आयुर्वेदिक दवाओं को मान्यता देने के तंत्र पर विचार कर रही सरकार : आयुष मंत्री
इंदौर . केंद्रीय आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने सोमवार को कहा कि सरकार इस बात पर विचार कर रही है कि पारंपरिक ज्ञान पर आधारित आयुर्वेदिक दवाओं को किस तरह उचित मान्यता दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि आयुष दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए देश की हर तहसील में विशेष मेडिकल स्टोर खोलने की कोशिश भी की जा रही है। जाधव ने इंदौर में कहा,‘‘ प्राचीन काल से लेकर अब तक देश में आयुर्वेद का पारंपरिक ज्ञान लोगों में पीढ़ी-दर-पीढ़ी सफर करता आ रहा है। आयुर्वेद में बहुत अच्छी दवाएं हैं, लेकिन उन्हें कोई मान्यता नहीं मिली हुई है। हम सोच रहे हैं कि इन दवाओं को कैसे मान्यता दी जा सकती है?'' उन्होंने कहा कि आमतौर पर मेडिकल स्टोर में आयुष की गिनी-चुनी दवाएं ही मिलती हैं जिससे मरीजों के साथ ही ये औषधियां सुझाने वाले चिकित्सकों को भी दिक्कत होती है। आयुष मंत्री ने कहा,‘‘सरकार चाहती है कि अनुसंधान के बाद आयुष की औषधियां ज्यादा से ज्यादा बाजार में आएं और ये दवाएं हर जगह मिलें। इसके लिए हम प्रयास कर रहे हैं कि देश की हर तहसील में आयुष दवाओं का कम से कम एक विशेष मेडिकल स्टोर खोला जाए।' जाधव ने बताया कि देश में तहसील स्तर तक आयुष चिकित्सालय भी खोले जा रहे हैं।
अधिकारियों ने बताया कि आयुष मंत्री ने इंदौर, देवास और उज्जैन में अलग-अलग चिकित्सा संस्थानों का दौरा किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।










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