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- -110 दिव्यांग छात्रों समेत बालिका गृह से समर कैंप में भाग ले रही छात्राएंरायपुर, । कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के निर्देशन में आज नालंदा परिसर स्थित कला केंद्र में समर कैंप की शुरूआत हुई। कला केंद्र में आयोजित समर कैंप में भाग लेने अब तक 150 से ज्यादा छात्रों ने रजिस्ट्रेशन किया है।कला केंद्र में आयोजित इस ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शिविर में छात्रों के लिए 20 से अधिक विधाओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। समर कैंप में 110 दिव्यांग छात्र और बालिका गृह से छात्राएं भाग ले रही हैं।उल्लेखनीय है कि समर कैंप सुबह के समय संचालित हो रहा है। यह चार चरणों में आयोजित होगा, पहला चरण 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2025, दूसरा चरण 1 मई से 15 मई 2025, तीसरा चरण 16 मई से 30 मई 2025 और चौथा चरण 1 जून से 15 जून तक चलेगा।इसके अलावा कला केंद्र की नियमित कक्षाएं शाम को संचालित होती रहेंगी। समर कैंप में भाग लेने के इच्छुक कैंप शुरू होने के 5 दिन पहले तक अपना पंजीयन कला केंद्र में करा सकते हैं। समर कैंप में गायन, नृत्य, जुम्बा, योगा, मेहंदी आदि का प्रशिक्षण दिया रहा है।
- = वर्ष 2025 में 1,63,738 करोड़ का निवेशरायपुर / छत्तीसगढ़ इस वर्ष निवेश के मामले में देश के टॉप-10 राज्यों में शामिल हो गया है। प्रोजेक्ट टूडे सर्वे के मुताबिक वर्ष 2025 में छत्तीसगढ़ 1,63,738 करोड़ के निवेश के साथ दशवें स्थान पर जगह बनायी है। ये आंकड़े केवल वर्ष 2025 के हैं। वर्ष 2024 के आकड़ों को मिलाकर निवेश का कुल आकार 4.4 लाख करोड़ हो जाता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा छत्तीसगढ़ में निवेश आकर्षित करने के लिए लगातार किए रोड शो और राज्य की आकर्षक औद्योगिक नीति के कारण यह सम्भव हो पाया है।प्रोजेक्ट टुडे सर्वे के मुताबिक वर्ष 2025 में देशभर में जो नए निवेश हुए हैं, उनमें छत्तीसगढ़ ने भी अपनी खास जगह बनाई है। ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में 218 नई परियोजनाएं शुरू हुई हैं, जिनमें कुल ₹1,63,748.95 करोड़ का निवेश आया है। यह देश के कुल निवेश का 3.71 प्रतिशत हिस्सा है, जो एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। इस सफलता के पीछे छत्तीसगढ़ सरकार की नई औद्योगिक नीति का बड़ा योगदान है। छत्तीसगढ़ अब कारोबार का नया हब बन रहा है। पिछले एक साल में किए गए 300 से ज़्यादा सुधारों ने इसे छोटे व्यापारियों से लेकर बड़े उद्योगपतियों तक के लिए आसान, पारदर्शी और फायदेमंद बना दिया है। अब कागज़ी झंझट कम है काम ज्यादा तेज होता है और हर प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी बन गई है।प्रोजेक्ट टुडे सर्वे के अनुसार टॉप -10 राज्यों में महाराष्ट्र पहले स्थान पर है। इस सूची में छत्तीसगढ़ सहित गुजरात,राजस्थान,कर्नाटक,आंध्रप्रदेश,ओडिशा,मध्यप्रदेश,उत्तरप्रदेश और तेलंगाना शामिल हैं।
- -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य औद्योगिक क्रांति की ओर अग्रसर-वर्ष 2025 में 218 परियोजनाओं में 1.63 लाख करोड़ का निवेश-सर्वाधिक निवेश वाले टॉप टेन राज्यों में शामिल है छत्तीसगढ़-राज्य में अब तक 4.4 लाख करोड़ रूपए का हुआ है औद्योगिक निवेशरायपुर, /छत्तीसगढ़ ने वित्तीय वर्ष 2025 में औद्योगिक निवेश के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। प्रोजेक्ट टूडे सर्वे द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में 218 नई परियोजनाओं में 1,63,749 करोड़ रूपए का निवेश आया है, जो देश के कुल निवेश का 3.71 प्रतिशत है। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ को, देश के टॉप टेन निवेश वाले राज्यों में शामिल करती है। इस सफलता के पीछे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के दूरदर्शी नेतृत्व और छत्तीसगढ़ सरकार की नई औद्योगिक नीति 2024-30 का महत्वपूर्ण योगदान है। यहां यह उल्लेखनीय है कि वर्ष 2024 में हुए निवेश को मिलाकर राज्य में अब तक 4.4 लाख करोड़ रूपए का औद्योगिक निवेश हुआ है।एक नवंबर 2024 से लागू नई औद्योगिक नीति 2024-30 ने छत्तीसगढ़ को निवेशकों के लिए एक आकर्षक राज्य बना दिया है। इस नीति में न्यूनतम शासन, अधिकतम प्रोत्साहन के सूत्र को अपनाया गया है, जिसके तहत सिंगल विंडो सिस्टम 2.0, ऑनलाइन आवेदन, और त्वरित प्रोसेसिंग जैसी सुविधाएं शुरू की गई हैं। नीति में फार्मास्यूटिकल्स, आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), ग्रीन हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर, और पर्यटन जैसे क्षेत्रों को विशेष प्रोत्साहन दिया गया है। उद्योगों को 30-50 प्रतिशत सब्सिडी, 5 से 12 साल तक कर छूट, और ब्याज अनुदान जैसे प्रावधानों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। नीति में 1000 से अधिक रोजगार देने वाली इकाइयों के लिए बी-स्पोक पॉलिसी और प्रति व्यक्ति 15,000 तक प्रशिक्षण अनुदान जैसे प्रावधान भी शामिल हैं, जिसका लक्ष्य अगले 5 वर्षों में 5 लाख नए रोजगार सृजित करना है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर निवेश को आकर्षित करने के लिए देश के प्रमुख शहरों दिल्ली, मुंबई, और बेंगलुरु में इन्वेस्टर्स कनेक्ट मीट का आयोजन किया गया। इन समिट्स में देश-विदेश के प्रमुख उद्योगपतियों ने हिस्सा लिया, जिसके परिणामस्वरूप 4.4 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। मुंबई में आयोजित समिट में 6000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव और अमेरिका व रूस के कॉन्सल जनरल से विदेशी प्रत्यक्ष निवेश की सहमति मिली। दिल्ली में 15,184 करोड़ और बेंगलुरु में ऊर्जा क्षेत्र में निवेश की सहमति ने छत्तीसगढ़ की औद्योगिक क्षमता को रेखांकित किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने उद्योगपतियों को आश्वस्त किया कि छत्तीसगढ़ सरकार पारदर्शी और निवेशक अनुकूल नीतियों के साथ हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी।छत्तीसगढ़ सरकार ने पिछले एक साल में 300 से अधिक सुधार लागू किए, जिसने कागजी प्रक्रियाओं को कम कर कारोबारी माहौल को पारदर्शी और तेज बनाया। सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 के जरिए सभी स्वीकृतियां और लाइसेंस आसानी से उपलब्ध हैं, और सब्सिडी जारी करने की प्रक्रिया को 7 दिनों के भीतर सीमित किया गया है। इन सुधारों ने छोटे व्यापारियों से लेकर बड़े उद्योगपतियों तक के लिए छत्तीसगढ़ को एक पसंदीदा गंतव्य बनाया है।छत्तीसगढ़ ने पहली बार सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर, और एआई आधारित उद्योगों के लिए निवेश प्रस्ताव प्राप्त किए हैं। नवा रायपुर में हाल ही में राज्य के पहले सेमीकंडक्टर प्लांट का भूमिपूजन हुआ, जो तकनीकी नवाचार की दिशा में एक बड़ा कदम है। नया रायपुर को बेंगलुरु और हैदराबाद की तर्ज पर आईटी हब के रूप में विकसित करने की योजना है, जिसमें नैसकॉम के साथ समझौता एक महत्वपूर्ण कदम है।मुख्यमंत्री साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति न केवल उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा देती है, बल्कि रोजगार सृजन और आर्थिक समृद्धि पर भी जोर देती है। हमारा लक्ष्य अमृतकाल-छत्तीसगढ़ विजन 2047 नवा अंजोर के तहत विकसित भारत के निर्माण में योगदान देना है। इन निवेशों से न केवल आर्थिक प्रगति को गति मिलेगी, बल्कि हजारों युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी प्राप्त होंगे। छत्तीसगढ़ अब नक्सल प्रभावित छवि से बाहर निकलकर एक औद्योगिक और तकनीकी हब के रूप में उभर रहा है। राज्य नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार है, जो देश के आर्थिक विकास में एक महत्वपूर्ण योगदान देगा।
