मन की बातः प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आकाशवाणी पर साझा किए अपने विचार, रिकॉर्ड-संख्या में वोट डालने हेतु युवाओं से की अपील
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पहली बार मताधिकार का उपयोग करने वाले मतदाताओं से लोकसभा चुनाव में रिकॉर्ड संख्या में वोट डालने की अपील की है। आज आकाशवाणी से मन की बात कार्यक्रम में श्री मोदी ने कहा कि जितनी अधिक संख्या में युवाओं की मतदान प्रक्रिया में भागीदारी होगी, देश के लिए परिणाम उतने ही लाभकारी होंगे।
उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की अत्यंत प्रसन्नता है कि निर्वाचन आयोग ने मेरा पहला वोट देश के लिए अभियान शुरू किया है। इसके जरिए पहली बार वोट डालने वाले मतदाताओं से अधिक से अधिक संख्या में मतदान करने का अनुरोध किया जा रहा है।
श्री मोदी ने कहा कि भारत को ऊर्जा और उत्साह से भरे अपने युवाओं पर गर्व है। उन्होंने कहा कि 18 वर्ष का होने पर इन युवाओं को 18वीं लोकसभा के लिए सदस्य चुनने का अवसर मिल रहा है। इसका अर्थ है कि 18वीं लोकसभा युवा आकांक्षाओं का प्रतीक बनेगी। श्री मोदी ने कहा कि युवाओं को केवल राजनीतिक गतिविधियों का ही हिस्सा नहीं होना चाहिए, बल्कि उन्हें इस दौरान विचार-विमर्श और चर्चाओं के प्रति भी जागरूक होना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने खेल, साहित्य, फिल्म उद्योग और सोशल मीडिया सहित देश के प्रभावशाली लोगों से इस अभियान में शामिल होने और पहली बार वोट डालने वाले युवाओं को प्रेरित करना का आग्रह किया।
आठ मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का उल्लेख करते हुए श्री मोदी ने कहा कि यह विशेष दिन देश की विकास यात्रा में महिला शक्ति के योगदान को नमन करने का अवसर है। महाकवि भरतियार ने कहा था कि विश्व तभी समृद्ध होगा, जब महिलाओं को समान अवसर मिलेंगे।
श्री मोदी ने कहा कि भारत की महिला शक्ति आज प्रत्येक क्षेत्र में प्रगति की नई ऊंचाइयों का स्पर्श कर रही है। नमो ड्रोन दीदी की चर्चा हरेक की जुबान पर है। मन की बात कार्यक्रम में श्री मोदी ने उत्तर प्रदेश के सीतापुर की नमो ड्रोन दीदी सुनीता से बातचीत की।
सुनीता ने ड्रोन दीदी बनने की अपनी यात्रा के अनुभव साझा किये। सुनीता ने कहा कि किसानों को ड्रोन के उपयोग से बहुत लाभ होगा। उन्होंने अन्य महिलाओं को भी ड्रोन दीदी बनने के लिए प्रोत्साहित किया। श्री मोदी ने उन्हें बधाई दी और कहा कि नमो ड्रोन दीदी देश में कृषि को आधुनिक बनाने का प्रभावी साधन बन रही हैं।
प्रधानमंत्री ने प्राकृतिक कृषि क्षेत्र का भी उल्लेख किया, जहां महिलाओं ने अपनी नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया है। उन्होंने कहा कि अब महिलाएं देश के प्रत्येक क्षेत्र तक प्राकृतिक कृषि का विस्तार कर रही हैं। श्री मोदी ने कहा कि जल-जीवन मिशन में जल समितियों की बड़ी भूमिका रही है और इन समितियों का नेतृत्व केवल महिलाएं करती हैं।
प्रधानमंत्री ने महाराष्ट्र की कल्याणी प्रफुल्ल पाटिल से जल संरक्षण के उनके प्रयासों के बारे में बातचीत की। कल्याणी ने बताया कि किस तरह उनके गांव में प्राथमिक स्कूल, आंगनबाड़ी और ग्राम पंचायत भवनों पर जल संरक्षण किया जाता है। उन्होंने श्रोताओं को बताया कि उनके गांव में बीस जल संभरण शाफ्ट बनाए गए हैं और पचास ऐसे और शाफ्ट के लिए मंजूरी मिल चुकी है।
