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नयी दिल्ली. रेलवे से जुड़ी जानकारी की अपेक्षा रखने वालों के लिए अपने बलबूते प्रत्येक साल ‘ईयरबुक' उपलब्ध कराने वाली सुमन चोपड़ा इस काम में 39 वर्षों से जुटी हैं, जो किसी व्यक्ति या निजी संस्था द्वारा तैयार सबसे व्यापक वार्षिक संग्रह है। हर साल चोपड़ा (73) ‘ईयरबुक' की लगभग 4,000 से 4,500 प्रतियां प्रकाशित करती हैं। इसके चमकदार पन्नों में विशेष विश्लेषण के साथ-साथ रेलवे से संबंधित हर चीज का सारांश होता है जो पिछले वर्ष हुआ था। किताब के अब तक के 39 संस्करणों के जरिए पाठक रेलवे के इतिहास को जान सकते हैं। किताब के संस्करणों में 1855 में निर्मित ‘फेयरी क्वीन' से लेकर वंदे भारत एक्सप्रेस तक के चित्रों का समृद्ध संग्रह है। चोपड़ा ने कहा, ‘‘रेलवे के बारे में जानकारी को लेकर कुछ अंतराल है जिसे मैं अपने प्रकाशन के माध्यम से भरने की कोशिश करती हूं।'' उन्होंने कहा, ‘‘मेरे जीवन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर रेलवे अधिकारी की मेज पर मेरी वार्षिक किताब हो और मैं पिछले चार दशकों से इस दिशा में काम कर रही हूं।'' हालांकि, वह मानती हैं कि बिना किसी सहयोग के परंपरा को जारी रखना कठिन होता जा रहा है। चोपड़ा ने कहा, ‘‘मुझे नहीं पता कि ताकत कहां से आती है। आगे इस सिलसिले को कायम रखना कठिन है।'' चोपड़ा ने कहा, ‘‘मुझे रेलवे से सहयोग नहीं मिल रहा है। लोग इसे (ईयरबुक) रेलवे का इनसाइक्लोपीडिया कहते हैं, लेकिन मैं अपने प्रयासों के लिए रेलवे से कुछ मान्यता चाहती हूं।'' हालांकि कोई भी चीज चोपड़ा को अपने सपने को पूरा करने से नहीं रोक पाई, यहां तक कि व्यक्तिगत परेशानियां भी नहीं। चोपड़ा ने 2021 में जब अपने बेटे को कोविड-19 महामारी में खो दिया, तब भी वह 300 पृष्ठों की ‘ईयरबुक' प्रकाशित करने में सफल रहीं। चोपड़ा ने कहा, ‘‘कोविड-19 में मैंने अपने बेटे को खो दिया। वह मेरा बच्चा था और यह (ईयरबुक) भी मेरा बच्चा है। अपने बेटे की याद में, मैं काम करती रहती हूं और मुझे पता है कि उसे खुशी होगी कि उसकी मां समाज के लिए कुछ सकारात्मक कर रही है।'' चोपड़ा को उम्मीद है कि उनकी वार्षिक किताब के 40वें संस्करण को आखिरकार वह पहचान मिलेगी जिसकी वह हकदार है। चोपड़ा के पति विनोद ने कहा कि उनकी पत्नी अपने परिवार और बच्चों की पढ़ाई का ख्याल रखते हुए वार्षिकी पर काम करने के लिए समय निकालने में कामयाब रहीं। विनोद ने कहा, ‘‘हमारी शादी के दस साल बाद सुमन ने अपना प्रकाशन व्यवसाय शुरू किया और रेलवे पत्रिका निकाली। वह पिछले 39 वर्षों से लगातार इसे प्रकाशित कर रही हैं। उन्हें इस काम का जुनून है, भले ही इससे कोई लाभ न हो।'' चोपड़ा रेलवे बोर्ड के शीर्ष अधिकारियों, विभिन्न जोन और रेल कारखानों के महाप्रबंधकों और मंडल रेल प्रबंधकों को अपनी वार्षिक किताब की प्रतियां भेजती हैं। चोपड़ा के काम ने उनके 12 वर्षीय पोते विवान को भी प्रेरित किया है, जो जूता रीसाइक्लिंग का छोटा व्यवसाय चलाता है। विवान ने कहा, ‘‘मेरी दादी मुझे अपना व्यवसाय चलाने की सलाह देती हैं। मैंने उनसे सीखा है कि जब कोई चीज आपको प्रेरित करती है, तो आपको उसका पीछा करना चाहिए और कभी हार नहीं माननी चाहिए।'
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चेन्नई. भारतीय तैराकी महासंघ (एसएफआई) ने रविवार को यहां आम सभा की बैठक के दौरान आरएन जयप्रकाश के दोबारा सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुने जाने की घोषणा की। जयप्रकाश ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा, ‘‘लगातार दूसरे कार्यकाल के लिए भारतीय तैराकी महासंघ का अध्यक्ष चुना जाना सम्मान की बात है। मैं गर्व के साथ कह सकता हूं कि मेरे पहले कार्यकाल के दौरान भारतीय तैराकी ने शानदार प्रगति की।'' उन्होंने अपने पहले कार्यकाल के दौरान एसएफआई की उपलब्धियों का भी जिक्र किया। जयप्रकाश ने कहा, हमने इतिहास बनते हुए देखा जब हमारे दो तैराकों (साजन प्रकाश और श्रीहरि नटराज) ने 2021 में ओलंपिक खेलों का ए क्वालीफाइंग स्तर हासिल किया।'' उन्होंने कहा, ‘‘कोविड महामारी के बावजूद एसएफआई ने सुनिश्चित किया कि भारत में पूरे तैराकी जगत को शीर्ष बुनियादी ढांचा, सर्वश्रेष्ठ ट्रेनिंग सुविधा, विश्व स्तरीय कोचिंग, उभरते हुए जूनियर स्तर के युवा तैराकों को वैश्विक अनुभव मिले और जमीनी स्तर पर खेल का ढांचा मजबूत हो।'' एसएफआई ने अपने मिशन 2028 (लॉस एंजिलिस ओलंपिक) के तहत देश में तैराकी के विकास को लक्ष्य बनाया है।
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जम्मू. जम्मू-कश्मीर में माजीन के शिवालिक वनों में तिरुपति बालाजी मंदिर का निर्माण कार्य अपने अंतिम चरण में है और मंदिर के कपाट आठ जून को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। यह मंदिर 62-एकड़ भूमि पर बनाया जा रहा है और इस पर 30 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आएगी। यह जम्मू क्षेत्र के सबसे बड़े मंदिरों में से एक होगा और इससे केंद्र शासित प्रदेश में धार्मिक और तीर्थ पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। जम्मू का यह मंदिर आंध्र प्रदेश से बाहर बनाया जा रहा छठा बालाजी मंदिर होगा। तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) ने पहले हैदराबाद, चेन्नई, कन्याकुमारी, दिल्ली और भुवनेश्वर में मंदिरों का निर्माण कराया था। टीटीडी के प्रमुख वाई. वी. सुब्बा रेड्डी ने कहा, “हमने मंदिर का निर्माण लगभग पूरा कर लिया है और आठ जून को इसका उद्घाटन किया जाएगा। तीन जून से अनुष्ठान शुरू