हरियाणा ने कांस्टेबल, वन रक्षक के पद पर अग्निवीर के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण की घोषणा की
चंडीगढ़. विधानसभा चुनावों से कुछ महीने पहले हरियाणा की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने कांस्टेबल, वन रक्षकों और जेल वार्डन की भर्ती के साथ-साथ अन्य पदों पर अग्निवीर के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण की बुधवार को घोषणा की। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यह भी कहा कि यदि कोई अग्निवीर अपना व्यवसाय शुरू करना चाहता है तो सरकार उसे पांच लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराएगी। सैनी ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘राज्य सरकार द्वारा कांस्टेबल, खनन रक्षक, वन रक्षक, जेल वार्डन और विशेष पुलिस अधिकारी के पदों पर की जाने वाली सीधी भर्ती में अग्निवीर के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण होगा।'' मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रुप सी और डी के पदों पर भी आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट दी जाएगी। सैनी ने कहा, ‘‘हालांकि अग्निवीर के पहले बैच के लिए यह छूट पांच वर्ष होगी।'' उन्होंने अग्निवीर को रोजगार देने वाली औद्योगिक इकाइयों के लिए भी रियायतों की घोषणा की। सैनी ने कहा, ‘‘अगर कोई औद्योगिक इकाई अग्निवीर को 30,000 रुपये प्रति माह से अधिक वेतन पर नियुक्त करती है, तो हमारी सरकार उस इकाई को 60,000 रुपये की वार्षिक सब्सिडी देगी।'' उन्होंने यह भी घोषणा की कि अग्निवीर को प्राथमिकता के आधार पर हथियार लाइसेंस दिए जाएंगे।
केंद्र की भाजपा नीत सरकार द्वारा जून 2022 में सशस्त्र बलों में कर्मियों की अल्पकालिक भर्ती के लिए शुरू की गई अग्निपथ सैन्य भर्ती योजना को विपक्षी दलों सहित कई धड़ों से कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा है। हाल में हुए लोकसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हरियाणा के महेंद्रगढ़ में कहा था कि अगर कांग्रेस सत्ता में आयी तो अग्निवीर योजना को रद्द कर कूड़ेदान में फेंक दिया जाएगा। जून 2022 में केंद्र द्वारा इस योजना की घोषणा किए जाने के तुरंत बाद, हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा था कि राज्य सरकार सशस्त्र बलों में चार साल के कार्यकाल के बाद अग्निवीर को रोजगार मुहैया कराने की गारंटी देती है। अग्निपथ योजना में साढ़े 17 वर्ष से 21 वर्ष के आयु समूह के युवाओं को चार वर्षों के लिए भर्ती करने का प्रावधान है। इनमें से 25 प्रतिशत को अगले 15 वर्षों तक सेवा में बनाए रखने की योजना है।







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