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मोदी ने राष्ट्र प्रथम को जीवन का उद्देश्य बताया, प्रशिक्षु अधिकारियों से साथ देने का आह्वान

नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) 2022 बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों से मुलाकात की और ‘राष्ट्र प्रथम' को अपने जीवन का उद्देश्य बताते हुए उनसे इस यात्रा में अपने साथ चलने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक प्रधानमंत्री ने युवा अधिकारियों से ‘उत्प्रेरक एजेंट' बनने की आकांक्षा रखने की अपील की और कहा जब वे अपनी आंखों के सामने बदलाव होते देखेंगे तो उन्हें संतुष्टि महसूस होगी। राजधानी दिल्ली स्थित सुषमा स्वराज भवन में प्रधानमंत्री ने उन 181 प्रशिक्षु अधिकारियों के साथ बातचीत की, जिन्हें विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में सहायक सचिवों के रूप में तैनात किया गया है। बातचीत के दौरान, विभिन्न अधिकारियों ने उनके द्वारा किए गए प्रशिक्षण के अपने अनुभव साझा किए।
 बयान के मुताबिक प्रधानमंत्री ने कहा, "नया भारत उदासीन दृष्टिकोण से संतुष्ट नहीं है और वह आगे बढ़कर सक्रिय रहने वालों को पसंद करता है।" उन्होंने अधिकारियों से कहा कि उन्हें सभी नागरिकों को सर्वोत्तम संभव शासन, विनिर्माण के साथ ही जीवन की गुणवत्ता प्रदान करने का प्रयास करना चाहिए। लखपति दीदी, ड्रोन दीदी, प्रधानमंत्री आवास जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाने के लिए संपूर्णता के दृष्टिकोण के साथ काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि संपूर्णता का दृष्टिकोण सामाजिक न्याय सुनिश्चित करता है और भेदभाव को रोकता है।
 उन्होंने अधिकारियों से कहा, "अब यह उनकी पसंद है कि वे सेवा अदायगी में 'स्पीड ब्रेकर' होंगे या 'सुपरफास्ट हाईवे'।" प्रधानमंत्री ने उनसे कहा, "उन्हें उत्प्रेरक एजेंट बनने की आकांक्षा रखनी चाहिए और जब वे अपनी आंखों के सामने बदलाव होते देखेंगे तो उन्हें संतुष्टि महसूस होगी।" प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘राष्ट्र प्रथम' उनके लिए केवल एक नारा नहीं है बल्कि उनके जीवन का उद्देश्य है। उन्होंने अधिकारियों को इस यात्रा में उनके साथ चलने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि आईएएस के रूप में चयन के बाद युवाओं को जो प्रशंसा मिली है, वे अतीत की बातें हैं और अतीत में रहने के बजाय उन्हें भविष्य की ओर बढ़ना चाहिए। मोदी ने 2022 में 'आरंभ' कार्यक्रम के दौरान उनके साथ अपनी पिछली बातचीत को याद किया और कहा कि सहायक सचिव कार्यक्रम के पीछे का इरादा युवा अधिकारियों को प्रशासनिक पिरामिड के ऊपर से नीचे तक अनुभव आधारित सीख का अवसर प्रदान करना था। बातचीत के दौरान कार्मिक राज्य मंत्री जितेन्द्र सिंह, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पी के मिश्रा, कैबिनेट सचिव राजीव गौबा और गृह सचिव (डीओपीटी) ए के भल्ला तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। बाद में प्रधानमंत्री ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "2022 बैच के आईएएस अधिकारी प्रशिक्षुओं के साथ एक अद्भुत बातचीत हुई, जो वर्तमान में सहायक सचिवों के रूप में तैनात हैं। भारत के विकास पथ में योगदान करने और हमारे लोगों के जीवन में सकारात्मक अंतर लाने के तरीकों पर जोर दिया।

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