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- रायपुर/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा की पहल पर कोविड-19 से मृत व्यक्तियों के आश्रितों को अनुदान सहायता उपलब्ध कराने के लिए राज्य आपदा मोचन निधि के अंतर्गत वर्ष 2024-25 के लिए 14 जिलों को 1 करोड़ 07 लाख रूपए की राशि आबंटित की गई है।आबंटित राशि में जिला राजनांदगांव को 10 लाख रूपए, धमतरी 3 लाख रूपए, दुर्ग 29.50 लाख रूपए, खैरागढ़-छुईखदान 3 लाख रूपए, बलौदाबाजार 46 लाख रूपए, कोण्डागांव 50 हजार रूपए, बलरामपुर 50 हजार रूपए, कबीरधाम 50 हजार रूपए, कोरबा 2 लाख रूपए, बालोद 3 लाख रूपए, बेमेतरा 2 लाख रूपए, महासमुंद 3 लाख रूपए, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी 3 लाख रूपए, गरियाबंद एक लाख रूपए शामिल है। अनुदान सहायता की इस राशि का वितरण डीबीटी या संबंधित हितग्राही अथवा आश्रित के बैंक खाते के माध्यम से किया जाएगा।
- 6 अगस्त को जिले में हुई 3.7 मिलीमीटर औसत वर्षारायपुर । भू-अभिलेख कार्यालय जिला रायपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार 1 जून से शुरू की गई वर्षा मापन में अब तक रायपुर जिले के धरसींवा तहसील में 1236.5 मिलीमीटर, आरंग तहसील में 1069.8 मिलीमीटर, मंदिर हसौद में 1085.4 मिलीमीटर, अभनपुर में 910.8 मिलीमीटर, गोबरा नवापारा में 980.0 मिलीमीटर, तिल्दा में 985.4 मिलीमीटर, खरोरा में 1096.2, रायपुर तहसील में 1250.2 वर्षा दर्ज हुई है। इस प्रकार जिले में अब तक 1076.0 मिलीमीटर औसत वर्षा हुई है। वर्षा प्रतिवेदन के आधार पर 6 अगस्त को सर्वाधिक वर्षा अभनपुर में 2.3 मिलीमीटर,गोबरा नवापारा में 1.4 मिलीमीटर दर्ज की है। इसके अलावा जिले की अन्य तहसीलों में बारिश के आसार नहीं हैं।
- आदिवासी बच्ची के साथ कैरम खेल में हाथ आजमायाबिलासपुर/कलेक्टर अवनीश शरण एवं निगम आयुक्त अमित कुमार ने आज जरहाभांठा स्थित बैगा कन्या परिसर एवं प्री मेट्रिक आदिवासी छात्रावास का निरीक्षण किया। उन्होंने यहां रहकर पढ़ाई कर रहे बच्चों से मुलाकात कर व्यवस्था की जानकारी ली। उनसे पूछताछ कर उनकी पढ़ाई की गुणवत्ता परखी। उन्होंने हास्टलों में संचालित लाईब्रेरियों में प्रतियोगी परीक्षाओं के किताब एवं नोट्स भी रखने के निर्देश दिए। आदिवासी बच्ची के साथ कैरम खेल में हाथ आजमाया। सहायक आयुक्त आदिवासी श्री सीएल जायसवाल भी इस अवसर पर उपस्थित थे।कलेक्टर ने प्री मेट्रिक हास्टल परिसर के किनारे से होकर गुजर रहे नाले की सफाई और इसमें आवश्यक सुधार के निर्देश निगम आयुक्त को दिए। इस नाले में अक्सर ओव्हरफ्लों हो जाने के कारण हास्टल परिसर में पानी भर जाता है जिससे बच्चों को काफी दिक्कत होती है। पानी को डायवर्ट करने के लिए कोई अन्य वैकल्पिक उपाय पर भी विचार करने के निर्देश दिए। उन्होंने रसोई घर में बन रहे भोजन का भी अवलोकन किया। बच्चों की संख्या के अनुरूप भोजन एवं सब्जी पर्याप्त मात्रा में परोसने के निर्देश अधीक्षक को दिए। इस हॉस्टल में आदिवासी परिवार के 100 बच्चे रहते हैं। शहर की विभिन्न स्कूलों में कक्षा छठवीं से 10 वीं तक की पढ़ाई करते हैं। कलेक्टर इसके बाद बैगा आवासीय कन्या परिसर पहुंचे। छठवीं से 10 वीं तक एक सौ बैगा सहित आदिवासी बच्चियां इसमें रहकर पढ़ाई करती हैं। कलेक्टर ने आदिवासी बच्चियों को कैरियर मार्गदर्शन भी दिया। उन्होंने कन्या हास्टल में संचालित स्मार्ट क्लास एवं इण्टोर गेम कक्ष का भी निरीक्षण किया। आदिवासी बच्ची चन्द्रमणि पैकरा के साथ कैरम खेल में भी हाथ आजमाया। उन्होंने पोस्ट मेट्रिक छात्रावासों के लिए स्मार्ट क्लास बनाने के प्रस्ताव देने के निर्देश भी सहायक आयुक्त को दिए।
- मानसिक विकलांगता ग्रस्त 25 महिलाओं की हो रही देख-रेखबिलासपुर/कलेक्टर अवनीश शरण ने आज तिफरा फल मण्डी के समीप आश्रय दत्त कर्मशाला में महिला घरौंदा के लिए नये भवन का शुभारंभ किया। इसके पूर्व यह संस्था डीपूपारा में संचालित थी। उन्हें और बेहतर सुविधा प्रदान करने के लिए इस नये सुविधायुक्त भवन में शिफ्ट किया गया है। समाज कल्याण विभाग से अनुदान प्राप्त विकास सेवा संस्थान द्वारा इसका संचालन किया जाता है। वर्तमान में मानसिक विकलांगता से ग्रसित 25 महिलाओं की देख-रेख एवं लालन पालन इसमें किया जा रहा है। नगर निगम आयुक्त अमित कुमार एवं संयुक्त संचालक समाज कल्याण श्रीमती श्रद्धा एस मैथ्यू भी उपस्थित थीं।कलेक्टर ने शुभारंभ के बाद नये भवन एवं परिसर का अवलोकन किया और व्यवस्थाएं देखी। उन्होंने संस्था अधीक्षक को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए ताकि दिव्यांग महिला हितग्राहियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। घरौंदा संस्था भारत सरकार के राष्ट्रीय न्यास से पंजीकृत एवं समाज कल्याण विभाग से मान्यता प्राप्त है। संस्था की अधीक्षक श्रीमती अंशु गौड़ एवं उपाध्यक्ष अमित भूषण द्वारा कलेक्टर महोदय को संस्था के क्रियाकलापों की पूरी जानकारी दी। इस अवसर पर कलेक्टर द्वारा दिव्यांग हितग्राहियों को फल एवं स्वल्पाहार वितरित किया गया। इस संस्था के नये भवन में दो बड़े हॉल, डायनिंग कक्ष, रसोई घर, दो थेरेपी कक्ष, सांस्कृतिक गतिविधियों हेतु कक्ष, कार्यालय एवं अधीक्षक कक्ष, के साथ परिसर में स्वस्थ वातावरण बनाने के लिए खुली जगह के साथ-साथ बरामदा की व्यवस्था है।कलेक्टर ने समाज कल्याण विभाग के संयुक्त संचालक श्रीमती श्रद्धा एस मैथ्यू को निर्देशित किया कि संस्था की गतिविधियों का नियमित रूप से निरीक्षण कर जिला प्रशासन को रिपोर्ट दें। कलेक्टर एवं नगर निगम आयुक्त ने इस अवसर पर एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत घरौंदा परिसर में फलदार पौधे लगाए। इस अवसर पर उप नियंत्रक ब्रेल प्रेस श्री हरीश सक्सेना, सहायक सांख्यिकी अधिकारी श्री प्रशांत मोकासे, उत्तम राव, परिवीक्षा अधिकारी श्रीमती सरस्वती रामेश्री, सुश्री बीना दीक्षित प्रशासनिक अधिकारी आश्रयदत्त कर्मशाला के साथ-साथ घरौदा परिवार के साथ-साथ समाजसेवी संस्था सक्षम के पदाधिकारी एवं समाज कल्याण विभाग के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
