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- - जिला स्तरीय समिति की बैठक में विभागों से सुझाव आमंत्रितदुर्ग, / भारत सरकार के नीति आयोग के अनुसार विकसित भारत @2047 तैयार किया जाना है। इसी आधार पर छत्तीसगढ़ में राज्य नीति आयोग द्वारा अमृतकाल छत्तीसगढ़ विजन @2047 विजन डाक्यूमेंट तैयार करने के संबंध में जिला स्तरीय विजन संबंधी सुझाव मांगे गये हैं। इसी सिलसिले में आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में बताया गया कि जिले के विभिन्न सेक्टरों हेतु संभावनाएं, फोकस एरिया एवं लघु (पांच वर्ष), मध्यम (दस वर्ष), दीर्घकाल (25 वर्ष) के लिए एक्शन पाईंट चिन्हांकित कर जिले से संबंधित सुझाव जिला स्तरीय समिति के माध्यम से प्रेषित किया जाना है। वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की परिकल्पना को साकार करने में छत्तीसगढ़ राज्य की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। छत्तीसगढ़ राज्य में भी 2047 तक सभी सेक्टर्स के त्वरित विकास हो, सुनिश्चित करने के लिए राज्य नीति आयोग छत्तीसगढ़ द्वारा अमृतकाल छत्तीसगढ़ विजन @2047 विजन डाक्यूमेंट तैयार करने का कार्य संपादित किया जा रहा है। सर्व समावेशी विजन डाक्यूमेंट तैयार करने का उद्देश्य छत्तीसगढ़ राज्य के समावेशी विकास सुनिश्चित करना है। दुर्ग जिले के अंतर्गत भी जिला स्तर पर इस दिशा में कार्य किया जा रहा है। जिसके लिए कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया है। समिति का संयोजक सीईओ जिला पंचायत एवं सहसंयोजक जिला योजना एवं सांख्यिकी अधिकारी है। इस समिति के सदस्य सभी सेक्टरों के अधिकारी है। जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, उर्जा, आधारभूत संरचना, पोषण, नागरिक अधिकारिता, पेयजल, सिंचाई, वन, कृषि, आजीविका आदि शामिल है। इस समिति के सदस्य अधिकारीगण अपने विभाग तथा जिले से संबंधित सुझाव/फोकस एरिया/एक्सन र्प्वाइंट-उद्योग और सेवाओं में सुधार, कृषि एवं वानिकी में सुधार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कौशल, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य एवं पोषण, बुनियादी ढांचे का विस्तार, समाज कल्याण, सुशासन, स्थिरता और पुनर्योजी विकास के आधार पर दे सकते हैं। अधिकारियों को उक्त जानकारी पन्द्रह दिवस में जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय में उपलब्ध कराने कहा गया है। बैठक में डीएफओ श्री चन्द्रशेखर परदेशी, नगर निगम भिलाई के आयुक्त श्री देवेश ध्रुव, जिला पंचायत के सीईओ श्री अश्वनी देवांगन, नगर निगम दुर्ग के आयुक्त श्री लोकेश चन्द्राकर, नगर निगम भिलाई-चरौदा के आयुक्त श्री दशरथ राजपूत, अपर कलेक्टर श्री बी.के. दुबे, संयुक्त कलेक्टर श्री हरवंश सिंह मिरी, जिला योजना एवं सांख्यिकी अधिकारी श्री डी.एस. वर्मा एवं समस्त विभाग के जिला प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।
- दुर्ग / कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट सभाकक्ष में गर्भधारण पूर्व और प्रसवपूर्व निदान तकनीक (पीसीपीएनडीटी) लिंग चयन प्रतिषेध अधिनियम 1994 के अंतर्गत पीसीपीएनडीटी जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अवगत कराया गया कि अधिनियम को लागू करने का मुख्य उद्देश्य गर्भधारण से पहले या बाद में लिंग चयन तकनीकों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाना और लिंग चयन गर्भपात के लिए प्रसव पूर्व निदान तकनीक के दुरुपयोग को रोकना है। कलेक्टर सुश्री चौधरी ने जिले के सभी सोनोग्राफी सेंटरों में पीसीपीएनडीटी एक्ट का पूर्णतः पालन किया जाना सुनिश्चित कराने को कहा। साथ ही सोनोग्राफी सेंटरों में डॉक्टरों की ड्यूटी लगी होनी चाहिए। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी डॉ.आर.के. खण्डेलवाल, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. उज्जवला देवांगन, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. दिव्या श्रीवास्तव, प्रसूति विशेषज्ञ डॉ. संध्या नगरिया, समाज सेवी डॉ. वैशाली भगत एवं श्रीमती रश्मि लखोटिया उपस्थित थीं।
- - सभी ग्राम पंचायत और नगरीय निकायों में योगा का होगा आयोजन- दुर्ग में रविशंकर स्टेडियम एवं भिलाई में जयंती स्टेडियम मेंदुर्ग, / जिले में प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी 21 जून 2024 को दशम अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन गरिमामय तरीके से किया जाएगा। इस संबंध में कलेटोरेट सभाकक्ष में कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी की अध्यक्षता में आज आयोजित बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई। बैठक में प्रजापिता ब्रम्हकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, आर्ट ऑफ लिविंग, पतंजली लोक संस्थान, गायत्री परिवार, योग आयोग के प्रतिनिधि, कल्याणी सोशल विधेयक एवं रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन के पदाधिकारी एवं जिले के समस्त विभागों के अधिकारी सम्मिलित हुए। कलेक्टर सुश्री चौधरी ने आयोजन को बेहतर बनाने हेतु योगा से जुड़े हुए संस्थानों के प्रतिनिधियों से उनके सुझाव आमंत्रित किये। सभी ने जिले में योग दिवस के आयोजन को सफल बनाने हेतु हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाये। कलेक्टर ने अवगत कराया कि जिले के सभी ग्राम पंचायत के अलावा जिला स्तर पर मुख्य योगा कार्यक्रम का आयोजन 21 जून को प्रातः 6 बजे से 7.30 बजे तक किया जाएगा। उक्त आयोजन में सभी विभागों की सहभागिता होगी। कलेक्टर ने सभी जनपद सीईओ को संबंधित जनपद अंतर्गत स्थान चयनित करने एवं नोडल नियुक्त करने के निर्देश दिये। नगरीय निकायों में भी संबंधित अधिकारियों को नोडल एवं उपयुक्त स्थान चयनित करने कहा गया। योगा कराने के लिए प्रशिक्षित योगाचार्य की उपलब्धता हेतु उप संचालक समाज कल्याण विभाग को योग संस्थानों से समन्वय स्थापित करने तथा समस्त विभाग को आयोजन से संबंधित दायित्व सौंपने कहा गया है। दुर्ग नगर मंे यह आयोजन रविशंकर स्टेडियम तथा भिलाई नगर में जयंती स्टेडियम में किया जाएगा। बैठक में डीएफओ श्री चन्द्रशेखर परदेशी, नगर निगम भिलाई के आयुक्त श्री देवेश ध्रुव, जिला पंचायत के सीईओ श्री अश्वनी देवांगन, नगर निगम दुर्ग के आयुक्त श्री लोकेश चन्द्राकर, नगर निगम भिलाई-चरौदा के आयुक्त श्री दशरथ राजपूत, अपर कलेक्टर श्री बी.के. दुबे, संयुक्त कलेक्टर श्री हरवंश सिंह मिरी, उप संचालक समाज कल्याण श्री अमित सिंह परिहार एवं समस्त विभाग के जिला प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।
