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- -लंबी कतार में समय व्यर्थ ना गँवाएँ, मोबाइल ऐप से घर बैठे जनरल, प्लेटफार्म एवं मंथली सीजन टिकट बुक कराएं ।बिलासपुर |अनारक्षित टिकटिंग की प्रक्रिया को यात्रियों के सुविधा अनुकूल बनाने, यात्रियों को चिल्हर की परेशानी से राहत दिलाने के साथ ही डिजिटल टिकटिंग मोड को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से रेलवे प्रशासन द्वारा घर बैठे अनारक्षित टिकट बुकिंग हेतु यूटीएस मोबाइल ऐप की सुविधा प्रदान की गई है। इस ऐप के द्वारा कितनी भी दूरी से किसी भी स्टेशन के लिए अनारक्षित टिकट सरलता से प्राप्त किया जा सकता है ।इस ऐप का उद्देश्य डिजिटल टिकटिंग को बढ़ावा देना, कतार व चिल्हर की परेशानियों से यात्रियों को मुक्त कराना है । भीड़भाड़ के दौरान सुगम तरीके से अनारक्षित टिकट प्राप्त करने का यह सबसे आसान व अच्छा विकल्प है, जिससे यात्रियों को स्टेशन के टिकट काउंटर पर लंबी कतारों में लगने की जरूरत नहीं पड़ेगी | साथ ही टिकट का भुगतान R- Wallet के माध्यम से करने से 03 प्रतिशत की अतिरिक्त बोनस राशि भी प्राप्त होती है | बिलासपुर मंडल के सभी स्थानों पर यूटीएस ऑन मोबाइल ऐप का उपयोग आसानी से किया जा सकता है।यूटीएस ऑन मोबाइल ऐप से यात्रियों को कैशलेस टिकट बुकिंग की सुविधा मिलती है जिससे डिजिटल लेन-देन को भी बढ़ावा मिल रहा है | इस ऐप के जरिए यात्री जनरल टिकट, प्लेटफॉर्म टिकट और मासिक सीज़न टिकट (MST) भी आसानी से बुक कर रहे हैं । मंडल के बिलासपुर सहित सभी प्रमुख स्टेशनों में हेल्प-डेस्क के माध्यम से टिकट चेकिंग व बुकिंग स्टाफ द्वारा यात्रियों को यूटीएस ऑन मोबाइल ऐप के बारे में विस्तृत जानकारी दी जा रही है | साथ ही यूटीएस ऑन मोबाइल एप के माध्यम से अनारक्षित टिकट के प्रावधानों, इससे होने वाली लाभों एवं इसके प्रयोग के बारे में विस्तारपूर्वक बताया जा रहा है | जिससे यात्रीगण इसका सरलतापूर्वक प्रयोग कर इस सुविधा का अधिकाधिक लाभ उठा सकें |कैसे करें यूटीएस ऑन मोबाइल ऐप का इस्तेमालगूगल प्ले स्टोर, एप्पल स्टोर या विंडोज स्टोर से “UTS” ऐप डाउनलोड करें. साइन अप करके मोबाइल नंबर पंजीकृत करें. इस सुविधा में आर-वॉलेट का उपयोग करके टिकट बुक करें. आर-वॉलेट को डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग, यूपीआई या यूटीएस काउंटर के माध्यम से रिचार्ज करें. ऐप पर अनारक्षित टिकट बुकिंग, सीजन टिकट जारी, नवीनीकरण और पेपरलेस टिकट का विकल्प मौजूद है। बुक किए गए टिकट का विवरण भी इस ऐप में प्रदर्शित होता है । इसके अलावा ऑफलाइन की स्थिति में भी टिकट दिखाने की सुविधा इस ऐप में उपलब्ध है।वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबन्धक श्री अनुराग कुमार सिंह ने यात्रियों से आग्रह किया की यूटीएस ऑन मोबाइल ऐप का अधिकाधिक उपयोग करें और इसके माध्यम से डिजिटल सुविधाओं का लाभ उठायें । यह ऐप न केवल टिकट खरीदने को आसान बनाता है, बल्कि यात्रियों के समय और ऊर्जा की भी बचत करता है ।
- बिलासपुर । रेल यात्रियो की सुविधाओ को ध्यान में रखते हुये रेल प्रशासन के द्वारा दुर्ग -हटिया-दुर्ग के मध्य चल रही स्पेशल ट्रेन के परिचालन में विस्तार किया गया है । य ह गाड़ी 08185 / 08186 हटिया-दुर्ग-हटिया द्वि-साप्ताहिक स्पेशल की सुविधा दिनांक 28 मार्च, 2025 तक चल रही है, जिसके परिचालन में 26 फेरो का विस्तार दिनांक 27 जून, 2025 तक किया गया है ।08185 हटिया-दुर्ग द्वि-साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन का परिचालन दिनांक 1 अप्रैल से 26 जून, 2025 तक विस्तार किया गया है । इसी प्रकार विपरीत दिशा में भी 08186 दुर्ग-हटिया द्वि-साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन का परिचालन दिनांक 02 अप्रैल से 27 जून, 2025 तक विस्तार किया गया है ।
- रायपुर। एनआईटी रायपुर के सेंटर ऑफ स्पेस एंड इंटरप्लेनेटरी एक्सप्लोरेशन (कोसाइन) को नासा इंटरनेशनल स्पेस ऐप्स चैलेंज के लोकल लीडर के रूप में चयन किया गया है | यह सम्मान उनके नेतृत्व, सफल आयोजन क्षमता, सामुदायिक सहयोग और नवाचार के प्रति समर्पण को देखते हुए प्रदान किया गया है। नासा स्पेस ऐप्स चैलेंज, जो 2012 से आयोजित किया जा रहा है, दुनिया भर के वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, छात्रों, क्रिएटर्स और तकनीकी विशेषज्ञों को एक मंच प्रदान करता है, जहाँ वे नासा के ओपन डेटा का उपयोग करके इनोवेटिव समाधान विकसित कर सकते हैं।इस वर्ष यह वैश्विक हैकाथॉन 4-5 अक्टूबर 2025 को आयोजित किया जाएगा। पिछले वर्ष, इस कार्यक्रम में 163 देशों से 93,520 लोगों ने भाग लिया था, जिसमें 15,444 टीमें बनाई गईं और 9,996 प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए गए थे। इस प्रतियोगिता के रायपुर एडिशन की जिम्मेदारी इस वर्ष एनआईटी रायपुर के सेंटर ऑफ स्पेस एंड इंटरप्लेनेटरी एक्सप्लोरेशन (कोसाइन) को मिली है | इस प्रतिष्ठित चैलेंज का उद्देश्य वैश्विक स्तर पर सहयोग, रचनात्मकता और समस्या-समाधान कौशल को बढ़ावा देना है, जिससे भविष्य के वैज्ञानिकों, तकनीकी विशेषज्ञों, डिजाइनरों और कहानीकारों को प्रोत्साहित किया जा सके। लोकल लीड के रूप में, कॉसाइन एनआईटी रायपुर को नासा स्पेस ऐप्स ग्लोबल ऑर्गेनाइजिंग टीम के साथ काम करने, वैश्विक नवाचार और तकनीकी समुदाय का हिस्सा बनने, विज्ञान और नासा मिशनों को गहराई से समझने, तथा आयोजन प्रबंधन और समुदाय-निर्माण की नई क्षमताओं को विकसित करने का अवसर मिलेगा। लोकल लीड की जिम्मेदारियों में एक वर्चुअल या इन-पर्सन लोकल इवेंट का आयोजन करना, प्रतिभागियों, स्थानीय भागीदारों, स्थानीय जजों और एक स्थानीय आयोजन टीम बनाने, हैकाथॉन के दौरान या पहले नए कौशल सिखाने और सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए वर्कशॉप आयोजित करना शामिल है। इसके अलावा, शीर्ष परियोजनाओं को वैश्विक स्तर की जजिंग के लिए नामांकित करना और नासा स्पेस ऐप्स की सभी शर्तों, संदर्भ दिशानिर्देशों, प्रशिक्षण और संसाधनों का पालन करना भी इसकी जिम्मेदारियों का हिस्सा है।कॉसाइन एनआईटी रायपुर इस प्रतिष्ठित भूमिका को निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है और रायपुर में इस वर्ष के नासा स्पेस ऐप्स चैलेंज को एक यादगार और प्रेरणादायक कार्यक्रम बनाने के लिए उत्साहित है।
- - दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की पहली ISO सर्टिफाइड ट्रेन बनी बिलासपुर- नागपुर वंदे भारत एक्सप्रेसबिलासपुर। भारतीय रेलवे की प्रगतिशील और आधुनिक ट्रेन सेवा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई है। बिलासपुर-नागपुर वंदे भारत एक्सप्रेस को ISO 9001:2015 प्रमाणन प्राप्त हुआ है, जो उच्चतम गुणवत्ता मानकों, उत्कृष्ट प्रबंधन प्रणाली, सुरक्षा, स्वच्छता और यात्री संतुष्टि का प्रमाण है। यह उपलब्धि न केवल इस ट्रेन की विश्वसनीयता को बढ़ाती है, बल्कि भारतीय रेलवे की नवाचार और सेवा सुधार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।क्या है ISO 9001:2015 प्रमाणन –ISO 9001:2015 एक वैश्विक मानक है, जिसे गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली (Quality Management System - QMS) के लिए लागू किया जाता है। यह प्रमाणन तभी प्रदान किया जाता है जब कोई संगठन या सेवा निम्नलिखित मानकों पर खरा उतरता है:- निरंतर गुणवत्ता सुधार और उच्च ग्राहक संतुष्टि- बेहतर संचालन, सुरक्षा और रखरखाव प्रक्रिया-समयबद्धता, स्वच्छता और विश्वसनीयता-यात्रियों को आधुनिक और सुविधाजनक सेवाएं प्रदान करनामंडल रेल प्रबंधक श्री राजमल खोईवाल ने बताया कि यह प्रमाणन रेलवे कर्मचारियों की कड़ी मेहनत, समर्पण और उच्चतम सेवा मानकों को लागू करने की प्रतिबद्धता का परिणाम है। उन्होने मंडल रेल परिवार के सभी सदस्यों को इस उपलब्धि पर बधाई व शुभकामनायें दी |इस वंदे भारत रेक का रखरखाव दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के कोचिंग डिपो, बिलासपुर में किया जा रहा है। कोचिंग डिपो बिलासपुर के अधिकारियों , सुपरवाइजर और कर्मचारियों ने नई तकनीक से युक्त इस वंदे भारत रेक के संचालन में अपने कौशल, ज्ञान और अनुभव का प्रदर्शन करते हुए इसे पूरी दक्षता के साथ संचालित किया है।
- - साहू समाज के निर्मित भवन में डोम निर्माण के लिए 10 लाख रूपए की घोषणाराजनांदगांव । विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह आज भक्त माता कर्मा जयंती के अवसर पर साहू सदन बसंतपुर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने भक्त माता कर्मा जयंती के अवसर पर साहू समाज के साथ-साथ प्रदेश वासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास में साहू समाज पूरी दृढ़ता, ईमानदारी, परिश्रम एवं मजबूती के साथ खड़ा है। साहू समाज मेहनतकस होने के साथ-साथ धार्मिक प्रवृत्ति वाला है। यह एक ऐसा समाज है जो नशे से दूर रहकर राज्य के विकास में अपना योगदान दे रहा है। उन्होंने भक्त माता कर्मा का स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने अपने भक्ति बल पर बालक श्रीकृष्ण का आव्हान किया था। साहू समाज के लोग वर्तमान में कृषि, प्रशासन, व्यवसाय, राजनीति सहित सभी क्षेत्रों में में आगे बढ़ रहे हैं और विकास में अपना योगदान कर रहे हैं। विधानसभा अध्यक्ष ने साहू समाज के निर्मित भवन में डोम निर्माण के लिए 10 लाख रूपए की राशि देने की घोषणा की। इस दौरान पूर्व मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, पूर्व सांसद श्री दीपक बैज, विधायक डोंगरगांव श्री दलेश्वर साहू, विधायक खुज्जी श्री भोलाराम साहू विशेष रूप से उपस्थित थे।विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि देश में छत्तीसगढ़ को पलायन करने वाला और पिछड़े राज्य के रूप में जाना जाता था, लेकिन अब देश में विकास के मामले में बहुत तेजी से आगे बढ़ा है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ देश का 18 प्रतिशत लोहा, 20 प्रतिशत सीमेंट, 30 हजार मेगावाट से अधिक का विद्युत का उत्पादन करता है, वहीं यहां के किसानों के अपनी फसल का उचित मूल्य मिल रहा है और उनके खाते में राशि अंतरित की जाती है। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए यह कहा कि 2047 से पहले छत्तीसगढ़ देश के पहले तीन राज्यों में विकास के मामले में अपना स्थान बना लेने में सफल होगा। उन्होंने बताया कि भक्त माता कर्मा जयंती के अवसर पर रायपुर में डाक टिकट जारी किया गया है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को विशेष रूप से बधाई दी।पूर्व मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू ने साहू समाज को विशेष रूप से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि माता भक्त कर्मा का जीवन हम सभी को मार्गदर्शन प्रदान करता है। इस अवसर पर समाज की वर्ष भर की संपूर्ण गतिविधियों की समीक्षा की जानी चाहिए और जिन क्षेत्रों में समाज एवं समाज के लोग आगे बढ़े हैं, उन्हें रेखांकित किया जाना चाहिए। इसके अलावा समाज अच्छाईयों को अपनाए, बुराईयों का परित्याग करें, समाज में व्याप्त रूढि़वादी विचारों और परंपराओं का परित्याग कर आगे बढ़े। उन्होंने यह भी कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी लेकर समाज आगे बढऩे का प्रयास करें। उन्होंने उपस्थित माताओं-बहनों का आव्हान करते हुए कहा कि वे अपने परिवार के बच्चों और सदस्यों को संस्कारवान बनाएं तथा समाज को आगे बढऩे में मदद करें। पूर्व सांसद श्री दीपक बैज ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। श्री भागवत साहू ने अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती किरण साहू, पूर्व विधायक श्रीमती छन्नी साहू, श्री खेदूराम साहू, श्रीमती गीताघासी साहू, श्री कोमल सिंह राजपूत, श्री पदम कोठारी सहित साहू समाज के अन्य पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।
- -पीएम प्रवास के तैयारियों की समीक्षा कीबिलासपुर, /अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ ने मंथन सभाकक्ष में आज अधिकारियों की बैठक लेकर पीएम के आगमन की तैयारियों को लेकर चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में जिला प्रशासन के साथ एनटीपीसी, रेल्वे, दूरसंचार निगम के सीनियर अधिकारी उपस्थित थे। प्रधानमंत्री जी का मोहभठ्ठा में 30 मार्च को लगभग एक घण्टे तक कार्यक्रम होगा। इस दौरान विकास कार्यो के लोकार्पण के साथ आमसभा को सम्बोधित करेंगे। एनटीपीसी की नई यूनिट का शिलान्यास के साथ अभनपुर से रायपुर रेल सेवा का शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी की जानकारी ली गई। स्वागत के साथ कार्यक्रमों के क्रम के बारे में मंथन किया गया। चूकि स्थल से रेलवे लाईन नजदीक है। इसलिए रेलवे लाईन को दोनों तरफ से सुरक्षित बैरिकेडिंग किया जायेगा और रेलवे की तरफ से जवाब भी तैनात किये जाएंगे। बैठक में संभागायुक्त श्री महादेव कावरे, आईजी संजीव शुक्ला, रेलवे सुरक्षा बल के आईजी, कलेक्टर अवनीश शरण, एसएसपी रजनेश सिंह सहित एनटीपीसी, रेलवे एवं दूरसंचार निगम के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक के पूर्व श्री पिंगुआ ने सभास्थल की तैयारियों का मौका मुआयना भी किया और दिशा-निर्देश दिए।
