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- - विभागीय टोल फ्री नम्बर 1800233008- प्रकोष्ठ प्रातः 8 से रात्रि 8 बजे तक कार्य करेगीदुर्ग/ ग्रीष्म ऋतु के मद्देनजर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल समस्या के त्वरित निराकरण एवं सुचारू रूप से संचालन/संधारण हेतु जिला स्तर पर पेयजल नियंत्रण प्रकोष्ठ का गठन किया गया है। पेयजल नियंत्रण प्रकोष्ठ का मोबाइल नम्बर 9827191230 है। नियंत्रण प्रकोष्ठ प्रभारी लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी उपखंड सहायक अभियंता श्री प्रकाश सिंह ठाकुर मो.न. 9827191230 है। इसी प्रकार नियंत्रण प्रकोष्ठ सहायक श्री भागवत मानिकपुरी 9755903273 सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक, श्री ईश्वर देवांगन 9329682835 दोपहर 2 से रात 8 बजे तक रहेंगे।प्रकोष्ठ में पेयजल समस्या के निराकरण से संबंधित डाक एवं पत्राचार प्रकोष्ठ प्रभारी के नेतृत्व में सहायक मानचित्रकार श्री धनसिंह सिन्हा द्वारा किया जाएगा। प्रकोष्ठ प्रातः 8 बजे से रात्रि 8 बजे तक कार्य करेंगे। प्रकोष्ठ में प्राप्त शिकायतों के निराकरण हेतु एक रजिस्टर संधारित किया जाएगा। जिसमें प्रतिदिन के प्राप्त शिकायतों का पूर्ण विवरण दर्ज होगा एवं संबंधित सहायक अभियंताओं/उप अभियंताओं को शिकायत से अवगत कराएंगे एवं शिकायत की तिथिवार निराकरण संबंधी जानकारी का स्पष्ट उल्लेख रजिस्टर में होगा।उपखंड स्तर पर पेयजल प्रकोष्ठ के तहत 15 जून 2025 तक अपने आबंटित कार्य के अतिरिक्त पेयजल प्रकोष्ठ से संबंधित कार्य करेंगे। विकासखंड दुर्ग/धमधा प्रभारी उप अभियंता श्री प्रतिक मिश्रा 9752314143, गायत्री वैष्णव 7999843595, श्री विशाल गेडाम 9406049040, कु.कल्पना पोया 8889278847 रहेगी। उपखंड कार्यालय पाटन प्रभारी सहायक अभियंता श्री एम.ए.खान 9425555084, उप अभियंता श्रीमती पल्लवी ध्रुव 8249591211, सुमन साहू 7587143332, बिमला ठाकुर 7692069292 रहेंगे। जिला स्तर पर खंड कार्यालय दुर्ग एवं प्रत्येक उपखंड मुख्यालय तथा विकासखंड स्तर पर समस्त जनपद पंचायत मुख्यालय में शिकायत पंजी संधारित की जाएगी। शिकायत/सुधार उक्त स्थलों पर दर्ज किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त विभागीय टोल फ्री नम्बर 1800233008 में भी शिकायत/सुधार दर्ज किया जा सकता है।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज से तीन उच्च अधिकारी सहित 10 कर्मचारियों को कंपनी प्रबंधन द्वारा भावभीनी विदाई दी गई। सेवानिवृत्त हो रहे अधिकारियों में कार्यपालक निदेशक एस.एंड पी. (डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी) श्री अंजन कुमार धर, कार्यपालक निदेशक (सिविल) उत्पादन श्री जयेश बोन्डे एवं मुख्य अभियंता (प्रशिक्षण) श्री धरम साय भगत को सेवाभवन में पॉवर कंपनी के अध्यक्ष डॉ. रोहित यादव तथा प्रबंध निदेशकगण द्वारा सम्मानित कर विदाई दी गई।इस अवसर पर अध्यक्ष श्री यादव ने अधिकारियों की कार्यशैली की प्रशंसा की एवं उनके योगदान को पॉवर कंपनी के हित में बताया। उन्होंने कहा कि तीनों सेवानिवृत हो रहे अधिकारियों की विदाई से कंपनी में अनुभवी कर्मियों की कमी महसूस होती है। अधिकारीगण सेवा में रहते हुए भी अपने ज्ञान व तकनीकी कौशल को बढ़ाते रहे हैं जिससे कंपनी को समय-समय पर लाभ मिलता रहा है।कार्यक्रम में एमडी (जनरेशन) श्री एस.के.कटियार, एमडी (टांसमिशन) श्री आर.के.शुक्ला, एमडी (डिस्ट्रीब्यूशन) श्री भीम सिंह कंवर ने भी सेवानिवृत्त अधिकारियों की सुखद भविष्य और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की।इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक श्री केएस मनोठिया, श्री एमएस चौहान, श्री संजय पटेल, श्री आर.ए.पाठक, श्रीमती ज्योति नंनौरे, श्री सी.एल.नेताम, श्री संदीप वर्मा, श्री गिरीश गुप्ता, श्री वीके दीक्षित, मुख्य अभियंता श्री एएम परियल, श्रीमती शारदा सोनवानी, श्री केबी पात्रे, श्री वाई.बी.जैन, श्री सुभाष शर्मा, श्री हेमंत सिंह, श्री एस.के.गजपाल, श्री एम.जामुलकर उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन अतिरिक्त महाप्रबंधक श्री उमेश कुमार मिश्र द्वारा किया गया।लोड डिस्पैच संेटर में आयोजित एक अन्य कार्यक्रम में बिलासपुर में पदस्थ अधीक्षण अभियंता श्री चंद्र मोहन बाजपेयी, कार्यपालक निदेशक (वित्त) के निज सचिव श्री उपेंद्र कुमार साहू, निज सचिव श्री ईश्वर साहू, रायपुर के कनिष्ठ पर्यवेक्षक (परीक्षण) श्री पवन कुमार देवांगन, धन्नालाल मंडावी एवं भिलाई के रामेश्वर प्रसाद चंद्राकर तथा जगदलपुर की सिविल परिचारक श्रेणी-एक श्रीमती समला वर्मा को भावभीनी विदाई दी गई। कार्यक्रम का संचालन प्रकाशन अधिकारी श्री गोविंद सिंह पटेल द्वारा किया गया।
- अंतर्राज्यीय पारेषण तंत्र के विस्तार में ऊंची छलांगरायपुर। अंतर्राज्यीय पारेषण प्रणाली के विस्तार के अभियान में छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी को एक बड़ी उपलब्धि मिली जब थुहा (कुरूद) के 400 केवी उपकेंद्र में 315 एमवीए का विशाल ट्रांसफॉर्मर ऊर्जीकृत किया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार प्रमुख सचिव ऊर्जा श्री सुबोध कुमार सिंह के मार्गदर्शन में 27 मार्च को प्रबंध निदेशक छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी श्री आरके शुक्ला द्वारा इस वृहद ट्रांसफॉर्मर का ऊर्जीकरण किया गया।छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा दूसरे राज्यों से बिजली प्राप्त करने के लिए 6 हजार मेगावॉट क्षमता की पारेषण प्रणाली को विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। जिसके अंतर्गत प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर पारेषण लाइनों-उपकेंद्रों की स्थापना, नए वृहद ट्रांसफॉर्मरों की स्थापना व क्षमता वृद्धि जैसे अनेक कार्य किए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ की पूंजीगत व्यय के अधीन कुरूद तहसील के ग्राम थुहा स्थित 400/220 केवी उपकेन्द्र में अतिरिक्त 315 एमवीए विशाल ट्रांसफॉर्मर की तीसरी इकाई की स्थापना 39 करोड रू. की लागत से की गई है।नये ट्रांसफॉर्मर के चालू होने से 400 केवी कुरूद (थुहा) उपकेन्द्र की कुल क्षमता अब 915 एमवीए हो गयी है एवं प्रदेश में ट्रांसमिशन कंपनी में 400 केवी उपकेन्द्र की क्षमता 3150 एमवीए से बढ़कर 3465 एमवीए हो गई है।उपकेन्द्र की इस क्षमता वृद्धि का लाभ एक ओर राजिम, पाटन, गुरूर (बालोद), महासमुंद (परसवानी) स्थित 220 केवी उपकेन्द्रों से आपूर्ति प्राप्त कर रहे सभी श्रेणी के ग्रामीण एवं शहरी विद्युत उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति के रूप में होगा। वहीं दूसरी ओर इससे राज्य को केन्द्रीय उपक्रम के कोटे से आबंटित बिजली की अधिक मात्रा प्राप्त करने में सुविधा होगी।नये ट्रांसफॉर्मर का ऊर्जीकरण कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री आरके शुक्ला द्वारा किया गया। इस अवसर पर कंपनी के वरिष्ठ कार्यपालक निदेशक श्री संजय पटेल, श्री केएस मनौठिया, श्रीमती ज्योति नंनौरे एवं मुख्य अभियंता श्री वीके दीक्षित, श्रीमती शारदा सोनवानी, अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्री प्रसन्ना गोसावी, श्री आरके राठौर, अधीक्षण अभियंता श्री वीए देशमुख, श्री संजय शर्मा, श्री करूणेश यादव, कार्यपालन अभियंता श्री उमाकांत यादव, श्री प्रत्युष अग्रवाल सहित संबंधित मैदानी अधिकारी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि कुरूद (थुहा) 400 केवी उपकेन्द्र से हाल ही में राजिम स्थित 220 केवी उपकेन्द्र हेतु नई लाइन भी ऊर्जीकृत की गई है। यह कार्य टर्न-की संस्था मेसर्स कल्पतरू पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड, गांधी नगर गुजरात द्वारा संपन्न किया गया।