- बिलासपुर/ उच्च न्यायालय के आदेश एवं मुख्य सचिव के निर्देश पर जिले के प्रमुख नेशनल और स्टेट राजमार्गों में घुमन्तू पशुओं के कारण होने वाली आकस्मिक दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जिले में निरंतर प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए पशुपालकों को प्रेरित करने एवं उनके व्यवहार में परिवर्तन लाने हेतु जिले के चिन्हांकित क्षेत्रों में जनचौपाल का भी आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में तखतपुर ब्लॉक के तुरकाडीह में 7 अगस्त को जनचौपाल का आयोजन किया जा रहा है। जनचौपाल में विभिन्न विभागों के अधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पशुपालकों की उपस्थिति में पशुपालकों को घुमन्तू पशुओं को सड़क पर छोड़े जाने से होने वाले समस्याओं से अवगत कराने के साथ साथ पशुओं को सड़कों पर नहीं छोड़ने हेतु अपील एवं समझाईश दी जा रही है।जनचौपाल में अधिक से अधिक संख्या में पशुपालकों को उपस्थित रहने हेतु जिला पंचायत, पशु चिकित्सा विभाग एवं अन्य सभी संबंधित विभागों द्वारा अपील की गई है जिससे पशुपालकों की सहभागिता से सड़कों पर घुमन्तू पशुओं के कारण होने वाली समस्याओं एवं आकस्मिक दुर्घटनाओं को कम किया जा सकेगा।*जोगीपुर में आवारा पशुओं के मालिकों पर जुर्माना के लिए सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित-*जिले में आवारा पशुओं के प्रबंधन हेतु लगातार उपाय किये जा रहे हैं। इसी क्रम में तखतपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत जोगीपुर में आवारा मवेशी मिलने पर पशुपालकों पर जुर्माना एवं सड़कों से आवारा पशुओं को विस्थपित करने हेतु चरवाहा नियुक्ति के संबंध में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया। जिससे सड़कों में आवारा पशुओं के मांध्यम से होने वाली दुर्घटनाआंे की रोकथाम संभव हो तथा फसलों को हानि न हो।
- रायपुर/राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2024 से अब तक राज्य में 676.7 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून 2024 से आज 06 अगस्त सवेरे तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 1509.7 मिमी और सरगुजा जिले में सबसे कम 321.9 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है। राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सूरजपुर जिले में 553.2 मिमी, बलरामपुर में 845.6 मिमी, जशपुर में 536.1 मिमी, कोरिया में 575.3 मिमी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 582.8 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी।इसी प्रकार, रायपुर जिले में 599.0 मिमी, बलौदाबाजार में 742.0 मिमी, गरियाबंद में 647.0 मिमी, महासमुंद में 499.6 मिमी, धमतरी में 668.6 मिमी, बिलासपुर में 624.7 मिमी, मुंगेली में 670.7 मिमी, रायगढ़ में 571.1 मिमी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 343.3 मिमी, जांजगीर-चांपा में 601.6 मिमी, सक्ती 521.5 कोरबा में 792.3 मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 614.3 मिमी, दुर्ग में 443.9 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी। कबीरधाम जिले में 553.1 मिमी, राजनांदगांव में 749.0 मिमी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़चौकी में 855.3 मिमी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 518.9 मिमी, बालोद में 801.8 मिमी, बेमेतरा में 414.8 मिमी, बस्तर में 735.9 मिमी, कोण्डागांव में 746.4 मिमी, कांकेर में 963.1 मिमी, नारायणपुर में 855.6 मिमी, दंतेवाड़ा में 884.2 मिमी और सुकमा जिले में 1000.1 मिमी औसत वर्षा एक जून से अब तक रिकार्ड की गई।
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बिलासपुर/कलेक्टर श्री अवनीश शरण के निर्देश पर आज संयुक्त कलेक्टर श्री एस.एस. दुबे आज साप्ताहिक जनदर्शन में दूर-दराज से आये लोगों की समस्याओं को सुना । उन्होंने सभी फरियादियों की समस्याओं को इत्मीनान से सुना और संबंधित अधिकारियों को जल्द निकारण करने के निर्देश दिए।
साप्ताहिक जनदर्शन में सकरी तहसील के योगेश कुमार लोनिया और अन्य लोगों ने प्राथमिक शाला नुनियापारा की जमीन पर अवैध कब्जा हटाने की मांग की। उन्होंने बताया कि बेजा कब्जा के कारण स्कूली बच्चों को खेल-कूद के लिए पर्याप्त मैदान की समस्या बन रही है। इस मामले को एसडीएम तखतपुर देखंेगे। तखतपुर ब्लॉक के ग्राम भाड़म निवासी श्री हरमेंन्द्र कुमार ने पेंशन की मांग की। पत्र को प्रेषित करते हुए सीईओ तखतपुर को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। सकरी तहसील के कोटवार संघ ने जनदर्शन में आवेदन देकर नियमित मानदेय दिलवाने की मांग की। ग्राम पोड़ी मोहदा निवासी श्रीमती मुन्नी बाई ने पति श्री श्याम नेताम के विगत 9 माह से गुम होने की। शिकायत की पुलिस अधीक्षक इस मामले को देखेंगे। -
जिले के स्कूल के संस्था प्रमुखों से आरटीई एक्ट 2009 के अनुच्छेद 17 विषय पर की गई विस्तृत चर्चा
बालोद। जिला शिक्षा अधिकारी बालोद एवं जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान दुर्ग के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय बाल अधिकार संरक्षण कार्यशाला का आयोजन आज जिला पंचायत बालोद के सभागार में किया गया। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग नई दिल्ली के प्रयोजन में आयोजित इस कार्यशाला में जिले के स्कूलों के संस्था प्रमुखों से आरटीई एक्ट 2009 के तहत विस्तृत चर्चा की गई। आयोजित कार्यशाला के प्रथम सत्र में कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए जिला पंचायत बालोद के सीईओ डाॅ. संजय कन्नौजे ने शिक्षक की अध्यापन रणनीतियों, समावेशी शिक्षा पर सीखने के प्रतिफलों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शिक्षक रणनीति बनाकर अध्यापन का कार्य करें तो निश्चित रूप से कक्षा के सारे बच्चों को इसका सही लाभ मिलेगा। सीईओ डाॅ. कन्नौजे ने कार्यशाला में उपस्थित सभी शिक्षकों से अपील की कि यहाँ से जो सिख कर जाएं अपने व्यवहार में जरूर लाएं।
कार्यशाला में जिले के सभी ब्लॉक के प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, हाई स्कूल, हायर सेकेंडरी स्कूल के संस्था प्रमुख 122 की संख्या में उपस्थित हुए। कार्यशाला में जानकारी देने वक्ता के रूप में राज्य श्रोत सदस्य डॉक्टर रजनी नेल्सन, जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान दुर्ग की प्राचार्य डॉक्टर शिशिरकला भट्टाचार्य, जिला शिक्षा अधिकारी पीसी मरकले, जिला नोडल अधिकारी सत्येंद्र शर्मा वक्ता के रूप में मौजूद रहे। कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत बालोद के सीईओ डाॅ. संजय कन्नौजे मौजूद रहे। विशेषज्ञ वक्ताओं ने बताया कि इस एक्ट के तहत उल्लेखित किया गया है कि बच्चों को उनकी स्थिति के आधार पर शिक्षा देनी है। उनके साथ व्यवहार सरलतापूर्वक करना है। किसी भी बच्चे को दंड नहीं दिया जा सकता। इसके अलावा 6 से 14 वर्ष के बच्चों को हर हाल में शिक्षा का अधिकार मिलना चाहिए।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी एवं पूर्व डाइट प्राचार्य तथा राज्य मुख्य स्रोत शिक्षक डॉ. रजनी नेल्सन ने शिक्षकों को संयमित रहने की बात कही। उन्होंने विद्यार्थियों की वैयक्तिक भिन्नता पर ध्यान रखने पर बल दिया। पूरे कार्यशाला में विस्तृत जानकारी देते हुए उन्होंने आरटीई 2009 के 17 आर्टिकल को बताया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि हम शिक्षक होने के नाते जहां अपने कर्तव्य का पालन करने सजग रहें वही हमें व्यावहारिक भी होना पड़ेगा। कार्यशाला में जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि जिले के स्कूलों में आरटीई के नियमों एवं प्रावधानों शत प्रतिशत पालन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि बच्चों का मन कोमल होता है। सभी जानते हैं उसे हम जिस रूप में ढालें ढाल सकते हैं। हमारा दायित्व है प्रत्येक बच्चा अच्छा नागरिक बने इसलिए हमें उनके साथ अच्छा व्यवहार करना होगा। -