होंगे।” जम्मू में मंदिर का निरीक्षण करने वाले रेड्डी ने कहा, “तिरुमाला में जो भी व्यवस्था और प्रथा अपनाई जा रही है, वह यहां भी अपनाई जाएगी।” उन्होंने कहा कि टीटीडी ने पवित्र स्थान पर तिरुपति बालाजी मंदिर का निर्माण किया है और यह जम्मू और कटरा के बीच के मार्ग पर पड़ता है। कटरा में ही माता वैष्णो देवी मंदिर स्थित है। टीटीडी की पहल है कि देशभर में कई बालाजी मंदिरों का निर्माण किया जाए और इसी पहल का हिस्सा जम्मू में बन रहा मंदिर है। यह माजीन में शिवालिक के जंगलों के बीच स्थित है। इसका निर्माण दो साल से भी कम वक्त में पूरा हो रहा है, जो एक उपलब्धि है। उन्होंने कहा, “टीटीडी पूरे देश में बालाजी मंदिर बना रहा है। इसलिए, जो लोग आंध्र प्रदेश में तिरुपति बालाजी मंदिर के दर्शन करने नहीं जा सकते हैं, वे अपने शहरों में इन मंदिरों में दर्शन कर लें।” रेड्डी ने कहा, “जम्मू-कश्मीर सरकार ने 2021 में 62 एकड़ जमीन आवंटित की थी और हमने उसी साल निर्माण कार्य शुरू कर दिया था। हम इसे पूरा करने के करीब हैं।” आंध्र प्रदेश से आए मंदिर निर्माण कार्य के प्रभारी रब्बानी ने कहा, “हम पिछले दो वर्षों से तिरुपति बालाजी मंदिर के निर्माण पर समर्पित रूप से काम कर रहे हैं। मंदिर का निर्माण पूरी तरह से पत्थरों से किया गया है, जबकि मूर्तियां सीमेंट से बनी हैं।
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उत्तरकाशी (उत्तराखंड). उत्तरकाशी जिले में स्थित प्रसिद्ध यमुनोत्री धाम के दर्शन के लिए आये दो श्रद्धालुओं की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गयी। पिछले महीने धाम की यात्रा शुरू होने से लेकर अब तक 18 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। बड़कोट के थाना प्रभारी गजेंद्र बहुगुणा ने बताया कि राजस्थान के चुरू जिले के बंथानाउ गांव निवासी सत्यनारायण (55) को जानकीचट्टी में सांस लेने में तकलीफ होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी मौत हो गयी। उन्होंने बताया कि इसके अलावा, उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के हिनौत गांव के रहने वाले 77 वर्षीय शेषनाथ को अचानक तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी भी उपचार के दौरान मौत हो गयी। बाइस अप्रैल को यमुनोत्री धाम की यात्रा शुरू होने के बाद से अब तक धाम की यात्रा पर आने वाले 18 श्रद्धालुओं की मौत हो गयी है।
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नयी दिल्ली. अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के चिकित्सकों ने तीन महीने के बच्चे के दोनों गुर्दों में रुकावट को दूर करने के लिए लेप्रोस्कोपिक सर्जरी की है। अग्रणी अस्पताल ने दावा किया है कि बच्चा इस सर्जरी से गुजरने वाला दुनिया का सबसे कम उम्र का मरीज बन गया है। बाल चिकित्सा विभाग के डॉक्टरों ने बायलेटरल लेप्रोस्कोपिक पाइलोप्लास्टी प्रक्रिया से सर्जरी की, जो यूरेटेरोपेल्विक जोड़ संबंधी बाधा का इलाज करने के लिए न्यूनतम चीरफाड़ वाली सर्जिकल तकनीक है। इस तरह की समस्या में गुर्दे से मूत्राशय तक मूत्र-प्रवाह बाधित होता है। इस स्थिति से जन्म के समय से ही बच्चे को पेशाब दिक्कतें हो रही थी। बाल रोग विभाग में अतिरिक्त प्रोफेसर डॉ. विशेष जैन ने कहा कि यह ऑपरेशन दिसंबर में किया गया था और सर्जरी के तीन दिन बाद मरीज को छुट्टी दे दी गई थी। उन्होंने कहा कि सर्जरी के तीन महीने बाद चिकित्सकों ने सर्जरी की सफलता का पता लगाने के लिए रेनोग्राम नामक जांच की। इस जांच से यह भी पता लगाया गया कि क्या गुर्दे से प्रवाह में कोई बाधा तो नहीं है। एम्स ने एक बयान में कहा, ‘‘सफल सर्जरी न केवल अत्याधुनिक बाल शल्य चिकित्सा देखभाल के लिए एम्स की प्रतिबद्धता को, बल्कि एनेस्थीसिया संबंधी मामलों में संस्थान की विशेषज्ञता को भी प्रदर्शित करती है, जिसके परिणामस्वरूप बच्चे को केवल तीन दिनों के भीतर छुट्टी मिल जाती है।'' तीन महीने के बच्चे के इलाज के बारे में अस्पताल ने कहा कि लेप्रोस्कोपी विधि का इस्तेमाल करके दोनों गुर्दे संचालित करने का निर्णय कम से कम चीरफाड़ और अधिकतम लाभ के लिए लिया गया था। सर्जरी से पहले, उपयुक्त परिणाम सुनिश्चित करने के लिए व्यापक योजनाएं बनाई गई थी। बयान में कहा गया कि दो घंटे के ऑपरेशन के दौरान, सर्जिकल टीम ने सूक्ष्म टांके और सूक्ष्म उपकरणों का इस्तेमाल करके अवरुद्ध यूरेट्रोपेल्विक जोड़ का सावधानी से पुनर्निर्माण किया। डॉ. जैन ने कहा कि बच्चे के लिए सकारात्मक परिणाम के अलावा, लेप्रोस्कोपिक विधि ने भविष्य की सर्जरी की आवश्यकता को समाप्त कर दिया। बयान में कहा गया है, ‘‘बाल चिकित्सा सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ एम बाजपेई के नेतृत्व और मार्गदर्शन में विभाग ने ऐसी दिक्कतों के इलाज के लिए लेप्रोस्कोपिक तकनीकों को तेजी से अपनाया है। परंपरागत रूप से इस तरह की सर्जरी को क्रमिक रूप से किया जाता था, जहां प्रत्येक प्रभावित गुर्दे के लिए अलग-अलग सर्जरी की आवश्यकता होती थी।
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संगारेड्डी . तेलंगाना के मेदक जिले में रविवार को एक कार और ऑटोरिक्शा की टक्कर में एक बच्चे समेत चार लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी देते हुए बताया कि हादसे में जान गंवाने वाले सभी लोग ऑटोरिक्शा पर सवार थे। पुलिस ने बताया कि घटना मेदक जिले के नरसिंगी के वल्लूर गांव के पास हुई। मृतकों (एक बच्चा, एक बुजुर्ग दंपति और एक पुरुष) की उम्र 11 से 65 वर्ष के बीच थी और क्रमशः निजामाबाद और सिद्दीपेट जिले के रहने वाले थे। उन्होंने बताया कि शवों को सरकारी अस्पताल में भेजा गया है।
