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- रायपुर। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा पी.पी.एच.टी. (PPHT-26) एवं पोस्ट बेसिक नर्सिंग (PBN-26) की परीक्षा का आयोजन 21 मई 2026, गुरूवार को किया जाएगा।यह परीक्षाएं जिले के 12 परीक्षा केंद्रों में आयोजित होगी। पी.पी.एच.टी. की परिक्षा प्रातः 10 बजे से दोपहर 01ः15 बजे तक एवं पोस्ट बेसिक नर्सिंग की परीक्षा प्रातः 10 बजे से दोपहर 12ः15 बजे तक तक संचालित होगी। इसमें कुल 1 हजार 954 अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा से संबंधित गोपनीय सामग्री का वितरण 21 मई 2026 को प्रातः 7ः30 बजे जिला कोषालय, कलेक्टर परिसर रायपुर से किया जाएगा।परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए डिप्टी कलेक्टर रायपुर श्री उपेन्द्र किण्डो को नोडल अधिकारी तथा रोजगार अधिकारी, विशेष रोजगार कार्यालय रायपुर श्री केदारनाथ पटेल को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा ‘सुशासन तिहार 2026’ के तहत आयोजित समाधान शिविर ग्रामीणों और श्रमिकों के लिए त्वरित राहत का माध्यम बन रहे हैं। आरंग विकासखण्ड के ग्राम सिवनी में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर में श्रीमती सरोज बाई धृतलहरे के आवेदन पर तत्काल श्रम कार्ड बनाया गया।श्रीमती धृतलहरे ने बताया कि मैं काफी समय से अपना श्रम कार्ड बनवाना चाह रही थी, लेकिन कुछ कारणवश मैं श्रम कार्ड नहीं बनवा पाई। ग्राम पंचायत से मुझे इस शिविर के बारे में पता चला एवं आवेदन करने के पश्चात् मुझे श्रम कार्ड मिल गया। इस श्रम कार्ड से मुझे सभी शासकीय योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। इसके लिए मैं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी का धन्यवाद करती हूँ।पात्रता एवं आवश्यक दस्तावेजः- आयु 14 वर्ष से अधिक। मासिक आय शहरी क्षेत्र में 15,000 रुपये एवं ग्रामीण क्षेत्र में 10,000 रुपये से अधिक न हो। आधार कार्ड, बैंक पासबुक की प्रथम पृष्ठ की छायाप्रति, आय प्रमाण पत्र, आयु प्रमाण पत्र (अंकसूची/मतदाता परिचय पत्र/जन्म प्रमाण-पत्र), स्व-घोषणा पत्र एवं पासपोर्ट साइज फोटो। पंजीयन हेतु आवेदक की स्वयं उपस्थिति अनिवार्य है, लाइव फोटो मौके पर लिया जाता है।
- 0- तिल्दा-नेवरा शिविर में पहुंचे राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा और सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, जनसमस्याओं के शीघ्र समाधान पर दिया जोररायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप ‘सुशासन तिहार 2026’ के अंतर्गत नगर पालिका परिषद तिल्दा-नेवरा के बी.एम.बी. स्कूल ग्राउंड में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में रायपुर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल शामिल हुए। जनसमस्या निवारण शिविर में बड़ी संख्या में नागरिक पहुंचे और अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के समक्ष रखीं।शिविर में कुल 405 आवेदन प्राप्त हुए, जिन्हें विभागवार संबंधित अधिकारियों को निराकरण के लिए प्रेषित किया गया। नगर पालिका क्षेत्र से जुड़े 80 मांग संबंधी आवेदन प्राप्त हुए, जबकि सफाई, प्रकाश व्यवस्था, विद्युत एवं अतिक्रमण से संबंधित 61 आवेदन दर्ज किए गए।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री श्री वर्मा ने नगर क्षेत्र में शासकीय भूमि पर हो रहे अतिक्रमण पर अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहर के भविष्य और विकास की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए शासकीय भूमि को सुरक्षित रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। मंत्री ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि शिविर में प्राप्त आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण और समयसीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए।सांसद श्री अग्रवाल ने कहा कि सुशासन तिहार शासन की जनहितकारी पहल है, जिसका उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविर में प्राप्त समस्याओं का शीघ्र निराकरण कर नागरिकों को शासन की योजनाओं और सेवाओं का लाभ प्राथमिकता से उपलब्ध कराया जाए।शिविर के माध्यम से नागरिकों को प्रशासनिक अधिकारियों से सीधे संवाद करने का अवसर मिला, जिससे समस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में प्रभावी पहल देखने को मिली। शिविर में हितग्राहियों को विभिन्न शासकीय योजनाओं से लाभान्वित किया गया।कार्यक्रम में नगर पालिका तिल्दा-नेवरा अध्यक्ष श्रीमती चन्द्रकला वर्मा, एसडीएम श्री आशुतोष देवांगन, सीएमओ श्री अमिताभ शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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कैबिनेट मंत्री श्री गुरु खुशवंत हुए शामिल, गंभीरता से सुनीं आमजनों की समस्याएं
कलेक्टर ने की पेट्रोल-डीजल के मितव्ययितापूर्ण उपयोग की अपील
रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में आरंग विकासखंड के ग्राम पंचायत सिवनी में सुशासन तिहार 2026 के तहत जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण का आयोजन किया गया। शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय परिसर में आयोजित इस शिविर में आसपास के 20 गांवों से ग्रामीण पहुंचे और अपनी समस्याएं एवं मांगें प्रशासन के समक्ष रखीं।
शिविर में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 1430 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से बहुत से आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब शामिल हुए।
शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने सभी विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान कर उनके चेहरे पर खुशियां लाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार लगातार विकास, सुशासन एवं जनकल्याण के कार्यों को गति दे रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार को लेकर प्रदेशभर में जनता के बीच विशेष उत्साह है और सरकार गांव-गांव पहुंचकर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कर रही है।
शिविर में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार जिले में जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि लोगों की समस्याओं का मौके पर ही अधिकतम निराकरण किया जा सके तथा बाकी बचे आवेदनों का जल्द निराकरण किया जाए। कलेक्टर डॉ सिंह ने पेट्रोल एवं डीजल का मितव्ययिता पूर्ण उपयोग करने की सभी से अपील की। साथ ही उन्होंने कहा कि ईंधन की बचत न केवल आर्थिक रूप से लाभकारी है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण एवं ऊर्जा सुरक्षा के लिए भी आवश्यक है। उन्होंने आमजन से अनावश्यक वाहन उपयोग से बचने, साझा परिवहन को बढ़ावा देने तथा ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूक रहने की बात कही।
शिविर में बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों एवं नागरिकों ने अपनी समस्याएं रखीं, जिनका मौके पर ही त्वरित निराकरण किया गया। मनरेगा अंतर्गत 20 हितग्राहियों को जॉब कार्ड वितरित किए गए, वहीं 2 हितग्राहियों को मनरेगा चेक प्रदान किए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 3 महिलाओं की गोद भराई, 3 बच्चों का अन्नप्राशन एवं 3 हितग्राहियों को स्वच्छता किट वितरित की गई। साथ ही 4 बालिकाओं को नोनी सुरक्षा योजना एवं 2 बालिकाओं के सुकन्या समृद्धि खाते खुलवाए गए।31 विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 4 हितग्राहियों को गैस कनेक्शन वितरित किए गए। प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत 5 हितग्राहियों को आवास की चाबी सौंपी गई।
