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- -किराना व्यवसाय से सालाना 2 लाख रुपये तक की बचत, आत्मनिर्भरता की बनी मिसालरायपुर। छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी ‘बिहान’ योजना के माध्यम से प्रदेशभर में ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। स्व-सहायता समूहों के जरिए महिलाएं स्वरोजगार से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं और ‘लखपति दीदी’ के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर रही हैं।इसी कड़ी में सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सोनतराई की श्रीमती बिलासो बाई की सफलता की कहानी महिला सशक्तिकरण की प्रेरक मिसाल बनकर उभरी है। कभी आर्थिक तंगी से जूझने वाली बिलासो बाई आज एक सफल उद्यमी के रूप में स्थापित हो चुकी हैं और किराना व्यवसाय से प्रतिवर्ष डेढ़ से दो लाख रुपये तक की शुद्ध बचत कर रही हैं।श्रीमती बिलासो बाई बताती हैं कि वर्ष 2016 से पहले उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर थी। इसके बाद वे ‘बिहान’ योजना के अंतर्गत स्व-सहायता समूह से जुड़ीं, जहां उन्हें वित्तीय सहायता और मार्गदर्शन मिला। प्रारंभ में छोटे ऋण से किराना व्यवसाय शुरू किया और धीरे-धीरे अपने कार्य का विस्तार किया। बाद में उन्होंने समूह से लगभग 1 लाख रुपये का ऋण लेकर अपने व्यवसाय को और सुदृढ़ किया।निरंतर परिश्रम और बेहतर प्रबंधन के चलते आज उनकी दुकान अच्छी तरह स्थापित हो चुकी है। वे न केवल अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं, बल्कि अपने बच्चों के सहयोग से व्यवसाय को आगे बढ़ा रही हैं। उन्होंने बताया कि वे अपना ऋण भी चुका चुकी हैं और अब नियमित रूप से अच्छी बचत कर पा रही हैं।बिलासो बाई ने अपनी सफलता का श्रेय शासन की योजनाओं को देते हुए कहा कि ‘बिहान’ योजना ने ग्रामीण महिलाओं में आत्मविश्वास जगाया है। अब महिलाएं घर की चारदीवारी से बाहर निकलकर आर्थिक गतिविधियों से जुड़ रही हैं और परिवार के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर रही हैं।प्रदेश में ‘बिहान’ योजना के तहत महिलाओं को वित्तीय सहायता के साथ-साथ कौशल प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है, जिससे वे स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बन सकें। जिला स्तर पर निरंतर प्रयासों के चलते बड़ी संख्या में महिलाएं ‘लखपति दीदी’ के रूप में उभर रही हैं, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
- -उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन व महापौर संजूदेवी राजपूत ने सीएसईबी चौक में 32 लाख 30 हजार रूपए से बनने वाले 02 प्रतीक्षा शेड निर्माण कार्य का किया भूमिपूजनरायपुर। शहर के चौक-चौराहों में लगे ट्रैफिक सिंग्नल के लाल होने के कारण नागरिको वाहन चालकों के रूकने के समय तेज धूप व बारिश के पानी से अब परेशानी नही होगी क्योंकि निगम शहर के ट्रैफिक सिग्नल वाले प्रमुख चौक-चौराहों में प्रतीक्षा शेड का निर्माण करा रहा है। रविवार को प्रदेश के उद्योग, वाणिज्य, श्रम आबकारी व सार्वजनिक उपक्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने सीएसईबी चौक में 32 लाख 30 हजार रूपये की लागत से बनने जा रहे 02 प्रतीक्षा शेड के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया।कोरबा शहर के विभिन्न चौक. चौराहों में आवागमन व्यवस्था सुचारू बनाये रखने के मद्देनजर ट्रैफिक सिग्नल स्थापित किये गये हैंए इन चौक-चौराहों से गुजरने वाले नागरिकों, वाहन चालकों को ट्रेफिक लाल होने के समय रूक कर प्रतीक्षा करनी होती है जिससे विशेष रूप से तेज धूप व बारिश के दौरान उन्हें परेशानी होती है। नागरिकों, वाहन चालकों को इस परेशानी से छुटकारा दिलाने हेतु नगर पालिक निगम केारबा द्वारा शहर के विभिन्न चौक-चौराहों में सड़क के ऊपर प्रतीक्षा शेड बनाये जाने की योजना बनाई गई है। प्रारंभ में सीएसईबी चौक में 02 नग प्रतीक्षा शेड बनाये जायेंगे जिनका भूमिपूजन रविवार को उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत के करकमलों से सम्पन्न हुआ तथा प्रतीक्षा शेड का निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया।इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने अपने उद्बोधन में कहा कि चौक-चौराहों पर सड़क के ऊपर प्रतीक्षा शेड बन जाने से गर्मी की तेज धूप व बारिश के पानी से अब आमनागरिकों वाहन चालकों को परेशानी नही होगी महापौर श्रीमती राजपूत का यह कार्य सराहनीय है जो उनकी संवेदनशीलता को दर्शाता है। कोरबा शहर के सड़कों के डामरीकरण की चर्चा करते हुये उद्योग मंत्री श्री देवंागन ने कहा कि शहर की सभी सड़कों के डामरीकरण नवीनीकरण हेतु शासन द्वारा राशि स्वीकृत किये जाने के बाद निविदा आदि की कार्यवाही पूरी कर ली गई है 02 प्रमुख सड़कों के डामरीकरण का भूमिपूजन भी किया जा चुका है किन्तु ईरान इजरायल युद्ध के परिणाम स्वरूप डामर मिलने में अत्यंत कठिनाई हो रही है ठेकेदारों को डामर नहीं मिल पा रहा है इसके कारण डामरीकरण कार्य में देरी हो रही है, उन्होने कहा कि जैसे ही डामर की उपलब्धता बनेगी तेजी के साथ शहर की सड़कों का कायाकल्प कर दिया जायेगा। उन्होने आगे कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय व उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरूण साव के आशीर्वाद से कोरबा में विकास कार्याे हेतु धनराशि की कोई कमी नहीं हो रही तथा कोरबा का तेजी से विकास हो रहा है।महापौर श्रीमती राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन की प्रेरणा से मेरे मन में विचार आया कि सिग्नल के दौरान चौक-चौराहों में रूकने के दौरान तेज धूप व बारिश से आमलोगों को होने वाली परेशानी से कैसे छुटकारा दिलाया जाय तब चौक-चौराहों में प्रतीक्षा शेड निर्माण की योजना बनी जिसके प्रथम चरण में सीएसईबी चौक में 32 लाख 30 हजार रूपये की लागत से 02 प्रतीक्षा शेड बनेंगे इसके बाद दूसरे प्रमुख चौक.चौराहों पर भी शेडों का निर्माण होगा उन्होने बताया कि सीएसईबी चौक में आमनागरिकों की सुविधा हेतु सर्वसुविधायुक्त शौचालय भी बनाया जा रहा है वहीं चौक में स्थित पुराने जर्जर प्रतीक्षालय के स्थान पर सर्वसुविधायुक्त आधुनिक व वातानुकूलित प्रतीक्षालय का निर्माण भी कराया जायेगा।उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत द्वारा सुभाष ब्लाक जैतखंभ के पास सतनामी समाज के लिये 15 लाख रूपये की लागत से बनने जा रहे सामुदायिक भवन एवं हेलीपेड के पास किन्नर समाज के लिये 10 लाख रूपये से बनने जा रहे भवन निर्माण कार्य का भूमिपूजन भी किया गया। इस मौके पर उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि कोरबा में 52 समाजों के लिये उनके अपने भवन निर्मित कराये गये हैं तथा आज लगभग सभी समाजों के लिये उनके अपने भवन उपलब्ध हैं।भूमिपूजन कार्यक्रमों के दौरान सभापति श्री नूतन सिंह ठाकुर पार्षद नरेन्द्र देवांगन, लक्ष्मण श्रीवास, मुकुंद सिंह कंवर, धनकुमारी गगर्, ममता यादव, सिमरनजीत कौर, नारायण लाल कुर्रे, प्रभा टीकम राठौर, रूबी देवी सागर, मण्डल अध्यक्ष राजेश राठौर एवं योगेश मिश्रा, सुशील गर्ग, शैलेन्द्र सिंह, पप्पी प्रफुल्ल, तिवारी नरेन्द्र, पाटनवार, गुलजार सिंह, आर पी खाण्डे, आर डी भारद्वाज, मालती देवी, दूजराम मिलन, विमला निराला, लक्ष्मीन खाण्डे, द्रौपदी मिरी धनबाई, विमला कुर्रे, अनिता बंजारे, सुफल महिलांगे, संतोष टण्डन, छतराम खुंटे, संतोष सुमन, सुरेन्द्र राजवाडे़, आशीष द्विवेदी, हेमंत देवांगन, विजय गुप्ता, मनोज सिंह, दिनेश कुमार, दीपक यादव, फुलगिरी गोस्वामी, गुलशन सोनी, गणेश भवसागर, गिरधारी रजक, लक्ष्मी महाराज आदि के साथ काफी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।
