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- रायपुर । छत्तीसगढ़ के सभी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों एवं शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय के स्नातकोत्तर छात्र पाठ्यक्रम अवधि के दौरान निजी प्रेक्टिस, सेवा अथवा नौकरी नही कर पाएंगे। चिकित्सा शिक्षा रायपुर द्वारा छत्तीसगढ़ स्नातकोत्तर चिकित्सा प्रवेश नियम एवं विवरणिका 2021 अनुसार इसको प्रतिबंधित किया गया है। इस आदेश के अंतर्गत सभी चिकित्सा महाविद्यालयों के अधिष्ठाताओं और प्राचार्य दंत चिकित्सा महाविद्यालय को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि स्नातकोत्तर छात्र-छात्राएं इस नियम का कड़ाई से पालन करें। सभी छात्र-छात्राओं से इस संबंध में एक शपथ पत्र प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिये गये है। जो इस बात का आश्वासन देगा कि वे अपनी पाठ्यक्रम अवधि के दौरान किसी भी प्रकार की अनाधिकृत निजी प्रेक्टिस, सेवा अथवा नौकरी नही करेंगे।
- -आभार जताने अपने कृत्रिम पैर से चलकर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के निवास पहुंचे नक्सल पीड़ितरायपुर / वनोपज संग्रहण या खेती कार्य जैसे अपनी दैनिक जीवनचर्या के बीच जंगलों के रास्ते गुजरते समय नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी बमों में ब्लास्ट की अलग-अलग घटनाओं में अपना पैर गंवाकर अपाहिज की दर्दभरी जिंदगी जी रहे बस्तर के ग्रामीणों को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश व उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की पहल पर कृत्रिम पैर का संबल मिल रहा है। पहले चरण में नक्सल हिंसा प्रभावित ऐसे 6 लोगों को फिजिकल रेफरल रिहैबिलिटेशन सेंटर समाज कल्याण परिसर माना कैंप रायपुर में कृत्रिम पैर लगाकर चलने की ट्रेनिंग दी गई। आईईडी ब्लास्ट में पैर खोने के बाद से चलने फिरने के लिए दूसरों पर निर्भर हो गए ये लोग अब कृत्रिम पैर पाकर इतने उत्साहित हैं कि खुद अपने पैरों से चलकर आज उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के निवास अपनी खुशी व्यक्त करने पहुंचे।उल्लेखनीय है कि बस्तर क्षेत्र के लगभग 70 नक्सल पीड़ितों ने बस्तर शांति समिति की पहल पर विगत सितंबर माह में दिल्ली जाकर जंतर मंतर में प्रदर्शन करने के साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह तथा राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर उन्हें आप बीती बताते हुए बस्तर में शांति की गुहार लगाई थी। वहीं दिल्ली से लौटकर वे आए तो उपमुख्यमंत्री व गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने अपने निवास कार्यालय में एक-एक पीड़ितों से बात कर उनका हालचाल जाना था और उनका हौसला बढ़ाया था और आईईडी ब्लास्ट में पैर गवा चुके पीड़ितों के कृत्रिम पैर लगवाने के निर्देश दिए थे।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के निर्देशानुसार आईईडी ब्लास्ट में अपने अंग खोने वाले ग्रामीणों का समाज कल्याण विभाग के सहयोग से ऐसे नक्सल हिंसा पीड़ितों को कृत्रिम अंग लगाने की शुरुआत हो गई है। कृत्रिम पैर लगाने के लिए बस्तर से 9 नक्सल पीड़ित का आना तय हुआ था, किंतु व्यक्तिगत कारणों से 3 पीड़ित अभी नहीं पहुंच पाए। इस प्रकार 6 नक्सल पीड़ित गुड्डू लेकाम बीजापुर, अवलम मारा बीजापुर, सुक्की मड़कम सुकमा, सोमली खत्री बीजापुर, खैरकम जोगा बीजापुर, राजाराम बीजापुर को फिजिकल रेफरल रिहैबिलिटेशन सेंटर समाज कल्याण परिसर माना कैंप रायपुर में कृत्रिम पैर लगाए गए।कृत्रिम पैर लगने के बाद इनकी जिंदगी एक नई करवट ले रही है। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा के निवास पहुंचे इन नक्सल पीड़ितों ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि अब वे अच्छा महसूस कर रहे हैं। कदम-कदम पर किसी और के सहारे की जरूरत नहीं पड़ेगी। जिंदगी में अब आगे बढ़ने और कुछ हासिल करने की सोच सकते हैं। हालांकि नक्सलियों ने जो छीना है उसकी भरपाई नहीं हो सकती। लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार की संवेदनशीलता से उन्हें कृत्रिम पैर सुलभ होने के साथ जीवन में नया उत्साह आया है। इसके लिए छत्तीसगढ़ सरकार का आभार व्यक्त किया।
- -साईबर अपराधों से बचाव व जल संरक्षण के लिए सजगता से करने होंगे प्रयास-वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी-साईबर सुरक्षा व जल संरक्षण को लेकर रायगढ़ में आयोजित हुई कार्यशालारायपुर / साईबर सुरक्षा और जल संरक्षण को लेकर रायगढ़ नगर निगम ऑडिटोरियम में गुरुवार को एक कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस श्री प्रशांत मिश्रा ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया, जबकि वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और जिला एवं पुलिस प्रशासन के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य लोगों में साईबर सुरक्षा और जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना था।इसमें जिला एवं सत्र न्यायाधीश रायगढ़ श्री जितेन्द्र कुमार जैन, कलेक्टर श्री कार्तिकेया गोयल, पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग पटेल, सीईओ जिला पंचायत श्री जितेन्द्र यादव, जिला न्यायालय से सभी न्यायाधीश, जिला व पुलिस प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे।कार्यशाला को संबोधित करते हुए जस्टिस श्री प्रशांत मिश्रा ने कहा कि साईबर जागरूकता एवं जल संरक्षण यह दो ऐसे विषय है जो आज के समय में हम सभी के जीवन से सीधे तौर से जुड़े हुए है। साईबर अपराधों से बचाव के लिए इसके बारे में जागरूक होना सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। आज टेक्नालॉजी तेजी से विकसित हो रही है। ऐसे में स्वयं को अपडेट रखना और साईबर अपराधों से जुड़ी जानकारी व उससे बचाव के तरीकों को अमल में लाकर ऐसे अपराधों से बचा जा सकता है। उन्होंने अपने आसपास के वाकये बताते हुए कहा कि साईबर ठग लोगों को ज्यूडशरी से जुड़े लोगों के नाम पर भी ठगने का प्रयास करते है। ऐसे मामलों में सतर्कता व सुझबुझ से काम लेना जरूरी है। उन्होंने जल संरक्षण को लेकर कहा कि यह ऐसा मामला है जिसमें हर नागरिक की सहभागिता जरूरी है। जागरूकता के साथ ही जल संरक्षण के उपायों को अमल में लाकर ही हम अपने आसपास एक बेहतर वातावरण निर्मित कर सकते है। इसके लिए सभी को सकारात्मक सोच के साथ काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला एवं पुलिस प्रशासन के द्वारा लोगों को जागरूक करने के लिए एक अच्छा प्रयास किया जा रहा है। अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ लेकर अपने आसपास दूसरों को भी जागरूक करना चाहिए।वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी ने कहा कि साईबर अपराधों का दायरा जिस तेजी से बढ़ा है, लोगों के बीच सतर्कता का स्तर उसी अनुरूप बढ़ाना आवश्यक है। आज के डिजीटल युग में अगर समझदारी से काम न लिया जाए तो एक क्लिक में आदमी अपनी सारी जमा पूंजी गंवा सकता है। उन्होंने बताया कि चोरी जैसे अपराधों के मुकाबले अब साईबर ठगी से लोगों को कही ज्यादा आर्थिक नुकसान हो रहा है। शासन-प्रशासन अपने स्तर पर ऐसे अपराधों पर लगाम लगाने व अपराधियों को सजा दिलाने के लिए कार्य कर रही है। लेकिन एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में सभी को सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। साईबर अपराधों के तरीके व इसके पीछे काम करने वाले मनोभावों की समझ बढ़ाकर तथा उससे बचाव के तरीकों के बारे में स्वयं तथा अपने परिवार वालों को जागरूक कर साईबर अपराधों से बचा जा सकता है। उन्होंने जिला प्रशासन के जल संरक्षण अभियान की सराहना करते हुए कहा कि रायगढ़ में भू-जल व पर्यावरण संरक्षण की दिशा में यह महत्वपूर्ण कार्य है। उन्होंने बताया कि शासन स्तर पर नवा रायपुर में पीपल फॉर पीपुल अभियान चलाकर व्यापक रूप से पीपल के पेड़ लगाने का काम किया जा रहा है। रायगढ़ जिले में भी व्यापक स्तर पर यह कार्य हुआ है। केलो बांध का पानी नहरों के माध्यम से किसानों तक पहुंचाने की दिशा में कार्य हो रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति में प्रकृति पूजन का अहम स्थान रहा है। इसको दृष्टिगत रखते हुए हम सभी को जल संरक्षण की दिशा में साथ मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने बताया कि पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से शासन स्तर पर फ्लाईएश व ईएसपी मैनेजमेंट की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।
