- Home
- छत्तीसगढ़
- बालोद। भारतीय अग्निवीर थलसेना भर्ती रैली में शामिल होेने आॅनलाईन रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 10 अपै्रल 2025 निर्धारित की गई है। जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि भारतीय अग्निवीर थलसेना भर्ती अंतर्गत अग्निवीर जनरल ड्यूटी, अग्निवीर टेक्नीकल, अग्निवीर क्लर्क, स्टोर कीपर टेक्नीकल एवं अग्निवीर ट्रेडमेन के पदों पर भर्ती की जाएगी। उन्होंने बताया कि अग्निवीर क्लर्क के अभ्यर्थियों को ऑनलाईन परीक्षा सीईई के समय टाइपिंग टेस्ट देना होगा। ऑनलाईन परीक्षा सीईई जून 2025 के बाद होना संभावित हैं। भर्ती रैली में सम्मिलित होने अभ्यर्थी की अनिवार्य योग्यता 8वीं, 10वीं एवं 12वीं निर्धारित की गई है। भर्ती रैली में शामिल होने आवेदकों को 10 अपै्रल 2025 तक वेबसाईट जाॅईन इंडियन आर्मी डाॅट एनआईसी डाॅट इन में ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य है। उक्त संबंध में अधिक जानकारी सेना भर्ती कार्यालय, रायपुर के दूरभाष क्रमांक 0771-2965212 व 0771-2965213 एवं जिला रोजगार कार्यालय बालोद 07749-299509 में संपर्क कर सकते हैं।
- संबंधित विभागों को पुख्ता उपाय सुनिश्चित कर इस संबंध में अनिवार्य रूप से पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के दिए निर्देशअधिकारी-कर्मचारियों से वाहनों का उपयोग करते समय हेलमेट एवं सीट बेल्ट नही लगाने पर 500 रुपये का लिया जाएगा जुर्मानाबालोद/ कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक लेकर जिले में सड़क दुर्घटना के रोकथाम के प्रभावी उपाय सुनिश्चित करने हेतु संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। इस दौरान श्री चन्द्रवाल ने उन सभी बिंदुओं पर जिससे जिले में सड़क दुर्घटना पर रोकथाम सुनिश्चित की जा सकती है उन सभी विषयों पर समुचित क्रियान्वयन के संबंध में विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने संबंधित विभाग प्रमुखों को इस संबंध में पुख्ता उपाय सुनिश्चित कर सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में दिए गए निर्देशों के संबंध में अनिवार्य रूप से पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। श्री चन्द्रवाल ने लापरवाही पूर्वक एवं तेज गति तथा नशापान कर वाहन चलाने वालों के विरूद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने को कहा। इसके अलावा उन्होंने बिना हेलमेट पहने एवं सीट बेल्ट लगाए बिना दो पहिया एवं चार पहिया वाहनों से अपने कार्यालय आने-जाने वाले अधिकारी-कर्मचारियों से 500 रुपये की जुर्माना वसूली कर उसे जिला सड़क सुरक्षा समिति की कोष में जमा कराने के निर्देश भी दिए। बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री एसआर भगत, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, एसडीएम गुरूर श्रीमती प्राची ठाकुर, कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग, जिला परिवहन अधिकारी, मुख्य चिकित्सक एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारियों के अलावा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।बैठक में श्री चन्द्रवाल ने कहा कि जिले में सड़क दुर्घटना के रोकथाम सुनिश्चित करने हेतु जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में दिए गए निर्देशों का शत प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित की जाए। कलेक्टर ने कहा कि नशापान कर एवं तेज गति से वाहन चलाना सड़क दुर्घटना का मुख्य कारण है। उन्होंने यातायात नियमों के विरूद्ध एवं लापरवाही पूर्वक तथा नशापान कर वाहन चलाने वालों के विरूद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए हैं। श्री चन्द्रवाल ने राजस्व, पुलिस, परिवहन एवं अन्य संबंधित विभाग के अधिकारियों को अभियान चलाकर बिना हेलमेट एवं सीट बेल्ट लगाए बिना वाहन चलाने वालों के विरूद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में किसी भी प्रकार की ढिलाई बिल्कुल भी न बरती जाए। बैठक में कलेक्टर ने गुड सेमेरिटन से संबंधित प्राप्त प्रकरणों की निराकरण हेतु की जा रही कार्रवाई की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को इस संबंध में प्राप्त प्रकरणों के त्वरित निराकरण हेतु तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। इसके अंतर्गत उन्होंने बेहतर कार्य करने वालों को सम्मानित करने तथा इस अभियान में सिविल सोसाईटी के लोगों की अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए। बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को ओव्हर लोडिंग वाहनों पर भी सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। श्री चन्द्रवाल ने सभी राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों को बिना हेलमेट पहने एवं सीट बेल्ट लगाए बिना दो पहिया एवं चार पहिया वाहनों से अपने कार्यालय आने वाले अधिकारी-कर्मचारियों से जुर्माना वसूली की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।श्री चन्द्रवाल ने सभी मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को नगरीय निकायों में सड़क के किनारे विचरण करने वाले घुमन्तु मवेशियों को सड़क से हटाने की व्यवस्था करने के अलावा सड़कों के किनारे अवैध रूप से लगाने वाले दुकानों को हटवाने एवं आवश्यक स्थानों पर नो पार्किंग जोन निर्धारण कराने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्य चिकित्सक एवं स्वास्थ्य अधिकारी को जिले के सभी अस्पतालों में सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों के तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु समुचित उपाय सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने 108 वाहनों को 24 घण्टा मुस्तैद रखने के निर्देश दिए। श्री चन्द्रवाल ने हेलमेट का उपयोग कर पेट्रोल भराने के लिए पेट्रोल पंप में आने वाले दो पहिया वाहन चालकों को ही पेट्रोल प्रदान करने के लिए जिले के सभी पेट्रोल पंप संचालकों का बैठक भी आयोजित करने के निर्देश अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक को दिए। कलेक्टर ने जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में दिए गए निर्देशों का पूर्णतः पालन सुनिश्चित हो सके इसके लिए उन्होंने लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता को बैठक के एक सप्ताह पूर्व संबंधित विभागों से अनिवार्य रूप से पालन प्रतिवेदन जमा कराने के निर्देश भी दिए।बैठक में श्री चन्द्रवाल ने दुर्घटनाजन्य स्थानों को चिन्हित कर आवश्यकतानुसार सड़क में स्ट्रीट लाईट, संकेतक आदि की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने स्कूली बच्चों को ले जाने वाले वाहनों का नियमित रूप से फिटनेस जाँच कराने तथा सड़क के किनारे लंबे समय तक खड़ी खराब एवं पुराने वाहनों को तत्काल हटाने के अलावा दुर्घटनाजन्य क्षेत्रों में वाहनों की गति नियंत्रित करने हेतु तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। श्री चन्द्रवाल ने राजस्व, पुलिस, परिवहन एवं अन्य संबंधित विभाग के अधिकारियों को संयुक्त टीम गठित कर यातायात नियमों के विरूद्ध एवं लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने वालों के विरूद्ध जिले में लगातार कार्रवाई करने को कहा।