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नयी दिल्ली. भारत के घरेलू पर्यटन की वृद्धि मजबूत बनी रहेगी और जी-20 की अध्यक्षता से देश में आने वाले पर्यटकों की संख्या में और बढ़ोतरी होगी। थॉमस कुक (इंडिया) के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक माधवन मेनन ने यह राय जताई है। मेनन ने कहा कि भारत की जी-20 की अध्यक्षता की वजह से सम्मेलनों, प्रदर्शनियों का आयोजन भी विदेशी पयर्टकों को आकर्षित करेगा। मेनन ने कहा कि इसके अलावा यूरोप और अमेरिका में गर्मियों की शुरुआत के साथ भारत से वहां जाने वाले लोगों की संख्या में भी तेजी आएगी। यह पूछे जाने पर कि कोविड महामारी के बाद घरेलू पर्यटक क्षेत्र में जो वृद्धि देखने को मिली है वह कितनी टिकाऊ है, उन्होंने कहा कि घरेलू पर्यटन क्षेत्र मजबूत बना रहेगा। वास्तव में हमें घरेलू पर्यटन क्षेत्र में अधिक गतिविधियां देखने को मिलेंगी। उन्होंने कहा कि घरेलू पर्यटन में उछाल का एक मुख्य कारण महामारी के बाद उपभोक्ता के व्यवहार में बदलाव है। ‘‘अर्थव्यवस्था में भरोसा करने के अलावा उपभोक्ता आज में जीना चाहता है, कल की चिंता नहीं करता।'' मेनन ने कहा, ‘‘महामारी ने लोगों के व्यवहार में बदलाव किया है। आज अधिक लोग घर से काम कर रहे हैं। परिवार के साथ अधिक समय बिताने की प्रवृत्ति बढ़ी है, जिसके चलते वे बार-बार ‘ब्रेक' लेना चाहते हैं। इससे घरेलू बाजार बढ़ रहा है।'' उन्होंने कहा, ‘‘लोग पहले एक अंतरराष्ट्रीय यात्रा और शायद एक घरेलू यात्रा करते थे। आज, यह पूरी तरह से बदल गया है। अब हम कई घरेलू यात्राओं की बात कर रहे हैं, यहां तक कि सप्ताहांत में भी लोग घूमने जाते हैं।'' उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे के विकास, अधिक हवाई अड्डों और होटलों के निर्माण की वजह से भी घरेलू पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है। मेनन का मानना है कि भारत के एक आर्थिक ताकत के रूप में उभरने और महत्वपूर्ण वैश्विक कार्यक्रमों को आयोजित करने की वजह से भी यहां का पर्यटन क्षेत्र आगे बढ़ रहा है।
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नयी दिल्ली. देश में विश्वविद्यालय साझा प्रवेश परीक्षा (सीयूईटी) की पहली पाली बिना किसी बड़ी गड़बड़ी के सुचारू रूप से संपन्न हुई। परीक्षा के बाद बाहर निकले छात्रों ने प्रश्नपत्र को ‘मध्यम' स्तर का और प्रक्रिया को गड़बड़ी मुक्त बताया। छात्र तीन घंटे तक परीक्षा केंद्र में थे, इस दौरान उनके चिंतित अभिभावक परीक्षा हॉल के बाहर इंतजार कर रहे थे। परीक्षा के दिन शहर और आस-पास के इलाकों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के ऊपर रहा। सीयूईटी-स्नातक की पहली पाली 271 शहरों के 447 केंद्रों पर आयोजित की गई जिसके लिए 87,879 उम्मीदवार थे। नोएडा सेक्टर 62 स्थित एक सेंटर पर कई छात्र-छात्राओं के चेहरे खिले हुए थे। नोएडा की ज्योति शर्मा ने कहा, ‘‘ प्रश्नपत्र मुश्किल नहीं था। सभी व्यवस्थाएं ठीक थीं। मैंने सुना है कि छात्रों को पिछली बार कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा था, इसलिए स्वाभाविक रूप से मैं घबराई हुई थी। लेकिन आज इस केंद्र पर परीक्षा सुचारू रूप से आयोजित की गई।'' दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में दाखिले की इच्छुक आकांक्षी शर्मा ने कहा, ‘‘अंग्रेजी आसान थी और जनरल टेस्ट का प्रश्नपत्र मध्यम स्तर का था। कुल मिलाकर परीक्षा ठीक रही।'' बेटी को सेंटर से बाहर आते देख ज्योति की मां सुष्मिता मुस्कुरा रही थीं। उन्होंने कहा, ‘‘पिछली बार हम सभी ने देखा कि बहुत सारे मुद्दे थे। हम नहीं चाहते थे कि हमारी बेटी को इस तरह की परेशानी का सामना करना पड़े। मैं घबराई हुई थी कि परीक्षा कैसे देगी और गर्मी भी है। मैं तकनीकी दिक्कतों के बारे में भी चिंतित थी।'' पिछले साल, सीयूईटी का पहला सत्र गड़बड़ियों और कई तकनीकी समस्याओं से प्रभावित हुआ था।
एक अन्य परीक्षार्थी दिव्यांशी आत्मविश्वास से भरी दिखाई दीं और कहा कि परीक्षा ठीक गई। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने सभी प्रश्नों का जवाब देने का प्रयास किया। मेरी परीक्षा जनरल टेस्ट और अंग्रेजी की थी। इस परीक्षा में सबको समान मौका मिलता है। मैं खुश हूं।'' वहीं, छात्रों के एक वर्ग ने पैन कार्ड को वैध पहचान पत्र के रूप में स्वीकार नहीं करने और केवल आधार पर जोर देने के लिए अधिकारियों के रवैये की आलोचना की। नीतीश कुमार नामक छात्र ने ट्वीट किया, ‘‘सीयूईटी परीक्षा के लिए प्रमाण के तौर पर क्या मेरा पैन कार्ड वैध नहीं है? फिर वे मुझे परीक्षा हॉल में क्यों नहीं जाने देते।'' सीयूईटी का दूसरा संस्करण रविवार को शुरू हुआ, जिसमें 14 लाख से अधिक उम्मीदवार देश भर के विश्वविद्यालयों में स्नातक में प्रवेश के लिए बैठे । पिछले साल के विपरीत इस बार तीन पालियों में परीक्षा कराई गई है। इससे पहले, परीक्षा 21 मई से 31 मई तक आयोजित होने वाली थी, लेकिन राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने उम्मीदवारों की अधिक संख्या को समायोजित करने के लिए कार्यक्रम को कम से कम चार दिनों तक बढ़ाने का फैसला किया। -