- -छत्तीसगढ़ के जंगल बेहद मोहक, यहां की जैव विविधता और ऐतिहासिक धरोहर बेमिसाल – डॉ. रमन सिंह-मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष पर्यटन मंडल तथा साहित्य अकादमी के नवनियुक्त अध्यक्षों के पदभार ग्रहण समारोह में हुए शामिल-मुख्यमंत्री ने राजकीय गमछा, पुष्प गुच्छ और स्मृति चिन्ह भेंटकर दोनों अध्यक्षों का किया अभिनंदनरायपुर.। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा एवं छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा के पदभार ग्रहण और अभिनंदन समारोह में शामिल हुए। छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने समारोह की अध्यक्षता की। मुख्यमंत्री श्री साय ने राजकीय गमछा, पुष्प गुच्छ और स्मृति चिन्ह भेंटकर दोनों अध्यक्षों का अभिनंदन किया। विशिष्ट अतिथियों और गणमान्य नागरिकों से भरे खचाखच ऑडिटोरियम में पदभार ग्रहण करने के बाद दोनों नवनियुक्त अध्यक्षों को सभी लोगों ने बधाई और शुभकामनाएं दीं। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, वन मंत्री श्री केदार कश्यप तथा खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल भी समारोह में शामिल हुए।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पदभार ग्रहण और अभिनंदन समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में सरगुजा से लेकर बस्तर तक पर्यटन की अपार संभावना है। राज्य में डबल इंजन की सरकार के प्रभावी कदमों से बस्तर में नक्सलवाद अपनी आखिरी सांसें गिन रहा है। नक्सलवाद के खात्मे के बाद वहां पर्यटन के नए द्वार खुलेंगे। अबूझमाड़ भी अबूझ नहीं रहेगा। वहां भी विकास की रोशनी पहुंचेगी। पर्यटन के क्षेत्र में राज्य का भविष्य उज्जवल है। इसमें रोजगार की भी बहुत संभावना है। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि दोनों नवनियुक्त अध्यक्षों के नेतृत्व में राज्य में पर्यटन और साहित्य का विकास नए शिखरों को छुएगा।छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने समारोह में अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ की जैव विविधता और ऐतिहासिक धरोहर बेमिसाल हैं। पर्यटन की दृष्टि से यहां की ये दोनों खासियतें अभी तक ‘अनएक्सप्लोर्ड’ (Unexplored) हैं। नक्सलवाद की समाप्ति के बाद अब बस्तर भी जल्दी ही पर्यटन के लिए पूरी तरह खुल जाएगा। यह हिंदुस्तान का सबसे बड़ा टूरिस्ट डेस्टिनेशन (Tourist Destination) बन सकता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के जंगल बेहद मोहक हैं। यहां से बेहतर जंगल और कहीं नहीं हैं। राज्य में हर तरह की कनेक्टिविटी (Connectivity) बढ़ रही है। पर्यटन के विकास में इसका बहुत लाभ मिलेगा।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य में पर्यटन का क्षेत्र काफी संभावनाओं से भरा हुआ है। सरकार ने यहां पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया है। इससे इस क्षेत्र के विकास को और गति मिल रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के दो ऊर्जावान युवाओं को महती जिम्मेदारी मिली है। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा की अगुवाई में यहां पर्यटन का तेजी से विकास होगा। छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा साहित्य के जानकार हैं और वे लगातार इस क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। उनके अनुभवों का लाभ राज्य और अकादमी को मिलेगा। भरोसा है कि दोनों के सक्षम नेतृत्व में इन दोनों क्षेत्रों में उल्लेखनीय काम होंगे।छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा ने खुद को दी गई बड़ी जिम्मेदारी के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह मेरे लिए नई चुनौती और नया अवसर है। छत्तीसगढ़ को देश-दुनिया में पहचान दिलाने का सौभाग्य मिल रहा है। यहां के पर्यटन स्थलों को सजाने-संवारने का काम करेंगे। पर्यटन के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाली गतिविधियों को धरातल पर उतारेंगे।छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि साहित्य का क्षेत्र बहुत विराट क्षेत्र है। साहित्य भी विकास की एक धारा है। अन्य क्षेत्रों की तरह कला, संस्कृति और साहित्य का विकास भी जरूरी है। छत्तीसगढ़ साहित्य के क्षेत्र में पूरे देश में जाना जाता रहा है। यहां के साहित्यकारों ने देशभर में नाम कमाया है। राजनांदगांव का इसमें बहुत योगदान है। उन्होंने कहा कि वे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के विश्वास पर खरा उतरने की पूरी कोशिश करेंगे। यहां के साहित्य और साहित्यकारों का संरक्षण-संवर्धन करेंगे।संस्कृति विभाग के संचालक और छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य ने समारोह की शुरूआत में स्वागत भाषण और प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। सासंद सर्वश्री बृजमोहन अग्रवाल, संतोष पाण्डेय एवं विजय बघेल सहित अनेक विधायक और विभिन्न निगमों, मंडलों तथा आयोगों के अध्यक्ष भी पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में शामिल हुए।
- - ग्राम पटेवा में लगभग 350 करोड़ रूपए की लागत से इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (ईएमसी-2.0) एवं ग्राम बिजेतला में लगभग 25 करोड़ रूपए की लागत से प्रदेश के पहले स्पेस मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (एसएमसी) की स्थापना राजनांदगांव जिले के लिए अभूतपूर्व पहल
- विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने मुख्यमंत्री तथा प्रदेश के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री का हृदय से आभार व्यक्त किया
राजनांदगांव । राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम पटेवा में लगभग 350 करोड़ रूपए की लागत से इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (ईएमसी-2.0) एवं ग्राम बिजेतला में लगभग 25 करोड़ रूपए की लागत से प्रदेश के पहले स्पेस मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (एसएमसी) की स्थापना राजनांदगांव जिले के लिए अभूतपूर्व पहल है।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि इस ऐतिहासिक निर्णय से राजनांदगांव जिले में इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के निर्माण और स्पेस जैसी वैश्विक स्पर्धा में दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ेगा। साथ ही युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। जिससे हमारा क्षेत्र औद्योगिक विकास के नए कीर्तिमान स्थापित करेगा। विधानसभा अध्यक्ष ने इस महत्वपूर्ण घोषणा के लिए राजनांदगांव जिले की ओर से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय तथा प्रदेश के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन का हृदय से आभार व्यक्त किया है।
उल्लेखनीय है कि वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य में सेक्टर आधारित उद्योगों को एक ही परिसर में सभी आवश्यक सुविधायें उपलब्ध कराये जाने के दृष्टिकोण से राज्य शासन द्वारा स्मार्ट औद्योगिक क्षेत्र एवं पार्कों की स्थापना की घोषणा की गई है। इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय भारत सरकार की योजना अंतर्गत तहसील घुमका क्षेत्र अंतर्गत आने वाले ग्राम पटेवा में प्रस्तावित इलेक्ट्रानिक मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर (ईएमसी 2) की स्थापना की जाएगी। 350 करोड़ रूपए की लागत से यह परियोजना कुल क्षेत्रफल लगभग 322 एकड़ में विकसित की जाएगी। इसी तरह अंतरिक्ष विभाग भारत सरकार की योजना अंतर्गत तहसील घुमका क्षेत्र अंतर्गत आने वाले ग्राम बिजेतला में प्रस्तावित स्पेस मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर (एसएमसी) की स्थापना की जाएगी। 25 करोड़ रूपए की लागत से यह परियोजना कुल क्षेत्रफल लगभग 50 एकड़ में विकसित की जाएगी। इस औद्योगिक पार्क की स्थापना से प्रदेश एवं जिले में उद्योगों के विकास के लिए एक अनुकूल एवं सकारात्मक वातावरण उपलब्ध होगा। -