- रायपुर/ रायपुर कलैक्टर डॉक्टर गौरव कुमार सिंह के निर्देशानुसार जिले में आमजन को लू हिट स्टोक के बचाव के संबंध में एडवाइजरी जारी की गई। गर्मी के कारण सामान्यत जन मानस प्रभावित होता है इसमें लू लगना एवं अन्य जल जनित बीमारियों की होनी की संभावना होती हैं। गर्मी के कारण लू से बचाव तथा जल जनित की बीमारियों से बचाव रोकथाम के लिए पूर्व से तैयारी करना आवश्यक हो जाता है। उक्त परस्थिति को देखते हुए कलेक्टर द्वारा दिशा निर्देश जारी किए गए। लू के लक्षण सर में भारीपन एवं सर दर्द होना, तेज बुखार के साथ मुंह का सूखना, चक्कर व उल्टियां होना, कमजोरी के साथ शरीर में अत्यधिक दर्द होना, पसीना नहीं आना अधिक प्यास लगना लेकिन पेशाब कम होना, भुख कम लगना, घबराहट और बैचेनी लगना बेहोशी इत्यादि लक्षण हो सकते हैं।लू से बचाव के उपायलू लगने का प्रमुख कारण तेज धूप और गर्मी में ज्यादा देर तक रहने के कारण शरीर में पानी और लवण की मुख्यतः नमक की कमी हो जाती है। अतः इससे बचाव के लिए निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए बहुत अनिवार्य न हो तो घर से बाहर ना जाएं। घर से बाहर जाना ही हो तो खाली पेट न जाए। धूप में निकलने से पहले सर व कान को मुलायम कपड़े से ढके अच्छी तरह से बांध लें तथा आंखो की सुरक्षा के लिए भी धूप के चश्में का उपयोग करें। पानी साथ में लेकर निकले बीच बीच में पानी पीते रहे। ज्यादा देर धूप में ना रहे। चक्कर आने या मितली आने पर छायादार जगह पर बैठे। ओ आर एस घोल का उपयोग करें। शीतल पेय , लस्सी, फलों के रस का सेवन करते रहे। प्रारंभिक सलाह के साथ 104 आरोग्य सेवा केंद्र से भी निःशुल्क परामर्श लिया जा सकता हैं। उल्टी दस्त या चक्कर पानी की कमी होने की स्थिति में अपने नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, आयुष्मान आरोग्य मंदिर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जरूरी सलाह लेने की सलाह दी जाती हैं।लू लगने पर किए जाने वाले उपचारबुखार पीड़ित के सर पर ठंडे पानी की पट्टी लगाएं, पीड़ित को कुलर या पंखे के नीचे हवा में लेटाए। मितानिन से ओ आर एस पैकेट या घोल प्राप्त करें । ओ आर एस न मिलने की दशा में घर पर ही ओ आर एस घोल तैयार करें। स्थिति न सुधरने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में ले जाने की व्यवस्था करें। अस्पतालों में व्यवस्था लू से बचाव रोकथाम के लिए अस्पतालों में अलग से वार्ड बनाकर उपचार के लिए जिला अस्पताल व मेडिकल कॉलेज में व सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी लू प्रबंधन के लिए आवश्यक व्यवस्था कर ली गई हैं। तथा ब्लॉक स्तर में कॉम्बैट टीम का गठन व सभी जरूरी दवा की उपलब्धता के लिए भी निर्देश सीएमएचओ द्वारा दिया गया है।लू से प्रभावित के लिए कम से कम 2 बिस्तर को आरक्षित किया जाएं एवं मितानिन स्तर तक सभी आवश्यक दवा व ओ आर एस पैकेट की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों में ठंडे पेयजल, कुलर की व्यवस्था पर्याप्त मात्रा में आई वी फ्ल्यूड क्लोरीन गोली का इंतजाम किया जाएं तथा जिले में भी एक कंट्रोल रूम की बनाई गई हैं। प्रचार प्रसार के लिए लू से बचाव रोकथाम वाले पोस्टर पैंपलेट का भी उपयोग किया जायेगा।
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*छत्तीसगढ़ में ग्रिड को मजबूत करने और बिजली की उपलब्धता बढ़ाने के लिए कई बिजली उत्पादन और संचारण परियोजनाएं शुरू की जाएंगी*
*छत्तीसगढ़ में विशेष रूप से आदिवासी और औद्योगिक क्षेत्रों में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए कई रेल और सड़क परियोजनाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा**छत्तीसगढ़ में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री राज्य के 29 जिलों में 130 पीएम श्री स्कूल समर्पित करेंगे**सबके लिए आवास के सपने को साकार करते हुए, प्रधानमंत्री आवास योजना - ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के तहत 3 लाख लाभार्थियों का गृह प्रवेश होगा*रायपुर/ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी बुनियादी ढांचे के विकास और स्थायी आजीविका को बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में 30 मार्च को 33,700 करोड़ रुपये से अधिक की विद्युत, तेल और गैस, रेल, सड़क, शिक्षा एवं आवास क्षेत्रों से संबंधित कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और राष्ट्र को समर्पित करेंगे।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी देश भर में बिजली क्षेत्र में सुधार के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके अनुरूप, सस्ती और विश्वसनीय बिजली उपलब्ध कराने और छत्तीसगढ़ को बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई कदम उठाए जाएंगे। वह बिलासपुर जिले में स्थित एनटीपीसी की सीपत सुपर थर्मल पावर परियोजना चरण- III (1x800एमडब्ल्यू) की आधारशिला रखेंगे, जिसकी लागत 9,790 करोड़ रुपये से अधिक है। यह पिट हेड परियोजना उच्च बिजली उत्पादन दक्षता के साथ अत्याधुनिक अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल तकनीक पर आधारित है। वह छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीजीसीएल) की 15,800 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली पहली सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर परियोजना (2X660एमडब्ल्यू) के कार्य की शुरुआत करेंगे। वह पश्चिमी क्षेत्र विस्तार योजना (डब्ल्यूआरईएस) के तहत 560 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली पावरग्रिड की तीन विद्युत पारेषण परियोजनाओं को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे।भारत के शुद्ध-शून्य कार्बन उत्सर्जन लक्ष्यों, वायु प्रदूषण में कमी लाने और स्वच्छ ऊर्जा समाधान प्रदान करने के अनुरूप, प्रधानमंत्री कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर और सरगुजा जिलों में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) की सिटी गैस वितरण (सीजीडी) परियोजना की आधारशिला रखेंगे। इसमें 200 किलोमीटर से अधिक हाई प्रेशर पाइपलाइन और 800 किलोमीटर से अधिक एमडीपीई (मीडियम डेंसिटी पॉलीइथिलीन) पाइपलाइन और 1,285 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई सीएनजी डिस्पेंसिंग आउटलेट शामिल हैं। वह हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) की 540 किलोमीटर लंबी विशाख-रायपुर पाइपलाइन (वीआरपीएल) परियोजना की भी आधारशिला रखेंगे, जिसकी लागत 2210 करोड़ रुपये से अधिक होगी। इस बहुउत्पाद (पेट्रोल, डीजल, केरोसिन) पाइपलाइन की क्षमता 3 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष से अधिक होगी।क्षेत्र में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित करते हुए, प्रधानमंत्री 108 किलोमीटर की कुल लंबाई वाली सात रेलवे परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और 2,690 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 111 किलोमीटर की कुल लंबाई वाली तीन रेलवे परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। वह मंदिर हसौद के माध्यम से अभनपुर-रायपुर खंड में मेमू ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाएंगे। वह छत्तीसगढ़ में भारतीय रेलवे के रेल नेटवर्क के 100 प्रतिशत विद्युतीकरण को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। ये परियोजनाएं भीड़भाड़ को कम करेंगी, कनेक्टिविटी में सुधार करेंगी और पूरे क्षेत्र में सामाजिक तथा आर्थिक विकास को बढ़ावा देंगी।