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- -उप मुख्यमंत्री तथा कांकेर जिले के प्रभारी मंत्री श्री साव ने योजनाओं के क्रियान्वयन और विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की-अधिकारियों को सद्व्यवहार, टीम वर्क और समयबद्ध तरीके से जिम्मेदारी निभाने के दिए निर्देशरायपुर.। उप मुख्यमंत्री तथा कांकेर जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव ने आज कांकेर जिला मुख्यालय में अधिकारियों की बैठक लेकर शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने बैठक में अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि कांकेर जिला संसाधन और साधन सम्पन्न जिला है, जिसका सुव्यवस्थित विकास आप सबकी महती जिम्मेदारी है। जनप्रतिनिधि हो या प्रशासनिक अधिकारी, सबका एक ही लक्ष्य होना चाहिए कि शासन की योजनाओं का अधिकाधिक लाभ नागरिकों तक पहुंचे। आप लोग अपनी क्षमता और कार्य-शैली का श्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए अपने सद्व्यवहार, टीम वर्क और समयबद्धता से बेहतर उदाहरण प्रस्तुत करें। कांकेर के सांसद श्री भोजराज नाग, अंतागढ़ के विधायक श्री विक्रम देव उसेंडी और कांकेर के विधायक श्री आशाराम नेताम भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने समीक्षा बैठक में कहा कि सभी लोक सेवकों को ईश्वर ने लोगों की सेवा का सुअवसर दिया है। उनकी अपेक्षाओं और आकांक्षाओं पर खरे उतरना प्रशासनिक ही नहीं, नैतिक जिम्मेदारी भी है। जल जीवन मिशन के तहत प्रत्येक व्यक्ति को शुद्ध पेयजल मिले, यह सुनिश्चित करें। लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत सड़कों और पुल-पुलियों के काम पूर्ण गुणवत्ता के साथ पूरा करें। श्री साव ने राजस्व विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि राजस्व अधिकारी न्यायालयीन प्रकरणों का नियमित निपटारा करने अनिवार्यतः समय दें। इसके लिए सकारात्मक कार्य-शैली अपनाते हुए समयबद्ध तरीके से विभागीय दायित्वों का निर्वहन करें। अन्नदाता किसानों को भटकना न पड़े, इसके लिए जनाकांक्षाओं पर खरा उतरने का हरसंभव प्रयास करें।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे स्वास्थ्य सेवाओं, सुविधाओं, चिकित्सकों एवं आवश्यक दवाओं की समय पर मौजूदगी की जमीनी हकीकत जानने नियमित और सघन मॉनिटरिंग करें। उन्होंने नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों को वर्तमान में संचालित ‘स्वच्छता ही सेवा’ पखवाड़ा की मैदानी स्थिति जानने नगरीय निकायों का जायजा लेने को कहा। अधिकारी पूरे शहर की सुविधाओं और समस्याओं की चिंता करें। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों से कहा कि वे प्राकृतिक साधनों से परिपूर्ण कांकेर जिले को अग्रणी बनाने और यहां के लोगों के लिए सुविधाएं विकसित करने हरसंभव सार्थक प्रयास करें।समीक्षा बैठक में कांकेर के कलेक्टर श्री निलेश महादेव क्षीरसागर ने एजेंडावार पंचायत एवं ग्रामीण विकास, लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, स्वास्थ्य, स्कूल शिक्षा, आदिवासी विकास विभाग, समाज कल्याण, जल संसाधन, महिला एवं बाल विकास, कृषि, पशुधन विकास, मछलीपालन और खाद्य विभाग सहित अन्य विभागों द्वारा संचालित योजनाओं और गतिविधियों की जानकारी दी। कांकेर जिला पंचायत के अध्यक्ष श्री हेमंत ध्रुव, पूर्व सांसद श्री मोहन मंडावी, पुलिस अधीक्षक श्री इंदिरा कल्याण एलेसेला, जिला पंचायत के सीईओ श्री सुमित अग्रवाल और डीएफओ श्री आलोक वाजपेयी सहित सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।
- -ए.के.एस. स्मार्ट सिटी में स्वीमिंग पुल और क्लब हाउस नहीं बनाने के कारण दिया गया आदेशरायपुर / छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) द्वारा रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता तथा उपभोक्ताओं हितों की रक्षा और विवादो के शीघ्र निपटान के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। इसी तारतम्य में रेरा प्राधिकरण द्वारा ए.के.एस. स्मार्ट सिटी ग्राम पाहंदा जिला-दुर्ग के रहवासियों और आबंटितियों के पक्ष में ऐतिहासिक निर्णय करते हुए संप्रर्वतक-बिल्डर ए. के. एस. इंन्फॉटेक को अपने प्रोजेक्ट के प्रचार-प्रसार विक्रय के लिए तैयार किये गये ब्रोशर विवरण अनुसार स्वीमिंग पुल और क्लब हाउस नहीं बनाने के कारण रहवासियों के सोसायटी के पक्ष में स्वीमिंग पुल की लागत 25 लाख 17 हजार 400 रूपये तथा क्लब हाउस की लागत 50 लाख 09 हजार कुल 75 लाख 26 हजार 400 रूपये 45 दिन के भीतर फिक्स डिपॉजिट करने का आदेश पारित किया गया है।श्रीमती अनिता देवी, श्रीमती स्वाति केसरी और श्री शशिकांत भुआल सभी निवासी ए.के.एस. स्मार्ट सिटी पाहंदा ने छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) के समक्ष अधिनियम की धारा 31 के अंतर्गत मई 2024 में शिकायत प्रस्तुत किया कि उनके द्वारा ए.के.एस. स्मार्ट सिटी में वर्ष 2019 में प्लॉट क्रय किया गया था जिसमें बिल्डर द्वारा मूलभूत सुविधा जिसमें स्वीमिंग पुल और क्लब हाउस भी है की सुविधा प्रदान करने का उल्लेख किया गया था। बिल्डर द्वारा प्रोजेक्ट में विकास कार्य करते हुए अनुविभागीय अधिकारी पाटन से दिनांक 07.08.2020 को पूर्णता प्रमाण पत्र प्राप्त किया गया परन्तु उनके द्वारा अपने ब्रोशर अनुसार कॉलोनी में स्वीमिंग पुल और क्लब हाउस नहीं बनाया गया है।रेरा प्राधिकरण द्वारा इस शिकायत को गंभीरता पूर्वक लेते हुए चार माह के भीतर सुनवाई कर आदेश पारित किया गया जिसमें रहवासी सोसायटी के पक्ष में कुल 75,26,400 रूपये जमा करने हेतु बिल्डर को निर्देशित किया गया है। छत्तीसगढ़ में रेरा प्राधिकरण के गठन के उपरांत रियल एस्टेट सेक्टर में आंबटितियों और प्रमोटरों के शिकायतों का तत्परता पूर्वक निराकरण के प्रयास किये जा रहे है तथा विवाद शीघ्रता पूर्वक निपटाये जा रहें है। अब तक कुल 2370 प्रकरणों का निराकरण रेरा प्राधिकरण के द्वारा किया जा चुका है।आम नागरिकों को कोई भी भूमि अथवा घर रेरा रजिस्टर्ड प्रोजेक्ट में ही खरीदना चाहिए जिससे की उनके हितों की रक्षा हो सके। घर या प्लॉट खरीदने से पहले केताओं को छ.ग. रेरा की वेबसाइट https://rera.cgstate.gov.in/ का अवलोकन अवश्य करना चाहिए वहां सभी रजिस्टर्ड प्रोजेक्ट की जानकारी निःशुल्क उपलब्ध है।
- रायपुर,। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन में दूरस्थ अंचल के लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिल रहा है। हर एक व्यक्ति का सपना होता है कि उनका अपना एक पक्का मकान हो, जिसे पूरा करने के लिए वह आजीवन परिश्रम करता है लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति के लिए स्वयं का पक्का मकान बना पाना एक सपने ही रह जाता है। ऐसे में उनके सपने साकार प्रधानमंत्री आवास योजना कर रहा है।प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत् जशपुर जिले के हितग्राहियों को लाभान्वित हो रहे है। इनमें दिसम्बर 2023 से 22 सितम्बर 2024 तक कुल 10 हजार 706 हितग्राहियों का आवास निर्माण कराया जा चुका है।ऐसी ही एक कहानी जशपुर जिले के जनपद पंचायत मनोरा के ग्राम पंचायत करदना (छतौरी) के हितग्राही श्रीमती करमी बाई का है, जो राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहलाने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा से हैं। ये जनजाति ज्यादातर घने जंगलो में पेड़, पत्ते एवं छाल से झोपड़ी बनाकर निवास करते थे जिन्हें बरसात के मौसम में टपकते छत एवं सांप-बिच्छू की समस्या रहती थी। जिसके कारण उन्हें जीवन-यापन करना एक चुनौती थी। इनके लिए प्रधानमंत्री आवास योजना एक वरदान साबित हुई है। मुख्यमंत्री के सार्थक प्रयास से विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा के सपने भी पूरे हो रहे हैं। हितग्राही ने पक्का मकान मिलने से मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया है।
