बजट रोजगार और अवसरों के एक नए युग की शुरुआत करेगा: शाह
नयी दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से मंगलवार को संसद में पेश किए गए 2024-25 के आम बजट को दूरदर्शी, जनहितैषी और विकासोन्मुखी करार दिया और कहा कि यह रोजगार तथा अवसरों के एक नए युग की शुरुआत करके देश को एक विकसित राष्ट्र के रूप में उभरने की राह पर ले जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि बजट भारत की उद्यमशीलता को बढ़ाने और व्यापार करने में सुगमता के साथ आर्थिक विकास को दिशा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘दृढ़ प्रतिबद्धता' को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि बजट में कर आकलन नियमों को सरल बनाकर करदाताओं को राहत दी गई है।
शाह ने कहा कि यह न केवल भारत के उद्देश्य, उम्मीद और आशावाद की नयी भावना का उदाहरण प्रस्तुत करता है, बल्कि उन्हें मजबूत भी करता है। उन्होंने हैशटैग ‘बजटफॉरविकसितभारत' के साथ ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भारत के युवाओं, महिलाओं और किसानों की शक्ति का उपयोग करते हुए यह बजट रोजगार और अवसरों के एक नए युग की शुरुआत करके एक विकसित राष्ट्र के रूप में उभरने के मार्ग पर राष्ट्र की गति को बढ़ावा देता है।''
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि बजट देशवासियों की आशाओं, आकांक्षाओं और विश्वास को पूरा करने के लिए मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार के संकल्प का परिचायक भी है। उन्होंने कहा, ‘‘यह बजट युवाओं और महिलाओं को सशक्त बनाने के साथ-साथ किसानों के लिए कई अवसर प्रदान करते हुए एक विकसित और आत्मनिर्भर भारत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।'' उन्होंने कहा, ‘‘जनहितैषी और विकासोन्मुखी दूरदर्शी बजट के लिए मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त करता हूं।'' शाह ने कहा कि आज बजट में कृषि क्षेत्र में उत्पादकता को बढ़ावा देने के लिए 1.52 लाख करोड़ रुपये की घोषणा इस क्षेत्र के लिए परिवर्तनकारी सिद्ध होने वाली है। उन्होंने कहा, ‘‘इस बजट में 1 करोड़ किसानों को प्राकृतिक कृषि के लिए सर्टिफाई करने, 10 हजार बायो-इनपुट सेंटर्स की स्थापना, कृषि के लिए डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण, 400 जिलों में खरीफ फसलों का क्रॉप सर्वे और तिलहनों के लिए एक कार्यनीति का निर्माण जैसे निर्णयों से कृषि क्षेत्र तेजी से आत्मनिर्भर होने की दिशा में आगे बढ़ेगा।''
बजट में ‘राष्ट्रीय सहकारी नीति' के निर्माण की घोषणा का उल्लेख करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि यह देश में सहकारिता आंदोलन को सशक्त बनाने और जमीनी स्तर पर इसकी पहुंच को मजबूत करने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि साथ ही मत्स्य सहकारिता को झींगा की खेती, प्रसंस्करण और निर्यात के लिए नाबार्ड के माध्यम से वित्तपोषण की सुविधा से नई गति मिलेगी। देश के पूर्वी क्षेत्र के विकास को नई गति देने के लिए बजट में बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के लिए ‘पूर्वोदय' योजना की घोषणा का उल्लेख करते हुए शाह ने कहा कि इस योजना से इन क्षेत्रों में अवसंरचना, मानव संसाधन, रोजगार व आर्थिक विकास के अवसरों को नई ऊर्जा मिलेगी और विकसित व आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में ये क्षेत्र महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। बजट में जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए ‘पीएम जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान' शुरू किए जाने की घोषणा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस अभियान से 63 हजार गांवों के लगभग 5 करोड़ जनजातीय बहन-भाई लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा, ‘‘इससे न सिर्फ ये गांव विकास की मुख्यधारा में जुड़ेंगे, बल्कि उत्तम अवसंरचना व अन्य आवश्यकताओं की पूर्ति से वे आदर्श ग्राम भी बनेंगे।''

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