छत्तसीगढ़ में सड़क के बुनियादी ढांचे को बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री एनएच-930 (37 किलोमीटर) के झलमला से शेरपार खंड और एनएच-43 (75 किलोमीटर) के अंबिकापुर-पत्थलगांव खंड को 2 लेन में अपग्रेड करके राष्ट्र को समर्पित करेंगे। प्रधानमंत्री एनएच-130डी (47.5 किमी) के कोंडागांव-नारायणपुर खंड को 2 लेन में अपग्रेड करने की आधारशिला भी रखेंगे। 1,270 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली ये परियोजनाएं आदिवासी और औद्योगिक क्षेत्रों तक पहुंच में उल्लेखनीय सुधार लाएगी जिससे क्षेत्र का समग्र विकास होगा।सभी के लिए शिक्षा सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, प्रधानमंत्री दो प्रमुख शैक्षिक पहलों को समर्पित करेंगे जिनमें राज्य के 29 जिलों में 130 पीएम श्री स्कूल और रायपुर में विद्या समीक्षा केंद्र (वीएसके) शामिल हैं। पीएम स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया योजना के तहत 130 स्कूलों को अपग्रेड किया जाएगा। ये स्कूल अच्छी तरह से संरचित बुनियादी ढांचे, स्मार्ट बोर्ड, आधुनिक प्रयोगशालाओं और पुस्तकालयों के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करने में मदद करेंगे। रायपुर में वीएसके विभिन्न शिक्षा संबंधी सरकारी योजनाओं की ऑनलाइन निगरानी और डेटा विश्लेषण को सक्षम करेगा।ग्रामीण परिवारों के लिए उचित आवास तक पहुंच सुनिश्चित करने और उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा तथा जीवन की समग्र गुणवत्ता में सुधार करने की प्रतिबद्धता को पूरा करते हुए, प्रधानमंत्री आवास योजना - ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के तहत 3 लाख लाभार्थियों का गृह प्रवेश होगा। प्रधानमंत्री इस योजना के तहत कुछ लाभार्थियों को चाबियां सौंपेंगे। -
वसुधैव कुटुंबकम् के पथ पर अग्रसर छत्तीसगढ़*
रायपुर/भारत की सनातन परंपरा में ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की भावना रची-बसी है। यही वह सोच है जो भारत को विश्व में अद्वितीय बनाती है – जहाँ विविध आराध्य और परंपराएँ एक ही परिवार की तरह सह-अस्तित्व में रहती हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के गॉस मेमोरियल ग्राउंड में आयोजित त्रिदिवसीय ‘विश्व शांति अखण्ड ब्रह्म यज्ञ’ के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए यह बात कही।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने संतों एवं भक्तों का छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर स्वागत किया और प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि व कल्याण की कामना की।*सनातन परंपरा ने सहा हर आघात, फिर भी रही अटूट*मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारतवर्ष संतों, ऋषियों और तपस्वियों की तपोभूमि रहा है। प्राचीन काल से ही सनातन परंपरा पर समय-समय पर अनेक आघात हुए, लेकिन यह परंपरा कभी नहीं टूटी। सत्य सनातन आलेख महिमा धर्म विकास समिति द्वारा आयोजित यह यज्ञ, उसी परंपरा को और भी सुदृढ़ करने की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आलेख महिमा के संतों से उनका विशेष आत्मीय संबंध रहा है। उनका आशीर्वाद ही है जिसने उन्हें जनसेवा का सौभाग्य दिलाया। उन्होंने बताया कि जशपुर के इला गाँव, रायगढ़ के सरिया, हिमगिर आदि में संतों के आश्रम स्थापित हैं। रायपुर में भी आश्रम के लिए स्थान उपलब्ध कराने का आश्वासन मुख्यमंत्री ने संतों को दिया।*मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना बनी फिर से श्रद्धा की डगर*मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि राज्य सरकार ने ‘मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना’ को दोबारा शुरू कर दिया है, जो विगत सरकार के कार्यकाल में पूरी तरह बंद हो चुकी थी। उन्होंने कहा कि कल ही मैंने 780 श्रद्धालुओं को तीर्थयात्रा पर रवाना किया, जो रामेश्वरम, मदुरई और तिरुपति के दर्शन कर रहे हैं। उन्हें विदा करते समय जो आत्मसंतोष मिला, वह अवर्णनीय था। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की भूमि और प्रभु श्रीराम का ननिहाल है। यहाँ के जन-जन में श्रवण कुमार जैसे संस्कार आज भी जीवित हैं। तीर्थ यात्रा करवाना केवल एक योजना नहीं, बल्कि हमारे मूल्यों और परंपराओं का सम्मान है।*श्रीरामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना से हजारों श्रद्धालु लाभान्वित*मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘श्रीरामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना’ के तहत अब तक 22,000 से अधिक श्रद्धालु भगवान श्रीराम और काशी विश्वनाथ के दर्शन कर चुके हैं। साथ ही उन्होंने राजिम कुंभ के आयोजन की भी चर्चा की, जो प्रदेश की अध्यात्मिक पहचान बन चुका है।कार्यक्रम को संत श्री किशोर चंद्र बाबा, संत श्री वासुदेव बाबा, संत श्री उदयनाथ बाबा एवं विधायकगण श्री पुरंदर मिश्रा, मोतीलाल साहू और संपत अग्रवाल ने भी संबोधित किया और आयोजन की सराहना की। -
*पीएंडके उर्वरकों पर सब्सिडी दरों को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी, किसानों को मिलेगा लाभ : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय*
*मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय उर्वरक मंत्री श्री जगत प्रसाद नड्डा के प्रति जताया आभार*रायपुर, 28 मार्च 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने फॉस्फेटिक और पोटासिक (पीएंडके) उर्वरकों पर खरीफ सीजन, 2025 अप्रैल माह से सितंबर माह के लिए पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (एनबीएस) दरें तय करने के लिए उर्वरक विभाग के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। यह रबी सीजन 2024-25 के लिए बजटीय आवश्यकता से लगभग 13,000 करोड़ रुपये अधिक है। इस निर्णय से किसानों को सब्सिडी युक्त, किफायती और उचित मूल्य पर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। इसके साथ ही पीएंडके उर्वरकों पर सब्सिडी को युक्तिसंगत बनाया जाएगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने इसे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की कृषक हितैषी सोच का परिणाम बताते हुए कहा कि यह निर्णय देश को कृषि के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे ले जाने वाला कदम है। इस निर्णय से छत्तीसगढ़ सहित देश के लाखों किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी एवं केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा जी के प्रति छत्तीसगढ़ की जनता और किसानों की ओर से हृदय से आभार प्रकट किया है। -