जयपुर. राजस्थान के चित्तौड़गढ़ और भीलवाड़ा जिले में शनिवार रात को दो अलग-अलग सड़क हादसों में दो महिलाओं समेत पांच लोगों की मौत हो गई और कई अन्य लोग घायल हो गये। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया चित्तौड़गढ़ जिले के भादसोडा थाना क्षेत्र में एक ट्रैक्टर ट्रॉली के पलटने से दो महिलाओं समेत तीन लोगों की मौत हो गई जबकि कई अन्य लोग घायल हो गये। पुलिस ने बताया कि हादसा शनिवार रात को उस समय हुआ जब ट्रैक्टर ट्रॉली में सवार लोग एक कार्यक्रम में भाग लेने के बाद बांसी बोहेड़ा गांव से अपने गांव घोडाखेडा लौट रहे थे। थाना प्रभारी रविन्द्र सेन ने बताया कि हादसे में दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई जबकि दो दर्जन लोग घायल हो गये। उन्होंने बताया कि घायलों को उपचार के लिए नजदीक के अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान गंगा गाडरी (50), हमेरा गाडरी (45) और कालू लाल (50) के रूप में की गई है। भीलवाड़ा जिले में एक अन्य सड़क हादसे में एक कार के दीवार तोड़कर दुकान में घुस जाने से उसमें सवार दो लोगों की मौत हो गई जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गये। पुलिस ने बताया कि शाहपुरा थाना क्षेत्र में हुए हादसे में राजवीर (30) की मौके पर ही मौत हो गई जबकि उनके साले धनराज (24) की उपचार के लिये ले जाते वक्त रास्ते में मौत हो गई। वहीं, हादसे में घायल बबलू, विनोद और अभिषेक को उपचार के लिये भीलवाड़ा के अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। उन्होंने कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। - नयी दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को कहा कि राष्ट्रपति को संसद की नवनिर्मित इमारत का उद्घाटन करना चाहिए, न कि प्रधानमंत्री को। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 28 मई को संसद के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन करने वाले हैं। लोकसभा सचिवालय ने बताया था कि नवनिर्मित भवन का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रधानमंत्री मोदी से भेंट कर उनसे इसका उद्घाटन करने का आग्रह किया था। राहुल ने ट्वीट किया, ‘‘नए संसद भवन का उद्घाटन राष्ट्रपति जी को करना चाहिए, प्रधानमंत्री को नहीं।’’ संसद के नए भवन के उद्घाटन के लिए 28 मई की तारीख तय की गई है। उसी दिन हिंदुत्व विचारक वी डी सावरकर की जयंती है और कई विपक्षी दलों ने इसे लेकर सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने इसे राष्ट्र निर्माताओं का ‘अपमान’ करार दिया है।लोकसभा सचिवालय द्वारा संसद भवन पर तैयार की गई पुस्तिका के अनुसार, नये संसद भवन के लोकसभा कक्ष में 888 सदस्यों के बैठने की व्यवस्था होगी और राज्यसभा में 384 सदस्य बैठ सकेंगे। संयुक्त सत्र के दौरान सदन में 1,272 सदस्यों के बैठने की व्यवस्था होगी। प्रधानमंत्री ने 10 दिसंबर 2020 को संसद के नए भवन की आधारशिला रखी थी।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन देशों की अपनी यात्रा के दूसरे चरण में आज पापुआ न्यू गिनी पहुंचे। पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री जेम्स मारापे ने उनका स्वागत किया। श्री मोदी कल पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री के साथ भारत-प्रशांत द्वीप समूह सहयोग फोरम के तीसरे शिखर सम्मेलन की संयुक्त रूप से मेजबानी करेंगे। इस फोरम को नवंबर 2014 में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की फिजी यात्रा के दौरान शुरू किया गया था। इस फोरम में भारत और चौदह भारत-प्रशांत द्वीप देश शामिल हैं।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पापुआ न्यू गिनी के गर्वनर जनरल बॉब डोडाय और प्रधानमंत्री जेम्स मरापे के साथ चर्चा करेंगे। भारत के किसी भी प्रधानमंत्री की यह पहली पापुआ न्यू गिनी यात्रा है। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक के साथ हिरोशिमा में द्विपक्षीय मुद्दों पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने भारत और ब्रिटेन के बीच सामरिक साझेदारी की समीक्षा की और दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौता वार्ता में हुई प्रगति का जायजा लिया।प्रधानमंत्री मोदी ने ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डि सिल्वा के साथ भी चर्चा की। एक ट्वीट में श्री मोदी ने कहा कि व्यापारिक संबंधों को और अधिक बेहतर बनाने के लिए भारत और ब्राजील परस्पर मिलकर काम करते रहेंगे। उन्होंने कृषि और रक्षा क्षेत्र के अलावा विविध क्षेत्रों में आपसी सहयोग पर भी चर्चा की। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय विकास के मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। यह दोनों नेताओं के बीच पहली बैठक थी।जापान के हिरोशिमा में जी-7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शांतिपूर्ण, स्थायी और समृद्धशाली विश्व विषय पर आयोजित कार्यकारी सत्र में भी हिस्सा लिया। सत्र के संबोधन में श्री मोदी ने कहा कि यूक्रेन मानवता और मानवीय मूल्यों से जुडा हुआ विषय है। उन्होंने कहा कि भारत का हमेशा से मानना है कि किसी भी तनाव या विवाद का हल समाधान बातचीत के जरिए शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थिति में खाद्य, ईंधन और उर्वरक संकट के गंभीर असर का सामना विकासशील देशों को करना पडा है। उन्होंने कहा कि सभी देशों के लिए यह जरूरी है कि वे संयुक्त राष्ट्र के चार्टर, अंतर्राष्ट्रीय कानून एवं संप्रभुता और सभी राष्ट्रों की क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करें।इससे पहले आज प्रधानमंत्री हिरोशिमा में शांति स्मारक संग्रहालय गए। वहां उन्होंने प्रदर्शित दस्तावेज देखे और आगन्तुक पुस्तिका में संदेश भी लिखा।
