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- रैंप पर कैटवाॅक करतीं नजर आईं हर उम्र की महिला सभासद
- ढोल पर जमकर थिरकीं महिलाएं, शिखा खाटेकर को होली क्वीन का खिताब
रायपुर। 'रंग लेके खेलते.. गुलाल लेके खेलते...', ‘होलिया में उड़े रे गुलाल’, ‘मतवाली कुड़िया’ और 'आला होली चा सन...' जैसे होली के हिंदी और मराठी गानों की धुन पर जब महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में महिलाएं थिरकीं, तो दर्शकदीर्घा में बैठीं महिलाएं भी खुद को झूमने से रोक नहीं पाईं। महाराष्ट्र मंडल के महिला केंद्रों के जबरदस्त होली मिलन समारोह के अंतिम दौर में ढोल- ताशे की धुन पर भी स्टेज के सामने डांस करने वालों में मानो होड़ लगी रही। वहीं जब पारंपरिक और ट्रेडिशनल लुक में जब महिलाएं रैंप पर उतरीं, तो नजारा देखने के लायक था।
मौका था महाराष्ट्र मंडल की चौबे काॅलोनी और सुंदर नगर महिला केंद्र द्वारा आयोजन कैटवाॅक, गेम्स और ढोल के साथ होली मिलन समारोह का। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ की गई। इसके बाद चौबे कॉलोनी महिला केन्द्र की प्रतिभाओं ने 'होलिया में उड़े रे गुलाल...' पर ग्रुप डांस किया। कार्यक्रम की अगली कड़ी में सुंदर नगर महिला केंद्र की टीम ने 'मतवाली कुड़िया...' पर अपने ग्रुप डांस की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम की अगली कड़ी में चौबे काॅलोनी केंद्र की महिलाओं ने नाटक 'माहेरचा पहुणा... (मायके का मेहमान) का खूबसूरत मंचन किया। इसके बाद सुंदर नगर की टीम ने राधा- कृष्ण पर मनमोहक डांस प्रस्तुत किया।
चौबे काॅलोनी केंद्र के सीनियर वुमन ग्रुप मेंबर्स ने 'होली आई मस्ती लाई' में उम्र को झुठलाते हुए बेहद जोशीला, मस्ती भरा डांस प्रस्तुत किया। अंत में सुंदर नगर केंद्र की महिलाओं ने ब्रज की होली पर शानदार प्रस्तुति दी। इस दौरान कुछ पलों के लिए पूरा ब्रजधाम महाराष्ट्र मंडल में ही उतरता हुआ नजर आया। इसमें श्रीकृष्ण गोपियों के साथ होली खेलते नजर आए।
इसके बाद ढोल डांस के आयोजन, विशेष रूप से दर्शकों के लिए किए गए। कार्यक्रम में शिखा खाटेकर को होली क्वीन चुना गया। संचालन चारूशीला देव ने किया। कार्यक्रम के अंत में महिलाओं ने एक- दूसरे के चेहरे पर अबीर- गुलाल लगाने में कोई कमी नहीं रखी।
कार्यक्रम के समापन पर ढोल के रिदम पर स्टेज के सामने बैठीं महिलाएं भी अपने आप को नाचने से रोक नहीं पाईं। -
बोरियाखुर्द चौक में होटल कमल औऱ अन्य दुकानों में गंदगी मिलने, डस्टबिन नहीं मिलने पर 9250 रुपए जुर्माना
रायपुर। नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त विश्वदीप के आदेश पर नगर निगम स्वास्थ्य विभाग के सभी 10 जोनों की टीमों द्वारा प्रतिदिन लगातार अभियान चलाकर गंदगी मिलने औऱ डस्टबिन नहीं मिलने पर संबंधित दुकानदारों पर चेतावनी देकर जुर्माना किया जा रहा है। इस क्रम में आज नगर निगम जोन 3 स्वास्थ्य विभाग द्वारा जोन कमिश्नर श्री विवेकानंद दुबे के निर्देश पर जोन स्वास्थ्य अधिकारी पूरन तांडी के नेतृत्व में जोन स्वच्छता निरीक्षक अब्दुल नफीस की उपस्थिति में जोन क्षेत्र के तहत शंकर नगर टर्निंग पॉइंट पर स्थित शाह स्वीट्स में गन्दगी मिलने पर 15000रुपए का जुर्माना संबंधित स्वीट्स दुकान के संचालक को भविष्य के लिए कड़ी चेतावनी देते हुए किया गया। वहीं नगर निगम जोन 10 स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जोन कमिश्नर राकेश शर्मा के निर्देश पर जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री अमित बेहरा के नेतृत्व औऱ वरिष्ठ स्वच्छता निरीक्षक यशवंत बेरिहा की उपस्थिति में जोन के तहत बोरियाखुर्द चौक में होटल कमल औऱ अन्य कुल 11 दुकानों में डस्टबिन नहीं मिलने औऱ गन्दगी मिलने पर सम्बंधित दुकान संचालकों पर कुल 9250 रूपये का जुर्माना उन्हें भविष्य के लिए कड़ी चेतावनी देते हुए किया।
- रायपुर/ वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा 21 मार्च 2025 को विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ विधानसभा के समिति कक्ष में दोपहर एक बजे से आयोजित होगा।इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय उपस्थित रहेंगे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता, छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह करेंगे। इसके अलावा, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत, उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव एवं श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्यामबिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े और खेल मंत्री श्री टंक राम वर्मा विशिष्ट अतिथि होंगे।वर्ष 2025 में विश्व वानिकी दिवस की थीम ‘फारेस्ट एण्ड फूड‘ है, जो वनों की खाद्य सुरक्षा, पोषण, और आजीविकोपार्जन में महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करती है। यह कार्यक्रम वनों के महत्व और उनके संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव वन श्रीमती ऋचा शर्मा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवास राव सहित वरिष्ठ वन अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 2012 में वनों के महत्व के प्रति जागरूकता में वृद्धि की दृष्टिकोण से दिनांक 21 मार्च को विश्व वानिकी दिवस के रूप में घोषित किया गया है। यह कार्यक्रम वनों के महत्व को समझने और उनके संरक्षण के लिए काम करने के लिए प्रेरित करेगा। इस कार्यक्रम में वनों के महत्व, उनके संरक्षण के तरीके, और वनों के साथ जुड़े लोगों के जीवन में सुधार करने के तरीकों पर चर्चा की जाएगी। यह कार्यक्रम वनों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और उनके संरक्षण के लिए प्रेरित करेगा।
- बड़े भजन रामनामी मेला के लिए दिया विशेष निमंत्रणरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर स्थित समिति कक्ष में अखिल भारतीय रामनामी महासभा के प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधिमंडल ने सक्ती जिले के ग्राम जमगहन में 9 अप्रैल को आयोजित होने वाले बड़े भजन रामनामी मेला में मुख्यमंत्री श्री साय को आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने इस निमंत्रण के लिए महासभा के पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया और उन्हें शुभकामनाएँ दीं।इस अवसर पर चंद्रपुर विधायक श्री राम कुमार यादव सहित सारंगढ़-बिलाईगढ़, जांजगीर-चांपा, बलौदाबाजार-भाटापारा एवं रायगढ़ जिले के रामनामी संप्रदाय से जुड़े सदस्यगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
