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- 0- अब तक 1 लाख 52 हजार से अधिक बच्चों की हो चुकी स्क्रीनिंगरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार, जिला प्रशासन रायपुर द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए संचालित “प्रोजेक्ट धड़कन” के अंतर्गत जिले भर में विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इस अभिनव पहल का उद्देश्य बच्चों में जन्मजात हृदय रोग की समय रहते पहचान कर उन्हें बेहतर एवं निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराना है।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन तथा श्री सत्य साई हॉस्पिटल के सहयोग से अभनपुर टीम बी द्वारा शासकीय हाई स्कूल सारखी में 149 बच्चों, आरंग टीम बी द्वारा शासकीय प्राथमिक शाला एवं आंगनबाड़ी केन्द्र क्रं 1 व 2 घोंट में 148 बच्चों, धरसींवा टीम बी द्वारा शासकीय माध्यमिक शाला टेमरी में 92 बच्चों, तिल्दा टीम बी द्वारा माध्यमिक शाला सरारीडीह एवं एससी/एसटी गर्ल्स हॉस्टल में 104 बच्चों, अर्बन टीम ए द्वारा पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय रायपुर में 215 बच्चों, अर्बन टीम बी द्वारा शासकीय प्राथमिक शाला संस्कृत विद्यालय एवं शासकीय माध्यमिक शाला रायपुरा में 219 बच्चों एवं अर्बन टीम डी द्वारा प्राथमिक शाला रावाभाठा कक्षा 2, 3 एवं 5 में 215 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई। पूरे जिले में कुल 1142 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई।इस प्रोजेक्ट के तहत अब तक जिले में कुल 1 लाख 52 हजार 9 सौ 24 बच्चों की स्क्रीनिंग, 14 बच्चों का मेडिकल उपचार एवं प्रबंधन तथा 18 बच्चों का निःशुल्क ऑपरेशन किया जा चुका है।
- 0- “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” के तहत शासकीय कर्मचारी बच्चों संग साझा कर रहे हैं खुशियाँरायपुर. जिले में शासकीय कर्मचारियों के जन्मदिन अब केवल व्यक्तिगत आयोजन नहीं रह गए हैं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुसार प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना और न्योता भोज के अंतर्गत संचालित “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” का उद्देश्य ही है - खुशियों को बाँटना, और इस पहल को शासकीय कर्मचारी पूरे उत्साह के साथ अपना रहे हैं।इसी क्रम में शिक्षक श्री रघु राम साहू ने शासकीय प्राथमिक शाला कटोरातालाब, नर्सिंग ऑफिसर सुश्री वनिता कन्नौजे ने आंगनवाड़ी केंद्र गोपियापारा, पुरानी बस्ती एवं टीबीएचवी श्रीमती नंदा दूधी ने आंगनबाड़ी केंद्र कुंद्रा पारा गुढ़ियारी में विद्यार्थियों के साथ जन्मदिवस के अवसर पर बच्चों के साथ केक काटकर, फल और पौष्टिक आहार वितरित कर इस दिन को विशेष बनाया।
- दुर्ग. जिले में 1 जून 2026 से 21 जुलाई 2026 तक 357.7 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। कार्यालय कलेक्टर भू अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार 1 जून से अब तक सर्वाधिक वर्षा 479.1 मिमी तहसील बोरी में तथा न्यूनतम 249.3 मिमी. तहसील धमधा में दर्ज की गई है। इसके अलावा तहसील दुर्ग में 397.1 मिमी, तहसील पाटन में 405.5 मिमी, तहसील भिलाई-3 में 322.1 मिमी और तहसील अहिवारा में 293.1 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। 21 जुलाई 2026 को तहसील दुर्ग में 5.2 मिमी, तहसील धमधा में 1.8 मिमी, तहसील पाटन में 24.1 मिमी, तहसील बोरी में 1.5 मिमी, तहसील भिलाई 3 में 5.4 मिमी और तहसील अहिवारा में 1.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई है।
- दुर्ग. ग्रामीण विकास एवं रोजगार सृजन को नई दिशा देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा लागू “विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025” के तहत 1 जुलाई 2026 से ग्रामीण क्षेत्रों में वीबी-जी रामजी योजना लागू कर दी गई है। इस नई व्यवस्था के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण, जल संरक्षण, आजीविका संवर्धन, आधारभूत अधोसंरचना विकास तथा आत्मनिर्भर गांवों के निर्माण पर विशेष बल दिया जा रहा है।जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी से प्राप्त जानकारी अनुसार 1 जुलाई 2026 से अब तक दुर्ग जिले में 12,089 मानव दिवस सृजित किए जा चुके हैं। इसके लिए एसएनए (Single Nodal Account) प्रणाली के माध्यम से 36 लाख 26 हजार 700 रुपये की मजदूरी राशि जारी की गई है, जिसे श्रमिकों के बैंक खातों में अंतरित करने की प्रक्रिया पूर्ण की जा रही है। योजना के तहत मजदूरी भुगतान 15 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जा रहा है।योजना में यह प्रावधान भी किया गया है कि निर्धारित अवधि में रोजगार उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में पात्र परिवारों को बेरोजगारी भत्ता प्रदान किया जाएगा। भुगतान प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए मजदूरी राशि डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे श्रमिकों के बैंक अथवा डाकघर खातों में भेजी जा रही है। यदि मजदूरी भुगतान में 15 दिनों से अधिक की देरी होती है, तो श्रमिकों को नियमानुसार क्षतिपूर्ति राशि भी प्रदान की जाएगी।वीबी-जी रामजी योजना के अंतर्गत जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण, ग्रामीण अधोसंरचना विकास, आंगनबाड़ी भवन, पशुपालन एवं मत्स्य पालन से संबंधित कार्य, कौशल विकास केंद्र, बाढ़ नियंत्रण, आपदा प्रबंधन तथा अन्य जनहितकारी निर्माण कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। ग्राम पंचायतों की भूमिका को और अधिक सशक्त बनाते हुए विकसित ग्राम पंचायत योजना के माध्यम से ग्राम सभाओं की सहभागिता से स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों का चयन किया जाएगा। योजना को पीएम गतिशक्ति एवं जीआईएस आधारित डिजिटल प्रणाली से भी जोड़ा गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि योजना के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता अथवा नियमों के उल्लंघन पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- 0- दैनिक जीवन में स्थानीय स्तर पर निर्मित ग्रामोद्योग एवं हस्तशिल्प उत्पादों को अपनाने तथा उनके उपयोग को बढ़ावा देने की अपीलदुर्ग. छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत शासकीय विज्ञान महाविद्यालय दुर्ग में आयोजित वोकल फॉर लोकल कार्यक्रम में शामिल हुई। इस अवसर पर उन्होंने नागरिकों से दैनिक जीवन में स्थानीय स्तर पर निर्मित ग्रामोद्योग एवं हस्तशिल्प उत्पादों को अपनाने तथा उनके उपयोग को बढ़ावा देने की अपील की। श्रीमती शालिनी राजपूत ने कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए विभिन्न हस्तशिल्प स्टॉलों का अवलोकन किया तथा स्थानीय शिल्पकारों से संवाद कर उनके कार्यों, उत्पादों एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों के अधिकाधिक उपयोग से न केवल पारंपरिक कला एवं संस्कृति का संरक्षण होगा। बल्कि शिल्पकारों और ग्रामीण उद्यमियों को भी आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद मिलेगी। इस अवसर पर हस्तशिल्प प्रबंधक श्री सी.एस. केहरि व अन्य अधिकारी-कर्मचारी, शिल्पकार एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