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नयी दिल्ली. केंद्रीय सरकार स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस) के सभी लाभार्थियों के लिए भोपाल, भुवनेश्वर, पटना, जोधपुर, रायपुर और ऋषिकेश स्थित सभी अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में नकदीरहित (कैसलेस) इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने सीजीएचएस के तहत कैसलेस इलाज प्रदान करने के लिए इन छह एम्स के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘भोपाल, भुवनेश्वर, पटना, जोधपुर, रायपुर और ऋषिकेश में छह पूरी तरह कार्यात्मक एम्स में उपलब्ध रोगी देखभाल सुविधाओं को नकदीरहित आधार पर सीजीएचएस लाभार्थियों तक बढ़ाया जाएगा। यह विशेष रूप से सीजीएचएस के सेवानिवृत्त पेंशनभोगियों के लिए फायदेमंद होगा, जिन्हें व्यक्तिगत प्रतिपूर्ति दावों को पेश करने और अनुमोदनों का पालन करने में मुश्किल होती है।'' सीजीएचएस लाभार्थियों को पहले भुगतान करने और फिर सीजीएचएस से प्रतिपूर्ति मांगने की परेशानी के बिना इन एम्स में उपलब्ध अत्याधुनिक उपचार सुविधाओं का लाभ मिलेगा। इस पहल से समय की बचत होगी, कागजी कार्रवाई कम होगी और व्यक्तिगत दावे भी कम होंगे। अभी तक एम्स में उपचार करा रहे सीजीएचएस पेंशनभोगी लाभार्थियों को पहले भुगतान करना होता है और बाद में सीजीएचएस से प्रतिपूर्ति का दावा करना होता है। सीजीएचएस लाभार्थियों को अस्पताल में भर्ती होकर इलाज करवाने के लिए सीजीएचएस के तहत सूचीबद्ध सरकारी अस्पतालों और निजी अस्पतालों में भेजा जाता है। सीजीएचएस पेंशनभोगी और सीजीएचएस लाभार्थियों की अन्य हकदार श्रेणियां सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस सुविधाओं के लिए पात्र हैं। सीजीएचएस केंद्र सरकार के कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों, माननीय संसद सदस्यों, पूर्व सांसदों और लाभार्थियों की अन्य श्रेणियों को व्यापक स्वास्थ्य सेवा (ओपीडी और आईपीडी दोनों) प्रदान करता है। वर्तमान में सीजीएचएस देश के 79 शहरों में कार्य कर रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने इस कदम की सराहना करते हुए कहा, ‘‘सीजीएचएस स्वास्थ्य मंत्रालय की एक महत्वपूर्ण सेवा-उन्मुख शाखा है जिसके माध्यम से मौजूदा और सेवानिवृत्त कर्मचारी चिकित्सा सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।'' उन्होंने आगे कहा, "सरकार सीजीएचएस के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों की संख्या बढ़ाने का प्रयास कर रही है, जो रोगियों की बढ़ती आवश्यकताओं के अनुरूप उत्कृष्ट तृतीयक देखभाल सुविधाएं प्रदान करते हैं।'' उन्होंने यह भी कहा कि निकट भविष्य में नयी दिल्ली में स्थापित एम्स संस्थान, चंडीगढ़ का स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान और पुडुचेरी के जवाहरलाल स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान को इस समझौते में शामिल किया जाएगा। राजेश भूषण ने बताया कि इस समझौते से एक बड़ा वर्ग लाभान्वित होगा, क्योंकि यह लंबी औपचारिकताओं को आसान बनाने और चिकित्सा सुविधाओं तक पहुंच में तेजी लाने का प्रयास करता है। उन्होंने कहा कि इससे देश भर में सीजीएचएस सेवाओं की पहुंच भी बढ़ेगी, क्योंकि यह समझौता सीजीएचएस लाभार्थियों को उनके संबंधित राज्यों के एम्स संस्थानों से उपचार का लाभ उठाने की अनुमति देता है। उन्होंने आगे कहा कि सीजीएचएस ने उपचार और चिकित्सा देखभाल की कुछ दरों को संशोधित किया है, जिससे रोगियों को उपचार सुविधाओं तक पहुंचने में सहायता मिली है। प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (पीएमएसएसवाई) के तहत देश भर में 22 नए एम्स स्थापित किए गए हैं और वे परिचालन के विभिन्न चरणों में हैं। चिकित्सा की उत्कृष्ठ शिक्षा और अनुसंधान के लिए सुविधाएं प्रदान करने के अलावा ये प्रमुख संस्थान कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, न्यूरो सर्जरी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, यूरोलॉजी, कार्डियो वैस्कुलर थोरैसिक सर्जरी, ऑन्कोलॉजी आदि सहित विभिन्न विशिष्टताओं और सुपर स्पेशियलिटी में विशेष रोगी देखभाल स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करते हैं।
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पटना. राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद शनिवार देर शाम दिल्ली से पटना लौट आए हैं। वह इस सप्ताह की शुरुआत में दिल्ली गए थे। लालू के पटना लौटने पर उनकी पत्नी व बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी भी साथ थीं। राबड़ी देवी से हाल ही में नौकरियों के बदले जमीन घोटाले के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पूछताछ की थी। किडनी प्रतिरापेण के बाद कुछ कमजोर हो गए राजद अध्यक्ष हवाई अड्डे से व्हीलचेयर पर बाहर निकले। उन्होंने मास्क लगाया हुआ था। हालांकि वहां मौजूद पत्रकारों ने उनसे बात करनी चाही लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक दिया और बुजुर्ग दंपति अपनी कार से सीधे 10 सर्कुलर रोड स्थित राबड़ी देवी के सरकारी आवास पहुंचे। अविभाजित बिहार के मुख्यमंत्री रहने के दौरान चारा घोटाले के कई मामलों में सजायाफ्ता लालू वर्तमान में जमानत पर बाहर हैं। रेल मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल से संबंधित नौकरी के बदले भूमि घोटाले में उलझे राजद सुप्रीमो का पिछले साल सिंगापुर में किडनी प्रतिरोपण हुआ था। लालू के करीबी सहयोगियों का कहना है कि वह स्वास्थ्य जांच के लिए फिर से सिंगापुर जा सकते हैं।
