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नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकी हमले के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है। यूपी के डीजीपी प्रशांत कुमार ने राज्य के सभी पुलिस अधिकारियों को सतर्कता बरतने और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। पहलगाम में हुए आतंकी हमले के मद्देनजर उत्तर प्रदेश में नेपाल से सटी अंतरराष्ट्रीय सीमा और सभी जिलों के बस स्टेशनों व रेलवे स्टेशनों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए यूपी पुलिस को अलर्ट पर रहने के लिए कहा गया है।
जम्मू एवं कश्मीर के अनंतनाग जिले के पहलगाम हिल स्टेशन पर मंगलवार को आतंकियों ने हमला किया था। हमले में दो विदेशियों सहित कई पर्यटकों की मौत हो गई और कुछ अन्य पर्यटक और स्थानीय लोग घायल हो गए। समूचे विश्व ने इस हमले की निंदा की है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस पर नजर बनाए हुए हैं।इस घटना के तुरंत भारतीय सुरक्षा बल इलाके की निगरानी कर रहे हैं। सेना की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, “संयुक्त बल स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। चिकित्सा टीमों को तुरंत तैनात किया गया और हताहतों को निकालने का काम शुरू किया गया। भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा बैसरन, पहलगाम, अनंतनाग के सामान्य क्षेत्र में एक संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया गया है, जो अभी भी जारी है। हमलावरों को न्याय के कटघरे में लाने पर पूरा ध्यान केंद्रित किया गया है।”केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह एक तत्काल समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करने के लिए श्रीनगर पहुंचे और सुरक्षा बलों ने अपराधियों की तलाशी के लिए बड़े पैमाने पर अभियान शुरू किया। अधिकारियों द्वारा जारी सूची के अनुसार, मारे गए लोगों में नेपाल और यूएई के एक-एक व्यक्ति भी शामिल हैं।केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, दिल्ली में मौजूद उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के साथ बीती रात श्रीनगर पहुंचे और उन्हें उपराज्यपाल, डीजीपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आतंकवादी घटना के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी। इसके बाद गृह मंत्री उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक की अध्यक्षता करने के लिए राजभवन गए। वह श्रीनगर के अस्पताल में घायल पर्यटकों और स्थानीय लोगों से भी मिलेंगे, जहां उनका इलाज चल रहा है, और बुधवार को आतंकी हमले वाली जगह का दौरा करेंगे। -
नई दिल्ली। मुस्लिम वर्ल्ड लीग के महासचिव शेख डॉ. मोहम्मद बिन अब्दुलकरीम अल-इसा ने आज बुधवार को जेद्दा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की और मारे गए निर्दोष लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
सामाजिक सामंजस्य और सद्भाव आगे बढ़ाने में मुस्लिम वर्ल्ड लीग की भूमिका की सराहना कीबताना चाहेंगे इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जुलाई 2023 में नई दिल्ली में मुस्लिम वर्ल्ड लीग के महासचिव शेख डॉ. मोहम्मद बिन अब्दुलकरीम से मुलाकात की थी। मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने सहिष्णु मूल्यों को बढ़ावा देने, संयम की वकालत करने तथा सामाजिक सामंजस्य और सद्भाव को आगे बढ़ाने में मुस्लिम वर्ल्ड लीग की भूमिका की प्रशंसा की।पीएम मोदी ने उग्रवाद, आतंकवाद और हिंसा के खिलाफ मुस्लिम वर्ल्ड लीग के दृढ़ रुख की सराहना कीभारत के सदियों पुराने दर्शन वसुधैव कुटुम्बकम को याद करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत एक बहु-सांस्कृतिक, बहुभाषी, बहु-जातीय और बहु-धार्मिक समाज के रूप में विविधता में एकता का जश्न मनाता है। भारत की अविश्वसनीय विविधता एक मूल्यवान शक्ति है जिसने इसके जीवंत समाज और राजनीति को आकार दिया है। उन्होंने उग्रवाद, आतंकवाद और हिंसा के खिलाफ मुस्लिम वर्ल्ड लीग के दृढ़ रुख की सराहना की।भारत सऊदी अरब के साथ अपने संबंधों को देता है बहुत महत्वप्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत सऊदी अरब के साथ अपने संबंधों को बहुत महत्व देता है, जो आज कई क्षेत्रों में एक स्थायी साझेदारी के रूप में विकसित हो गया है। घनिष्ठ सामाजिक-सांस्कृतिक संबंध इस साझेदारी का एक महत्वपूर्ण पहलू है। - - स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार खादी और ग्रामोद्योग का कारोबार 1 लाख 70 हजार करोड़ रुपये के पार..-केवीआईसी अध्यक्ष श्री मनोज कुमार ने वित्त वर्ष 2024-25 के अनंतिम (Provisional) आंकड़े जारी किये..- पिछले 11 वर्षों में उत्पादन में 347% के उछाल के साथ चार गुना और बिक्री में 447% की बढ़ोतरी के साथ पांच गुना की वृद्धि हुई..-11 वर्षों में कुल रोजगार सृजन के क्षेत्र में 49.23% की ऐतिहासिक बढ़ोतरी, 1.94 करोड़ लोगों को केवीआईसी दे रहा रोजगार..-अध्यक्ष केवीआईसी श्री मनोज कुमार ने कहा, ‘प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और एमएसएमई मंत्रालय के मार्गदर्शन में, केवीआईसी की योजनाएं और उपलब्धियां ‘विकसित भारत’ की सशक्त आधारशिला बन गई हैं।नई दिल्ली। देश में आत्मनिर्भरता की भावना को सशक्त करने वाले खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र ने बीते 11 वर्षों में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के गतिशील नेतृत्व और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्रालय के मार्गदर्शन में न केवल नई ऊँचाइयों को छुआ है, बल्कि करोड़ों ग्रामीणों के जीवन में भी नयी रोशनी का संचार किया है। पूज्य बापू की विरासत खादी अब केवल एक वस्त्र नहीं, बल्कि ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के निर्माण का प्रतीक बन चुकी है। सोमवार को नई दिल्ली के राजघाट स्थित कार्यालय में खादी और ग्रामोद्योग के वित्त वर्ष 2024-25 के अनंतिम आंकड़े (Provisional Data) जारी करते हुए यह बातें अध्यक्ष केवीआईसी श्री मनोज कुमार ने कही। उन्होंने बताया कि केवीआईसी ने वित्तवर्ष 2024-25 में उत्पादन, बिक्री और नये रोजगार सृजन का नया रिकॉर्ड बनाया है। बीते 11 वर्षों में बिक्री में 447 प्रतिशत, उत्पादन में 347 प्रतिशत और रोजगार सृजन में 49.23 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। बता दें कि वित्त वर्ष 2023-24 में वर्ष 2013-14 की तुलना में बिक्री में 399.69% और उत्पादन में 314.79% की वृद्धि दर्ज की गयी थी।अध्यक्ष श्री मनोज कुमार ने कहा कि केवीआईसी के इस शानदार प्रदर्शन ने वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने और भारत को विश्व की तीसरी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में बड़ा योगदान दिया है। उन्होंने इस ऐतिहासिक उपलब्धि का श्रेय पूज्य बापू की प्रेरणा, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी, एमएसएमई मंत्रालय के मार्गदर्शन और देश के सुदूर गांवों में कार्यरत करोड़ों कारीगरों की अथक मेहनत को दिया है। अध्यक्ष केवीआईसी ने बताया कि वित्त वर्ष 2013-14 में खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों का उत्पादन जहां 26109.07 करोड़ रुपये था, वहीं वित्त वर्ष 2024-25 में यह करीब चार गुना बढ़कर 347 प्रतिशत के उछाल के साथ 116599.75 करोड़ रुपये पहुंच गया। जबकि वित्त वर्ष 2013-14 में बिक्री जहां 31154.19 करोड़ रुपये थी, वहीं करीब पांच गुना बढ़कर 447 प्रतिशत की अभूतपूर्व वृद्धि के साथ यह वित्त वर्ष 2024-25 में 170551.37 करोड़ रुपये पहुंच गई, जो कि अब तक की सर्वाधिक बिक्री है।पिछले 11 वर्षों में खादी कपड़ों के उत्पादन में भी अभूतपूर्व वृद्धि देखने को मिली है। वित्त वर्ष 2013-14 में जहां खादी कपड़ों का उत्पादन 811.08 करोड़ रुपये था वहीं 366 प्रतिशत उछाल के साथ यह साढ़े चार गुना बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में यह 3783.36 करोड़ रुपये के आंकड़े तक पहुंच गया, जो कि अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। खादी कपड़ों की बिक्री में भी जबरदस्त उछाल आया है। वित्त वर्ष 2013-14 में जहां इसकी बिक्री सिर्फ 1081.04 करोड़ रुपये थी, वहीं वित्त वर्ष 2024-25 में 561 प्रतिशत वृद्धि के साथ यह करीब साढ़े छह गुना बढ़कर 7145.61 करोड़ रुपये पहुंच गई। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा बड़े मंच से खादी का प्रचार करने का व्यापक असर खादी के कपड़ों की बिक्री पर पड़ा है।