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सफलता की कहानी
रायपुर / दुर्ग शहर की रहने वाली निर्माणी श्रमिक ज़रीना बेगम की बिटिया रूबीना अपनी स्नातक की शिक्षा पूरी करने के साथ ही कौशल विकास का प्रशिक्षण प्राप्त कर राजस्थान की एक ऑटोमोबाइल कंपनी में इंटर्नशिप भी पूरी कर ली है। आर्थिक रूप से बेहद कमजोर परिवार से ताल्लुक रखने वाली जरीना को उच्च शिक्षा हासिल करने और कैरियर बनाने में छत्तीसगढ़ सरकार की मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना मददगार बनी है।मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के तहत छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल द्वारा पंजीकृत निर्माणी श्रमिकों के मेधावी बच्चों को, 10वीं कक्षा से लेकर स्नातकोत्तर एवं व्यवसायिक पाठ्यक्रम में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक लाने पर 5 हजार रूपए से लेकर 12 हजार 500 रूपए तक की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इस योजना के तहत पंजीकृत निर्माणी श्रमिकों के बच्चे जो छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की बोर्ड परीक्षा में टॉप-10 में स्थान प्राप्त करते हैं, उन्हें एक लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि तथा दोपहिया वाहन क्रय करने के लिए एक लाख रूपए का अनुदान भी दिए जाने का प्रावधान है। व्यवसायिक पाठ्यक्रम में अध्ययन हेतु शैक्षणिक शुल्क हॉस्टल एवं मेस फीस के साथ-साथ स्टेशनरी के लिए 2 हजार रूपए प्रतिवर्ष दिए जाने का प्रावधान है। यदि किसी निर्माणी श्रमिक का मेधावी बच्चा विदेश में अध्ययन के लिए चयनित होता है तो अध्ययन हेतु वास्तविक व्यय अथवा अधिकतम 50 लाख रूपए की सहायता राशि दी जाती है।निर्माणी श्रमिक जरीना बेगम ने जब अपनी बिटिया की पढ़ाई के लिए मुख्यमंत्री नोनीबाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के अंतर्गत आवेदन करने हेतु श्रमिक सहायता केन्द्र से संपर्क किया, तो उन्हें नहीं पता था कि इस योजना अंतर्गत क्या-क्या लाभ मिल सकते हैं। निर्माणी श्रमिक जरीना के आवेदन पर उसे बिटिया के आगे की शिक्षा के लिए योजना अंतर्गत मिली मदद से उसका सपना हकीकत में तब्दील हुआ और उसकी बेटी के हौसले को एक नया पंख मिल गया।श्रमिक माता-पिता के संघर्ष और त्याग को ध्यान में रखते हुए रुबीना ने खुद को पढ़ाई के लिए समर्पित कर दिया। रुबीना स्नातक होने के बाद, कौशल विकास कार्यक्रम और राजस्थान में एक ऑटो वाहन कंपनी में अल्पकालिक इंटर्नशिप की। राजस्थान में रहना और काम करना रुबीना के लिए जीवन बदलने वाला अनुभव बन गया। रुबीना ने कहा, मुझे एहसास हुआ कि शिक्षा हमारे जैसे गरीब परिवारों के लिए एक नई और बेहतर दुनिया के द्वार खोलती है। रूबीना की इच्छा मास्टर डिग्री हासिल करना है और वह अपने सपने को पूरा करने के लिए पूरे मनोयोग से जुटी है। - -खैरागढ़ में 39.50 लाख रूपये की लागत से 4 सामुदायिक भवनों का भूमिपूजनरायपुर, / उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने आज खैरागढ़ के कलेक्टोरेट परिसर में छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा और सिविल लाइन में पूर्व सांसद स्वर्गीय श्री देवव्रत सिंह की प्रतिमा का भी अनावरण किया। इस मौके पर उन्होंने खैरागढ़ शहर के अलग-अलग वार्डाे में 39.50 लाख रूपये की लागत से बनने वाले 4 सामुदायिक भवनों का भूमिपूजन किया। उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा का अनावरण सदैव लोगों को अपनी धरती माता के लिए समर्पित भाव से कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा कि जनमानस की आकांक्षा थी कि पूर्व सांसद स्व. श्री देवव्रत सिंह कि प्रतिमा का दशहरा पर्व से पहले अनावरण हो और हमने जनमानस की आकांक्षाओं का ख्याल रखते हुए उनकी प्रतिमा का अनावरण किया है।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे लोकसभा सांसद श्री संतोष पांडे ने कहा कि हमने छत्तीसगढ़ को महतारी का दर्जा दिया है। आज खैरागढ़ जिला कार्यालय परिसर में बहुत विशाल और भव्य प्रतिमा का अनावरण हुआ है। उन्होंने कहा कि स्व.देवव्रत सिंह इस क्षेत्र के लोकप्रिय सांसद एवं विधायक रहे। लोगों की इच्छा थी कि उनके प्रतिमा का अनावरण जल्द से जल्द हो और दलगत राजनीति से ऊपर उठकर प्रभारी मंत्री श्री देवांगन द्वारा स्व. श्री देवव्रत सिंह की प्रतिमा का अनावरण किया गया है। इस अवसर पर खैरागढ़ विधायक श्रीमती यशोदा वर्मा, डोंगरगढ़ विधायक श्रीमती हर्षिता स्वामी बघेल, अध्यक्ष जिला पंचायत राजनांदगांव श्रीमती गीता घासी साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री विक्रांत सिंह, जिला पंचायत सभापति घम्मन साहू, छुईखदान जनपद अध्यक्ष श्रीमती नीना विनोद ताम्रकार, खैरागढ़ नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती गिरजा चंद्राकर सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।
- -उप मुख्यमंत्री ने आवास मेले में 36 हजार से ज्यादा परिवारों को दी आवास की सौगात-हितग्राहियों को आवास स्वीकृति पत्र और घर की चाबी सौंपी, त्यौहारों पर खुशियां हुई दोगुनी-33,019 परिवारों को पहली किस्त की 132 करोड़ रुपए से अधिक की राशि जारी-प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय गरीबों के आवास का सपना पूरा कर रहे - उप मुख्यमंत्री श्री सावरायपुर । उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव आज बिलासपुर के स्वर्गीय लखीराम अग्रवाल ऑडिटोरियम में आवास मेला में शामिल हुए। उन्होंने जिले के 36 हजार 663 आवासहीन ग्रामीण परिवारों को आवास का स्वीकृति पत्र देकर खुशियों की गारंटी दी। उन्होंने ऐसे हितग्राही जिनके आवास पूर्ण हो चुके हैं, उन्हें प्रतीकात्मक रूप से घर की चाबी भी भेंट की। आज बिलासपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों के चेहरों की चमक देखते ही बन रही थी। त्यौहारों के मौसम में उनकी खुशियां दोगुनी हो गईं। विधायक श्री धर्मजीत सिंह भी आवास मेला में शामिल हुए।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने मुख्य अतिथि के रूप में आवास मेला को संबोधित करते हुए कहा कि हर व्यक्ति का सपना होता है कि उसका स्वयं का मकान हो। प्रधानमंत्री आवास योजना लोगों के सपनों को साकार करने वाली योजना है। हर गरीब के सपने को सरकार ने अपना सपना बना लिया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय गरीबों के आवास का सपना पूरा करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि आवास योजना के तहत इस वर्ष बिलासपुर जिले में 33 हजार 019 हितग्राहियों के लिए 132 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि स्वीकृत की गई है। राज्य सरकार द्वारा 18 लाख आवासहीन परिवारों को आवास की सौगात दी जा रही है।