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- 0- त्रिनेत्र बनेगा बिलासपुर का सुरक्षा प्रहरी0- अपराध नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और महिला सुरक्षा को मिलेगी नई मजबूती0- शहर में लगेंगे 1000 अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे0- कलेक्टर, एसएसपी और त्रिनेत्र समिति ने प्रेस वार्ता में दी जानकारीबिलासपुर. शहर की सुरक्षा व्यवस्था को तकनीकी रूप से और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से जनसहयोग आधारित महत्वाकांक्षी ‘त्रिनेत्र’ योजना बहुत जल्द शुरू होगी। इस योजना के माध्यम से बिलासपुर को अपराधमुक्त, सुरक्षित और स्मार्ट शहर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। तारबहार स्थित एकीकृत कंट्रोल एंड कमांड सेंटर (आईसीसीसी) में आयोजित प्रेस वार्ता में कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह, निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे,त्रिनेत्र सेवा समिति के अध्यक्ष श्री रामावतार अग्रवाल तथा कोषाध्यक्ष श्री प्रवीण झा ने योजना की विस्तृत जानकारी मीडिया को दी।कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने बताया कि त्रिनेत्र योजना प्रशासन, पुलिस, व्यापारिक संगठनों, सामाजिक संस्थाओं एवं आम नागरिकों की साझेदारी से संचालित एक जनहितैषी पहल है। इसका उद्देश्य शहर में अपराधों की रोकथाम, अपराधियों की शीघ्र पहचान, यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित करना तथा महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा को और मजबूत बनाना है।उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग से शहर की निगरानी व्यवस्था को नई दिशा मिलेगी। योजना के अंतर्गत लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से शहर के प्रमुख मार्गों, चौक-चौराहों, प्रवेश एवं निकास बिंदुओं तथा संवेदनशील क्षेत्रों में 1000 अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जाएंगे। इनमें एएनपीआर (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन) कैमरे, हाई-रिजोल्यूशन बुलेट कैमरे, पीटीजेड कैमरे तथा लंबी दूरी तक निगरानी करने वाले विशेष फोकस कैमरे शामिल होंगे।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह ने कहा कि यह परियोजना पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाएगी। कैमरों की सहायता से संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल नजर रखी जा सकेगी, अपराधों की जांच में तेजी आएगी तथा यातायात नियमों के उल्लंघन पर भी प्रभावी नियंत्रण संभव होगा। उन्होंने बताया कि तकनीक आधारित निगरानी से साइबर अपराध, चोरी, लूट, सड़क दुर्घटनाओं और अन्य घटनाओं की रोकथाम में भी सहायता मिलेगी।प्रेस वार्ता में बताया गया कि योजना के संचालन के लिए एक आधुनिक इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम विकसित किया जा रहा है। यहां अत्याधुनिक वीडियो वॉल डिस्प्ले और नवीन सर्वर प्रणाली स्थापित की जा रही है, जिसमें एक साथ हजारों कैमरों की निगरानी और डेटा प्रबंधन की सुविधा उपलब्ध होगी। यह कंट्रोल सेंटर शहर की सुरक्षा व्यवस्था का केंद्रीय तंत्र बनेगा।त्रिनेत्र सेवा समिति के अध्यक्ष श्री रामावतार अग्रवाल ने कहा कि यह देश की उन चुनिंदा परियोजनाओं में शामिल होगी, जो बिना किसी सरकारी बजटीय प्रावधान के पूर्णतः जनसहयोग और कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के माध्यम से साकार की जा रही हैं। उन्होंने शहर के उद्योगपतियों, व्यापारियों, संस्थाओं और नागरिकों से इस अभियान में अधिकाधिक सहभागिता का आह्वान किया। कोषाध्यक्ष श्री प्रवीण झा ने बताया कि नागरिक और संस्थाएं सीएसआर अथवा स्वैच्छिक योगदान के माध्यम से इस जनहितकारी योजना से जुड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि शहर की सुरक्षा केवल प्रशासन या पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की साझी जिम्मेदारी है।प्रेस वार्ता में वक्ताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि जनभागीदारी और आधुनिक तकनीक के समन्वय से बिलासपुर को अपराध नियंत्रण, सुरक्षित यातायात, महिला एवं बाल सुरक्षा तथा स्वच्छ एवं व्यवस्थित शहरी प्रबंधन के क्षेत्र में एक नई पहचान मिलेगी। उन्होंने नागरिकों से इस जनअभियान का हिस्सा बनकर “सुरक्षित, सजग और स्मार्ट बिलासपुर” के निर्माण में सहयोग करने की अपील की।
- बिलासपुर. भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, जिला संघ बिलासपुर द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय, चिंगराजपारा, बिलासपुर में वृक्षारोपण एवं पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना तथा अधिकाधिक वृक्षारोपण के लिए प्रेरित करना था।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री रवीश गुप्ता (राज्य मुख्यालय आयुक्त, स्काउट) रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री राजेन्द्र कुमार साहू (जिला मुख्य आयुक्त) एवं श्री विजय कुमार टांडे (जिला शिक्षा अधिकारी एवं पदेन जिला आयुक्त, स्काउट) संस्था की प्राचार्य श्रीमती अल्का चौबे उपस्थित रहे।कार्यक्रम का शुभारंभ पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ किया गया। अतिथियों द्वारा विद्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया तथा उपस्थित विद्यार्थियों, स्काउट्स, गाइड्स, रोवर्स एवं रेंजर्स को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। अपने उद्बोधन में अतिथियों ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। वृक्षारोपण, जल संरक्षण एवं स्वच्छता जैसे कार्यों के माध्यम से ही हम आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित एवं स्वस्थ पर्यावरण सुनिश्चित कर सकते हैं। सभी को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल का संकल्प लेना चाहिए।कार्यक्रम में श्रीमती बीना यादव (राज्य संयुक्त सचिव), श्री विजय कुमार यादव (सहायक राज्य आयुक्त), सुश्री लता यादव (जिला सचिव), डॉ. पूनम सिंह (जिला संगठन आयुक्त गाइड), श्रीमती माधुरी यादव (जिला प्रशिक्षण आयुक्त, गाइड), श्री संतोष कुमार त्रिपाठी (जिला प्रशिक्षण आयुक्त स्काउट), डॉ. प्रदीप कुमार निर्णेजक, श्री शत्रुघ्न सूर्यवंशी, श्रीमती पुष्पा शर्मा, श्रीमती अपर्णा सारखेल, डॉ. शीला शर्मा, श्रीमती शोभा जायसवाल, सुश्री निधि कश्यप, सुश्री निशा साहू, शशांक विश्वकर्मा (जिला मीडिया प्रभारी), चंद्रशेखर पंकज (अध्यक्ष, जिला यूथ कमेटी) सहित जिले के स्काउटर-गाइडर, रोवर-रेंजर एवं पदाधिकारीगण उपस्थितh रहे। कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण एवं अधिकाधिक वृक्षारोपण के संकल्प के साथ हुआ।
- 0- ग्राम गनियारी में स्थापित बायोगैस संयंत्र का कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ ने किया आकस्मिक निरीक्षणबिलासपुर। जिले में स्वच्छ ऊर्जा, जैविक खेती और सतत ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग्राम गनियारी स्थित बायोगैस (गोबर गैस) संयंत्र का कलेक्टर संजय अग्रवाल एवं जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल ने आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान जनपद पंचायत तखतपुर के अधिकारियों, तकनीकी अमले तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में संयंत्र की कार्यप्रणाली, संचालन व्यवस्था और उपयोगिता का अवलोकन किया गया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने गोबर की उपलब्धता, गैस उत्पादन क्षमता, तकनीकी व्यवस्थाओं तथा जैविक खाद निर्माण की प्रक्रिया की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि बायोगैस संयंत्र ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ एवं किफायती ऊर्जा उपलब्ध कराने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता संवर्धन और जैविक कृषि को बढ़ावा देने का प्रभावी माध्यम है।कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने कहा कि बायोगैस परियोजनाएं केवल ऊर्जा उत्पादन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण आजीविका सुदृढ़ीकरण का भी महत्वपूर्ण आधार हैं। उन्होंने संयंत्र के नियमित संचालन और अधिकतम उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि इसकी निरंतरता ही सफलता की वास्तविक कुंजी है।