- -छत्तीसगढ़ में कृषक उत्पादक संगठनों को बढ़ावा देने तीन दिवसीय मेला सह प्रदर्शनी 26 मार्च से-कृषि विश्वविद्यालय में लगेगा एफ.पी.ओ. मेला-कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम करेंगे शुभांरभरायपुर । कृषि विश्वविद्यालय परिसर में कल से आयोजित तीन दिवसीय कृषि उत्पादक संगठन मेला सह प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ के विभिन्न कृषक उत्पादक संगठनों द्वारा निर्मित प्रसंस्कृत एवं जैविक खाद्य उत्पाद प्रदर्शन एवं विक्रय हेतु उपलब्ध रहेंगे इनमें सुगंधित जैविक चावल ब्लैक राईस, रेड साईस, ग्रीन राईस, ब्राउन राईस,, दालें, तिलहन, मसाले, मिलेट्स, मल्टीग्रेन आटा, विभिन्न फलों एवं सब्जियों के अचार, जैम, जैली, कैचप, चटनी, पापड़, कच्ची घानी का तेल, मखाना एवं जैविक गुड़ आदि प्रमुख हैं। छत्तीसगढ़ में कृषक उत्पादक संगठनों के गठन एवं गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग, छत्तीसगढ़ शासन तथा लघु कृषक कृषि व्यापार संघ, भारत सरकार नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 26 से 28 मार्च, 2025 तक तीन दिवसीय कृषक उत्पादक संगठन (एफ.पी.ओ.) मेला सह प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। कृषि महाविद्यालय, रायपुर के कृषि मंडपम् में आयोजित इस तीन दिवसीय एफ.पी.ओ. मेला सह प्रदर्शनी का शुभारंभ दिनांक 26 मार्च, 2025 को प्रातः 11 बजे कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी मंत्री श्री रामविचार नेताम के मुख्य आतिथ्य में किया जाएगा। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में धरसींवा विधायक, श्री अनुज शर्मा, रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोती लाल साहू, महापौर रायपुर नगर निगम, श्रीमती मीनल चौबे उपस्थित रहेंगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल करेंगे।उल्लेखनीय है कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में आयोजित होने वाले इस तीन दिवसीय कृषक उत्पादक संगठन मेला सह प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ के 45 कृषक उत्पादक संगठन शामिल होंगे। मेले में शामिल कृषक उत्पादक संगठनों के उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय भी किया जाएगा। इस दौरान एफ.पी.ओ. के संचालन के विभिन्न विषयों पर विषय विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इस एफ.पी.ओ. मेला सह प्रदर्शनी में कृषि वैज्ञानिक, कृषि विभाग के अधिकारी, प्रगतिशील कृषक एवं कृषि से संबंधित एफ.पी.ओ. के प्रतिनिधि भाग लेंगे। इस अवसर पर जन-सामान्य हेतु मेला सह प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जाएगा जिसमें एफ.पी.ओ. के उत्पादों को क्रय भी कर सकेंगे।एफ.पी.ओ. मेले में विभिन्न कृषक उत्पादक संगठनों द्वारा निर्मित उत्पाद जैसे सुगंधित चावल - विष्णुभोग चावल, देवभोग चावल, जीराफूल चावल, तुलसी मंजरी चावल, ब्लैक राईस, रेड साईस, ग्रीन राईस, ब्राउन राईस, हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर, मशरूम बड़ी, मशरूम पापड़, मशरूम पाउडर, मशरूम अचार, महुआ लड्डू, शहद, बाजरा, कोदो, कुटकी, रागी, कच्ची घानी का तेल (सरसों का तेल, शीशम तेल और मूंगफली का तेल), मल्टीग्रेन आटा, रागी का आटा, चावल का आटा, कॉन्सेंट्रेट, हनी बी वैक्स, लिप बाम, फुट क्रीम, हर्बल साबुन, मोरिंगा पाउडर, फिनाइल, अरहर दाल, उड़द दाल, मसूर दाल, लाखड़ी दाल, पोहा, ज्वार, बाजरा, सफेद तिल के बीज का आटा, कुमकुम, हल्दी रोली, बेरी बिस्कुट, आम का अचार, कटहल का अचार, आंवला अचार, बांस का अचार, नींबू अचार, मिर्च अचार, हल्दी अचार, मिक्स अचार, सरसों, काजू, इमली, अमचूर लड्डू, गुड़, चीनी, गुड़ कैंडी आदि आम जनता हेतु प्रदर्शन एवं विक्रय के लिए उपलब्ध रहेंगे।गौरतलब है क भारत सरकार द्वारा किसानां को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए उन्हें फसलों के प्रसंस्करण तथा मूल्य संवर्धन हेतु प्रोत्साहित करने के लिए कृषक उत्पादक संगठनों के गठन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इन कृषक उत्पादक संगठनों की गतिविधियों एवं उत्पादों को आम जनता हेतु प्रदर्शन एवं विक्रय के लिए देश भर में एफ.पी.ओ. मेलों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ राज्य हेतु तीन दिवसीय एफ.पी.ओ. मेला कृषि विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित किया जा रहा है।
- -श्री शुक्ल को ज्ञानपीठ पुरस्कार मिलने से कृषि विश्वविद्यालय भी हुआ गौरवांवित : डॉॅ. चंदेल-कृषि महाविद्यालय रायपुर में श्री शुक्ल ने प्राध्यापक के रूप में तीस वर्ष सेवाएं दींरायपुर । भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ साहित्यकार श्री विनोद कुमार शुक्ल का आज इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की ओर से अभिनंदन किया गया। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ गिरीश चंदेल ने आज विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारियों एवं अपने सहयोगियों के साथ ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित श्री विनोद कुमार शुक्ल के निवास पर जाकर उनको शॉल और श्रीफल तथा स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि श्री विनोद कुमार शुक्ल को ज्ञानपीठ पुरस्कार मिलना छत्तीसगढ़ के साथ-साथ इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के लिए भी गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि एक अच्छे अध्यापक के रूप में उन्हें एवं कृषि महाविद्यालय, रायपुर के समस्त विद्यार्थियों को श्री शुक्ल से स्नेह एवं मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। उन्होंने अपने छात्र जीवन के दौरान श्री शुक्ल के साथ जुड़ी यादें ताज़ा कीं। मुलाकात के दौरान श्री शुक्ल ने कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. चंदेल तथा उनके सहयोगियों से कुशल-क्षेम पूछा। उल्लेखनीय है कि श्री विनोद कुमार शुक्ल कृषि महाविद्यालय रायपुर में कृषि विस्तार विभाग में प्राध्यापक के रूप में लगभग 30 वर्ष तक कार्यरत रहे। श्री विनोक कुमार शुक्ल ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी के रूप में विश्वविद्यालय को नई पहचान एवं उचाईयां प्रदान की। श्री शुक्ल उस दौरान तथा यहां से सेवानिवृत्ति के पश्चात भी निरंतर साहित्य साधना में रत रहे। इस अवसर पर निदेशक शिक्षण डॉ. एस.