ब्रेकिंग न्यूज़

उप राष्ट्रपति वैंकेया नायडु की वर्चुअल उपस्थिति में सम्पन्न हुआ अटल विवि का दीक्षांत समारोह
*राज्यपाल ने बांटे 117 महिला सहित कुल 162 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल*
*उच्च शिक्षा में विशेष योगदान के लिए 8 विद्वानों को मानद उपाधि*
*अटल विवि की त्रैमासिक पत्रिका ‘कन्हार‘ सहित अनेक पुस्तकों का विमोचन*
*लक्ष्य निर्धारित कर उसे प्राप्त करने में पूरी ताकत लगा दें: राज्यपाल*
बिलासपुर/ अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर का तीसरा दीक्षांत समारोह आज यहां बहतराई स्टेडियम परिसर में उप राष्ट्रपति श्री एम.वैंकेया नायूड की आभासी उपस्थिति में समारोहपूर्वक संपन्न हुआ। अध्यक्षता राज्यपाल एवं कुलाधिपति सुश्री अनुसुईया उइके ने की। समारोह में 117 मेधावी छात्राओं सहित कुल 162 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक एवं डिग्री से अलंकृत किया गया। उच्च शिक्षा के विकास एवं प्रबंधन में महत्वपूर्ण योगदान के लिए 8 विद्वानों को विद्या वाचस्पति की मानद उपाधि से विभूषित किया गया। उच्च शिक्षा मंत्री श्री उमेश पटेल सहित स्थानीय विधायक श्री शैलेश पाण्डेय, बेलतरा विधायक श्री रजनीश सिंह, लोरमी विधायक धरमजीत सिंह,कुलपति श्री एडीएन वाजपेयी विशेष रूप से उपस्थित थे। सुश्री उईके ने इस अवसर पर अटल बिहारी विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित त्रैमासिक पत्रिका कन्हार सहित डॉ. सीमा बेलोरकर एवं डॉ. पूजा पाण्डेय द्वारा लिखित पुस्तकों का विमोचन किया। 
            दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि एवं उप राष्ट्रपति श्री एम.वैंकेया नायडू ने अपने वर्चुअल उद्बोधन में कहा कि देश का भविष्य युवाओं के सपनों और आशाओं से गढ़ा जायेगा। देश की 65 प्रतिशत से अधिक आबादी 35 साल से कम उम्र के युवाओं का है । दीक्षांत के बाद संस्थान के प्रतिभाशाली युवा अपनी रूचि के क्षेत्रों में अपना और विश्चविद्यालय का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने कहा कि हम अपनी प्राचीन समृद्ध ज्ञान एवं परम्परा को भूल गये हैं। हमें अपनी पुरानी प्रतिष्ठा फिर से अर्जित करने के लिए शिक्षण संस्थाओं को विश्वस्तरीय बनाना होगा। नये शोध एवं नवाचार गतिविधियों को बढ़ाना होगा। उप राष्ट्रपति ने कहा कि हम तेजी से बदलती तकनीकी युग में जी रहे हैं। हम अपने विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रमों को आधुनिक संदर्भ में प्रासंगिक बनाना चाहिए। उच्च शिक्षा को नये अवसरों से जोड़ा जाना चाहिए। 
               कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने स्वर्ण पदक एवं मानद उपाधि प्राप्त सभी विद्यार्थियों एवं विद्वानो को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन सम्पूर्ण जीवनकाल का महत्वपूर्ण समय होता है। अच्छे और बुरे का बोध हमें इसी समय पता लगता है। मानवीय मूल्यों, संस्कारों और रचनात्मक क्षमता का विकास इसी दौरान होता है। कड़ी मेहनत से जीवन को दिशा मिलती है। उन्होंने आह्वान किया कि विद्यार्थी अपने जीवन का लक्ष्य निर्धारित करें और इसे प्राप्त करने के लिये निरंतर प्रयास करें। एक दिन जरूरी कामयाबी मिलेगी। प्रारंभिक विफलताओं से हमें निराश होने की जरूरत नही हैं। उन्होंने कहा कि आज मेडल प्राप्त 162 विद्यार्थियों में 117 विद्यार्थी महिलाएं हैं। यह समाज के लिए गौरव का विषय है। महिला सशक्तिकरण का नमूना भी है। केवल कागज की डिग्री प्राप्त कर लेना महत्वपूर्ण नहीं हैं, हमें संवेदनशीलता और मानवीय संवेदना के साथ गरीबों एवं जरूरतंमंद लोगों की सेवा के लिए तत्पर रहना चाहिए। 
          उच्च शिक्षा मंत्री श्री उमेश पटेल ने कहा कि अटल विश्वविद्यालय ने गढ़बों नवा छत्तीसगढ़ की तर्ज पर गढ़बो नवा विश्वविद्यालय का नारा देकर अकादमिक एवं शोध के क्षेत्र में अच्छा काम कर रहा है। विश्वविद्यालय ने छत्तीसगढ़ी भाषा में नोट शीट प्रचलित कर अच्छी पहल की है। विश्वविद्यालय ने विभिन्न क्षेत्रों में शोध को नई दिशा देने के लिए शोधपीठों की स्थापना की है। इससे नये-नये तथ्य एवं जानकारी सामने आएंगे। राज्य के युवाओं को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए उच्च शिक्षा विभाग प्रतिबद्ध है। दीक्षांत उद्बोधन संघ लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर पी.के.जोशी ने दिया। उन्होंने बधाई देते हुए कहा कि विद्यार्थी नयी पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करते हैं। सामाजिक जिम्मेदारी, जवाबदेही, निष्पक्षता और ईमानदारी को मुख्य मूल्य के रूप में अपनाना चाहिए। ये मूल्य आप में से प्रत्येक के दिल में होने चाहिए क्योंकि कुछ  लोगों की व्यक्तिगत  संपत्ति की तुलना में कई लोगों का अस्तित्व निर्विवाद रूप से अधिक महत्वपूर्ण है। कुलपति ए.डी.एन बाजपेयी ने स्वागत भाषण दिया और विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की जानकारी दी। कुलसचिव श्री सुधीर शर्मा ने आभार व्यक्ति किया।
 