- शासकीय भूमि पर कब्जा कर की जा रही है कृषि, किसानों ने की शिकायत*
दुर्ग/ कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने जनदर्शन में बड़ी संख्या में पहुंचे लोगांे से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने जनदर्शन मंे पहंुचे सभी लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समुचित समाधान एवं निराकरण करने संबंधित विभागों को शीघ्र कार्यवाही कर आवश्यक पहल करने को कहा। जनदर्शन में आज 135 आवेदन प्राप्त हुए। जनदर्शन में आवेदन लेकर पहुंचे तितुरडीह निवासी ने अवैध अतिक्रमण की शिकायत की। उन्होंने कहा कि हनुमान नगर वार्ड-21 तितुरडीह हनुमान मंदिर के सामने से 60 फीट सड़क को अवैध रूप से अतिक्रमण कर मकान व बाउण्ड्रीवाल का निर्माण पक्की सड़क को तोड़कर बाउण्ड्रीवाल के लिए कालम उठाया जा रहा है। इस पर कलेक्टर ने नगर निगम दुर्ग को निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
ग्राम डून्डेरा के किसानों ने ग्राम डून्डेरा में अवैध कब्जे की शिकायत की। उन्होंने बताया कि किसी अन्य व्यक्ति द्वारा शासकीय भूमि पर कब्जा कर कृषि कार्य किया जा रहा है, चूंकि वह जगह आम किसानों के आने जाने के लिए रखा गया था। उक्त शासकीय जगह को कब्जा करने के कारण किसानों को कृषि कार्य करने व कृषि उपकरण समान ले जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस पर कलेक्टर ने तहसीलदार रिसाली को निरीक्षण कर आवश्यक करने को कहा।
दुर्ग निवासी ने पट्टा प्रदान करने आवेदन दिया। उन्होंने कहा कि 40 वर्ष से अधिक समय से वह लगातार निवासरत है। विगत दिनों शासन द्वारा उक्त क्षेत्र का सर्वे किया गया एवं सभी लोगों को पट्टा प्रदान किया गया। जिस समय घर का सर्वे किया जा रहा था उस समय उनका परिवार वहां उपस्थित नही था। बीमारी के चलते उन्हें अहमदाबाद जाना पड़ता है। बाहर होने के कारण सर्वे में उनका नाम छूट गया है, जिसके कारण पट्टा प्रदान नही हो पाया है। इस पर कलेक्टर ने नगर निगम दुर्ग को आवश्यक कार्यवाही करने को कहा। गया नगर दुर्ग निवासी ने बताया कि वार्ड क्रमांक 5 गया नगर गली को विगत दिवस सीमेंटीकरण किया गया। सीमेंटीकरण हो जाने के कारण पानी निकासी नही हो पा रही है, जिसके कारण पानी गली में जमा हो रहा है, जमा पानी में मच्छर पनपने के कारण डेंगू, मलेरिया होने का खतरा बना रहता है। इस पर कलेक्टर ने संबंधित विभाग को आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।
चंगोरी ग्रामवासियों ने शासकीय घास भूमि से अतिक्रमण हटाने कलेक्टर से गुहार लगाई। उन्होंने बताया कि घास भूमि में अतिक्रमण कर अवैध निर्माण होने के कारण गौवंश हेतु चारागाह नही है। ग्रामवासियों द्वारा इस संबंध में हल्का पटवारी के समक्ष अतिक्रमण जांच हेतु ज्ञापन भी सौपा गया था। इस पर कलेक्टर ने तहसीलदार दुर्ग को आवश्यक कार्यवाही करने को कहा। आज जनदर्शन में प्रधानमंत्री आवास योजना, आर्थिक सहायता, अनुकंपा नियुक्ति, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, राशन कार्ड सहित अन्य आवेदन प्राप्त हुए, जिसमें अवैध कब्जा के अधिक आवेदन प्राप्त हुए। इन सभी आवेदनों पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही करने को कहा। जनदर्शन के दौरान उपस्थित विभागीय अधिकारी द्वारा राशन कार्ड एवं प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित आवेदनों पर त्वरित कार्यवाही भी की गई। -
दुर्ग/ कृषि विज्ञान केन्द्र पाहंदा (अ) द्वारा ग्रामीण युवा कौशल विकास योजनांतर्गत ग्राम चंगोरी पाटन दुर्ग के जैविक खेती हेतु चयनित 28 युवाओं को जैविक खेती विषय पर प्रशिक्षण 30 जुलाई 2024 से 05 अगस्त 2024 तक आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण में चयनित ग्रामीण युवक एवं युवतियों को जैविक खेती की आवश्यकता लाभ एवं व्यवसायीकरण पर विस्तृत जानकारी प्रदान किया गया। प्रशिक्षाणार्थियों को जैविक खेती में लगने वाले विभिन्न घटक जैसे जीवामृत, बीजामृत, पंचगव्य, नीमास्त्र आदि बनाने का जीवंत प्रदर्शन एवं हरी खाद का जैविक खेती में महत्व केंचुआ खाद बनाने की कम लागत तकनीक के बारे में प्रशिक्षित किया गया। इस प्रशिक्षण में विभिन्न जैव-कारकों का कीड़े एवं बिमारियों के प्रबंधन में प्रयोग विधि तथा उत्पादित जैविक उत्पाद का प्रसंस्करण एव मूल्य संवर्धन तकनीक के बारे में बताया गया जिससे कि खेती में कम लागत कर अधिक मुनाफा लिया जा सके। प्रशिक्षण में जैविक खेती हेतु चयनित कृषकों को जैविक प्रमाणीकरण की विधि एवं ध्यान में रखने वाले सभी बिन्दुओं पर विस्तृत जानकारी प्रदाय की गई। जैविक खेती को व्यवसाय के रूप में स्थापित करने हेतु जैविक प्रमाणीकरण, जैविक उत्पादक के प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन पर विशेष जोर दिया गया। इस प्रशिक्षण में कृषि विज्ञान केन्द्र पाहंदा (अ) के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. विजय जैन, विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. नीतू स्वर्णकार (सस्य विज्ञान), डॉ. कमल नारायण (उद्यानिकी), डॉ. ललिता रामटेके (मृदा विज्ञान), डॉ. विनय कुमार नायक (कृषि अभियांत्रिकी) द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण-पत्र दिया गया।
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भिलाई नगर निगम के दिशा निर्देश में युवोदय स्वयंसेवको एवं 250 स्कूली बच्चों के द्वारा निकाली गयी जागरूकता रैली
दुर्ग/ कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के मार्गदर्शन एवं नगर निगम भिलाई कमीश्नर श्री देवेश कुमार ध्रुव के मार्गदर्शन में युवोदय स्वयंसेवकों द्वारा सोमवार को दोपहर 2.30 बजे शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रामनगर मुक्तिधाम, भिलाई में नशामुक्ति, डायरिया एवं स्वच्छता जागरूकता अभियान के तहत एक रैली का आयोजन किया गया, इसमें लगभग 250 बच्चों ने भागीदारी निभाई। इस कार्यक्रम में तीन विद्यालयों के बच्चों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
