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- महासमुंद / सुशासन तिहार के दौरान आमजन की समस्याओं एवं मांगों के त्वरित निराकरण की दिशा में जिला प्रशासन महासमुंद लगातार संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ कार्य कर रहा है। इसी क्रम में जनपद पंचायत बागबाहरा अंतर्गत ग्राम पंचायत कमरौद में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा की गई घोषणा को मात्र 10 दिवस के भीतर पूरा कर प्रशासन ने सुशासन और त्वरित कार्रवाई का उदाहरण प्रस्तुत किया है।विगत 22 मई 2026 को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सुशासन तिहार के अंतर्गत ग्राम पंचायत कमरौद पहुंचे थे, जहां उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर क्षेत्र की जमीनी हकीकत जानी। इस दौरान ग्रामीणों ने गांव में मुक्तिधाम निर्माण की मांग रखी, जिस पर मुख्यमंत्री श्री साय ने तत्काल मुक्तिधाम निर्माण कार्य की घोषणा की थी।मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने घोषणा को गंभीरता से लेते हुए तत्काल मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। निर्देशों के अनुरूप मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री हेमंत नंदनवार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत मुक्तिधाम निर्माण कार्य की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी गई।मुख्यमंत्री की घोषणा के मात्र 10 दिवस के भीतर स्वीकृति जारी होने से ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन की त्वरित कार्रवाई की सराहना कर रहे हैं। जिला प्रशासन द्वारा सुशासन तिहार के माध्यम से प्राप्त जनसमस्याओं एवं मांगों के निराकरण हेतु लगातार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है, जिससे शासन की योजनाओं और घोषणाओं का लाभ सीधे आमजन तक समय पर पहुंच सके।
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- 18 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों से प्राप्त हुए 1170 आवेदन, मौके पर कई प्रकरणों का किया गया निराकरण
- हितग्राहियों को विभिन्न शासकीय योजनाओं से लाभान्वित करते हुए किया गया सामग्री वितरण
- ग्राम पंचायत गर्रापार के किसानों को फसल चक्र परिवर्तन तथा जल संरक्षण की दिशा में विशेष प्रयास करने के लिए किया गया सम्मानित
राजनांदगांव । सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत मंगलवार को ग्राम पंचायत कुहीकला में छठवें जनसमस्या समाधान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में कुहीकला क्लस्टर की 18 ग्राम पंचायत आलीवारा, भकुर्रा, पठानढोडग़ी, दैहान, दामाबंजारी, फाफामार, गैंदाटोला, गर्रापार, गेरूघाट, घोटिया, जयसिंगटोला, जोशीलमती, कल्लूबंजारी, केशाल, टिपानगढ़, कोलिहालमती, कुहीकला एवं मेटेपार के ग्रामीणों की बड़ी संख्या में सहभागिता रही। शिविर में पंचायत, राजस्व, कृषि, स्वास्थ्य, विद्युत, जल संसाधन, महिला एवं बाल विकास सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनी। शिविर के दौरान कुल 1170 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 1163 मांग संबंधी तथा 7 शिकायत संबंधी आवेदन शामिल है। प्राप्त आवेदनों में से मौके पर निराकरण योग्य प्रकरणों का तत्काल समाधान कर हितग्राहियों को राहत प्रदान की गई तथा शेष आवेदनों के समयबद्ध निराकरण के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया।
जनसमस्या निवारण शिविर में शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हितग्राहियों को अभिनंदन पत्र प्रदान किए गए। इसके साथ ही पात्र परिवारों को नवीन राशन कार्ड वितरित किए गए तथा स्व-सहायता समूहों को आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए ऋण स्वीकृति चेक प्रदान किए गए। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र, स्वच्छता सामग्री किट तथा मेधावी विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित गोद भराई कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं को पोषण किट वितरित की गई तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी गई। वही कृषि एवं जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले ग्राम पंचायत गर्रापार के किसानों को फसल चक्र परिवर्तन अपनाने तथा जल संरक्षण एवं जल संवर्धन की दिशा में विशेष प्रयास करने के लिए सम्मानित किया गया। शिविर में जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री संजय सिन्हा, जनपद पंचायत सदस्य श्री बालमुकुन्द कुंजाम, श्री उभेराम मण्डावी, श्रीमती रेखा गंधर्व, श्रीमती राधिका चंद्रवंशी, श्रीमती हेमिन साहू, एसडीएम श्री श्रीकांत कोराम, सीईओ जनपद पंचायत श्री होरीलाल साहू सहित विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। - -सुशासन तिहार-2026 की ऐतिहासिक सौगात, विद्युत नेटवर्क का होगा बड़ा विस्तार-घने जंगलों और लालटेन युग के अंधेरे से मुक्त होंगे ग्रामीण- 48 किमी नई लाइन और 11 ट्रांसफार्मर से बदलेगी इलाके की तस्वीरखैरागढ़। प्रदेशव्यापी “सुशासन तिहार-2026“ के अवसर पर खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (KCG) जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र के निवासियों के लिए एक ऐतिहासिक सौगात मिली है। ”मुख्यमंत्री मजराटोला विद्युतीकरण योजना” के तहत जिले के बिजली विहीन 10 मजरा-टोलों में रोशनी पहुंचाने के लिए 3 करोड़ 83 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। जिला प्रशासन और विद्युत विभाग के समन्वित प्रयासों से जल्द ही निविदा (टेंडर) प्रक्रिया पूरी कर जमीनी स्तर पर तेजी से काम शुरू कर दिया जाएगा।विद्युत नेटवर्क का होगा बड़ा विस्तारवनांचल क्षेत्रों के विकास को गति देने के लिए इस योजना के तहत भारी-भरकम बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जाएगा। इस राशि से प्रभावित इलाकों में 48 किलोमीटर लंबी 11 के.वी. (KV) लाइन, 13 किलोमीटर एल.टी. (LT) केबल, 63 केवीए (KVA) के 2 नग और 25 केवीए के 9 नग वितरण ट्रांसफार्मर स्थापित किए जाएंगे। सुशासन तिहार के दौरान मिली यह सौगात जिले के इन दूरस्थ ग्रामीण अंचलों के विकास में मील का पत्थर साबित होगी।लालटेन युग का होगा अंत, फैलेगी विकास की नई किरणआजादी के 78 वर्षों के बाद भी दूसरे राज्यों की सीमाओं से सटे इन दुर्गम और घने जंगलों वाले इलाकों में लोग पाषाण युग के अंधेरे और लालटेन के भरोसे जीने को मजबूर थे। बिजली पहुंचने की इस खबर से ही स्थानीय ग्रामीणों में भारी हर्षोल्लास का माहौल है। इस योजना के तहत निजामडीह, तुम्हादाह, बलरामपुर, कोहकझोरी, संजारी-टाटीघाट, झिलमिली, गाताभर्री, घाघरा, लमरा, रिहाडबरा और टिंगीपुर जैसे वनांचल ग्रामों के मजरा-टोलों में बिजली नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा। आने वाले समय में इन मजराटोलों में जगमगाती रोशनी के साथ विकास की नई किरण पहुंचेगी, जिससे ग्रामीणों के जीवन में व्यापक और सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका को मिलेगी नई रफ्तारइस ऐतिहासिक कदम से न केवल ग्रामीणों के घरों में उजाला होगा, बल्कि बच्चों की पढ़ाई आसान होगी, स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार होगा, शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुचारू होगी और कृषि व छोटे व्यवसायों को बढ़ावा मिलेगा। इससे ग्रामीणों की आजीविका और शासकीय सेवाओं की पहुंच में एक क्रांतिकारी सुधार आएगा।अधिकारियों के साझा प्रयासों से सपना हुआ साकारवर्षों से लंबित इस महत्वपूर्ण परियोजना को धरातल पर लाने में जिले के कलेक्टर श्री इंद्रजीत चन्द्रवाल तथा विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री भीमसिंह कंवर का विशेष मार्गदर्शन और सतत प्रयास रहा है। साथ ही, राजनांदगांव क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक श्री शिरीष सेलट एवं विभागीय अधिकारियों के साझा नेतृत्व की बदौलत इस बजट को मंजूरी दिलाने में बड़ी सफलता हासिल हुई है।
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- 6712 परीक्षार्थी होंगे शामिल, सुबह 9.30 बजे बंद हो जाएंगे परीक्षा केंद्रों के मुख्य द्वार
- परीक्षा का आयोजन सुबह 10 बजे से दोपहर 12.15 बजे तक
- निष्पक्ष एवं सुचारू परीक्षा संचालन के लिए व्यापक व्यवस्थाएं
राजनांदगांव । छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) द्वारा 4 जून 2026 को डी.एड. प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। जिले में परीक्षा के लिए कुल 22 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 6712 परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा का आयोजन सुबह 10 बजे से दोपहर 12.15 बजे तक किया जाएगा। जिला प्रशासन एवं परीक्षा संचालन समिति द्वारा परीक्षा के शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं सुव्यवस्थित संचालन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। व्यापम के निर्देशानुसार परीक्षा केंद्रों के मुख्य द्वार सुबह 9.30 बजे बंद कर दिए जाएंगे। इसके पश्चात किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश के लिए प्रवेश पत्र एवं फोटोयुक्त वैध पहचान पत्र अनिवार्य रूप से साथ लाना होगा। परीक्षा केंद्रों में मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बैग, कैलकुलेटर, इयरफोन, धात्विक वस्तुएं तथा किसी भी प्रकार की नकल सामग्री लाना पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा। परीक्षार्थियों को केवल नीले अथवा काले बॉल पेन की अनुमति होगी। साथ ही परीक्षार्थियों को आधी बाँह वाले सादे एवं हल्के रंग के वस्त्र पहनकर परीक्षा केंद्र में उपस्थित होना होगा।
