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- लीमा। रिदम सांगवान और विजयवीर सिद्धू की भारतीय जोड़ी ने आईएसएसएफ जूनियर निशानेबाजी विश्व चैंपियनशिप में 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता।यह भारत का प्रतियोगिता में कुल 23वां पदक है जिससे उसने शीर्ष पर अपनी स्थिति मजबूत की है।सांगवान और सिद्धू ने थाईलैंड के कान्याकोर्न हिरुनफोम और श्वाकोन त्रिनिफाकरोन को 9-1 से हराकर भारत को चैंपियनशिप में 10वां स्वर्ण पदक दिलाया।भारत ने इस स्पर्धा का कांस्य पदक भी जीता। तेजस्विनी और अनीश ने थाइलैंड के ही चाविसा पादुका और राम खामहेंग को 10-8 से पराजित करके कांसे का तमगा हासिल किया।जूनियर महिला 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन में प्रसिद्धि महंत, निश्चल और आयुषी पोद्दार ने रजत पदक जीता। उन्हें फाइनल में अमेरिका की एलिजाबेथ मैकगिन, लॉरेन जॉन और कैरोलिन टकर से 43-47 से हार झेलनी पड़ी। भारत के नाम पर अब 10 स्वर्ण, नौ रजत और चार कांस्य पदक दर्ज हैं। अमेरिका छह स्वर्ण, आठ रजत और छह कांस्य पदक लेकर दूसरे स्थान पर है।
- नयी दिल्ली। ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने अपने मौजूदा कोच जर्मनी के क्लाउस बार्टोनिट्ज को खुद लिए ‘सर्वश्रेष्ठ’ बताते हुए शुक्रवार को कहा कि वह 2024 के पेरिस खेलों में भी अपनी यह शानदार साझेदारी जारी रखना चाहेंगे।‘इंडिया टुडे कॉन्क्लेव’ में एक परिचर्चा के दौरान, चोपड़ा ने कहा कि बार्टोनिट्ज के तरीके उनके अनुकूल हैं क्योंकि यह बायो-मैकेनिक विशेषज्ञ गंभीर सत्रों के दौरान भी चुटकुले सुनाकर माहौल खुशनुमा बना देता है।उन्होंने देश के पहले व्यक्तिगत ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा की मौजूदगी में कहा, ‘‘ कई बार, अभ्यास सत्र के दौरान मैं बहुत गंभीर नहीं रहना चाहता हूं। कई कोच ऐसे होते है जो डंडा पकड़ के पीछे खड़े होते हैं लेकिन क्लाउस सर ऐसे नहीं है।’’इस 23 साल के खिलाड़ी ने कहा, ‘‘अभ्यास में जब भी हमें गंभीर और पूरा दमखम लगाना होता है, तो हम गंभीरता से काम करते हैं लेकिन सत्र के बीच में कभी-कभी वह चुटकुले सुनाते हैं और इससे प्रशिक्षण के दौरान माहौल आनंदमय हो जाता है।’’तोक्यो खेलों में स्वर्ण पदक के साथ ही एथलेटिक्स में पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने नीरज ने कहा, ‘‘ उनके प्रशिक्षण के तरीके मेरे अनुकूल हैं और मेरी उनसे काफी अच्छी बनती है। मैं अगले ओलंपिक के लिए भी उनके साथ प्रशिक्षण जारी रखना चाहता हूं।’’चोपड़ा 2019 से बार्टोनिट्ज के साथ प्रशिक्षण ले रहे हैं। वह पहले जर्मनी के ही पूर्व विश्व रिकॉर्ड धारक उवे होन की देख रेख में प्रशिक्षण ले रहे थे, जिन्हें हाल ही में भारतीय एथलेटिक्स महासंघ ने उनके वेतन और प्रशिक्षण विधियों सहित कई मतभेदों के कारण कार्यमुक्त कर दिया था।चोपड़ा तोक्यो में अपनी ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद पूरे देश के चहेते बन गये थे, लेकिन 2019 में अपने मुख्य हाथ की कोहनी की सर्जरी से गुजरने के बाद उन्हें अनिश्चित समय का सामना करना पड़ा था।उन्होंने कहा, ‘‘जब मेरी सर्जरी हुई थी तब वह मेरे लिए यह बहुत कठिन समय था । मुझे 30-45 दिनों के लिए पूर्ण आराम करना था। मैंने जल्दी वापस आने के लिए चीजों को पूरा किया। मुझे धीमी साइकिल चलाने के लिए व्यायाम करने के लिए कहा गया था लेकिन मैंने वापसी के लिए जल्दबाजी की जिससे मेरे पैरों में चोट लग गई।’’उन्होंने कहा, ‘‘मैं विश्व चैंपियनशिप में हिस्सा लेने से चूक गया जिसमें पदक विजेताओं ने वह दूरी तय की जो मैं कर सकता था। लेकिन मुझे खुशी थी कि इन सब के बाद मैं अपने पहले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में तोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर सका।’’बिंद्रा ने कहा कि 2008 के बीजिंग खेलों में उनके स्वर्ण पदक जीतने के बाद भारत को दूसरा स्वर्ण जीतने में 13 साल का समय लगा यह देश में खेल के धीमी विकास को दर्शाता है।उन्होंने कहा, ‘‘13 साल (एक और स्वर्ण जीतने के लिए) लगना एक धीमी प्रगति है लेकिन फिर भी भारतीय खेल प्रगति कर रहा है और अगला दशक खेल के विकास में भारत का दशक हो सकता है।’’उन्होंने कहा, ‘‘ "इसके अलावा, भारतीय एथलीटों की आज की पीढ़ी निडर, आत्मविश्वास से भरी हुई है और नीरज उनमें से एक है। मौजूदा एथलीटों को जिस तरह के संसाधन मिल रहे हैं, उसकी किसी भी देश में मिलने वाली सुविधाओं से की जा सकती है।’’अपने बारे में बात करते हुए, बिंद्रा ने कहा, "मैं मूल रूप से थोड़ा डरपोक और शर्मीला व्यक्ति हूं। मैंने अपने पूरे करियर में अपनी काबिलियत पर संदेह किया।’’
- ओस्लो (नॉर्वे)। भारत को कुश्ती में अपनी पहली महिला विश्व चैंपियन के लिए इंतजार करना पड़ेगा क्योंकि गुरुवार को युवा अंशु मलिक को 57 किग्रा फाइनल में 2016 की ओलंपिक चैंपियन हेलेन लूसी मारोलिस के खिलाफ शिकस्त के साथ रजत पदक से संतोष करना पड़ा जबकि सरिता मोर 59 किग्रा में कांस्य पदक जीतने में सफल रही। सुशील कुमार (2010) भारत के एकमात्र विश्व चैंपियन हैं।विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाने वाली भारत की पहली महिला पहलवान बनी 19 साल की अंशु ने आक्रामक और सकारात्मक शुरुआत की लेकिन अंतत: विरोधी पहलवान ने उन्हें चित्त कर दिया। अंशु पहले पीरियड के बाद 1-0 से आगे थी लेकिन दूसरे पीरियड में हेलेन पूरी तरह हावी रही।