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लोकतंत्र का असली अर्थ जनता के लिए शासन: राजनाथ सिंह

   नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारतीय गणराज्य की असली ताकत इसी में निहित है कि शासन आम नागरिकों के लिए काम करे। 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर लिखे अपने लेख में उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र केवल संविधान और चुनाव तक सीमित नहीं है, बल्कि तब सार्थक होता है जब उसका लाभ समाज के आखिरी व्यक्ति तक पहुंचे।

 रक्षा मंत्री ने भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के 1952 के ऐतिहासिक भाषण को याद करते हुए कहा कि आजादी और संविधान मिलना कोई अंतिम मंजिल नहीं, बल्कि एक लंबी यात्रा की शुरुआत थी। उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतंत्र का असली उद्देश्य लोगों की मुश्किलों को कम करना और उनके जीवन में खुशहाली लाना होना चाहिए।
 राजनाथ सिंह ने कहा कि लोकतंत्र का अर्थ केवल ‘जनता का’ और ‘जनता द्वारा’ शासन नहीं है, बल्कि सबसे महत्वपूर्ण है ‘जनता के लिए’ शासन। यानी सरकार का हर निर्णय आम नागरिकों के हित में होना चाहिए, विशेषकर गरीबों, वंचितों और कमजोर वर्गों के लिए।
 उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतंत्र की वास्तविक परीक्षा यह है कि वह अपने सबसे कमजोर नागरिकों के साथ कैसा व्यवहार करता है। केवल कानून बना देना पर्याप्त नहीं है, जरूरी यह है कि सरकार जमीनी स्तर पर लोगों की जरूरतों को कितनी प्रभावी ढंग से पूरा कर पाती है।
 रक्षा मंत्री ने भारतीय चिंतन परंपरा का उल्लेख करते हुए योग-क्षेम, महात्मा गांधी के सर्वोदय और दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद को जन-केंद्रित शासन की बुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि ‘सबका साथ, सबका विकास’ इसी विचारधारा की आधुनिक अभिव्यक्ति है।
 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए कार्यों का जिक्र करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि बीते 12 वर्षों में नीतियों को सीधे आम आदमी के जीवन से जोड़ा गया है। श्रम कानूनों में सुधार, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को आरक्षण और सामाजिक न्याय पर जोर इसी दिशा में उठाए गए अहम कदम हैं।
 उन्होंने विश्व बैंक की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि पिछले एक दशक में 17 करोड़ से अधिक लोग गरीबी से बाहर आए हैं। दिव्यांगों और महिलाओं के अधिकारों से जुड़े कानूनों को भी उन्होंने सम्मान और समानता की दिशा में बड़ा कदम बताया।
 स्वच्छ भारत मिशन पर बात करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि यह केवल सफाई अभियान नहीं रहा, बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा एक बड़ा आंदोलन बना, जिसने स्वास्थ्य, सम्मान और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को मजबूती दी। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, जीवन ज्योति बीमा योजना, आयुष्मान भारत, जनधन योजना, मुद्रा योजना और कौशल भारत मिशन का उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं ने करोड़ों लोगों को सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और सम्मान प्रदान किया है।
 राजनाथ सिंह ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उल्लेख करते हुए कहा कि लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण मिलने से लोकतंत्र और अधिक मजबूत होगा तथा नीति-निर्माण में महिलाओं की भूमिका और प्रभावी बनेगी।
 लेख के अंत में रक्षा मंत्री ने कहा कि भारतीय गणराज्य कोई एक बार पूरा हो जाने वाला कार्य नहीं है, बल्कि यह एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। हर पीढ़ी की जिम्मेदारी है कि वह लोकतंत्र को जमीनी हकीकत से जोड़े। उन्होंने कहा कि आज देश में शासन के केंद्र में आम नागरिक हैं और भारत सामाजिक न्याय तथा आर्थिक समावेशन के रास्ते पर लगातार आगे बढ़ रहा है। 

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