परीक्षा केंद्रों में प्रवेश प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जाएगी। महिला परीक्षार्थियों की फ्रिस्किंग केवल महिला पुलिस कर्मियों द्वारा तथा पुरूष परीक्षार्थियों की फ्रिस्किंग पुरूष पुलिस कर्मियों द्वारा की जाएगी। परीक्षार्थियों के प्रवेश, सत्यापन एवं फ्रिस्किंग की प्रक्रिया परीक्षा प्रारंभ होने के लगभग दो घंटे पूर्व से शुरू कर दी जाएगी, ताकि सभी अभ्यर्थियों का समय पर प्रवेश सुनिश्चित किया जा सके। जिला प्रशासन द्वारा परीक्षा की सतत निगरानी के लिए उडऩदस्ता दल, नोडल अधिकारी, पुलिस नोडल अधिकारी एवं पर्यवेक्षक दल की नियुक्ति की गई है। जो पूरे परीक्षा संचालन तक सतत निरीक्षण करेंगे। जिला प्रशासन ने सभी परीक्षार्थियों से अपील की है कि वे निर्धारित समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचे, आवश्यक दस्तावेज अपने साथ रखें तथा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए परीक्षा के सुचारू, सुरक्षित एवं अनुशासित संचालन में सहयोग प्रदान करें। इससे व्यापम द्वारा आयोजित डी.एड. प्रवेश परीक्षा का सफल एवं निष्पक्ष आयोजन सुनिश्चित किया जा सकेगा। -
- विधानसभा अध्यक्ष ने दिव्यांजन सहायक उपकरण वितरण समारोह में शिरकत की
- दिव्यांगजनों के खुशियों का साक्षी बना वक्त
- विधानसभा अध्यक्ष ने 252 दिव्यांगजनों को 73 लाख 53 हजार रूपए की लागत के 326 नि:शुल्क सहायक उपकरण का किया वितरण
- जिला प्रशासन द्वारा की गई एक जीवंत, सजग एवं संवेदनशील पहल
- सीआरसी ठाकुरटोला जाने के लिए पहुंच मार्ग सड़क निर्माण हेतु की जाएगी राशि स्वीकृत
राजनांदगांव । विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने मंगलवार को स्पीकर हाऊस राजनांदगांव में एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड (एआईसी), भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को) जबलपुर एवं समाज कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दिव्यांजन सहायक उपकरण वितरण समारोह में शिरकत की। यह वक्त दिव्यांगजनों के खुशियों का साक्षी बना जब विधानसभा अध्यक्ष ने 252 दिव्यांगजनों को 73 लाख 53 हजार रूपए की लागत के 326 नि:शुल्क सहायक उपकरण का वितरण किया।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि राजनांदगांव, डोंगरगांव, छुरिया के दूररराज क्षेत्रों से दिव्यांगजन आए हैं। भारत सरकार की एडिप योजना, एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड (एआईसी), भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को) जबलपुर के सहयोग से 252 दिव्यांगजनों को नि:शुल्क सहायक उपकरण वितरण किया गया है। उन्होंने कहा कि 10 मार्च से 13 मार्च 2026 तक शिविर लगाकर दिव्यांजनों का चिन्हांकन किया गया था। कार्यक्रम में 113 मोट्राराइज्ड ट्रायसाईकिल, 69 ट्रायसाईकिल, 49 व्हील चेयर, 28 बैसाखी, 38 वाकिंग स्टिक, 2 स्मार्ट फोन, 5 सुगम्य केन, 12 टीएलएम किट, 2 सिलिकॉन कुशन, 8 सीपी चेयर का दिव्यांगजनों को नि:शुल्क वितरण किया गया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में राजनांदगांव पहला जिला है, जहां 40 प्रतिशत वाले दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्रदाय किया जा रहा है और सर्वाधिक उपकरण भी राजनांदगांव जिले के दिव्यांगजनों को प्रदाय किया जा रहा है। राजनांदगांव जिला प्रदेश का पहला जिला है, जहां 80 प्रतिशत से कम दिव्यांगता वाले 100 हितग्राहियों को भी मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल दी जा रही है। पहले यह सुविधा केवल 80 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वालों को मिलती थी। जिला प्रशासन द्वारा एक जीवंत, सजग एवं संवेदनशील पहल की गई है। ऐसे दिव्यंागजन जो शेष रह गए हैं, उनके लिए शिविर आयोजित करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि सीआरसी ठाकुरटोला जाने के लिए पहुंच मार्ग सड़क निर्माण हेतु डीएएमएफ अंतर्गत राशि की स्वीकृति की जाएगी। ऐसे दिव्यांगजन जिन्हें पेंशन प्राप्त नहीं होता, उन्हें वीबीरामजी के तहत कार्ड प्रदान किया जाएगा। विधानसभा अध्यक्ष ने दिव्यांगजनों से कहा कि अपनी क्षमता का उपयोग रोजगार सृजन के लिए करेंगे। आत्मनिर्भर बनते हुए अपने परिवार की मदद करें। उन्होंने दिव्यांगजनों को बैंक से ऋण लेकर विभिन्न कार्यों के लिए सहायता करने के लिए भी कहा।
सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने स्वामी विवेकानंद के उद्धरण नर सेवा ही नारायण सेवा है का स्मरण करते हुए कहा कि दूरदराज से आज यहां दिव्यांगजन आए हैं। उन्होंने एलिम्को एवं अन्य सभी सहयोगी संस्थानों को साधुवाद दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, समाज कल्याण विभाग दिव्यांगजनों की चिंता करते है। जिले में शेष रह गए दिव्यांगजनों को आगामी शिविर में सहायक उपकरण प्राप्त होंगे। छत्तीसगढ़ में दिव्यांगजन कौशल विकास, पुनर्वास एवं सशक्तिकरण के लिए संयुक्त क्षेत्रीय केंद्र (सीआरसी) ठाकुरटोला स्थित है, जहां दिव्यांगजनों के लिए प्रतिबद्धतापूर्वक कार्य किया जा रहा है। महापौर श्री मधुसूदन यादव ने कहा कि सेवा कार्य के तहत आज 113 दिव्यांगजनों को नि:शुल्क मोट्राइज्ड ट्रायसाईकिल दी गई है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों का चिन्हांकन करते हुए उनके लिए सहायक उपकरण प्रदान करने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। उनका ब्लू प्रिंट तैयार कर उनकी आवश्यकता के संबंध में जानकारी रखी जा रही है। आवश्यकतानुसार दिव्यांगजनों को सहयोग मिलेगा।
कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में 12 हजार 673 दिव्यांगजन चिन्हांकित हैं। अब तक 11 हजार 726 दिव्यांगजनों का यूडीआईडी कार्ड बन गया है। यूडीआईडी कार्ड ही वह आधार है, जिससे शासन की सभी योजनाओं का लाभ सीधे दिव्यांगजनों को मिलता है। जिले में 5442 दिव्यांगजनों को मासिक पेंशन का लाभ दिया जा रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक संबल मिल रहा है। 137 दिव्यांगजनों को स्वरोजगार के लिए दिव्यांगजन वित्त विकास निगम के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराया गया है। दिव्यांगजन विवाह प्रोत्साहन योजना अंतर्गत पिछले वर्ष 14 दिव्यांग दम्पत्तियों को 50 हजार रूपए की राशि दी गई, ताकि वे सम्मान के साथ गृहस्थ जीवन शुरू कर सकें। जिला स्तरीय कार्य योजना 2026-27 तैयार है और क्रियान्वयन शुरू हो चुका है। इस योजना का फोकस सिर्फ उपकरण देना नहीं, बल्कि शिक्षा, कौशल विकास और स्वरोजगार के माध्यम से दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाना है। प्रदेश में राजनांदगांव जिले ने सीआरसी केन्द्र की वजह से पूरे राज्य में दिव्यांग पुनर्वास के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि इसी कड़ी को आगे ले जाते हुए अब जिला प्रशासन का प्रयास होगा कि राजनांदगांव जिले को सुगम्य भारत अभियान के तहत दिव्यांगजनों के लिए सुगम्य बनाया जाये। पिछले 10 माह में हजार से अधिक सहायक उपकरण ट्राईसाइकिल, बैसाखी, श्रवण यंत्र, व्हीलचेयर विभिन्न शिविरों और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से वितरित किए हैं। इसका सीधा लाभ यह हुआ कि वृद्ध और दिव्यांगजनों का जीवन सुगम और सम्मानजनक बना है। राजनांदगांव जिला प्रदेश का पहला जिला है जहां 80 प्रतिशत से कम दिव्यांगता वाले 100 हितग्राहियों को भी मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल दी जा रही है। पहले यह सुविधा केवल 80 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वालों को मिलती थी। आज 113 को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल और शेष 138 को अन्य ट्रायसाईकिल, व्हील चेयर, श्रवण यंत्र, बैसाखी आदि आवश्यक उपकरण दिए जाएंगे। सीएसआर और एडीआईपी योजना के तहत एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया (एआईसी) एवं एलिम्को के माध्यम से कुल 73.53 लाख रूपए के उपकरण वितरित हो रहे हैं। इस अवसर पर श्री संतोष अग्रवाल, श्री शिव वर्मा, श्री गोलू सूर्यवंशी, वर्षा सिन्हा, राजेश श्यामकर, भावेश बैद, उत्तम साहू, पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा, जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती शीतल बंसल, उप संचालक समाज कल्याण श्रीमती वैशाली मरड़वार एवं अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी, बड़ी संख्या दिव्यांगजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन श्री दिलीप श्रीवास्तव ने किया। - 0- तीन प्रतिष्ठानों का धान बीज जब्त, विक्रय प्रतिबंधितगरियाबंद। खरीफ के लिए किसानों को गुणवत्तायुक्त बीज और उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए गरियाबंद जिला प्रशासन ने निगरानी तेज कर दी है। जिला गरियाबंद में देवभोग और मैनपुर विकासखंड में कृषि विभाग द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में कई बीज विक्रय केंद्रों में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। कार्रवाई के तहत तीन प्रतिष्ठानों में उपलब्ध धान बीज जब्त कर सील किया गया, जबकि कुल 666 बैग धान बीज के विक्रय पर 10 दिनों के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया है।