ब्रेकिंग न्यूज़

 देशभर में मनायी गई रामनवी, रंगारंग शोभायात्राएं निकाली गईं

 अयोध्या/कोलकाता/रामेश्वरम.  देशभर में रविवार को रामनवमी श्रद्धा के साथ मनायी गई और बड़ी संख्या में लोग मंदिरों में पहुंचे, दर्शन किए और रंगारंग शोभायात्राओं में शामिल हुए। पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील इलाकों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और तृणमूल कांग्रेस के नेता शोभायात्रा में शामिल हुए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तमिलनाडु के रामेश्वरम में रामनाथस्वामी मंदिर में पूजा-अर्चना की और लोगों को भगवान राम के जन्मोत्सव की शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री ने ‘एक्स' पर पोस्ट किया, ‘‘सभी देशवासियों को रामनवमी की ढेरों शुभकामनाएं। प्रभु श्रीराम के जन्मोत्सव का यह पावन-पुनीत अवसर आप सबके जीवन में नई चेतना और नया उत्साह लेकर आए, जो सशक्त, समृद्ध और समर्थ भारत के संकल्प को निरंतर नई ऊर्जा प्रदान करे। जय श्रीराम।'' उन्होंने बताया कि रविवार को श्रीलंका से भारत आने वाली अपनी उड़ान में उन्होंने रामसेतु के दर्शन किए। उन्होंने अपने पोस्ट में कहा, ‘‘एक दिव्य संयोग के रूप में, यह उसी समय हुआ जब अयोध्या में भगवान राम का सूर्य तिलक हो रहा था। दोनों के दर्शन पाकर धन्य हो गया। प्रभु श्रीराम हम सभी को एकजुट करने वाली शक्ति हैं। उनका आशीर्वाद हमेशा हम पर बना रहे।'' भगवान राम की जन्मस्थली अयोध्या स्थित राममंदिर में सूर्य तिलक के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी, जहां सूर्य की किरणें बालक श्री रामलला की मूर्ति के माथे पर पड़ीं। त्योहार की शुरुआत रविवार सुबह से ही हो गई थी, जब श्रद्धालु भगवा झंडे लेकर और 'जय श्रीराम' के जयकारे लगाते हुए शोभायात्रा में शामिल हुए। शोभायात्रा में रामायण के दृश्यों को दर्शाती झांकियां थीं और वातावरण में भक्ति संगीत गूंज रहा था। पुलिस हाई अलर्ट पर थी, खासकर उन इलाकों में जहां पूर्व में रामनवमी की शोभायात्रा के दौरान झड़पें हुई हैं। पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और तृणमूल कांग्रेस के नेताओं की भागीदारी के साथ लगभग 2,500 रामनवमी शोभायात्रा निकाला जाना निर्धारित था। राज्य में यह धार्मिक अवसर राजनीतिक रणक्षेत्र में बदल गया, जहां अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम में राममंदिर की आधारशिला रखी, भाजपा सांसद सुकांत मजूमदार हावड़ा में एक शोभायात्रा में शामिल हुए, जबकि सौमित्र खान ने बांकुरा में रामनवमी शोभायात्रा में अपने 'लाठी खेल' का प्रदर्शन किया। तृणमूल कांग्रेस विधायक शौकत मोल्ला पार्टी के उन नेताओं में शामिल थे जिन्होंने शोभायात्राओं में हिस्सा लिया। उत्तर हावड़ा में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पार्षद गौतम चौधरी विश्व हिंदू परिषद (विहिप) द्वारा आयोजित एक शोभायात्रा में शामिल हुए। हिंसा की किसी भी घटना से बचने के लिए पूरे राज्य में 6,000 से अधिक पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया था तथा ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी की जा रही थी, क्योंकि पुलिस सूत्रों ने शोभायात्रा के दौरान संभावित गड़बड़ी की खुफिया रिपोर्ट की पुष्टि की थी। एबीवीपी समर्थकों ने यादवपुर विश्वविद्यालय के प्रौद्योगिकी भवन में विशेष प्रार्थना का आयोजन किया, जबकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसकी अनुमति नहीं दी थी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विहिप और बजरंग दल सहित कई अन्य हिंदू संगठन भी देश के कई हिस्सों में शोभायात्रा में शामिल हुए। मालदा में विहिप की एक शोभायात्रा जब इंग्लिश बाजार इलाके से गुजरी, मुस्लिम निवासियों ने शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं पर छतों और बालकनी से फूलों की पंखुड़ियां बरसाईं, साथ ही श्रद्धालुओं के बीच मिठाइयां और पानी की बोतलें बांटीं। इसके अलावा शोभायात्रा के मार्ग में भारत के नक्शे के आकार की एक विशाल माला लगायी गई थी।
