- Home
- छत्तीसगढ़
- रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नवभारत नवराष्ट्र परिवार के प्रधान संपादक श्री विनोद बाबू माहेश्वरी के निधन पर गहरा दुःख प्रकट किया है। मुख्यमंत्री ने श्री माहेश्वरी के शोक संतप्त परिवारजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री ने शोक संदेश में कहा है कि श्री विनोद बाबू माहेश्वरी ने जनोन्मुखी पत्रकारिता के माध्यम से आम जनता के जीवन को सुगम बनाने का भरसक प्रयास किया। उनका निधन पत्रकारिता जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।
- रायपुर/राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2024 से अब तक राज्य में 758.4 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून 2024 से आज 13 अगस्त सवेरे तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 1698.3 मिमी और सरगुजा जिले में सबसे कम 381.4 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है। राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सूरजपुर जिले में 693.2 मिमी, बलरामपुर में 1038.0 मिमी, जशपुर में 575.0 मिमी, कोरिया में 721.2 मिमी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 750.1 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी।इसी प्रकार, रायपुर जिले में 658.5 मिमी, बलौदाबाजार में 790.9 मिमी, गरियाबंद में 732.9 मिमी, महासमुंद में 545.3 मिमी, धमतरी में 706.8 मिमी, बिलासपुर में 695.0 मिमी, मुंगेली में 729.7 मिमी, रायगढ़ में 634.5 मिमी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 419.2 मिमी, जांजगीर-चांपा में 719.7 मिमी, सक्ती 608.2 कोरबा में 962.5 मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 701.8 मिमी, दुर्ग में 486.7 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी। कबीरधाम जिले में 598.7 मिमी, राजनांदगांव में 813.5 मिमी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़चौकी में 916.1 मिमी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 560.5 मिमी, बालोद में 836.5 मिमी, बेमेतरा में 434.5 मिमी, बस्तर में 838.1 मिमी, कोण्डागांव में 786.5 मिमी, कांकेर में 1005.9 मिमी, नारायणपुर में 914.2 मिमी, दंतेवाड़ा में 997.3 मिमी और सुकमा जिले में 1074.8 मिमी औसत वर्षा एक जून से अब तक रिकार्ड की गई।
- *पखवाड़ा के दौरान आयोजित शिविरों में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे, नागरिकों को मिला त्वरित समाधान**उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के निर्देश पर सभी नगरीय निकायों में 27 जुलाई से 10 अगस्त तक आयोजित किए गए थे जनसमस्या निवारण शिविर*बिलासपुर/ प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में विगत 27 जुलाई से 10 अगस्त तक संचालित जनसमस्या निवारण पखवाड़ा का बेहतर प्रतिसाद लोगों को मिला है। पखवाड़ा के दौरान प्रदेश भर में आयोजित शिविरों में कुल एक लाख 12 हजार आवेदन प्राप्त हुए जिनमें से करीब 45 हजार आवेदनों को मौके पर ही निराकृत किया गया। दूसरे विभागों से संबंधित आवेदनों को संबंधित विभाग को प्रेषित करने के बाद शेष आवेदनों का परीक्षण कर शीघ्र निराकरण की कार्यवाही की जा रही है। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने जनसमस्या निवारण पखवाड़ा के दौरान सभी नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों के साथ ही क्षेत्रीय संयुक्त संचालकों को यथासंभव ज्यादा से ज्यादा आवेदनों को मौके पर ही निराकृत करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने खुद कई शिविरों का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखी थी।राज्य के सभी 184 नगरीय निकायों में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविरों में प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित 15 हजार 700 आवेदन मिले जिनमें से 1200 का त्वरित निराकरण किया गया। शिविर स्थल पर ही हितग्राहियों को पात्रतानुसार नए आवास की स्वीकृति, आवास आवेदन की त्रुटियों का निराकरण, किस्त का भुगतान तथा अधूरे आवासों को शीघ्र पूर्ण करने के संबंध में कार्यवाही की गई। पेयजल समस्या से जुड़े 4500 आवेदनों में से 700 का शिविर में ही समाधान किया गया। इस दौरान लोगों की मांग एवं शिकायत के अनुसार नए नल कनेक्शन, पाइपलाइन का विस्तार, पाइपलाइन लीकेज की मरम्मत, पेयजल आपूर्ति संबंधी समस्याओं को निराकृत किया गया।जनसमस्या निवारण पखवाड़ा के दौरान डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, नाली सफाई, पानी निकासी तथा साफ-सफाई से संबंधित शिकायतों का तत्परता से निराकरण किया गया। नगरीय निकायों की टीम द्वारा कचरा एकत्रीकरण एवं उठाव से संबंधित 1500 आवेदनों में से 700 को शिविर स्थल पर ही निराकृत किया गया। निराश्रितों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन में आ रही समस्याओं का यथाशीघ्र निराकरण कर पेंशन की राशि प्रदान की गई। सामाजिक सुरक्षा पेंशन संबंधी प्राप्त 1950 आवेदनों में से निकाय स्तर के 550 आवेदनों को तत्काल निराकृत किया गया। शेष आवेदनों के परीक्षण की कार्यवाही जारी है।नगरीय निकायों में आयोजित शिविरों में सड़क व नाली मरम्मत तथा निर्माण कार्य से जुड़े 14 हजार 500 आवेदनों में से 600 आवेदनों को तत्काल स्वीकृत कर सड़क और नाली मरम्मत के कार्य किए गए। शेष मांगों के अनुरूप नई नाली और सड़क निर्माण कार्य की स्वीकृति के लिए पूर्ण प्रस्ताव तैयार कर उचित माध्यम से विभाग को प्रेषित किए जा रहे हैं। नवीन निर्माण कार्यों से संबंधित प्रस्ताव स्थल चयन तथा जांच के उपरांत निकाय के माध्यम से शासन को भेजे जाएंगे। जनसमस्या निवारण पखवाड़ा के दौरान शिविर स्थल पर ही संपत्ति कर के भुगतान की सुविधा मुहैया कराई जा रही थी। नए भवनों के संपत्ति कर एवं संपत्ति निर्धारण संबंधी शिकायतों के निराकरण के साथ ही इनसे संबंधित 600 आवेदनों में से 350 को मौके पर ही निराकृत किया गया।शिविर स्थल पर ही संपत्ति के नामांतरण, नए भवन निर्माण की स्वीकृति तथा नियमितीकरण संबंधी मांगों का यथासंभव निराकरण किया गया। इनसे जुड़े 700 आवेदनों में से 50 का त्वरित निराकरण किया गया। शेष आवेदन जिला कार्यालय या नगर निवेश से संबंधित होने के कारण इन विभागों के समन्वय से निराकृत किए जाएंगे। वार्डवार आयोजित जनसमस्या निवारण शिविरों में नए राशन कार्ड का वितरण, राशन कार्ड में त्रुटि सुधार एवं पात्रतानुसार बीपीएल/एपीएल राशन कार्ड बनाकर आवेदकों को दिए गए। राशन कार्ड से संबंधित 19 हजार 500 आवेदनों में से दस हजार मौके पर ही निराकृत किए गए। शेष आवेदनों का परीक्षण कर शीघ्र समाधान किया जाएगा।स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से शिविर स्थल पर ही वार्डवासियों के प्राथमिक उपचार और रक्त परीक्षण की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी। पखवाड़ा के दौरान 9200 लोगों के स्वास्थ्य का परीक्षण कर जरूरी उपचार मुहैया कराया गया। शिविरों में 7500 आयुष्मान कार्ड भी बनाकर वितरित किए गए। भूमि विवाद एवं राजस्व प्रकरणों के 12 हजार 750 आवेदनों में से 3050 आवेदनों का निराकरण भी पखवाड़ा के दौरान किया गया। शिविरों में बिजली, स्ट्रीट लाइट, मवेशी, आवारा कुत्तों, अतिक्रमण, अवैध निर्माण, सड़क बाधा इत्यादि से संबंधित 25 हजार आवेदन प्राप्त हुए जिनमें से निकाय स्तर की दस हजार आवेदनों का त्वरित समाधान किया गया। शेष आवेदन अन्य विभागों से संबंधित होने के कारण संबंधित विभागों को निराकरण के लिए प्रेषित किए गए हैं।