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जम्मू. डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी (डीपीएपी) के अध्यक्ष गुलाम नबी आजाद ने डोडा जिले के तीन दिवसीय दौरे की शुरुआत करते हुए शनिवार को कहा कि शांति, एकता और विकास ही उनकी पार्टी का एकमात्र एजेंडा है। आजाद ने पार्टी कार्यकर्ताओं और विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों के सदस्यों के साथ बातचीत में कहा, ‘‘चिनाब घाटी (डोडा, रामबन और किश्तवाड़ जिलों) पर मेरा मुख्य रूप से ध्यान है और हम यह सुनिश्चित करेंगे कि यह विकसित हो तथा देश के बाकी हिस्सों से उपयुक्त रूप से जुड़ जाए।'' आजाद ने दावा किया कि कांग्रेस का पतन तब शुरू हुआ, जब इसके नेताओं का जनता से संपर्क टूट गया।
आजाद ने कहा, ‘‘मैंने अपनी पार्टी के नेताओं को निर्देश दिया है कि वे केंद्र शासित प्रदेश के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचें और उन्हें धैर्यपूर्वक सुनें।'' कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद पिछले साल डीपीएपी गठित करने वाले आजाद ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को किसी भी मुद्दे के समाधान के लिए अपने नेताओं से मिलने का समय लेने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। विधानसभा चुनाव जल्द कराने और जम्मू कश्मीर के राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग दोहराते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में निर्वाचित सरकार होने पर लोगों के समक्ष पेश आने वाले सभी मुद्दों का समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘लोग इतने सालों से एक लोकप्रिय सरकार का इंतजार कर रहे हैं।'' उन्होंने ध्रुवीकरण की राजनीति के प्रति लोगों को आगाह भी किया। आजाद ने कहा, ‘‘हम ऐसे समय में रह रहे हैं जहां क्षेत्रीय और धार्मिक मुद्दों को भड़का के और चुनावी लाभ के लिए लोगों को विभाजित करके राजनीति की जा रही है। हम ध्रुवीकरण और घृणा की राजनीति में विश्वास नहीं करते हैं। हम सब एकजुट हैं और हम शांति भाईचारे को मजबूत करने के लिए काम करेंगे। -
नयी दिल्ली .भारतीय नौसेना का नौकायन जहाज ‘तारिणी' सात महीने के अंतरमहाद्वीपीय अभियान के बाद अब भारत लौट रहा है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि इस जहाज ने अपने इस अभियान के तहत 17,000 समुद्री मील की दूरी तय की है और नौसेना 23 मई को गोवा में इसका स्वागत करने के लिए पूरी तरह तैयार है। अधिकारियों ने कहा कि भारतीय नौसेना आईएनएसवी तारिणी के छह सदस्यीय चालक दल की 23 मई को इंडियन नेवल वाटरमैनशिप ट्रेनिंग सेंटर (आईएनडब्ल्यूटीसी), आईएनएस मंडोवी, गोवा में अगवानी करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि इसके चालक दल में महिला अधिकारियों लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना के. और लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा ए़ सहित छह सदस्य शामिल हैं। अभियान के दौरान, जहाज दक्षिण अफ्रीका में केप टाउन से होते हुए ब्राजील में रियो डी जेनेरियो के लिए रवाना हुआ। भारतीय तट पर पहुंचने पर जहाज 17,000 समुद्री मील का एक सफर पूरा कर लेगा। अधिकारियों ने कहा कि जहाज की अगवानी कार्यक्रम चालक दल के अनुकरणीय साहस, साहस और दृढ़ता का प्रदर्शन करेगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘यह नारी शक्ति का सच्चा प्रदर्शन है। जहाज और चालक दल के दृढ़ संकल्प और साहस की सराहना करने के लिए, इस विशेष अवसर पर सम्मानित अतिथि केंद्रीय मंत्री महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी होंगी।'' अधिकारियों ने कहा कि गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे। अधिकारियों ने कहा कि इस मौके पर नौसेना प्रमुख एडमिरल आर. हरि कुमार और भारतीय महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान रानी रामपाल भी मौजूद रहेंगी।
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भिंड . मध्य प्रदेश के भिंड जिले में शनिवार को एक मोटरसाइकिल और तेल टैंकर के बीच टक्कर होने से मोटरसाइकिल सवार तीन लोगों की मौत हो गयी। पुलिस ने घटना की जानकारी दी। मेहगांव थाने के निरीक्षक रविंदर शर्मा ने बताया कि घटना भिंड-ग्वालियर राजमार्ग पर बहुआ गांव के पास हुई। उन्होंने कहा कि तीन लोगों अजय जाटव (19), श्रीचंद जाटव (55) और ममता जाटव (28) की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत निवासी तेल टैंकर चालक महिपाल लोधी को गिरफ्तार कर लिया गया है तथा ट्रक को जब्त कर लिया गया है।
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नयी दिल्ली. अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए नियुक्ति और वेतन भुगतान प्रक्रियाओं में सुधार लाने के उद्देश्य से एक समर्पित ‘आउटसोर्सिंग सेल' गठित करने का फैसला किया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। इन सेवाओं को प्रदान करने वाली विभिन्न एजेंसी द्वारा समय पर भुगतान और पारदर्शिता की कमी सहित आउटसोर्स कर्मचारियों द्वारा सामना की जाने वाली अन्य चुनौतियों से निपटने के लिए यह पहल की गई है। एम्स के निदेशक डॉ एम. श्रीनिवास द्वारा 19 मई को जारी एक कार्यालय ज्ञापन के अनुसार, हड्डी रोग विभाग के प्रोफेसर डॉ शाह आलम ‘आउटसोर्सिंग सेल' की अगुवाई करेंगे। इस सेल का संचालन भर्ती प्रकोष्ठ से इतर होगा।
कार्यालय ज्ञापन के मुताबिक, ‘आउटसोर्सिंग सेल' एम्स में आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए निविदाओं में शामिल किए जाने वाले मानक नियमों और शर्तों को अंतिम रूप देने के लिए भी जिम्मेदार होगा। -