- -प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का किरण देव ने जताया आभार-छत्तीसगढ़ को अब तक श्री मोदी ने दिए लगभग 4 लाख करोड़रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने केंद्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा छत्तीसगढ़ को वर्ष 2024-2025 से संबधित 4761.30 करोड़ रुपए की संपूर्ण राशि हस्तांतरित करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रति पूरे छत्तीसगढ़ की ओर से आभार व्यक्त किया है। श्री देव ने कहा कि केंद्र से प्राप्त यह राशि छत्तीसगढ़ के विकास और जनकल्याण के भाजपा के संकल्प की पूर्ति के प्रयासों को गति प्रदान करेगी।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी सदैव छत्तीसगढ़ के प्रति अपने आत्मीय जुड़ाव का परिचय देते रहे हैं। इससे पहले श्री मोदी ने पिछले 10 वर्षों में लगभग 4 लाख करोड़ रुपए की राशि छत्तीसगढ़ को केंद्र की ओर से प्रदान की है। श्री देव ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार तेजी के साथ अपने संकल्पों और मोदी की गारंटी पर काम करके अभूतपूर्व जन विश्वास अर्जित किया है। जनता का अब केवल भाजपा और प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्त्व पर अटूट विश्वास का रिश्ता जो कायम हुआ है, वह छत्तीसगढ़ को नित नई ऊँचाइयों पर लेकर जाएगा। श्री देव ने इस बात पर भी अपनी प्रसन्नता व्यक्त की कि प्रधानमंत्री श्री मोदी छत्तीसगढ़ को लगातार महत्व दे रहे हैं। अब केंद्र सरकार के सहयोग से न केवल विकास की गति तेज होगी, अपितु हर स्तर पर सुशासन की स्थापना होगी।
- -बीज निगम के पास डिमांड से ज्यादा खरीफ फसलों के बीज-किसानों ने किया 2.41 लाख क्विंटल बीज का उठाव-कृषि मंत्री ने खेती-किसानी की तैयारियों की समीक्षा कीरायपुर, /कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम ने आज मंत्रालय महानदी भवन में कृषि एवं संबंधित विभागों के आला अधिकारियों की बैठक लेकर खरीफ 2024-25 की तैयारियों की गहन समीक्षा की। मंत्री श्री नेताम ने अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण खाद एवं प्रमाणित बीज एवं अन्य कृषि आदानों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी डिमांड के अनुरूप खाद-बीज की आपूर्ति सुनिश्चित करना विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निरंतर अपने-अपने इलाको का दौरा कर खाद-बीज के भण्डारण एवं उठाव पर निगरानी रखने के साथ ही इनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सैम्पलिंग और जांच पड़ताल जारी रखने के निर्देश दिए।बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शहला निगार ने जानकारी दी कि पिछले खरीफ विपणन वर्ष 2023 में सहकारिता क्षेत्र में समग्र रुप से 4.62 लाख क्विंटल बीज का वितरण किया गया था। चालू खरीफ वर्ष 2024 में सहकारी क्षेत्र में 5.44 लाख क्विंटल बीज मांग का आंकलन किया गया है। वर्तमान में बीज निगम के पास कुल 6.31 लाख क्विंटल बीज उपलब्ध है, जो मांग का 116 प्रतिशत है। 10 जून की स्थिति में कुल 4.16 लाख क्विंटल बीज का भण्डारण विभिन्न सहकारी सोसाटियो में किया गया है, जो मांग लगभग 76 प्रतिशत है। कृषकों द्वारा अभी तक 2.41 लाख क्विंटल बीज का उठाव किया जा चुका है, जो विगत वर्ष की इसी अवधि में हुए उठाव 1.64 लाख क्विंटल की तुलना में 47 प्रतिशत अधिक है।बैठक में श्रीमती निगार ने बताया कि सहकारी क्षेत्र में उर्वरक का वर्तमान भण्डारण 6.20 लाख टन है, जो मांग का 72 प्रतिशत है। कृषकों ने अब तक 3.29 लाख टन खाद का उठाव किया है। जो मांग का 38 प्रतिशत है।मंत्री श्री नेताम ने बीज एवं उर्वरक के भंडारण की स्थिति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि संपूर्ण खरीफ सीजन में भण्डारण की इस गति को बरकरार रखा जाए, ताकि आपूर्ति बाधित न होने पाए। मंत्री श्री नेताम ने अधिकारियों को भारत सरकार के कृषि एवं रासायन मंत्रालय एवं उर्वरक प्रदाय कंपनियों से निरंतर समन्वय बनाये रखने के निर्देश दिए। उन्होंने नैनो फर्टिलाईजर को बढ़ावा देने, सीमावर्ती जिलों में उर्वरक परिवहन पर निगरानी रखने के भी निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने अपेक्स बैंक के अधिकारियों से कहा कि समितियों में भण्डारण क्षमता का आंकलन कर लिया जाए, यदि भण्डारण हेतु अतिरिक्त गोदाम की आवश्यकता हो तो इसका प्रस्ताव तत्काल उपलब्ध कराया जाए। बैठक में संचालक कृषि डॉ सारांश मित्तर, मार्कफेड, बीज निगम, अपेक्स बैंक, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अधिकारियों सहित कृषि और उद्यानिकी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
- - दुनियाभर में ब्लैक फंगस के उपचार और परिणाम में मिलेगी मदद- कोविड-19 के दौरान एम्स ने 300 से अधिक रोगियों का किया था उपचाररायपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान को म्यूकरमाइकोसिस (ब्लैक फंगस) के उपचार प्रबंधन पर 'अरोड़ा-नागरकर वर्गीकरण' का कॉपीराइट प्रदान किया गया है। यह वर्गीकरण ब्लैक फंगस के बेहतर उपचार और इसके परिणामों में दुनियाभर के ईएनटी विशेषज्ञों के लिए गाइड का कार्य करेगा। इससे रोगियों को ब्लैक फंगस के प्रथम चरण में ही और अधिक बेहतर चिकित्सा प्रबंधन प्राप्त होने की उम्मीद है। एम्स में यह वर्गीकरण देश के किसी सरकारी संस्थान में सबसे अधिक 300 से ज्यादा रोगियों के ब्लैक फंगस उपचार के आधार पर किया गया।यह वर्गीकरण ईएनटी विभाग के प्रो. रिपुदमन अरोड़ा, पूर्व निदेशक प्रो. (डॉ.) नितिन एम. नागरकर, डॉ. आकाश अग्रवाल, प्रो. रेनू राजगुरु, डॉ. नील प्रभा सहित अन्य चिकित्सकों के शोध पर आधारित है। प्रो. अरोड़ा ने बताया कि इस वर्गीकरण की मदद से ईएनटी चिकित्सक ब्लैक फंगस के प्रकार, उपचार और संभावित परिणामों के बारे में पूर्वानुमान लगा सकेंगे। इससे रोगियों के उपचार प्रबंधन और उनके शीघ्र ठीक होने में काफी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में रोगियों के डेटा से कई अनुसंधान के बाद यह कॉपीराइट प्राप्त किया गया है।कार्यपालक निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त) ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए म्यूकरमाइकोसिस के उपचार प्रबंधन में शामिल विभिन्न विभागों ईएनटी, न्यूरोसर्जरी, मैक्सीलोफेशियल सर्जरी, मेडिसिन, रेडियोडायग्नोसिस, आप्थलमोलॉजी सहित विभिन्न विभागों के चिकित्सकों को बधाई दी है। उन्होंने कहा है कि इन विभागों के संयुक्त प्रयासों से ही इतनी बड़ी संख्या में रोगियों को उपचार प्रदान किया गया।विभागाध्यक्ष प्रो. रेनू राजगुरु ने कहा है कि एम्स के ईएनटी विभाग ने म्यूकरमाइकोसिस के इलाज से न सिर्फ रोगियों को राहत प्रदान की बल्कि 10 से अधिक शोधपत्र प्रकाशित कर इसके उपचार में अमूल्य योगदान प्रदान किया। इनकी मदद से दुनियाभर के चिकित्सकों को ब्लैक फंगस के इलाज में नई जानकारियां प्राप्त हो सकेंगी। ब्लैकफंगस के उपचार में प्रो. नागरकर, प्रो. अरोड़ा के साथ डॉ. रूपा मेहता, डॉ. सतीश सतपुते और डॉ. शर्मिष्ठा चक्रवर्ती का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।