सहायक संचालक अनिल कुमार कौशिक तथा बीज निरीक्षक की टीम ने देवभोग और मैनपुर ब्लॉक के चार बीज विक्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान सीनापाली स्थित मेसर्स विकास ट्रेडर्स एवं मेसर्स शारदा बीज उत्पाद तथा मैनपुर विकासखंड के ढोर्रा स्थित मेसर्स लच्छु धान बीज एवं मक्का भंडार और धनौरा स्थित मेसर्स मिश्रा ट्रेडर्स में बीज अधिनियम 1966, बीज नियम 1968 तथा बीज (नियंत्रण) आदेश 1983 के प्रावधानों का उल्लंघन पाया गया।निरीक्षण में विकास ट्रेडर्स सीनापाली द्वारा अघोषित परिसर में बीज भंडारण, बिना स्रोत प्रमाण-पत्र के बीज विक्रय, विक्रय संबंधी अभिलेखों का संधारण नहीं करना तथा मासिक प्रतिवेदन उच्च कार्यालय को प्रस्तुत नहीं करना पाया गया। वहीं अन्य तीन प्रतिष्ठानों में भी अघोषित भंडारण, मूल्य सूची का प्रदर्शन नहीं करना, बिना स्रोत प्रमाण-पत्र के बीज बेचना, अभिलेखों का संधारण नहीं करना, मासिक प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं करना और बिना लाइसेंस के बीज विक्रय जैसी अनियमितताएं सामने आईं। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि किसानों के हितों को प्रभावित करने वाली ऐसी गतिविधियों पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। किसानों को निर्धारित दर पर प्रमाणित और गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध हो कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे खाद और बीज केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही खरीदें तथा प्रत्येक खरीद पर पक्का बिल अवश्य प्राप्त करें। विभाग ने कहा है कि बिना लाइसेंस या निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर खाद-बीज बेचने की जानकारी मिलने पर तत्काल अधिकारियों को सूचित करें।प्रशासन ने किसानों की सुविधा के लिए जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष भी सक्रिय रखा है। किसी भी समस्या, शिकायत या जानकारी के लिए किसान संबंधित ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, सहकारी समिति अथवा जिला नियंत्रण कक्ष के मोबाइल नंबर +91-9977106777, +91-7987538588 और +91-9131198044 पर सीधे संपर्क कर सकते हैं।
- 0-'डोंगानाला जनसमस्या निवारण शिविर में आवेदन पर हुई त्वरित कार्रवाई, मौके पर मिला ट्राइसाइकिल’रायपुर। सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत कोरबा जिले के विकासखंड पाली के ग्राम डोंगानाला में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में संवेदनशील प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की मानवीय पहल का प्रेरक उदाहरण देखने को मिला। ग्राम मादन निवासी दिव्यांग युवक श्री कपिल ट्राइसाइकिल की मांग लेकर शिविर में पहुंचा था। मंच पर उपस्थित उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव की नजर जैसे ही उस पर पड़ी, वे स्वयं मंच से उतरकर उसके पास पहुंचे और आत्मीयता से उसकी समस्या सुनी। श्री कपिल ने बताया कि दिव्यांगता के कारण उसे आवागमन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने तत्काल अधिकारियों को आवश्यक समाधान के निर्देश दिए। जिला प्रशासन की तत्परता से कुछ ही समय में उन्हें ट्राइसाइकिल उपलब्ध करा दी गई। ट्राइसाइकिल मिलने पर उनके के चेहरे पर खुशी लौट आई। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब उनका आवागमन सुगम होगा और वे अपने दैनिक कार्य अधिक आत्मनिर्भरता के साथ कर सकेंगे।
- 0- उपमुख्यमंत्री श्री साव के आतिथ्य में डोंगा नाला में जनसमस्या निवारण शिविर का हुआ आयोजन0- 159 करोड़ से अधिक राशि के विकास कार्या की दी सौगातकोरबा। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने एवं आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु प्रदेश में सुशासन तिहार मनाया जा रहा है। इसी तारतम्य में मंगलवार को कोरबा जिले के विकासखण्ड पाली के ग्राम डोंगानाला में सुशासन तिहार के अंतर्गत जिला स्तरीय जन समस्या निवारण शिविर का आयोजन हुआ।शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ शासन के उपमुख्यमंत्री, लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, खेलकूद एवं युवा कल्याण विभाग तथा नगरीय प्रशासन व विकास मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव शामिल हुए। उन्होंने शिविर में 159 करोड़ 63 लाख 14 हजार की राशि के 18 विकास कार्याे की सौगात दी। जिसके अंतर्गत 153 करोड़ 66 लाख 61 हजार के कुल 8 कार्याे का भूमिपूजन, 5 करोड़ 96 लाख 53 हजार के 10 विकास कार्याे का लोकार्पण शामिल है। उन्होंने जिलेवासियों को विकास कार्याे के लिए बधाई व शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर वाणिज्य, उद्योग, श्रम, आबकारी व सार्वजनिक उपक्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, विधायक पाली तनाखार श्री तुलेश्वर मरकाम, विधायक कटघोरा श्री प्रेमचंद पटेल, उपाध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती निकिता मुकेश जायसवाल, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती माया रूपेश कंवर, महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, नगर पंचायत अध्यक्ष पाली श्री अजय जायसवाल, कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत, प्रभारी पुलिस अधीक्षक श्री लखन पटले, वनमण्डलाधिकारी कटघोरा श्री कुमार निशांत, डीएफओ कोरबा श्रीमती प्रेमलता यादव, निगमायुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय सहित अन्य जनप्रतिनिधि विभागीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।उपमुख्यमंत्री श्री साव ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश को तेजी से आगे बढ़ाने का काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार द्वारा विकास के कार्यों को दुगनी गति से पूरा किया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि सरकार गठन के साथ ही 18 लाख पीएम आवास निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है। सरकार द्वारा 2 साल के धान का बकाया बोनस, 3100 रुपए प्रति क्विंटल व 21 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से धान खरीदी कर किसानों का मान बढ़ाया। महतारी वंदन योजना से महिलाओं को प्रति माह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का अभियान चलाया जा रहा है। अब महिलाएं लखपति दीदी बनकर परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही है।उन्होंने कहा कि कोरबा जिला सहित पाली तानाखार क्षेत्र में विकास की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। पाली तानाखार विधानसभा में सभी प्रकार के निर्माण व अन्य प्रशासनिक काम तेजी से हो रहा है। अनेक विकास कार्याे के लिए डीएमएफ से पर्याप्त राशि क्षेत्र को मिल रहा है। श्री साव ने कहा सरकार द्वारा प्रत्येक व्यक्ति की चिंता की जा रही है, इस हेतु जनता की समस्याओं का जनता के द्वार पर समाधान कर लाभ दिलाने शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों में विभागीय अधिकारी उपस्थित होकर आमजनों को योजनाओं की जानकारी प्रदान कर रहे एवं उनकी समस्याओं का निराकरण भी कर रहे। इससे अधिकारियों की जनता के प्रति जवाबदेही बढ़ी है। साथ ही लोगों को कार्यालयों के चक्कर लगाने नही पड़ रहे। उन्होंने आमजनों से योजनाओं का लाभ उठाने का आग्रह किया।कैबिनेट मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि सरकार जनता के हित मे लगातार जनकल्याणकारी योजनाओं का संचालन कर विकास की नई ऊंचाईयों में पहुचाने का काम कर रही है। 01 मई से जगह जगह सुसाशन तिहार का आयोजन कर आमजनों को राहत पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। साथ ही सरकार के कार्याे का फीडबैक भी लिया जा रहा। सरकार द्वारा आर्थिक रूप से पिछड़े लोगो को मुफ्त राशन, टेपनल के माध्यम से हर घर जल, शौचालय , सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी सुविधाओं का लाभ दिया जा रहा है। श्री देवांगन ने कहा कि शिविरों में आमजनों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। जिससे कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाना नहीं पड़ रहा। श्री देवांगन ने डीएमएफ राशि के उपयोग की सुविधा देने हेतु प्रधानमंत्री श्री मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री साय का धन्यवाद देते हुए कहा कि जिले में डीएमएफ की राशि से लगातार पिछड़े क्षेत्रों व आवश्यक स्थानों में अनेक पुल, पुलिया, सड़क, भवन सहित अन्य आवश्यक चीजों का निर्माण किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन व अधोसंरचना सुविधा का तेजी से विकास हुआ है। आगे भी शासन प्रशासन द्वारा जनहित में सदैव कार्य किया जाएगा।