- रायपुर / प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग और श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन मंगलवार 24 सितम्बर को कोरबा शहर के विभिन्न वार्डों में विकास कार्यों का भूमिपूजन करेंगे।इनमें वार्ड क्रमांक 01 सर्वमंगला पारा में शेड निर्माण कार्य लागत 5 लाख रूपए, वार्ड क्रमांक 08 इमलीडुग्गू में सीसी रोड एवं नाली निर्माण कार्य लागत 7 लाख रूपए, वार्ड क्रमांक 10 कुम्हार मोहल्ला और शनि मंदिर के पास सीसी रोड व नाली निर्माण कार्य लागत 6 लाख रूपए, वार्ड क्रमांक 11 पानी टंकी के पीछे नर्सरी नगर में बाउंड्रीवाल एवं गार्डन का निर्माण कार्य लागत 5 लाख रूपए, वार्ड क्रमांक 12 अटल आवास शारदा विहार में सीसी रोड निर्माण कार्य लागत 5 लाख रूपए के कुल 28 लाख के कार्यों का भूमिपूजन मंत्री श्री देवांगन करेंगे। इसी तरह वार्ड क्रमांक 08 इमलीडुग्गू बाईपास संतोषी मंदिर गली में दोपहर 3 बजे आयोजित कार्यक्रम में सभी कार्यों का भूमिपूजन मंत्री श्री देवांगन करेंगे।
- रायपुर। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत भारत सरकार द्वारा प्रवर्तित उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत अंतर्विभागीय समन्वय समिति की बैठक आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में शिक्षा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।श्री परदेशी ने बताया कि उल्लास कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन हेतु अंतर्विभागीय समन्वय समिति का गठन किया गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की अनुशंसा के अनुसार भारत सरकार द्वारा केन्द्र प्रवर्तित उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम प्रदेश में स्वीकृत किया गया है। इसके तहत प्रौढ़ शिक्षा एवं जीवंत पर्यांत शिक्षा प्रमुखता से शामिल किया गया है। प्रौढ़ शिक्षा के नाम के स्थान पर अब सबके लिए शिक्षा रखा गया है। कार्यक्रम के तहत 15 वर्ष से अधिक उम्र के असाक्षरों को शामिल किए जाने का लक्ष्य है। इस कार्यक्रम में स्वयंसेवी आधारित मानदेय का प्रावधान नही है। एक लाख स्वयंसेवी शिक्षकों का चिन्हांकन असाक्षरों को साक्षर बनाने के लिए लक्ष्य निर्धारित किया गया है।स्वयंसेवी कॉलेज, स्कूल के छात्र-छात्राएं, युवा, महिला, डीएड-बीएड के विद्यार्थी एवं अन्य कोई भी स्वयंसेवी शिक्षक बन सकते है। उल्लास कार्यक्रम के तहत राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के अध्यक्ष मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय है। माननीय मुख्यमंत्री द्वारा पिछले 8 सितंबर 2024 को उल्लास साक्षर केन्द्रों का वर्चुअल शुभारंभ कर दिया गया है। उल्लास केन्द्रों में शिक्षार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थित, नवाचारी गतिविधियों से अध्ययन-अध्यापन की प्रक्रिया सुनिश्चित की जा रही है। उल्लास साक्षरता केन्द्रों के लिए शासकीय भवनों का उपयोग किया जाएगा। सभी विभागों से अपेक्षा की गई है कि वे अपने विभाग के अतर्गत संचालित योजनाओं के हितग्राहियों को शत-प्रतिशत साक्षर करने की जिम्मेदारी लें।इस कार्यक्रम के प्रमुख घटकों में बुनयादी शिक्षा, जीवन कौशल, डिजिटल साक्षरता, वित्तीय साक्षरता, कानूनी साक्षरता, मतदान साक्षरता व स्वास्थ्य, स्वच्छता, व्यावसायिक कौशल, बुनियादी शिक्षा एवं सतत् शिक्षा शामिल है। इस कार्यक्रम में राज्य शासन के सभी विभागों का सहयोग जरूरी है। बैठक में बताया गया कि शहरी क्षेत्रों में नगरीय निकाय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में, पंचायत राज संस्थाओं के माध्यम से इस कार्यक्रम का क्रियान्वयन किया जाएगा। प्रदेश में वर्ष 2030 तक शत-प्रतिशत साक्षरता के लक्ष्य को प्राप्त कर लिया जाएगा। इस वर्ष करीब 10 लाख असाक्षरों को साक्षर किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। बैठक में उल्लास कार्यक्रम के राज्य नोडल अधिकारी श्री प्रशांत पांडेय ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया। बैठक में उल्लास कार्यक्रम के तहत ग्राम सभाओं में उल्लास शपथ दिलाने और छत्तीसगढ़ की विशेष पिछड़ी जनजातियों में साक्षरता के लिए विशेष रणनीति बनायी जाएगी।बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग की उप सचिव फरिहा आलम सिद्धीकी सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, नगरीय प्रशासन, उच्च शिक्षा, आदिम जाति विकास, वित्त, महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, समाज कल्याण, श्रम, उद्योग, वन एवं जलवायु परिवर्तन, कृषि एवं पशुपालन, जनसम्पर्क, सहकारिता, जल संसाधन, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, परिवहन, कौशल विकास, खेल एवं युवा कल्याण विभाग, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिक एवं विधि एवं विधायी कार्य विभाग और महासमुंद, राजनांदगांव, कांकेर, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा के जिला परियोजना अधिकारी और राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण, लोक शिक्षण संचालनालय, एससीईआरटी और शिक्षा विभाग के अधिकारी तथा अन्य अधिकारी शामिल हुए।
- -बिरहोर समुदाय के मंगलू को अब तेज आंधी बारिश में छत के उड़ जाने का नहीं रहा डररायपुर, / बारिश का मौसम आते ही जंगल में निवास करने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के मंगलू बिरहोर की परेशानी बढ़ जाती थी। वह हर बारिश और तूफान में यही मिन्नते करता था कि हे भगवान...इस बार ज्यादा बारिश न हो..ज्यादा तूफान न चले..ताकि घास-फूस का बना उनका आशियाना सुरक्षित रहे..। अपने आशियाने के उजड़ जाने को लेकर हर साल बारिश और तूफान के मौसम में तनाव में रहने वाले मंगलू बिरहोर ने ऐसे कई साल कठिनाइयों में भी गुजारे..क्योंकि बारिश और तूफानों के आगे उनकी मिन्नते काम न आई। तेज बारिश से घर का कोना-कोना भीगता रहा तो कभी तेज हवाओं से घास-फूस से बने घर की छत उजड़ते रहे और वह हर बार जंगल जाता और घासफूस लाकर बहुत ही संघर्ष से अपना आशियाना बनाता रहा। साल दर साल वह सिर्फ वह मेहनत मजदूरी से घर का खर्च चलाने रुपये ही जुटा पाया लेकिन अपने मकान को खपरैल वाले एक अच्छे घर में भी तब्दील नहीं कर पाया। उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि एक दिन वह पक्के मकान में भी रहेगा, लेकिन अब जब पीएम जनमन से पक्का मकान बनकर तैयार हो गया है और मंगलू परिवार सहित उसमे रहने लगा है तो उनका और उनके परिवार की खुशियां पक्के मकान के भीतर से लेकर जंगल तक नजर आने लगी है।