- -छत्तीसगढ़ में में एलपीजी, पेट्रोल-डीजल और उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति जारी, सरकार का भरोसा कायम-छत्तीसगढ़ में आवश्यक संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता, आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सुदृढ़: सरकाररायपुर । वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बावजूद छत्तीसगढ़ में पेट्रोलियम उत्पादों रसोई गैस (एलपीजी), पेट्रोल एवं डीजल तथा कृषि उर्वरकों की आपूर्ति पूरी तरह सुचारु और नियंत्रित बनी हुई है। राज्य शासन और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने संयुक्त प्रेस वार्ता में स्पष्ट किया कि प्रदेश में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता को लेकर किसी प्रकार की कमी या संकट की स्थिति नहीं है।प्रेस वार्ता में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के मुख्य महाप्रबंधक (मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़) श्री अजय कुमार श्रीवास्तव, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की संचालक डॉ. फरीहा आलम सिद्दीकी तथा कृषि एवं कृषि उत्पादन आयुक्त की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार ने संयुक्त रूप से जानकारी दी कि राज्य में आपूर्ति तंत्र पूरी तरह सुदृढ़ है और मांग के अनुरूप निरंतर वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है।अधिकारियों के अनुसार, प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 72 हजार एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति की जा रही है, जो सामान्य मांग के अनुरूप है। राज्य में इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम की कुल पांच बॉटलिंग इकाइयों में पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है। इसके साथ ही 539 वितरकों के व्यापक नेटवर्क के माध्यम से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।कम खपत वाले उपभोक्ताओं, विद्यार्थियों, प्रवासी श्रमिकों और अस्थायी निवासियों की सुविधा के लिए पांच किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। औद्योगिक क्षेत्रों उरला, सिलतरा, तिफरा, सिरगिट्टी, पाथरपाली और भूपदेवपुर में विशेष शिविरों के माध्यम से इनकी पहुंच सुनिश्चित की जा रही है।डिजिटल व्यवस्था के विस्तार से वितरण प्रणाली में पारदर्शिता आई है। वर्तमान में लगभग 98 प्रतिशत एलपीजी बुकिंग एसएमएस, इंटरएक्टिव वॉयस रिस्पॉन्स सिस्टम और मिस्ड कॉल जैसी डिजिटल सेवाओं के माध्यम से हो रही है। साथ ही, डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड प्रणाली लागू होने से उपभोक्ताओं को पारदर्शी और जवाबदेह सेवा मिल रही है।कालाबाजारी और जमाखोरी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रशासन और तेल कंपनियां संयुक्त रूप से सघन कार्रवाई कर रही हैं। अब तक राज्यभर में 419 छापेमारी की गई हैं, 105 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं और 3946 एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अवैध गतिविधियों के विरुद्ध यह अभियान लगातार जारी रहेगा।पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता भी पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। राज्य में 2587 पेट्रोल पंपों के माध्यम से उपभोक्ताओं की मांग के अनुरूप आपूर्ति की जा रही है। टर्मिनल और बल्क पेट्रोलियम, ऑयल और लुब्रिकेंट डिपो में पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित है तथा पाइपलाइन और रेल नेटवर्क के जरिए नियमित आपूर्ति बनाए रखी जा रही है।कृषि क्षेत्र के संदर्भ में प्रमुख सचिव कृषि श्रीमती शहला निगार ने बताया कि किसानों के लिए उर्वरकों और अन्य कृषि आदानों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कर ली गई है। आगामी खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए अग्रिम भंडारण किया जा रहा है, जिससे किसी प्रकार की कमी की आशंका नहीं है।अधिकारियों ने आम नागरिकों और किसानों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और आवश्यक वस्तुओं का अनावश्यक भंडारण न करें। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य में आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सुदृढ़ है और सरकार किसी भी संभावित चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क एवं प्रतिबद्ध है, जिससे आम जनजीवन और कृषि गतिविधियां निर्बाध रूप से संचालित होती रहें।
- -कृषि विश्वविद्यालय में मनाया गया अक्ती तिहार-प्रदेश के कृषि विज्ञान केन्द्रों एवं अनुसंधान प्रक्षेत्रों में भी हुआ अक्ती तिहार का आयोजनरायपुर । कृषि विकास एवं किसान कल्याण कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने आज अक्ती तिहार के अवसर पर ट्रेक्टर चलाकर सीड ड्रील से धान बीज का रोपण किया और बाड़ी में सब्जियों के बीजों की बुआई की। कृषि मंत्री ने अच्छी फसल के लिए धरती माता से प्रार्थना की और गौ माता को चारा भी खिलाया। उन्होंने इस अवसर पर किसानों को उन्नत बीज, खाद एवं कृषि यंत्र भी वितरित किये। अक्ती तिहार का आयोजन इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित समस्त महाविद्यालयों, अनुसंधान प्रक्षेत्रों तथा कृषि विज्ञान केन्द्रों में भी किया गया।मंत्री श्री नेताम इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में अक्षय तृतीया के अवसर पर ‘‘अक्ती तिहार’’ के राज्य स्तरीय समारोह में शामिल हुए। मंत्री श्री नेताम ने इस अवसर पर कृषि विश्वविद्यालय प्रक्षेत्र में माटी पूजन, बीज पूजन तथा ठाकुर देवता की पूजा अर्चना कर खेती किसानी के नए कार्यों की शुरूआत की।समारोह को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री श्री नेताम ने कहा कि हमें कृषि में रासायनिक उर्वरकों का उपयोग कम करते हुए जैविक खेती की तरफ बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा रासायनिक उर्वरकों के स्थान पर जैव उर्वरकों एवं जैविक खाद के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है जो मिट्टी और पर्यावरण की सेहत के लिए अधिक सुरक्षित हैं।कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य शासन द्वारा रासायनिक उर्वरकों को उपयोग को कम करने के लिए सुनियोजित रणनीति बनाई गई है जिसमें इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय भी तकनीकी सहयोगी के रूप में मदद कर रहा है। उन्होंने कहा कि अक्ती तिहार धरती के प्रति अपनी कृतिज्ञता प्रकट करने का त्यौहार है। हमें सोचना चाहिए कि प्रकृति से हम जितना ले रहे हैं उसके बदले में धरती को क्या वापस कर रहे हैं। अक्ती तिहार के अवसर पर खेती किसानी का कार्य शुरू करने के पहले हम धरती माता से प्रार्थना कर उनसे अनुमति लेते हैं तब हल चलाते हैं। धरती माता को जो क्षति होती है उसके लिए हम क्षमा मांगते हैं।श्री नेताम ने कार्यक्रम में ड्रोन का संचालन करने वाली ड्रोन दीदी श्रीमती फुलेश्वरी निषाद को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि एक घरेलू ग्रामीण महिला श्रीमती निषाद ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण प्राप्त कर ड्रोन दीदी के रूप में लोगों की सेवा कर रहीं हैं, यह प्रशंसनीय है।समारोह की अध्यक्षता करते हुए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने कहा कि अक्षय तृतीया को छत्तीसगढ़ में अक्ती के नाम से भी जाना जाता है। आज के दिन हम धरती एवं बीजों की पूजा करते हैं तथा खेती किसानी के कार्य की शुरूआत करते हैं। डॉ. चंदेल ने कहा कि पिछले चार-पांच वर्षों से इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा अक्ती तिहार का भव्य एवं वृहद स्तर पर आयोजन किया जा रहा है। आज कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित समस्त महाविद्यालयों एवं कृषि विज्ञान केन्द्रों में भी अक्ती तिहार का आयोजन किया जा रहा है। किसानों के लिए नवीन बीज बुआई तकनीकी एवं कृषि में ड्रोन का उपयोग तकनीक का प्रदर्शन भी किया जा रहा है।