- *बेहतर नागरिक बनने की दी प्रेरणा**जिले में कलेक्टर समेत 117 अधिकारी बनाएं गए हैं मेंटर*बिलासपुर/ राज्य शासन द्वारा निः शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत गैर अनुदान प्राप्त अशासकीय विद्यालयों में आरक्षित सीटों पर कमजोर एवं दुर्बल वर्ग के अलाभित समूह के बच्चों को निःशुल्क प्रवेश दिया गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा इन बच्चों की शिक्षा से संबंधित उनके पालकों को सहायता प्रदान करने तथा पालक, स्कूल प्रबंधन एवं प्रशासन के मध्य समन्वय कर शिक्षा की निरन्तरता हेतु मेंटर नियुक्त करने का आदेश दिया गया है। निर्देशों के परिपालन में कलेक्टर श्री अवनीश शरण, पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह सहित जिले के 117 आला अधिकारियों को मेंटर नियुक्त किया गया है। पुलिस अधीक्षक श्री सिंह को डी.पी.एस. तिफरा स्कूल का मेंटर नियुक्त किया गया है।पुलिस अधीक्षक आज निरीक्षण के इस क्रम में डी.पी.एस., तिफरा स्कूल पहुंचे। इस दौरान प्राचार्य डी.पी.एस. श्री जसपाल सिंह मथ एवं शिक्षक श्री वृंद उपस्थित थे। स्कूल में आरटीई के परिपालन में अलाभित समूह के बच्चों से मिलकर पुलिस अधीक्षक द्वारा उनका कुशल-क्षेम पूछा गया एवं बच्चों को पढ़-लिख कर समाज एवं परिवार का नाम रौशन करने प्रेरित किया गया। बच्चों को सामाजिक बुराई नशे आदि से दूर रहने, मोबाईल, सोशल मीडिया प्लेटफार्म में अपना समय बरामद न करने की समझाईश देते हुये स्कूल में अनुशासन का पालन करते हुये पूरा ध्यान पढ़ाई में लगाकर ज्ञानार्जन कर एक बेहतर नागरिक बनने की प्रेरणा दी गई। पुलिस अधीक्षक द्वारा डी.पी.एस. विद्यालय प्रबंधन से भी चर्चा की गई तथा इन विद्यार्थियों के संबंध में किसी भी समस्या को सीधेे संज्ञान में लाने तथा उसका निदान तत्काल करने निर्देशित किया गया। इन बच्चों से समानता का व्यवहार करने व स्कूल के शिक्षा सहित अन्य शैक्षणिक गतिविधियों में शामिल कर उत्साहवर्धन करने के भी निर्देश दिये गये ।
- समारोह में उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव करेंगे ध्वजारोहणसांस्कृतिक कार्यक्रमों की बिखरेगी छटाबिलासपुर/जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह का अंतिम फुल ड्रेस रिहर्सल आज सवेरे 09 बजे पुलिस परेड ग्राउंड में किया गया। कलेक्टर श्री अवनीश शरण और पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह ने अंतिम रिहर्सल में शामिल होकर व्यवस्थाओं का जायज़ा लिया। कलेक्टर ने राष्ट्रीय पर्व की गरिमा के अनुकूल कार्यक्रम की तैयारियों के संबंध में आवश्यक निर्देश अधिकारियों को दिए। एडीएम श्री आर.ए. कुरुवंशी ने रिहर्सल में मुख्य अतिथि का दायित्व निभाते हुए ध्वजारोहण किया। फाइनल रिहर्सल में मुख्य अतिथि का आगमन, स्वागत, ध्वजारोहण, परेड सलामी, मार्च पास्ट, मुख्य अतिथि द्वारा परेड कमाण्डों से परिचय, पुरस्कार वितरण, सांस्कृतिक कार्यक्रम आदि का रिहर्सल किया गया। उल्लेखनीय है कि उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव जिला मुख्यालय के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित मुख्य समारोह में ध्वजारोहण करेंगे। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाएगी। रिहर्सल के दौरान नगर निगम कमिश्नर श्री अमित कुमार, सीईओ जिला पंचायत श्री आरपी चौहान सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी व पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।
- स्वाईन फ्लू से सजग रहने कलेक्टर ने दिए निर्देशसिम्स में 13 अगस्त को ’एक शाम शहीदों के नाम’ कार्यक्रमबिलासपुर/कलेक्टर अवनीश शरण ने टीएल बैठक में लम्बित मामलों और राज्य सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं की समीक्षा की। उन्हांेने मौसमी बीमारियों की जानकारी लेते हुए स्वाईन फ्लू से सजग रहने को कहा हैं। उन्होंने कहा कि स्वाईन फ्लू संक्रमण के लिए यह अनुकूल मौसम है। कोविड जैसी सावधानी इस बीमारी में भी रखकर इससे बचाव किया जा सकता है। बैठक में नगर निगम आयुक्त अमित कुमार भी शामिल थे।कलेक्टर ने कहा कि अनुकम्पा नियुक्ति के बचे हुए प्रकरणों पर तेजी से निर्णय लिया जाए। चतुर्थ श्रेणी के पदों पर नियुक्ति के लिए कोई अपर लिमिट नहीं हैं। रिक्त पदों पर नियुक्ति दी जा सकती है। लेकिन तृतीय वर्ग के पदों पर सेट के 10 प्रतिशत पदों पर ही नियुक्ति दी जा सकती है। उन्होंने आवेदन किये सभी लोगों को चतुर्थ वर्ग के पदों पर नियुक्ति के लिए ऑफर लेटर भेजने को कहा है। कलेक्टर ने कहा कि नवोदय विद्यालय की कक्षा छठवीं में ज्यादा से ज्यादा सरकारी स्कूल के बच्चों का प्रवेश होने चाहिए। इसके लिए सभी बच्चों को फार्म भरवाएं और शिक्षक गण इसकी तैयारी भी बच्चों को कराएं।हर घर तिरंगा कार्यक्रम को लेकर सिम्स सभागार में 13 अगस्त को शाम 7 बजे से एक शाम शहीदों के नाम कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इस कड़ी में 14 अगस्त को सवेरे 7 बजे नेहरू चौक से शहर में तिरंगा यात्रा निकलेगी। सीएमएचओ डॉ प्रभात श्रीवास्तव ने बताया कि मलेरिया अब पूरी तरह से नियंत्रण पर है। दिन भर में एक या दो प्रकरण सामने आ रहे हैं। सिम्स में एडमिट किये गये 57 मरीजों में से अब केवल 2 मरीज ही बचे हैं। कलेक्टर ने सशस्त्र सेना झण्डा दिवस के अवसर पर दान करने की अपील भी की है।
- दुर्ग/ भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् नई दिल्ली द्वारा विगत 11 अगस्त को विकसित 109 जैव संबंधित एवं जलवायु अनुकूल किस्मों का प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कर कमलों द्वारा राष्ट्र को समर्पित किया गया। कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ. विजय जैन से मिली जानकारी अनुसार कार्यक्रम में खाद्यान्न 69 फसलें जिसमें अनाज, दालें, तिलहन, चारा फसलें एवं अन्य साथ-ही-साथ बागवानी के 40 किस्में जिसमें फल, सब्जी, मसालें, कंदी एवं अन्य फसलें शामिल है। कार्यक्रम का सजीव प्रसारण कृषि विज्ञान केन्द्र, पाहंदा (अ) में किया गया। जिसमें जिले के कृषक बंधु एवं महिलायें शामिल हुए। प्रधानमंत्री द्वारा अपने उद्बोधन में कृषि विज्ञान केन्द्र के माध्यम से विकसित किस्मों को कृषकों तक अधिक से अधिक पहंुचाने को कहा गया है।
-
रायपुर/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 13 अगस्त को गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले और राजधानी रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री श्री साय दोपहर 2 बजे अपने निवास कार्यालय में माई एफएम रेडियो चैनल के ‘एक पेड़ महतारी के नाम‘ अभियान का शुभारंभ करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री दोपहर 2.15 बजे पुलिस ग्राउंड हेलीपेड रायपुर से हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर 2.55 बजे गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के गौरेला स्थित गुरूकुल खेल मैदान पहुंचेंगे और वहां अपरान्ह 3 बजे आयोजित ‘राष्ट्रवीर दुर्गादास राठौर जयंती‘ समारोह में शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री इस कार्यक्रम के बाद गौरेला से शाम 4 बजे हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर 4.40 बजे पुलिस ग्राउंड हेलीपेड रायपुर लौटेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय रात्रि 8.20 बजे राजधानी रायपुर के बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित ‘जोहार तिरंगा‘ कार्यक्रम में शामिल होंगे। -
रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वीर दुर्गादास राठौर की 13 अगस्त को जयंती पर उन्हें नमन किया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि वीर दुर्गादास राठौर एक पराक्रमी योद्धा थे। वे देशभक्ति, त्याग, बलिदान, स्वामिभक्ति और वीरता की अद्भुत मिसाल थे। उन्होंने अपनी मातृभूमि मारवाड़ को दासता से मुक्त कराने के लिए अपना संपूर्ण जीवन लगा दिया और मातृभूमि को मुक्त कराने में सफलता पाई। श्री साय ने कहा है कि दुर्गादास जी की वीरता, देशप्रेम, बलिदान और स्वामिभक्ति आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरणा देती रहेगी।
-
छत्तीसगढ़ का हाथियों से बहुत पुराना नाता, हाथी-मानव द्वंद रोकना हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री
केन्द्रीय मंत्री श्री यादव ने छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में विश्व हाथी दिवस पर आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम का किया उद्घाटन
रायपुर/ केन्द्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेन्द्र यादव ने आज छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में विश्व हाथी दिवस पर स्थानीय होटल में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और केन्द्रीय वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेन्द्र यादव ने आज ही नवा रायपुर स्थित अरण्य भवन में छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रॉनिक ऑक्शन प्रणाली का, वन विभाग द्वारा दो करोड़ रूपए की लागत से निर्मित अत्याधुनिक ऑडिटोरियम ‘दण्डकारण्य‘ का भी शुभारंभ किया। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप और सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, वन महानिदेशक एवं विशेष सचिव श्री जितेन्द्र कुमार विशेष अतिथि के रूप में कार्यक्रम में उपस्थित थे।
केन्द्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेन्द्र यादव ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए हाथियों के संरक्षण के लिए भारत की भागीदारी से किए गए प्रयासों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हाथियों के संरक्षण में भारत की अग्रणी भूमिका रही है। केन्द्रीय मंत्री श्री यादव ने हाथियों के संरक्षण एवं मानव कल्याण सुनिश्चित करने के लिए अंतर-क्षेत्रीय जुड़ाव (क्रॉस सेक्टोरल एंगेजमेंट) की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंनेे कहा कि यदि हम हाथियों को बचाएंगे तो वन भी समृद्ध होंगे, क्योंकि हाथियों को ‘पारिस्थितिकी तंत्र के इंजीनियर‘ के रूप में जाना जाता है। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री ने देश में मानव-हाथी द्वंद को कम करने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, हाथी परियोजना के निदेशक श्री रमेश पाण्डेय तथा छत्तीसगढ़ के प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री वी. श्रीनिवास राव, प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यप्राणी श्री सुधीर अग्रवाल, वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण, वन्यप्राणी विशेषज्ञ, भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण, भारतीय प्राणी सर्वेक्षण, कृषि, विद्युत एवं रेल्वे विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
केन्द्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेन्द्र यादव ने कहा कि भारत में जंगली हाथियों की सबसे बड़ी और सुरक्षित संख्या है। हाथियों की पिछली गणना अखिल भारतीय समन्वित हाथी गणना अनुमान 2017 के अनुसार, भारत में 29 हजार 964 हाथी हैं। भारत में हाथी गलियारों से संबंधित 2023 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के 14 राज्यों में 33 हाथी रिजर्व (ईआर) और 150 हाथी गलियारे हैं। भारत में हाथियों को विभिन्न खतरों से कानूनी रूप से बचाने के लिए सर्वाेत्तम कानून बनाए गए हैं। हमारे देश में हाथियों के संरक्षण के लिए एक सुदृढ़ संस्थागत ढांचा भी मौजूद है।
देश में हाथियों के संरक्षण के प्रति अनुकूल जनमत है, जिसे मजबूत नेतृत्व का भी समर्थन प्राप्त है। इस प्रकार, यह विश्व हाथियों के दीर्घकालिक संरक्षण के लिए तथा मानव कल्याण और वन्यजीव संरक्षण के बीच सामंजस्य स्थापित करने की कला और विज्ञान सीखने के लिए भारत की ओर उन्मुख है।
केन्द्रीय मंत्री श्री यादव ने कहा कि हर वर्ष 12 अगस्त विश्व हाथी दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस उत्सव का उद्देश्य हाथियों के कल्याण के लिए विश्व को एक साथ लाना है, जो अपने पूरे क्षेत्र में लुप्तप्राय हैं। एक वैश्विक अग्रणी के रूप में भारत भी ‘विश्व हाथी दिवस‘ मनाता है। इस वर्ष पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय और छत्तीसगढ़ सरकार, रायपुर में ‘विश्व हाथी दिवस‘ समारोह की संयुक्त मेजबानी कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ जैविक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध है और यहां हाथियों की भी अच्छी खासी संख्या है। मानव और हाथियों के बीच के द्वंद को कम करने के नजरिए से छत्तीसगढ़ को उच्च प्राथमिकता दी गई है।
छत्तीसगढ़ में हाथी-मानव द्वंद रोकने चलाया जा रहा है जनजागरूकता अभियान - मुख्यमंत्री श्री साय
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा है कि छत्तीसगढ़ का हाथियों से बहुत पुराना नाता है। हमारे लिए सर्वाेच्च प्राथमिकता हाथी-मानव द्वंद को रोकना है। इसके लिए राज्य सरकार लगातार जागरूकता कार्यक्रम संचालित कर रही है। अनेक नवाचार किए जा रहे हैं। हाथियों के विचरण की जानकारी ग्रामीणों को देने के लिए सरगुजा से हमर हाथी हमर गोठ रेडियो कार्यक्रम का प्रसारण किया जाता है, ग्रामीणों को अपनी ओर हाथियों की सुरक्षा के प्रति संवेदनशील बनाने के लिए राज्य सरकार गज यात्रा अभियान चला रही है। ‘गज संकेत एवं सजग’ ऐप के माध्यम से हाथी के विचरण की जानकारी ग्रामीणों को मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाथी-मानव द्वंद को रोकने के लिए पूरे पारिस्थितिकी तंत्र का प्रबंधन किया जा रहा है। हाथियों द्वारा फसल क्षति के लिए किसानों को दिया जा रहा मुआवजें की राशि कम है, इसे बढ़ाए जाने की आवश्यकता है। हाथी-मानव द्वंद को कम करने के लिए छत्तीसगढ़ को सफलता मिली है।