- रायपुर। . उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव आज मुंगेली जिले के बरेला और जरहागांव नगर पंचायत में नवनिर्वाचित अध्यक्षों और पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले भी शपथ ग्रहण कार्यक्रम में शामिल हुए। मुंगेली की एसडीएम श्रीमती पार्वती पटेल ने बरेला और जरहागांव में आयोजित दो अलग-अलग समारोहों में बरेला नगर पंचायत के नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्री नरेश पटेल और जरहागांव नगर पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती रूपाली वेदप्रकाश कश्यप तथा दोनों नगर पंचायतों के पार्षदों को विधिपूर्वक शपथ दिलाई।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने शपथ ग्रहण समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए सभी नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने कार्यों से नगरवासियों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने की अपील की। उन्होंने नवगठित नगर पंचायतों की जिम्मेदारियों को रेखांकित करते हुए कहा कि जनता ने जिन उम्मीदों के साथ जनादेश दिया है, उन पर पूरी निष्ठा से काम करना सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों का कर्तव्य है।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कार्यक्रम में कहा कि विष्णु देव साय सरकार के नेतृत्व में नगर पंचायत बरेला एवं जरहागांव के चहुंमुखी विकास के लिए हरसंभव सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने दोनों नगर पंचायतों को स्वच्छ और सुंदर बनाने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि सभी को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने बिलासपुर के मोहभट्ठा में 30 मार्च को होने वाले प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में नागरिकों को शामिल होने का आग्रह किया।मुंगेली के विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले ने अपने संबोधन में कहा कि नगर की जनता ने निष्पक्ष रूप से अपने मतदान का प्रयोग कर आप लोगों को जिताया है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि नगर पंचायत बरेला और जरहागांव के सभी नवनिर्वाचित अध्यक्ष एवं पार्षद नागरिकों की अपेक्षाओं एवं आकांक्षाओं पर खरा उतरेंगे और नगर के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। मुंगेली जिला पंचायत के सीईओ श्री प्रभाकर पाण्डेय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकांत पाण्डेय, उपाध्यक्ष श्रीमती शांति देवचरण भास्कर और मुंगेली जनपद पंचायत के अध्यक्ष श्री रामकमल सिंह सहित अनेक गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में समारोह में मौजूद थे।
- -बस्तर पंडुम के माध्यम से पारंपरिक नृत्य, लोकगीत, हस्तशिल्प और आदिवासी रीति-रिवाजों को मिला समुचित मंच-प्रतिभागियों ने बस्तर पंडुम में लिया उत्साहपूर्वक हिस्सा-22 एवं 23 मार्च को होगा दो दिवसीय जिला स्तरीय बस्तर पंडुमरायपुर / बस्तर जिले के जगदलपुर, बस्तर, तोकापाल, बास्तानार एवं दरभा विकासखण्ड में गुरुवार को ब्लॉक स्तरीय बस्तर पंडुम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अवसर पर जनप्रतिनिधियों एवं समाज प्रमुखों ने कहा कि यह आयोजन बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और संवर्धित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। बस्तर पंडुम के माध्यम से पारंपरिक नृत्य, लोकगीत, हस्तशिल्प और आदिवासी रीति-रिवाजों को मंच प्रदान किया जा रहा है, जिससे स्थानीय संस्कृति को नई पहचान मिल रही है। इस उत्सव में विभिन्न जनजातीय समूह अपनी कला और परंपराओं का प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे न केवल सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ेगी बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। जिले के इन सभी ब्लॉक में आयोजित उक्त कार्यक्रम में स्थानीय लोक कलाकारों, जनजातीय समुदायों और संस्कृति प्रेमियों का उत्साह देखते ही बना। बस्तर पंडुम न केवल संस्कृति को सहेजने का प्रयास है बल्कि सामाजिक एकता और पारंपरिक मूल्यों को भी सुदृढ़ करने का एक महत्वपूर्ण अवसर भी है। जिले के इन सभी विकासखंड में बस्तर पंडुम के तहत हजारों प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़ कर उत्साहपूर्वक भाग लिया। जिले में बस्तर पंडुम का जिला स्तरीय कार्यक्रम 22 एवं 23 मार्च को इंदिरा प्रियदर्शिनी स्टेडियम जगदलपुर में आयोजित किया जाएगा, जिसमें ब्लॉक स्तर से चयनित प्रतिभागी शामिल होंगे।उल्लेखनीय है कि बस्तर पंडुम 2025 के अन्तर्गत अनेक विधाएं शामिल की गई जिसमें जनजातीय नृत्यों के तहत गेड़ी, गौर-माड़िया, ककसाड़, मांदरी, हुलकीपाटा, परब सहित लोक गीत श्रृंखला के तहत जनजातीय गीत- चैतपरब, लेजा, जगारगीत, धनकुल, हुलकी पाटा (रीति-रिवाज, तीज त्यौहार, विवाह पद्धति एवं नामकरण संस्कार आदि) जनजातीय नाट्य श्रेणी में भतरा नाट्य जिन्हें लय एवं ताल, संगीत कला, वाद्य यंत्र, वेषभूषा, मौलिकता, लोकधुन, वाद्ययंत्र, पारंपरिकता, अभिनय, विषय-वस्तु, पटकथा, संवाद, कथानक के मानकों के आधार पर मूल्यांकन किया गया। इसके अलावा जनजातीय वाद्य यंत्रों का प्रदर्शन के तहत धनकुल, ढोल, चिटकुल, तोड़ी, अकुम, झाब, मांदर, मृदंग, बिरिया ढोल, सारंगी, गुदुम, मोहरी, सुलुङ, मुंडाबाजा, चिकारा शामिल रहे। जिन्हें संयोजन, पारंगता, प्रकार, प्राचीनता के आधार पर अंक दिए गए। जनजातीय वेशभूषा एवं आभूषण प्रदर्शन विधा में लुरकी, करधन, सुतिया, पैरी, बाहूंटा, बिछिया. ऐंठी, बन्धा, फुली, धमेल, नांगमोरी, खोचनी, मुंदरी, सुर्रा, सुता, पटा, पुतरी, नकबेसर जैसे आभूषण में एकरूपता, श्रृंगार, पौराणिकता को महत्व दिया गया। जनजातीय शिल्प एवं चित्रकला का प्रदर्शन विधा के अंतर्गत घड़वा, माटी कला, काष्ठ, ढोकरा, लौह प्रस्तर, गोदना, भित्तीचित्र, शीशल, कौड़ी शिल्प, बांस की कंघी, गीकी (चटाई), घास के दानों की माला प्रदर्शन प्रस्तुतियां हुई। साथ ही जनजातीय पेय पदार्थ एवं व्यंजन का प्रदर्शन- सल्फी, ताड़ी, छिंदरस, लांदा, पेज, कोसरा एवं मड़िया पेज, चापड़ा चटनी, सुक्सी पुड़गा,मछरी पुड़गा,मछरी झोर, आमट साग, तिखुर इत्यादि के बनाने की विधि, स्थानीय मसाले, स्वाद, प्रकार का प्रस्तुतिकरण बस्तर पंडुम 2025 के मुख्य आकर्षण रहे। इस कार्यक्रम में प्रतिभागियों को प्रोत्साहन स्वरूप पुरस्कार भी प्रदान किया गया। इस मौके पर जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।समाज प्रमुखों ने बस्तर पंडुम आयोजन को सराहाबस्तर जिले में विकासखण्ड स्तर पर आयोजित बस्तर पंडुम में सक्रिय सहभागिता निभाने वाले समाज प्रमुखों में बस्तर पंडुम के प्रति खासा उत्साह एवं अलग ही लगाव देखने को मिला। इस दौरान इन समाज प्रमुखों ने बस्तर पंडुम आयोजन को सराहनीय पहल निरूपित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और राज्य सरकार के प्रति कृतज्ञता प्रकट किया।इस मौके पर पूर्व विधायक एवं सर्व आदिवासी समाज के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष श्री राजाराम तोड़ेम ने बस्तर पंडुम को राज्य सरकार की जनजातीय समुदाय की सांस्कृतिक विविधता को देश-दुनिया में पहुंचाने की अनुपम प्रयास रेखांकित किया। वहीं सर्व आदिवासी समाज के बस्तर जिला अध्यक्ष श्री दशरथ कश्यप ने बस्तर पंडुम को जनजातीय संस्कृति को संरक्षित एवं संवर्धित करने की दिशा में उल्लेखनीय पहल निरूपित करते हुए इसे हर साल आयोजित करने का सुझाव दिया।सर्व आदिवासी समाज के महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष चमेली जिराम ने बस्तर पंडुम को जनजातीय समुदाय के भावी पीढ़ी के लिए समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सीखने-समझने का बेहतर मंच बताते हुए कहा कि वर्तमान समय में भावी पीढ़ी अपनी संस्कृति,परम्परा, रीति-रिवाजों से दूर हो रही है। बस्तर पंडुम जैसे आयोजन में सक्रिय सहभागी बनकर भावी पीढ़ी अपना जुड़ाव महसूस करेगी। इस बस्तर पंडुम में जनजातीय पेय पदार्थों के विधा में अपना प्रदर्शन करने पहुंचे नगरनार की अन्नपूर्णा नाग एवं भेजापदर की बुधरी बघेल ने कहा बस्तर पंडुम में जनजातीय संस्कृति की अलग छटा दिख रही है। जिसमें परम्परा, रीति-रिवाज, खान-पान सभी शामिल है। यह हमारी पहचान है और इसे संरक्षित करने के लिए सरकार का प्रयास प्रशंसनीय है।