श्री मोदी ने वन्य जीव संरक्षण का विषय भी उठाया। तीन मार्च को विश्व वन्य जीव संरक्षण दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर वन्य जीवों के संरक्षण के बारे में जागरूकता बढ़ाई जाएगी। श्री मोदी कहा कि इस वर्ष डिजिटल नवाचार को थीम बनाया गया है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की देश के विभिन्न भागों में वन्य जीवन संरक्षण के लिए व्यापक रूप से प्रौद्योगिकी की उपयोग किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार के प्रयासों से पिछले कुछ वर्षों में बाघों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। चन्द्रपुर, महाराष्ट्र के टाइगर रिज़र्व में बाघों की संख्या बढ़कर दो सौ पचास से अधिक हो गई है। श्री मोदी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से मनुष्य और बाघों के बीच संघर्ष कम करने के प्रयास किये जा रहे हैं। गांव और वन की सीमा पर कैमरे लगाए गए हैं। ए.आई. के माध्यम से स्थानीय लोगों को उनके मोबाइल पर बाघों के आने के बारे में सतर्क कर दिया जाता है। प्रधानमंत्री ने टाइगर रिज़र्व से लगे तेरह गांव के लोगों के लिये लाभकारी इस प्रणाली की सराहना की।
श्री मोदी ने कहा कि नए उद्यमी भी वन्य जीव संरक्षण और इको पर्यटन में नवाचारों पर काम कर रहे हैं। उत्तराखंड के रुड़की में रोटर प्रिसेशन ग्रुप ने भारतीय वन्य जीव संस्थान के साथ मिलकर एक ऐसा ड्रोन विकसित किया है, जिनसे केन नदी में घड़ियालों पर नज़र रखने में मदद मिल रही है। श्री मोदी ने बंग्लुरू की भी एक कम्पनी का उदाहरण दिया, जिसने बघीरा और गरुड़ नाम के ऐप तैयार किये हैं।
बघीरा ऐप से जंगल सफारी के दौरान वाहन की गति और अन्य गतिविधियों पर नज़र रखी जा सकती है। देश के अनेक बाघ अभ्यारण्यों में इसका उपयोग हो रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंटरनेट ऑफ थिंग्स पर आधारित गरुड़ ऐप को किसी भी सीसीटीवी से जोड़ने पर वास्तविक समय अलर्ट मिलने लगता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की जैव विविधता वन्य जीव संरक्षण के लिए प्रत्येक ऐसे प्रयासों से और समृद्ध हो रही है। उन्होंने महाराष्ट्र में मेलघाट टाइगर रिज़र्व के निकट खटकली गांव में रह रहे जनजातीय परिवारों की प्रशंसा की, जो प्रकृति के साथ अद्भुत तालमेल बनाकर रह रहे हैं। स्थानीय लोगों ने सरकार की मदद से अपने घरों को होम-स्टे में बदल दिया है, जो उनके लिए आय का एक बड़ा साधन बन रहा है।
श्री मोदी ने इस गांव में रह रहे कोरकू जनजातीय समूह के प्रकाश जामकर का उल्लेख किया, जिन्होंने अपने दो हेक्टेयर ज़मीन पर सात कमरों का होम-स्टे तैयार किया है। उनका परिवार यहां आकर ठहरने वाले पर्यटकों के लिए भोजन-पानी की व्यवस्था करता है। उन्होंने अपने घर के आसपास औषधीय पौधों के अलावा आम के पेड़ और कॉफी के पौधे भी लगाए हैं।
श्री मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में बकरी पालन का भी उल्लेख किया, जो लोगों के लिए आजीविका का एक प्रमुख साधन बन गया है। उन्होंने कहा कि ओडिशा के कालाहांडी में बकरी पालन से स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में सुधार हुआ है। श्री मोदी ने प्रबंधन पेशेवर जयंती महापात्रा और उनके पति बीरेन साहू के प्रयासों की सराहना की, जिन्होंने मणिकास्तु एग्रो की स्थापना की और किसानों के साथ काम शुरू किया। जयंती और बीरेन ने एक मणिकास्तु बकरी बैंक भी खोला है और समुदाय स्तर पर बकरी पालन को बढ़ावा दे रहे हैं। श्री मोदी ने कहा कि आज इस दंपत्ति से पचास गांवों के एक हजार से भी अधिक किसान जुड़े हैं।