कलेक्टर ने स्थानीय गौठानों एवं पशुपालकों के माध्यम से पर्याप्त मात्रा में गोबर की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कच्चे माल की सतत उपलब्धता से ही संयंत्र अपनी पूर्ण क्षमता के साथ संचालित हो सकेगा और ग्रामीणों को इसका अधिकतम लाभ मिलेगा अधिकारियों ने ग्रामीणों को बायोगैस के उपयोग, उसके आर्थिक लाभ और पर्यावरणीय महत्व के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने अधिक से अधिक परिवारों को स्वच्छ ईंधन के रूप में बायोगैस अपनाने के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया। निरीक्षण के दौरान यह भी बताया गया कि संयंत्र से प्राप्त गैस घरेलू ईंधन की आवश्यकता को पूरा करने के साथ-साथ इससे निकलने वाली स्लरी उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद के रूप में किसानों के लिए उपयोगी है। इसके उपयोग से खेती की लागत कम होगी, रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता घटेगी तथा मिट्टी की उर्वरा शक्ति में वृद्धि होगी।अधिकारियों ने जैविक खाद के उपयोग और विपणन को बढ़ावा देने के निर्देश देते हुए कहा कि इसके लाभों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि अधिकाधिक किसान प्राकृतिक एवं जैविक खेती की ओर अग्रसर हो सकें। कलेक्टर ने संयंत्र की पाइपलाइन, वाल्व, डाइजेस्टर एवं अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं की समीक्षा कर आवश्यक सुधार कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश भी दिए।निरीक्षण के अंत में जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल ने जनपद पंचायत तखतपुर के अधिकारियों को संयंत्र की दैनिक प्रगति की निगरानी करने तथा नियमित रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की इस पर्यावरण हितैषी एवं जनकल्याणकारी योजना का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा जब संयंत्र पूर्ण क्षमता के साथ संचालित होगा और उससे प्राप्त गैस एवं जैविक खाद का अधिकतम उपयोग ग्रामीणों द्वारा किया जाएगा। ग्राम गनियारी में किया गया यह निरीक्षण जिले में स्वच्छ ऊर्जा, अपशिष्ट प्रबंधन और जैविक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में प्रशासन की गंभीर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
- बालोद. प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत आवास निर्माण कार्यों में तेजी लाने वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य के सभी जिलों को 2677.15 करोड़ रूपये की राशि जारी की गई है। यह राशि केंद्रीय और राज्यांश मद से एसएनए स्पर्श मॉड्यूल के माध्यम से आबंटित की गई है, जिससे पात्र हितग्राहियों के घर समय पर और पारदर्शी तरीके से बन सकें। इसी क्रम में बालोद जिले में पीएम आवास योजनांतर्गत कुल 3077 लाभार्थियों के किश्तों की राशि कुल 9.53 करोड़ रुपए के अंतरण हेतु एसएनए स्पर्श माड्युल पर एफटीओ साईन किया गया है। यथाशीघ्र जिले के लाभार्थियों को किश्तों की राशि उनके खातो में डीबीटी के माध्यम से अंतरित होंगे, जिससे योजनांतर्गत स्वीकृत आवासों को यथाशीघ्र पूर्ण किया जा सकेगा।जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील कुमार चंद्रवंशी ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत जिले में कुल स्वीकृत 54151 आवासों के विरूद्ध में 48275 (89.14ः) आवास पूर्णता के पश्चात् कुल 5876 आवास लंबित, निर्माणाधीन, प्रगतिरत आवासो को यथाशीघ्र शतप्रतिशत पूर्ण कराने हेतु लाभार्थियों से संपर्क कर समन्वय स्थापित करते हुए उन्हे प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके साथ ही पूर्ण आवासो के हितग्राहियों को जन-सहयोग एवं जनभागीदारी के माध्यम से सोकपीट का निर्माण पूर्ण करने के लिए प्रोत्साहित भी किया जा रहा है। सीईओ श्री चंद्रवंशी ने बताया कि वर्तमान में लाभार्थियों के किश्तो की राशि एसएनए स्पर्श माड्यूल के माध्यम से एफटीओ के तहत् प्रदान की जा रही है। जिले में कुल 3077 लाभार्थियों के किश्तों की राशि कुल 09.53 करोड़ रुपये के अंतरण हेतु एस.एन.ए. स्पर्श माड्युल पर एफ.टी.ओ. साईन करा लिया गया है तथा आवासों के भौतिक प्रगति अनुसार आगे भी सुगमता से किश्तो की राशि का अंतरण की जाएगी।
- 0- नैनो उर्वरक के इस्तेमाल से सोनसाय ने धान और चना की फसल में लिया बंपर उत्पादन0- कृषक उन्नति योजना और नैनो यूरिया-डीएपी के तालमेल से किसान सोनसाय की आर्थिक स्थिति हुई मजबूतबालोद. जिले के किसान परंपरागत खेती से आगे बढ़ते हुए अब आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर अपनी खेती को और अधिक लाभकारी बना रहे हैं। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है बालोद जिले के गुरूर विकासखण्ड के ग्राम हसदा के प्रगतिशील किसान श्री सोनसाय साहू ने। उन्होंने नैनो उर्वरक को अपनाकर न सिर्फ अपनी फसल का उत्पादन बढ़ाया है, बल्कि अपनी खेती को एक बेहद मुनाफेदार व्यवसाय में बदल दिया है। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग के अधिकारियों के कुशल मार्गदर्शन में जब उन्होंने अपने खेतों में नैनो उर्वरकों का छिड़काव किया, तो परिणाम बहुत ही बेहतर मिले। सोनसाय बताते हैं कि नैनो उर्वरकों के इस्तेमाल से धान और चना फसल की सेहत सुधरी और उत्पादन में भारी बढ़ोतरी हुई। इसका असर खेतों में साफ दिखाई देता है।उन्होनंे जिले के किसान भाइयों से अपील करते हुए कहा कि बेहतर उत्पादन के लिए नैनो यूरिया और नैनो डीएपी को जरूर अपनाएं। सोनसाय ने बताया कि शासन की किसान-हितैषी योजनाओं ने उनके जीवन को एक नई आर्थिक संबलता दी है। कृषक उन्नति योजना के तहत धान का बेहतर मूल्य मिलने से सोनसाय को जबरदस्त आर्थिक लाभ हुआ। धान बेचकर मिले इसी मुनाफे की बदौलत आज वे अपने घर के निर्माण और परिवार में विवाह जैसे बड़े सामाजिक कार्यों को बिना किसी कर्ज या परेशानी के आसानी से संपन्न करा सके हैं। अपनी इस सफलता से प्रसन्नचित किसान श्री सोनसाय साहू ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का हृदय से आभार व्यक्त किया है।
- भिलाई नगर। तालपुरी स्पोर्ट्स क्लब द्वारा आयोजित तीन सेटों के रोमांचक वॉलीबॉल मैच में पर्पल जर्सी में उतरी रॉयल बंगाल टाइगर्स टीम (आरबीटी) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पीली जर्सी में दमखम दिखाने वाली वाइल्ड वाटर बफैलो टीम (डब्ल्यूडब्ल्यूबी) को पराजित कर जीत अपने नाम की। यह मैच छत्तीसगढ़ को नक्सलमुक्त कराने में अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देने एवं बच्चों में खेल भावना और राष्ट्रप्रेम की भावना को प्रोत्साहित करने के लिए आयोजित किया गया था। ऑर्किट ग्राउंड में खेला गया यह मैच खिलाड़ियों के उत्साह, खेल भावना और दर्शकों के जोश के बीच संपन्न हुआ।मैच के पहले सेट में आरबीटी ने 25 अंकों के साथ बढ़त बनाई, जबकि डबल्यूडबल्यूबी ने 22 अंक अर्जित किए।दूसरे सेट में भी आरबीटी ने 25 अंक बनाकर अपनी श्रेष्ठता कायम रखी, जबकि डबल्यूडबल्यूबी जोरदार टक्कर देते हुए 24 अंकों तक ही पहुंच सकी। लगातार दो सेट जीतकर आरबीटी ने मुकाबला अपने नाम कर लिया। विजेता टीम आरबीटी के खिलाड़ी सूर्य, विनय (कप्तान), सूरज, मनीष, यश तथा महेश रहे। वहीं डबल्यूडबल्यूबी टीम में आर्य (कप्तान), जीत, रितेश, तनीष, अरमान और सुनील ने अपनी टीम का प्रतिनिधित्व किया। मैच के दौरान खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट खेल कौशल का प्रदर्शन किया और उनके उत्साहवर्धन के लिए संयोजक ओपी मिश्रा, रिसाली मंडल की मंत्री राजेश्वरी पशीने, एसोसिएशन के महासचिव आरके दत्ता, उपाध्यक्ष जीतेंद्र सिंह, उप महासचिव एसएल साहू, पूर्व उपाध्यक्ष असीम सिंह सहित कॉलोनी के कई खेल प्रेमी मौजूद रहे।