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कार्यक्रम में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी लगातार लोगों की बेहतरी के लिए काम कर रहे हैं। गांव, गरीब और किसान सरकार की प्राथमिकता में है। छत्तीसगढ़ सरकार ने 13 दिसम्बर को शपथ ली और 14 दिसम्बर को 18 लाख प्रधानमंत्री आवास के कार्यो की स्वीकृति दी। हमारी सरकार ने छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न श्री अटल बिहारी बाजपेयी के जन्म दिन 25 दिसम्बर को 12 लाख किसानों के खातों में 3716 करोड़ रुपए की बोनस की बकाया राशि अंतरित की। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हमारी सरकार गांवों, गरीबों और किसानों की तरक्की के लिए प्रतिबद्ध है। श्री साव ने आवास योजना में बेहतर काम करने वाले कर्मचारियों को कार्यक्रम में सम्मानित भी किया।विधायक श्री धर्मजीत सिंह ने आवास मेला में अपने संबोधन में कहा कि दस साल पहले श्री नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री बने और उन्होंने लोगों के सपनों को पूरा करने की दिशा में काम किया। अपना घर अपना होता है, और जब किसी को पक्का घर मिलता है तो उसकी जिंदगी का एक मकसद पूरा होता है। पूरे देश में लोगों के इस मकसद को पूरा करने का काम प्रधानमंत्री कर रहे हैं। बिलासपुर जिला पंचायत के सीईओ श्री आर.पी. चौहान ने कार्यक्रम में बताया कि चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 में जिले में 50 हजार 619 आवासों की स्वीकृति का लक्ष्य है। इनमें से अब तक 36 हजार 643 आवास स्वीकृत कर 33 हजार 019 आवासों के लिए प्रथम किस्त की राशि जारी की जा चुकी है। पूर्व में स्वीकृत आवासों में 93 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। कलेक्टर श्री अवनीश शरण और नगर निगम के कमिश्नर श्री अमित कुमार सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और आवास योजना के हितग्राही बड़ी संख्या में आवास मेला में मौजूद थे।हितग्राहियों ने बांटी अपनी खुशियांआवास मेला में आवास स्वीकृति पत्र और नए घर की चाबी मिलने से हितग्राहियों के चेहरे खिल उठे। कुछ हितग्राहियों ने अपनी खुशियां मंच से साझा भी कीं। महमंद के श्री वेदलाल बघेल ने बताया कि वे पहले मिट्टी के घर में रहते थे। बारिश के दिनों में बहुत दिक्कत होती थी। अब कच्चे घर की परेशानियों से छुटकारा मिल गया है। कोटा विकासखंड के करका निवासी श्रीमती प्रमिला बैगा ने बताया कि पक्का घर मिलने से बहुत सी समस्याओं से निजात मिल गई है। पक्के घर में रहने से समय और श्रम बचता है। साथ ही वह ज्यादा सुरक्षित भी महसूस करती है। उसने बताया कि वह ‘बिहान’ योजना से भी जुड़ी हुई है। सरकार की योजनाओं से उसकी जिंदगी बदल गई है। उसने संवेदनशील पहल के लिए सरकार का आभार जताया।
- -मुंबई के विभिन्न स्थानों में जशप्योर ब्रांड के उत्पादों की लगाई गई स्टॉलरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जशपुर के उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए सार्थक प्रयास कर रहे हैं। स्थानीय आदिवासी स्व-सहायता समूह की महिलाओं के द्वारा तैयार उत्पादों को मुम्बई में भी पसंद किया जा रहा है। प्रदर्शनी का अवलोकन करके बड़ी मात्रा में खरीदी भी कर रहे हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर जशपुर कलेक्टर डॉ. रवि मित्तल के मार्गदर्शन में जशप्योर ब्रांड का मुंबई के विभिन्न स्थानों पर स्टॉल लगाई गई है। जहॉ जशपुर जिले के स्थानीय कच्चे माल से बने उत्पादों को प्रदर्शित किया जा रहा है। जशपुर की आदिवासी महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पाद अपनी शुद्धता और स्वास्थ्य लाभ के कारण उच्च मांग में हैं, क्योंकि इनमें कोई रसायन नहीं होते हैं, जिससे वे बाजार के अन्य उत्पादों की तुलना में स्वस्थ विकल्प बन जाती हैं।इन स्टॉल गतिविधियों को महाराष्ट्र के जवाहर जिले के स्थानीय आदिवासी किसानों द्वारा निष्पादित किया जाता है। जिला प्रशासन की इस पहल से जशपुर जिले के आदिवासियों के साथ-साथ जवाहर जिले के आदिवासियों को भी रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। खाद्य प्रसंस्करण सलाहकार एवं युवा वैज्ञानिक श्री समर्थ जैन ने कहा कि महुआ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के उत्पाद, जैसे महुआ सिरप (शहद का महुआ आधारित विकल्प), महुआ आधारित चीनी मुक्त च्यवनप्राश विकल्प फॉरेस्टगोल्ड वन्यप्राश और बाजरा पास्ता के नियमित ग्राहक खरीदी कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त छिन्द घास के हाथ से बने टोकरियॉ त्यौहारी मौसम के दौरान मांग बढ़ी हुई हैं।जशप्योर ब्रांड का स्टॉल डीसीबी बैंक मुख्यालय, मुंबई कैफे लीप लॉजिस्टिक्स, कांदिवली पश्चिम, गेब्स कैफेटेरिया, साकी नाका, अंधेरी वेस्ट, आदित्य बिड़ला अहुरा सेंटर वेस्ट, आईआईटी-मुंबई, पवई, सेंट्रल सबर्ब, गोरेगांव वेस्ट, वीवर्क-एक्सप्रेस टावर्स, नरीमन पॉइंट, दक्षिण, आनंद मेला, विक्रोली, सेंट्रल सबन, पवई, केंद्र, लोअर परेल, मुंबई, लीप लॉजिस्टिक्स, कांदिवली मुंबई, गेब्स-अंधेरी, साकी नाका, वीवर्क-स्पेक्ट्रम टावर्स, वेस्ट सबअर्ब मुंबई, वीवर्क-जेनिया बिल्डिंग ठाणे मुंबई सहित अन्य जगहों में लगाए गए हैं। स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने और जशपुर और जवाहर जिले के दोनों के आदिवासियों को स्थायी रोजगार प्रदान करने में जिला प्रशासन के प्रयास सराहनीय हैं। यह पहल न केवल आदिवासी समुदायों को सशक्त बना रही है बल्कि इन अद्वितीय, उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों के माध्यम से उनकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को भी बढ़ावा दे रही है।
- -ग्राम घुघरी में बड़ी संख्या में लोग हो रहे योजनाओं से लाभान्वितरायपुर /छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व में राज्य के गांवों की तस्वीर तेजी से बदल रही है। विभिन्न विभागों की योजनाओं से बड़ी संख्या में लोगों को फायदा मिल रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत् 56 जरूरतमंद परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराए गए हैं और 483 परिवारों के मनरेगा जॉब कार्ड बनाए गए हैं।जशपुर जिले के बगीचा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत घुघरी जिला मुख्यालय जशपुर से 93 किलोमीटर दूर स्थित है। इस गांव में पंचायत की बैठकों में गांव की समस्याओं का समाधान नियमित रूप से किया जा रहा है। गांव में 567 लोगों का राशन कार्ड बनाया गया हैं जिनमें 37 एपीएल कार्ड, 407 बीपीएल कार्ड शामिल हैं। आंगनबाड़ी केन्द्र के माध्यम से 216 बच्चों को पोषण आहार का लाभ मिल रहा है। धात्री और गर्भवती महिलाओं के लिए भी पूरक पोषण आहार की व्यवस्था की गई है। सामाजिक सुरक्षा के लिए 342 लोगों को पेंशन योजनाओं से जोड़ा गया है। महिला सशक्तिकरण के उददेश्य से 36 स्व-सहायता समूहों का गठन कर 412 महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा गया है।घुघरी निवासी मंगरी बाई ने बताया कि उन्हें हर महिना 500 रूपए पेंशन मिलती है। उसी पैसे से अपना जीवन यापन करती हैं। परिवार के पालन पोषण करने में सहायता मिल रही हैं। विनोद राम ने बताया कि मनरेगा में गांव के लोग काम करने जाते हैं। गांव के लोगों का जॉब कार्ड बना है। मनरेगा में कार्य करके उनके परिवार के लोग मिलकर 28 हजार रूपए तक कमा लेते हैं, इससे घर परिवार अच्छी तरह से चल रहा है।