- 0- मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के हाथों बच्चियों को मिली साइकिल, अब स्कूल जाना हुआ आसानदुर्ग. जिले के पाटन विकासखंड के ग्राम जामगांव (एम) में आयोजित राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव वर्ष 2026-27 छात्राओं के लिए यादगार पल बन गया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत छात्राओं को साइकिलें वितरित कीं। जैसे ही छात्राओं ने मुख्यमंत्री के हाथों साइकिल प्राप्त की, उनके चेहरों पर खुशी और आत्मविश्वास साफ झलकने लगा। योजना से लाभान्वित छात्राओं हर्षिका देवांगन, संध्या पटेल, मेनका सेन और विहारिका देवांगन ने बताया कि अब तक उन्हें विद्यालय आने-जाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। घर से स्कूल की दूरी अधिक होने के कारण प्रतिदिन पैदल चलना पड़ता था। विशेषकर बारिश के मौसम में रास्ते की परेशानी और भी बढ़ जाती थी।कई बार भीगकर स्कूल पहुंचना पड़ता था, जिससे उनकी कॉपी-किताबें भी खराब हो जाती थीं। छात्राओं ने बताया कि मुख्यमंत्री सरस्वती साइकिल योजना के तहत साइकिल मिलने से उनकी सबसे बड़ी चिंता दूर हो गई है। अब वे समय पर, सुरक्षित और बिना किसी परेशानी के विद्यालय पहुंच सकेंगी। इससे न केवल उनकी पढ़ाई नियमित होगी, बल्कि समय की भी बचत होगी और वे पढ़ाई के साथ अन्य गतिविधियों में भी अधिक भाग ले सकेंगी। छात्राओं ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह साइकिल केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि उनके बेहतर भविष्य की ओर बढ़ने का एक मजबूत माध्यम है। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार की इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों की हजारों बेटियों को शिक्षा प्राप्त करने में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास मिलेगा। मुख्यमंत्री सरस्वती साइकिल योजना प्रदेश की बेटियों को शिक्षा से जोड़ने, विद्यालय में उनकी नियमित उपस्थिति बढ़ाने तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। सरकार का यह प्रयास शिक्षा को अधिक सुलभ और बेटियों के भविष्य को अधिक उज्ज्वल बनाने की दिशा में एक सार्थक कदम है।
- दुर्ग. मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, दुर्ग द्वारा जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) मद के अंतर्गत जिला अस्पताल दुर्ग में रिक्त विषय विशेषज्ञ चिकित्सा अधिकारियों के पदों पर संविदा भर्ती के लिए वॉक-इन इंटरव्यू आयोजित की गई है। यह भर्ती 1 अगस्त 2026 से 31 मार्च 2027 तक की अवधि के लिए अस्थायी संविदा नियुक्ति के आधार पर की जाएगी।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से प्राप्त जानकारी अनुसार भर्ती के अंतर्गत मेडिकल विशेषज्ञ, रेडियोलॉजिस्ट एवं पैथोलॉजिस्ट के एक-एक पद सहित कुल 3 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी निर्धारित प्रारूप में आवेदन पत्र तथा आवश्यक दस्तावेजों के साथ 27 जुलाई 2026 (सोमवार) को कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, दुर्ग के सभाकक्ष में आयोजित वॉक-इन इंटरव्यू में शामिल हो सकते हैं। विस्तृत जानकारी जिले की वेबसाईट www.durg.gov.in में देखा व डाउनलोड किया जा सकता है। आवेदन सुबह 11.30 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक स्वीकार किए जाएंगे। पात्र अभ्यर्थियों की सूची दोपहर 2 बजे तक प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद दोपहर 2 से 2.30 बजे तक दावा-आपत्ति प्राप्त की जाएगी तथा 2.30 से 3.30 बजे तक उनका निराकरण किया जाएगा। इसके पश्चात शाम 4 बजे से वॉक-इन इंटरव्यू आयोजित होगा।
- 0- शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति नियमों के अनुरूप ही होगी, दोनों विभागों की अनुमति अनिवार्य0- कलेक्टर ने ली समय-सीमा की बैठकदुर्ग. कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में विभागीय कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को शासन की योजनाओं एवं विकास कार्यों का निर्धारित समय-सीमा में प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति व्यवस्था की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि वर्तमान में यदि स्कूल शिक्षा विभाग के शिक्षक किसी अन्य विभाग में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं, तो उनकी प्रतिनियुक्ति पूरी तरह नियमानुसार होनी चाहिए। इसके लिए संबंधित शिक्षक की मूल नियुक्ति वाले विभाग तथा जिस विभाग में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं, दोनों विभागों से विधिवत अनुमति प्राप्त होना अनिवार्य होगा। साथ ही जिस विभाग में शिक्षक की प्रतिनियुक्ति की गई है, वहां स्वीकृत सेटअप के अनुसार रिक्त पद उपलब्ध होना भी आवश्यक है। कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को इस संबंध में सभी प्रकरणों की समीक्षा कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा जिले के सभी शासकीय स्कूलों में शिक्षकों की शत-प्रतिशत बायोमैट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने सार्वजनिक मार्गों पर आवागमन में बाधा उत्पन्न करने वाले धार्मिक स्थलों के संबंध में निर्देश देते हुए कहा कि ऐसे स्थलों को नियमानुसार प्रतिस्थापित अथवा हटाने की कार्यवाही की जानी है। इसके लिए जिला एवं अनुविभाग स्तर पर समितियों का गठन किया गया है। उन्होंने सभी एसडीएम को निर्देशित किया कि अनुविभाग स्तर पर समिति की बैठक आयोजित कर ऐसे धार्मिक स्थलों का चिन्हांकन करें तथा उनकी सूची, स्थलवार फोटोग्राफ एवं आवश्यक जानकारी शीघ्र उपलब्ध कराएं, ताकि आगे की कार्यवाही की जा सके। स्कूल शिक्षा विभाग में शिक्षकों की शत-प्रतिशत बायोमैट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने जनप्रतिनिधियों को शासकीय ई-मेल आईडी उपलब्ध कराकर शासकीय फाइलों का डिजिटल माध्यम से त्वरित संचालन सुनिश्चित करने, आयुष्मान कार्ड एवं व्यय वंदन योजना के तहत ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में विशेष शिविर लगाकर सभी पात्र हितग्राहियों के शत-प्रतिशत कार्ड बनाने, दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने, जलजनित रोगों की रोकथाम, नियमित फॉगिंग एवं छिड़काव कराने तथा 1 अगस्त से प्रीपेड बिजली व्यवस्था लागू होने से पहले सभी विभागों के लंबित बिजली बिलों का भुगतान करने के निर्देश दिए। उन्होंने जर्जर भवनों को शीघ्र ध्वस्त करने की कार्यवाही भी तेज करने को कहा।बैठक में निजी स्कूलों में बायोमैट्रिक अपडेट शिविर आयोजित करने, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं के रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने तथा खाद की उपलब्धता की समीक्षा भी की गई। कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन, जनदर्शन एवं पीजीएन पोर्टल पर लंबित प्रकरणों की विभागवार समीक्षा करते हुए सभी आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में वनमंडलाधिकारी श्री दीपेश कपिल, अपर कलेक्टर श्री वीरेन्द्र सिंह, अपर कलेक्टर श्रीमती योगिता देवांगन, नगर निगम भिलाई आयुक्त सुश्री सुरुचि सिंह, नगर निगम रिसाली आयुक्त श्रीमती मोनिका वर्मा, नगर निगम दुर्ग उपायुक्त श्री मोहेन्द्र साहू, अपर कलेक्टर श्रीमती सिल्ली थॉमस, एसडीएम श्री हरवंश मिरी, एसडीएम श्री सोनल डेविड, श्री लवकेश धु्रव, डिप्टी कलेक्टर श्री प्रफुल्ल गुप्ता सहित समस्त विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