एनआरएलएम बिहान समूह की 3 महिलाओं को चेक वितरण किया गया तथा 3 महिलाओं को लखपति दीदी प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। शिविर में 2 हितग्राहियों की सफलता कहानियों को भी साझा किया गया।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा 3 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए। परिवहन विभाग ने 3 हितग्राहियों को लर्निंग लाइसेंस प्रदान किए, जबकि राजस्व विभाग द्वारा 7 हितग्राहियों को ऋण पुस्तिका वितरित की गई। लोगों ने शासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सुशासन तिहार आम जनता के लिए राहत और विश्वास का माध्यम बन रहा है।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल, उपाध्यक्ष श्री संदीप यदु, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष डॉ. संदीप जैन, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, एसडीएम श्रीमती अभिलाषा पैकरा, आरंग जनपद सीईओ श्री अभिषेक बैनर्जी सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी तथा जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। - -ग्रामीणों को मिली बड़ी राहत, किसानों का हुआ एग्रीस्टैक पंजीयनरायपुर ।कलेक्टर श्री अमित कुमार के मार्गदर्शन में सुकमा जिले में सुशासन तिहार के तहत ग्राम पंचायत झापरा में सुशासन शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और शासन की विभिन्न योजनाओं तथा प्रशासनिक सेवाओं का लाभ प्राप्त किया।शिविर में जिला प्रशासन के अधिकारियों ने ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया। साथ ही लोगों को शासकीय योजनाओं, आवेदन प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी भी दी गई।सुकमा तहसीलदार श्री गिरीश निम्बालकर, सरपंच श्रीमती मुन्नी मड़कामी और उपसरपंच श्री प्रवीण बारसे की मौजूदगी में पात्र हितग्राहियों को विभिन्न प्रमाण पत्र वितरित किए गए। शिविर में 8 जाति प्रमाण पत्र, 12 निवास प्रमाण पत्र, 8 किसान किताब तथा 2 नामांतरण आदेश प्रदान किए गए। इससे ग्रामीणों, विद्यार्थियों और किसानों को बड़ी राहत मिली।शिविर की एक खास उपलब्धि किसानों को डिजिटल सेवाओं से जोड़ना भी रही। यहां 5 किसानों का एग्रीस्टैक पंजीयन किया गया। इससे किसानों को भविष्य में डिजिटल कृषि सेवाओं और विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा।ग्रामीणों ने शिविर में त्वरित समाधान और एक ही स्थान पर विभिन्न सेवाएं मिलने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविरों से गांव में ही जरूरी काम पूरे हो रहे हैं, जिससे समय और खर्च दोनों की बचत हो रही है।सुशासन तिहार के तहत आयोजित ये शिविर शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने की दिशा में प्रभावी पहल साबित हो रहे हैं।
- -शहीद वीर गुण्डाधुर की जन्मभूमि एवं कर्मभूमि बस्तर के नेतानार गांव को तीर्थ माना जाता है, नक्सलवाद की समाप्ति के बाद वहाँ CSC केंद्र का खुलना ऐतिहासिक है-बस्तर की जिस भूमि पर नक्सलियों ने 6 पुलिसकर्मियों की निर्मम हत्या की थी, उसी स्थान पर आज गरीब आदिवासियों के लिए जनसेवा केंद्र का निर्माण हो रहा है-नक्सलवाद की समाप्ति का उद्देश्य केवल नक्सलियों को जड़ से उखाड़ फेंकना ही नहीं, बल्कि गरीब आदिवासियों तक जनकल्याणकारी सुविधाएँ पहुँचाना भी है-देशभर में आजादी 1947 में आ गई थी, मगर बस्तर में 31 मार्च, 2026 के बाद आजादी का सूर्योदय हुआ है-छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद की समाप्ति के बाद आदिवासी बहनें विकास का नेतृत्व करेंगी-नक्सलवाद से हुए दशकों के नुकसान की भरपाई हमारी सरकार अगले 5 वर्षों में करेगीरायपुर। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के बस्तर में शहीद वीर गुण्डाधुर सेवा डेरा जन सुविधा केन्द्र का शुभारंभ किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, केन्द्रीय गृह सचिव श्री गोविंद मोहन और श्री तपन डेका, निदेशक, आसूचना ब्यूरो सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि आज एक बहुत ऐतिहासिक दिन है। शहीद वीर गुण्डाधर की यह जन्मभूमि और कर्मभूमि अपने आप में भारत के हर नागरिक के लिए तीर्थ समान है। वर्ष 1910 में हमारे वीर आदिवासी नेता ने भूमकाल विद्रोह के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम की शुरूआत की थी और विदेशी शासन के विरुद्ध बस्तर के आदिवासियों की लड़ाई का नेतृत्व शहीद वीर गुण्डाधुर ने किया था। उन्होंने कहा कि आज उन्हीं से प्रेरणा लेकर नेतानार का यह कैंप, जो वर्ष 2013 से सुरक्षा कैंप था, अब सेवा कैंप बनकर आदिवासियों की सेवा करेगा। छत्तीसगढ़ सरकार ने इस सेवा कैंप का नाम भी शहीद वीर गुण्डाधुर के नाम पर रखा है। यह कैंप हमें सदैव स्मरण कराएगा कि एक समय यहां छह पुलिसकर्मियों की निर्मम हत्या की गई थी, यहां के स्कूल, अस्पताल उजाड़ दिए गए थे, राशन पहुंचने नहीं दिया गया, रोजगार और शिक्षा से लोगों को वंचित रखा गया। श्री शाह ने कहा कि आज उसी स्थान पर, जहां हमारे छह जवान शहीद हुए थे, वहां गरीब आदिवासियों की सेवा का एक तीर्थ स्थल बनाने का कार्य प्रारंभ हो रहा है।श्री अमित शाह ने कहा कि जब हमने नक्सलवाद समाप्त करने का संकल्प लिया, उसका उद्देश्य केवल नक्सलियों का खात्मा करना नहीं बल्कि इस क्षेत्र के गरीब आदिवासियों के जीवन में वे सभी सुविधाएं पहुंचाना भी था, जो बड़े-बड़े शहरों में उपलब्ध हैं, जिससे उनके बच्चों का भविष्य भी उज्ज्वल बन सके। उन्होंने कहा कि “नियद नेल्लानार” योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ सरकार हर गांव में सस्ते राशन की दुकान खोल रही है, हर गांव में प्राथमिक विद्यालय स्थापित किए जा रहे हैं और गांवों के बीच में एक समूह PSC एवं CSC खोले जा रहे हैं। अब यहां हर गरीब के घर तक पीने का पानी पहुंचाने का काम हो रहा है, आधार कार्ड बन रहे हैं, राशन कार्ड बन रहे हैं। हर व्यक्ति को प्रति माह 7 किलो चावल दिया जाता है और 5 लाख रूपए तक का पूरा इलाज मुफ्त में करने की प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की योजना भी अब यहां तक पहुंच चुकी है।श्री अमित शाह ने कहा कि नक्सलियों ने दशकों तक गलतफहमी फैलाई कि हमारा विकास नहीं हुआ इसलिए हमने हथियार उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सच्चाई यह है कि इस क्षेत्र का विकास इसलिए नहीं हुआ क्योंकि नक्सलियों ने हाथों में हथियार उठा रखे थे। उन्होंने कहा कि रायपुर में विकास के जितने कार्य हुए हैं, उन्हें एक साल के भीतर हमारी सरकार आपके गांवों तक लाएगी। श्री शाह ने कहा कि सरकार की हर सुविधा पर आपका इतना ही अधिकार है जितना बड़े शहरों की जनता का है। श्री शाह ने कहा कि यह आपकी सरकार है और आपके जीवन में खुशियां लाना सरकार का उत्तरदायित्व है।केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि बस्तर में अभी लगभग 200 कैंप हैं और उनमें से 70 कैंप को अगले डेढ़ वर्षों में हम इसी प्रकार के जनसेवा केंद्र के रूप में परिवर्तित कर आदिवासी कल्याण का केन्द्र बनाएंगे। इन कैंपों का डिजाइन कंप्लीट होगा, जिनके अंदर बैंकिंग सुविधा भी होगी, आधार कार्ड भी बनेगा, राशन कार्ड भी बनेगा, सरकार की योजना के पैसे यहीं से मिलेंगे, कॉमन सर्विस सेंटर पर राज्य सरकार और केंद्र सरकार की 371 योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर मिलेगा।श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने भी आह्वान किया है कि नक्सलवाद समाप्त हो गया है, ऐसा मानकर चैन की नींद नहीं सोना है। नक्सलवाद से हुए नुकसान की भरपाई हम 5 साल के अंदर कर इन सभी गांवों को ऊर्जावान आदिवासी गांवों में बदलेंगे । इसके लिए आदिवासियों के खेल को बढ़ावा देने के लिए हमने बस्तर ओलंपिक और आदिवासी साहित्य, भाषा, संगीत, कला, नृत्य और विविध पकवानों को विश्व प्रसिद्ध करने के लिए बस्तर पंडुम शुरू किया है।श्री अमित शाह ने कहा कि इसी दिन के लिए शहीद वीर गुण्डाधुर ने आजादी का आंदोलन शुरू किया होगा। उन्होंने कहा कि देशभर में तो आजादी 1947 में आ गई थी, मगर हमारे बस्तर में 31 मार्च, 2026 के बाद आजादी का सूर्योदय हुआ है। श्री शाह ने कहा कि जो देरी हुई है, उसके पूरे नुकसान की भरपाई हम बहुत जल्द करेंगे और इस क्षेत्र के लोगों के विकास के लिए भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेंगी। उन्होंने कहा कि विकास को रोकने से कभी विकास नहीं होता है, बल्कि जब हम विकास को गति देंगे तभी विकास का फायदा हम तक पहुंचेगा।