- -आमजनों के लिए वेबसाइट पर सार्वजनिक हुई नॉन प्रैक्टिसिंग एलाउंस लेने वाले चिकित्सकों की सूची-विष्णु के सुशासन में जनहित में एक और बड़ा कदमरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन में चिकित्सा के क्षेत्र में जनहित का विशेष रूप से ध्यान रखते हुए स्वास्थ्य विभाग में जनहित में निर्णय लेते हुए जनसुविधाओं के विस्तार के लिए नित नए कदम उठाए जा रहे हैं।इसी कड़ी में मुख्यमंत्री श्री साय की पहल और स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर शासकीय चिकित्सा शिक्षा महाविद्यालयों के लिए एक बड़ा निर्णय लिया गया है। इसके अन्तर्गत आमजनों के लिए चिकित्सा शिक्षा की वेबसाइट www.cgdme.in पर नॉन प्रैक्टिसिंग एलाउंस (एन पी ए) लेने वाले चिकित्सकों एवं चिकित्सा शिक्षकों की सूची सार्वजनिक कर दी गई है। सूची में इस बात की जानकारी दी गई है की उक्त चिकित्सकों द्वारा निजी प्रैक्टिस की जा रही है या नहीं। उल्लेखनीय है कि ऐसे चिकित्सक एवं चिकित्सा शिक्षक जो निजी प्रैक्टिस नही करते हैं उन्हें शासन द्वारा वेतन के अतिरिक्त नॉन प्रैक्टिसिंग एलाउंस (एन पी ए) भी दिया जाता है। एन पी ए लेने के बाद भी निजी प्रैक्टिस करना प्रतिबंधित है और ये नियम विरुद्ध है। आमजनों को ये जानकारी रहे की कौन सा चिकित्सक निजी प्रैक्टिस करने के लिए पात्र है और कौन नही, इसके लिए राज्य के सभी शासकीय मेडिकल कॉलेज और डेंटल मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों एवं चिकित्सा शिक्षकों के द्वारा एनपीए लेने अथवा न लेने की जानकारी चिकित्सा शिक्षा की वेबसाइट पर सार्वजनिक कर दी गई है।
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रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर सभी बेटियों को बधाई और उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने अपने बधाई संदेश में कहा है कि बालिकाओं के सामने आने वाली चुनौतियों का समाधान करने, उन्हें सशक्त करने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए हर साल 11 अक्तूबर को अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है। यह दिन दुनिया भर में बालिकाओं के सामने आने वाली समस्याओं एवं उसके समाधान के प्रति जागरूकता को बढ़ाने का दिन है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस साल अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस का विषय 'भविष्य के लिए बालिकाओं का दृष्टिकोण' है। श्री साय ने कहा कि बेटियां देश-प्रदेश, समाज और परिवार का गौरव होती हैं। उन्हें सशक्त बनाने के लिए सुरक्षित और सहज माहौल देने की जरूरत है।उन्होंने कहा कि हमारी बेटियां खूब पढें, निडर होकर आगे बढ़ें, अपने सपनों को साकार करें और घर-परिवार के साथ देश-प्रदेश की उन्नति में सहभागी बने, इसके लिए राज्य सरकार सदैव प्रयासरत है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में महिलाओं के सम्मान की परम्परा है । हमारी बहन, बेटियों और माताओं के स्वास्थ्य और तरक्की के लिए बेहतर वातावरण निर्मित हो, इसके लिए शासन महतारी वंदन योजना,मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, शुचिता योजना, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना सहित अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही हैं। इसी कारण आज छत्तीसगढ़ की बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। - रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को दुर्गाष्टमी और महानवमी की बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। इस अवसर पर श्री साय ने मां दुर्गा से प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की है। अपने शुभकामना संदेश में उन्होंने कहा है कि शक्ति की उपासना का महापर्व नवरात्रि पूरे देश में नौ दिनों तक भक्तिभाव से मनाया जाता है। इस दौरान देवी के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। नवरात्रि के आठवें दिन माता शक्ति के आठवें स्वरूप माता महागौरी और नवमी पर देवी सिद्धिदात्रि स्वरुप की पूजा अर्चना की जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शक्ति का यह पर्व हमें मातृशक्ति की आराधना और सम्मान की प्रेरणा देता है। यह त्यौहार हमें सिखाता है कि नारी का सम्मान हमारी परम्परा और संस्कृति का हिस्सा होने के साथ ही हमारे मूल्यों में रचा बसा है। इन मूल्यों को जीवंत बनाए रखना हम सबकी महती जिम्मेदारी है।
- -वन विभाग में कार्यरत सभी 6100 दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को प्रति माह 4 हजार रुपए की दर से श्रम सम्मान राशि का किया जाएगा भुगतानरायपुर / वनमंत्री श्री केदार कश्यप ने दैनिक वेतन भोगी संगठन के पदाधिकारियों से सौहाद्रपूर्ण माहौल में चर्चा के उपरांत उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करके, श्रम सम्मान राशि से वंचित श्रमिकों के लिए राशि आवंटन हेतु आश्वस्त किया था। संवेदनशील मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वन विभाग में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के प्रति त्वरित कार्यवाही करने विभागीय मंत्री को निर्देश दिए थे।वन मंत्री के निर्देश के परिपालन में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वनबल प्रमुख छत्तीसगढ़ द्वारा राशि रूपये 12.34 करोड़ श्रम सम्मान राशि भुगतान हेतु आवंटित कर दिये हैं। इसके पूर्व इसी वित्तीय वर्ष में राशि रूपये 09.21 करोड़ आवंटित की गई थी। वर्तमान में वन विभाग में सभी 6100 दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को प्रतिमाह राशि 4 हजार रूपये की दर से श्रम सम्मान राशि का भुगतान किया जायेगा। ज्ञातव्य है कि वन विभाग के दैनिक वेतन भोगी वन कर्मचारी संघ श्रम सम्मान राशि से वंचित कर्मचारियों के लिए श्रम सम्मान राशि भुगतान करने की मांग वनमंत्री से विगत दिवस की थी। वनमंत्री श्री केदार कश्यप की इस पहल से विभाग के दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों में हर्ष एवं खुशी का माहौल है।
- -नवा रायपुर में 24 से 26 अक्टूबर तक नेशनल गोल्फ चैंपियनशिप का होगा आयोजन-देश के 20 राज्यों की टीमें हिस्सा लेंगी-प्रत्येक टीम में होंगे 6 सदस्यरायपुर /मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन ने आज नवा रायपुर के मेफेयर स्थित गोल्फ कोर्ट में गोल्फ फेडरेशन ऑफ इंडिया के द्वारा आयोजित नेशनल गोल्फ चैंपियनशिप प्री-लांच का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि नेशनल गोल्फ चैंपियनशिप के लिए छत्तीसगढ़ की टीम का भी चयन किया जाएगा। इससे अन्य खेलों के साथ गोल्फ खेल के लिए लोगों में रूचि बढ़ेगी। नेशनल गोल्फ फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा नवा रायपुर में 24 से 26 अक्टूबर के बीच नेशनल गोल्फ चैंपियनशिप 2024 का आयोजन किया रहा है। इस आयोजन में देश के 20 राज्यों की टीमें हिस्सा लेंगी। प्रत्येक टीम में 6 खिलाड़ी होंगे। आयोजन में छत्तीसगढ़ सरकार की भी सहभागिता होगी।मुख्य सचिव ने कहा कि एक स्वस्थ मन के लिए स्वस्थ शरीर का होना आवश्यक है। इसके लिए सभी को किसी न किसी खेल में हिस्सा लेना जरूरी है। नवा रायपुर पर्यटन के रूप में भी विकसित हो रहा है। इस आयोजन का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के पर्यटन को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही यहां की हरियाली को भी प्रमोट किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने बादाम के पौधे का वृक्षारोपण भी किया।