राजनांदगांव । जिला प्रशासन व विभिन्न संगठनों एवं जनसामान्य द्वारा जिले में जल के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए नागरिकों में जागरूकता लाने विभिन्न गतिविधियों एवं कार्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है। इसी कड़ी में पद्मश्री फूलबासन यादव के नेतृत्व में जनपद पंचायत डोंगरगांव के ग्राम किरगी में नीर और नारी जल यात्रा के संदेश के साथ ग्रामवासियों के सहयोग से जल कलश यात्रा निकाली गई। यात्रा के माध्यम से जल संरक्षण एवं जल संरक्षण के लाभ से ग्रामीणों को जागरूक किया गया। पद्मश्री फूलबासन यादव ने ग्रामीणों को बताया गया कि राजनांदगांव जिला सेमीक्रिटिकल जोन घोषित हो गया है, ऐसी स्थिति में जिलेवासियों की जल संरक्षण को गंभीरता से लेते हुए भविष्य में पेयजल समस्या से बचने के लिए आवश्यक कदम उठाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पृथ्वी में मानव ही संजोने व संवारने का काम कर सकते हंै, प्रकृति से मिले इस जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी ईमानदारी से करना होगा। मानव को सभी जीव-जंतुओं के बारे में भी सोचना चाहिए, जिनको जल संकट से परेशानी हो सकती है। जल कलश यात्रा में जनपद पंचायत उपाध्यक्ष श्री मनीष कुमार साहू, जनपद सदस्य श्री उमेश साहू, सरपंच ग्राम पंचायत किरगी ब श्रीमती इंद्रानी साहू एवं अन्य जनप्रतिनिधि, पंचगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
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राजनांदगांव । मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना अंतर्गत जिले के 313 हितग्राहियों को 14 मई से 17 मई 2025 तक राजनांदगांव जिले से शिरडी, शनिसिंघनापुर, त्रयम्बकेश्वर की यात्रा कराई जाएगी। योजना अंतर्गत यात्रा में शामिल होने के लिए 60 वर्ष के वरिष्ठ नागरिक (महिला/पुरूष) एवं विधवा व परित्यक्त महिला हितग्राही आवेदन कर सकते है। 80 प्रतिशत हितग्राही बीपीएल अंत्योदय एवं मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना के कार्डधारी होंगे तथा 20 प्रतिशत हितग्राही गरीबी रेखा के ऊपर के नागरिक होंगे, जो आयकर दाता ना हो। इस योजना अंतर्गत 75 प्रतिशत हितग्राही ग्रामीण क्षेत्र के तथा 25 प्रतिशत हितग्राही शहरी क्षेत्र के होंगे। योजना के तहत पात्रता रखने वाले हितग्राही जो इस योजना का लाभ पूर्व में नहीं लिए है, वे जिले के सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं नगर पालिक निगम के आयुक्त तथा नगर पालिका, नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी के कार्यालय में आवेदन जमा कर सकते है। file photo
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- जिले के 241 आंगनबाड़ी केन्द्रों के 3413 कुपोषित बच्चों को सुपोषण की श्रेणी में लाने का लक्ष्य
- अब तक चिन्हांकित 2136 कुपोषित बच्चे हुए सुपोषित
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल के निर्देशानुसार जिले को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए पोट्ठ लईका पहल अभियान अब पूरे राजनांदगांव जिले में चलाया जाएगा। इसके तहत जिला प्रशासन द्वारा जिले के 241 आंगनबाड़ी केन्द्रों को चिन्हांकित करते हुए 3413 कुपोषित बच्चों को सुपोषण की श्रेणी में लाने का लक्ष्य रखा गया है। कलेक्टर ने पोट्ठ लईका पहल अभियान की सफलता को देखते हुए जिले के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों में पोट्ठ लईका पहल अभियान का क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए है। उन्होंने जिले के प्रत्येक घर एवं परिवार के बच्चों के पोषण स्तर की नियमित एवं बेहतर पर्यवेक्षण कर सुधार करने के निर्देश दिए हैं।
जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्रीमती गुरप्रीत कौर ने बताया कि जिला प्रशासन एवं विभाग द्वारा जिले के सभी कुपोषित बच्चों को सुपोषण की श्रेणी में लाने के लिए प्रयास किए जा रहे है। इसे लिए अप्रैल माह में यूनिसेफ के सहयोग से प्रशिक्षण का आयोजन भी किया जाएगा। जनसमुदाय में जागरूकता लाने तथा व्यवहार परिवर्तन के लिए प्रति सप्ताह शुक्रवार को आंगनबाड़ी केन्द्रों में पालक चौपाल का आयोजन किया जा रहा है और निरंतर कुपोषित बच्चों की माता को आवश्यक परामर्श भी दिया जा रहा है। सुपोषित होने वाले बच्चों की माताओं के माध्यम से समुदाय में सही पोषण हेतु जागरूकता लायी गई है। जिसके परिणाम स्वरूप 3413 लक्षित बच्चों में से 2136 कुपोषित बच्चे सुपोषण की श्रेणी में आ चुके है। इस प्रकार पोट्ठ लईका पहल अभियान के माध्यम से 62.58 प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त कर ली गई है। -
- उन्नत तकनीक से रबी मौसम में लगाई मूंगफली की फसल
- मूंगफली फसल में कम पानी, कम खाद, कम दवाई के उपयोग से कास्त लागत में आई कमी
राजनांदगांव । फसल विविधीकरण को अपनाकर वनांचल ग्राम घोटिया के किसान श्री नारद पटेल ने रबी मौसम में उन्नत तकनीक से मूंगफली की फसल लेकर कास्त लागत से 4 गुना से अधिक का मुनाफा लिया है। छुरिया विकासखंड के ग्राम घोटिया निवासी श्री नारद पटेल ने बताया कि उन्होंने एक हेक्टेयर में मूंगफली की खेती की, जिसमें 12 क्ंिवटल का उत्पादन हुआ है जिससे उन्हें 72 हजार रूपए का कुल आय प्राप्त हुआ। इस खेती में कास्त लागत 14 हजार 47 रूपए लगा था और 57 हजार 953 रूपए की शुद्ध आय हुई है। श्री नारद ने बताया कि उनके पास 2 हेक्टेयर जमीन है। जिसमें वे एक हेक्टेयर में उद्यानिकी फसल तथा एक हेक्टेयर में मूंगफली की फसल ली है। श्री नारद विगत 12 वर्षों से सब्जी की खेती कर रहे हैं साथ ही मक्का एवं मूंग की खेती का अनुभव है। श्री नारद ने बताया कि कृषि विभाग के अधिकारियों ने टीआरएफए तिलहन योजनान्तर्गत 1 हेक्टेयर में मंूगफली का प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित किया। इस योजना के अंतर्गत कृषि विभाग द्वारा मूंगफली का बीज प्रदाय किया गया था। इसके साथ-साथ मूंगफली की खेती के निंदाई, गुड़ाई के दौरान विभाग के अधिकारियों द्वारा आवश्यक दिशा-निर्देश एवं सलाह दिया गया। जिससे मंूगफली का उत्पादन बहुत अच्छा हुआ। श्री नारद ने बताया कि मूंगफली फसल में कम पानी, कम खाद, दवाई का उपयोग कम होता है, इसलिए कास्त लागत कम लगती है और आय अधिक होती है। उन्नत तकनीक से मूंगफली की खेती करने से आसपास के किसान काफी प्रभावित हुए हैं। क्षेत्र के किसान फसल विविधीकरण को अपनाकर उन्नत तकनीक से खेती करना चाह रहे हैं। - रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (सीएसआईडीसी) के नवनियुक्त अध्यक्ष राजीव अग्रवाल आज राजधानी रायपुर स्थित उद्योग भवन में पदभार ग्रहण किया। छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के नवनियुक्त अध्यक्ष शशांक शर्मा और छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के नवनियुक्त अध्यक्ष नीलू शर्मा ने बुधवार शाम 4 बजे राजधानी के पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में पदभार ग्रहण किया। खास बात यह है कि दोनों नवनियुक्त अध्यक्ष ने एक ही मंच और एक ही समय में पदभार ग्रहण किया।इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंंह, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, उपमुख्यमंत्री द्वयअरुण साव व विजय शर्मा, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, महिला बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद बृजमोहन अग्रवाल ,विधायक पुन्नूलाल मोहले, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, धरम लाल कौशिक, विधायक अमर अग्रवाल, सुशांत शुक्ला, अनुज शर्मा, खूब चंद पारख, विधायक राजेश अग्रवाल, पुरंदर मिश्रा, प्रदेश प्रवक्ता संदीप शर्मा, केदार गुप्ता, लाभचंद बाफना, प्रहलाद रजक, शिवरतन शर्मा, जिला अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर, विधायक राजेश मूणत, मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, सुनील सोनी, महापौर मीनल चौबे, रामप्रताप सिंह, भूपेंद्र सवन्नी, बस्तर सांसद महेश कश्यप, किशोर महानंद, खिलावन साहू, राजा पांडेय, दीपक म्हस्के, शालिनी राजपूत, अनुराग सिंहदेव, मोना सेन, निगम मंडल आयोग के नव नियुक्त अध्यक्ष, सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी व कार्यकर्ता पदभार कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