- दुर्ग / कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जल जीवन मिशन के कार्याें की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक घरों में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति हमारी पहली प्राथमिकता है। कलेक्टर ने मिशन के तहत पाईप लाईन विस्तार, पानी टंकी एवं जल कर की समीक्षा की। उन्होंने बैठक में उपस्थित सभी निर्माण एजेंसियों को निमार्णाधीन एवं अधूरे कार्याें को गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने शेष रह गए कार्यांे को शीघ्र ही पूर्ण करने को कहा। बैठक में कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता, उपअभियंता, जिला समन्वयक समेत समूह योजनाओं के ठेकेदार एवं तृतीय पक्ष निरीक्षण एजेन्सी के सदस्य मौजूद थे। कलेक्टर सुश्री चौधरी द्वारा जिले में स्वीकृत 07 समूह जल प्रदाय योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई एवं ठेकेदारों को बारिश से पूर्व कार्याें में प्रगति लाने एवं समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिये। तृतीय पक्ष निरीक्षण एजेन्सियों को ठेकेदारों द्वारा किये जा रहे कार्य की गुणवत्ता उचित मापदण्ड का हो तथा उसमें किसी भी तरह की समझौता न किया जाए, यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी उपअभियंता एवं सहायक अभियंता को जल जीवन मिशन के अंतर्गत चल रहे कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने हेतु सतत् निगरानी करने एवं धीमी गति के कार्यों पर अंतिम नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इस संबंध में 02 ठेकेदारों मेसर्स जेड आर. कंस्ट्रक्शन, मेसर्स नंदकुमार चंद्राकर को अंतिम नोटिस जारी करने एवं कार्य में गति न लाने पर कार्यवाही करने के निर्देश दिए। मिशन अंतर्गत चल रहे कार्यों में आ रही रुकावटें एवं समस्याएं को दूर करने हेतु जैसे रोड कटिंग हेतु लोक निर्माण विभाग, विद्युत कनेक्शन हेतु बिजली विभाग एवं हर घर-जल प्रमाणीकरण, रख-रखाव निगरानी एवं जल स्रोतों के रिचार्ज हेतु पंचायत विभाग से समन्वय कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। कार्य पूर्ण हो चुके ग्रामों में आगामी 02 माह में हर घर-जल प्रमाणीकरण एवं हस्तातरण किये जाने के निर्देश दिए गए।
- -जमीनी स्तर पर मज़बूत करें सूचना तंत्र, आपसी समन्वय सुदृढ़ हो: कलेक्टर डॉ गौरव-किसी भी आपराधिक गतिविधि वाले सूचना पर गंभीरता से कारवाई की जाए, प्रशासन पुलिस समन्वय से सुशासन स्थापित करे: एसपी श्री संतोष सिंहरायपुर / कलेक्टर डॉ गौरव सिंह और एसपी श्री संतोष सिंह ने आज कलेक्टोरेट परिसर स्थित सभाकक्ष में कानून व्यवस्था की बैठक ली। इस दौरान कलेक्टर ने पुलिस और प्रशासन को बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने को कहा। ग्रामीण एवं शहरी सभी क्षेत्रों में कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।कलेक्टर डॉ सिंह ने कहा कि मैदानी स्तर पर पुलिस और प्रशासन के बीच समन्वय होना जरूरी है। चाहे तहसीलदार हो या थाना प्रभारी हो अपने अपने क्षेत्र में ज़मीनी स्तर पर पहुँच बनाओ साथ ही कड़ाई से अपराधियों पर नकेल कसी जाए। कलेक्टर डॉ. सिंह ने कहा किसी भी प्रकार की रैली या प्रदर्शन पर बराबर नज़र रखी जाए। दिन और रात में पुलिस व प्रशासन की मौजूदगी हर क्षेत्र में नजर आनी चाहिए। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रशासन और पुलिस अमला संजीदगी से कार्य करे, हरेक घटना पर बारीकी से नजर रखें,घटना पर सावधानी पूर्वक और त्वरित कार्रवाई किया जाए । ला एंड ऑर्डर मेंटेन रहे और समाज में एक सकारात्मक संदेश प्रसारित हो सके।एसएसपी श्री संतोष सिंह ने कहा कि प्रशासन और पुलिस को एकजुटता से कार्य करना होगा। जिले में अपराधियों पर गंभीरतापूर्वक कार्रवाई होनी चाहिए, विशेषकर क्राईसेस और लॉ एंड आर्डर के समय प्रशासन और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। अधिकारियों के व्यक्तिगत संबंध जनता से अच्छे होने चाहिए। इस तरह बेहतर समन्वय से लॉ एंड ऑर्डर स्थापित होगा।सूचना तंत्र मजबूत रखे,मैदानी अमला रूटीन के काम में एक दूसरे का सहयोग करे।ज़िला पंचायत सीईओ श्री विश्वदीप ने कहा कि पंचायती क्षेत्रों में सरपंच, सचिव, कोटवार और रोज़गार सहायक स्तर पर नाम नंबर सहित जानकारी राजस्व एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारियों-कर्मचारियों के पास उपलब्ध रहें जिससे आवश्यकता पड़ने पर त्वरित रूप से संपर्क साधा जा सके। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री कीर्तिमान राठौर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कीर्तन राठौर सहित पुलिस और प्रशासन के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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-बच्चों के विकास में खेलों के महत्व को किया गया रेखांकित
बिलासपुर/ / यूनिसेफ छत्तीसगढ़ द्वारा सरकार, समुदाय और पालकों के साथ संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित पहले अंतर्राष्ट्रीय खेल दिवस का आज आयोजन किया गया, जिसके तहत बिलासपुर में विभिन्न खेल गतिविधियों से बच्चों को पारंपरिक खेलों से जोड़ा गया। इस वैश्विक अभियान के माध्यम से बच्चों के समग्र विकास में खेल के महत्व को रेखांकित किया गया।
महिला और बाल विकास विभाग बिलासपुर के सहयोग से यूनिसेफ आंगनबाड़ी केंद्रों पर “परवरिश के चैंपियन (पालन पोषण चैंपियन) कार्यक्रम के तहत खेल के महत्व पर बच्चों के लिए सत्र आयोजित किया गया।
जिले के कुछ विशेष पिछड़े गाँव में बच्चों में सामाजिकता का भाव भरने के उद्देश्य से युवोदय मनोबल स्वयंसेवकों द्वारा बच्चों को विभिन्न प्रकार के खेल करवाये गये जैसे चिड़िया उड़ , गोटा , भौंवरा , नदी पहाड़ , बाग बकरी , पंजा लड़ायी , गेड़ी , तिरी पासा , पिंकी पिंकी वाट कलर , कुदौल्ला इत्यादि ।
यूनिसेफ छत्तीसगढ़ की शिक्षा विशेषज्ञ छाया कुंवर ने कहा कि, “खेल हर बच्चे का मौलिक अधिकार है। यह उनके संज्ञानात्मक, शारीरिक, सामाजिक, और भावनात्मक कल्याण में योगदान देता है। खेल बौद्धिक, सामाजिक, भावनात्मक और शारीरिक क्षेत्रों में सीखने के अवसर पैदा करता है - खेल के माध्यम से, बच्चे दूसरों से संबंध बनाते हैं, नेतृत्व कौशल विकसित करते हैं, चुनौतियों का सामना करते हैं और अपने डरों को जीतते हैं।”
खेल बच्चों के जीवन में सृजनात्मकता, नवाचार, और नेतृत्व को बढ़ावा देता है। जब बच्चे खेलते हैं, तो वे आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते हैं। इन उद्देश्यों के साथ, 11 जून को अंतर्राष्ट्रीय खेल दिवस का जश्न मनाया गया। स्कूलों, घरों, और पड़ोस में बच्चों के साथ खेल की गतिविधि में शामिल होकर, और उनके शारीरिक और मानसिक विकास का समर्थन करते हैं,”
- अभिषेक सिंह, सामाजिक और व्यवहार परिवर्तन विशेषज्ञ, यूनिसेफ छत्तीसगढ़।
अरपा सामुदायिक रेडियो की निदेशक श्रीमती संज्ञा टंडन ने कहा कि छत्तीसगढ़ के सभी सामुदायिक रेडियो स्टेशन आज इस अभियान का हिस्सा हैं और समुदाय के साथ माता-पिता की भूमिका और खेल के महत्व पर संवाद कर रहे हैं।
एनएसएस बिलासपुर से अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय से प्रोफेसर मोना केवट द्वारा इस अवसर पर ग्राम परसदा ब्लॉक कोटा में कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमे जिला संगठक एनएसएस मनोज सिन्हा, श्रीमती कांति आँचल, जिला सलाहकार यूनिसेफ़ रुमाना ख़ान, सरपंच सन्तराम लहरे, उप सरपंच जागेश्वर यादव , पंच राकेश वस्त्रकार, पंच राम केवट सहयोगी सुभाष केवट , आशीष सूर्यवंशी उपस्थित रहे और बड़ी संख्या में बच्चे एवं ग्रामीणों ने सहभागिता की।