इस अवसर पर कृषि विज्ञान केन्द्र रायपुर द्वारा “रासायनिक उर्वरकों का विकल्प” विषय पर कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसान शामिल हुए। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों द्वारा किसानों को रासायनिक उर्वरकों के स्थान पर विभिन्न जैव उर्वरक एवं जैविक खाद के उपयोग की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि नील हरित काई, अजोला, राइजोबियम, एजोटोबैक्टर, एजोस्पाइरिलम, फॉस्फोरस स्थिरीकरण बैक्टीरिया जैसे जैव उर्वरकों तथा हरी खाद के उपयोग से रासायनिक उर्वरकों की कमी पूरी की जा सकती है। प्रशिक्षण के दौरान किसानों को नील हरित काई तथा अजोला खाद के निर्माण का प्रायोगिक प्रदर्शन भी किया गया।समारोह में संचालक कृषि श्री राहुल देव, मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री महेन्द्र सिंह सवन्नी, छत्तीसगढ़ राज्य बीज विकास निगम के एमडी श्री अजय अग्रवाल, कृषि विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. कपिल देव दीपक, संचालक प्रक्षेत्र डॉ. एस.एस. टूटेजा, अधिष्ठाता कृषि अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय डॉ. अजय वर्मा, अपर संचालक कृषि अभियांत्रिकी श्री जी.के. पीढ़िया सहित विभिन्न विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक कृषि वैज्ञानिक तथा बड़ी संख्या में प्रगतिशील कृषक व छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
- -जिले सहित राज्य के विभिन्न महाविद्यालयों के विद्यार्थी ले सकेंगे हिस्सारायपुर । जिले के युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने और नए अवसरों से जोड़ने के उद्देश्य से 24 एवं 25 अप्रैल को धमतरी में “युवा उत्सव 2026 – इंटर कॉलेज प्रतियोगिता” का भव्य आयोजन किया जाएगा। जिला प्रशासन द्वारा आयोजन की रूपरेखा तैयार कर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। इस युवा उत्सव में जिला सहित राज्य के विभिन्न महाविद्यालयों के युवाhttps://forms.gle/tamH8AYjaS7ARZYu5पर पंजीयन कर सकते है। अभी तक धमतरी जिला सहित आस-पास के जिलों के 2 हज़ार से अधिक प्रतिभागी अपना पंजीयन कर चुके है।यह उत्सव केवल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि युवाओं के आत्मविश्वास, व्यक्तित्व विकास और करियर निर्माण का सशक्त मंच बनेगा। आयोजन में 20 से अधिक विधाओं को शामिल किया गया है, जिनमें वाद-विवाद, फोटोग्राफी, एकल एवं समूह नृत्य-गायन, म्यूजिकल बैंड, क्विज, नुक्कड़ नाटक, पारंपरिक वेशभूषा में रैम्प वॉक, आर्ट एवं क्राफ्ट प्रदर्शनी और फूड फेस्ट प्रमुख हैं। इसके साथ ही आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए AI प्रतियोगिता, साइंस एवं कृषि तकनीकी प्रदर्शनी, रोबोटिक्स वर्कशॉप और स्टार्टअप गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी, जिससे युवाओं को नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।उत्सव के सांस्कृतिक कार्यक्रम विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे। 24 अप्रैल को छत्तीसगढ़ी संगीतमय शाम में आरु साहू, “द गोल्डन स्टार नाइट ऑर्केस्ट्रा” (राजिम) और रायपुर का “आवाज क्रांति बैंड” अपनी प्रस्तुतियों से माहौल को जीवंत करेंगे। वहीं 25 अप्रैल को प्रसिद्ध सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लल्लनटॉप के वरिष्ठ पत्रकार सौरभ द्विवेदी युवाओं को प्रेरक सत्र के माध्यम से मार्गदर्शन देंगे। इसके बाद बस्तर का लोकप्रिय “वायरा बैंड” अपनी दमदार प्रस्तुति से उत्सव को यादगार बनाएगा।युवा उत्सव के दौरान E-Cell के अंतर्गत फोटो एडिटिंग, यूट्यूब कंटेंट क्रिएशन, मेंटल हेल्थ और AI वर्कशॉप आयोजित किए जाएंगे। साथ ही खो-खो, कबड्डी, दौड़, शतरंज और रस्साकशी जैसी खेल प्रतियोगिताएं भी होंगी, जो युवाओं के शारीरिक और मानसिक विकास में सहायक होंगी।यह दो दिवसीय आयोजन शासकीय महाविद्यालय धमतरी के नवीन भवन स्थित सेमिनार हॉल एवं परिसर में आयोजित होगा, जिसमें जिले एवं राज्य के विभिन्न महाविद्यालयों के चयनित विद्यार्थी भाग लें सकते है। जिला प्रशासन ने इसे सफल बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं, जिससे यह आयोजन जिले के लिए प्रेरणादायक और ऐतिहासिक साबित होने की उम्मीद है।
- -पेयजल संकट से मिली राहत, बंधी बना हर घर जल ग्राम-ग्राम पंचायत और ग्रामीणों के सामूहिक प्रयास से संभव हुआ स्थायी समाधानरायपुर ।कबीरधाम जिले के विकासखंड सहसपुर लोहारा अंतर्गत ग्राम पंचायत बंधी में जल जीवन मिशन ने ग्रामीणों की वर्षों पुरानी पेयजल समस्या का समाधान कर गांव की तस्वीर बदल दी है। वर्षों से पेयजल संकट से जूझ रहे इस गांव में अब हर घर तक नल कनेक्शन के माध्यम से स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल पहुंच रहा है। ग्राम सभा की सहमति से ग्राम बंधी को “हर घर जल ग्राम” घोषित किया गया है, जो गांव के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।पहले ग्राम बंधी में गर्मी के मौसम के दौरान जल संकट गंभीर रूप ले लेता था। हैंडपंपों का जलस्तर नीचे चला जाता था और कई जल स्रोत सूख जाते थे। ऐसी स्थिति में ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों को दूर-दराज के स्थानों से पानी लाना पड़ता था। पानी के लिए लंबी कतारें लगती थीं, जिससे घरेलू कामकाज और दैनिक दिनचर्या प्रभावित होती थी। कई बार खेती-किसानी और मजदूरी जैसे जरूरी कार्य भी बाधित होते थे। लेकिन जल जीवन मिशन के तहत नलजल योजना के सफल क्रियान्वयन के बाद आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। अब ग्राम के प्रत्येक घर में नियमित जल आपूर्ति हो रही है। इससे ग्रामीणों को न केवल पेयजल संकट से राहत मिली है, बल्कि महिलाओं और बच्चों के समय और श्रम की भी बचत हो रही है। अब उन्हें पानी के लिए भटकना नहीं पड़ता, जिससे उनका जीवन अधिक सहज और व्यवस्थित हो गया है।ग्रामवासियों का कहना है कि पहले पानी की समस्या के कारण उन्हें अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब घर-घर नल से जल पहुंचने के कारण जीवन स्तर में सुधार हुआ है। स्वच्छ पेयजल मिलने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में भी कमी आई है और गांव में स्वच्छता का स्तर बेहतर हुआ है। यह सफलता ग्राम पंचायत, जल एवं स्वच्छता समिति तथा ग्रामीणों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। शासन की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना ने ग्राम बंधी की पेयजल समस्या का स्थायी समाधान कर दिया है। यह गांव अब अन्य ग्राम पंचायतों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है कि सामूहिक सहभागिता और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण विकास की नई मिसाल कायम की जा सकती है।