श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह गौरव का विषय है कि विश्व हाथी दिवस-2024 के राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम छत्तीसगढ़ में हो रहा है। छत्तीसगढ़ की धरती जैव विविधता से समृद्ध है। जंगली भैंसे, पहाड़ी मैना तथा बाघ और हाथी जैसे वन्य जीव हमारे जंगलों की शान हैं। छत्तीसगढ़ के जंगल हमेशा से हाथियों के प्राकृतिक रहवास रहे हैं। हमारे प्रदेश में हाथियों के ऐतिहासिक साक्ष्य भी मिलते हैं। भागवत पुराण के गजेन्द्र मोक्ष की कथा छत्तीसगढ़ की है। यह सुंदर कथा राजीव लोचन मंदिर में भी अंकित है। यहां पर भगवान राजीव लोचन को कमल का पुष्प चढ़ाते हाथी को अंकित किया गया है। जांजगीर के राजा जाज्वल्य देव ने गज शार्दुंल की उपाधि धारण की थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हाथियों की सुरक्षा को देखते हुए बादल खोल, तमोर पिंगला को एलीफेंट रिजर्व बनाया गया है। अभी हाल ही में हमारी सरकार ने गुरू घासीदास राष्ट्रीय उद्यान और तमोर पिंगला अभ्यारण्य के क्षेत्रों को मिलाकर टाइगर रिजर्व बनाने का बड़ा निर्णय लिया है। यह देश का तीसरा सबसे बड़ा तथा छत्तीसगढ़ का चौथा टाइगर रिजर्व होगा। इसके बनने से न केवल बाघों की संख्या बढे़गी अपितु हाथियों को भी सुरक्षित रहवास मिलेगा, इसके बनने से हाथी-मनुष्य द्वंद भी घटेगा। इसके साथ ही लेमरू हाथी रिजर्व क्षेत्र के माध्यम से सरगुजा, कोरबा, रायगढ़ जिलों में हाथियों के संरक्षण पर काम हो रहा है। हमारी छत्तीसगढ़ की संस्कृति में जनजातीय समुदाय हाथियों को बहुत शुभ मानते हैं।
‘विश्व हाथी दिवस‘ कार्यक्रम के माध्यम से वनवासियों, नीति निर्माताओं, नागरिक समाज और वन्यजीव विशेषज्ञों जैसे विविध हितधारकों को उनके विचारों को साझा करने के लिए एक साथ एक मंच पर लाया गया है, जिससे न केवल हाथियों के संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि मानव-हाथी संघर्ष के ज्वलंत मुद्दे का भी समाधान होगा। इस दौरान देश भर में एक जन जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया, जिसमें लगभग 5 हजार स्कूलों के लगभग 10 लाख स्कूली बच्चों ने भाग लिया। भारत में हाथियों को राष्ट्रीय धरोहर पशु माना जाता है। हाथी हमारी संस्कृति में गहराई से रचे-बसे हैं। ताजी हवा, ऊर्जा बचाव, अच्छी जीवन शैली के लिए आवश्यक है, जो हमें पर्यावरण के संरक्षण और संवर्धन से मिल सकती है। सूनी धरती में हाथी से लेकर छोटे-छोटे जानवर तक विचरण करते रहते हैं, जो पर्यावरण के संरक्षण के लिए जरूरी है।
केन्द्रीय मंत्री श्री यादव ने कहा कि जंगली हाथियों और वन्यजीवों पर रेलवे परिचालन के कारण पड़ने वाले प्रभावों को ध्यान में रखते हुए, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की हाथी परियोजना द्वारा हाथी-ट्रेन टकराव की आशंका वाले एवं हाथी बहुल क्षेत्र वाले 12 राज्यों में लगभग 2455 किलोमीटर के कुल 110 रेलवे खंडों की सूची तैयार की गई है, जिनमें तात्कालिक उपशमन उपायों की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।
केन्द्रीय मंत्री श्री यादव और मुख्यमंत्री श्री साय ने हाथी संरक्षण एवं प्रबंधन के क्षेत्र में अनुकरणीय योगदान के लिए विजेताओं को गज गौरव पुरस्कार प्रदान किये। इस कार्यक्रम के दौरान, प्रतिष्ठित गज गौरव पुरस्कार (1) स्वर्गीय श्री बुबुल गोगोई, (मरणोपरांत) महावत, असम (2) श्री दीनबंधु बर्मन, प्रमुख महावत एवं टीम, पश्चिम बंगाल (3) श्री अनय कुमार सामल, पैरा वन कार्यकर्ता, ओडिशा और (4) श्रीमती संघमित्रा महंत, वन रक्षक, ओडिशा को उनकी अनुकरणीय सेवाओं के लिए प्रदान किए गए है।
प्रदेश के वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य में हाथी के संवर्धन के लिए यहां के वन अनुकूल है। राज्य में 44 प्रतिशत क्षेत्र वनों से आच्छादित है, जिसमें हाथियों के संरक्षण और संवर्धन के लिए वातावरण उपयुक्त है। यहां के अनुकूल वातावरण के कारण हाथियों की संख्या में वृद्धि हो रही है। राज्य में वनों के संवर्धन के लिए एक पेड़ मां के नाम के लिए सक्रियता से जुटे हुए हैं और विभाग द्वारा 3 करोड़ 80 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत लाभान्वित महिलाओं को भी इस अभियान से जोड़ा गया है। प्रकृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए राज्य के लोगों को वन विभाग के माध्यम से जोड़कर पौधरोपण का कार्य मुस्तैदी से किया जा रहा है। -
मुख्यमंत्री की पहल पर नई शिक्षा नीति के अनुरूप स्कूली पाठ्यक्रम में किया जा रहा है बदलाव
कक्षा पहली से तीसरी एवं छठवीं के पाठ्यपुस्तक लेखन की तैयारी शुरू
रायपुर/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ के स्कूलों में नई शिक्षा नीति के अनुरूप पाठ्यपुस्तकों में आवश्यक बदलाव लाने के लिए राज्य स्तरीय पाठ्य पुस्तक लेखन उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित की जा रही है। कार्यशाला में अगले वर्ष से राज्य की कक्षा पहली से तीसरी और छठवीं की पाठ्य पुस्तकें बदलने की योजना है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद द्वारा स्थानीय न्यू सर्किट हाउस में दो दिवसीय कार्यशाला प्रारंभ हुई।
पुस्तक लेखन उन्मुखीकरण कार्यशाला में स्कूल शिक्षा सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने कहा कि फाउंडेशनल स्टेज के विद्यार्थियों को उनकी स्थानीय भाषा में पढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पाठ्य पुस्तकों में प्रैक्टिकल अप्रोच का समावेश होना चाहिए। उन्होंने कहा कि एनसीईआरटी के मार्गदर्शन का उपयोग कर इन्हें और बेहतर बनाने की दिशा में प्रयास किए जाने चाहिए। परदेशी ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य वर्तमान में 20 भाषाओं में काम कर रहा है और पाठ्य पुस्तकों को स्थानीयता को ध्यान में रखते हुए रचनात्मक और आकर्षक बनाया जाए।
एनसीईआरटी नई दिल्ली की पाठ्यचर्या के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर रंजना अरोरा ने वर्चुअल संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ पहला राज्य है जिसने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप पाठ्यक्रम को ध्यान में रखते हुए एनसीईआरटी के साथ मिलकर राज्य के स्कूलों के लिए पाठ्यपुस्तक निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ की है। एनसीईआरटी व एससीईआरटी आपसी समन्वय से बहुत बड़ा और अच्छा कार्य करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम को बनाते समय एससीईआरटी के विशेषज्ञ राज्य के स्थानीय भाषा और विशेषताओं को शामिल करेंगे।
एससीईआरटी के डायरेक्टर श्री राजेंद्र कुमार कटारा ने कहा कि पाठ्य पुस्तकों को इस प्रकार बनाया जाना चाहिए कि वे लंबे समय तक प्रासंगिक रहें। कार्यक्रम को पद्मश्री जागेश्वर यादव सम्बोधित करते हुए कहा कि पाठ्यपुस्तक लेखन में मातृभाषा को विशेष स्थान देना चाहिए, प्रारंभिक शिक्षा मातृभाषा में होने से बच्चे इसे आसानी से समझ व सीख सकेंगे। प्रारंभिक शिक्षा मातृभाषा में होने से अपने मातृभाषा से जुड़े रहेंगे। आरआईई अजमेर की प्राध्यापक डॉ. के. वी. श्रीदेवी, एनसीईआरटी नई दिल्ली की भाषा शिक्षा विभाग की प्रोफेसर कीर्ति कपूर एवं डॉ. नीलकंठ कुमार, कला और सौंदर्य विभाग की प्राध्यापक डॉ. शर्बरी बनर्जी ने विभिन्न सत्रों में अपने विचार व्यक्त करते हुए आवश्यक सुझाव दिए। एससीईआरटी के अतिरिक्त संचालक जे.पी. रथ अपने स्वागत उद्बोधन में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक ऐतिहासिक परिचय देते हुए अपनी बात रखी। कार्यशाला में एनसीईआरटी एवं एससीईआरटी के विषय विशेषज्ञ सहित राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से आए शिक्षाविद् शामिल थे। -
रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से यहाँ उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री आर. एस. विश्वकर्मा एवं सदस्यों ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने सदस्यों को उनकी नवीन नियुक्ति के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर आयोग के सदस्य श्री कृष्णा प्रसाद गुप्ता, श्री यशवंत वर्मा, श्री बलदाऊ राम साहू, श्री हरिशंकर यादव, श्री नीलांबर नायक और श्रीमती शैलेन्द्री परगनिया भी उपस्थित थीं ।
-
राज्य में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए केंद्रीय मंत्री के सामने चार मांगों का रखा प्रस्ताव
रायपुर। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने एक दिवसीय दिल्ली प्रवास के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जे. पी. नड्डा से मुलाकात की है। श्री जायसवाल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से छत्तीसगढ़ के बजट में स्वीकृत चार मेडिकल कालेजों की स्थापना के लिए 60 फीसदी केंद्रांश का योगदान देने की मांग रखी है। छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य अधोसंरचनाओं एवं चिकित्सा सेवा व चिकित्सकीय शिक्षा को सशक्त करने के दृष्टिकोण से दंतेवाड़ा, जांजगीर चांपा, कवर्धा एवं मनेंद्रगढ़ चिकित्सा महाविद्यालयों की स्वीकृति राज्य बजट में की गयी है।
श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से रायपुर में रीजनल लेप्रोसी ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (आरएलटीआरआई) का उन्नयन क्षेत्रीय सिकल सेल उपचार एवं पुनर्वास केंद्र (आरएसटीआरसी) के रूप में करने की मांग की है ताकि राज्य में सिकिल सेल से प्रभावित मरीजों को बेहतर उपचार मिल सके।
श्री जायसवाल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से मनेंद्रगढ़ के लिए वर्ष 2015 में 45 करोड़ रूपए की लागत से स्वीकृत टर्शरी केंसर अनुसंधान संस्थान केंद्र की त्वरित स्थापना किए जाने की भी मांग रखी है। इसकी स्थापना से राज्य एवं सीमावर्ती राज्यों के केंसर पीड़ित मरीजों को राहत मिलेगी।
इसके साथ ही श्री जायसवाल ने आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना का ज्यादा से ज्यादा लाभ दिलाने के लिए इसे भारत सरकार के उपक्रम एसईसीएल के अस्पतालों में योजना के तहत ईलाज सुविधा प्रदान करने की मांग रखी है। इन मांगों पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जे. पी. नड्डा ने सहानुभूतिपूर्वक विचार करने की बात कही है। -
योजनाओं का शत प्रतिशत क्रियान्वयन करने शुरू किया गया दस्तक अभियान
हर माह नोडल अधिकारी करेंगे गांव का निरीक्षण,दस्तक एप्प में अपलोड करनी होगी जानकारी
रायपुर/राज्य सरकार की जनकल्याणकारी और विकास योजनाओं का जमीनी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए बलौदाबाजार जिले में नवाचार के रूप में दस्तक अभियान शुरू किया गया है।.जिसके लिए जिला प्रशासन द्वारा तैयार किए गए मोबाइल एप्लीकेशन का शुभारंभ राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने बटन दबाकर किया।
अभियान के तहत प्रत्येक गांव के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो माह के प्रथम सप्ताह गांव का निरीक्षण एवं लोगों से चर्चा कर योजनाओं एवं समस्याओं की जानकारी लेंगे। निरीक्षण की जानकारी को दस्तक एप्प में अपलोड करना होगा। निरीक्षण प्रतिवेदन का समय- सीमा में समीक्षा की जाएगी। राजस्व मंत्री श्री वर्मा ने दस्तक अभियान के लिए जिला प्रशासन को शुभकामनाएं देते हुए कहा की इस तरह जिला प्रशासन द्वारा नवाचारी अभियान करनी चाहिए जिससे जनता की वास्तविक समस्याओं के बारे में जानकारी मिल सके। इसके साथ ही शासन की योजनाओं का लाभ मिल सके।
कलेक्टर श्री दीपक सोनी ने दस्तक अभियान की जानकारी देते हुए कहा की अभियान का उद्देश्य सभी पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करना तथा गांव क़े विकास कार्य को गति देना है। जिले क़े करीब 520 गांव के लिए एक-एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्होने कहा कि नोडल अधिकारी आवंटित गांव को गोद लिए हुए गांव की तरह उसके विकास क़े लिए कार्य करें। उन्होंने कहा कि सभी गांव में स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, बिजली, सडक, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, महिला एवं बाल विकास, आदिवासी विकास, खाद्य विभाग, क़ृषि विभाग एवं राजस्व विभाग से सम्बंधित कार्यों एवं योजनाओं का प्राथमिकता से क्रियान्वयन सुनिश्चित करेंगे. उन्होंने कहा कि नोडल अधिकारी आवंटित गांव का औचक निरीक्षण करें और योजनाओं क़े क्रियान्वयन की जानकारी लेकर सरपंच सचिव से ग्राम विकास या किसी प्रकार की समस्या हो तो उस पर चर्चा भी करेगें। इस दौरान नगर पालिका परिषद् अध्यक्ष चित्तावर जायसवाल,पूर्व अध्यक्ष अशोक जैन,पार्षद संकेत शुक्ला, अपर कलेक्टर दिप्ती गौते, एसडीएम अमित गुप्ता, जिला सूचना अधिकारी सत्यनारायण प्रधान, जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारती सहित अन्य उपस्थित थे। -
रायपुर/ वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने आज शासकीय प्राथमिक व माध्यमिक शाला जमनीपाली में पोषण आहार नाश्ता कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने बच्चों को पौष्टिक नाश्ता वितरण कर अपनी शुभकामनाएं दी एवं जिला प्रशासन को इस सराहनीय पहल की सराहना की।
मुख्य अतिथि उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि जिला प्रशासन के सहयोग से डीएमएफ मद से कोरबा नगरीय क्षेत्र एवं पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक में शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला के विद्यार्थियों को स्कूल प्रारंभ होने के पूर्व पौष्टिक नाश्ता प्रदान किया जाएगा। बच्चों को स्कूल में अच्छा पौष्टिक नाश्ता मिलने पर बच्चे मानसिक रूप से मजबूत बनेंगे एवं रुचि पूर्वक पढ़ाई करेंगे। इससे बच्चों के पोषण स्तर में सुधार होगा साथ ही विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति में भी सकारात्मक बदलाव आएगा। बच्चों की प्रतिक्रिया के आधार पर ही योजना को आगे चलकर पूरे जिले में प्रारम्भ किया जाएगा।
उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य में भी मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शिक्षा के क्षेत्र में विकास हेतु निरंतर प्रयास किया जा रहा है। बच्चे देश के आने वाले कल है। बच्चों के शिक्षित होने से ही विकसित भारत का संकल्प पूरा होगा। इस हेतु कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नही होना चाहिए। उन्होंने सभी शिक्षकों से भी बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई कराने का आग्रह किया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री अजीत वसंत, पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ तिवारी, निगमायुक्त श्रीमती प्रतिष्ठा ममगाई अन्य जनप्रतिनिधि सहित अधिकारी उपस्थित थे। -
आमनागरिकों से एक पेड़ मां के नाम लगाने की अपील
रायपुर/ कोरबा जिले के ग्राम भुलसीडीह में निर्माणाधीन शासकीय मेडिकल कॉलेज परिसर में उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान के तहत फलदार पौधे का रोपण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आव्हान पर एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत सभी नागरिक, ग्रामीण, पेड़ अवश्य लगाएं। पेड़ लगाने के साथ ही उसके पुष्पित व पल्लवित होने तक उसकी देखभाल एवं सिंचाई की व्यवस्था जरूर करें।
उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने फलदार पौधा लगाकर एक पेड़ मां के नाम अभियान को सफल बनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि मां अपने बच्चों को हमेशा प्यार करती है और बच्चों को भी दुनिया में सबसे प्यारी मां ही लगती है। मां के नाम से हम पेड़ लगाएंगे तो स्वभाविक रूप से पेड़ के प्रति हमारा गहरा लगाव रहेगा और हम पेड़ के बढ़ने तक उसकी देखरेख करेंगे। प्रदेश के मुखिया श्री विष्णुदेव साय ने भी एक पेड़ मां के नाम लगाकर प्रदेश भर में पेड़ लगाकर अभियान को सफल बनाने का आव्हान किया है।
निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण -
उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने 325 करोड़ रूपए की लागत से निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज, कॉन्फ्रेंस हॉल, गर्ल्स हॉस्टल आदि का निरीक्षण किया। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य करने के लिए कहा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज का निर्माण निश्चित समय सीमा में पूर्ण कर लिया जाए।
उद्योग मंत्री ने कहा कि यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि कोरबा जिले में केंद्र एवं राज्य शासन के सहयोग से मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज बन जाने पर जिले के एवं आसपास के क्षेत्रवासियों को आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिसका लाभ आम जनता को मिलेगा। इस अवसर पर श्री प्रफुल्ल तिवारी, वार्ड क्रमांक 16 के पार्षद नरेंद्र देवांगन देवांगन सहित मेडिकल कॉलेज के अधिकारी, छात्र-छात्राएं आदि उपस्थित थे। - आज भी जारी रहा संभागायुक्त का औचक निरीक्षणअधिकारी-कर्मचारियों के नाम-पद वाली पट्टिकायें भी लगाने के दिए निर्देशएसडीएम एवं तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया*रायपुर / संभागायुक्त श्री महादेव कावरे ने आज रायपुर के अनुविभागीय राजस्व अधिकारी कार्यालय और तहसील कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। श्री कावरे सुबह 10 बजे एसडीएम कार्यालय पहुंचे और उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों से राजस्व प्रकरणों की जानकारी तलब की। उन्होंने राजस्व संबंधी विवादित और अविवादित प्रकरणों का जल्द निपटारा करने के निर्देश अधिकारियों को दिये ताकि लंबित प्रकरणों की संख्या कम हो और लोगों को सहुलियत मिले। श्री कावरे ने कार्यालयों में आने वाले लोगों की समस्याओं को संवेदनशीलता से सुनने और जल्द समाधान करने को कहा ताकि लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर ना काटना पड़े। उन्होंने कहा कि आवश्यकता होने पर ही पक्षकार को बुलाया जाकर प्रकरणों पर त्वरित आदेश पारित करें। संभागायुक्त ने बटांकन के लिए अभियान चलाकर निपटारा करने और सीमांकन के प्रकरणों का समय-सीमा में समाधान करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कार्यालय में टूटे-फूटे कुर्सी, टेबलों-फर्नीचर की तत्काल मरम्मत कराने को कहा। श्री कावरे ने कर्मचारियों के टेबलों पर पद तथा नाम प्रदर्शित करने वाली पट्टिकायें भी लगाने के निर्देश दिए।संभागायुक्त ने एसडीएम कार्यालय के निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को टाईम टेबल बनाकर आवेदकों को बुलाने का सुझाव दिया। उन्होंने आवक-जावक शाखा का भी निरीक्षण किया और रिकार्ड दुरूस्त रखने और स्टॉक पंजी संधारण करने के निर्देश दिए। संभागायुक्त ने स्टॉक के वेरिफिकेशन का सुझाव भी दिया। उन्होंने नजूल शाखा के निरीक्षण के दौरान कैश बुक और पंजीकरण रजिस्टर दुरूस्त रखने के निर्देश दिए। संभागायुक्त ने लंबे समय से आदेश के लिए लंबित रखे गए प्रकरणों का भी अवलोकन किया और बिना किसी उचित कारण के आदेश लंबित रखने पर एसडीएम श्री नंदकुमार चौबे को कारण बताओ नोटिस जारी किया।कमिश्नर श्री कावरे ने रायपुर तहसील कार्यालय में कानून गो, वित्त, नाजिर शाखा, डब्ल्यूबीएन, रिकार्ड रूम सहित विभिन्न शाखाओं में संधारित पंजीयों और दस्तावेजों का निरीक्षण किया। संभागायुक्त ने तहसीलदार न्यायालय के प्रकरणों को बारिकी से जांचा और कई प्रकरणों के ऑनलाईन पंजीयन नहीं होना पाये जाने पर तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया। श्री कावरे ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों-कर्मचारियों को नांमाकन, सीमांकन इत्यादि प्रकरणों का निर्धारित समय-सीमा में निपटारा करने के निर्देश दिये। उन्होंने आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र भी निर्धारित समय-सीमा में बनाने को कहा। संभागायुक्त श्री कावरे ने सीमांकन, अतिक्रमण, व्यवस्थापन, नक्शा का बाटांकन आदि के संबंध में आवश्यक निर्देश तहसीलदार को दिए। उन्होंने तहसील कार्यालय के डब्ल्यूबीएन में उचित ढंग से कार्य करने, पंजीयों का संधारण पश्चात आवश्यक प्रवृष्टि करने तथा उसकी तहसीलदार द्वारा समय-समय पर समीक्षा करने के निर्देश भी दिए।
- रायपुर /राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2024 से अब तक राज्य में 756.5 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून 2024 से आज 12 अगस्त सवेरे तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 1698.3 मिमी और सरगुजा जिले में सबसे कम 377.7 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है।राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सूरजपुर जिले में 687.1 मिमी, बलरामपुर में 1022.2 मिमी, जशपुर में 573.6 मिमी, कोरिया में 717.3 मिमी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 744.6 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी।इसी प्रकार, रायपुर जिले में 658.5 मिमी, बलौदाबाजार में 790.9 मिमी, गरियाबंद में 732.9 मिमी, महासमुंद में 545.3 मिमी, धमतरी में 705.8 मिमी, बिलासपुर में 695.0 मिमी, मुंगेली में 725.7 मिमी, रायगढ़ में 633.5 मिमी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 419.2 मिमी, जांजगीर-चांपा में 719.7 मिमी, सक्ती 608.2 कोरबा में 962.5 मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 691.2 मिमी, दुर्ग में 485.6 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी। कबीरधाम जिले में 597.6 मिमी, राजनांदगांव में 812.6 मिमी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़चौकी में 915.9 मिमी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 559.3 मिमी, बालोद में 835.6 मिमी, बेमेतरा में 433.7 मिमी, बस्तर में 838.1 मिमी, कोण्डागांव में 786.2 मिमी, कांकेर में 1005.5 मिमी, नारायणपुर में 914.2 मिमी, दंतेवाड़ा में 997.0 मिमी और सुकमा जिले में 1073.3 मिमी औसत वर्षा एक जून से अब तक रिकार्ड की गई।
- दुर्ग। अंचल के वरिष्ठ पत्रकार , मौलिक चिन्तक, कलम के धनी और दुर्ग निवासी श्री रामावतार शर्मा का 69 वर्ष की आयु में रविवार रात को आकस्मिक निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार आज दुर्ग के शिवनाथ नदी तट स्थित मुक्तिधाम में किया गया। वे अंचल के ख्याति प्राप्त भगवताचार्य पंडित सीताराम शर्मा के तृतीय पुत्र, आरएसएस के पूर्व विभाग संचालक डॉ. रामस्वरूप शर्मा के छोटे भाई और प्रतीक व पूजा के पिता थे।