- दुर्ग /जिला सेनानी नगर सेना अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं विभाग के अंतर्गत भण्डार की निष्प्रयोज्य सामग्रियों की नीलामी 05 मई 2025 दिन सोमवार को सुबह 11 बजे केन्द्रीय विद्यालय के बाजू न्यू कैम्प कार्यालय जिला सेनानी नगर सेना, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं दुर्ग में की जाएगी। निष्प्रयोज्य घोषित सामग्रियों में होमगार्ड जवानों की वर्दी सामग्री फुलपेंट, कमीज, टोपी, जूते, मोजे, कंबल, दरी, मच्छरदानी, पलंग एवं अन्य अनुपयोगी सामान भी शामिल है। सम्पूर्ण सामग्री को नीलामी के एक दिवस पूर्व कार्यालयीन समय में देख सकेंगे।
- दुर्ग, / कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने दुर्घटना में मृतक के परिजन को 16 लाख रूपये की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार वार्ड क्रमांक 21 मदर टेरेसा नगर स्टील नगर केम्प-1 भिलाई तहसील व जिला दुर्ग निवासी जावेद खान की विगत 05 दिसंबर 2022 को आग में जल जाने से मृत्यु हो गयी थी। इसी प्रकार ग्राम भटगांव थाना जेवरा सिरसा तहसील व जिला दुर्ग निवासी श्री कुलेश्वर महार की विगत 13 दिसंबर 2023 को नहाते समय पानी में डूबने से मृत्यु हो गयी थी। सीजी हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र बीएम हाउस तहसील भिलाई-03 जिला दुर्ग निवासी श्री वर्गिस चेरियन एवं इनकी पत्नी श्रीमति जाली चेरियन की विगत 16 फरवरी 2024 को आग में जल जाने से मृत्यु हो गई थी।कलेक्टर द्वारा शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन के प्रावधानों के अनुरूप स्व. जावेद खान की पत्नी सन्नो बेगम एवं स्व. कुलेश्वर महार के पिता श्री रोशन लाल महार 4-4 लाख रूपये की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। स्व. श्री वर्गिस चेरियन एवं उनकी पत्नी स्व. श्रीमति जाली चेरियन के वैधानिक प्रतिनिधि उनके पुत्र श्री जिस्सो चेरियन को 8 लाख रूपये की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है।
- -मुख्यमंत्री श्री साय छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री राकेश पांडेय के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में हुए शामिलदुर्ग / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय राजधानी स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री राकेश पांडेय के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने श्री पांडेय को नए दायित्व के लिए बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर राष्ट्रीय बांस मिशन अंतर्गत 10 महिला हितग्राहियों को बांस टूल किट प्रदान की गई।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि श्री पांडेय ने लंबे समय से संगठन में कार्य किया है। उनकी कुशल संगठन क्षमता के बारे में हम सभी अवगत हैं। निश्चित ही अब उनके अनुभवों का लाभ छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड को मिलेगा। उन्होंने कहा कि ‘लोकल फॉर वोकल’, ‘स्वावलंबी भारत’ के निर्माण एवं स्थानीय रोजगार सृजन में खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड की महत्वपूर्ण भूमिका है। हमारे लोकप्रिय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी हमेशा खादी एवं ग्रामोद्योग के उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए हम सबको प्रेरित करते हैं। वे कहते हैं कि खादी हमारी आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वे हर वर्ष एक बार स्वयं दुकान जाकर खादी का वस्त्र खरीदते हैं और पहनते हैं। छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के पास राष्ट्रीय बांस मिशन का भी कार्य है। उन्होंने कहा कि आज बांस से न केवल गुलदस्ते, ट्री गार्ड, बल्कि क्रैश बेरियर तक बनाए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन भी हो रहा है। उन्होंने बेमेतरा जिले के एक गांव का उल्लेख किया, जहाँ बांस के ऊंचे मीनार और क्रैश बेरियर बनाए जा रहे हैं, जिसकी प्रशंसा केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी जी ने की है।मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह बस्तर दौरे पर आए थे, तब महिला स्व-सहायता समूह की बहनों ने उन्हें बांस से निर्मित गुलदस्ता भेंट किया, जिसकी उन्होंने सराहना की। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि इन उत्पादों में रंगों का उपयोग किया जाए, तो उनका आकर्षण और मूल्य दोनों ही बढ़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमें ऐसे उत्पादों को अधिक आकर्षक और बाज़ार योग्य बनाने की दिशा में कार्य करना चाहिए और मुझे विश्वास है कि बोर्ड इस दिशा में आगे बढ़ेगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मौके पर मोदी की एक और गारंटी को पूर्ण करने की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश की 1460 ग्राम पंचायतों में ष्अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्रष् के लिए कॉमन सर्विस सेंटर सेवा प्रदाता एवं सरपंचों के मध्य एमओयू किया गया है। आगामी 24 अप्रैल पंचायत दिवस से इन केंद्रों में नगद भुगतान की सुविधा प्रारंभ होगी। इन केंद्रों से विभिन्न प्रमाण पत्र भी प्राप्त किए जा सकेंगे और ग्रामवासियों को अनेक वित्तीय सेवाओं का लाभ एक ही स्थान पर मिलेगा। इससे लोगों को विकासखंड एवं जिला मुख्यालयों में नहीं जाना पड़ेगा। इस सुविधा का विस्तार चरणबद्ध रूप से सभी ग्राम पंचायतों में किया जाएगा।इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री रामविचार नेताम ने भी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि हर घर खादी पहुंचे, इस दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री राकेश पांडेय को नए दायित्व के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री श्री टंक राम वर्मा, रायपुर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री राजेश मूणत, श्री मोतीलाल साहू, श्री पुरंदर मिश्रा, श्री गजेंद्र यादव, श्री अमर अग्रवाल, श्री अनुज शर्मा, श्री धरमलाल कौशिक, श्री प्रेमप्रकाश पांडेय, पूर्व सांसद सुश्री सरोज पांडेय सहित विभिन्न निगम, मंडल, आयोग के अध्यक्षगण, गणमान्य नागरिकगण एवं छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
- दुर्ग / कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने परियोजना निदेशक भारत माला परियोजना तथा अनुविभागीय अधिकारी एवं सक्षम प्राधिकारी भारत माला परियोजना दुर्ग/पाटन से प्राप्त अभिमत के आधार पर भारत माला परियोजना अन्तर्गत दुर्ग जिला के जिन प्रभावित ग्रामों में भूमि अधिग्रहण का कार्य पूर्ण हो चुका है, उन ग्रामों में खरीदी, बिक्री, डायवर्सन, बटांकन आदि पर लगे प्रतिबंध को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। जिनमें दुर्ग अनुभाग के अंतर्गत ग्राम खोपली तथा ग्राम कोलिहापुरी और अनुभाग पाटन अंतर्गत ग्राम देमार, ग्राम छाटा, ग्राम गोडपेण्ड्री, ग्राम ठाकुराईनटोला, ग्राम तुलसी तथा ग्राम चंगोरी शामिल है। शेष प्रभावित ग्रामों जिनमें अधिग्रहण की कार्यवाही पूर्ण नहीं हुई है उनमें प्रतिबंध पूर्व की भांति यथावत रहेगा।ज्ञात हो कि भारतमाला परियोजना अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग 53 के अन्तर्गत 0.00 कि.मी. से 44.500 कि.मी. तक 4/6 लेन सडक निर्माण के तहत दुर्ग-रायपुर बायपास निर्माण किये जाने हेतु दुर्ग जिले के दुर्ग-तहसील के 12 ग्रामों एवं अनुभाग पाटन के 13 ग्रामों की भूमि अधिग्रहण हेतु राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम 1956 की धारा 3 (ए) के द्वारा प्रारंभिक अधिसूचना का प्रकाशन भारत के राजपत्र में किया गया है। जिसके अनुसार जिला प्रशासन द्वारा संबंधित ग्रामों के प्रभावित खसरों के दोनों ओर की 100 मीटर तक की भूमि की खरीदी, बिक्री, डायवर्सन, बटांकन आदि पर आगामी आदेश पर्यन्त अस्थायी रूप से प्रतिबंधित किया गया है।