- रायपुर, /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को अंतर्राष्ट्रीय वानिकी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए पर्यावरण संरक्षण और जंगलों को बचाने की अपील की है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जंगल केवल हरियाली नहीं, बल्कि पृथ्वी पर जीवन का आधार हैं। यह न केवल प्राणवायु (ऑक्सीजन) का प्रमुख स्रोत हैं, बल्कि विभिन्न खाद्य, औषधीय और अन्य उपयोगी संसाधनों का भंडार भी हैं। पेड़ों और जंगलों के महत्व को जन-जन तक पहुँचाने के लिए हर वर्ष 21 मार्च को ‘विश्व वानिकी दिवस’ मनाया जाता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विश्व के विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ती जनसंख्या और आधुनिक जीवनशैली के कारण जंगल सिमटते जा रहे हैं और पर्यावरण असंतुलन बढ़ता जा रहा है। जंगलों के घटने से जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण की समस्या विकराल रूप ले रही है।पर्यावरणीय असंतुलन का असर मनुष्यों, कृषि और पारिस्थितिकी तंत्र पर साफ दिख रहा है।छत्तीसगढ़ – जंगलों से घिरा प्रदेश, वन प्रबंधन और संरक्षण की दिशा में अग्रसरमुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का एक बड़ा भूभाग घने वनों से आच्छादित है और यहाँ की सामाजिक और आर्थिक व्यवस्था भी वनों से गहराई से जुड़ी हुई है। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार वन प्रबंधन और सामुदायिक वन संरक्षण के माध्यम से वन्यजीवों और प्राकृतिक संपदाओं को संरक्षित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से न केवल वनों का संरक्षण किया जा रहा है, बल्कि स्थानीय समुदायों को भी इससे जोड़ा जा रहा है, ताकि वन और आजीविका के बीच संतुलन बना रहे। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेश के सभी नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे पर्यावरण संरक्षण की मुहिम में सक्रिय भागीदारी निभाएँ। प्रत्येक व्यक्ति एक पेड़ अवश्य लगाए और उसकी देखभाल करें और आने वाली पीढ़ी को एक स्वच्छ, हरा-भरा और प्रदूषण-मुक्त वातावरण देने की जिम्मेदारी निभाएँ।
- -लगभग 1 करोड़ निर्वाचन अधिकारियों की निरंतर क्षमता वृद्धि के लिए डिजिटल प्रशिक्षण की योजना-निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारी और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी स्तर पर लगभग 5000 सर्वदलीय बैठकों के माध्यम से राजनीतिक दलों की भागीदारी-निर्वाचक नामावलियों में प्रविष्टियों के सुधार और नामों को शामिल करने के लिए आपत्तियों और अपीलों का कानूनी ढांचा-अब तक केवल 89 प्रथम अपील और मात्र 1 द्वितीय अपील दायररायपुर/ भारत के 26वें मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) श्री ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में, निर्वाचन आयुक्तों डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ, भारत निर्वाचन आयोग ने पदभार ग्रहण करने के एक महीने से भी कम समय में पूरी निर्वाचन मशीनरी को बीएलओ स्तर तक सभी मतदाताओं की भागीदारी को बढ़ावा देने और मतदान केंद्रों पर उनके लिए सुखद अनुभव सुनिश्चित करने के मार्ग पर दृढ़ता से आगे बढ़ाया है। राजनीतिक दलों को, जो प्रमुख हितधारक हैं, को भी जमीनी स्तर पर शामिल किया जा रहा है।आयोग ने पुनः पुष्टि की है कि लगभग 100 करोड़ मतदाता हमेशा लोकतंत्र के आधार स्तंभ हैं। यूआईडीएआई और भारत निर्वाचन आयोग के विशेषज्ञों के बीच तकनीकी परामर्श जल्द शुरू होंगे। हालांकि एक मतदाता केवल अपने निर्धारित मतदान केंद्र पर ही मतदान कर सकता है, आयोग ने देश भर में मतदाता पहचान पत्र के नंबरों में दोहराव को समाप्त करने और दशकों पुरानी समस्या को 3 महीने के भीतर खत्म करने का संकल्प लिया है। जन्म और मृत्यु पंजीकरण प्राधिकरणों के साथ समन्वय से मतदाता सूची का नियमित अद्यतन मजबूत किया जाएगा।राजनीतिक दलों के साथ आयोग की बातचीत में स्पष्ट किया गया कि ड्राफ्ट मतदाता सूची में कोई भी नाम शामिल करना या हटाना अपीलों की प्रक्रिया द्वारा शासित होता है, जो जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के तहत सभी राजनीतिक दलों के लिए दावों और आपत्तियों को दर्ज करने के लिए उपलब्ध है। ऐसी अपीलों के अभाव में, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा तैयार की गई सूची मान्य होती है। यह अवगत कराया जा सकता है कि भारत निर्वाचन आयोग ने 7 मार्च, 2025 को स्पष्ट किया था कि 6-10 जनवरी, 2025 तक विशेष संक्षिप्त संशोधन (एसएसआर) अभ्यास के पूरा होने के बाद केवल 89 प्रथम अपील और केवल 1 द्वितीय अपील दायर की गई थी।सभी पात्र नागरिकों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करना, मतदान की सुगमता और सुखद मतदान अनुभव कराना भारत निर्वाचन आयोग का प्रमुख उद्देश्य है। यह सुनिश्चित करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा कदम उठाए जाएंगे कि कोई भी मतदान केंद्र 1,200 से अधिक मतदाताओं वाला न हो और यह मतदाताओं से 2 किमी के दायरे में हो। सबसे दूरस्थ ग्रामीण मतदान केंद्रों में भी मूलभूत सुविधाएं (एएमएफ) सुनिश्चित की जाएंगी। शहरी उदासीनता से निपटने और अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए, ऊंची इमारतों और कॉलोनियों के समूहों में भी उनके परिसर के भीतर मतदान केंद्र होंगे।लगभग 1 करोड़ निर्वाचन कर्मियों की व्यापक और निरंतर क्षमता निर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, 4 और 5 मार्च को नई दिल्ली में आईआईआईडीईएम में सभी राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारियों की दो दिवसीय सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें पहली बार प्रत्येक राज्य / केंद्रशासित प्रदेश के जिला निर्वाचन अधिकारी और निर्वाचक रजिस्ट्रकरण अधिकारियों ने भाग लिया। सम्मेलन ने संविधान, निर्वाचन कानूनों और भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के ढांचे के अनुसार 28 हितधारकों और उनकी जिम्मेदारियों के स्पष्ट मानचित्रण के साथ पूरी निर्वाचन मशीनरी को ऊर्जा प्रदान करने पर जोर दिया।निर्देशों के लिए निर्वाचन हैंडबुक और मैनुअल को नवीनतम परिवर्तनों के साथ समन्वित किया जाएगा। कई भारतीय भाषाओं में डिजिटल प्रशिक्षण किट तैयार की जाएंगी ताकि फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं के लिए आसान आत्मसात और प्रभावी प्रशिक्षण हो सके। एनिमेटेड वीडियो और एकीकृत डैशबोर्ड प्रशिक्षण को डिजिटल बढ़ावा देंगे। बीएलओ को प्रशिक्षित करने के लिए एक प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार किया जा रहा है।निर्वाचन प्रक्रियाओं के सभी पहलुओं में राजनीतिक दलों की पूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने 4 मार्च को सीईओ सम्मेलन के दौरान निर्देश दिया कि सभी 36 सीईओ, 788 डीईओ, 4123 ईआरओ द्वारा नियमित सर्वदलीय बैठकें और बातचीत आयोजित की जाएं। देश भर में ऐसी बैठकें जमीनी स्तर पर ही राजनीतिक दलों द्वारा उठाए गए किसी भी लंबित और उभरते मुद्दों को हल करने में मदद करेंगी। यह प्रक्रिया 31 मार्च, 2025 तक पूरे भारत में पूरी हो जाएगी।आयोग द्वारा राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और उनके नियुक्त बीएलए को निर्वाचन कानूनों के अनुसार दावों और आपत्तियों सहित उचित प्रक्रियाओं पर प्रशिक्षण देने के प्रस्ताव का राजनीतिक दलों ने स्वागत किया है। भारत निर्वाचन आयोग ने सभी राजनीतिक दलों से चुनाव संचालन से संबंधित किसी भी और सभी मामलों पर सुझाव आमंत्रित किए हैं और वे इन्हें 30 अप्रैल, 2025 तक भेज सकते हैं। दलों को दिल्ली में आयोग से आपसी सुविधाजनक समय पर मिलने का निमंत्रण भी दिया गया है। ये साहसिक और दूरगामी पहल चुनावों के पूरे दायरे को कवर करती हैं और सभी प्रमुख हितधारकों को भागीदारी पूर्ण तरीके से शामिल करती हैं।
