सीजीएचएस को रायपुर समेत देश के छह एम्स में नकदीरहित इलाज की सुविधा मिलेगी
नयी दिल्ली. केंद्रीय सरकार स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस) के सभी लाभार्थियों के लिए भोपाल, भुवनेश्वर, पटना, जोधपुर, रायपुर और ऋषिकेश स्थित सभी अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में नकदीरहित (कैसलेस) इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने सीजीएचएस के तहत कैसलेस इलाज प्रदान करने के लिए इन छह एम्स के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘भोपाल, भुवनेश्वर, पटना, जोधपुर, रायपुर और ऋषिकेश में छह पूरी तरह कार्यात्मक एम्स में उपलब्ध रोगी देखभाल सुविधाओं को नकदीरहित आधार पर सीजीएचएस लाभार्थियों तक बढ़ाया जाएगा। यह विशेष रूप से सीजीएचएस के सेवानिवृत्त पेंशनभोगियों के लिए फायदेमंद होगा, जिन्हें व्यक्तिगत प्रतिपूर्ति दावों को पेश करने और अनुमोदनों का पालन करने में मुश्किल होती है।'' सीजीएचएस लाभार्थियों को पहले भुगतान करने और फिर सीजीएचएस से प्रतिपूर्ति मांगने की परेशानी के बिना इन एम्स में उपलब्ध अत्याधुनिक उपचार सुविधाओं का लाभ मिलेगा। इस पहल से समय की बचत होगी, कागजी कार्रवाई कम होगी और व्यक्तिगत दावे भी कम होंगे। अभी तक एम्स में उपचार करा रहे सीजीएचएस पेंशनभोगी लाभार्थियों को पहले भुगतान करना होता है और बाद में सीजीएचएस से प्रतिपूर्ति का दावा करना होता है। सीजीएचएस लाभार्थियों को अस्पताल में भर्ती होकर इलाज करवाने के लिए सीजीएचएस के तहत सूचीबद्ध सरकारी अस्पतालों और निजी अस्पतालों में भेजा जाता है। सीजीएचएस पेंशनभोगी और सीजीएचएस लाभार्थियों की अन्य हकदार श्रेणियां सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस सुविधाओं के लिए पात्र हैं। सीजीएचएस केंद्र सरकार के कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों, माननीय संसद सदस्यों, पूर्व सांसदों और लाभार्थियों की अन्य श्रेणियों को व्यापक स्वास्थ्य सेवा (ओपीडी और आईपीडी दोनों) प्रदान करता है। वर्तमान में सीजीएचएस देश के 79 शहरों में कार्य कर रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने इस कदम की सराहना करते हुए कहा, ‘‘सीजीएचएस स्वास्थ्य मंत्रालय की एक महत्वपूर्ण सेवा-उन्मुख शाखा है जिसके माध्यम से मौजूदा और सेवानिवृत्त कर्मचारी चिकित्सा सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।'' उन्होंने आगे कहा, "सरकार सीजीएचएस के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों की संख्या बढ़ाने का प्रयास कर रही है, जो रोगियों की बढ़ती आवश्यकताओं के अनुरूप उत्कृष्ट तृतीयक देखभाल सुविधाएं प्रदान करते हैं।'' उन्होंने यह भी कहा कि निकट भविष्य में नयी दिल्ली में स्थापित एम्स संस्थान, चंडीगढ़ का स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान और पुडुचेरी के जवाहरलाल स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान को इस समझौते में शामिल किया जाएगा। राजेश भूषण ने बताया कि इस समझौते से एक बड़ा वर्ग लाभान्वित होगा, क्योंकि यह लंबी औपचारिकताओं को आसान बनाने और चिकित्सा सुविधाओं तक पहुंच में तेजी लाने का प्रयास करता है। उन्होंने कहा कि इससे देश भर में सीजीएचएस सेवाओं की पहुंच भी बढ़ेगी, क्योंकि यह समझौता सीजीएचएस लाभार्थियों को उनके संबंधित राज्यों के एम्स संस्थानों से उपचार का लाभ उठाने की अनुमति देता है। उन्होंने आगे कहा कि सीजीएचएस ने उपचार और चिकित्सा देखभाल की कुछ दरों को संशोधित किया है, जिससे रोगियों को उपचार सुविधाओं तक पहुंचने में सहायता मिली है। प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (पीएमएसएसवाई) के तहत देश भर में 22 नए एम्स स्थापित किए गए हैं और वे परिचालन के विभिन्न चरणों में हैं। चिकित्सा की उत्कृष्ठ शिक्षा और अनुसंधान के लिए सुविधाएं प्रदान करने के अलावा ये प्रमुख संस्थान कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, न्यूरो सर्जरी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, यूरोलॉजी, कार्डियो वैस्कुलर थोरैसिक सर्जरी, ऑन्कोलॉजी आदि सहित विभिन्न विशिष्टताओं और सुपर स्पेशियलिटी में विशेष रोगी देखभाल स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करते हैं।





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