एस. सेंगर, अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय, रायपुर डॉ. जी.के. दास, अधिष्ठाता कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय, रायपुर डॉ. विनय कुमार पाण्डेय, अधिष्ठाता खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय, रायपुर डॉ. ए.के. दवे, संचालक अनुसंधान सेवाएं डॉ. विवेक कुमार त्रिपाठी, निदेशक विस्तार सेवाएं डॉ. एस.एस. टुटेजा एवं अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संजय शर्मा भी उपास्थित थे।
- -कृषि विश्वविद्यालय में लगेगा एफ.पी.ओ. मेला-कृषि उत्पादक संगठनों द्वारा निर्मित उत्पाद प्रदर्शन और विक्रय के लिए उपलब्ध रहेंगे-कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम करेंगे शुभांरभरायपुर । छत्तीसगढ़ में कृषक उत्पादक संगठनों के गठन एवं गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग, छत्तीसगढ़ शासन तथा लघु कृषक कृषि व्यापार संघ, भारत सरकार नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 26 से 28 मार्च, 2025 तक तीन दिवसीय कृषक उत्पादक संगठन (एफ.पी.ओ.) मेला सह प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। कृषि महाविद्यालय, रायपुर के कृषि मंडपम् में आयोजित इस तीन दिवसीय एफ.पी.ओ. मेला सह प्रदर्शनी का शुभारंभ दिनांक 26 मार्च, 2025 को प्रातः 11 बजे कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी मंत्री श्री रामविचार नेताम के मुख्य आतिथ्य में किया जाएगा। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में धरसींवा विधायक, श्री अनुज शर्मा, रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोती लाल साहू, महापौर रायपुर नगर निगम, श्रीमती मीनल चौबे उपस्थित रहेंगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल करेंगे।उल्लेखनी है कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में आयोजित होने वाले इस तीन दिवसीय कृषक उत्पादक संगठन मेला सह प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ के 45 कृषक उत्पादक संगठन शामिल होंगे। मेले में शामिल कृषक उत्पादक संगठनों के उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय भी किया जाएगा। इस दौरान एफ.पी.ओ. के संचालन के विभिन्न विषयों पर विषय विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इस एफ.पी.ओ. मेला सह प्रदर्शनी में कृषि वैज्ञानिक, कृषि विभाग के अधिकारी, प्रगतिशील कृषक एवं कृषि से संबंधित एफ.पी.ओ. के प्रतिनिधि भाग लेंगे। इस अवसर पर जन-सामान्य हेतु मेला सह प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जाएगा जिसमें एफ.पी.ओ. के उत्पादों को क्रय भी कर सकेंगे।एफ.पी.ओ. मेले में विभिन्न कृषक उत्पादक संगठनों द्वारा निर्मित उत्पाद जैसे सुगंधित चावल - विष्णुभोग चावल, देवभोग चावल, जीराफूल चावल, तुलसी मंजरी चावल, ब्लैक राईस, रेड साईस, ग्रीन राईस, ब्राउन राईस, हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर, मशरूम बड़ी, मशरूम पापड़, मशरूम पाउडर, मशरूम अचार, महुआ लड्डू, शहद, बाजरा, कोदो, कुटकी, रागी, कच्ची घानी का तेल (सरसों का तेल, शीशम तेल और मूंगफली का तेल), मल्टीग्रेन आटा, रागी का आटा, चावल का आटा, कॉन्सेंट्रेट, हनी बी वैक्स, लिप बाम, फुट क्रीम, हर्बल साबुन, मोरिंगा पाउडर, फिनाइल, अरहर दाल, उड़द दाल, मसूर दाल, लाखड़ी दाल, पोहा, ज्वार, बाजरा, सफेद तिल के बीज का आटा, कुमकुम, हल्दी रोली, बेरी बिस्कुट, आम का अचार, कटहल का अचार, आंवला अचार, बांस का अचार, नींबू अचार, मिर्च अचार, हल्दी अचार, मिक्स अचार, चना दाल, सरसों, काजू, इमली, अमचूर लड्डू, गुड़, चीनी, गुड़ कैंडी आदि आम जनता हेतु प्रदर्शन एवं विक्रय के लिए उपलब्ध रहेंगे।
- -मयाली नेचर कैम्प में साहसिक खेलों की रोमांचक शुरुआत: जनजातीय प्रतिभाओं को मिलेगा मंच और युवाओं को मिलेगा रोजगाररायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले को एक नई पहचान देने वाली ऐतिहासिक पहल की। उन्होंने कुनकुरी स्थित मयाली नेचर कैम्प में एडवेंचर जोन का शुभारंभ किया और जिले के लिए तीन प्रमुख पर्यटन सर्किटों—आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक (स्पिरिचुअल एंड हेरिटेज), प्राकृतिक एवं वन्य जीव (नेचर एंड वाइल्ड लाइफ) और साहसिक पर्यटन (एडवेंचर) सर्किट—का लोकार्पण किया। यह कदम न केवल जशपुर को छत्तीसगढ़ के भीतर एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य बनाएगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए भी नए अवसरों के द्वार खोलेगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वयं पोंटून बोट में सवार होकर मधेश्वर महादेव के विहंगम दृश्य का अवलोकन किया और कहा कि मयाली एडवेंचर ज़ोन अब रोमांच और रोजगार का केंद्र बनेगा। यहाँ एक्वा साइक्लिंग, कयाकिंग, स्पीड बोट, फ्लोटिंग जेटी, बम्पर बोट जैसे एडवेंचर एक्टिविटी की शुरुआत की गई है।तीन नए पर्यटन सर्किटों की झलकमुख्यमंत्री श्री साय द्वारा जिन तीन प्रमुख पर्यटन सर्किटों का लोकार्पण किया गया, वे जशपुर की विविधता और विशेषता को दर्शाते हैं। स्पिरिचुअल और हेरिटेज सर्किट कोतेबीरा से शुरुआत होती है, जो तमता, कैलाश गुफा, मधेश्वर पहाड़, शारदा धाम, ग्वालिन सरना जैसे स्थलों से होकर गुजरता है—यह सर्किट श्रद्धा, विरासत और जनजातीय परंपराओं की अनमोल झलक पेश करता है।प्राकृतिक एवं वन्य जीव सर्किट उन पर्यटकों को आकर्षित करेगा जो प्रकृति की गोद में सुकून तलाशते हैं। इसमें मकरभंजा जलप्रपात, बादलखोल अभ्यारण्य, रानीदाह और गुल्लू जलप्रपात से लेकर सारुडीह का चाय बागान तक शामिल हैं—प्राकृतिक धरोहरों से भरपूर यह सर्किट पर्यावरण प्रेमियों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं होगा।