समारोह में शामिल एक स्थानीय दुकानदार मोहम्मद अली ने कहा, ‘‘भारत इसी का प्रतीक है - विविधता में एकता और सांप्रदायिक सद्भाव।'' दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पश्चिमी दिल्ली के ख्याला इलाके में रामनवमी शोभायात्रा में भाग लिया। उन्होंने कहा, ‘‘क्यों न दिल्ली को भगवा में रंग दिया जाए ताकि हर व्यक्ति समृद्ध हो और शहर प्रगति के पथ पर आगे बढ़े।'' गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में अब तक की गई तुष्टिकरण की राजनीति पर एक ‘लक्ष्मण रेखा' खींची जाएगी और अब संतुष्टिकरण की राजनीति होगी। उत्तर प्रदेश में, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की और कन्या पूजन सहित पारंपरिक अनुष्ठान संपन्न किये। श्रद्धालुओं ने विभिन्न मंदिरों में पूजा-अर्चना की और रामायण पाठ और कीर्तन में हिस्सा लिया। वाराणसी में एक विशेष हवन का आयोजन किया गया। अधिकारियों ने मंदिरों के आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की।
जम्मू कश्मीर में भगवान राम, लक्ष्मण और सीता की वेशभूषा में सजे छोटे बच्चे श्रीनगर के लाल चौक पर शोभायात्रा में शामिल हुए। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने भद्राचलम में श्री सीता रामचंद्रस्वामी मंदिर में पारंपरिक अनुष्ठान किए। हैदराबाद में शोभायात्रा निकाली गईं। शोभायात्रा अधिकारियों द्वारा व्यापक सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण तरीके से निकाली गईं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक राजा सिंह ने भी शहर में एक शोभायात्रा का नेतृत्व किया। केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री तथा तेलंगाना प्रदेश भाजपा अध्यक्ष जी किशन रेड्डी हैदराबाद के निकट अपने पैतृक गांव तिम्मापुर में रामनवमी समारोह में शामिल हुए। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी एवं विधायक कल्पना सोरेन ने रांची में राम जानकी तपोवन मंदिर में पूजा-अर्चना की। सोरेन ने कहा, ‘‘भगवान श्रीराम का जीवन हमें प्रेम, मर्यादा, कर्तव्य, अनुशासन, उदारता और त्याग का अद्वितीय संदेश देता है। भगवान के महान आदर्श युगों-युगों तक मानवता को प्रेरित करते रहेंगे और उसे प्रेरणा की अविरल धारा से पोषित करते रहेंगे।'' राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने भी इस अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं दीं। झारखंड की राजधानी रांची में सड़कों के किनारे भगवान राम और भगवान हनुमान की तस्वीरों वाले भगवा झंडे लगाये गए थे। कई मंदिरों में हनुमान चालीसा और रामचरितमानस का पाठ किया गया। एक अधिकारी ने बताया कि रांची, जमशेदपुर, गिरिडीह और हजारीबाग में 'संवेदनशील' जगहों पर बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। उन्होंने बताया कि सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन तैनात किए गए हैं और प्रमुख स्थानों पर लोगों की भीड़ पर नजर रखने के लिए बॉडीकैम से लैस सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। उन्होंने बताया कि रांची में 200 मजिस्ट्रेट और 2,000 से अधिक पुलिसकर्मी ड्यूटी पर हैं। महाराष्ट्र के नासिक में पंचवटी इलाके में स्थित श्री कालाराम मंदिर में हजारों श्रद्धालुओं ने अनुष्ठान में हिस्सा लिया। मुंबई के पश्चिमी उपनगर मालवानी में रामनवमी शोभायात्रा के लिए 500 से अधिक पुलिस कर्मियों और वरिष्ठ अधिकारियों को सड़कों पर तैनात किया गया था। उत्तर प्रदेश के संभल में, रामबाग धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई, जहां भगवान राम की 51 फुट ऊंची प्रतिमा स्थापित की गई है। एक श्रद्धालु विनय वार्ष्णेय ने कहा, "मूर्ति बहुत सुंदर है, ऐसा लगता है जैसे भगवान श्रीराम हमसे बात कर रहे हैं।" लखनऊ में, लोग प्रसिद्ध चंद्रिका देवी, मनकामेश्वर, काली बाड़ी और सैलानी माता मंदिरों में उमड़ पड़े। एक अधिकारी ने कहा, ‘‘पुलिस बल सतर्क है और पूरे राज्य में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।''

Related Post

Leave A Comment

Don’t worry ! Your email address will not be published. Required fields are marked (*).

Chhattisgarh Aaj

Chhattisgarh Aaj News

Today News

Today News Hindi

Latest News India

Today Breaking News Headlines News
the news in hindi
Latest News, Breaking News Today
breaking news in india today live, latest news today, india news, breaking news in india today in english