- बिलासपुर/एडीएम श्री शिवकुमार बनर्जी की अध्यक्षता में उभयलिंगी व्यक्तियों से संबंधित समस्याओं के निदान हेतु बैठक आयोजित किया गया। जिसमें उभयलिंगी व्यक्तियों हेतु राशन कार्ड, आवास, लोक अदालत में उभयलिंगी व्यक्तियों की सुनवाई हेतु एक सदस्य की नियुक्ति, उभयलिंगी व्यक्तियों के लिए सार्वजनिक स्थानों पर शौचालय की व्यवस्था, कौशल विकास, लिंग परिवर्तन हेतु शैल्य क्रिया अनुदान सहित अन्य बिन्दुओं पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में उभयलिंगी व्यक्तियों के शिकायत हेतु पुलिस विभाग एवं प्रशासनिक स्तर पर सुनवाई हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त करने, विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में उभयलिंगी व्यक्तियों से संबंधित जनजागरूकता हेतु चर्चा की गई। बैठक में समिति के सदस्य मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रमोद तिवारी, संयुक्त संचालक समाज कल्याण विभाग श्रीमती श्रद्धा मैथ्यू, समिति के सदस्य श्री विजय अरोरा, सुश्री श्रेया, परिवीक्षा अधिकारी श्रीमती सरस्वती रामेश्री, श्री लीलाधर भांगे, श्री ईशान धिरही आदि उपस्थित थे।
- राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा ‘आयोग आपके द्वार’ कार्यक्रम के तहत 48 प्रकरणों की हुई सुनवाई, लगभग 38 प्रकरणों का हुआ निराकरणसखी वन स्टॉप सेंटर, बालिका गृह और कामकाजी महिला हॉस्टल वृद्धाश्रम का किया निरीक्षणबिलासपुर/राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य श्रीमती ममता कुमारी ने आज महिलाओं से प्राप्त शिकायतों की सुनवाई की। 48 प्रकरणों की जन सुनवाई हुई जिनमें कुछ प्रकरणों का त्वरित निराकरण भी किया गया और लंबित प्रकरणों का निराकरण करने पुलिस अधिकारियों को एक सप्ताह का समय दिया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन महिलाओं के मुद्दों पर संवेदनशीलता और शीघ्रता से कार्य कर उन्हें राहत प्रदान करें। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह एवं एडीएम श्री आर. ए. कुरूवंशी मौजूद रहे।पुलिस लाइन के चेतना हॉल में आयोजित जन सुनवाई में जांजगीर, कोरबा, बिलासपुर ,मुंगेली सहित कुल 4 जिलों से प्राप्त शिकायतों की सुनवाई हुई। कुल 48 प्रकरण जन सुनवाई में शामिल थे। राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य श्रीमती ममता कुमारी ने विभिन्न प्रकरणों की सुनवाई की और कुछ प्रकरणों का त्वरित निराकरण भी किया। उन्होंने संबंधित थानों के पुलिस अधिकारियों से प्रकरणों के निराकरण की दिशा में कार्यवाही की जानकारी ली, और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिलाओं से जुड़े मुद्दों में संवेदनशीता बरतें और निराकरण की दिशा में शीघ्रता से उचित कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी यदि मामलों की गंभीरता से जांच और कार्यवाही करेंगे *तो प्रकरण का निराकरण शीघ्रता से हो सकेगा*, उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा महिलाओं के मुद्दों पर अधिक संवेदनशीलता की अपेक्षा है। उन्होंने कहा कि मामलों का निराकरण संबंधित थाना प्रभारियों को एक सप्ताह के भीतर करने के निर्देश दिए गए हैं।जनसुनवाई के बाद प्रेसवार्ता में उन्होंने बताया कि घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना सहित कई मामले आयोग के पास आए हैं जिनके त्वरित निराकरण की दिशा में आयोग द्वारा यह पहल की गई है जिसके तहत देश भर में महिलाओं से प्राप्त शिकायतों के संबंध में संबंधित राज्य के जिलों में संभाग स्तर पर सुनवाई का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आयोग की न्याय पद्धति के अनुरूप महिलाओं को न्याय दिलाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है ताकि महिलाएं सम्मान के साथ तनाव रहित जीवन जी सकें। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की महिलाओं के लिए शुरू की गई सखी वन स्टॉप सेंटर से महिलाओं के मुद्दों की सुनवाई शीघ्रता से हो रही है। इस अवसर पर *छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती लक्ष्मी वर्मा ,श्रीमती सरला केसरिया, ने राष्ट्रीय महिला आयोग का स्वागत किया, महिला बाल विकास विभाग के कार्यक्रम अधिकारी व विभागीय अधिकारी के साथ बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी* व वकीलों की भी उपस्थित रही। राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य द्वारा आज महिला हेल्पलाइन सखी वन स्टॉप सेंटर, बालिका गृह और कामकाजी महिला हॉस्टल व वृद्धाश्रम का भी निरीक्षण किया गया व आवश्यक जानकारी लेकर व्यवस्थाओं के संबंध में जरूरी निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
- कृषि विश्वविद्यालय में लगेगा एफ.पी.ओ. मेलाकृषि उत्पादक संगठनों द्वारा निर्मित उत्पाद प्रदर्शन और विक्रय के लिए उपलब्ध रहेंगेकृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम करेंगे शुभांरभरायपुर। छत्तीसगढ़ में कृषक उत्पादक संगठनों के गठन एवं गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग, छत्तीसगढ़ शासन तथा लघु कृषक कृषि व्यापार संघ, भारत सरकार नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 26 से 28 मार्च, 2025 तक तीन दिवसीय कृषक उत्पादक संगठन (एफ.पी.ओ.) मेला सह प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। कृषि महाविद्यालय, रायपुर के कृषि मंडपम् में आयोजित इस तीन दिवसीय एफ.पी.ओ. मेला सह प्रदर्शनी का शुभारंभ दिनांक 26 मार्च, 2025 को प्रातः 11 बजे कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी मंत्री श्री रामविचार नेताम के मुख्य आतिथ्य में किया जाएगा। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में धरसींवा विधायक, श्री अनुज शर्मा, रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोती लाल साहू, महापौर रायपुर नगर निगम, श्रीमती मीनल चौबे उपस्थित रहेंगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल करेंगे।उल्लेखनी है कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में आयोजित होने वाले इस तीन दिवसीय कृषक उत्पादक संगठन मेला सह प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ के 45 कृषक उत्पादक संगठन शामिल होंगे। मेले में शामिल कृषक उत्पादक संगठनों के उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय भी किया जाएगा। इस दौरान एफ.पी.ओ. के संचालन के विभिन्न विषयों पर विषय विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इस एफ.पी.ओ. मेला सह प्रदर्शनी में कृषि वैज्ञानिक, कृषि विभाग के अधिकारी, प्रगतिशील कृषक एवं कृषि से संबंधित एफ.पी.ओ. के प्रतिनिधि भाग लेंगे। इस अवसर पर जन-सामान्य हेतु मेला सह प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जाएगा जिसमें एफ.पी.ओ. के उत्पादों को क्रय भी कर सकेंगे।एफ.पी.ओ. मेले में विभिन्न कृषक उत्पादक संगठनों द्वारा निर्मित उत्पाद जैसे सुगंधित चावल - विष्णुभोग चावल, देवभोग चावल, जीराफूल चावल, तुलसी मंजरी चावल, ब्लैक राईस, रेड साईस, ग्रीन राईस, ब्राउन राईस, हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर, मशरूम बड़ी, मशरूम पापड़, मशरूम पाउडर, मशरूम अचार, महुआ लड्डू, शहद, बाजरा, कोदो, कुटकी, रागी, कच्ची घानी का तेल (सरसों का तेल, शीशम तेल और मूंगफली का तेल), मल्टीग्रेन आटा, रागी का आटा, चावल का आटा, कॉन्सेंट्रेट, हनी बी वैक्स, लिप बाम, फुट क्रीम, हर्बल साबुन, मोरिंगा पाउडर, फिनाइल, अरहर दाल, उड़द दाल, मसूर दाल, लाखड़ी दाल, पोहा, ज्वार, बाजरा, सफेद तिल के बीज का आटा, कुमकुम, हल्दी रोली, बेरी बिस्कुट, आम का अचार, कटहल का अचार, आंवला अचार, बांस का अचार, नींबू अचार, मिर्च अचार, हल्दी अचार, मिक्स अचार, चना दाल, सरसों, काजू, इमली, अमचूर लड्डू, गुड़, चीनी, गुड़ कैंडी आदि आम जनता हेतु प्रदर्शन एवं विक्रय के लिए उपलब्ध रहेंगे।