विधायक पाली तानाखार श्री मरकाम ने कहा कि लोगों को कार्यालयों का चक्कर लगाने की परेशानी से बचाने के लिए शिविरों का आयोजन हो रहा है। जहां जिला व खण्ड स्तरीय अधिकारी उपस्थित होकर आमजनो की समस्याओं को गम्भीरता से सुनते व निराकृत करते है। ऐसे आयोजनों से आम जनता का शासन पर विश्वास मजबूत होता है। उन्होंने बताया कि पाली तानाखार विधानसभा में मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विकास किया जा रहा है। डीएमएफ से स्कूल, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र, पीडीएस भवन , पुल-पुलिया निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है। जिससे दूर दराज के लोगों को निश्चित रूप से लाभ मिलेगा।कलेक्टर श्री दुदावत ने कहा कि राज्य शासन के मंशानुरूप प्रशासन द्वारा आमजनों की परेशानियों का समाधान एवं योजनाओं से लाभान्वित करने जिले में नियमित रूप से शिविर आयोजित किए जा रहे है। शिविरों में विभागीय अधिकारी आमजनों की समस्याओं की गम्भीरता से सुनते है एवं उन्हें विभागीय योजनाओं से लाभांवित करते है। शिविरों में प्राप्त आवेंदनो में से निराकरण योग्य आवेदनों का मौके पर ही समाधान कर ग्रामीणों को लाभ दिलाया जा रहा है। साथ ही मांग एवं शिकायत से सम्बन्धित आवेंदनो का पूर्ण परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है। जिला खनिज संस्थान न्यास मद से अनेक जनहित के कार्य को गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शिता के साथ पूरा किया जा रहा है।शिविर में क्षेत्र की समस्याओं के समाधान हेतु उपमुख्यमंत्री श्री साव द्वारा अनेक विकास कार्याे का घोषणा भी गई जिसमें प्रमुख रूप से पाली ब्लाक के मुनगाडीह व दमिया में स्कूल भवन निर्माण, दमिया में आंगनबाड़ी भवन, पाली के स्वामी आत्मानंद विद्यालय के लिए भवन हेतु 3 करोड़ की राशि,डोंगानाला पंचायत के लिए पंचायत भवन हेतु 20 लाख, डोंगानाला में नहर मरम्मत की स्वीकृति, चाकाबुड़ा में कोनार नाला में नया पुल एवं कोराई नाला में नया पुलिया निर्माण की स्वीकृति, डोंगानाला में सीसी रोड निर्माण के लिए 10 लाख, गणेशपुर से बांका मार्ग में पुलिया निर्माण हेतु 15 लाख ,बक्साही में सीसी रोड निर्माण हेतु 10 लाख, प्राथमिक शाला मांझी पारा में अहाता निर्माण हेतु 20 लाख की स्वीकृति की घोषणा की।शिविर में विभिन्न विभागों को आमजनों से अपनी समस्याओं मांगो व शिकायतो से सम्बंधित कुल 1552 आवेदन प्राप्त हुए। जिसमें कुल 547 आवेंदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया एवं शेष आवेंदनों की जांच कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।शिविर में उपमुख्यमंत्री श्री साव सहित अन्य अतिथियों द्वारा विभागीय योजनाओं से लाभान्वित किया गया। जिसमें डोंगानाला की माँ गायत्री स्व सहायता समूह की महिलाओं को एनआरएलएम के तहत 10 लाख लोन की स्वीकृति आदेश वितरित किया गया। कृषि विभाग द्वारा बकसाही के श्री बून्द राम मरकाम व खैरा डुबान के कृष्णा सिंह को 7-7 एच पी का पावर वीडर, बकसाही के शशि टेकाम को 3 एचपी का पेट्रोल चलित पंप एवं 2 हितग्राहियों को ढेंचा बीज प्रदान किया गया। इसी प्रकार खाद्य विभाग द्वारा अनेक हितग्राहियों को राशन कार्ड, जनपद पंचायत विभाग से पेंशन स्वीकृति, समाज कल्याण विभाग द्वारा सहायक उपकरण व ट्राय सायकिल, राजस्व विभाग द्वारा डिजिटल किसान किताब, वन विभाग द्वारा वन अधिकार पट्टा, एवं 14 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति, मत्स्य विभाग द्वारा एक हितग्राही को मत्स्य जाल व आइस बॉक्स प्रदान किया गया।--
- राजनांदगांव। जिले में खनिजों के अवैध परिवहन के के मामले में खनिज विभाग ने एक माजदा वाहन और तीन ट्रैक्टर जब्त किया हैं। कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से ईंट और रेत का परिवहन करते पाए गए वाहनों को संबंधित थानों के सुपुर्द किया गया है। प्रकरणों में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर जितेन्द्र यादव के निर्देश पर खनिज विभाग की टीम ने जिले के चांदो, बंशीबंजारी, खुज्जी, कुमरदा, साल्हे, छुरिया, बाबूटोला, चिचोला, तुमड़ीबोड़, सुकुलदैहान समेत विभिन्न क्षेत्रों में आकस्मिक निरीक्षण अभियान चलाया।निरीक्षण के दौरान ग्राम टप्पा में मडियान निवासी घनश्याम वर्मा के स्वामित्व वाले माजदा वाहन क्रमांक सीजी 08 एल 3103 से अवैध रूप से ईंट परिवहन किया जा रहा था। वाहन को जब्त कर थाना तुमड़ीबोड़ के सुपुर्द किया गया।इसी प्रकार ग्राम बाबूटोला क्षेत्र में तीन अलग-अलग ट्रैक्टरों से बिना वैध अनुमति रेत का परिवहन करते पाए जाने पर कार्रवाई की गई। जब्त किए गए ट्रैक्टरों में सोनालिका ट्रैक्टर के मालिक एवं चालक टेकराम पाल, ट्रैक्टर क्रमांक सीजी एआर 6853 के मालिक एवं चालक मनीष कुमार पाल तथा स्वराज ट्रैक्टर के मालिक एवं चालक रितेश सिन्हा शामिल हैं। सभी वाहनों को जब्त कर थाना चिचोला को सौंप दिया गया है । खनिज विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर रोक लगाने के लिए लगातार गश्त और निगरानी की जा रही है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
- 0- नैनो उर्वरकों के उपयोग से बढ़ी उत्पादकता, किसान महेंद्र सिंह राजपूत ने बताई खेती की सफलताकोरबा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों के हित में संचालित योजनाओं का सकारात्मक प्रभाव अब गांव-गांव में दिखाई दे रहा है। किसानों को कृषि कार्यों के लिए आवश्यक संसाधन समय पर उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों से कृषकों में विश्वास और संतोष का वातावरण बना है। कोरबा जिले में सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को खाद एवं बीज की सरल, सहज और सुगम उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, जिससे वे आगामी खरीफ सीजन की तैयारियां समय पर कर पा रहे हैं।इसी क्रम में कोरबा जिले के ग्राम छुरीकला निवासी कृषक श्री महेंद्र सिंह राजपूत भी शासन की किसान हितैषी व्यवस्थाओं से लाभान्वित हो रहे हैं। कृषि उनके परिवार की परंपरागत आजीविका का प्रमुख साधन है। लगभग 15 एकड़ कृषि भूमि के स्वामी श्री राजपूत वर्षों से धान की खेती करते आ रहे हैं। खरीफ सीजन की तैयारियों के तहत वे सहकारी समिति छुरीकला पहुंचे, जहां उन्हें आवश्यक खाद एवं बीज आसानी से उपलब्ध हो गया।श्री महेंद्र सिंह राजपूत बताते हैं कि खेती का मौसम शुरू होते ही किसान कृषि कार्यों की तैयारियों में जुट जाते हैं। ऐसे समय में खाद और बीज की समय पर उपलब्धता अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि सहकारी समिति में खाद और बीज का पर्याप्त भंडारण किया गया है तथा किसानों को व्यवस्थित रूप से सामग्री वितरित की जा रही है। इससे किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है।उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने खेतों में नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया का उपयोग किया है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। इन उर्वरकों के उपयोग से फसल की वृद्धि बेहतर हुई है तथा उत्पादन में भी सुधार देखने को मिला है। साथ ही रासायनिक उर्वरकों की तुलना में नैनो उर्वरकों के उपयोग से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है।श्री राजपूत ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा किसानों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए बेहतर व्यवस्थाएं की गई हैं। खाद-बीज की उपलब्धता, कृषि आदानों का सुचारू वितरण तथा किसानों के हित में संचालित योजनाओं से खेती करना पहले की अपेक्षा अधिक सुविधाजनक हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं छत्तीसगढ़ सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार के प्रयासों से किसानों को खेती-किसानी में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास मिला है। किसानों को समय पर कृषि आदान उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे ये प्रयास न केवल कृषि उत्पादन बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो रहे हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रहे हैं।
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रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी बी.के.एस. रे का कल देर रात निधन हो गया। वे 77 वर्ष के थे और कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनका उपचार एम्स में चल रहा था। । उनके निधन की खबर से प्रशासनिक और साहित्य जगत में शोक की लहर है।
