एनएमडीसी ने लौह अयस्क के दाम 200 रुपये प्रति टन बढ़ाए
नयी दिल्ली. सार्वजनिक क्षेत्र की एनएमडीसी ने लौह अयस्क के टुकड़े और चूरे की कीमतों में 200 रुपये प्रति टन की वृद्धि की है। बढ़ी हुई कीमतें तत्काल प्रभाव से लागू हो गयी हैं। देश की सबसे बड़ी लौह अयस्क खनन कंपनी ने बुधवार को शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि उसने बैला टुकड़े (लंप) अयस्क का दाम 5,500 रुपये प्रति टन और चूरे (फाइन) का 4,700 रुपये प्रति टन तय किया है। लौह अयस्क टुकड़े या उच्च श्रेणी के लौह अयस्क में 65.5 प्रतिशत लौह सामग्री होती है। वहीं लौह अयस्क चूरा निम्न श्रेणी का अयस्क हैं जिनमें 64 प्रतिशत या उससे कम लौह सामग्री होती है। एनएमडीसी ने पांच अप्रैल को घोषित पिछले मूल्य संशोधन में, बैला टुकड़े का दाम 5,300 रुपये प्रति टन और चूरे का 4,500 रुपये प्रति टन तय किया था। छह मई से प्रभावी नई कीमतों में रॉयल्टी, जिला खनिज निधि (डीएमएफ) तथा राष्ट्रीय खनिज अन्वेषण ट्रस्ट (डीएमईटी) शामिल नहीं हैं। इनमें उपकर, 'वन परमिट' शुल्क, पारगमन शुल्क, जीएसटी, पर्यावरण उपकर और अन्य कर भी शामिल नहीं हैं। लौह अयस्क इस्पात विनिर्माण में उपयोग होने वाले कच्चे माल में शामिल है और इसकी कीमतों में किसी भी प्रकार का बदलाव इस्पात की दरों पर सीधा प्रभाव डालता है। इस्पात एक मिश्रधातु है जिसका व्यापक उपयोग निर्माण, अवसंरचना, मोटर वाहन और रेलवे जैसे क्षेत्रों में होता है। इस्पात मंत्रालय के अंतर्गत आने वाला हैदराबाद स्थित एनएमडीसी (जिसका पहले नाम राष्ट्रीय खनिज विकास निगम था) भारत के कुल लौह अयस्क उत्पादन में लगभग 20 प्रतिशत का योगदान देता है।









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