- जनकल्याणकारी योजनाओं को संचालित करने की जिम्मेदारी आप सभी पर है, योजनाओं का अच्छे से अध्ययन करें तथा अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाएं- टंकराम वर्मारायपुर/ त्रिस्तरीय पंचायत आम निर्वाचन 2025 के तहत जिला पंचायत रायपुर के नवनिर्वाचित अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों का प्रथम सम्मिलन आज कलेक्टोरेट परिसर स्थित रेड क्रॉस सभाकक्ष में आयोजित हुआ। इस अवसर पर जिला पंचायत रायपुर के नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्री नवीन कुमार अग्रवाल, उपाध्यक्ष श्री संदीप यदु और अन्य सदस्यों ने शपथ ग्रहण के बाद कार्यभार ग्रहण किया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ शासन के मंत्री, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, खेल एवं युवा कल्याण श्री टंकराम वर्मा थे, जबकि विशेष अतिथि के रूप में विधायक श्री अनुज शर्मा, श्री इन्द्र कुमार साहू, श्री गुरू खुशवंत साहेब और विधायक श्री मोतीलाल साहू उपस्थित रहे।मंत्री श्री वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा अनेक कल्याणकारी योजनाएं बनाई जाती हैं, और इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की जिम्मेदारी त्रि स्तरीय पंचायत के कंधों पर है। उन्होंने नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे अंतिम छोर तक पहुंचकर जनकल्याण के कार्य करें ताकि जनता उन्हें हमेशा याद रखे, भले ही वे पद पर न हों।इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत श्री कुमार विश्वरंजन सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
- रायपुर। ज्ञानपीठ सम्मान के लिए नाम घोषित किए जाने के बाद मध्य भारत के सुप्रसिद्ध वरिष्ठ साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ला का महाराष्ट्र मंडल ने सम्मान किया। अध्यक्ष अजय मधुकर काले के नेतृत्व में मंडल के प्रतिनिधियों ने शुक्ला से टैगोर नगर स्थित उनके निवास पर मुलाकात की एवं सूत माला, शाल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह से उनका अभिनंदन किया।इस मौके पर विनोद कुमार शुक्ला ने कहा कि पुरस्कार मिलने पर मुझे आश्चर्य होता है कि यह क्यों मिल रहा है। मैंने पुरस्कार प्राप्त करने या सम्मान के लिए कभी कुछ नहीं लिखा। मैं इसलिए लिखता हूं क्योंकि मुझे लिखना अच्छा लगता है। शुक्ला ने बताया की ज्ञानपीठ पुरस्कार की समिति में नागपुर के वरिष्ठ साहित्यकार प्रफुल्ल शिल्लेदार भी थे, जिन्होंने उनके नाम का प्रस्ताव रखा। समिति के बाकी सदस्यों ने उनका नाम सुनते ही एक स्वर में समर्थन कर दिया। इस तरह ज्ञानपीठ पुरस्कार समिति की बैठक उनके नाम को सम्मान के लिए सर्व सम्मति से फाइनल करते हुए महज पांच मिनट में ही संपन्न हो गई।शुक्ला ने महाराष्ट्र मंडल के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहां कि वे समाचार पत्रों में महाराष्ट्र मंडल की खबर नियमित रूप से पढ़ते हैं। हाल ही में मंडल ने सचिन तेंदुलकर का जो सम्मान किया, उसे लेकर भी उन्हें खुशी हुई। शुक्ल के मुताबिक गजानन माधव मुक्तिबोध सम्मान की चयन समिति में उन्हें काम करने में खूब मजा आया। उन्होंने ज्ञानरंजन, प्रभात तिवारी, डॉ. राजेंद्र मिश्रा, जयप्रकाश जैसे जाने- माने साहित्यकारों को मुक्तिबोध सम्मान दिलाने में भूमिका निभाई। वे महाराष्ट्र मंडल से, मराठी समाज से बड़ी अात्मियता से जुड़े हुए हैं। वैसे भी उनकी पत्नी नागपुर की है और महाराष्ट्र से उनका गहरा नाता है।मंडल अध्यक्ष अजय काले ने कहा कि विनोद कुमार शुक्ल का अभिनंदन कर हम स्वयं भी अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। गजानन माधव मुक्तिबोध साहित्य सम्मान में शुक्ल के योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। भविष्य में जब भी महाराष्ट्र मंडल को अपने साहित्यिक आयोजनों में विनोद कुमार शुक्ला के मार्गदर्शन की जरूरत होगी, वे स्वयं उनसे मिलने जरूर आएंगे।महाराष्ट्र मंडल के प्रतिनिधियों ने शुक्ल के अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की। इस मौके पर मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन, आध्यात्मिक- योग समिति की प्रभारी आस्था काले, शंकर नगर बाल वाचनालय की प्रभारी रेणुका पुराणिक, खेल समिति की प्रभारी व सह सचिव मालती मिश्रा और सचेतक रविंद्र ठेंगड़ी उपस्थित रहे।
- -जनता की सुविधा हेतु अपॉइंटमेंट का समय शाम 7 बजे तक बढ़ाया गयारायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य शासन जनता की सेवा के लिए प्रतिबद्ध है और तकनीकी सशक्तिकरण के माध्यम से शासकीय प्रक्रियाओं को और अधिक सरल, सुलभ और पारदर्शी बनाने हेतु निरंतर प्रयासरत है।इसी कड़ी में वाणिज्यिक कर (पंजीयन) मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी के स्पष्ट निर्देश पर जनसुविधा को सर्वाेपरि रखते हुए महानिरीक्षक पंजीयन एवं मुद्रांक श्री पुष्पेन्द्र कुमार मीणा द्वारा आज ही सभी जिलों के कलेक्टरों को पत्र जारी कर यह निर्देशित किया गया है कि मार्च माह के सार्वजनिक अवकाश के दिनों 25, 29, 30 एवं 31 मार्च को भी सभी रजिस्ट्री कार्यालय खुले रहेंगे, ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके अतिरिक्त, नागरिकों की सुविधा हेतु रजिस्ट्री के लिए अपॉइंटमेंट का समय सायं 5 बजे से बढ़ाकर सायं 7 बजे तक कर दिया गया है।उल्लेखनीय है कि आज दिनांक 24 मार्च को रजिस्ट्री विभाग के सॉफ्टवेयर एन.जी.डी.आर.एस. (NGDRS) में तकनीकी समस्या आने के कारण सर्वर अस्थायी रूप से डाउन हो गया, जिससे कुछ समय के लिए रजिस्ट्री कार्य बाधित हुआ। एन.जी.डी.आर.एस. सॉफ्टवेयर का संचालन राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC), पुणे द्वारा किया जाता है। जैसे ही सर्वर डाउन होने की सूचना प्राप्त हुई, तुरंत एनआईसी पुणे और एनआईसी रायपुर की तकनीकी टीम से समन्वय स्थापित कर तत्काल सुधार की प्रक्रिया शुरू की गई। अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप सायं 6 बजे तक सर्वर सुचारू रूप से कार्य करने लगा और रजिस्ट्री कार्य पुनः प्रारंभ हो गया। आगे ऐसी कोई तकनीकी बाधा उत्पन्न न हो, इसके लिए एनआईसी के साथ लगातार तकनीकी समन्वय सुनिश्चित किया जा रहा है।
