हर घर में जरूर रखें ORS पैकेट
ओआरएस हर घर में रखना क्यों जरूरी है इसके प्रति जागरूकता लाने के लिए 29 जुलाई को वर्ल्ड ओआरएस डे मनाया जाता है। इस खास मौके पर हम बात करेंगे ORS कोई बीमारी वाली दवा नहीं है। ये एक लाइफ-सेविंग घोल है जो हर घर के फर्स्ट-एड बॉक्स में होना ही चाहिए। WHO की रिपोर्ट 2023 के अनुसार, ORS के इस्तेमाल से दुनिया भर में 5 साल से कम उम्र के बच्चों की दस्त से होने वाली मौत 93% तक कम हो गई है।
ORS है क्या?
ORS का फुल फॉर्म है Oral Rehydration Solution यानी मौखिक पुनर्जलीकरण घोल। WHO और UNICEF ने इसे मिलकर बनाया था। किसी भी ORS के फॉर्मूले में 4 चीजों को शामिल किया जाता है- सोडियम, पोटैशियम, सिट्रेट और ग्लूकोज। एकदम सही मात्रा में। डॉ. वी.के. पॉल, नीति आयोग के सदस्य और पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट कहते हैं, ORS दुनिया का सबसे सस्ता और सबसे असरदार आविष्कार है। इसने करोड़ों बच्चों की जान बचाई है।
ORS के 5 बड़े फायदे
नई दिल्ली के मॉडल टाउन स्थित यथार्थ हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन के हेड डॉ. संजय गुप्ता कहते हैं कि ओआरएस का पैकेट हर घर में होना जरूरी है, ताकि उल्टी, दस्त जैसी बीमारी में तुरंत इसे इस्तेमाल किया जा सके। आइए आगे जानते हैं ORS के 5 बड़े फायदों के बारे में-
1. डिहाइड्रेशन का तुरंत इलाज
डॉक्टर बताते हैं कि दस्त या उल्टी होने पर शरीर से पानी के साथ-साथ नमक भी निकल जाता है। सिर्फ पानी पीने से वो नमक वापस नहीं आता है। ORS का कमाल ये है कि इसमें मौजूद ग्लूकोज और नमक एक साथ मिलकर आंतों से पानी को 3 गुना तेजी से खून में पहुंचते हैं। इससे उल्टी, दस्त के कारण होने वाले डिहाइड्रेशन से तुरंत राहत मिलती है।
2. लू और गर्मी से बचाव
पसीने से शरीर का सारा नमक निकल जाता है। इसके कारण सिरदर्द, चक्कर, कमजोरी की परेशानी होती है। ऐसे में ORS पीते ही 15 मिनट में एनर्जी वापस आ जाती है। खिलाड़ी, मजदूर, बच्चे, बुजुर्ग समेत हर उम्र के लोगों के लिए ORS पीना फायदेमंद होता है।
3. बुखार और वायरल में बॉडी को सपोर्ट
डॉक्टर कहते हैं कि 100 बुखार में शरीर 24 घंटे में 1 लीटर एक्स्ट्रा पानी मांगता है। अगर पानी नहीं मिला तो चक्कर और कमजोरी महसूस होने लगती है। ऐसे में ORS बुखार में खोए हुए फ्लूइड और इलेक्ट्रोलाइट दोनों की भरपाई कर देता है। द
4. बच्चों और बुजुर्गों के लिए रामबाण
छोटे बच्चों को दस्त लग जाए तो 2 घंटे में हालत खराब हो जाती है। ठीक इसी तरह बुजुर्गों में डिहाइड्रेशन से BP गिर जाता है। ऐसे में बच्चों और बुजुर्गों को ओआरएस देने से डिहाइड्रेशन की समस्या कम होती है।
5. फूड पॉइजनिंग और पेट खराब में फायदेमंद
मानसून के मौसम में बाहर खाना या बासी खाने के बाद अक्सर लोगों को पेट में खराबी और फूड पॉइजनिंग की समस्या होती है। ऐसे में ओआरएस पीना पेट के लिहाज से फायदेमंद होता है। ओआरएस का सोडियम और नमक शरीर को हाइड्रेट करके फूड पॉइजनिंग की समस्या से बचाता है।
ORS बनाने का सही तरीका क्या है?
-1 पैकेट ORS को 1 लीटर साफ पानी में घोलें।
-पानी में ORS को डालने के बाद चम्मच से 2 मिनट हिलाएं।
-घोल बनने के 24 घंटे के अंदर इस्तेमाल कर लें।
-अगर 24 घंटे के बाद आपके पास ORS बचा हुआ तो उसे फेंक दें।
ORS को कितनी मात्रा में पीना चाहिए?
ORS की मात्रा उम्र और जरूरत के हिसाब से तय होती है। इसमें मुख्य रूप से शामिल हैः
-बच्चे: हर दस्त के बाद आधा से 1 कप
वयस्क: हर उल्टी/दस्त के बाद 1-2 गिलास। दिन में 3-4 लीटर तक
डॉक्टर कहते हैं कि अगर 24 घंटे में ORS पीने के बाद भी उल्टी रुक नहीं रही, खून आ रहा है या बहुत कमजोरी है तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। ORS इलाज की जगह नहीं लेता, पर उसे सपोर्ट करता है।




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