रायपुर,/गरियाबंद जिले की 21 वर्षीय फामेश्वरी यादव ने भारतीय सेना में अग्निवीर महिला सैन्य पुलिस (WMP) के रूप में चयनित होकर छत्तीसगढ़ की पहली महिला अग्निवीर बनने का गौरव प्राप्त किया है। यह राज्य के लिए गर्व और बेटियों के आत्मबल का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने फामेश्वरी को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि यह केवल एक चयन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की बेटियों की हिम्मत और देशभक्ति का प्रमाण है। फामेश्वरी ने यह दिखा दिया कि अगर हौसले बुलंद हों तो कोई भी सपना पूरा किया जा सकता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह सफलता राज्य की अन्य युवतियों को भी प्रेरणा देगी, और उन्हें सेना व अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़ने का हौसला देगी। राज्य सरकार बेटियों के सशक्तिकरण और राष्ट्र सेवा के हर कदम में उनके साथ है।मुख्यमंत्री श्री साय ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि यह सफलता छत्तीसगढ़ की नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्त्रोत बनेगी और राज्य की बेटियाँ हर क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित करेंगी।उल्लेखनीय है कि 24 मार्च, 2025 को घोषित परिणाम में चयन के बाद फामेश्वरी 01 मई, 2025 से बेंगलुरु स्थित सेना मिलिट्री पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षण प्रारंभ करेंगी। उन्हें सेना भर्ती कार्यालय, रायपुर द्वारा सम्मानित भी किया गया। - रायपुर, /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री निवास में आयोजित कार्यक्रम में मुस्लिम समाज की जरूरतमंद बहनों को सौगातें भेंट कर सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की पहल “सौगात-ए-मोदी” के तहत मुख्यमंत्री श्री साय ने गरीब महिलाओं को गिफ्ट पैकेट वितरित किए जिसमें लेडीज़ सूट का कपड़ा, सेवइयां, खजूर और मिठाइयां शामिल थीं। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी को ईद की बधाई देते हुए कहा कि ईद का पर्व प्रेम, सद्भाव और एकजुटता का प्रतीक है।डॉ. सलीम राज ने बताया कि इसके पहले रायपुर में अल्प संख्यक मोर्चे और छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में 500 महिलाओं को गिफ्ट पैकेट वितरित किए गए।इस अवसर पर अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जमाल सिद्दीकी, वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज, प्रदेश अध्यक्ष श्री शकील अहमद, श्री एम. इकबाल, श्री संजय श्रीवास्तव, शाहिद खान, रजिया खान, आबिदा खान सहित बड़ी संख्या में गणमान्यजन उपस्थित थे।
- -विशेष बच्चों से आत्मीय मुलाकात, कहा – यह मानवता की सच्ची सेवा हैरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज बलौदाबाजार में कृषि उपज मंडी परिसर में संचालित मनोविकास केंद्र का अवलोकन किया। उन्होंने विशेष आवश्यकता वाले बच्चों से आत्मीय बातचीत कर उनकी प्रगति की जानकारी ली और अभिभावकों से फीडबैक प्राप्त किया। बच्चों द्वारा प्रस्तुत योग, संगीत और सांस्कृतिक गतिविधियों को देखकर मुख्यमंत्री भावविभोर हो उठे और उनकी प्रतिभा की मुक्त कंठ से सराहना की।मुख्यमंत्री श्री साय ने पूर्व में कोविड केंद्र रहे भवन को मनोविकास केंद्र के रूप में पुनः उपयोग में लाने की प्रशासनिक पहल की प्रशंसा करते हुए इसे अनुकरणीय मॉडल करार दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास समाज में समावेशिता और करुणा के भाव को बढ़ावा देते हैं। यह मानवता की सच्ची सेवा है।इस अवसर पर विशेष बालक शेष साहू ने गायत्री मंत्र का उच्चारण कर मुख्यमंत्री श्री साय को मंत्रमुग्ध किया, वहीं सोमनाथ साहू ने ढोलक की थाप पर जसगीत प्रस्तुत किया। इसके अलावा नीलकमल, पुष्कर, सोमनाथ और शेष द्वारा प्रस्तुत सूर्य नमस्कार योग प्रदर्शन को मुख्यमंत्री श्री साय ने विशेष रूप से सराहा और कहा कि यह बच्चों की शारीरिक और मानसिक सशक्तता का प्रमाण है।मनोविकास केंद्र : समर्पण, संवेदना और सशक्तिकरण का संगमजनवरी 2025 में शुरू हुआ बलौदाबाजार का मनोविकास केंद्र विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के समग्र विकास और पुनर्वास के लिए एक आदर्श संस्थान बनकर उभरा है। यह केंद्र अंबुजा अडानी सीमेंट संयंत्र के सीएसआर मद से संचालित हो रहा है, और वर्तमान में 40 से अधिक बच्चों को विशेष शिक्षा, चिकित्सा सहयोग, व्यावसायिक प्रशिक्षण तथा कौशल विकास की सुविधा प्रदान कर रहा है।यहाँ बच्चों को फिजियोथेरेपी, स्पीच व बिहेवियर थेरेपी, मनोवैज्ञानिक परामर्श, सिलाई, कंप्यूटर साक्षरता, बागवानी जैसे प्रशिक्षणों के साथ-साथ खेल व सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में मार्गदर्शन दिया जा रहा है। इस अवसर पर राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अशोक जैन, डॉ. सनम जांगड़े, श्री आनंद यादव, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित थे।
- -आदिवासी समुदायों के लिए वन आधारित जीविकोपार्जन के अवसर विषय पर कार्यशाला को मुख्यमंत्री श्री साय ने किया संबोधित-वनोपज से समृद्धि पर नीति आयोग और सरकार की साझा पहल:वन संसाधनों के समुचित उपयोग और रोजगार सृजन पर जोररायपुर // जनजातीय समाज और वनों के मध्य गहरा संबंध है और दोनों एक दूसरे के पूरक के रूप में संरक्षित - संवर्धित हो रहे हैं। प्रकृति की गोद में ही जनजाति समाज का पीढ़ी दर पीढ़ी विकास हुआ है। यह कार्यशाला आदिवासियों और वनों के सहअस्तित्व को केंद्र में रखकर उनके उन्नति का मार्ग प्रशस्त करेगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज नवा रायपुर में आदिवासी समुदायों के लिए वन आधारित जीविकोपार्जन के अवसर विषय पर नीति आयोग तथा वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कार्यशाला में सभी प्रबुद्धजनों, विषय विशेषज्ञों और अधिकारियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि जनजाति समाज को जीविकोपार्जन के समुचित अवसर उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी हम सभी पर है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 32 प्रतिशत जनजाति समुदाय निवासरत है और 44 प्रतिशत इलाका वन आच्छादित है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पिछले 35 वर्षों से अधिक के सार्वजनिक जीवन में मैने प्रदेश के जनजाति समुदाय और विशेष पिछड़ी जनजातियों के संघर्ष और पीड़ा को करीब से देखा है। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी ने छत्तीसगढ़ के आदिवासियों की व्यथा को समझा और एक आदिवासी बहुल नए राज्य के रूप में छत्तीसगढ़ अस्तित्व में आया। श्री साय ने कहा कि अटल जी ने आदिवासियों के कल्याण के लिए पृथक मंत्रालय का भी गठन किया और आदिवासियों के कल्याण के लिए केंद्र सरकार द्वारा भेजी जा रही राशि का सही उपयोग हो पाया। अटल जी के प्रयासों से ही छत्तीसगढ़ में विकास के नए आयाम स्थापित हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में कोई भी भूखा न रहे, इस उद्देश्य से पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रदेश में व्यापक स्तर पर पीडीएस सिस्टम लागू कर लोगो को सस्ते दर पर अनाज उपलब्ध कराया। उन्होंने समर्थन मूल्य पर वनोपज की खरीदी प्रारंभ की, जिसने आदिवासियों को आर्थिक रूप से मजबूत करने का काम किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में लघु वनोपज पर्याप्त मात्रा में है। कुल 67 प्रकार के लघु वनोपजों का संग्रहण, प्रसंस्करण और विक्रय महिला स्वसहायता समूहों के माध्यम से किया जा रहा है। हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा वनोपजों से जुड़ी प्रोत्साहक नीतियों का लाभ उठाकर स्व सहायता समूह की बहनें आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह के आजीविका और उत्थान के लिए संचालित पीएम-जनमन योजना और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का विशेष रूप से धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से अनुसूचित जनजाति बाहुल्य ग्रामों को लाभान्वित किया जा रहा है। इस मौके पर श्री साय ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जनजाति समुदायों के उत्थान के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी साझा की।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नीति आयोग और वन विभाग की इस संयुक्त कार्यशाला से जनजातीय समाज को तकनीक और नवाचार से जोड़ने के साथ ही आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में मदद मिलेगी।वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि नीति आयोग के सहयोग से एक प्रासंगिक और महत्वपूर्ण विषय पर आज एकदिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई है। वन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि जनजातीय समुदाय के लिए संचालित योजनाओं का क्रियान्वयन अब तेजी से हो रहा है और वनवासी क्षेत्रों में व्यवस्थाएं अब सुदृढ़ हुई है। उन्होंने पर्यावरण संतुलन के साथ वन संसाधनों के समुचित उपयोग पर जोर देने और रोजगार सृजन की बात कही।कार्यशाला में नीति आयोग के सलाहकार श्री सुरेंद्र मेहता, प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा और वन बल प्रमुख श्री व्ही श्रीनिवास राव ने अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर एपीसीसीएफ श्रीमती शालिनी रैना, नीति आयोग के निदेशक श्री अमित वर्मा, वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी गण और झारखंड, मध्यप्रदेश, ओडिशा, कर्नाटक सहित अन्य राज्यों से आए प्रबुद्धजन, विषय विशेषज्ञ और अधिकारी मौजूद रहे।मुख्यमंत्री श्री साय ने वनोपज आधारित स्टालों का किया अवलोकनमुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अरण्य भवन परिसर में वन उत्पादों पर आधारित स्टालों का भी अवलोकन किया। लीफ प्लेट टेक्नोलॉजी, हैदराबाद की टीम ने मुख्यमंत्री श्री साय को लीफ से तैयार डिनर सेट भेंट किया। इस दौरान भोपालपट्टनम, बीजापुर जिले से आये श्री बी. आर. राव ने मुख्यमंत्री श्री साय को बताया कि वे पिछले 35 वर्षों से वनौषधीय पौधों के बीजों का संरक्षण कर रहे हैं। वे अपने 'गमलों से जंगल की ओर' अभियान के तहत निःशुल्क बीजों का वितरण भी करते आ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने श्री राव के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएँ दी। बलौदाबाजार जिले के अमरवा बांस प्रसंस्करण केन्द्र के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को बांस शिल्प से बना गुलदस्ता भेंट करते हुए केन्द्र में संचालित गतिविधियों की जानकारी दी। श्री साय ने लाख उत्पादक किसान समिति कांकेर, छत्तीसगढ़ हर्बल और जशप्योर एफपीसी जशपुर के स्टालों का अवलोकन कर समूह के सदस्यों के साथ चर्चा की।
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रायपुर । आसन्न आबकारी सत्र से ग्राम खौली में शराब दूकान खोलने पर आमादा प्रशासन ग्रामीणों व पंचायत की मनाही के बाद अब धमकी - चमकी पर उतर आया है । पंचायत द्वारा प्रस्ताव न देने पर एक अधिकारी द्वारा कथित तौर पर बर्खास्तगी की धमकी की जानकारी मिलते ही ग्राम में बवाल मच गया है । आनन - फानन में बीते कल गुरुवार की सुबह ग्रामीण सभा की एक बैठक आहूत कर इसकी निंदा करते हुये किसी भी हालत में शराब दूकान न खुलने देने का निर्णय लिया गया और पंचायत प्रतिनिधियों को निर्देश दिया गया कि वे किसी के भी दबाव में न आये और फिर दबाव डालने की स्थिति में इसका उल्लेख करते हुये मुख्यमंत्री को अपना स्तीफा सौंप दें ।
इधर इस घटनाक्रम से बौखलाये ग्रामीणों ने आनन-फानन में एक ज्ञापन तैयार कर व पूर्व में पंचायत द्वारा शराब दूकान खोलने की अनुमति न देने संबंधी आवेदन को इस ज्ञापन के साथ संलग्न कर एक प्रतिनिधिमंडल के माध्यम से जिलाधीश को सौंप इसकी प्रति क्षेत्रीय विधायक व सांसद रहे पूर्व राज्यपाल रमेश बैस सहित वर्तमान क्षेत्रीय सांसद बृजमोहन अग्रवाल व क्षेत्रीय विधायक गुरु खुशवंत सिंह सहित वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डाक्टर लाल उमेद सिंह , अनुविभागीय अधिकारी पुष्पेन्द्र शर्मा व कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत आरंग को सौंप पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी है व अनुचित दबाव व धमकी दे पंचायत प्रस्ताव लेने की कोशिश की निंदा करते हुये बिना विधिवत पंचायत प्रस्ताव के शराब दूकान खोलने पर आंदोलनात्मक रुख अपनाने के प्रति आगाह किया है । प्रतिनिधि मंडल में ग्राम प्रमुख नारायण चंद्राकर , उमेश चंद्राकर , गयाराम चंद्राकर , शोभाराम चंद्राकर , जयप्रकाश चंद्राकर व जयराम साहू आदि शामिल थे । -
महिला हितग्राहियों से की चर्चा, महेता प्वाइंट में लिया सनसेट का आनंद
रायपुर/ छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका अपने दो दिवसीय प्रवास में सरगुजा मैनपाट पहुंचे, जहां संभागायुक्त श्री नरेन्द्र दुग्गा, आईजी श्री अंकित गर्ग, कलेक्टर श्री विलास भोसकर, एसपी श्री योगेश पटेल ने उनका स्वागत किया। इस दौरान पुलिस विभाग एवं प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।
राज्यपाल श्री रमेन डेका ने पर्यटन स्थल उल्टा पानी पर्यटन स्थल का दौरा किया और वहां के प्राकृतिक नजारे का अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान राज्यपाल श्री डेका ने पर्यटन स्थल पर स्थित दुकानों में महिलाओं से मुलाकात की और शासन की हितग्राही मूलक योजनाओं पर चर्चा की। उन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भरता और सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
इसके पश्चात, उन्होंने महेता प्वाइंट का दौरा किया, जहां उन्होंने सनसेट (सूर्यास्त) का आनंद लिया। राज्यपाल ने पर्यटन स्थल के सौंदर्यीकरण और सुविधाओं के विस्तार पर भी चर्चा की, जिससे पर्यटकों को और अधिक आकर्षित किया जा सके। -
छत्तीसगढ़ में आस्था को मिला नया संबल
बुज़ुर्गों की आंखों में वर्षों से पल रही तीर्थ यात्रा की अभिलाषा हुई पूरी: पहली विशेष ट्रेन से 780 श्रद्धालु तिरुपति, मदुरै, रामेश्वरम रवाना
विधवा और परित्यकता महिलाओं को भी अब मिल सकेगा मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का लाभ
रायपुर/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रायपुर रेलवे स्टेशन से पहली विशेष तीर्थ यात्रा ट्रेन को तिरुपति, मदुरै और रामेश्वरम के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस पहली तीर्थ यात्रा ट्रेन में रायपुर और बलौदाबाजार-भाटापारा जिलों के 780 श्रद्धालु बुजुर्ग सम्मिलित हुए, जिनके लिए यह यात्रा केवल धार्मिक अनुभव नहीं, बल्कि सम्मान और स्नेह का प्रतीक बन गई। प्रदेश के बुजुर्गों की वर्षों पुरानी अभिलाषा आज पूरी हो गई जब मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का विधिवत शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने तीर्थयात्रा पर जा रहे बुजुर्गों से आत्मीय चर्चा करते हुए कहा कि आप सभी के चेहरे पर जो खुशी है, वही मेरा संतोष है। उन्होंने कहा कि रामेश्वरम में आप लोग पवित्र रामसेतु देख सकेंगे, ज्योतिर्लिंग का दर्शन कर सकेंगे। आप लोग मदुरै तीर्थ का भी दर्शन करेंगे जहां मीनाक्षी मंदिर है। तिरुपति में बालाजी का दर्शन करेंगे। दक्षिण भारत के तीर्थ स्थलों को देखने का यह सुंदर अवसर है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री रामलला (अयोध्या दर्शन) योजना अंतर्गत अब तक 22 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या में श्री रामलला के दर्शन कर चुके हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रयागराज में 144 वर्षों उपरांत महाकुंभ का आयोजन हुआ। छत्तीसगढ़ के तीर्थयात्रियों ने भी बड़ी संख्या में कुंभ में हिस्सा लिया। छत्तीसगढ़ के तीर्थयात्रियों की सेवा के लिए और उनकी सुविधा का ध्यान रखने के लिए हमने प्रयागराज मेला क्षेत्र में छत्तीसगढ़ पवैलियन तैयार किया था। यहां लगभग साढ़े चार एकड़ में तीर्थयात्रियों के रूकने के इंतजाम थे। यह हमारा सौभाग्य है कि हम गंगा जी में स्नान करने पहुंचे प्रदेश के लाखों श्रद्धालुओं की सेवा कर सके।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अब श्रद्धालुओं की यात्रा मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना अंतर्गत निरन्तर होती रहेगी। उन्होंने कहा कि इस योजना के लिए हमने 15 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया है। इस योजना में उज्जैन, पुरी, द्वारिका, वैष्णो देवी, मथुरा, वृंदावन जैसे अनेक तीर्थ स्थलों को जोड़ा गया है, जिनकी निःशुल्क यात्रा कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि हमारे बुज़ुर्गों की तीर्थ यात्रा की इच्छा अक्सर आर्थिक कठिनाइयों के चलते अधूरी रह जाती थी। उन्होंने कहा कि हमें संतोष है कि हम उनकी इस इच्छा को साकार कर पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि योजना में विधवा और परित्यक्त महिलाओं को भी शामिल किया गया है, जिससे उन्हें भी धार्मिक स्थलों के दर्शन का गौरव प्राप्त हो सकेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार युवाओं, किसानों, महिलाओं और आदिवासी समुदाय सहित समाज के प्रत्येक वर्ग के उत्थान के लिए पूरी तरह समर्पित है और इसी दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।