- रायपुर, /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को भक्त माता कर्मा जयंती की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने माता कर्मा से समस्त छत्तीसगढ़वासियों के जीवन में सुख, समृद्धि और शांति की कामना करते हुए कहा कि भक्त माता कर्मा का जीवन सेवा, भक्ति, त्याग और परोपकार की अनुपम मिसाल है। वे भगवान श्रीकृष्ण की अनन्य भक्त थीं और उनका आदर्श आज भी जनमानस को प्रेरणा देता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में माता कर्मा जयंती का पर्व पूरे श्रद्धाभाव और सामाजिक समरसता के साथ मनाया जाता है। साहू तैलिक समाज की आराध्य देवी माता कर्मा की जयंती पर पूरे राज्य में शोभायात्राएँ, कलश यात्राएँ और विविध धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन होते हैं, जिनमें सभी समाजों की भागीदारी से एकता और भाईचारे का संदेश भी प्रसारित होता है। उन्होंने प्रार्थना की कि माता कर्मा का आशीर्वाद हम सभी पर सदैव बना रहे।मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास जताया कि माता कर्मा के आदर्श हमें समाज में करुणा, समानता और समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा देते रहेंगे।
- रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने निर्भीक पत्रकार, प्रबुद्ध लेखक और महान स्वतंत्रता सेनानी श्री गणेश शंकर विद्यार्थी की पुण्यतिथि (25 मार्च) पर उन्हें नमन किया है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जी न केवल पत्रकारिता के एक उज्ज्वल प्रतीक थे, बल्कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के ऐसे योद्धा थे, जिन्होंने अपनी लेखनी से जनचेतना की क्रांति को जन्म दिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विद्यार्थी जी ने ‘प्रताप’ जैसे समाचार पत्र के माध्यम से देश के पीड़ित किसानों, श्रमिकों और आम जन की आवाज़ को राष्ट्रीय मंच प्रदान किया। उन्होंने निडर पत्रकारिता के माध्यम से ब्रिटिश शासन की नींव हिला दी और स्वतंत्रता संग्राम को वैचारिक बल प्रदान किया। श्री साय ने कहा कि विद्यार्थी जी के जीवन से हम सभी को समाजसेवा और राष्ट्रप्रेम की प्रेरणा लेनी चाहिए।
- रायपुर, /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बस्तर के महान जननायक और अंतिम काकतीय राजा महाराजा प्रवीरचंद भंजदेव की पुण्यतिथि (25 मार्च) के अवसर पर उन्हें नमन किया है। उन्होंने कहा कि महाराजा भंजदेव न केवल बस्तर के गौरव थे, बल्कि जनजातीय अस्मिता, आत्मसम्मान और अधिकारों की आवाज़ भी थे।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महाराजा प्रवीरचंद भंजदेव जी ने बस्तर की जल, जंगल और ज़मीन के साथ-साथ जनजातीय समाज के हक और सम्मान के लिए अपना जीवन न्यौछावर कर दिया। श्री साय ने कहा कि उनका ग्रामीणों से गहरा आत्मीय संबंध था। वे आदिवासी समाज की आवाज़, संघर्ष और स्वाभिमान का प्रतीक थे। श्री साय ने कहा कि महाराजा प्रवीरचंद भंजदेव का जीवन, विचार और बलिदान आज भी हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि उनका जीवन हम सभी को परंपरा और मूल्यों की रक्षा करते हुए जनजातीय समाज के समग्र विकास के लिए सतत कार्य करने की प्रेरणा देता है।
- बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के कोंडागांव में करोड़ों रुपये की लागत से बनाए गए अंतरराज्यीय बस स्टैंड की बदहाली को लेकर दायर जनहित याचिका पर बिलासपुर हाई कोर्ट ने गंभीर रुख अपनाया है। मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा और न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ में इस मामले की सुनवाई हुई, जिसमें बस स्टैंड की दुर्दशा पर नाराजगी जाहिर करते हुए संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया गया है।छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 6.51 करोड़ रुपये की लागत से इस बस स्टैंड का निर्माण कराया गया था, लेकिन यह दो वर्षों से बिना उपयोग के बंद पड़ा है। रखरखाव और सुरक्षा के अभाव में यह स्थान असामाजिक तत्वों का अड्डा बन चुका है। शराबखोरी, स्टंटबाजी और अवैध गतिविधियां यहां आम हो गई हैं। सीसीटीवी कैमरों की निगरानी न होने से अपराधिक घटनाओं को भी बढ़ावा मिल रहा है।कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव और कोंडागांव नगर निगम आयुक्त को व्यक्तिगत शपथ पत्र के साथ जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। न्यायालय ने पूछा है कि जब सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च कर इस बस स्टैंड का निर्माण कराया था, तो उसे संचालित करने की दिशा में कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाया गया? खंडपीठ ने इस जनहित याचिका की अगली सुनवाई के लिए 16 अप्रैल की तारीख तय की है। सुनवाई के दौरान, शासन द्वारा अब तक उठाए गए कदमों की समीक्षा की जाएगी और यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए जा सकते हैं कि बस स्टैंड को जल्द से जल्द चालू किया जाए।
- -‘मनखे-मनखे एक समान’ के सिद्धांत से बनेगा समरस छत्तीसगढ़ - राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मुरायपुर /भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज छत्तीसगढ़ विधान सभा के रजत जयंती समारोह में भाग लेते हुए प्रदेशवासियों को 25 वर्षों की लोकतांत्रिक यात्रा की बधाई दी और विधान सभा की उत्कृष्ट संसदीय परंपराओं की भूरि-भूरि प्रशंसा की। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना को स्वर्गीय प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के असाधारण मार्गदर्शन का परिणाम बताया और उनके प्रति सादर नमन किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की लोकतांत्रिक यात्रा, जन-आकांक्षाओं की अभिव्यक्ति का एक प्रेरणास्पद उदाहरण है। उन्होंने अपने विधायक काल की स्मृतियाँ साझा करते हुए कहा कि जन-प्रतिनिधि के रूप में कार्य करना जनसेवा की भावना से प्रेरित व्यक्तियों के लिए एक सौभाग्य होता है। उन्होंने विधान सभा को संस्कृति की संवाहक और नीति निर्धारण की दिशा देने वाला केंद्र बताया।छत्तीसगढ़ विधान सभा: अनुकरणीय संसदीय आचरण का प्रतीकराष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने छत्तीसगढ़ विधान सभा द्वारा अपनाई गई अनुशासित और मर्यादित परंपराओं की सराहना की। विशेष रूप से उन्होंने 'स्वयमेव निलंबन' जैसे नियमों की सराहना की और इस बात को ऐतिहासिक बताया कि 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ विधानसभा में कभी भी मार्शल का उपयोग नहीं करना पड़ा।राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने छत्तीसगढ़ को मातृशक्ति का साक्षात प्रतीक बताते हुए राज्य की सांस्कृतिक गरिमा को नमन किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ की महिला विभूति मिनी माता को याद करते हुए उनके योगदान को नमन किया। साथ ही उन्होंने इस बात की सराहना की कि आज विधान सभा में 19 महिला विधायक हैं और राज्य में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से अधिक रही है। राष्ट्रपति ने महिला विधायकों से आह्वान किया कि वे राज्य की अन्य महिलाओं को सशक्त बनाने में अग्रणी भूमिका निभाएँ। उन्होंने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ की भावना को धरातल पर उतारने की अपील की।