अगले पांच वर्षों में 700 लाख टन खाद्यान्न भंडारण सुविधाओं का निर्माण किया जाएगाः प्रधानमंत्री
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि देश में अगले पांच वर्षों में विश्व की सबसे बड़ी खाद्यान्न भंडारण योजना के अंतर्गत सात सौ लाख टन खाद्यान्न भंडारण सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस विशाल परिय़ोजना पर आने वाले वर्षों में एक लाख 25 हजार करोड़ से अधिक रुपये खर्च किये जायेंगे।
प्रधानमंत्री ने आज नई दिल्ली में सहकारिता क्षेत्र की विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण किया और आधारशिला रखी। श्री मोदी ने सहकारी क्षेत्र में 11 राज्यों की 11 प्राथमिक कृषि ऋण समितियों- पैक्स में विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना के पायलट प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया। उन्होंने इस पहल के अंतर्गत गोदामों और अन्य कृषि बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए देश भर में 500 अतिरिक्त पैक्स की आधारशिला भी रखी।
प्रधानमंत्री ने देश भर में 18 हजार पैक्स में कम्प्यूटरीकरण की परियोजना का भी उद्घाटन किया। इसका उद्देश्य सहकार से समृद्धि के सरकार के दृष्टिकोण के अनुरूप सहकारी क्षेत्र का कायाकल्प करना और छोटे तथा सीमांत किसानों को सशक्त बनाना है।
प्रधानमंत्री ने देश के विकास में सहकारिता क्षेत्र के महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि सहकारिता क्षेत्र प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा देने, खाद्य तेलों और दालों के आयात को कम करने और इथेनॉल के उत्पादन को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार ने देश में सहकारिता क्षेत्र के विकास के लिए अनेक पहल की हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने दो लाख से अधिक सहकारी समितियों के गठन का लक्ष्य रखा है। उन्होंने सहकारिता क्षेत्र में अमूल और लिज्जत पापड़ की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि इसमें महिलाओं की भागीदारी पर बल दिया गया है।
इस अवसर पर सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि सरकार ने देश में सहकारिता क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए अनेक कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि 18 हजार पैक्स के कम्प्यूटरीकरण से कृषि क्षेत्र में आधुनिकीकरण में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि देश में पैक्स का दायरा बढ़ाए जाने से वर्ष 2027 तक खाद्यान्न के शत-प्रतिशत भंडारण के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।








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