नेशनल गोल्फ फेडरेशन के संस्थापक एवं महासचिव आर्यवीर आर्या ने इस आयोजन के संबंध में कहा कि गोल्फ फेडरेशन ऑफ इंडिया (जीएफआई) खेल, पर्यावरण, शिक्षा, स्वास्थ्य और विजन भारत 2047 के लिए काम करने प्रतिबद्ध है। स्टार्टअप और राज्य पर्यटन विभाग छत्तीसगढ़ राज्य को बढ़ावा देने के लिए स्थल पर अपने स्टॉल लगा सकते हैं। नवा रायपुर में चैंपियनशिप का आयोजन होने से नवा रायपुर के गोल्फकोर्स को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट करने का प्लेटफार्म तैयार होगा। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ को लेकर बना परसेप्शन भी बदलेगा।विजेताओं को मिलेंगे पुरस्कारचैंपियनशिप के लिए पहला पुरस्कार 10 लाख रुपए और वाउचर एवं ट्रॉफी तथा रनरअप पुरस्कार 6 लाख रुपए और वाउचर एवं ट्रॉफी दिया जाएगा। इस आयोजन की शुरुआत कैडी टूर्नामेंट से होगी। इसमें पहला पुरस्कार 1 लाख, दूसरा 60 हजार रुपए, तीसरे के लिए लिए 40 हजार, चौथे के लिए 30 हजार और पांचवे नंबर पर आने वाले को 20 हजार रुपए का पुरस्कार मिलेगा। अन्य पुरस्कारों में विजेता ग्रास को आईफोन 16 प्रो मैक्स, विजेता नेट को आईफोन 16 प्रो दिया जाएगा। आयोजन के पहले दिन 24 अक्टूबर को कैडी टुर्नामेंट, 25 अक्टूबर को प्लांटेशन ड्राइव, 26 अक्टूबर को सुबह 6 बजे सभी टीमों के खिलाड़ी जुटेंगे और 27 अक्टूबर 2024 को समापन समारोह होगा।
- -क्षेत्रीय सरस मेला का 12 अक्टूबर को उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और वनमंत्री केदार कश्यप करेंगे उद्घाटनरायपुर, / क्षेत्रीय सरस मेला-2024 का आयोजन 12 से 19 अक्टूबर तक जगदलपुर शहर के लालबाग मैदान में किया जा रहा है। क्षेत्रीय सरस मेला 2024-बस्तर का उद्घाटन समारोह 12 अक्टूबर सुबह 11 बजे से किया जाएगा।कार्यक्रम की अध्यक्षता उप मुख्यमंत्री एवं गृह, जेल, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार, विज्ञान व प्रौद्योगिकी मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री विजय शर्मा करेंगे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वन एवं जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन, कौशल विकास, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप और कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि के रूप में बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप, विधायक जगदलपुर श्री किरण देव, विधायक चित्रकोट श्री विनायक गोयल, विधायक बस्तर श्री लखेश्वर बघेल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती वेदवती कश्यप, महापौर श्रीमती सफिरा साहू उपस्थित रहेंगी।कलेक्टर श्री हरिस एस के मार्गदर्शन में आयोजित इस सरस मेले में कई आकर्षक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक कबड्डी, वॉलीबॉल, रस्सा-कस्सी और खो-खो जैसे खेल प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इसके साथ ही संध्याकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रमों में लोक नृत्य दलों और स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुतियां दी जाएंगी। मेले में विभिन्न विभागों की योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी के साथ-साथ स्व-सहायता समूहों के उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जो मेले का एक और खास आकर्षण होगी। क्षेत्रीय सरस मेला बस्तर के ग्रामीण और सांस्कृतिक धरोहरों को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय उत्पादों को व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा।
- -स्थानीय निकायों के आम निर्वाचन की तैयारियों के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजितरायपुर / छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा त्रिस्तरीय पंचायतों के चुनावों की तैयारियों के संबंध में नवा रायपुर स्थित आयोग के कार्यालय में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री अजय सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग एवं सामान्य प्रशासन विभाग के संबंधित अधिकारियों ने भाग लिया। इस बैठक में आगामी त्रिस्तरीय पंचायतों के चुनावों की तैयारियों की समीक्षा की गई तथा चुनाव प्रक्रिया को सफलतापूर्वक एवं सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए आवश्यक निर्देश दिये गये।राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री अजय सिंह ने त्रिस्तरीय पंचायतों के निर्वाचन हेतु परिसीमन और आरक्षण की कार्यवाही समय सीमा में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परिसीमन और आरक्षण की प्रक्रियाएं समय पर निर्वाचन संपन्न कराने के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है। बैठक में त्रिस्तरीय पंचायतों के परिसीमन के संबंध में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमति निहारिका बारिक द्वारा परिसीमन एवं आरक्षण के संबंध में शासन स्तर पर कार्यवाही के संबंध में अवगत कराया गया कि परिसीमन और आरक्षण की कार्यवाही समय सीमा में संपन्न करा ली जावेगी।बैठक में त्रिस्तरीय पंचायतों के आम निर्वाचन 2024-25 तथा भविष्य में होने वाले उप निर्वाचन के लिए अधिग्रहित किए जाने वाले वाहनों हेतु किराये का दर के निर्धारण, निर्वाचन में नियुक्त प्रेक्षकों के मानदेय, आगामी आम एवं उप निर्वाचन 2024-25 के लिए निर्वाचन संचालन हेतु नियोजित शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को दिये जाने वाले मानदेय दरे तथा वाहन किराये पर लेने हेतु भेजे गये प्रस्तावों जैसे अन्य विषयों पर चर्चा की गई।बैठक में चुनाव से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर गहन चर्चा की गई, जिसमें राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री अजय सिंह ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी विभाग आपसी समन्वय से काम करें, ताकि चुनाव के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। साथ ही कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि हर पात्र मतदाता अपने मताधिकार का सही तरीके से प्रयोग कर सके।इस अवसर पर उप सचिव डॉ. नेहा कपूर एवं श्री आलोक श्रीवास्तव तथा सामान्य प्रशासन विभाग की अवर सचिव श्रीमति अंशिका पाण्डे सहित संबंधित अधिकारी भी उपस्थित थे।
- -विकास और समाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में ग्राम पंचायत घुघरी विकास और बदलाव की नई परिभाषा गढ़ रहा-महिला सशक्तिकरण के तहत् स्व सहायता समूहों की 412 महिलाओं को रोजगार से जोड़ा गयाजशपुर । छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व में तेजी से बदल रही है राज्य के गांवों की तस्वीर। शासन के प्रयासों और पंचायती राज योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के बदौलत प्रदेश के गांव अब विकास और समाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में नई कहानियां लिख रहे हैं। ऐसी ही एक कहानी है जशपुर जिले के बगीचा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत घुघरी की। जिला मुख्यालय जशपुर से 93 किलोमीटर दूर स्थित यह गांव विकास और बदलाव की नई परिभाषा गढ़ रहा है। यहां पंचायत की बैठकों में जनभागीदारी के माध्यम से गांव के हर चुनौति का समाधान किया जाता है। गांव में 567 लोगों का राशन कार्ड बनाया गया हैं जिनमें 37 एपीएल कार्ड, 407 बीपीएल कार्ड शामिल हैं। आंगनबाड़ी केन्द्र के माध्यम से 216 बच्चों को पोषण का लाभ मिल रहा है। धात्री और गर्भवती महिलाओं के लिए भी पोषण की व्यवस्था की गई है। समाजिक सुरक्षा के लिए 2 लाख 10 हजार खर्च किए गए हैं। साथ ही 342 लोगों को पेंशन योजनाओं से जोड़ा गया है।घुघरी निवासी मंगरी बाई ने बताया कि उन्हें हर महिना 500 रूपए पेंशन मिलती है। उसी पैसे से अपना जीवन यापन करती हैं। परिवार के पालन पोषण करने में सहायता मिल रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत् 56 जरूरतमंद परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराए गए हैं। 483 परिवारों के मनरेगा जॉब कार्ड बनाए गए हैं। पीछे दो वर्षाे में मनरेगा के 20 व्यक्तिगत तालाबों का निर्माण कराया गया है। ग्राम पंचायत घुघरी के विनोद राम ने बताया कि उनके गांव में अक्टूबर और नवम्बर में मनरेगा का कार्य चालू होता है। उसमें गांव के लोग काम करने जाते हैं। गाव के लोगों का जॉब कार्ड है। मनरेगा में कार्य करके सभी परिवार मिलकर 28 हजार रूपए कमा लेते हैं। इसे घर परिवार अच्छा से चल रहा । महिला सशक्तिकरण के उददेश्य से 36 स्व सहायता समूहों का गठन कर 412 महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा गया है। ग्राम पंचायत घुघरी की यह कहानी संवरते छत्तीसगढ़ के सुरक्षित होते भविष्य की कहानी है।