समावेशी समाज की दिशा में छत्तीसगढ़ की नीतियाँराष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने छत्तीसगढ़ विधान सभा द्वारा पारित 565 विधेयकों को समावेशी विकास की दिशा में ऐतिहासिक बताया। विशेष रूप से महिलाओं को रूढ़ियों पर आधारित प्रताड़ना से मुक्त कराने वाले अधिनियम का उल्लेख करते हुए डॉ. रमन सिंह जी के कार्यकाल में इसे विधान सभा का महत्वपूर्ण योगदान बताया।प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध, संभावनाओं से परिपूर्ण राज्यराष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने कहा छत्तीसगढ़ में विकास की असीम संभावनाएं विद्यमान है।उन्होंने कहा कि राज्य में खनिज, औद्योगिक और कृषि क्षेत्र में विकास की व्यापक संभावना है। उन्होंने पर्यावरण-संरक्षण और विकास के बीच संतुलन की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यहां के पारंपरिक लोक शिल्प की देश-विदेश में सराहना होती है। यह सुंदर राज्य हरे-भरे जंगलों, झरनों तथा अन्य प्राकृतिक वरदानों से समृद्ध है। छत्तीसगढ़ को महानदी, हसदेव, इंद्रावती और शिवनाथ जैसी नदियों का आशीर्वाद प्राप्त है। छत्तीसगढ़ को आधुनिक विकास के मार्ग पर आगे बढ़ने के साथ-साथ पर्यावरण का संरक्षण भी सुनिश्चित करना है। राज्य के आप सब नीति-निर्माताओं पर विकास और प्रकृति के बीच संतुलन स्थापित करने की ज़िम्मेदारी है। इसके साथ ही समाज के सभी वर्गों को आधुनिक विकास-यात्रा से जोड़ना भी सभी जनप्रतिनिधियों का उत्तरदायित्व है।वामपंथी उग्रवाद से मुक्ति की ओर निर्णायक प्रगतिराष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि छत्तीसगढ़ में वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित लोगों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने का कार्य अंतिम और निर्णायक दौर में पहुंच गया है। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लोग विकास के मार्ग पर आगे बढ़ना चाहते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ को उग्रवाद से पूर्णतया मुक्त करने के प्रयास में शीघ्र ही सफलता प्राप्त होगी और राज्य के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ेगा।सामाजिक समरसता का मूलमंत्र : ‘मनखे-मनखे एक समान’गुरु घासीदास जी के संदेश ‘मनखे-मनखे एक समान’ को उद्धृत करते हुए राष्ट्रपति ने सामाजिक समानता और समरसता के आदर्श छत्तीसगढ़ के निर्माण की बात कही। राष्ट्रपति मुर्मु ने छत्तीसगढ़ विधान सभा को आदर्श लोकतांत्रिक संस्थान बताते हुए राज्य के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और सभी जनप्रतिनिधियों से श्रेष्ठ छत्तीसगढ़ के निर्माण हेतु समर्पण की भावना से कार्य करने का आह्वान किया।लोकतांत्रिक परंपराओं में छत्तीसगढ़ विधानसभा एक आदर्श उदाहरण - राज्यपाल श्री रमेन डेकाराज्यपाल श्री रमेन डेका ने रजत जयंती समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु की गरिमामयी उपस्थिति को अद्वितीय और प्रेरणादायक बताते हुए राज्य की जनता की ओर से उनका हृदय से स्वागत किया। उन्होंने भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी को स्मरण करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण उनके दूरदर्शी नेतृत्व और जन-आकांक्षाओं की गहरी समझ का परिणाम था। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 को राज्य सरकार ने ‘अटल निर्माण वर्ष’ के रूप में घोषित किया है, जिसमें अधोसंरचना विकास को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जाएगी। राज्यपाल श्री डेका ने छत्तीसगढ़ विधान सभा की 25 वर्ष की यात्रा को गर्व और सम्मान की यात्रा बताया।राज्यपाल ने विधानसभा द्वारा अपनाए गए ‘स्वयमेव निलंबन’ नियम को अनुशासन और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के पालन का अद्भुत उदाहरण बताया। उन्होंने इसे पूरे देश की विधानसभाओं के लिए एक मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया, जिसे राष्ट्रभर में सराहा गया है।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा जन आकांक्षाओं को मूर्त रूप देने वाला मंच है। राज्यपाल ने विधानसभा की नीतियों और कार्यक्रमों की सराहना की, जिनसे राज्य को सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक रूप से सशक्त बनाया गया। उन्होंने बताया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास और विकास के निरंतर प्रयासों से बस्तर अंचल के आदिवासी समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ने में सफलता मिल रही है।खनिज संपदा से औद्योगिक शक्ति बनने की यात्राराज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ को देश का प्रमुख स्टील और ऊर्जा उत्पादक राज्य बताते हुए उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय राज्य के दूरदर्शी नेतृत्व को दिया। राज्यपाल ने जानकारी दी कि वर्तमान विधानसभा में 19 महिला विधायक हैं, जो कुल सदस्यों का 21.11 प्रतिशत हैं। इसे उन्होंने महिला सशक्तिकरण का श्रेष्ठ उदाहरण बताया और राज्य में महिलाओं की बढ़ती भूमिका की सराहना की।उन्होंने छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर को नमन करते हुए कई महापुरुषों का स्मरण किया, जिनमें माता शबरी, गुरु घासीदास, स्वामी विवेकानंद, वीर नारायण सिंह, मिनीमाता आदि प्रमुख हैं। उन्होंने यह भी कहा कि स्वामी विवेकानंद के किशोर जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष छत्तीसगढ़ में बीते, जिसने उनके आत्मिक विकास में योगदान दिया। उन्होंने कहा कि रजत जयंती वर्ष हमें एक नई ऊर्जा देता है, और यह हमारा सामूहिक संकल्प होना चाहिए कि छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया की पहचान को बनाए रखते हुए राज्य को समान अवसर, सर्वांगीण समृद्धि और सांस्कृतिक गरिमा से युक्त विकसित छत्तीसगढ़ के रूप में आगे ले जाएँ।
- रायपुर /छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंती समारोह के अवसर पर आज राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने विधानसभा परिसर में कदम्ब का पौधरोपण किया। इस अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह उपस्थित थे।
- रायपुर, /राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का आज छत्तीसगढ़ आगमन पर स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर में राज्यपाल श्री रमेन डेका, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री द्वय श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, श्री रमेश बैस, सुश्री सरोज पाण्डे, श्री गौरीशंकर अग्रवाल, श्री शिवरतन शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने स्वागत किया।