- 0- स्कूल-कालेजों में नशा-मुक्ति अभियान चलायी जाए0- माननीय उच्च न्यायालय के प्रकरणों पर जवाबदावा समय पर प्रस्तुत करेंदुर्ग. संभाग आयुक्त श्री एस.एन. राठौर ने आज क्षेत्रीय कृषि प्रसार एवं प्रशिक्षण संस्थान रूआबांधा (दुर्ग) के सभाकक्ष में संभाग स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक में विभागीय समय-सीमा प्रकरणों और काम-काज की समीक्षा की। उन्होंने मानसून की सक्रियता को ध्यान में रखते हुए संभाग के जिलों में खरीफ फसल बीज की उपलब्धता की जानकारी ली। संभाग आयुक्त ने कहा कि किसानों द्वारा बोये गये खरीफ बीज अंकुरण नहीं होने की स्थिति में वैकल्पित बीज की उपलब्धता सुनिश्चित किया जाए, साथ ही किसानों को दोबारा बोनी के लिए शीघ्र बीज उपलब्ध करायी जाए। बीज निगम के प्रबंधक ने बताया कि दुर्ग जिले में कृषि विभाग द्वारा खरीफ-2026 के लिए मांग 29827 क्विंटल के विरूद्ध उपलब्धता 30391.76 क्विंटल है। अब तक विभिन्न माध्यम (समिति, कृषि विभाग एवं बीज निगम) से किसानों हेतु कुल 29643.64 क्विंटल बीज प्रदाय किया गया है। बीज निगम में 7489.12 क्विंटल बीज उपलब्ध है, जिसमें धान 737.10 क्विंटल, अरहर 4.80 क्विंटल के अलावा रागी, कोदो उड़द, मूंग एवं हरी खाद सन का बीज प्रमुख है। जिसे आवश्यकतानुसार कृषक बीज निगम रूआबांधा से क्रय कर सकते हैं। संभाग आयुक्त श्री राठौर ने जिलों में मृदा स्वास्थ्य परीक्षण लैब की जानकारी लेते हुए कहा कि मानपुर, मोहला एवं खैरागढ़ ने भी उक्त लैब की व्यवस्था सुनिश्चित किया जाए ताकि किसानों को मृदा परीक्षण कराने में सहुलियत हो।संभाग आयुक्त ने नशा-मुक्ति अभियान पर जोर देते हुए स्कूल-कालेजों एवं पुलिस विभाग के सहयोग से जनजारूकता रैली, नुक्कड़ नाटक का आयोजन कर लोगों को नशा के दुष्परिणामों से अवगत करायी जाए। उन्होंने अधिकारियों को संबंधित कार्यालयों में कार्य ई-ऑफिस प्रणाली से ही कराने निर्देशित किया। शासन के निर्देशानुसार मैनुअल फाईल कार्य बंद किया जाए। कार्यालयों में अधिकारी-कर्मचारियों की उपस्थिति आधार बेस के माध्यम से उपस्थिति दर्ज निर्धारित समय पर हो, यह सुनिश्चित किया जाए। कार्यालयों में संलग्नीकरण प्रक्रिया समाप्त कर दी गई है, अधिकारी इसका ध्यान रखें। अधिकारी-कर्मचारियों का निलंबन अवधि लंबे समय तक न हो, साथ ही निलंबन पश्चात बहाल होने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी को विभाग अंतर्गत किसी भी कार्यालय में आवश्यकतानुसार पदस्थ किया जाए। संभाग आयुक्त ने कहा कि बारिश के मौसम में पेयजल की शुद्धता पर विशेष ध्यान दिया जाए। जल जीवन मिशन अंतर्गत समूह परियोजना के कार्य जहां पूर्ण हो गये हैं। ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। यह व्यवस्था संभाग के कवर्धा, खैरागढ़ जिले के पहाड़ी क्षेत्रों के गांवों में भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता को दुर्ग में कन्या छात्रावास के निर्माण कार्य पूर्ण कराने तथा संयुक्त संचालक शिक्षा को स्कूली बच्चों का जाति-आय-निवास व जन्म प्रमाण पत्र शत-प्रतिशत बनवाने निर्देशित किया।संभाग आयुक्त ने विभागों में माननीय उच्च न्यायालय के लंबित प्रकरणों के संबंध में कहा कि अधिकारी प्रकरणों के निराकरण को गंभीरता से लेते हुए समय रहते जवाबदावा प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें। बैठक समाप्ति पश्चात संभाग आयुक्त श्री राठौर ने क्षेत्रीय कृषि प्रसार एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर में पर्यावरण संरक्षण हेतु अधिकारियों के साथ पौध-रोपण किया। इस अवसर पर उपायुक्त (विकास) श्री संतोष ठाकुर एवं समस्त विभाग के संभाग स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
- 0- ग्राम पंचायतों में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों एवं शासकीय कार्यालयों का लिया जायजाबालोद. जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी ने डौंडीलोहारा विकासखंड के विभिन्न ग्रामों का औचक निरीक्षण कर ग्राम पंचायतों में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों एवं शासकीय कार्यालयों का जायजा लिया। इस दौरान सीईओ श्री चंद्रवंशी ने ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन का जायजा लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान सीईओ श्री चंद्रवंशी ने ग्राम पंचायत सिवनी के आश्रित ग्राम कामता में स्वच्छ भारत मिशन के तहत संचालित बायो गैस संयंत्र, प्राथमिक शाला, आंगनबाड़ी केंद्र, सामुदायिक भवन एवं आहाता निर्माण का जायजा लेते हुए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश प्रदान किए। इसके अलावा उन्होंने ग्राम पंचायत बड़गांव के आंगनबाड़ी, डारागांव स्थित अमृत सरोवर, बिजौरा में प्रधानमंत्री आवास योजना के कार्यों तथा ग्राम पंचायत सुरेगांव में निर्माणाधीन महतारी सदन का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुरेगांव और आयुर्वेदिक औषधालय सुरेगांव पहुँचकर स्वास्थ्य सुविधाओं की भी समीक्षा की और व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाए रखने के निर्देश दिए।
- बालोद. खरीफ वर्ष 2026-27 अतर्गत पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना अंतर्गत उद्यानिकी फसलों की बीमा करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। उद्यानिकी विभाग के सहायक संचालक ने बताया कि जिले के ईच्छुक ऋणी एवं अऋणी कृषक टमाटर, बैगन, अमरुद केला, पपीता, मिर्च एवं अदरक उद्यानिकी फसलों का बीमा 31 जुलाई 2026 तक लोक सेवा केन्द्र, बैंक शाखा, सहकारी समिति या भारतीय कृषि बीमा इंश्योरेंश कम्पनी के प्रतिनिधि से संपर्क कर फसलों का बीमा करा सकते है। इसके साथ ही उक्त संबंध में अधिक जानकारी बीमा कंपनी के प्रतिनिधि श्री सुमीत साहू के मोबाईल नंबर 9131080865 से संपर्क कर प्राप्त सकते है।
- 0- कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने जिले के सभी कृषकों का शत प्रतिशत एवं त्रुटिरहित ढंग से डिजिटल फसल सर्वेक्षण करने के दिए निर्देशबालोद. खरीफ वर्ष 2026 में एग्रीस्टैक परियोजना के अंतर्गत डिजिटल फसल सर्वेक्षण कार्य के संबंध में सोमवार 20 जुलाई को संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बैठक में कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने जिले के सभी राजस्व अधिकारियों को निर्धारित समयावधि में जिले के सभी कृषकों का शत प्रतिशत एवं त्रुटिरहित ढंग से डिजिटल फसल सर्वेक्षण कार्य करने के निर्देश दिए। इस मौके पर उन्होंने डिजिटल सर्वेक्षण कार्य को शासन के विशेष प्राथमिकता वाले एवं अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए राजस्व अधिकारियों को इस कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न करने के संबंध में आवश्यक जानकारियां भी दी।इस मौके पर प्रशिक्षकों के द्वारा जिले के राजस्व अधिकारियों को एग्रीस्टैक परियोजना के अंतर्गत डिजिटल फसल सर्वेक्षण कार्य के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। इसके अलावा जिले के राजस्व अधिकारियों को कृषकों को शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित कराने हेतु उनका शत प्रतिशत एवं त्रुटिरहित ढंग से फसल सर्वेक्षण कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के संबंध में आवश्यक जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष सहित जिले के सभी राजस्व अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, अधीक्षक भू-अभिलेख, सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख एवं राजस्व निरीक्षक, जिले के सभी तहसीलों के डाटा एंट्री आॅपरेटरों के अलावा अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।प्रशिक्षण के दौरान संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार खरीफ वर्ष 2026-27 में जिले के सभी किसानों का शत प्रतिशत एवं त्रुटिरहित डिजिटल फसल सर्वेक्षण का कार्य 17 अगस्त 2026 से प्रारंभ किया गया है। उन्होंने कहा कि इस कार्य को 30 सितम्बर 2026 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जाएगा। ज्ञातव्य हो कि बालोद जिले में डिजिटल फसल सर्वेक्षण कार्यक्रम को निर्धारित समयावधि में सफलतापूर्वक संपन्न करने केे उद्देश्य से ग्राम स्तर पर बैनर पोस्टर एवं ग्राम कोटवारों के द्वारा मुनादी के माध्यम से इस योजना का समुचित प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। जिससे कि बालोद जिले के कृषकों के सभी खसरों का त्रुटिरहित ऑनलाईन डिजिटल फसल सर्वेक्षण किया जा सके।