- 0- राजस्व प्रकरणों के निराकरण में गति लाने के दिए निर्देश0- संवेदनशीलतापूर्वक करें राजस्व प्रकरणों का समाधानराजनांदगांव। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में राजस्व प्रकरणों के निराकरण के मद्देनजर राजस्व विभाग के अधिकारियों की बैठक ली। कलेक्टर ने नक्शा, नामांकन, सीमांकन, विवादित नामांतरण, अविवादित नामांतरण, बटवारा सहित अन्य राजस्व प्रकरणों में प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम जनता को राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए परेशानी नहीं होना चाहिए। इसके लिए अधिकारियों को संवेदनशीलतापूर्वक राजस्व प्रकरणों के निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने सभी एसडीएम से अनुविभागवार राजस्व प्रकरणों के निराकरण की गहन समीक्षा की।कलेक्टर ने कहा कि जिले में गिरदावरी का कार्य प्राथमिकता देते हुए करें। कृषि भूमि पर ली गई फसल खेती के रकबे एवं भूमि स्वामी का विवरण दर्ज करने के कार्य में गति लाएं। गिरदावरी का कार्य गुणवत्तापूर्वक होना चाहिए। उन्होंने राजस्व शिविर लगाकर राजस्व प्रकरणों का निराकरण करने कहा। उन्होंने सभी राजस्व अधिकारियों को प्रतिबद्धतापूर्वक कार्य करने कहा। इसके लिए उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में राजस्व शिविर लगाकर नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र, खाता विभाजन के प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व प्रकरणों का निराकरण परिणाममूलक होना चाहिए और आम जनता को इससे लाभ मिलना चाहिए। बैठक में डिप्टी कलेक्टर श्री विश्वास कुमार, तहसीलदार सहित अन्य राजस्व अधिकारी उपस्थित रहे।
- 0- अनियमितता पाए जाने पर कृषि केंद्र का विक्रय परिसर सीलराजनांदगांव। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार जिले में किसानों को सहकारी एवं निजी क्षेत्रों के माध्यम से आवश्यक मात्रा में उर्वरकों का सुगम, पारदर्शी एवं निर्धारित दर पर वितरण सुनिश्चित करने तथा उर्वरकों की अवैध जमाखोरी एवं कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए कृषि विभाग द्वारा लगातार निरीक्षण एवं कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में कृषि विभाग की टीम द्वारा राजनांदगांव विकासखंड अंतर्गत घुमका स्थित देवांगन कृषि केंद्र का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान विक्रेता के पास बिना अभिलेख एवं वैध दस्तावेजों के 39 बैग डीएपी, 24 बैग 20 : 20 : 0 :13 तथा 8 बैग 28 : 28 : 0 उर्वरक का भंडारण पाया गया, जो प्रथम दृष्टया अवैध प्रतीत हुआ।कृषि विभाग की टीम द्वारा जांच में पाया गया कि डीएपी उर्वरक निर्धारित भंडारण स्थल के बजाय अन्य स्थान पर रखा गया था, जो उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के प्रावधानों का उल्लंघन है। इसके अलावा उपस्थित किसानों के बयान दर्ज किए गए, जिनमें डीएपी उर्वरक 2400 रूपए प्रति बैग तथा यूरिया 700 रूपए प्रति बैग की दर से विक्रय किए जाने की जानकारी प्राप्त हुई। निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरक विक्रय किए जाने संबंधी शिकायतों को भी गंभीरता से लिया गया। उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के विभिन्न प्रावधानों के उल्लंघन पाए जाने पर कृषि विभाग द्वारा संबंधित विक्रेता के विक्रय परिसर को सील करने की कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई में उर्वरक निरीक्षक श्री अविनाश दुबे एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री मिथलेश साहू शामिल रहे।इसी तरह कृषि विभाग की टीम द्वारा शिकायत मिलने पर श्री राम कृषि केंद्र अर्जुनी का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान विक्रेता द्वारा बिल न देना, पंजी का संधारण सही तरीके से ना होना, बिना पर्चा देखे खाद का विक्रय करना सहित अन्य अनियमित पाई गई। जिसके कारण 7 दिवसों के लिए जप्ती सुपुर्दगी की कार्रवाई करते हुए विक्रय प्रतिबंध लगाया गया एवं नोटिस दिया गया। कृषि विभाग द्वारा किसानों के हितों के संरक्षण तथा उर्वरकों की कालाबाजारी एवं जमाखोरी पर अंकुश लगाने के लिए इस प्रकार की कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।
- 0- जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीणों को हर घर नल से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने हेतु किए जा रहे कार्यों की दी गई जानकारी0- ग्रामीणों से जल स्रोतों के संरक्षण एवं जल संरचनाओं के समुचित रखरखाव में सहयोग करने की अपील गईराजनांदगांव। सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम पंचायत टेड़ेसरा में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई तथा ग्रामीणों से प्राप्त समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदनों के त्वरित निराकरण हेतु आवश्यक कार्यवाही की गई। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा संचालित जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीणों को हर घर नल से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने हेतु किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी गई। साथ ही पेयजल आपूर्ति, जल गुणवत्ता एवं जल संरक्षण के संबंध में ग्रामीणों को जागरूक किया गया।कार्यक्रम के दौरान जल जीवन मिशन अंतर्गत संचालित योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई तथा ग्रामीणों से जल स्रोतों के संरक्षण एवं जल संरचनाओं के समुचित रखरखाव में सहयोग करने की अपील की गई। शिविर में बताया गया कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में सतत एवं सुरक्षित पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित कराने का कार्य किया जा रहा है। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर ग्रामीणों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के संबंध में जानकारी दी गई तथा पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया। शिविर में श्री संतोष अग्रवाल, डॉ. खिलेश्वर साहू सहित विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंच, जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
- 0-कवर्धा के पांच खिलाडि़यों ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता में जीते 3 स्वर्ण और 2 रजत पदकरायपुर। ओडिशा के भुवनेश्वर में आयोजित 31वीं राष्ट्रीय सब जूनियर बेसबॉल बालक एवं बालिका प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाले कवर्धा के खिलाडि़यों से उप मुख्यमंत्री एवं विधायक कवर्धा श्री विजय शर्मा ने अपने कवर्धा स्थित निवास कार्यालय में मुलाकात कर उन्हें शुभकामनाएं दीं तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।एमेच्योर बेसबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में 24 से 29 मई तक आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रयास स्पोर्ट्स अकादमी कवर्धा के पांच खिलाडि़यों का छत्तीसगढ़ टीम में चयन हुआ था। इनमें बालक वर्ग से चंद्रेश कोर्राम, पंकज मेरावी और शुभम सेन तथा बालिका वर्ग से चांदनी साहू और जयश्री घृतलहरे शामिल थीं। प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की बालक टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया, जबकि बालिका टीम ने रजत पदक जीतकर प्रदेश का नाम रोशन किया।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने खिलाडि़यों को बधाई देते हुए कहा कि ग्रामीण अंचलों से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करना पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। खिलाडि़यों की यह सफलता आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनेगी।अकादमी के प्रशिक्षक राजा जोशी ने बताया कि खिलाडि़यों का चयन राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर हुआ था। राष्ट्रीय प्रतियोगिता के दौरान छत्तीसगढ़ की बालक टीम ने मध्यप्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, राजस्थान और दिल्ली जैसी मजबूत टीमों को हराकर फाइनल में महाराष्ट्र को 6-2 से पराजित कर राष्ट्रीय खिताब अपने नाम किया। फाइनल मुकाबले में चंद्रेश कोर्राम ने शानदार होमरन लगाकर टीम की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में तीन होमरन लगाए।वहीं बालिका वर्ग में छत्तीसगढ़ टीम ने दिल्ली, तेलंगाना और मेजबान ओडिशा को हराकर फाइनल में प्रवेश किया। हालांकि फाइनल मुकाबले में महाराष्ट्र के खिलाफ टीम को हार का सामना करना पड़ा, लेकिन रजत पदक जीतकर खिलाडि़यों ने शानदार प्रदर्शन किया। चांदनी साहू और जयश्री घृतलहरे ने टीम की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया। खिलाडि़यों की इस राष्ट्रीय उपलब्धि पर खेल प्रेमियों, अभिभावकों और जिलेवासियों में उत्साह का माहौल है। सभी ने खिलाडि़यों एवं उनके प्रशिक्षकों को बधाई देते हुए भविष्य में और बड़ी सफलताओं की शुभकामनाएं दी हैं।