- -डीएमईओ, नीति आयोग और राज्य नीति आयोग के संयुक्त तत्वावधान में कार्यशाला का आयोजनरायपुर / छत्तीसगढ़ में शासन की प्रभावशीलता और योजनाओं की दक्षता को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से राज्य नीति आयोग एवं नीति आयोग (भारत सरकार) के डेवलपमेंट मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन ऑफिस (डीएमईओ) के सहयोग से "मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन" विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। यह दो दिवसीय कार्यशाला 20 और 21 मार्च को आयोजित की जा रही है, जिसमें राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के अधिकारियों को आधुनिक निगरानी और मूल्यांकन तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस कार्यशाला का उद्देश्य सरकारी योजनाओं की पारदर्शी, प्रभावी और डेटा-आधारित निगरानी सुनिश्चित करना तथा नीति निर्माण को अधिक परिणामोन्मुखी बनाना है।कार्यशाला में प्रमुख रूप से नीति आयोग, भारत सरकार की महानिदेशक श्रीमती निधि छिब्बर, मुख्यमंत्री के सलाहकार डॉ. धीरेंद्र तिवारी, राज्य नीति आयोग के सदस्य डॉ. के. सुब्रमण्यम, योजना विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, राज्य नीति आयोग की सदस्य सचिव डॉ. नीतू गोरडिया तथा डीएमईओ, नीति आयोग के निदेशक श्री अबिनाश दास और श्री देवी प्रसाद भुक्या उपस्थित रहे। इस कार्यशाला में राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए, जिनमें सुशासन एवं अभिसरण विभाग, उच्च शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, पंचायत, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, स्कूल शिक्षा, खाद्य विभाग, नगरीय प्रशासन और योजना विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।योजनाओं की प्रभावशीलता बढ़ाने पर फोकसडीएमईओ की विशेषज्ञ टीम ने सरकारी योजनाओं की निगरानी और मूल्यांकन के आधुनिक तरीकों पर विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान अधिकारियों को डेटा संग्रह, विश्लेषण और रिपोर्टिंग प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने पर प्रशिक्षित किया गया। डीएमईओ के प्रशिक्षकों ने डेटा गवर्नेंस, गुणवत्ता संकेतक (Quality Indicators), परिणाम-आधारित निगरानी (Output-Outcome Based Monitoring) और मूल्यांकन प्रणाली जैसे विषयों पर सत्र लिए। उन्होंने बताया कि कैसे वैज्ञानिक रूप से योजनाओं की निगरानी कर उनके वास्तविक प्रभाव को मापा जा सकता है, जिससे शासन प्रणाली अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और प्रभावी बन सके।लॉजिकल फ्रेमवर्क और डेटा गवर्नेंस क्वालिटी इंडेक्स पर चर्चाविशेषज्ञों द्वारा "आउटपुट-आउटकम मॉनिटरिंग फ्रेमवर्क", "डेटा गवर्नेंस क्वालिटी इंडेक्स" और "लॉजिकल फ्रेमवर्क" विषयों पर गहन परिचर्चा की गई। राज्य नीति आयोग के सदस्य डॉ. के. सुब्रमण्यम ने कहा कि इस कार्यशाला के माध्यम से राज्य के अधिकारियों को आधुनिक निगरानी और मूल्यांकन तकनीकों से परिचित कराया जा रहा है, जिससे वे अपनी योजनाओं को और अधिक प्रभावी बना सकें। एमईओ, नीति आयोग की महानिदेशक श्रीमती निधि छिब्बर ने कहा कि मॉनिटरिंग और इवैल्यूएशन (M&E) किसी भी प्रभावी शासन प्रणाली की आधारशिला है। भारत सरकार ने योजनाओं के प्रभावी मूल्यांकन और निगरानी के लिए डीएमईओ की स्थापना की है। राज्य में भी इसी तरह की संस्था बनाई जानी चाहिए। यह कार्यशाला उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।"मुख्यमंत्री के सलाहकार डॉ. धीरेंद्र तिवारी ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार नीति-निर्माण में डेटा-आधारित दृष्टिकोण को अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस कार्यशाला से राज्य के अधिकारी योजनाओं की प्रभावशीलता को बेहतर तरीके से मापने और विश्लेषण करने में सक्षम होंगे।योजना विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद ने कहा कि इस प्रशिक्षण से सरकारी योजनाओं की दक्षता और पारदर्शिता में सुधार होगा, जिससे राज्य के विकास कार्यक्रमों को नई दिशा मिलेगी। राज्य नीति आयोग की सदस्य सचिव डॉ. नीतू गोरडिया ने कहा कि निगरानी और मूल्यांकन सुशासन का प्रमुख आधार है। राज्य नीति आयोग पहले से ही सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) के लिए विभिन्न संकेतकों की निगरानी कर रहा है। इस कार्यशाला से डेटा संग्रह और निगरानी प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा। राज्य नीति आयोग और डीएमईओ, नीति आयोग, भारत सरकार के संयुक्त सहयोग से आने वाले समय में इस तरह की और कार्यशालाएं आयोजित करने की योजना है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ में डेटा-संचालित नीति निर्माण और प्रभावी निगरानी प्रणाली को मजबूत करना है।इस कार्यशाला से छत्तीसगढ़ शासन की योजनाओं की निगरानी और मूल्यांकन को एक नई दिशा मिलेगी, जिससे प्रदेश में विकास और सुशासन को और अधिक गति मिलेगी।
- बालोद। वनमण्डलाधिकारी श्री बीएस सरोटे ने कहा कि जिले के वनमंडल बालोद अंतर्गत तांदुला बांध के समीप वन्य प्राणी भालू की संदिग्ध हालत में मौत होने की सूचना मिलने पर वन विभाग के संबंधित अधिकारी-कर्मचारी को स्पष्टीकरण जारी कर जवाब मांगा गया है। उन्होंने बताया कि उक्त घटना बालोद वन परिक्षेत्र के सहायक वन परिक्षेत्र हर्राठेमा से होना संभावित है। संबंधित सहायक वन परिक्षेत्र अधिकारी एवं अधिनस्थ परिसर रक्षकों को स्पष्टीकरण जारी कर जवाब मांगा गया है तथा उपवनमंडलाधिकारी बालोद को पत्र जारी कर घटनाक्रम के संबंध में तथ्यात्मक जांच प्रतिवेदन तत्काल प्रस्तुत किये जाने हेतु निर्देशित किया गया है। उन्होंने बताया कि उपरोक्त घटना के संबंध में यदि कोई भी अधिकारी-कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के अनुरूप कार्यवाही की जाएगी।
- -गांवों में विकास कार्यो को गति देने की योजनाओं की समीक्षाबिलासपुर, /कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने आज तखतपुर और कोटा ब्लॉक में विकास कार्यो को गति देने ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने नवनिर्वाचित सरपंचों को बधाई और शुभकामनाएं दी। महिला सरपंचों की हौसला अफजाई की। कलेक्टर ने इस दौरान पहली बार निर्वाचित हरदी की महिला सरपंच से जब पूछा कि गांव के विकास के लिए आपकी क्या प्लानिंग है, तो महिला सरपंच ने गांव की समस्या गिनाकर उसके निराकरण के लिए एक लय में जवाब दिया। उन्होंने महिला सरपंच की जागरूकता की प्रशंसा कर उनका हौसला बढ़ाया। कलेक्टर ने कहा कि इसी प्रकार अपने गांव की समस्या का चिन्हांकन कर गांव में विकास कार्यों को दोगुनी गति देना है। उन्होंने कहा कि योजनाओं के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन में सरपंच की अहम भूमिका होती है। कलेक्टर ने माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 30 मार्च को बिल्हा ब्लॉक के मोहभट्ठा में आयोजित कार्यक्रम की भी जानकारी दी। बैठक में एसएसपी श्री रजनेश सिंह, सीईओ जिला पंचायत श्री संदीप अग्रवाल, एसडीएम, जनपद सीईओ, सरपंच एवं रोजगार सहायक मौजूद थे।