- 0- प्रयास आवासीय विद्यालयों की कक्षा 9वीं में प्रवेश हेतु काउंसलिंग 22 जुलाई से 5 अगस्त तकबालोद. छत्तीसगढ़ राज्य में संचालित 'प्रयास आवासीय विद्यालयों' के सत्र 2026-27 की कक्षा 9वीं के परीक्षा परिणाम घोषित होने के पश्चात प्रवेश हेतु काउंसलिंग प्रक्रिया की सूचना जारी कर दी गई है। विभागीय वेबसाइट https://eklavya.cg.nic.in/ पर काउंसलिंग हेतु पात्र छात्र-छात्राओं की सूची एवं तिथियां प्रदर्शित कर दी गई हैं।जारी सूचना के अनुसार, प्रयास आवासीय विद्यालयों की कक्षा 9वीं (सत्र 2026-27) में प्रवेश हेतु काउंसलिंग दिनांक 22 जुलाई 2026 से 05 अगस्त 2026 तक आयोजित की जाएगी। काउंसलिंग का स्थान काउंसलिंग सूची में दर्शाए गए आबंटित प्रयास आवासीय विद्यालयों में निर्धारित किया गया है, जहां अभ्यर्थी प्रातः 11:00 बजे से सायं 04:00 बजे तक उपस्थित होकर प्रक्रिया पूर्ण कर सकते हैं।
- 0- टीएल बैठक में योजनाओं की समीक्षा, सीएम हेल्पलाइन, मौसमी बीमारियों, पीएम सूर्यघर, कृषि कार्य के संबंध में दिए महत्वपूर्ण निर्देशबिलासपुर. कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने आज आयोजित समय-सीमा (टीएल) बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जनहित से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हाल की अतिवृष्टि एवं बाढ़ से प्रभावित लोगों को शीघ्र राहत उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए राजस्व अमला तत्काल प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कर राहत प्रकरण तैयार करे तथा नियमानुसार शीघ्र स्वीकृति देकर पात्र हितग्राहियों को मुआवजा उपलब्ध कराया जाए। कलेक्टर ने अधिकारियों को स्वयं मौके पर जाकर निरीक्षण करने तथा बाढ़ से शासकीय भवनों एवं अन्य सार्वजनिक परिसंपत्तियों को हुई क्षति का आकलन कर उसकी रिपोर्ट राहत शाखा को तत्काल भेजने के निर्देश दिए।बैठक में कलेक्टर ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों के निराकरण की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे स्वयं शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग करें और प्रारंभिक स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करें, ताकि अनावश्यक रूप से प्रकरण उच्च स्तर पर लंबित या स्थानांतरित न हों। उन्होंने राजस्व, विद्युत एवं नगरीय निकायों से संबंधित कुछ निराकृत प्रकरणों की गुणवत्ता का परीक्षण भी किया और आवश्यक सुधार के निर्देश दिए।केंद्रीय जेल में हाल के दिनों में हुई कैदियों की आकस्मिक मौतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर श्री अग्रवाल ने अगले एक-दो दिनों के भीतर विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिविर में सभी आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण किए जाएं तथा हृदय संबंधी जांच के लिए ईसीजी मशीन की भी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।कलेक्टर ने मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में आवश्यक दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे तथा आमजन को मौसमी बीमारियों से बचाव के प्रति व्यापक रूप से जागरूक किया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में जर्जर भवनों में स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र अथवा अस्पताल संचालित नहीं किए जाएं। ऐसे भवनों के लिए अस्थायी वैकल्पिक व्यवस्था की जाए तथा आवश्यकता अनुसार नए भवनों के प्रस्ताव भेजे जाएं। बैठक में उन्होंने स्कूलों में अब तक अप्राप्त पाठ्यपुस्तकों की जानकारी भी संबंधित विभाग से तलब की।प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कलेक्टर ने कहा कि जिले में अब तक लगभग साढ़े पांच हजार संयंत्र ही स्थापित हो पाए हैं, जबकि 11 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं। उन्होंने योजना की प्रगति में तेजी लाने के लिए विशेष शिविर आयोजित कर अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों के आवेदन तैयार करने के निर्देश दिए।बैठक में खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने खाद-बीज की उपलब्धता एवं बोआई-रोपाई की प्रगति की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि जिले में खाद एवं बीज का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है तथा बोआई का कार्य तेजी से चल रहा है।कलेक्टर ने सभी पात्र किसानों का एग्रीस्टैक पोर्टल पर समयबद्ध पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि भविष्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए किसानों का पंजीयन आवश्यक होगा।बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री प्रकाश सर्वे, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री संदीप अग्रवाल सहित सभी विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित थे।
- दुर्ग। प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने आज दुर्ग विधानसभा क्षेत्र के बोरसीभांठा, पोटिया-झुग्गीपारा एवं पद्मनाभपुर स्थित शासकीय विद्यालयों में आयोजित शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रमों में शामिल होकर नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाये एवं मिठाई खिलाकर स्वागत किये। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को गणवेश एवं जूते वितरित किए तथा विद्यालयों में स्थापित स्मार्ट क्लास का शुभारंभ भी किये।शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने विद्यार्थियों, पालकों एवं शिक्षकों से संवाद करते हुए कहा कि नया शिक्षा सत्र बच्चों के जीवन में नए सपनों, नई ऊर्जा और नए अवसरों का प्रारंभ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक एवं संस्कारयुक्त शिक्षा पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विद्यालयों में बेहतर अधोसंरचना, स्मार्ट क्लास, डिजिटल शिक्षा और आधुनिक संसाधनों का विस्तार किया जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।उन्होंने विद्यार्थियों से चर्चा करते हुए स्मार्ट क्लास और डिजिटल शिक्षा के महत्व को बताया तथा कहा कि तकनीक आधारित शिक्षण से विषयों को समझना अधिक सरल होगा और बच्चे भविष्य की प्रतिस्पर्धाओं के लिए बेहतर ढंग से तैयार होंगे। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, अनुशासन और निरंतर सीखने की आदत विकसित करने के लिए प्रेरित किया।शिक्षा मंत्री श्री यादव कक्षाओं में भी पहुंचे और बच्चों के बीच बैठकर उनसे पढ़ाई, पसंदीदा विषयों तथा भविष्य के सपनों पर आत्मीय चर्चा की। बच्चों के उत्साह, आत्मविश्वास और सीखने की जिज्ञासा की सराहना करते हुए उन्होंने मन लगाकर पढ़ाई करने एवं नियमित रूप से विद्यालय आने का संदेश दिये। इस अवसर पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधिगण, शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में पालकगण उपस्थित रहे।