- - महिला एवं बाल विकास मंत्री ने ली समीक्षा बैठकदुर्ग, / महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण विभाग की मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने दुर्ग के सर्किट हाउस में विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्था, पोषण की गुणवत्ता, और योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि परियोजना अधिकारी नियमित रूप से आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करें। जिन केंद्रों में सुविधाओं की कमी है, वहां त्वरित कार्रवाई की जाए। बच्चों को मिलने वाला पोषण गुणवत्तापूर्ण हो, इसकी ज़िम्मेदारी अधिकारियों की है। उन्होंने ‘पोषण ट्रैकर’ में 100 प्रतिशत एंट्री सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्व-सहायता समूहों के साथ समन्वय बढ़ाने की बात कही, ताकि उन्हें रेडी-टू-ईट, स्थानीय उत्पाद निर्माण एवं विपणन से जोड़ा जा सके और ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त किया जा सके।महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि जिन क्षेत्रों में योजनाओं का क्रियान्वयन धीमा है, वहां ज़िला अधिकारी और परियोजना अधिकारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदारी लें और कार्ययोजना बनाकर काम करें। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की नियुक्तियों की भी जानकारी ली, जिस पर बताया गया कि रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है।बैठक में बताया गया कि जिले में 770 गंभीर रूप से कुपोषित और 5669 मध्यम कुपोषित बच्चे हैं। इस पर मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने निर्देश दिए कि मध्यम कुपोषित बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाकर शीघ्र कार्रवाई की जाए। उन्होंने परियोजना अधिकारियों को कहा कि कार्यालयों तक सीमित न रहकर फील्ड में जाएं और जमीनी स्तर पर कार्य करें। इस समीक्षा बैठक में दुर्ग ग्रामीण विधायक श्री ललित चंद्राकर, दुर्ग शहर विधायक श्री गजेन्द्र यादव, एडीएम श्री अरविन्द एक्का, जिला पंचायत सीईओ श्री बजरंग दुबे, एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
- भिलाईनगर। संपत्तिकर जमा करने पर अभी 6.25 प्रतिशत छूट प्राप्त करने के लिए नगर निगम भिलाई के काउन्टर में अच्छी भीड़ हो रही है। बहुत सारे जागरूक नागरिक वर्ष 2025-26 का संपत्तिकर जमा करने के लिए नगर निगम भिलाई के काउंटर पर पहुंच रहे है। इसके साथ ही जो नागरिक वर्ष 2024-25 का संपत्तिकर जमा नहीं किए है। उनको 18 प्रतिशत अधिभार एवं 1000 रूपये पेनाल्टी शुल्क जमा नहीं करने का लाभ मिल रहा है, 30 अप्रेल तक ही छूट प्राप्त होगा। नागरिको की सुविधा के लिए अवकाश के अवधि में नगर निगम भिलाई के मुख्य कार्यालय एवं जोन कार्यालय के संपत्तिकर काउंटर खुले रहेगें।आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने क्षेत्र के नागरिकों से अपील किए है कि जो भी मकान, दुकान मालिक है और जिनके द्वारा संपत्तिकर की राशि अभी तक जमा नहीं किए है। वे सभी नागरिक जल्द से जल्द अपना बकाया संपत्तिकर की राशि समय अवधि में निगम के संपत्तिकर काउंटर पर जमा कर दें। जिससे उनके बकाया करों पर लगाने वाले अतिरिक्त अधिभार से बचा जा सकें। साथ ही वित्तीय वर्ष का संपत्तिकर जमा कर 6.25 प्रतिशत छूट का लाभ भी ले सकते है। वसूली एजेंसी के कर्मचारी घर पर भी जाकर संपत्तिकर प्राप्त कर रहे है। उन्हे भी दिया जा सकता है, उनके द्वारा रसीद प्रदान की जायेगी।नागरिको के सुविधा के लिए घर बैठे संपत्तिकर जमा करने के लिए आनलाईन वेबसाईट https://Chhattishgarhmunicipal.com/nagarnigam/citizen/ में संपत्तिकर बटन पर क्लीक करने पर संपत्तिकर में रजिस्टर्ड मोबाईल नम्बर पर ओटीपी आयेगा, ओटीपी डालने पर संपत्तिकर का विवरण, डिमांड नोट आदि की जानकारी प्राप्त होगी। भुगतान में क्लीक करने पर विकल्प के रूप में के्रडिट, डेबिट, नेटबैंकिग, यूपीआई पूछा जायेगा, जिस पर क्लीक करने पर भुगतान की प्रक्रिया पूर्ण होगी। साथ ही वेबसाईट से ही भुगतान की रसीद जनरेट होगी, जिसे भवन मालिक प्रिंटकर सुरक्षित रख सकते है।
- -जलसंकट पर लापरवाही बर्दाश्त नही , अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित हो.-शहर में पेयजल की समुचित और सतत उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिये सभी जरूरी उपायो को प्राथमिकता से कियान्वित किया जाये -महापौर मीनलरायपुर ।आज नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने राजधानी शहर रायपुर में पेयजल की समुचित उपलब्धता को लेकर निगम जल विभाग की आवश्यक बैठक ली एवं अधिकारियों को जलकार्य विभाग अध्यक्ष श्री संतोष सीमा साहू की उपस्थिति में निर्देशित किया।महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने स्पष्ट निर्देशित किया कि राजधानी शहर रायपुर में पेयजल की समुचित और सतत उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिये सभी जरूरी उपायो की प्राथमिकता से कियान्वित किया जाये। रायपुर शहर में पेयजल की उपलब्धता को छत्तीसगढ़ शासन ने सर्वोच्च प्राथमिकता घोषित किया है अतएव सभी संबंधित अधिकारी जल संकट की किसी भी संभावना को गंभीरता से ले एवं त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करें।महापौर ने कहा कि पूर्व वर्षों को अनुभव है कि टैंकरों में ड्राइवरों की दिक्कते लगातार रही है। इसलिए प्रत्येक टैंकर में एक के बजाए दो ड्राइवर रखें और पिछली प्रणाली में जो व्यवस्था ठीक नहीं थी उसे इस बार प्राथमिकता के साथ ठीक करें। महापौर ने कहा कि वे समीक्षा बैठक के निर्देशो के पालन की वस्तुरिति की समीक्षा एक सप्ताह बाद करेंगी और तब उन्हें शहर में पेयजल के संबंध में आज की वर्तमान स्थिति से बेहत्तर स्थिति मिलनी चाहिए।महापौर ने नगर निवेश अभियंताओं को बैठक में रैन वाटर हार्वेस्टिंग की स्थिति को लेकर चर्चा करते हुए जानकारी ली एवं शहर में भूजल स्तर सुधारने रैन वाटर हार्वेस्टिंग हेतु पुनः अभियान चलाकर नागरिको की जमा राशि पर नियमानुसार उनके घरों एवं फर्मों में प्राथमिकता से रैन वाटर हार्वेस्टिंग करवाने अथवा नहीं कराने पर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये। महापौर ने नगर निवेश विभाग के अधिकारियों को शहर में रैन वाटर हार्वेस्टिंग अभियान गंभीरता से चलाने के निर्देश दिये है।महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने जलविभाग के सभी अधिकारियों से कहा कि वे केवल कार्यालयों तक सीमित ना रहें, बल्कि वार्डो में जाकर स्थिति का आकलन करें। जहां पेयजल की समस्या हो रही है वहां उसका समाधान क्या हो सकता है इस पर अधिकारी निर्णय लें। शहर में जितने हैण्डपंप चल रहे है उनकी आवश्यक मरम्मत और सुधार के लिये अभियान चलाकर अगर हैण्ड पंप में छोटी मोटी समस्या है तो उसका त्वरित निदान करें।महापौर ने कहा कि जहां भूजल का स्तर स्थिर है और पानी संतोषजनक है वहां पर ट्यूबवेल लगाया जाये। आवश्यकतानुसार टैंकरों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये और जरूरत पड़ने पर टैंकरो की संख्या बढाई जाये। पानी का लीकेज ना हो संबंधित अधिकारी इसे भी ध्यान में रखें।जल कार्य विभाग अध्यक्ष श्री संतोष सीमा साहू ने सभी जोन कमिश्नरों को निर्देशित किया कि सभी जोन कार्यालयों में गर्मी के दौरान पेयजल टैंकरों से नागरिको को समुचित सतत पेयजल उपलब्ध करवाने कार्य की मॉनिटरिंग सतत करने हर जोन में 2 उपअभियंताओं की ड्यूटी लगवाये ताकि नागरिको तक जल की उपलब्धता टैंकरों से सभी जोनो से सुगमता से गर्मी के दौरान व्यवहारिक आवश्यकता के अनुसार व्यवस्थित रूप से की जा सके।महापौर श्रीमती मीनल चौबे द्वारा की गई समीक्षा बैठक में निगम अपर आयुक्त श्री राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता श्री पंकज के शर्मा, श्रीमती कृष्णा खटीक, अधीक्षण अभियंता श्री संजय बागडे, जलविभाग सलाहकार सेवानिवृत्त अधीक्षण अभियंता श्री बद्री चंद्राकर, उपायुक्त डॉ. दिव्या चंद्रवंशी, सभी जोन कमिश्नरों, कार्यपालन अभियंताओं, सहायक अभियंताओं, उपअभियंताओं की उपस्थिति रही।