कलेक्टर ने प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि यह केन्द्र शासन और राज्य शासन की प्राथमिकता में है। प्रधानमंत्री आवास योजना लोगों के सपनों को साकार करने वाली योजना है। उन्होंने कहा कि योजना के क्रियान्वयन में आपकी महत्पूर्ण भूमिका है। सरपंच की स्वीकृति के बिना ग्राम पंचायत में केाई काम नहीं हो सकता है। प्रधानमंत्री आवास योजना में अब तक स्वीकृत, पूर्ण हुए कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि इसकी नियमित रूप से समीक्षा करते हुए योजना में प्रगति लाए। कलेक्टर ने कहा कि गर्मी के मौसम केा देखते हुए हमें पेयजल की समस्या पर फोकस करना है। उन्होंने बताया कि पीएचई विभाग द्वारा चलित वाहन की सुविधा दी जा रही है। किसी भी पंचायत में जहां पेयजल की समस्या आती है वहां फोन करने पर तत्काल यह गाड़ी पहुँच जाएगी और आवश्यकतानुसार नलकूप में सुधार का काम किया जाएगा। खुड़िया जलाशय से पानी छोड़े जाने पर तखतपुर ब्लॉक के लोग लाभान्वित होंगे। उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने कल इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। एसएसपी श्री रजनेश सिंह ने कहा कि सरपंच की सक्रियता से ही गांव में नशे संबंधी गतिविधियां रूक सकती है।कलेक्टर ने 30 मार्च को जिले में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह हम सभी के लिए गर्व का पल है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी हमारे जिले में आएंगे। वे इस दौरान करोड़ों के विकास योजनाओं की सौगात देंगे। उन्होंने इस कार्यक्रम में सभी से उत्साह के साथ अपनी भागीदारी निभाने कहा। कार्यक्रम में आने वाले सभी हितग्राहियों और लोगों की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जाएगा। लोगों की सुविधाओं का ध्यान रखना हमारा कर्तव्य है। कार्यक्रम के साथ लोग अच्छी यादें संजोकर जाए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम स्थल पर पार्किंग, शौचालय, एंबुलेंस सभी सुविधाओं की तमाम व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि गर्मी को देखते हुए छोटे बच्चों और बुजुर्गो को कार्यक्रम स्थल पर न लाए।
- बिलासपुर / संभागायुक्त श्री महादेव कावरे ने आज वीडियो कॉन्फ्रेन्सिग के जरिए बिलासपुर एवं रायपुर संभाग के कलेक्टर एवं एसपी की बैठक ली। उन्होंने विशेषकर प्रधानमंत्री जी के 30 मार्च को बिलासपुर प्रवास को लेकर की जा रही तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में आईजी श्री संजीव शुक्ला एवं सीसीएफ प्रभात मिश्रा भी उपस्थित थे।संभागायुक्त ने प्रधानमंत्री जी के कार्यक्रम की रूपरेखा बताई। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम मोहभठ्ठा, जिला बिलासपुर में जरूर आयोजित की जा रही है लेकिन यह राज्यस्तरीय कार्यक्रम है। पूरे राज्य के हितग्राही इस समारोह में शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री जी का मिनट टू मिनट कार्यक्रम की प्रतीक्षा है। मोटे तौर पर 2 से 4 बजे के बीच कार्यक्रम होना प्रस्तावित किया गया है। मोहभठ्ठा में सभास्थल के साथ पार्किंग की अच्छी व्यवस्था की जा रही है। अलग-अलग जिलों के वाहनों के रूकने के लिए अलग कलर कोडिंग की जा रही है। पार्किंग स्थल एवं कार्यक्रम स्थल पर हितग्राहियों की सुविधा के लिए समुचित व्यवस्था की जा रही है। श्री कावरे ने दोनों संभाग के कलेक्टरों को इस कार्यक्रम में समन्वय के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए।आईजी संजीव शुक्ला ने सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी की सुरक्षा सर्वोच्च महत्व का है। कोई भी व्यक्ति को बिना जांच के सभास्थल में प्रवेश नहीं दिया जायेगा। लगभग डेढ़ सौ मेटल डिक्टेटर गेट सभास्थल पर स्थापित किए जाएंगे। लोगों को 2-तीन घण्टे पहले पहुंचना होगा ताकि समुचित जांच के बाद उन्हें समयपूर्व प्रवेश मिल पाये। सभास्थल पर जिला प्रशासन द्वारा बैठने एवं पानी की समुचित इंतजाम रहेगा। आईजी ने कहा कि लोग जिस बस में आएंगे,उनके प्रभारी को जिम्मेदारी दिया जाए कि जितने लोगों को लेकर आयेगा,उन सभी को सकुशल वापसी की जिम्मेदारी उसी बस प्रभारी की होगी। अस्वस्थ, बच्चे और बुजुर्ग लोगों को यथासंभव कार्यक्रम से दूर रखा जाये। समारोह में लगभग 2 लाख के लगभग हितग्राहियों के आगमन की संभावना है। 25 हजार से ज्यादा छोटे-बड़े वाहन में लोग आ सकते हैं। उन सबके लिए सभास्थल के आस-पास 8 बड़े पार्किंग स्थल बनाये गये है। बिलासपुर के कलेक्टर श्री अवनीश शरण एवं एसपी रजनेश सिंह ने अब तक की तैयारी से सभी को अवगत कराया। उन्होंने ध्यान रखने वाले महत्वपूर्ण तथ्यों की जानकारी दी।
- रायपुर - आज रायपुर की सूर्यकांत राठौर से मिलकर प्लेसमेंट कर्मचारी कल्याण संघ के अध्यक्ष श्री संजय एडे़, खेमूलाल निषाद सहित पदाधिकारियों ने बुके प्रदत्त करते हुए सभापति का कार्यभार ग्रहण करने पर हार्दिक शुभकामनायें दीं। अध्यक्ष श्री संजय एड़े ने संघ की प्रमुख मांगों एवं समस्याओं के संबंध में अवगत कराते हुए प्लेसमेंट कर्मचारियों को नगर निगम से सीधा वेतन भुगतान करने, 4000 रू. श्रम सम्मान निधि प्रदान करने सहित अन्य प्रमुख मांगो के संबंध में सभापति से चर्चा की गई। जिस पर सभापति श्री सूर्यकांत राठौर ने संघ की मांगो को पूरा करवाने के प्रति आश्वस्त किया। इस अवसर पर संघ के पदाधिकारी पवन चवरगुवाल, मनीष तिवारी, हेमंत फरिकार, नीलू शर्मा, दशरथ उपराडे, हरीश साहू, शैलेन्द्र दुबे, रूस्तम साहू, शकुन हरपाल, स्नेहा राजपूत, चंद्रकला, संजना हरपाल उपस्थित थे।
- दुर्ग, / एकीकृत बाल विकास परियोजना भिलाई-2 के अंतर्गत संचालित आंगनबाड़ी केन्द्र-डबरापारा (अ) में आंगनबाड़ी सहायिका के रिक्त पद पर नियुक्ति की जानी है। नियुक्ति हेतु आवेदन 03 अप्रैल 2025 तक कार्यालय एकीकृत बाल विकास परियोजना भिलाई-02 में (नगर पालिक निगम भिलाई चरोदा) में सीधे अथवा पंजीकृत डाक से भेजा जा सकता है।परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना भिलाई-2 से प्राप्त जानकारी अनुसार आंगनबाड़ी केन्द्र डबरापारा-अ के नगर पालिक निगम भिलाई चरोदा वार्ड क्रमांक 12 केन्द्र क्रमांक डबरापारा-1 में आंगनबाड़ी सहायिका की भर्ती की जानी है। आवेदन किये जाने हेतु शासन द्वारा निर्धारित आवश्यक गाईडलाईन के तहत आवेदिका की आयु 18 से 44 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। (एक वर्ष या अधिक सेवा का अनुभव रखने वाली कार्यकर्ता/सहायिका/सह-सहायिका/संगठिका को आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट दी जाएगी)। आवेदिका उसी वार्ड की स्थायी निवासी होनी चाहिए जिस वार्ड में आंगनबाड़ी केन्द्र स्थित है। निवासी होने के प्रमाण में वार्ड की अद्यतन मतदाता सूची में नाम दर्ज एवं नगरी क्षेत्र होने पर संबंधित वार्ड की अद्यतन मतदाता सूची में नाम दर्ज हो तो आवेदन पत्र में उसके क्रमांक का उल्लेख कर प्रतिलिपि लगाना होगा अथवा वार्ड पार्षद अथवा पटवारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र जिसमें वार्ड में निवासरत् रहने का पता सहित स्पष्ट उल्लेख हो, मान्य किया जाएगा।आवेदिका की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 8वीं बोर्ड परीक्षा उत्तीर्ण हो। अनुभवी कार्यकर्ता/सहायिका/सह-सहायिका होने पर, गरीबी रेखा परिवार, अनुसूचित जाति, जनजाति परिवार की महिला होने पर तथा विधवा, परित्यक्ता अथवा तलाकशुदा महिला होने पर अतिरिक्त अंक दिये जाएंगे। सहायिका पद हेतु आवेदिका जिनका अंकसूची में ग्रेड (श्रेणी) अंकित है, वे संबंधित विद्यालय के प्रधान पाठक/प्राचार्य से सत्यापित अंकसूची संलग्न करें। यह पद केवल महिलाओं के लिए है। आंगनबाड़ी सहायिका पद पूर्णतः मानसेवी तथा अशासकीय पद है। इन्हें केन्द्र शासन एवं राज्य शासन द्वारा निर्धारित मानदेय दिया जाएगा। आवेदन जमा होने के पश्चात किसी भी प्रकार का दस्तावेज स्वीकार नहीं किया जाएगा।
