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- पेयजल की समस्या से मिली निजात, ग्रामीणों की आजीविका में हुआ सुधाररायपुर/ ग्रामीण परिवारों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए केन्द्र शासन द्वारा शुरू की गई योजना जल जीवन मिशन से कई गांवों में पेयजल की समस्या दूर हो रही है। इससे न केवल शुद्ध पेयजल मिल रहा है बल्कि ग्रामीण जल संरक्षण के प्रति भी जागरूक हो रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार पूरे छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन का कार्य तेजी से संचालित किया जा रहा है। इसी कड़ी में उत्तर बस्तर कांकेर जिले के चारामा विकासखण्ड के ग्राम भुइगांव जिला मुख्यालय से 30 किलोमीटर दूरी पर स्थित एक ऐसा गांव है, जहां वर्षों से पीने के साफ पानी के लिए संघर्ष कर रहे ग्रामीणों को जल जीवन मिशन के तहत् पेयजल की समस्या से निजात मिली है। पहले गांव के लोग, विशेषकर महिलाएं और बच्चे, हर दिन लंबी दूरी तय कर पानी लाते थे, जिससे उन्हें शारीरिक श्रम के साथ-साथ समय भी अधिक लगता था। ग्रामीणजन और सरपंच इस समस्या से निजात पाने का प्रयास कर रहे थे। कई ग्रामीण पानी की कमी के कारण बोर खुदवाने को भी मजबूर थे। ऐसे में गांव का भूजल स्तर भी कम होने लगा था।ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल प्रदाय कराने के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी संभाग कांकेर द्वारा जलजीवन मिशन के तहत ग्राम भुइगांव में पानी की समस्या को दूर करने के लिए योजना बनाई गई और सबसे पहले, गांव में पानी की कमी की सही स्थिति का आंकलन किया गया। इसके बाद नल से जल आपूर्ति के लिए कार्य शुरू किया गया और गांव के प्रत्येक घर में नल कनेक्शन प्रदाय करने के लिए पाइपलाइन बिछाई गई। पानी टंकी का निर्माण कर गांव के पास स्थित एक जलस्रोत से पाईपलाइन के माध्यम से पानी गांव तक पहुंचाया गया और जल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित जांच की व्यवस्था की गई। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता ने बताया कि ग्रामीणों को जल की गुणवत्ता की जांचने का प्रशिक्षण देकर जल परीक्षण किट्स वितरित की गई है, जिससे ग्रामीण स्वयं पानी को परख कर सकें।ग्रामवासियों को जलजीवन मिशन के महत्व और लाभों के बारे में भी जागरूक किया गया। गांव में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए और जागरुकता रथ से ग्रामीणों को जल संरक्षण और स्वच्छता के महत्व के बारे में बताया गया, साथ ही जल प्रबंधन, जल संरक्षण और स्वच्छता पर विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। ग्रामीणों को जल की गुणवत्ता की जांच करने और जल स्रोतों को सुरक्षित रखने के तरीकों की भी जानकारी दी गई। जल जीवन मिशन के अंतर्गत बनी इस टंकी ने गांव में सिर्फ पानी ही नहीं, बल्कि एक नई उम्मीद भी लाई। गांव के लोगों की आजीविका में भी सुधार हुआ और वे आत्मनिर्भर बनने लगे। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा एक गैर शासकीय संगठन के सहयोग और प्रयासों से ग्रामीणों को जागरूक करने में काफी हद तक सफलता मिली। ग्राम भुइगांव के सभी ग्रामीण अब गर्व से कहते हैं कि गांव में जलजीवन मिशन ने उनकी जिंदगी बदल दी।
- रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार प्राकृतिक आपदा पीड़ित परिवारों को त्वरित आर्थिक सहायता स्वीकृत की जा रही है। इसी कड़ी में बस्तर जिले के कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. द्वारा प्राकृतिक आपदा पीड़ित 11 परिवारों को 44 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने की स्वीकृति दी गई है। राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत इन परिवारों को आर्थिक सहायता स्वीकृत किया गया है। जिनमें तहसील बस्तर अन्तर्गत दुबे उमरगांव निवासी गुली उर्फ इच्छा कश्यप की सांप काटने से मृत्यु होने के कारण उनके पिता श्री मिठूराम को, ग्राम भोण्ड के निवासी फुलबती की मृत्यु पानी में डूबने से उसकी नानी श्रीमती रूकमनी को, बस्तर निवासी देवेन्द्र की नहर नाली में डूबने से मृत्यु होने पर उनके पिता श्री कमलू को, ग्राम घाटकवाली निवासी अन्तुराम की मृत्यु नदी के पानी में डूबने से होने पर उसकी पुत्री सुश्री लच्छमनी को, तहसील तोकापाल के कुरेंगा निवासी सदा की मृत्यु पानी में डूबने से होने पर उसकी पत्नी श्रीमती रयमती को 4-4 लाख रूपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत किया गया है। इसी प्रकार तहसील लोहण्डीगुड़ा के कोड़ेनार निवासी दयाराम की नदी में डूबने से मृत्यु होने पर उनकी माता श्रीमती दशसाय को, तहसील भानपुरी अन्तर्गत ग्राम सिवनी निवासी गुड्डूराम की नारंगी नदी में डूबने से मृत्यु होने पर उसकी पत्नी श्रीमती सुकरी को, ग्राम कावंड़गांव निवासी लखन की मृत्यु नदी में डूबने से होने के कारण उसकी पत्नी श्रीमती उर्मिला को, ग्राम केशरपाल निवासी गौतम की पानी में डूबने से मृत्यु होने पर उनके पिता श्री सुकनाथ को, तहसील बकावण्ड के बेलपुटी निवासी धनसिंग की नदी में डूबने से मृत्यु होने पर उनकी पत्नी श्रीमती सुहागी को और ग्राम कोसमी निवासी परमेश्वर की मृत्यु पानी में डूबने से होने के कारण उनके पिता श्री दयनु को आर्थिक सहायता स्वीकृत किया गया है। प्रत्येक पीड़ित परिवार को चार-चार लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने की स्वीकृति दी गई है।
- -सर्व आदिवासी हित में काम करने की जरूरत : मंत्री श्री केदार कश्यप-कृषि मंत्री और वन मंत्री छत्तीसगढ़ गोंडवाना गोड़ महासभा में हुए शामिलरायपुर / आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि वर्तमान परिवेश में सबकी सहभागिता से ही समाज का विकास होगा। आदिवासी समाज की समृद्ध इतिहास और परंपरा है, उनके रीति-रिवाज और दैनिक-दिनचर्या व रहन-सहन है। इस समृद्ध, संस्कृति और परंपरा के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ ही नई पीढ़ियों को समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से अवगत कराना होगा। उन्होंने कहा कि इन्हीं समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के कारण आदिवासी समाज की एक अलग पहचान है। इस परम्परा को बनाएं रखना हम सबका कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि समाज का विकास अच्छे कार्यों का अनुकरण और अपने सांस्कृतिक विरासतों को अन्य समाजों तक पहुंचाकर किया जा सकता है। मंत्री श्री नेताम ने कहा कि समाज को रचनात्मक कार्याें की दिशा में आगे आना चाहिए। दिग्भ्रमित करने वाले लोगों से बचते हुए समाज को आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक क्षेत्रों में आगे आने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती, राज मोहिनी देवी, शहीद वीर नारायण सिंह, बिरसा मुण्डा, वीर गुण्डाधूर सहित अन्य महापुरूषों के बताए हुए मार्गों पर चल हमें समाज के उत्थान के लिए आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसा काम करें जिससे समाज का गौरव हो, नई पीढ़ी उसके कार्यों का अनुकरण करें। मंत्री श्री नेताम ने साहित्यिक और सामाजिक तथा शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले समाज के लोगों को प्रोत्साहन देने उनका सम्मान करने की बात कही। उन्होंने शासन की योजनाओं का शत्-प्रतिशत लाभ लेने के लिए समाज को आगे आने की अपील की।वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने गोंडवाना गोड़ महासभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि समाज के सभी तबको के विकास के लिए हमें सर्व आदिवासी हित में काम करने की जरूरत है। ऐसे व्यक्ति जो कई वर्षों से समाज के उत्थान में अपना जीवन समर्पित कर रहे हैं, उनका सम्मान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की संस्कृति परंपरा, रीति-रिवाज सहन-सहन को संरक्षित करने, समाज के महापुरूषों के बारे में आने वाली पीढ़ी को जागरूक करने की दिशा में भी कारगर कदम उठाने की जरूरत है। मंत्री श्री कश्यप ने मेले-मड़ई सहित आदिवासियों की जीवन शैली को संरक्षित करने पर बल दिया।कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए समाज के पदाधिकारियों ने आदिवासी समाज के विकास के लिए अपने-अपने सुझाव भी दिए। मंत्री द्वय श्री नेताम और श्री कश्यप ने इस मौके पर धमतरी के लेखक श्री डुमन लाल धु्रव द्वारा छत्तीसगढ़ के परंपरिक आभूषणों पर आधारित किताब ”छत्तीसगढ़ का लोक आभूषण” का विमोचन किया। कार्यक्रम में विधायक श्री नीलकंठ टेकाम, छत्तीसगढ़ गोंडवाना गोड़ महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व संसदीय सचिव श्री शिशुपाल सोरी, वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता सर्वश्री पवन साय, एम.डी.ठाकुर, बी.पी.एस. नेताम, विकास मरकाम सहित बड़ी संख्या में प्रदेश के गोंडवाना राज के पदाधिकारी उपस्थित थे।