हेलेन ने अंशु का हाथ पकड़ा और फिर टेकडाउन मूव के साथ 2-1 की बढ़त बनाई। उन्होंने अंशु के दायें हाथ को नहीं छोड़ा और दो और अंक के साथ 4-1 से आगे हो गई। गत एशियाई चैंपियन अंशु काफी दर्द में दिख रही थी लेकिन अमेरिकी पहलवान ने अपनी पकड़ कमजोर नहीं होने दी और भारतीय पहलवान को चित्त करके जीत दर्ज की। अंशु को मुकाबले के तुरंत बाद चिकित्सा सहायता लेनी पड़ी और उनकी आंखों में आंसू नजर आ रहे थे। अंशु हालांकि विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला जबकि पदक जीतने वाली पांचवीं महिला पहलवान बनीं। इससे पहले गीता फोगाट (2012), बबिता फोगाट (2012), पूजा ढांडा (2018) और विनेश फोगाट (2019) विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीत चुके हैं। सरिता ने कांस्य पदक के प्ले आफ में स्वीडन की सारा योहाना लिंडबर्ग को 8-2 से हराकर विश्व चैंपियनशिप में पदक के सूखे को खत्म किया। भारतीय महिला टीम का विश्व चैंपियनशिप में यह सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। भारत के लिए 2012 में फोगाट बहनों ने विश्व चैंपियनशिप में दो कांस्य पदक जीते थे। सरिता ने स्वीडन की खिलाड़ी के खिलाफ अच्छी शुरुआत करते हुए चार अंक जुटाए और फिर टेकडाउन के साथ दो और अंक हासिल किए। गत एशियाई चैंपियन सरिता पहले पीरियड के बाद 6-0 से आगे थी। उन्होंने दूसरे पीरियड की शुरुआत में बढ़त 8-0 की। अंतिम लम्हों में सरिता ने टेकडाउन से अंक गंवाए लेकिन पर्याप्त बढ़त के कारण आसान जीत दर्ज करने में सफल रही। सरिता का विश्व चैंपियनशिप में यह छठे प्रयास में पहला पदक है। इससे पहले वह एक बार अंडर 23 विश्व चैंपियनशिप और चार बार सीनियर विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने में नाकाम रही हैं। दिव्या काकरान (72 किग्रा) को सुबह के सत्र में अपने रेपेचेज मुकाबले में शिकस्त झेलनी पड़ी। उन्हें मंगोलिया की दवानासन एंख अमर ने हराया। ग्रीको रोमन पहलवानों ने एक बार फिर निराशाजनक प्रदर्शन किया जो हैरानी भरा नहीं है। संदीप (55 किग्रा), विकास (72 किग्रा), साजन (77 किग्रा) और हरप्रीत सिंह (82 किग्रा) प्रतियोगिता से बाहर हो गए। सिर्फ साजन एक मुकाबला जीतने में सफल रहे जबकि अन्य तीन पहलवान अपना पहला मुकाबला ही हार गए।
- दुबई।अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने इस महीने होने वाले पुरूषों के टी20 विश्व कप से ‘बैट्समैन' की जगह ‘बैटर' शब्द के इस्तेमाल का फैसला करते हुए इस स्वाभाविक और लंबे समय से जरूरी कदम बताया है । पिछले महीने मेरिलबोन क्रिकेट क्लब ने कहा था कि क्रिकेट के नियमों में ‘बैट्समैन' की जगह ‘बैटर' शब्द का प्रयोग किया जायेगा । अब आईसीसी की खेलने की शर्तों में हर जगह यह बदलाव नजर आयेगा । आईसीसी ने कहा कि पिछले चार साल से कमेंट्री में ‘बैट्समैन' की जगह ‘बैटर' शब्द का इस्तेमाल नियमित तौर पर हो रहा है । आईसीसी के सीईओ ज्यौफ अलार्डिस ने कहा कि एमसीसी के फैसले का स्वागत है । उन्होंने कहा , इस शब्द का प्रयोग हमारे चैनलों पर और कमेंट्री में लंबे समय से किया जा रहा है ।हम इसे लागू करने के एमसीसी के फैसले का स्वागत करते हैं । यह स्वाभाविक और लंबे समय से जरूरी बदलाव है ।'' उन्होंने कहा ,‘‘ सिर्फ भाषा बदलने से खेल का विकास नहीं होगा । हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि क्रिकेट खेलने वाले लड़के और लड़कियों दोनों के लिये यह रोचक अनुभव हो और बिना किसी अवरोधों के वे क्रिकेटर के तौर पर प्रगति कर सकें ।
- लीमा। मनु भाकर, रिदम सांगवान और नामया कपूर की तिकड़ी ने आईएसएसएफ जूनियर विश्व चैम्पियनशिप में भारत के शानदार प्रदर्शन का सिलसिला जारी रखते हुए 25 मीटर पिस्टल टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीत लिया । भारतीय टीम ने स्वर्ण पदक के मुकाबले में अमेरिका को 16 . 4 से हराया ।यह मनु का इस स्पर्धा में चौथा स्वर्ण है और उसने एक कांस्य पदक भी जीता है ।वहीं 14 वर्ष की कपूर का यह दूसरा स्वर्ण है । उसने 25 मीटर पिस्टल व्यक्तिगत वर्ग में भी स्वर्ण जीता था । भारत ने पुरूषों की 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल में रजत जीता जब आदर्श सिंह अमेरिका के हेनरी टर्नर लेवेरेट से फाइनल में हार गए । भारत अब तक नौ स्वर्ण, सात रजत और तीन कांस्य जीतकर अंकतालिका में शीर्ष पर है । अमेरिका पांच स्वर्ण और कुल 16 पदक के साथ दूसरे स्थान पर है । मनु, रिदम और कपूर के लिये मुकाबला आसान रहा । उन्होंने जल्दी ही 10 . 4 की बढत बना ली और रैपिड फायर शॉट्स के बाद यह बढत 16 . 4 की हो गई । क्वालीफिकेशन में भी भारतीय टीम 878 स्कोर करके शीर्ष पर रही थी । दूसरे दौर में भी अव्वल रहकर उन्होंने स्वर्ण पदक के मुकाबले में जगह बनाई । पुरूषों की 25 मीटर रैपिड फायर में छह खिलाड़ियों में तीन भारतीय थे ।आदर्श सिंह के अलावा जुड़वा भाई उदयवीर और विजयवीर सिद्धू ने भी फाइनल में जगह बनाई थी । क्वालीफिकेशन में उदयवीर 577 स्कोर करके चौथे स्थान पर रहे थे जबकि आदर्श 574 स्कोर के साथ पांचवें स्थान पर थे । विजयवीर 572 स्कोर करके छठे स्थान पर रहे । फाइनल में हालांकि विजयवीर और उदयवीर सबसे पहले बाहर हुए । आदर्श ने पहली दो सीरिज में परफेक्ट 10 स्कोर किया । इसके बाद अमेरिका के टर्नर ने दबदबा बनाया और 40 में से 32 निशाने सटीक लगाकर स्वर्ण जीता । आदर्श ने 28 के साथ रजत हासिल किया । वहीं 50 मीटर राइफल प्रोन मिश्रित टीम स्पर्धा में भारत के सूर्यप्रताप सिंह और सिफ्त कौर सामरा दूसरे क्वालीफिकेशन दौर से बाहर हो गए ।आशी चौकसे और संस्कार हवेलिया पहले दौर में नौवे स्थान पर रहे ।