साहसिक पर्यटन सर्किट रोमांच के शौकीनों को आकर्षित करेगा। इसमें दनगरी कैम्प साइट, बेलवार जलप्रपात, देशदेखा हिल कैम्प, सरना ईको एथेनिक रिसोर्ट और क्लाइम्बिंग सेक्टर जैसे स्थान शामिल हैं, जो ट्रेकिंग, क्लाइम्बिंग और नेचर-कैम्पिंग जैसी गतिविधियों के लिए एक आदर्श स्थान बनेंगे।जनजातीय युवाओं के लिए पर्वतारोहण अभियान: हिमाचल की ऊंचाइयों से लौटेगा जशपुर का आत्मविश्वासमुख्यमंत्री श्री साय की पहल पर अब जशपुर के जनजातीय युवाओं को हिमाचल प्रदेश के मियाड़ घाटी में पर्वतारोहण, रोप क्लाइम्बिंग आदि का प्रशिक्षण मिलेगा। प्रशिक्षण प्राप्त युवा वापस लौटकर स्थानीय युवाओं को भी प्रशिक्षित करेंगे, जिससे पर्यटन और युवाशक्ति दोनों को मजबूती मिलेगी।मुख्यमंत्री श्री साय से अभियान में जाने वाले बच्चों ने मिलकर कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि उन्हें ये अनोखा अवसर प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शासन द्वारा युवाओं को विभिन्न साहसिक खेलों के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। विगत दिनों छत्तीसगढ़ की एक पर्वतारोही बेटी ने अफ्रीका के सबसे ऊंचे शिखर पर तिरंगा फहराने की इच्छा दर्शाई थी जिसे तुरन्त आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई थी। उसने किलीमंजारो फतह किया। इसी तरह आपको भी खूब मेहनत कर राज्य का नाम ऊंचा करना है। जिस पर युवा तेजल भगत ने कहा अब हमारी पारी है हम भी राज्य को गौरवान्वित करेंगे।स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने कहा—पर्यटन ने बदली जिंदगीमयाली नेचर कैम्प में कार्यरत लक्ष्मी एवं तुलसी स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने मुख्यमंत्री से भेंट कर उनका आभार जताया। उन्होंने बताया कि पर्यटन की वजह से अब उन्हें नियमित आय मिल रही है और बच्चों को भी रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। महिलाओं ने मधेश्वर महादेव की काष्ठ-निर्मित कलाकृति भेंट कर मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया।मुख्यमंत्री श्री साय की यह पहल पर्यटन को सिर्फ सैर नहीं, बल्कि सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण का साधन बना रही है। जशपुर की प्राकृतिक सुंदरता, आध्यात्मिक विरासत और जनजातीय आत्मबल को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने की यह ऐतिहासिक शुरुआत है।
- -मुख्यमंत्री ने परिवार सहित कथा में लिया भाग, 27 मार्च को होगा कथा का समापनरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज जशपुर जिले के मायाली के मधेश्वर महादेव धाम में आयोजित 7 दिवसीय शिव महापुराण कथा में सहभागी बने और भक्ति-भाव से विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा और बिरहोर जनजाति परिवारों के साथ बैठकर कथा का श्रवण किया। उल्लेखनीय है कि इस अवसर पर शिव महापुराण कथा का श्रवण करने एक लाख से अधिक श्रद्धालु उपस्थित थे।मुख्यमंत्री श्री साय ने कथावाचक पंडित श्री प्रदीप मिश्रा जी का पुष्पमाला पहनाकर एवं मधेश्वर महादेव का छायाचित्र भेंटकर अभिनंदन किया, साथ ही प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना करते हुए उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।मुख्यमंत्री श्री साय के साथ उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, पवन साय, कृष्ण कुमार राय, भरत सिंह सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी — कमिश्नर श्री नरेंद्र दुग्गा, आईजी श्री अंकित गर्ग, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।27 मार्च को पुनः प्रारंभ होगी मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजनामुख्यमंत्री श्री साय ने श्रद्धालुजनों को संबोधित करते हुए कहा कि यह हम सबके लिए अत्यंत सौभाग्य की बात है कि भगवान शिव की दिव्य कथा कहने स्वयं पंडित प्रदीप मिश्रा मधेश्वर महादेव की धरती पर पधारे हैं। यहां पाँच दिनों से चल रही शिव भक्ति की धारा से समूचा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो गया है। इस पावन कथा से लोगों को आध्यात्मिक ज्ञान की प्राप्ति हो रही है।मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना का पुनः शुभारंभ 27 मार्च को किया जाएगा। इसके तहत इच्छुक श्रद्धालुओं को विभिन्न तीर्थ स्थलों के दर्शन हेतु भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि अयोध्या धाम रामलला दर्शन योजना के अंतर्गत अब तक 22,000 से अधिक श्रद्धालु प्रभु श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं।शिव महापुराण कथा की दिव्य धारा से विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा और बिरहोर जनजाति के ग्रामीण भी लाभान्वित हुए। ग्राम पंडरसिली (मनोरा), बेहेराखार और भितघारा (बगीचा) से आए अनेक श्रद्धालु कथा स्थल पहुंचे। पहाड़ी कोरवा जनजाति के संतोष राम, बजरु राम, शंकर राम, दुर्गा राम और बिरहोर जनजाति के गेंदु राम, गुरुबारु राम, लाखा राम ने कहा कि शिव कथा ने हमारे अंतर्मन को छू लिया है। प्रदीप मिश्रा जी के प्रवचन केवल भक्ति नहीं सिखाते, वे जीवन को नई दिशा भी देते हैं।मधेश्वर महादेव: आध्यात्मिक आस्था का केंद्रमुख्यमंत्री श्री साय ने मधेश्वर महादेव धाम को विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग के रूप में गौरव का प्रतीक बताया और कहा कि यह स्थल पूरे प्रदेश की धार्मिक आस्था का केंद्र है। उन्होंने आह्वान किया कि इस पावन अवसर का अधिक से अधिक लोग लाभ लें और कथा के शेष दो दिनों में भी उपस्थित होकर शिव भक्ति से स्वयं को अनुप्राणित करें।
- -पूर्व में भी विभिन्न संस्थाओं को 33 लाख रूपये से अधिक की राशि दी गईरायपुर,। राज्यपाल श्री रमेन डेका द्वारा अपने स्वेच्छानुदान मद से इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ में अध्ययनरत उत्तर पूर्वी क्षेत्र के 38 जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए प्रोत्साहन स्वरूप 1 लाख 90 हजार रूपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है। प्रत्येक विद्यार्थी को शिक्षा सत्र 2024-25 के लिए स्वेच्छानुदान मद से 5-5 हजार रूपये प्रदान किए जायेंगे।कुष्ठरोगियों के लिए 2 लाख रूपये स्वीकृतश्रीे डेका द्वारा कोरबा जिले के प्रवास के दौरान वहां के 308 कुष्ठ रोगियों के लिए भी अपने स्वेच्छानुदान मद से 2 लाख रूपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है।उल्लेखनीय है कि राज्यपाल श्री डेका द्वारा पूर्व में दिव्यांगों, अनाथों, वृद्धजनों, वनवासियों के लिए कार्यरत संस्थाओं एवं टी.बी मरीजों के लिए 33 लाख रूपये से अधिक की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई थी।राज्यपाल श्री डेका ने स्वेच्छानुदान मद से अनुसूचित क्षेत्रों में कार्यरत वृद्धाश्रमों, अनाथ आश्रमों तथा दिव्यांग जनों के लिए कार्यरत शासकीय एवं अशासकीय संस्थाओं को भी आर्थिक सहायता राशि की गई है।