रैली का शुभारंभ शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रामनगर मुक्तिधाम से किया गया, जहां बच्चों ने नशामुक्ति, डायरिया की रोकथाम एवं स्वच्छता के महत्व पर जोर देते हुए नारे लगाए और पोस्टर प्रदर्शित किए। इस जागरूकता अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज में नशे की लत को रोकना, डायरिया जैसी बीमारियों की रोकथाम करना और स्वच्छता के विभिन्न थीम सिंगल यूज प्लास्टिक, गिला कचरा-सुखा कचरा, होम कंपोस्ट बनाने की विधि के प्रति लोगों को जागरूक करना था। कार्यक्रम में भाग लेने वाले स्कूलों के नाम इस प्रकार हैं - शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रामनगर, महारानी लक्ष्मीबाई माध्यमिक विद्यालय, शहीद वीरनारायण सिंह विद्यालय। इस अवसर पर जोन कमिश्नर सुश्री ऐशा लहरे के द्वारा प्राचार्य एवं स्कूल शिक्षको के उपस्थिति में हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया गया। रैली भिलाई नगर निगम के रामनगर क्षेत्र के विभिन्न चौक चौराहों से होते हुए गुजरा । नगर निगम टीम के द्वारा बच्चों को जागरूकता फैलाने के लिए प्रोत्साहित किया और उनके प्रयासों की सराहना की। इस प्रकार के अभियान समाज को स्वस्थ और स्वच्छ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों को किए गए और उनके प्रयासों की सराहना की गई। युवोदय स्वयंसेवकों ने भी इस सफल आयोजन के लिए सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस जागरूकता अभियान के माध्यम से न केवल बच्चों में बल्कि समुदाय के सभी लोगों में भी नशामुक्ति, डायरिया की रोकथाम और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ी है। भविष्य में भी इस प्रकार के अभियान जारी रखने का संकल्प लिया गया है। -
दुर्ग/ जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र दुर्ग द्वारा जिले में नियोजक द्वारा उपलब्ध 77 रिक्त पदों को भरने के लिए प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन 08 अगस्त को सुबह 10.30 बजे से जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र दुर्ग में किया जाएगा। प्लेसमेंट कैम्प में नियोजक वास्लोह बीके कास्ंिटग लिमिटेड के 2, एडलवाइस लाइफ इंश्योरेंस कंपनी के 10, स्टारेक्स मिनरल्स इंडिया प्राईवेट लिमिटेड के 54, हेवी मशीन ड्राईवर के 10, टेंडर/सेल्स ऑफिसर के एक पदों पर भर्ती की जाएगी।
जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र दुर्ग के उप संचालक श्री आर.के.कुर्रे के अनुसार इच्छुक आवेदक समस्त शैक्षणिक मूल प्रमाण एवं अंकसूची, पहचान पत्र (मतदाता परिचय पत्र, आधार कार्ड, पेन कार्ड, ड्रायविंग लाइसेंस, राशन कार्ड) रोजगार कार्यालय का पंजीयन पत्रक, छ.ग.निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र के साथ उपस्थित हो सकते हैं। पदों, योग्यता, आयु एवं अनुभव से संबंधित जानकारी आवेदक प्लेसमेंट कैम्प स्थल पर प्राप्त कर सकते हैं। -
कलेक्टर सुश्री चौधरी ने मॉनिटरिंग हेतु 177 अधिकारियों की ड्यूटी लगाई
दुर्ग/ राज्य शासन के स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार जिले के 177 संकुलों द्वारा चिन्हांकित विद्यालयों में 06 अगस्त 2024 को प्रथम पालक शिक्षक मेगा बैठक का आयोजन किया जा रहा है। उक्त बैठक प्रातः 10 बजे से प्रारंभ होगी। कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने बैठक की सुचारू संचालन एवं मॉनिटरिंग हेतु 177 अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है। उक्त अधिकारी बैठक की कार्य गतिविधियों पर नजर रखेंगे और संपूर्ण जानकारियां संबंधी प्रतिवेदन शिक्षा विभाग को प्रस्तुत करेंगे। पालक शिक्षक बैठक का मुख्य उद्देश्य सभी पालकों में उनके बच्चों एवं विद्यालय की संपूर्ण गतिविधियों के संबंध में जागरूकता लाना है, ताकि पालकों एवं शिक्षकों के सामूहिक प्रयास से बच्चों के बेहतर भविष्य के नींव गढ़ी जा सकें। शिक्षकों एवं पालकों के मध्य समन्वय स्थापित करना। पालकों को उनके बच्चों की पढ़ाई में मदद हेतु समाधानकारक, उपाय एवं सुझाव से अवगत कराना तथा शासन द्वारा बच्चों हेतु संचालित योजनाओं एवं शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन हेतु जिले में संचालित विभिन्न कार्यक्रमों से पालकों को अवगत कराना है। संकुल प्राचार्य की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में समस्त सम्मानीय जनप्रतिनिधि, समस्त एस.एम.डी.सी. एवं एस.एम.सी. के सदस्य, समस्त पालकगण, मेधावी छात्र एवं उनके पालक और शिक्षकगण सम्मिलित होंगे। चर्चा हेतु मुख्य 12 बिन्दु निर्धारित है। जिसमें मेरा कोना, छात्र दिनचर्या, बच्चों ने आज क्या सिखा, बच्चा बोलेगा बेझिझक, बच्चों की अकादमिक प्रगति एवं परीक्षा पर चर्चा, पुस्तक की उपलब्धता सुनिश्चित करना, बस्ता रहित शनिवार, विद्यार्थियों की आयु/कक्षा अनुरूप स्वास्थ्य परीक्षण एवं पोषण की जानकारी, जाति/आय/निवास प्रमाण पत्र, नेवता भोजन, विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं/छात्रवृत्ति एवं विभागीय योजनाओं की जानकारी पर चर्चा तथा विभिन्न प्लेटफार्म के माध्यम से शिक्षा हेतु पालकों एवं छात्रों को अवगत कराना आदि शामिल है। -
दुर्ग/ राज्य शासन के राजपत्र (असाधरण) में प्रकाशित नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अधिसूचना के तहत अनुुविभागीय अधिकारी (रा.) पाटन को नगर पालिका अमलेश्वर की परिषद के कर्त्तव्यों के निर्वहन हेतु प्रशासक पद पर पदस्थ किया गया है। कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने नगर पालिका अधिनियम 1901 की वैधानिक प्रावधानों में प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए नगर पालिका अमलेश्वर की परिषद के कर्त्तव्यों के निर्वहन हेतु अनुविभागीय अधिकारी (रा.) पाटन को प्रशासक नियुक्त किया है। आदेश के परिपालन में अनुविभागीय अधिकारी (रा.) पाटन श्री लवकेश ध्रुव द्वारा 30 जुलाई 2024 को अपरान्ह प्रशासक नगर पालिका परिषद अमलेश्वर के पद में कार्यभार ग्रहण किया गया है।
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सावधानी रखकर बीमारियों से बचे.. हरेली में रात्रि भ्रमण,
रायपुर/ अंधविश्वास, पाखंड व सामाजिक कुरीतियों के निर्मूलन के लिए कार्यरत संस्था अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा हरियाली के प्रतीक हरेली अमावस्या की रात को ग्रामीणजनों के मन से टोनही, भूत-प्रेत का खौफ हटाने के लिए समिति ने गांवों मे रात्रि भ्रमण कर ग्रामीणजनों से संपर्क किया,,समिति के दल ने रात्रि 11.00 बजे से रात्रि 3.00 बजे तक पठारीडीह, कन्हेरा , कंडारका, पिरदा, भालेसर, हरदी, उरला, ग्रामों का दौरा किया। रात्रि में नदी तट ,तालाब,श्मशान घाट पर भी गए.कहीं कहीं ग्रामीणों ने जादू-टोना, झाडफ़ूंक पर विश्वास होने की बात स्वीकार की। लेकिन किसी ने भी कोई अविश्वसनीय चमत्कारिक घटना की जानकारी नहीं दी। समिति के दल में शामिल डॉ दिनेश,मिश्र डॉ.शैलेश जाधव, ज्ञानचंद विश्वकर्मा, डॉ प्रवीण देवांगन, प्रियांशु पांडे, ने अनेक ग्रामीणों से चर्चा की.
डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा ग्रामीण अंचल में हरियाली अमावस्या (हरेली) के संबंध में काफी अलग अलग मान्यताएं हैं अनेक स्थानों पर इसे जादू-टोने से जोड़कर भी देखा जाता है, कहीं-कहीं यह भी माना जाता है कि इस दिन, रात्रि में विशेष साधना से जादुई सिद्वियां प्राप्त की जाती है जबकि वास्तव में यह सब परिकल्पनाएं ही हैं, जादू - टोने का कोई अस्तित्व नहीं है तथा कोई महिला टोनही नहीं होती। फिर भी अंधविश्वास के कारण महिला प्रताड़ना की अनेक घटनाएं सामने आती हैं ,पिछले सप्ताह ही दुर्ग, रायगढ़,बस्तर , सरगुजा से ऐसी घटनाएं सामने आई है. पहले जब बीमारियों व प्राकृतिक आपदाओं के संबंध में जानकारी नहीं थी तब यह विश्वास किया जाता था कि मानव व पशु को होने वाली बीमारियां जादू-टोने से होती है। बुरी नजर लगने से, देखने से लोग बीमार हो जाते है तथा इन्हें बचाव के लिए गांव, घर को तंत्र-मंत्र से बांध देना चाहिए तथा ऐसे में कई बार विशेष महिलाओं पर जादू-टोना करने का आरोप लग जाता है वास्तव में सावन माह में बरसात होने से वातावरण का तापमान अनियमित रहता है, उमस, नमी के कारण बीमारियों को फैलाने वाले कारक बैक्टीरिया,फंगस वायरस अनुकूल वातावरण पाकर काफी बढ़ जाते हैं, वही दूसरी ओर गंदगी, प्रदूषित पीने के पानी, भोज्य पदार्थ के दूषित होने, मक्खियां, मच्छरो के बढने से बीमारियां एकदम से बढ़ने लगती हैं जिससे गांव, गांव में आंत्रशोध, पीलिया, वायरल फिवर,डेंगू, मलेरिया के मरीज बढ़ जाते है तथा यदि समय पर ध्यान नहीं दिया गया हो तो पूरी बस्ती ही मौसमी संक्रामक रोगों की शिकार हो जाती है। वहीं हाल फसलों व पशुओं का भी होता है, इन मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए पीने का पानी साफ हो, भोज्य पदार्थ दूषित न हो, गंदगी न हो, मक्खिंया, मच्छर न बढ़े,जैसी बुनियादी बातों पर ध्यान देने की आवश्यकता है। स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां रखने से लोग पशु कोरोना तथा अन्य संक्रमणों व बीमारियों से बचे रह सकते है। इस हेतु किसी भी प्रकार के तंत्र-मंत्र से घर, गांव बांधने की आवश्यकता नहीं है। साफ-सफाई अधिक आवश्यक है, इसके बाद यदि कोई व्यक्ति इन मौसमी बीमारियों से संक्रमित हो तो उसे फौरन चिकित्सकों के पास ले जाये, संर्प दंश व जहरीले कीड़े के काटने पर भी चिकित्सकों के पास पहुंचे। बीमारियों से बचने के लिए साफ-सफाई, पानी को छानकर, उबालकर पीने, प्रदूषित भोजन का उपयोग न करने तथा गंदगी न जमा होने देने जैसी बातों पर लोग ध्यान देंगे तथा स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहेंगे तो तंत्र-मंत्र से बांधनें की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। बीमारियों खुद-ब-खुद नजदीक नहीं फटकेंगी, मक्खिंया व मच्छर किसी भी कथित तंत्र-मंत्र से अधिक खतरनाक है।
डॉ. मिश्र ने कहा ग्रामीणजनों से अपील है कि वे अपने गांव में अंधविश्वास न फैलने दे तथा ध्यान रखें कि गांव में कोई महिला को जादूटोने के आरोप में प्रताडि़त न किया जाये। कोई भी नारी टोनही नही होती. ग्रामीणों ने आश्वस्त किया कि उनके गांव में कभी भी किसी महिला को टोनही के नाम पर प्रताडि़त नहीं किया जावेगा तथा ध्यान रखेंगे कि आसपास में ऐसी कोई घटना न हो। कुछ ग्रामीणों ने कहा कि यह माना जाता है कि हरेली की रात टोनही बरती (जलती हुई) दिखाई देती है। लेकिन उन्होंने यह भी बताया कि यह सब सुनी सुनायी बातें हैंै। समिति को कोई भी ऐसा प्रत्यक्षदर्शी नहीं मिला जिसने ऐसी कोई चमत्कारिक घटना देखी हो। लेकिन रात्रि में लोग खौफजदा रहते है और घर से बाहर निकलने में डरते है। ग्रामीण टोनही के अस्तित्व पर या उसके कारगुजारियों पर चर्चा जरूर करते हैं पर यह नहीं बता पाते कि किसी ने हरेली के रात वास्तव में कुछ करते हुए देखा।
डॉ. मिश्र ने कहा कि सुनी सुनायी बातों के आधार पर अफवाहें एवं भ्रम फैलता है, वास्तव में ऐसा कुछ भी चमत्कार न हुआ है और न संभव है। इसलिये किसी भी को ग्रामीण को कथित जादू-टोने अथवा टोनही भ्रम व भय में नहीं पडना चाहिए। - -ट्रांसजेंडरों ने दी मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां-छत्तीसगढ़ी, राजस्थानी, कत्थक, ओड़िशी और लावनी नृत्य की जुगलबंदी पर थिरके कलाकार-ट्रांसजेंडर कलाकारों ने दिया दहेज उन्मूलन पर संदेश-ट्रांस-माडलों ने छत्तीसगढ़ी व इन्द्रधनुषी थीम पर फैशन का जलवा रैंप पर दिखायारायपुर / आज राजधानी रायपुर के महंत घासीदास संग्रहालय के मुक्ताकाशी मंच में ’राज्यस्तरीय ट्रांसजेंडर सांस्कृतिक संध्या’ सांझ-6 का आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ इकलौता ऐसा राज्य है जहां ट्रांसजेंडर समुदाय की सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य शासन द्वारा मंच प्रदान किया जाता है।इस कार्यक्रम का आयोजन संस्कृति व पुरातत्व विभाग तथा छत्तीसगढ़ मितवा संकल्प समिति के संयुक्त तत्वाधान में किया गया था। इस कायर्क्रम के मुख्य अतिथि विधायक श्री पुरंदर मिश्रा तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में संचालक पुरातत्व एवं संस्कृति विभाग श्री विवेक आचार्य उपस्थित थे। इसके साथ सहायक संचालक, संस्कृति व पुरात्तव विभाग तनुजा बघेल, विशेष अतिथि के रूप छत्तीसगढ़ किन्नर समाज की प्रमुख नगीना नायक, विशिष्ट अतिथि के रूप में सुनीता चंसोरिया, सहायक प्राध्यापक दुर्गा महाविद्यालय तथा प्रीतम महानंद, सांसद प्रतिनिधि उपस्थित थे।कार्य़क्रम सांझ -6 में तृतीय लिंग समुदाय के कलाकारों ने अपनी रंगारंग प्रस्तुतियां दी। दीप प्रज्ज्वल के पश्चात पहली एकल प्रस्तुत मीरा यादव द्वारा ओडीसी नृत्य के माध्यम से किया गया। पहली सामूहिक प्रस्तुति प्रतिमा ग्रुप द्वारा राजस्थानी नृत्य से कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इसके बाद स्वरागिनी ग्रुप के कलाकारों ने भी राजस्थानी व छत्तीसगढ सुआ गीत, कर्मा गीत, ददरिया व होली के गीतों में अपनी प्रस्तुति देकर लोगों को झूमने को मजबूर कर दिया। तीसरी प्रस्तुति के रुप में रायपुर के श्री युवराज बाध एवम साथी द्वारा कत्थक में शिव वंदना की प्रस्तुति दी गई। इसके साथ-साथ उन्होंने कत्थक तिहाई, परन और ठुमरी में अपने अंदाज से लोगों को दिल जीत लिया। उल्लेखनीय है कि युवराज बाध जी कत्थक नृत्य के क्षेत्र में गुररत्न अवार्ड, मधुपुरम अवार्ड, मधुपुरम सम्मान, गुरू बह्म अवार्ड तथा नृत्य माया अवार्ड प्राप्त कर चुके हैं।प्रतिमा डांस ग्रुप द्वारा समाज में व्याप्त दहेज की कुरितियों से संबंधित एक संगीतमय नृत्य नाटिका की प्रस्तुति दी गई। इस नृत्य नाटिका के माध्यम से दहेज प्रथा के खिलाफ संदेश दिया गया, जो बहुत की आकषर्क ढंग से प्रस्तुत किया गया। समुदाय के कई कलाकारों द्वारा एकल विधा में उपशास्त्रीय नृत्य में प्रस्तुति दी गई। पिथौरा महासमुंद की चुरकी मुरकी डांस ग्रुप के कलाकारों ने अपने अंदाजों से सभी ओडियंस का मन जीता। कार्यक्रम के दूसरे चरण में ट्रांसजेंडर युवाओं ने रैंप पर फैशन शो किया। ये सरोना स्थित गरिमा गृह के विद्यार्थी थे। उन्होंने छत्तीसगढ़ी, इंडियन थीम तथा इन्द्रघनुषी थीम पर रैप पर माडलिंग किया।फैशन शो और नृत्य के दौरान दर्शको ने समुदाय के व्यक्तियों का उत्साहत वर्धन किया तथा कार्यक्रम में समुदाय के वरिष्ठ लोगों द्वारा सभी कलाकारों का श्रीफल, साल तथा प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में छत्तीसगढ़ मितवा संकल्प समिति के अध्यक्ष विद्या राजपूत ने कलाकारों, दर्शकों एवम संस्कृति एवम पुरातत्व विभाग, क्वीरगढ LGBTQ समूह, वॉक इन टॉक फूड कॉर्नर, अनंत प्रवाह कत्थक केन्द्र के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया जिनके सहयोग से यह कार्यक्रम संपन्न हो सका।