खादी और ग्रामोद्योग आयोग का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा से ज्यादा रोजगार के अवसर उपलब्ध करना है। इस क्षेत्र में भी केवीआईसी ने पिछले 11 वर्षों में रिकॉर्ड कायम किया है। वित्त वर्ष 2013-14 में जहां संचयी रोजगार (Cumulative Employment) 1.30 करोड़ था, वहीं यह 2024-25 में 49.23 प्रतिशत वृद्धि के साथ 1.94 करोड़ तक पहुंच गया। खादी और ग्रामोद्योग भवन, नई दिल्ली के कारोबार में भी अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। वित्त वर्ष 2013-14 में यहां का कारोबार जहां 51.02 करोड़ रुपये था, वहीं यह करीब दो गुना बढ़कर 115 प्रतिशत के उछाल के साथ वित्त वर्ष 2024-25 में 110.01 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) योजना जब से शुरू हुई तब से लेकर अभी तक कुल 1018185 इकाइयों की स्थापना की गयी है, जिसके लिए भारत सरकार ने 73348.39 करोड़ रुपये ऋण के एवज में 27166.07 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी का वितरण किया है। पीएमईजीपी के माध्यम से अभी तक 90,04,541 लोगों को रोजगार मिल रहा है।ग्रामोद्योग विकास योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र में अधिक से अधिक लोगों को रोजगार देने के उद्देश्य केवीआईसी ने वित्तवर्ष 2021-22 के 25.65 करोड़ रुपये के बजट में 134 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ इसे दो गुना से अधिक करते हुए वित्त वर्ष 2025-26 में 60 करोड़ रुपये कर दिया है। ग्रामोद्योग विकास योजना के अंतर्गत अभी तक 39244 विद्युत चालित चाक, 227049 मधुमक्खी बॉक्स और मधु कालोनी, 2344 ऑटोमैटिक और पैडल चालित अगरबत्ती निर्माण मशीन, 7735 फुटवियर मैन्युफैक्चरिंग और रिपेयरिंग टूलकिट, 964 पेपर प्लेट और दोना निर्माण मशीन, 3494 एसी, मोबाइल, सिलाई, इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर टूलकिट, 4555 टर्नवुड, वेस्टवुड क्रॉफ्ट, लकड़ी के खिलौने बनाने की मशीन के साथ ही 2367 पामगुड़, तेल घानी और इमली प्रसंस्करण मशीन का वितरण किया गया है। पिछले तीन वित्त वर्ष की बात करें तो वर्ष 2022-23 में कुल 22284, वित्तवर्ष 2023-24 में 29854 और वित्तवर्ष 2024-25 में सबसे अधिक 37218 मशीन और उपकरणों का वितरण किया गया है। ग्रामोद्योग विकास योजना के अंतर्गत केवीआईसी ने अभी तक कुल 287752 मशीन, टूलकिट और उपकरणों का वितरण कर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी केवीआईसी ने अहम योगदान दिया है। पिछले 10 वर्षों में केवीआईसी के 18 विभागीय और 17 गैर-विभागीय प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से 7,43,904 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण दिया गया है, जिसमें 57.45 प्रतिशत यानी 4,27,394 महिलाएं हैं। इसके अलावा 5 लाख खादी कारीगरों में भी 80 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी है। पिछले 11 वर्षों में खादी कारीगरों की पारिश्रमिक में 275 प्रतिशत जबकि पिछले तीन वर्षों में शत-प्रतिशत यानी 100 प्रतिशत तक की वृद्धि की गयी है।
- सागर .मध्यप्रदेश के सागर जिले में मंगलवार को ट्रक, स्कूटर और एक अन्य वाहन की टक्कर में तीन लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। नारायावली के थाना प्रभारी कपिल लक्षकार ने बताया कि यह दुर्घटना नारायावली थाना क्षेत्र के जेराई गांव में सागर-खुरई रोड पर पुल के पास हुई। उन्होंने बताया कि जिन तीन लोगों की इस हादसे में जान गयी है उनमें एक स्कूटर पर जबकि दो अन्य तीसरे वाहन पर सवार थे। लक्षकार ने बताया, ‘‘दुर्घटना में स्कूटर और (तीसरा) वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान अभी नहीं हो पाई है।
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नई दिल्ली। पहलगाम आतंकवादी हमले से उपजे हालात के बीच नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एक एडवाइजरी जारी की है। डीजीसीए ने एयरलाइनों को टिकट की कीमतों में बढ़ोतरी और रद्दीकरण शुल्क माफ करने के संबंध में परामर्श जारी किया है।
उड़ानों की संख्या बढ़ाने के लिए त्वरित कार्रवाई करने को कहामंत्रालय द्वारा जारी एडवाइजरी के अनुसार- पहलगाम में हुई घटना के बाद, अपने घर लौटने के इच्छुक पर्यटकों की ओर से अप्रत्याशित मांग की गई है। इस संबंध में, एयरलाइनों को सलाह दी जाती है कि वे बढ़ती मांग के जवाब में उड़ानों की संख्या बढ़ाने के लिए त्वरित कार्रवाई करें और साथ ही श्रीनगर से भारत भर के विभिन्न गंतव्यों तक बिना किसी व्यवधान के कनेक्टिविटी सुनिश्चित करें, जिससे फंसे हुए पर्यटकों को निकालने में सुविधा हो।टिकट कैंसिलेशन और रीशेड्यूलिंग फीस को लेकर गंभीरता से विचार करने को कहाइसमें आगे निवेदन किया गया है कि टिकट कैंसिलेशन और रीशेड्यूलिंग फीस को लेकर भी गंभीरता से विचार किया जाए। रिलीज में आगे लिखा है- एयरलाइंस से यह भी अनुरोध किया जाता है कि वे रद्दीकरण और पुनर्निर्धारण शुल्क माफ करने पर विचार करें और इस कठिन समय के दौरान अप्रत्याशित परिस्थितियों और चुनौतियों का सामना करने वाले पर्यटकों को सभी आवश्यक सहायता प्रदान करें।मंगलवार को पहलगाम की बैसारन घाटी में टूरिस्ट्स पर हुआ आतंकी हमलावहीं, इंडिगो ने भी इसे लेकर एक एडवाइजरी एक्स पर पोस्ट की है। इसमें लिखा है- श्रीनगर में उभरती स्थिति को देखते हुए, हम श्रीनगर और जम्मू से आने-जाने वाले ग्राहकों की यात्रा योजनाओं में किसी भी व्यवधान के मामले में सहायता करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमने यात्रा के लिए पुनर्निर्धारण या रद्दीकरण के लिए छूट 30 अप्रैल तक बढ़ा दी है, जो 22 अप्रैल को या उससे पहले की गई बुकिंग पर लागू है। इसके अतिरिक्त, हम आज, 23 अप्रैल को श्रीनगर से और श्रीनगर के लिए दो उड़ानें संचालित कर रहे हैं, जिनमें से एक दिल्ली और मुंबई से है। बता दें, मंगलवार को पहलगाम की बैसारन घाटी में टूरिस्ट्स पर हमला हुआ। इस हमले में बड़ी संख्या में पर्यटक मारे गए। देश-दुनिया में इस हमले की निंदा हो रही है। हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा के एक विंग द रजिस्टेंस फ्रंट यानी टीआरएफ ने ली है। - जयपुर. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने मंगलवार को भारत से गैर-शुल्क बाधाओं को हटाने, अपने बाजारों तक अधिक पहुंच देने तथा अधिक अमेरिकी ऊर्जा उत्पाद और सैन्य हार्डवेयर खरीदने का आह्वान किया। उन्होंने समृद्ध और शांतिपूर्ण 21वीं सदी के लिए दोनों देशों के बीच प्रगाढ़ संबंधों की रूपरेखा भी प्रस्तुत की। राजस्थान की राजधानी में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वेंस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की बार-बार प्रशंसा की और उन्हें एक ‘‘विशेष व्यक्ति'' बताया तथा वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए भारत और अमेरिका के एकजुट होकर काम करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "मैं सचमुच मानता हूं कि 21वीं सदी का भविष्य अमेरिका-भारत साझेदारी की मजबूती से निर्धारित होगा।" वेंस ने कहा, "मेरा मानना है कि यदि भारत और अमेरिका सफलतापूर्वक मिलकर काम करेंगे, तो हम 21वीं सदी को समृद्ध और शांतिपूर्ण देखेंगे। लेकिन मेरा यह भी मानना है कि अगर हम सफलतापूर्वक मिलकर काम करने में असफल रहे, तो 21वीं सदी पूरी मानवता के लिए बहुत अंधकारमय समय हो सकती है।" अमेरिकी उपराष्ट्रपति, भारतीय मूल की अपनी पत्नी उषा चिलुकुरी और अपने तीन बच्चों - बेटे इवान, विवेक और बेटी मीराबेल के साथ अमेरिका के शुल्क युद्ध पर बढ़ती वैश्विक चिंताओं के बीच सोमवार को दिल्ली पहुंचे। वेंस और मोदी ने व्यापक मुद्दों पर बातचीत की, जिसके बाद दोनों नेताओं ने पारस्परिक रूप से लाभकारी द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए वार्ता में "महत्वपूर्ण प्रगति" का स्वागत किया। अपने संबोधन में वेंस ने भारत से अमेरिकी उत्पादों के लिए अधिक बाजार पहुंच उपलब्ध कराने तथा उनके देश से ज्यादा हथियार एवं साजो समान और ऊर्जा खरीदने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा, "हम भारत को उसके अपतटीय प्राकृतिक गैस भंडार और महत्वपूर्ण खनिज आपूर्तियों सहित अपने स्वयं के महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधनों की खोज में भी मदद करना चाहते हैं।" अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने कहा, “ हमारे पास क्षमता है और हम मदद करने की इच्छा भी रखते हैं। इसके अलावा, हमें लगता है कि ऊर्जा सह-उत्पादन अन्य विदेशी बाजारों में अनुचित प्रतिस्पर्धियों को मात देने में मदद करेगा।" उन्होंने कहा कि लेकिन हमारा मानना है कि भारत हमारे देशों के बीच ऊर्जा संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जा सकता है और मेरा एक सुझाव यह है कि भारतीय बाज़ार में अमेरिकी पहुंच के लिए कुछ गैर-शुल्क बाधाओं को हटाने पर विचार किया जाना