- 0- कवर्धा में परिवहन व्यवस्था को मिली नई गति, हाईटेक बस स्टैंड से बस का संचालन शुरूरायपुर। कवर्धा नगर वासियों को लंबे अर्से बाद मिली हाईटेक बस स्टैण्ड की सौगात। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने विधिवत पूजा-अर्चना कर बस संचालन कार्य का शुभारंभ किया। हाईटेक बस स्टैण्ड प्रारंभ होने से 8 वर्षों का इंतजार खत्म हुआ और विकाद का नया अध्याय प्रारम्भ हो गया है। कवर्धा वासियों के साथ-साथ बस ऑपरेटरों ने बस संचालन का शुभारंभ होने से खुशी जताई। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कवर्धा वासियों के साथ-साथ उपस्थित बस ऑपरेटरों, संचालकों, टैक्सी, ऑटो चालकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी तथा आज के दिन को कवर्धा के लिए स्वर्णिम दिन बताया।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि कवर्धा शहर के विस्तार का आज नया अध्याय प्रारंभ हुआ है। उन्होंने कहा कि हमने बनाया है हम ही संवारेंगे का कथन आज चरितार्थ हो रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह की सोच कर निर्णय से इसको बनाने का निर्णय लिया और तैयार किया गया और आज से इसका संचालन प्रारंभ हो रहा है।उन्होंने कहा कि बस स्टैंड में सुगम आने जाने के लिए घोटिया रोड का निर्माण किया गया है। कवर्धा शहर के विस्तार के लिए यहां की जनता ने सहयोग किया और सड़क तैयार किया गया। आज उसी का परिणाम है कि नया बस स्टैंड प्रारंभ हुआ है। उन्होंने कहा कि पुराने बस स्टैंड के खाली होने के बाद उस स्थान का भी बेहतर उपयोग किया जाएगा। महिलाओं की सुविधाओं अथवा अन्य जनोपयोगी कार्यों के लिए उसका उपयोग करने की दिशा में आगे योजना बनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए नए बस स्टैंड परिसर में पुलिस सहायता केंद्र स्थापित किया गया है, जहां 24 घंटे पुलिस जवान तैनात रहेंगे ताकि यात्रियों को सुरक्षित और बेहतर वातावरण मिल सके।नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश ने बताया कि 10 करोड़ से अधिक की लागत से निर्मित आधुनिक एवं सर्वसुविधायुक्त हाईटेक बस स्टैंड से प्रतिदिन बस का संचालन होने से कबीरधाम जिले के लोगों का लंबे समय से चला आ रहा इंतजार समाप्त हो गया। बस स्टैंड तक पहुंचने वाले घोठिया-जुनवानी मार्ग के सकरे होने के कारण इसका संचालन शुरू नहीं हो पा रहा था। उप मुख्यमंत्री के सहयोग से मार्ग का चौड़ीकरण एवं निर्माण के लिए राशि स्वीकृत हुई। अवैध कब्जों को हटाकर चमचमाती सड़क निर्मित होने से कवर्धावासियों को हाईटेक बस स्टैण्ड की सौगात मिल पाई है।कवर्धा शहर के पुराने बस स्टैण्ड से संचालन होने वाली बसें अब हाईटेक बस स्टैण्ड से होगा। जिसके लिए यातायात विभाग, परिवहन विभाग व नगर पालिका परिषद कवर्धा सहित बस संचालक, ऑपरेटर, ऑटो संचालक के साथ समन्वय बनाकर रूट तय किया गया है। हाईटेक बस स्टैंड स्थानांतरण को लेकर बस संचालकों, ऑटो संचालकों तथा पुलिस विभाग के साथ समन्वय कर सभी आवश्यक बिंदुओं पर सहमति बनाई गई है। विशेष रूप से विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ऑटो संचालकों ने पहचान पत्र दिखाने वाले छात्र-छात्राओं को प्राथमिकता देने तथा न्यूनतम किराये पर सेवा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। साथ ही स्कूल कॉलेज आने वाले छात्र-छात्राओं को सुबह 9 बजे पुराने बस स्टैण्ड तक छोड़ा जायेगा। इसी तरह रायपुर, बिलासपुर, राजनांदगांव से रात्रि 8 बजे के बाद आने वाले यात्रियों को पुराने बस स्टैण्ड में उतारा जायेगा।बस स्टैंड परिसर के चारों ओर सीसीटीवी कैमरे एवं बस स्टैण्ड परिसर में ही पुलिस सहायता के लिए चौकी की भी स्थापना की गई है। परिसर में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है ऑटो स्टैंड एवं पार्किंग स्थल चिन्हांकित किया गया है। इस अवसर पर पूर्व विधायक श्री सियाराम साहू एवं श्री मोतीराम चंद्रवंशी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण सदस्य श्री भगत पटेल, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चन्द्र प्रकाश चंद्रवंशी, श्री नितेश अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, नागरिक, बस एवं ऑटो रिक्शा संघ के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।--
- 0- सायकिलिंग हमें फिट और ऊर्जावान बनाए रखता है - श्री अरुण साव0- 'सन्डे ऑन सायकल' कार्यक्रम में शामिल हुए उप मुख्यमंत्रीबिलासपुर. उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव विश्व सायकल दिवस पर आज जगदलपुर में आयोजित 'सन्डे ऑन सायकल' (Sunday on Cycle) कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने इस दौरान युवाओं के साथ सायकिलिंग और जुम्बा का आनंद लिया। उन्होंने कार्यक्रम में लोगों को स्वस्थ जीवन शैली अपनाने, फिट रहने व पर्यावरण को बचाने सायकल चलाने के लिए प्रेरित किया। सांसद श्री महेश कश्यप, महापौर श्री संजय पाण्डेय और कलेक्टर श्री आकाश छिकारा भी कार्यक्रम में शामिल हुए।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कार्यक्रम में खुद सायकल चलाकर पर्यावरण संरक्षण और फिट रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सायकल हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। नियमित सायकल चलाने से शरीर स्वस्थ रहता है। दैनिक जीवन में सायकल का उपयोग हमें फिट और ऊर्जावान बनाए रखने में मदद करता है।श्री साव ने कहा कि सायकल पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक बचत का भी एक सरल माध्यम है। अधिक से अधिक सायकल का उपयोग कर हम स्वच्छ वातावरण बनाने में योगदान दे सकते हैं। सायकल हमारे लिए हर दृष्टि से उपयोगी है। हमें जितना संभव हो सके, सायकल का उपयोग करना चाहिए।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ के होनहार छात्र अभिषेक खरे की उपलब्धि पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए अपने कवर्धा निवास कार्यालय में उनसे मुलाकात की और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय महाराजपुर के कक्षा 10वीं के छात्र अभिषेक का चयन इंडियन स्पेस रिसर्च आर्गेनाईजेशन के प्रतिष्ठित युवा वैज्ञानिक कार्यक्रम (युविका) के लिए हुआ है।इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि अभिषेक की सफलता केवल उनके परिवार या विद्यालय की ही नहीं, बल्कि पूरे कबीरधाम जिले और छत्तीसगढ़ प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़कर देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है। अभिषेक जैसे प्रतिभाशाली छात्र अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा हैं। श्री शर्मा ने अभिषेक को सम्मानित करते हुए कहा कि सीमित संसाधनों
- रायपुर. रायपुर नगर पालिक निगम जोन 6 स्वास्थ्य विभाग और नगर निवेश विभाग की टीम द्वारा स्वच्छता और सी एंड डी वेस्ट से सम्बंधित प्राप्त जनशिकायतों को तत्काल संज्ञान में लेकर नगर निगम रायपुर के आयुक्त श्री संबित मिश्रा द्वारा दिए गए निर्देश पर जोन 6 जोन कमिश्नर श्री हितेन्द्र यादव के मार्गनिर्देशन और जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री आदिव्य हाजरी, स्वच्छता निरीक्षक सर्वश्री महेंन्द्र कलिहारी, अजय शर्मा, अभिषेक जायसवाल, नगर निवेश विभाग एवं अन्य सम्बंधित कर्मचारियों की उपस्थिति में नगर निगम जोन 6 क्षेत्र अंतर्गत मठपुरैना में बेकरी में स्वच्छता का औचक निरीक्षण किये जाने पर गन्दगी मिलने और जनशिकायत सही मिलने पर सम्बंधित बेकरी संचालक को भविष्य के लिए कड़ी चेतावनी देते हुए जुर्माना किया गया.वहीं जोन 6 क्षेत्र अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर सीएंड डी वेस्ट मिलने पर सम्बंधित भवन स्वामियों को भविष्य के लिए कड़ी चेतावनी देते हुए जुर्माना किया गया. विभिन्न स्थानों पर दुकानों में डस्टबिन नहीं मिलने और कचरा फैलाने पर सम्बंधित दुकानदारों को तत्काल डस्टबिन रखने, स्वच्छता बनाये रखने के कड़े निर्देश नगर निगम जोन 6 द्वारा दिए गए और सम्बंधित दुकानदारों पर भविष्य के लिए कड़ी चेतावनी देते हुए जुर्माना किया गया. अभियान के अंतर्गत नगर निगम जोन 6 स्वास्थ्य विभाग और नगर निवेश विभाग द्वारा बेकरी में गन्दगी मिलने, विभिन्न स्थानों सी एंड डी वेस्ट मिलने और और विभिन्न दुकानों में डस्टबिन नहीं मिलने, कचरा फैलाये जाने पर सम्बंधितों को कड़ी चेतावनी देते हुए जोन 6 जोन कमिश्नर के निर्देश पर कुल 44200 रूपये जुर्माना वसूला गया.