- -पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने नवप्रवेशी बच्चों का किया आत्मीय स्वागत-पाठ्यपुस्तक, गणवेश, अध्ययन सामग्री और साइकिल वितरण के साथ शिक्षकों एवं नवसाक्षरता अभियान के वॉलेंटियरों का हुआ सम्मानरायपुर । सरगुजा जिले में शैक्षणिक सत्र 2026-27 की उत्साहपूर्ण शुरुआत जिला स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव के साथ हुई। पी.जी. कॉलेज ऑडिटोरियम में आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम में पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने विद्यालय की घंटी बजाकर नवप्रवेशी बच्चों का स्वागत किया और उन्हें तिलक लगाकर, पुष्पमाला पहनाकर तथा मिठाई खिलाकर विद्यालय में प्रवेश दिलाया। पूरे कार्यक्रम में शिक्षा के प्रति उत्साह, बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की आशा और समाज को शिक्षित बनाने का संकल्प स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि बच्चों के बीच उपस्थित होकर उन्हें विद्यालय की नई शुरुआत के लिए प्रेरित करना अत्यंत गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही सफलता का मूल मंत्र है और यही वह आधार है जो व्यक्ति के जीवन में ज्ञान, कौशल, आत्मविश्वास तथा समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने कहा कि शासन का उद्देश्य केवल बच्चों का नामांकन कराना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक बच्चा नियमित रूप से विद्यालय पहुंचे, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करे और अपने सपनों को साकार करे।उन्होंने कहा कि किसी भी बच्चे को शिक्षा से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा और ड्रॉपआउट की स्थिति समाप्त करने के लिए शासन लगातार प्रयास कर रहा है। विशेष रूप से सरगुजा जैसे जनजाति बहुल क्षेत्र में शिक्षा का महत्व और अधिक है। पहाड़ी कोरवा सहित विशेष पिछड़ी जनजातियों के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए किए जा रहे प्रयासों की उन्होंने सराहना की। उन्होंने विद्यार्थियों से मन लगाकर अध्ययन करने तथा माता-पिता, गुरुजनों, जिले और प्रदेश का नाम रोशन करने का आह्वान किया। वहीं अभिभावकों से बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा बेटा-बेटी को समान अवसर प्रदान करने की अपील भी की।छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर ने विद्यार्थियों को शिक्षा के प्रति समर्पित रहने और जीवन में निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने कहा कि शाला प्रवेश उत्सव छोटे बच्चों के मन में विद्यालय को लेकर होने वाले भय को दूर करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि राज्य शासन लगातार विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण और सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य कर रहा है। श्री भरत सिंह सिसोदिया ने शिक्षकों से बच्चों को शिक्षा के साथ श्रेष्ठ संस्कार देने का आग्रह किया।कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने जिले में शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों और उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि भवनविहीन विद्यालयों के लिए भवन स्वीकृत किए गए हैं, विद्यार्थियों के जाति प्रमाणपत्र बनवाए गए हैं तथा विशेष पिछड़ी जनजाति के बच्चों का उच्च कक्षाओं में प्रवेश सुनिश्चित किया गया है। उन्होंने बताया कि मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को रायपुर के निजी कोचिंग संस्थानों में प्रवेश दिलाया गया है। जिले में शिक्षकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक बच्चों के भविष्य की मजबूत नींव तैयार करते हैं, इसलिए उनकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चों द्वारा तैयार की गई दीवार पत्रिका का भी विमोचन किया गया।शाला प्रवेश उत्सव के अवसर पर कक्षा पहली, छठवीं और नवमी में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को गणवेश, पाठ्यपुस्तकें, कॉपियां, स्कूल बैग तथा अन्य अध्ययन सामग्री वितरित की गई। शिक्षा के प्रति बच्चों का उत्साह बढ़ाने और उन्हें बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में यह महत्वपूर्ण पहल रही।कार्यक्रम में शासन की साइकिल वितरण योजना के अंतर्गत पात्र 21 छात्राओं को साइकिल प्रदान की गई। इस अवसर पर श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि साइकिल जैसी योजनाएं बालिकाओं को विद्यालय तक सहज पहुंच उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का भाव विकसित करती हैं। उन्होंने छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ने का आह्वान किया।कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया। शिक्षा दूत पुरस्कार 2025-26 प्राप्त करने वाले 21 शिक्षकों तथा ज्ञान दीप पुरस्कार 2025-26 प्राप्त करने वाले 3 शिक्षकों को शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त शिक्षकों एवं कर्मचारियों का भी सम्मान किया गया और उनके स्वस्थ एवं सुखद भविष्य की कामना की गई।उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत असाक्षरों को साक्षर बनाने में उल्लेखनीय योगदान देने वाले वॉलेंटियरों को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सभी उपस्थित जनों ने साक्षरता की शपथ लेकर समाज में शिक्षा के प्रसार और निरक्षरता उन्मूलन का संकल्प दोहराया।कार्यक्रम में नगर निगम महापौर श्रीमती मंजूषा भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती निरूपा सिंह, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री देवनारायण यादव, नगर निगम अंबिकापुर के सभापति श्री हरमिंदर सिंह टिन्नी, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों, कर्मचारियों तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और अभिभावकों की उपस्थिति ने शाला प्रवेश उत्सव को शिक्षा के जनआंदोलन का स्वरूप प्रदान किया। पूरे आयोजन ने यह संदेश दिया कि शासन, प्रशासन, शिक्षक, अभिभावक और समाज के सामूहिक प्रयास से ही प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाकर समृद्ध और शिक्षित छत्तीसगढ़ का निर्माण किया जा सकता है।
- -चित्रकोट जल प्रपात के पास तीरथ गांव में 25 करोड़ रूपए की लागत से बनेगी टेंट सिटीरायपुर, /छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित सार्वजनिक निजी भागीदारी मूल्यांकन समिति (पीपीपीएसी) की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में चित्रकोट जलप्रपात के समीप तीरथ गांव में टेंट सिटी विकसित करने के प्रस्ताव पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।बैठक में बताया गया कि इस प्रोजेक्ट को पीपीपी मॉडल पर विकसित किया जाएगा। प्रोजेक्ट का मुख्य स्थान बस्तर जिले के ग्राम तीरथ चित्रकोट जलप्रपात से 500 मीटर की दूरी पर होगा। बैठक में प्रोजेक्ट के वित्तीय प्रबंधन पर भी विस्तार से चर्चा की गई। पर्यटन विभाग के अधिकारी ने बताया कि यहां पर एडवेंचर एक्टिविटी, डेस्टिनेशन वेडिंग और कॉन्फ्रेंस हॉल भी विकसित किए जाएंगे। मुख्य सचिव ने कहा कि चित्रकोट जल प्रपात क्षेत्र के आस-पास वर्ल्ड क्लास टूरिज्म डेसिनेशन के रूप में विकसित करने के लिए मास्टर प्लान बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चित्रकोट देश का बड़ा जलप्रपात है। टेंट सिटी बनने पर बस्तर क्षेत्र में सालभर पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।बैठक में वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन, प्रबंध संचालक पर्यटन मंडल श्री विवेक आचार्य सहित पर्यटन विभाग के अन्य अधिकारी शामिल हुए।