विशेष पिछड़ी जनजाति का दर्जा प्राप्त सरंक्षित जनजाति, जिनका मुख्यतः निवास शहर से दूर पहाड़ों, वनांचलों में मिट्टी, खपरैल व घास फूस से बना होता है, जो सामाजिक व आर्थिक रूप से इतने सशक्त नहीं है कि वे अपने लिए पक्की छत की व्यवस्था कर सकें, रोजी मजदूरी करके जीवन यापन करने वाले ऐसे समुदाय के लोग केवल अपना गुजारा ही कर पाते है, परंतु पक्के आवास निर्माण की सोच में ही उनकी पूरी उम्र गुजर जाती है। योजनांतर्गत पाली विकासखण्ड के ग्राम पंचायत भण्डारखोल में निवासरत बिरहोर जनजाति के मंगलू राम के पक्के आवास का सपना सच हुआ है। मंगलू को अब तेज आंधी तूफान में छत के उड़ जाने, बारिश में पानी टपकने या दीवारों के ढहने का डर नहीं रहता, न ही उसे जहरीले सांप और बिच्छू के घर में घुसने का चिंता रही। अब वह अपनी माँ और बीवी बच्चों के साथ निश्चिंत होकर नए घर मे जीवन निर्वाह कर रहा है। मंगलू ने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए पीएम जनमन आवास योजना बहुत ही फायदेमंद है। योजना से उनके जैसे अनेक पिछड़े परिवारों का खुद के पक्के घर का सपना पूरा हो रहा है।मंगलू राम ने बताया कि वर्ष 2023-24 में आवास निर्माण की स्वीकृति मिलने के साथ ही उसने उत्साहपूर्वक घर बनाने का काम प्रारंभ किया, काम आगे बढ़ने के साथ ही किश्त की राशि भी उसके खाते में समय-समय पर आती रही। देखते ही देखते उसका आवास पूर्ण हो गया एवं अब उनका परिवार अपने नए घर में खुशी-खुशी रह रहे हैं। मंगलू राम ने बताया कि पीएम आवास बनने के बाद उसके जीवन स्तर में सुधार के साथ ही उसके बेहतर जिंदगी गुजारने का सपना साकार हुआ है। साथ ही वह सरकार की अन्य योजनाओं का लाभ लेकर उसका परिवार आर्थिक रूप से मजबूत बन रहा है और अपने अच्छे भविष्य के लिए आशावान है। मंगलू राम ने आर्थिक रूप से कमजोर समुदाय के लोगों के हितों को ध्यान में रखकर उनके सामाजिक उत्थान के लिए चलाए जा रहे इन कल्याणकारी योजनाओं के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।
- -पंडित दीनदयाल उपाध्याय की मूर्ति का किया अनावरण-पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद के मार्ग पर चल रही है छत्तीसगढ़ सरकार - अरुण सावरायपुर.। उप मुख्यमंत्री तथा कांकेर जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव ने आज चारामा में 35 करोड़ 56 लाख 68 हजार रुपए लागत के 16 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। इनमें 15 करोड़ 84 लाख 40 हजार रुपए के चार निर्माण कार्यों का भूमिपूजन और 19 करोड़ 72 लाख 28 हजार रुपए के विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण शामिल हैं। कांकेर के सांसद श्री भोजराज नाग और विधायकगण सर्वश्री किरण देव सिंह, विक्रम देव उसेंडी और आशाराम नेताम भी लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कार्यक्रम में जल जीवन मिशन के तहत सिंगल विलेज नल जल प्रदाय योजनांतर्गत कांकेर विकासखण्ड के ग्राम बोरगांव, आंवराभाठ और माकड़ीसिंगराय तथा चारामा विकासखण्ड के भुईंगांव, तेलगरा, काटागांव, भोथा और रतेडीह में कुल 19 करोड़ 72 लाख 28 हजार रुपए लागत के 12 कार्यों का लोकार्पण किया। उन्होंने चारामा में पंडित दीनदयाय उपाध्याय की मूर्ति का अनावरण भी किया।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने चारामा में मुख्य मार्ग के पास आयोजित लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि एकात्म मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय के बताए मार्ग पर चलकर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की सरकार किसानों, जवानों और महिलाओं सहित सभी वर्गों का सतत् विकास कर रही है। शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर इन दिनों 'स्वच्छता ही सेवा’ अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नगर पंचायत चारामा के विकास के लिए नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा एक करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। विकास कार्यों के लिए राज्य सरकार के पास संसाधनों की कोई कमी नहीं है। कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री भोजराज नाग और जगदलपुर के विधायक श्री किरण देव सिंह ने भी नगरवासियों को संबोधित किया। पूर्व सांसद श्री मोहन मंडावी, चारामा नगर पंचायत के अध्यक्ष श्री प्यारेलाल देवांगन, उपाध्यक्ष श्रीमती केशर नागवंशी, मत्स्य विकास बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष श्री भरत मटियारा और स्थानीय पार्षदों सहित कलेक्टर श्री निलेश महादेव क्षीरसागर एवं जिला पंचायत के सीईओ श्री सुमित अग्रवाल भी कार्यक्रम में मौजूद थे।
- -स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने स्वशासी समिति बैठक में की निलंबन की घोषणा-पिछले तीन सालों में हुई खरीदी की होगी उच्च स्तरीय जांच-अस्पताल की जरूरतों के लिए दी 10 करोड़ की स्वीकृति-बैठक में मरीजों के हित में लिए गए कई महत्वपूर्ण निर्णयरायपुर / स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने एक बड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने सिम्स के डीन डॉ. केके सहारे और अस्पताल अधीक्षक डॉ. सुजीत नायक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर अस्पताल के संचालन में अव्यवस्था और कई तरह की गड़बड़ियों की शिकायतें हैं। स्वास्थ्य मंत्री आज सिम्स में स्वशासी समिति की बैठक में उन दोनों के निलंबन की घोषणा की। इसके साथ ही पिछले तीन सालों में हुई खरीदी की जांच के निर्देश भी दिए हैं। सिम्स अस्पताल के बेहतर संचालन के लिए स्वशासी समिति के सामान्य सभा की बैठक में आज कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में विधायक श्री धरमलाल कौशिक, श्री धर्मजीत सिंह, श्री दिलीप लहरिया, श्री सुशांत शुक्ला, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य श्री मनोज कुमार पिंगुआ सहित समिति के सदस्य और अधिकारी गण उपस्थित थे।बैठक में स्वास्थ्य मंत्री और स्वशासी समिति के अध्यक्ष श्याम बिहारी जायसवाल ने सख्त तेवर दिखाए। उन्होंने कहा की आम आदमी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा दिलाने के लिए राज्य सरकार वचनबद्ध है। इसमें आड़े आने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने उदारतापूर्वक सिम्स को बेहतर बनाने और उपकरणों के लिए 10 करोड़ रुपए की स्वीकृति भी दी। बैठक में स्वशासी खाते से कॉलेज के हिसाब किताब का ऑडिट करने के लिए डेढ़ लाख रुपए के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया सिम्स परिसर में विद्युत सब स्टेशन के एक नवीन एलटी पैनल स्थापित करने के लिए 42 लाख दिया गया। मेडिकल कॉलेज भवन के लिए एक डीजी सेट खरीदने की अनुमति भी दी गई। डीन और मेडिकल सुपरिंटेंडेंट के लिए नए वाहन प्रस्ताव का भी अनुमोदन किया गया। मेडिकल छात्रों के आने-जाने के लिए एक 52 सीटर बस करें करने की वित्तीय एवं प्रशासकीय मंजूरी दी गई। चिकित्सा कॉलेज में हिंदी मीडियम की पुस्तक खरीदने के लिए भी ₹5 लाख दिया गया। सिम्स छात्रावास में बेड खरीदने के लिए 14 लाख रुपए की राशि के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।बैठक में कहा गया की जेम पोर्टल से नियमानुसार इसकी खरीदी की जाए। कॉलेज के लिए सीसीटीवी रेफ्रिजरेटर बायोमेट्रिक मशीन फोटोकॉपी मशीन की खरीदी के प्रस्ताव का भी अनुमोदन किया गया। सिम्स अस्पताल के मलेरिया वार्ड में फाउल्लर मैट्रेस खरीदने कंसलटेंसी फीस कंप्यूटर सेट फोटोकॉपी मशीन सीसीटीवी कैमरा लगाने की हॉस्पिटल तैयार करने कंप्यूटर ऑपरेटर और स्टाफ नर्स तथा सफाई कर्मचारी की भर्ती के बारे में भी निर्णय लिया गया। इस अवसर पर चिकित्सा शिक्षा आयुक्त किरण कौशल, संभागायुक्त महादेव कावरे,स्वास्थ्य विभाग के संचालक ऋतुराज रघुवंशी ,सीजी एमएससी की प्रबंध संचालक पद्मिनी भोई, एनएचएम के प्रबंध संचालक डॉक्टर जगदीश सोनकर सहित स्वशासी समिति के सदस्य एवं अधिकारी उपस्थित थे।
