काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में तितलियों की 446 प्रजातियां दर्ज की गईं
गुवाहाटी. असम में एक सींग वाले गैंडे के लिए प्रसिद्ध काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान (केएनपी) में तितलियों की 446 से अधिक प्रजातियां दर्ज की गई हैं, जिसके बाद यह अरुणाचल प्रदेश के नमदाफा राष्ट्रीय उद्यान के बाद देश में तितलियों का दूसरा सबसे बड़ा केंद्र बन गया है। केएनपी के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। काजीरंगा के वैज्ञानिक डॉ. मानसून ज्योति गोगोई ने वर्षों के दीर्घकालिक अवलोकन और रिकॉर्ड के आधार पर ये आंकड़े तैयार किए हैं। सर्वेक्षण विशेष रूप से पनबाड़ी आरक्षित वनक्षेत्र समेत काजीरंगा-कार्बी आंगलोंग के विभिन्न भागों में किया गया था, जो तितलियों की विभिन्न प्रजातियों का केंद्र है। तितलियों पर लिखी गोगोई की एक नयी सचित्र मार्गदर्शिका में काजीरंगा में दर्ज तितलियों की 446 प्रजातियों का दस्तावेजीकरण किया गया है, जिनमें से 18 देश में नयी हैं। नयी प्रजातियों में बर्मीज थ्रीरिंग, ग्लासी सेरुलीन, डार्क-बॉर्डर हेज ब्लू, अंडमान येलो बैंडेड फ्लैट, फेरार सेरुलीन, ग्रेट रेड-वेन लांसर, पीकॉक ओकब्लू, सिंगल्ड-लाइन्ड फ्लैश, येलो-टेल्ड ऑलकिंग, व्हाइट पाम बॉब, डार्क-डस्टेड पाम डार्ट, क्लैवेट बैंडेड डेमन, पेल-मार्क्ड ऐस, येलो ओनिक्स, लॉन्ग-विंग्ड हेज ब्लू, एस एसपी, हिल एस और ड्वार्फ बैंडेड डेमन शामिल हैं। गोगोई 2007 से इस क्षेत्र में तितलियों पर अध्ययन कर रहे हैं।
गोगोई ने कहा कि नमदाफा राष्ट्रीय उद्यान के बाद अब काजीरंगा तितली की प्रजातियों का देश का दूसरा सबसे बड़ा केंद्र है। उन्होंने कहा कि यह रिकॉर्ड विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि काजीरंगा क्षेत्र हिमालय और पटकाई पर्वत श्रृंखलाओं से भी आगे है। इस बीच, मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने गोगोई को बधाई दी।
सीएमओ ने पोस्ट किया, "काजीरंगा के एक युवा वैज्ञानिक डॉ. मानसून ज्योति गोगोई ने तितली की 446 से अधिक प्रजातियों का दस्तावेजीकरण किया है, जो नमदाफा के बाद देश में तितलियों का दूसरा बड़ा केंद्र है। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने डॉ. गोगोई को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए शुभकामनाएं दी हैं।










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