यह केवल यात्रा नहीं, संस्कृति और श्रद्धा का संगम है – लक्ष्मी राजवाड़े
समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना केवल तीर्थ यात्रा नहीं, बल्कि हमारी सनातन संस्कृति, परंपराओं और धार्मिक आस्था का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत उन श्रद्धालुओं को यह अवसर प्राप्त होगा, जो अब तक आर्थिक सीमाओं के कारण तीर्थ यात्रा से वंचित रहे हैं। सरकार ने श्रद्धालुओं के लिए पूर्ण सुविधायुक्त पैकेज तैयार किया है जिसमें ट्रेन यात्रा, यात्रियों के ठहरने, भोजन, मंदिर दर्शन, सुरक्षा और चिकित्सा जैसी सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ शामिल हैं। स्पेशल ट्रेन में टूर एस्कॉर्ट, पुलिस बल और चिकित्सकों की टीम भी उनके साथ यात्रा कर रही है ताकि श्रद्धालुओं को हर क्षण सुरक्षा और सुविधा का अहसास हो। योजना के तहत देशभर के 19 प्रमुख तीर्थ क्षेत्रों को शामिल किया गया है, जिनमें उज्जैन, ओंकारेश्वर, पुरी, हरिद्वार, काशी, शिरडी, वैष्णोदेवी, अमृतसर, द्वारका, बोधगया, कामाख्या मंदिर, सबरीमाला जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल सम्मिलित हैं।
समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में 4 दिसंबर 2012 को की गई थी। 15 जनवरी 2013 से 10 जून 2019 के मध्य इस योजना के अंतर्गत कुल 272 तीर्थ यात्राओं के माध्यम से 2,46,983 श्रद्धालुओं को लाभान्वित किया गया था। पूर्व सरकार के कार्यकाल के दौरान यह योजना 5 साल तक संचालन में नहीं थी। डॉ. रमन सिंह की सरकार के दौरान संचालित इस योजना को, जिसे उसके बाद आने वाली सरकार ने बंद कर दिया था, अब पुनः प्रारंभ कर वर्तमान सरकार ने छत्तीसगढ़ में बुजुर्गों की श्रद्धा, आस्था और वर्षों से संजोए गए तीर्थ यात्रा के सपने को पूर्ण करने के लिए एक बार फिर पहल की है।
इस अवसर पर विधायकगण श्री पुरंदर मिश्रा, श्री मोतीलाल साहू, श्री अनुज शर्मा, समाज कल्याण आयुक्त श्री भुवनेश यादव, संचालक श्रीमती रोक्तिमा यादव, रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, रायपुर डीआरएम श्री दयानंद, समाज कल्याण और रेलवे विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित रहे। -
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल का स्पोर्ट्स क्लब 30 मार्च, रविवार को शाम छह बजे शुरू होने जा रहा है। पहले चरण में स्पोर्ट्स क्लब में बैडमिंटन, कैरम और शतरंज जैसे खेलों को शामिल किया जा रहा है। क्लब की सदस्यता केवल महाराष्ट्र मंडल के आजीवन सभासद और उनके बच्चे ही ले सकते हैं।
संत ज्ञानेश्वर स्कूल के प्रभारी परितोष डोनगांवकर ने बताया कि इससे पहले भी महाराष्ट्र मंडल में स्पोर्ट्स क्लब में नियमित रूप से क्रिकेट, बैडमिंटन, कैरम सहित विविध खेल खेले जाते थे। मंडल का नया भवन बनने के बाद फिर से स्पोर्ट्स क्लब शुरू किया जा रहा है। जल्दी ही शुरू होने वाली ग्रीष्मकालीन छुट्टी के कारण बच्चों के बड़ी संख्या में क्लब में शामिल होने की संभावना है। स्पोर्ट्स क्लब चौबे कॉलानी स्थित महाराष्ट्र मंडल भवन के प्रथम तल पर लॉन एरिया में संचालित किया जाएगा। इसी तरह कैरम खेलने वालों के लिए अंतरराष्ट्रीय मापदंडों के अनुरूप कैरम बोर्ड की व्यवस्था की गई है।
परितोष के अनुसार अप्रैल माह में मंडल के संत ज्ञानेश्वर स्कूल में वालीबॉल और रॉक बॉल का कैंप शुरू किया जाना है। यह कैंप खेल समिति के माध्यम से समन्वयक गीता दलाल के मार्गदर्शन में शुरू किया जाएगा। यह शालेय व महाविद्यालयीन स्तरीय नि:शुल्क शिविर राजधानी स्तरीय होगा। -
महाराष्ट्र मंडल में विश्व रंगमंच दिवस पर आयोजित संगोष्ठी में कालेले सम्मानित
‘नाम में क्या रखा है’ कहना गलत, सभी कुछ नाम में ही तो रखा है: प्रसन्न
रायपुर। 66 वर्षीय महाराष्ट्र नाट्य मंडल के संस्थापक सदस्य 84 वर्षीय वरिष्ठ रंगसाधक अनिल श्रीराम कालेले ने कहा कि हम जो टकटकी लगाकर नहीं देखते, वही नाटक है। टकटकी लगाकर नहीं देखने का आशय नाटक देखते समय त्रुटि नहीं देखने- निकालने को लेकर है। नाटक देखते समय आपकी मानसिेकता गलतियां निकालने की न हो, बल्कि एंजाय करने की हो। इस अवसर पर महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले, सचिव चेतन दंडवते, मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन, दिव्यांग बालिका विकास गृह प्रभारी प्रसन्न निमोणकर, संत ज्ञानेश्वर स्कूल के प्रभारी परितोष डोनगांवकर ने कालेले का सूत माला, श्रीफल, शाल और स्मृति चिह्न से सम्मान किया।
महाराष्ट्र नाट्य मंडल के पूर्व सचिव प्रसन्न निमोणकर ने कहा कि नाम में क्या रखा है, कहना ही गलत है। नाम में ही सब कुछ रखा है। बिना नाम के हम कुछ भी नहीं है। तभी तो आज भी लोग बॉबी के डायलॉग ‘प्रेम नाम है मेरा, प्रेम चोपड़ा’ को याद करते हैं। अध्यक्ष अजय काले ने कहा कि महाराष्ट्र नाट्य मंडल का गौरवशाली इतिहास है। इसे बनाए रखने की जिम्मेदारी हमारी है। गणेशोत्सव में हमने बेहतरीन मराठी नाटक ‘भानगढ पहावी लपवून’ का मंचन किया है। उसके बाद मराठी नाट्य प्रेमी एक और मजेदार मराठी नाटक की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
सचेतक रविंद्र ठेंगडी ने कहा कि रंगसाधकों में आपस में मतभेद हो सकते हैं, मनभेद भी संभव है। फिर भी हमें नाटकों को लेकर एक साथ होना चाहिए। किसी भी नाटक का बहिष्कार करना या उसे सेबोटाइज करना, कहीं न कहीं हमारे रंगसाधक होने पर ही प्रश्नचिह्न खडे़ करता है। सचिव चेतन दंडवते, मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन, वंदना निमोणकर, प्रिया बक्षी, गौरी क्षीरसागर, अस्मिता कुसरे, अजय पोतदार, प्रवीण क्षीरसागर, सुमीत मोडक समेत सभी रंगसाधकों ने अपने संक्षिप्त संबोधनों में रंगकर्म को लेकर अनुभव साझा किए। -
रायपुर/ रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (रेरा) ने समृद्धि विहार परियोजना के प्रमोटर प्राइम डेव्हलपर्स पर ₹10 लाख का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई रेरा अधिनियम, 2016 की धारा 13 के उल्लंघन के कारण की गई है।जांच में पाया गया कि प्रमोटर ने ग्राहकों से लिखित करार किए बिना भू-संपत्ति की लागत के 10% से अधिक राशि ली थी, जो कानून का सीधा उल्लंघन है। रेरा ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए आर्थिक दंड लगाया और सभी प्रमोटरों को निर्देश दिया कि वे नियमों का पालन करें। साथ ही, ग्राहकों से अपील की गई है कि वे केवल रेरा में पंजीकृत परियोजनाओं में ही निवेश करें।
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कमिश्नर श्री महादेव कावरे ने अधिकारियों को समय पर प्रकरण वैधानिक प्रक्रिया से समाप्त करने हेतु मार्गदर्शन दिया