- ओस्लो (नॉर्वे)। अंशु मलिक ने विश्व चैम्पियनशिप फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनकर इतिहास रच दिया जब उन्होंने जूनियर यूरोपीय चैम्पियन सोलोमिया विंक को हराया । वहीं विश्व चैम्पियन को हराकर उलटफेर करने वाली सरिता मोर सेमीफाइनल में हार गई और अब कांस्य के लिये खेलेगी । उन्नीस वर्ष की अंशु ने शुरू ही से सेमीफाइनल में दबदबा बनाये रखा और तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर जीत दर्ज करके 57 किलो वर्ग के फाइनल में पहुंच गई । इससे पहले भारत की चार महिला पहलवानों ने विश्व चैम्पियनशिप में पदक जीता है लेकिन सभी को कांस्य मिला है । गीता फोगाट ने 2012 में, बबीता फोगाट ने 2012 में , पूजा ढांडा ने 2018 और विनेश फोगाट ने 2019 में कांसे का तमगा जीता था । अंशु विश्व चैम्पियनशिप फाइनल में पहुंचने वाली तीसरी भारतीय है । उनसे पहले सुशील कुमार (2010) और बजरंग पूनिया (2018) यह कमाल कर चुके हैं । इनमें से सुशील ही स्वर्ण जीत सके हैं । अंशु की जीत ने भारत के लिए प्रतियोगिता में पहला पदक सुनिश्चित किया।इस बीच किरन (76 किग्रा) ने तुर्की की आयसेगुल ओजबेगे के खिलाफ रेपेचेज दौर का मुकाबला जीता लेकिन कांस्य पदक के प्ले आफ मुकाबले में 2020 अफ्रीकी चैंपियन समर हम्जा के खिलाफ 1-2 से हार गई इससे पहले अंशु ने एकतरफा मुकाबले में कजाखस्तान की निलुफर रेमोवा को तकनीकी दक्षता के आधार पर हराया और फिर क्वार्टर फाइनल में मंगोलिया की देवाचिमेग एर्खेमबायर को 5-1 से शिकस्त दी थी । सरिता को बुल्गारिया की बिलयाना झिवकोवा ने 3 . 0 से हराया । अब वह कांस्य के लिये खेलेगी । इससे पहले उसने उलटफेर करते हुए गत चैंपियन लिंडा मोराइस को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी । गत एशियाई चैंपियन सरिता का मुकाबला पहले ही दौर में 2019 की विश्व चैंपियन कनाडा की पहलवान से था लेकिन वह 59 किग्रा वर्ग के प्री क्वार्टर फाइनल में 8-2 से जीत दर्ज करने में सफल रही। सरिता ने तेज शुरुआत की और रक्षण का अभी अच्छा नमूना पेश करते हुए पहले पीरियड के बाद 7-0 की बढ़त बना ली थी। लिंडा ने दूसरे पीरियड के टेकडाउन से दो अंक जुटाए लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने अपनी बढ़त बरकरार रखते हुए जीत दर्ज की। सरिता और जर्मनी की सेंड्रा पारुसजेवस्की के बीच क्वार्टर फाइनल मुकाबला काफी करीबी रही। पूरे मुकाबले में अंक बनाने वाला सिर्फ एक मूव बना। सरिता ने टेकडाउन के साथ अंक जुटाते हुए सेंड्रा को हराया। दिव्या काकरान ने 72 किग्रा वर्ग में सेनिया बुराकोवा को चित्त किया लेकिन जापान की अंडर 23 विश्व चैंपियन मसाको फुरुइच के खिलाफ उन्हें तकनीकी दक्षता के आधार पर शिकस्त झेलनी पड़ी। पूजा जाट (53 किग्रा) को रेपेचेज मुकाबले में इक्वाडोर की एलिजाबेथ मेलेन्ड्रेस के खिलाफ शिकस्त का सामना करना पड़ा। रितु मलिक (68 किग्रा) को क्वालीफिकेशन मुकाबले में युक्रेन की अनास्तासिया लेवरेनचुक के खिलाफ सिर्फ 15 सेकेंड में शिकस्त झेलनी पड़ी। ऐसा लग रहा था कि रितु के घुटने में चोट है।
- लुसाने। भारत ने अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (एफआईएच) के वार्षिक पुरस्कारों में बुधवार को अपना दबदबा बनाया तथा मतदान पर आधारित प्रणाली में सभी वर्गों में शीर्ष पुरस्कार हासिल किये जिसे पुरुष ओलंपिक चैंपियन बेल्जियम ने पुरस्कारों की ‘विफलता' करार दिया। बेल्जियम के विरोध के बाद एफआईएच ने बयान जारी करके कहा कि वह यह पता लगाने का प्रयास करेगा कि कुछ संघों ने अपना मत क्यों नहीं डाला। भारत के पांच खिलाड़ियों तथा पुरुष और महिला टीमों के मुख्य कोच ने विभिन्न वर्गों में सर्वाधिक मत पाकर शीर्ष पुरस्कार हासिल किये। भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने तोक्यो ओलंपिक खेलों में कांस्य पदक जीता था जबकि महिला टीम चौथे स्थान पर रही थी। गुरजीत कौर (महिला) और हरमनप्रीत सिंह (पुरुष) ने अपने वर्गों में वर्ष का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी (प्लेयर ऑफ द ईयर) का पुरस्कार हासिल किया। सविता पूनिया (सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर, महिला), पीआर श्रीजेश (सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर, पुरुष), शर्मिला देवी (सर्वश्रेष्ठ उदीयमान स्टार, महिला) और विवेक प्रसाद (सर्वश्रेष्ठ उदीयमान स्टार, पुरुष) के साथ-साथ भारत की महिला टीम के कोच सोर्ड मारिन और पुरुष टीम के मुख्य कोच ग्राहम रीड भी सर्वाधिक मत पाकर शीर्ष पर रहे। रीड अब भी टीम के साथ बने हुए हैं जबकि मारिन का कार्यकाल तोक्यो खेलों के साथ ही समाप्त हो गया था।ड्रैग फ्लिकर हरमनप्रीत और गुरजीत ने अपनी टीमों की तरफ से ओलंपिक खेलों में सर्वाधिक गोल किये थे।हॉकी बेल्जियम ने विजेताओं की घोषणा होने के बाद इस पर कड़ी प्रतिक्रिया की और पुरस्कारों की प्रक्रिया पर सवाल उठाये क्योंकि तोक्यो खेलों के चैंपियन को एक भी पुरस्कार नहीं मिला। राष्ट्रीय संघों के मतों को कुल परिणाम का 50 प्रतिशत माना गया। राष्ट्रीय संघों का प्रतिनिधित्व उनके संबंधित राष्ट्रीय कप्तानों और कोच ने किया। इसके अलावा प्रशंसकों और खिलाड़ियों (25 प्रतिशत) तथा मीडिया (25 प्रतिशत) के मतों के आधार पर अंतिम फैसला किया गया। यूरोप के 42 सदस्यों में से केवल 19 संघों ने ही मतदान में हिस्सा लिया जबकि एशिया के 33 सदस्यों में से 29 ने मत डाले। हॉकी बेल्जियम ने ट्वीट किया, ‘‘हॉकी बेल्जियम एफआईएच हॉकी स्टार अवार्ड के परिणामों से बेहद निराश है। एक स्वर्ण पदक विजेता टीम जिसके सभी वर्गों में कई नामांकन थे, उसे एक भी पुरस्कार नहीं मिला जिससे मत प्रणाली की विफलता का पता चलता है। हम भविष्य में एक निष्पक्ष प्रणाली सुनिश्चित करने के लिये एफआईएच के साथ काम करेंगे। '' टीम के आधिकारिक हैंडल पर भी इसी तरह की भावनाएं व्यक्त की गयी हैं।