चाहिए। वेंस ने कहा कि वह और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत के साथ मजबूत संबंधों की आशा कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "अमेरिकी लोग भारतीय बाजारों तक अधिक पहुंच चाहते हैं। यह व्यापार करने के लिए एक बेहतरीन जगह है और हम अपने लोगों को इस देश और भारतीयों तक अधिक पहुंच प्रदान करना चाहते हैं।" अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने कहा, "हमारा मानना है कि अमेरिका से अधिक व्यापार यह फलेगा-फूलेगा। यह दोनों पक्षों के लिए फायदे वाली साझेदारी है और भविष्य में भी यह बनी रहेगी।" वेंस ने आगाह किया कि अगर भारत और अमेरिका "तालमेल बनाए रखने में विफल" रहे, तो इसके परिणाम पूरे विश्व के लिए होंगे और यह "काफी भयावह" होगा। उन्होंने कहा, “और यह भी एक ऐसा क्षेत्र है जहां भारत और अमेरिका के पास एक-दूसरे को देने के लिए बहुत कुछ है।" अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने कहा, “एक साथ मिलकर काम करने से बहुत कुछ हासिल किया जा सकता है। यही कारण है कि राष्ट्रपति ट्रंप और मैंने कई कूटनीतिक संगठनों में भारत के नेतृत्व का स्वागत किया है।" उन्होंने कहा, "निश्चित रूप से क्वाड में, हम मानते हैं कि एक मजबूत भारत का मतलब अधिक आर्थिक समृद्धि है, लेकिन साथ ही हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अधिक स्थिरता भी है, जो निश्चित रूप से इस कमरे में बैठे हम सभी लोगों के लिए एक साझा लक्ष्य है।" वेंस ने भारत के असैन्य परमाणु दायित्व कानूनों में संशोधन के लिए मोदी सरकार की बजट घोषणा का भी स्वागत किया। दायित्व कानून अमेरिकी उत्पादकों को छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों का निर्यात करने तथा भारत में बड़े अमेरिकी डिजाइन वाले रिएक्टरों के निर्माण से रोकता है। उन्होंने कहा, "हम बहुत कुछ बना सकते हैं, हम साथ मिलकर बहुत कुछ कर सकते हैं। हमारा मानना है कि अमेरिकी ऊर्जा भारत के परमाणु ऊर्जा उत्पादन लक्ष्यों को पूरा करने में मदद कर सकती है।" अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग को और अधिक मजबूत बनाने की वकालत की और सुझाव दिया कि दिल्ली उनके देश से और अधिक सैन्य हार्डवेयर खरीदे। उन्होंने कहा, "हम निश्चित रूप से और अधिक सहयोग करना चाहते हैं, हम साथ मिलकर काम करना चाहते हैं और हम चाहते हैं कि आपका देश और अधिक हमारे सैन्य उपकरणों को खरीदे।” वेंस ने कहा, "उदाहरण के लिए, अमेरिका के पांचवीं पीढ़ी के एफ-35 (जेट) भारतीय वायु सेना को आपके हवाई क्षेत्र की रक्षा करने और आपके लोगों की रक्षा करने की ऐसी क्षमता प्रदान करेंगे, जैसी पहले कभी नहीं थी।" फरवरी में वाशिंगटन में मोदी-ट्रंप बैठक को याद करते हुए वेंस ने कहा कि इसने घनिष्ठ द्विपक्षीय रक्षा सहयोग की नींव रखी। उन्होंने कहा, “जैवलिन से लेकर स्ट्राइकर लड़ाकू वाहनों तक, हमारे देश अनेक ऐसे हथियारों और उपकरणों का सह-उत्पादन करेंगे जिनकी हमें विदेशी हमलावरों को रोकने के लिए आवश्यकता होगी, इसलिए नहीं कि हम युद्ध चाहते हैं, बल्कि इसलिए कि हम शांति चाहते हैं और हमारा मानना है कि शांति का सर्वोत्तम मार्ग आपसी शक्ति से होकर गुजरता है।“ उन्होंने कहा, "भारत इस साल क्वाड नेताओं के शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। एक स्वतंत्र, खुले, शांतिपूर्ण और समृद्ध हिंद प्रशांत में हमारे हित पूरी तरह से जुड़े हैं। हम दोनों जानते हैं कि इस क्षेत्र को किसी भी शत्रुतापूर्ण शक्तियों से सुरक्षित रहना चाहिए जो हावी होना चाहती हैं।" वेंस और उनका परिवार कल रात जयपुर पहुंचा था। उनका बुधवार को आगरा जाने का कार्यक्रम है।
- श्रीनगर। सुरक्षा एजेंसियों ने दक्षिण कश्मीर के पहलगाम के पास हुए आतंकी हमले में शामिल होने के संदेह में बुधवार को तीन लोगों के रेखाचित्र (स्केच) जारी किए। इस हमले में 26 लोग मारे गए, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे।अधिकारियों ने बताया कि संदिग्धों के नाम आसिफ फौजी, सुलेमान शाह और अबू तल्हा हैं। उन्होंने बताया कि तीनों आतंकवादियों के कोड नाम भी थे - मूसा, यूनुस और आसिफ और ये तीनों पुंछ में आतंकी घटनाओं में शामिल थे।उन्होंने बताया कि हमले में जीवित बचे लोगों की मदद से रेखाचित्र तैयार किए गए थे।पेंसिल से बनाए गए रेखाचित्रों से ऐसा प्रतीत होता है कि हमलावर युवा हैं और उन्होंने दाढ़ी रखी है।पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से संबद्ध संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने मंगलवार दोपहर को अंजाम दिए गए आतंकवादी हमले की जिम्मेदारी ली है।
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नई दिल्ली ।जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकी हमले ने देश को झकझोर कर रख दिया है। इस हमले में कई बेगुनाह लोगों ने अपनी जान गंवाई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इस दुखद घटना के बाद जम्मू-कश्मीर सरकार ने पीड़ितों और उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए मुआवजे की घोषणा की है।
निर्दोष नागरिकों के खिलाफ बर्बर और क्रूरतापूर्ण कृत्य का हमारे समाज में कोई स्थान नहींसरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए 10 लाख रुपये और घायलों के लिए 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया है। वहीं, मामूली रूप से घायलों के लिए 1 लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की गई। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस संबंध में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी। एक्स पोस्ट में लिखा गया, “पहलगाम में कल हुए घृणित आतंकवादी हमले से मैं बहुत स्तब्ध और व्यथित हूं। निर्दोष नागरिकों के खिलाफ इस बर्बर और मूर्खतापूर्ण क्रूरतापूर्ण कृत्य का हमारे समाज में कोई स्थान नहीं है। हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं। हम मृतकों के प्रति शोक व्यक्त करते हैं।”पीड़ितों को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए सभी व्यवस्थाएं की गई हैंपोस्ट में कहा गया कि कोई भी धनराशि प्रियजनों के नुकसान की भरपाई नहीं कर सकती, लेकिन समर्थन और एकजुटता के प्रतीक के रूप में, जम्मू-कश्मीर सरकार मृतकों के परिवारों के लिए 10-10 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों के लिए 2 लाख रुपये और मामूली रूप से घायलों के लिए 1 लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा करती है। पीड़ितों को उनके घरों तक वापस ले जाने के लिए सभी व्यवस्थाएं की गई हैं। घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सेवा प्रदान की जा रही है।”आतंकवाद हमारे संकल्प को कभी नहीं तोड़ पाएगापोस्ट में आगे लिखा गया, “हम शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं। हम आपके दुख में शामिल हैं और इस कठिन समय में आपके साथ खड़े हैं। लेकिन आतंक हमारे संकल्प को कभी नहीं तोड़ पाएगा और हम तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक कि इस बर्बरता के पीछे के लोगों को न्याय के कटघरे में नहीं लाया जाता। - श्रीनगर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में मारे गए 26 लोगों के शवों पर बुधवार को पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और हमले में बचे लोगों को आश्वासन दिया कि इस नृशंस कृत्य के दोषियों को न्याय के कठघरे में लाया जाएगा।शाह ने यहां पुलिस नियंत्रण कक्ष में आतंकवादी हमले में मारे गए लोगों के ताबूतों पर पुष्पचक्र अर्पित की।अधिकारियों ने बताया कि उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी मृतकों को श्रद्धांजलि दी।गृह मंत्री ने मारे गए लोगों के परिवारों और हमले में जीवित बचे अन्य लोगों से बाद में बात की।अधिकारियों ने बताया कि शाह ने उन्हें आश्वासन दिया कि सुरक्षा बल इस घातक हमले के दोषियों को सजा दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।शाह हमले के कुछ ही घंटों के भीतर मंगलवार रात को यहां पहुंचे और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नलिन प्रभात ने उन्हें स्थिति के बारे में जानकारी दी।गृह मंत्री ने एक सुरक्षा समीक्षा बैठक की भी अध्यक्षता की, जिसमें उपराज्यपाल भी शामिल हुए।इससे पहले, कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकवादी हमले में मारे गए लोगों के शव बुधवार को श्रीनगर लाए गए।एक अधिकारी ने इससे पूर्व कहा था, ‘‘हमें 26 शव मिले हैं जिन्हें (बुधवार को) तड़के सरकारी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) श्रीनगर लाया गया। शवों को पुलिस नियंत्रण कक्ष (पीसीआर) ले जाया जाएगा।’’कश्मीर के पहलगाम शहर के निकट ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ के नाम से मशहूर पर्यटन स्थल बैसरन में मंगलवार को हुए आतंकवादी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई। यह पिछले कई वर्षों में कश्मीर में आम नागरिकों को निशाना बनाकर किए गए सबसे भयावह आतंकवादी हमलों में से एक था।