एनएसएस ज़िला समन्वयक श्री मनोज सिन्हा ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि स्वस्थ शरीर में स्वस्थ दिमाग़ का वास होता है और वर्तमान में बच्चों के विकास के लिए प्रतिदिन खेलकूद बहुत आवश्यक है, वर्तमान में बच्चों को मोबाइल और वर्चुअल दुनिया से अलग कर थोड़ा समय खेलों को देने की दिशा में सकारात्मक पहल की जरूरत है। - -शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और बेहतर परिणाम के लिए नवाचार अपनाने दिए निर्देश-कलेक्टर ने ली प्राचार्याें की मैराथन बैठकबिलासपुर, /कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने आज सिंचाई विभाग के प्रार्थना सभा भवन में 225 स्कूलों के प्राचार्याें की मैराथन बैठक ली। बैठक में स्कूल खुलने के पूर्व की तैयारी, शाला प्रवेश उत्सव, शैक्षणिक सत्र 2024-25 में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने विस्तार से समीक्षा की गई। बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम में बेहतर प्रदर्शन के लिए कार्ययोजना बनाकर उस पर अमल करने के निर्देश दिए। इसके लिए वर्ष भर के लिए विभिन्न मानक तय किए जाएंगे, जिसमें हर महीने बेहतर परिणाम देने वाले 10 शिक्षकों और प्राचार्यों को जिला कार्यालय द्वारा सम्मानित किया जाएगा। बैठक में नगर निगम कमिश्नर श्री अमित कुमार, जिला पंचायत सीईओ श्री आरपी चौहान, जिला शिक्षा अधिकारी श्री टीआर साहू, आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त श्री सीएल जायसवाल, विकासखंड शिक्षा अधिकारी एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने कहा कि जिले में शिक्षा के स्तर को और बेहतर बनाने की दिशा में प्रयास करते हुए नवाचार अपनाएं। बच्चों का विकास करना और उनकी क्षमता बढ़ाना प्रत्येक शिक्षक और प्राचार्य की महती जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि मजबूत इच्छा शक्ति से बेहतर परिणाम मिलेंगे। बोर्ड परीक्षाओं में अच्छे परिणाम देने वाले प्राचार्यो ने अपने अनुभव भी साझा किए। उन्होंने प्राचार्यो से चर्चा कर परिणाम में कमियों का संज्ञान लिया। उन्होंने कहा संवाद सबसे अच्छा माध्यम है एक शिक्षक का संवाद जितना अच्छा होगा बच्चे और शिक्षक की दूरियां उतनी ही कम होगी। बच्चे खुलकर विषयवार अपनी समस्या बता पाएंगे। कलेक्टर ने कहा कि बच्चे स्कूल क्यो नही आ रहे है इसकी जानकारी स्कूल के प्राचार्य को होनी चाहिए। प्राचार्य और शिक्षक बच्चे के घर जाकर पालकों से इस विषय पर चर्चा करें और बच्चों को स्कूल आने के लिए प्रेरित करें। कोटा ब्लॉक के मझगांव हायर सेकेण्डरी स्कूल में 85 प्रतिशत से अधिक परीक्षा परिणाम आने पर वहां के प्राचार्य श्री शैलेष पाण्डेय ने बताया कि इस परिणाम के लिए उन्होंने किस प्रकार कार्ययोजना बनाकर उस पर अमल किया।कलेक्टर ने शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने के पहले सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 18 जून को शाला प्रवेश उत्सव शत-प्रतिशत स्कूलों में मनाने कहा, इसके साथ ही स्कूलों में गणवेश एवं पाठ्यपुस्तक वितरण कराने के निर्देश दिए। नगर निगम कमिश्नर श्री अमित कुमार ने बताया कि बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर परिणाम लाने के लिए कार्ययोजना बनाकर क्र्रियान्वयन किया जाएगा। इसकी मॉनिटरिंग के लिए एक पोर्टल तैयार किया जाएगा, जिसमें संबंधित स्कूल के सभी बच्चों एवं शिक्षकों की एन्ट्री की जाएगी। प्रश्न पत्र भी पोर्टल में अपलोड किए जाएंगे। हर टेस्ट के बाद मॉडल आन्सर भी पोर्टल में अपलोड किया जाएगा। सभी बच्चों के नम्बरों की पोर्टल में एन्ट्री होगी। दिसम्बर तक सभी स्कूलों में सिलेबस पूरा करना होगा। कार्ययोजना के मूल्यांकन के लिए जिला और ब्लॉक स्तरीय कोर कमिटी का गठन किया जाएगा।
- बिलासपुर /कलेक्टर अवनीश शरण एवं पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने संयुक्त रूप से एसडीएम एवं पुलिस अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने लॉ एण्ड आर्डर के लिए चुनौती बन सकने वाले संभावित मुद्दों की पहचान कर तत्परता से उनका निदान करने के निर्देश दिए। जिले में अमन चैन बनाये रखने के लिए अधिकारियों को कई टिप्स भी दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी अपने कर्तव्य के दौरान जनता से जीवंत सम्पर्क बनाये रखें और सौहार्दपूर्ण माहौल में उनका निराकरण कर उनका दिल जीतें। नगर निगम आयुक्त अमित कुमार एवं जिला पंचायत सीईओ रामप्रसाद चौहान सहित पुलिए एवं प्रशासन के आला अधिकारी मंथन सभाकक्ष में आयोजित बैठक में उपस्थित थे।कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री अवनीश शरण ने कहा कि समस्याएं एकाएक बड़े आकार नहीं लेती। छोटे स्वरूप में आप हम सबके बीच जानकारी में होती हैं। यथासंभव हमें तत्काल संज्ञान में लेकर इसका पटाक्षेप करने का प्रयास करना चाहिए। अन्यथा समय बीतने पर ये अलग दिशा पकड़ लेती हैं। उन्होंने कहा कि हर छोटी-बड़ी घटना का विश्लेषण किया जाये। देखा जाये कि भविष्य में इसके क्या अंजाम हो सकते हैं। उसके अनुरूप सही दिशा में तत्काल कदम उठायें। उन्होंने पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारियों को आपसी तालमेल के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दोनों आपस में बैठकर सूचना एवं जानकारी शेयर कर लें। दोनों के बीच आपसी समझ मजबूत होने चाहिए। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि विभिन्न सोशल मीडिया का अवलोकन करते रहें। अफवाह एवं झूठ इनके जरिए तेजी से फैलता है। समय पर हस्तक्षेप कर गलत सूचना पर कार्रवाई करें। कलेक्टर ने कहा कि अपने मातहतों पर आंख मूंदकर विश्वास न करें। यदि कोई उनकी प्रामाणिक शिकायत करता है तो उन पर ध्यान दें। निष्पक्ष तरीके से इसकी जांच कर जरूरी कार्रवाई किया जाये।पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह ने कहा कि पुलिस का मानवीय चेहरा के साथ-साथ अपराधियों के बीच कठोर रूख भी दिखना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक के अलावा सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक क्षेत्र की सूचनाओं पर ध्यान दें और कार्रवाई करें। उन्होंने भी पुलिस एवं मजिस्ट्रेट की आपसी समन्वय पर ज्यादा जोर दिया। इससे समाज में अच्छा संदेश पहुंचता है। उन्होंने कहा कि आम जनता एवं विभिन्न संगठनों से जितना ज्यादा संवाद होगा, उतनी ज्यादा जानकारी मिलेगी जो उपयोगी साबित होगी। नगर निगम आयुक्त श्री अमित कुमार ने शहरी क्षेत्रों में आने वाली समस्याएं एवं जिला पंचायत सीईओ राम प्रसाद चौहान ने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनके निदान के बारे में जानकारी साझा किया। इस अवसर पर एडीएम आरए कुरूवंशी, शिवकुमार बनर्जी, एडिशनल एसपी अर्चना झा सहित सभी एसडीएम, एसडीओपी, सीएसपी उपस्थित थे।