टीम की तरफ से ट्वीट किया गया, ‘‘हम पूरी तरह से सहमत हैं। यह सामान्य नहीं है। हमारे खेल की विश्वसनीयता और छवि एक बार फिर मुश्किल दौर से गुजर रही है। बेहद अफसोस की बात है। '' एफआईएच के बयान में बताया गया है कि कुल 79 राष्ट्रीय संघों ने मतदान में हिस्सा लिया। इनमें अफ्रीका के 25 सदस्यों में से 11, एशिया के 33 में से 29, यूरोप के 42 में से 19, ओसेनिया के आठ में से तीन तथा पैन अमेरिका के 30 में से 17 सदस्य शामिल हैं। इसमें कहा गया है, ‘‘रिकार्ड 300,000 प्रशंसकों ने मतदान किया। एफआईएच हॉकी स्टार्स पुरस्कारों में प्रशंसकों की भागीदारी बेजोड़ रही।'' बेल्जियम की आपत्ति के बाद भी एफआईएच ने बयान जारी करके अपनी स्थिति स्पष्ट की और वादा किया कि अगर जरूरी हुआ तो वह इसकी समीक्षा करेगा। एफआईएच ने कहा, ‘‘कोई भी देख सकता है कि सभी विजेता खिलाड़ियों ने प्रत्येक मतदान समूह में शीर्ष स्थान हासिल किया। हमेशा की तरह एफआईएच हॉकी स्टार अवार्ड्स की समीक्षा करेगा और जहां भी जरूरी समझा जाएगा वहां आवश्यक समायोजन करेगा। विशेषकर हम इस पर ध्यान देंगे कि कई राष्ट्रीय संघ मतदान करने में विफल क्यों रहे।'' बेल्जियम की पुरुष टीम और महिला वर्ग में ओलंपिक चैंपियन और एफआईएच हॉकी प्रो लीग 2020-21 की विजेता नीदरलैंड के खिलाड़ी मतगणना में भारतीयों से पिछड़ गये। पुरुष वर्ग में बेल्जियम के अलेक्सांद्र हेंड्रक्सि और आर्थर वान डोरेन वर्ष के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी की मतगणना में दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। बेल्जियम के विन्सेंट वनास्क सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर में दूसरे स्थान पर रहे जबकि न्यूजीलैंड के शेन मैकलॉयड को दूसरा सर्वश्रेष्ठ कोच चुना गया। महिलाओं में वर्ष की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी की दौड़ में नीदरलैंड की इवा डि गोइडे और फ्रेडरिक माटला क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर रही जबकि आस्ट्रेलिया की कोच एलिसन अन्नान वर्ष की सर्वश्रेष्ठ कोच की मतगणना में दूसरे स्थान पर रही। एफआईएच हॉकी स्टार्स पुरस्कार कोविड-19 महामारी के कारण 2020 में आयोजित नहीं किये गये थे। एफआईएच ने कहा कि इस बार के पुरस्कारों में जनवरी 2020 से लेकर तोक्यो ओलंपिक तक के प्रदर्शन को शामिल किया गया। मतदान प्रक्रिया 23 अगस्त को शुरू हुई और 15 सितंबर तक चली। हॉकी इंडिया के अध्यक्ष ज्ञानेंद्रो निंगोम्बाम ने विजेताओं को बधाई दी। उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय हॉकी के लिये यह शानदार पल है कि एफआईएच स्टार्स अवार्ड्स के लिये हमारे सभी नामांकितों को विजेता घोषित किया गया।''-
- नयी दिल्ली। भारत कोविड-19 से जुड़ी चिंताओं और देश के यात्रियों के प्रति ब्रिटेन के भेदभावपूर्ण पृथकवास नियमों के कारण अगले साल बर्मिंघम में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों की हॉकी प्रतियोगिता से मंगलवार को हट गया। इंग्लैंड भी एक दिन पहले इन्हीं कारणों का हवाला देकर भुवनेश्वर में होने वाले जूनियर पुरुष विश्व कप से हट गया था।हॉकी इंडिया के अध्यक्ष ज्ञानेंद्रो निंगोबम ने महासंघ के फैसले से भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के अध्यक्ष नरिंदर बत्रा को अवगत करा दिया है। हॉकी इंडिया ने कहा है कि बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों (28 जुलाई से आठ अगस्त) और हांग्झू एशियाई खेलों (10 से 25 सितंबर) के बीच सिर्फ 32 दिन का अंतर है और वे अपने खिलाडिय़ों को ब्रिटेन भेजकर जोखिम नहीं उठाना चाहता जो कोरोना वायरस महामारी से सबसे अधिक प्रभावित देशों में शामिल रहा है। निंगोबम ने लिखा, ''एशियाई खेल 2024 पेरिस ओलंपिक खेलों के लिए महाद्वीपीय क्वालीफिकेशन प्रतियोगिता है और एशियाई खेलों की प्राथमिकता को ध्यान में रखते हुए हॉकी इंडिया राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान भारतीय टीमों के किसी खिलाड़ी के कोविड-19 संक्रमित होने का जोखिम नहीं ले सकता।''उन्होंने कहा, ''इसलिए हॉकी इंडिया अपनी पुरुष और महिला टीमों को राष्ट्रमंडल खेल 2022 के लिए नहीं भेजेगा और आपको समय रहते सूचित किया जा रहा है कि आयोजकों को जानकारी दे दी जाए कि वे रिजर्व टीमों की पहचान करें।''
- नयी दिल्ली। पंजाब किंग्स के सह मालिक नेस वाडिया का मानना है कि दो नई इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) टीमों के लिए दो हजार करोड़ रुपये का आधार मूल्य सतर्कता बरतते हुए रखा गया है जिसमें बोली के दौरान 50 से 100 प्रतिशत का इजाफा होना चाहिए। दो नई आईपीएल फ्रेंचाइजियों की घोषणा 25 अक्टूबर को होगी जिससे आईपीएल 10 टीमों का टूर्नामेंट बनेगा। वाडिया ने कहा कि दो नई टीमों के जुडऩे से आईपीएल के अलावा मौजूदा फ्रेंचाइजियों की कीमत में इजाफा होगा।वाडिया ने कहा, फिलहाल न्यूनतम आधार मूल्य दो हजार करोड़ रुपये है, इसमें काफी अधिक हजाफा होगा। आईपीएल के अपने अनुभव और जानकारी के आधार पर बताऊ तो दो हजार करोड़ सतर्कता बरतते हुए रखा गया आंकड़ा है और अगर इसमें न्यूनतम 50 से 100 प्रतिशत का इजाफा होता है तो मुझे हैरानी नहीं होगी। मुझे कम से कम तीन हजार करोड़ रुपये से अधिक की उम्मीद है। उन्होंने कहा, सभी आईपीएल का हिस्सा बनना चाहते हैं लेकिन कुछ ही लोग इसका हिस्सा बन सकते हैं।उन्होंने कहा, मेरा भी मानना है कि आईपीएल शीर्ष टूर्नामेंट है और इसमें सीमित संख्या में टीमें हैं, दो नई फ्रेंचाइजी के शामिल होने से सभी फ्रेंचाइजी की कीमत में इजाफा होगा। 10 टीमों के होने से आईपीएल में विस्तार होगा। वाडिया का मानना है कि नई टीमों के आने से आईपीएल मजबूत बनेगा। नई टीम अपनी टीम के चेहरे के लिए भारत के स्टार खिलाडिय़ों को अपने से जोडऩा चाहेंगी। इसके लिए 2022 सत्र से पहले की बड़ी नीलामी अहम होगी जिसके कई भारतीय और विदेशी खिलाड़ी नीलामी के लिए उतरेंगे।खिलाडिय़ों के रिटेन करने और राइट टू मैच कार्ड के संदर्भ में वाडिया ने उम्मीद जताई कि बीसीसीआई सभी प्रतिभागियों के लिए चीजों को उचित रखेगा। आईपीएल विदेशों में भी अपने पैर पसार रहा है विशेषकर कैरेबियाई प्रीमियर लीग में जहां तीन टीमें सेंट लूसिया, त्रिनिदाद एवं टोबैगो और बारबडोस का स्वामित्व आईपीएल टीम के मालिकों के पास है। सेंट लूसिया फ्रेंचाइजी का स्वामित्व पंजाब किंग्स के पास है और वाडिया को हैरानी नहीं होगी अगर और आईपीएल टीमें इसी राह पर चलें।