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जम्मू, दक्षिण कश्मीर के पहलगाम पर्यटन स्थल पर पर्यटकों को निशाना बनाकर किये गये घातक आतंकवादी हमले की निंदा करने के लिए विभिन्न संगठनों ने बुधवार को विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है और इसके परिणामस्वरूप जम्मू में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। आतंकवादियों ने मंगलवार दोपहर कश्मीर के पहलगाम शहर के एक प्रसिद्ध मैदान में गोलीबारी की, जिसमें कम से कम 26 लोगों की मौत हो गयी। आतंकी हमले में मारे गये लोगों में ज्यादातर पर्यटक थे। यह हमला 2019 के पुलवामा हमले के बाद घाटी में सबसे घातक हमला बताया जा रहा है।
एक उच्च पदस्थ अधिकारी ने विस्तृत जानकारी साझा किये बिना बताया कि मृतकों में दो विदेशी और दो स्थानीय लोग शामिल हैं। कांग्रेस की जम्मू-कश्मीर इकाई और कई दक्षिणपंथी समूहों ने बुधवार को जम्मू शहर और अन्य जगहों पर विशाल विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है। अधिकारियों ने बताया कि हालात के मद्देनजर रणनीति बनाने के लिए जम्मू संभागीय आयुक्त रमेश कुमार और जम्मू के पुलिस महानिरीक्षक भीम सेन टूटी की संयुक्त अध्यक्षता में यहां पुलिस नियंत्रण कक्ष में एक उच्च-स्तरीय सुरक्षा बैठक जारी है। उन्होंने बताया कि शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियात के तौर पर संवेदनशील इलाकों में पहले से ही अतिरिक्त पुलिस व अर्धसैनिक बलों को तैनात किये गये हैं। कांग्रेस ने जम्मू शहरी व ग्रामीण ब्लॉक और अन्य शाखाओं के अपने सभी नेताओं व कार्यकर्ताओं से बुधवार सुबह यहां पार्टी मुख्यालय में आतंकवादी हमले के विरोध में इकट्ठा होने को कहा है। शिवसेना-उद्धव बालासाहेब ठाकरे (उबाठा), डोगरा फ्रंट और राष्ट्रीय बजरंग दल के अलावा ‘चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री', वकीलों और विभिन्न बाजार संघों ने भी बुधवार को शहर में विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। ‘मिशन स्टेटहुड' के अध्यक्ष सुनील डिंपल ने जम्मू शहर में पाकिस्तान-विरोधी प्रदर्शन किया, जबकि डोडा, कठुआ और पुंछ सहित विभिन्न जिला मुख्यालयों से भी आंदोलन की खबरें आईं। -
श्रीनगर/ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पहलगाम में हुए घातक आतंकी हमले के बाद कश्मीर में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करने के लिए श्रीनगर पहुंचे हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। इस हमले में 26 लोगों की मौत हो गयी। शाह, पर्यटकों पर हुए हमले के कुछ घंटे बाद श्रीनगर पहुंचे और हवाई अड्डे से सीधे राजभवन पहुंचे। जम्मू-कश्मीर पुलिस के महानिदेशक नलिन प्रभात ने गृह मंत्री के आगमन पर उन्हें घटना की जानकारी दी।
इस दौरान उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन और खुफिया ब्यूरो के निदेशक तपन डेका मौजूद थे। अधिकारियों ने बताया कि शाह सुरक्षा अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे। उन्होंने बताया कि गृह मंत्री बुधवार को पहलगाम का दौरा कर सकते हैं।
आतंकवादियों ने मंगलवार दोपहर को कश्मीर के पहलगाम शहर के एक प्रसिद्ध मैदान में गोलीबारी की, जिसमें 26 लोगों की मौत हो गयी। आतंकी हमले में मारे गये लोगों में ज्यादातर पर्यटक थे।
यह हमला 2019 के पुलवामा हमले के बाद घाटी में सबसे घातक हमला बताया जा रहा है। एक उच्च पदस्थ अधिकारी ने विस्तृत जानकारी दिए बिना बताया कि मृतकों में दो विदेशी और दो स्थानीय लोग शामिल हैं। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस आतंकी हमले को ‘हाल के वर्षों में आम लोगों पर हुए किसी भी हमले से कहीं बड़ा' हमला बताया। पहलगाम शहर से लगभग छह किलोमीटर दूर बैसरन में घने देवदार के जंगलों और पहाड़ों से घिरा एक विशाल घास का मैदान है तथा पर्यटकों और ‘ट्रेकर्स' का पसंदीदा स्थान है। अधिकारियों ने बताया कि हथियारबंद आतंकवादी 'मिनी स्विट्जरलैंड' कहे जाने वाले घास के मैदान में घुस आए और भोजनालयों के आसपास घूम रहे, टट्टू की सवारी कर रहे, पिकनिक मना रहे तथा नजारों का आनंद ले रहे पर्यटकों पर गोलीबारी शुरू कर दी। पाकिस्तान में स्थित प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के छद्म संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट' (टीआरएफ) ने हमले की जिम्मेदारी ली है। अधिकारियों ने कहा कि यह संभव है कि आतंकवादी समूह जम्मू के किश्तवाड़ से दक्षिण कश्मीर के कोकेरनाग के रास्ते बैसरन तक पहुंचा हो। -
पहलगाम (जम्मू-कश्मीर), कश्मीर के पहलगाम शहर के निकट एक प्रसिद्ध घास के मैदान में मंगलवार दोपहर हुए आतंकवादी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई, जिनमें ज्यादातर पर्यटक हैं। यह 2019 में पुलवामा में हुए हमले के बाद घाटी में हुआ सबसे घातक हमला है। एक उच्च पदस्थ अधिकारी ने विस्तृत जानकारी दिए बिना बताया कि 26 मृतकों में दो विदेशी और दो स्थानीय नागरिक हैं। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस आतंकी हमले को "हाल के वर्षों में आम लोगों पर हुए किसी भी हमले से कहीं बड़ा" हमला बताया। अधिकारियों ने बताया कि यह हमला ऐसे समय हुआ है जब अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे डी वेंस भारत की यात्रा पर हैं और पर्यटन तथा ट्रैकिंग का सीजन जोर पकड़ रहा है। हमला अपराह्न करीब तीन बजे हुआ। पहलगाम शहर से लगभग छह किलोमीटर दूर बैसरन घने देवदार के जंगलों और पहाड़ों से घिरा एक विशाल घास का मैदान है तथा देश और दुनिया के पर्यटकों के बीच पसंदीदा स्थान है। अधिकारियों और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हथियारबंद आतंकवादी 'मिनी स्विट्जरलैंड' कहे जाने वाले घास के मैदान में घुस आए और भोजनालयों के आसपास घूम रहे, खच्चर की सवारी कर रहे, पिकनिक मना रहे पर्यटकों पर गोलीबारी शुरू कर दी। कश्मीर घाटी में हुए इस हमले में कम से कम 20 लोग घायल हो गए। पाकिस्तान में स्थित प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के छद्म संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट' (टीआरएफ) ने हमले की जिम्मेदारी ली है। अधिकारियों ने कहा कि यह संभव है कि आतंकवादी समूह जम्मू के किश्तवाड़ से दक्षिण कश्मीर के कोकेरनाग के रास्ते बैसरन तक पहुंचा हो। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सऊदी अरब की यात्रा पर गए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को स्थिति की जानकारी दी और बताया कि वह सभी एजेंसियों के साथ तत्काल सुरक्षा समीक्षा बैठक के लिए शाम को श्रीनगर पहुंचे हैं। अधिकारियों ने बताया कि शाह के बुधवार को पहलगाम जाने की संभावना है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आतंकी हमले की निंदा की और कहा कि आतंकियों को बख्शा नहीं जाएगा। मोदी ने 'एक्स' पर कहा, “मैं जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करता हूं। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, उनके प्रति मेरी संवेदना व्यक्त करता हूं। मैं घायल लोगों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं। प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है।” उन्होंने कहा, “इस जघन्य कृत्य के पीछे जो लोग हैं, उन्हें न्याय के कटघरे में लाया जाएगा...उन्हें बख्शा नहीं जाएगा! उनका नापाक एजेंडा कभी सफल नहीं होगा। आतंकवाद से लड़ने का हमारा संकल्प अडिग है और यह और भी मजबूत होगा।” प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हमले के बाद मदद के लिए चीख-पुकार मच गई, जबकि शव खून से लथपथ पड़े थे।
कुछ लोगों का कहना है कि हमलावरों की संख्या पांच थी। हमले के समय घटनास्थल पर मौजूद एक महिला ने ‘ एक न्यूज़ एजेंसी' को फोन पर बताया, “मेरे पति के सिर में गोली लगी, जबकि सात अन्य लोग भी हमले में घायल हुए हैं।” महिला ने अपनी पहचान नहीं बताई, लेकिन घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की गुहार लगाई।
एक अन्य महिला पर्यटक ने बताया कि जैसे ही गोलियां चलीं, वहां अफरातफरी मच गई और पर्यटक छिपने के लिए भागे, लेकिन खुले स्थान पर छिपने के लिए कोई जगह नहीं थी। एक महिला ने बताया कि आतंकवादियों ने गोली मारने से पहले पीड़ितों का नाम पूछा।