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रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ में लोककला ‘नाचा‘ के जनक माने जाने वाले स्वर्गीय दाऊ दुलार सिंह मंदराजी की 24 सितंबर को पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया है। श्री साय ने कहा है कि दाऊ मंदराजी ने ‘नाचा‘ को पुनर्जीवित करने और उसे बचाए रखने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने गांवों के लोक कलाकारों को संगठित कर ’नाचा’ को एक नये मुकाम पर पहुंचाया। उन्होंने नाचा को सामाजिक कुरीतियों के प्रति जनचेतना जगाने के माध्यम के रूप में बखूबी उपयोग किया। श्री साय ने कहा कि दाऊ मंदराजी ने नाचा के जरिए छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को जीवंत रखा और उसे संरक्षित करने के लिए आजीवन लगे रहे। राज्य सरकार द्वारा कला के ऐसे सच्चे साधक के सम्मान और नाचा कला को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए लोक कला और शिल्प के क्षेत्र में दाऊ दुलार सिंह मंदराजी सम्मान दिया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि छत्तीसगढ़ी लोककला के संरक्षण में दाऊ जी के अमूल्य योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। आज भी उनका व्यक्तित्व और कृतित्व नई पीढ़ी को प्रेरणा देता है।
- कोंडागांव। राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर 01 नवंबर को खेल विभाग द्वारा राज्य के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को दिये जाने वाले गुण्डाधूर सम्मान व तीरंदाजी खिलाड़ियों हेतु महाराजा प्रवीरचंद्र भंजदेव सम्मान के लिए वर्ष 2024-25 में अनुशंसा आमंत्रित की गई है।खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा जानकारी दी गई है कि गुण्डाधूर सम्मान हेतु ऐसे खिलाड़ी पात्र होंगे जो वर्ष 2023-24 में सीनियर वर्ग की राष्ट्रीय चैम्पियनशिप या राष्ट्रीय खेलों में छत्तीसगढ़ की ओर से भाग लेते हुये पदक प्राप्त किया हो या अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व किया हो।इसी प्रकार महाराजा प्रवीरचंद्र भंजदेव सम्मान हेतु ऐसे खिलाड़ी पात्र होंगे जो वर्ष 2023-24 में तीरंदाजी की राष्ट्रीय चैम्पियनशिप सीनियर वर्ग या राष्ट्रीय खेलों में छत्तीसगढ़ की ओर भाग लेते हुये पदक प्राप्त किया हो या अंतर्राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व किया हो।सम्मान के लिए उन खिलाड़ियों की उपलब्धियों पर विचार किया जाएगा जो छत्तीसगढ़ के स्थानीय निवासी हैं। अनुशंसा प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 25 सितम्बर 2024 है। अधिक जानकारी विभागीय वेबसाईटhttp://sportsyw.cg.gov.in/ से प्राप्त कर सकते हैं।
- परखा भोजन की गुणवत्ता...परिसर की नियमित साफ-सफाई के दिए निर्देशकोरिया। कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी ने बालक आश्रम काशीपुर का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों के शयनकक्ष, शौचालय, किचन, स्टोर रूम तथा परिसर की साफ-सफाई का जायजा लिया। उन्होंने आश्रम के अधीक्षक से परिसर की नियमित साफ-सफाई करने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने किचन कक्ष में जाकर भोजन की गुणवत्ता की जांच पर भोजन का स्तर ठीक पाया। उन्होंने आश्रम के अधीक्षक को निर्देश देते हुए कहा कि बच्चों को मेन्यू के अनुरूप भोजन व नाश्ता समय पर उपलब्ध कराये।उन्होंने आश्रम के बच्चो से मुलाकात कर आश्रम में होने वाले पढ़ाई और उनके खाने के बारे मं जानकारी ली। कलेक्टर ने बच्चों को जीवन में आगे बढ़ने हेतु लक्ष्य लेकर अच्छी पढ़ाई करने को कहा। आश्रम के अध्यापक द्वारा आश्रम में पानी की उचित व्यवस्था कराने मांग किया गया। कलेक्टर ने क्रेडा के अधिकारी से सोलर पैनल और सोलर पंप तत्काल दुरुस्त कराने के निर्देश दिए।बता दें कि कलेक्टर के निर्देशानुसार जिला अधिकारियों द्वारा आश्रम/छात्रावास में रात्रिकालीन दौरा कर निरीक्षण किया जा रहा है।
- 31 अक्टूबर के पूर्व तमाम कार्य पूर्ण करने दिए निर्देश*केन्द्र एवं राज्य सहयोग से 200 करोड़ में बन रहा 10 मंजिला अत्याधुनिक अस्पताल*बिलासपुर/स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग के मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज सिम्स के विस्तार के रूप में कोनी में बन रहे मल्टी स्पेश्यालिटी हास्पिटल भवन का निरीक्षण किया। उन्होंने 31 अक्टूबर 2024 तक तमाम निर्माण, खरीदी एवं भर्ती के कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए ताकि राज्य स्थापना सप्ताह के दौरान इसका लोकार्पण किया जा सके। उन्होंने अस्पताल भवन एवं अब तक उपलब्ध की गई सुविधाओं का सूक्ष्मता से अवलोकन किया। उल्लेखनीय है कि केन्द्र एवं राज्य सरकार की संयुक्त वित्तीय भागीदारी से लगभग 200 करोड़ रूपये की लागत से इस अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है। छह गंभीर रोगों के मरीजों के इलाज के लिए इसमें 240 बेड की सुविधा है। विधायक श्री सुशांत शुक्ला, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ भी इस अवसर पर उपस्थित थे।नया मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल ग्राउण्ड फ्लोर सहित 10 मंजिलों में बना है। मंत्री ने सभी मंजिलों में बने सुविधाओं और मशीन उपकरणों का निरीक्षण किया। सिम्स के इस विस्तारित अस्पताल भवन में छह विशेषज्ञ वाले विभाग- नेफोलॉजी, यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी, सीटीव्हीएस, न्यूरोलॉजी और न्यूरो सर्जरी शामिल हैं। भवन का निर्माण केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग और उपकरणों की खरीदी केन्द्र सरकार की एजेन्सी हाईट्स द्वारा की जा रही है। श्री जायसवाल ने अस्पताल शुरू करने के पहले फॉयर ऑडिट और लिफ्ट की ऑडिट कराने लेने के निर्देश दिए। मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल के ग्राउण्ड फ्लोर में रेडियोलॉजी एवं केजुअल्टी की व्यवस्था है। पहले और दूसरे मंजिल में ओपीडी, तीसरी मंजिल में प्रशासनिक भवन, चौथी मंजिल में ऑपरेशन थियेटर और कैथलैब, पांचवी मंजिल में सर्विसेस के साथ छठवें से दसवें तक मेडिकल वार्ड होंगे। उन्होंने अस्पताल में ट्रायल शुरू करने के निर्देश दिए ताकि जो कमियां सामने आएंगी उन्हें समय रहते सुधारा जा सके। उन्होंने समीप में ही बन रहे कैंसर इंस्टीट्यूट भवन की भी जानकारी ली और मार्च तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि सिम्स का नया भवन भी इसी परिसर में बनेगा। राज्य सरकार द्वारा इसके लिए 700 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस अवसर पर कमिश्नर चिकित्सा शिक्षा श्रीमती किरण कौशल, संचालक स्वास्थ्य ऋतुराज रघुवंशी, एमडी सीजीएमएससी पद्मिनी भोई, एनएचएम के एमडी जगदीश सोनकर , नगर निगम आयुक्त श्री अमित कुमार सहित श्री रामदेव कुमावत और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