- कोंडागांव । शासकीय गुण्डाधुर स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोंडागांव में कोंडागांव पुलिस एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वाधान में सायबर जन जागरूकता पखवाड़ा अभियान एवं यातायात जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ।साइबर सेल नोडल डीएसपी भार्गव ने बताया की कैसे आजकल व्हाट्सएप फेसबुक जैसे सोशल मीडिया का उपयोग करके ऑनलाइन ठगी हो रहीं है, इसका कारण सिर्फ अपनी वक्तिगत जानकारी बिना जांच के किसी अन्य व्यक्ति को साझा करना है। उन्होंने बताया की अपना व्यक्तिगत जानकारी जैसे आधार कार्ड , एटीएम नंबर, पैन कार्ड, ओटीपी इत्यादि जैसे जानकारी किसी भी व्यक्ति को बिना जानकारी के नहीं भेजना है, इससे ऑनलाइन ठगी का संभावना अत्यधिक हो जाता है। इस प्रकार से एसडीओपी रूपेश कुमार ने भी साइबर से संबंधित विभिन्न सारी जानकारियां दिया। इस अवसर पर कोंडागांव पुलिस के द्वारा साइबर क्राइम से संबंधित विस्तृत जानकारी दिया गया, और नुक्कड़ नाटक और सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से सभी को प्रेरित करने का प्रयास किया गया।इस कार्यक्रम में पुलिस विभाग से साइबर सेल नोडल श्री सतीश कुमार भार्गव, एसडीओपी रूपेश कुमार, सब इंस्पेक्टर अभिताभ खंडेकर, सहायक उप निरीक्षक सगरबती सोरी, आरक्षक मनोज पोयाम, बीजू यादव, महाविद्यालय के प्राध्यापक श्री शोभाराम यादव, अलका शुक्ला, पुरोहित शोरी, नेहा बंजारे, एवम् साथी प्राध्यापक उपस्थित रहे।
- रायपुर, /राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2024 से अब तक राज्य में 1172.0 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून 2024 से आज 10 अक्टूबर सवेरे तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 2401.1 मिमी और बेमेतरा जिले में सबसे कम 609.0 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है।राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सरगुजा जिले में 639.3 मिमी, सूरजपुर में 1167.6 मिमी, बलरामपुर में 1746.9 मिमी, जशपुर में 1074.7 मिमी, कोरिया में 1132.4 मिमी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 1089.0 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी।इसी प्रकार, रायपुर जिले में 961.1 मिमी, बलौदाबाजार में 1189.5 मिमी, गरियाबंद में 1121.4 मिमी, महासमुंद में 974.6 मिमी, धमतरी में 1043.5 मिमी, बिलासपुर में 998.0 मिमी, मुंगेली में 1117.1 मिमी, रायगढ़ में 1115.5 मिमी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 734.4 मिमी, जांजगीर-चांपा में 1223.6 मिमी, सक्ती 1063.2 मिमी, कोरबा में 1423.1 मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 1208.3 मिमी, दुर्ग में 658.4 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी। कबीरधाम जिले में 929.7 मिमी, राजनांदगांव में 1130.1 मिमी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1243.1 मिमी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 860.4 मिमी, बालोद में 1200.4 मिमी, बस्तर में 1280.3 मिमी, कोण्डागांव में 1212.4 मिमी, कांकेर में 1429.3 मिमी, नारायणपुर में 1466.0 मिमी, दंतेवाड़ा में 1554.0 मिमी और सुकमा जिले में 1679.3 मिमी औसत वर्षा एक जून से अब तक रिकार्ड की गई।
- रायपुर। जाने-माने उद्योगपति रतन टाटा के निधन पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शोक व्यक्त किया है।उन्होंने देर रात एक्स अकाउंट पर ट्वीट करते हुए लिखा-सुप्रसिद्ध उद्योगपति, पद्म भूषण व पद्म विभूषण से सम्मानित श्री रतन टाटा जी के निधन का समाचार अत्यंत दु:खद है। उन्होंने भारतीय उद्योग जगत को सर्वोच्च स्थान पर स्थापित किया। शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, स्वच्छता, मानव कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में उनके योगदान को भारतवासी सदैव याद रखेंगे। उनका सादगी पूर्ण जीवन, नैतिक नेतृत्व और परोपकार की भावना एक मिसाल थी। वह सदैव हमारी यादों में जीवित रहेंगे।मुख्यमंत्री ने आगे लिखा- उनका निधन भारत और उद्योग जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। देश और समाज में बेहतर बदलाव के लिए उनके द्वारा किए गए अभूतपूर्व कार्य हम सबके लिए प्रेरणा स्रोत बने रहेंगे। ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिजनों, उनके शुभचिंतकों को संबल प्रदान करने की विनम्र प्रार्थना करता हूं।
- -रामगोपाल को अपना आसियाना बनाने में मिली मददरायपुर, / बिलासपुर जिले के सीपत में रहने वाले रामगोपाल धीवर और उनके परिवार पर मौसम की अनिश्चितताओं का गहरा असर होता था। भीषण गर्मी के बाद मानसून और कड़ाके की सर्दी में कच्चे घर में रहना और जीना दूभर कर देती थी। जब 53 वर्षीय रामगोपाल एक निर्माण मजदूर के रूप में ईंटें बिछाते हैं और स्तंभों, नींव और बीम को मजबूत करते हैं, तो उनके मन में अपना खुद का घर बनाने का सपना भी होता है। कई सालों की बचत के बाद एक दिन रामगोपाल ने श्रम संसाधन केंद्र से संपर्क किया और अपने परिवार की जीवन स्थिति को बेहतर बनाने के लिए योजनाओं के बारे में पूछा। उन्होंने अपने परिवार के लिए एक सभ्य जीवन स्थिति सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करने का दृढ़ संकल्प किया।रामगोपाल को श्रम संसाधन केंद्र (एलआरसी) में मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना के बारे में पता चला-एक सरकारी योजना जिसका उद्देश्य उनके जैसे मजदूरों को आवास सहायता प्रदान करना है। उन्होंने पाया कि यह कार्यक्रम उनके जैसे परिवारों के उत्थान के लिए था। जब रामगोपाल ने इस योजना के लिए आवेदन किया, तो वे आशंकित थे, लेकिन साथ ही आशा से भरे भी थे। अगर यह योजना साकार होती, तो यह न केवल उनकी तत्काल आवास आवश्यकताओं को पूरा करती, बल्कि उन्हें सशक्तिकरण और सुरक्षा की भावना भी प्रदान करती।मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास पक्के घर के साथ, वह और उनका परिवार चुनौतियों का सामना करने और प्रतिकूल परिस्थितियों से उबरने के लिए बेहतर स्थिति में होंगे। यही कारण है कि मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक सहायता योजना जैसी पहल के माध्यम से पर्याप्त संस्थागत, कानूनी और प्रशासनिक वास्तुकला का प्रावधान महत्वपूर्ण है। रामगोपाल जैसे व्यक्तियों के लिए एक सहायक ढांचा तैयार करके, सामाजिक सुरक्षा प्रणालियाँ हाशिए पर रहने वाली आबादी के सामने आने वाले जोखिमों और कमजोरियों को प्रभावी ढंग से कम कर सकती हैं। जब रामगोपाल का आवेदन स्वीकृत हुआ, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्हें अपने परिवार के लिए एक पक्का घर बनाने के लिए एक लाख रुपये की पर्याप्त राशि मिली। रामगोपाल के जीवन भर के संघर्ष को तब और गहरा अर्थ मिला जब उनकी बहू ने सुरक्षित वातावरण में रहने के अवसर के लिए खुशी और श्री विष्णु देव सरकार का आभार व्यक्त किया।