- -पहाड़ों के बीच बसे बैगा परिवारों तक पहली बार पहुंची पक्की सड़क-घाट काटकर बनाई सड़क, अब गांव में हर मंगलवार को बाजार लगना भी हुआ शुरूरायपुर । प्रधानमंत्री जनमन योजना से कबीरधाम जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र में बसे ग्राम सेजाडीह की तस्वीर अब बदल चुकी है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से ग्राम सेजाडीह के लोगों को वह सुविधा मिली है जिसका इंतजार उन्होंने पीढ़ियों तक किया था। योजना के अंतर्गत पीएमजीएसवाई विभाग द्वारा सेंदूरखार से सेजाडीह तक 2.10 किलोमीटर लंबी पक्की सड़क का निर्माण कराया गया है। इस सड़क निर्माण कार्य पर 1 करोड़ 56 लाख 88 हजार रुपए की लागत आई है। यह कार्य आसान नहीं था, क्योंकि गांव पहाड़ी क्षेत्र में स्थित है। सड़क निर्माण के लिए पहाड़ों की घाट कटिंग कर रास्ता तैयार किया गया।कबीरधाम जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र में बसे ग्राम सेजाडीह के लोगों के लिए एक समय ऐसा था, जब गांव तक पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं था। पहाड़ की ऊंचाई पर बसे इस गांव में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा परिवारों को वर्षों से आवागमन के लिए समस्या का सामना करना पड़ता था। गांव तक जाने के लिए केवल संकरे और पहाड़ी रास्ते थे, जिन पर पैदल चलना भी कठिन था। आजादी के दशकों बाद भी गांव के लोग मूलभूत सुविधाओं से वंचित थे। मरीजों को अस्पताल ले जाना, बच्चों का स्कूल जाना, महिलाओं का घरेलू सामान लाना, किसानों का उपज बाजार तक पहुंचाना हर काम कठिनाइयों से भरा हुआ था।ग्राम सेजाडीह के निवासी श्री धनसिंह धुर्वे बताते हैं कि पहले गांव तक कोई सड़क नहीं थी। राशन, दवाई, घरेलू सामान और खेती के लिए आवश्यक वस्तुएं लाने के लिए पंडरिया और कुई बाजार तक जाना पड़ता था। सामान सिर पर या कंधे पर रखकर पहाड़ी रास्तों से गांव तक लाना बहुत कठिन था। धनसिंह कहते हैं कि अब पक्की सड़क बनने के बाद गांव तक वाहन आसानी से पहुंच रहे हैं। जरूरत का सामान सीधे गांव तक आ रहा है। इससे समय की बचत होने के साथ-साथ ग्रामीणों का श्रम भी कम हुआ है। अब गांव में हर मंगलवार को बाजार लगना भी शुरू हो गया है, जिससे लोगों को छोटी-छोटी जरूरतों के लिए दूर नहीं जाना पड़ता। ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों बाद उनके गांव तक विकास की सड़क पहुंची है।
- -66 वितरण केंद्रों और 3 जोनों में लगाए जा रहे हैं विशेष शिविर, घर-घर जाकर जागरूक कर रही है CSPDL की टीम-कार्यपालक निदेशक शिरीष सेलट ने पात्र उपभोक्ताओं से योजना का लाभ उठाने की अपील कीराजनांदगांव/कवर्धा/मोहला/खैरागढ़, 20 अप्रैल 2026 - प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी “मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026” राजनांदगांव क्षेत्र के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों और किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। इस योजना के अंतर्गत राजनांदगांव, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई और मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिलों में बिजली बिलों के बोझ से दबे नागरिकों को राहत देने के लिए वृहद स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है।इस योजना के माध्यम से इन चार जिलों के लगभग 17 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को लाभान्वित किया जा चुका है। इसमें सक्रिय और निष्क्रिय दोनों प्रकार के बीपीएल (BPL), घरेलू और कृषक श्रेणी के उपभोक्ता शामिल हैं। विभाग द्वारा अब तक मूल बकाया राशि और अधिभार (सरचार्ज) में कुल 12 करोड़ 20 लाख 26 हजार रुपए की भारी छूट प्रदान की गई है। समाधान योजना का मुख्य उद्देश्य बीपीएल, निम्नदाब घरेलू उपभोक्ताओं और कृशि श्रेणी के उपभोक्ताओं को आर्थिक संबल प्रदान करना है।गौरतलब है कि योजना के तहत अब तक 12539 निष्क्र्रिय उपभोक्ता सफलतापूर्वक लाभान्वित हो चुके हैं। साथ ही योजना के दायरे में आने वाले कुल 13722 पात्र सक्रिय उपभोक्ताओं में भी भारी उत्साह देखा जा रहा है। राजनांदगांव रीजन के अंतर्गत चारों जिलों के 07 विद्युत संभागों में सर्वाधिक पंडरिया संभाग से 8533, कवर्धा संभाग से 4983 मोहला संभाग से 1363, राजनांदगांव संभाग से 980, खैरागढ़ संभाग से 812, डोंगरगढ़ संभाग से 757 एवं डोंगरगांव संभाग से 154 सक्रिय एवं निष्क्रिय उपभोक्ता लाभान्वित हो चुकेें हैं। इन सक्रिय एवं निष्क्रिय उपभोक्ताओं को मूल बकाया राशि एवं अधिभार (सरचार्ज) में 12 करोड़ 20 लाख 26 हजार रुपए का छूट प्रदान किया जा चुका है। लाभान्वित उपभोक्ताओं द्वारा सक्रियता दिखाते हुए अब तक लगभग 01 करोड़ 02 लाख 30 हजार रुपए की बकाया राशि विभाग में जमा की जा चुकी है।सीएसपीडीसीएल (CSPDCL) राजनांदगांव क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक श्री शिरीष सेलट ने बताया कि योजना का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए संभाग के 66 वितरण केंद्रों एवं 03 जोनों में विशेष समाधान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। विभाग की टीमें न केवल केंद्रों पर मौजूद हैं, बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में घर-घर जाकर उपभोक्ताओं को योजना की पात्रता और छूट की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जागरूक कर रही हैं। विभाग का लक्ष्य निर्धारित समय सीमा के भीतर शत-प्रतिशत पात्र उपभोक्ताओं को इस योजना के दायरे में लाना है।कार्यपालक निदेशक श्री सेलट ने क्षेत्र के नागरिकों से अपील की है कि ऐसे बीपीएल, घरेलू (APL) एवं कृषि श्रेणी के उपभोक्ता जो 31 मार्च 2023 से पूर्व के बकाया बिजली बिलों के कारण आर्थिक दबाव महसूस कर रहे हैं, वे इस अवसर को न चूकें। उपभोक्ता अपने नजदीकी वितरण केंद्र या जोन कार्यालय में पहुंचकर बकाया राशि का निपटारा कर सकते हैं। बकाया बिजली बिलों का निपटारा कर उपभोक्ता न केवल स्वयं को आर्थिक बोझ से मुक्त कर सकते हैं, बल्कि भविष्य में निर्बाध बिजली सेवा भी सुनिश्चित कर सकते हैं। समय पर बिल का भुगतान और बकाया का निपटारा कर उपभोक्ता बिजली कंपनी के सुदृढ़ीकरण में अपना बहुमूल्य सहयोग प्रदान कर एक जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभा सकते हैं। योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों और अन्नदाताओं को संबल प्रदान करना है, ताकि वे बिना किसी पुराने बोझ के बिजली सेवाओं का लाभ उठा सकें।
- -कार्यक्रम में गर्भवती व धात्री माताओं एवं 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों के पोषण तथा स्वस्थ जीवनशैली की दी जा रही जानकारीमहासमुंद / संचालनालय आयुष छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार 8वें पोषण पखवाड़ा 2026 के अंतर्गत जिला आयुष विभाग द्वारा 9 से 23 अप्रैल 2026 तक विभिन्न जनजागरूकता एवं स्वास्थ्य संवर्धन कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।जिला आयुष अधिकारी डॉ. मुक्ता बारिहा ने बताया कि इस वर्ष पोषण पखवाड़ा का मुख्य विषय जीवन के पहले 6 वर्षों में मस्तिष्क के विकास को अधिकतम करना निर्धारित किया गया है, जिसके अंतर्गत गर्भवती महिलाओं, शिशुओं एवं छोटे बच्चों के मानसिक एवं शारीरिक विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में जिला आयुष विभाग द्वारा विभिन्न आयुष संस्थानों एवं चिकित्सा अधिकारियों के माध्यम से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। जिसमें सुवर्णप्राशन संस्कार कार्यक्रम, गर्भिणी परिचर्या जागरूकता कार्यक्रम, शिशु एवं बाल स्वास्थ्य परामर्श, पोषण एवं जीवनशैली पर स्वास्थ्य शिक्षा, योग एवं प्राणायाम प्रशिक्षण, आयुर्वेदिक आहार एवं दिनचर्या पर मार्गदर्शन, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन जिला आयुष विभाग के अंतर्गत संचालित शासकीय आयुष पॉलीक्लिनिक, आयुर्वेदिक औषधालय, होम्योपैथी एवं यूनानी चिकित्सा संस्थानों में किया जा रहा है। कार्यक्रमों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं एवं 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों के माता-पिता को पोषण, आयुष चिकित्सा पद्धतियों एवं स्वस्थ जीवनशैली के बारे में जानकारी प्रदान की जा रही है।जिला आयुष अधिकारी डॉ. बारिहा ने बताया कि पोषण पखवाड़ा के अंतर्गत आयोजित इन गतिविधियों का उद्देश्य मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार लाना, कुपोषण को कम करना तथा बच्चों के समग्र विकास को बढ़ावा देना है। जिला आयुष विभाग द्वारा आमजन से अपील की गई है कि वे अपने निकटतम आयुष संस्थान में आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेकर आयुष चिकित्सा पद्धति का लाभ प्राप्त करें एवं स्वस्थ समाज के निर्माण में सहयोग प्रदान करें।