- -उपमुख्यमंत्री ने कांवड़ियों को किया भोजन का वितरण और साथ में बैठकर किया भोजन-सुबह नर्मदा मैय्या मंदिर और जलेश्वर महादेव मंदिर पहुँचकर करेंगे पूजा-उपमुख्यमंत्री के निर्देश पर कावड़ियों के लिए भोरमदेव से अमरकंटक तक की गई है विशेष व्यवस्थारायपुर । उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज अमरकंटक के मृत्युंजय आश्रम में कांवड़ियों के लिए की गई व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और स्वयं कांवड़ियों के साथ बैठकर भोजन भी किया। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कांवड़ियों को भोजन का वितरण भी किया और उनके साथ पवित्र सावन माह की इस महत्वपूर्ण यात्रा में भागीदारी की। उपमुख्यमंत्री कल सुबह अमरकंटक में नर्मदा मैय्या मंदिर और जलेश्वर महादेव मंदिर पहुँचकर पूजा अर्चना करेंगे।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने अमरकंटक से भोरमदेव मंदिर तक की 150 किलोमीटर लंबी कांवड़ यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं, ताकि भक्तगणों को यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा के निर्देशानुसार कांवड़ियों के लिए 15 से अधिक स्थानों पर चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। यात्रा के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से भी विशेष प्रबंध किए गए हैं। जिनमें 4 पुलिस पेट्रोलिंग टीमें और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस की ड्यूटी शामिल है। पुलिस अधीक्षकों को इस संबंध में विस्तृत निर्देश दिए गए हैं, ताकि कांवड़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।कांवड़ियों के लिए 20 से अधिक स्थानों पर ठहरने की विशेष व्यवस्था की गई है। अमरकंटक के मृत्युंजय आश्रम में निःशुल्क भोजन और रात्रि विश्राम की व्यवस्था की गई है, जिसमें दाल-भात, सब्जी, मिठाई जैसे खीर, पुड़ी और हलवा का समावेश है। इन व्यवस्थाओं की निगरानी में बोलबम समन्वय समिति और स्थानीय अधिकारी सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि हमारे लिए कांवड़ियों की सुविधा और सुरक्षा सर्वोपरि है। सावन माह के इस पवित्र अवसर पर हमने सभी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए हैं ताकि सभी भक्तजन बिना किसी कठिनाई के अपनी यात्रा पूरी कर सकें।
- रायपुर/सरयूपारीण ब्राम्हण सभा रायपुर के द्वारा तुलसी जयंती मनाई गई। इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद पूर्व आईएएस और पूर्व राज्य निवार्चन आयुक्त डॉ सुशील त्रिवेदी ने कहा कि दुनिया में भक्ति आंदोलन की अलख अगर किसी ने जगाई है,तो वह श्रीरामचरित मानस की रचना कर आचार्य तुलसीदास जी ने की है।आयोजन में अन्य वक्ता के रूप में मौजूद समाज के आचार्य यदुवँशमणी त्रिपाठी एवम डॉ दादुभाई त्रिपाठी ने भी गोस्वामी तुलसीदास के कृतित्व व व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला।सरयूपारीण ब्राह्मण सभा अध्यक्ष डॉ. सुरेश शुक्ला ने कहा कि भगवान श्रीराम को जन-जन व घर घर तक पहुंचाने का काम अगर किसी ने किया तो वह सरयूपारीण समाज के कुलपुरुष बाबा तुलसीदास ही हैं।कार्यक्रम में आभार प्रर्दशन अजय तिवारी ने व संचालन कैलाश तिवारी ने किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में सरयूपारी ब्राह्मण समाज के सदस्य मौजूद थे।
- - तनीषा ड्रोलिया बालिका वर्ग और ओजस्य मेहता बालक वर्ग में बने चैंपियनरायपुर। दक्षिणामूर्ति विद्यापीठ चंगोराभाठा में आयोजित रायपुर जिला अंडर 15 शतरंज प्रतियोगिता में बहुत ही संघर्षपूर्ण मुकाबलों के बाद ओपन एवम बालिका वर्ग के विजेताओं का फैसला हुआ। ओपन वर्ग में 7 चक्र एवं बालिका वर्ग में 5 चक्रों के पश्चात विजेता का फैसला हुआ।जिला शतरंज संघ के सचिव नवीन शुक्ला ने बताया कि बालिका वर्ग अंडर 15 का खि़ताब पूरे प्रतियोगिता में अविजित रहते हुए तनीषा ड्रोलिया ने जहां 5 पॉइंट के साथ अपने नाम किया वहीं आराध्या तिवारी ने 4 पॉइंट बनाते हुए दूसरे स्थान प्राप्त किया। तीसरे और चौथे स्थान पर क्रमश: अंशिका मिंज और सुकृति तिवारी रहीं।वहीं बालक वर्ग में ओजस्य मेहता ने 6 अंकों के साथ विजेता का खिताब अपने नाम किया एवम द्वितीय स्थान पर 6अंकों के साथ ही देवांश जैन रहे । तीसरे और चौथे स्थान पर भव्यम झवर और अभिनव वर्मा रहे । चारों खिलाडिय़ों ने 6 अंक प्राप्त किये और विजेता का निर्णय बुकोज अंकों के आधार पर हुआ।प्रतियोगिता का पुरस्कार वितरण कवर्धा के सीईओ श्री संदीप अग्रवाल, छत्तीसगढ़ ब्राह्मण समाज के विकास शुक्ला ,दक्षिणेश्वर विद्यापीठ के डायरेक्टर श्री अविनाश कुमार मिश्रा एवं रायपुर जिला शतरंज संघ के सचिव श्री नवीन शुक्ला ने किया।इस स्पर्धा के टूर्नामेंट डायरेक्टर अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी,फिडे इंस्ट्रक्टर एवम फिडे आर्बिटर श्री रोहित यादव थे । वहीं इस स्पर्धा के निर्णायक सीनियर नेशनल ऑर्बिटर श्री रॉकी देवांगन एवम सीनियर नेशनल ऑर्बिटर श्रीमती हेमा नागेश्वर,दिव्यांशु उपाध्याय तथा स्टेट आर्बिटर श्रीमती संजना धर्मराज एवं सतीश शर्मा थे ।आयोजन समिति में संदीप दीवान,गौरव दीवान, अमितेश दुबे,अक्षत महोबिया,प्राची यादव,उत्कर्ष यादव,अमितेश दुबे एवम जेश केशरवानी शामिल हैं।
- भिलाई। नगर निगम भिलाई के स्वास्थ्य विभाग की टीम रविवार ड्राई डे के अवसर पर घर-घर जाकर कुलर, गमले एवं पानी की जांच कर रही थी। उसी में पता चला की वार्ड क्रमांक 27 ओम किराना के पीछे जगत चौक डबरा पारा में घरों में लोगों ने कुआं बना के रखा है। जिसके पानी को मोटर लगाकर खींचते हैं। उसी से नहाना धोना, कपड़ा धोना, बर्तन धोना, इत्यादि का काम करते हैं। लेकिन उसके साफ सफाई में ध्यान नहीं देते हैं । कुएं को ढक कर रखते हैं। नगर निगम का टीम पानी की जांच की, गनीमत है जांच में उसमें लार्वा नहीं मिला ।कुएं में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया गया। घर मलिक को हिदायत दी गई पानी का उपयोग करने से पहले उसकी साफ सफाई करें। मच्छर का लार्वा कहीं भी पनप सकता है। जिसमें डेंगू मच्छर एवं अन्य मच्छर के अंडे हो सकते हैं, जो मच्छर का रूप लेकर के मलेरिया फैला देते हैं। जब घर-घर जाकर पूछा गया आठ कुआं मिला । सभी कुआं को खुलावा करके उसमें ब्लीचिंग पाउडर डाला गया । सभी घर मालिकों को हिदायत दी गई की साफ सफाई बना कर रखें। आयुक्त देवेश कुमार ध्रुव ने सभी नागरिकों से अपील की है कि अपने घरों में जहां भी पानी जमा हो वहां साफ करें । जला हुआ मोबिल डालें घर में कुआं है तो उसको बराबर साफ सफाई करना आवश्यक है। डेंगू का लार्वा साफ पानी में ही पनपता है। नगर निगम की टीम जब जाए तो उसे अवश्य बताएं कि मेरे घर में कुआं है। लोग छुपाते हैं, बताते नहीं है। कार्रवाई के दौरान जोन के स्वास्थ्य अधिकारी अनिल मिश्रा, जोन के सुपरवाइजर अंजनी सिंह, सीआरपी की महिलाएं एवं स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम लगी हुई है। उसे क्षेत्र के नालियों की भी सफाई गैंग लगाकर किया जा रहा है। जनसंपर्क विभाग, नगर पालिक निगम, भिलाई।