बी.के.एस. रे 1972 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी थे। उन्होंने राजनांदगांव सहित कई जिलों में कलेक्टर के रूप में काम किया । अपने प्रशासनिक जीवन में उन्होंने गृह, परिवहन और विमानन जैसे महत्वपूर्ण विभागों में जिम्मेदारियां संभालीं। बाद में वे प्रशासन अकादमी के महानिदेशक तथा माध्यमिक शिक्षा मंडल और व्यावसायिक परीक्षा मंडल के अध्यक्ष भी रहे। शासन और प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णयों तथा नीतिगत प्रक्रियाओं में उनकी सक्रिय भूमिका रही। वे अपनी कार्यकुशलता, सरल स्वभाव और प्रशासनिक दक्षता के लिए जाने जाते थे।उन्होंने प्रशासनिक सेवा के साथ-साथ उन्होंने साहित्य के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय योगदान दिया और 54 से अधिक पुस्तकें लिखीं, जिसके लिए उन्हें 2019 में ग्रीस में 'सुकरात अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया था। - 0- क्वींस क्लब ऑफ इंडिया के उन्नयन हेतु PPP मॉडल पर प्रस्तावित परियोजना0- क्वींस क्लब ऑफ इंडिया के उन्नयन हेतु PPP मॉडल पर प्रस्तावित परियोजना0- इनडोर स्पोर्ट्स, जिम, स्विमिंग पूल, आधुनिक आवासीय सुविधाओं सहित होगा व्यापक आधुनिकीकरणरायपुर। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा राजधानी रायपुर स्थित क्वींस क्लब ऑफ इंडिया के विकास, संचालन एवं रख-रखाव के लिए लाइसेंस आधार पर पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत एजेंसी नियुक्त करने की महत्वपूर्ण परियोजना प्रस्तावित की गई है। यह पहल रायपुर को एक आधुनिक एवं प्रीमियम हॉस्पिटैलिटी तथा वेलनेस डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगी।परियोजना के तहत क्लब परिसर में स्क्वैश कोर्ट, टेनिस कोर्ट, जिम, स्विमिंग पूल, बैडमिंटन हॉल, बिलियर्ड रूम तथा टेबल टेनिस हॉल जैसी आधुनिक खेल एवं स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं विकसित एवं संचालित की जाएंगी। साथ ही वर्तमान अधोसंरचना का व्यापक आधुनिकीकरण एवं नवीनीकरण भी किया जाएगा।वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि यह परियोजना रायपुर को एक नए प्रीमियम हॉस्पिटैलिटी हब के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे राज्य में निजी निवेश को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा गुणवत्तापूर्ण शहरी अधोसंरचना विकास को नई गति प्राप्त होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्वींस क्लब ऑफ इंडिया की विशेष आवास योजना के अंतर्गत सांसद एवं विधायक वर्ग के 108 सदस्यों की विशेष सदस्यता पूर्ववत जारी रहेगी। परियोजना के क्रियान्वयन के दौरान वर्तमान सदस्यों के हितों एवं सुविधाओं का पूर्ण संरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा।मंडल अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने बताया कि परियोजना को लाइसेंस, डेवलप, ऑपरेट एवं ट्रांसफर (LDOT) मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा। प्रस्तावित योजना के अनुसार क्लब की मौजूदा सुविधाओं का बेहतर संचालन एवं प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा तथा टेनिस कोर्ट क्षेत्र के रिक्त भूभाग पर लगभग 61 कमरों वाले आधुनिक आवासीय एवं हॉस्पिटैलिटी ब्लॉक का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि परियोजना में लगभग 25 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इससे अत्याधुनिक सुविधाओं का विकास होने के साथ-साथ दीर्घकालिक राजस्व सृजन, आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि तथा रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। परियोजना की लाइसेंस अवधि 20 वर्ष निर्धारित की गई है, जिसमें अतिरिक्त 10 वर्ष तक विस्तार का प्रावधान रहेगा।श्री देव ने कहा कि शहर के प्रमुख क्षेत्रों से उत्कृष्ट सड़क संपर्क एवं बेहतर कनेक्टिविटी के कारण यह परियोजना निवेशकों और उपयोगकर्ताओं दोनों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी। इसके माध्यम से राजधानी में उच्चस्तरीय आतिथ्य, खेल एवं स्वास्थ्य सुविधाओं का नया केंद्र विकसित होगा।
- 0- मानसून से ठीक पहले भुगतान होने से वनाश्रित परिवारों को खरीफ फसल की तैयारियों में मिलेगी मददबीजापुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने तेंदूपत्ता संग्राहकों को बड़ी राहत देते हुए संग्रहण पारिश्रमिक (मजदूरी) दर में भारी बढ़ोतरी की है। इसके तहत अब संग्राहकों को प्रति मानक बोरा 5500 रुपए का भुगतान किया जा रहा है। इसके अलावा, चरणपादुका योजना फिर से शुरू करके संग्राहकों को सुरक्षा और आर्थिक संबल प्रदान किया गया है। तेन्दूपत्ता संग्रहण सीजन 2026 के तहत छत्तीसगढ़ के वन क्षेत्रों में रहने वाले हजारों परिवारों को आर्थिक संबल मिलना शुरू हो गया है। राज्य शासन द्वारा तेन्दूपत्ता संग्राहकों के पारिश्रमिक भुगतान की प्रक्रिया तेजी से प्रारंभ कर दी गई है। इसी कड़ी में बीजापुर जिले के अंतर्गत प्रथम चरण में 12 हजार 379 संग्राहकों के बैंक खातों में 12 करोड़ रुपये की राशि सीधे ऑनलाइन (डीबीटी के माध्यम से) हस्तांतरित की गई है।बीजापुर जिले की 28 प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के 45 लॉटों में कुल 40 हजार 716 संग्राहकों ने 65 हजार 430.359 मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण किया है। शासन द्वारा निर्धारित 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से जिले के संग्राहकों को कुल 35.99 करोड़ रुपये का पारिश्रमिक भुगतान किया जाना है। इसके अलावा 500 गड्डी से अधिक तेंदूपत्ता संग्रहण करने वाले संग्राहकों को शासन की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। योजना के तहत परिवार के मुखिया की सामान्य मृत्यु होने पर 2 लाख तथा दुर्घटना से मृत्यु होने पर 4 लाख तक की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। परिवार के अन्य सदस्यों के लिए भी आर्थिक सहायता का प्रावधान है।वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार भुगतान के पहले चरण में जिले की प्रमुख समितियों के बैंक खातों में राशि सीधे (डीबीटी के माध्यम से) जमा की गई है। प्राथमिक वनोपज समिति लाभान्वित संग्राहक हस्तांतरित राशि गुडमा समिति के 1,912 संग्राहकों को 1.95 करोड़ रुपये, कुटरू समिति के 937 संग्राहकों को 1.29 करोड़ रुपये, तोयनार समिति के 961 संग्राहकों को 1.20 करोड़ रुपये तथा बरदेला समिति के 1,023 संग्राहकों को 1.11 करोड़ रुपये की राशि उनके बैंक खातों में सीधे जमा की गई है। इसके अलावा संतोषपुर, भैरमगढ़, माटवाड़ा, कोडोली, नैमेड़, भद्रकाली और चेरपल्ली सहित अन्य समितियों के संग्राहकों को भी लाखों रुपये का ऑनलाइन भुगतान किया गया है। शेष समितियों में संग्रहित मात्रा का सत्यापन और ऑनलाइन एंट्री का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है, जिसके पूरा होते ही सभी पात्र संग्राहकों को भुगतान कर दिया जाएगा।वनोपज आधारित आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में सरकार की यह पहल बेहद महत्वपूर्ण साबित हो रही है। तेन्दूपत्ता बिक्री से प्राप्त इस राशि का उपयोग वनाश्रित परिवार अपनी खेती-किसानी, बच्चों की शिक्षा और घरेलू जरूरतों को पूरा करने में करते हैं। मानसून के आगमन से ठीक पहले पारिश्रमिक राशि मिलने से किसानों और वनाश्रित परिवारों को खरीफ फसल की तैयारियों के लिए खाद-बीज आदि की व्यवस्था करने में विशेष सहायता मिलेगी। शासन की इस पारदर्शी और त्वरित ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था से बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है और वन क्षेत्रों में रहने वाले हजारों परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।
- 0- कम लागत में अधिक पैदावार और मृदा स्वास्थ्य को मिल रहा लाभकवर्धा। कृषि में नई तकनीकों और आधुनिक उर्वरकों के उपयोग से किसानों को बेहतर परिणाम मिलने लगे हैं।कबीरधाम जिले के धरमपुरा गांव के किसान श्री बालाराम साहू ने धान की खेती में नैनो डीएपी और नैनो यूरिया का उपयोग कर बेहतर उत्पादन मिला है। किसान बालाराम ने बताया कि पिछले वर्ष शिविर में उन्हें नैनो डीएपी और नैनो यूरिया के उपयोग की जानकारी दी गई थी। उन्होंने अपने 6 एकड़ खेत में से 1 एकड़ में इन उत्पादों का प्रयोग किया। बीजोपचार के साथ फसल वृद्धि के दौरान नैनो डीएपी और नैनो यूरिया का छिड़काव किया गया। उन्होंने बताया कि जिस खेत में नैनो उर्वरकों का उपयोग किया गया, वहां फसल का विकास बेहतर हुआ और उत्पादन भी अन्य खेतों की तुलना में 2 से 3 क्विंटल अधिक मिला। अच्छे परिणाम मिलने के बाद अब वे नियमित रूप से नैनो डीएपी और नैनो यूरिया का उपयोग कर रहे हैं।किसान बालाराम साहू ने बताया कि इस वर्ष उन्होंने समिति से नैनो डीएपी, नैनो यूरिया, पोटाश और एसएसपी खरीदा है। उन्होंने कहा कि समितियों में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है और उन्हें आसानी से खाद मिल गई है। श्री साहू का कहना है कि नैनो डीएपी और नैनो यूरिया के उपयोग से कम लागत में अच्छा उत्पादन मिला है। इसी कारण वे अब आसपास के किसानों को भी इन उत्पादों के उपयोग के लिए प्रेरित कर रहे हैं।कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि पारंपरिक खाद के उपयोग से खाद का अधिकांश हिस्सा मिट्टी में ही पड़ा रह जाता है, जिससे जमीन कठोर एवं अम्लीय हो जाता है। इसके विपरीत नैनो यूरिया, नैनो डीएपी के उपयोग से तरल होने के कारण सीधे पौधे के पत्तियों पर छिड़काव किया जाता है। नैनो यूरिया, नैनो डीएपी के उपयोग से जमीन पर दुष्प्रभाव नही होता है, यह सीधे पौधे के पत्तियों द्वारा सोख लिया जाता है, जिससे मिट्टी में हानिकारक रसायनों का संचय नही होता है एवं भू-जल प्रदूषण से बचा जा सकता है।