बैसरन में एकत्र हुए पर्यटक कर्नाटक, महाराष्ट्र और गुजरात समेत कई राज्यों से थे। मारे गए लोगों में कर्नाटक के व्यापारी मंजूनाथ राव भी शामिल हैं, जो शिवमोगा के रहने वाले थे। मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने उनकी मौत पर शोक जताया और अधिकारियों की बैठक बुलाई। आधिकारिक बयान में कहा गया है कि कर्नाटक से अधिकारियों की एक टीम कश्मीर के लिए रवाना हो गई है। बैसरन तक केवल पैदल या घोड़ों से ही पहुंचा जा सकता है, इसलिए घायलों को निकालने के लिए हेलीकॉप्टरों की मदद ली गई। मारे गए और घायलों के परिवारों को कड़ी सुरक्षा के बीच सरकारी स्वामित्व वाले पहलगाम क्लब ले जाया गया। सम्पूर्ण जिला प्रशासन और पुलिस बल को तैनात किया गया तथा एम्बुलेंस सेवाएं ली गईं।
कुछ घायलों को स्थानीय लोग अपने खच्चरों पर लादकर घास के मैदान से नीचे लाए। अधिकारियों ने बताया कि गोलीबारी की आवाजें आने की शुरुआती खबर मिलने के बाद सेना, सीआरपीएफ और स्थानीय पुलिस बैसरन पहुंची। बैसरन 1980 के दशक में फिल्म निर्माताओं का बेहद पसंदीदा स्थान था। उन्होंने बताया कि हमलावरों की तलाश के लिए व्यापक आतंकवाद विरोधी अभियान शुरू कर दिया गया है तथा सुरक्षा बल सभी दिशाओं में तैनात हैं। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने अनंतनाग और श्रीनगर में 24 घंटे संचालित आपातकालीन नियंत्रण कक्ष स्थापित किए हैं। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने घटना की निंदा की।
अब्दुल्ला ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "मृतकों की संख्या का पता लगाया जा रहा है, इसलिए मैं विस्तृत विवरण नहीं दे पाउंगा। स्थिति स्पष्ट होने पर आधिकारिक रूप से सूचित किया जाएगा। यह हाल के वर्षों में आम लोगों पर हुए किसी भी हमले से कहीं बड़ा हमला है।" उन्होंने कहा, "मैं स्तब्ध हूं। हमारे आगंतुकों पर यह हमला घृणित है। इस हमले को अंजाम देने वाले अपराधी जानवर हैं, अमानवीय हैं और नफरत के लायक हैं। इसकी निंदा के लिए कोई भी शब्द पर्याप्त नहीं है। मैं मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं।" जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के कार्यालय ने कहा कि आतंकवादियों को खत्म करने के लिए आतंकवाद रोधी अभियान शुरू कर दिया गया है। उन्होंने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, “"पूरा देश आक्रोशित है और हमारे जवानों का खून खौल रहा है। मैं देश को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि पहलगाम हमले के दोषियों को उनके जघन्य कृत्य की बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी। शोक संतप्त परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त करता हूं।" पहलगाम से नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक अल्ताफ अहमद वानी ने इस हमले को "कायरतापूर्ण" बताया और कहा कि निर्दोष लोगों को निशाना बनाना इस्लाम की शिक्षाओं के खिलाफ है। उन्होंने कहा, “इस कायरतापूर्ण कृत्य के दोषियों से सख्ती से निपटा जाएगा।”
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “यह हमला बहुत दर्दनाक और दुर्भाग्यपूर्ण है। यह अप्रत्याशित स्थान पर हुआ जो पहलगाम (बस स्टैंड) से लगभग पांच किलोमीटर दूर है। इसका इस्तेमाल ट्रैकिंग के लिए किया जाता है और लोग वहां खच्चरों पर सवार होकर जाते हैं।” हमला ऐसे समय में हुआ है जब वर्षों तक आतंकवाद से जूझने के बाद कश्मीर में पर्यटकों की संख्या में भारी वृद्धि देखी गई है। उल्लेखनीय है कि 14 फरवरी, 2019 को दक्षिण कश्मीर के पुलवामा इलाके में हुए आत्मघाती हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 40 जवान शहीद हो गए थे। उसके बाद से कई और आतंकी हमले हुए हैं, लेकिन कोई भी इतना गंभीर नहीं था। साल 2000 में पहलगाम में अमरनाथ आधार शिविर पर हुए हमले में 30 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। एक वर्ष बाद शेषनाग में अमरनाथ तीर्थयात्रियों पर हमले में 13 लोगों की मौत हुई, जबकि पहलगाम क्षेत्र में 2002 में एक अन्य हमले में 11 लोग मारे गये। पिछले साल मई में पहलगाम के यन्नार में आतंकवादियों द्वारा की गई गोलीबारी में राजस्थानी पर्यटक पति-पत्नी घायल हो गए थे। मार्च 2000 में जब तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन भारत के दौरे पर थे, तब आतंकवादियों ने दक्षिण कश्मीर के छत्तीसिंहपुरा में 35 सिखों की हत्या कर दी थी। -
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद देश में गुस्सा और दुख का माहौल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और कहा है कि आतंकवादियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। पीएम मोदी इस समय सऊदी अरब के दौरे पर हैं, उन्होंने वहां इस घटना पर दुख जताया।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “मैं पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा करता हूं। जिन लोगों ने अपनों को खोया है, उनके साथ मेरी पूरी संवेदना है। घायलों के जल्दी ठीक होने की प्रार्थना करता हूं। सभी प्रभावितों को हर तरह की मदद दी जा रही है।” उन्होंने आगे कहा, “इस जघन्य अपराध में जो भी शामिल है, उसे सजा जरूर मिलेगी। आतंकियों का नापाक इरादा कभी सफल नहीं होगा। आतंकवाद से लड़ने का हमारा संकल्प और भी मजबूत हो गया है।”प्रधानमंत्री ने इस हमले के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से फोन पर बात की और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री को घटना की जांच और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए खुद घटनास्थल पर जाना चाहिए। गृह मंत्री अमित शाह ने भी एक्स पर लिखा, “पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले से बेहद दुखी हूं। मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। इस हमले में शामिल किसी भी व्यक्ति को नहीं छोड़ा जाएगा। दोषियों को कड़ी सजा दी जाएगी।” उन्होंने बताया कि वे जल्दी ही श्रीनगर जाएंगे और वहां सभी सुरक्षा एजेंसियों के साथ मीटिंग करेंगे। वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने लिखा, “निर्दोष नागरिकों पर हमला कायराना हरकत है।” बता दें कि जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के पहलगाम में आज मंगलवार को आतंकियों ने पर्यटकों को अपना निशाना बनाया। इस आतंकी हमले में कई लोग घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। -
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आज मंगलवार को हुए आतंकी हमले के बाद पूरे इलाके में सेना और सुरक्षाबलों ने बड़ा सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। सेना ने श्रीनगर में एक आपातकालीन कंट्रोल रूम (नियंत्रण कक्ष) स्थापित किया है, जिससे पीड़ितों और उनके परिजनों की मदद की जा सके।
सेना के अधिकारियों ने बताया कि कंट्रोल रूम से संपर्क करने के लिए दो हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं: 0194-2457543 और 0194-2483651। इसके अलावा श्रीनगर के एडीसी आदिल फरीद से 7006058623 पर सीधे संपर्क किया जा सकता है।इस हमले के बाद भारतीय सेना के उत्तरी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल एम.वी. सुचिन्द्र कुमार दिल्ली से तुरंत श्रीनगर रवाना हो गए हैं। वे दिल्ली में एक कॉन्फ्रेंस में शामिल होने आए थे, लेकिन हमला होते ही वापस लौट गए ताकि हालात का जायजा ले सकें और ऑपरेशन की निगरानी कर सकें।रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस हमले को लेकर भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी से बात की और पहलगाम में स्थिति की जानकारी ली। इसके साथ ही, सेना, सीआरपीएफ, जम्मू-कश्मीर पुलिस और क्विक रिएक्शन टीमों ने पहलगाम के संवेदनशील इलाकों को घेर लिया है। हेलिकॉप्टर से भी लगातार निगरानी की जा रही है ताकि आतंकी कहीं छिप न पाएं।हमले के तुरंत बाद सुरक्षाबलों ने घटनास्थल पर पहुंचकर सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया। यह ऑपरेशन सेना, सीआरपीएफ, स्थानीय पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के सहयोग से चलाया जा रहा है।इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी श्रीनगर पहुंच चुके हैं। उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों, सेना, खुफिया एजेंसियों और जम्मू-कश्मीर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में आतंकियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और शांति व्यवस्था बनाए रखने को लेकर रणनीति पर चर्चा हुई।