- महाराष्ट्र मंडल के छत्रपति शिवाजी सभागृह में पहली बार आयोजित की गई मासिक सुमधुर सभारायपुर। पंडित गुणवंत माधवलाल व्यास स्मृति संस्थान व गुनरस पिया फाउंडेशन की संगीत शाखा 'महफिल' की मासिक संगीत सभा का सुमधुर आयोजन महाराष्ट्र मंडल के छत्रपति शिवाजी महाराज सभागार में किया गया। कार्यक्रम के आरंभ में भगवान श्री राधा- कृष्ण व गुरुदेव के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्जवलित किया गया। 'महफिल' में मुख्य रूप से होली से संबंधित गीतों और कृष्ण भक्ति के भजनों का लयबद्ध गायन किया गया।सभा में कावेरी व्यास, जीवा तिवारी, शिरीष आठले, धनश्री पेंडसे, आराधना वैद्य, गिरीश चिंचोलकर, संदीप साठे, मिलिंद शेष, वैशाली जोशी, ए श्रीनिवास राव, निखिल मुकादम सहित कई गायकों ने अपनी आवाज का जादू बिखेरा। डॉ. प्रदीप तिवारी और डॉ. केआर पुरोहित ने बुंदेली भाषा में होरी गीतों की मधुर प्रस्तुति से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।इस अवसर पर 'महफिल' के दो सदस्यों का जन्मोत्सव भी मनाया गया। संस्था प्रमुख दीपक व्यास ने हारमोनियम पर, राकेश देशमुख, सुनील गोलानी ने तबला पर औ रदीप गुंदेगांवकर ने की- पेड पर प्रभावी संगत दी।
- -सामान्य गृहिणी से सफल उद्यमी बनी कवितारायपुर, / सिर्फ कुछ साल पहले अपनी कमाई के 13,000 रुपये से सिलाई मशीन खरीदने वाली श्रीमती कविता वर्मा ने आज अपनी मेहनत के दम पर खुद की कार खरीद ली है। कपड़े तथा जूते के व्यवसाय से कविता सालाना लगभग 8 लाख रुपये तक की आय अर्जित कर रही है। सिलाई मशीन से एसयूवी तक के इस सफर में उन्होंने न सिर्फ अपने व्यवसाय को खड़ा किया, बल्कि आर्थिक स्वतंत्रता की मिसाल भी कायम की। उनकी सफलता का राज केवल कड़ी मेहनत और निरंतरता नहीं है, बल्कि नए विचारों को अपनाना, दूसरों से अलग दृष्टिकोण रखना, बेहतर डिज़ाइन और गुणवत्ता पर ध्यान देना, और नए व्यावसायिक तरीकों को अपनाना भी उनकी कामयाबी के अहम पहलू रहे हैं। संघर्षों के बीच अपनी लगन और दूरदर्शिता से कविता ने यह साबित कर दिया कि सही दिशा में किया गया प्रयास बड़े बदलाव ला सकता है।तिल्दा के किरना गांव की श्रीमती कविता वर्मा का बचपन सिलाई-कढ़ाई और घरेलू कामों में बीता। उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि यही हुनर आगे चलकर उनकी पहचान बनेगा। शादी के बाद जब वह तिल्दा आई, तो उन्हें एक सख्त और पारंपरिक माहौल का सामना करना पड़ा। संयुक्त परिवार की बहू होने के कारण उनसे उम्मीद थी कि वे सिर्फ घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित रहें। घर की महिलाओं का बाहर जाकर काम करना यहां की परंपराओं के खिलाफ माना जाता था।लेकिन जब आर्थिक तंगी ने घर के हालात मुश्किल बना दिए, तो कविता ने अपने हुनर को अपना हथियार बनाने का फैसला किया। कविता ने वंदना एसएचजी स्व सहायता समूह का हिस्सा बनकर शासकीय योजनाओं और शासन से मिलने वाले ऋणों के बारे में जानकारी इकट्ठा करना शुरू किया। बिहान में कार्य करते हुए अपने शुरुआती वेतन को बचाकर उन्होंने 13000 की सिलाई मशीन खरीदी थी जो अब भी उनकी बड़ी सी कपड़े की दुकान में सम्भाल कर रखी हुई है। सिलाई मशीन से कविता ने अपने घर में ही छोटे स्तर पर काम शुरू किया।शुरुआत में मुश्किलें थीं—घर के कामों के साथ दुकान संभालना आसान नहीं था। कई बार पूरे दिन मेहनत के बावजूद सिर्फ 500 रुपये की कमाई होती। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।उनका लक्ष्य सिर्फ काम चलाना नहीं, बल्कि अपने बिज़नेस को बड़ा बनाना था। उन्होंने रणनीति बनाई—ज्यादा बेचो, चाहे मुनाफा थोड़ा कम हो। पहले वह सिर्फ तिल्दा से सामान लाती थीं, लेकिन धीरे-धीरे रायपुर, सूरत और दिल्ली से भी कपड़े मंगवाने लगीं। त्योहारों और शादी के सीजन में वह खुद खाना-पीना छोड़कर 15-15 घंटे तक काम करतीं, ताकि ज्यादा ऑर्डर पूरे कर सकें।उनकी मेहनत रंग लाई और ग्राहकों की संख्या बढ़ने लगी। कविता ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कार्यक्रमों में भी अपने स्टॉल लगाए हैं, जिससे उन्हें और पहचान मिली।आज श्रीमती वर्मा सिर्फ खुद काम करने के बजाय दूसरों को भी रोजगार दे रही हैं। उन्होंने तीन लड़कियों को अपनी दुकान में सेल्सगर्ल की नौकरी दी है। उनकी सफलता से प्रेरित होकर आज उन्हीं के परिवार की 15 अन्य महिलाओं ने भी अपने व्यवसाय शुरू किए हैं।अब उनकी दुकान इतनी प्रसिद्ध हो चुकी है कि 10 किलोमीटर दूर से भी ग्राहक आने लगे हैं। वह जल्द ही अपने बिज़नेस को और बड़ा करने के लिए होलसेल मार्केट में विस्तार करने की योजना बना रही हैं।अपनी पत्नी की सफलता पर गौरवान्वित श्री दिनेश वर्मा उन्हें अपने 'घर की लक्ष्मी' बुलाते हैं।कविता आज पूरे समाज के लिए एक मिसाल बनकर खड़ी हुई है। उनकी कहानी सिर्फ गांव के लिए ही नहीं पूरे समाज के लिए प्रेरणादायी है।
- *महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति का सामूहिक पाठ का साप्ताहिक अभियान 64वें सप्ताह भी रहा जारीरायपुर। महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति द्वारा प्रत्येक शनिवार को होने वाला राम रक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा का नियमित पाठ सभी 16 महिला केंद्रों में उत्साह के साथ जारी रहा। टाटीबंध, चौबे कालोनी, अमलीडीह, रोहिणीपुरम, बूढ़ापारा केंद्र की महिलाओं और श्रद्धालुओं ने बुलंद, ओजस्वी स्वर से राम रक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा के सामूहिक पाठ से मंदिरों व सभासदों के घरों को गूंजा दिया।आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले ने बताया कि चौबे कालोनी केंद्र की महिलाओं ने केंद्र की सदस्या सुषमा आप्टे के घर हनुमान चालीसा और राम रक्षा स्तोत्र का पाठ किया। इस दौरान सुषमा आप्टे, प्राची डोनगांवकर, अवंती अग्निहोत्री, आकांक्षा गद्रे, उज्वला पुराणिक, अनिता गुलकरी, निकिता भागवत, प्रमोदिनी देशमुख और माधुरी डबली प्रमुख रूप से उपस्थित रहीं। वहीं टाटीबंध केंद्र की महिलाओं की ओर से किए गए पाठ के दौरान सौ. विंचुलकर, अंजलि खेर, संगीता देशपांडे, रचना विंचुलकर, नंदा दहीकर, लीना साठे, मनीषा मर्जिवे, विनिता मरकले, रश्मि गोवर्धन, कीर्ति भिते, हर्षा पेदे, शिल्पा भोपापुरकर, किरण शिंदे, सारिका पोराटे और सोनल पेदे उपस्थित रहीं।आस्था के मुताबिक बूढ़ापारा केंद्र की महिलाओं ने बूढ़ापारा स्थित हनुमान मंदिर में पाठ किया। इस दौरान प्रणिता नलगुंडवार, भारती घाटगे, हेमा पराडकर, सोनम बेहरा, निशिता तिवारी, रंजू कश्यप सहित कई महिला सभासद प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। वहीं अमलीडीह केंद्र की ओर से राजेंद्र नगर स्थित मंदिर में पाठ किया गया इस दौरान अर्चना भाखरे, उषा जायसवाल, ऋतिका चंदेल, प्रिया कडू, अक्षरा भागडे उपस्थित रहीं। इस बीच रोहिणपुरम केंद्र की महिला सभासदों ने एक साथ राम रक्षा स्त्रोत और हनुमान चालीसा का पाठ किया।इस दौरान श्यामल जोशी, अलका कुलकर्णी, अपर्णा वराडपांडे, अपर्णा जोशी, साधना बहिरट, चित्रा बल्कि, अचला मोहड़ीकर सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहीं।