- -पात्र परिवारों को पक्का मकान दिलाना हमारी जिम्मेदारी : उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा-राज्य में 15 से 30 अप्रैल तक चलेगा मोर दुआर-साय सरकार महाभियान-रायपुर, / उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा आज बस्तर जिले के ग्राम शासनकचौरा और हलबा कचौरा में प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण के अंतर्गत 'आवास प्लस 2.0 सर्वेक्षण विशेष पखवाड़ा' के तहत 3 हितग्राहियों के घर जाकर ‘आवास प्लस 2024 (2.0)’ मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से सर्वे किया। ग्रामवासियों से आत्मीय संवाद किया। उप मुख्यमंत्री के गांव पहुंचने पर ग्रामीणों में भारी उत्साह दिखाई दिया। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को पक्का और सुरक्षित घर प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण कार्य समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से पूरा किया जाएगा, ताकि हर जरूरतमंद को योजना का लाभ मिले।गौरतलब है कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण आवास प्लस 2.0 के तहत सर्वेक्षण के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के विशेष पहल पर 15 दिवसीय मोर दुआर-साय सरकार महाभियान शुरू किया गया है। यह अभियान 30 अप्रैल तक चलेगा। मोर दुआर-साय सरकार महाभियान का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के ऐसे ग्रामीण परिवारों की पहचान करना है, जिन्हें अब तक किसी भी आवासीय योजना के तहत पक्का आवास नहीं मिल सका है। उन्हें पक्के आवास की सुविधा उपलब्ध कराना है। इस महाभियान में राज्य के प्रत्येक गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना प्लस 2.0 के हितग्राहियों के सर्वेक्षण का कार्य पूरा किया जाएगा, ताकि योजनांतर्गत आवास की स्वीकृति एवं निर्माण कार्य कराया जा सके। यह महाभियान तीन चरणों में संचालित होगा। पहले चरण में 15 से 19 अप्रैल के बीच जिला और ब्लॉक स्तर पर आयोजित किए जा रहे हैं। दूसरे चरण में 20 से 28 अप्रैल तक सभी ग्रामों में ग्राम सभाएं आयोजित कर घर-घर जाकर पात्र परिवारों का सर्वेक्षण किया जाएगा। तीसरे चरण में 29 और 30 अप्रैल को सभी सर्वेक्षणों की पुष्टि, ग्राम सभा की स्वीकृति और सत्यापन कर अंतिम रिपोर्ट तैयार कर राज्य कार्यालय को भेजी जाएगी।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने ग्राम शासनकचौरा और हलबा कचौरा में आयोजित कार्यक्रम में स्वयं लाभार्थियों क्रमशः बृन्दावती भारती, दुलारी भारती और गुड्डुराम बघेल से चर्चा करते हुए उनके मकान की स्थिति जानी। उन्होंने ग्रामवासियों से सीधा संवाद करते हुए यह भी कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि कोई भी परिवार बिना पक्के मकान के न रहे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सर्वेक्षण के माध्यम से जो भी पात्र परिवार सामने आएंगे, उन्हें शीघ्रातिशीघ्र योजना में सम्मिलित किया जाएगा।हर नागरिक को सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार : उपमुख्यमंत्री श्री शर्माउपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का स्पष्ट लक्ष्य है कि देश के हर नागरिक को सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार मिले, जिसमें पक्का मकान एक बुनियादी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार इस संकल्प के साथ कार्य कर रही है कि कोई भी पात्र नागरिक सरकार की योजनाओं से वंचित न रहे। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में 2024-25 के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत कुल 11,50,315 मकानों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से 9,41,595 मकानों की पहले ही स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। इनमें से 1,78,476 मकान पूर्ण रूप से निर्मित हो चुके हैं और शेष निर्माणाधीन हैं। अब तक कुल 3,59,037 लाभार्थियों को आवास मिल चुका है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते हुए लाभार्थी स्वयं भी मोबाइल ऐप के जरिए अपनी जानकारी अपलोड कर सकेंगे। इस प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सरल बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा GRIH पोर्टल भी विकसित किया गया है।
- -सीएसआईडीसी के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल ने किया कार्यभार ग्रहण-मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएंरायपुर, /छत्तीसगढ़ स्टेट इण्डस्ट्रियल डेव्हलेपमेंट कार्पाेरेशन लिमिटेड के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल ने आज तेलीबांधा स्थित उद्योग भवन में अपना कार्यभार ग्रहण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने उन्हें अपनी बधाई एवं शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में सीएसआईडीसी प्रदेश में औद्योगिक वातावरण के निर्माण में बेहतर कार्य करेगा। श्री राजीव अग्रवाल अनेक पदों पर किये हैं। उनके अनुभवों से उद्योग जगत को एक नई ऊंचाई मिलेगी। राज्य में नई औद्योगिक नीति से प्रदेश का विकास होगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वर्तमान में 4.50 लाख करोड़ रूपए का निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। राज्य में खनिज, बिजली और पानी की पर्याप्त उपलब्धता से उद्योगों को फलने-फूलने का अवसर मिलेगा।वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य में सेक्टर आधारित उद्योगों को एक ही परिसर में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने के दृष्टिकोण से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजनांदगांव जिला के ग्राम पटेवा में 322 एकड़ में इलेक्ट्रॉनिक मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर की स्थापना के लिए 350 करोड़ रूपए, राजनांदगांव जिला के ग्राम बिजेतला में 50 एकड़ में स्पेश मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर की स्थापना के लिए 25 करोड़ रूपए, नवा रायपुर के 20 एकड़ में रेडिमेट गारमेंट पार्क के लिए 30 करोड़ रूपए तथा नवा रायपुर में ही 30 एकड़ में फर्नीचर क्लस्टर की स्थापना के लिए 40 करोड़ रूपए की घोषणा की। इस तरह कुल 445 करोड़ रूपए की लागत से 4 स्मार्ट औद्योगिक पार्क की स्थापना की जाएगी। छत्तीसगढ़ राज्य में उद्योगों के विकास के लिए एक अनुकुल एवं सकारात्मक वातावरण बनेगा। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने नवनियुक्त अध्यक्ष को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के 25 वर्ष पूर्ण होने पर रजत जयंती वर्ष मनाया जा रहा है। राज्य के नई औद्योगिक नीति से उद्योग बेहतर तरीके से विकसित होंगे और राज्य तेजी से विकास करेगा। सीएसआईडीसी के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल ने कहा कि राज्य के औद्योगिक नीति विकसित राज्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। पिछले दिनों मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा नवा रायपुर में सेमीकंडक्टर उत्पादों के निर्माण के लिए भूमिपूजन किया गया है। अध्यक्ष के रूप में श्री राजीव अग्रवाल ने अपने कर्तव्यों को निष्ठापूर्वक निर्वहन करने की बात कही।