तात्कालिक भाषण में डाॅ. रक्षा वैद्य रहीं विजेता
-महाराष्ट्र मंडल में महिला दिवस पर हुई स्पर्धा, डा. वंदना उप विजेता और श्रुति तीसरे स्थान पर
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित तात्कालिक भाषण स्पर्धा में तात्यापारा केंद्र की डॉ. रक्षा वैद्य विजेता घोषित की गईं। डॉ. रक्षा ने कहा एक उद्यमी खुद को नहीं, बल्कि अन्य को आगे बढ़ाता है। उसका आत्मविश्वास कार्य के प्रति जीवटता उस पर आश्रित अन्य लोगों को रोजगार उपलब्ध कराता है। उद्यमी महिलाएं आर्थिक के साथ मानसिक रूप से भी मजबूत होती हैं।उप विजेता रोहिणीपुरम केंद्र की डॉ. वंदना काले और तीसरे स्थान पर बूढ़ापारा केंद्र की श्रुति करकशे रहीं। डा. वंदना ने कहा कि मंजिल उन्हीं को मिलती है, जो आत्मविश्वास से भरा हो। किसी भी कार्य को करने के लिए आत्मविश्वास का होना जरूरी है। कई बार लोगों को हमारे इस कान्फिडेंस में ओवर कान्फिडेंस नजर आता है। खुद कोई काम आत्मविश्वास के साथ करें और लोगों में आत्मविश्वास जगाएं भी। स्वयं सहायता समूह और महिलाओं का विकास विषय पर श्रुति करकशे ने कहा कि जब एक महिला सशक्त होती है, तो वह परिवार और समाज का विकास करती है। स्व. सहायता समूहों को सुदृढ़ बनाने के लिए हरसंभव मदद कर सकती है। इन समूहों के माध्यम से आगे बढ़ सकती है। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. अनुपमा आनंद जोशी ने तीनों विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कृत कर प्रोत्साहित किया और उनके प्रखर संभाषण की प्रशंसा की। तात्कालिक भाषा स्पर्धा में 10 केंद्रों की महिला प्रतिभागियों ने भाग लिया था।


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