भोपाल. श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क (केएनपी) में तीन और चीतों को छोड़ा गया है। इसके साथ ही यहां के जंगलों में अब तक कुल छह चीते छोड़े जा चुके हैं। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) जे एस चौहान ने बताया कि तीन चीतों (अग्नि, वायु नाम के दो नर चीते और गामिनी नाम की एक मादा चीता) को शुक्रवार को केएनपी के जंगलों में छोड़ा गया। इन तीनों को दक्षिण अफ्रीका से भारत लाया गया था। चौहान ने कहा कि इसी के साथ केएनपी के जंगलों में अब तक छोड़े गए चीतों की संख्या बढ़कर छह हो गई है। उन्होंने बताया कि अब बाड़ों में 11 चीते और चार शावक हैं। अधिकारी ने बताया कि पिछले साल सितंबर में केएनपी लाए गए आठ चीतों में से अब तीन मादा चीता और एक नर चीता बाड़े में हैं। उन्होंने कहा, “नामीबिया की एक मादा चीता को अगले कुछ दिनों में जंगल में छोड़ा जाना है। एक अन्य मादा चीता को जंगल में नहीं छोड़ा जा सका था, क्योंकि उसने शावकों को जन्म दिया था। तीसरी मादा चीता जंगल में छोड़े जाने के लिए अभी तैयार नहीं है।” अधिकारी के मुताबिक, नामीबिया का नर चीता ओबान, जो बार-बार क्षेत्र से भटककर बाहर चला जाता है, उसे भी एक बाड़े में रखा गया है। पांच मादा और तीन नर चीतों सहित आठ चीतों को नामीबिया से पिछले साल 17 सितंबर को भारत में चीतों को फिर से बसाने की योजना ‘प्रोजेक्ट चीता' के तहत केएनपी में लाया गया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इन चीतों को बाड़ों में छोड़ा था। इसके बाद, सात नर और पांच मादा सहित 12 चीतों को इस साल 18 फरवरी को दक्षिण अफ्रीका से केएनपी लाया गया। इन 20 स्थानांतरित चीतों में से तीन चीतों-दक्ष, साशा और उदय की पिछले दो महीनों में बाड़े में मौत हो गई। वहीं, सियाया नाम के चीते ने इस साल मार्च में केएनपी में चार शावकों को जन्म दिया था। 1947 में छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में भारत में अंतिम चीते की मौत हो गई थी और 1952 में इस प्रजाति को देश से विलुप्त घोषित कर दिया गया था।
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नयी दिल्ली. प्रसिद्ध लेखक विक्रम सेठ ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू एक ‘‘उदार'' व्यक्ति थे जिन्होंने तानाशाही पर लोकतंत्र को चुना था और भारतीयों को ‘‘एक-दूसरे से नफरत'' करने से रोका था। अपने मशहूर उपन्यास ‘ए सूटेबल ब्वॉय' की 30वीं वर्षगांठ पर यहां ताजमहल होटल में सेठ ने शुक्रवार को देश के प्रथम प्रधानमंत्री की प्रशंसा की और कहा कि उन्होंने भारत को खासतौर से 1947 में विभाजन के बाद ‘‘धार्मिक घृणा के व्यवस्थागत संघर्ष'' से बचाया था। लेखक ने कहा, ‘‘ नेहरू एक उदार व्यक्ति थे जो लोकतंत्र में यकीन रखते थे। वह बहुत लोकप्रिय थे। वह आसानी से तानाशाह बन सकते थे लेकिन नहीं बने। वह बहुत महत्वपूर्ण भी थे क्योंकि उन्होंने हमें एक-दूसरे से नफरत करने से बचाया।'' उन्होंने कहा, ‘‘भारत जैसे देश में जो कि एक समृद्ध सभ्यता है, विभाजन के बाद भी नेहरू ने हमें धार्मिक घृणा के व्यवस्थागत संघर्ष से रोक दिया था।'' सेठ (70) ने 1962 में भारत-चीन युद्ध या कश्मीर से निपटने में नेहरू की भूमिका के संदर्भ में कहा कि नेहरू और उनके बाद प्रधानमंत्री बने लाल बहादुर शास्त्री तथा इंदिरा गांधी ने भी भारतीयों को इस आधार पर एक-दूसरे से नफरत करने से रोके रखा कि वे किससे प्यार करते हैं, वे क्या खाते हैं और वे किसकी पूजा करते हैं। उन्होंने इन आधार पर एक-दूसरे से नफरत करने वाले भारतीयों को ‘‘देशद्रोही'' तथा ‘‘गैर-हिंदू'' भी बताया और कहा कि इससे देश की ताकत ही बंटेगी।
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नयी दिल्ली. उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी इलाके में कुछ अज्ञात लोगों ने दिल्ली पुलिस के 35 वर्षीय हेड कांस्टेबल और उसकी पत्नी को गोली मार दी। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि घटना शुक्रवार रात पौने 10 बजे के आसपास हुई, जब दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ में तैनात हेड कांस्टेबल अपनी पत्नी के साथ टहल रहा था। अधिकारी के मुताबिक, हमलावर कथित तौर पर हेड कांस्टेबल का मोबाइल फोन और चार हजार रुपये नकदी छीनकर ले गए। उन्होंने बताया कि हमले में हेड कांस्टेबल के पेट में चोट आई, जबकि उसकी पत्नी की ठोड़ी चोटिल हो गई। हालांकि, दोनों अब खतरे से बाहर हैं। अधिकारी के अनुसार, हेड कांस्टेबल और उसकी पत्नी पर हमले के संबंध में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि पुलिस इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है और आरोपियों को पकड़ने की कोशिशों में जुटी हुई है।
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बड़वानी. मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में तेज रफ्तार कार की चपेट में आने से एक दंपत्ति और उनके बेटे की मौत हो गई। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। एक अधिकारी ने बताया कि हादसा सेंधवा-निवाली रोड पर मोगरी खेड़ा में शुक्रवार रात नौ बजे के आसपास हुआ। सेंधवा थाना प्रभारी अनोख सिंध्या के मुताबिक, तेज रफ्तार कार ने एक बाइक को टक्कर मार दी, जिससे पति-पत्नी (25 और 23 वर्ष) और उनके छह वर्षीय बेटे की मौत हो गई। सिंध्या ने कहा कि कार को जब्त कर लिया गया है, जबकि उसका चालक घटना के बाद मौके से फरार हो गया। चालक की तलाश की जा रही है। सिंध्या ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शवों को परिवार को सौंप दिया गया है.