- -प्रकरणों को त्वरित करें निराकरण, लंबित मामले हो शून्य: कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह-पक्षकारों व आवेदकों के प्रकरण निर्धारित समय: सीमा के करें पूर्णरायपुर । कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने आज कलेक्टर सभा कक्ष में राजस्व विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक की। राजस्व अधिकारियों की बैठक में कलेक्टर डॉ. सिंह ने कहा कि जिले के राजस्व मामले का लंबित प्रकरणों को तेजी के साथ निराकरण किया जाए और समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण हो। कलेक्टर ने कहा कि राजस्व कार्यालयों में कोई भी मामला लंबित न रखें। आवेदकों की समस्याओं का निराकरण भी त्वरित हो।उल्लेखनीय है कि कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने विगत दिनों समस्त अनुविभाग अधिकारी(राजस्व) को निर्देशित किया था कि सभी अधिकारी संबंधित अधीनस्थ तहसील कार्यालय का औचक निरीक्षण करें एवं लंबित प्रकरणों की जानकारी लें। पिछले 10 दिनों के भीतर अनुविभाग अधिकारियों (राजस्व) ने तहसीलो का निरीक्षण कर कलेक्टर के समक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत किया। जिसकी विस्तृत समीक्षा कर प्रकरणों को निराकरण करने के निर्देश दिए गए। बैठक में ज़िला पंचायत सीईओ श्री विश्वदीप, अपर कलेक्टर श्री कीर्तिमान राठौर सहित समस्त अनुविभागीय अधिकारी(राजस्व) एवं तहसीलदार, नायब तहसीलदार उपस्थित रहें।
- -पालीटेक्निक में माइनिंग इंजीनियरिंग समेत डिप्लोमा के चार कोर्स होंगे संचालितरायपुर । आल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन ने मनेंद्रगढ़- चिरमिरी- भरतपुर जिले में 240 सीटों के शासकीय पालिटेक्निक कालेज की स्थापना को मंजूरी दी है। यह पालिटेक्निक कालेज शैक्षणिक सत्र 2024-25 से संचालित होगा और इसकी स्थापना चिरमिरी में होगी। नवीन शासकीय पालिटेक्निक कालेज में सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा के लिए 60 सीट, जिओग्राफिक इंफार्मेशन सिस्टम (जीआईएस) एवं ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) में डिप्लोमा के लिए 60 सीट, मेकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा के लिए 60 सीट तथा माइनिंग इंजीनियरिंग में डिप्लोमा के लिए 60 सीटों का प्रावधान है। ये पालिटेक्निक कालेज छत्तीसगढ़ के स्वामी विवेकानंद टेक्निकल यूनिवर्सिटी, भिलाई से संबद्ध होगा।
- मोहला। मोहला मानपुर जिले के मोहला क्षेत्र में आकाशीय बिजली गिरने से पंद्रह लोग घायल हो गए। सभी घायलों को मोहला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है । गंभीर रूप से झुलसे पांच लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव रेफर किया गया है। वही अन्य घायलों का उपचार जारी है।मिली जानकारी के अनुसार कोरलदंड रेंज में वन विभाग की नर्सरी पर बेड सिचाई का कार्य चल रहा है जहाँ मजदूर दोपहर खाना खाकर पेड़ के नीचे आराम कर रहे थे। इसी दरमियान अचानक आकाशीय बिजली गिर गई और पन्द्रह लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। सभी घायलों को तत्काल 112 वाहन से मोहला अस्पताल लाया गया तो कुछ घायलों को मोटरसायकिल से पहुँचाया गया जहां उनका इलाज जारी है। गंभीर रूप से झुलसी पांच महिलाओं को बेहतर इलाज के लिए राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। बताया जा रहा है कि घटना के समय वन विभाग का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी -कर्मचारी मौके पर मौजूद नही था।(सांकेतिक फोटो)
- बलरामपुर: ।बलरामपुर जिले के पस्ता पुलिस ने सड़क किनारे खड़े वाहनों से डीजल चोरी करने वाले दो आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक स्कार्पियो वाहन ज़ब्त कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा।पुलिस ने बताया कि ग्राम पस्ता निवासी 38 वर्षीय अज्जू कुमार गुप्ता पिता जवाहर गुप्ता ने थाना पहुंच केस दर्ज कराया था कि मेटाडोर वाहन पिता के नाम पर है। 9 जून की रात्रि में चालक मेटाडोर वाहन को पेट्रोल पंप के बाहर खड़े कर वाहन में सो रहा था। रात्रि करीब ढाई बजे एक सफेद रंग के स्कार्पियो वाहन में सवार कुछ लोग वाहन के पास आए औऱ डीजल टंकी का ताला तोड़कर डीजल टंकी से करीब 60 लीटर डीजल कीमत 5695 रुपए का चोरी किया।चोरी करने के दौरान चालक चरण गोप उठ गया इसके बाद हल्ला किया सभी चोर स्कार्पियों वाहन में सवार होकर भाग गए। वाहन चालक ने इसकी जानकारी वाहन मालिक को दी। चोरो ने सड़क किनारे खड़े हाईवा ट्रक से करीब 150 लीटर डीजल जिसकी कीमत 14239 रूपए का चोरी किया था।पुलिस ने ग्राम लदकुड़ जंगल में घेराबंदी कर आरोपी पुष्पेंद्र लोनी पिता लल्ला सिंह (28), निवासी ग्राम सीलपुर थाना कोतमा व दूसरा आरोपी प्रदीप कुमार पिता सुंदरलाल महरा (23), निवासी ग्राम गोधन थाना जैतहरी जिला अनूपपुर को गिरफ्तार किया। आरोपी ने पुलिस को बताया कि अपने सहयोगी देवा लोनी निवासी पौराधार रामनगर व संतोष लोनी निवासी ग्राम सीलपुर थाना कोतमा जिला अनूपपुर के साथ स्कार्पियों से डीजल चोरी करने कोतमा से ग्राम पस्ता आना बताया। पेट्रोल पंप के पास खड़े 02 वाहनों से करीब 210 लीटर डीजल चोरी करना बताया तथा उनके कब्जे से स्कार्पियों वाहन तथा 12 प्लास्टिक के जरकेन जिसमें 07 जरकेन में 210 लीटर डीजल भरा था किमत 20000 रूपए, प्लास्टिक पाइप 02 नग, वाहनो के डीजल टैंक, उसमें लगा जाली तोड़ने हेतु प्रयुक्त हथियार प्लास, रीच पाना, नुकीला डंडा जब्त किया। पुलिस ने चोरी के मामले में आरोपी पुष्पेन्द्र लोनी व प्रदीप कुमार महरा को गिरफ्तार किया है। उनके 02 अन्य सहयोगी घने जंगल का फायदा उठाकर भाग गए। पुलिस ने दोनो आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा।
- कोण्डागांव। जिले के बनजुगानी गांव में रतनजोत का बीज खाने से एक ही परिवार के सात बच्चे बीमार पड़ गए हैं। उन्हें गंभीर हालत में कोण्डागांव के जिला अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है, जहां सभी का उपचार जारी है। बताया जा रहा है कि, सभी बच्चे आज सुबह घर के नजदीक आंगनबाड़ी केंद्र में गए थे। जहां खेलते-खेलते उन्होंने रतनजोत का बीज खा लिया। इसके बाद उनकी हालत बिगडऩे लगी। .घटना के तुरंत बाद परिजनों ने बच्चों को कोण्डागांव के जिला अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया है। जहां सिविल सर्जन डॉ आरसी ठाकुर, पीडियाट्रिक डॉ रुद्र कश्यप, मेडिकल ऑफिसर डॉ अनामिका नेताम पीडि़तों का उपचार कर रहे हैं। डॉक्टर के अनुसार फिलहाल बच्चों की स्थिति खतरे से बाहर है,।रतनजोत का बीज खाने वाले बच्चों में नित्या पोयाम ,दिवांसी पोयाम , कांति पोयाम , आयुष पोयाम , शिवानी पोयाम , नियासा पोयाम और दीपेश पोयाम शामिल हैं। ये सभी बच्चे एक ही परिवार के हैं।