- - 23 मार्च शहीद दिवस पर भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु के पराक्रम का किया गया स्मरण- तीनों ही बलिदानियों का उद्देश्य इस घटना के माध्यम से आजादी के आंदोलन के लिए जागरूक कर ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ खड़ा करना था: कालेरायपुर। महाराष्ट्र मंडल में रविवार शाम को भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के बलिदान के स्मरण में शहीद दिवस मनाया गया। तीनों वीर बलिदानियों की तस्वीर पर विशेष अतिथि आनंद मोडक, मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले, सचिव चेतन दंडवते समेत कार्यकारिणी सदस्यों, पदाधिकारियों ने गुलाल लगाकर माल्यार्पण किया।संक्षिप्त कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने कहा कि भगत सिंह, श्रीराम हरि राजगुरु और सुखदेव थापर ने आजादी के लिए चलाए जा रहे आंदोलन को अपनी शहादत से जो गति प्रदान की, वह देश की आजादी के बाद ही थमी। तीनों बलिदानियों ने पब्लिक सेफ्टी और ट्रेड डिस्ट्रीब्यूट बिल्स के विरोध में सेंट्रल असेंबली में आठ अप्रैल 1929 को बम फेंका था। बम फेंकने के बाद इन युवाओं के पास भागने का समय था, लेकिन उन्होंने न केवल सहर्ष गिरफ्तारी दी, बल्कि भारत देश की आजादी के नारों के साथ 23 मार्च 1931 को फांसी पर झूल गए। तीनों ही बलिदानियों का एकमात्र उद्देश्य यह था कि इस घटना के माध्यम से पूरा देश आजादी के आंदोलन के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ जागरूक होकर ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ खड़ा हो जाए।दिव्यांग बालिका विकास गृह के प्रभारी प्रसन्न निमोणकर ने अपने संक्षिप्त संबोधन में कहा कि पराधीन भारत में भगत सिंह एक बात हमेशा कहा करते थे कि जिंदगी अपने कंधों पर जी जाती है। दूसरों के कंधों पर तो जनाजे जाते हैं। वे मानते थे कि देश को आजाद करना है, तो हमें अपने संघर्षों से ही करना होगा। किसी दूसरे से ऐसी अपेक्षा नहीं की जा सकती।सचिव चेतन दंडवते ने कहा कि जो लोग अपने अधिकार की बात करते हैं, हर सुविधा पर अपना हक जताते हैं, उन्हें इन पराक्रमियों का जीवन चरित्र पढ़ना चाहिए। सोचिये, अगर भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु ने अपने अधिकारों की बात की होती, अपनी सुविधाओं के लिए लड़ाई की होती और इस देश ने मुझे क्या दिया जैसे विचार के साथ घूम- घूमकर अपनी भड़ास निकाली होती, तो आज हम कहां होते? हमारा देश कहां होता? जिस दिन हम यह सोचने लगे कि मैंने अपने देश के लिए क्या किया। उस दिन से भारत खुशहाल व तीव्र गति से प्रगति करने वाले राष्ट्र बनने की दिशा में सरपट दौड़ने लगेगा।इस मौके पर उपाध्यक्ष गीता दलाल, मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन, भवन प्रभारी निरंजन पंडित, महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले, आध्यात्मिक और योग समिति की समन्वयक आस्था काले, शंकर नगर बाल वाचनालय की प्रभारी रेणुका पुराणिक, अंजलि काले, संध्या खंगन, अक्षता पंडित, अरविंद जोशी, अनिता जोशी, कल्पना किरवईवाले समेत अनेक पदाधिकारी व आजीवन सभासद इस मौके पर उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन ने सभी का आभार व्यक्त किया।
- -ज्ञानपीठ सम्मान की घोषणा पर मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी प्रदेशवासियों की तरफ से श्री शुक्ल को दी बधाई-श्री विनोद कुमार शुक्ल ने बढ़ाया छत्तीसगढ़ का मान- मुख्यमंत्री श्री साय-मुख्यमंत्री से श्री शुक्ल ने अपने बचपन के नांदगांव की स्मृतियां की साझारायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज वरिष्ठ साहित्यकार श्री विनोद कुमार शुक्ल के रायपुर स्थित निवास पहुंचकर उनसे मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री शुक्ल को ज्ञानपीठ सम्मान की घोषणा पर उन्हें हार्दिक बधाई दी। मुख्यमंत्री ने श्री विनोद कुमार शुक्ल से कहा कि आपने छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी प्रदेशवासियों की तरफ से श्री शुक्ल का सम्मान करते हुए उन्हें शॉल-श्रीफल तथा बस्तर आर्ट का प्रतीक चिन्ह नंदी भेंट किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री विनोद कुमार शुक्ल से कहा कि साहित्य के क्षेत्र में आपके विशिष्ट योगदान पर आपको देश का सबसे प्रतिष्ठित ज्ञानपीठ सम्मान दिए जाने की घोषणा से पूरा प्रदेश गौरवान्वित अनुभव कर रहा है। यह मेरा सौभाग्य है कि आज खुशी के इस पल में आपसे भेंट करने का मुझे अवसर मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने श्री विनोद कुमार शुक्ल का कुशल क्षेम पूछते हुए उनके स्वास्थ्य के विषय में जानकारी ली। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आप राजनांदगांव के रहने वाले हैं। राजनांदगांव छत्तीसगढ़ की संस्कारधानी है। वहां गजानन माधव मुक्तिबोध, डॉ॰ पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी और बलदेव प्रसाद मिश्र जैसे साहित्यकारों ने अपनी साहित्य साधना की है।मुख्यमंत्री द्वारा राजनांदगांव का जिक्र किये जाने पर श्री शुक्ल ने अपने बचपन के नांदगांव की स्मृतियां उनके साथ साझा की। श्री शुक्ल ने कहा कि मेरा जन्म राजनांदगांव में हुआ। बचपन का वह नांदगांव आज भी मेरे मन पर छाया हुआ है। मैं आज भी वहां जाता हूँ तो उसी नांदगांव को ढूंढने की कोशिश करता हूं। मगर अब समय के साथ काफी बदलाव आ गया है। मुख्यमंत्री ने श्री विनोद कुमार शुक्ल के परिवारजनों से भी मुलाकात की और उनका हाल-चाल जाना। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री पंकज झा, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी श्री आलोक सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी दयानन्द, जनसंपर्क आयुक्त श्री रवि मित्तल, रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष श्री प्रफुल्ल ठाकुर तथा श्री विनोद कुमार शुक्ल के परिवारजन सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।
- -छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंती समारोह में होंगी शामिलरायपुर, / राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु 24 मार्च को छत्तीसगढ़ के एकदिवसीय दौरे में राजधानी रायपुर पहुंचेंगी और छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंती समारोह में शामिल होंगी। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु 24 मार्च को प्रातः 10.35 बजे स्वामी विवेकानंद विमानतल रायपुर पहुंचेंगी और सीधे छत्तीसगढ़ विधानसभा के लिए रवाना होंगी। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु प्रातः 11.15 बजे से छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंती समारोह में शामिल होंगी। कार्यक्रम में राज्यपाल श्री रमेन डेका, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष श्री चरणदास महंत सहित विधानसभा के सदस्यगण उपस्थित रहेंगे।
