सीयूईटी-यूजी: सिर्फ कंप्यूटर आधारित होगी, 12वीं के विषय की बाध्यता नहीं
नयी दिल्ली। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के अध्यक्ष जगदीश कुमार ने कहा है कि 2025 से विश्वविद्यालयीन सामान्य प्रवेश परीक्षा-स्नातक (सीयूईटी-यूजी) केवल कंप्यूटर आधारित परीक्षा के तौर पर आयोजित की जाएगी और विद्यार्थियों को किसी भी विषय के लिए शामिल होने की अनुमति होगी, भले ही उन्होंने 12वीं में उस विषय की पढ़ाई नहीं की हो। कुमार ने ‘ एक साक्षात्कार में कहा कि आयोग द्वारा गठित की गयी विशेषज्ञों की एक समिति ने इस परीक्षा की समीक्षा की तथा कई बदलावों का प्रस्ताव किया। उन्होंने कहा, ‘‘समिति ने परीक्षा के विभिन्न पहलुओं की जांच की, जैसे इसका स्वरूप, प्रश्न पत्रों की संख्या, परीक्षा की अवधि, पाठ्यक्रम और संचालन। इसके द्वारा सुझाए गए बदलावों को आयोग ने हाल ही में हुई बैठक में मंजूरी दे दी।''
यूजीसी अध्यक्ष ने कहा, ‘‘यह परीक्षा 2025 से केवल कंप्यूटर आधारित प्रारूप में आयोजित की जाएगी। हमने पिछले साल ‘हाइब्रिड' प्रारूप (कंप्यूटर आधारित एवं उत्तर पुस्तिका वाली व्यवस्था) में परीक्षा आयोजित की लेकिन अब हम केवल कंप्यूटर आधारित प्रारूप का रुख करेंगे क्योंकि यह परीक्षा के अन्य प्रारूपों की तुलना में कहीं अधिक विश्वसनीय और सुरक्षित है।'' उन्होंने कहा, ‘‘अभ्यर्थियों को सीयूईटी-यूजी में उन विषयों को चुनने की भी अनुमति दी जाएगी, जिनकी पढ़ाई उन्होंने 12वीं कक्षा में नहीं की है, ताकि विद्यार्थियों को उच्चतर शिक्षा में कोई भी विषय चुनने का अवसर मिल सके।'' कुमार ने कहा, ‘‘हमने विषयों की संख्या भी 63 से घटाकर 37 कर दी है तथा हटा दिये गये विषयों के लिए प्रवेश सामान्य योग्यता परीक्षा (गैट) में मिले अंक के आधार पर दिये जाएंगे।'' तैंतीस भाषाओं के लिए अलग परीक्षाओं के बजाय, केवल 13 भाषाओं के लिए परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी जिनमें --असमिया, बांग्ला, अंग्रेजी, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, मलयालम, मराठी, पंजाबी, उड़िया, तमिल, तेलुगु और उर्दू शामिल हैं। क्षेत्र-विशिष्ट विषयों की संख्या 29 से घटाकर 23 कर दी गई है। हटाए गए पेपर हैं -- उद्यमिता, शिक्षण योग्यता, फैशन अध्ययन, पर्यटन, कानूनी अध्ययन और इंजीनियरिंग ग्राफिक्स। परीक्षा के 2025 के संस्करण में किये गये बदलावों के बारे में कुमार ने कहा कि विद्यार्थी अब छह के बजाय अधिकतम पांच विषयों में ‘सीयूईटी-यूजी' दे पायेंगे। यूजीसी अध्यक्ष ने कहा, ‘‘इसी तरह, परीक्षा की अवधि, जो विषयों के हिसाब से 45 मिनट से 60 मिनट तक होती थी, अब 60 मिनट के रूप में मानकीकृत कर दी गई है। परीक्षा में वैकल्पिक प्रश्नों की अवधारणा भी समाप्त कर दी गयी है और अब सभी प्रश्न अनिवार्य होंगे।'' ‘सीयूईटी-पीजी' की अवधि 105 मिनट से घटा कर 90 मिनट कर दी गई है।
कुमार ने कहा, ‘‘मंजूर किये गए बदलावों को हितधारकों की प्रतिक्रिया के लिए सार्वजनिक रूप से उपलब्ध किया जाएगा और प्रतिक्रिया पर गौर करने के बाद एक अधिसूचना जारी की जाएगी।''

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