- लीमा। भारत की 14 वर्षीय निशानेबाज नामया कपूर ने सोमवार को आईएसएसएफ जूनियर विश्व चैम्पियनशिप में 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में मनु भाकर को पछाड़ते हुए स्वर्ण पदक जीता । कपूर ने फाइनल में 36 स्कोर किया । फ्रांस की कैमिली जे को रजत और 19 वर्ष की ओलंपियन भाकर को कांस्य पदक मिला । भारत की रिदम सांगवान चौथे स्थान पर रही । कपूर क्वालीफिकेशन में छठे स्थान पर रही थी जबकि भारत और सांगवान पहले दो स्थान पर थे । भारत ने अब तक टूर्नामेंट में सात स्वर्ण, छह रजत और तीन कांस्य समेत 16 पदक जीते हैं ।
- लीमा। युवा भारतीय निशानेबाज ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर ने आईएसएसएफ जूनियर विश्व चैंपियनशिप में पुरुषों की 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन के फाइनल में विश्व रिकार्ड बनाकर स्वर्ण पदक जीता। तोमर ने सोमवार को क्वालीफिकेशन में 1185 का स्कोर बनाकर जूनियर विश्व रिकार्ड की बराबरी की थी।इस युवा खिलाड़ी ने इसके बाद फाइनल में 463.4 अंक बनाकर जूनियर विश्व रिकार्ड बनाया। वह फ्रांस के लुकास क्राइज्स से लगभग सात अंक आगे रहे जिन्होंने 456.5 अंक बनाकर रजत पदक हासिल किया। अमेरिका के गेविन बार्निक ने 446.6 अंक लेकर कांस्य पदक जीता।भारत के अन्य निशानेबाजों में संस्कार हवेलिया 1160 के स्कोर के साथ 11वें, पंकज मुखेजा 1157 के साथ 15वें, सरताज तिवाना 1157 के साथ 16वें और गुरमन सिंह 1153 के स्कोर के साथ 22वें स्थान पर रहे।इससे पहले भारत की 14 वर्षीय निशानेबाज नाम्या कपूर ने हमवतन स्टार निशानेबाज मनु भाकर को पीछे छोड़कर महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता।कपूर ने फाइनल में 36 अंक बनाकर शीर्ष स्थान हासिल किया। वह फ्रांस की कैमिली जेद्राजेवस्की (33) और 19 वर्षीय ओलंपियन भाकर (31) से आगे रही। भाकर इस प्रतियोगिता में अब तक तीन स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं।भाकर को शूट ऑफ में फ्रांसीसी निशानेबाज से हारने के कारण कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।इस स्पर्धा में भाग ले रही एक अन्य भारतीय निशानेबाज रिदम सांगवान चौथे स्थान पर रही।कपूर क्वालीफिकेशन में 580 अंक के साथ छठे स्थान पर रही थी। इसमें भाकर (587) और सांगवान (586) ने शीर्ष दो स्थान हासिल किये थे।भारत आठ स्वर्ण, छह रजत और तीन कांस्य सहित कुल 17 पदक लेकर तालिका में शीर्ष पर चल रहा है।यह तोक्यो ओलंपिक के बाद पहली ऐसी प्रतियोगिता है जिसमें कई स्पर्धाएं शामिल हैं। चैंपियनशिप में 32 देशों के लगभग 370 निशानेबाज भाग ले रहे हैं।
- बार्सीलोना। भारतीय गोल्फर त्वेसा मलिक ने अंतिम दौर में तेज हवाओं के बीच एक ओवर 73 का स्कोर बनाया जिससे वह स्पेन के सिटगेस के कैटालूनिया द्वारा प्रस्तुत एस्ट्रेला डैम लेडी ओपन में 20वें स्थान पर रहीं। आर्डर आफ मेरिट में शीर्ष 10 में जगह बनाने की कोशिश में जुटी त्वेसा ने एक बार फिर प्रभावी प्रदर्शन किया। उनका कुल स्कोर एक ओवर 217 है। ओलंपिक के बाद पहली प्रतियोगिता में हिस्सा ले रही दीक्षा डागर अंतिम दौर में दो बर्डी, चार बोगी और दो डबल बोगी के साथ संयुक्त 58वें स्थान पर रही। स्वीडन की माजा स्टार्क ने लेडीज यूरोपीय टूर में पिछले तीन टूर्नामेंटों में दूसरी जीत दर्ज की। उन्होंने अंतिम दौर में 65 के स्कोर से कुल आठ अंडर का स्कोर बनाया और पिया बाबनिक पर दो शॉट से जीत दर्ज की।
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ओस्लो (नार्वे)। भारतीय पहलवान रविंदर को आर्मेनिया के आर्सेन हारूतयुनयान ने रविवार को यहां विश्व चैम्पियनशिप के कांस्य पदक के प्लेआफ मुकाबले में हरा दिया जबकि रविंदर रेपेशाज दौर में 0-8 के बड़े अंतर से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए बुल्गारिया के जार्जी वालेंतिनोव वांगेलोव को हराकर 61 किग्रा के कांस्य पदक के प्लेऑफ में पहुंचे थे । रविंदर की जीत तोक्यो ओलंपिक में रवि दहिया की सेमीफाइनल में शानदार जीत की तरह ही थी जिसमें वह 2-9 से पिछड़ रहे थे लेकिन अंत में उन्होंने मुकाबला जीत लिया था। बुल्गारियाई पहलवान के दबदबा बनाने के बावजूद रविंदर परेशान नहीं हुए ओर उन्होंने प्रतिद्वंद्वी के पैर पर एक हमले से मुकाबले का रूख बदल दिया। इसके बाद उनसे पदक की उम्मीद थी लेकिन प्रतिद्वंद्वी पहलवान के शानदार जवाबी हमलों का वह जवाब नहीं दे सके और मुकाबला दो मिनट 16 सेकंड में ही खत्म हो गया । हारूतयुनयान ने तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर जीत दर्ज की । अन्य भारतीय प्री क्वार्टरफाइनल से आगे नहीं जा सके।
पंकज मलिक ने 57 किग्रा का क्वालीफिकेशन दौर 0-3 से पिछड़ने के बावजूद 4-3 से जीत लिया था लेकिन वह प्री क्वार्टरफाइनल में तुर्की के मौजूदा यूरोपीय चैम्पियन और 2019 विश्व चैम्पियनशिप के रजत पदक विजेता सुलेमान अतली से तकनीकी श्रेष्ठता से 63 सेकेंड में हार गये। रोहित ने श्रीलंका के दिवोशान चार्ल्स फर्नांडो के खिलाफ 65 किग्रा वर्ग का क्वालीफिकेशन दौर तकनीकी श्रेष्ठता से जीता। पर बाद में प्री क्वार्टरफाइनल में रूस के जागिर शाखिएव से 4-5 से हार गये। पृथ्वीराज पाटिल सीधे 92 किग्रा के प्री क्वार्टरफाइनल में पहुंच गये थे लेकिन अजरबेजान के ओस्मान नुरमागोमेदोव के खिलाफ उनकी चुनौती 32 सेकेंड से ज्यादा नहीं टिक सकी। -