- 0- जून भर चलाया जा रहा विशेष अभियान, जरूरतमंद बच्चों को मिल रही सुरक्षा, शिक्षा और पुनर्वास की सुविधारायपुर। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सड़क जैसी परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहे बच्चों को सुरक्षित बचपन, शिक्षा और सम्मानजनक जीवन से जोड़ने के लिए 01 जून से 30 जून तक राज्यव्यापी विशेष सघन अभियान चलाया जा रहा है। “बाल सक्षम नीति-2022” के तहत सड़क पर रहने वाले, भिक्षावृत्ति, बाल श्रम एवं अपशिष्ट संग्रहण में संलग्न बच्चों की पहचान कर उनका रेस्क्यू और पुनर्वास किया जा रहा है।महिला एवं बाल विकास विभाग के निर्देशानुसार बच्चों को सुरक्षित आश्रय, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं और सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं। जिला कलेक्टरों के नेतृत्व में गठित विशेष रेस्क्यू टीमों द्वारा चिन्हित हॉटस्पॉट क्षेत्रों में अभियान चलाकर बच्चों को संरक्षण प्रदान किया जा रहा है।रेस्क्यू किए गए बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत कर उनकी आवश्यकतानुसार संस्थागत देखभाल, पारिवारिक पुनर्स्थापन एवं अन्य पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही बच्चों और उनके परिवारों को विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं वित्तीय सहायता से भी जोड़ा जा रहा है।राज्य शासन ने स्पष्ट किया है कि सड़क जैसी परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों का पुनर्वास केवल एक माह का अभियान नहीं, बल्कि सतत प्रक्रिया है। मिशन वात्सल्य अंतर्गत बाल स्वराज पोर्टल पर बच्चों की जानकारी नियमित रूप से अपडेट की जा रही है तथा वर्षभर पुनर्वास की कार्यवाही जारी रखी जा रही है।
- 0- तिलोखन गांव में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की त्वरित कार्रवाई, जल संकट से जूझ रहे ग्रामीणों को मिली राहतमनेन्द्रगढ़। भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के बीच ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी दिशा में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के विभिन्न गांवों में खराब एवं बंद पड़े हैंडपंपों की मरम्मत और रखरखाव का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को राहत मिल रही है।इसी क्रम में विकासखंड मनेन्द्रगढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत तिलोखन के ग्राम तिलोखन में विभागीय टीम द्वारा हैंडपंपों का निरीक्षण एवं मरम्मत कार्य किया गया। लंबे समय से प्रभावित पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त करते हुए हैंडपंपों को पुनः चालू किया गया, जिससे ग्रामीणों को स्वच्छ एवं सुगम पेयजल उपलब्ध होने लगा है। गर्मी के मौसम में जल स्रोतों पर बढ़ते दबाव को देखते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जिलेभर में विशेष अभियान चलाकर खराब हैंडपंपों की पहचान की जा रही है। प्राप्त शिकायतों और स्थानीय आवश्यकताओं के आधार पर मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि किसी भी गांव में पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न न हो।विभागीय अधिकारियों ने बताया कि भीषण गर्मी के दौरान पेयजल व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए मरम्मत दल लगातार क्षेत्र में सक्रिय हैं। हैंडपंपों की तकनीकी जांच, मरम्मत एवं आवश्यक पुर्जों के प्रतिस्थापन का कार्य नियमित रूप से किया जा रहा है। ग्रामीणों ने समय पर की गई कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन और विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हैंडपंपों के सुधार से उन्हें दूर-दराज के जल स्रोतों पर निर्भर नहीं रहना पड़ रहा है और दैनिक जरूरतों के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो रहा है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आमजन को पेयजल संबंधी किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तत्काल जानकारी देने की अपील की गई है, ताकि त्वरित कार्रवाई कर समस्या का समाधान किया जा सके। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जिले में हैंडपंप सुधार एवं पेयजल व्यवस्था सुदृढ़ीकरण का कार्य लगातार जारी है, जिससे भीषण गर्मी के बीच ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं।
- 0- ’दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर, सूरजपुर, जशपुर, बलरामपुर और सरगुजा जिलों में चल रहे विशेष अभियान की प्रगति की समीक्षा’0- ’पोषण वाटिका, अतिरिक्त पोषण आहार और नियमित मॉनिटरिंग पर दिया विशेष जोर’रायपुर। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने प्रदेश को कुपोषण मुक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित विशेष अभियान की समीक्षा करते हुए 8 जिलों के जिला कार्यक्रम अधिकारियों (डीपीओ) के साथ विस्तृत बैठक ली। बैठक में गंभीर कुपोषित एवं मध्यम कुपोषित बच्चों की स्थिति, पोषण पुनर्वास तथा विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की गई।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर, सूरजपुर, जशपुर, बलरामपुर और सरगुजा जिलों में कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान संचालित किया जा रहा है। इन जिलों में कुपोषण की चुनौती को दूर करने के लिए विशेष रणनीति के तहत पोषण सेवाओं, सामुदायिक सहभागिता और सतत निगरानी पर जोर दिया जा रहा है।बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जहां पर्याप्त भूमि उपलब्ध है, वहां केला, पपीता, मुनगा सहित अन्य पोषणयुक्त पौधों का रोपण किया जाए तथा प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र में पोषण वाटिका विकसित की जाए। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक खाद्य सामग्री बच्चों और महिलाओं के पोषण स्तर में सुधार लाने का प्रभावी माध्यम बन सकती है। उन्होंने अतिरिक्त पोषण आहार की उपलब्धता, गुणवत्तापूर्ण आंगनबाड़ी संचालन, नियमित निरीक्षण और सुपोषण पाठशालाओं के प्रभावी संचालन पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिए कि बच्चों को समय पर पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जाए तथा ै।ड एवं ड।ड बच्चों के आंकड़ों का नियमित विश्लेषण कर समयबद्ध सुधार सुनिश्चित किया जाए।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि कुपोषण के खिलाफ लड़ाई केवल विभागीय कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके लिए जनभागीदारी, सामुदायिक सहयोग और विभिन्न विभागों के बेहतर समन्वय की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों से लक्ष्य आधारित कार्यप्रणाली अपनाते हुए प्रत्येक पात्र बच्चे तक पोषण सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रभावी निगरानी, नवाचार, सामुदायिक सहभागिता और सभी संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ को कुपोषण मुक्त बनाने के लक्ष्य को तेजी से हासिल किया जा सकेगा। बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार, संचालक डॉ रेणुका श्रीवास्तव और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।--
- 0- ग्रामीण सेवा सहकारी समितियों के पुनगर्ठन योजनारायपुर। शासन की महत्वपूर्ण किसान हितकारी ग्रामीण सेवा सहकारी समितियों के पुनगर्ठन योजना अंर्तगत जिले में 39 नवीन ग्रामीण सेवा सहकारी समिति का गठन किया गया है। सभी नवीन 39 सहकारी समितियो को खाद के सुगमतापूर्ण वितरण हेतु पीओएस मशीन प्रदाय किया गया है। पीओएस मशीन उपलब्ध होते ही सभी नवीन समितियों में किसानों को सुगम खाद-बीज़ का वितरण किया जा रहा है।नवीन गठित 39 सहकारी समितियों के 89 पंचायतों में 112 ग्रामो के 43639 किसानो को इससे लाभ हुआ है। किसानों को खेती किसानी के लिये सुगमता पूर्वक त्वरित एवं अपने गृह ग्राम के निकट ही खाद बीज एवं नगद ऋण प्राप्त हो रहा है जिससे किसानो में ख़ुशी व्याप्त है। 39 नवीन समितियों में अभी तक 112 ग्रामों के 43639 किसानों को खाद प्रदाय हेतु 1876 टन का खाद का भंडारण एवं 353 टन खाद का वितरण के साथ कुल 48 करोड 99 लाख का ऋण वितरण किसानो को किया जा चुका है। कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देशानुसार खरीफ सीजन में जिले के किसानों को आवश्यकता अनुसार सहकारी समितियों से खाद बीज उपलब्ध कराया जा रहा है। कृषि विभाग की संयुक्त टीम द्वारा कृषि केंद्रों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है ताकि किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध हो सके।