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रायपुर। ब्राह्मणपारा रायपुर स्थित श्री राधाकृष्ण स्वामी मुरली मनोहर सुहागा मंदिर प्रांगण में बन रहे धर्मशाला में सभाकक्ष निर्माण हेतु सुप्रसिद्ध स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रहे अंचल के विख्यात अधिवक्ता कमलनारायण शर्मा ग्राम परतेवा वाले की स्मृति में उनकी सुपुत्री श्रीमती सविता पाठक पत्नी डाक्टर विजय प्रकाश पाठक सुंदर नगर रायपुर ने शर्मा परिवार की ओर से पंद्रह लाख रुपए की दानराशि चेक द्वारा मंदिर जाकर ट्रस्ट कमेटी को प्रदान की।
मंदिर ट्रस्ट कमेटी श्रीमती सविता पाठक एवं डाक्टर विजय प्रकाश पाठक को उनके उदारता पूर्वक दिए गए इस अनुकरणीय सहयोग के लिए हृदय से आभार व्यक्त करते हुए उनके स्वस्थ खुशहाल एवं सुखमय जीवन की ईश्वर से प्रार्थना करती है। उल्लेखनीय है कि उनके द्वारा प्रदत्त यह दान सामाजिक कार्यों के लिए दी गई अब तक की सबसे बड़ी सहयोग राशि है। इस अवसर पर स्वर्गीय शर्मा के अनुज एडवोकेट श्री चंद्रप्रकाश शर्मा, दामाद डाक्टर विजय प्रकाश पाठक, स्व.शर्मा की पुत्रियां अरुणा चौबे, पद्मजा तिवारी, नाती प्रांशुल तिवारी एवं परिवार जन सतीश शर्मा , मुख्य अभियंता राजेश शर्मा, मंदिर ट्रस्ट कमेटी के अध्यक्ष श्री ज्ञानेश शर्मा ट्रस्ट कमेटी के सदस्यगण प्रदीपनारायण तिवारी, हरीश मिश्रा, संजय दीवान एवं चंद्रकांत पांडेय उपस्थित थे।
- रायपुर, /राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2024 से अब तक राज्य में 1105.1 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून 2024 से आज 23 सितम्बर सवेरे तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 2320.1 मिमी और बेमेतरा जिले में सबसे कम 575.8 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है।राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सरगुजा जिले में 591.3 मिमी, सूरजपुर में 1082.9 मिमी, बलरामपुर में 1627.8 मिमी, जशपुर में 941.2 मिमी, कोरिया में 1065.8 मिमी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 1054.4 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी।इसी प्रकार, रायपुर जिले में 917.6 मिमी, बलौदाबाजार में 1142.9 मिमी, गरियाबंद में 1040.0 मिमी, महासमुंद में 873.5 मिमी, धमतरी में 990.2 मिमी, बिलासपुर में 950.5 मिमी, मुंगेली में 1068.9 मिमी, रायगढ़ में 997.4 मिमी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 636.5 मिमी, जांजगीर-चांपा में 1164.5 मिमी, सक्ती 984.9 मिमी, कोरबा में 1340.2 मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 1134.9 मिमी, दुर्ग में 636.1 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी। कबीरधाम जिले में 860.2 मिमी, राजनांदगांव में 1090.7 मिमी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1199.1 मिमी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 820.5 मिमी, बालोद में 1147.1 मिमी, बस्तर में 1229.2 मिमी, कोण्डागांव में 1122.9 मिमी, कांकेर में 1371.2 मिमी, नारायणपुर में 1368.2 मिमी, दंतेवाड़ा में 1483.1 मिमी और सुकमा जिले में 1640.0 मिमी औसत वर्षा एक जून से अब तक रिकार्ड की गई।
- -15 घंटे के भीतर 6 महिलाओं की हुई सफल डिलीवरी-सभी 6 नवजात स्वस्थ, शिशुओं का स्वास्थ्य जांच कर किया गया आवश्यक टीकाकरण-गरियाबंद जिले में स्वास्थ्य सुविधाएं हो रही सुदृढ़, सेवाओं का हो रहा विस्ताररायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा चिकित्सा के क्षेत्र में विशेष रूप से रूचि रखने और स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के द्वारा स्वास्थ्य विभाग में जनहित कार्यों और जन-सुविधाओं के पर्यवेक्षण रखने के बेहतर परिणाम मिल रहे हैं। अब लोगों को दूर जाए बिना ही घर के आसपास ही शासकीय अस्पताल में स्वास्थ्य जांच एवं इलाज की सभी सुविधाएं मिल रही हैं। वर्तमान में प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं में लगातार बढ़ोतरी की जा रही है। इसका सुखद परिणाम भी सामने आ रहा है। इसी कड़ी में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवभोग में 6 महिलाओं की सफलतापूर्वक डिलीवरी कराई गई। मेडिकल टीम की सकुशल मेहनत और प्रयास से 6 नन्हे फरिश्तों ने जन्म लिया। सभी नवजात शिशु पूरी तरह स्वस्थ है। शिशुओं की आवश्यक स्वास्थ्य जांच कर सभी का प्रारंभिक टीकाकरण किया गया है।दरअसल देवभोग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 21 सितंबर दोपहर 1.30 बजे से 22 सितंबर के दोपहर 3 बजे तक 15 घंटे में 6 सुरक्षित प्रसव कराया गया। शुरू के डेढ़ घंटे में ही 4 प्रसव करा लिए गए थे। 15 घंटे के भीतर 6 महिलाओं की सफल डिलीवरी जिले के लिए बड़ी उपलब्धि है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवभोग के डॉक्टरों की टीम ने इस उपलब्धि पर खुशी जताई। साथ ही एक दूसरे का हौसला अफजाई भी किया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ गार्गी यदु पाल के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में डॉक्टरों की टीम ने विशेष रणनीति बनाकर महिलाओं की सफल डिलीवरी करने में विशेष भूमिका निभाई। इस उपलब्धि के लिए कलेक्टर श्री दीपक अग्रवाल ने डॉक्टरों एवं मेडिकल स्टाफ की टीम को बधाई देते हुए जिले में निरंतर उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रोत्साहित किया। साथ ही गंभीरता एवं सक्रियता पूर्वक अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए उत्तम स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए मेडिकल टीम की प्रशंसा भी की।उल्लेखनीय है कि राज्य के मैदानी सहित दूरस्थ वनांचल क्षेत्र में भी सक्रियता के साथ स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जा रही है। गांवों में स्थित प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित की गई हैं। साथ ही आवश्यक मेडिकल जांच एवं निशुल्क दवाइयां भी उपलब्ध की गई है। जिससे लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल रहा है। साथ ही डॉक्टर एवं मेडिकल टीम भी सक्रिय होकर काम कर रही हैं। जिससे लोग शासकीय अस्पतालों में उम्मीदों एवं विश्वास के साथ इलाज कराने आ रहे हैं। इसके फलस्वरूप लोगों को अपने गांव के आसपास ही शासकीय अस्पतालों में आसानी से मूलभूत स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल पा रहा है। इसके अलावा समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कैंप लगाकर भी वनांचल गांवों में लोगों का आवश्यक स्वास्थ्य जांच एवं इलाज किया जा रहा है।गर्भवती महिलाओं की प्रसवपूर्व स्वास्थ्य जांच तथा समय-समय पर टीकाकरण भी सक्रियता के साथ किया जा रहा है। साथ ही शिशुवती माताओं को आवश्यक पूरक पोषण आहार भी प्रदान किया जा रहा है। इसके फलस्वरूप संस्थागत प्रसव को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ी है। साथ ही लक्ष्य पूरा करने में सफलता मिल रही है। प्रति माह 9 व 24 तारीख को गर्भवती दिवस मनाया जाता है। जिसमे गर्भवती माताओं की पूरी जांच के अलावा उन्हें संस्थागत प्रसव के लिए प्रेरित किया जाता है।