गौरतलब है कि मंगलवार को हुए इस आतंकी हमले में पर्यटकों को निशाना बनाया गया, जिससे देशभर में गुस्सा और दुख का माहौल है। सरकार ने साफ किया है कि आतंकियों को बख्शा नहीं जाएगा और जम्मू-कश्मीर में शांति भंग करने की किसी भी साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा। - लखनऊ,। ब्रिटिश लेबर पार्टी के वरिष्ठ नेता और 2019 से ब्रिटेन के ‘स्टॉकपोर्ट' से लगातार दूसरी बार के सांसद भारतीय मूल के नवेन्दु मिश्रा (36) यहां मध्यप्रदेश की भोपाल निवासी गरिमा तिवारी के साथ परिणय सूत्र में बंध गये। यहां सनातन परंपरा के अनुरूप विवाह की सभी रस्में निभायी गयीं और अपनी जड़ों से नवेन्दु मिश्रा का गहरा जुड़ाव दिखा। हल्दी-मेहंदी से लेकर हर रस्म को उन्होंने शिद्दत से निभाया और सबसे खास बात यह कि हर मौके पर वह अपने बड़े-बुजुर्गों और मेहमानों का पैर छूकर आशीर्वाद लेते देखे गये।ब्रिटेन की स्टॉकपोर्ट सीट से दूसरी बार सांसद चुने गए नवेन्दु मिश्रा का जन्म 1989 में कानपुर में हुआ था और गोरखपुर उनका ननिहाल है। नवेन्दु मिश्रा महज चार साल की उम्र में अपने माता-पिता के साथ ब्रिटेन चले गए थे और वहां पूरी तरह रचने-बसने के बाद भी वह अपनी मिट्टी से अलग नहीं हुए। जब भी मौका मिला, वह भारत आकर अपने परिजनों-रिश्तेदारों से मिलते रहे और शादी भी यहीं की। नवेन्दु मिश्रा के शादी समारोह में उनके पिता प्रभात मिश्रा और मां मीनू पांडेय मिश्रा के अलावा उनके मामा नीलेन्द्र पांडेय ने अहम भूमिका निभायी। वधू पक्ष से गरिमा के पिता हरेन्द्र तिवारी और माता विद्या तिवारी भी समारोह में सक्रिय रहीं। नवेन्दु मिश्रा ने कहा,‘‘हमें अपनी परंपरा पर गर्व है और उसी अनुरूप जीवन की यह पारी शुरू कर रहा हूं।'' उन्होंने कहा ,‘‘मेरे माता-पिता ने हमेशा मिट्टी से जुड़े होने का संस्कार दिया और यह जीवन भर मेरे साथ रहेगा।'' नवेन्दु के मामा नीलेन्द्र पांडेय ने बताया कि लखनऊ में शहीद पथ पर 20 अप्रैल को अंसल गोल्फ सिटी स्थित एक होटल से नवेन्दु-गरिमा का विवाह समारोह संपन्न हुआ। नीलेन्द्र पांडेय के मुताबिक दुल्हन गरिमा के पिता हरेन्द्र तिवारी मूल रूप से देवरिया जिले के निवासी हैं लेकिन बागवानी विभाग में मध्यप्रदेश के भोपाल में कार्यरत थे और सेवानिवृत्त होने के बाद वहीं बस गये। नवेन्दु की शादी उनके माता-पिता ने तय की। नीलेन्द्र पांडेय के अनुसार गरिमा ने ग्लासगो विश्वविद्यालय स्कॉटलैंड से आपदा प्रबंधन में मास्टर की डिग्री हासिल की है। नवेन्दु मिश्रा ने अपने माता पिता की इच्छा और पसंद के अनुरूप विवाह किया। नीलेन्द्र पांडेय का कहना है कि नवेंदु मिश्रा महज चार साल की उम्र में अपने माता-पिता के साथ ब्रिटेन चले गए थे। नवेंदु लंदन से पढ़ाई पूरी करने के बाद लेबर पार्टी से राजनीति में आए और दिसंबर 2019 के चुनाव में स्टॉकपोर्ट सीट से पहली बार सांसद चुने गए। जुलाई 2024 में नवेन्दु मिश्रा दोबारा उसी सीट से सांसद निर्वाचित हुए। नीलेन्द्र पांडेय ने बताया कि नवेंदु स्टॉकपोर्ट में ट्रेड यूनियन के जरिए राजनीति में आए।
- मथुरा (उप्र), । मशहूर सिने अभिनेत्री और मथुरा से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद हेमा मालिनी ने मंगलवार को पृथ्वी दिवस के अवसर पर ब्रजवासियों से यमुना नदी को स्वच्छ रखने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष पृथ्वी दिवस का ध्येयवाक्य ‘हमारी शक्ति, हमारा ग्रह' प्रधानमंत्री मोदी की प्रमुख सब्सिडी योजना, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अनुरूप है। हेमा मालिनी ने कहा, ‘‘यह योजना न केवल लोगों को पैसे बचाने का अवसर देती है, बल्कि बढ़ती बिजली की मांग को पूरा करने के लिए हमारे प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव भी कम करती है।'' पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना (पीएमएसजीएमबीवाई) दुनिया की सबसे बड़ी घरेलू ‘रूफटॉप' सौर पहल है जिसके तहत 10 मार्च, 2025 तक 10 लाख घरों को सौर ऊर्जा से संचालित करने की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई है। सांसद ने कहा कि 13 फरवरी, 2024 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू की गई यह परिवर्तनकारी योजना भारत के ऊर्जा परिदृश्य को तेजी से नया आकार दे रही है।इस बीच, मथुरा के जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह द्वारा शुरू की गयी एक अन्य अनूठी योजना बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रही है और अब तक 850 से अधिक पेड़ लगाए जा चुके हैं। जिलाधिकारी की इस योजना के तहत हर शस्त्र लाइसेंस नवीनीकरण और नए शस्त्र लाइसेंस आवेदक को 10 पेड़ लगाना अनिवार्य है। पृथ्वी दिवस पर योजना के प्रदर्शन की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा,‘‘इस पहल के पीछे का विचार लोगों को हमारे पौधे को बचाने में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करना था। हम अपने ग्रह की जितनी अधिक देखभाल करेंगे, वह उतना ही हमारा ख्याल रखेगा।'' मथुरा के सामाजिक वानिकी प्रभाग ने मंगलवार को पृथ्वी दिवस की थीम पर दो स्कूलों में वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित की। प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) रजनी कांत मित्तल ने कहा, ‘‘बच्चों को कम उम्र से ही जागरूक करना बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे हमारा भविष्य हैं और इस संबंध में उनकी भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है।
- नयी दिल्ली। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा मंगलवार को घोषित सिविल सेवा परीक्षा 2024 के परिणाम में शक्ति दुबे ने शीर्ष स्थान हासिल किया है। वहीं, हर्षिता गोयल और डोंगरे अर्चित पराग को द्वितीय एवं तृतीय रैंक मिली है। शीर्ष रैंक प्राप्त करने वाली दुबे ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बायोकेमिस्ट्री में स्नातक (विज्ञान स्नातक) किया है। आयोग द्वारा जारी एक बयान में कहा गया कि दुबे ने राजनीति विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय संबंध को वैकल्पिक विषय के रूप में लेकर परीक्षा उत्तीर्ण की। एम.एस. विश्ववद्यालय बड़ौदा से बी.कॉम. स्नातक हर्षिता गोयल ने राजनीति विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय संबंध को वैकल्पिक विषय के रूप में लिया और परीक्षा उत्तीर्ण की। यूपीएससी द्वारा घोषित सिविल सेवा परीक्षा परिणाम के अनुसार, डोंगरे अर्चित पराग ने वीआईटी, वेल्लोर से इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बी.टेक की डिग्री प्राप्त की है। उन्होंने वैकल्पिक विषय के रूप में दर्शनशास्त्र लिया था। शाह मार्गी चिराग ने समाजशास्त्र को वैकल्पिक विषय के रूप में लेकर चौथा स्थान हासिल किया। उन्होंने गुजरात टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी, अहमदाबाद से कंप्यूटर इंजीनियरिंग में ‘बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग' की डिग्री प्राप्त की है। कंप्यूटर विज्ञान में बी.टेक की डिग्री रखने वाले आकाश गर्ग ने वैकल्पिक विषय के रूप में समाजशास्त्र के साथ पांचवां स्थान प्राप्त किया। उन्होंने गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, दिल्ली से इंजीनियरिंग की है। शीर्ष पांच में सफल अभ्यर्थियों में तीन महिलाएं और दो पुरुष शामिल हैं।यूपीएससी द्वारा भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारियों का चयन करने के लिए प्रतिवर्ष तीन चरणों - प्रारंभिक, मुख्य और साक्षात्कार - में सिविल सेवा परीक्षा आयोजित की जाती है। सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा, 2024, पिछले साल 16 जून को आयोजित की गई थी। इस परीक्षा के लिए कुल 9,92,599 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, जिनमें से 5,83,213 अभ्यर्थी परीक्षा में उपस्थित हुए। कुल 14,627 उम्मीदवारों ने लिखित (मुख्य) परीक्षा में बैठने के लिए अर्हता प्राप्त की, जो सितंबर 2024 में आयोजित की गई थी। इनमें से 2,845 उम्मीदवार व्यक्तित्व परीक्षण या साक्षात्कार के लिए उत्तीर्ण हुए, जो इस साल सात जनवरी से 17 अप्रैल के बीच हुआ। इनमें से 1,009 अभ्यर्थियों (725 पुरुष और 284 महिलाएं) को विभिन्न सेवाओं में नियुक्ति के लिए आयोग द्वारा अनुशंसित किया गया है। आयोग द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, कुल सफल उम्मीदवारों में से 335 सामान्य वर्ग से, 109 आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से, 318 अन्य पिछड़ा वर्ग से, 160 अनुसूचित जाति से और 87 अनुसूचित जनजाति से हैं। इसमें कहा गया कि सरकार ने 1,129 रिक्तियों की सूचना दी है, जिनमें आईएएस में 180, आईएफएस में 55, आईपीएस में 147, विभिन्न केंद्रीय ग्रुप ए सेवाओं में 605 पद और ग्रुप बी सेवाओं में 142 पद सिविल सेवा परीक्षा 2024 के माध्यम से भरे जाने हैं। शीर्ष 25 अभ्यर्थियों में 11 महिलाएं और 14 पुरुष शामिल हैं। यूपीएससी ने कहा कि ये अभ्यर्थी देश के प्रमुख संस्थानों जैसे भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), वीआईटी, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू), दिल्ली विश्वविद्यालय और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग, मानविकी, विज्ञान, वाणिज्य, चिकित्सा विज्ञान और वास्तुकला में स्नातक है। इन शीर्ष 25 सफल अभ्यर्थियों ने लिखित (मुख्य) परीक्षा में वैकल्पिक विषयों की एक विस्तृत श्रृंखला का चयन किया, जिनमें नृविज्ञान, वाणिज्य और लेखाशास्त्र, भूगोल, गणित, दर्शनशास्त्र, भौतिक विज्ञान, राजनीति शास्त्र और अंतरराष्ट्रीय संबंध, लोक प्रशासन, समाजशास्त्र तथा तमिल भाषा का साहित्य शामिल हैं। अनुशंसित अभ्यर्थियों में दिव्यांगता मापदंड वाले 45 व्यक्ति भी शामिल हैं, जिनमें 12 अस्थि दिव्यांग, आठ दृष्टि बाधित, 16 श्रवण बाधित और नौ बहु दिव्यांगगता वाले अभ्यर्थी हैं। यूपीएससी ने कहा कि 241 अनुशंसित अभ्यर्थियों की उम्मीदवारी अनंतिम रखी गई है, साथ ही एक अभ्यर्थी का परिणाम रोक दिया गया है। आयोग ने बताया कि अन्य 230 सफल उम्मीदवारों को आरक्षित सूची में रखा गया है।