- 0- राजस्व वसूली निर्धारित लक्ष्य अनुसार सुनिश्चित करने के जिले के नगरीय निकायों को दिए निर्देश0- सीएम हेल्पलाइन की प्रारम्भिक तैयारियों सहित शासकीय योजनाओं की जानकारी लेकर दिए निर्देशरायपुर. छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास छत्तीसगढ़ के अपर संचालक एवं रायपुर जिला नगरीय निकाय प्रभारी श्री पुलक भट्टाचार्य ने रायपुर जिला अंतर्गत रायपुर नगर निगम, बिरगांव नगर निगम सहित जिले के अन्य नगरीय निकायों के अधिकारियों की बैठक लेकर नगरीय निकायों के कार्यों की विस्तृत जानकारी लेकर गहन समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए.अपर संचालक ने केन्द्र प्रवर्तित, राज्य प्रवर्तित योजनाओं, अधोसंरचना मद, 15वां वित्त आयोग मद, पी एम स्वनिधि, अमृत मिशन 0.2, प्रधानमंत्री आवास योजना, विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी ली, रायपुर जिले के सभी नगरीय निकायों के अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य अनुसार राजस्व वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश समीक्षा बैठक में दिए गए और विकास कार्यों की धीमी गति पर गहन नाराजगी व्यक्त करते हुए विकास कार्यों को सभी नगरीय निकायों में तत्काल गतिमान करते हुए सतत मॉनिटरिंग करते हुए तय समयसीमा के भीतर पूर्ण करवाने निर्देशित किया.अपर संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास छत्तीसगढ़ एवं रायपुर जिला नगरीय निकाय प्रभारी श्री पुलक भट्टाचार्य ने सीएम हेल्पलाइन की प्रारम्भिक प्रशासनिक तैयारियों की प्रगति की जानकारी अधिकारियों से ली और आवश्यक निर्देश दिए.अपर संचालक श्री पुलक भट्टाचार्य द्वारा की गयी समीक्षा बैठक के दौरान प्रमुख रूप से बिरगांव नगर निगम आयुक्त, नगर निगम अपर आयुक्त श्री लोकेश्वर साहू, श्री विनोद पाण्डेय, श्रीमती कृष्णा खटीक, मुख्य अभियंता श्री संजय बागड़े, उपायुक्त डॉ अंजलि शर्मा,स्वास्थ्य अधिकारी डॉ तृप्ति पाणीग्रही, कार्यपालन अभियंताओं, रायपुर जिले के नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों की उपस्थिति रही.2025-26,,राजस्व वसूली अभियान, विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी ली और विकास कार्यों की धीमी गति पर गहन नाराजगी व्यक्त करते हुए विकास कार्यों को सभी नगरीय निकायों में तत्काल गतिमान करते हुए सतत मॉनिटरिंग करते हुए तय समयसीमा के भीतर पूर्ण करवाने निर्देशित किया.अपर संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास छत्तीसगढ़ एवं रायपुर जिला नगरीय निकाय प्रभारी श्री पुलक भट्टाचार्य ने लोकहितकारी सीएम हेल्पलाइन के सम्बन्ध में प्रारम्भिक प्रशासनिक तैयारियों की प्रगति की जानकारी अधिकारियों से ली और आवश्यक निर्देश दिए.अपर संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास छत्तीसगढ़ श्री पुलक भट्टाचार्य द्वारा की गयी विस्तृत समीक्षा बैठक के दौरान प्रमुख रूप से बिरगांव नगर निगम आयुक्त, नगर निगम अपर आयुक्त श्री लोकेश्वर साहू, श्री विनोद पाण्डेय, श्रीमती कृष्णा खटीक, मुख्य अभियंता श्री संजय बागड़े, उपायुक्त डॉ अंजलि शर्मा,स्वास्थ्य अधिकारी डॉ तृप्ति पाणीग्रही, कार्यपालन अभियंताओं, जिले के नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों एवं उपअभियंताओं की उपस्थिति रही.
- -दोनों पालियों में 93% से अधिक उपस्थिति, अभ्यर्थियों के लिए की गई थी विशेष व्यवस्थाएंरायपुर । छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 2025 आज राजधानी रायपुर के तीन परीक्षा केंद्रों में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। परीक्षा कड़ी सुरक्षा और निगरानी में शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित की गई। परीक्षा के सुचारू संचालन हेतु छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग सदस्य डॉ. प्रवीण वर्मा एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने परीक्षा के दौरान विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया।परीक्षा के लिए रायपुर में जे.आर. दानी शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला, कालीबाड़ी चौक, शहीद संजय यादव शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, संजय नगर एवं स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय, लालपुर को परीक्षा केंद्र बनाया गया था।प्रथम पाली प्रातः 9:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक आयोजित हुई, जिसमें पंजीकृत 1099 अभ्यर्थियों में से 1026 अभ्यर्थी उपस्थित हुए। द्वितीय पाली दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक चली, जिसमें 1099 में से 1021 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी।भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए सभी परीक्षा केंद्रों में कूलर, ठंडे पेयजल, ओआरएस पैकेट, आवश्यक दवाइयां एवं चिकित्सा दल की व्यवस्था की गई थी। अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए पर्याप्त पेयजल और प्राथमिक उपचार की सुविधा केंद्रों पर उपलब्ध कराई गई।
- - स्वास्थ्य विभाग की जांच में सामने आए अलग-अलग कारण-संयुक्त दल ने किया प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण, किसी भी गांव में सामूहिक संक्रमण के प्रमाण नहीं मिलेरायपुर / विकासखंड मैनपाट में पीलिया से पांच लोगों की मृत्यु होने संबंधी जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की संयुक्त टीम द्वारा प्रभावित क्षेत्रों का विस्तृत निरीक्षण एवं जांच की गई। जांच में यह तथ्य सामने आया कि सभी मृतकों की मृत्यु के कारण अलग-अलग थे तथा इन्हें सामूहिक रूप से पीलिया या जलजनित संक्रमण से जोड़ना तथ्यात्मक रूप से उचित नहीं है।संयुक्त दल द्वारा मृतकों के परिजनों से चर्चा, वर्बल ऑटोप्सी, संभावित मरीजों की स्वास्थ्य जांच तथा पेयजल स्रोतों का परीक्षण किया गया। जांच में पाया गया कि ग्राम कुनिया निवासी जितेन्द्र यादव की मृत्यु अस्पताल की रिपोर्ट एवं वर्बल ऑटोप्सी के अनुसार सेप्टिक शॉक (एमओडीएस) के कारण हुई थी। वहीं ग्राम बरिमा निवासी श्रीमती भगवती यादव में हेपेटाइटिस-ए की पुष्टि हुई थी, जबकि रायपुर स्थित चिकित्सकीय संस्थानों की रिपोर्ट में उनकी मृत्यु का कारण यकृत संबंधी जटिलताएं एवं कार्डियो-रेस्पिरेटरी अरेस्ट बताया गया है।इसी प्रकार ग्राम बरिमा के विकास यादव की मृत्यु के संबंध में प्राप्त चिकित्सकीय रिपोर्टों में अलग-अलग चिकित्सकीय कारणों का उल्लेख है। वहीं ग्राम नर्मदापुर निवासी विकास यादव को हेपेटाइटिस नहीं था तथा वे बचपन से सिकल सेल रोग से पीड़ित थे। रायपुर में उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हुई। ग्राम केसरा निवासी आकांक्षा यादव भी हेपेटाइटिस से प्रभावित नहीं थीं। वे लंबे समय से टीबी एवं श्वसन संबंधी बीमारी से पीड़ित थीं तथा उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हुई।जांच दल ने बताया कि सभी मृतक अलग-अलग गांवों एवं पारों के निवासी थे, जिनके बीच लगभग 15 से 20 किलोमीटर की दूरी है। स्वास्थ्य अमले द्वारा मृतकों के परिवारों एवं आसपास के क्षेत्रों का सर्वेक्षण करने पर किसी अन्य सदस्य में पीलिया अथवा हेपेटाइटिस के लक्षण नहीं पाए गए। इससे जल स्रोतों के माध्यम से किसी सामूहिक संक्रमण की पुष्टि नहीं होती है।एहतियात के तौर पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में डोर-टू-डोर स्वास्थ्य सर्वेक्षण किया जा रहा है। साथ ही आवश्यक दवाइयों का वितरण एवं पेयजल स्रोतों के क्लोरीनेशन का कार्य भी निरंतर किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार के स्वास्थ्य संबंधी लक्षण दिखाई देने पर तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें तथा अफवाहों पर ध्यान न दें।