- रायपुर / महासमुंद जिला के ग्राम पंचायत कांपा की जय मां दुर्गा महिला स्व सहायता समूह की महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने की अनोखी मिसाल पेश की समूह की महिलाओं ने मेहनत और हौसले से फ्लाई एश ब्रिक्स निर्माण का व्यवसाय स्थापित किया है। समूह की अध्यक्ष श्रीमती अहिल्या साहू और सचिव श्रीमती कल्याणी दुबे ने बताया कि उन्होंने अपने व्यवसाय के लिए बिहान योजना के तहत आर्थिक मदद प्राप्त की। उनके समूह में 10 महिलाएं और उन्होंने एक ऑपरेटर भी रखा है।बिहान योजना से मिली आर्थिक सहायता का सही उपयोग करते हुए, कल्याणी और उनके समूह ने व्यवसाय को मजबूती से खड़ा किया। इस समूह के द्वारा अब तक लगभग तीन लाख फ्लाई ऐश ब्रिक्स (ईंट) का निर्माण कर लिया गया है, जिसको सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थाओं में विक्रय कर चुकी है। इस व्यवसाय की शुरुआत में समूह को 1,50,000 रुपये की शुद्ध आय हुई। यह आय न केवल समूह के लिए एक महत्वपूर्ण आर्थिक संबल बनी, बल्कि इसे महिलाओं के लिए एक नया मार्गदर्शन भी दिया कि वे भी अपने व्यवसाय को शुरू कर सकती हैं और आत्मनिर्भर बन सकती हैं।स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने अपने दृढ़ निश्चय से यह साबित कर दिया कि कोई भी चुनौती असंभव नहीं होती, यदि उसमें मेहनत और हौसला हो। फ्लाई ऐश ब्रिक्स निर्माण जैसे मर्दों के व्यवसाय में कदम रखकर उन्होंने यह दिखाया कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में सफल हो सकती हैं। उनका यह कार्य अन्य स्व सहायता समूहों के लिए प्रेरणा बन चुकी है, और जिले में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का प्रतीक बन गई हैं। जय मां दुर्गा महिला स्व सहायता समूह ने इस सफलता के साथ यह संदेश दिया है कि सही दिशा में मेहनत, हिम्मत, और आर्थिक सहयोग से महिलाएं भी किसी भी व्यवसाय में ऊँचाइयों को छू सकती हैं। ये महिलाएं विभिन्न काम करके अपने परिवारों को पालने और अपने जीवनस्तर में सुधार करने का संघर्ष कर अपनी क़िस्मत बदल रही है और समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
- -गांव गांव में होगा विशेष शिविरों का आयोजन-छूटे हुए हितग्राहियों पर रहेगा विशेष ध्यान-शत-प्रतिशत आयुष्मान कार्ड बनाने एवं वितरण सुनिश्चित करने कलेक्टर ने दिए निर्देशरायपुर / प्रदेश में आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना तथा मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना का क्रियान्वयन हो रहा है। इस सम्बंध में लगातर लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाये जाए रहे हैं। पूर्व में कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश पर घर-घर जा कर कार्ड बनाये जाने का अभियान क्रियान्वित किया गया था। उसी दौरान छूटे हुए हितग्राहियों का सर्वे भी किया गया। अब एक बार पुनः जिले में 30 सितंबर तक छूटे हुए परिवारों का आयुष्मान कार्ड बनाये जाने हेतु आयुष्मान पखवाड़ा शुरू किया गया है।कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि छूटे हुए परिवारों का शत- प्रतिशत आयुष्मान कार्ड न केवल बनाएं जाए बल्कि यह सुनिश्चित किया जाए कि बने हुए कार्ड संबंधित हितग्राहियों को समय पर प्राप्त हों। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राजेश कुमार अवस्थी ने बताया की इस हेतु मितानिन,एम टी ,स्वास्थ्य कर्मी जुटे हुए हैं तथा घर-घर जा कर कार्ड बनाया जा रहा है। इस कार्य मे पंचायत के जनप्रतिनिधियों का भी सहयोग लिया जा रहा है। योजना के लाभ और उसकी आवश्यकता का भी प्रचार-प्रसार मितानिन एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ता कर रहे हैं। इसके लिए गांव गांव में दीवार लेखन एवं मुनादी भी कराया जा रहा है। यह कार्ड जिले के समस्त आयुष्मान आरोग्य मंदिर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र,सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र,जिला अस्पतालों में भी बन रहे हैं।आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना अंतर्गत परिवार की पात्रता अनुसार अंत्योदय कार्ड और प्राथमिकता राशन कार्ड धारी परिवार को पाँच लाख तक रुपए तक के इलाज की सालाना सुविधा इन कार्डाे से मिलेगी,जबकि शेष राशन कार्ड धारी सामान्य राशन कार्ड परिवारों को सालाना 50 हज़ार रुपये तक का निरूशुल्क इलाज पंजीकृत शासकीय एवं निजी अस्पतालों में मिलेगा। ऐसे ही मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना अंतर्गत गंभीर बीमारियों हेतु अधिकतम 25 लाख तक की सहायता मरीज को दी जाती है।अब मोबाइल के माध्यम से भी कार्ड बना सकते हैंभारत सरकार ने स्मार्ट फ़ोन के माध्यम से घर पर ही कार्ड बनाने की सुविधा भी उपलब्ध करवाई है। इसके लिए सर्वप्रथम प्ले स्टोर से आयुष्मान ऐप डाउनलोड करें । आयुष्मान लॉगिन पर जाएं । विकल्प चुनें मोबाईल नंबर दर्ज कर ओटीपी डालकर लॉगिन करे। इसके बाद दूसरा विकल्प आएगा जिस पर स्टेट राशन कार्ड फैमिली आईडी जिला राशन नंबर दर्ज करें।यदि आधार कार्ड से लिंक मोबाइल उपलब्ध है तो आधार ओटीपी विकल्प का चयन करें। यदि आधार लिंक मोबाइल उपलब्ध न हो तो फेस ओथ विकल्प का चयन करें। यदि फिंगरप्रिंट डिवाइस उपलब्ध हो तो फिंगरप्रिंट का चयन करें और प्रक्रिया पूर्ण करें। इसके बाद कैप्चर फोटो का विकल्प पर जाकर अपना क्लोजअप फोटो कैप्चर करें पश्चात मोबाइल नंबर व एड्रेस की जानकारी भरकर सबमिट बटन दबाए। अप्रूवल होने की प्रतीक्षा करें। अप्रूवल होने के बाद आयुष्मान कार्ड डाउनलोड करें। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए नजदीकी शासकीय स्वास्थ्य केन्द्र या टोल फ्री नं.104 या 14555 में संपर्क करें।
- - सोमनी पुलिस व साइबर टीम की की संयुक्त कार्रवाईराजनांदगांव। सोमनी पुलिस और साइबर सेल की टीम ने तीन ठग को गिरफ्तार किया है, जिसमें एक नाबालिग भी है। आनलाइन ठगी के लिए आरोपित पहले रुपये का लालच देकर लोगों का बैंक खाता व एटीएम जुटाते थे। फिर इन्हीं बैंक खातों में ठगी की राशि जमाकर बाद में अपने साथियों को ट्रांसफर कर रहे थे। ऐसे तीन ठग को पुलिस ने पकड़ा है, जिनके पास से पुलिस ने 15 एटीएम कार्ड, आठ चेक बुक, पांच पासबुक व सात मोबाइल सिम के साथ पैन कार्ड और चार मोबाइल फोन बरामद किया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभाकक्ष में एसपी मोहित गर्ग ने साइबर ठगी के मामले को राजफाश किया। उन्होंने बताया कि आरोपितों के पास से ठगी के एक लाख चार हजार 910 रुपये जप्त किया गया है। आरोपितों ने कई राज्यों में लाखों रुपये की साइबर ठगी है। भिलाई में रहकर ठगी की रकम को एटीएम के माध्यम से निकालकर अपने साथियों के खातों में सीडीएम मशीन के माध्यम से ट्रांसफर करते थे। आरोपित पंजकी कानपुर हाल निवास शिवाजी नगर चंद्रमा चौक खुर्सीपार भिलाई निवासी दीपांशु श्रीवास्तव 24 वर्षीय और जगन्नाथ मांझागढ़ बिहार के पवन कुमार 19 वर्षीय को गिरफ्तार किया है। वहीं एक अपचारी बालक को भी अभिरक्षा में लिया गया है।पुलिस अधीक्षक गर्ग ने बताया कि भिलाई शिवाजी नगर चंद्रमा चौक खुर्सीपार निवासी बेबी सिंह ने सोमनी थाना में साइबर ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। प्रार्थी ने बताया कि उसके परिचित बिहार निवासी दीपांशु श्रीवास्तव जो करीब दस दिन पहले ग्राम मनगटा में मिलकर बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, रजिस्टर्ड सिम कार्ड, मांगकर उसके एवज में 15000 रुपये देने का प्रलोभन दिया। सूचना पर पुलिस ने मामले को विवेचना में लिया, जिसमें पता चला कि दिपांशु अपने साथियों के साथ मिलकर कई भोले भाले लोगों को रुपये का लालच देकर बैंक खातों, मोबाइल नंबर और एटीएम कार्ड को अपने पास रख कर उन खातों का फर्जी तरीके से उपयोग कर कई राज्यों में ठगी की रकम प्राप्त कर रहा है। जिस पर पुलिस ने तत्काल टीम बनाकर आरोपित दीपांशु सहित उसके साथी पवन कुमार व अपचारी बालक को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपितों ने ठगी करना स्वीकार किया। जिसके बाद आरोपितों को जेल भेजा गया है और अपचारी बालक को बाल संप्रेक्षण गृह दाखिल कराया है।