- रायपुर ।भारत निर्वाचन आयोग ने दोहराया है कि सभी हितधारक सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000, आईटी नियम, 2021 और आदर्श आचार संहिता सहित मौजूदा कानूनी प्रावधानों के अनुपालन में सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म का जिम्मेदार और नैतिक उपयोग सुनिश्चित करेंगे।आयोग ने निर्देश दिया है कि किसी भी भ्रामक या अवैध एआई-जनित या हेरफेर की गई सामग्री पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के संज्ञान में लाए जाने के 3 घंटे के भीतर कार्रवाई की जाएगी।राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और अभियान प्रतिनिधियों के लिए यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि प्रचार के लिए उपयोग की जाने वाली किसी भी सिंथेटिक रूप से निर्मित या एआई-परिवर्तित सामग्री को स्पष्ट रूप से "एआई-जनित", "डिजिटल रूप से संवर्धित" या "सिंथेटिक सामग्री" के रूप में लेबल किया जाए, साथ ही पारदर्शिता और मतदाता विश्वास बनाए रखने के लिए मूल इकाई का खुलासा भी किया जाए।असम, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल की विधानसभाओं के चल रहे चुनावों में, ऐसी सोशल मीडिया सामग्री जैसे कि पोस्ट जो आदर्श आचार संहिता (MCC) का उल्लंघन हैं, कानून और व्यवस्था को बाधित करते हैं या जिनमें बाधित करने की क्षमता है, और मतदान प्रक्रिया या मशीनरी के खिलाफ झूठी कहानियों की निगरानी की जा रही है और आईटी अधिनियम के तहत अधिसूचित संबंधित राज्य आईटी नोडल अधिकारियों द्वारा उन पर कार्रवाई की जा रही है। तदनुसार 15 मार्च 2026 को चुनावों की घोषणा के बाद से चल रहे चुनावों में सामग्री को हटाने, एफआईआर , स्पष्टीकरण और खंडन सहित 11 हजार से अधिक ऐसे सोशल मीडिया पोस्ट/यूआरएल की पहचान की गई है और उन पर कार्रवाई की गई है।आयोग ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126 के तहत प्रावधानों को भी दोहराया, जो मतदान की समाप्ति से पहले 48 घंटे की मौन अवधि के दौरान मतदान क्षेत्रों में किसी भी चुनावी मामले के प्रदर्शन को प्रतिबंधित करते हैं। टेलीविजन, रेडियो, प्रिंट और सोशल मीडिया सहित मीडिया प्लेटफॉर्मों को इन प्रावधानों का सख्ती से पालन करना आवश्यक है।इसके अतिरिक्त, नागरिक/राजनीतिक दल/उम्मीदवार ईसीआई-नेट पर 'सी-विजिल' मॉड्यूल का उपयोग करके आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की रिपोर्ट कर सकते हैं। 15 मार्च से 19 अप्रैल तक, इन चुनावों में सी-विजिल ऐप का उपयोग करके 3,23,099 शिकायतें दर्ज की गई हैं। इनमें से 3,10,393 शिकायतें यानी 96.01% शिकायतों का समाधान 100 मिनट की निर्धारित समय अवधि के भीतर किया गया।
- -महिला एवं बाल विकास विभाग की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में दिए सख्त निर्देश-आंगनबाड़ी सेवाओं की गुणवत्ता, फंड उपयोग और कुपोषण मुक्ति पर विशेष फोकसरायपुर। महिला एवं बाल विकास विभाग की संचालक डॉ. रेणुका श्रीवास्तव ने आईसीडीएस अंतर्गत “सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0” कार्यक्रमों की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक लेकर सभी जिला कार्यक्रम अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में योजनाओं के क्रियान्वयन, वित्तीय प्रगति तथा जमीनी स्तर की चुनौतियों की विस्तार से समीक्षा की गई।बैठक में सुपोषण अभियान के तहत जारी फंड एवं उससे संबंधित समस्याओं पर विशेष चर्चा करते हुए आंगनबाड़ी केंद्रों के उन्नयन तथा मानदेय भुगतान की स्थिति की जानकारी ली गई। संचालक ने निर्देश दिए कि सभी जिलों में आवंटित राशि का समयबद्ध एवं पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।संचालक डॉ श्रीवास्तव ने 100 मॉडल आंगनबाड़ी केंद्रों हेतु जारी आवंटन एवं व्यय की समीक्षा करते हुए निर्माण और संचालन कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं के स्वीकृत, भरे एवं रिक्त पदों की जानकारी लेते हुए रिक्त पदों को शीघ्र भरने के निर्देश दिए गए।बैठक में सेक्टर पर्यवेक्षकों तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं,सहायिकाओं के यात्रा भत्ता भुगतान की स्थिति पर भी चर्चा की गई। संचालक ने भुगतान में किसी प्रकार की देरी न हो, यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।कुपोषण मुक्ति कार्यक्रम के अंतर्गत आवंटित राशि के उपयोग की समीक्षा करते हुए वर्ष 2026-27 के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि कुपोषण उन्मूलन के लिए सभी जिलों को लक्ष्य आधारित कार्य करना होगा।बैठक में सुपोषण योजना के तहत पोर्टल एंट्री कार्य की समीक्षा करते हुए डेटा एंट्री को समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सैनिटरी वेंडिंग मशीन एवं इंसिनरेटर मशीन के स्थापना एवं सुधार कार्यों के लिए आवंटित राशि के उपयोग पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया।वजन मशीनों की मरम्मत एवं रखरखाव हेतु प्राप्त आवंटन एवं व्यय की स्थिति की समीक्षा करते हुए सभी जिलों को आवश्यक उपकरणों को सुचारू रूप से संचालित रखने के निर्देश दिए गए।संचालक डॉ. रेणुका श्रीवास्तव ने कहा कि योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम हितग्राही तक पहुंचे, इसके लिए नियमित मॉनिटरिंग, जवाबदेही और फील्ड स्तर पर सक्रियता बेहद आवश्यक है। उन्होंने सभी अधिकारियों को समय-सीमा में लक्ष्यों की पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।बैठक में सभी जिलों के जिला कार्यक्रम अधिकारी और संचालनालय के अधिकारी उपस्थित रहे।
- सभी विजेताओं, उपविजेताओं और प्रतिभागियों को खूब बधाई.रायपुर। प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी और महासचिव गौरव शर्मा ने प्रेस क्लब द्वारा आयोजित खेल मड़ई 2 की सफलता पर सभी का आभार जताया है, साथ ही विजेताओं को बधाई दी है। एक संदेश कहा कि दिल की गहराइयों से धन्यवाद खेल आयोजन समिति के संयोजक विजय मिश्रा जी, सहसंयोजक शंकर चंद्राकर जी और सभी आदरणीय अग्रजों का, जिन्होंने तपती गर्मी में भी पूरे धैर्य के साथ टूर्नामेंट को संपन्न कराया.सभी खिलाड़ियों को भी धन्यवाद, जिन्होंने अपना अमूल्य समय और सहयोग देकर इस कार्यक्रम को गरिमा प्रदान की.आप सभी के सहयोग, मार्गदर्शन और स्नेह से 'खेल मड़ई 2026' का आयोजन निर्बाध, निर्विवाद और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ.प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जिनका भी सहयोग इस कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में मिला, मोहन भइया और हमारी पूरी टीम की तरफ से सभी के प्रति हाथ जोड़कर आभार व्यक्त करता हूं.यह हमारा प्रयास था कि हम अपने पुरोधाओं, दिवंगत अग्रजों और वरिष्ठ पत्रकारों की स्मृतियों को चिरस्थाई बनाए रखने उनकी स्मृति में आयोजन करें.दिवंगत पत्रकारों के परिजनों ने भी आयोजन में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया. देवेंद्र भइया की माताजी ने जिस तरह हम सभी को आशीर्वाद दिया, वह भावविभोर करने वाला क्षण था. सभी परिवारों के प्रति भी आदरभाव के साथ आभार.आप सभी आदरणीय वरिष्ठजनों, अग्रजों और प्रिय साथियों का सहयोग व मार्गदर्शन आगे भी बना रहे, ऐसी कामना.