- -जनजातीय क्षेत्रों के विकास में साबित होगा मील का पत्थर: मंत्री श्री नेताम-18 से 25 मई तक चलेगा अभियानरायपुर / भारत सरकार, जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्देशानुसार जनजातीय गरिमा उत्सव अंतर्गत ’जन भागीदारी सबसे दूर, सबसे पहले थीम पर आधारित अभियान का आज प्रदेश स्तर पर शुभारंभ हुआ। मंत्री श्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में विभाग द्वारा इस अभियान का संचालन किया जा रहा है। इस अवसर पर मंत्री श्री नेताम ने कहा है जनजातीय गरिमा उत्सव प्रदेश के जनजातीय बसाहटों के शत प्रतिशत विकास में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की वर्ष 2047 तक विकसित भारत की संकल्पना में जनजातीय क्षेत्रों के विकास की अहम भूमिका है।उन्होंने कहा कि जिस प्रकार एक मजबूत नींव पर ही एक मजबूत ईमारत खड़ी की जा सकती है, उसी प्रकार विकसित भारत की संकल्पना में शत प्रतिशत जनजातीय बसाहटों का विकास एक मजबूत नींव की भूमिका अदा करेगा। पीएम जनमन, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, आदि कमयोगी अभियान एवं सर्वेसेतु ऐप में उल्लेखनीय प्रदर्शन के कारण छत्तीसगढ़ राज्य ने राष्ट्रीय स्तर पर एक अग्रणी राज्य की छवि बनाई है। अतः इस अभियान के कियान्वयन में भी हमें अग्रणी रहते हुए अभियान के मूल उददेश्यों को प्राप्त करना है।आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा एवं आयुक्त श्री डी. राहुल वेकंट के नेतृत्व में अभियान की सतत मॉनीटरिंग की जा रही है। इस अभियान का आयोजन प्रदेश में 18 मई से 25 मई 2026 तक किया जाना है। आज प्रथम दिवस को जिला स्तर पर उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसके अंतर्गत अभियान के प्रमुख उददेश्यों को विस्तार से समझाया गया तथा आपसी समन्वय के साथ अभियान की सफलता सुनिश्चित करने का आव्हान किया गया।उल्लेखनीय है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जनजातीय समुदायों तक शासन की योजनाओं एवं सेवाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करना तथा जनसहभागिता को बढ़ावा देना है। अभियान के अंतर्गत प्रदेश स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान किया जाएगा। इसमें जमीनी संपर्क, सेवा संतृप्ति, स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता, आदि कर्मयोगी अभियान अंतर्गत निर्मित आदि सेवा केन्द्रों में जन सुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। साथ ही जन सुनवाई में प्राप्त शिकायतों को सूचीबद्ध कर उनका समाधान करने तथा उपरोक्त जन भागीदारी अभियान अंतर्गत की गई समस्त गतिविधियों का प्रगति प्रतिवेदन तैयार कर प्रतिदिन आदि प्रसारण पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।प्रदेश में पीएम जनमन योजनांतर्गत चयनित 1544 ग्रामों, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान अतर्गत चयनित 6691 ग्रामों तथा 7222 आदि सेवा केन्द्रों के माध्यम से सघन जन जागरूकता कार्यक्रम चलाकर जनजातीय हितग्राहियों को शासन की व्यक्तिमूलक योजनाओं से संतृप्त किया जाना है। साथ ही प्रत्येक आदि सेवा केन्द्र में जनसुनवाई का आयोजन भी किया जाना है। इस अभियान के तहत शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का जनजातीय ग्रामों में शत प्रतिशत सेचुरेशन करने हेतु प्राप्त शिकायतों एवं समस्याओं के त्वरित निराकरण के साथ-साथ विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाया जाएगा।
- -लोकभवन में मनाया गया विभिन्न राज्यों का स्थापना दिवसरायपुर । लोकभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम में ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत‘ कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित इस समारोह में हिमाचल प्रदेश, गुजरात, सिक्किम और महाराष्ट्र राज्यों का स्थापना दिवस मनाया गया। इस अवसर पर राज्यपाल ने सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। राज्यपाल ने कहा कि विविधता में एकता भारत की सबसे बड़ी शक्ति है और ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत‘ जैसे पहल देश के विभिन्न राज्यों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव, पारस्परिक सम्मान और राष्ट्रीय एकता को नई मजबूती प्रदान कर रही है।राज्यपाल ने कहा कि विकास और विरासत के साथ निरंतर आगे बढ़ रहे ये राज्य देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने महाराष्ट्र की वीरता, सामाजिक चेतना और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, गुजरात की उद्यमशीलता, विकास मॉडल और ऐतिहासिक योगदान, हिमाचल प्रदेश की राष्ट्र भक्ति, सेवा भावना और प्राकृतिक संपदा तथा सिक्किम की पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता और जैविक कृषि मॉडल की विशेष सराहना की।उन्होंने कहा कि इन राज्यों की संस्कृति, परंपराएं, ऐतिहासिक योगदान और विकास यात्रा भारत की एकता और सामर्थ्य को और अधिक सशक्त करती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन राज्यों के लोग राष्ट्र निर्माण और देश की प्रगति में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे। समारोह में राज्यों के प्रतिनिधियों ने अपने राज्यों की विशेषताओं, परंपरा, संस्कृति पर प्रकाश डाला। समारोह में विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने सभी राज्यों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रंगारंग प्रस्तुति दी। विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों को राज्यपाल ने राजकीय गमछा और स्मृति चिन्ह भेंट किया। उन्होंने भी राज्यपाल को अपने राज्य की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, लोकभवन के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा इन सभी राज्यों के प्रतिनिधियों के रूप में युवा, महिलाएं एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
- -राज्य में वर्तमान में 3.29 करोड़ लीटर पेट्रोल तथा 7.76 करोड़ लीटर डीजल उपलब्ध-बढ़ी मांग के बीच सरकार अलर्ट, प्रदेशभर में हो रही पेट्रोल-डीजल की निर्बाध आपूर्तिरायपुर / छत्तीसगढ़ में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता को लेकर राज्य सरकार ने स्थिति पूरी तरह सामान्य बताते हुए कहा है कि प्रदेश में ईंधन का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और आम उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की घबराने की आवश्यकता नहीं है। राज्य में वर्तमान में 3 करोड़ 28 लाख 68 हजार लीटर पेट्रोल तथा 7 करोड़ 75 लाख 71 हजार लीटर डीजल उपलब्ध है। खाद्य विभाग के संचालक आज सभी ऑयल कंपनियों के साथ समीक्षा बैठक कर उन पेट्रोल पंपों तक जहां स्टॉक की कमी की स्थिति बन रही हो वहां प्राथमिकता में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।गौरतलब है कि राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और किसी भी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है। आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे अफवाहों या भ्रम से प्रभावित होकर पैनिक बाइंग अथवा अनावश्यक भंडारण न करें। सरकार द्वारा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं ताकि उपभोक्ताओं को आवश्यकता अनुसार सुगमता से पेट्रोल और डीजल उपलब्ध हो सके।खाद्य विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि प्रदेशभर में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति के लिए कुल 2516 पेट्रोल पंप संचालित हैं। बीते 13 और 14 मई को अचानक मांग बढ़ने के कारण पेट्रोल की खरीद में 43 प्रतिशत तथा डीजल की खरीद में 22 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, कृषि कार्यों के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में डीजल की मांग भी लगातार बढ़ रही है।अधिकारियों ने बताया कि बढ़ी हुई मांग को देखते हुए ऑयल कंपनियों के लखौली और मंदिरहसौद (रायपुर) तथा गोपालपुर (कोरबा) स्थित डिपो से लगातार जिलों को पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति की जा रही है। स्थिति को सामान्य बनाए रखने के लिए रविवार अवकाश के दिन भी डिपो संचालित किए गए और लगभग 370 टैंकरों के माध्यम से ईंधन की आपूर्ति विभिन्न जिलों तक पहुंचाई गई। अधिकारियों ने बताया कि ऑयल कंपनियों के सभी डिपो से प्रतिदिन दो शिफ्टों में मांग के अनुरूप ईंधन भेजा जा रहा है।