- -संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने परिजनों से की चर्चा, बेहतर इलाज और हरसंभव सहायता का दिया भरोसा-मुख्यमंत्री बोले - प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर हैं श्री विक्रम यादव, उपचार में नहीं आने दी जाएगी कोई कमीरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त लोक कलाकार एवं बांस वादक श्री विक्रम यादव के परिजनों से दूरभाष पर चर्चा कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार उनके समुचित उपचार तथा आवश्यक सहायता के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि उपचार में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी। संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने राजनांदगांव के कलेक्टर तथा मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव के वरिष्ठ चिकित्सकों से भी चर्चा की। उन्होंने चिकित्सकों को श्री विक्रम यादव के उपचार पर विशेष ध्यान देने, आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि यदि उपचार के लिए अतिरिक्त चिकित्सा सुविधा अथवा अन्य व्यवस्थाओं की आवश्यकता होगी तो राज्य शासन द्वारा हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि श्री विक्रम यादव केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे देश की सांस्कृतिक धरोहर हैं। उन्होंने बांस वादन कला के माध्यम से भारत की समृद्ध लोक परंपरा को अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाया है। ऐसे कलाकार प्रदेश का गौरव हैं और उनके सम्मान, स्वास्थ्य तथा सुरक्षा की जिम्मेदारी शासन और समाज दोनों की है। मुख्यमंत्री ने उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए परिवार को आश्वस्त किया कि इस कठिन समय में राज्य सरकार हरसंभव सहयोग के साथ उनके साथ खड़ी है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि उनकी सरकार लोक कलाकारों के सम्मान, संरक्षण और कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। कलाकारों ने अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय छत्तीसगढ़ की संस्कृति, लोक परंपराओं और विरासत को जीवंत बनाए रखने में समर्पित किया है। आवश्यकता की घड़ी में उनके साथ खड़ा होना सरकार का नैतिक दायित्व है।उल्लेखनीय है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट बांस वादन शैली से पहचान बनाने वाले श्री विक्रम यादव लंबे समय से अस्वस्थ हैं और वर्तमान में उनका उपचार राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर राज्य सरकार ने उनके स्वास्थ्य की स्थिति का तत्काल संज्ञान लेते हुए बेहतर उपचार और आवश्यक सहयोग सुनिश्चित करने की पहल की है।संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के इस गौरवशाली लोक कलाकार के स्वास्थ्य और सम्मान से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा उनके उपचार के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
- -राज्यपाल रमेन डेका ने उद्घाटन किया; बालिकाओं की शिक्षा और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने का संदेशरायपुर / वनवासी विकास समिति, रायपुर (छत्तीसगढ़) द्वारा स्थापित नया प्रकल्प “शबरी वाचनालय” मंगलवार को शबरी कन्या आश्रम परिसर, रोहिणीपुरम, रायपुर में भव्य रूप से उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ के माननीय राज्यपाल श्री रमेन डेका थे, जिन्होंने वाचनालय का उद्घाटन कर इस पहल को राज्य और जनजातीय संस्कृति के लिए महत्वपूर्ण बताया। समारोह की अध्यक्षता वनवासी विकास समिति, छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष श्री उमेश कच्छप ने की। अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के अखिल भारतीय संगठन मंत्री श्री अतुल जोग मुख्य वक्ता रहे।पूरे कार्यक्रम का संचालन श्री राजीव शर्मा ने किया ।मुख्य बिंदु• उद्घाटन स्थल: शबरी कन्या आश्रम परिसर, रोहिणीपुरम, रायपुर।• प्रमुख अतिथि: राज्यपाल श्री रमेन डेका।• अध्यक्षता: श्री उमेश कच्छप।• मुख्य वक्ता: श्री अतुल जोग।• मुख्य आयोजन: दीप प्रज्ज्वलन, वाचनालय उद्घाटन, राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान, राज्यगीत, स्वागत नृत्य और एकल गीत “राष्ट्र विजयी हो हमारा”।• उद्देश्य: जनजातीय इतिहास, भाषा और लोक परंपराओं के संरक्षण के साथ बालिकाओं की शिक्षा व आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना।समारोह की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और वाचनालय उद्घाटन से हुई। शबरी कन्या आश्रम की छात्राओं ने स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया तथा “राष्ट्र विजयी हो हमारा” एकल गीत प्रस्तुत किया। श्री अनुराग जैन ने वनवासी विकास समिति एवं वनवासी कल्याण आश्रम द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य और समाज उत्थान के क्षेत्र में चलाई जा रही पहलों का संक्षेप में परिचय दिया, जिसमें पूर्वोत्तर भारत की बालिकाओं के छात्रावास, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएँ और शैक्षिक प्रकल्प शामिल हैं।अखिल भारतीय संगठन मंत्री श्री अतुल जोग ने कहा कि वनवासी कल्याण आश्रम 1952 में जशपुर से प्रारम्भ हुआ था। उन्होंने औपनिवेशिक मिथ्याप्रचारों को चुनौती दी और बताया कि जनजातीय समाज पारस्परिक सहयोग, नैतिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व का उदाहरण है। श्री जोग ने आश्रम से निकली अनेक बालिकाओं के डॉक्टर, प्रोफेसर, तहसीलदार, पुलिस अधिकारी, सेना और महिला कमांडो के रूप में देश सेवा में योगदान का उल्लेख किया।राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा, “शबरी वाचनालय जैसी पहल समाज के उत्थान और संस्कृति के संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।” उन्होंने PVTG (अत्यंत पिछड़ी जनजातियाँ) के संरक्षण, उनकी संस्कृति के संवर्धन और उनके जीवन स्तर में सुधार के लिए सतत प्रयासों पर बल दिया। साथ ही उन्होंने जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों एवं वीरांगनाओं—विशेषकर रानी दुर्गावती—के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का आह्वान किया। राज्यपाल ने शबरी आश्रम में शिक्षा के साथ नैतिक मूल्य और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने की प्रशंसा की और नागरिकों से समाजहित में कम-से-कम एक रचनात्मक कार्य करने का आग्रह किया।कार्यक्रम के अंत में वनवासी विकास समिति, छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष श्री उमेश कच्छप ने माननीय राज्यपाल, मुख्य वक्ता, उपस्थित अतिथियों और सभी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। धन्यवाद ज्ञापन के पश्चात राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ।
- रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय (कुशाभाऊ ठाकरे परिसर) में मंगलवार को भाजपा प्रदेश पदाधिकारियों की एक अहम बैठक संपन्न हुई। बैठक में भाजपा राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, उप मुख्यमंत्री द्वय अरुण साव व विजय शर्मा, भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष द्वय सुश्री सरोज पांडेय व सुश्री लता उसेंडी, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय, प्रदेश महामंत्री त्रय यशवंत जैन, अखिलेश सोनी व डॉ. नवीन मार्कण्डेय सहित भाजपा प्रदेश पदाधिकारी मौजूद रहे।
- -नीट एवं जेईई की तैयारी में जुटे छात्र-छात्राओं के लिए छात्रावासों की स्थापना प्रतिभावान विद्यार्थियों के सपनों को नई उड़ान देगीरायपुर। आदिवासी स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ भाजपा नेता विकास मरकाम ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा दुर्ग जिले के लिए शिक्षा और खेल अधोसंरचना से जुड़ी चार अत्यन्त महत्वपूर्ण घोषणाओं का स्वागत करते हुए कहा है कि ये ऐतिहासिक निर्णय प्रदेश के प्रतियोगी परीक्षार्थियों की तैयारियों को नई मजबूती प्रदान करेंगे और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के नए द्वार खोलेंगे।आदिवासी स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधीय पादप बोर्ड अध्यक्ष विकास मरकाम ने नीट एवं जेईई जैसी राष्ट्रीय स्तर की अहम् प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं के लिए 100-100 सीटर छात्र एवं छात्रा छात्रावास स्थापित करने की घोषणा को दूरदर्शी बताया और कहा कि इस निर्णय से सुदूर, ग्रामीण और साधारण आर्थिक पृष्ठभूमि से आने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को उत्कृष्ट आवासीय एवं अध्ययन का अनुकूल वातावरण मिलेगा। अब संसाधनों एवं उचित मार्गदर्शन के अभाव में किसी भी प्रतिभाशाली विद्यार्थी का डॉक्टर या इंजीनियर बनने का सपना अधूरा नहीं रहेगा। श्री मरकाम ने कहा कि शिक्षा विभाग के कार्यालयों के स्थान पर एकीकृत कम्पोजिट कार्यालय भवन के निर्माण से प्रशासनिक कामकाज में पारदर्शिता, गति और सुगमता आएगी, जिससे शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं आमजनों को सहूलियत होगी। इसके साथ ही, सर्वसुविधायुक्त ऑडिटोरियम तथा फुटबॉल मैदान सह एथलेटिक्स ट्रैक के निर्माण से प्रदेश के खिलाड़ियों एवं युवाओं को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंचों के लिए खुद को तैयार करने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में राज्य सरकार 'युवा कल्याण', 'गुणवत्तापूर्ण शिक्षा' और 'खेल अधोसंरचना' के सुदृढ़ीकरण के संकल्प को धरातल पर उतार रही है। शिक्षा और खेल, दोनों क्षेत्रों में प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का ऐसा अनुकूल वातावरण प्रदान करना छत्तीसगढ़ के स्वर्णिम विकास में मील का पत्थर साबित होगा।
- -उपभोक्ताओं को पारदर्शिता और सुविधा देता है नया सिस्टम- क्रेडा अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सवन्नीरायपुर /स्मार्ट मीटर को लेकर कांग्रेस द्वारा किए जा रहे विरोध और सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे दावों को खारिज करते हुए क्रेडा के अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सवन्नी ने कहा है कि स्मार्ट मीटर बिजली उपभोक्ताओं को अधिक सशक्त, जागरूक और सुविधाजनक व्यवस्था उपलब्ध कराने का माध्यम है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस जनता के बीच झूठा भ्रम फैलाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है, जबकि हकीकत यह है कि छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर परियोजना की शुरुआत और इसके टेंडर कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में ही स्वीकृत किए गए थे।श्री सवन्नी ने कहा कि भारत सरकार ने 20 जुलाई 2021 को रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के तहत पूरे देश में स्मार्ट मीटर योजना शुरू की थी और 29 जुलाई 2021 को इसकी संचालन संबंधी गाइडलाइन जारी की गई थीं। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में इस परियोजना की डीपीआर 13 जुलाई 2022 को मंजूर हुई, जबकि 22 सितंबर 2022 को टेंडर जारी किए गए। जून 2023 में कांग्रेस सरकार के दौरान अंबिकापुर, बिलासपुर, रायगढ़ तथा रायपुर क्षेत्र के लिए कंपनियों का चयन किया गया और अक्टूबर 2023 में दुर्ग, राजनांदगांव तथा जगदलपुर क्षेत्र के लिए भी एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंपी गई।उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस जिन स्मार्ट मीटरों का विरोध कर रही है, उसी योजना को उसके शासनकाल में आगे बढ़ाया गया था। इतना ही नहीं, कांग्रेस और यूपीए शासित राज्यों जैसे केरल, हिमाचल प्रदेश और झारखंड में भी स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, जबकि कर्नाटक में भी यह व्यवस्था शुरू की जा रही है। ऐसे में छत्तीसगढ़ में इसका विरोध केवल राजनीतिक विरोध के लिए किया जा रहा है।श्री सवन्नी ने कहा कि स्मार्ट मीटर का उद्देश्य उपभोक्ताओं को अपनी बिजली खपत की वास्तविक जानकारी देना, बिजली चोरी और लाइन लॉस कम करना तथा वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है। इससे भविष्य में बिजली व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।बिजली बिल बढ़ने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि अप्रैल, मई और जून में भीषण गर्मी के कारण एसी, कूलर और अन्य विद्युत उपकरणों का उपयोग बढ़ जाता है। इससे बिजली की खपत बढ़ती है और उपभोक्ता ऊंचे टैरिफ स्लैब में पहुंच जाते हैं, जिसके कारण बिल अधिक आता है। इसका स्मार्ट मीटर से कोई संबंध नहीं है।उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत अभियान' के तहत 400 यूनिट तक बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक आधे बिल की छूट मिलती है। यदि किसी माह में खपत 400 यूनिट से अधिक हो जाती है तो यह छूट स्वतः समाप्त हो जाती है, जिससे बिल बढ़ा हुआ दिखाई देता है। इसके अलावा यदि लगातार तीन महीने तक स्वीकृत क्षमता से अधिक बिजली लोड लिया जाता है तो नियमानुसार केवल एक बार 800 रुपये प्रति किलोवाट की दर से अतिरिक्त शुल्क लेकर स्वीकृत लोड बढ़ा दिया जाता है।श्रीसवन्नी ने कहा कि जिन घरों में पुराने इलेक्ट्रॉनिक मीटर लगे हैं, वहां भी गर्मी के महीनों में बिल बढ़े हैं। इससे साफ है कि बिल बढ़ने की वजह स्मार्ट मीटर नहीं बल्कि अधिक बिजली खपत है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जुलाई के बाद मौसम सामान्य होने और एसी-कूलर का उपयोग घटने पर अगस्त से बिजली बिल स्वतः कम हो जाएंगे।उन्होंने बताया कि जिन उपभोक्ताओं को मीटर की रीडिंग पर संदेह होता है, उनके लिए चेक मीटर लगाने की व्यवस्था है। अब तक की जांच में स्मार्ट मीटर और पुराने मीटर की रीडिंग में कोई अंतर नहीं पाया गया है।उपभोक्ताओं से अपील करते हुए सवन्नी ने कहा कि वे मोर बिजली ऐप का उपयोग करें। इस ऐप के माध्यम से हर 30 मिनट में अपनी बिजली खपत की जानकारी देखी जा सकती है। इससे उपभोक्ता अपनी खपत नियंत्रित कर 400 यूनिट की सीमा के भीतर रहकर हाफ बिजली योजना का लाभ भी ले सकते हैं। किसी भी शिकायत या जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 1912 पर संपर्क किया जा सकता है।प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बिजली बिल कम करने का सबसे प्रभावी और स्थायी समाधान रूफटॉप सोलर है। योजना के तहत 1 किलोवाट पर 45 हजार, 2 किलोवाट पर 90 हजार और 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता पर केंद्र एवं राज्य सरकार मिलाकर 1.08 लाख रुपये तक की सब्सिडी दे रही है। नेट मीटरिंग व्यवस्था के तहत अतिरिक्त बिजली ग्रिड में चली जाती है और उसका लाभ उपभोक्ता के अगले बिल में समायोजित हो जाता है।श्री सवन्नी ने बताया कि प्रदेश में अब तक 1.87 लाख से अधिक उपभोक्ता प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के लिए आवेदन कर चुके हैं और 80 हजार से अधिक घरों की छतों पर सोलर प्लांट लगाए जा चुके हैं। इससे हजारों परिवारों का बिजली बिल शून्य हो गया है।उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर और सोलर ऊर्जा जैसी आधुनिक व्यवस्थाएं उपभोक्ताओं को अधिक सुविधा, पारदर्शिता और आर्थिक लाभ देने के लिए हैं। इसलिए अफवाहों पर विश्वास करने के बजाय तथ्य आधारित जानकारी पर भरोसा करना चाहिए।