- दुर्ग, । कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजनांतर्गत प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए दुर्ग ग्रामीण विधानसभा अंतर्गत दो कार्याें के लिए 07 लाख 30 हजार रूपए की स्वीकृत दी है। जिले के प्रभारी मंत्री श्री विजय शर्मा द्वारा अनुशंसित उक्त कार्य का संपादन क्रियान्वयन एजेंसी जनपद पंचायत दुर्ग मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा की जाएगी।जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय से प्राप्त जानकारी अनुसार ग्राम कोटनी में राजेन्द्र निषाद घर से पीलू निषाद घर तक सीसी रोड निर्माण कार्य के लिए 3 लाख 20 हजार रूपए और ग्राम महमरा में कमलेश निषाद घर से स्कूल तक सीसी रोड निर्माण कार्य के लिए 4 लाख 10 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई में महापौर परिषद की आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट बैठक महापौर नीरज पाल की अध्यक्षता में आहूत की गई। नगर निगम आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय द्वारा महापौर परिषद के सभी सदस्यों के समक्ष बिन्दुवार बजट पर चर्चा की गई। एक-एक करके पूर्व वर्ष 2024-25 में अनुमानित बजट कितना रखा गया था, उस पर कितना व्यय हुआ, कितना शेष है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अनुमानतः कितना बजट रखा जाए। जिससे शहर का सर्वागीण विकास हो, लोक हित के कार्य किये जाए।महापौर पाल ने अपने विचार रखते हुए बताया कि इस वर्ष का बजट का अनुमान इस प्रकार का हो जो वास्तविकता पर आधारित हो। सभी बिन्दुओ पर महापौर परिषद के सदस्यगण विचार कर लेवें, उन्हे लगता है कि क्षेत्र के विकास के लिए और कुछ भी जनकल्याणकारी कार्य जोड़ा जा सकता है। उसे भी दिनांक 22 मार्च को समय 4ः30 बजे तक महापौर के समक्ष प्रस्तुत कर दें, उस पर भी विचार किया जाएगा। हम सब का उददेश्य है कि भिलाई शहर का चैमुखी विकास हो। आयुक्त पाण्डेय एवं सभी सदस्यगण इस बात पर सहमत थे कि हमे निगम क्षेत्र के सर्वप्रथम आय बढ़ाना होगा। ऐसी योजना लाई जाये जिससे भिलाई निगम का आय बढ़े। जब आय बढेगा उसी के अनुरूप जन उपयोगी कार्य भी संपादित होगें। जैसे- अच्छी सड़के, पेयजल, साफ-सफाई, उद्यानों एवं तालाबों का सौंदर्यीकरण, पार्किंग व्यवस्था, यातायाता के सुगम साधन, मनोरंजन, खिलाड़ियो के लिए अच्छी सुविधा, प्रकाश व्यवस्था, नगर का सौंदर्यीकरण आदि किया जा सके।आगामी बजट पर चर्चा दिनांक 27.03.2025 को समय प्रातः 11 बजे विशेष सम्मिलन निगम सभागार में रखी जायेगी। बैठक में महापौर परिषद के सदस्य सीजू एन्थोनी, लक्ष्मीपति राजू, केशव चैबे, संदीप निरंकारी, साकेत चंद्राकर, लालचंद वर्मा, आदित्य सिंह, चंद्रशेखर गंवई, मन्नान गफ्फार खान, श्रीमती नेहा साहू, मालती ठाकुर, निगम के सचिव/उपायुक्त नरेन्द्र बंजारे, जोन आयुक्त अजय सिंह राजपूत, येशा लहरे, सतीश यादव, कुलदीप गुप्ता, कार्यपालन अभियंता अखिलेश चंद्राकर, अनिल सिंह, रवि सिन्हा, संजय अग्रवाल, अरविंद शर्मा, आर.एस.राजपूत, वीनिता वर्मा, लेखाधिकारी चन्द्रभूषण साहू, उपअभियंता बसंत साहू, अर्पित बंजारे, राजस्व अधिकारी जगदीश तिवारी, स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली, स्थापना प्रभारी श्रीमती रीता चतुर्वेदी, जनसम्पर्क अधिकारी अजय शुक्ला, नवीन साहू, देवराज राजपूत, प्रकाश गढपाले आदि उपस्थित रहे।
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दुर्ग, / कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री अभिजीत सिंह ने छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम की धारा-26 (1)(2) के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा जिला मजिस्ट्रेट को दी गई अधिकारिता के अनुसार जामुल सीमेंट वर्क्स जिला दुर्ग की संपूर्ण क्षेत्र को एक वर्ष अवधि के लिए संरक्षित क्षेत्र घोषित किया है। जिला दण्डाधिकारी के आदेशानुसार उक्त संरक्षित क्षेत्र में विधि द्वारा अधिकृत व्यक्तियों एवं आवेदक द्वारा प्रवेश करने के लिए अधिकृत व्यक्तियों को छोड़कर अन्य व्यक्तियों का उक्त क्षेत्र में प्रवेश प्रतिषिद्ध रहेगा। यह आदेश, जारी तिथि 17 मार्च 2025 से अधिकतम एक वर्ष के लिए लागू रहेगा। इस आदेश में जिला मजिस्ट्रेट द्वारा आवश्यकतानुसार परिवर्तन किया जा सकेगा।
- दुर्ग / सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के व्यापक प्रचार-प्रसार व प्रशिक्षण हेतु संभाग स्तर पर जनसूचना अधिकारी एवं प्रथम अपीलीय अधिकारियों के लिए अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन में आने वाली समस्या एवं आरटीईऑनलाईनडाटसीजीडाटजीओभीडाटइन पोर्टल के संबंध में 21 मार्च को एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन लोक निर्माण विभाग के सभागार में पूर्वान्ह 11 बजे से अपरान्ह 1.30 बजे तक किया गया है।उक्त प्रशिक्षण में पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज, पुलिस महानिरीक्षक राजनांदगांव रेंज, मुख्य वन संरक्षक दुर्ग, मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग दुर्ग, अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग मंडल दुर्ग, अधीक्षण अभियंता जल संसाधन शिवनाथ मंडल दुर्ग, अधीक्षण अभियंता ग्रामीण यांत्रिकीय सेवा मंडल दुर्ग, अधीक्षक अभियंता छ.ग. ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण परियोजना मंडल कोहका भिलाई, अधीक्षण अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी दुर्ग, अभियंता क्रेडा/सौर ऊर्जा दुर्ग, कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग (वि./यां.) दुर्ग, कार्यपालन अभियंता सेतु विभाग लोक निर्माण विभाग दुर्ग, संयुक्त संचालक कोष लेखा एवं पेंशन दुर्ग, संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग दुर्ग, संयुक्त संचालक संभागीय कार्यालय लोक शिक्षण दुर्ग, संयुक्त संचालक कृषि रायपुर/दुर्ग, संयुक्त पंजीयक सहकारी संस्थाएं दुर्ग, संयुक्त संचालक नगर तथा ग्राम निवेश दुर्ग, उपायुक्त छ.ग.हाउसिंग बोर्ड दुर्ग/जगदलपुर, उपायुक्त आबकारी दुर्ग संभाग, डिविजनल कमान्डेंड होमगार्ड रायपुर, संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं दुर्ग, सहायक संचालक खाद्य एवं औषधि प्रशासन दुर्ग, उप संचालक छ.ग.राज्य संपरीक्षा क्षेत्रीय कार्यालय दुर्ग, उप संचालक औद्योगिक एवं स्वास्थ्य सुरक्षा दुर्ग, कार्यपालन अभियंता सीजीएमएससी दुर्ग, संयुक्त संचालक उच्च शिक्षा दुर्ग, संयुक्त आयुक्त राज्यकर दुर्ग, क्षेत्रीय अधिकारी छ.ग. पर्यावरण संरक्षण मंडल दुर्ग एवं सहायक पंजीयक फर्म एंव सोसायटी दुर्ग कार्यालय के जनसूचना अधिकारी एवं प्रथम अपीलीय अधिकारी उपस्थिति सुनिश्चित करने कहा गया है।
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-प्रतिबंधित पाॅलीथीन पर कारगर व्यवहारिक रोक लगाने लगातार अभियान चलाने का दिया सुझाव