- -संस्कृति स्वसहायता समूह चला रही कैंटीन, चिला, फरा, ठेठरी, खुरमी भी यहां उपलब्ध-लाइब्रेरी आए उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने भी लिया यहां के फरा-चटनी का स्वाद, सैंडविच के साथ चाय भी पीरायपुर.।राजधानी रायपुर के तक्षशिला स्मार्ट रीडिंग जोन एवं लाइब्रेरी में पढ़ाई करने आने वाले युवाओं को चाय-कॉफी, नाश्ता और भोजन के लिए बाहर निकलने की जरूरत नहीं पड़ती। संस्कृति स्वसहायता समूह द्वारा यहां संचालित कैंटीन में सभी कुछ मौजूद है। मंगलवार को तक्षशिला लाइब्रेरी की व्यवस्था देखने आए उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने भी युवाओं से चर्चा करते यहां के फरा-चटनी, सैंडविच और कुल्हड़ में चाय का स्वाद लिया। उन्होंने इनके स्वाद की तारीफ भी की।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने तक्षशिला लाइब्रेरी की व्यवस्थाओं के साथ ही यहां स्वसहायता समूह द्वारा संचालित कैंटीन के इंतजाम का भी जायजा लिया। उन्होंने समूह की महिलाओं से चर्चा कर यहां बनाए जाने वाले व्यंजनों, उनकी बिक्री और आमदनी की जानकारी ली। रायपुर नगर निगम द्वारा दीनदयाल अंत्योदय योजना - राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (DAY-NULM) के तहत समूह को यहां कैंटीन के संचालन के लिए जगह उपलब्ध कराई गई है। इससे जहां स्थानीय महिलाओं को रोजगार मिल रहा है, वहीं लाइब्रेरी में पढ़ने आने वाले युवाओं को कम दरों पर चाय-कॉफी, नाश्ता और भोजन सुलभ हो रहा है।उप मुख्यमंत्री श्री साव को संस्कृति स्वसहायता समूह की अध्यक्ष श्रीमती रोशनी सोनी ने बताया कि अप्रैल-2024 से समूह द्वारा तक्षशिला लाइब्रेरी में कैंटीन का संचालन किया जा रहा है। यहां चिला, फरा, ठेठरी, खुरमी जैसे छत्तीसगढ़ी व्यंजनों के साथ ही मैगी, सैंडविच, दाल, चांवल, रोटी इत्यादि बनाया जाता है। वे टिफिन सर्विस भी दे रही हैं। उन्होंने बताया कि सभी खर्चों की कटौती के बाद समूह को हर महीने 35-40 हजार रुपए की आमदनी हो रही है।
- -सीएम कैंप कार्यालय ने की त्वरित कार्यवाही, मुख्यमंत्री का जताया आभाररायपुर / कर्नाटक के मंगलुरु में बोट से गिरने के कारण से हुई दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में तपकरा के ग्राम सूंडरु निवासी संजय की मृत्यु हो गई। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने त्वरित पहल करते हुए जिला प्रशासन को निर्देशित किया। मृतक संजय के परिजनों ने दुर्घटना के बाद मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया से मदद मांगी थी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर जिला प्रशासन ने तत्परता दिखाई और शव को उनके गृह स्थान सूंडरु पहुंचाया गया।इस कठिन समय में मुख्यमंत्री साय की मदद से परिजनों को संबल मिला। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन पर जिला प्रशासन की तत्परता की सराहना करते हुए परिजनों ने आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की इस पहल से साबित होता है कि वे हर नागरिक के दुख-दर्द में सहभागी बन रहे हैं और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए तत्पर हैं।मंगलुरु थाना साउथ पुलिस स्टेशन, जिला दक्षिण कन्नड़ में संजय की मृत्यु के बाद उनका शव को हवाई जहाज के माध्यम से कल शाम रांची लाया गया। इसके बाद ’1099 मुक्तांजलि’ शव वाहन की मदद से मृतक संजय का शव उनके गृह ग्राम आज सुबह 5 बजे सूंडरु पहुंचाया गया।
- रायपुर / वाणिज्य, उद्योग, श्रम मंत्री एवं खैरागढ़ जिले के प्रभारी मंत्री श्री लखन लाल देवांगन गुरूवार 10 अक्टूबर को सबेरे 10 बजे शंकर नगर रायपुर स्थित निवास से खैरागढ़ के लिए रवाना होकर दोपहर 12 बजे खैरागढ़ पहुंचेंगे। वे वहां 12.15 बजे कलेक्टोरेट परिसर खैरागढ़ में छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति का लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होंगे। तत्पश्चात प्रभारी मंत्री श्री देवांगन अपरान्ह 12.30 बजे मुख्य मार्ग सिविल लाईन खैरागढ़ में पूर्व सांसद स्वर्गीय श्री देवव्रत सिंह के मूर्ति का अनावरण कार्यक्रम में शामिल होंगे। कैबिनेट मंत्री दोपहर 2.00 बजे विकासखण्ड खैरागढ़ के अंतर्गत ग्राम पंचायत सिघोरी में आवास मेला सह जिला स्तरीय शिविर में शामिल होंगे। प्रभारी श्री देवांगन अपरान्ह 3.00 बजे सिघोरी से प्रस्थान कर शाम 5 बजे राजधानी रायपुर लौट आएंगे।
- रायपुर /किशोर न्याय बालकों की देखरेख और संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों के तहत गठित राज्य बाल संरक्षण समिति की कार्यकारिणी एवं राज्य बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग एवं पदेन अध्यक्ष राज्य बाल संरक्षण समिति श्रीमती शम्मी आबिदी की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में सम्पन्न हुई।सचिव महिला एवं बाल विकास द्वारा बैठक में बाल संरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर एवं विभिन्न विभागों के साथ समन्वय पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में संचालक महिला एवं बाल विकास श्रीमती तुलिका प्रजापति एवं अन्य सहयोगी विभागों गृह विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, समाज कल्याण विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, वित्त विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, तकनीकी शिक्षा विभाग, पुलिस विभाग, राज्य विधिक सहायता प्राधिकरण, रेलवे एवं एनआईसी आदि विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।बैठक में सर्वाेच्च न्यायालय में विभिन्न महत्वपूर्ण प्रकरणों में समयबद्ध कार्यवाही हेतु रणनीति, बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान एवं मिशन वात्सल्य के तहत की गई गतिविधियों व कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। सर्वाेच्च न्यायालय के आदेश के परिपालन में मुख्य सचिव द्वारा भी विधि विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा गृह विभाग व अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक ली गई थी।बैठक में सर्वाेच्च न्यायालय के आदेश एवं मुख्य सचिव द्वारा दिये गये निर्देशानुसार सचिव, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा राज्य बाल संरक्षण समिति की बैठक में लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम-2012, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण नियम-2020 एवं किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 यथासंशोधित अधिनियम-2021 तथा नियम 2016 यथासंशोधित नियम-2022 के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। अधिनियम और नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये। इस संबंध में गृह विभाग को सभी जिलों में लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम-2012 की धारा 19 (6) का पालन सुनिश्चित किये जाने हेतु निर्देश प्रसारित करने, पीड़ित को क्षतिपूर्ति योजना के अंतर्गत मुआवजा दिलाने हेतु पर्याप्त राशि बजट उपलब्ध कराने एवं पीड़ितांे को शीघ्र क्षतिपूर्ति उपलब्ध कराने, शिक्षा विभाग द्वारा पीड़ित बालक/बालिकाओं की शिक्षा की निरंतरता बनाये रखने के लिए आवश्यक प्रयास करने और कौशल प्रशिक्षण हेतु कौशल विकास प्राधिकरण द्वारा जिला बाल संरक्षण इकाई से समन्वय कर संबंधितों को रोजगार मूलक प्रशिक्षण देने निर्देशित किया गया।