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रायपुर।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और मंत्रिपरिषद के सदस्यों ने शहीद भरत लाल साहू की स्मृति को अक्षुण्ण रखते हुए मोवा बाजार चौक रायपुर का नामकरण उनके नाम से शहीद भरत लाल साहू चौक करने का निर्णय लिया है। गौरतलब है कि एसटीएफ के आरक्षक भरत लाल साहू 17 जुलाई को बीजापुर जिले के मंडीमरका के जंगल में सर्चिंग के दौरान माओवादियों द्वारा लगाए गए आईईडी ब्लास्ट की चपेट में आने की वजह से शहीद हो गए थे। शहीद श्री भरत लाल साहू रायपुर के मोवा बाजार के रहने वाले थे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं मंत्रिपरिषद के सहयोगियों ने शहीद भरत लाल साहू को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ ही उनकी स्मृति में मोवा बाजार चौक रायपुर का नामकरण शहीद भरत लाल साहू चौक किए जाने का निर्णय लिया है। -
बीजापुर. जिले में नक्सलियों ने एक बारूदी सुरंग में विस्फोट कर दिया, जिससे एसटीएफ के दो जवान शहीद हो गए और चार घायल हो गए। पुलिस अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि बीजापुर के तर्रेम थाना क्षेत्र में नक्सलियों ने बारूदी सुरंग में विस्फोट कर दिया। घटना में विशेष कार्य बल (एसटीएफ) के दो आरक्षक-भरत साहू और सत्येर सिंह कांगे शहीद हो गए, जबकि चार अन्य जवानों के घायल होने की खबर है। अधिकारियों ने बताया कि बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में नक्सलियों के दरभा डिवीजन, पश्चिम बस्तर डिवीजन और मिलिट्री कंपनी नंबर दो के नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी, जिसके बाद 16 जुलाई को इन जिलों से एसटीएफ, डीआरजी और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के कोबरा बटालियन के संयुक्त दल को नक्सल विरोधी अभियान के लिए रवाना किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, संयुक्त दल जब अभियान पूरा कर लौट रहा था, तभी बुधवार देर रात बीजापुर जिले के तर्रेम क्षेत्र में नक्सलियों ने बारूदी सुरंग में विस्फोट कर दिया, जिसकी चपेट में आकर एसटीएफ के दो जवान शहीद हो गए और चार अन्य जवान घायल हो गए। अधिकारियों के अनुसार, घटना की जानकारी मिलने के बाद क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बलों को भेजा गया और शहीद जवानों के शवों व घायल जवानों को घटनास्थल से बाहर निकाला गया। घायल जवानों के उपचार के इंतजाम भी किए गए। अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में नक्सलियों के खिलाफ अभियान जारी है।
- रायपुर । ग्राम टेकारी ( कुंडा ) निवासी 99 वर्षीया श्रीमती भोजाबाई वर्मा का आज शुक्रवार की सुबह निधन हो गया । वह स्वर्गीय माधोप्रसाद वर्मा की पत्नी , आरंग विकासखण्ड स्त्रोत शिक्षा समन्वयक ( बी आर सी ) मातलीनंदन वर्मा , नरदहा के पटवारी दुष्यंत वर्मा , श्रीमती विशाखा , श्रीमती विमला व श्रीमती कमला की माता तथा जिला पंचायत रायपुर के पूर्व अध्यक्ष श्रीमती शारदा देवी वर्मा की सास थी ।
- रायपुर । ग्राम टेकारी ( कुंडा ) निवासी 99 वर्षीया श्रीमती भोजाबाई वर्मा का आज शुक्रवार की सुबह निधन हो गया । वह स्वर्गीय माधोप्रसाद वर्मा की पत्नी , आरंग विकासखण्ड स्त्रोत शिक्षा समन्वयक ( बी आर सी ) मातलीनंदन वर्मा , नरदहा के पटवारी दुष्यंत वर्मा , श्रीमती विशाखा , श्रीमती विमला व श्रीमती कमला की माता तथा जिला पंचायत रायपुर के पूर्व अध्यक्ष श्रीमती शारदा देवी वर्मा की सास थी ।
- 0 विद्यार्थियों से बातचीत कर अध्ययन-अध्यापन के व्यवस्थाओं का लिया जायजा, शाला परिसर में किया पौधारोपणबालोद। कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने आज जिले के डौण्डी विकासखण्ड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सुरडोंगर का आकस्मिक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने क्लास रूम में विद्यार्थियों से बातचीत कर अध्ययन-अध्यापन के व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली। इस मौके पर श्री चन्द्रवाल स्टाॅफ रूम में पहुँचकर कर्मचारियों के उपस्थिति पंजी का भी अवलोकन किया। श्री चन्द्रवाल ने मौके पर उपस्थित प्रभारी प्राचार्य एवं स्टाॅफ से विद्यालय में कार्यरत कुल शिक्षकों एवं कर्मचारियों के संख्या के संबंध में जानकारी ली। इसके अलावा उन्होंने आज अवकाश पर रहने वाले संस्था के प्राचार्य एवं शिक्षकों के आवेदन पत्र का भी अवलोकन किया। श्री चन्द्रवाल ने कक्षा 12वीं विज्ञान एवं कक्षा 11वीं कला एवं विज्ञान संकाय के क्लास रूम में पहुँचकर विद्यार्थियों से उनके पढ़ाई-लिखाई के व्यवस्था के संबंध में बातचीत की। श्री चन्द्रवाल ने शाला परिसर में स्थित प्रयोगशाला का भी अवलोकन किया। कलेक्टर ने मौके पर उपस्थित पूर्व माध्यमिक शाला के प्रधान पाठक से शिक्षा सत्र 2022-23 में विद्यालय के कक्षा 8वीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों की संख्या तथा इन विद्यार्थियों के कक्षा 9वीं के प्रवेश के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान श्री चन्द्रवाल ने ’एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत शाला परिसर में नीलगिरी के पौधा का भी रोपण किया। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री डीडी मण्डले सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
- -केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के ‘स्पार्क’ पुरस्कारों में छत्तीसगढ़ का दबदबा-दस लाख तक जनसंख्या श्रेणी में बिलासपुर, तीन लाख जनसंख्या श्रेणी में रायगढ़ और एक लाख जनसंख्या श्रेणी में भाटापारा को प्रथम पुरस्कार-50 हजार जनसंख्या श्रेणी में चांपा को द्वितीय पुरस्कार, राज्य स्तर पर छत्तीसगढ़ को तृतीय पुरस्कार--केन्द्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल ने नई दिल्ली में आयोजित समारोह में सूडा और चार नगरीय निकायों को किया पुरस्कृत-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने पुरस्कृत नगरीय निकायों को दी बधाईरायपुर ।. भारत सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा शहरी गरीब परिवारों को सशक्त बनाने और उनकी आजीविका के अवसरों को बढ़ाने में उत्कृष्ट कार्यों के लिए गुरुवार को नई दिल्ली में प्रदान किए गए ‘स्पार्क’ पुरस्कारों में छत्तीसगढ़ का दबदबा रहा। राज्य को इसमें विभिन्न श्रेणियों में पांच पुरस्कार मिले। प्रदेश के तीन शहरों को अपनी-अपनी श्रेणियों में प्रथम पुरस्कार, एक नगरीय निकाय को द्वितीय पुरस्कार और राज्य स्तरीय पुरस्कारों में छत्तीसगढ़ को पूरे देश में तृतीय पुरस्कार से नवाजा गया। केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल और राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने नई दिल्ली के इंडिया हैबिटॉट सेंटर में आयोजित समारोह में ये पुरस्कार वितरित किए। छत्तीसगढ़ से गए 20 अधिकारियों और लाभार्थियों की टीम ने अपने-अपने निकायों की ओर से ये पुरस्कार ग्रहण किए।दीनदयाल अंत्योदय योजना - राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (डे-एनयूएलएम) में उत्कृष्ट कार्यों के लिए भारत सरकार द्वारा दिए जाने वाले प्रतिष्ठित ‘स्पार्क 2023-24’ पुरस्कारों के अंतर्गत दस लाख तक जनसंख्या श्रेणी में बिलासपुर नगर निगम को पूरे देश में प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया। वहीं तीन लाख तक जनसंख्या श्रेणी में रायगढ़ नगर निगम को और एक लाख तक जनसंख्या श्रेणी में भाटापारा नगर पालिका को पूरे देश में प्रथम पुरस्कार से नवाजा गया। चांपा नगर पालिका को 50 हजार तक जनसंख्या श्रेणी में द्वितीय पुरस्कार मिला। राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन में श्रेष्ठ कार्यों के लिए छत्तीसगढ़ को पूरे देश में तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य को गौरवान्वित करने वाली इस उपलब्धि के लिए सूडा और चारों नगरीय निकायों की टीम के साथ ही प्रदेशवासियों को बधाई दी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारत सरकार द्वारा प्रदत्त ये पुरस्कार राज्य के लिए सम्मान का विषय है। राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत स्वरोजगार और कौशल विकास के साथ ही शहरी पथ विक्रेताओं को सहायता प्रदान की जा रही है। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने भी सूडा और पुरस्कार के लिए चयनित नगरीय निकायों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन महिलाओं एवं युवाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध मिशन है। छत्तीसगढ़ इस मिशन में लगातार श्रेष्ठ प्रदर्शन कर रहा है।शहरी गरीब परिवारों को सशक्त बनाने और उनकी आजीविका के अवसरों को बढ़ाने में अच्छे कार्यों को रेखांकित करने नई दिल्ली में आयोजित समारोह में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पीएम स्वनिधि योजना के नामांकित लाभार्थी जशपुर नगर पालिका के श्री सुमित किस्कु और लोरमी नगर पंचायत के श्री कुशाल राम साहू भी शामिल हुए। राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के लाभार्थी के रूप में नामांकित जगदलपुर नगर निगम की हैप्पी महिला स्वसहायता समूह की श्रीमती मृदुला जैन, भिलाई नगर निगम की राधा रानी स्वसहायता समूह की श्रीमती चित्ररेखा साहू, सिटी मिशन प्रबंधक सुश्री एकता शर्मा और श्री संत कुमार महतो ने भी छत्तीसगढ़ की ओर से समारोह में सहभागिता दी।राज्य की ओर से इन्होंने ग्रहण किए पुरस्कारनई दिल्ली के इंडिया हैबिटॉट सेंटर में आयोजित पुरस्कार समारोह में छत्तीसगढ़ को मिला तृतीय पुरस्कार सूडा (राज्य शहरी विकास अभिकरण) के उप मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील अग्रहरि, राज्य मिशन प्रबंधक श्री विवेक शुक्ला और श्री प्रशांत अमोली ने ग्रहण किया। बिलासपुर नगम निगम के आयुक्त श्री अमित कुमार, रायगढ़ नगर निगम के आयुक्त श्री सुनील चंद्रवशी, सिटी मिशन प्रबंधक श्री केदार पटेल और श्री शुभम शर्मा, भाटापारा नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री लाल अजय बहादुर सिंह और सिटी मिशन प्रबंधक श्री नीरज साहू तथा चांपा नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी एवं सहायक कलेक्टर श्री दुर्गा प्रसाद अधिकारी और श्री भोला सिंह ठाकुर ने अपने-अपने निकायों की ओर से पुरस्कार प्राप्त किया। केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव श्री अनुराग जैन, संयुक्त सचिव तथा एनयूएलएम एवं पीएम स्वनिधि के प्रबंध निदेशक श्री राहुल कपूर, पीएम स्वनिधि की संचालक श्रीमती शालिनी पाण्डेय और एनयूएलएम के संचालक श्री सुनील कुमार यादव भी पुरस्कार समारोह में मौजूद थे।
- -आदिवासी महिलाओं के परिश्रम की मिठास अब पूरे भारत में-कोदो, कुटकी, रागी, टाऊ एवं महुआ से बने उत्पादों की देश भर में मांगरायपुर, / छत्तीसगढ़ का जशपुर जिला अपनी हरी-भरी वादियों के और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। यह जिला लोगों को प्रकृति से जोड़ता है और ताजगी का अनुभव करता है। जैसे-जैसे मानसून आता है इसकी खूबसूरती और निखरकर सामने आती है। यहां की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विविधता का मेल अद्वितीय है। इसी क्षेत्र से उत्पन्न हुआ है ‘जशपुर ब्रांड’ जो आदिवासी महिलाओं द्वारा बनाए गए उच्च गुणवत्ता वाले और स्वास्थ्यवर्धक उत्पादों को बाजार में प्रस्तुत करता है। अब यह ब्रांड केवल स्थानीय बाजार तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे भारत में अपनी जगह बना चुका है, चाहे वह ऑनलाइन हो या ऑफलाइन।महिला समूह की मेहनत का प्रतिफल है जशप्योरजशपुर जिला हर क्षेत्र में बेहतर कर रहा है। यहां की महिलाएं भी कामयाबी की नई इबारत लिख रही हैं। “जशपुर ब्रांड” इसी का एक बेहतर उदाहरण और उत्कृष्टता का प्रतीक है। “जशपुर ब्रांड” के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के उत्पाद उपलब्ध हैं, जिनमें सबसे अधिक मांग वाले उत्पाद ढेकी कुटा जवा फूल चावल, जो कि अपनी गुणवत्ता और स्वाद के लिए प्रसिद्ध है। पारंपरिक विधियों से तैयार किए गए इस चावल की सुगंध और स्वाद अनूठा है। वही महुआ और मिलेट लड्डू जो महुआ और मिलेट से बने यह लड्डू पौष्टिक और स्वादिष्ट होते हैं। यह लड्डू विशेष रूप से बच्चों और स्वास्थ्य प्रेमियों के बीच लोकप्रिय हैं।जशप्योर के उत्पादों की देश भर में मांगइसी तरह मिलेट आधारित पास्ता, यह पास्ता पारंपरिक गेहूं के पास्ता का एक स्वस्थ विकल्प है, जो स्वास्थ्य के प्रति सजग लोगों के लिए एक उत्तम विकल्प है। इनके अलावा कोदो, कुटकी, रागी, टाऊ एवं महुआ से बने विभिन्न उत्पाद संपूर्ण भारत में अपनी पहचान बना चुके हैं। जशपुर ब्रांड के उत्पादों की मांग अब केवल छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं है। जम्मू-कश्मीर से लेकर अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तक, “जशपुर ब्रांड” के उत्पादों को अच्छा खासा प्रतिसाद मिल रहा है। इसका मुख्य कारण है उत्पादों की गुणवत्ता और स्वास्थ्यवर्धक गुण।जशप्योर से जुड़ी महिलाएं बनी आत्मनिर्भरजशप्योर के तहत बने जशपुर ब्रांड का उद्देश्य केवल व्यापार नहीं है, बल्कि यह आदिवासी महिलाओं का सशक्तिकरण और उनकी आर्थिक स्थिति को सुधारने का सफल प्रयास है। इस ब्रांड के माध्यम से इन महिलाओं को रोजगार का अवसर मिला है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद मिली है। जशप्योर द्वारा निर्मित ‘जशपुर ब्रांड’ का हर उत्पाद इन महिलाओं की मेहनत और समर्पण का प्रतीक है। जशपुर ब्रांड के उत्पाद अब jashpure.com पर उपलब्ध हैं, जहां से इन्हें आसानी से खरीदा जा सकता है। इसके साथ ही, देशभर में विभिन्न ऑफलाइन स्टोर्स पर भी ये उत्पाद उपलब्ध हैं, जो इस ब्रांड की व्यापक पहुंच का प्रमाण हैं।जशप्योर को लोकप्रिय बनाने प्रशासन प्रयासरतजशप्योर का यह जशपुर ब्रांड केवल एक व्यापारिक नाम नहीं है, बल्कि यह आदिवासी महिलाओं के परिश्रम, समर्पण और गुणवत्ता की एक कहानी है। जशपुर ब्रांड के माध्यम से अब पूरे भारत में लोग इस स्वाद और गुणवत्ता का आनंद उठा रहे हैं। आदिवासी महिलाओं के सशक्तिकरण की यह कहानी हर किसी के लिए प्रेरणादायक है। यह ब्रांड भविष्य में और अधिक लोकप्रिय हो, इसको लेकर जिला प्रशासन द्वारा लगातार प्रयास किया जा रहा है। जिसका अब सुखद और सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं।
- -नई दिल्ली में आयोजित सुशासन संवाद कार्यक्रम में शामिल हुये छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री-मुख्यमंत्री ने सुशासन संवाद कार्यक्रम में गिनाई सरकार की उपलब्धियां-कहा, प्रदेश में पारदर्शिता और सुशासन को बढ़ावा देने के लिए उठाए कई महत्वपूर्ण कदमनई दिल्ली, ।छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय छत्तीसगढ़ सरकार के छह माह पूरे होने पर गुरुवार को नई दिल्ली के अशोका होटल में आयोजित सुशासन संवाद कार्यक्रम में प्रदेश सरकार की उपलब्धियां व राज्य में सुशासन की दिशा में उठाए गए कदमों पर चर्चा की। इस मौके पर उन्होने जनता के सवालों का भी बेबाकी के साथ जवाब दिया।मुख्यमंत्री श्री साय ने संबोधित करते हुये कहा शपथ ग्रहण के पश्चात हमारी सबसे बड़ी चुनौती जनता के भरोसे पर खरा उतरना था। मोदी जी ने जो प्रदेश की आम जनता को गारंटी दी थी, उन्हें पूरा करना था। लेकिन हमने 7 महीने के भीतर ही अधिकांश गारंटियों को पूरा कर जनता का भरोसा पुनः अर्जित कर लिया है। उन्होने कहा छत्तीसगढ़ में जनता का काम साएँ-साएँ हो रहा है, जिससे कमीशनखोरी करने वालों के मंसूबों पर पानी फिर गया है।मुख्यमंत्री ने कहा, "हमारी सरकार की नियत और नीति दोनों सही हैं। उन्होने नक्सलवाद के विरुद्ध किए गए कार्यों पर विशेष जोर देते हुये कहा "हमारी सरकार ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा को मजबूत करने के लिए विशेष प्रयास किए हैं। हमने सुरक्षा कैंप स्थापित किए हैं और इन इलाकों में विकास कार्यों को तेज किया है। इससे न केवल सुरक्षा बल्कि विकास की दिशा में भी हमें बड़ी सफलता मिली है।"कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ में पारदर्शिता और सुशासन को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा, "हमने प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाया है ताकि जनता को उनकी समस्याओं का समाधान जल्दी और प्रभावी तरीके से मिल सके।"मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुये कहा कि हमने सरकार बनते ही मोदी जी की गारंटी के अनुरूप 18 लाख 12 हजार 743 जरूरतमंद परिवारों को प्रधानमंत्री आवास उपलब्ध कराया। किसानों को 2 साल का बकाया धान बोनस दिया। वादे के अनुरूप 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदी शुरू की। राज्य की महिलाओं के लिए महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रति माह एक-एक हजार रुपए की सहायता राशि दी जा रही है। राज्य में तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक दर 4000 रुपए प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर अब 5500 रुपए प्रति मानक बोरा कर दी गई है।मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि उनकी सरकार ने राज्य में विकास और सुरक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा, "हम वैल्यू एडिशन कर रहे हैं और आने वाले समय में हमारा सपनों का छत्तीसगढ़ तैयार हो रहा है। राज्य के विकास के लिए हमने कई नई परियोजनाएँ शुरू की हैं और जनता को उनकी आवश्यकता की सभी सुविधाएँ प्रदान कर रहे हैं।"सुशासन संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने दृष्टिकोण और योजनाओं को साझा करते हुए बताया कि उनकी सरकार राज्य के विकास और जनहित के कार्यों के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, "हम छत्तीसगढ़ को एक मॉडल राज्य बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास कर रहे हैं।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई में कामकाजी महिलाओं को संरक्षण प्रदान करने तथा उत्पीड़न की शिकायतों की रोकथाम और निवारण तथा उससे संबंधित या उनके अनुशांगिक विषयों अंतर्गत कार्यवाही किये जाने आंतरिक शिकायत समिति का गठन किया गया है। उक्त समिति का प्रथम निगम में संपन्न हुई। जिसमें समिति अध्यक्ष सुश्री दिप्ती साहू, सचिव रीता चतुर्वेदी, उत्कृष्ठा एनजीओ संस्था से चयनित सदस्य शानू मोहनन व समिति के सभी सदस्य सम्मिलित हुए।बैठक में अध्यक्ष द्वारा अधिनियम के संबंध में जानकारी दी गई व सदस्यों से बेहतर सुझाव मांगा गया। विदित हो कि 2012 में यौन उत्पीड़न और महिलाओं पर हिंसा की बढ़ती घटनाओं के चलते भारत में इसके खिलाफ कड़े कदम उठाने की मांग की गयी। महिलाओ के कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से सुरक्षा दिलाने तथा और यौन उत्पीड़न के शिकायतों के निदान की दिशा में 2013 में यह कानून बनाया गया था।इस अधिनियम के अनुसार यौन उत्पीड़न महिलाओं के समानता के मूल अधिकार, जो कि संविधान के अनुच्छेद 14,15,21 में दिये गये है, का उल्लंघन है। यह अनुच्छेद कानून के समक्ष समानता प्रदान करता है। धर्म, जाति, लिंग, जन्मस्थल के आधार पर भेदभाव का निषेध करता है और जीवन और स्वतंत्रता का अधिकार प्रदान करता है। निगम भिलाई में आंतरिक शिकायत समिति का गठन किया गया हे। एनजीओ के सदस्य समय समय पर वर्कशाप के माध्यम से आकर सुझाव देंगी। साथ में महिलाओं के प्रति नई-नई जानकारियों को साझा करेगी। किस प्रकार से और प्रगति की जावे।
- 0 3 लाख से 10 लाख तक की जनसंख्या वाले श्रेष्ठ निकायों में बिलासपुर नगर निगम देश में अव्वल0 स्पार्क अवार्ड में की गई घोषणा,केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और तोखन साहू ने दिया पुरस्कार0 डे एनयूएलएम में बिलासपुर नगर निगम का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन,निगम कमिश्नर अमित कुमार ने ग्रहण किया पुरस्कार0 पीएम स्वनिधि समेत एनएयूएलम के सभी घटकों भी उत्कृष्ट प्रदर्शन0 21 दिन में बिलासपुर को दूसरा राष्ट्रीय अवार्ड,27 जून को स्मार्ट सिटी को मिला था अवार्ड
बिलासपुर। दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन में सर्वश्रेष्ठ कार्य करने पर बिलासपुर नगर निगम को पूरे देश में पहला स्थान मिला है। इस बड़ी उपलब्धि के लिए नगर पालिक निगम बिलासपुर को राष्ट्रीय पुरस्कार स्पार्क अवार्ड से नवाजा गया है। आज नई दिल्ली में आयोजित स्पार्क अवार्ड 2023-24 कार्यक्रम में अवार्डों की घोषणा की गई,जिसमें बिलासपुर नगर निगम को तीन लाख से दस लाख तक जनसंख्या के श्रेष्ठ निकायों में पूरे देश में प्रथम स्थान दिया गया हैं। देश की राजधानी में आज आयोजित स्पार्क अवार्ड 2023-24 में केंद्रीय शहरी एवं आवासन मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर और केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू के हाथों बिलासपुर नगर निगम कमिश्नर श्री अमित कुमार ने स्पार्क अवार्ड ग्रहण किया। डे एनयूएलएम अंतर्गत पीएम स्वनिधि में भी बिलासपुर का उत्कृष्ट प्रदर्शन रहा है ।बिलासपुर समेत पूरे प्रदेश के लिए आज गर्व और हर्ष का दिन है,केंद्रीय योजना के क्रियान्वयन में नगर निगम बिलासपुर के कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा और सम्मानित किया गया है। केंद्र सरकार की महती दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत शहरी गरीब परिवारों को सशक्त बनाने और उनकी आजीविका के अवसरों को बढ़ाने में बिलासपुर नगर निगम ने बढ़चढ़ कर काम किया है। आज 'सिस्टमेटिक प्रोग्रेसिव एनालिटकल रियल टाइम रैकिंग "स्पार्क 2023-24" अवार्ड में बिलासपुर सबसे टाप पर रहा तो वहीं दूसरे स्थान पर महराष्ट्र का मालेगांव नगर निगम और महराष्ट्र के ही चंद्रपुर नगर निगम को तीसरा स्थान मिला है।बिलासपुर का रहा असाधरण प्रदर्शन, इसलिए मिला अवार्डस्पार्क पुरस्कार आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा राज्यों के प्रदर्शन के आधार पर दिया जाता है, जिन्होंने वार्षिक आधार पर डीएवाई-एनयूएलएम के तहत लक्षित योजनाओं को पूरा किया है। इस आधार पर दीनदयाल शहरी आजीविका मिशन के बेहतर क्रियान्वयन और असाधारण प्रदर्शन करने पर बिलासपुर नगर पालिक निगम को प्रथम स्थान मिला है और 'सिस्टमेटिक प्रोग्रेसिव एनालिटकल रियल टाइम रैकिंग "स्पार्क 2023-24" अवार्ड से सम्मानित किया गया है। बिलासपुर नगर निगम द्वारा डे एनयूएलएम अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24 में प्राप्त लक्ष्य 100 से कहीं आगे निकलकर 120 महिला स्व सहायता समूहों का गठन किया,इसी तरह आवर्ती निधि के मिले 196 के लक्ष्य को पूरा करते हुए 198 समूहों को आवर्ती प्रदान करने में सफलता हासिल किया। क्षेत्र स्तरीय संगठन का लक्ष्य 4 के विरुद्ध 5 का गठन करते हुए पांचों को आवर्ती निधि प्रदान किया गया। इसी तरह स्वरोजगार कार्यालय अंतर्गत व्यक्तिगत ऋण के 175 व्यक्तियों को ऋण प्रदान किया गया। 148 के मिले बैंक लिंकेज के लक्ष्य को पूरा करते हुए 168 बैंक लिंकेज कराया गया,साथ ही 15 समूहों को ऋण उपलब्ध कराया गया, शहरी आवासहीन गरीबों के लिए पचास बिस्तरों के आश्रय स्थल का भी सफलता पूर्वक संचालन निगम के एनयूएलएम टीम द्वारा की जा रही है । इसी तरह डे एनयूएलएम के प्रमुख घटक पीएम स्वनिधि योजना के तहत प्राप्त लक्ष्य के तीनों श्रेणी के 12126 के आवेदनों में सराहनीय कार्य करते हुए लक्ष्य से कहीं अधिक 21542 आवेदन हासिल किया और 9652 स्वीकृत आवेदनों में से 9465 हितग्राहियों को ॠण का भी आबंटन नगर निगम ने किया।निम्न आय वर्ग के लोगों को केंद्र की योजनाओं का लाभ-केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहूइस उपलब्धि पर राज्य के नगरीय निकाय और बिलासपुर नगर निगम को बधाई देते हुए केंद्रीय शहरी राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा यह उपलब्धि हमारे छ.ग. और बिलासपुर के लिए गर्व की बात है। पीएम श्री नरेंद्र मोदी जी के शहरी निम्न आय वर्ग के लोगों के जीवन स्तर को उपर उठाने के लिए चलाए जा रहे एनयूएलएम मिशन का लाभ नागरिकों को मिल रहा है,आगे भी इसमें मिशन का लाभ नागरिकों मिलेगाराज्य और शहर के लिए सम्मानः उप मुख्यमंत्रीउपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने राज्य को गौरवान्वित करने वाली इस उपलब्धि के लिए सूडा और नगर निगम की टीम को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा प्रदत्त ये पुरस्कार राज्य के लिए सम्मान का विषय है। मैं इसके लिए केन्द्र सरकार को धन्यवाद देता हूं। राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत सामाजिक गतिशीलता, संस्थागत विकास, स्वरोजगार, कौशल प्रशिक्षण एवं शहरी पथ विक्रेताओं को सहायता के साथ ही शहरी बेघरों के लिए आश्रय योजना से हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा रहा है।शहर के लिए गर्वः अमर अग्रवालबिलासपुर विधायक श्री अमर अग्रवाल ने कहा की सामाजिक रुप से संस्था के तहत विकास,नागरिकों को स्वरोजगार और उनके कौशल को निखारने के लिए एनयूएलएम मिशन के तहत किए जा रहे कार्य सराहनीय है और इस कार्य में बिलासपुर देश में प्रथम स्थान पर हैं,यह हमारे लिए गर्व का विषय है।