- -अब सहकारी समिति से मिलेगा ऋण, खाद और बीज की सुविधा, खेती होगी अधिक लाभकारीरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आयोजित सुशासन तिहार किसानों के लिए राहत और सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बन रहा है। शासन की इस पहल के तहत गांव-गांव आयोजित समाधान शिविरों में किसानों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है और उन्हें विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ सीधे उपलब्ध कराया जा रहा है।सरगुजा जिले के ग्राम लटोरी निवासी किसान श्री निर्मल राम को सुशासन तिहार के दौरान किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) का लाभ मिला है। केसीसी बनने से अब उन्हें खेती-किसानी के लिए आवश्यक आर्थिक सहायता, खाद और बीज की उपलब्धता पहले की अपेक्षा अधिक सहज हो गई है।निर्मल राम ने बताया कि किसान क्रेडिट कार्ड नहीं होने के कारण उन्हें खेती के दौरान आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। पूंजी की कमी के चलते खाद और बीज निजी दुकानों से अधिक कीमत पर खरीदने पड़ते थे, जिससे खेती की लागत बढ़ जाती थी।सुशासन तिहार के तहत आयोजित शिविर में आवेदन देने के बाद उनका किसान क्रेडिट कार्ड तत्काल बनाकर प्रदान किया गया। अब वे सहकारी समिति के माध्यम से कृषि ऋण प्राप्त कर सकेंगे तथा उचित मूल्य पर खाद और बीज भी आसानी से उपलब्ध होंगे। इससे खेती की लागत कम होगी और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी।किसान निर्मल राम ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से किसानों की समस्याओं का समाधान गांव में ही हो रहा है। किसान क्रेडिट कार्ड मिलने से उन्हें खेती के लिए आवश्यक संसाधन जुटाने में बड़ी सुविधा होगी और आर्थिक चिंता भी कम होगी।उल्लेखनीय है कि सुशासन तिहार के तहत प्रदेशभर में आयोजित समाधान शिविरों में किसान क्रेडिट कार्ड, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, पेंशन एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े मामलों का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। इससे किसानों और ग्रामीणों को शासन की योजनाओं का लाभ समय पर मिल रहा है तथा वे आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो रहे हैं।
- -इंटेक-वेल, फिल्टर प्लांट, डब्ल्यूटीपी, नालंदा परिसर और तालाब सौंदर्यीकरण कार्यों का लिया जायजा-शहरवासियों की सुविधाएं बढ़ाने निर्माणाधीन कार्यों को जल्द पूरा करने के दिए निर्देशरायपुर. ।उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने जगदलपुर में नगर निगम द्वारा कराए जा रहे किए विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों का बारीकी से अवलोकन कर कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को सभी कार्यों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने जगदलपुर के पावर हाउस चौक स्थित इंटेक-वेल व फिल्टर प्लांट तथा महारानी वार्ड में लगभग 101 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित नयामुंडा फिल्टर प्लांट का निरीक्षण किया। उन्होंने पेयजल आपूर्ति व्यवस्था की जानकारी लेते हुए नागरिकों को बेहतर एवं निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।श्री साव ने पीजी कॉलेज धरमपुरा में लगभग 11 करोड़ 18 लाख रुपये की लागत से निर्माणाधीन 500 सीटर नालंदा परिसर के कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने निर्माण कार्य में तेजी लाते हुए इसका काम शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि विद्यार्थियों को जल्द से जल्द आधुनिक अध्ययन सुविधाओं का लाभ मिल सके।उप मुख्यमंत्री ने छत्रपति शिवाजी वार्ड में लगभग 79 लाख रुपये की लागत से किए जा रहे पण्डरीतरई तालाब सौंदर्यीकरण कार्य तथा करीब 3 करोड़ 71 लाख रुपये की लागत से के गंगामुड़ा तालाब सौंदर्यीकरण कार्य का भी निरीक्षण किया। उन्होंने तालाबों के सौंदर्यीकरण एवं संरक्षण कार्यों की सराहना करते हुए गुणवत्ता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों तालाबों के गहरीकरण से शहर के जलस्तर में भी सुधार होगा। श्री साव के निरीक्षण के दौरान सांसद श्री महेश कश्यप, महापौर श्री संजय पाण्डेय, पार्षदगण, कलेक्टर श्री आकाश छिकारा और पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा सहित जिला प्रशासन एवं नगरीय प्रशासन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
- -जिन हाथों में कभी हथियार थे, अब वे बनाएंगे गरीबों के आशियाने-सोड़ी हूंगी और पदम रैनू जैसे युवाओं के जीवन में लौटी उम्मीद, हुनर ने दिया सम्मान से जीने का नया आधार-सुकमा में पुनर्वास की अनूठी पहल बनी राष्ट्रीय मिसाल, 280 से अधिक आत्मसमर्पित युवाओं को मिला रोजगार का रास्तारायपुर /बस्तर की पहचान लंबे समय तक संघर्ष, भय और नक्सल हिंसा के साये से जुड़ी रही है। सुकमा जैसे जिले के घने जंगलों में ऐसी कई पीढ़ियां बड़ी हुईं, जिन्होंने विकास से ज्यादा बंदूक की आवाज सुनी, स्कूल से ज्यादा भय देखा और सपनों से ज्यादा संघर्षों का सामना किया। लेकिन आज उसी सुकमा से एक ऐसी कहानी निकलकर सामने आ रही है, जो केवल बदलाव की नहीं, बल्कि उम्मीद और विश्वास की कहानी है।यह कहानी उन युवाओं की है, जिन्होंने कभी हिंसा का रास्ता चुना था, लेकिन आज वे अपने हाथों में निर्माण के औजार लेकर समाज के विकास में भागीदार बनने की तैयारी कर रहे हैं। यह कहानी उन बेटियों की है, जिन्होंने जंगलों की अनिश्चित जिंदगी छोड़कर आत्मनिर्भरता का रास्ता चुना है। यह कहानी उस प्रशासनिक संवेदनशीलता की है, जिसने आत्मसमर्पण करने वाले युवाओं को केवल मुख्यधारा में लौटने का अवसर नहीं दिया, बल्कि उन्हें सम्मान के साथ जीने का नया आधार भी दिया।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा संचालित पुनर्वास और कौशल विकास कार्यक्रम के तहत जिला प्रशासन सुकमा और एसबीआई आरसेटी के संयुक्त प्रयासों से 25 आत्मसमर्पित युवाओं को राजमिस्त्री का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इनमें 13 महिलाएं और 12 पुरुष शामिल हैं। यह प्रशिक्षण केवल रोजगार देने का माध्यम नहीं, बल्कि जिंदगी को नए सिरे से गढ़ने का अवसर बन गया है।इन युवाओं का अतीत संघर्षों से भरा रहा है। जंगलों में बिताए वर्षों ने उन्हें कठिन परिस्थितियों में जीना सिखाया, लेकिन भविष्य के सपने देखने का अवसर नहीं दिया। आज जब वे प्रशिक्षण केंद्र में ईंट जोड़ना, दीवार खड़ी करना और मकान बनाना सीख रहे हैं, तब वे केवल भवन निर्माण नहीं सीख रहे, बल्कि अपनी टूटी हुई उम्मीदों को भी फिर से जोड़ रहे हैं।प्रशिक्षण के दौरान उन्हें आधुनिक निर्माण तकनीक, माप-जोख, चिनाई, प्लास्टर और भवन निर्माण के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी जा रही है। आने वाले समय में यही युवा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) सहित विभिन्न निर्माण कार्यों में अपनी भूमिका निभाएंगे। जिन हाथों में कभी हथियार थे, वही हाथ अब किसी गरीब परिवार के सपनों का घर खड़ा करेंगे।कोंटा क्षेत्र के अरलमपल्ली गांव की रहने वाली सोड़ी हूंगी उन महिलाओं में शामिल हैं, जिनके जीवन ने यह साबित किया है कि अवसर मिले तो परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन हों, बदलाव संभव है।हूंगी बताती हैं कि एक समय ऐसा था जब जीवन में हर दिन अनिश्चितता थी। लेकिन आत्मसमर्पण के बाद प्रशासन ने उन्हें सुरक्षा, सम्मान और सीखने का अवसर दिया। आज वे राजमिस्त्री का प्रशिक्षण ले रही हैं और अपने भविष्य को लेकर उत्साहित हैं।उनकी आंखों में आत्मविश्वास झलकता है जब वे कहती हैं, अब हम किसी पर बोझ नहीं रहेंगे। अपने हाथों की मेहनत से कमाएंगे और परिवार का सहारा बनेंगे। हूंगी जैसी कई महिलाओं के लिए यह प्रशिक्षण केवल रोजगार नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और स्वतंत्र पहचान का माध्यम बन गया है।जगरगुंडा के मंडीमरका गांव के निवासी ’पदम रैनू’ की कहानी भी उतनी ही भावुक और प्रेरणादायक है। जंगलों में बीते वर्षों को याद करते हुए वे कहते हैं कि वहां जीवन केवल संघर्ष और अनिश्चितता का पर्याय था। न रहने का ठिकाना, न भविष्य की कोई गारंटी। हर दिन नई चिंता होती थी। लेकिन आज हमें रहने की सुविधा मिली है, सीखने का अवसर मिला है और सबसे बड़ी बात यह कि सम्मान मिला है। सरकार ने हमें भटकने से बचाया और जीने का नया रास्ता दिखाया। पदम की यह बात केवल उनकी व्यक्तिगत भावना नहीं, बल्कि उन सैकड़ों युवाओं की आवाज है, जिनके जीवन में पुनर्वास योजनाओं ने नया विश्वास पैदा किया है।जिला प्रशासन की यह पहल केवल आत्मसमर्पित युवाओं के पुनर्वास तक सीमित नहीं है। इसका सकारात्मक प्रभाव जिले के विकास पर भी दिखाई दे रहा है। सुकमा के अनेक दूरस्थ क्षेत्रों में लंबे समय से कुशल राजमिस्त्रियों की कमी महसूस की जाती रही है। इससे प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य निर्माण कार्यों की गति प्रभावित होती थी। अब प्रशिक्षित युवा न केवल अपने लिए रोजगार का रास्ता बना रहे हैं, बल्कि जिले के विकास कार्यों को भी नई गति देने वाले हैं। इस प्रकार एक ही पहल ने दो बड़े लक्ष्य साध लिए हैं, एक ओर युवाओं को सम्मानजनक जीवन का अवसर मिला, दूसरी ओर विकास कार्यों को स्थानीय स्तर पर कुशल मानव संसाधन प्राप्त हुआ।