प्रधानमंत्री ने बिहार में भोजपुर के भीम सिंह भवेश की भी सराहना की, जिन्होंने मुसहर जाति के लोगों के लिए काम किया है। श्री मोदी ने कहा कि मुसहर बिहार में बहुत ही वंचित समुदाय रहा है। भीम सिंह भवेश ने इस जाति के लगभग आठ हजार बच्चों को स्कूलों में दाखिला दिलाया है। उन्होंने एक बड़ा पुस्तकालय भी खोला है, जिससे बच्चों को पढाई-लिखाई के लिए लिए सुविधा मिलती है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के विभिन्न भागों में भीम सिंह भवेश जैसे अनेक लोग हैं, जो समाज सेवा के ऐसे महान कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि देश का प्रत्येक नागरिक अपना कर्तव्य अच्छी तरह निभाता है, तो यह मजबूत राष्ट्र के निर्माण में सहायक होगा।
श्री मोदी ने भारत की विविधता का भी उल्लेख किया और मातृभाषा के उपयोग पर बल दिया। उन्होंने जम्मू कश्मीर के गांदरबल के मोहम्मद मानशाह का उदाहरण दिया, जो पिछले तीन दशक से गोजरी भाषा को संरक्षित करने के प्रयासों में लगे हैं। प्रधानमंत्री ने अरूणांचल प्रदेश के तिरप के बनवंग लोसू के बारे में भी बताया, जिनका अहम योगदान वांचो भाषा के प्रसार में रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे अनेक लोग हैं, जो अपनी संस्कृति और भाषा को गीतों और नृत्यों के माध्यम से संरक्षित करने में लगे हैं। उन्होंने कर्नाटक के वेंकप्पा अम्बाजी सुगेतकर के जीवन को प्रेरणादायी बताया। बागलकोठ के सुगेतकर एक लोकगायक हैं, जिन्होंने एक हजार से अधिक गोंधली गीत गाए हैं और इस भाषा की कहानियों का भी व्यापक प्रचार-प्रसार किया है।
देशवासियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वह दो दिन पहले वाराणसी में थे और वहां उन्होंने एक अद्भुत फोटो प्रदर्शनी देखी। उन्होंने कहा कि काशी और आसपास के युवाओं ने कैमरे में जिन क्षणों को कैद किया है, वे अद्भुत हैं। प्रदर्शनी में अनेक फोटोग्राफ ऐसे थे, जो मोबाइल कैमरे से लिए गए थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज जिनके पास मोबाइल है, वे एक कंटेंट क्रिएटर बन गए हैं। सोशल मीडिया ने भी लोगों की प्रतिभा और कौशल को सामने लाने में मदद की है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के युवा कंटेंट क्रिएशन के क्षेत्र में कमाल कर रहे हैं।
श्री मोदी ने घोषणा की कि कंटेंट क्रिएटर की प्रतिभा को सम्मान देने के लिए देश में नेशनल क्रिएटर अवॉर्ड शुरु किया गया है। उन्होंने कहा कि सामाजिक परिवर्तन का प्रभावी माध्यम बनने में प्रौद्योगिकी का उपयोग करने वालों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित करने का प्रयास किया जा रहा है। यह प्रतियोगिता माईजीओवी पर चल रही है।
श्री मोदी ने कंटेंट क्रिएटरों से इस प्रतियोगिता में शामिल होने को कहा। उन्होंने लोगों से भी आग्रह किया कि वे नेशनल क्रिएटर अवॉर्ड के लिए अपने पसंदीदा कंटेंट क्रिएटर को नामांकित करें।








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