सामाजिक-आर्थिक विकास में एक अहम पड़ाव, शहरवासियों को बधाईः सुशांत शुक्लाबेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला ने कहा की डे एनएयूएलएम में बिलासपुर को राष्ट्रीय पुरस्कार मिलना हम सभी के लिए गौरव की बात है। शहरी नागरिकों के सामाजिक और आर्थिक जीवन को संवारने के लिए किए जा रहे हमारे प्रयासों को सराहा गया है,यह पुरस्कार इस दिशा में अहम पड़ाव साबित होगापूरी टीम को बधाईः कलेक्टरकलेक्टर श्री अवनीश शरण ने इस कार्य में लगे पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा की योजना के क्रियान्वयन और उसके लक्ष्यों की प्राप्ति में यह पुरस्कार सभी को प्रेरित करेगा। भविष्य में और भी अच्छा करें इसके लिए सभी को शुभकामनाएं है।हमारे लिए बड़ी उपलब्धिः कमिश्नरनिगम कमिश्नर श्री अमित कुमार ने डे एनयूएलएम के सफल और बेहतर क्रियान्वयन के लिए नगर निगम बिलासपुर को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की श्रेणी में शामिल किया गया है,यह हमारे लिए उपलब्धि है। इसके लिए मैं निगम की टीम,हितग्राहियों और शहयवासियों को बधाई देता हूं। आगे और बेहतर करें इसके लिए प्रयास जारी रखेंगे। - -महतारी वंदन योजना की मदद राशि से खरीदी सिलाई मशीनरायपुर । महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ की महिलाओं की जिदंगी संवार रही है। महिलाएं शासन द्वारा हर महीने मिलने वाले एक हजार रूपए को अपने घर की जरूरतों को पूरा कर रही हैं। कुछ महिलाएं इस राशि को बचाकर अपने जीवकोपार्जन की नई राह बनाने की ओर अग्रसर होने लगी है। बलरामपुर जिले के रामानुजगंज के वार्ड क्रमांक 4 की निवासी सुमन ने महतारी वंदन योजना से मिली मासिक मदद से एक सेकेण्ड हैंड सिलाई मशीन खरीद ली। जिससे सिलाई कर वे अब अपना घर खर्च चला रही है। पहले वे पड़ोसी के घर जाकर सिलाई करती थी, जिससे उनका मुनाफा नही हो पाता था। स्वयं के सिलाई मशीन खरीदने से अब उन्हंे ज्यादा बचत होने लगी है।श्रीमती सुमन विश्वकर्मा कहती है कि महिला सशक्तिकरण को उत्प्रेरित करने वाली महतारी वंदन योजना के तहत हर माह एक हजार रुपए की राशि उनके खाते में पहुंच रही है। मोदी जी की गारंटी और विष्णु देव के सुशासन से ही आज मेरे बैंक खाते में प्रतिमाह एक हजार रुपए आ रहे, मुझ जैसी महिलाओं के लिए वरदान है।प्रदेश में महिलाओ के आर्थिक स्वावलंबन तथा उनके स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर मे सतत सुधार तथा परिवार मे उनकी निर्णायक भूमिका सुदृढ़ करने हेतु, समाज मे महिलाओं के प्रति भेदभाव, असमानता एवं जागरूकता की कमी को दूर करने, स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर मे सुधार करने तथा आर्थिक स्वावलंबन एवं सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “महतारी वंदन योजना” लागू किए जाने का निर्णय लिया गया। जिसके अंतर्गत राज्य की विवाहित, विधवा परित्यक्ता और तलाकशुदा जिनकी उम्र 21 वर्ष से अधिक हो ऐसी महिलाओ को प्रतिमाह 1000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 10 मार्च 2024 को महतारी वंदन योजना की शुरूआत की गई थी।योजना के तहत पहले चरण में करीब 70 लाख से अधिक महिलाओं को लाभार्थी के तौर पर चुना गया है जिनके बैंक खाते में योजना की पांच किश्ते ट्रांसफर कर दी गई हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मार्च से जुलाई तक 05 माह की सहायता राशि 3266 करोड़ 03 लाख रूपए की राशि का भुगतान महिलाओं ने खाते में किया जा चुका है।
- कलेक्टर के प्रतिवेदन पर व्यापम ने परीक्षार्थियों के हित लिया निर्णयरायपुर / छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) ने आगामी 20 जुलाई को धमतरी जिले के महर्षि वेदव्यास शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, भखारा में टीईटी की द्वितीय पाली की परीक्षा में शामिल परीक्षार्थियों के लिए पुनः परीक्षा आयोजित करेगा। व्यापम ने यह फैसला उक्त परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों को ओएमआर सीट डेढ़ घंटा विलंब वितरित किए जाने की शिकायत सही पाए जाने के मद्देनजर लिया है। व्यापम ने इस परीक्षा सेंटर में ओएमआर सीट विलंब से दिए जाने की शिकायत की जांच धमतरी कलेक्टर से कराई गई थी।गौरतलब है कि व्यापम द्वारा छत्तीसगढ़ शिक्षक पात्रता परीक्षा (उच्च प्राथमिक कक्षा 6 से 8 तक अध्यापन हेतु) (टीईटी-2024) का आयोजन 23 जून 2024 को अपरान्ह 2 से 4.45 बजे के मध्य किया गया था। परीक्षा केन्द्र 1520-महर्षि वेदव्यास शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, भखारा, जिला धमतरी में द्वितीय पाली में कुल 400 आबंटित परीक्षार्थियों में से 288 अभ्यर्थी उपस्थित हुए थे। इस परीक्षा केन्द्र में उत्तर पुस्तिका (ओ.एम.आर.) विलंब से प्राप्त होने की लिखित शिकायत परीक्षार्थियों ने की थी। इस संबंध में कलेक्टर, धमतरी से तथ्यात्मक प्रतिवेदन मंगाया गया। कलेक्टर, धमतरी ने प्रतिवेदन में यह स्पष्ट रूप से लिखा है कि उक्त केन्द्र में परीक्षार्थियों को उत्तर पुस्तिका (ओ.एम.आर.) 1.30 घंटे विलंब से अपरान्ह 3.30 बजे वितरित की गई थी। इसको देखते हुए व्यापम ने परीक्षार्थियों के हित में पुनः परीक्षा का विकल्प देने का निर्णय लिया गया है।व्यापम से प्राप्त जानकारी के अनुसार भखारा परीक्षा केन्द्र में फिर से 288 परीक्षार्थियों के लिए 20 जुलाई 2024 को अपरान्ह 2 से 4.45 बजे तक टीईटी 2024 परीक्षा आयोजित होगी। इस परीक्षा में शामिल होने के लिए 288 परीक्षार्थियों को प्रवेश पत्र लॉगिन उपलब्ध करा दिया गया है। व्यापम ने यह भी स्पष्ट किया है कि ऐसे परीक्षार्थी जोे 20 जुलाई को आयोजित परीक्षा में शामिल होंगे, उनकी पूर्व की उत्तर पुस्तिका (ओ.एम.आर.) को निरस्त माना जायेगा व उनका परिणाम 20 जुलाई को आयोजित होने वाली परीक्षा के उत्तर पुस्तिका (ओ.एम.आर.) के मूल्यांकन के आधार पर घोषित किया जावेगा, जो परीक्षार्थी पुनः परीक्षा में शामिल नहीं होंगे उनका परिणाम 23 जून 2024 की उत्तर पुस्तिका (ओ.एम.आर.) के मूल्यांकन के आधार पर घोषित किया जावेगा।
- 0 हर हाल में इसे जल्द पूर्ण करने दिए निर्देश0 4.15 करोड़ से बने निरीक्षण गृह का किया लोकार्पण0 एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत लगाए पौधेबिलासपुर। जल संसाधन मंत्री श्री केदार कश्यप ने आज अरपा भैंसाझार बैराज का निरीक्षण किया। उन्होंने 4 करोड़ 15 लाख की लागत से निर्मित निरीक्षण कुटीर का लोकार्पण भी किया। एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत परिसर में पीपल पौधा भी लगाया। अधिकारियों की बैठक लेकर अरपा भैंसाझार परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने परियोजना में आयी गतिरोध को दूर कर हर हाल में इसे पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के लिए इसे पूर्ण करना सर्वोच्च प्राथमिकता में हैं। इसलिए राजधानी से यहां आकर मौके पर इसकी समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने मुआवजा प्रकरण के समाधान में आ रही दिक्कतों के निदान के लिए विधायक श्री धरमलाल कौशिक एवं श्री धरमजीत सिंह को अधिकृत किया। वे संबंधित किसानों से प्रत्यक्ष रूप से मुलाकात कर और इसकी महत्ता के संबंध में समझाइश देकर उन्हें मनाएंगे। नियमानुसार उन्हें मुआवजा तत्काल दिया जायेगा। बैठक में विधायक श्री धरमलाल कौशिक, श्री धरमजीत सिंह एवं स्थानीय विधायक श्री अटल श्रीवास्तव भी उपस्थित थे।जल संसाधन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि अरपा भैंसाझार परियोजना राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना है। राज्य सरकार इसे किसानों के हित में जल्द से जल्द पूर्ण करना चाहती है। इसमें आने वाली गतिरोध को दूर करना अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों की संयुक्त जवाबदारी है। उन्होंने कलेक्टर बिलासपुर को इसका बेहतर समन्वय करने के निर्देश दिए। उपस्थित सभी विधायकों ने इस विषय में अपने विचार रखे और इसे पूर्ण करने पर जोर दिया। जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश टोप्पो ने कहा कि शेष काम को पूर्ण करने की जिम्मेदारी भी वर्तमान ठेकेदार की है। उन्होंने ठेकेदार श्री सुनील अग्रवाल को समयसीमा बढ़ाने के लिए आवेदन करने के सख्त निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि परियोजना को शुरू हुए लगभग 12 साल हो गए। विभिन्न कारणों से यह परियोजना पूर्ण नहीं हो सकी है। मूल रूप से वर्ष 2012 में परियोजना 606.43 करोड़ रूपये की थी। वर्ष 2016 में पुनरीक्षिप प्रशासकीय स्वीकृति के बाद इसकी लागत 1141.90 करोड़ की हो चुकी है। इसके पूर्ण रूप से बन जाने पर कोटा, तखतपुर एवं बिल्हा ब्लॉक के 102 गांव के किसान लाभान्वित होंगे। खरीफ के मौसम में उनका 25 हजार हेक्टेयर में सिंचाई होगी। फिलहाल अधूरी परियोजना से लगभग 13 हजार हेक्टेयर में सिंचाई हो पा रही है। विधायक श्री धरमलाल कौशिक, विधायक श्री धरमजीत सिंह एवं अटल श्रीवास्तव ने भी एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत पौधे लगाए। इस अवसर पर जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो, कलेक्टर श्री अवनीश शरण, एसपी श्री रजनेश सिंह, जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता श्री इन्द्रजीत सिंह उईके सहित बिल्हा, कोटा एवं तखतपुर के एसडीएम भी उपस्थित थे।
