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भारत के साथ नए सिरे से संबंध स्थापित करना चाहता है बांग्लादेश: कबीर

ढाका.  बांग्लादेश ने अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना और उनकी पार्टी अवामी लीग के सत्ता से हटने के बाद भारत के साथ संबंधों को नए सिरे से स्थापित करने की इच्छा जताई है। बीएनपी अध्यक्ष तारिक रहमान के सलाहकार हुमायूं कबीर ने कहा कि दोनों देशों को "पारस्परिक लाभ" के लिए मिलकर काम करना चाहिए। बांग्लादेश में बृहस्पतिवार को हुए ऐतिहासिक संसदीय चुनाव के परिणाम शुक्रवार को घोषित किए गए, जिसमें रहमान की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने दो-तिहाई से अधिक बहुमत के साथ शानदार जीत दर्ज की। कबीर ने शनिवार को एक  न्यूज़ एजेंसी से बातचीत में जोर देकर कहा कि बांग्लादेश में बीएनपी को मिले प्रचंड जनादेश के बाद बदली हुई राजनीतिक वास्तविकता को स्वीकार करना अब भारत की जिम्मेदारी है। कबीर ने कहा, "बदलाव भारत की सोच में आना चाहिए। शेख हसीना और अवामी लीग आज के बांग्लादेश में मौजूद नहीं हैं। जनता ने स्पष्ट रूप से बीएनपी के पक्ष में फैसला दिया है।" कबीर ने अगस्त 2024 के जनविद्रोह के बाद भारत जा चुकीं हसीना को "आतंकवादी" करार देते हुए उन पर 1,500 से अधिक लोगों की मौत का जिम्मेदार होने का आरोप लगाया। उन्होंने भारत सरकार से आग्रह किया कि वह बांग्लादेश की स्थिरता को प्रभावित करने के लिए हसीना या अवामी लीग के अन्य नेताओं को अपनी जमीन इस्तेमाल करने की अनुमति न दे। उन्होंने कहा, "भारत बांग्लादेश की संप्रभुता को कमजोर करने वाली किसी भी गतिविधि में सहभागी के रूप में न दिखे। एक बार यह मुद्दा सुलझ जाए, तो सामान्य राजनयिक सहयोग फिर से शुरू हो सकता है। हम पड़ोसी हैं और हमें पारस्परिक लाभ के लिए मिलकर काम करना चाहिए।" भारत ने 26 नवंबर 2025 को कहा था कि वह हसीना के प्रत्यर्पण के बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के अनुरोध पर गौर कर रहा है और बांग्लादेश की जनता के सर्वोत्तम हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था, "हम शांति, लोकतंत्र, समावेशन और स्थिरता समेत बांग्लादेश की जनता के सर्वोत्तम हितों के प्रति प्रतिबद्ध हैं और इस संबंध में सभी पक्षों के साथ रचनात्मक रूप से जुड़े रहेंगे।" कबीर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रहमान के बीच फोन पर हुई सौहार्दपूर्ण बातचीत का भी उल्लेख किया, जिसमें मोदी ने रहमान को सुविधाजनक समय पर भारत आने का निमंत्रण दिया। इस यात्रा के समय को लेकर कबीर ने कहा कि घरेलू प्राथमिकताएं पहले हैं।
उन्होंने कहा, "तारिक रहमान देश को समृद्धि और आर्थिक सुरक्षा के रास्ते पर लाने पर ध्यान केंद्रित करेंगे। यहां स्थिति स्थिर होने के बाद वह अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं पर विचार करेंगे, जिसमें भारत की यात्रा भी शामिल है।" दक्षिण एशिया में भारत, चीन और अमेरिका के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा पर बांग्लादेश के रुख के बारे में कबीर ने कहा कि नयी सरकार संबंधों में संतुलन की नीति अपनाएगी। उन्होंने कहा, " राष्ट्रीय हित और हमारी क्षेत्रीय भलाई हमारी विदेश नीति के केंद्र में रहेगी।"
उन्होंने कहा, "हम संतुलित संबंध चाहते हैं। हम किसी एक देश के साथ विशेष संबंध नहीं रखेंगे और किसी भी समझौते का अनावश्यक खुलासा नहीं करेंगे।" अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदुओं के साथ सांप्रदायिक हिंसा संबंधी चिंताओं को कबीर ने खारिज कर दिया।
 उन्होंने कहा, "अगस्त विद्रोह के बाद पांच दिन तक बिना सरकार की अभूतपूर्व स्थिति के दौरान भी किसी ने अल्पसंख्यकों पर हमला नहीं किया। यह यहां की सांप्रदायिक सद्भावना को दर्शाता है। समस्या वैसी नहीं है, जैसी कभी-कभी प्रस्तुत की जाती है।" भारत बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं पर हमलों को लेकर चिंता व्यक्त करता रहा है। दिसंबर में कट्टरपंथी युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद समुदाय पर कई हमले हुए, जिनमें कुछ घातक भी थे। बीएनपी के शनिवार को जारी बयान के अनुसार, बांग्लादेश ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अन्य क्षेत्रीय नेताओं को 17 फरवरी को होने वाले देश के अगले प्रधानमंत्री तारिक रहमान के शपथग्रहण समारोह में आमंत्रित किया है।
 

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