एआई से चार्टर्ड अकाउटेंट के लिए समय की बचत होगी: आईसीएआई अध्यक्ष
नयी दिल्ली. भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान (आईसीएआई) के अध्यक्ष रंजीत कुमार अग्रवाल ने बुधवार को कहा कि कृत्रिम मेधा (एआई) से लेखा कार्यों में मदद मिलेगी और इससे चार्टर्ड अकाउंटेंट को विश्लेषणात्मक काम पर ध्यान केंद्रित करने के लिए काफी समय मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि देश में चार्टर्ड अकाउंटेंट की काफी मांग है। आईसीएआई का अनुमान है कि अगले 20 से 25 साल में करीब 30 लाख चार्टर्ड अकाउंटेंट की जरूरत होगी। पिछले साल करीब 22,000 छात्रों ने चार्टर्ड अकाउटेंट की परीक्षा पास की। हाल में आईसीएआई के अध्यक्ष का पदभार संभालने वाले अग्रवाल ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि कृत्रिम मेधा के उपयोग पर एक समिति अगले दो महीनों में एक रूपरेखा लेकर आएगी। उन्होंने कहा कि एआई ऐसी प्रौद्योगिकी है, जिससे काफी समय की बचत हो रही है।
अग्रवाल ने कहा, ‘‘इससे आपको (चार्टर्ड अकाउंटेंट को) विश्लेषण के लिए अधिक समय मिलेगा... मेरा मानना है कि एआई चार्टर्ड अकाउंटेंट के पेशे के लिए मददगार साबित होने जा रहा है। इससे वे अन्य विश्लेषणात्मक क्षेत्रों पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।'' अग्रवाल ने कहा, ‘‘एआई चार्टर्ड अकाउंटेंट को बड़े क्षेत्रों में काम करने की अधिक गुंजाइश दे रहा है...एआई मानव बुद्धि से आगे नहीं निकल सकता।'' कई चार्टर्ड अकाउटेंट के नियामकीय जांच के दायरे में आने के बारे में उन्होंने ने कहा कि संस्थान ने चीजें संतुलित रखने के लिए कई उपाय किये हैं। अनुपालन नहीं करने के मामले में आईसीएआई ने सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई की है। उन्होंने यह भी कहा कि कई ऐसे मामले हैं जहां चार्टर्ड अकाउटेंट के खिलाफ गलत शिकायत की गयी है। यह चिंता की बात है और इससे निपटने के लिए कदम उठाये जा रहे हैं। कॉरपोरेट मामलों का मंत्रालय चार्टर्ड अकाउंटेंट के हितों की रक्षा के लिए दिशानिर्देश लेकर आएगा।
अग्रवाल ने कहा कि यह जांच एजेंसियों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) होगी।
अग्रवाल ने कहा कि सालाना आधार पर लगभग 400-500 शिकायतें आती हैं।
बायजू मामले पर एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया के अधीन है। नियामक कुछ वित्त वर्षों के लिए शिक्षा प्रौद्योगिकी कंपनी के वित्तीय खुलासों की जांच कर रहा है। इस बीच, उन्होंने कहा कि पिछले साल, लगभग 22,000 छात्रों ने चार्टर्ड अकाउंटेंट परीक्षा पास की और उनमें से 9,000 ने ‘कैंपस प्लेसमेंट' का विकल्प चुना।

.jpeg)






.jpg)

Leave A Comment