- 0- हजारों लोगों ने लिया नशा छोड़ने का संकल्प, दिव्यांगजनों को मिले सहायक उपकरणएमसीबी/ सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के विकासखंड खड़गवां के ग्राम कटकोना में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर केवल समस्याओं के समाधान का मंच नहीं बना, बल्कि सामाजिक जागरूकता और जनकल्याण का भी प्रभावी केंद्र साबित हुआ। समाज कल्याण विभाग की सक्रिय भागीदारी से शिविर में नशा मुक्ति, स्वास्थ्य जागरूकता और दिव्यांगजन सशक्तिकरण के संदेश ने हजारों लोगों को प्रेरित किया।शिविर में समाज कल्याण विभाग द्वारा आयोजित जन जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया गया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं हजारों ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से नशामुक्त समाज निर्माण का संकल्प लिया। लोगों ने जीवन में किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहने तथा अपने परिवार और समाज को भी इसके प्रति जागरूक करने की शपथ ग्रहण की।विश्व धूम्रपान निषेध दिवस के संदेश को आगे बढ़ाते हुए कार्यक्रम में धूम्रपान और तंबाकू सेवन से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई। उपस्थित नागरिकों ने तंबाकू एवं धूम्रपान से दूरी बनाए रखने तथा अपने आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। विशेषज्ञों द्वारा बताया गया कि नशामुक्त जीवन न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य बल्कि पूरे परिवार की खुशहाली और सामाजिक विकास के लिए आवश्यक है।कार्यक्रम का एक भावनात्मक और प्रेरणादायी पहलू दिव्यांग एवं वृद्धजन हितग्राहियों को सहायक उपकरणों का वितरण रहा। मुख्य अतिथि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने चयनित दिव्यांग हितग्राहियों को व्हीलचेयर एवं अन्य आवश्यक सहायक उपकरण प्रदान किए। उपकरण प्राप्त करने वाले हितग्राहियों के चेहरे पर खुशी और आत्मविश्वास साफ झलक रहा था।हितग्राहियों ने कहा कि इन उपकरणों से उनके दैनिक जीवन की कठिनाइयां कम होगी और उन्हें अधिक आत्मनिर्भर बनने में सहायता मिलेगी। यह पहल शासन की संवेदनशीलता और समाज के कमजोर वर्गों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का उदाहरण है।समाज कल्याण विभाग द्वारा आयोजित गतिविधियों ने शिविर को जन जागरूकता, सामाजिक उत्तरदायित्व और जनकल्याण का प्रभावी मंच बना दिया। नशा मुक्ति अभियान, धूम्रपान निषेध जागरूकता और दिव्यांगजन सशक्तिकरण जैसे प्रयासों ने लोगों के बीच सकारात्मक संदेश पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।कटकोना शिविर में देखने को मिला कि जब शासन की योजनाएं जागरूकता और संवेदनशीलता के साथ आमजन तक पहुंचती हैं, तो वे केवल सुविधाएं नहीं देती, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव की मजबूत नींव भी रखती हैं। यह आयोजन सुशासन तिहार 2026 की उस भावना को साकार करता है, जिसमें शासन का उद्देश्य केवल सेवाएं देना नहीं, बल्कि जागरूक, स्वस्थ और सशक्त समाज का निर्माण करना भी है।
- 0- प्रधानमंत्री आवास योजना से पूरा हुआ वर्षों का सपना, परिवार में छाई खुशीसूरजपुर. प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण ने एक और जरूरतमंद परिवार के जीवन में खुशियों की नई किरण ला दी। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आने वाले ग्राम निवासी चन्द्रदेव का वर्षों से पक्के मकान का सपना अब साकार हो गया है। अपने नए आवास की चाबी प्राप्त करते ही चन्द्रदेव और उनका परिवार खुशी से झूम उठा।चन्द्रदेव ने बताया कि उनका परिवार खेती और मजदूरी कर जीवन यापन करता है। सीमित आय के कारण पक्का मकान बनाना उनके लिए असंभव था। बरसों से वे कच्चे मकान में रहने को मजबूर थे, लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना ने उनकी उम्मीदों को नया जीवन दिया।उन्होंने ग्राम पंचायत के माध्यम से प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आवेदन किया। आवश्यक दस्तावेज जमा करने के बाद उनका आवेदन स्वीकृत हुआ और उन्हें योजना का लाभ मिला। आवास स्वीकृत होने की सूचना मिलते ही परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।आवास निर्माण कार्य को सुचारू रूप से पूरा कराने के लिए एक आवास मित्र की नियुक्ति की गई, जिसने समय-समय पर मार्गदर्शन प्रदान किया तथा निर्माण की प्रगति के अनुसार किस्तों की राशि उपलब्ध कराने में सहयोग किया। कुछ ही महीनों में चन्द्रदेव का पक्का मकान बनकर तैयार हो गया। नए घर में प्रवेश कर चन्द्रदेव और उनका परिवार बेहद प्रसन्न है। उन्होंने अपने नए आशियाने को सजाया-संवारा और इसे अपने सपनों का घर बताया। चन्द्रदेव ने प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना ने उनके परिवार को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराया है।गौरतलब है कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण जरूरतमंद परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराकर उनके जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव ला रही है तथा ग्रामीण क्षेत्रों में विकास और खुशहाली की नई कहानी लिख रही है।
- 0- संवेदनशील प्रशासन का उदाहरण: आमजन की समस्याओं पर कलेक्टर ने दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देशएमसीबी. मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मंगलवार को आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम एक बार फिर प्रशासन और आमजन के बीच विश्वास एवं संवाद का सशक्त मंच बनकर सामने आया। जिले के दूरस्थ गांवों से लेकर नगरीय क्षेत्रों तक के नागरिक अपनी समस्याएं, मांगें और अपेक्षाएं लेकर जनदर्शन में पहुंचे, जहां कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी सुश्री संतन देवी जांगड़े ने प्रत्येक आवेदक की बात गंभीरता, धैर्य और संवेदनशीलता के साथ सुनी।जनदर्शन में कुल 46 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें भूमि विवाद, मजदूरी भुगतान, पेंशन, आधार कार्ड त्रुटि सुधार, सीमांकन, वन अधिकार पट्टा, आंगनबाड़ी नियुक्ति, लंबित भुगतान, पेयजल सुविधा सहित विभिन्न जनहित के मुद्दे प्रमुख रहे। कलेक्टर ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्रत्येक आवेदन का प्राथमिकता के आधार पर परीक्षण कर समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।कार्यक्रम में अपर कलेक्टर श्रीमती नम्रता डोंगरे, अपर कलेक्टर अनिल कुमार सिदार, सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, तहसीलदार तथा विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।जनदर्शन के दौरान ग्राम चुटकी के ग्रामीणों ने लंबित मजदूरी भुगतान की समस्या रखी, जबकि पाराडोल निवासी ईश्वर प्रसाद ने भूमि संबंधी प्रकरण में समाधान की मांग की। चिरमिरी निवासी शालिनी कश्यप ने जर्जर भवन को शीघ्र हटाने का अनुरोध किया। वहीं बड़गांवखुर्द निवासी धनराजिया ने आधार कार्ड में मृत घोषित होने की त्रुटि सुधारने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया।इसी प्रकार चैनपुर निवासी विमला टोप्पो ने सीमांकन आदेश के पालन की मांग की, जबकि मनेंद्रगढ़ निवासी गोपाल गुप्ता ने भूमि विवाद संबंधी आवेदन दिया। ओदारी निवासी देवती साहू ने दहेज प्रताड़ना एवं मारपीट की शिकायत प्रस्तुत की। मनेंद्रगढ़ निवासी जसबीर शर्मा ने नल कनेक्शन अपने नाम पर स्थानांतरित कराने की मांग रखी।पसौरी निवासी नसीम खान ने राजस्व निरीक्षक के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई, जबकि चिरमिरी निवासी राम बिहारी शर्मा ने पेंशन प्रकरण के शीघ्र निराकरण की मांग की। साल्ही निवासी अर्चना मिश्रा, लाखनटोला निवासी सूरज भान तथा कछौड़ निवासी सूर्यधन ने भूमि संबंधी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखीं।भवरमहुआ निवासी सुमित्रा एवं धरमपुर निवासी फूलकुंवर ने आंगनबाड़ी सहायिका नियुक्ति से जुड़ी शिकायत दर्ज कराई। जनकपुर निवासी मोहम्मद जलील खान ने लंबित भुगतान का मामला उठाया, वहीं कछौड़ निवासी राम मनोहर ने वन अधिकार पट्टा प्रदान किए जाने की मांग की।कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े ने कहा कि जनदर्शन केवल शिकायत दर्ज कराने का मंच नहीं, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच विश्वास का सेतु है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक आवेदन को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित समय-सीमा में उसका संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि नागरिकों को वास्तविक राहत मिल सके।उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहा है। शासन की मंशा के अनुरूप अंतिम व्यक्ति तक न्याय, सुविधाएं और योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।जनदर्शन में उपस्थित लोगों ने अपनी समस्याओं को सीधे कलेक्टर के समक्ष रखने और त्वरित कार्रवाई के निर्देश मिलने पर संतोष व्यक्त किया। कार्यक्रम ने एक बार फिर यह साबित किया कि संवेदनशील प्रशासन और प्रभावी संवाद के माध्यम से जनसमस्याओं का समाधान अधिक सहज और प्रभावी बनाया जा सकता है।