- -योजना मंत्री श्री ओपी चौधरी ने लिखा पत्ररायपुर / छत्तीसगढ़ के वित एवं योजना मंत्री श्री ओपी चौधरी ने विकसित भारत की तर्ज पर विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को साकार करने ‘अमृतकाल: छत्तीसगढ़ विजन@2047 के लिए जनप्रतिनिधियों और आम लोगों से सुझाव मांगे हैं। इसी कड़ी में उन्होंने सभी मंत्रियों और विधायकों को पत्र लिखकर विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने सुझाव देने का आग्रह किया है। सुझाव 30 जून तक मंगाए गए हैं। सुझाव लिखित में या फिर वेब पोर्टल मोर सपना-मोर विकसित छत्तीसगढ़ के जरिए दिए जा सकते हैं।उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने साल 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने की परिकल्पना की है। इस परिकल्पना को साकार करने छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र 2024 में घोषणा की गई थी कि राज्य स्थापना दिवस एक नवंबर 2024 को राज्य का विजन डॉक्यूमेंट ‘अमृतकालः छत्तीसगढ़ विजन@2047’जारी कर प्रदेश की जनता जनार्दन को समर्पित किया जाएगा।राज्य शासन ने ‘‘अमृतकालः छत्तीसगढ़ विजन@2047’’ से संबंधित विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने का जिम्मा राज्य नीति आयोग को सौंपा है। इस संबंध में आयोग द्वारा सभी विभागों, सेक्टर विशेषज्ञों से विचार-विमर्श किया जा रहा है।योजना मंत्री श्री चौधरी ने बताया कि जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों से भी विकसित छत्तीसगढ़ की उनकी परिकल्पना साझा करने के लिये आयोग ने एक वेब पोर्टल ‘मोर सपना-मोर विकसित छत्तीसगढ़ तैयार किया गया है। जिसके जरिए वे अपने सुझाव दे सकते हैं।श्री चौधरी ने मंत्रियों और विधायकों को लिखे पत्र में कहा है कि विकसित उत्तीसगढ़ की परिकल्पना के संबंध में वे अपने सुझाव 30 जून 2024 तक सदस्य-सचिव, राज्य नीति आयोग, नीति भवन, नवा रायपुर को या फिर आयोग के वेब पोर्टल श्मोर सपना-मोर विकसित छत्तीसगढ़ (https://sdgspc.cg.gov.in/viksitcg/#home) के जरिए भेज सकते हैं।
- कलेक्टर ने की जिले की सामाजिक सौहार्द्र को कायम रखने की अपीलबालोद। अभी हाल में ही बलौदाबाजार जिले में घटित घटना के मद्देनजर बालोद जिला प्रशासन द्वारा संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल की अध्यक्षता में आज शाम को समाज प्रमुखों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में बलौदाबाजार जिले जैसे घटना की पुनरावृत्ति न हो सके इसके उपायों के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। इस अवसर पर कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने बालोद जिले में विभिन्न समाजों के बीच सामाजिक सौहार्द्र, एकता एवं भाईचारे की विशिष्ट परंपरा की सराहना की। श्री चन्द्रवाल ने जिले के सभी समाज के लोगों से जिले की सामाजिक सौहार्द्र तथा सभी समाज के लोगों के बीच आपसी भाईचारे की विशिष्ट परंपरा को कायम रखते हुए इस प्रकार की घटनाओं को रोकने मेें महती भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की।बैठक में जिला सतनामी समाज के जिला संरक्षक यशवंत बारले ने कहा कि बालोद जिले में बलौदाबाजार जैसे घटना घटित न हो सके इसके लिए सतनामी समाज द्वारा हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सतनामी समाज के प्रमुखों के द्वारा सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों से भी समाज के लोगों से संयम एवं समझदारी रखने की अपील की जा रही है। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्री विकास चोपड़ा ने बालोद जिले की शांतिपूर्ण एवं सौहार्द्रपूर्ण सामाजिक वातावरण का जिक्र करते हुए सभी समाज के लोगों से आपसी भाईचारा कायम रखते हुए इस प्रकार की घटना को रोकने में अपनी बहुमूल्य भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की। बैठक मंे उपस्थित समाज प्रमुखों ने बलौदाबाजार की घटना पर दुःख व्यक्त करते हुए सभी समाज के लोगों से आपसी भाईचारा एवं सामाजिक सद्भावना कायम रखने की अपील की। बैठक में उपस्थित समाज प्रमुखों ने जिले में इस प्रकार की घटना को घटित न हो सके इसके लिए अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया। बैठक में अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी श्री चन्द्रकांत कौशिक तथा अनुविभागीय दण्डाधिकारियों के अलावा पुलिस एवं अन्य विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ समाज प्रमुख एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।-
- -सीपेट में भर्ती अजा-जजा युवाओं का खर्च प्रशासन उठायेगी-इस माह के अंत में लगेगा विशाल प्लेसमेन्ट कैम्प-टीएल बैठक में की कई योजनाओं की समीक्षाबिलासपुर, /कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने कहा है कि खाद बीज के उठाव में किसानों को समिति स्तर पर कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। सभी तरह के खाद एवं बीज इन समितियों में हमेशा उपलब्ध रहनी चाहिए। खेती किसानी का मौसम शुरू होने के बाद बड़ी संख्या में किसान अब सोसायटी पहुंचने लगे हैं। कलेक्टर श्री शरण आज मंथन सभाकक्ष में आयोजित टीएल बैठक में खाद-बीज की उपलब्धता सहित लंबित मामलों की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। कलेक्टर ने बैठक में बरसात के दौरान पौधरोपण कार्य की तैयारी की भी जानकारी ली।कलेक्टर ने कहा कि कोरबा स्थित सीपेट में दाखिला के लिए अनुसूचित जाति एवं जनजाति के युवाओं का खर्चा प्रशासन उठायेगा। डीएमएफ मद से उनकी फीस सहित रहने-बसने और खाने की इंतजाम भी जिला प्रशासन करेगी। इस साल कम से कम 25 बच्चों का लक्ष्य लेकर इस वर्ग के युवाओं को चिन्हित करना सुनिश्चित करें। कक्षा बारहवीं में पीसीएम विषयों के साथ उत्तीर्ण युवाओं को इस कोर्स में प्रवेश दिया जाता है। इसमें डिप्लोमा अथवा सर्टिफिकेट कोर्स करने के बाद अच्छे तनख्वाह पर निजी क्षेत्र में नौकरी की संभावना रहती है। कलेक्टर ने बैठक में कहा कि स्कूलों में संचालित मध्यान्ह भोजन योजना का शत प्रतिशत संचालन महिला समूहों के हाथों में होने चाहिए। सभी एसडीएम इस दिशा में जल्द कार्य करते हुए आवंटित करें। उन्होंने कहा कि विशेषकर शहरी क्षेत्रों में आंगनबाड़ी भवन निर्माण के लिए भूमि की जरूरत है। उन्होंने नगर निगम आयुक्त को प्राथमिकता के साथ भूमि चिन्हित कर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने इस माहांत तक मेगा प्लेस्मेन्ट कैम्प की तैयारी शुरू करने के निर्देश दिए। कम से कम 1000 युवाओं को प्लेसमेन्ट करने के साथ तैयारी शुरू करने के निर्देश दिए। बैठक में विभिन्न माध्यमों से प्राप्त शिकायतों एवं उनके निराकरण में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए। नगर निगम आयुक्त अमित कुमार, जिला पंचायत सीईओ रामप्रसाद चौहान सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र में फूड व्यवसाय करने वाले वेंडरो की कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें प्रमुख रूप से ऐसे व्यवसायी जो रोड के किनारे खाद सामग्री बनाकर बेचते है। चाट, इटली, गुपचुप, दोसा, समोसा, मोमोज, चैमिन, चाय, भजिया, सैन्डविच, बरगर, बड़ा, भेल, बरफ का गोला, अंडा एगरोल, कुल्फी, आईक्रीम, मैंगोसेक, गन्ना रस इत्यादि इस प्रकार के व्यवसायियो को बुलाकर स्वच्छ भारत अभियान के तहत वेंडर्स को प्रथम एजुकेशन फांउडेशन के सहयोग से दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई जिसमें स्वच्छताए हाइजीनए फाइनेंशियल लिट्रेसी एवं विक्रेता डॉक्यूमेंट सपोर्ट संबंधित प्रशिक्षण दिया गया इसका मुख्य उददेश्य था, वेंडरो की आमदनी बड़े जीवन स्तर उचां हो। सभी वेंडर्स को शासन द्वारा दी जा रही स्वनिधि योजना का लाभ उठाने एवं वेंडिंग जोन में स्वच्छता बनाए रखने की अपील की है। इस कार्यक्रम में लगभग 140 से अधिक संख्या में स्ट्रीट फूड वेंडर शामिल हुए।