खड़े हुए, कम उम्र में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया और उन्होंने महात्मा गांधी तक की भी अवहेलना की। उन्होंने कहा कि साथ ही बोस के मन में गांधी के लिए बहुत सम्मान था। डोभाल ने बोस की विरासत पर प्रकाश डालते हुए विभिन्न पृष्ठभूमि के लोगों को एकजुट करने की नेताजी की क्षमता पर बात की और बताया कि कैसे उन्होंने एक एकीकृत और मजबूत भारत की कल्पना की। डोभाल ने कहा कि बोस का संयुक्त भारत का नजरिया उनके प्रसिद्ध नारे ‘कदम कदम बढ़ाए जा' में समाहित है। उन्होंने कहा कि बोस ने लोगों को अपने देश के लिए लड़ने, स्वतंत्रता पाने के लिए एकजुट होने की प्रेरणा दी। एनएसए ने कहा कि बोस एक धर्मनिरपेक्ष व्यक्ति थे और वह अत्यधिक धार्मिक थे। डोभाल ने कहा कि बोस के प्रयास उनके देशभक्ति के जुनून और एक महान भारत के उनके अटूट सपने से प्रेरित थे। -
कटक. बिहार के एक घायल यात्री की शनिवार को यहां एससीबी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मृत्यु होने से बालासोर रेल दुर्घटना में मरने वाले लोगों की संख्या 291 हो गई है। यह जानकारी अधिकारियों ने दी। अस्पताल सूत्रों ने कहा कि यात्री की पहचान बिहार के भागलपुर जिले के रोशनपुर निवासी साहिल मंसूर (32) के रूप में की गई है। सूत्रों ने कहा कि ट्रॉमा केयर के गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में उसका इलाज चल रहा था, मरीज गुर्दे से जुड़ी बीमारी से भी पीड़ित था और उसका डायलिसिस भी चल रहा था। एससीबी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक डॉ. सुधांशु शेखर मिश्रा ने कहा कि मरीज की मौत दिल का दौरा पड़ने के कारण हुई। उन्होंने बताया कि मंसूर को आंतरिक और बाहरी दोनों तरह की कई चोटें थीं और गुर्दे की समस्या भी थी। मिश्रा ने कहा कि एससीबी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती 205 मरीजों में से 46 का अभी इलाज चल रहा है, जिनमें 13 मरीज आईसीयू में हैं। उन्होंने कहा, आईसीयू में भर्ती 13 मरीजों में से दो से तीन व्यक्तियों की हालत गंभीर बनी हुई है।'' उन्होंने कहा कि बाकी मरीजों की हालत स्थिर है। बिहार के गोपालगंज जिले के पाथरा गांव के रहने वाले 22 वर्षीय प्रवासी श्रमिक प्रकाश राम की शुक्रवार को एससीबी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मौत हो गई थी। इससे पहले मंगलवार को बिहार के रहने वाले बिजय पासवान नाम के एक यात्री ने कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में दम तोड़ दिया था। गत दो जून को हुए तीन ट्रेन हादसे में 287 व्यक्तियों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि 1,208 अन्य घायल हो गए थे। इस दुर्घटना में तीन ट्रेन-शालीमार-चेन्नई सेंट्रल कोरोमंडल एक्सप्रेस, बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस और एक मालगाड़ी शामिल थी। एक अधिकारी ने कहा कि इस बीच, एम्स भुवनेश्वर में 81 शवों की अभी तक पहचान नहीं हो पायी है। एक अधिकारी ने कहा कि हालांकि 70 से अधिक लोगों ने डीएनए जांच के लिए अपने रक्त के नमूने पहले ही दे दिए हैं, फिर भी सत्यापन के लिए रिपोर्ट का इंतजार है। एम्स भुवनेश्वर के अधिकारियों ने शनिवार को दिल्ली स्थित केंद्रीय फॉरेंसिक प्रयोगशाला को कम से कम 15 व्यक्तियों के डीएनए सैंपलिंग जांच रिपोर्ट भेजने के लिए पत्र लिखा, क्योंकि उनके परिवार के सदस्य पिछले 15 दिनों से शव लेने के लिए अस्पताल के बाहर बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