- कोण्डागांव।, भारत सरकार के मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करने के संकल्प को साकार करने की दिशा में, आईटीबीपी (इंडो-तिब्बतन बॉर्डर पुलिस) ने छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में बेडमाकोटी में एक नया कैंप स्थापित किया है। यह कैंप कुतुल से लगभग 5 किमी आगे स्थित है और इसे सुरक्षा बलों की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।कोण्डागांव स्थित 41वीं वाहिनी, आईटीबीपी ने डीआईजी राणा युद्धवीर सिंह (सामरिक क्षेत्रीय मुख्यालय, भुवनेश्वर) के नेतृत्व में यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बेडमाकोटी नक्सल प्रभावित क्षेत्र है, जहां सुरक्षा बलों के लिए चुनौतियां लगातार बनी रहेंगी। इसके बावजूद, यह कैंप न केवल नक्सल विरोधी अभियानों को मजबूत करेगा, बल्कि स्थानीय निवासियों को भयमुक्त वातावरण प्रदान करने में भी सहायक सिद्ध होगा।आईटीबीपी, भारत सरकार के नक्सल उन्मूलन मिशन के तहत, अबूझमाड़ क्षेत्र में लगातार अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही है। नए कैंपों की स्थापना से न केवल सुरक्षा बलों की पकड़ मजबूत हो रही है, बल्कि यहां के ग्रामीणों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। आईटीबीपी के हिमवीर न केवल क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं, बल्कि स्थानीय जनता को भारत सरकार और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी प्रदान कर रहे हैं। इस निरंतर उपस्थिति से नक्सलियों की गतिविधियों पर अंकुश लगा है, जिससे आम जनता अब खुद को पहले से अधिक सुरक्षित और आत्मनिर्भर महसूस कर रही है।डीआईजी राणा युद्धवीर सिंह ने कहा कि आईजी ओपी यादव (सेंट्रल फ्रंटियर, आईटीबीपी) के निरंतर मार्गदर्शन के कारण यह अभियान सफल रहा। उन्होंने 41वीं वाहिनी के सेनानी नरेंद्र सिंह और उनके हिमवीरों को बेडमाकोटी कैंप की सफल स्थापना पर बधाई दी। इसके साथ ही, उन्होंने बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी, कांकेर रेंज डीआईजी अमित कामले, नारायणपुर पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार, डीआरजी और छत्तीसगढ़ पुलिस की टीमों को इस अभियान में उनके सक्रिय सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। इस अवसर पर 53वीं वाहिनी के सेनानी अमित भाटी और 45वीं वाहिनी के सेनानी राजीव गुप्ता भी उपस्थित रहे।
- दंतेवाड़ा, । समाज कल्याण विभाग द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार दुर्घटना में ठोठापारा चितालंका, निवासी श्री सुदरूराम इच्छाम पिता स्व. मुराराम इच्छाम, का जुलाई वर्ष 2021 में सड़क दुर्घटना हो जाने से दाहिना पैर बुरी तरह से घायल हो गया था और इलाज करवाने के बावजूद भी ठीक नहीं होने से वर्ष अगस्त 2024 में चिकित्सकों की सलाह पर उनका पैर कटवाना पड़ा। जिसका इलाज भद्राचलम में हुआ वर्तमान में वे पूरी तरह से स्वस्थ हैं, पर उन्हें दैनिक क्रियाकलाप करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था इसे देखते हुए समाज कल्याण विभाग की दिव्यांगजनों को निःशुल्क बैटरी चलित ट्रायसायकल प्रदाय योजना के तहत लाभ लेने हेतु दिनाँक 21 मार्च 2025 को कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के समक्ष अपनी समस्या उक्त ग्रामीण ने रखी और कलेक्टर द्वारा समाज कल्याण विभाग को दिव्यांग की समस्या का निराकरण तत्काल करने के निर्देश दिए गए। फलस्वरूप आज 24 मार्च 2025 को अपर कलेक्टर श्री राजेश कुमार पात्रे के हाथों श्री सुदरू राम इच्छाम को एक नग बैटरी चलित ट्राय साइकिल एवं एक नग व्हीलचेयर प्रदान किया गया। इस अवसर पर उप संचालक समाज कल्याण एवं विभागीय कर्मचारी उपस्थित रहे।
- -संभाग के सभी जिलों के विभिन्न विधाओं में विजेता प्रतिभागियों का होगा प्रदर्शन-जिला पंचायत सीईओ द्वारा ली तैयारियों के संबंध में ली गई आवश्यक बैठकदंतेवाड़ा, । बस्तर संभाग अंतर्गत जनजातीय बाहुल्य राज्य छत्तीसगढ़ की स्थानीय कला एवं संस्कृति परंपरा से परिपूर्ण बस्तर अंचल के लोककला, शिल्प कला, तीज-त्यौहार, खान-पान, बोली-भाषा, रीति-रिवाज, वेशभूषा, आभूषण, वाद्य यंत्र, पारंपरिक नृत्य, गीत-संगीत, नाट्य, व्यंजन पेय पदार्थ के मूल स्वरूप को संरक्षण, संवर्धन एवं कला समूहों के सतत विकास तथा जनजातीय कलाकारों को प्रोत्साहित एवं सम्मानित करने के उद्देश्य से संभाग स्तरीय ’’बस्तर पंडुम 2025’’ का आयोजन दिनांक 1,2,3 अप्रैल 2025 को किया जा रहा है। इस वृहद आयोजन में जिला सुकमा, बीजापुर, बस्तर, कोंडागांव, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, कांकेर, जिलों के विजेता प्रतिभागी टीमें पुनः अपना सांस्कृतिक प्रदर्शन जिला मुख्यालय में करेंगी।इसके तैयारी एवं सफल आयोजन के तहत जिला कार्यालय के डंकनी सभा कक्ष में आज सीईओ जिला पंचायत श्री जयंत नाहटा द्वारा नोडल अधिकारियों की आवश्यक बैठक ली गई। बैठक में प्रतियोगिता में सम्मिलित प्रतिभागियों के ठहरने एवं भोजन की व्यवस्था, प्रतिभागियों के आवागमन की सम्पूर्ण व्यवस्था, कला एवं संस्कृति से संबंधित समस्त व्यवस्थाओं, विजेताओं को नगद पुरस्कार, प्रमाण पत्र , साथ ही प्रतियोगिता स्थल पर बांस-बल्ली व्यवस्था, बैरिकेडिंग, प्रतियोगिता स्थल पर सम्पूर्ण सुरक्षा व्यवस्था, चिकित्सा व्यवस्था, प्रतिभागियों के आवागमन हेतु वाहन की व्यवस्था, टेंट पंडाल, मंच व्यवस्था कार्यपालन, साउंड सिस्टम, मंच में लाइट तथा जनरेटर की व्यवस्था, प्रतियोगिता स्थल पर विद्युत व्यवस्था, प्रतियोगिता स्थल में आवश्यक लेआउट, समतलीकरण, साफ-सफाई, पीने के पानी, पानी टेंकर, चलित शौचालय एवं संबंधित अन्य कार्य, फायर ब्रिगेड की व्यवस्था, विशिष्ट अतिथियों के समन्वय हेतु लाईजनिंग के संबंध में विषेष दिषा निर्देष दिए गए। बैठक में अपर कलेक्टर श्री राजेष पात्रे, सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। file photo