गोल्ड कोस्ट। भारतीय कप्तान मिताली राज ने रविवार को यहां आस्ट्रेलिया के खिलाफ ड्रा रहे दिन रात्रि के एकमात्र टेस्ट के बाद टीम के और विशेषकर अनुभवी तेज गेंदबाज झूलन गोस्वामी और स्मृति मंधाना के प्रदर्शन की प्रशंसा की। भारत ने पहली पारी सात विकेट पर आठ विकेट पर 377 पर पारी घोषित कर दूसरी पारी में 37 ओवर खेले और फिर चाय के बाद तीन विकेट पर 135 रन पारी घोषित कर आस्ट्रेलिया को 32 ओवर में जीत के लिये 272 रन का लक्ष्य दे दिया। आस्ट्रेलिया ने पहली पारी नौ विकेट पर 241 रन पर घोषित की थी।
लेकिन बाद में दोनों टीमों की कप्तानों ने ड्रा का फैसला किया तब आस्ट्रेलिया ने 15 ओवर में दो विकेट पर 36 रन बना लिये थे। मिताली ने मैच के बाद कहा, ‘‘अगर हमें पहले घंटे में चार विकेट मिल जाते तो हम मैच को जारी रखते। लेकिन टीम ने बहुत बढ़िया प्रदर्शन किया। बारिश के कारण हमने कई ओवर गंवाए फिर भी हमने परिणाम लाने की कोशिश की। '' झूलन की गेंदबाजी पर भारतीय कप्तान ने कहा, ‘‘ झूलन इतने वर्षों से हमेशा से हमारी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज रही है, उसने बढ़िया गेंदबाज़ी की और युवा तेज गेंदबाजों पूजा वस्त्रकार और मेघना के साथ अपना अनुभव भी साझा किया। '' सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने ऐतिहासिक 127 रन से मजबूत भारतीय पारी की नींव रखी जिन्हें प्लेयर आफ द मैच चुना गया। मिताली ने कहा, ‘‘ स्मृति काफी प्रभावशाली रही है। '' उन्होंने कहा, ‘‘ वनडे में मुझे रिचा घोष और यास्तिका भाटिया ने भी प्रभावित किया। मुझे उम्मीद है की हरमनप्रीत (चोटिल हैं) टी20 मैच में खेलेगी। '' आस्ट्रेलियाई टीम की कप्तान मेग लैनिंग ने कहा, ‘‘अगर मौसम साथ देता तो चार दिन में भी नतीजा निकल आता। भारतीय टीम काफी बढ़िया खेली और हमें बैकफुट में पहुंचा दिया था, लेकिन हमने वापसी की। - कोलकाता। इंडियन सुपर लीग टीम एफसी गोवा ने मोहम्मडन स्पोर्टिंग को 1 . 0 से हराकर पहली बार डूरंड कप फुटबॉल टूर्नामेंट जीत लिया । गोवा के लिये विजयी गोल कप्तान एडुआर्डो बेडिया ने 105वें मिनट में दागा । गोवा के कोच जुआन फर्नांडो फेनोल का भी भारत में यह पहला खिताब है । गोवा को जीत के साथ 40 लाख रूपये मिले जबकि स्पोर्टिंग को 20 लाख रूपये पुरस्कार के तौर पर मिले ।
- चेन्नई। सात बार के राष्ट्रीय चैम्पियन हेमंत मुदप्पा ने रविवार को यहां एमएमएससी एफएमएससीआई भारतीय राष्ट्रीय ड्रैग रेसिंग चैम्पियनशिप के दूसरे दौर में ‘रिबन स्पर्धाओं' में अपना रिकार्ड तोड़ते हुए दो स्वर्ण पदक जीते। मंत्रा रेसिंग के मुदप्पा ने 303 मीटर के मद्रास मोटर रेस ट्रैक पर 230 किमी प्रति घंटे की रफ्तार छू ली। इससे उन्होंने प्रीमियर 4-स्ट्रोक 1051 सीसी क्लास से ऊपर की वर्ग में चैम्पियनशिप की बढ़त बना ली। उन्होंने 4-स्ट्रोक 850 से 1050 सीसी सुपर स्पोर्ट क्लास में 2019 में बनाये गये राष्ट्रीय रिकार्ड को तोड़कर स्वर्ण पदक जीता। वहीं 1051 सीसी क्लास का राष्ट्रीय ड्रैग रिकार्ड भी मुदप्पा के नाम है।
- लीमा (पेरू)। मनु भाकर की अगुवाई में भारत ने दांव पर लगे छह स्वर्ण पदकों में से चार स्वर्ण पदक जीतकर आईएसएसएफ जूनियर विश्व चैंपियनशिप में रविवार को पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल कर लिया। भारत ने 10 मीटर एयर पिस्टल की स्पर्धाओं में क्लीन स्वीप किया। इनमें मिश्रित, महिला एवं पुरुष टीम चैंपियनशिप शामिल हैं। इसके अलावा भारत ने पुरुषों की 10 मीटर राइफल टीम स्पर्धा में भी स्वर्ण पदक जीता। भारत के नाम पर अब छह स्वर्ण, छह रजत और दो कांस्य पदक दर्ज हैं। अमेरिका चार स्वर्ण, चार रजत और दो कांस्य पदक लेकर दूसरे स्थान पर है। भाकर ने दिन में दो स्वर्ण पदक जीते। इस तरह से चैंपियनशिप में उनके स्वर्ण पदकों की संख्या तीन हो गयी है। उन्होंने सरबजोत सिंह के साथ मिलकर मिश्रित टीम स्पर्धा क स्वर्ण जीतने के बाद रिदम सांगवान और शिखा नारवाल के साथ मिलकर 10 मीटर एयर पिस्टल महिला टीम स्पर्धा में सोने का तमगा जीता। भारत ने स्वर्ण पदक के मुकाबले में बेलारूस को 16-12 से हराया। नवीन, सरबजोत सिंह और शिव नारवाल की पुरुष टीम ने भी बेलारूस को 16-14 से पराजित करके सोने का तमगा हासिल किया। इससे पहले पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल टीम ने स्वर्ण पदक जीता था। महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में भारत को रजत पदक मिला। हंगरी ने इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता। महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल टीम ने इससे पहले क्वालीफिकेशन क शुरूआती दौर में 180 निशाने से 1722 अंक के साथ शीर्ष पर थी। टीम दूसरे दौर में भी 569 अंक के साथ शीर्ष पर रही। फाइनल में उसे बेलारूस से टक्कर मिली लेकिन भारतीय निशानेबाजों ने मैच अपने नाम कर लिया। पुरूषों के 10 मीटर पिस्टल टीम स्पर्धा में भी भारतीय निशानेबाज बेलारूस की चुनौती से पार पाने में सफल रहे। महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में भारत की निशा कंवर, जीना खिट्टा और आत्मिका गुप्ता शुरुआती क्वालीफिकेशन दौर में शीर्ष पर रहीं, लेकिन दूसरे दौर में हंगरी की एज्टर मेजरोस, एज्टर डेन्स और ली होर्वथ से पिछड़ कर दूसरे स्थान पर रहीं। हंगरी की टीम फाइनल में भी भारत से श्रेष्ठ साबित हुई। भारतीय टीम को रजत पदक के साथ संतोष करना पड़ा। आत्मिका गुप्ता ने राजप्रीत सिंह के साथ मिलकर 10 मीटर एयर राइफल में मिश्रित टीम स्पर्धा का रजत पदक जीता। आत्मिका इस तरह से दो रजत जबकि राजप्रीत एक स्वर्ण और एक रजत पदक जीतने में सफल रहे।
- जैकसन। आखिरी नौ होल में अंतिम समय में बोगी के कारण भारत के अनिर्बान लाहिड़ी पीजीर टूर पर सेंडरसन फार्म्स चैंपियनशिप गोल्फ टूर्नामेंट में कट से चूक गए जो 2021-22 सत्र में उनकी पहली प्रतियोगिता थी। पहले दिन तीन अंडर 69 का स्कोर बनाने लाहिड़ी ने दूसरे दौर में एक अंडर 71 का कार्ड खेला लेकिन एक शॉट से कट से चूक गए। लाहिड़ी का कुल स्कोर चार अंडर 140 रहा जबकि कट पांच अंडर 139 पर तय किया गया था।इस बीच भारतीय मूल के अमेरिकी साहिथ थीगाला संयुक्त रूप से शीर्ष पर बरकरार हैं। विल जेलाटोरिस ने 11 अंडर 61 का कोर्स रिकॉर्ड बनाया। थीगाला, जेलोटोरिस और निक वाटनी 13 अंडर के कुल स्कोर से संयुक्त रूप से शीर्ष पर हैं।