- देहरादून। उत्तराखंड के हरिद्वार में इस साल कांवड़ यात्रा के लिए आने वाले शिवभक्तों को पहचानपत्र साथ रखने और किसी दुर्घटना से बचने के लिए कांवड़ों की ऊंचाई 12 फुट से कम रखने को कहा गया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। ये निर्णय शुक्रवार को यहां राज्य पुलिस मुख्यालय में उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अशोक कुमार की अध्यक्षता में पुलिस अधिकारियों की अंतरराज्यीय समन्वय बैठक में लिये गए। कांवड़ यात्रा चार जुलाई से शुरू होकर 15 जुलाई तक चलेगी। डीजीपी ने कहा कि कांवड़ यात्रा एक बड़ा धार्मिक आयोजन है और प्रभावी भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए संबंधित सभी राज्य के पुलिस विभागों को पहले से ही पूर्ण समन्वय के साथ काम करना शुरू कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि ड्रोन और सीसीटीवी का इस्तेमाल किया जाएगा और इस उद्देश्य के लिए सोशल मीडिया पर नजर रखी जाएगी। बैठक में भाग लेने वाले एक अधिकारी ने कहा कि उत्तराखंड में रेल पटरियों के 100 प्रतिशत विद्युतीकरण के मद्देनजर कांवड़ों की ऊंचाई 12 फुट से कम रखना जरूरी है। अधिकारी ने कहा कि रेल पटरियों के पूरी तरह से विद्युतीकृत हो जाने के मद्देनजर ऊंची कांवड़ लाना जोखिम भरा हो सकता है। हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि इस बार कांवड़ यात्रा के लिए करीब चार करोड़ कांवड़ियों के हरिद्वार आने की उम्मीद है। अधिकारियों ने कहा कि पूरे कांवड़ क्षेत्र को 12 सुपर जोन, 32 जोन और 130 सेक्टर में बांटा गया है।उन्होंने कहा कि यात्रा के लिए हरिद्वार पुलिस द्वारा एक क्यूआर कोड भी जारी किया है जिसमें वाहन पार्किंग स्थल, मार्ग परिवर्तन और गुम हुए एवं मिले मोबाइल फोन से संबंधित सभी जानकारी उपलब्ध होगी। अधिकारियों ने कहा कि कांवड़ मेला क्षेत्र में 333 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे तथा निगरानी के लिए हरिद्वार और उसके आसपास 5,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे। बैठक में बताया गया कि केंद्र से केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 12 कंपनियों के अलावा तीन बम निरोधक दस्ते और श्वान दस्ते की मांग की गई है। बैठक में उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान के पुलिस अधिकारियों ने प्रत्यक्ष तौर पर या डिजिटल तरीके से हिस्सा लिया।
- हैदराबाद । तेलंगाना विश्वविद्यालय के कुलपति डी रविंदर को उस वक्त रंगे हाथ पकड़ा गया, जब वह एक शैक्षणिक संस्थान के प्रवर्तक (प्रमोटर) से कथित तौर पर 50,000 रुपये की रिश्वत ले रहे थे। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने शनिवार को यह जानकारी दी। एसीबी ने एक बयान में कहा कि आरोपी कुलपति के आवास पर एक कमरे में अलमारी से 50 हजार रुपये की ‘‘रिश्वत राशि'' बरामद की गई। बयान में कहा गया है, ‘‘इसलिए निजामाबाद में स्थित तेलंगाना विश्वविद्यालय के आरोपी कुलपति डी रविंदर को गिरफ्तार किया जायेगा और हैदराबाद में एसीबी मामलों के प्रधान सत्र न्यायाधीश के समक्ष पेश किया जायेगा।'' बयान के अनुसार, मामले की जांच जारी है।आरोपी कुलपति और विश्वविद्यालय की कार्यकारी समिति के बीच तेलंगाना विश्वविद्यालय में रजिस्ट्रार की नियुक्ति को लेकर हाल में विवाद हो गया था।