- महासमुंद / महासमुंद तहसील के ग्राम तुमाडबरी में बिना अनुमति के बाडी में बोरवेल खुदाई करते एक बोरवेल वाहन एवं एक स्पोर्ट वाहन को प्रशासन ने जब्त किया है। एसडीएम हरिशंकर पैंकरा के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई, जिसमें बोरवेल वाहन क्रमांक सीजी04पीजे 2316 एवं सपोर्ट वाहन सीजी 04 एम जेड 0649 को जब्त किया गया।तहसील प्रशासन को सूचना मिली थी कि ग्राम तुमाडबरी के खेमाराम साहू के बाडी में बिना किसी आधिकारिक स्वीकृति के बोर खुदाई की जा रही है। इस पर तहसीलदार कृष्ण कुमार साहू एवं नायब तहसीलदार मोहित अमिला की टीम मौके पर पहुंची और खुदाई कार्य को रुकवाया। जांच में यह सामने आया कि संबंधित व्यक्ति के पास बोर खुदाई की कोई अनुमति नहीं थी। इसके बाद एसडीएम के निर्देशानुसार दोनों वाहनों को जप्त कर लिया गया।इस मौके पर मौजूद ग्रामीणों के समक्ष पंचनामा तैयार कर महासमुंद थाने में वाहनों को सुपुर्द किया गया।गौरतलब है कि बिना अनुमति के बोरवेल खुदाई करना वर्तमान में कानूनन प्रतिबंधित है। भूजल स्तर को नियंत्रित रखने और अवैध खुदाई को रोकने के लिए प्रशासन समय-समय पर सख्त कार्रवाई करता रहा है। प्रावधानों के अनुसार प्राधिकृत अधिकारी नलकूप खनन की आवश्यकता होने पर अनुमति प्रदान करने की कार्यवाही करेगें। बोरवेल खनन अथवा बोरवेल मरम्मत का कार्य पंजीकृत बोरवेल एजेंसी द्वारा ही की जाएगी। कोई भी व्यक्ति या एजेंसी द्वारा उक्त अधिनियम के उल्लंघन में नलकूप खनन करना पाया जाता है तो उसके विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे। प्रशासन ने किसानों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे बोरवेल खुदाई के लिए पहले आवश्यक अनुमति प्राप्त करें, अन्यथा अवैध खुदाई करने पर कानूनी कार्रवाई होगी।
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जांजगीर। चांपा पुलिस ने 493 नग नशीले टेबलेट के साथ 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और दोनों आरोपी राज सिंह, चंद्र प्रकाश उर्फ चंदू कुम्हार को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है. मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई की है. आरोपियों से बिक्री रकम 2 हजार 2 सौ 70 रुपए को जब्त किया गया है. दोनों आरोपी चाम्पा के जगदल्ला के रहने वाले हैं.
दरअसल, पुलिस को मुख़बिर से सूचना मिली कि चाम्पा के जगदल्ला में नशे के टैबलेट का बिक्री हो रहा है. सूचना पर पुलिस ने मौके पर दबिश देकर आरोपी राज सिंह और चंद्र प्रकाश उर्फ चंदू कुम्हार को पकड़ा. साथ ही दोनों के कब्जे से 493 नग अल्प्राजोलम नशे का टेबलेट को जब्त किया है. मामले में दोनों आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है. - गौरेला । प्रदेश में गर्मी की अधिकता के कारण बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए केवल ग्रीष्मकाल की अवधि यानी 1 अप्रैल से 30 जून 2025 तक आंगनबाड़ी केन्द्रों के संचालन का समय 6 घण्टे से घटाकर 4 घण्टे किया गया है। गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में इस समयावधि के परिवर्तन करने पर केन्द्र संचालन प्रातः 7 बजे से 11 बजे तक होगा। ग्रीष्मकाल समाप्ति उपरांत 1 जुलाई 2025 से पुनः आंगनबाड़ी केन्द्र संचालन प्रातः 9:30 से 3:30 बजे तक 6 घण्टे के लिये किया जायेगा। file photo
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गौरेला। गौरेला थाना क्षेत्र में फर्जी सिम कार्ड जारी करने के मामले में जीपीएम पुलिस ने दो सिम विक्रेताओं को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता के निर्देश पर साइबर सेल और गौरेला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में दो आरोपियों को उमाशंकर चक्रधारी और मोहनीश श्रीवास्तव को पकड़ा गया। आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और टेलीकॉम एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी निजी जानकारी किसी अज्ञात व्यक्ति से साझा न करें और किसी भी साइबर धोखाधड़ी की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
- -दो गांव के 260 एकड़ खेतों की होगी सिंचाई-नहीं होगा एक भी परिवार का विस्थापनबिलासपुर, / कोटा राजस्व अनुविभाग के बेलगहना तहसील की डाडबछाली जलाशय योजना के नहर निर्माण के लिए 1.60 एकड़ निजी भूमि अधिग्रहण की अनुशंसा विशेषज्ञ समूह ने की है। सामाजिक समाघात दल की रिपोर्ट के आधार पर विशेषज्ञ समूह ने न्यूनतम निजी भूमि के अधिग्रहण की सिफारिश की है। इससे डाडबछाली तथा इससे लगे एक और गांव के किसानों की लगभग 260 एकड़ कृषि भूमि की सिंचाई हो सकेगी। भू-अधिग्रहण से न तो किसी परिवार का विस्थापन होगा और न ही कोई सार्वजनिक अथवा निजी अधोसरंचना को नुकसान पहुंच रहा है।अनुविभागीय राजस्व अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी कोटा ने बताया कि डाडबछाली जलाशय योजना के नहर बन जाने से 260 एकड़ में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे गांव के अनुसूचित जनजाति, जाति एवं पिछड़े वर्ग के किसान लाभान्वित होंगे। इन किसानों की आमदनी का मुख्य जरिया कृषि कार्य एवं मजदूरी है। इसके अलावा नहर निर्माण का कार्य पूर्ण होने से निस्तारी हेतु तालाबों को भरने की सुविधा प्राप्त हो सकेगी। जिससे ग्राम के सतही जल का स्तर बढ़ेगा। विशेषज्ञ दल का यह भी मानना है कि योजना की लागत की तुलना में इसके फायदे अधिक हैं। आदिवासी अंचल में योजना के स्थित होने के कारण ज्यादातर अनुसूचित जाति, जनजाति एवं अन्य पिछड़े वर्ग के लोगों को सीधा फायदा होगा।रिपोर्ट के अनुसार ग्राम पंचायत डाडबछाली में पूर्व में अर्जित भूमि प्रस्तावित योजना के लिए नहीं पायी गई। नहर निर्माण के लिए प्रस्तावित भूमि के विकल्प के रूप में पड़त अथवा अनुपयोगी भूमि नहीं पाये जाने का दल ने रिपोट्र किया है। ऐसी स्थिति में तकनीकी रूप से विकल्प भूमि पर विचार करने का कोई औचित्य नहीं है। प्रस्तावित नहर निर्माण की लम्बाई 510 मीटर है। एवं उतनी ही भूमि का अर्जन करने का प्रस्ताव दिया गया है जितने में नहर निर्माण का कार्य पूर्ण किया जा सके। डाडबछाली जलाशय नहर निर्माण से 260 एकड़ में सिंचाई सुविधा मिलेगी। जिसके लिए मात्र 1.60 एकड़ भूमि अर्जित किया जाना प्रस्तावित है, जो कि न्यूनतम प्रस्तावित भूमि है। भू-अर्जन से किसी भी परिवार का विस्थापन नहीं हो रहा है और न ही किसी सार्वजनिक अथवा निजी अधोसंरचना को नुकसान पहुंच रहा है। file photo
