महारत्न, नवरत्न कंपनियों के निदेशक मंडल की बैठकों में उपस्थिति बेहतर हुईः सर्वेक्षण
नयी दिल्ली. देश में केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों, खासकर महारत्न और नवरत्न कंपनियों में, पिछले चार वर्षों के दौरान निदेशकों की बोर्ड मीटिंग में मौजूदगी उल्लेखनीय रूप से बेहतर हुई है। एक सर्वेक्षण रिपोर्ट में यह आकलन पेश किया गया है। एक्सिलेंस इनेबलर्स के एक सर्वेक्षण के मुताबिक, वित्त वर्ष 2023-24 में निदेशक मंडल की बैठक में किसी भी निदेशक की उपस्थिति शून्य नहीं थी। इसके उलट वित्त वर्ष 2022-23 में 14 निदेशकों की उपस्थिति शून्य थी। वित्त वर्ष 2021-22 में ऐसे नौ निदेशक थे जबकि वित्त वर्ष 2020-21 में तीन निदेशक किसी भी बोर्ड बैठक में शामिल नहीं हुए थे। देश की 13 महारत्न और 20 नवरत्न कंपनियों के बीच कराए गए सर्वेक्षण के मुताबिक, निदेशक मंडल की प्रत्येक बैठक में कार्यकारी एवं गैर-कार्यकारी दोनों ही तरह के निदेशकों को मौजूद होना चाहिए। उनकी अनुपस्थिति केवल असाधारण कारणों से ही होनी चाहिए। कानूनी रूप से यह अनिवार्य है कि हर निदेशक प्रति वर्ष कम से कम एक बोर्ड मीटिंग में शामिल हो। लेकिन सर्वेक्षण में यह पाया गया कि इस मानक का या कि यह मानक स्पष्ट रूप से असंतोषजनक है। सर्वेक्षण रिपोर्ट कहती है कि पिछले वित्त वर्ष में शून्य उपस्थिति वाले निदेशकों की नियुक्ति को समाप्त करने के प्रश्न पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।


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