- टी सहदेव- सांस्कृतिक कार्यक्रम ने मन मोहाभिलाई नगर।। तालपुरी में महिला समिति ने मां के निस्स्वार्थ प्रेम, त्याग एवं समर्पण का सम्मान करने के लिए क्लब हाउस में रविवार को मदर्स डे का आयोजन उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में मनाया। यह आयोजन मातृशक्ति की गरिमा से ओतप्रोत और हृदयस्पर्शी रहा, जिसमें भावना, संस्कृति और संगठनात्मक ऊर्जा का अनूठा सामंजस्य देखने को मिला। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान गणेश की पूजा-अर्चना के साथ हुई। इस अवसर पर समाज में मातृशक्ति के योगदान को सम्मान देते हुए 65 वर्ष एवं उससे अधिक आयु की महिलाओं लता बाथरे, कृतिका साव, किरण परिहार, प्रेमा सिंह, निर्मला चंद्राकर, इंदु साहू, सीमा देबनाथ एवं बी बसवम्मा का शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया। इस मौके पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ-साथ मनोरंजक गतिविधियां भी आयोजित की गईं।सांस्कृतिक कार्यक्रम ने मन मोहाइस अवसर पर जहां पारंपरिक भारतीय परिधान में महिलाओं ने भजन, नृत्य और गीत प्रस्तुत कर सभी श्रोताओं का मन मोह लिया, वहीं शरबत प्रतियोगिता आकर्षण का केंद्र रही, जिसमें रिंकू पात्रो ने प्रथम एवं कृतिका साव ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिता में कंचन सक्सेना एवं अनीता दत्ता ने जजों की भूमिका निभाई। समिति की अध्यक्ष एडवोकेट रेखा सिंह ने मातृशक्ति को सलाम करते हुए अपने संबोधन में कहा कि मां निस्स्वार्थ प्रेम, ममता, त्याग और समर्पण की प्रतिमूर्ति होती हैं, उनका स्थान कोई नहीं ले सकता। उनके भावनात्मक शब्दों ने सभी उपस्थित महिलाओं को भावुक एवं प्रेरित किया। इस अवसर पर एसोसिएशन की सह सचिव पायल पवार का स्वागत किया गया। साथ ही अध्यक्ष रेखा सिंह द्वारा पूर्व पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों को प्रतीक चिह्न भेंट कर उनके योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया गया।अगले सत्र के लिए शपथग्रहणकार्यक्रम के दौरान नवीन सत्र 2026-28 के लिए महिला समिति की नई कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह भी संपन्न हुआ। इसमें अध्यक्ष एवं अधिवक्ता रेखा सिंह, उपाध्यक्ष मनोरमा सिंह एवं सरला श्रीवास्तव, सचिव डॉ. नीतू साहू, सहसचिव डॉ. सरोज तिवारी एवं अनीता दत्ता, कोषाध्यक्ष मोना सिंह एवं धनेश्वरी शर्मा, मीडिया प्रभारी रेखा मालवीय, सांस्कृतिक प्रभारी माला यादव एवं वकुला राव, गेम प्रभारी ममता शुक्ला एवं सुशीला सूर्यवंशी, सलाहकार आशा जानी तथा कार्यकारिणी सदस्य कृतिका साव, अनीता सिंह, श्यामली मुखर्जी, भावना मणि एवं सीमा देवांगन ने पद की शपथ ली।
- बिलासपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशों के अनुरूप प्रदेश में अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ खनिज विभाग का अभियान लगातार जारी है। केंद्रीय उड़नदस्ता एवं जिला स्तरीय जांच दल विभिन्न जिलों में खनन क्षेत्रों की लगातार निगरानी कर रही है और अवैध गतिविधि पर त्वरित कार्रवाई भी कर रहा है।खनिज विभाग के सचिव और संचालक के निर्देश पर केंद्रीय खनिज उड़नदस्ता की संयुक्त टीम मध्यरात्रि को बिलासपुर जिले में औचक निरीक्षण कर बड़ी कार्रवाई की। जांच के दौरान पचपेड़ी तहसील अंतर्गत ग्राम उदईबंध एवं अमलडीहा क्षेत्र में शिवनाथ नदी में मशीनों के माध्यम से अवैध रेत उत्खनन किया जाना पाया गया। मौके पर तीन चैन माउंटेन मशीनें अवैध उत्खनन में संलग्न मिलीं। जांच दल को देखकर मशीन ऑपरेटर मशीनों को मौके पर छोड़कर फरार हो गए।खनिज विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 के तहत ग्राम उदईबंध में दो तथा अमलडीहा में एक चैन माउंटेन मशीन को जप्त कर सील कर दिया। साथ ही जवाब प्रस्तुत करने हेतु नोटिस जारी कर मशीनों के मुख्य द्वार पर चस्पा किया गया।कार्रवाई के दौरान खनिज विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि शासन को राजस्व हानि पहुंचाने वाली अवैध गतिविधियों के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
- - जन औषधि केंद्र और धनवंतरी स्टोर्स रहेंगे खुलेदुर्ग / ऑनलाईन फार्मेसी के विरोध में राष्ट्रीय संगठन ’ऑल इंडिया ऑर्गनाईजेशन ऑफ केमिस्ट एण्ड ड्रगिस्ट एसोसिएशन’ द्वारा 20 मई 2026 को एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी दवा व्यापार बंद का आह्वान किया गया है। इस देशव्यापी बंद के अंतर्गत जिले में भी दवा दुकानें बंद रहेंगी, जिसके संबंध में ’जिला दुर्ग केमिस्ट एण्ड ड्रगिस्ट संघ’ ने कलेक्टर कार्यालय में अग्रिम सूचना का ज्ञापन सौंप दिया है। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार खाद्य एवं औषधि प्रशासन, जिला दुर्ग के सहायक औषधि नियंत्रक द्वारा आम नागरिकों के हित में अपील की गई है, ताकि बंद के दौरान किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति से निपटा जा सके।जिला प्रशासन ने नागरिकों से, विशेषकर गंभीर एवं लंबी बीमारियों (जैसे डायबिटीज, बीपी, अस्थमा, हृदय रोग, कैंसर और मिर्गी) से ग्रसित मरीजों से अपील की है कि वे अपनी रोजमर्रा की जरूरी दवाइयों और जीवनरक्षक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक पहले से ही खरीदकर सुरक्षित रख लें। आपातकालीन स्थिति निर्मित होने पर नागरिक तुरंत अपने नजदीकी अस्पताल, जिला चिकित्सालय या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से संपर्क कर सकते हैं। आम जनता की सुविधा के लिए प्रशासन ने जिला चिकित्सालय, सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा निजी स्तर पर संचालित सभी ’प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्रों’ और ’श्री धनवंतरी जेनरिक मेडिकल स्टोर्स’ को 20 मई को अनिवार्य रूप से खुला रखने के निर्देश दिए हैं। इसके अतिरिक्त, किसी भी तरह की परेशानी होने पर नागरिक जिला दुर्ग केमिस्ट एण्ड ड्रगिस्ट के अध्यक्ष श्री वकार हसन कामदार (9826421919) या सचिव श्री दीपक बंसल (9827476558) से सीधे संपर्क कर सकते हैं। साथ ही, खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने दवा विक्रेता संघ (केमिस्ट एण्ड ड्रगिस्ट संघ) से भी इस बंद स्थिति को पूरी तरह शांतिपूर्ण और वैध तरीके से आयोजित करने की अपील की है। जिला प्रशासन ने संघ से आग्रह किया है कि वे मानवीय दृष्टिकोण और जनहित को ध्यान में रखते हुए आपातकाल के दौरान जीवनरक्षक दवाइयों की आपूर्ति बाधित न होने दें। बंद के दौरान स्वास्थ्य विभाग के साथ निरंतर सामंजस्य बनाए रखने तथा ’प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र’ एवं ’श्री धनवंतरी जेनरिक मेडिकल स्टोर्स’ को इस बंद से पूरी तरह मुक्त रखने की अपील की गई है ताकि मरीजों को दवाइयों के लिए भटकना न पड़े।