- 0- ’राज्यभर में चल रहा विशेष टीकाकरण अभियान, 14 से 15 वर्ष की बालिकाओं को निःशुल्क लगाया जा रहा टीका’बलरामपुर। किशोरी बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से राज्य में एचपीवी (ह्यूमन पेपिलोमावायरस) टीकाकरण अभियान को व्यापक रूप से संचालित किया जा रहा है। भारत सरकार के निर्देशानुसार 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं को निःशुल्क एचपीवी वैक्सीन उपलब्ध कराई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित इस अभियान का उद्देश्य बालिकाओं को भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के खतरे से बचाते हुए उनके स्वस्थ एवं सुरक्षित जीवन की नींव को मजबूत करना है।बलरामपुर जिले में कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन में अभियान प्रभावी रूप से संचालित हो रहा है। जिले में अब तक 2084 किशोरी बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन लगाई जा चुकी है। वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सामरी में 150 के लक्ष्य के विरुद्ध 142 बालिकाओं का टीकाकरण किया गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले के चिन्हांकित स्वास्थ्य संस्थानों में टीकाकरण का कार्य निरंतर जारी है।कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने अभिभावकों एवं किशोरियों से इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य पहल का लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि एचपीवी वैक्सीन गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर की रोकथाम में अत्यंत प्रभावी और पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने लोगों से किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी पर ध्यान न देने तथा निर्धारित आयु वर्ग की बालिकाओं का समय पर टीकाकरण कराने का आग्रह किया।उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और समय पर टीकाकरण ही गंभीर बीमारियों से बचाव का सबसे कारगर उपाय है। समाज में जागरूकता बढ़ाकर ही सर्वाइकल कैंसर जैसी बीमारी की रोकथाम संभव है।स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में कैंसर से होने वाली मृत्यु के प्रमुख कारणों में शामिल है। यह बीमारी ह्यूमन पेपिलोमावायरस (एचपीवी) संक्रमण के कारण होती है। किशोरावस्था में लगाया गया एचपीवी टीका संक्रमण से सुरक्षा प्रदान करता है और भविष्य में सर्वाइकल कैंसर की संभावना को काफी हद तक कम कर देता है।बेटियों की सुरक्षा और स्वस्थ जीवन का मजबूत आधारस्वास्थ्य विभाग ने राज्य के सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपनी 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की बेटियों का एचपीवी टीकाकरण अवश्य कराएं। यह टीका न केवल उन्हें एक गंभीर बीमारी से सुरक्षा प्रदान करेगा, बल्कि उनके स्वस्थ, सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।राज्य के जिला चिकित्सालयों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा कोल्ड-चेन सुविधा युक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक निःशुल्क टीकाकरण किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से इस जनहितकारी अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने और अधिक से अधिक बालिकाओं को टीकाकरण का लाभ दिलाने की अपील की है।
- 0- प्राकृतिक आपदा और मछलियों में बीमारी से होने वाले नुकसान की होगी भरपाईजशपुर। जिले के मत्स्य पालकों के लिए प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत संचालित एक्वा इंश्योरेंस योजना आर्थिक सुरक्षा का प्रभावी माध्यम बन रही है। इस योजना के तहत मछली पालन के दौरान प्राकृतिक आपदाओं, आकस्मिक घटनाओं एवं मछलियों में फैलने वाली बीमारियों से होने वाले नुकसान की भरपाई की सुविधा उपलब्ध है।मत्स्य विभाग ने जिले के सभी मत्स्य पालक किसानों से जुलाई-अगस्त माह में मत्स्य बीज संचयन के समय एक्वा इंश्योरेंस कराने की अपील की है। विभाग के अनुसार बीमा कवरेज मिलने से किसी भी अप्रत्याशित स्थिति में किसानों को आर्थिक नुकसान से राहत मिलेगी तथा उनके मत्स्य व्यवसाय को सुरक्षा प्राप्त होगी।योजना का उद्देश्य मत्स्य पालन को अधिक सुरक्षित और लाभकारी बनाना है, ताकि किसान जोखिमों की चिंता किए बिना उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित हो सकें। एक्वा इंश्योरेंस से मत्स्य पालकों को प्राकृतिक आपदा अथवा रोग प्रकोप के कारण होने वाली क्षति की भरपाई प्राप्त हो सकेगी।योजना से संबंधित अधिक जानकारी एवं आवेदन प्रक्रिया के लिए मत्स्य पालक अपने विकासखंड के मत्स्य विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं। विभाग द्वारा सभी विकासखंडों में आवश्यक मार्गदर्शन और सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
- 0- आमजन की शिकायतों के त्वरित एवं समयबद्ध समाधान के लिए राज्य सरकार की बड़ी पहलगरियाबंद. मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप प्रदेश में सुशासन को और अधिक प्रभावी एवं जनकेंद्रित बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा सीएम हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली शीघ्र प्रारंभ की जा रही है। सुशासन एवं अभिसरण विभाग के अंतर्गत संचालित यह प्रणाली नागरिकों को शासकीय सेवाओं एवं योजनाओं तक सरल पहुंच उपलब्ध कराने तथा उनकी शिकायतों के त्वरित, पारदर्शी एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विकसित की गई है।कलेक्टर श्री बीएस उइके के मार्गदर्शन में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री प्रखर चंद्राकर, अपर कलेक्टर श्री पंकज डाहिरे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। प्रशिक्षण में सुशासन के अभिहित अधिकारी श्री राकेश गोलछा ने अधिकारियों को सीएम हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली की कार्यप्रणाली, ऑनलाइन शिकायत पंजीयन, मॉनिटरिंग व्यवस्था एवं शिकायत निराकरण की चरणबद्ध प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने पोर्टल एवं डैशबोर्ड संचालन, शिकायतों के वर्गीकरण, ट्रैकिंग एवं समयसीमा आधारित निराकरण की तकनीकी प्रक्रिया के संबंध में भी विस्तार से बताया।उन्होंने बताया कि प्रदेश का कोई भी नागरिक टोल फ्री नंबर 1076 पर कॉल कर, वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप, व्हाट्सएप अथवा लिखित आवेदन के माध्यम से अपनी शिकायत 24×7 दर्ज करा सकेगा। शिकायत दर्ज होते ही शिकायतकर्ता को एक यूनिक शिकायत क्रमांक प्रदान किया जाएगा, जिसके माध्यम से वह अपनी शिकायत की वर्तमान स्थिति, संबंधित विभाग एवं अधिकारी की जानकारी तथा समाधान की समयसीमा देख सकेगा। सीएम हेल्पलाइन सेंटर सप्ताह के सातों दिन एवं चौबीसों घंटे संचालित रहेगा। जिससे नागरिकों को किसी भी समय अपनी समस्या दर्ज कराने की सुविधा मिलेगी। शासन द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिक भी इस सुविधा का लाभ आसानी से प्राप्त कर सकें।शिकायत दर्ज होने के पश्चात संबंधित विभाग एवं अधिकारी तक प्रकरण तत्काल ऑनलाइन माध्यम से पहुंच जाएगा। पूरी प्रक्रिया तकनीक आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम से जुड़ी होगी, जिससे प्रत्येक स्तर पर अधिकारियों की जवाबदेही तय की जा सकेगी तथा शिकायतों के अनावश्यक लंबित रहने की संभावना कम होगी। प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि शिकायतों के निराकरण के बाद संबंधित नागरिक से फीडबैक लिया जाएगा। शिकायतकर्ता के संतुष्ट होने पर ही शिकायत का अंतिम निराकरण माना जाएगा। यदि शिकायतकर्ता असंतोष व्यक्त करता है, तो शिकायत स्वतः पुनः सक्रिय होकर आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित स्तर पर भेज दी जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी मुख्यमंत्री कार्यालय एवं वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों द्वारा की जाएगी।
- 0- 11 हजार से 30 हजार रुपये तक मासिक वेतन वाले पदों पर मिलेगा रोजगार का अवसर0- विभिन्न निजी प्रतिष्ठानों द्वारा योग्यतानुसार किया जाएगा चयनरायगढ़। अस्थिबाधित दिव्यांगजनों को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 5 जून 2026 को रायपुर में विशेष रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। विशेष रोजगार कार्यालय रायपुर के तत्वावधान में आयोजित यह रोजगार मेला प्रातः 11 बजे से अपराह्न 3 बजे तक शासकीय कन्या पॉलिटेक्निक कॉलेज, बैरन बाजार, रायपुर में संपन्न होगा। विशेष रोजगार कार्यालय रायपुर की उपसंचालक डॉ. शशी अतुलकर ने बताया कि यंग इंडिया के सहयोग से आयोजित इस रोजगार मेले में क्रेडालिस केपिटल प्राइवेट लिमिटेड, आई. ट्रेड टेलिमेटिक्स निगरानी जीपीएस, रामा उद्योग प्राइवेट लिमिटेड, बारबर्रिक ट्रांसफॉर्मर्स, अविनाश डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड तथा स्काई ऑटोमोबाइल (मारूति नेक्सा) रायपुर सहित विभिन्न प्रतिष्ठित निजी संस्थान शामिल होंगे। इन संस्थानों द्वारा योग्यतानुसार अस्थिबाधित दिव्यांगजनों का चयन कर रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।चयनित अभ्यर्थियों को पद एवं योग्यता के अनुसार लगभग 11 हजार रुपये से 30 हजार रुपये प्रतिमाह तक वेतन प्रदान किया जाएगा। रोजगार का कार्यक्षेत्र मुख्य रूप से रायपुर जिला रहेगा। रोजगार मेले में छत्तीसगढ़ के ऐसे अस्थिबाधित दिव्यांगजन भाग ले सकते हैं, जो बिना व्हीलचेयर के चलने-फिरने में सक्षम हों तथा जिनकी आयु 18 से 40 वर्ष के बीच हो। इच्छुक अभ्यर्थियों को अपने साथ 10वीं, 12वीं, स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा, बीई, आईटीआई, डीसीए, पीजीडीसीए अथवा अन्य तकनीकी एवं शैक्षणिक योग्यता संबंधी अंकसूची एवं प्रमाण-पत्र, दिव्यांगता प्रमाण-पत्र, स्थानीय निवासी प्रमाण-पत्र, रोजगार पंजीयन प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड की मूल प्रति एवं एक-एक छायाप्रति तथा दो पासपोर्ट आकार के फोटो लाने होंगे। आयोजकों ने बताया कि रोजगार मेले में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों को आने-जाने का कोई यात्रा व्यय देय नहीं होगा। भोजन एवं ठहरने की व्यवस्था अभ्यर्थियों को स्वयं करनी होगी। रोजगार मेले से संबंधित अधिक जानकारी कार्यालयीन समय में दूरभाष क्रमांक 0771-4044081 पर 0प्राप्त की जा सकती है।

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