कलेक्टर श्री अमित कुमार बताते हैं कि आत्मसमर्पण केवल हथियार छोड़ने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि व्यक्ति को समाज का जिम्मेदार और आत्मनिर्भर नागरिक बनाने की यात्रा है। इसी सोच के साथ अब तक लगभग 280 आत्मसमर्पित युवाओं को राजमिस्त्री का प्रशिक्षण दिया जा चुका है।प्रशासन का लक्ष्य है कि पुनर्वासित युवाओं को ऐसा कौशल मिले, जिससे वे स्थायी रोजगार प्राप्त कर सकें और समाज में सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें। यही कारण है कि प्रशिक्षण के साथ-साथ उनके सामाजिक और आर्थिक पुनर्स्थापन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।आज सुकमा की यह कहानी केवल सरकारी योजना की सफलता नहीं है। यह उस विश्वास की जीत है, जो कहता है कि हर व्यक्ति को दूसरा अवसर मिलना चाहिए। यह उस संवेदनशील शासन व्यवस्था की कहानी है, जिसने भटके हुए युवाओं में भी संभावनाएं देखीं। यह उस बदलते बस्तर की कहानी है, जहां अब विकास की चर्चा होती है, रोजगार की बात होती है और सपनों को सच करने की कोशिश होती है। कभी जिन पगडंडियों पर भय चलता था, आज वहां उम्मीद चल रही है। कभी जिन हाथों में बंदूकें थीं, आज उन्हीं हाथों में ईंट, गारा और भविष्य के सपने हैं। और यही तस्वीर बताती है कि सुकमा में केवल लोगों का पुनर्वास नहीं हो रहा, बल्कि एक नए बस्तर का निर्माण हो रहा हैकृजहां विकास, विश्वास और आत्मनिर्भरता स्थायी शांति की मजबूत नींव बन रहे हैं।
- -श्री साव ने दिए निर्देश : निर्माणाधीन सड़कों और पुलों की वजह से बरसात में लोगों को आवाजाही में न हो परेशानीरायपुर। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने अपने चार दिवसीय बस्तर प्रवास के दूसरे दिन आज कोण्डागांव में विभिन्न विकास एवं अधोसंरचना निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर उनकी प्रगति की जानकारी की। उन्होंने विभागीय अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसियों को गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखते हुए सभी कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कोंडागांव नगर पालिका में मिशन अमृत 2.0 के अंतर्गत निर्माणाधीन जल प्रदाय योजना के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रगतिरत वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के कार्यों का जायजा लेकर परियोजना के तकनीकी पहलुओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को ठेकेदार के साथ बेहतर समन्वय बनाकर निर्माण कार्य की बाधाओं को दूर कर कार्य में तेजी लाने को कहा। उन्होंने गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने को कहा।केंद्र सरकार की मिशन अमृत 2.0 योजना के तहत कोण्डागांव में पेयजल आपूर्ति के लिए 9 एमएलडी क्षमता का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया जा रहा है। इस परियोजना के अंतर्गत कोण्डागांव से 25 किलोमीटर दूर कोसारटेडा बांध से पानी लाकर उसका शोधन कर नल कनेक्शनों के माध्यम से घर-घर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। लगभग 104 करोड़ रुपये की लागत वाली इस योजना का 85 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। योजना के तहत दो ओवरहेड टैंकों का भी निर्माण किया जा रहा है।उप मुख्यमंत्री ने कोपाबेड़ा में 3 करोड़ 61 लाख रुपये की लागत से किए जा रहे तालाब सौंदर्यीकरण एवं अन्य विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने कोपाबेड़ा से शिव मंदिर तक निर्माणाधीन सड़क चौड़ीकरण कार्य का भी जायजा लिया। लगभग 2.9 किलोमीटर लंबी यह सड़क 4 करोड़ 61 लाख रुपये की लागत से निर्मित की जा रही है।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने निर्माणाधीन कोण्डागांव-नारायणपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-130डी के कार्यों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसी से सड़क के साथ ही इस मार्ग में बनने वाले पुल-पुलियों के निर्माण की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने इस प्रगतिरत सड़क के कारण बरसात में लोगों को आवाजाही में कोई समस्या न हो, इसका खास ध्यान रखने को कहा।श्री साव ने कोंडागांव के चिखलपुट्टी में नवनिर्मित बस स्टैंड का भी अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को यहां यात्री सुविधाओं के विस्तार तथा बस स्टैंड के समुचित संचालन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर श्रीमती नुपूर राशि पन्ना, नगर पालिका के अध्यक्ष श्री नरपति पटेल और उपाध्यक्ष श्री जसकेतू उसेंडी सहित लोक निर्माण, नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी इस दौरान मौजूद थे।
- -अब नहीं भटकेगा किसान, ब्रॉडगेज रेल और आधुनिक गोदामों से बदलेगी धमतरी की तकदीर-धान का कटोरा अब बनेगा 'वेयरहाउसिंग हब': धमतरी की नई आर्थिक उड़ानरायपुर ।छत्तीसगढ़ का कृषि प्रधान जिला धमतरी आज विकास और आत्मनिर्भरता के एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है। कभी रबी फसलों के रिकॉर्ड उपार्जन के बाद भंडारण की कमी से जूझने वाला यह जिला, आज अपनी मजबूत इच्छाशक्ति और प्रशासनिक दूरदर्शिता के कारण प्रदेश के एक प्रमुख 'वेयरहाउसिंग एवं कृषि लॉजिस्टिक्स हब' के रूप में उभर रहा है।राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (NCCF) और छत्तीसगढ़ राज्य भंडारण गृह निगम (SWC) के संयुक्त प्रयासों से जिले में 30 हजार मीट्रिक टन की अतिरिक्त वैज्ञानिक भंडारण क्षमता विकसित की जा रही है, जो धमतरी की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि परिदृश्य को पूरी तरह बदलने के लिए तैयार है। विगत वर्षों में धमतरी ने रबी फसलों, विशेषकर चने के रिकॉर्ड उत्पादन और उपार्जन का गवाह बना। लेकिन इस खुशी के साथ एक बड़ी चुनौती भी सामने आई।जिले में पर्याप्त भंडारण क्षमता का न होना। मजबूरी में उपज को दूसरे जिलों के गोदामों में भेजना पड़ा, जिससे न केवल परिवहन का खर्च बढ़ा, बल्कि प्रशासनिक और सहकारी संस्थाओं पर भी भारी दबाव पड़ा।इसी चुनौती को अवसर में बदलते हुए धमतरी प्रशासन ने जिले में ही स्थायी और आधुनिक भंडारण अधोसंरचना विकसित करने की एक व्यापक कार्ययोजना पर काम शुरू किया।केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी “विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना” धमतरी के लिए वरदान साबित हो रही है। इसके तहत जिले की चार प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) का चयन किया गया है। जिसमे अंवरी,कोसमर्रा,पोटियाडीह-आमदी और कोलियारी शामिल है। इन चारों समितियों में 2,500-2,500 मीट्रिक टन क्षमता के आधुनिक गोदामों का निर्माण युद्ध स्तर पर जारी है। इनके पूरा होते ही ग्रामीण स्तर पर ही 10 हजार मीट्रिक टन की अतिरिक्त भंडारण सुविधा उपलब्ध हो जाएगी, जिससे स्थानीय किसानों को अपनी उपज सुरक्षित रखने के लिए दूर नहीं भटकना पड़ेगा।इसके साथ ही, राज्य भंडारण गृह निगम (SWC) द्वारा धमतरी और कुरूद में 10-10 हजार मीट्रिक टन क्षमता के दो बड़े गोदाम विकसित किए जा रहे हैं। केंद्रीय भंडारण निगम (CWC) के पास पहले से उपलब्ध 1 लाख मीट्रिक टन से अधिक की क्षमता के साथ अब धमतरी का नेटवर्क बेहद मजबूत होने जा रहा है।भंडारण क्षमता में यह विस्तार हवा में नहीं, बल्कि जमीन पर बढ़ती कृषि समृद्धि को देखकर किया जा रहा है। रबी विपणन वर्ष 2026 में जिले के 9,103 किसानों से 1 लाख 16 हजार 162 क्विंटल चने की रिकॉर्ड खरीदी की गई है, जिसके एवज में 60.54 करोड़ रुपये सीधे किसानों के खातों में भुगतान करने की प्रक्रिया जारी है। चने के साथ-साथ सरसों और मसूर का भी सफल उपार्जन किया गया है।धान मिलिंग के क्षेत्र में धमतरी हमेशा से अग्रणी रहा है, लेकिन अक्सर तैयार चावल और धान के सुरक्षित रख-रखाव की समस्या आती थी। इस नई क्षमता विस्तार से मिलिंग गतिविधियों में तेजी आएगी,भंडारण का दबाव कम होगा और परिवहन और लॉजिस्टिक्स की लागत में भारी कमी आएगी। इसके साथ ही, धमतरी में ब्रॉडगेज रेल लाइन पर जल्द शुरू होने वाला रैक संचालन जिले के विकास में चार चांद लगाने वाला है। रेल मार्ग जुड़ने से यहां का चावल और कृषि उत्पाद देश के बड़े बाजारों तक बेहद कम लागत में पहुंच सकेंगे। धमतरी में विकसित हो रही वेयरहाउसिंग अधोसंरचना और जल्द प्रारंभ होने वाली ब्रॉडगेज रेल सेवाएं जिले को प्रदेश के प्रमुख लॉजिस्टिक्स एवं व्यापारिक केंद्र के रूप में स्थापित करेंगी। यह पहल रोजगार सृजन, व्यापार विस्तार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने में मील का पत्थर सिद्ध होगी। भंडारण क्षमता बढ़ने से कृषि उपज का बेहतर प्रबंधन, परिवहन लागत में कमी और विपणन व्यवस्था में सुधार होगा। यह नई अधोसंरचना किसानों, सहकारी संस्थाओं, व्यापारियों और उद्योगों के लिए दीर्घकालिक लाभ सुनिश्चित कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देगी। धमतरी की यह सफलता की कहानी इस बात का जीवंत उदाहरण है कि कैसे सही समय पर सही बुनियादी ढांचे (Infrastructure) का निर्माण करके एक पूरे क्षेत्र की तकदीर बदली जा सकती है। आने वाले वर्षों में, भंडारण की यह सुदृढ़ व्यवस्था और रेल कनेक्टिविटी न केवल किसानों की आय में वृद्धि करेगी, बल्कि धमतरी को छत्तीसगढ़ के नक्शे पर एक बड़े 'कृषि-व्यापार और लॉजिस्टिक्स हब' के रूप में नई पहचान दिलाएगी।
