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बजट सत्र में पेश होंगे पांच नए विधेयक, आर्थिक समीक्षा और केंद्रीय बजट पर रहेगी नजर

 नई दिल्ली। सरकार ने सोमवार से शुरू होने वाले संसद के बजट सत्र में वित्त विधेयक के अलावा पांच नए विधेयक पेश करने की सूची तैयार की है। बजट सत्र 22 जुलाई से 12 अगस्त तक होगा जिसमें 16 बैठक होंगी। बजट सत्र में सोमवार को आर्थिक समीक्षा पेश की जाएगी और मंगलवार को केंद्रीय बजट पेश किया जाएगा। सरकार ने रविवार को सभी राजनीतिक दलों के नेताओं की पारंपरिक बजट पूर्व सर्वदलीय बैठक बुलाई है। लोक सभा के विशेष सत्र से स्पष्ट है, लोक सभा में अपनी बढ़ी हुई ताकत को देखते हुए विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ बजट सत्र में अधिक आक्रामक होने वाला है।भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की संख्या राज्य सभा में भी कम हो गई है क्योंकि इस महीने की शुरुआत में चार भाजपा सांसद सेवानिवृत्त हो गए। ये चार नामित सांसद थे जो औपचारिक रूप से भाजपा के साथ थे।

245 सदस्यीय राज्यसभा में 19 रिक्तियां हैं और बहुमत का आंकड़ा 113 सीट तक पहुंचता है। भाजपा के नेतृत्व वाले राजग के पास भाजपा के 86 सहित 101 सांसद हैं और इसलिए यह बहुमत के आंकड़े से कम है।राजग 17वीं लोकसभा के कार्यकाल के दौरान की तरह ही वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (11 सांसद), अन्नाद्रमुक (4) और अन्य क्षेत्रीय दलों पर भरोसा कर सकता है। हालांकि इन दलों में से कम से कम एक दल बीजू जनता दल ने विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ का समर्थन विशेष सत्र के दौरान किया था जिसके 9 सांसद हैं।
हालांकि भाजपा उन 11 रिक्तियों में से कम से कम आधी सीटों पर बढ़त की तैयारी में है जिनके लिए चुनाव होने हैं। ये रिक्तियां इस वजह से बनी क्योंकि कुछ राज्य सभा सदस्य लोक सभा के लिए निर्वाचित हुए हैं। इनके अलावा चार रिक्तियां नामित श्रेणी में हैं जबकि चार जम्मू कश्मीर की सीट हैं।सरकार ने जिन पांच नए विधेयकों को सत्र में पेश करने का प्रस्ताव दिया है उनमें भारतीय वायुयान विधेयक, 2024 है जो विमान अधिनियम, 1934 को दोबारा लागू करेगा। सरकार के मुताबिक इस विधेयक से मौजूदा कानून में अस्पष्टता की समस्या दूर की जाएगी और सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ तथा ‘मेक इन इंडिया’ जैसी पहल को समर्थन करने के लिए विमानन क्षेत्र में विनिर्माण के प्रावधान को सक्षम बनाया जाएगा।आपदा प्रबंधन (संशोधन) विधेयक का मकसद आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में काम करने वाले विभिन्न संगठनों की भूमिकाओं में अधिक स्पष्टता और एकरूपता लाना है। सत्र के दौरान पेश किए जाने और पारित करने के लिए सूचीबद्ध किए गए अन्य विधेयकों में स्वतंत्रता-पूर्व काल के कानून की जगह लेने वाला बॉयलर विधेयक, कॉफी (प्रचार एवं विकास) विधेयक और रबर (प्रचार एवं विकास) विधेयक शामिल हैं।

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