रायपुर/ संभागायुक्त श्री महादेव कावरे की उपस्थिति में कलेक्टोरेट स्थित रेडक्रॉस सभाकक्ष में सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत प्रथम अपीलीय अधिकारियों एवं जनसूचना अधिकारियों की संभागस्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान राज्य सूचना आयोग के अवर सचिव डॉ. गीता शुक्ला दीवान तथा अनुभाग अधिकारी श्री अतुल वर्मा मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। संभागायुक्त श्री महादेव कावरे ने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 लोकहित में महत्वपूर्ण है तथा हमें सुरक्षा प्रदान करता है। उन्होंने सभी अधिकारियों से कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम की पूरी जानकारी रखें, साथ ही RTI आवेदनों का पारदर्शिता और त्वरित गति से निराकरण करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे गुणवत्ता और सूचना के अधिकार नियमों का पालन करते हुए आवेदनों का निपटारा करें।
अवर सचिव डॉ. दीवान ने सूचना के अधिकार अधिनियम के महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी दी। वहीं अनुभाग अधिकारी श्री अतुल वर्मा ने सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के तहत विभिन्न नवीनतम जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिनियम के प्रावधानों में छूट, अधिनियम के क्रियान्वयन सहित अन्य विषयों के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने अधिकारियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया।
इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर श्री उत्तम कुमार रजक, आयुक्त कार्यालय से उपायुक्त विकास श्री बी.आर जोशी, उपायुक्त राजस्व श्रीमती ज्योति सिंह सहित अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे। -
कृषि विश्वविद्यालय के कैरियर परामर्श, प्लेसमेंट तथा एल्यूमिनी प्रकोष्ठ द्वारा कार्यशाला आयोजित
रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कैरियर गाइडेंस, प्लेसमेन्ट एवं एल्यूमिनी प्रकोष्ठ द्वारा विद्यार्थियों के कैरियर को नये आयाम देने और सफलता के नये रास्ते बताने के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला के मुख्य अतिथि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल थे तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आर.आर. सक्सेना उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संजय शर्मा ने की। इस कार्यशाला में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय तथा महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के लगभग 700 से अधिक बच्चों ने सहभागिता की और सफलता के नये सूत्र सीखे। कार्यशाला में कैरियर मार्गदर्शन, कौशल विकास तथा व्यक्तित्व विकास के विभिन्न पहलुओं पर विशेषज्ञ वक्ताओं द्वारा छात्रों को प्रेरक उद्बोधन दिये गये। इस एक दिवसीय कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों ने कैरियर परामर्श, संवाद कौशल विकास, क्रोध एवं तनाव प्रबंधन, आंतरिक शक्तियों का विकास, समय प्रबंधन, बायोडाटा निर्माण एवं साक्षात्कार की तैयारी, नये स्टार्टअप की स्थापना, विदेशों में उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान के अवसर आदि विषयों पर सारगर्भित एवं उपयोगी जानकारियां प्राप्त की। इस कार्यशाला का आयोजन छत्तीसगढ़ बायोटेक प्रमोशन सोसायटी के वित्तीय सहयोग से किया गया।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथ डॉ. गिरीश चंदेल ने कहा कि हर विद्यार्थी का मुख्य लक्ष्य पढ़ाई के बाद नौकरी या रोजगार प्राप्त करना होता है। अच्छा कैरियर बनाने में सिर्फ किताबी पढ़ाई ही कारगर नहीं होती बल्कि इसमें छात्रों का व्यक्तित्व, संवाद कौशल, आत्म विश्वास तथा व्यावसायिक कौशल भी महत्वपूर्ण होता है। डॉ. चंदेल ने कहा कि विद्यार्थियों को अपने जीवन का लक्ष्य तय कर उन्हीं पाठ्यक्रमों में पढ़ाई करनी चाहिए जिनसे उन लक्ष्यों की प्राप्ति की जा सके। डॉ. चंदेल ने आशा व्यक्त की कि इस कार्यशाला के दौरान विभिन्न विषयां पर विषय विशेषज्ञों द्वारा दिये गये मार्गदर्शन से विद्यार्थियों को सफल कैरियर बनाने में मदद मिलेगी। महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आर.आर. सक्सेना ने कहा कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय तथा महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए संयुक्त रूप से आयोजित कैरियर विकास पर यह कार्यशाला एक अच्छा एवं स्वागतेय प्रयास है। उन्होंने कहा कि कृषि एवं उद्यानिकी के क्षेत्र में हुए अनुसंधान एवं प्रौद्योगिकी विकास को किसानों के खेतों तक पहुंचाने की जरूरत है और इसमें आप लोग महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संजय शर्मा ने कार्यशाला की रूप-रेखा प्रतिपादित करते हुए इसके उद्देश्यों, उपयोगिता एवं भावी परिणामों पर प्रकाश डाला।
कार्यशाला के दौरान विभिन्न विषय विशेषज्ञों द्वारा विद्यार्थियों को उन विषयों के विभिन्न पहलुओं पर सारगर्भित मार्गदर्शन दिया गया। स्वयंसेवी संस्था एग्रीकॉन के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मानस बैनर्जी ने विभिन्न रोचक क्रियाओं एवं गतिविधियों के माध्यम से क्रोध एवं तनाव का प्रबंधन करने के गुर सिखाए। भारत सरकार के जी.एस.टी. विभाग के सुपरिटेंडेन्ट एवं युवा संस्था के संचालक श्री एम. राजीव ने कैरियर परामर्श एवं संवाद कौशल के बारे में विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण सूत्र दिये। छत्रपति शिवाजी विद्यालय रायपुर के संचालक श्री मुकेश शाह ने विद्यार्थियों के अपनी आंतरिक शक्तियों के विकास तथा समय प्रबंधन के बारे में उपयोगी टिप्स दिये। पाथ फाईंडर एकेडमी रायपुर के निदेशक श्री इंद्रजीत ने बायोडाटा निर्माण तथा साक्षात्कार की तैयारी के बारे में उपयोगी जानकारियां दी। कृषि विश्वविद्यालय के एग्री बिजनेस इन्क्यूबेशन केन्द्र के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. हुलास पाठक ने विद्यार्थियों को नये स्टार्टअप की स्थापना की प्रक्रिया, फंडिंग तथा बाजार की उपलब्धता के बारे में बताया। धमतरी की सफल स्टार्टअप उद्यमी सुश्री इशा झवर ने अपने स्टार्टअप की स्थापना के संघर्ष तथा सफलता के अनुभव विद्यार्थियों के साथ साझा किये। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र तथा वर्तमान में जमर्नी के विश्वविद्यालय में अध्ययनरत श्री ओम सोनी ने कृषि विद्यार्थियों के लिए विदेशों में उच्च शिक्षा के अवसरों, प्रक्रिया तथा तैयारियों एवं छात्रवृत्ति के बारे में जानकारी प्रदान की। कार्यशाला के अन्त में प्रतिभागियों से फीड बैक प्राप्त किया गया तथा उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। कैरियर गाइडेंस, प्लेसमेन्ट एवं एल्यूमनाई प्रकोष्ठ के संयोजक डॉ. राम मोहन सावू तथा सह संयोजक डॉ. शुभा बैनर्जी ने कार्यक्रम का सफल संचालन तथा अतिथियों के प्रति आभार प्रदर्शन किया। इस कार्यक्रम का यूट्युब में लाईव प्रसारण किया गया। इस कार्यशला में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय तथा महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता, संचालक, प्राध्यापक एवं वैज्ञानिकगण उपस्थित थे। -
रायपुर/ कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आज जल संसाधन एवं खनिज विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक ली और अवैध उत्खनन एवं अवैध परिवहन पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
कलेक्टर डॉ. सिंह की अध्यक्षता में आज जिला स्तर समिति में मोदी बायोटेक को मुख्य अभियंता स्तर से अनुमोदित ड्राइंग के आधार पर इंटेक वेल एवं पाइपलाइन भिलाई ग्राम स्थित फैक्ट्री तक निर्माण की अनुमति प्रदान की गई है।
