भारत ने लगभग 30 लाख करोड़ रुपये के 18 महत्वपूर्ण खनिज खंडों की नीलामी शुरू की
नई दिल्ली। भारत ने 2030 तक अपनी 50 प्रतिशत बिजली गैर-जीवाश्म स्रोतों से पैदा करने की महत्वाकांक्षा के अनुरूप लगभग 30 लाख करोड़ रुपये मूल्य के 18 महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिज ब्लॉकों की नीलामी शुरू की है। कोयला और खान मंत्री प्रह्लाद जोशी ने नई दिल्ली में खनन नीलामी के दूसरे चरण का शुभारंभ करते हुए कहा कि सरकार के प्रयास महत्वपूर्ण खनिजों की खोज और खनन से संबंधित वैश्विक स्थिरता के लक्ष्यों के अनुरूप हैं। ये खनिज नवीकरणीय ऊर्जा, रक्षा, फार्मास्यूटिकल्स और उच्च तकनीकी इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण हैं।
नीलामी प्रक्रिया में निविदा दस्तावेजों की बिक्री के बाद पारदर्शी तरीके से दो-चरणों में नीलामी के माध्यम से ऑनलाइन बोली लगाई जाएगी। वर्ष 2023 में खान और खनिज अधिनियम में संशोधन के जरिए 24 खनिजों की महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिजों के रूप में पहचान की गई। इससे केंद्र सरकार को खनिज रियायतें देने का अधिकार मिल गया। श्री जोशी ने कहा कि खान मंत्रालय खनन क्षेत्र के स्टार्टअप और सूक्ष्म तथा लघु इकाई क्षेत्र में अनुसंधान तथा नवाचार के वित्तपोषण के लिए अपने विज्ञान और प्रौद्योगिकी कार्यक्रम का भी विस्तार करेगा।
एक निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से चुने गए पांच स्टार्टअप को सात करोड़ रुपये का वित्तीय अनुदान दिया गया है। देश के स्वच्छ ऊर्जा एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए नीलामी का पहला चरण पिछले साल नवंबर में शुरू हुआ था। श्री जोशी ने कहा है कि सरकार के फिर से सत्ता में आने के बाद नीलामी का तीसरा चरण शुरू किया जाएगा।








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