खादय सामग्री बनाते समय एवं ग्राहको को परोसते समय साफ सफाई रखे, कचरा इधर उधर न फेके इन सभी बातो को लेकर कार्यशाला आयोजित की गई है। ध्यान देने योग्य बातें - अकसर देखने में आता है कि इस तरह के खादय बिके्रता स्वच्छता का ध्यान नहीं रखते है, उन्हे छोटी छोटी जानकारी दी गई जैसे- हाथो में ग्लबस पहने, नाखून साफ रखे, बनाते समय पोछने वाले कपड़ो को स्वच्छ रखे, पीने का पानी एवं धोने के पानी में दुरी रखे, पाउस एवं तम्बाखू खाकर व्यवसाय न करें, स्वच्छ कपड़ा पहनकर व्यवसाय करें, जहां बनाते है वहां गंदगी न रखे, पकाने वाले तेल का एक्सपायरी तिथि को ध्यान में रखे और उसी तेल को बार बार न उपयोग में लायें। इससे उनकी आमदनी भी बड़ेगी साथ ही जो ग्राहक खाने के लिए आते है उन्हे भी अच्छा लगेगा और उनका स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा, साफ सफाई बहुत जरूरी है। पिछले वर्ष का ट्रेनिंग प्राप्त करके चैमिन बनाकर कोहका चैंक पर बेचने वाले आबीद खान ने अनुभव बताया कि अब मैं पुरी तरह से तैयार हो करके दुकान खोलता हूॅ साफ सफाई रखता हूॅ हाथो में ग्लबस पहेनता हूॅ जो भी बनाता हूॅ उसमें साफ सफाई का ध्यान रखता हूॅ एप्रोन पहनता हूॅ। ग्राहको से मुस्कुरा के बात करता हूॅ इससे मुझे जो लाभ मिला मेरे ग्राहक बड़ गये पहले 3 से 4 सौ कमाता था। अब 1000 कमाता हूॅ यह सब ट्रेनिग प्राप्त करके ही समझ सका। प्रशिक्षण पश्चात फूड वेंडरो को एप्रान, ग्लबस एवं पोछने के लिए टावेल इत्यादि प्रदान किया गया।कार्यशाला के दौरान निगम सेे श्री श्रीनिवास पटेल ; राजस्व एवं खाद्य अधिकारी नगर पालिका निगमद्धए श्रीमति रीता चतुर्वेदी ;सहायक परियोजना अधिकारी आजीविका मिशनद्धए श्री अजय शुक्ला ;जनसंपर्क अधिकारी नगर पालिका निगमद्धए नलिनी तनेजा ; मिशन प्रबंधकए स्वनिधि आजीविका मिशन नगर पालिका निगमद्ध तथा प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन से श्री विद्यासागर चौहान जी ;स्टेट हेड छत्तीसगढ़द्धए पवन कुमार साहू ; क्लस्टर लीडर रायपुरद्धए डा उत्कर्ष श्रीवास्तव ;मुख्य प्रशिक्षकद्ध भोज साहू ; म्क्च् कोऑर्डिनेटरद्धए मुरारी साहू ; मेंटरद्ध की उपस्थिति रही।
- मुख्यमंत्री के निर्देश पर मात्र 2 दिनों के भीतर ही श्री कायता के कानों में फिट किया गया डिजिटल श्रवण यंत्ररायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की संवेदनशील पहल की वजह से आज एक 72 वर्षीय व्यक्ति फिर से लोगों की आवाज सुन सकेगा। जशपुर जिले के कुनकुरी ब्लॉक के रहने वाले श्री रामदेव राम कायता को कानों में कुछ समस्या होने की वजह से उन्हें सुनाई नहीं दे रहा था। आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने की वजह से उनके पास इलाज के लिए पर्याप्त पैसे नहीं थे। श्री कायता ने 2 दिन पहले मुख्यमंत्री निवास कार्यालय आकर मुख्यमंत्री श्री साय के समक्ष अपनी समस्या के बारे में बताया। मुख्यमंत्री ने तत्काल संबंधित अधिकारियों को इसके निराकरण के निर्देश दिए।आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के समक्ष ही समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों के द्वारा श्री रामदेव राम कायता के दोनों कानों में डिजिटल श्रवण यंत्र फिट किया गया। इस श्रवण यंत्र के माध्यम से वे आसानी से आवाज को सुन सकेंगे। श्री कायता ने मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा की मुख्यमंत्री गरीबों के मसीहा हैं। मुख्यमंत्री श्री साय की वजह से आज वह फिर से सुन सकेंगे। उनकी समस्या का इतनी जल्दी निराकरण हो जायगा उसकी उन्हें उम्मीद नहीं थी। मुख्यमंत्री के बारे में जैसा सुना था वैसा ही पाया।इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जयसवाल, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, समाज कल्याण विभाग के अपर संचालक श्री पंकज वर्मा मौजूद थे।श्री रामदेव राम कायता के कानों में जो डिजिटल श्रवण यंत्र फिट किया गया है। यह आधुनिक डिजिटल यंत्र लगभग 50 हजार मूल्य का है। यह बैटरी से संचालित है। इसमें आवाज साफ सुनाई देती है।
- -कमेटी में होंगे मेडिकल कालेज के डीन, सीनियर मेडिकल प्रोफेसर्स के अलावा वित्त एवं स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारी-डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता और स्वास्थ्य मंत्री तथा उप-मुख्यमंत्री की उपस्थिति में राजनांदगांव व कवर्धा मेडिकल कालेज की भी हुई समीक्षारायपुर । विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने आज विधानसभा सचिवालय में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल तथा उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की उपस्थिति में प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था तथा मेडिकल कालेजों की सुविधाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की। विधानसभा अध्यक्ष ने प्रदेश के मेडिकल कालेजों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को लेकर चिंता जाहिर की और उनके मानदेय को बढ़ाने तथा उन्हें नियमित करने को लेकर जरूरी निर्देश दिए। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के सुझाव पर स्वास्थ्य विभाग को एक कमेटी बनाने के निर्देश दिए हैं।इस कमेटी में स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव नोडल अधिकारी होंगे। कमेटी में वित्त तथा स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारी के साथ ही किसी मेडिकल कालेज के डीन तथा सीनियर प्रोफेसर भी शामिल होंगे। ये कमेटी एक महीने में विशेषज्ञ चिकित्सकों के मानदेय और उनके नियमितिकरण करने के प्रावधान के बारे में पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के प्रावधानों और नियमों का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट पेश करेगी।विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने बैठक में राजनांदगांव व कवर्धा समेत प्रदेश के सभी मेडिकल कालेजों की सुविधाओं व स्थापना को लेकर विस्तारपूर्वक चर्चा की। उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि राज्य की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विभाग को लधु एवं दीर्घ लक्ष्य बनाकर काम करना चाहिए, ताकि समयबद्ध तरीके से काम हो सके और ज्यादा से ज्यादा लोगों को समय पर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलना सुनिश्चित हो सके। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को असिस्टेंट प्रोफेसर्स के रिक्त पदों को जल्द पीएससी के माध्यम से शीघ्र भर्ती करने की बात स्वास्थ्य मंत्री से कही।स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बैठक में प्रदेश के निर्माणाधीन मेडिकल कालेजों के बारे में जानकारी लेते हुए उनकी शीघ्र स्थापना के लिए आवश्यक कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए। श्री जायसवाल ने राज्य के मेडिकल कालेजों और जिला अस्पतालों में सुविधाओं के विस्तार तथा खाली पदों को भरने को लेकर भी विभाग के उच्च अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए ताकि राज्य की जनता को स्वास्थ्य सुविधाओं का ज्यादा से ज्यादा लाभ मिल सके।समीक्षा बैठक में विधानसभा के सचिव श्री दिनेश शर्मा, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ, वित्त विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल, स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव श्री चंदन कुमार, सीजीएमएससी की एमडी श्रीमती पद्मिनी भोई साहू, चिकित्सा शिक्षा के संचालक डॉ यू.एस. पैंकरा समेत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