- दंतेवाड़ा। जिले में तीन महिला नक्सलियों और एक पुरुष नक्सली ने समर्पण कर दिया। इन नक्सलियों पर कुल 20 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि इसके साथ ही जून 2020 में शुरू किए गए 'लोन वर्राटू' (स्थानीय गोंडी बोली में बोले जाने वाला शब्द जिसका अर्थ है अपने घर/गांव वापस लौटो) अभियान के तहत अब तक दंतेवाड़ा में 872 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ दिया है। पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने बताया कि एक दंपति समेत चार नक्सलियों ने दंतेवाड़ा में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के समक्ष समर्पण कर दिया। उन्होंने बताया कि इनमें से हुंगा तामो उर्फ तामो सूर्या (37) और उसकी पत्नी आयती ताती (35) माओवादियों की क्षेत्रीय कंपनी नंबर 2 में सक्रिय थे और दोनों पर आठ-आठ लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। राय ने बताया कि वे 2018 में छत्तीसगढ़-तेलंगाना अंतरराज्यीय सीमा पर पामडे (बीजापुर) के जंगलों में सुरक्षाकर्मियों पर हुए हमले में कथित रूप से संलिप्त थे। उन्होंने बताया कि दो महिला नक्सलियों देवे उर्फ विज्जे (25) और माडवी पर क्रमश: तीन लाख रुपये और एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। राय ने बताया कि पड़ोसी सुकमा जिले के रहने वाले इन चारों लोगों को 25-25 हजार रुपये की सहायता दी गई है और सरकार की नीति के अनुसार उनका पुनर्वास किया जाएगा।
- भिलाई । राष्ट्रीय पोषण माह के तहत सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के केंद्रीय संचार ब्यूरो, प्रादेशिक कार्यालय रायपुर द्वारा दुर्ग जिले के भिलाई 3 स्थित मंगल भवन में आयोजित किए जा रहे तीन दिवसीय मल्टीमीडिया चित्र प्रदर्शनी के दूसरे दिन रंगोली, भाषण एवं मेहंदी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। महिला और बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी श्रीमती किरण मघाड़े ने बड़े ही रोचक अंदाज में कार्यक्रम में उपस्थित कन्याओं और महिलाओं को पोषण के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।कार्यक्रम स्थल पर स्वास्थ्य शिविर का भी आयोजन किया गया है जिसमें हीमोग्लोबिन, रक्तचाप और ब्लड शुगर आदि जांच की जा रही है। गर्भवती महिलाओं की गोद भराई और नवजात बच्चों का अन्नप्राशन कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। स्थानीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, आशा कार्यकर्ता, स्थानीय महिलाएँ और स्कूल व कॉलेज की छात्राएं इस कार्यक्रम का लाभ उठा रही हैं ।*
- -उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए रायपुर संभाग बना ऑल ओवर चैंपियन-24 वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का समापनरायपुर, / 24वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता-2024 का समापन आज रायगढ़ स्टेडियम, बोईरदादर में लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया के मुख्य आतिथ्य में हुआ। समापन समारोह में स्कूली बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं आकर्षक मार्चपास्ट भी किया।लोक सभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया ने कहा कि हर्ष की बात है रायगढ़ में राज्य स्तरीय क्रीड़ा प्रतियोगिता का आयोजन हुआ और आप सभी को यहां खेलने का अवसर मिला। श्री राठिया ने जीतने वाली टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हार-जीत खेल का एक अंग होता है, हारने वाली टीम को निराश न होकर खूब मेहनत करना चाहिए, जिससे अगली जीत आपकी होगी। आप सभी को खेल के साथ-साथ पढ़ाई में भी विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है आप सभी छत्तीसगढ़ का नाम जरूर रोशन करेंगे। श्री राठिया ने कहा कि रायगढ़ को जोन बनाने का प्रयास किया जाएगा ताकि अंचल के खिलाडिय़ों को एक अच्छा अवसर मिलने के साथ सुविधाओं में वृद्धि हो सके।इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री निराकार, स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभिन्न संभाग से आए बड़ी संख्या में खिलाड़ी उपस्थित थे।ऑल ओवर चैंपियन बना रायपुरराज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता 2024 में रायपुर संभाग ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए ऑल ओवर चौम्पियन बना। इसी प्रकार व्हालीबॉल बालिका 19 वर्ष वर्ग में प्रथम रायपुर संभाग, द्वितीय बस्तर संभाग तथा तृतीय स्थान पर दुर्ग संभाग संभाग रहा। 19 वर्ष बालक वर्ग में प्रथम रायपुर संभाग, द्वितीय दुर्ग संभाग तथा तृतीय स्थान पर बिलासपुर संभाग रहा। खो-खो 17 वर्ष बालिका वर्ग में दुर्ग संभाग प्रथम, द्वितीय बस्तर तथा बिलासपुर संभाग तीसरे स्थान पर रहा। इसी प्रकार 17 वर्ष बालक वर्ग में बस्तर संभाग प्रथम, द्वितीय दुर्ग संभाग तथा तृतीय स्थान पर बिलासपुर संभाग रहा। खो-खो 19 वर्ष बालिका वर्ग में प्रथम स्थान पर बस्तर, दुर्ग संभाग द्वितीय तथा तीसरे स्थान पर बिलासपुर संभाग रहा। खो-खो 19 वर्ष बालक वर्ग में प्रथम बस्तर संभाग, द्वितीय दुर्ग संभाग तथा तृतीय स्थान पर रायपुर संभाग रहा। टेबल टेनिस 14 वर्ष बालिका वर्ग में प्रथम रायपुर संभाग, द्वितीय बिलासपुर संभाग तथा तृतीय बस्तर संभाग रहा। इसी प्रकार टेबल टेनिस 14 वर्ष बालक वर्ग में प्रथम रायपुर संभाग, द्वितीय बिलासपुर संभाग तथा तृतीय दुर्ग संभाग रहा। टेबल टेनिस 17 वर्ष बालिका वर्ग में प्रथम दुर्ग संभाग, द्वितीय बिलासपुर संभाग तथा तृतीय रायपुर संभाग रहा। इसी प्रकार टेबल टेनिस 17 वर्ष बालक वर्ग में प्रथम रायपुर संभाग, द्वितीय बिलासपुर संभाग तथा तृतीय दुर्ग संभाग रहा।
- -आम जनता को न्यायपालिका से शीघ्र व निष्पक्ष न्याय की उम्मीद-न्यायाधीशगण अपने न्यायिक कर्तव्य का निर्वहन न्यायपूर्ण तरीके से निडरता के साथ करें-कानून उत्पीड़न का साधन नहीं बल्कि न्याय प्रदान करने का उपकरण है माननीय मुख्य न्यायाधिपति श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हारायपुर /रायपुर के न्यू सर्किट हाउस के सभागार में 22 सितम्बर को रायपुर संभाग के जिले रायपुर, धमतरी, बलौदाबाजार एवं महासमुंद के न्यायिक अधिकारियों का डिवीजनल सेमीनार छ.ग.राज्य न्यायिक अकादमी के तत्वाधान में आयोजित किया गया। इस डिवीजनल सेमीनार का उद्घाटन छत्तीसगढ उच्च न्यायालय के माननीय मुख्य न्यायाधिपति श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा द्वारा दीप प्रज्जवलन के साथ किया गया।माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय ने अपने उद्बोधन में न्यायिक कार्य के महत्व व चुनौती के बारे में बताते हुए कहा कि न केवल हाईकोर्ट बल्कि जिला न्यायपालिका में विविध प्रकार के समसामयिक महत्व के विवाद आते रहते हैं जो न्यायाधीशगण को न्याय प्रशासन में अपना अवदान देने व स्वयं को साबित करने का अवसर होते हैं।माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय ने न्यायिक अधिकारियों को उनके कर्तव्य की महत्ता को याद दिलाते हुए कहा कि ’’न्यायाधीश उन कुछ भाग्यशाली लोगों में हैं जिन्हें लोगों को न्याय प्रदान करने का अवसर प्राप्त होता है। न्यायिक सेवा अन्य सामान्य शासकीय सेवा की तरह नहीं हैं बल्कि न्यायाधीशगण लोक विश्वास का पद धारित करते हैं और न्यायिक व्यवस्था की विश्वसनीयता न्यायाधीश का पद धारित करने वाले व्यक्तियों पर निर्भर है। इसलिए न्यायाधीश को सीजर की पत्नी की तरह सभी संदेहों से ऊपर होना चाहिए।माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय ने साधारण व्यक्ति की न्यायपालिका से क्या अपेक्षाएं हैं इस संबंध में बताया कि एक साधारण व्यक्ति न्यायपालिका से निष्पक्ष व त्वरित न्याय की उम्मीद करता है और इसके लिए न्यायाधीश को अपने कर्तव्यों का निर्वहन सत्यनिष्ठा , निष्पक्षता , ईमानदारी व प्रतिबद्धता के साथ करना चाहिए।माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय ने कहा कि जिस समाज में हम रहते हैं वह समाज गतिशील है व समय के साथ बदलता रहता है और जो विधि समाज के साथ व्यवहरित करती है वह भी बदलती रहती है। ऐसी दशा में न्यायपालिका समाज को स्फूर्त बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है।माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय ने समय के साथ विधि के क्षेत्र में आने वाले बदलाव पर भी ध्यान केन्द्रित करने के लिए कहा और आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस, फारेंसिक साईंस आदि के संबंध में न्यायाधीशगणों को अद्यतन रहने को कहा और यह भी व्यक्त किया कि इस तरीके के सेमीनार न्यायिक अधिकारियों को सामूहिक विचार-विमर्श व अनुभवों का आदान प्रदान का अवसर प्रदान करते हैं।माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय ने बलात्कार पीड़िता के गर्भ समापन को एक जटिल व संवेदनशील विषय बताया और कहा कि जिन मामलों में न्यायालय की अनुमति की आवश्यकता नहीं है, उन मामलों में भी रेप पीड़िताओं को गर्भ समापन के लिए उच्च न्यायालय आना पड़ रहा है जबकि चिकित्सकीय गर्भ समापन अधिनियम में बलात्कार पीड़िताओं के संबंध में विधि के प्रावधान स्पष्ट हैं। माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय ने विश्वास व्यक्त किया कि आज का सेमीनार उक्त के संबंध में विधि की समझ को बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर होगा।माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय ने प्रकरणों के निराकरण में होने वाले विलंब पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पक्षकार शीघ्र न्याय चाहता है और कई बार प्रकरण के निराकरण में में विलंब कारित करने के लिए कुछ पक्षकार विलंबकारी युक्तियंा अपनाते हैं , ऐसे युक्तियों से निपटने में न्यायिक अधिकारी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है और त्वरित व साहसी निर्णय तथा उदारतापूर्व स्थगन प्रदान करने से बचकर ऐसे विलंबकारी युक्तियों को हतोत्साहित किया जा सकता है।माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय ने न्यायिक अधिकारियों से आह्वान किया कि वे अपने न्यायिक कर्तव्यों का निर्वहन न्यायपूर्ण तरीके से निर्भीकता के साथ करें और विधि को उत्पीड़न का साधन नहीं बनने देना चाहिए बल्कि विधि को न्याय प्रदान करने के उपकरण के रूप में उपयोग किया जाना चाहिए। मुख्य न्यायाधिपति महोदय ने न्यायाधीशगण को आश्वस्त किया कि शीघ्र व निष्पक्ष न्याय प्रदान करने के लिए उठाए गए कदमों को उच्च न्यायालय का पूर्ण समर्थन प्राप्त होगा।इस संभागीय सेमीनार में छत्तीसगढ उच्च न्यायालय के माननीय श्री न्यायमूर्ति पार्थ प्रतीम साहू द्वारा संबोधित किया गया । डिवीजनल सेमीनार में स्वागत भाषण प्रधान जिला न्यायाधीश रायपुर श्री अब्दुल जाहिद कुरैशी के द्वारा और परिचयात्मक उद्बोधन श्री सिराजुद्दीन कुरैशी डायरेक्टर छत्तीसगढ ज्यूडिशियल एकेडमी के द्वारा दिया गया। इस डिवीजनल सेमीनार में रायपुर, धमतरी, बलौदाबाजार एवं महासमुंद जिले के कुल 111 न्यायाधीशगण प्रतिभागी के रूप में सम्मिलित हुए। इस सेमीनार में पीसीपीएनडीटी अधिनियम, गर्भ का चिकित्सकीय समापन अधिनियम, सिविल ला, फारेंसिक साईंस, आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस आदि विषयों पर प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुति दी गई।
- -जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर योजनाओं के क्रियान्वयन की करेंगे समीक्षारायपुर. ।. उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव 23 सितम्बर को अपने कांकेर और चारामा प्रवास के दौरान विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण करेंगें। वे कांकेर में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा भी करेंगे। उप मुख्यमंत्री तथा कांकेर जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव 23 सितम्बर को सवेरे नौ बजे रायपुर से सड़क मार्ग द्वारा कांकेर के लिए रवाना होंगे। वे कांकेर में सवेरे 11 बजे स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होने के बाद दोपहर 12 बजे कलेक्टोरेट में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करेंगे। वे दोपहर तीन बजे कांकेर के नरहरदेव स्कूल में बंसल न्यूज द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे।उप मुख्यमंत्री श्री साव शाम चार बजे कांकेर से चारामा के लिए प्रस्थान करेंगे। वे चारामा में शाम साढ़े चार बजे पंडित दीनदयाल उपाध्याय की मूर्ति के अनावरण के बाद जल जीवन मिशन के अंतर्गत 'हर घर जल' प्रमाणित योजनाओं तथा लोक निर्माण विभाग के कार्यों का लोकार्पण करेंगे। श्री साव शाम साढ़े पांच बजे चारामा से रायपुर के लिए रवाना होंगे। वे शाम सात बजे वापस रायपुर पहुंचेंगे।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रसिद्ध साहित्यकार, शिक्षाविद और राज्यसभा सांसद पद्म भूषण रामधारी सिंह दिनकर की 23 सितम्बर को जयंती पर उन्हें नमन किया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि दिनकर जी ऐसे लेखक थे, जिनमें राष्ट्रीय चेतना, सामाजिक चेतना के साथ साथ सांस्कृतिक चेतना भी गहरे रूप से मौजूद थी। उन्होनें भारत की स्वतंत्रता से पहले अपनी प्रेरक कविताओं के माध्यम से लोगों में राष्ट्रवाद की भावना जागृत की। दिनकर जी ओज, विद्रोह, आक्रोश के साथ ही कोमल श्रृंगारिक भावनाओं के कवि थे। उनकी प्रेरक देशभक्ति की रचनाओं के कारण उन्हें राष्ट्रकवि भी कहा जाता है।श्री साय ने कहा कि दिनकर जी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिन्दी को पहचान दिलाई। उन्होंने संसद में आम आदमी से जुड़े मुद्दों को जोरशोर से उठाया। उनकी रचना ‘संस्कृति के चार अध्याय’ के लिए उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार और ‘उर्वशी’ के लिए ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिनकर जी का साहित्य और समाज के लिए योगदान विशेषकर हिन्दी को प्रतिष्ठा दिलाने में उनकी भूमिका को हमेशा याद किया जायेगा।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 23 सितम्बर को दोपहर 3 बजे राजधानी रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना के स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह में शामिल होंगे।


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