रायपुर - आज नगर पालिक निगम रायपुर की नवनिर्वाचित महापौर श्रीमती मीनल चौबे की अध्यक्षता में नगर निगम मुख्यालय भवन महात्मा गांधी सदन के तृतीय तल स्थित सभाकक्ष में नवनियुक्त एमआईसी की प्रथम बैठक हुई जिसमें नगर निगम आयुक्त श्री विष्वदीप नवनियुक्त एमआईसी सदस्यों सर्व श्री मनोज वर्मा, दीपक जायसवाल, संतोष कुमार साहू, भोला राम साहू, अवतार भारती बागल, महेन्द्र खोडियार, अमर गिदवानी, नंदकिषोर साहू, खेम कुमार सेन, श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर, श्रीमती सरिता आकाष दुबे, श्रीमती सुमन अषोक पाण्डेय, डाॅ. अनामिका सिंह, श्रीमती संजना हियाल सहित अपर आयुक्त सर्वश्री राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता, यू.एस. अग्रवाल, पंकज के शर्मा, विनोद पाण्डेय, श्रीमती कृष्णा खटीक, मुख्य अभियंता श्री यू.के. धलेन्द्र, अधीक्षण अभियंता श्री राजेष राठौर, श्री संजय बागड़े, निगम सचिव श्री सूर्यकांत श्रीवास्तव, उपायुक्तगणों, जोन कमिष्नरगणों, कार्यपालन अभियंताओं, सभी विभागों के प्रभारियों की उपस्थिति रही ।रायपुर नगर निगम की नवनियुक्त एमआईसी की प्रथम बैठक में नवनिर्वाचित महापौर श्रीमती मीनल चौबे की अध्यक्षता में निगम वित्त लेखा और अंकेक्षण विभाग के प्रस्ताव अनुसार आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट अनुमान एवं वित्त वर्ष 2024-25 के पुनरीक्षित बजट पर विचारोपरांत सर्वसम्मति से बजट अनुमान की अनुषंसा एमआईसी द्वारा करते हुए नियमानुसार निगम सामान्य सभा की बैठक में विचारार्थ रखे जाने के निर्देष दिये है।एमआईसी ने वित्त लेखा एवं अंकेक्षण विभाग के विभागीय प्रस्ताव अनुसार नगर पालिक निगम रायपुर द्वारा राषि रू. 225.71 करोड के म्युनिसिपल बांड जारी किये जाने की अनुमति के संबंध में प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए आवष्यक निर्देष प्रथम बैठक में दिये है।एमआईसी ने लोककर्म विभाग के विभागीय प्रस्ताव अनुसार नगर पालिक निगम रायपुर क्षेत्र के अंतर्गत स्थित 70 वार्डो हेतु वार्ड एक्षन प्लान बनाने के लिये अर्बन प्लानिंग कंसल्टेंट नियुक्त करने आरएफटी की स्वीकृति हेतु प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए आवष्यक निर्देष दिये है।महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने राजधानी शहर रायपुर में समाज हित में पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से प्रतिबंधित पाॅलीथीन पर कार्यवाही एवं व्यवहारिक तौर पर प्रभावी रोक एवं नियंत्रण लगाये जाने, नगर निगम रायपुर क्षेत्र में लगातार अभियान चलाकर जनजागरूकता लाने एवं नागरिको को दैनिक जीवन में प्रतिबंधित पाॅलीथीन का उपयोग बंद कर उसके स्थान पर कपड़े जुट, कांच से बने बर्तनों, सामग्रियों का दैनिक उपयोग विकल्प के रूप में पर्यावरण सुरक्षा में सहभागी बनने अधिक से अधिक करने प्रोत्साहित करने का सुझाव दिया है। - भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र अंतर्गत संचालित शासकीय कन्या विधालय सुपेला में नवनिर्मित बैडमिंटन कोर्ट एवं सामुदायिक भवन कोे आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय, जोन-2 जोन आयुक्त येशा लहरे एवं अधिकारियों को लेकर निरीक्षण करने पहुंचे। स्कूल परिसर में समग्र शिक्षा अभियान के तहत भवन निर्माण 8 लाख की लागत एवं महापौर निधि से बच्चों के खेलने के लिए मल्टीपरपस नवीन बैडमिंटन कोर्ट बनाया गया है। जिसका उपयोग स्कूल के बच्चों द्वारा किया जायेगाl स्कूल के शिक्षक के साथ चर्चा करते हुए आयुक्त ने जोन आयुक्त को कार्यो को शीध्र ही पूर्ण कराने निर्देशित किए।उसी दरमयान आयुक्त ने देखा क्लास रूम में परीक्षा होने के कारण तीसरी, चैंथी कक्षा के बच्चों की पढ़ाई स्कूल में बने मंच पर बैठाकर कराई जा रही थी। कौतुहलवस सब लोग बच्चो के बीच पहुचं गये और बच्चो से पढ़ाई के बारे में चर्चा करने लगे, क्या पढ़ रहे हो, समझ में आ रहा है कि नहीं। होमवर्क कौन-कौन करके आता है, घर में जाकर कौन-कौन पढ़ाई करता है आदि के बारे में बच्चो से चर्चा किये और उनसे सवाल-जवाब भी किये। बच्चो से जब सवाल किया गया, वृत किसे कहते है, कौन बनाकर बतायेगा। कोई हाथ नहीं खड़ा कर रहा था, जबकि देखा गया कुछ बच्चे अपने कापी में बना लिए थे। आयुक्त ने शिक्षिका से कहा कि बच्चो में आत्म विश्वास की कमी है, उन्हे प्रोत्साहित किया करें। जानते हुए भी बच्चे जवाब देने में डर रहे है। बच्चों को बेजिझक होकर अपनी बातों को कहना चाहिए, जिससे उनका मनोबल बढ़ता है।इसके बाद सब लोग वार्ड में हो रहे निर्माण, सफाई, शौचालय आदि का निरीक्षण किये। स्थानीय नागरिको से कार्यो के बारे में फीड बैक लिए। अनावश्यक रूप से कुछ जगहो पर स्ट्रीट लाईट जल रहा था, उसे बंद कराने के लिए सभी जोन आयुक्त को निर्देशित किये। किसी भी प्रकार से कोई भी लाईट दिन के समय जलते नहीं दिखना चाहिए। निरीक्षण के दौरान कार्यपालन अभियंता अरविंद शर्मा, सहायक अभियंता श्वेता वर्मा, जनसम्पर्क अधिकारी अजय शुक्ला, जोन सहायक राजस्व अधिकारी शरद दुबे, जोन स्वास्थ्य अधिकारी अनिल मिश्रा, जोन स्वच्छता निरीक्षक अंजनी सिंह आदि उपस्थित रहे।
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रायपुर - नगर पालिक निगम रायपुर के राजस्व विभाग द्वारा बड़े बकायादारों पर लगातार कार्यवाही की जा रही है। बड़े बकायादारों को लगातार बिल डिमांड की नोटिस, सीलिंग की कार्रवाई, चैटबोट के माध्यम से डिमांड बिल का वितरण और कॉल सेंटर से बकायादारों को बकाया की जानकारी दी जा रही है। होली के बाद नगर निगम राजस्व अमले द्वारा लगातार वसुली हेतु की जा रही कार्यवाही के कारण 5 दिनों में लगभग 5 करोड़ 40 लाख से भी अधिक की राजस्व वसूली बड़े बकायादारों से की जा चुकी है।-
20000 रूपये से 50000 रूपये तक के बकाया राशि वालों को भेजे गए नोटिस के कारण 643 बड़े बकायादारों से 1 करोड़ 92 लाख की वसूली हुई है।
.50000 रूपये से 1लाख रूपये तक के बकाया राशि वालों को भेजे गए नोटिस के कारण 167 बड़े बकायादारों से 1 करोड़ 12 लाख की वसूली हुई है।1 लाख रूपये से अधिक के बकाया राशि वालों को भेजे गए नोटिस के कारण 93 बड़े बकायादारों से 2 करोड़ 36 लाख की वसूली हुई है। -
रायपुर - आज नगर पालिक निगम रायपुर के संस्कृति विभाग के तत्वावधान में नगर निगम जोन 3 के सहयोग से वीरांगना वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी के बलिदान दिवस पर रायपुर जिला अस्पताल पंडरी परिसर स्थित उनकी प्रतिमा के समक्ष पुष्पांजलि कार्यक्रम रखा गया. आयोजन में पहुंचकर राजधानी शहर रायपुर की प्रथम नागरिक महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने समस्त राजधानीवासियों की ओर से वीरांगना अवन्ति बाई लोधी को उनके बलिदान दिवस पर सादर नमन कर आदरांजलि अर्पित की. कार्यक्रम में प्रमुख रूप से खैरागढ़ की विधायक श्रीमती यशोदा वर्मा, निगम सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़, नगर निगम संस्कृति विभाग अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी, पार्षद श्रीमती साधना प्रमोद साहू, पूर्व पार्षद श्री मोहन उपारकर, जोन 3 जोन कमिश्नर श्री विवेकानंद दुबे, संस्कृति विभाग प्रभारी अधिकारी कार्यपालन अभियंता श्री डी. के. पैकरा,जोन 3 कार्यपालन अभियंता श्री सुशील मोडेस्टस सहित स्थानीय लोधी समाज के पदाधिकारी गणमान्यजनों, सामाजिक कार्यकर्त्ताओं, नवयुवकों, महिलाओं, आमजनों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी को उनके बलिदान दिवस पर सादर नमन करते हुए प्रतिमा स्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित की.