कलेक्टर डॉ. सिंह ने खनिज विभाग एवं वन विभाग को निर्देशित किया कि वे अपने क्षेत्र में अवैध उत्खनन और परिवहन पर कड़ी निगरानी रखें। साथ ही आर. टी.ओ अधिकारी को अपने क्षेत्र में अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर ने सभी तहसीलदार और SDM को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित रूप से जांच करने और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, सीईओ जिला पंचायत श्री कुमार विश्वरंजन, एसडीएम रायपुर श्री नंदकुमार चौबे, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी श्री आशीष देवांगन, उपसंचालक खनिज श्री सी. गोलघाटे सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। -
नये भवन निर्माण के लिए किया स्थल का चिन्हांकन
रायपुर/ कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने पंडरी स्थित जिला अस्पताल का दौरा किया और मरीजों के परिजनों को राहत देने के लिए अस्पताल में एक नई बिल्डिंग के निर्माण के लिए स्थल का चिन्हांकन किया। इस नए भवन के निर्माण से अस्पताल में एडमिट होने वाले मरीजों के परिजनों को सहूलियत देने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा।
इस मौके पर नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, सीईओ जिला पंचायत श्री कुमार विश्वरंजन, सीएमएचओ श्री मिथलेश कुमार चौधरी सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे। -
व्यवस्थाओं का अवलोकन कर दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
बालोद/ कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल आज स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालय बालोद में पहुँचकर वहाँ चल रहे छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल अंतर्गत कक्षा 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य का जायजा लिया। इस दौरान उन्होेंने विद्यालय में मूल्यांकन हेतु निर्धारित कक्ष में पहुँचकर व्यवस्थाओं का अवलोकन भी किया। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी एवं मूल्यांकन केन्द्राध्यक्ष को उत्तर पुस्तिका के मूल्यांकन कार्य को निर्धारित समयावधि में सफलतापूर्वक संपन्न कराने हेतु सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान कलेक्टर श्री चन्द्रवाल ने मौके पर उपस्थित मूल्यांकन केन्द्राध्यक्ष श्री अरूण साहू से मूल्यांकन केन्द्र स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालय बालोद में कक्षा 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन हेतु प्राप्त कुल उत्तर पुस्तिकाओं के संबंध में जानकारी ली। मूल्यांकन केन्द्राध्यक्ष श्री अरूण साहू ने बताया कि मूल्यांकन केन्द्र स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालय बालोद में छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल से मूल्यांकन हेतु कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा के कुल 43 हजार 347 एवं कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा के कुल 25 हजार 290 उत्तर पुस्तिकाएं प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल के निर्देशानुसार प्रत्येक मूल्यांकन कर्ताओं के द्वारा प्रतिदिन कक्षा 10वीं एवं 12वीं दोनों कक्षाओं के 40-40 उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया जा रहा है। मूल्यांकन केन्द्राध्यक्ष ने बताया कि मूल्यांकन कार्य को निर्धारित समयावधि में सफलतापूर्वक संपन्न करने हेतु मूल्यांकन केन्द्र स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालय बालोद में मूल्यांकन कर्ता के रूप में 294 व्याख्याताओं सहित कुल 300 अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। उन्होंने बताया कि मूल्यांकन कार्य छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा जारी समय सारणी के अनुसार 26 मार्च से 14 अपै्रल तक संपन्न की जाएगी। इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी श्री पीसी मरकले सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। -
नहर-नाली से तालाब में पानी भराई के कार्य एवं सेमरिया नाला में निर्मित स्टाॅप डेम का किया अवलोकन
बालोद/ कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम भाठागांव में पहुँचकर जल जतन अभियान के अंतर्गत किए जा रहे विभिन्न कार्याें का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने ग्राम भाठागांव बी में नहर-नाली से नया तालाब में पानी भराई के कार्य का अवलोकन भी किया। जिससे कि ग्रामीणों के निस्तारी एवं मवेशियों के पीने के लिए समुचित मात्रा में पानी की प्रबंध सुनिश्चित की जा सके। कलेक्टर श्री चन्द्रवाल ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गांरटी योजना के तहत ग्राम भाठागांव बी में किए जा रहे जल जतन अभियान के इस बेहतर कार्य की सराहना की। मौके पर उपस्थित महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गांरटी योजना के परियोजना अधिकारी ने बताया कि जल जतन अभियान के अंतर्गत पूर्व में ग्राम भाठागांव बी के एक और तालाब में पानी भरा गया है। इस दौरान कलेक्टर श्री चन्द्रवाल ने ग्राम भाठागांव बी के सेमरिया नाला में पहुँचकर वहाँ महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गांरटी योजना के अंतर्गत निर्मित किए गए चेक डेम का भी अवलोकन किया। श्री चन्द्रवाल ने मौके पर उपस्थित महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गांरटी योजना के परियोजना अधिकारी एवं ग्रामीणों से इस चेक डेम में पानी के ठहराव तथा सिंचाई एवं अन्य कार्यों के लिए ग्रामीणों को मिलने वाली सुविधा के संबंध में जानकारी ली। मौके पर उपस्थित अधिकारियों ने बताया कि सेमरिया नाला की कुल लंबाई 10 से 12 कि.मी. है। उन्होंने बताया कि दिसंबर माह तक इस चेक डेम में पानी उपलब्ध रहता है। जिसका उपयोग आसपास के किसान सिंचाई एवं आवश्यक कार्यों के लिए करते हैं। इसके अलावा इस चेक डेम के माध्यम से मवेशियों के पीने के लिए भी पानी उपलब्ध हो जाता है। इस मौके पर एसडीएम श्रीमती प्रतिमा ठाकरे झा, तहसीलदार श्री कोमल धु्रव सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे। -
विवाह में 05 लाख 60 हजार की राशि का हुआ है व्यय
बालोद/ मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत बालोद जिले में वर्ष 2023-24 में कुल 234 जोड़े का विवाह कराया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि नवविवाहित 234 जोड़े के विवाह में शासन के नियमानुसार प्रति जोड़ा 50 हजार रूपए के मान से कुल 01 करोड़ 16 लाख 85 हजार 32 रूपए का व्यय किया गया है। जिसमें 27 लाख 90 हजार 296 रूपए का व्यय जिला स्तर पर मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में दी जाने वाली विभिन्न सामग्रियों के क्रय हेतु किया गया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि परियोजना बालोद अंतर्गत कुल 16 जोड़े का विवाह संपन्न हुआ है। जिसमें कुल 05 लाख 60 हजार रूपए का व्यय किया गया है। इससे अधिक राशि का व्यय नहीं हुआ है। -
बालोद/ जिले में उद्यानिकी विभाग बालोद के अंतर्गत स्थापित रोपणियों में रोपित आम फल बगीचे का फलबहार की नीलामी की तिथि निर्धारित की गई है। सहायक संचालक उद्यानिकी ने बताया कि इसके अंतर्गत शासकीय उद्यानिकी रोपणी झलमला में नीलामी की तिथि 09 अपै्रल तथा शासकीय उद्यानिकी रोपणी अर्जंुदा में 11 अपै्रल 2025 को दोपहर 02 बजे निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि नीलामी संचालनालय के नीलामी शर्तों के अनुसार की जाएगी।


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