जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने के तरीकों पर शोध की जरूरत : गडकरी
नयी दिल्ली. केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को कहा कि जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने के तरीकों पर शोध की जरूरत है, क्योंकि इससे पर्यावरण संबंधी कई समस्याओं को कम करने में मदद मिलेगी। गडकरी ने कहा कि शोध कार्यों में सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए पर्यावरण अनुकूल जीवन बनाने की भी बहुत बड़ी संभावना है। गडकरी ने ऐजिस ग्राह्म बेल अवॉर्ड्स के 14वें संस्करण में संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हमें ऐसे अनुसंधान की जरूरत है जो हमारे आयात (ईंधन के) को कम करने के लिए है, जो सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े लोगों की मदद करने वाला है, और जहां हम पारिस्थितिकी और पर्यावरण की समस्याओं को कम करने के लिए कचरे का उपयोग कर सकते हैं।'' उन्होंने कहा कि विभिन्न प्रौद्योगिकियों का उपयोग करते हुए भारत एक दिन मजबूत स्थिति में पहुंच जाएगा। पांच साल में एक दिन आएगा जब देश जैव-विमानन ईंधन का निर्यातक होगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बांस गेहूं के भूसे और चावल के भूसे से बायोमास का उपयोग करके एथनॉल बनाया जा सकता है और एथनॉल से जैव-विमानन ईंधन बनाया जा सकता है।

.jpeg)






.jpg)

Leave A Comment