- नयी दिल्ली। तमिलनाडु पुलिस के पूर्व विशेष महानिदेशक (कानून व्यवस्था) राजेश दास, के पी एस गिल और एस पी एस राठौड़ के बाद संभवत: भारतीय पुलिस सेवा के तीसरे वरिष्ठ अधिकारी हैं, जिन्हें सेवा के दौरान यौन दुराचार के लिए दोषी करार दिया गया है। दास को तमिलनाडु के विल्लुपुरम जिले की एक अदालत ने 2021 की शुरुआत में एक महिला पुलिस अधीक्षक का यौन उत्पीड़न करने के मामले में शुक्रवार को तीन साल के कैद की सजा सुनाई। उस घटना के बाद से अधिकारी को सेवा से निलंबित कर दिया गया था।दास से पहले, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एस पी एस राठौड़ एवं के पी एस गिल को यौन उत्पीड़न के लिए दोषी ठहराया गया था।राठौड़ को 1990 में 14 साल की रुचिका गिरहोत्रा के साथ छेड़खानी करने के आरोप में दोषी करार दिया गया था। यह घटना उस वक्त हुई थी] जब राठौड़ हरियाणा के पुलिस महानिरीक्षक थे।उभरती टेनिस खिलाड़ी रुचिका ने आत्महत्या कर ली थी, क्योंकि उसके परिवार और दोस्तों को परेशान किया गया था और उसके भाई को अवैध रूप से हिरासत में ले कर पुलिस ने प्रताड़ित किया था ।राठौड़ को 2009 में छह महीने जेल की सजा सुनाई गई थी। मामले की जांच करने वाले केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की दलील पर सजा को बढ़ाकर 18 महीने कर दिया गया था।उच्चतम न्यायालय ने नवंबर 2010 में राठौड़ को इस शर्त पर जमानत दे दी कि वह चंडीगढ़ में ही रहेंगे ।उच्चतम न्यायालय ने बाद में छेड़खानी मामले में राठौड़ की सजा को बरकरार रखा, लेकिन उनकी उम्र को देखते हुये उनकी सजा को कम कर छह महीने कर दिया। राठौड़ पहले ही छह महीना जेल में बिता चुके थे ।पंजाब पुलिस के पूर्व प्रमुख के पी एस गिल को भारतीय प्रशासनिक सेवा की एक महिला अधिकारी का शील भंग करने के आरोप में दोषी ठहराया गया था, लेकिन पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने उनकी तीन महीने की जेल की अवधि को ‘परिवीक्षा (प्रोबेशन)’ में बदल कर जेल जाने से बख्श दिया था।शीर्ष अदालत ने 2005 में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के गिल को दोषी करार दिये जाने के फैसले को बरकरार रखा था ।पंजाब से आतंकवाद का सफाया करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने वाले गिल को चंडीगढ़ की एक अदालत ने छह जनवरी 1996 को एक महिला आईएस अधिकारी का शील भंग करने का दोषी ठहराया था।यह आरोप लगाया गया था कि शराब के नशे में धुत गिल ने 18 जुलाई 1988 को अपने आवास पर एक वरिष्ठ नौकरशाह द्वारा आयोजित पार्टी में भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी रूपन देओल बजाज की पीठ थपथपाई थी।भारतीय पुलिस सेवा के एक अधिकारी पी एस नटराजन को यौन उत्पीड़न के आरोप में 2012 में सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था, लेकिन 2017 में झारखंड की एक अदालत ने पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में उन्हें बरी कर दिया ।मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने दास को तीन साल की सजा सुनाते हुये उन्हें जमानत दे दी और अपील करने के लिये 30 दिन का समय दिया है ।दास के साथ आरोपित किए गए पुलिस अधीक्षक स्तर के एक अधिकारी डी कन्नन की समीक्षा याचिका पर सुनवाई करते हुए मद्रास उच्च न्यायालय ने 2021 में कहा था, ‘‘भारतीय पुलिस सेवा की एक महिला अधिकारी अगर यौन उत्पीड़न का शिकार हो सकती है, तो पदानुक्रम में नीचे की महिला पुलिसकर्मियों के बारे में कहने की जरूरत नहीं है।’’कन्नन ने उन्हें मामले से बरी करने का अनुरोध करते हुये एक पुनरीक्षण आवेदन दायर किया था, क्योंकि वह अपने वरिष्ठ के आदेशों का पालन कर रहे थे। कन्नन पर महिला आईपीएस अधिकारी को दास के खिलाफ शिकायत दर्ज करने से रोकने का आरोप लगाया गया था।उन्होंने तर्क दिया था कि उनके खिलाफ आरोप हटा दिए जाने चाहिए, क्योंकि वह केवल दास के निर्देशों का पालन कर रहे थे। हालांकि, मद्रास उच्च न्यायालय ने उन्हें कड़ी फटकार लगाते हुये उनसे पूछा था कि क्या वह अपने वरिष्ठों के कहने पर हत्या कर सकते हैं ।