- -छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा संघ के सम्मेलन में शामिल हुए उप मुख्यमंत्रीरायपुर। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव नया रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा संघ के सम्मेलन में शामिल हुए। उन्होंने मुख्य अतिथि के रूप में राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि काम करने का जितना अवसर मिलेगा, उतनी ही आपकी प्रतिभा और क्षमता निखरेगी। यह आगे बढ़ने का पहला सूत्र है। उन्होंने कहा कि आप लोग जिन प्रतिष्ठित पदों पर काम कर रहे हैं, उन पदों पर काम करने का मौका कम लोगों को मिलता है।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने सम्मेलन में अधिकारियों से कहा कि शासन द्वारा सौंपे गए दायित्वों को पूरी ऊर्जा, शिद्दत और उत्साह के साथ पूर्ण करें। आनंद के साथ काम करने से आपको काम आसान भी लगेगा। उन्होंने सुव्यवस्थित और सुनियोजित दिनचर्या अपनाकर व्यावसायिक व व्यक्तिगत जीवन में संतुलन बनाने के साथ ही काम के दौरान उत्साह और प्रसन्नता बनाए रखने को कहा।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने सम्मेलन में अधिकारियों से कहा कि आप लोगों को छत्तीसगढ़ और यहां के लोगों की सेवा का मौका मिला है। अपनी जिम्मेदारियों का पूरी क्षमता से निर्वहन कर राज्य के विकास में और यहां के लोगों के कल्याण में आप लोग महती योगदान दे सकते हैं। उन्होंने लोगों से अच्छा व्यवहार और अच्छी बातचीत रखने को कहा। इससे अच्छा काम करने में मदद मिलती है। राज्य प्रशासनिक सेवा संघ के सम्मेलन में लल्लन टॉप के संस्थापक मशहूर पत्रकार श्री सौरभ द्विवेदी, छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा संघ के अध्यक्ष श्री आशुतोष पांडेय और सचिव श्री संदीप अग्रवाल सहित संघ के अनेक पदाधिकारी और सदस्य सपरिवार मौजूद थे।
- रायपुर/ शहीद दिवस पर शहीद भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव को बलिदान दिवस पर राजधानी शहर रायपुर की नव निर्वाचित महापौर श्रीमती मीनल चौबे और रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा सहित नगर के विशिष्टजनों, गणमान्यजनों, आमजनों ने राजधानी शहर के शंकर नगर चौक एसआरपी चौक में स्थित शहीद भगत सिंह की प्रतिमा के समक्ष नगर पालिक निगम रायपुर के संस्कृति विभाग के तत्वावधान में जोन क्रमांक 3 के सहयोग से रखे गए संक्षिप्त पुष्पांजलि आयोजन में पहुंचकर शहीद भगत सिंह, राज गुरू, सुखदेव को उनके बलिदान दिवस पर सादर नमन करते हुए आदरां जलि अर्पित की।
- रायपुर /छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के अति सुदूर गांव तिमेनार में मुख्यमंत्री मजरा-टोला विद्युतीकरण योजना के तहत आजादी के 77 वर्षों बाद पहली बार बिजली पहुंची। यह ऐतिहासिक उपलब्धि माओवादी आतंक के अंधकार को चीरकर विकास, अमन और शांति के नए सबेरे की ओर कदम बढ़ाने का प्रतीक है।तिमेनार में अब भय की जगह उजाला और आतंक की जगह उम्मीद ने ले ली है। गांव के 53 घरों में शत-प्रतिशत विद्युतीकरण पूरा कर लिया गया है, जिससे पूरे गांव में हर्ष और उल्लास का माहौल है।विकास की रोशनी से दूर हो रहा भय और असुरक्षाभैरमगढ़ ब्लॉक के ग्राम पंचायत बेचापाल के आश्रित गांव तिमेनार के निवासियों ने पीढ़ियों तक बिजली की रोशनी नहीं देखी थी। अब, जब शासन-प्रशासन ने इन दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंच बनाकर जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना शुरू किया है, तो ग्रामीणों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का सपना साकार हो रहा है।ग्रामीणों की जुबानी – "अब डर नहीं लगता, खुशियों का उजियारा छाया है!"गांव के निवासी मशराम, पंडरु कुंजाम, मंगली और प्रमिला वेको ने बताया कि गांव में पहली बार बिजली पहुंची है, अब रात के अंधेरे से डर नहीं लगता। जंगली जानवरों, सांप-बिच्छू के भय से भी मुक्ति मिली है। बच्चों की पढ़ाई लिखाई आसान हो गई है, और अब हम भी विकास की दौड़ में शामिल हो रहे हैं।"ग्रामीणों का कहना है कि अब न केवल आतंक और भय का माहौल समाप्त हो रहा है, बल्कि जीवन की गुणवत्ता भी सुधर रही है।मुख्यमंत्री की प्रतिबद्धता – "हर गांव में विकास की किरण पहुंचेगी"मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार प्रदेश के हर मजरा-टोला को विद्युतीकरण से जोड़ने और नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास की धारा प्रवाहित करने के लिए संकल्पबद्ध है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जहां कल तक नक्सली आतंक का साया था, वहां आज विकास की किरणें फैल रही हैं। यह परिवर्तन ही असली जीत है । तिमेनार में हुआ विद्युतीकरण बस्तर के दूरस्थ अंचलों में सुशासन और विकास के नए युग की शुरुआत का संकेत है। अब यह क्षेत्र माओवाद के डर से मुक्त होकर समृद्धि और उजाले की ओर अग्रसर हो रहा है।गांवों में हो रहा बुनियादी सुविधाओं का विस्तारतिमेनार में विद्युतीकरण के साथ-साथ सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार भी हो रहा है।तिमेनार अब सिर्फ एक गांव नहीं, बल्कि बस्तर के बदलाव की जीवंत मिसाल बन गया है। जहाँ कभी अंधकार और आतंक का बोलबाला था, वहीं अब बिजली की रोशनी, बच्चों की मुस्कान और विकास की रफ्तार है। यह परिवर्तन केवल एक योजना की सफलता नहीं, बल्कि राज्य सरकार की प्रतिबद्धता, प्रशासन की सक्रियता और जनता के विश्वास का प्रतिफल है। तिमेनार में सुशासन से हो रहे बदलाव की यह यात्रा बताती है कि जब इरादे मजबूत हों और नीति जन-केंद्रित हो, तो कोई भी दुर्गमता विकास के रास्ते में बाधा नहीं बन सकती।
- भिलाई। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र के नेहरू नेहरू नगर भेलवा तालाब में बलिदान दिवस मनाया गया। अमर शहीद भगत सिंह, राजगुरु एवं सुखदेव जी के शहादत को याद किया गया। किस प्रकार से अपनी कम उम्र में आजादी के दीवाने इंकलाब जिंदाबाद का नारा बुलंद करते हुए, फांसी के तख्ते पर झूल गए। आज के युवाओं के लिए प्रेरणा के स्रोत है। निगम भिलाई के जनसंपर्क अधिकारी ने अजय शुक्ला ने बताया कि 24 मार्च 1931 को फांसी होने वाली थी। अंग्रेजी हुकूमत डर के मारे 23 मार्च 2:00 बजे रात को उन्हें फांसी दी गई। जबकि जेल मैन्युअल यह कहता है कि किसी को रात में फांसी नहीं दी जा सकती है। पूरी भीड़ लाहौर जेल के सामने फांसी रुकवाने की मांग कर रही थी। अंग्रेजी हुकूमत डर के मारे 23 मार्च के रात में ही फांसी देकर, कचरे के गाड़ी में अमर शहीदों कि मृतक शरीर को छुपा कर ले जाकर के रावी नदी के तट पर अंतिम संस्कार कर दिए। जब भीड़ को धुआ उठने दिखा पूरी भीड़ उसे तरफ दौड़ी, अंग्रेज अधिकारी अधजले लाश को नदी में प्रवाहित करके भाग गए। आज जिनके बदौलत हम सब आजाद भारत के खुली हवा में सांस ले रहे हैं। उन अमर सपूतों का अंतिम संस्कार भी ठीक से नहीं हो पाया था। भारत विकास परिषद के सचिव जितेंद्र सिंह युवाओं को संबोधित करते हुए कहा हम सब का कर्तव्य बनता है। महापुरुषों पुरुषों को याद करें, उनके द्वारा किए गए आजादी के आंदोलन में उनके बलिदान को लोगों तक पहुंचाएं। यह हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी हमें अपने इतिहास अपने वीर सपूतों के बारे में जानकारी होनी चाहिए। विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी शैलेंद्र सिंह ने बताया अमर शहीदों को याद करते हुए मन रोमांचित हो जाता है। अपने कठिन परिस्थिति में भी आजादी का जज्बा जगाए रखें, वह भी घूम सकते थे, आराम कर सकते थे, मस्ती कर सकते थे लेकिन नहीं, उनके अंदर राष्ट्रभक्ति था। हमको उसी को अपने दिलों में सजो के रखना है। परिचर्चा के दौरान डोमार सिंह राजपूत, तेजस त्रिपाठी, पंकज कुमार इलाहाबादी, श्री पुरंग, दयानंद चिट्टा, रानी बोई ,खुशी ग्वालियर, ऋतिक श्रीवास्तव, अनुराग, उद्योगपति सुभाष गुलाटी, डॉक्टर नवीन कौरा, सुबोध अग्रवाल, तुलसी भमवानी, हरदयाल सिंह, श्री चतुर्वेदी, डॉ ललित पोपट, प्रदीप डालमिया, संजय भाटिया आदि लोग परिचर्चा में शामिल रहे।





















.jpg)




.jpg)
.jpg)