इस मौके पर उप मुख्य मंत्री श्री अरुण साव, उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, केबिनेट मंत्री श्री केदार कश्यप, श्री राम विचार नेताम, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल एवं श्री विजय बघेल, विधायक श्री धरम लाल कौशिक, श्री किरण सिंह देव, श्री मोतीलाल साहू, श्री राजेश मूणत, श्री पुरंदर मिश्रा, श्री अनुज शर्मा, डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, महापौर रायपुर श्रीमती मीनल चौबे, जिला पंचायत रायपुर के अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल, विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, सीएसआईडीसी के प्रबंध संचालक श्री विश्वेश कुमार, छत्तीसगढ़ स्टील रि-रोलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री संजय त्रिपाठी सचिव श्री बांके बिहारी अग्रवाल, छत्तीसगढ़ मिनी स्टील प्लांट एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री अशोक कुमार अग्रवाल, छत्तीसगढ़ स्पंज आयरन मैन्युफेक्चरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. मनीष कुमार मंडल सहित निगम, मंडल बोर्ड के अध्यक्ष सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
- -मुख्यमंत्री श्री साय स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पाेरेशन लिमिटेड के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव के पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में हुए शामिलरायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के शंकर नगर स्थित बीटीआई ग्राउंड में छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पाेरेशन लिमिटेड के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव के पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पाेरेशन लिमिटेड के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव को पदभार ग्रहण करने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी।मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी बाजपेयी ने छत्तीसगढ़ पृथक राज्य का निर्माण किया। 2003 में जनादेश के बाद डॉ रमन सिंह छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री बनाए गए जिनके नेतृत्व में प्रदेश का तेजी से विकास हुआ। मुझे गर्व होता है यह बताते हुए कि डॉ सिंह के नेतृत्व में प्रदेश में जो पीडीएस व्यवस्था बनाई गई। वह आज पूरे देश में सर्वश्रेष्ठ पीडीएस व्यवस्था है। उन्होंने नवनियुक्त अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव की प्रशंसा करते हुए कहा कि बेहद अनुभवी हैं रायपुर नगर निगम में सभापति और रायपुर विकास निगम के अध्यक्ष का दायित्व भी उन्होंने निभाया है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने कहा कि यह कॉर्पाेरेशन सिर्फ एक संस्था नहीं है, बल्कि सरकार और जनता के बीच विश्वास का सेतु है। यह एकमात्र निगम है जो प्रदेश की 75 प्रतिशत जनता से जुड़ा हुआ है। राशन की एक-एक दुकान की मॉनिटरिंग, वेयर हाउस की निगरानी, समय पर जन-जन तक खाद्यान्न सप्लाई सुनिश्चित करने तक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल नवनियुक्त अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, श्रम एवं उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक सर्व श्री किरण सिंह देव, श्री धरमलाल कौशिक, श्री पुन्नूलाल मोहले, श्री प्रबोध मिंज, श्री अमर अग्रवाल, श्री अनुज शर्मा, श्री सुशांत शुक्ला, श्री राजेश अग्रवाल, श्री पुरंदर मिश्रा, रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे, राज्य अक्षय ऊर्जा विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सवन्नी, भवन एवं अन्य सन्ननिर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष श्री रामप्रताप सिंह, पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष श्री राजा पांडेय, राज्य केश शिल्पी कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन, राज्य समाज कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत, बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्रकार, छत्तीसगढ़ वक्फ़ बोर्ड के अध्यक्ष श्री सलीम राज, छत्तीसगढ़ चर्म शिल्पकार बोर्ड के अध्यक्ष श्री ध्रुव कुमार मिर्घा, छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत सिंह छाबड़ा, छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष श्री संदीप शर्मा, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव मौजूद रहे।
- -, मरम्मत व रखरखाव के लिए नगरीय प्रशासन विभाग ने जारी किए 57.70 करोड़ रुपए-550 से अधिक स्वच्छता लक्षित इकाइयों का रूपांतरण, खुले में कचरा फेंकने, गंदगी करने पर दंड का प्रावधान-स्वच्छता बढ़ाने कचरा डिस्पोजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने व स्वच्छ शौचालय के साथ ही लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने पर जोररायपुर. .। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव की पहल पर शहरों में स्वच्छ शौचालय उपलब्ध कराने तथा नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने 57 करोड़ 70 लाख रुपए जारी किए गए हैं। नगरीय प्रशासन विभाग ने स्वच्छ एवं सर्वसुविधायुक्त शौचालयों के लिए 144 नगरीय निकायों को 42 करोड़ 58 लाख रुपए जारी किए हैं। इस राशि से 1389 शौचालयों की मरम्मत की जाएगी। इसके साथ ही स्वच्छता श्रृंगार योजना के तहत सामुदायिक शौचालयों के रखरखाव एवं संधारण के लिए 15 करोड़ 12 लाख रुपए भी मंजूर किए गए हैं। इस राशि से सामुदायिक शौचालयों के उन्नयन के कार्य किए जा रहे हैं।उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव के निर्देश पर नगरीय निकायों में स्वच्छता अभियान की गति को और तेज करने, कचरा डिस्पोजल की व्यवस्था को सुदृढ़ करने, नागरिकों को स्वच्छ शौचालय उपलब्ध कराने तथा उन्हें स्वच्छता के प्रति जागरूक करने विभिन्न मदों से राशि जारी की गई है। इस राशि से शौचालयों की मरम्मत, सफाई तथा अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के काम प्राथमिकता से किए जाएंगे।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि सार्वजनिक एवं सामुदायिक शौचालय एक सुविधा से कहीं अधिक आम नागरिकों के दैनिक जीवन का हिस्सा है। पूर्ववर्ती सरकार द्वारा सार्वजनिक व सामुदायिक शौचालयों की उपेक्षा के कारण नगरीय निकायों में शौचालयों की स्थिति जर्जर थी, वे उपयोग के लायक नहीं थे। राज्य सरकार ने शौचालयों की आवश्यकताओं को देखते हुए स्वच्छ एवं सर्वसुविधायुक्त शौचालय सुनिश्चित करने के लिए राशि जारी की है। उन्होंने कहा कि हम नागरिकों को स्वच्छता के प्रति सजग करने के साथ ही उन्हें स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ वातावरण देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।श्री साव ने बताया कि नगरीय निकायों के सार्वजनिक स्थलों जैसे बाजार, बस स्टैंड, चौक-चौराहे एवं अन्य भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में मिशन मोड पर स्वच्छता लक्षित इकाइयों (CTUs) का चिन्हांकन कर स्वच्छता के कार्य किए जा रहे हैं। अब तक ऐसे 550 से अधिक स्थानों को सीटीयू या जीवीपी (Garbage Vulnerable Point) के रूप में चिन्हित कर स्वच्छ किया जा चुका है। इन स्थलों पर खुले में कचरा फेंकने या दोबारा गंदगी करने वालों के लिए दंड का प्रावधान भी किया गया है।