भारत-यूरोपीय संघ एफटीए और पूर्व के व्यापार समझौतों से युवाओं के लिए अनगिनत अवसर पैदा होंगे : मोदी
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच एक दिन पहले हुए 'ऐतिहासिक' मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान को गति मिलेगी, 'मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड' के संकल्प को मजबूती मिलेगी और लाखों भारतीय युवाओं के लिए अवसरों के अनगिनत द्वार खुलेंगे। मोदी ने दिल्ली छावनी में आयोजित वार्षिक राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) पीएम रैली को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया में भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की अब तक के सबसे बड़े समझौते के तौर पर प्रशंसा की जा रही है। उन्होंने कहा कि इसका अभिप्राय भारतीय युवाओं के लिए ''आकांक्षाओं को साकार करने की स्वतंत्रता'' होगा। मोदी ने कहा कि इसे दुनिया और भारतीय स्टार्टअप जगत के लिए 'पासा पलटने वाले समझौते' के रूप में भी देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि फिल्म, गेमिंग, फैशन, डिजिटल कंटेंट, संगीत और डिजाइन सहित रचनात्मक अर्थव्यवस्था को इससे लाभ होगा। मोदी ने कहा कि युवाओं, अनुसंधान और शिक्षा के साथ-साथ आईटी और अन्य व्यवसायों के लिए भी अनगिनत अवसर पैदा होंगे। भारत और यूरोपीय संघ ने मंगलवार को एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए। इसे अब तक का सबसे बड़ा व्यापार समझौता कहा जा रहा है। इसका उद्देश्य दो अरब लोगों का बाजार तैयार करना है। प्रधानमंत्री मोदी और यूरोपीय संघ के शीर्ष नेतृत्व ने नियम-आधारित विश्व व्यवस्था की रक्षा के लिए व्यापार और रक्षा का बड़े पैमाने पर लाभ उठाने हेतु एक परिवर्तनकारी पांच वर्षीय एजेंडे का अनावरण किया। अमेरिका के साथ तनावपूर्ण संबंधों के बीच मोदी द्वारा यूरोपीय संघ के नेताओं उर्सुला फॉन डेर लायन और एंटोनियो कोस्टा की शिखर वार्ता की मेजबानी के बाद दोनों पक्षों ने दो महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इनमें से एक सुरक्षा और रक्षा सहयोग से जुड़ा है जबकि दूसरा समझौता यूरोप में भारतीय प्रतिभाओं की आवाजाही से संबंधित है। भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता विश्व के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का एक चौथाई और वैश्विक व्यापार का एक तिहाई हिस्सा होगा। मोदी ने रेखांकित किया कि इससे 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान को गति मिलेगी और 'मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड' के संकल्प को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस समझौते के तहत, भारत के 99 प्रतिशत से अधिक निर्यात पर शुल्क या तो शून्य होगा या बहुत कम होगा, जिससे कपड़ा, चमड़ा, रत्न और आभूषण, जूते, इंजीनियरिंग सामान और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) जैसे उद्योगों को लाभ होगा, और बुनकरों, कारीगरों और छोटे उद्यमियों को यूरोपीय संघ के 27 देशों के विशाल बाजारों तक 'सीधी पहुंच' मिलेगी। मोदी ने कहा कि इस समझौते से भारत में और अधिक निवेश आएगा, जिससे नए इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, रसायन, फार्मा और अन्य विनिर्माण संयंत्र स्थापित होंगे, साथ ही कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और मत्स्य पालन के लिए सुनिश्चित बाजार बनेंगे जो किसानों, मछुआरों और ग्रामीण युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर होगा। मोदी ने रेखांकित किया कि यह मुक्त व्यापार समझौता भारत के युवाओं को यूरोप के रोजगार बाजार से सीधे जोड़ता है, जिससे विशेष रूप से इंजीनियरिंग, हरित प्रौद्योगिकी, डिजाइन, लॉजिस्टिक्स और उन्नत विनिर्माण में अवसर पैदा होते हैं। उन्होंने कहा कि इसका अभिप्राय है कि इन 27 देशों में भारतीय युवाओं के लिए नए रास्ते खुल रहे हैं। यूरोपीय संघ के सदस्यों में फ्रांस, जर्मनी, पोलैंड, पुर्तगाल, यूनान, फिनलैंड, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, डेनमार्क, इटली, नीदरलैंड, स्पेन और स्वीडन सहित अन्य देश शामिल हैं। एनसीसी की प्रधानमंत्री रैली का आयोजन करियप्पा परेड ग्राउंड में किया गया। इस वर्ष की रैली का विषय 'राष्ट्र प्रथम - कर्तव्य निष्ठ युवा' था। एनसीसी के विभिन्न निदेशालयों के दलों ने परेड किया, जिसके बाद कैडेट, राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) स्वयंसेवकों और राष्ट्रीय रंगशाला के कलाकारों द्वारा 'वंदे मातरम्' की थीम पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये गए। मोदी ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि पूरी दुनिया भारत के युवाओं को 'बहुत भरोसे' से देख रही है और इस भरोसे का कारण 'कौशल और संस्कार' हैं। उन्होंने कहा, ''मैंने लाल किले से संबोधित करते हुए कहा था, 'यही समय है, सही समय है'। देश के युवाओं के लिए यह अधिकतम अवसरों का समय है।'' उन्होंने रेखांकित किया कि सरकार का प्रयास यह सुनिश्चित करना है कि युवाओं को इस अवधि का 'अधिक से अधिक लाभ' मिले। प्रधानमंत्री ने कहा, ''इसका एक उदाहरण आपने कल ही देखा। भारत और यूरोपीय संघ ने एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते पर सहमति जताई। इससे पहले, भारत ने ओमान, न्यूजीलैंड, ब्रिटेन, संयुक्त अरब अमीरात, ऑस्ट्रेलिया और मॉरीशस जैसे देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं। इन सभी समझौतों से हमारे लाखों युवाओं के लिए अवसर के अनगिनत द्वार खुलेंगे।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि एनसीसी, एक संगठन और एक आंदोलन के रूप में, भारत की युवा शक्ति को 'आत्मविश्वास' से भर देती है और उन्हें अनुशासित और संवेदनशील नागरिक बनाती है जो राष्ट्र के प्रति समर्पित हैं। मोदी ने रेखांकित किया कि हाल के वर्षों में एनसीसी कैडेट की संख्या (स्वीकृत संख्या) 14 लाख से बढ़कर 20 लाख हो गई है, जिसमें सीमावर्ती और तटीय क्षेत्रों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने 'परमवीर सागर यात्रा' का प्रतीकात्मक समापन किया, जिसके तहत कई कैडेटों ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का दौरा किया। इस प्रतीकात्मक समुद्री अभियान का आयोजन देश के सर्वोच्च वीरता पुरस्कार, परमवीर चक्र विजेताओं के अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान को सम्मान देने के लिया गया था।








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