- गोल्ड कोस्ट। भारत की मध्यम तेज गेंदबाज पूजा वस्त्रकार ने कहा कि आस्ट्रेलिया के खिलाफ दिन रात के टेस्ट के आखिरी दिन भारत को और जज्बा दिखाकर मेजबान को फॉलोआन के लिये मजबूर करना होगा । मैग लानिंग समेत दो विकेट लेने वाली वस्त्रकार और झूलन गोस्वामी के शानदार प्रदर्शन की मदद से भारत ने आस्ट्रेलिया को तीसरे दिन चार विकेट पर 143 रन पर रोक दिया । भारत ने पहली पारी आठ विकेट पर 377 रन बनाकर घोषित की थी । वस्त्रकार ने कहा ,‘‘हमें मैच जीतना है तो कल और आक्रामक खेल दिखाना होगा । हमें आस्ट्रेलिया को फॉलोआन के लिये मजबूर करना होगा । यह असंभव नहीं है और हम कोशिश करेंगे । दो सत्र में हमने चार अहम विकेट लिये । अगर इरादा हो तो क्रिकेट में कुछ भी संभव है ।'' उन्होंने कहा कि दूधिया रोशनी में गुलाबी गेंद से गेंदबाजी का अनुभव अच्छा रहा।उन्होंने कहा ,‘‘ दूधिया रोशनी में गुलाबी गेंद से गेंदबाजी अच्छी रही । गेंद शुरू में उछाल लेती है लेकिन पुरानी होने के बाद नहीं ।'' वहीं आस्ट्रेलियाई बल्लेबाज एलिसी हीली ने कहा कि डीआरएस होता तो अंपायर की गलतियों से बचा जा सकता था जिसकी वजह से लानिंग का विकेट गंवाना पड़ा । उन्होंने कहा ,‘‘ डीआरएस उपलब्ध होने पर मैं कभी मना नहीं करती । हर टेस्ट में होना चाहिये। इससे गलतियों की गुंजाइश कम हो जाती है।
- नई दिल्ली। महिला क्रिकेट में एक ऐतिहासिक उपलब्धि में स्मृति मंधाना ऑस्ट्रेलिया की भूमि पर टेस्ट मैच में शतक लगाने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं। क्वींसलैंड में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पहली बार गुलाबी गेंद से खेले जा रहे दिन और रात के टेस्ट मैच के दूसरे दिन शुक्रवार को स्मृति ने भारत की पहली पारी में अपना शतक पूरा किया। उन्होंने 22 चौकों और एक छक्के की मदद से 127 रन बनाए।पहले दिन का खेल बारिश के कारण चाय के बाद स्थगित कर दिया गया था। खेल रोके जाने तक भारतीय टीम ने एक विकेट पर 132 रन बनाये थे। मंधाना और शेफाली वर्मा ने 93 रनों की साझेदारी कर भारत की मजबूत शुरुआत की। बारिश के कारण दो बार खेल रोकना पड़ा और फिर खराब मौसम के कारण उस दिन का खेल समय से पहले समाप्त करना पडा। क्वींसलैंड में पहले क्रिकेट टेस्ट मैच के दूसरे दिन भारत ने पांच विकेट पर 276 रन बनाये।
- यांकटन (अमेरिका)। भारत के सितारा तीरंदाज अतनु दास और दीपिका कुमारी कांस्य पदक के मुकाबले हार गए जिससे भारत को विश्व कप फाइनल से खाली हाथ लौटना पड़ेगा । भारतीय रिकर्व कोच की गैर मौजूदगी में इस जोड़ी को सर्द मौसम में खेले गए मुकाबले में काफी दिक्कतें आई । दास को मौजूदा ओलंपिक चैम्पियन तुर्की के मेटे गाजोज ने एकतरफा मुकाबले में 6 . 0 (27 . 29, 26 . 27, 28 . 30) से हराया । वहीं दुनिया की दूसरे नंबर की तीरंदाज और दास की पत्नी दीपिका को ओलंपिक टीम कांस्य पदक विजेता मिशेले क्रोप्पेन ने शूटआफ में मात दी । आठवीं बार फाइनल खेल रही दीपिका 5 . 6 (6 . 9) से हारी ।तोक्यो ओलंपिक में क्वार्टर फाइनल से बाहर होने के बाद वह पहला टूर्नामेंट खेल रही थी । तीन बार की ओलंपियन दीपिका जर्मन प्रतिद्वंद्वी के सामने परफेक्ट 30 स्कोर नहीं कर सकी । मिशेले ने पहले दो सेट में पूरे 30 . 30 अंक बनाये जबकि तीसरे सेट में दोनों ने 28 का स्कोर किया ।चौथा सेट दीपिका ने जीता । पांचवें सेट में 28 स्कोर करके दीपिका ने मुकाबले को शूटआफ तक खिंचा लेकिन शूटआफ में अपेक्षाा के अनुरूप नहीं खेल सकी ।दीपिका ने क्वार्टर फाइनल में ओलंपिक टीम रजत पदक विजेता रूस की स्वेतलाना गोंबोएवा को 6 . 4 से हराया था । सेमीफाइनल में वह तोक्यो ओलंपिक दोहरी रजत पदक विजेता रूस की एलेना ओसिपोवा से हार गई थी ।वहीं दास ने जर्मनी के मैक्सीमिलन वेकम्यूलर को हराकर शुरूआत की लेकिन अमेरिका के ब्राडी एलिसन से हार गए ।
- नयी दिल्ली। भारतीय पुरूष हॉकी टीम के अनुभवी स्ट्राइकर एस वी सुनील ने शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय हॉकी से संन्यास ले लिया जिसके साथ ही 14 वर्ष के उनके सुनहरे कॅरिअर पर भी विराम लग गया ।इससे एक दिन पहले ड्रैग फ्लिकर रूपिंदर पाल सिंह और डिफेंडर बीरेंद्र लाकड़ा ने संन्यास की घोषणा की थी । रूपिंदर और लाकड़ा तोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक विजेता भारतीय टीम के सदस्य थे । कर्नाटक के 32 वर्ष के सुनील तोक्यो ओलंपिक में भारतीय टीम का हिस्सा नहीं थे । उन्होंने कहा कि युवा खिलाडिय़ों के लिये मार्ग प्रशस्त करने की कवायद में उन्होंने यह फैसला लिया है ।सुनील ने 264 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलकर 72 गोल किये । उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा- ब्रेक लेने का समय है । भारत के लिये खेलते हुए 14 साल से ज्यादा हो गए । अगले सप्ताह से शुरू हो रहे राष्ट्रीय शिविर के लिये उपलब्ध नहीं हूं । उन्होंने कहा , यह आसान फैसला नहीं था लेकिन उतना कठिन भी नहीं था चूंकि मैं तोक्यो ओलंपिक के लिये टीम में जगह नहीं पा सका था । इससे एक खिलाड़ी के तौर पर 11 खिलाडिय़ों के प्रारूप में मेरे भविष्य पर भी सवाल उठ गये थे । सुनील ने कहा , पेरिस ओलंपिक में तीन ही साल बचे हैं और मुझे लगता है कि सीनियर खिलाड़ी होने के नाते मेरे लिये यह जरूरी है कि युवाओं के लिये मार्ग प्रशस्त करूं और भविष्य के लिये विजयी टीम बनाने में मदद करूं ।कुर्ग के रहने वाले इस अर्जुन पुरस्कार प्राप्त खिलाड़ी ने 2007 में एशिया कप में अंतरराष्ट्रीय हॉकी में पदार्पण किया था । भारत ने फाइनल में पाकिस्तान को हराकर खिताब जीता था । दो बार ओलंपिक खेल चुके सुनील भारत की फॉरवर्ड पंक्ति का अहम हिस्सा रहे । वह 2011 एशियाई चैम्पियंस ट्रॉफी में स्वर्ण और 2012 में रजत पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा थे । उन्होंने 2014 इंचियोन एशियाई खेलों और 2018 में जकार्ता में क्रमश: स्वर्ण और रजत पदक जीता । वह 2015 एफआईएच विश्व लीग फाइनल में कांस्य जीतने वाली टीम के भी सदस्य थे और 2017 में भुवनेश्वर में इसी टूर्नामेंट में कांस्य जीतने वाली टीम में भी थे ।