- -डीएमएफ अन्तर्गत शासी परिषद की बैठक आयोजितरायपुर / जिला खनिज न्यास संस्थान के अंतर्गत शासी परिषद की बैठक आज कोरबा स्थित कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में वाणिज्य उद्योग एवं श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य में आयोजित की गई बैठक में सांसद कोरबा लोकसभा क्षेत्र श्रीमती ज्योत्सना महंत, विधायक कटघोरा श्री प्रेमचंद पटेल, विधायक पाली-तानाखार क्षेत्र श्री तुलेश्वर सिंह मरकाम, विधायक रामपुर श्री फूल सिंह राठिया, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिवकला कंवर सहित अन्य सदस्यों एवं पदेन अध्यक्ष कलेक्टर श्री अजीत वसंत, पदेन सचिव जिला पंचायत सीईओ श्री संबित मिश्रा की उपस्थिति में आयोजित की गई।बैठक में डीएमएफ अंतर्गत विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा उपरांत मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, अधोसंरचना सहित जनहितैषी कार्यों को प्रस्ताव में प्राथमिकता दी गई है, जो कि कोरबा के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा। देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने खनन प्रभावित क्षेत्रों को विकास से जोड़ने डीएमएफ जैसी व्यवस्था बनाई। उनके इस पहल से पिछड़े एवं खनन प्रभावित क्षेत्र में विकास कार्य संभव हो पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय प्रदेश सहित कोरबा के विकास के लिए सजग हैं। उन्होंने अनेक विकास कार्यों के लिए बजट में भी प्रावधान किया है। हम सभी जनप्रतिनिधि जनता से जुड़े हुए हैं और जनता की सेवा हम सभी के लिए प्राथमिकता में हैं।शासी परिषद की बैठक में मंत्री श्री देवांगन ने विभागों और जन प्रतिनिधियों से प्राप्त विकास कार्यों के प्रस्तावों पर चर्चा की और कहा कि जिले के विकास से संबंधित प्रस्तावों को प्राथमिकता दी जाएगी। बैठक में सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत ने कहा कि डीएमएफ की राशि का विकास कार्यों में उपयोग होना चाहिए। जो भी कार्य कराए जाएंगे उसमें गुणवत्ता का ध्यान जरूर रखा जाना चाहिए। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने के कार्यों को प्राथमिकता से कराने की बात रखी। विधायक श्री प्रेमचंद पटेल, श्री फूलसिंह राठिया, श्री तुलेश्वर मरकाम और जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिवकला कंवर ने अपने-अपने क्षेत्र में विकास कार्यों का प्रस्ताव देते हुए बैठक में प्रस्तुत प्रस्तावों से जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य, अधोसंरचना सहित अन्य विकास कार्यों को गति मिलने और क्षेत्र के लोगों की समस्याओं का निराकरण की बात कही। कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने शासी परिषद अन्तर्गत बैठक के विषय में विस्तार से जानकारी दी। उन्होने शिक्षा, स्वास्थ्य, अधोसंरचना, शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में रिक्त पदों पर शिक्षकों, चिकित्सकों एवं अन्य महत्वपूर्ण पदों पर भर्ती, विशेष पिछड़ी जनजाति समाज के लोगों को रोजगार से जोड़ने डीएमएफ के माध्यम से किए गए पहल, जिले में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने स्कूल, आंगनबाड़ी भवन के जीर्णाेद्धार, प्रतिभावान विद्यार्थियों को नीट-जेईई की कोचिंग व्यवस्था सहित महत्वपूर्ण आवश्यकताओं के आधार पर विभागों द्वारा मंगाये गये प्रस्तावों के संबंध में बताया। बैठक में लगभग 400 करोड़ की कार्ययोजना पर चर्चा हुई। बैठक में निगम आयुक्त श्रीमती प्रतिष्ठा ममगाई, डीएफओ कटघोरा कुमार निशांत सहित शासी परिषद के सभी सदस्य, अधिकारी उपस्थित थे।चिर्रा से श्यांग मार्ग, शहर में इंडोर स्टेडियम, लोगों को घर बैठे लैब टेस्ट की सुविधा सहित स्कूल भवनों की स्वीकृति-जिला खनिज न्यास संस्थान अंतर्गत कोरबा जिले से संबंधित महत्वपूर्ण कार्यों के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है। बैठक में विभिन्न कार्यों के लिए सदस्यों द्वारा सहमति दी गई है। डीएमएफ अंतर्गत पर्यटन स्थलों के विकास कार्य हेतु 20 करोड़ रूपए, विद्युत विहीन बसाहटों एवं गांव में विद्युतीकरण हेतु 20 करोड़, सभी पीवीटीजी परिवारों की आजीविका संवर्धन गतिविधि हेतु 05 करोड़, चिर्रा से श्यांग तक आवागमन हेतु सड़क निर्माण के लिए 12 करोड़, पहुंच विहीन अमलडीहा-मालीकछार में सड़क निर्माण हेतु 10 करोड़, यातायात एवं सड़क सुरक्षा अंतर्गत विभिन्न कार्यों के लिए लगभग 2.60 करोड़, नगरीय निकाय एवं अधोसंरचना अंतर्गत टी. पी. नगर में वर्ल्ड क्लास इंडोर स्टेडियम/मिनी स्टेडियम के निर्माण हेतु 25 करोड़, जल उपचार संयंत्र कोहड़िया के पास 02 मेगावाट का सोलर प्लांट प्रदाय एवं स्िापना कार्य हेतु 20 करोड़, इंदिरा स्टेडियम में मरम्मत एवं जीर्णाेद्धार कार्य हेतु 1.76 करोड़, टी. पी. नगर स्थित नए बस स्टैण्ड के मरम्मत हेतु 98 लाख, इंदिरा स्टेडियम में स्वीमिंग पुल मरम्मत हेतु 66 लाख एवं बांकीमोंगरा नगर पालिका में विकास कार्य हेतु 05 करोड़ रूपए का प्रस्ताव तैयार किया गया। स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आवासीय व्यवस्था हेतु 20 करोड़, अत्याधुनिक सिटी स्कैन मशीन 128 स्लाइस हेतु 10.44 करोड़ तथा लोगों को घर बैठे लैब टेस्ट की सुविधा प्रदान करने 40 लाख रूपए का प्रस्ताव तैयार किया गया है। शिक्षा के क्षेत्र में जर्जर विद्यालयों के भवन निर्माण/जीर्णाेद्धार/अतिरिक्त कक्ष निर्माण हेतु 20 करोड़, प्राथमिक विद्यालय तथा नगरीय क्षेत्र के विद्यालयों में ब्रेकफास्ट योजना हेतु 10 करोड़, शैक्षणिक गुणवत्ता हेतु विद्यालय स्तर पर रिक्त पदों के विरूद्ध अतिथि शिक्षकों का मानदेय हेतु 05 करोड़, आश्रम तथा छात्रावासों में शौचालय निर्माण हेतु 05 करोड़, सेजेस अंतर्गत विद्यालयों में अधोसंरचना हेतु 20 करोड़, कॉलेज छात्रावास के जीर्णाेद्धार हेतु 2.35 करोड़, मेरिट के आधार पर 50-50 विद्यार्थियों को नीट एवं जेईई की कोचिंग हेतु 04 करोड़ तथा मेधावी छात्रों को स्कॉलरशिप योजना के लिए 50 लाख रूपए का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके अलावा अन्य महत्वपूर्ण कार्य प्रस्ताव में शामिल किए गए हैं।
- 0 लोगों को समझाने चौक में लगाई मलेरिया चौपाल0 मितानिनों के काम का परीक्षण करने कराई मलेरिया जांच0 डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को मुख्यालय नहीं छोड़ने के निर्देश0 स्कूलों में प्रार्थना के बाद बच्चों को डायरिया एवं मलेरिया के बारे में जागरूक किया जायेगा