- नयी दिल्ली । दिल्ली के तीन मूर्ति भवन परिसर में स्थित नेहरू स्मारक संग्रहालय एवं पुस्तकालय सोसाइटी (एनएमएमएल) का नाम बदलकर ‘प्रधानमंत्री संग्रहालय एवं पुस्तकालय सोसाइटी’ कर दिया गया है। इसको लेकर विपक्षी कांग्रेस और सत्तारूढ़ भाजपा के बीच वाकयुद्ध छिड़ गया है। जहां कांग्रेस ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार पर ‘संकीर्ण सोच और प्रतिशोध’ से काम करने का आरोप लगाया, वहीं सत्तारूढ़ भाजपा ने इस कदम की आलोचना करने के लिए कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि विपक्षी पार्टी देश के प्रधानमंत्री के रूप में सेवा देने वाले अपने नेताओं का भी अपमान करने से नहीं हिचकती।गौरतलब है कि सोसाइटी का नाम बदले जाने से एक साल पहले, देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का आधिकारिक आवास रहे तीन मूर्ति भवन परिसर में प्रधानमंत्री संग्रहालय का उद्घाटन किया गया था।संस्कृति मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि एनएमएमएल की एक विशेष बैठक में इसका नाम बदलने का फैसला किया गया है।उसने बताया कि सोसाइटी के उपाध्यक्ष रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस बैठक की अध्यक्षता की।बयान में बताया गया है कि सिंह ने बैठक को संबोधित करते हुए ‘‘नाम में बदलाव के प्रस्ताव का स्वागत’’ किया, क्योंकि अपने नए प्रारूप में यह संस्थान जवाहरलाल नेहरू से लेकर नरेन्द्र मोदी तक सभी प्रधानमंत्रियों के योगदान और उनके सामने आई विभिन्न चुनौतियों के दौरान उनकी प्रतिक्रियाओं को दर्शाता है।सिंह ने प्रधानमंत्रियों को एक संस्था बताते हुए और विभिन्न प्रधानमंत्रियों की यात्रा की इंद्रधनुष के विभिन्न रंगों से तुलना करते हुए इस बात पर जोर दिया कि ‘‘इंद्रधनुष को सुंदर बनाने के लिए उसके सभी रंगों का उचित अनुपात में प्रतिनिधित्व किया जाना’’ चाहिए।’’इसमें कहा गया, ‘‘इसलिए प्रस्ताव में एक नया नाम दिया गया है, हमारे सभी पूर्व प्रधानमंत्रियों का सम्मान किया गया है और इसकी सामग्री लोकतांत्रिक है।’’सोसाइटी की बैठक के दौरान कार्यकारी परिषद के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने नाम में बदलाव की आश्यकता के बारे में बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री संग्रहालय देश की लोकतंत्र के प्रति गहरी प्रतिबद्धता व्यक्त करता है और इसीलिए ‘‘संस्था का नाम अपने नए रूप को प्रतिबिंबित करना चाहिए।’’कांग्रेस ने एनएमएमएल का नाम बदले जाने को लेकर केंद्र सरकार पर ‘‘संकीर्ण सोच और प्रतिशोध’’ से काम करने का आरोप लगाया और कहा कि इमारतों के नाम बदलने से विरासतें नहीं मिटा करतीं।पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने दावा किया कि सरकार के इस कदम से भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की ओछी मानसिकता और तानाशाही रवैये का परिचय मिलता है।उन्होंने कहा कि ऐसे कदम से पंडित नेहरू की शख़्सियत को कम नहीं किया जा सकता।खरगे ने ट्वीट किया, ‘‘जिनका कोई इतिहास ही नहीं है, वे दूसरों के इतिहास को मिटाने चले हैं। नेहरू स्मारक संग्रहालय एवं पुस्तकालय का नाम बदलने के कुत्सित प्रयास से, आधुनिक भारत के शिल्पकार व लोकतंत्र के निर्भीक प्रहरी पंडित जवाहरलाल नेहरू जी की शख़्सियत को कम नहीं किया जा सकता। इससे केवल भाजपा-आरएसएस की ओछी मानसिकता और तानाशाही रवैये का परिचय मिलता है।’’