- -शिविर के सफल आयोजन हेतु सभी तैयारी पूर्ण, हितग्राहियों को किया जाएगा शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वितबालोद। राज्य शासन द्वारा जन शिकायतों का समयबद्ध एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करने तथा आम जनता को सुगम, पारदर्शी एवं त्वरित सेवाओं का उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत नगर पंचायत गुरूर एवं गुण्डरदेही विकासखण्ड के गुरेदा में 19 मई 2026 को सुबह 10 बजे से दोपहर 03 बजे तक जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जाएगा। कार्यालय नगर पंचायत गुरूर में सभी 15 वार्डों के लिए मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री निवास पटेल (मो. 7440601501) को नोडल अधिकारी एवं उप अभियंता श्री कामता प्रसाद नागेन्द्र को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। गुरेदा में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में गुरेदा, भरदाखुर्द, डंगनिया, नाहंदा, ओटेबंद, डौकीडीह, खप्परवाड़ा, सिरसिदा, परसदा डंग, देवरी (क), अर्जुनी, गोरकापार, पांगरी, सुखरी, तमोरा, कचांदुर और खर्रा के ग्रामीण शामिल होंगे। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गुरेदा में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर के सफल आयोजन हेतु जिला मिशन समन्वयक श्री अवन कुमार जांगड़े (मो. 8319451852) को नोडल अधिकारी एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत गुंडरदेही उमेश रात्रे और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के श्री घनश्याम सिंह सिन्हा सहायक नोडल नियुक्त किया गया है।उल्लेखनीय है कि ग्राम गुरेदा में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशानुसार राजस्व पखवाड़ा शिविर का आयोजन भी किया जाएगा। जिसके अंतर्गत नायब तहसीलदार श्री हेमंत पैकरा (मो. 9755003989) को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसी तरह नगर पंचायत गुरूर में आयोजित राजस्व पखवाड़ा शिविर के लिए तहसीलदार श्री हनुमंत श्याम (मो. 9685561564) को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
- बालोद जिले में 18 से 25 मई तक आयोजित कार्यक्रम के दौरान चयनित ग्रामों में विभिन्न गतिविधियों का किया जाएगा आयोजनबालोद । जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार के निर्देशानुसार कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने आज जिले के डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम भैंसबोड़ में सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित जनसमसया निवारण शिविर के अवसर पर जनजातीय गरिमा उत्सव 2026 का शुभारंभ किया। इस दौरान कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने सभी विभाग प्रमुखों को इस उत्सव के माध्यम से जनजातीय हितग्राहियों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित कराने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस मौके पर सभी विभाग प्रमुखों को कार्यक्रम की रूपरेखा की जानकारी देने के अलावा कार्ययोजना के संबंध में उन्मुखीकरण भी किया गया।सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्री विजय सिंह कंवर ने बताया कि बालोद जिले में 18 से 25 मई तक आयोजित इस जनजातीय गरिमा उत्सव के दौरान धरती आबा अंतर्गत जिले के चयनित आदिवासी बहुल ग्रामों में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि जनजातीय गरिमा उत्सव के इस राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम के दौरान जनजातीय समुदायों की गरिमा, विरासत, योगदान एवं उपलब्धियों का सम्मान सुनिश्चित करने के अलावा जनजातीय कार्य मंत्रालय की समग्र जनजातीय विकास और सशक्तिकरण के लिए विभिन्न उपक्रमों और योजनाओं के परिवर्तनकारी प्रभाव को सामने लाने का प्रयास किया जाएगा। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास ने बताया कि यह उत्सव एक जनभागीदारी अभियान है जिसकी थीम ‘‘सबसे दूर, सबसे पहले’’ है। इस दौरान उन्होंने इसके अंतर्गत प्रत्येक दिवसों में आयोजित की जाने वाली विभिन्न गतिविधियों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इसके अंतर्गत इसका समुचित प्रचार-प्रसार, लाभार्थी संतृप्ति, स्वास्थ्य शिविर, ट्रांसेक्ट वॉक, वृक्षारोपण सेवा केंद्र में जनसुनवाई आदि गतिविधियां शामिल है। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक एवं राज्य एथेलेटिक संघ के उपाध्यक्ष श्री सौरभ लुनिया, जनपद अध्यक्ष श्री मुकेश कौड़ो, जनपद उपाध्यक्ष श्री भोलाराम नेताम, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री मनीष झा, जिला पंचायत सदस्य श्री मिथलेश निरोटी एवं सुश्री नीलिमा श्याम सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
- रायपुर । बलरामपुर जिले में अवैध खनिज परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रेत परिवहन में लगे 4 वाहनों और मिट्टी ईंट से भरे 2 वाहनों को जब्त किया है। जानकारी के अनुसार विकासखंड राजपुर के ग्राम गोपालपुर और ग्राम कर्रा क्षेत्र में खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने छापामार कार्रवाई की। जांच के दौरान गोपालपुर क्षेत्र में एक रेत वाहन और एक मिट्टी ईंट वाहन अवैध परिवहन करते पाए गए, जबकि ग्राम कर्रा क्षेत्र में तीन रेत वाहन और एक मिट्टी ईंट वाहन बिना वैध अनुमति के खनिज परिवहन करते मिले। संयुक्त टीम ने सभी वाहनों को जब्त कर राजपुर थाना के सुपुर्द कर दिया है।
- - अमेरिका से भारत लाई जा रही दुर्लभ प्रतिमा’-’संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने केंद्र सरकार को लिखा पत्र, अमेरिका से भारत लाई जा रही दुर्लभ प्रतिमा’रायपुर। विश्व संग्रहालय दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी एक बड़ी और गौरवपूर्ण खबर सामने आई है। रायपुर स्थित महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय से चोरी हुई भगवान अवलोकितेश्वर की दुर्लभ कांस्य प्रतिमा छत्तीसगढ़ लौटने की तैयारी में है। लगभग 19 करोड़ रुपये मूल्य की यह ऐतिहासिक प्रतिमा अमेरिका से भारत लाई जा रही है और राज्य सरकार इसे फिर से रायपुर स्थित संग्रहालय में स्थापित करने की दिशा में सक्रिय पहल कर रही है।पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मस्व मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने केंद्रीय संस्कृति मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत को पत्र लिखकर प्रतिमा को छत्तीसगढ़ वापस भेजने का आग्रह किया है। जानकारी के अनुसार प्रतिमा अभी भारत नहीं पहुंची है, लेकिन उसके भारत आगमन के बाद राज्य शासन उसे रायपुर लाने और पुनर्स्थापित करने की प्रक्रिया को शीघ्र आगे बढ़ाएगा। संस्कृति मंत्री श्री अग्रवाल प्रतिमा की रिसीविंग के लिए दिल्ली जाने की तैयारी में हैं।बताया जा रहा है कि अमेरिका ने हाल के वर्षों में भारत को करीब 1.4 करोड़ डॉलर मूल्य की 657 प्राचीन और ऐतिहासिक कलाकृतियां लौटाई हैं। इन्हीं बहुमूल्य धरोहरों में महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय से चोरी हुई ‘अवलोकितेश्वर’ की यह दुर्लभ कांस्य प्रतिमा भी शामिल है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सांस्कृतिक विरासत संरक्षण और चोरी हुई भारतीय धरोहरों की वापसी की दिशा में इसे एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।’सिरपुर की गौरवशाली विरासत की प्रतीक है यह प्रतिमा’यह प्रतिमा वर्ष 1939 में महासमुंद जिले के विश्वविख्यात पुरातात्विक स्थल सिरपुर स्थित लक्ष्मण मंदिर परिसर के पास मिली थी। यह उस क्षेत्र में प्राप्त कांस्य प्रतिमाओं के एक बड़े भंडार का हिस्सा थी। बाद में इसे सुरक्षित संरक्षण के लिए रायपुर स्थित महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय में रखा गया था, लेकिन प्रतिमा चोरी हो गई और बाद में यह प्रतिमा अमेरिका पहुंच गई।इतिहासकारों के अनुसार प्रतिमा पर अंकित शिलालेख में ‘द्रौणग्रिदत्त’ नाम का उल्लेख मिलता है, जो प्राचीन श्रीपुर, वर्तमान सिरपुर, का निवासी था। इससे इस प्रतिमा का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व और अधिक बढ़ जाता है।अवलोकितेश्वर की यह कांस्य प्रतिमा छत्तीसगढ़ की समृद्ध बौद्ध परंपरा, प्राचीन शिल्पकला और सांस्कृतिक पहचान की जीवंत प्रतीक है। सिरपुर, जो प्राचीन काल में बौद्ध संस्कृति, स्थापत्य और कला का प्रमुख केंद्र रहा है, वहां से प्राप्त यह प्रतिमा प्रदेश की ऐतिहासिक समृद्धि का महत्वपूर्ण प्रमाण मानी जाती है।’