- नयी दिल्ली । पूर्व भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज विजय दहिया को गुरुवार को उत्तर प्रदेश क्रिकेट टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया गया। उत्तर प्रदेश क्रिकेट संघ (यूपीसीए) ने सोशल मीडिया के माध्यम से यह घोषणा की।यूपीसीए ने ट्वीट किया, ‘‘वह अनुभवी कोच हैं और हम उनके रहते हुए अपने सभी सपनों को साकार करने के लिये एक शानदार सफर की उम्मीद कर रहे हैं।'' दहिया इससे पहले दिल्ली के कोच तथा इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में कोलकाता नाइट राइडर्स और दिल्ली कैपिटल्स के सहायक कोच रह चुके हैं। दहिया ने भारत की तरफ से दो टेस्ट और 19 एकदिवसीय मैच खेले।
- दोहा। श्रीजा अकुला को दो बार शिकस्त का सामना करना पड़ा जिससे भारतीय महिला टीम यहां एशियाई टेबल टेनिस चैंपयिनशिप के क्वार्टर फाइनल में शीर्ष वरीय जापान से 1-3 से हार गई। जापान की दुनिया की 19वें नंबर की खिलाड़ी हितोमी सातो ने श्रीजा अकुला को पहले मैच में 11-5, 11-3, 11-3 से हराया जबकि अर्चना कामत को कड़ी चुनौती पेश करने के बावजूद साकी शिबाता के खिलाफ 12-1- 7-11 4-11 12-10 9-11 से हार झेलनी पड़ी। सुतीर्था मुखर्जी ने जापान की मियु नागासाकी को कड़े मुकाबले में 3-2 (11-7, 11-8, 5-11, 7-11, 11-8) से हराकर भारत को वापसी कराने की कोशिश की। साकी ने हालांकि उलट एकल में श्रीजा अकुला को 8-11, 10-12, 11-2, 11-9, 11-8 से हराकर जापान की जीत सुनश्चित की। महिला टीम ने क्वालीफायर के दूसरे चरण में उज्बेकिस्तान को 3-0 से हराया था जबकि पहले चरण में नेपाल और जोर्डन को इसी अंतर से मात दी थी। पुरुष टीम ने बुधवार को क्वार्टर फाइनल में ईरान को 3-1 से हराकर टूर्नामेंट में अपना पहला पदक सुनिश्चित किया। शुक्रवार को टीम का सेमीफाइनल में सामना दक्षिण कोरिया से होगा।
- नयी दिल्ली। ओलंपिक कांस्य पदक विजेता भारतीय हॉकी टीम के अहम सदस्य रहे स्टार ड्रैग फ्लिकर रूपिंदर पाल सिंह ने युवाओं के लिये रास्ता बनाने की कवायद में अंतरराष्ट्रीय हॉकी से तुरंत प्रभाव से संन्यास लेने की घोषणा की है। देश के सर्वश्रेष्ठ ड्रैग फ्लिकर में शामिल किए जाने वाले 30 साल के रूपिंदर ने 223 मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व किया। ‘बॉब' के नाम से मशहूर रूपिंदर ने तोक्यो ओलंपिक में भारत के कांस्य पदक जीतने के अभियान के दौरान चार गोल दागे थे जिसमें तीसरे स्थान के प्ले आफ में जर्मनी के खिलाफ पेनल्टी स्ट्रोक पर किया गोल भी शामिल था। रूपिंदर का यह फैसला हैरानी भरा है क्योंकि उनकी फिटनेस और फॉर्म को देखते हुए स्पष्ट तौर पर वह कुछ ओर साल आसानी से खेल सकते थे। रूपिंदर ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर बयान मे लिखा ,‘‘इसमें कोई संदेश नहीं कि पिछले कुछ महीने मेरे जीवन के सर्वश्रेष्ठ दिन रहे। मैंने अपने जीवन के कुछ शानदार अनुभव जिनके साथ साझा किए टीम के अपने उन साथियों के साथ तोक्यो में पोडियम पर खड़े होना ऐसा अहसास था जिसे मैं हमेशा सहेजकर रखूंगा।'' उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि अब समय आ गया है जब युवा और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को उस आनंद की अनुभूति का अवसर दिया जाए जो भारत के लिए खेलते हुए मैं पिछले 13 साल से अनुभव कर रहा हूं ।'' पंजाब के फरीदकोट से तोक्यो में पोडियम तक के सफर के दौरान रूपिंदर ने कड़ी मेहनत और कई बार वापसी की।मई 2010 में इपोह में सुल्तान अजलन शाह कप में अंतरराष्ट्रीय पदार्पण के बाद से रूपिंदर भारत की रक्षापंक्ति के अहम सदस्य रहे और वीआर रघुनाथ के साथ मिलकर उन्होंने खतरनाक ड्रैग फ्लिक संयोजन बनाया। निडर रक्षण के अलावा रूपिंदर पर उनके कप्तान पेनल्टी कॉर्नर और पेनल्टी स्ट्रोक पर गोल करने के लिए भी काफी भरोसा करते थे। रूपिंदर की मजबूत कद-काठी और लंबाई पेनल्टी कॉर्नर के समय किसी भी टीम के डिफेंस को परेशान करने के लिए पर्याप्त थी। उन्हें अपने चतुराई भरे वैरिएशन के लिए भी जाना जाता था। रूपिंदर को 2014 विश्व कप में भारतीय टीम का उप कप्तान बनाया गया और वह इसी साल राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतने वाली भारतीय टीम का भी हिस्सा रहे। रूपिंदर उस भारतीय टीम का भी हिस्सा रहे जिसने 2014 इंचियोन एशियाई खेलों में स्वर्ण और 2018 जकार्ता एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीता। एशियाई खेलों में निराशा के बाद रूपिंदर को बलि का बकरा भी बनाया गया और इसके बाद टीम के हुए बदलाव के दौरान उनकी अनदेखी की गई। वह चोटों से भी परेशान रहे। पैर की मांसपेशियों में समस्या के कारण 2017 में उनका करियर लगभग खत्म ही हो गया था। इस समय को उन्होंने अपने करियर का सबसे मुश्किल समय करार दिया था। चोट के कारण उनके छह महीने तक बाहर रहने का सबसे अधिक फायदा हरमनप्रीत को मिला लेकिन उनकी सफल वापसी के बाद ये दोनों शॉर्ट कॉर्नर पर भारत के ट्रंप कार्ड बने और इनकी जोड़ी तोक्यो तक बनी रही। रूपिंदर ने अपने करियर की सबसे बड़ी सफलता इस साल तोक्यो खेलों में हासिल की।

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