भारतीय भौतिक विज्ञानी दीपक धर को प्रतिष्ठित 2026 डिराक पदक मिला
लंदन. भारतीय भौतिक विज्ञानी दीपक धर को ''सांख्यिकीय यांत्रिकी में उनके महत्वपूर्ण योगदान'' को लेकर प्रतिष्ठित '2026 डिराक पदक' से सम्मानित किया गया है। यह सैद्धांतिक भौतिकी के क्षेत्र में दुनिया के प्रमुख सम्मानों में एक है। इटली स्थित अंतरराष्ट्रीय सैद्धांतिक भौतिकी केंद्र (आईसीटीपी) ने शनिवार को एक बयान में कहा कि इस वर्ष धर समेत चार भौतिक विज्ञानियों को यह पदक प्रदान किया गया है। धर बेंगलुरु स्थित 'टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च' के 'इंटरनेशनल सेंटर फॉर थियोरेटिकल साइंसेज' (आईसीटीएस-टीआईएफआर) में प्रोफेसर हैं। वर्ष 1985 में स्थापित 'डिराक पदक' सैद्धांतिक भौतिकी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदानों को मान्यता देता है। इस पुरस्कार को पाने वाले ऐसे कई वैज्ञानिक हैं जिन्हें बाद में नोबेल पुरस्कार और फील्ड्स मेडल समेत दुनिया के सर्वोच्च वैज्ञानिक सम्मान मिले । धर को 2026 का यह 'पदक' फ्रांस के बर्नार्ड डेरिडा, इटली के मार्क मेजार्ड और इजराइल एवं अमेरिका के हैम सोमपोलिंस्की के साथ संयुक्त रूप से मिला है। इन चारों वैज्ञानिकों को उनके उन कार्यों के लिए सम्मानित किया गया है, जिनसे जटिल प्रणालियों को समझने में वैज्ञानिकों को मदद मिली है। इनके शोध का उपयोग जीव विज्ञान, वित्तीय बाजारों, कंप्यूटर विज्ञान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों में भी होता है। धर ने 'कैलिफ़ोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी' से अपनी पीएचडी पूरी की और 2016 में 'इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च' से जुड़ने से पहले, कई दशकों तक मुंबई के 'टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ़ फंडामेंटल रिसर्च' में काम किया था। धर को 2023 में पद्म भूषण, 2022 में नोबेल पुरस्कार विजेता जॉन हॉपफील्ड के साथ संयुक्त रूप से बोल्ट्ज़मैन मेडल और 1991 में शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार भी मिला था।










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