राज्य सरकार ने शुरू की औपचारिक पहल’संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि यह प्रतिमा केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे भारत की ऐतिहासिक और बौद्ध विरासत की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि संस्कृति मंत्रालय एवं संबंधित एजेंसियों के माध्यम से सभी प्रशासनिक और औपचारिक प्रक्रियाएं शीघ्र पूरी कर प्रतिमा को छत्तीसगढ़ शासन को सौंपा जाए, ताकि इसे महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय में सुरक्षित रूप से संरक्षित कर आमजन, शोधार्थियों और इतिहास प्रेमियों के अवलोकन हेतु उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने कहा कि विदेश पहुंच चुकी यह ऐतिहासिक धरोहर अब पुनः भारत लौट रही है, जो सांस्कृतिक विरासत संरक्षण की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण उपलब्धि है। राज्य शासन प्रतिमा के संरक्षण, सुरक्षा और प्रदर्शन हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करेगा, ताकि यह अमूल्य धरोहर अपने मूल स्थान और पहचान के अनुरूप सम्मान प्राप्त कर सके। अवलोकितेश्वर प्रतिमा की वापसी प्रदेश की खोई हुई सांस्कृतिक विरासत को पुनः स्थापित करने और सिरपुर की ऐतिहासिक पहचान को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई प्रतिष्ठा दिलाने में मील का पत्थर साबित होगी।
- -प्रदेशभर में जागरूकता शिविरों के माध्यम से महिलाओं और बालिकाओं को किया जा रहा जागरूकरायपुर। छत्तीसगढ़ में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अधिकारों को लेकर लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच बनाकर महिलाओं को शासकीय योजनाओं, कानूनी अधिकारों तथा सुरक्षा उपायों की जानकारी दी जा रही है।इसी क्रम में सूरजपुर जिले के भैयाथान विकासखंड अंतर्गत दर्रीपारा आंगनबाड़ी केंद्र में विशेष जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में महिला सशक्तिकरण सेंटर की जेंडर विशेषज्ञ एवं वित्तीय साक्षरता समन्वयक ने ग्रामीण महिलाओं, किशोरियों एवं अभिभावकों को भ्रूण हत्या रोकथाम, गुड टच-बैड टच, घरेलू हिंसा से संरक्षण, बालिकाओं में लैंगिक समानता, बाल संरक्षण तथा महिला उत्पीड़न जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी।कार्यक्रम में महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, सुकन्या समृद्धि योजना एवं महतारी वंदन ई-केवाईसी प्रक्रिया के संबंध में भी जानकारी प्रदान की गई। साथ ही बाल विवाह एवं साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करते हुए महिलाओं और किशोरियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई। शिविर के दौरान हेल्पलाइन नंबर 112, 1098, 181 एवं 1930 के महत्व और उपयोग के बारे में जानकारी देते हुए आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सहायता लेने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के अंत में विभिन्न शासकीय योजनाओं से संबंधित ब्रोशर वितरित कर व्यापक जनजागरूकता का संदेश दिया गया।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में संचालित यह अभियान महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षित, शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। प्रदेशभर में आयोजित ऐसे जागरूकता कार्यक्रम सामाजिक चेतना को मजबूत करने के साथ ही महिला सशक्तिकरण को नई दिशा दे रहे हैं।
- -9 हाईवा और चैन माउंटेन मशीन जब्तरायपुर। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में अवैध रेत खनन के खिलाफ प्रशासन ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए केवई नदी क्षेत्र में छापामार अभियान चलाया। संयुक्त टीम ने मौके से अवैध उत्खनन में लगी एक चैन माउंटेन मशीन और रेत परिवहन कर रहे 9 हाईवा वाहनों को जब्त कर लिया। कलेक्टर के निर्देश पर ग्राम पंचायत घटई, तहसील भरतपुर स्थित केवई नदी क्षेत्र में जिला स्तरीय टास्क फोर्स, खनिज विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि संबंधित स्थल पर रेत खनन निर्धारित नियमों और वैधानिक प्रावधानों के विपरीत संचालित किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान जब्त किए गए सभी हाईवा वाहन और मशीनरी को ग्राम पंचायत घटई की सुपुर्दगी में सुरक्षित रखा गया है।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन और खनिज परिवहन में संलिप्त लोगों के खिलाफ खनिज एवं विनियमन अधिनियम 1957 तथा छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के तहत कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने कहा हैं कि अवैध खनन एवं परिवहन के विरूद्ध कार्रवाई की यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि अवैध खनन, परिवहन या संसाधनों के दुरुपयोग से जुड़ी किसी भी गतिविधि की सूचना तत्काल प्रशासन को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
- -शासकीय आंकड़ों की गुणवत्ता, एकरूपता और उपयोगिता बढ़ाने पर दिया गया जोररायपुर ।आर्थिक एवं सांख्यिकी संचालनालय, छत्तीसगढ़ शासन के तत्वावधान में आज “डेटा हार्मोनाइजेशन” विषय पर द्वितीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य शासकीय आंकड़ों के संकलन, प्रबंधन और उपयोग में समन्वय स्थापित करते हुए उनकी गुणवत्ता, एकरूपता एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित करना था। आर्थिक एवं सांख्यिकी संचालनालय के अपर संचालक श्री नारायण बुलीवाल कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि नीति निर्माण, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और साक्ष्य-आधारित निर्णयों के लिए विभिन्न विभागों के आंकड़ों का मानकीकरण एवं समन्वय अत्यंत आवश्यक है।कार्यशाला के दौरान कई तकनीकी एवं नीतिगत सत्र आयोजित किए गए। इनमें डेटा हार्मोनाइजेशन की अवधारणा, आधिकारिक सांख्यिकी के संपूर्ण डेटा जीवन चक्र के प्रबंधन हेतु परिचालन दिशानिर्देश (मास्टर टूल किट), यूनिक आइडेंटिफायर्स एवं वर्गीकरण प्रणाली, तथा भारत सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा जारी NMDS 2.0 दिशानिर्देशों पर विस्तृत प्रस्तुतियाँ दी गईं।इसके अलावा Statistical Quality Assessment Framework (SQAF) तथा CHiPS के अंतर्गत विकसित डिजिटल द्वार प्लेटफॉर्म पर भी विशेषज्ञों द्वारा जानकारी साझा की गई। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रतिभागियों को डेटा गुणवत्ता मूल्यांकन, मानकीकरण और डिजिटलीकरण की आधुनिक प्रक्रियाओं से अवगत कराया गया।दोपहर सत्र में प्रतिभागियों के लिए एक इंटरैक्टिव अभ्यास आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों के बीच डेटा लिंकेज की संभावनाओं पर समूह चर्चा हुई। प्रतिभागियों ने संभावित डेटा एकीकरण बिंदुओं की पहचान की तथा भविष्य की कार्ययोजना और समय-सीमा पर सहमति व्यक्त की। कार्यशाला में विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं तकनीकी विशेषज्ञों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए अपने अनुभव और सुझाव साझा किए। यह कार्यशाला राज्य में डेटा आधारित सुशासन को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुई।