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मुंबई. मुंबई-नागपुर समृद्धि एक्सप्रेसवे के दिसंबर 2022 में शुरू होने से लेकर इस साल अप्रैल के अंत तक यहां सड़क हादसों में कुल 39 लोगों की जान जा चुकी है और 143 लोग घायल हुए है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी। राज्य राजमार्ग के एक पुलिस अधिकारी ने शुक्रवार को पत्रकारों को बताया कि इन हादसों के कारणों में से एक ‘रोड हिप्नोटिज्म' है। ‘रोड हिप्नोटिज्म' को ‘व्हाइट लाइन फीवर' भी कहा जाता है। इसमें गाड़ी चलाते समय व्यक्ति एक ऐसी मानसिक स्थिति में पहुंच जाता है, जिसमें उसे आसपास की चीजों का कोई आभास नहीं होता और वह लंबी दूरी तक बिना कुछ एहसास किए वाहन चलाता चला जाता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 11 दिसंबर 2022 को नागपुर और शिरडी के बीच इस एक्सप्रेसवे के पहले चरण का उद्घाटन किया था, जो 520 किलोमीटर लंबा है। ‘हिंदू हृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे महाराष्ट्र समृद्धि महामार्ग' की कुल लंबाई 701 किलोमीटर है। इस परियोजना का उद्देश्य नागपुर से मुंबई के बीच की यात्रा के समय को घटाकर सात घंटे करना है। अधिकारी ने कहा, ‘‘12 दिसंबर 2022 से 30 अप्रैल 2023 के बीच समृद्धि गलियारे पर 358 हादसे हुए। इनमें से 24 हादसों में 39 लोगों की मौत हुई, जबकि 54 हादसों में 143 लोग घायल हुए। राज्य राजमार्ग पुलिस समस्या से निपटने में लगी है।'' उन्होंने कहा, ‘‘पूरे महाराष्ट्र में 2022 में सड़क हादसों में 15,224 लोगों की जान गई। इनमें से 57 प्रतिशत लोग दोपहिया या तिपहिया वाहनों पर सवार थे। पैदल चलने वाले 21 प्रतिशत लोग हादसों का शिकार हुए। करीब 43 प्रतिशत हादसे राज्यभर के अन्य जिलों की सड़कों (ओडीआर) पर हुए।'
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नयी दिल्ली. नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष अरविंद पनगड़िया ने कहा है कि 2000 का नोट वापस मंगाने के भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के फैसले से अर्थव्यवस्था पर कोई प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं पड़ेगा क्योंकि ऐसे वापस हुए नोटों के स्थान पर उसी कीमत में कम मूल्यवर्ग के नोट जारी कर दिए जाएंगे। पनगड़िया ने कहा कि इस कदम के पीछे संभावित मकसद अवैध धन की आवाजाही को और मुश्किल बनाना है।
उन्होंने कहा, “हम इसका अर्थव्यवस्था पर कोई प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं देखेंगे। 2,000 के नोट की कितनी भी राशि को बराबर कीमत में कम मूल्यवर्ग के नोटों से बदल दिया जाएगा या जमा कर दिया जाएगा। इसलिए धन प्रवाह पर प्रभाव नहीं पड़ेगा।” पनगरिया ने कहा कि 2,000 रुपये के नोट वर्तमान में जनता के हाथों में कुल नकदी का केवल 10.8 प्रतिशत हैं और इसमें से भी ज्यादातर राशि का उपयोग संभवत: अवैध लेनदेन में होता है। आरबीआई ने शुक्रवार को 2,000 रुपये के नोट को चलन से बाहर करने की घोषणा की थी। इस मूल्य के नोट बैंकों में जाकर 30 सितंबर तक जमा या बदले जा सकेंगे। आरबीआई ने शाम को जारी एक बयान में कहा कि अभी चलन में मौजूद 2,000 रुपये के नोट 30 सितंबर तक वैध मुद्रा बने रहेंगे। -
नई दिल्ली |श्री सिद्धारमैया कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री और श्री डी.के. शिवकुमार उप-मुख्यमंत्री बन गए हैं। के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने बेंगलुरू के कांतिरवा स्टेडियम में उन्हें पद की शपथ दिलाई।
कांग्रेस विधायक डॉक्टर जी परमेश्वर, के. एच. मुनिअप्पा, के.जे. जॉर्ज, एम.बी. पाटिल, सतीश जारकीहोली, प्रियांक खड़गे, रामलिंगा रेड्डी और बी.ज़ेड. ज़मीर अहमद खान ने मंत्री के रूप में शपथ ली।शपथ-ग्रहण समारोह में, कांग्रेस नेताराहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, बिहार के उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूख अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार और अभिनेता कमल हासन भी मौजूद थे। छत्तीसगढ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भी समारोह में शामिल हुए। -
नई दिल्ली| भारत के साथ इंडोनेशिया का नौसैनिक अभ्यास-- समुद्रशक्ति दक्षिण चीन सागर में संपन्न हो गया है। सत्रह से 19 मई तक चले इस चौथे समुद्री अभ्यास में पनडुब्बीरोधी पोत कार्वेट, विमानवाहक युद्धपोत कवारत्ती, हेलीकॉप्टर चेतक और टोही विमान डॉर्नियर ने भागीदारी की। अभ्यास में, इंडोनेशिया की ओर से हेलीकॉप्टर पैंथर के साथ केआरआई सुल्तान इस्कंदर मुडा और समुद्री गश्ती विमान सीएन-235 ने भाग लिया। दोनों देशों ने सामरिक युद्धाभ्यास, हथियार फायरिंग, हेलीकॉप्टर संचालन, हवाई रक्षा और पनडुब्बीरोधी युद्धाभ्यास किए। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस अभ्यास से दोनों देशो की नौसेना के बीच तालमेल को बेहतर बनाया है।


























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