बिलासपुर। कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने कोटा विकासखण्ड के मलेरिया प्रभावित कुरदर, छुईहा, टेंगनमाड़ा सहित अनेक ग्रामों का दौरा किया। बारिश के कारण भारी कीचड़ एवं दलदल से सने छुईहा एवं चिखलाडबरी सड़क मार्ग का बाईक में सवार होकर निरीक्षण किया। चार पहिया वाहन आ-जा नहीं पाने के कारण मरीजों सहित आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सड़क को दो दिनों में सुधार कर आने-जाने योग्य बनाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कुरदर में मलेरिया चौपाल लगाकर हालात की समीक्षा की। उन्होंने स्वयं मितानिन से मलेरिया जांच कराकर उनके द्वारा आम नागरिकों का किये जा रहे जांच का परीक्षण किया। एसडीएम श्री युगल किशोर उर्वशा सहित स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम मौजूद थी।कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने आज लगभग तीन चार घण्टे तक कोटा ब्लॉक के दूरस्थ मलेरिया पीड़ित इलाके का सघन दौरा किया। ग्रामीणों और स्वास्थ्य विभाग के मैदानी कर्मचारियों से हालात की जानकारी ली। कुरदर के सरपंच श्री राजकुमार पैंकरा से भी चर्चा की। उन्होंने रोज शाम को जनचौपाल लगाकर लोगों में जागरूकता फैलाने को कहा है। उन्होंने एक बाईक एम्बुलैंस को कुरदर मंे चौबीसों घण्टे रखने के निर्देश दिए। सभी चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों को मुख्यालय में रहने को कहा है। कैंदा अस्पताल को एक 108 वाहन उपलब्ध कराने को कहा है। कुरदर में पानी एवं बिजली की समस्या के निदान करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।उन्होंने टंेगनमाड़ा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का भी निरीक्षण किया। गत दिवस करवा ग्राम के एक ही परिवार के दो बच्चों की मलेरिया से मौत की पुष्टि हुई है। कलेक्टर ने कहा कि डायरिया और मलेरिया को हल्के में ना ले। प्रभावित ग्रामों का पूरा सर्वेक्षण करें। आरडी कीट से मलेरिया की जांच करें। यदि फेल्सिफेरम मलेरिया कन्फर्म होती है तो स्थानीय स्तर पर इलाज न करके सीधे जिला अस्पताल अथवा सिम्स में भर्ती के लिए रिफर किया जाये। उन्होंने कहा कि स्कूलों में प्रार्थना के उपरांत बच्चों को डायरिया एवं मलेरिया से बचने के उपाय बताएं। रोज-रोज उन्हें बताए। दवा लेने के बाद इसका सेवन नहीं किये जाने की सूचना भी कई जगहों से मिली। कलेक्टर ने कहा कि मरीजों के घर का फोन नम्बर लेकर लगातार इसकी मॉनीटरिंग किया जाये। इसके लिए एक अलग कर्मचारी की ड्यूटी लगाया जाये। - रायपुर / वाणिज्य, उद्योग, व्यापार एवं श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर में कोरबा दिव्यांग व्हील चेयर क्रिकेट फेडरेशन के दिव्यांग खिलाड़ियों को व्हील चेयर प्रदान करके प्रोत्साहित किया एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। इस दौरान कोरबा लोकसभा सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत उपस्थित थीं।जिले के 15 दिव्यांग खिलाड़ियों को उनके निरंतर खेल अभ्यास एवं खेल प्रदर्शन को देखते हुए कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने खेल एवं युवा कल्याण विभाग को निर्देशित किया था कि खिलाड़ियों को आगामी विभिन्न खेल प्रतिस्पर्धाओं में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए उन्हें व्हील चेयर उपलब्ध कराई जाए। आज खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा जिला खनिज न्यास मद से खिलाड़ियों को व्हील चेयर प्रदान की गई। व्हील चेयर पाकर खिलाड़ियों ने खुशी जाहिर की। उल्लेखनीय है कि इन दिव्यांग खिलाड़ियों में से 03 खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट प्रतिस्पर्धा में भाग ले चुके हैं। लक्की सोनी दिव्यांग आईपीएल क्रिकेट प्रतिस्पर्धा में उनका प्रदर्शन कर चुके हैं। व्हील चेयर पाकर खिलाड़ियों ने जनप्रतिनिधि एवं अधिकारियों को धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर रामपुर विधायक श्री फूल सिंह राठिया, कटघोरा विधायक श्री प्रेमचंद पटेल, पाली-तानाखार विधायक श्री तुलेश्वर सिंह मरकाम, कलेक्टर श्री अजीत वसंत उपस्थित थे।
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0 आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे कदम
बिलासपुर। मनरेगा योजना के सफल क्रियान्वयन से जिले के कई गांवों में ग्रामीणों की जिंदगी बदल रही है। मनरेगा के अंतर्गत पंचायत स्तर पर मुर्गी पालन शेड निर्माण जैसे कई कार्य किये जा रहे हैं। इन कार्यों से ग्रामीणों को रोजगार मिलने के साथ ही उनके जीवन स्तर में काफी सुधार आ रहा है और उनकी सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति भी मजबूत हो रहीं है।मस्तूरी ब्लॉक के ग्राम पंचायत जुनवानी निवासी श्री भरत लाल टंडन रोजगार के आभाव में पलायन करना पड़ता था। आजीविका चलाने के लिए अपने घर से दूर रहना उनकी मजबूरी बन चुकी थीं। उनके पास स्वयं का रोजगार या व्यवसाय नहीं था। गंाव में रोजगार सहायक द्वारा उन्हे मनरेगा के तहत कराये जा रहे कार्यो की जानकारी उन्हंे मिली। 81 हजार रूपए की लागत से मुर्गी पालन शेड निमार्ण कार्य स्वीकृत होने पर मनरेगा के जॉब कार्डधारी श्रमिकों से कार्य पूर्ण कराया गया। कार्य स्वीकृति से मनरेगा श्रमिकों को रोजगार भी मिला। मुर्गी पालन शेड निर्माण हितग्राही एवं मनरेगा श्रमिकों द्वारा पूरा किया गया। इस कार्य में 46 मानव दिवस सृजित किया गया। काम के पूरा होने से अब श्री भरत लाल मुर्गी पालन कर रहें है।श्री टंडन ने बताया की उन्हें मुर्गीपालन में एक वर्ष में 80 हजार रूपए का मुनाफा हुआ है। शेड बन जाने के बाद श्री टंडन को अपनी आजीविका चलाने में बड़ी राहत मिली हैै, जिससे उनकी आय में भी इजाफा हो रहा है। उन्हें अपने परिवार की अजीविका चलाने में अब कोई परेशानी नहीं हो रहीं है। श्री टंडन ने शासन को धन्यवाद देते हुए आभार जताया। इस योजना की जानकारी अपने आसपास के लोगों को भी दे कर उन्हें भी प्रेरित कर रहे हैं। - 0 जिले केे अन्य स्थानों पर भी मत्स्य बीज उत्पादन एवं अधिक से अधिक मछली पालन के कार्य कराने के दिए निर्देशबालोद। कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे ने आज बालोद विकासखण्ड के ग्राम टेकापार में मत्स्य पालक कृषक श्री छबिश्वर निषाद के खेत में पहुँचकर मत्स्य बीज उत्पादन कार्य का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने मत्स्य बीज प्रक्षेत्र में उत्पादित किए जा रहे मत्स्य बीज का भी अवलोकन किया। उन्होंने मत्स्य पालक कृषक श्री छबिश्वर निषाद से बातचीत कर मत्स्य बीज उत्पादन के कार्य में लगने वाली कुल लागत एवं इसकी बिक्री से होने वाली आमदनी के संबंध में जानकारी ली। इसके अलावा उन्होंने मछली बीज के लिए चारे की व्यवस्था एवं उनकी देखरेख की व्यवस्था आदि के संबंध में भी जानकारी ली। श्री चन्द्रवाल ने मछली विभाग के अधिकारियों को जिले के अन्य स्थानों में मछली बीज के उत्पादन कराने तथा अधिक से अधिक मछली पालन के कार्य कराने के लिए निर्देश दिए हैं। इस दौरान सहायक संचालक मत्स्य सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
- 0 डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम चिहरो में पैडी ट्रांसप्लांटर से धान की रोपाई एवं ग्राम अवारी में जैविक खेती के कार्य किया अवलोकनबालोद। कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने आज जिले के विभिन्न ग्रामों में पहुँचकर खेती-किसानी का हाल जाना। इस दौरान श्री चन्द्रवाल ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे एवं अन्य अधिकारियों के साथ जिले के सुदूर ग्रामों में किसानों के खेतों में पैदल पहुँचकर मौजूदा खरीफ सीजन में जिले में खेती-किसानी के वास्तविक स्थिति की पड़ताल की। इस दौरान कलेक्टर श्री चन्द्रवाल ने डौण्डी विकासखण्ड के सुदूर ग्राम चिहरो में मुख्य मार्ग से किसान श्री अजय कुमार टेकाम के खेत तक पग डंडियों से चलकर पैडी ट्रांसप्लांटर के माध्यम से धान के रोपाई कार्य का अवलोकन किया। श्री चन्द्रवाल ने किसान श्री अजय कुमार टेकाम से बातचीत कर खेती-किसानी का हालचाल पुछा। उन्होंने किसान श्री टेकाम से मशीन के माध्यम से धान की रोपाई करने की कुल लागत एवं समय आदि के संबंध में भी जानकारी ली। इसके पश्चात् कलेक्टर श्री चन्द्रवाल डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम लखमाटोला के किसान श्री रामाश्रय धनगुन के खेत में पहुँचकर जैविक खेती के कार्य का अवलोकन किया। इस दौरान श्री चन्द्रवाल ने कृषि विभाग के अधिकारियों एवं किसान श्री रामाश्रय धनगुन से ग्राम लखमाटोला में जैविक खेती की कुल रकबा तथा जैविक खेती की कुल लागत एवं उत्पादन की बिक्री आदि के संबंध में जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि ग्राम लखमाटोला में 150 किसानों के द्वारा कुल 150 एकड़ में जैविक खेती की जा रही हैै। इन सभी किसानों के द्वारा जैविक खेती के रूप में सुगंधित धान का उत्पादन किया जा रहा है। कलेक्टर ने इसकी सराहना करते हुए कृषि विभाग के अधिकारियों को कृषि उत्पाद समूह के माध्यम से जैविक खेती के अंतर्गत उत्पादित सुगंधित धान की बिक्री की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। जिससे किसानों को उनके फसल का उचित दाम मिल सके। इसके पूर्व कलेक्टर श्री चन्द्रवाल ने आज कृषि उपज मण्डी बालोद स्थित मृदा परीक्षण प्रयोगशाला का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को किसानों के द्वारा अपने खेत की मिट्टी मृदा परीक्षण प्रयोगशाला केन्द्र में लाए जाने पर अनिवार्य रूप से उसका परीक्षण करने निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए किसानों को अधिक से अधिक प्रेरित करने को कहा। इस दौरान कृषि विभाग के उपसंचालक श्री जीएस धुर्वे, सहायक संचालक कृषि श्री एसएन ताम्रकार, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री डीडी मण्डले सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी एवं कृषकगण उपस्थित थे।