- -ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने मत्स्य पालन गतिविधियों को मिल रहा बढ़ावारायपुर। राज्य शासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और आजीविका संवर्धन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित सुशासन तिहार के तहत मछुआ समुदाय को प्रोत्साहित करने की दिशा में लगातार पहल की जा रही है। इसी कड़ी में सूरजपुर जिले के विकासखंड रामानुजनगर अंतर्गत ग्राम कमलपुर में आयोजित कार्यक्रम में मत्स्य व्यवसाय से जुड़े हितग्राहियों को मत्स्याखेट के लिए जाल वितरित किए गए।कार्यक्रम में प्रेमनगर विधायक श्री भूलन सिंह मरावी ने मछुआ सहकारी समिति मर्यादित धनेशपुर के सदस्य श्री भरत सिंह एवं श्री दिलप्रताप को मत्स्याखेट हेतु जाल प्रदान किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि राज्य शासन गांवों में रहने वाले किसानों एवं मछुआरों की आय बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है तथा मत्स्य पालन गतिविधियों को बढ़ावा देने विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।उल्लेखनीय है कि संबंधित हितग्राही ग्राम के बांध को 10 वर्षीय लीज पर लेकर समिति के माध्यम से मत्स्य पालन का कार्य कर रहे हैं। समिति द्वारा नियमित रूप से मत्स्य संवर्धन एवं मत्स्याखेट गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं तथा समिति सदस्यों की आय में भी वृद्धि हो रही है।कार्यक्रम में मत्स्य पालन विभाग के अधिकारियों ने विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि मत्स्य व्यवसाय ग्रामीण अर्थव्यवस्था एवं स्वरोजगार का महत्वपूर्ण माध्यम बनकर उभर रहा है। शासन द्वारा मछुआ समुदाय एवं मत्स्य सहकारी समितियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने लगातार सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में नए रोजगार अवसर सृजित हो रहे हैं। हितग्राहियों ने शासन एवं प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्राप्त जाल से मत्स्याखेट कार्य में सुविधा होगी तथा मत्स्य उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधिगण, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी, मछुआ सहकारी समिति के सदस्य एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
- रायपुर। राज्य शासन ने नागरिकों को डिजिटल सेवाएं देने की व्यवस्था को बड़ा विस्तार देते हुए प्रदेश में संचालित सभी लोक सेवा केन्द्रों को उन्नत कर ”सेवा-सेतु केन्द्र” के रूप में संचालित करने का निर्णय लिया है। इस बदलाव के साथ अब नागरिकों को 73 की जगह 442 प्रकार की डिजिटल नागरिक सेवाएं एकीकृत मंच पर उपलब्ध होंगी।73 से 442 तक पहुंचा सेवा विस्तारपहले लोक सेवा केन्द्रों के माध्यम से प्रमाण पत्र, पंजीयन, आवेदन और शासकीय योजनाओं से जुड़ी 73 सेवाएं दी जाती थीं। उन्नयन के बाद सेवा-सेतु केन्द्रों पर यह संख्या बढ़कर 442 हो गई है। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के नागरिकों को विभिन्न विभागों की सेवाएं एक ही मंच पर त्वरित और पारदर्शी तरीके से मिल सकेंगी।पूरे प्रदेश में एक समान पहचान और ब्रांडिंगराज्य शासन ने निर्देश दिए हैं कि सभी सेवा-सेतु केन्द्रों की पहचान एक समान हो। इसके तहत हर केन्द्र के मुख्य द्वार पर नया बोर्ड और नाम पट्टिका लगाई जाएगी। सभी प्रचार सामग्री, पोर्टल और पावती पर अब ”लोक सेवा केन्द्र” के स्थान पर श्सेवा-सेतु केन्द्रश् शब्द और निर्धारित लोगो का उपयोग अनिवार्य होगा।सेवा प्रदाताओं को मिला ”सेवा-सेतु प्रबंधक” का पदनामपोर्टल संचालन के लिए अधिकृत सेवा प्रदाताओं को अब ”सेवा-सेतु प्रबंधक” कहा जाएगा। इससे नई व्यवस्था को संस्थागत पहचान और स्पष्टता मिलेगी।15 दिन में मांगी गई कार्यवाही रिपोर्टसभी जिलों को निर्देशित किया गया है कि 15 दिवस के भीतर केन्द्रों के परिवर्तित स्वरूप, बोर्ड, नाम पट्टिका और अन्य सुधारों की कार्यवाही पूरी कर फोटोग्राफ सहित रिपोर्ट भेजी जाए। जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी को स्थानीय स्तर पर प्रचार-प्रसार और वेबसाइटों पर सूचना प्रसारित करने की जिम्मेदारी दी गई है।डिजिटल सुशासन को मिलेगा नया बलराज्य शासन का मानना है कि यह कदम प्रदेश में ई-गवर्नेंस को नई ऊंचाई देगा। सेवा-सेतु केन्द्र न केवल नाम परिवर्तन हैं, बल्कि नागरिक सेवाओं के विस्तार, तकनीकी सशक्तिकरण और सुशासन की नई कार्य संस्कृति की शुरुआत हैं। इससे ”डिजिटल इंडिया” की अवधारणा जमीनी स्तर पर और मजबूत होगी।
- -ऑडिटोरियम भवन में आयोजित हुआ जनसमस्या निवारण शिविर एवं जनजातीय गरिमा उत्सव-शिविर में प्राप्त 87 आवेदनों में 65 का त्वरित निराकरण-हितग्राहीमूलक सामग्री का किया गया वितरणबलरामपुर। सुशासन तिहार के अंतर्गत नगरपालिका परिषद बलरामपुर के ऑडिटोरियम भवन में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में नगर पालिका क्षेत्र के विभिन्न वार्डों से पहुंचे नागरिकों ने अपनी मांगों एवं समस्याओं से संबंधित कुल 87 आवेदन प्रस्तुत किए। इनमें से 65 आवेदनों का निराकरण किया गया, साथ ही शेष आवेदनों का भी शीघ्र निराकरण किया जाएगा। साथ ही जनजातीय गरिमा उत्सव जनभागीदारी अभियान का शुभारंभ करते हुए जनभागीदारी सबसे दूर सबसे पहले की थीम पर 18 से 25 मई तक आयोजित होने वाले अभियान की विस्तृत जानकारी साझा की गई।शिविर में नगरपालिका अध्यक्ष श्री लोधी राम एक्का, उपाध्यक्ष श्री दिलीप सोनी सहित सभी वार्डों के पार्षद एवं जनप्रतिनिधि, मुख्य नगरपालिका अधिकारी श्री दीपक एक्का सहित अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।शिविर में राजस्व विभाग, क्रेडा, कौशल विकास, खाद्य विभाग, नगर पालिका, महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा आमजन की समस्याएं सुनी गईं तथा कई मामलों का मौके पर ही समाधान भी किया गया।इस दौरान विभिन्न विभागों द्वारा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई तथा पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। खाद्य विभाग द्वारा हितग्राहियों को नवीन राशन कार्ड का वितरण किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गोद भराई एवं अन्नप्राशन आयोजित कार्यक्रम में नगरपालिका अध्यक्ष श्री लोधी राम एक्का, उपाध्यक्ष श्री दिलीप सोनी एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने बच्चों को खीर खिलाकर अन्नप्राशन कराया तथा गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की रस्म कर उन्हें शुभकामनाएं दीं।इस अवसर पर नगरपालिका अध्यक्ष श्री लोधी राम एक्का ने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से शासन की योजनाओं एवं सेवाओं को आमजन तक सरल एवं सुगम तरीके से पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि लोगों की समस्याओं का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जा सके। अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी आमजनों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने प्रेरित किया। इस अवसर पर हितग्राही मूलक सामग्रियों का भी वितरण किया गया।
- -गृह मंत्री श्री अमित शाह ने शहीद वीर गुंडाधूर सेवा डेरा ( जन सुविधा केंद्र ) का किया उद्घाटन-अब नक्सल प्रभावित नहीं रहा नेतानार.. जनता के दरवाजे तक पहुँच गयी डिजिटल सरकार-नेतानार में नागरिकों की सुविधाओं हेतु एक ही छत के नीचे सभी प्रकार की ऑनलाईन सुविधाएं उपलब्धरायपुर। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह सोमवार को बस्तर जिले के नेतानार ग्राम में सीआरपीएफ कैम्प पहुँचे। यहाँ उन्होंने शहीद वीर गुंडाधूर सेवा डेरा ( जन सुविधा केंद्र ) का उद्घाटन किया ।श्री अमित शाह ने इमली प्रसंस्करण केंद्र में प्रशिक्षण पा रही स्व सहायता समूह की महिलाओं से जाना कि कैसे वे इमली बिक्री कर अपनी आय में वृद्धि कर रही हैं। श्री शाह ने बस्तर की इमली का स्वाद चखा और कहा कि यहां की इमली में बहुत मिठास है।समूह की श्रीमती लंबी नाग ने बताया कि इस समूह से जुड़कर वे सालाना एक लाख रु तक आय अर्जित कर सकेंगी । गुंडाधूर महिला स्व सहायता समूह में महिलाएं इमली का प्रसंस्करण करके उच्च गुणवत्ता युक्त इमली पल्प तैयार कर रही हैं।