विभिन्न संस्थाओं और गतिविधियों के माध्यम से बढ़ाई जा रही सहभागिताउप मुख्यमंत्री श्री साव शौचालयों की गुणवत्ता में सुधार लाने नियमित रूप से समीक्षा कर रहे हैं। नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. ने भी नगरीय निकायों के आयुक्तों एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को नागरिकों को सभी सुविधाएं मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं। लोगों में जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए राज्य सरकार द्वारा सभी नगरीय निकायों को प्रचार-प्रसार (आईईसी) मद से आर्थिक सहयोग प्रदान किया जा रहा है। वॉल पेंटिंग, वेस्ट-टू-आर्ट से बनी कलाकृतियों तथा बैक लेन सौंदर्गीकरण के माध्यम से स्वच्छता संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं। शैक्षणिक संस्थानों, गैर सरकारी संगठनों, स्वसहायता समूहों आदि के सहयोग से स्वच्छता पखवाड़ा, सफाई चौपाल, नुक्कड़ नाटक, प्लॉग रन, स्वच्छता शपथ जैसे कार्यक्रमों से नागरिकों की सहभागिता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। केंद्र सरकार के सहयोग एवं राज्य सरकार की निरंतर कोशिशों से शहरों में स्वच्छता अभियान को नई गति मिली है। प्रदेश के सभी नगरीय निकाय स्वच्छता के इस जन आंदोलन से और अधिक प्रतिबद्धता से जुड़ गए हैं।
- रायपुर । गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के दल ने एक किसान से 50 हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप में एक राजस्व निरीक्षक को गिरफ्तार कर लिया तथा एक अन्य व्यक्ति फरार है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि एसीबी के दल ने गौरेला क्षेत्र में एक किसान से 50 हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप में एक राजस्व निरीक्षक को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले का अन्य आरोपी एक अन्य राजस्व निरीक्षक फरार है। उन्होंने बताया कि जिले के आंदु गांव निवासी रंजीत सिंह राठौर ने बिलासपुर स्थित भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में शिकायत की थी कि उनके पिता के नाम पर दो एकड़ कृषि जमीन है जिसके सीमांकन के लिए तहसीलदार गौरेला के यहां से आदेश हो चुका है। जमीन का सीमांकन करने के एवज में राजस्व निरीक्षक ने 50 हजार रुपये रिश्वत की मांग की है। अधिकारियों ने बताया कि शिकायत का सत्यापन कराया गया और शिकायत के सही पाए जाने पर एसीबी बिलासपुर ने आज रिश्वत की रकम लेने में मध्यस्थता करने वाले राजस्व निरीक्षक को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए पकड़ा। उन्होंने बताया कि राजस्व निरीक्षक से रिश्वत की रकम (50 हजार रुपये) जब्त कर लिया गया है, लेकिन रिश्वत की मांग करने वाला राजस्व निरीक्षक मौके से फरार हो गया। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
- -ऑल इंडिया पुलिस बैडमिण्टन क्लस्टर 2024-25 में गोल्डन प्रदर्शनदुर्ग । ऑल इंडिया पुलिस बैडमिण्टन क्लस्टर 2024-25 का आयोजन राजीव गांधी रीजनल इण्डोर स्टेडियम में 11 से 15 अप्रैल तक कोच्चि, केरल में हुआ, जिसमें देश के विभिन्न प्रदेशों एवं अर्द्ध सैनिक बलों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। छत्तीसगढ़ पुलिस की ओर से दुर्ग जिले में पदस्थ प्रशिक्षु डीएसपी आकर्षि कश्यप ने प्रतियोगिता में भाग लेकर विभिन्न संवर्ग में 03 गोल्ड मेडल जीत कर छत्तीसगढ़ पुलिस के साथ-साथ दुर्ग पुलिस का नाम रोशन किया है। राजपत्रित संवर्ग बैडमिण्टन एकल महिला प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कर गोल्ड मेडल जीता, इसी प्रकार राजपत्रित संवर्ग युगल महिला प्रतियोगिता में अपने साथी खिलाड़ी भावना गुप्ता, भापुसे के साथ अपने विरोधियों को 21-5, 21-8 से पराजित कर गोल्ड मेडल प्राप्त किया, राजपत्रित संवर्ग मिश्रित युगल प्रतियोगिता में अपने साथी खिलाड़ी सूरज सिंह परिहार, भापुसे, के साथ विरोधी पक्ष को 21-11, 21-8 से पराजित कर गोल्ड मेडल को अपने नाम से किया। इस उल्लेखनीय सफलता के लिए रामगोपाल गर्ग, भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग रेंज, दुर्ग एवं जितेन्द्र शुक्ला, भापुसे, पुलिस अधीक्षक, दुर्ग व्दारा डीएसपी आकर्षि कश्यप को बधाई देकर, उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी है ।
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रायपुर। कोंडागांव और नारायणपुर जिले की सीमा पर किलम-बुरगुम के जंगलों में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ के बाद मुठभेड़ स्थल से दो नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं। डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) और बस्तर फाइटर्स की संयुक्त टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया।
मारे गए नक्सलियों की पहचान बस्तर ईस्ट डिवीजन के माओवादी कमांडर डीवीसीएम हलदर (8 लाख का इनाम) और एसीएम रामे (5 लाख का इनाम) के रूप में हुई। सुरक्षाबलों ने घटनास्थल से एके-47 राइफल, एक अन्य हथियार, विस्फोटक सामग्री और नक्सलियों का दैनिक उपयोग का सामान बरामद किया है। क्षेत्र में सुरक्षाबलों का तलाशी अभियान जारी है। बस्तर रेंज के आईजी पी. सुंदरराज ने इस सफल ऑपरेशन की पुष्टि की है।कोंडागांव और नारायणपुर जिले की सीमा से सटे किलम-बुरगुम के जंगलों में माओवादियों की उपस्थिति की सूचना पर कोंडागांव डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) और बस्तर फाइटर्स की संयुक्त टीम मंगलवार (15 अप्रैल) को माओवादी विरोधी अभियान पर निकली थी। शाम को सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ स्थल से दो नक्सली कैडरों के शव बरामद हुए। मारे गए खूंखार माओवादी हलदर और एसीएम रामे दोनों पर कुल 13 लाख रुपये का इनाम घोषित था।बस्तर रेंज के आईजी पी. सुंदरराज के अनुसार, क्षेत्र में सुरक्षा बलों का तलाशी अभियान जारी है।बता दें कि छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में शनिवार को सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों की पहचान कर ली गई थी, जिसमें एक महिला नक्सली भी शामिल थी। शिनाख्त किए गए माओवादियों में पांच लाख रुपये के इनामी माटवाड़ा एलओएस कमांडर एसीएम अनिल पूनेम के अलावा, एक-एक लाख रुपये के इनामी नक्सली पालो पोड़ियाम और दीवान मड़कम शामिल थे। अनिल पूनेम को अम्बेली ब्लास्ट का मास्टरमाइंड माना जाता है और वह लंबे समय से सुरक्षा बलों के लिए चुनौती बना हुआ था। -
-छत्तीसगढ़ ने पहली बार जीता गोल्ड
-सूरज सिंह परिहार आईपीएस और आकर्षि कश्यप डीएसपी की जोड़ी ने स्वर्ण पदक हासिल किया-स्पर्धा का रजत पदक भी छग के नाम रहा-मिक्सड डबल्स में आईपीएस भावना गुप्ता और मिजोरम के मोरमुता की जोड़ी को रजत पदक मिलारायपुर, / अखिल भारतीय पुलिस बैडमिंटन एवं टेबल टेनिस टूर्नामेंट की मिक्सड डबल्स स्पर्धा में छत्तीसगढ़ का परचम लहराया है। इस स्पर्धा में छत्तीसगढ़ ने पहली बार गोल्ड मेडल जीता है। स्पर्धा का रजत पदक भी छत्तीसगढ़ के नाम रहा।केरल के क्षेत्रीय खेल केन्द्र राजीव गांधी इंडोर स्टेडियम कदवंथरा, एर्नाकुलम में 11 से 15 अप्रैल तक आयोजित अखिल भारतीय पुलिस बैडमिंटन और टेबल टेनिस टूर्नामेंट में छत्तीसगढ़ ने 43 टीमों के बीच पदक तालिका में तीसरे स्थान प्राप्त किया। बैडमिंटन और टेबल टेनिस में छत्तीसगढ़ ने कुल 11 पदक जीते। केरल के कोचीन में आज 5 दिवसीय कार्यक्रम का समापन हुआ। इससे पहले चंडीगढ़ में छत्तीसगढ़ ने 5 पदक जीते गए थे।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अखिल भारतीय पुलिस बैडमिंटन और टेबल टेनिस टूर्नामेंट में इस शानदार उपलब्धि के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस और पदक विजेताओं को बधाई और शुमकामनाएं दी हैं। छत्तीसगढ़ पुलिस के अधिकारियों की यह उपलब्धि अन्य खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक है।





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