- 0 कोषालय में देयकों के ऑनलाईन प्रस्तुतिकरण एवं जीएसटी-टीडीएस के संबंध में कार्यशाला सम्पन्न
दुर्ग। राज्य शासन द्वारा माह जुलाई से राज्य के सभी कोषालय में ई-देयक तथा ई-लेखे की व्यवस्था लागू की गई है। इस संबंध में लोक निर्माण विभाग दुर्ग के सभागार में कार्यशाला प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। कार्यशाला दो पालियों में आयोजित की गई।केन्द्रीय माल एवं सेवा कर अधिनियम 2017 एवं छत्तीसगढ़ माल और सेवा कर अधिनियम 2017 की धारा 51 के प्रावधानों के अनुसार शासकीय विभागों द्वारा की जाने वाली सामग्री खरीदी एवं सेवा प्राप्ति पर प्रदायकर्ताओं को तथा ठेकेदारों को किए जाने वाले भुगतान पर स्त्रोत पर कर की कटौती किया जाना है।कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने वित्त विभाग के वित्त निर्देश के प्रावधानों के संबंध में सभी जिला स्तरीय अधिकारी एवं आहरण संवितरण अधिकारियों को दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करते हुए कोषालयों में एक जुलाई 2024 से देयकों एवं मासिक लेखे का अनिवार्य रूप से ऑनलाईन प्रस्तुतिकरण करने को कहा। इस प्रक्रिया के सुचारू रूप से संचालन हेतु यह आवश्यक है कि सभी आहरण एवं संवितरण अधिकारियों के पास नेटवर्क की सही स्पीड, देयकों के साथ अपलोड किए जाने वाले दस्तावेज की स्केनिंग करने हेतु समुचित क्षमता वाला स्केनर तथा अन्य आवश्यक इलेक्ट्रानिक सामग्री उपलब्ध हो। साथ ही साथ वैध डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (डीएससी) भी आवश्यक होगा। उन्होंने ऑनलाईन प्रस्तुतिकरण संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए कोषालय अधिकारी श्री राघवेन्द्र कुमार मोबाईल नंबर 9827952096, सहायक कमिश्नर जीएसटी अधिकारी श्री भूपेन्द्र कुमार मोबाईल नंबर 8800839338 एवं एनआईसी अधिकारी श्वेता चौबे से सम्पर्क करने को कहा।कोषालय अधिकारी ने कहा कि कोषालय एवं उप कोषालय में देयक प्रस्तुत करने की प्रक्रिया में आहरण एवं संवितरण अधिकारी द्वारा ई-कोष साफ्टवेयर में ई-पेरोल तथा ई-बिल मॉड्यूल में ऑनलाईन माध्यम से देयक तैयार किये जायेंगे तथा डी.एस.सी. का उपयोग करने के बाद देयको को कोषालय को अग्रेषित किया जायेगा। ई-पेरोल में सिस्टम से जनरेटड होने वाले शेडयूल में प्रत्येक में डी.एस.सी. तथा ई-बिल में एक डी.एस.सी. आवश्यक होगा यदि पे-बिल के साथ कोई डाक्यूमेंट अपलोड किया जाना है तो साइन्ड डाक्यूमेंट (हस्ताक्षर किया हुआ दस्तावेज) पी. डी.एफ. फॉर्मेंट में अपलोड किया जावेगा, जिसमें डी.एस.सी. आवश्यक नहीं होगा।ई-पेरोल के अलावा अन्य सभी देयको में एक डी.एस.सी तथा सभी संलग्न उप प्रमाणक को स्केनिग कर अपलोड किया जाना होगा। इसमें डी.एस.सी. अनिवार्य नही होगा यदि एक फाईल का साइज 5 एमबी से अधिक है तो फाईल साईज को कम्प्रेस कर अपलोड किया जाना होगा। कम्प्रेस करने हेतु ऑनलाईन उपलब्ध इसी ईकोष साफटवेयर का उपयोग किया जा सकता है अथवा देयको की संख्या में वृद्धि की जा सकती है। सभी अटेचमेंट पी.डी.एफ. फार्मेट में ही अपलोड किया जाना अनिवार्य है। देयकों को तैयार करने हेतु मेकर (बिल कलर्क) स्तर तथा चेकर (डी.डी.ओ.) स्तर रखा गया है, जिसमे मेकर (बिल कलर्क) द्वारा बिल तैयार कर चेक लिस्ट का परीक्षण किया जायेगा तथा चेकर (डी.डी.ओ.) द्वारा बी.टी.आर नम्बर और बिल को परीक्षण तथा डी.एस सी. किया जायेगा। कोषालय अधिकारी द्वारा संबंधित डी डी.ओ. हेतु ऑनलाईन बी.टी.आर. नम्बर जारी किया जायेगा। इसी नंबर अनुसार देयक कोषालय में अग्रेषित किए जायेंगे तभी डीडीओ द्वारा देयक की एक हार्ड कॉपी निकालकर संधारित किया जाएगा।कार्यशाला/प्रशिक्षण में कोषालय अधिकारी श्री राघवेन्द्र कुमार, सहायक कमिश्नर दुर्ग सर्कल जीएसटी अधिकारी श्री भूपेन्द्र कुमार एवं एनआईसी अधिकारी श्रीमती श्वेता चौबे सहित समस्त आहरण एवं संवितरण अधिकारी, लिपिक, डाटा एंट्री ऑपरेटर उपस्थिति थे। -
-फलदार और छायादार पेड़ लगाएं -विधायक ललित चंद्राकर- जल मड़ई से दिया पानी बचाने का संदेशटी सहदेवभिलाई नगर। दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर तथा रिसाली नगर निगम की महापौर शशि सिन्हा ने मंगलवार को तालपुरी बी ब्लॉक के मुख्य द्वार के निकट 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पौधरोपण किया। इससे पहले इसी ब्लॉक के क्लबहाउस के हॉल में जल संग्रहण को लेकर एक कार्यशाला भी आयोजित की गई। इस मौके पर महिलाओं और स्कूली छात्राओं ने 'जल मड़ई' की प्रस्तुति दी, जिसमें हिस्सा लेने वालों को पुरस्कार भी प्रदान किए गए।फलदार और छायादार पेड़ लगाएंकार्यशाला को संबोधित करते हुए विधायक ललित चंद्राकर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सारे देशवासियों का आह्वान किया कि वे 'एक पेड़ मां के नाम' जरूर लगाएं और बड़े होते तक देखभाल भी करें। विधायक ने लोगों से इस बात का ख्याल रखने के लिए कहा कि पेड़ फलदार और छायादार हों, ताकि हमें शुद्ध हवा तथा बेहतर वातावरण मिल सके। उन्होंने प्रदूषण के खतरनाक स्तर तक पहुंचने पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अभी हालात ऐसे हैं कि हमें शुद्ध ऑक्सीजन के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है और आने वाले दिन और भी भयावह हो सकते हैं। इसीलिए घर में जितने भी सदस्य हैं, वे अपने आसपास पौधे लगाएं और उनका संरक्षण ऐसे करें कि वे पेड़ बन जाएं। इससे प्राकृतिक संतुलन हमारे अनुकूल हो जाएगा और हमारा राष्ट्र प्रदूषण मुक्त होकर स्वच्छ हो जाएगा।जल मड़ई से दिया पानी बचाने का संदेशइस अवसर पर जलप्रहरी नीरज वानखड़े ने पानी के अंधाधुंध दोहन को रोकने के लिए 'जल मड़ई' का आयोजन भी किया, जिसमें महिलाओं और स्कूली छात्राओं ने तीन पीढ़ियों के किरदारों को बखूबी निभाया। इन किरदारों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि पानी का दुरुपयोग नहीं रोका गया, तो आने वाली पीढ़ी को बोतल में भी पानी नसीब नहीं होगा। पौधरोपण में पार्षद सविता ढवस, टीकम साहू, सारिका साहू, नेता प्रतिपक्ष शैलेंद्र साहू, सांसद प्रतिनिधि दीपक चंद्राकर तथा मंडल अध्यक्ष शैलेंद्र शेंडे सहित बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। - बिलासपुर। कलेक्टर श्री अवनीश शरण के निर्देश पर जल जीवन मिशन अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए स्थापित ओवरहेड टंकियों की साफ-सफाई और क्लोरीनेशन का काम पीएचई विभाग द्वारा किया जा रहा है।इस संबंध में जानकारी देते हुए कार्यपालन अभियंता श्री यू.के.राठिया ने बताया कि विगत दिनों बैठक में कलेक्टर ने पेयजल आपूर्ति के लिए निर्मित टंकियों के साफ-सफाई के निर्देश दिए थे। जिसके परिपालन में जिले के सभी विकासखण्ड में बनी टंकियों की सफाई का काम जोर-शोर से किया जा रहा है। सफाई पूर्व वाल्व से टंकी का पानी खाली किया जाता है। जिसके बाद श्रमिकों द्वारा टंकी की सफाई की जाती है। सफाई के बाद अंत में ब्लीचिंग पाउडर और हाईपोक्लोराईड (लिक्विड क्लोरिन) डालकर टंकियों में क्लोरीनेशन का काम भी किया जा रहा है। तथा ग्रामों के सभी पेयजल स्त्रोतों का भी प्रथम चरण में जून माह तक क्लोरीनेशन का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। ग्राम पंचायतों को सूचना देकर उनसे टंकी की साफ-सफाई एवं पेयजल स्त्रोतों में किए गए क्लारीनेशन का प्रमाण पत्र भी प्राप्त किया जा रहा है। इस दौरान टंकीयों में कोई भी समस्या आ रही है उसका समाधान तत्काल किया जा रहा है। टंकियों और पेयजल स्त्रोतों के साफ-सफाई का काम लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा संबंधित ग्राम पंचायतों के साथ समन्वय कर किया जा रहा है। बारिश के बाद जिन ग्रामों में जल जनित बीमारियां फैलने की संभावनाएं है वहां पर पेयजल स्त्रोतों का अतिरिक्त क्लोरीनेशन का कार्य किया जा रहा है।


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