- -महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की मिसाल, सालाना 2.50 लाख रुपये तक की कर रही हैं आय अर्जितरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए संचालित योजनाएं जमीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। इन योजनाओं का लाभ लेकर जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड के ग्राम बुढाडांड की प्रीति गुप्ता आज सफल उद्यमी के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं। अपने परिश्रम, लगन और शासन की सहायता से उन्होंने ‘लखपति दीदी’ बनने का सपना साकार किया है।लक्ष्मी स्व-सहायता समूह से जुड़ी प्रीति गुप्ता को प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत एक लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। इस आर्थिक सहयोग का उपयोग उन्होंने अपने व्यवसाय की शुरुआत करने में किया। उन्होंने गांव में ‘दुर्गा श्रृंगार एवं किराना दुकान’ की स्थापना की, जहां सौंदर्य प्रसाधनों से लेकर दैनिक उपयोग की विभिन्न वस्तुएं उपलब्ध कराई जाती हैं।प्रारंभ में छोटे स्तर पर शुरू किए गए इस व्यवसाय को प्रीति ने ग्राहकों की आवश्यकताओं को समझते हुए लगातार विस्तार दिया। आज उनकी दुकान गांव की प्रमुख दुकानों में शामिल है और आसपास के ग्रामीणों के लिए आवश्यक वस्तुओं का प्रमुख केंद्र बन चुकी है।मुद्रा लोन से मिली आर्थिक सहायता और उनके निरंतर प्रयासों का परिणाम है कि आज वे अपने व्यवसाय से प्रतिवर्ष लगभग 2.50 लाख रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित कर रही हैं। इस आय से न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि वे आत्मनिर्भरता और महिला उद्यमिता की प्रेरक मिसाल भी बन गई हैं।प्रीति गुप्ता मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं शासन की योजनाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि बिहान और मुद्रा योजना के सहयोग से उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने का आत्मविश्वास मिला और आज वे सम्मानजनक आय अर्जित कर अपने परिवार की आर्थिक मजबूती में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। प्रीति की कहानी इस बात का प्रमाण है कि शासन की योजनाओं का लाभ लेकर ग्रामीण महिलाएं भी स्वरोजगार के माध्यम से आर्थिक स्वतंत्रता हासिल कर सकती हैं और समाज में परिवर्तन की वाहक बन सकती हैं।
- -989 पूर्ण परियोजनाओं में सोसायटी गठन और कॉमन एरिया हस्तांतरण नहीं होने पर कार्रवाईरायपुर /छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण ने रेरा अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन और आवंटितियों के हितों की सुरक्षा के लिए बड़ी कार्रवाई करते हुए 595 प्रमोटर्स के 989 पूर्ण हो चुके प्रोजेक्ट्स को नोटिस जारी किए हैं। इन परियोजनाओं को पूर्णता प्रमाण पत्र प्राप्त हो चुका है, लेकिन अब तक कॉमन एरिया, सुविधाओं और संबंधित दस्तावेजों का हस्तांतरण आवंटितियों की सोसायटी या एसोसिएशन को नहीं किया गया है।प्राधिकरण की समीक्षा में पाया गया कि अनेक परियोजनाओं में प्रोजेक्ट पूर्णता अथवा अधिभोग के बाद भी प्रमोटर्स ने आवंटितियों की सोसायटी या एसोसिएशन का गठन सुनिश्चित नहीं किया तथा कॉमन एरिया और परियोजना प्रबंधन का विधिवत हस्तांतरण भी नहीं किया गया। इसके मद्देनजर रेरा अधिनियम, 2016 की धारा 11(4)(e) एवं धारा 17 के तहत संबंधित प्रमोटर्स को नोटिस जारी किए गए हैं।सीजीरेरा ने स्पष्ट किया है कि अधिनियम के अनुसार प्रमोटर का दायित्व है कि वह आवंटितियों की सोसायटी अथवा एसोसिएशन का गठन सुनिश्चित करे और परियोजना के सामान्य क्षेत्रों, सुविधाओं तथा अभिलेखों का समयबद्ध हस्तांतरण संबंधित संस्था को करे।प्राधिकरण ने यह भी बताया कि रेरा अधिनियम केवल प्रमोटर्स पर ही नहीं, बल्कि आवंटितियों पर भी कुछ वैधानिक दायित्व निर्धारित करता है। अधिनियम की धारा 19(9) के अनुसार प्रत्येक आवंटी का कर्तव्य है कि वह सोसायटी, एसोसिएशन या सहकारी समिति के गठन की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाए।सीजीरेरा ने सभी आवंटितियों से अपील की है कि वे अपने अधिकारों के साथ-साथ कानूनी दायित्वों के प्रति भी जागरूक रहें और सोसायटी गठन एवं परियोजना प्रबंधन हस्तांतरण की प्रक्रिया में सहयोग करें।प्राधिकरण द्वारा जारी नोटिस में संबंधित प्रमोटर्स को 15 दिनों के भीतर यह स्पष्ट करने के निर्देश दिए गए हैं कि अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई अब तक क्यों नहीं की गई। निर्धारित समयावधि में जवाब प्रस्तुत नहीं करने अथवा संतोषजनक उत्तर नहीं मिलने की स्थिति में संबंधित प्रमोटर्स के विरुद्ध रेरा अधिनियम, 2016 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।सीजीरेरा ने कहा है कि रेरा का उद्देश्य केवल परियोजनाओं का पंजीयन करना नहीं, बल्कि परियोजना पूर्ण होने के बाद आवंटितियों के अधिकारों की रक्षा, पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासित रियल एस्टेट व्यवस्था सुनिश्चित करना भी है। कॉमन एरिया और परियोजना प्रबंधन का समयबद्ध हस्तांतरण उपभोक्ता हितों के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
- रायपुर / विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा आयोजित “प्रकृति से प्रेरित होकर जलवायु और भविष्य का संरक्षण करें” विषयक चित्रकला प्रतियोगिता के विजेताओं को वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने सम्मानित किया। प्रतियोगिता में विभिन्न आयु वर्गों के विद्यार्थियों एवं दिव्यांग प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी रचनात्मक सोच को चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया।प्रथम आयु वर्ग (12 वर्ष तक) में कृष्णा पब्लिक स्कूल, सरोना की छात्रा कु. सिद्धी वर्मा ने प्रथम, होली क्रॉस गर्ल्स स्कूल रायपुर की कु. काव्या विश्वकर्मा ने द्वितीय तथा कृष्णा पब्लिक स्कूल, डुण्डा की कु. के. तेजस्विनी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। सांत्वना पुरस्कार कु. प्रत्युषा शुक्ला, कु. अर्पिता लहर एवं कु. दितिप्रिया चौधरी को प्रदान किया गया।द्वितीय आयु वर्ग (13 से 17 वर्ष) में सेजेस स्कूल, अभनपुर के छात्र हितेश यादव प्रथम, शिवोम विद्यापीठ रायपुर की कु. हेमा साहू द्वितीय तथा द एशियन एकेडमी के छात्र प्रियांशु साहू तृतीय स्थान पर रहे। सांत्वना पुरस्कार भावेश प्रजापति, मौसमी साहू एवं छवि साहू को प्रदान किया गया।तृतीय आयु वर्ग (18 से 21 वर्ष) में साइंस कॉलेज रायपुर की छात्रा कु. तन्नू जंघेल ने प्रथम, स्वामी आत्मानंद बी.डी. स्कूल खरोरा के छात्र चिराग पसारी ने द्वितीय तथा कलिंगा विश्वविद्यालय रायपुर के छात्र सचिन जंघेल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। सांत्वना पुरस्कार मौसमी दिवान एवं प्रिन्स विश्वकर्मा को दिया गया।दिव्यांग श्रेणी में शासकीय दिव्यांग महाविद्यालय, माना कैंप की छात्रा कु. लवली खुटियारे प्रथम, छात्र अनमोल पटेल द्वितीय तथा छात्रा कु. डॉली शिवारे तृतीय स्थान पर रहीं। सांत्वना पुरस्कार पुनाराम निषाद, कु. पूजा एवं कु. आयशा खान को प्रदान किया गया।इस अवसर पर मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में बच्चों और युवाओं की रचनात्मक भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना ही भविष्य की पीढ़ियों के लिए सुरक्षित एवं स्वच्छ पर्यावरण सुनिश्चित कर सकती है। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के अधिकारी एवं कर्मचारी सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी, शिक्षक एवं अभिभावक उपस्थित रहे।






















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