- रायपुर - रायपुर जिला कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के आदेशानुसार एवं नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री अबिनाश मिश्रा के निर्देशानुसार नगर निगम क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग के प्रकरणों पर कार्यवाही लगातार जारी है। आज नगर पालिक निगम मुख्यालय नगर निवेश उडनदस्ता एवं नगर निगम जोन क्रमांक 10 नगर निवेश विभाग ने जोन 10 जोन कमिश्नर श्री रमेश जायसवाल के नेतृत्व, कार्यपालन अभियंता श्री दिनेश सिन्हा, सहायक अभियंता श्री योगेश यदु, उप अभियंता श्री अतुल कुमार सिंह, श्री रविप्रभात साहू सहित देवपुरी के पटवारी की उपस्थिति में बाबू जगजीवनराम वार्ड क्रमांक 53 के देवपुरी कृष्णापुरी में कुर्सी फैक्ट्री के पीछे भिन्न 3 स्थानों में लगभग 7 एकड़ निजी भूमि पर की जा रही अवैध प्लाटिंग पर स्थल में अज्ञात अवैध प्लाटिंगकर्ता द्वारा प्लाट कटिंग करने की गयी मार्किंग को हटाकर, अवैध मुरुम रोड को काटकर आवागमन बाधित करते हुए कारगर रोक लगाई गयी। उक्त स्थल पर निर्माणाधीन भवनों में निर्माण कार्य रूकवाकर कार्य हेतु प्रयुक्त सामानों को जप्त कर लिया गया ।नगर निगम जोन 10 के जोन कमिश्नर ने बताया कि रायपुर जिला कलेक्टर के आदेशानुसार एवं रायपुर नगर पालिक निगम आयुक्त के निर्देशानुसार नगर निगम जोन 10 के बाबू जगजीवनराम वार्ड क्रमांक 53 के देवपुरी कृष्णापुरी कुर्सी फैक्ट्री के पीछे भिन्न 3 स्थानों में लगभग 7 एकड़ निजी भूमि पर की जा रही अवैध प्लाटिंग पर रोक लगायी गयी है। जोन 10 के नगर निवेश विभाग के माध्यम से रायपुर तहसीलदार को पत्र लिखकर निजी भूमि के भूमि स्वामियों की जानकारी सम्बंधित नगर निगम जोन 10 को शीघ्र उपलब्ध करवाने कहा गया है। तहसील कार्यालय से जानकारी मिलते ही छत्तीसगढ़ शासन के अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार अवैध प्लाटिंगकर्ता के विरूद्ध संबंधित पुलिस थाना में नियमानुसार कड़ी कार्यवाही करने नामजद एफआईआर दर्ज करवायी जायेगी।
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-प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना से रायपुर शहर में चलेंगी 100 इलेक्ट्रिक सिटी बसें, आम जनों को मिलेगी सुविधा
रायपुर / राजधानी रायपुर की जनता को जल्द ही ई बसों से शहर में आने जाने की सुविधा मिलने वाली है । प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत रायपुर को एक सौ नई बसें मिलेंगी। इन बसों के लगातार संचालन के लिए शहर के आमानाका और पंडरी में दो नए बस डिपो स्थापित किए जा रहे हैं। इससे रायपुर शहर के अंदर ट्रांसपोर्ट सुविधा और भी आसान होगी। कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने आज आमानाका में स्थापित होने वाले बस डिपो का निरीक्षण किया और वहाँ की जा रही तैयारियों- निर्माण कार्यों का जायज़ा लिया। उन्होंने ई बसों की चार्जिंग के साथ मेंटेनेंस के लिए सभी ज़रूरी इंतज़ाम जल्द करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।ग़ौरतलब है कि रायपुर शहर को केंद्र सरकार की ओर से एक सौ नई ई-बसें मिलने वाली हैं। ये बसें बैट्री से चलेंगी ।डिपो स्थलों पर इन बसों की बैट्री चार्ज करने के लिए चार्जिंग पॉइंट भी बनाने की तैयारी है। पंडरी और आमानाका में बनने वाले सिटी बस डिपो बसों के लिए सेंटर पॉइंट होंगे ।इन दोनों डिपो से ही शहर के अलग अलग स्थानों के लिए सिटी बसें चलेंगी ।100 नई बसें मिलने और 2 नए सिटी बस डिपो बनने से लोग आसानी से अलग-अलग जगहों के लिए बस पकड़ सकेंगे। बाहर से आने वाले लोगों को भी रायपुर शहर में एक जगह से दूसरे जगह जाने में आसानी होगी। ये सभी बसें केंद्र सरकार की ओर से रायपुर सिटी को मिल रही हैं। नए डिपो बनाने की तैयारी रायपुर नगर निगम ने शुरू कर दी है। कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने आज आईएसबीटी का भी निरीक्षण किया। इसमें 1 एकड़ जगह को सिटी बस के स्टैंड के लिए फाइनल किया गया है। यहां पर दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों को शहर के भीतर किसी भी स्थान में जाने के लिए आसानी से सिटी बसें मिल जाएगी।कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने बताया कि इस नए बस डिपो को आधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार किया जाएगा। जिसमें बसों के लिए चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। इसके अलावा यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए वेटिंग एरिया और अन्य व्यवस्थाएं होंगी। निरीक्षण के दौरान रायपुर नगर निगम आयुक्त श्री अबिनाश मिश्रा सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे। - भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र में वृहद पेयजल योजना के अंतर्गत सभी नागरिको तक स्वच्छ पानी पहुंचाने का लक्ष्य है। ऐसा सर्वे में आया था कि नगर निगम भिलाई क्षेत्र के कुछ कालोनीयो एवं बस्तीयो में पानी का प्रेशर कम रहता है। उसी के निदान के लिए निगम द्वारा 4 अतिरिक्त पानी टंकियो का निर्माण किया गया है। जहां पर अतिरिक्त पानी है उस पानी की सप्लाई इन टंकियो में किया जायेगा। जिससे इन टंकियो के माध्यम से जहां पानी का प्रेशर कम रहेता है वहां पर सुचारू रूप से सप्लाई हो सके। इस सप्लाई के लिए पुराने सप्लाई के पाइप लाइन को नई टंकी से जोड़ने के लिए पाईप लाईन बिछाने हेतु, महापौर पिरषद के समक्ष 5.42 करोड़ का प्रस्ताव आया था, महापौर परिषद ने एक स्वर में इस प्रस्ताव को पारित किया, महापौर नीरज पाल ने खुसी व्यक्त करते हुए कहा कि अब हमारे भिलाई शहर के उन वार्डो में भी पानी मिल सकता है जिन वार्डो में पानी का प्रेशर हमेशा कम रहेता है। हम सब का यही उददेश्य है सब को शुद्व पीने एवं निस्तारी का पानी पर्याप्त मात्रा में मिले।बैठक में महापौर परिषद के सदस्य लक्ष्मीपति राजू, सीजू एन्थोनी, आदित्य सिंह, संदीप निरंकारी, साकेत चंद्राकर, लाल चंद वर्मा, मन्नान गफ्फार खान, चंद्रशेखर गंवई, रीता सिंह गेरा, मालती ठाकुर, मीरा बंजारे, नेहा साहू नगर निगम भिलाई की आयु देवेश कुमार ध्रुव अपर आयुक्त अशोक कुमार द्विवेदी उपयुक्त नरेंद्र बंजारे अधीक्षण अभियंता जल संजय शर्मा एवं सभी जोन के जोन आयुक्त की उपस्थिति में संपन्न हुआ।

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