उपभोक्ता संरक्षण और व्यापार सुगमता के लिए मजबूत परीक्षण अवसंरचना जरूरी: प्रल्हाद जोशी
नई दिल्ली। केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रल्हाद जोशी ने शुक्रवार को कहा कि उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा, उत्पादों की विश्वसनीयता बढ़ाने और व्यापार सुगमता (ईज ऑफ डूइंग बिजनेस) को प्रोत्साहित करने के लिए मजबूत परीक्षण और प्रमाणन अवसंरचना अत्यंत आवश्यक है। मुंबई स्थित राष्ट्रीय परीक्षण केंद्र (एनटीएच) परिसर में परीक्षण सुविधाओं के विस्तार की आधारशिला रखते हुए प्रल्हाद जोशी ने कहा कि एक सशक्त गुणवत्ता आश्वासन प्रणाली उत्पादों की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने और व्यापार सुगमता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
प्रल्हाद जोशी ने कहा कि विश्व स्तरीय परीक्षण अवसंरचना सरकार के आत्मनिर्भर भारत विजन का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। उन्होंने कहा कि भारतीय उत्पादों की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए देश की गुणवत्ता प्रणाली को और मजबूत करना आवश्यक है।
देश की गुणवत्ता आश्वासन और परीक्षण अवसंरचना के विस्तार में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के अवसर पर मंत्री ने राष्ट्रीय परीक्षण केंद्र, मुंबई परिसर का दौरा किया। कार्यक्रम की शुरुआत भूमि पूजन समारोह और परीक्षण सुविधाओं के भावी विस्तार के लिए आधारशिला रखने के साथ हुई।
मंत्री ने उपभोक्ता मामलों के विभाग और राष्ट्रीय परीक्षण केंद्र द्वारा देशभर में उन्नत परीक्षण क्षमताओं के विस्तार तथा उद्योगों और उपभोक्ताओं के लिए गुणवत्तापूर्ण परीक्षण सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने मुंबई स्थित प्रयोगशालाओं का भी दौरा किया और चल रही आधुनिकीकरण पहलों तथा परीक्षण क्षमताओं की समीक्षा के लिए वैज्ञानिकों, तकनीकी विशेषज्ञों और अधिकारियों के साथ बातचीत की।
कार्यक्रम के दौरान प्रल्हाद जोशी ने मुंबई स्थित राष्ट्रीय परीक्षण केंद्र में सूक्ष्मजीवविज्ञानी परीक्षण प्रयोगशाला का उद्घाटन किया। इसके अलावा उन्होंने गाजियाबाद स्थित राष्ट्रीय परीक्षण केंद्र के उत्तरी क्षेत्र केंद्र तथा महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास निगम की ऑरिक सिटी में स्थापित एनटीएच-ऑरिक उपग्रह केंद्र का वर्चुअल उद्घाटन भी किया।
नई सुविधाओं के शुरू होने से विभिन्न प्रमुख क्षेत्रों में परीक्षण क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। साथ ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुपालन को मजबूती मिलेगी तथा उपभोक्ता सुरक्षा और औद्योगिक प्रतिस्पर्धा को भी बढ़ावा मिलेगा।









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