हिंदी की पढ़ाई में सर्वाधिक महत्वपूर्ण लिखावट: रचना तिवारी
महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर स्कूल की शिक्षिका ने बच्चों को हिंदी में अधिकाधिक अंक अर्जित करने के बताए तरीके
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में हिंदी की शिक्षिका रचना तिवारी ने कहा कि बोर्ड परीक्षा की तैयारी में व्याकरण का विशेष महत्व है। हिंदी विषय की पढ़ाई में सबसे महत्वपूर्ण हमारी लिखावट होती है। सुंदर अक्षरों के साथ हमें प्रश्नपत्र हल करना चाहिए। जब हम लिखकर अभ्यास करते हैं, तो वह लिखा हुआ हमारे स्मृति पटल पर छप जाता है, हमें याद रहता है। परीक्षा कक्ष में भी आसानी से याद आ जाता है। सवालों के जवाब रटे नहीं, समझे और उत्तर अपने शब्दों में लिखे।
रचना के अनुसार पूरा सिलेबस समझना जरूरी है, जिसमें गद्य, पद्य, व्याकरण, अपठित गद्यांश और लेखन कौशल शामिल होते हैं। गद्य और पद्य की तैयारी करते समय अध्यायों को बार-बार पढ़ें, लेखक या कवि का नाम याद रखें और मुख्य भाव और संदेश को समझें, क्योंकि परीक्षा में भावार्थ और केंद्रीय विचार से जुड़े प्रश्न अधिक पूछे जाते हैं। व्याकरण पर विशेष ध्यान देना चाहिए क्योंकि इससे पक्के अंक मिलते हैं।
हिंदी की शिक्षिका रचना ने कहा कि समास, अलंकार, मुहावरे, संधि और वाक्य शुद्धि जैसे विषयों का रोज अभ्यास करें। लेखन कौशल में निबंध, पत्र, अनुच्छेद और विज्ञापन लेखन का अभ्यास करें। सही प्रारूप और साफ लिखावट पर ध्यान दें। साथ ही, पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र हल करने से परीक्षा पैटर्न समझ में आता है और समय प्रबंधन की आदत बनती है। नियमित पुनरावृत्ति, अपने शब्दों में उत्तर लिखना और प्रश्नों को ध्यान से पढ़कर उत्तर देना अच्छे अंक प्राप्त करने में बहुत सहायक सिद्ध होता है।
रचना तिवारी ने कहा कि अपठित गद्यांश और अपठित पद्यांश को ध्यान से दो बार अवश्य पढ़ें, तभी हमें उत्तर मिलते हैं। एक बहुत आवश्यक बात प्रश्नों के उत्तर लिखते समय शब्द सीमा का ध्यान रखें, ताकि अनावश्यक बातें न लिखें ताकि इससे समय भी बचे। साथ ही हमारे कोई भी प्रश्न न छूटें।

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