- -मात्र 5 रुपए में श्रमिकों को मिलेगा भरपेट भोजनबिलासपुर, / बिलासपुर शहर के श्रमिक बहुल बुधवारी चांटीडीह इलाके के पुराने मंडी परिसर में शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न केंद्र का विधायक सुशांत शुक्ला ने शुभारंभ किया। मात्र 5 रुपए में पंजीकृत श्रमिकों को भरपेट भोजन मिलेगा। भक्त माता कर्मा जयंती के शुभ अवसर पर विधायक ने शुभारंभ करते हुए श्रमिकों के साथ बैठकर भोजन किया। केंद्र से प्रतिदिन लगभग 700 मजदूरों को लाभान्वित करने की योजना है। गौरतलब है कि ये शहर का तीसरा श्रम अन्न केंद्र है। इसके पहले वृहस्पति बाजार और तिफरा में पूर्व से संचालित है। कुल मिलाकर तीनों अन्न केंद्रों से लगभग 1800 श्रमिकों को मात्र 5 रुपए में भरपेट भोजन मुहैया हो रहा है।विधायक श्री सुशांत शुक्ला ने फीता काटकर श्रम अन्न केंद्र का लोकार्पण किया। उन्होंने बताया कि चांटीडीह के मजदूरों ने तीन माह पहले श्रमिक भोजन केंद्र की मांग की थी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन के निर्देश पर अल्पावधि में यह केंद्र शुरू हो पाया। उन्होंने इलाके के श्रमिकों को बधाई दी और बेहतर संचालन के लिए शुभकामनाएं दी। उन्होंने आश्वस्त किया कि आकस्मिक रूप से पहुंचकर केंद्र में मजदूरों के साथ भोजन करूंगा। भोजन की गुणवत्ता हमेशा बनाए रखने के निर्देश संचालक को दिए। समारोह को महापौर श्रीमती पूजा विधानी ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि श्रमिकों को ट्रिपल इंजन सरकार का फायदा मिला।श्रम विभाग की सहायक आयुक्त श्रीमती ज्योति शर्मा ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने योजना की पृष्ठभूमि बताई। कहा कि श्रमिक काम की तलाश में सवेरे से ही चावड़ी में बैठ जाते है। बिना खाए पिए वे इंतजार करते रहते हैं। कई बार बिना कुछ खाए काम में चले जाते हैं। इससे उनके स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ता है। इसे देखते हुए विष्णुदेव की सरकार ने योजना लाई। अब वे मात्र 5 रुपए में भरपेट भोजन कर काम में जा सकते हैं। टिफिन में भोजन पैक करवा कर भी ले सकते हैं । किसी भी हालत में उन्हें भूखे नहीं रहना है। सवेरे 8 बजे से 11 बजे तक भोजन केंद्र खुला रहता है। श्रम निरीक्षक योशिता शर्मा ने विभागीय योजनाओं से श्रमिकों को अवगत कराया। सहायक श्रम पदाधिकारी आरके तम्हाने ने अंत में आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर पार्षद रूपाली गुप्ता, रेखा सूर्यवंशी,रानी देवांगन, रेखा पांडे, मनोरमा विजय यादव, पूर्व पार्षद विष्णु यादव सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं श्रमिक तथा शहरवासी उपस्थित थे।
- दुर्ग/ नगर पालिक निगम दुर्ग के अंतर्गत पोटिया स्थित ट्रेचिंग ग्राउण्ड में लगभग 1.50 करोड़ रूपए की लागत से स्थापित ट्रॉमेल मशीन से वैज्ञानिक पद्धति से कचरे का निष्पादन प्रारंभ हो गया है। ट्रेचिंग ग्राउण्ड में कचरों की निष्पादन की कार्ययोजना नगर निगम दुर्ग द्वारा तैयार की गई है। निगम द्वारा उक्त कार्य हेतु मेसर्स मेकॉफ इंडिया लिमिटेड भोपाल एजेंसी को कार्यादेश जारी किया गया है। साथ ही एजेंसी को वर्षाऋतु के पूर्व कार्य पूर्ण करने आदेशित किया गया है। एजेंसी द्वारा कार्य प्रारंभ किया जा चुका है। ट्रेचिंग ग्राउण्ड में रखे गये कचरे को वैज्ञानिक पद्धति से निष्पादन के साथ शहर से उत्पादित कचरों का भी निष्पादन किया जा रहा है। ट्रेचिंग ग्राउण्ड में उक्त यूनिट के लगने और कचरों के नियमित निष्पादन से क्षेत्र में वायु प्रदूषण से मुक्ति मिलेगी।निगम कमिश्नर श्री अग्रवाल ने बताया कि पोटिया स्थित 47000 क्यूबिक मीटर कचरे का निष्पादन वैज्ञानिक तरीके से किया जाएगा। इसके लिए ट्रॉमेल मशीन लगायी गई है जो कि कचरे को सेग्रीगेट करके प्लास्टिक, इनर्ट मटेरियल, आरडीएफ, बायो डिग्रेडेबल कचरा को अलग-अलग करेगी। आरडीएफ के निष्पादन के लिए सीमेंट फैक्ट्री से एमओयू किया गया है और पूरा आरडीएफ वहाँ भेजा जाएगा। इसके अलावा बायो डिग्रेडेबल कचरे को खाद में कन्वर्ट करके बायोकंपोस्ट बनाया जाएगा। इनर्ट मटेरियल को लो लाइंग क्षेत्र में डंप किया जाएगा। इस तरह के निष्पादन से किसी प्रकार का अवशेष नहीं बचेगा और 100 प्रतिशत कचरे का निपटान वैज्ञानिक तरीके से करते हुए और पर्यावरण को बिना नुकसान पहुंचाये किया जाएगा।
- बालोद/भारत सरकार नई दिल्ली द्वारा 01 करोड़ से अधिक युवाओं को शीर्ष कंपनियों में इंटर्नशीप के अवसर प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री इंटर्नशिप स्कीम 2.0 शुरू की गई है। जिसके अंतर्गत पंजीयन की अंतिम तिथि 31 मार्च 2025 निर्धारित की गई है। शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान गुरूर के प्राचार्य ने बताया कि संस्थान में प्रधानमंत्री इंटर्नशिप स्कीम 2.0 अंतर्गत 28 मार्च 2025 तक सुबह 11 बजे से दोपहर 03 बजे तक कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। उन्हांेने बताया कि 21 से 24 वर्ष की आयु वाले आईटीआई उत्तीर्ण प्रशिक्षार्थी कार्यशाला में संपूर्ण दस्तावेजों के साथ उपस्थित हो सकते हैं।
- बालोद/ जिला स्तरीय पुनरीक्षण समिति एवं जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति की बैठक कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल की अध्यक्षता में बुधवार 26 मार्च 2025 को शाम 04 बजेेेे से संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित की गई है। बैठक मंे सभी जिला समन्वयक अपने अधीनस्थ समस्त शाखाओं का शासकीय योजना अंतर्गत किए गए ऋण स्वीकृति एवं वितरणों की अद्यतन जानकारी के साथ निर्धारित समय एवं तिथि में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।
- बालोद। जिला स्तर पर वन आधारित आजीविका एवं सामुदायिक वन संसाधन प्रबंधन के लिए विभागीय समन्वय स्थापित करने हेतु एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित करने जिला पंचायत बालोद के सभाकक्ष में 26 मार्च को आयोजित की गई है। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास ने बताया कि वन संसाधन के प्रक्रिया को सरल बनाने, मान्यता प्राप्त वन संसाधन समिति को प्रशिक्षित करने, स्व सहायता समूहों को वन आधारित उत्पादों के संग्रहण, भण्डारण एवं प्रसंस्करण को बेहतर बनाने हेतु इस कार्यशाला का आयोजन किया गया है।


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