*इन्हें मिली मानद उपाधि*
उच्च शिक्षा के विकास एवं प्रबंधन में महत्वपूर्ण कार्य के लिए  पूर्व विधायक श्री बोधराम कंवर, श्री किशन सिंह ठाकुर, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति श्री अशोक मित्तल, सरदार पटेल एजुकेशनल ट्रस्ट के प्रबंध न्यासी एवं सचिव श्री भीखाभाई एन.पटेल, साहित्य में योगदान के लिए सतीश जायसवाल, राजनीतिकसेवा एवं उत्कृष्ट कार्यों के लिए लोरमी विधायक श्री धरमजीत सिंह, गरीबी उन्मूलन एवं अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए श्रीमती गौरी सिंह और वाणिज्य शिक्षा में विशेष योगदान के लिए श्री एन.एच नाथवानी को मानद उपाधि से विभूषित किया गया है। इसके अलावा शासकीय सेवा के साथ-साथ पढ़ाई करते हुए डिप्टी कमिश्नर श्रीमती अर्चना मिश्रा सहित आकांक्षा पाण्डेय एवं अंजु शुक्ला ने भी स्वर्ण पदक प्राप्त किया। सुश्री अर्चना मिश्रा  को एलएलएम में सर्वोच्च अंक हासिल करने के लिए सम्मानित किया। राज्यपाल सुश्री उइके ने अपने उद्बोधन में इन महिला अधिकारियों का विशेष रूप से जिक्र करते हुए बधाई दी।     
 

Related Post

Leave A Comment

Don’t worry ! Your email address will not be published. Required fields are marked (*).

Chhattisgarh Aaj

Chhattisgarh Aaj News

Today News

Today News Hindi

Latest News India

Today Breaking News Headlines News
the news in hindi
Latest News, Breaking News Today
breaking news in india today live, latest news today, india news, breaking news in india today in english