भारत शासन के निर्देशानुसार राज्य के 20 जिलें जहां विशेषीकृत दत्तक ग्रहण अभिकरण संचालित नहीं थे, उन जिलों में जिला प्रशासन को बच्चों की क्षमता की विशेषीकृत दत्तक ग्रहण एजेंसी संचालित करने की स्वीकृति एवं प्रावधिक पंजीयन कर संचालन की जानकारी दी गई। इसी तरह से उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के परिपालन में विभाग द्वारा बाल देखरेख संस्थाओं की निगरानी एवं अनुश्रवण हेतु राज्य स्तरीय निरीक्षण समिति, जिला स्तरीय निरीक्षण समिति के साथ-साथ समितियों में नामांकित सिविल सोसाईटी के प्रख्यात व्यक्तियों को विजिटर के रूप में नामांकित किये जाने की जानकारी दी गई। सचिव द्वारा निरीक्षण प्रतिवेदनों पर समयबद्ध कार्यवाही करने के निर्देश दिये गए है।महिला बाल विकास सचिव ने योजनाओं का नियमित अनुश्रवण करने, हितलाभ समय-सीमा में पीड़ितों को प्राप्त हो सके, इसके लिए तंत्र विकसित करने के निर्देश दिये गये। पॉक्सो अधिनियम एवं किशोर न्याय अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु समस्त बाल कल्याण समितियों को दोनो अधिनियमों की प्रासंगिक धाराओं एवं प्रावधानों के अनुरूप त्वरित कार्यवाही करने के लिए निर्देशित करने के निर्देश दिये है।छत्तीसगढ़ राज्य को बाल विवाह मुक्त करने हेतु 10 मार्च 2024 को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का शुभारंभ किया गया। बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के लिये विभिन्न विभागों के साथ चर्चा कर रणनीति तैयार की गई है तथा इसे सभी संबंधित विभागों एवं समस्त जिला कलेक्टर को प्रभावी क्रियान्वयन किया जाना है। राज्य में वित्तीय वर्ष 2023-24 में 161 तथा वर्ष 2024-25 में 167 बाल विवाह रोके गये। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु ग्राम पंचायत स्तर तक बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी अधिसूचित किये जाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन होने के संबंध में समिति को अवगत कराया गया। सचिव द्वारा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को शीघ्र सहमति देने तथा सभी विभागों को बाल विवाह की रोकथाम के लिए राज्य स्तर से अधीनस्थ अमलों के लिए निर्देश जारी करने एवं शालाओं में हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्ड्री के छात्रों की विशेष काउंसलिंग के निर्देश दिये गए हैं। समिति की बैठक में राज्य बाल संरक्षण समिति अंतर्गत ऑडिट रिपोर्ट 2023-24 व लेखाओं का प्रस्तुतीकरण किया गया, जिस पर समिति द्वारा अनुमोदन दिया गया। उपस्थित सदस्यों को राज्य में बाल संरक्षण व बच्चों के सर्वोंत्तम हित में किए जा रहे कार्यों तथा प्रयासों की जानकारी दी गई। सभी सहयोगी विभागों से सहयोग एवं समन्वय के बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
- -सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने की विभागीय समीक्षा-छत्तीसगढ़ में चार नवीन जिला सहकारी बैंक के गठन की प्रक्रिया प्रारंम्भ-राज्य के 8.36 लाख से अधिक किसानों को रूपे किसान क्रेडिट कार्ड जारीरायपुर / वन एवं जलवायु परिवर्तन, जलसंसाधन, कौशल विकास और सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप आज सिविल लाईन रायपुर स्थित न्यू-सर्किट हाउस, मिनी कॉन्फ्रेंस हॉल में ‘सहकार से समृद्धि’ विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में शामिल हुए। कार्यशाला में केंद्र सरकार, सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा ‘सहकार से समृद्धि’ विषय पर की गई पहल के अंतर्गत राज्य में किए जा रहे विभिन्न कार्यों के विषयों पर आयोजित की गई। गौरतलब है कि सहकारी बैंक द्वारा 8 लाख 36 हजार 597 किसानों को रूपे किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए गए। इस अवसर पर सहकारिता मंत्री श्री कश्यप ने 5 किसानों को प्रतिकात्मक रूप से रूपे किसान क्रेडिट कार्ड और श्रीमती नीलम चौहान को अनुकम्पा नियुक्ति पत्र प्रदान किया।विभागीय समीक्षा बैठक में सहकारिता मंत्री श्री कश्यप ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि आगामी 6 माह में 2000 पैक्स, मछुआ समिति, लघुवनोपज समिति तथा दुग्ध समितियों का गठन किया जाना है। इसके लिए मल्टी फंक्शनल सोसाइटियों के मॉडल बायलॉज तथा समयबद्व कार्ययोजना बनाई जाए। अधिकारियों ने बताया कि विश्व की सबसे बड़ी विकेन्द्रीकृत अन्न भण्डारण योजना अंतर्गत भारत सरकार द्वारा आरआईडीएफ के तहत 200 मीट्रिक टन क्षमता के 725 पैक्स गोदामांे में से 587 गोदाम निर्माण पूर्ण हो चुका है। शेष गोदामों का निर्माण नवंबर माह तक पूर्ण करा लिया जाएगा, इससे छत्तीसगढ़ में 1.45 लाख मीट्रिक टन भंडारण क्षमता में वृद्धि होगी। सहकारिता मंत्री ने मछुआ सहकारी समितियों की नीतियों में सुधार के लिए निर्देशित किया कि छत्तीसगढ़ के मछुवारों को मछली विक्रय का लाभ सीधे मिल सके एवं उनका हित सुरक्षित रहे। छत्तीसगढ़ में सहकारी समितियों के अधीन 42 प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र अक्टूबर माह के अंत तक खोलने के निर्देश दिए, जिससे लोगों को सस्ती जेनेरिक दवाई मिल सकेगी। बैठक में अम्बिकापुर तथा जगदलपुर के सभी पैक्स में माइक्रो एटीएम को एक्टिव रखने कहा गया। जिससे आगामी धान खरीदी में किसानों को राशि आहरण में सुविधा हो। डेयरी समितियों तथा मछुआ समितियों को माइक्रो एटीएम दिया जाए।सहकारिता मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि पैक्स कंप्यूटराईजेशन मॉड्यूल किसानों के लिए उपयोगी होना चाहिए। मनेन्द्रगढ़, कोरिया, कोंडागांव, सरगुजा, सारगढ़ तथा बलौदाबाजार जिले के पैक्स कंप्यूटराईजेशन की प्रक्रिया में तेजी लाने कहा गया। बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि रिजर्व बैंक तथा नाबार्ड के मापदंडों का अनुपालन करते हुए छत्तीसगढ़ में चार नवीन जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के गठन की प्रक्रिया आरम्भ कर दी गई है। महासमुंद तथा गरियाबन्द को मिलाकर नवीन बैंक, जांजगीर-चाम्पा, कोरबा तथा शक्ति को मिलाकर एक नवीन बैंक, कांकेर तथा नारायणपुर को मिलाकर नवीन सहकारी बैंक एवं रायगढ़, जशपुर व सारंगढ़ मिलाकर नवीन जिला सहकारी केंद्रीय बैंक खोली जाएगी।सचिव सहकारिता डॉ. सी. आर. प्रसन्ना ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 2058 पैक्स में 1738 कॉमन सर्विस सेंटर एक्टिवेट किया गया है। इन कॉमन सर्विस सेंटरों से सहकारी समितियों के 16 लाख ऋणी सदस्यों को जोड़ा जाएगा। डेयरी तथा मछुआ समितियों का खाता को-आपरेटिव्ह बैंकों में खोला जाए। बैठक में भारतीय बीज सहकारी समिति की सदस्यता की स्थिति, राष्ट्रीय सहकारी निर्यात समिति की सदस्यता, राष्ट्रीय सहकारी जैविक समिति की सदस्यता तथा प्रधानमंत्री उज्जवला योजना अंतर्गत एलपीजी वितरण पैक्स की गहन समीक्षा की गई।इस अवसर पर सचिव सहकारिता डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, पंजीयक सहकारी संस्थाएं श्री कुलदीप शर्मा, प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ वनोपज संघ श्री अनिल कुमार साहू, कार्यकारी संचालक वनोपज श्री मणिवासगन, प्रबंध संचालक अपेक्स बैंक श्री के.एन. काण्डे, अपर संचालक पंजीयक सहकारी संस्थाएं श्री एच.के. दोशी, महाप्रबंधक नाबार्ड श्री शतांषु शेखर, अपर पंजीयक सहकारी संस्थाएं श्री एच.के. नागदेव सहित मत्स्य, पशुपालन और सहकारिता विभाग, लघु वनोपज, नाबार्ड, एनसीडीसी तथा जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

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