- बैडमिंटन डबल में टीकम और सत्येंद्र की जोड़ी विजेतासिंगल में रामेश्वर मिश्रा विजेतारायपुर। प्रेस क्लब द्वारा आयोजित खेल मड़ई 2 के इनडोर गेम में स्वर्गीय देवेंद्र कर स्मृति बैडमिंटन टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले सोमवार को हुए। इसमें बैडमिंटन डबल मैच में टीकम वर्मा और सत्येंद्र कर की जोड़ी विजेता रही। इसी प्रकार बैडमिंटन सिंगल मैच के फाइनल रामेश्वर मिश्रा विजेता रहे।
- रायपुर/ भगवान श्री परशुराम जन्मोत्सव के पावन अवसर पर राजधानी शहर रायपुर के गोवर्धन नगर परशुराम चौक में रायपुर नगर पालिक निगम के एमआईसी सदस्य श्री नंदकिशोर साहू, जोन 1 जोन अध्यक्ष श्री गज्जू साहू, रायपुर के पूर्व महापौर श्री प्रमोद दुबे विशेष अतिथि के रूप में भक्तजनों, विप्रजनों, महिलाओं, नवयुवकों, बच्चों की बड़ी संख्या में उपस्थिति में भजन संध्या, महाआरती, महाप्रसाद में सम्मिलित हुए. इस अवसर पर पूजा पण्डित भोला प्रसाद तिवारी ने करवाई.रायपुर नगर पालिक निगम के एमआईसी सदस्य श्री नंदकिशोर साहू, जोन 1 जोन अध्यक्ष श्री गज्जू साहू, रायपुर के पूर्व महापौर श्री प्रमोद दुबे ने समस्त भक्तजनों, विप्रजनों, महिलाओं को भगवान श्री परशुराम जन्मोत्सव के पावन अवसर पर हार्दिक शुभकामनायें दीं और सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य, शान्ति देने हेतु परमपिता परमेश्वर के दिव्य श्रीचरणों में विनम्र सामूहिक प्रार्थना की. विशेष अतिथियों ने भगवान श्री परशुराम जन्मोत्सव के आयोजन के प्रबंधन को सराहा.
- रायपुर/ आज रायपुर नगर पालिक निगम के जोन 3 में प्राप्त स्वच्छता सम्बंधित जनशिकायत को तत्काल संज्ञान में लेकर नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप द्वारा दिए गए निर्देशानुसार निर्देश रायपुर नगर पालिक निगम जोन 3 जोन कमिश्नर श्रीमती प्रीति सिंह ने कार्यपालन अभियंता श्री ईश्वर लाल टावरे, सहायक अभियंता श्री नरेश साहू, जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री पूरन कुमार ताण्डी की उपस्थिति में नगर निगम जोन 3 क्षेत्र अंतर्गत शंकर नगर में बालाजी उद्यान के समीप नाला की जेसीबी मशीन बुलवाकर अपने सामने विशेष सफाई करवाई और भारी मात्रा में गन्दगी और कचरा बाहर निकलवाते हुए नाले का निकास जनहित में जनस्वास्थ्य सुरक्षा हेतु सुगम बनाया और कचरा और गन्दगी का तत्काल परिवहन करवाते हुए स्वच्छता कायम करवाते हुए इस सम्बन्ध में प्राप्त जनशिकायत का जोन के स्तर पर त्वरित निदान किया.
- रायपुर/ रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र के विभिन्न मार्गो में ग्रीष्मकालीन ऋतु के दौरान पेयजल संकट की समस्या के त्वरित निदान के लिए व्यवहारिक रूप से आवश्यक होने पर विभिन्न मार्गो को पाईप लाईन वाले हिस्से मे खोदकर तत्काल सुधारकर उसकी प्राथमिकता से मरम्मत करवाने का कार्य नगर निगम रायपुर द्वारा किया जा रहा है ताकि नागरिको को श्रावागमन हेतु किसी प्रकार की असुविधा का सामना ना करना पड़े।आज 20 अप्रैल 2026 को दैनिक समाचार पत्र में अच्छी सडको को पाईप लाईन बिछाने खोदकर कर रहे खराब शीर्षक से प्रकाशित समाचार को तत्काल सज्ञान में लेकर नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप ने संबंधित जोन 4 जोन कमिश्नर श्रीमती दिव्या चंद्रवंशी को लाखे नगर मैदान के पास पाईप लाईन मरम्मत का आवश्यक कार्य होते ही जोन स्तर पर तत्काल प्राथमिकता से सडक सुधारने एवं सभी स्थानो पर पाईप लाईन की आवश्यक मरम्मत उपरात सडके सुधारने के निर्देश सभी जोन कमिश्नरों को दिये है।
- संभागायुक्त कार्यालय ने जारी की सूचनाबिलासपुर/ संभागायुक्त कार्यालय, बिलासपुर द्वारा सक्ति जिला के डभरा तहसील के ग्राम सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर लिमिटेड, सिंघीतराई में हुई औद्योगिक दुर्घटना के संबंध में साक्ष्य एवं दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए 29 अप्रैल 2026 को अवसर प्रदान किया गया है । इच्छुक व्यक्ति या संस्था उक्त तिथि को बिलासपुर स्थित संभागीय आयुक्त कार्यालय के सभाकक्ष में प्रातः 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक उपस्थित होकर साक्ष्य और तथ्य प्रस्तुत कर सकते हैं।कार्यालय आयुक्त, बिलासपुर संभाग द्वारा जारी सूचना के अनुसार उक्त दुर्घटना 14 अप्रैल को प्लांट की बॉयलर यूनिट-1 में स्टीम पाइप की वाटर सप्लाई लाइन के जॉइंट में तकनीकी खराबी के कारण हुई थी, जिसमें 34 श्रमिक प्रभावित हुए। घटना की गंभीरता को देखते हुए राज्य शासन द्वारा आयुक्त, बिलासपुर संभाग को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। निर्धारित तिथि को आयोजित सुनवाई के दौरान कोई भी संबंधित व्यक्ति, संस्था अथवा पक्ष यदि घटना से जुड़े तथ्य, साक्ष्य या दस्तावेज प्रस्तुत करना चाहता है, तो वह उपस्थित होकर अपना पक्ष रख सकता है। जांच अधिकारी सह संभागीय आयुक्त ने सभी संबंधितों से अपील की है कि वे जांच प्रक्रिया में सहयोग करते हुए उपलब्ध साक्ष्य प्रस्तुत करें, जिससे घटना की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जा सके।
- सारागांव हायर सेकेंडरी स्कूल के समर कैम्प की अनूठी पहलरायपुर। शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होती, बल्कि उसमें पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता का समावेश भी आवश्यक है। इसी सोच को साकार करते हुए जिला प्रशासन के मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन में सारागांव हायर सेकेंडरी स्कूल के विद्यार्थियों ने एक प्रेरणादायक पहल की है।विद्यालय में आयोजित समर कैम्प के दौरान कक्षा 12वीं की छात्राओं—छाया, साक्षी और टीना ने मिलकर पक्षियों के लिए सुरक्षित एवं आकर्षक घोंसलों का निर्माण किया। इन घोंसलों को रचनात्मक ढंग से तैयार कर विद्यालय परिसर के पेड़ों पर स्थापित किया गया, जिससे भीषण गर्मी में पक्षियों को आश्रय और सुरक्षा मिल सके।विद्यार्थियों की इस पहल ने पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ जीवों के प्रति करुणा और जिम्मेदारी का संदेश दिया है। इस गतिविधि के माध्यम से बच्चों में सामाजिक सरोकार, सहयोग और प्रकृति के प्रति जुड़ाव की भावना को भी बढ़ावा मिला है।