- -विश्वविद्यालय तथा भारतीय मानक ब्यूरो के मध्य हुआ अनुबंधरायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के अंतर्गत संचालित सभी कृषि प्रदर्शन प्रक्षेत्रों में अब भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा तय कृषि पद्धतियों का उपयोग किया जाएगा। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय तथा भारतीय मान ब्यूरो के मध्य इस संबंध में आज यहां एक अनुबंध किया गया जिसके तहत कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित सभी प्रदर्शन प्रक्षेत्रों में भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा अनुशंसित मानक पद्धतियों का अनुसरण किया जाएगा। अनुबंध पत्र पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल तथा भारतीय मानक ब्यूरो के उप महानिदेशक श्री दिव्येंदु चक्रवर्ती ने हस्ताक्षर किये। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय भारत का दूसरा कृषि विश्वविद्यालय है जहां भारतीय मानक ब्यूरो तय मानकों का उपयोग किया जाएगा। अनुबंध के तहत भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा कृषि विश्वविद्यालय में अनुसंधान करने वाले शोधार्थियों को मानक अनुसंधान क्रियाओं का प्रयोग करने हेतु वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाएगी जिससे अनुसंधान कार्यां की गुणवत्ता बढ़ेगी और शोधार्थियों को प्रोत्साहन प्राप्त होगा।इस अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने कहा कि कृषि के क्षेत्र में विभिन्न अंचलों में अलग-अलग कृषि पद्धतियां एवं क्रियाओं का उपयोग किया जाता है जिसकी वजह से इसमें विविधताएं पाई जाती हैं। उन्होंने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित विभिन्न प्रदर्शन प्रक्षेत्रों में भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा अनुशंसित कृषि पद्धतियों एवं प्रक्रियाओं का उपयोग करने से कृषि उत्पादों की गुणवत्ता में वृद्धि होगी तथा उत्पादन में इजाफा होगा, इससे यहां होने वाले प्रदर्शनों का अवलोकन कर छत्तीसगढ़ के किसान भी लाभान्वित होंगे। डॉ. चंदेल ने कहा कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, पंत नगर कृषि विश्वविद्यालय, उत्तराखण्ड के बाद देश का ऐसा दूसरा विश्वविद्यालय बन गया है जहां भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा अनुशंसित कृषि पद्धतियों का अनुसरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सर्वप्रथम रायपुर स्थित प्रदर्शन प्रक्षेत्र में इन मानकों का उपयोग किया जाएगा और धीर-धीरे विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित समस्त प्रदर्शन प्रक्षेत्रों को मानक पद्धतियों के अंतर्गत लाया जाएगा। भारतीय मानक ब्यूरो के उप महानिदेशक श्री दिव्येंदु चक्रवर्ती ने इस अवसर पर कहा कि आज का दिन इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय तथा भारतीय मानक ब्यूरो दोनों के लिए काफी महत्वपूर्ण है जब कृषि विश्वविद्यालय द्वारा अपने प्रक्षेत्रों में ब्यूरो द्वारा निर्धारित मानकों के उपयोग हेतु समझौता किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में 22 हजार से ज्यादा मानक निर्धारित किये गये हैं जिनमें अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी, खाद्य प्रौद्योगिकी, खाद्य उत्पाद, ग्राहक सेवाएं, कृषि अनुसंधान आदि क्षेत्र शामिल हैं। भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा विभिन्न उत्पादों एवं प्रक्रियाओं के लिए आई.एस.आई., हॉलमार्क जैसे मानक निर्धारित किये गये हैं जिससे ग्राहकों एवं उपयोगकर्ताओं को उत्पादों एवं सेवाओं के मानकीकृत होने का भरोसा मिलता है। उन्होंने कहा कि भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा देश के 100 से अधिक शैक्षणिक संस्थानों के साथ में शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्रों में अनेक अनुबंध किये गये हैं।इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के संचालक अनुसंधान विवेक कुमार त्रिपाठी ने स्वागत भाषण उद्बोधन में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय तथा भारतीय मानक ब्यूरो के मध्य संपादित अनुबंध के बारे में जानकारी दी। भारतीय मानक ब्यूरो के राज्य प्रमुख श्री सुरेश कुमार ने ब्यूरो द्वारा संचालित गतिविधियों एवं उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. जी.के. दास, निदेशक विस्तार सेवाएं डॉ. एस.एस. टुटेजा, निदेशक प्रक्षेत्र एवं बीज डॉ. राजेन्द्र लाकपाले, अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संजय शर्मा, कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. विनय कुमार पाण्डेय, खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. ए.के. दवे एवं विभिन्न विभागा के विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक, वैज्ञानिक सहित छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
- रायपुर । स्थानीय दीनदयाल उपाध्याय नगर निवासी कर्मचारी नेता 64 वर्षीय अजय तिवारी ( बड़गांव वाले ) का आज सोमवार को संध्या बेला में निधन हो गया । वे स्वर्गीय बालकृष्ण तिवारी के पुत्र , श्रीमती आभा तिवारी के पति व अभिनव तिवारी के पिता थे । अंतिम संस्कार कल मंगलवार को पूर्वान्ह 10 बजे गृहग्राम बड़गांव ( चंदखुरी फार्म ) स्थित मुक्तिधाम में होगा ।
- -बलौदाबाजार जिले के विभिन्न महाविद्यालयों के दीक्षारंभ समारोह में शामिल हुए राजस्व मंत्री-वटगन महाविद्यालय में विभिन्न विकास कार्यों के लिए 20 लाख रूपये स्वीकृतरायपुर / देश की तरक्की की राह में युवाओं का योगदान सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लागू की गई। नई शिक्षा नीति का छत्तीसगढ़ में क्रियान्वयन हो रहा है। राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा बलौदाबाजार जिले के विभिन्न कॉलेजों में आयोजित दीक्षारंभ समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में नई शिक्षा नीति का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया जा रहा है।राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि नई शिक्षा नीति में नौकरी की जगह स्वरोजगार पर जोर दिया गया है, ताकि व्यक्ति आत्मनिर्भर होकर खुद को नौकरी के बजाय अन्य लोगों को नौकरी प्रदान कर सके। उन्होंने कहा कि शिक्षा नीति में मातृभाषा में पढ़ाई के साथ-साथ देश की संस्कृति, सभ्यता को महत्व दिया गया है, जिससे छात्रों में गौरवशाली संस्कृति से परिचित हो सके। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति में नवीनतम तकनीकी ज्ञान का भी समावेश किया गया है।राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने नवीन शासकीय महाविद्यालय वटगन, शासकीय बृजलाल वर्मा महाविद्यालय पलारी एवं शासकीय दाऊ कल्याण आर्टस एवं वाणिज्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय बलौदाबाज़ार के कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में उन्होंने नवप्रवेशी कॉलेज छात्र छात्राओं का तिलक लगाकर स्वागत किया। इस मौके पर उन्होंने होनहार एवं परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई।राजस्व मंत्री श्री वर्मा ने इस मौके पर वटगन कॉलेज के विभिन्न विकास कार्यों के लिए 20 लाख रूपये की स्वीकृति की घोषणा की। इस राशि में 10 लाख रूपये के मुख्य सड़क मार्ग से कॉलेज तक पहुंचमार्ग और 10 लाख रूपये सायकल स्टैण्ड, आवश्यक फर्नीचर सहित बाउंड्री वॉल के लिए व्यय की जाएगी।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल ने कहा कि कॉलेज को संवारने की जिम्मेदारी हमारी है। हम सब मिलकर इस कॉलेज के लिए बेहतर कार्य करेंगे। इन कार्यक्रमों में पूर्व विधायक सनम जांगड़े, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक पूर्व अध्यक्ष योगेश चंद्राकर, पलारी नगर पंचायत यशवर्धन वर्मा, स्काउट गाइड के प्रदेश उपाध्यक्ष विजय केशरवानी विद्यालय बलौदाबाजार में नगर पालिका परिषद् अध्यक्ष चितावर जायसवाल, पूर्व अध्यक्ष अशोक जैन सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में छात्र और उनके पालकगण शामिल हुए।
- -शासकीय इंजीनियर विश्वेश्वरैया पीजी कॉलेज के दीक्षारंभ समारोह में शामिल हुए मंत्री श्री देवांगन- नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं का किया हौसला अफजाईरायपुर / प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग और श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन आज कोरबा स्थित शासकीय इंजीनियर विश्वेश्वरैया स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोरबा के दीक्षारंभ समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ मंत्री श्री देवांगन ने वाणी की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलित किया। इस अवसर पर मंत्री श्री देवांगन ने कहा की सभी शासकीय, निजी कॉलेजों में नवप्रवेशित विद्यार्थियों को नए परिवेश में सहज महसूस कराने, उनमें संस्थान की विशिष्ट प्रकृति तथा संस्कृति को सिखाने, अन्य छात्रों और संकाय सदस्यों के साथ संबंध बनाने तथा उन्हें व्यापक उद्देश्य तथा स्वयं की खोज की भावना से परिचित कराने के उद्देश्य से दीक्षारंभ समारोह का आयोजन किया जा रहा है।मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम में अलग-अलग विषयों से अवगत होंगे, निश्चित रूप से भविष्य में हमारी शिक्षा नीति विश्व स्तर पर नई पहचान बनायेगी। उन्होंने छात्राओं को निरंतर आगे बढ़ते रहने एवं आदर्श छात्र जीवन जीने की बात कही।नवीन शिक्षा नीति युवाओं की आशाओं और आकांक्षाओं को साकार करने का साधन बनने जा रहा है।मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि यह जिले का सबसे बड़ा महाविद्यालय है। आज नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं के लिए प्रवेश का प्रथम दिवस है। उन्होंने कहा की आप विद्यालय की पढ़ाई पूर्ण कर महाविद्यालय में प्रवेशित हो रहे हैं, जिस प्रकार एक पौधा रोपण होता है, उसके बाद वो पौधा बड़ा पेड़ बनता है और संपूर्ण प्रकृति को ठंडक प्रदान करता है। ठीक उसी प्रकार आज आपका भी पदार्पण हुआ है। महाविद्यालय में यहां से विद्यार्जन करके निकलेंगे तो राष्ट्र के लिए आप भी उपलब्धियां लेकर राष्ट्र का नाम रोशन करेंगे।इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ साधना खरे, जनभागीदारी समिति की अध्यक्ष श्रीमती कविता सिंह राजपूत, वार्ड क्रमांक 16 के पार्षद श्री नरेंद्र देवांगन, जिला उपाध्यक्ष श्री प्रफुल्ल तिवारी, डॉ. रेणु बाला शर्मा, डॉ एस के गोभिल, डॉ अवंतिका कौशिल समेत अधिक संख्या में छात्र गण और अध्यापक गण उपस्थित रहे।मिनीमता और अग्रसेन कन्या महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए मंत्री श्री देवांगनकोरबा स्थिति शासकीय मिनीमाता कन्या महाविद्यालय और श्री अग्रेसन कन्या महाविद्यालय में भी आयोजित दीक्षारंभ समारोह में मंत्री श्री देवांगन शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आज से आप महाविद्यालय के छात्र हैं और ज्ञान के इस मंदिर का प्रयोग कर अपने भविष्य को चहुंमुखी विकास की ओर ले जा पाएंगे। नवीन शिक्षा नीति का उपयोग कर नई शिक्षा को जीवन मे उतारते हुए सम्पन्न और विकसित भारत की संकल्पना में अपना योगदान दे पाएंगे।
- रायपुर, /किशोर न्याय बालकों की देखरेख और संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों के तहत गठित राज्य बाल संरक्षण समिति की कार्यकारिणी तथा आमसभा बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग एवं पदेन अध्यक्ष राज्य बाल संरक्षण समिति श्रीमती शम्मी आबिदी की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आज सम्पन्न हुई। सचिव महिला एवं बाल विकास द्वारा बैठक में बाल संरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर एवं विभिन्न विभागों के साथ समन्वय पर विस्तार से चर्चा की गई। संयुक्त संचालक, मिशन वात्सल्य द्वारा वर्तमान में राज्य में बाल संरक्षण के क्षेत्र में किये जा रहे विभिन्न कार्यों, किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 यथा संशोधित 2021 के क्रियान्वयन हेतु संचालित मिशन वात्सल्य के तहत प्रदान की जा रही संस्थागत एवं गैर संस्थागत देखरेख सेवाओं की जानकारी का प्रस्तुतीकरण किया गया।बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 93 बाल देखरेख संस्थाएं संचालित हैं, जिनमें देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के लिए 67 एवं विधि से संघर्षरत बच्चों के लिए 26 संस्थाएं संचालित हैं। इन संस्थाओं में 2046 बच्चे निवासरत हैं, जिनमें से 1318 बच्चे शाला में अध्ययनरत एवं 29 बच्चे ओपन स्कूल के माध्यम से परीक्षा देंगे। वर्ष 2023-24 में बाल देखरेख संस्थाओं में निवासरत 10वी के 32 एवं 12वी के 23 बच्चे प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए। आगामी शिक्षा सत्र के विषय चयन हेतु 136 बच्चों का एप्टीट्यूड टेस्ट कराया गया। कोंडागांव एवं महासमुंद जिले के बच्चों द्वारा जुडो, तीरंदाजी खेलों में प्रदर्शन किया गया। जिसके फलस्वरूप सांई हॉस्टल एवं खेल अकादमी में प्रवेश प्रदाय किया गया है। सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संस्थागत देखरेख में निवासरत बालकों के सर्वांगीण विकास हेतु अच्छी शिक्षा उपलब्ध कराने, कौशल प्रशिक्षण से जोड़ने, बच्चों की समुचित स्वास्थ्यगत देखभाल करने हेतु महिला एवं बाल विकास विभाग एवं संबंधित विभागों की संयुक्त कार्ययोजना बनाकर प्रभावी कियान्वयन हेतु निर्देशित किया गया। खेल एवं युवा कल्याण विभाग को उनकी गतिविधियों में इन बच्चों को शामिल करने के निर्देश दिये गये।