इसने कहा कि यूपीएससी के दिल्ली स्थित परिसर में परीक्षा हॉल के पास एक ‘सुविधा काउंटर' है। इसने कहा कि अभ्यर्थी अपनी परीक्षा या भर्ती से संबंधित जानकारी या स्पष्टीकरण सभी कार्य दिवसों में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे के बीच व्यक्तिगत रूप से या फोन पर प्राप्त कर सकते हैं। बयान में कहा गया है कि परिणाम यूपीएससी की वेबसाइट पर भी उपलब्ध होगा और परिणाम घोषित होने की तारीख से 15 दिन के भीतर अंक वेबसाइट पर उपलब्ध होंगे।
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नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने योग गुरु बाबा रामदेव को हमदर्द की मशहूर ड्रिंक रूह अफजा (Rooh Afza) को लेकर दिए गए विवादित बयान पर कड़ी फटकार लगाई है। रिपोर्ट के मुताबिक, कोर्ट ने उनके बयान को “असमर्थनीय” बताते हुए कहा, “यह कोर्ट के विवेक को झकझोरता है।” यह विवाद 3 अप्रैल को उस वक्त शुरू हुआ जब रामदेव ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में दावा किया कि हमदर्द की रूह अफजा से होने वाला मुनाफा मस्जिदों और मदरसों के निर्माण में लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा, “एक कंपनी आपको शरबत देती है, लेकिन उससे कमाई गई रकम मदरसे और मस्जिद बनाने में जाती है।”
अपने ब्रांड का प्रचार करते हुए रामदेव ने कहा, “अगर आप वह शरबत पीते हैं तो मदरसे और मस्जिदें बनेंगी। लेकिन अगर आप यह (पतंजलि का गुलाब शरबत) पीते हैं, तो गुरुकुल बनेंगे, आचार्य कुलम का विकास होगा, पतंजलि विश्वविद्यालय का विस्तार होगा और भारतीय शिक्षा बोर्ड मजबूत होगा।”हमदर्द ने की कोर्ट में कार्रवाई की मांगरामदेव के इस बयान के बाद हमदर्द ने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। हमदर्द की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी ने कोर्ट में कहा, “यह एक ऐसा मामला है जो चौंकाने वाला है, जो अपमान से भी आगे जाता है। यह सांप्रदायिक विभाजन पैदा करने का मामला है, जो घृणा फैलाने वाले भाषण (हेट स्पीच) के समान है। इसे मानहानि कानून की सुरक्षा नहीं मिल सकती।”एक और विवादित बयान में रामदेव ने ‘लव जिहाद’ की तुलना रूह अफजा से करते हुए कहा, “जैसे लव जिहाद होता है, वैसे ही यह एक तरह का शरबत जिहाद है। इस शरबत जिहाद से खुद को बचाने के लिए यह संदेश हर किसी तक पहुंचना चाहिए।”उन्होंने आलोचना को और आगे बढ़ाते हुए अन्य शरबत ब्रांड्स की तुलना टॉयलेट क्लीनर से कर दी। पतंजलि की ओर से सोशल मीडिया पर साझा की गई एक पोस्ट में उपभोक्ताओं से अपील की गई, “सॉफ्ट ड्रिंक और शरबत जिहाद के नाम पर बिक रहे टॉयलेट क्लीनर जैसे ज़हर से अपने परिवार और मासूम बच्चों को बचाएं। सिर्फ पतंजलि का शरबत और जूस ही घर लाएं।” -
नई दिल्ली। कर्नाटक के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ओम प्रकाश की हत्या मामले में उनकी पत्नी पल्लवी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वहीं, उनकी बेटी को मानसिक स्वास्थ्य मूल्यांकन के लिए निमहंस अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पल्लवी ने ही अपने पति की हत्या की जानकारी पुलिस को दी थीपल्लवी ने ही अपने पति की हत्या की जानकारी पुलिस को दी थी। इसके बाद साउथ ईस्ट डिवीजन के पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मृतक की पत्नी और बेटी से पूछताछ करते हुए जांच शुरू कर दी थी। ओम प्रकाश ने कुछ समय पहले अपनी जान को खतरा होने की बात कही थी। पुलिस को पहले से ही शक था कि इस हत्या में किसी करीबी परिजन का हाथ हो सकता है।1981 बैच के सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी थेबता दें कि बेंगलुरु के एचएसआर लेआउट स्थित आवास में कर्नाटक के पूर्व डीजीपी ओम प्रकाश की हत्या कर दी गई थी। वह 1981 बैच के सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि उन्हें चाकू से गोदकर मारा गया है। उनका शव तीन मंजिला घर के ग्राउंड फ्लोर पर मिला, जिस पर गंभीर चोट के निशान थे।पूर्व डीजीपी ओम प्रकाश बिहार के चंपारण जिले के रहने वाले थेउल्लेखनीय है कि पूर्व डीजीपी ओम प्रकाश बिहार के चंपारण जिले के रहने वाले थे। उन्होंने भू विज्ञान में स्नातकोत्तर किया था। अपने कार्यकाल में उन्होंने कर्नाटक होमगार्ड और फायर ब्रिगेड के महानिदेशक और 2015 से 2017 तक राज्य के पुलिस महानिदेशक के रूप में सेवाएं दी थीं। उन्होंने कर्नाटक सतर्कता प्रकोष्ठ के एसपी, अग्निशमन सेवाओं के डीआईजी और सीआईडी के आईजीपी के रूप में कार्य किया।28 फरवरी, 2015 को डीजीपी के रूप में पदभार संभाला और 2017 में सेवानिवृत्त हुए थेउन्होंने 1993 के भटकल सांप्रदायिक दंगों के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और डीआईजी (प्रशासन), डीआईजी (उत्तरी रेंज), डीआईजी (प्रशिक्षण), एडीजीपी (अपराध और तकनीकी सेवाएं) और एडीजीपी (शिकायत और मानवाधिकार) जैसे वरिष्ठ पदों पर कार्य किया। उन्होंने 28 फरवरी, 2015 को डीजीपी के रूप में पदभार संभाला और 2017 में सेवानिवृत्त हुए। - नई दिल्ली। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने सिविल सेवा परीक्षा (सीएसई) 2024 के परिणाम घोषित कर दिए हैं। परीक्षा में प्रयागराज की शक्ति दुबे ने प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं, हर्षिता गोयल ने दूसरा, डोंगरे अर्चित पराग ने तीसरा, शाह मार्गी चिराग ने चौथा, आकाश गर्ग ने पांचवां, कोमल पुनिया ने छठा और आयुषी बंसल ने सातवां स्थान हासिल किया है।प्रयागराज की शक्ति दुबे ने किया टॉपपहला स्थान हासिल करने वालीं शक्ति दुबे ने राजनीति विज्ञान और अंतर्राष्ट्रीय संबंध को अपने वैकल्पिक विषय के रूप में लेकर परीक्षा उत्तीर्ण की। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बायोकेमिस्ट्री में स्नातक (बी.एससी.) किया है।दूसरा स्थान हासिल करने वालीं हर्षिता गोयल ने एमएस यूनिवर्सिटी ऑफ बड़ौदा से स्नातक (बी.कॉम.) ने राजनीति विज्ञान और अंतर्राष्ट्रीय संबंध को वैकल्पिक विषय के रूप में रखा था। वीआईटी, वेल्लोर से इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में स्नातक (बी.टेक.) डिग्री धारक डोंगरे अर्चित पराग ने दर्शनशास्त्र को वैकल्पिक विषय के रूप में रखते हुए तीसरा स्थान प्राप्त किया।शाह मार्गी चिराग जो गुजरात टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी, अहमदाबाद से कंप्यूटर इंजीनियरिंग में बी.ई. हैं, ने समाजशास्त्र को वैकल्पिक विषय में लिया था और उन्होंने चौथा स्थान प्राप्त किया।आकाश गर्ग ने गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, दिल्ली से कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग में बी.टेक. किया है। उन्होंने समाजशास्त्र को वैकल्पिक विषय के तौर पर चुना और पांचवां स्थान प्राप्त किया।शीर्ष 25 उम्मीदवारों में 11 महिलाएं और 14 पुरुष शामिलशीर्ष 25 उम्मीदवारों में 11 महिलाएं और 14 पुरुष शामिल हैं। उनकी शैक्षणिक योग्यता देश के प्रमुख संस्थानों जैसे आईआईटी, एनआईटी, वीआईटी, जेएनयू, दिल्ली विश्वविद्यालय और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग, मानविकी, विज्ञान, वाणिज्य, चिकित्सा विज्ञान और वास्तुकला में स्नातक से लेकर है। अनुशंसित उम्मीदवारों में बेंचमार्क विकलांगता वाले 45 व्यक्ति भी शामिल हैं, जिनमें 12 अस्थि विकलांग, 08 दृष्टिबाधित, 16 श्रवण बाधित और 09 बहु विकलांगता वाले हैं।6 जून, 2024 को आयोजित की गई थी सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षासिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा 16 जून, 2024 को आयोजित की गई थी। इस परीक्षा के लिए कुल 9,92,599 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था, जिनमें से 5,83,213 उम्मीदवार परीक्षा में उपस्थित हुए थे। कुल 14,627 उम्मीदवार लिखित (मुख्य) परीक्षा में उपस्थित होने के लिए योग्य हुए, जो सितंबर, 2024 में आयोजित की गई थी। इनमें से 2,845 उम्मीदवार परीक्षा के व्यक्तित्व परीक्षण के लिए चुने गए। अंततः, कुल 1009 उम्मीदवारों (725 पुरुष और 284 महिलाएं) को विभिन्न सेवाओं में नियुक्ति के लिए आयोग द्वारा अनुशंसित किया गया है।परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र यूपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जाकर अपना रिजल्ट देख सकते हैं।