- महतारी वंदन योजना से मिला आर्थिक संबलबिलासपुर/ ग्राम तुर्काडीह की सृष्टि पटेल की कहानी सिर्फ एक महिला की सफलता नहीं, बल्कि संघर्ष, हिम्मत और उम्मीद की एक सशक्त मिसाल है। एक समय था जब सीमित आय और आर्थिक तंगी के कारण उनके परिवार को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। रोज़मर्रा की जरूरतों को पूरा करना भी चुनौती बन जाता था, और भविष्य को लेकर मन में अनिश्चितता बनी रहती थी। इसी बीच महतारी वंदन योजना उनके जीवन में एक नई रोशनी बनकर आई। हर माह मिलने वाली आर्थिक सहायता ने उन्हें न केवल सहारा दिया, बल्कि कुछ नया करने का आत्मविश्वास भी जगाया। अब सृष्टि आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन अपने परिवार को संबल दे रही है , उन्होंने महतारी वंदन योजना से मिलने वाली सहायता के लिए मुख्यमन्त्री श्री विष्णु देव साय का आभार जताया है।सृष्टि ने इस राशि को केवल खर्च करने के बजाय एक अवसर के रूप में देखा और सब्ज़ी की खेती शुरू करने का निर्णय लिया। शुरुआत आसान नहीं थी सीमित संसाधन, मौसम की अनिश्चितता और मेहनत की कठिन राह। लेकिन सृष्टि ने हार नहीं मानी। उन्होंने अपनी लगन और परिश्रम से धीरे-धीरे खेती को आगे बढ़ाया। आज उनकी उगाई हुई ताज़ी सब्ज़ियां न केवल उनके परिवार की जरूरतों को पूरा कर रही हैं, बल्कि बाज़ार में बेचकर वे अपनी आय भी बढ़ा रही हैं।इस बदलाव ने उनके जीवन में आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता की नई भावना पैदा की है। अब वे न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बना रही हैं, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरक बन चुकी हैयह संदेश देते हुए कि अगर सही दिशा और अवसर मिले, तो कोई भी महिला अपने पैरों पर खड़ी हो सकती है।सृष्टि पटेल ने महतारी वंदन योजना के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया है। उनका कहना है कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि महिलाओं के सपनों को साकार करने का एक मजबूत माध्यम बन रही है।
- *स्व-सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भर बनीं, आज सैकड़ों महिलाओं को दे रही हैं स्वरोजगार का मार्गदर्शन**समूह में कार्य कर सालाना लाखों की हो रही आमदनी*रायपुर/ जिले के आरंग ब्लॉक के ग्राम पंधी की रहने वाली श्रीमती उषा बाई मानिकपुरी कभी घर की चारदीवारी तक सीमित रहतीबती लेकिन अब राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन “बिहान” से जुड़कर न सिर्फ अपनी जिंदगी बदली, बल्कि सैकड़ों महिलाओं के जीवन में भी नई रोशनी लाई है।वर्ष 2014 में स्व-सहायता समूह ‘शिवम’ से जुड़ने के साथ ही उषा दीदी के सफर की शुरुआत हुई। सप्ताहिक 20 रुपये की छोटी बचत से शुरू हुआ यह सफर आज उन्हें एक सफल उद्यमी और ‘मास्टर ट्रेनर’ के रूप में स्थापित कर चुका है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उन्होंने अन्य महिलाओं को भी प्रशिक्षित करना शुरू किया और अब तक 350 से अधिक महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की राह दिखा चुकी हैं।बिहान योजना के तहत मिली 60 हजार रुपये की सहायता और बैंक ऋण से उन्होंने अगरबत्ती निर्माण का व्यवसाय शुरू किया। आज वे अगरबत्ती, धूपबत्ती, अचार और पापड़ बनाकर हर महीने 10 से 12 हजार रुपये तक की आमदनी अर्जित कर रही हैं। इसके साथ ही खेती और पशुपालन से भी उनकी सालाना आय में अच्छा इजाफा हुआ है।उषा दीदी बताती हैं कि "बिहान से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त हुई हूं। मैंने अपने कमाई से अब तक आलमारी, कूलर, टीवी सहित बच्चों के लिए सायकल तक ले चुकी हूँ। कल तक मैं सिर्फ अपने घर तक ही सीमित रहती थी लेकिन बिहान योजना में जुड़ने के बाद एक नयी पहचान और आत्मविश्वास मिला है।"उषा दीदी आज अपने परिवार की आर्थिक मजबूती के साथ-साथ अपने बच्चों के बेहतर भविष्य का सपना भी साकार कर रही हैं।
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रायपुर। ग्राम में असामाजिक तत्वों द्वारा संचालित किये जा रहे अवैध गतिविधियों से ग्राम में व्याप्त हो रहे अशांति के मद्देनजर ग्रामीणों की मांग पर ग्रामीण सभा ने असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगाने का सर्वसम्मत निर्णय लिया है । इस निर्णय के तहत इन गतिविधियों में लिप्त तत्वों पर ग्रामीण व्यवस्था अथवा प्रशासनिक कार्यवाही करने / कराने के पहले उन्हें स्वेच्छा से इन गतिविधियों को विराम देने का आग्रह किया गया है । साथ ही दूकानदारो से डिस्पोजल व पानी पाऊच भी नहीं उपलब्ध कराने व पियक्कड़ों को सार्वजनिक स्थलो में नहीं पीने - पिलाने का भी अनुरोध किया गया है । कल सोमवार से इस पर अमल करने का आग्रह करते हुये आसन्न 30 अप्रैल तक इस आग्रह का प्रभाव देखने के बाद आगामी बैठक में इसकी समीक्षा कर इस संबंध में आगामी रणनीति बनाने का निर्णय लिया गया है । इस दरम्यान पुलिस अथवा आबकारी विभाग द्वारा कार्यवाही किये जाने की स्थिति में उसकी जिम्मेदारी इन गतिविधियों में लिप्त तत्वों के ही होने की चेतावनी दी गयी है ।
ज्ञातव्य हो कि पिछले कुछ समय से ग्रामीणों की ढिलाई के चलते कतिपय असामाजिक तत्वों ने ग्राम का माहौल बिगाड़ना शुरू कर दिया है । वे शराब व गांजा ला चोरी - छिपे शराब बेचना शुरू कर दिये हैं । इनमें सर्वाधिक हिस्सेदारी अपने लिये शराब लेने भट्ठी जाने वालों का है जो दूसरों के मंगाने पर शराब लाने की बात कह शराब का जखीरा ला बेचते अथवा किसी माध्यम से बिकवाते हैं । पीने -पिलाने वाले भी खेल मैदान , मंदिरों व पानठेलों व होटलों के पीछे व तालाब पार में बैठ चोरी - छिपे शराब व गांजा पीते - पिलाते हैं । गांजा ने भी गांव का माहौल काफी हद तक खराब कर दिया है और खासकर नौनिहाल इसके चपेट में आ रहे हैं । इसी सब के चलते ग्राम का माहौल खराब हो चला था और ग्रामीणों का आक्रोश बैठक में दिखा । बैठक में सरपंच सहित पंचायत प्रतिनिधियों व जागरूक ग्रामीणों से आग्रह किया गया है कि वे अपने -अपने वार्डों में लिप्त ऐसे तत्वों को ग्रामीण सभा के निर्णय की जानकारी दे उन्हें समझाईश दें और न मानने वालों की जानकारी ग्रामीण सभा को दें ताकि उनके खिलाफ प्रभावी रणनीति बनायी जा सके । इसकी मुनादी भी ग्राम में करवाने का निर्णय लिया गया है । - - जनगणना कार्य को सुचारू रूप से संपादित करने दिए आवश्यक दिशा-निर्देशराजनांदगांव । आगामी 1 मई से प्रारंभ होने वाली जनगणना 2027 के प्रथम चरण के सफल क्रियान्वयन हेतु जिला प्रशासन राजनांदगांव द्वारा प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों का विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने आज सागरपारा राजनांदगांव क्षेत्र में फील्ड प्रशिक्षण का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं एवं प्रशिक्षण की गुणवत्ता का जायजा लिया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने प्रशिक्षण की प्रगति की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि जनगणना कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिसके लिए प्रगणकों को घर-घर जाकर सही जानकारी संकलित करने का अभ्यास कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि लोग जागरूक हैं और सहयोग कर रहे हैं, जिससे कार्य को सुचारू रूप से संपादित करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि 1 मई से मुख्य जनगणना कार्य प्रारंभ होगा, इसलिए यह आवश्यक है कि सभी प्रगणक पूर्ण दक्षता के साथ कार्य करें, ताकि किसी प्रकार की त्रुटि की संभावना न रहे।सागरपारा राजनांदगांव में आयोजित फिल्ड प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनगणना से संबंधित तकनीकी एवं व्यवहारिक पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर्स द्वारा बताया गया कि इस बार जनगणना कार्य पूर्णत: डिजिटल माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए प्रगणकों को मोबाइल ऐप के उपयोग का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में परिवार की जानकारी, आवास की स्थिति, संचार सुविधाएं तथा घर में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं जैसे शौचालय आदि से संबंधित जानकारी को ऐप में दर्ज करने की प्रक्रिया समझाई गई। साथ ही डेटा प्रविष्टि के दौरान आवश्यक सावधानियों के संबंध में जानकारी दी गई।जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि जनगणना देश के विकास की योजनाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। आगामी 15 दिनों के भीतर नागरिक स्व-गणना की प्रक्रिया का भी उपयोग कर सकते हैं तथा प्रगणकों को सही एवं पूर्ण जानकारी देकर सहयोग प्रदान करें। इस अवसर पर तहसीलदार एवं चार्ज अधिकारी श्री प्यारेलाल नाग, नायब तहसीलदार श्री राकेश नागवंशी सहित जिला प्रशासन के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