गैर संस्थागत देखरेख अंतर्गत दत्तक ग्रहण में वर्ष 2023-24 में 79 बालक एवं इस वर्ष 20 बालक दत्तक ग्रहण में दिये गये। स्पांसरशिप कार्यक्रम के अंतर्गत 812 बच्चों को लाभान्वित किया जा रहा है। सचिव द्वारा इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने एवं अधिकतम पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने के निर्देश दिये गये। फास्टर केयर के अंतर्गत 14 बच्चे एवं आफ्टर केयर में 85 बच्चों को लाभान्वित किया गया।किशोर न्याय बालकों की देखरेख और संरक्षण अधिनियम, 2015 यथा संशोधित 2021 के प्रावधान के अनुसार छत्तीसगढ़ बाल कोष का गठन किया गया है, जिसमें जिलों से प्राप्त प्रस्तावों पर स्वीकृति उपरांत राज्य बाल संरक्षण समिति द्वारा कार्याेत्तर अनुमोदन दिया गया। कोविड आपदा के कारण अनाथ हुए बच्चों के लिए संचालित पीएम केयर फॉर चिल्ड्रन योजना के तहत 108 हितग्राहियों को लाभान्वित किये जाने की जानकारी संबंधित अधिकारी द्वारा दी गई।पॉक्सो पीड़ित बालिकाओं के पुनर्वास हेतु केन्द्र शासन द्वारा संचालित योजना की जानकारी समिति के सदस्यों को दी गई कि एक सितम्बर 2023 से राज्य शासन द्वारा संचालित चाईल्ड हेल्पलाईन 1098 के संचालन, महिला हेल्पलाईन 181 एवं ईआरएसएस 112 से इंटीग्रेशन के संबंध में जानकारी दी गई। चाईल्ड हेल्पलाईन में प्राप्त 1623 प्रकरणों के विरूद्ध 1571 प्रकरणों का निराकरण किया गया। सचिव द्वारा हेल्पलाइन नम्बर 1098, 181, 112 के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं बच्चों के विरूद्ध तथा बच्चों द्वारा किये जाने वाले अपराधों का जिलेवार विश्लेषण कर कार्ययोजना बनाने एवं प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिये गये।बैठक में बताया गया कि राज्य में बाल संरक्षण व बच्चों के सर्वाेत्तम हित में किए जा रहे कार्यों एवं प्रयासों की गुणात्मक सुधार हेतु निर्देश दिए गए। समिति के सदस्यों को बाल विवाह मुक्त छ.ग. अभियान के संबंध में जानकारी दी गई। वर्ष 2023-24 में 161 एवं वर्ष 2024-25 में 146 बाल विवाह अंतर्विभागीय समन्वय से रोके गये हैं। राज्य शासन द्वारा किये जा रहे नवाचार उल्लास, उजियार, उमंग, उम्मीद एवं बाल उदय योजना के बारे में विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही बाल देखरेख संस्थाओं में होने वाली विभिन्न गतिविधियों स्वच्छता पखवाड़ा, योग दिवस, मानसिक स्वास्थ्य दिवस, वीर बाल दिवस की जानकारी साझा की गई।वर्ष 2023-24 में मिशन वात्सल्य के दिशा-निर्देश अनुसार भारत शासन को प्रेषित वित्तीय प्रस्ताव पर कार्याेत्तर अनुमोदन समिति द्वारा दिया गया। समिति द्वारा 2024-25 के लिए प्रशिक्षण कार्ययोजना, प्रचार-प्रसार गतिविधि कार्ययोजना, वर्ष 2022-23 के ऑडिट कार्य का कार्याेत्तर अनुमोदन दिया गया। समिति के सदस्यों को छ.ग. राज्य की बाल संरक्षण नीति का ड्राफ्ट तैयार करने की जानकारी दी गई। सचिव ने बच्चों के सर्वाेत्तम हित में प्रचार-प्रसार, विभाग से संबंधित बिंदुओं पर परिणाममूलक कार्यवाही हेतु समन्वित कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिये गये।बैठक में संचालक महिला एवं बाल विकास श्रीमती तुलिका प्रजापति, संयुक्त सचिव, महिला एवं बाल विकास विभाग डॉ. रेणुका श्रीवास्तव एवं अन्य सहयोगी विभागों- गृह विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, समाज कल्याण विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, वित्त विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, तकनीकी शिक्षा विभाग, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, रेलवे एवं एनआईसी आदि विभागों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
- रायपुर / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मंगलवार 6 अगस्त को शाम 4.55 बजे जशपुर जिले के दो दिवसीय प्रवास के बाद रायपुर लौटेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सवेरे 10.50 बजे जशपुर जिले बगिया स्थित अपने निवास से कार द्वारा रवाना होकर 11 बजे कुनकुरी विकासखंड के ग्राम बन्दरचुंआ स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला आयेंगे और वहां कार्यक्रम में शामिल होने के बाद दोपहर 12.10 बजे बगिया पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री अपरान्ह 3.30 बजे बगिया से हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर शाम 4.55 बजे रायपुर लौट आएंगे।
- रायपुर। खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल ने आज बेमेतरा जिले के नगर पंचायत नवागढ में नगरीय प्रशासन विभाग के द्वारा आयोजित जनसमस्या निवारण पखवाड़ा शिविर का अवलोकन किया और हितग्राहियों से चर्चा करके राशनकार्ड वितरण, उचित मूल्य दुकान के माध्यम से खाद्यान की उपलब्धता एवं अन्य समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि लोगों की समस्याओं का समाधान करने के लिए शिविर का आयोजन किया गया है, जिनका राशनकार्ड नहीं बना है। वे 15 अगस्त 2024 तक नवीनीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं। हितग्राही द्वारा खाद्य विभाग की वेबसाइट ीजजचरूध्धींकलंण्बहण्दपबण्पद से डाउनलोड करके नवीनीकरण का कार्य किया जा सकता है। हितग्राही उचित मूल्य दुकान में भी जाकर ऑनलाईन के माध्यम से अपने राशनकार्ड नवीनीकरण और ई-केवायसी का कार्य करवा सकतें है।
मंत्री श्री बघेल ने कहा कि ई-केवायसी के लिए प्रत्येक हितग्राही का बायोमेट्रिक अद्यतन होना चाहिए जिन सदस्यों का बाल आधार बना है उन्हें पहले आधार सेवा केंद्र से अपना बायोमेट्रिक अपडेट कराना होगा। इसके पश्चात् उचित मूल्य दुकान के ई-पॉस मशीन से ई-केवायसी करा सकते हैं। विदित हो कि राशनकार्ड में ई-केवायसी और नवीनीकरण की सुविधा निःशुल्क है। शिविर में आवेदन कर सकते हैं। - नई दिल्ली। केन्द्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह से नई दिल्ली में राज्यपाल श्री रमेन डेका ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर गृहमंत्री श्री अमित शाह को राज्यपाल श्री रमेन डेका ने पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंट किया। इस दौरान प्रथम महिला श्रीमती रानी डेका काकोटी भी उपस्थित थीं।
- राजनांदगांव । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजनांदगांव के क्लब हाऊस सन सिटी में प्रसिद्ध कथावाचक पंडित श्री प्रदीप मिश्रा से सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने उन्हें शाल-श्रीफल प्रदान कर सम्मानित किया तथा स्मृति चिन्ह के रूप में बेलमेटल की नंदी की मूर्ति भेंट की। मुख्यमंत्री ने कहा कि पावन श्रावण मास चल रहा है, इस दौरान आपसे मुलाकात करने का मुझे सौभाग्य प्राप्त हुआ।मुख्यमंत्री श्री साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने पूजा-अर्चना की और पंडित श्री प्रदीप मिश्रा से आशीर्वाद ग्रहण किया। इस अवसर पर पूर्व सांसद श्री मधुसूदन यादव, राजनांदगांव के कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक श्री मोहित गर्ग सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।



