वे सेवा सेतु केंद्र पहुँचे। यहां वे ग्राम नेतानार निवासी श्रीमती सुखदेवी से मिले। सुखदेवी ने बताया कि उन्होंने अभी अपनी पांच माह की बेटी पद्मा का आधार कार्ड बनवाया है। आधार सेवा केंद्र खुलने से पहले उन्हें 10 किलोमीटर पैदल चलकर नानगुर तक जाना पड़ता था । अब यहां पर ग्रामीणों को नया आधार, आधार अपडेट, केवायसी, मोबाइल नम्बर अपडेट, ई-आधार जैसी सुविधाएं मिल सकेंगी । सेवा सेतु केंद्र में श्रीमती सोनामनी ने बताया कि वे बहुत दिन महतारी वंदन योजना का ई के वाय सी कराना चाहती थीं लेकिन दूरी अधिक होने के कारण वे जा नहीं पा रहीं थीं। गांव में ही केंद्र खुल जाने के कारण आज ही उन्होंने ई के वाय सी करा लिया है । उल्लेखनीय है कि ग्रामीण यहां पर विभिन्न प्रकार के ऑनलाइन प्रमाण पत्र का लाभ ले सकेंगे । इस केंद्र में जन्म, आय , जाति आदि प्रमाण पत्र आसानी से एक ही जगह बनाये जा सकेंगे । इस केंद्र में महिलाओं को बैंक सखी का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बैंक सखी के माध्यम से महिलाएं गांव में ही पैसा जमा करना, पैसा निकालना, स्व सहायता समूह के लिए खाता खोलना, के वाय सी, बैंक खाते में मोबाईल नम्बर अपडेट, एसएचजी क्रेडिट लिंकेज जैसी सुविधाएं पा सकेंगी । श्री अमित शाह ने सिलाई प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षण पा रही महिलाओं से भी मुलाकात की । यहाँ पर महिलाओं को बेसिक एवं एडवांस सिलाई का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सुश्री विजय कुमारी ने बताया कि यहां से सिलाई सीखने के बाद वे अच्छे से अपने परिवार का पालन पोषण कर पाएंगी।गृह मंत्री श्री अमित शाह ने धान डेकी प्रशिक्षण केंद्र में ग्रामीण महिलाओं से चर्चा की । इसके माध्यम से चावल बिक्री से ग्रामीणों महिलाओं की आय वृद्धि तो होगी साथ ही निकलने वाली धान की भूसी से पशुओं को पौष्टिक आहार भी मिलेगा ।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा , मुख्य सचिव श्री विकासशील एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
- -प्रगतिरत कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के दिए निर्देश-कहा ठेकेदारों को हर महीने करें भुगतान, गुणवत्ता सुनिश्चित करने कार्यों का बारीकी से निरीक्षण भी करेंरायपुर ।लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने आज कोंडागांव में विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों की बैठक लेकर बीजापुर, दंतेवाड़ा और कोंडागांव में सड़कों और पुलों के निर्माणाधीन कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने इन कार्यों में तेजी लाते हुए दी गई समय-सीमा में काम पूरा करने को कहा। उन्होंने बरसात में सड़क संपर्क से कट जाने वाले गांवों के लिए बारहमासी सड़कों और पुलों के निर्माण के लिए प्राथमिकता से प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजने के निर्देश दिए। कोंडागांव की कलेक्टर सुश्री नुपुर राशि पन्ना, वन मंडलाधिकारी श्रीमती दिव्या गौतम, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी, मुख्य अभियंता भी श्री एम.एल. उरांव और श्री ज्ञानेश्वर कश्यप तथा अधीक्षण अभियंता श्री संजय सूर्यवंशी सहित तीनों जिलों के कार्यपालन अभियंता, अनुविभागीय अधिकारी और उप अभियंता भी बैठक में मौजूद थे।लोक निर्माण विभाग के सचिव ने तीनों जिलों के विभागीय अधिकारियों को किसी भी ठेकेदार का भुगतान लंबित नहीं रखने के निर्देश दिए। उन्होंने ठेकेदारों द्वारा किए गए कार्यों के आधार पर हर महीने भुगतान करने को कहा। श्री बंसल ने ठेकेदारों से कार्यस्थलों पर आ रही समस्याओं की जानकारी अधिकारियों से साझा करने को कहा। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को इन समस्याओं का त्वरित समाधान कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रगतिरत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में हर हाल में पूर्ण करने के निर्देश ठेकेदारों को दिए।विभागीय सचिव ने बैठक में लोगों की जरूरतों और उपयोगिता के आधार पर नई सड़कों और पुलों के निर्माण के प्रस्ताव प्राथमिकता से भेजने के निर्देश दिए। बस्तर के नक्सलमुक्त होने के बाद दूरस्थ और पहुंच विहीन गांवों में सड़कों व पुल-पुलियों के निर्माण तेजी से होने चाहिए। उन्होंने चालू वित्तीय वर्ष के बजट में शामिल द्रुतगामी सड़कों के निर्माण के लिए 15 अगस्त तक इस्टीमेट भेजने को कहा।लोक निर्माण विभाग के सचिव ने सभी अधिकारियों को भवन, सड़क एवं पुल के कार्यों और उनकी प्रगति की पूरी जानकारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण सामग्रियों की गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए भवनों में अच्छी गुणवत्ता के खिड़की, दरवाजे, टाइल्स, सेनेटरी, नल और पेंट्स का उपयोग करने को कहा। उन्होंने केशकाल घाटी बायपास सड़क के कार्यों में तेजी लाने वन मंडलाधिकारी को जल्द से जल्द पेड़ों की कटाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। श्री बंसल ने काम में ढिलाई बरतने वाले तथा गुणवत्ताहीन काम करने वाले ठेकेदारों के प्रति सख्ती करने को कहा। उन्होंने ऐसे ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने, डिग्रेड करने तथा टर्मिनेट करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी अधिकारियों को अपने मुख्यालयों में रहने, फील्ड का नियमित दौरा कर कार्यों का बारीकी से निरीक्षण करने तथा न्यायालयीन प्रकरणों में समय पर शासन का जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने सर्किट हाउसों और विश्राम गृहों का अच्छा रखरखाव सुनिश्चित करने भी कहा।निर्माणाधीन खड़कघाट पुल के कार्यों का किया निरीक्षणलोक निर्माण विभाग के सचिव श्री बंसल ने कोंडागांव में बैठक के बाद जगदलपुर में इंद्रावती नदी पर बन रहे खड़कघाट पुल के कार्यों का निरीक्षण किया। राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर 44 करोड़ से अधिक की लागत से इस उच्च स्तरीय पुल का निर्माण किया जा रहा है। श्री बंसल ने मौके पर मौजूद अधिकारियों और ठेकेदार को पुल का काम पूर्ण गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूरा करने को कहा। उन्होंने कार्यस्थल पर मशीनरी और मेन-पॉवर बढ़ाते हुए कार्यों में तेजी लाने को कहा।
- -3500 हेक्टेयर में हो रही नाशपाती की खेती, देश के कई राज्यों में है जशपुर की नाशपाती की मांग-एक एकड़ से किसानों को हो रही 1 लाख से 1.50 लाख रुपए तक की वार्षिक आयरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ उद्यानिकी फसलों की ओर प्रोत्साहित किया जा रहा है। जशपुर जिले के किसान नाशपाती की खेती के माध्यम से उल्लेखनीय आय अर्जित कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं। प्राकृतिक रूप से अनुकूल जलवायु और उद्यानिकी विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन के कारण जशपुर आज राज्य के प्रमुख नाशपाती उत्पादक जिलों में शामिल हो चुका है।जशपुर जिले में लगभग 3,500 से अधिक किसान करीब 3,500 हेक्टेयर क्षेत्र में नाशपाती की खेती कर रहे हैं। जिले में प्रतिवर्ष लगभग 1 लाख 75 हजार क्विंटल नाशपाती का उत्पादन हो रहा है। इससे हजारों कृषक परिवारों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और जिले की पहचान फल उत्पादन के क्षेत्र में लगातार मजबूत हो रही है।जशपुर की नाशपाती स्वाद, गुणवत्ता और आकर्षक आकार के कारण देश के विभिन्न राज्यों में विशेष रूप से पसंद की जाती है। जिले के सन्ना, पंडरापाठ, कंवई, महुआ, सोनक्यारी, मनोरा, धवईपाई और गीधा जैसे क्षेत्रों से नाशपाती की खेप दिल्ली, उत्तर प्रदेश, ओडिशा सहित अन्य राज्यों में भेजी जाती है। फल को सावधानीपूर्वक कैरेट में पैक कर बाजारों तक पहुंचाया जाता है।नाशपाती की खेती किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रही है। एक एकड़ क्षेत्र से किसानों को औसतन 1 लाख से 1.50 लाख रुपए तक की वार्षिक आय प्राप्त हो रही है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है और किसान आधुनिक उद्यानिकी की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं।उद्यानिकी विभाग तथा नाबार्ड के सहयोग से किसानों को तकनीकी प्रशिक्षण, पौधरोपण, बागवानी प्रबंधन और विपणन संबंधी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अंतर्गत नाशपाती क्षेत्र विस्तार योजना संचालित की जा रही है, जिसके माध्यम से किसानों को अनुदान एवं तकनीकी सहायता प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल से जशपुर जिले में उद्यानिकी आधारित कृषि को नई दिशा मिली है। नाशपाती की खेती न केवल किसानों की आय बढ़ा रही है, बल्कि जशपुर को राज्य के एक उभरते हुए फल उत्पादन केंद्र के रूप में स्थापित कर रही है।









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