उन्होंने दावा किया, ‘‘मोदी सरकार की बौनी सोच, ‘हिन्द के जवाहर’ का भारत के प्रति विशालकाय योगदान कम नहीं कर सकती।’’कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ट्वीट किया, ‘‘संकीर्णता और प्रतिशोध का दूसरा नाम मोदी है। नेहरू स्मारक संग्रहालय और पुस्तकालय 59 वर्ष से अधिक समय से एक वैश्विक बौद्धिक ऐतिहासिक स्थल और पुस्तकों एवं अभिलेखों का ख़ज़ाना रहा है। अब से इसे प्रधानमंत्री स्मारक और सोसाइटी कहा जाएगा।’’उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी, भारतीय राष्ट्र-राज्य के शिल्पकार के नाम और विरासत को विकृत करने, नीचा दिखाने और नष्ट करने के लिए क्या नहीं करेंगे। अपनी असुरक्षाओं के बोझ तले दबा एक छोटे कद का व्यक्ति स्वघोषित विश्वगुरु बना फिर रहा है।’’वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जे पी नड्डा ने नेहरू स्मारक संग्रहालय एवं पुस्तकालय का नाम बदले जाने की कांग्रेस की ओर से की जा रही आलोचनाओं के बीच शुक्रवार को कहा कि नया प्रधानमंत्री संग्रहालय एवं पुस्तकालय सोसाइटी राजनीति से परे एक प्रयास है और विपक्षी दल के पास इसे महसूस करने के लिए दृष्टि की कमी है।खरगे के ट्वीट को टैग करते हुए भाजपा अध्यक्ष ने उनकी टिप्पणी को ‘राजनीतिक अपच’ का उत्कृष्ट उदाहरण बताया और कहा कि वह (कांग्रेस) इस सच्चाई को स्वीकार करने में अक्षम है कि एक परिवार से परे भी ऐसे नेता हैं, जिन्होंने हमारे राष्ट्र की सेवा की और उसका निर्माण किया है।उन्होंने एक के बाद एक सिलसिलेवार ट्वीट में कहा, ‘‘प्रधानमंत्री संग्रहालय राजनीति से परे एक प्रयास है और कांग्रेस के पास इसे महसूस करने के लिए दृष्टि की कमी है।’’उन्होंने कहा, ‘‘इस मुद्दे पर कांग्रेस का दृष्टिकोण विडंबनापूर्ण है, क्योंकि उसका एकमात्र योगदान सभी पिछले प्रधानमंत्रियों की विरासत को मिटाना है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि केवल एक परिवार की विरासत बच सके।’’नड्डा ने दावा किया कि प्रधानमंत्री संग्रहालय में हर प्रधानमंत्री को सम्मान मिला है और पंडित जवाहरलाल नेहरू से संबंधित हिस्सों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।उन्होंने कहा, ‘‘इसके विपरीत, इसकी प्रतिष्ठा बढ़ाई गई है। एक ऐसी पार्टी के लिए जिसने 50 साल से अधिक समय तक भारत पर शासन किया, उनकी क्षुद्रता वास्तव में दुखद है। यही कारण है कि लोग उन्हें अस्वीकार कर रहे हैं।’’नेहरू स्मारक संग्रहालय एवं पुस्तकालय का नाम बदले जाने की आलोचना करने के लिए कांग्रेस पर पलटवार करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सदस्य सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि विपक्षी पार्टी देश के प्रधानमंत्री के रूप में सेवा देने वाले अपने नेताओं का भी अपमान करने से नहीं हिचकती।त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस आरोप लगा रही है, जबकि उसके नेताओं ने अभी तक यह देखने के लिए संग्रहालय का दौरा नहीं किया है कि कैसे प्रौद्योगिकी के उपयोग के साथ प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और उनके उत्तराधिकारियों के योगदान और उपलब्धियों को बेहतर तरीके से प्रदर्शित किया गया है।उन्होंने कहा कि संग्रहालय में लाल बहादुर शास्त्री, इंदिरा गांधी, पी वी नरसिंह राव, राजीव गांधी और कांग्रेस के मनमोहन सिंह सहित सभी पूर्व प्रधानमंत्रियों के योगदान और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया है।केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने भी एक ट्वीट कर खरगे को निशाना बनाया।