- धान, सब्जी छोड़ फूलों की खेती अपनाकर सालाना लाखों की कमाईराष्ट्रीय बागवानी मिशन से बदली सुरेश की तकदीररायपुर/ राजधानी से लगे ग्राम काठाडीह के किसान श्री सुरेश सोनकर ने परंपरागत खेती से हटकर नवाचार की मिसाल पेश की है। शासकीय योजना से मिली सहायता से धान, सब्जी की खेती छोड़ उन्होंने गेंदा की खेती अपनाई और आज सालाना करीब 2 लाख रुपये तक की आय अर्जित कर रहे हैं।करीब ढाई साल पहले तक सुरेश पारंपरिक धान और सब्जी की खेती करते थे, जहां लागत अधिक और मुनाफा सीमित था। लेकिन उन्होंने जोखिम उठाते हुए गेंदा फूल की खेती अपनाने का निर्णय लिया। इस बदलाव में राष्ट्रीय बागवानी मिशन और जिला उद्यानिकी विभाग का सहयोग उनके लिए गेम-चेंजर साबित हुआ। आर्थिक सहायता और उद्यानिकी विभाग से मिले गेंदे के छोटे पौधों ने उनकी इस नई शुरुआत को मजबूत आधार दिया।आज सुरेश करीब 3.5 एकड़ भूमि पर गेंदा उगा रहे हैं। उनकी फसल की खासियत यह है कि यह सालभर मांग में रहती है, चाहे शादी-विवाह हो या धार्मिक आयोजन। भांठागांव और डूमरतराई जैसे स्थानीय बाजारों में उनके फूल हाथों-हाथ बिक जाते हैं। फूल की लगातार मांग उन्हें सालभर स्थायी आय प्रदान कर रही है।सुरेश रोजाना लगभग 400 किलोग्राम फूलों की तुड़ाई करते हैं। इस खेती से उनकी कुल सालाना आय करीब 3.5 लाख रुपये तक पहुंच गई है, जिसमें से लगभग 2 लाख रुपये शुद्ध लाभ है।सुरेश कहते हैं, “पहले खेती में मेहनत ज्यादा और फायदा कम था। अब फूलों की खेती से न केवल अच्छी कमाई हो रही है, बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ा है। पहले सब्जी की फसल में नुकसान था लेकिन अब गेंदे की खेती से अच्छी कमाई हो रही है। अब मैं इस आय को अपने व्यवसाय को बढ़ाने और बच्चों के बेहतर भविष्य में उपयोग कर रहा हूं। सरकार की ये योजना वाकई में किसानों के लिए फायदेमंद है।"सुरेश की सफलता अब उनके गांव और आसपास के क्षेत्रों में बदलाव की लहर पैदा कर रही है। वे अन्य किसानों को भी पारंपरिक खेती से हटकर फूलों की खेती अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।जिला उद्यानिकी अधिकारी श्री कैलाश पैकरा के अनुसार, “राष्ट्रीय बागवानी मिशन किसानों के लिए बेहद लाभकारी साबित हो रहा है। इससे किसान फसल चक्रण अपनाकर कम लागत में अधिक आय अर्जित कर रहे हैं और आर्थिक रूप से सशक्त बन रहे हैं।”
- स्वरोजगार से बदली जिंदगी, परिवार को मिला सम्मानजनक जीवनरायपुर। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित दीदी ई रिक्शा सहायता योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए एक मजबूत सहारा बन रही है। इसका प्रेरक उदाहरण रायपुर के मोवा-सड़दू क्षेत्र की निवासी श्रीमती भुनेश्वरी साहू हैं, जिन्होंने इस योजना के माध्यम से स्वरोजगार की राह अपनाकर अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है।श्रीमती भुनेश्वरी साहू छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड की पंजीकृत सदस्य हैं। उन्होंने बताया कि रोजी-मजदूरी से मिलने वाली सीमित आय से परिवार का भरण-पोषण और बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाना कठिन हो रहा था। ऐसे में वे स्वरोजगार के अवसर की तलाश में थीं।श्रम विभाग से जानकारी मिलने पर उन्होंने दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन किया। योजना के अंतर्गत उन्हें 1 लाख रुपये की अनुदान राशि प्राप्त हुई, जिससे उन्होंने ई-रिक्शा क्रय किया।वर्तमान में भुनेश्वरी साहू स्वयं ई-रिक्शा चलाकर सम्मानपूर्वक अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं। उन्होंने बताया कि इस योजना ने उन्हें आत्मनिर्भर बनाया है और अब वे अपने बच्चों की शिक्षा एवं परिवार की जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा कर पा रही हैं।उन्होंने छत्तीसगढ़ शासन एवं श्रम विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी योजनाएं श्रमिक वर्ग के लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।उल्लेखनीय है कि वर्ष 2018 से संचालित इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराना, सुरक्षित परिवहन को बढ़ावा देना एवं पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित करना है। योजना के तहत पात्र महिला श्रमिकों को ई-रिक्शा क्रय हेतु अनुदान प्रदान किया जाता है।इच्छुक अभ्यर्थी योजना का लाभ लेने के लिए श्रम विभाग के पोर्टल shramevjayate.cg.gov.in या ‘श्रमेव जयते’ मोबाइल एप के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।यह पहल महिलाओं के सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
- बाल विवाह की जानकारी तुरंत देंरायपुर/अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा कि बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के उन्मूलन के लिए समाज के सभी वर्गों का सहयोग आवश्यक है । शिक्षा का प्रचार प्रसार न होने जागरूकता की कमी , पुरानी परम्पराओ को पालन करने के नाम पर होने वाले बाल विवाहों को रोकना सभी जागरूक नागरिकों का कर्तव्य है,वैसे तो बाल विवाह भी साल भर होते है पर रामनवमी से अक्षय तृतीया के बीच में अधिकाधिक संख्या में बल विवाह संपन्न होते है ,जिनमे कई बार तो वर वधु बने बच्चे अंगूठा चूसते हुए माँ की गोद में बैठे रहते है तो अनेक मामलों में दस ग्यारह वर्ष की उम्र में ही शादी कर जाती है ,इस आयु में बच्चे न तो शारीरिक तथा मानसिक रूप से विवाह जैसी गंभीर जिम्मेदारी निभाने के लायक होते है। बाल विवाह से बालिकाओ की पढाई लिखाई बंद हो जाती है बल्कि उन्हें कम उम्र से ही मातृत्व का बोझ उठाना पड़ता है जिसके लिए वे शारीरिक व मानसिक रूप से तैयार नहीं होती। बाल विवाह की प्रथा न ही धार्मिक रूप से सही है और न ही सामाजिक रूप से पुरातन भारतीय व्यवस्था में भी व्यक्ति के शिक्षा पूर्ण करने के बाद युवावस्था में ही विवाह कर गृहस्थ आश्रम में प्रवेश को उचित बताया गया है किसी भी धर्मं ने नन्हे बच्चों की शादी को उचित नहीं ठहराया है बल्कि अल्पव्यस्क बालिकाओ की मृत्यु भी प्रसूति के समय हो जाती है।डॉ. मिश्र ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अपने आसपास अगर कोई भी नाबालिग बच्चे की शादी होते देखें तो तुरंत पुलिस प्रशासन एवं समिति को सूचित करें ताकि उस पर समय रहते समझाईश एवं कार्यवाही हो सके।
















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