- -होटल गोल्डन स्टे के प्रथम तल से 14 हजार लीटर/किलोग्राम कृषि आदान जब्त, नमूने जांच के लिए भेजे गएबिलासपुर, / कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल एवं संचालक कृषि, रायपुर के निर्देशन में कृषि विभाग के जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल ने सिरगिट्टी स्थित होटल गोल्डन स्टे के प्रथम तल पर अवैध रूप से भंडारित कृषि आदानों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की। पुष्ट सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में भारी मात्रा में कीटनाशक एवं जैव उत्प्रेरक खाद जब्त कर विक्रय पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया गया।कार्रवाई के दौरान लगभग 4,610 लीटर पौध संरक्षण (कीटनाशक) दवाइयां तथा 9,611 किलोग्राम जैव उत्प्रेरक खाद बरामद किया गया। इस प्रकार कुल लगभग 14 हजार लीटर/किलोग्राम कृषि आदान जब्त किए गए। प्रारंभिक जांच में सामग्री के अवैध भंडारण का मामला सामने आने पर संदेहास्पद कृषि आदानों के नमूने लेकर परीक्षण हेतु अधिकृत प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पूरे दिन चली कार्रवाई के दौरान जब्तसी सामग्री के विक्रय पर प्रतिबंध लगाते हुए उसे गोदाम संचालक श्री मनीष सिंह की सुपुर्दगी में सुरक्षित रखा गया।कार्रवाई में उप संचालक कृषि श्री पी.डी. हथेश्वर, सहायक संचालक कृषि श्री अनिल शुक्ला, कृषि निरीक्षक श्री आर.एस. गौतम सहित श्री उमेश कश्यप, श्री खेमराज शर्मा, श्री विजय एवं श्री धीरज उपस्थित रहे। उप संचालक कृषि ने साफ कहा है कि किसानों के हितों की सुरक्षा तथा गुणवत्तापूर्ण कृषि आदानों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अवैध भंडारण, नकली एवं अमानक कृषि आदानों के विरुद्ध जिले में सघन जांच एवं कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।
- -लाइसेंस शुल्क की बकाया राशि जमा नहीं करने पर हुई कार्रवाईरायपुर / टीम प्रहरी अभियान के अंतर्गत कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के आदेश तथा नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा के निर्देशानुसार नगर निगम मुख्यालय महात्मा गांधी सदन के सामने स्थित उद्यान परिसर में बकाया लाइसेंस शुल्क की वसूली के लिए कार्रवाई की गई।नगर निगम उद्यान विभाग की टीम ने नगर निवेश उड़नदस्ता दल एवं यातायात पुलिस बल के सहयोग से उद्यान परिसर में संचालित 14 दुकानों को सीलबंद किया। यह कार्रवाई उपायुक्त उद्यान श्रीमती जागृति साहू के मार्गदर्शन एवं उप अभियंता उद्यान सुश्री रूचिका मिश्रा की उपस्थिति में संपन्न हुई।नगर निगम उद्यान परिसर की 14 दुकानों के संचालन हेतु गणपति इंफ्रा को पांच वर्ष के लिए लाइसेंस प्रदान किया गया था, जिसकी अवधि अगस्त 2026 में समाप्त हो रही है। संबंधित एजेंसी द्वारा दुकानों का संचालन किया जा रहा था, किन्तु नियमानुसार लाइसेंस शुल्क की बकाया राशि जमा नहीं की गई थी। बकाया राशि के भुगतान नहीं किए जाने पर नगर निगम द्वारा नियमानुसार कार्रवाई करते हुए टीम प्रहरी अभियान के तहत नगर निवेश उड़नदस्ता, यातायात पुलिस एवं अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में 14 दुकानों को सीलबंद किया गया।
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- कलेक्टर ने शिक्षा विभाग की वृहद समीक्षा बैठक लेकर दिए आवश्यक निर्देश
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेंद्र यादव ने आज बसंतपुर स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में जिले के सभी प्राचार्यों, विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, विकासखंड स्रोत समन्वयकों तथा संकुल समन्वयकों की वृहद समीक्षा बैठक लेकर शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं गतिविधियों की समीक्षा की। कलेक्टर ने गत वर्ष बोर्ड परीक्षाओं में जिले के उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम के लिए सभी प्राचार्यों एवं शिक्षकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि टीम भावना और नवाचार के साथ कार्य करते हुए जरूरतमंद विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना सभी की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने शासन की विभिन्न योजनाओं एवं महत्वपूर्ण कार्यक्रमों का समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने विद्यालयों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति, ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली, पाक्षिक परीक्षण, वृक्षारोपण अभियान, प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रारंभिक तैयारी तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कार्ययोजना बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यालय में सतत मॉनिटरिंग की व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में निरंतर सुधार हो सके। कलेक्टर ने बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाव हेतु एचपीवी टीकाकरण अभियान की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्धारित रोस्टर के अनुसार विद्यालयों में टीकाकरण किया जाएगा। सभी प्राचार्य पालकों की सहमति प्राप्त कर 14 एवं 15 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं का शत-प्रतिशत एचपीवी टीकाकरण सुनिश्चित करें।
इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग की नोडल अधिकारी डॉ. मीना आरमो ने पॉवर प्वाइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से एचपीवी टीकाकरण की विस्तृत जानकारी दी। जिला शिक्षा अधिकारी श्री प्रवास सिंह बघेल ने कहा कि शासन स्तर से समय-समय पर विभिन्न महत्वपूर्ण जानकारियां मांगी जाती हैं। सभी अधिकारी एवं प्राचार्य निर्धारित समय सीमा में आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने विद्यालयों में टीम भावना के साथ कार्य करने, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, ऑनलाइन कक्षाओं, एक पेड़ मां के नाम अभियान, पुस्तक स्कैनिंग तथा शाला अवधि में शिक्षकों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि शाला अवधि के दौरान यदि कोई शिक्षक बिना अनुमति विद्यालय से अनुपस्थित पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में जिला मिशन समन्वयक श्री सतीश ब्योहरे, जिला परियोजना अधिकारी श्रीमती रश्मि सिंह, एपीसी श्री मनोज मरकाम, श्री मनोज चौहान, श्री आदर्श वासनिक, श्री पीआर झाड़े, श्रीमती परिणीता शर्मा, श्रीमती कामिनी साहू, श्रीमती रोहिणी सिन्हा सहित संपर्क डिवाइस कार्यक्रम एवं विनोबा कार्यक्रम के जिला समन्वयक श्री नरेंद्र साहू तथा शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।


























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