उन्होंने कहा कि जिन लोगों को एक परिवार के अलावा कुछ और दिखाई ही नहीं देता, उनके द्वारा इस तरह का बड़बोलापन उनकी ओछी मानसिकता व पाखंड की पराकाष्ठा है।उन्होंने कहा, ‘‘सिर्फ एक परिवार के महिमा मंडन में कांग्रेस ने न जाने कितने देशभक्त बलिदानियों के समर्पण को कभी इतिहास के पन्नों में आने ही नहीं दिया। खरगे साहब की मजबूरी है वरना उनको भी पता है कि बाबू जगजीवन राम, सीताराम केसरी और नरसिंह राव जैसे अनेक कांग्रेस नेताओं तक को इस परिवार के अहंकार की वजह से अपने ही दल में अपमान का दंश झेलना पड़ा।’’ब्रिटिश काल में बना तीन मूर्ति भवन स्वतंत्रता के बाद देश के पहले प्रधानमंत्री का आधिकारिक आवास था। ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ की वेबसाइट के अनुसार, ‘‘पंडित नेहरू 27 मई, 1964 को अपने निधन तक 16 से अधिक साल तक यहां रहे। यह इमारत जवाहरलाल नेहरू के नाम से इतनी लोकप्रिय थी कि तीन मूर्ति हाउस और जवाहरलाल नेहरू कमोबेश पर्यायवाची बन गए, इसलिए उनके निधन के बाद, भारत सरकार ने ज्ञान की सीमाओं को बढ़ाने और मानव मस्तिष्क को समृद्ध करने के नेहरू के शाश्वत उत्साह को बनाए रखने के लिए इस आवास को एक उपयुक्त स्मारक में बदलने का फैसला किया।’’
- वाशिंगटन. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अगले सप्ताह यहां भारतीय अमेरिकियों को संबोधित करने के दौरान भारत के विकास में प्रवासी भारतीयों की भूमिका पर बात करेंगे। कार्यक्रम की मेजबानी करने वाले एक सामुदायिक नेता ने यह जानकारी दी। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और प्रथम महिला जिल बाइडन के आमंत्रण पर प्रधानमंत्री मोदी 21-24 जून तक अमेरिका की यात्रा करने वाले हैं। बाइडन दंपत्ति 22 जून को राजकीय रात्रिभोज में मोदी की मेजबानी करेंगे। इस यात्रा में 22 जून को कांग्रेस के संयुक्त सत्र को संबोधित करना भी शामिल है। अगले सप्ताह के कार्यक्रम को अंतिम रूप देने के लिए बुधवार को वाशिंगटन डीसी में रोनाल्ड रीगन बिल्डिंग स्थल पर मौजूद शिकागो के डॉ. भरत बरई ने कहा कि सभी 838 सीटों के लिए पंजीकरण पूरा हो गया है। मोदी 23 जून को वाशिंगटन में रोनाल्ड रीगन बिल्डिंग एंड इंटरनेशनल ट्रेड सेंटर में देश भर से आमंत्रित समुदाय के नेताओं की सभा को संबोधित करेंगे। बरई ने कहा, ‘‘विषय ‘भारत की विकास गाथा में प्रवासी भारतीयों की भूमिका' है। हम देखना चाहते हैं कि एक प्रवासी के रूप में भारत और भारत के लोगों की मदद के वास्ते हम क्या कर सकते हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘समुदाय के लोग ऐसे दूरदर्शी और निरंतर काम करने वाले व्यक्ति को लेकर बेहद उत्साहित हैं, जिन्होंने भारत को दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित किया है। इतना ही नहीं, उन्होंने भारत की प्रतिष्ठा को बढ़ाया है।'' शिकागो से अमिताभ मित्तल ने आधिकारिक राजकीय यात्रा पर मोदी को आमंत्रित करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा ‘‘वह (मोदी) काम करने वाले व्यक्ति हैं। उन्होंने भारत में बड़ा बदलाव लाया। ''मित्तल ने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री अक्टूबर को ‘‘हिंदू विरासत माह'' के तौर पर मनाने की घोषणा करेंगे। उन्होंने कहा ‘‘पिछले दो साल में उनके दो बार पत्र मिले हैं लेकिन अब चूंकि वह स्वयं आ रहे हैं तो मैं उन्हें याद दिलाना चाहूंगा कि अक्टूबर माह को हिंदू विरासत माह के तौर पर मनाया जाए।









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