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रायपुर - आज नगर पालिक निगम रायपुर के मुख्यालय भवन महात्मा गाँधी सदन के प्रथम तल पर आबंटित कक्ष क्रमांक 216 में पहुंचकर नगर निगम के लोक कर्म विभाग के अध्यक्ष शहीद चूड़ामणि वार्ड नम्बर 37 के नवनिर्वाचित पार्षद श्री दीपक जायसवाल ने प्रथम पूज्य देव श्रीगणेश की पूजा - अर्चना कर आचार्य द्वारा वैदिक मन्त्रोंच्यार ओर शंख ध्वनि के मध्य अपना कार्यभार सम्हाल लिया है. महापौर श्रीमती मीनल चौबे, सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़, रायपुर शहर जिला भाजपा अध्यक्ष श्री रमेश सिंह ठाकुर, पूर्व नेता प्रतिपक्ष श्री सुभाष तिवारी, निगम अपर आयुक्त श्री विनोद पाण्डेय, मुख्य अभियंता श्री यू. के. धलेन्द्र,अधीक्षण अभियंता श्री राजेश राठौर, श्री संजय बागड़े, कार्यपालन अभियंता श्री अंशुल शर्मा सीनियर, अधिकारियों ओर कर्मचारियों, नगर के गणमान्यजनों, सामाजिक कार्यकर्त्ताओं, नवयुवकों, महिलाओं, आमजनों, वार्डवासियों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर फूलमालाओं से लादकर ओर बुके प्रदत्त कर एमआईसी सदस्य का पदभार निगम मुख्यालय भवन में ग्रहण करने पर श्री दीपक जायसवाल को हार्दिक बधाइयाँ ओर शुभकामनायें दी हैँ.
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रायपुर - आज नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर नगर निगम जोन 1 स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा जोन 1 जोन कमिश्नर श्री हितेन्द्र यादव के नेतृत्व और कार्यपालन अभियंता श्री डी. के. पैकरा, श्री गजाराम कँवर, जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री खेमलाल देवांगन की उपस्थिति में अभियान चलाकर जोन 1 के अंतर्गत भनपुरी शराब अहाता और गोगांव शराब अहाता को अत्यधिक गन्दगी मिलने और प्रतिबंधित डिस्पोजल गिलास और पानी पाउच अत्यधिक मात्रा में यत्र - तत्र बिखरे होने पर जोन कमिश्नर के निर्देश पर जोन स्वास्थ्य अधिकारी ने पंचनामा कार्यवाही कर भनपुरी शराब अहाता और गोगांव शराब अहाता को तत्काल सीलबंद करने की कार्यवाही की है. इसके साथ ही 5 अवैध ठेलों को वहाँ जप्त करने की कार्यवाही की गयी है.
- टी सहदेवभिलाई नगर। तालपुरीवासियों को कॉलोनी में ही सथापित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की तेज बदबू से निजात मिलने के रास्ते की सारी अड़चनें दूर हो गई हैं। रिसाली नगर निगम आयुक्त द्वारा पिछले साल 28 अक्टूबर को भेजे गए एक पत्र के जवाब में प्रदेश के नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय ने कॉलोनी के मलजल को बीएसपी के मौजूदा पंपिंग स्टेशन तक पहुंचाने की व्यवस्था के लिए 1 करोड़ 85 लाख 87 हजार रुपए की राशि स्वीकृत की। यह राशि 15 वें वित्त आयोग की मद से जुटाई जाएगी। संचालनालय के आदेश की सूचना रिसाली नगर निगम आयुक्त को इसी सोमवार को मिली।तालपुरीवासियों ने ली राहत की सांसकॉलोनीवासियों को जैसे ही यह खबर लगी, लोगों ने राहत की सांस ली। मालूम रहे कि रिहायशी इलाके में एसटीपी होने से वे लंबे अरसे से दुर्गंधमय वातावरण में जीने के लिए मजबूर हो गए थे। तालपुरीवासियों ने इस समस्या से मुक्ति पाने के लिए प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू से लेकर सांसद विजय बघेल और विधायक ललित चंद्राकर से गुहार लगाई थी, अब जाकर उनकी मेहनत रंग लाई। इतना अवश्य है कि बदबू से निजात मिलने में अभी वक्त लगेगा, क्योंकि निविदा प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है। यह प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद ही पाइप लाइन बिछाने की समय सीमा तय होगी।इतना आसान नहीं था यह सफरउल्लेखनीय है कि बीएसपी ने दोनों ब्लॉकों के एसटीपी की पाइप लाइन को अपने सीवेज पाइप से जोड़ने हेतु 11 सितंबर 2020 को एनओसी दे दिया था। एनओसी दिलाने में एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सुनील चौरसिया की खास भूमिका रही। इसके बावजूद इस दिशा में कोई प्रगति न होने से पार्षद सविता ढवस ने 8 फरवरी 2022 को आयुक्त के सामने अपनी बात रखी तथा जनयाचिका के माध्यम से 17 फरवरी 2022 को शिकायत दर्ज कराई, जिसके जवाब में नगर निगम ने इस मद के लिए 2 करोड़ रुपए का प्रस्ताव भेजने की बात कही। मामला आगे बढ़ता न देख पार्षद ने एक बार फिर 24 अप्रैल 2023 को कलेक्टोरेट में शिकायत की। इसके करीब दस महीने बाद निगम आयुक्त ने 10 लाख से कम आबादी वाले शहरों के लिए उपलब्ध राशि में से 15 वें वित्त आयोग की मद से 1 करोड़ 95 लाख 16 हजार रुपए की राशि जारी करने का प्रस्ताव भेजा, लेकिन संचालनालय ने यह कहकर असहमति व्यक्त की कि प्रस्तावित कार्य 15 वें वित्त आयोग के टाइड ग्रांट (खास उद्देश्य) प्रावधान के अंतर्गत नहीं आते। प्रावधानों का हवाला देते हुए उसने आयुक्त को आयोग के दिशा-निर्देश के अनुरूप प्रस्ताव तैयार करने की सलाह अवश्य दी। आखिरकार पार्षद ने पिछले माह 23 तारीख को उप मुख्यमंत्री अरुण साव से एक पत्र के माध्यम से इस ज्वलंत समस्या के निराकरण के लिए उचित कार्यवाही करने की मांग की।



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