- बिलासपुर.। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव आज मुंगेली जिले के लोरमी में आयोजित पंडित प्रदीप मिश्रा के शिव महापुराण कथा में शामिल हुए। उन्होंने शिव महापुराण कथा के व्यास पीठ में विराजमान पंडित प्रदीप मिश्रा का सपरिवार आशीर्वाद लिया और क्षेत्रवासियों के साथ शिव महापुराण का श्रवण किया।
- -अमृतकाल छत्तीसगढ़ विजन @2047 तैयार करने संभाग स्तरीय संवाद में शामिल हुए जनप्रतिनिधि-युवाओं, किसानों, महिलाओं, बुजुर्गों और प्रबुद्धजनों ने रखे विचारदुर्ग / अमृतकाल छत्तीसगढ़ विजन @2047 अंतर्गत संभाग स्तरीय संवाद कार्यक्रम आज बीआईटी कॉलेज दुर्ग के ऑडिटोरियम में सफल आयोजन हुआ। जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि सांसद श्री विजय बघेल, विधायक श्री ललित चंद्राकर, श्री गजेंद्र यादव कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान राज्य नीति आयोग टीम द्वारा अमृतकाल छत्तीसगढ़ विजन @2047 संबंधी प्रस्तुतिकरण किया गया।राज्य नीति आयोग के सदस्य सचिव श्री के. सुब्रमण्यम ने कहा कि राज्य नीति आयोग द्वारा ’अमृत कालः छत्तीसगढ़ विजन @2047 दस्तावेज तैयार किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य राज्य के सभी क्षेत्रों का तीव्र विकास सुनिश्चित करना है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी @2047 तक देश को एक विकसित राष्ट्र के रूप में विकसित करने की परिकल्पना है, जिसमें सामाजिक न्याय का होना बहुत जरूरी है। जनता की भागीदारी हर स्तर पर होनी चाहिए। हमें समावेशी विकास के साथ आगे बढ़ना होगा। वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की परिकल्पना को साकार करने मे छत्तीसगढ़ राज्य की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। छत्तीसगढ़ राज्य मे भी 2047 तक सभी सेक्टर के त्वरित विकास को सुनिश्चित करने के लिए राज्य नीति आयोग छत्तीसगढ़ द्वारा “अमृतकाल: छत्तीसगढ़ विज़न @2047’’ डॉक्यूमेंट तैयार करने का कार्य सम्पादित किया जा रहा है। सर्व समावेशी विजन-डॉक्यूमेंट तैयार करने के उद्देश्य से सभी नागरिकों से पोर्टल के माध्यम से सुझाव आमंत्रित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा सबसे अधिक सुझाव हमें दुर्ग जिले से पोर्टल के माध्यम से प्राप्त हुआ है। इसके लिए उन्होंने दुर्ग जिलेवासियों को बधाई दी। 15 अगस्त 2024 तक इस पोर्टल के माध्यम से प्रेषित करने एवं 2047 तक छत्तीसगढ़ राज्य के समावेशी विकास को सुनिश्चित करने के लिए तथा विभिन्न सेक्टरों मे चहुमुखी विकास हेतु अपना सक्रिय योगदान देने को कहा।राज्य नीति आयोग के संयुक्त संचालक डॉ. नीतू गौरड़िया ने कहा कि “अमृतकाल: छत्तीसगढ़ विज़न@2047 का उद्देश्य राज्य के विकास में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना है, ताकि उनके सुझावों से छत्तीसगढ़ को एक बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर किया जा सके।सांसद श्री विजय बघेल ने संभाग स्तरीय कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि जब तक राज्य विकसित नही होगा तब तक राष्ट्र विकसित नही होगा। छत्तीसगढ़ असीम संभावनाओं का प्रदेश है। देश के किसी और राज्य में इतने संसाधन और क्षमता नहीं है। यदि सुव्यवस्थित योजना बनाकर काम करें, तो छत्तीसगढ़ को देश का पहला राज्य बन सकता है। विजन-डॉक्यूमेंट तैयार करने के उद्देश्य से सभी नागरिक पोर्टल के माध्यम से अपने सुझाव दे सकते हैं।दुर्ग शहर विधायक श्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री की सोच लक्ष्य निर्धारित कर भारत को विकासशील देश से विकसित राष्ट्र बनाने की है,जिसमें युवा, महिला, किसान और गरीब समाज के हर व्यक्ति को समाहित किया गया है। सभी वर्गों के कल्याण के लिए केन्द्रीय बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं। इतिहास में पहली बार ’’अमृत कालः छत्तीसगढ़ विजन @2047’’ विज़न डॉक्यूमेंट तैयार किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने गरीबों के लिए शौचालय एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवासों का निर्माण कराया, इससे गरीबों की आर्थिक स्थिति में सुधार आया। लोगों को रोजगार प्राप्त हुए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को पूरे प्रदेश में लागू कर दिया गया है। इससे हमारे विद्यार्थियों को न केवल अपनी रूचि के अनुसार विषय चुनने का अवसर मिलेगा बल्कि वे अपनी दक्षता के अनुसार अच्छी नौकरी प्राप्त कर सकेंगे अथवा स्वयं का व्यवसाय स्थापित कर सकेंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में नवाचार को जोड़ा गया, जिसके तहत गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करके, नवाचार को बढ़ावा देकर और समग्र विकास को बढ़ावा देकर शिक्षा प्रणाली को बदलना है।दुर्ग ग्रामीण विधायक श्री ललित चंद्राकर ने कहा कि प्रधानमंत्री प्रदेश को विकसित भारत बनाने के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ में प्रचुर मात्रा में प्राकृतिक संसाधन, वन संपदा और मानव संसाधन है। छत्तीसगढ़ विजन @2047 के लिए सभी संभागों में युवा, महिला, कृषक और प्रबुद्धजनों के साथ जन संवाद कार्यक्रम का आयोजन कर उनके विचारों को शामिल किया जा रहा है। साथ ही मोर सपना मोर विकसित छत्तीसगढ़ पोर्टल के माध्यम से लोगों के सुझाव आमंत्रित किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री की सोच के अनुरूप मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में ‘छत्तीसगढ़ विजन @2047’ डॉक्युमेंट तैयार किया जा रहा है।संभागायुक्त श्री सत्यनारायण राठौर ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि भारत और छत्तीसगढ़ को विश्व के नम्बर एक में लाने के लिए सही तरीके से क्रियान्वयन करने की जरूरत है। देश और राष्ट्र को नंबर वन बनाया जा सकता है उसमें सभी की अपनी-अपनी सहभागिता होना आवश्यक है। संवाद कार्यक्रम में दुर्ग संभाग के युवाओं, छात्र-छात्राओं, महिलाओं और प्रबुद्धजनों ने ‘छत्तीसगढ़ विजन @2047’ के बारे में अपने विचार साझा किए।कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों को संबोधित करते हुए कहा कि आने वाले 5 वर्षों में जब भारत दुनिया की तीसरी बड़ी आर्थिक ताकत बनेगा, तो छत्तीसगढ़ भी विकास की नई बुलंदी पर होगा। विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण, गरीब, किसान, युवा और नारीशक्ति के सशक्तिकरण से होगा। छत्तीसगढ़ के पास भारत के विकास की ड्राइविंग फोर्स बनने की क्षमता है। हमें 2047 तक छत्तीसगढ़ को एक विकसित राज्य बनाना होगा। एक नवम्बर को राज्य स्थापना दिवस के दिन अमृत काल छत्तीसगढ़ विजन @2047 विजन डॉक्यूमेंट जनता को समर्पित किया जाएगा। नागरिकों द्वारा प्राप्त सुझावों का उपयोग कई तरीकों से किया जाएगा। छत्तीसगढ़ राज्य को 2047 तक एक विकसित और समृद्ध राज्य बनाना है। राज्य सरकार 12 थीम अर्थव्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, सामाजिक न्याय, पर्यावरण, उद्योग इत्यादि में विकास और सुधार पर ध्यान केंद्रित कर रही है।इस अवसर पर दुर्ग संभाग के अंतर्गत सभी जिले के प्रतिभागियोें ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में युवा, कृषक, महिला एवं प्रबुद्धजन श्रेणी के प्रतिनिधि एवं जिला प्रशासनिक अधिकारी, बालोद कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह एवं विभागीय अधिकारी मौजूद थे।


















.jpg)








.jpg)