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नयी दिल्ली. अमेरिका एवं भारत के बीच शुल्क और बाजार पहुंच सहित विभिन्न मुद्दों के समाधान के लिए द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर जारी बातचीत के बीच, अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे डी वेंस अपनी चार दिवसीय भारत यात्रा के तहत सोमवार को यहां पहुंचे। वेंस के साथ उनकी भारतीय मूल की पत्नी उषा चिलुकुरी और उनके तीन बच्चे इवान, विवेक, मीराबेल तथा वरिष्ठ अमेरिकी सरकारी अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल भी आया है। अमेरिका के उपराष्ट्रपति और उनकी पत्नी का पालम एयरबेस पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्वागत किया। अमेरिकी नेता के आगमन पर उनका औपचारिक स्वागत भी किया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अमेरिका के उपराष्ट्रपति के साथ व्यापक वार्ता करने के बाद शाम को वेंस परिवार के लिए रात्रिभोज का आयोजन करेंगे। विदेश मंत्री एस जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल, विदेश सचिव विक्रम मिसरी और अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाले भारतीय दल का संभवत: हिस्सा होंगे। वेंस की यात्रा संबंधी जानकारी रखने वाले अधिकारियों ने बताया कि बैठक में प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार संधि के अलावा दोनों देशों के बीच संबंधों को बढ़ावा देने के तरीके पर चर्चा होने की संभावना है। वेंस और उनका परिवार भारत की अपनी चार दिवसीय यात्रा के दौरान दिल्ली के अलावा जयपुर और आगरा भी जाएगा। वेंस ऐसे समय में भारत आए हैं जब कुछ सप्ताह पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत सहित लगभग 60 देशों के खिलाफ व्यापक शुल्क व्यवस्था लागू करने के बाद उसे स्थगित कर दिया था। भारत और अमेरिका अब द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए बातचीत कर रहे हैं जिसमें शुल्क और बाजार तक पहुंच सहित कई मुद्दों को शामिल किए जाने की संभावना है। अमेरिका के उपराष्ट्रपति और उनका परिवार दिल्ली में आईटीसी मौर्य शेरेटन होटल में ठहरेगा। अधिकारियों ने बताया कि वेंस और उनका परिवार सोमवार रात जयपुर रवाना होगा।
वेंस 22 अप्रैल को आमेर के किले सहित कई ऐतिहासिक स्थलों पर जाएंगे। यह किला यूनेस्को (संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन) विश्व धरोहर स्थल है। वेंस दोपहर में जयपुर स्थित राजस्थान अंतरराष्ट्रीय केंद्र में एक सभा को संबोधित करेंगे। वेंस अपने भाषण में अमेरिका में ट्रंप प्रशासन के शासनकाल में भारत-अमेरिका संबंधों के व्यापक पहलुओं पर बात कर सकते हैं। इस कार्यक्रम में राजनयिकों, विदेश नीति के विशेषज्ञों, भारत सरकार के अधिकारियों और शिक्षाविदों के भाग लेने की संभावना है। अधिकारियों ने बताया कि अमेरिका के उपराष्ट्रपति और उनका परिवार संभवत: 23 अप्रैल की सुबह आगरा जाएगा। आगरा में वे वहां ताजमहल और शिल्पग्राम जाएंगे। शिल्पग्राम विभिन्न भारतीय कलाकृतियों को दर्शाने वाला एक खुला एम्पोरियम है। आगरा की यात्रा के बाद वेंस 23 अप्रैल को जयपुर लौटेंगे।
अधिकारियों ने बताया कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति और उनका परिवार 24 अप्रैल को जयपुर से अमेरिका रवाना होगा। - भोपाल । प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में 1 से 4 मई 2025 के बीच मुंबई में ‘विश्व दृश्य-श्रव्य और मनोरंजन शिखर सम्मेलन (वेव्स)' का आयोजन होने जा रहा है। क्रिएटर इकोनॉमी के क्षेत्र में कार्यरत रचनाकारों के लिए वेव्स एक बड़ा अवसर है। इस शिखर सम्मेलन में वेव्स बाजार और सीईओ राउंड टेबल जैसे कार्यक्रम भी होंगे। यह बात केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और संसदीय कार्य राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने सोमवार को भोपाल में कही। 1 से 4 मई 2025 के बीच मुंबई में आयोजित होने वाले ‘विश्व दृश्य-श्रव्य और मनोरंजन शिखर सम्मेलन (वेव्स)' के बारे में बात करते हुए डॉ. मुरुगन ने कहा कि ‘विश्व दृश्य-श्रव्य और मनोरंजन शिखर सम्मेलन (वेव्स)', प्रिंट मीडिया, सेटेलाइट टीवी चैनलों, डिजिटल मीडिया, ओटीटी प्लेटफॉर्म्स और फिल्म निर्माताओं के लिए एक बड़ा कार्यक्रम है। मीडिया एवं मनोरंजन क्षेत्र से जुड़े प्लेयर्स इस सम्मेलन में एक साथ आएंगे और 4 दिनों तक रचनात्मकता का जश्न मनाएंगे। डॉ. मुरुगन ने बताया कि वेव्स शिखर सम्मेलन में देश-विदेश की प्रमुख प्रोडक्शन कंपनियां एक साथ शिरकत कर रही हैं। उन्होंने कहा कि वेव्स रचनात्मकता के क्षेत्र में कार्यरत रचनाकारों को बड़ा प्लेटफॉर्म प्रदान करेगा। वेव्स के माध्यम से भारतीय तकनीक और कंटेट क्रिएशन की झलक पूरी दुनिया को देखने को मिलेगी। इसके पहले भोपाल स्थित सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की विभिन्न इकाइयों के अधिकारियों ने राजभोज विमानतल पर डॉ. मुरुगन का स्वागत किया।
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नई दिल्ली.। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सोमवार को पोप फ्रांसिस के निधन पर गहरा शोक जताया और कहा कि भारत के लोगों के लिए उनका स्नेह हमेशा याद रखा जाएगा। प्रधानमंत्री ने उन्हें करुणा, विनम्रता और आध्यात्मिक साहस का प्रतीक बताया। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफाॅर्म ‘एक्स’ पर लिखा,”पोप फ्रांसिस के निधन से अत्यंत दुखी हूं। यह समय शोक और स्मृति का है। पूरे कैथोलिक समुदाय को मेरी संवेदनाएं। उन्होंने गरीबों और पीड़ितों की सेवा में अपना जीवन समर्पित कर दिया।” पीएम ने कहा कि वह पोप से हुई अपनी मुलाकातों को स्नेहपूर्वक याद करते हैं और उनके समावेशी विकास की सोच से बहुत प्रेरित हुए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पोप फ्रांसिस के बीच पहली मुलाकात अक्टूबर 2021 में वेटिकन सिटी में हुई थी। उस दौरान दोनों नेताओं ने कोविड-19, जलवायु परिवर्तन और वैश्विक शांति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की थी। दूसरी मुलाकात जून 2024 में इटली के अपूलिया शहर में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी। उस बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने पोप फ्रांसिस को भारत आने का निमंत्रण भी दिया था। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच गर्मजोशी से गले मिलते हुए तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की गई थीं।अंतिम दर्शन के लिए सेंट पीटर्स बेसिलिका में रखा जाएगा पोप का पार्थिव शरीरवेटिकन के अनुसार, पोप फ्रांसिस का निधन उनके निजी निवास पर हुआ, यह जानकारी कार्डिनल केविन जोसेफ फैरेल ने दी, जो ‘कैमरलेन्गो ऑफ द होली रोमन चर्च’ हैं। पोप की मृत्यु के बाद अब ‘पैपल इंटररेग्नम’ की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिसके अंतर्गत नए पोप का चुनाव किया जाएगा। शोक की परंपरा के तहत नौ दिनों तक ‘नोवेंडियालेस’ नामक प्रार्थना सभाएं आयोजित की जाएंगी और पोप का पार्थिव शरीर सेंट पीटर्स बेसिलिका में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। पोप की अंत्येष्टि चौथे से छठे दिन के बीच की जाएगी और उसके बाद सभी 80 वर्ष से कम उम्र के कार्डिनल एकत्र होकर ‘कोन्क्लेव’ में नए पोप के चुनाव की प्रक्रिया शुरू करेंगे।वहीं केंद्रीय मंत्री और राज्य मंत्री (अल्पसंख्यक कार्य) जॉर्ज कुरियन ने भी पोप फ्रांसिस के निधन पर दुख प्रकट करते हुए कहा कि यह वैश्विक समुदाय के लिए एक बड़ी क्षति है। उन्होंने कहा कि पोप का जीवन सेवा, करुणा और विश्वास से परिपूर्ण था, जिसने लाखों लोगों को छुआ। जॉर्ज कुरियन पिछले वर्ष वेटिकन गए थे, जब केरल के मूल निवासी मोनसिग्नोर जॉर्ज जैकब कूवाकाड को पोप फ्रांसिस द्वारा कार्डिनल के रूप में पदोन्नत किया गया था।पोप फ्रांसिस, जिनका असली नाम जॉर्ज मारियो बेर्गोलियो था, वे अर्जेंटीना से थे और 2013 में कैथोलिक चर्च के 266वें पोप बने थे। वे पहले लैटिन अमेरिकी और जेसुइट समुदाय से आने वाले पहले पोप थे। उन्होंने गरीबों की सेवा, पर्यावरण संरक्षण, शांति स्थापना और धर्मों के बीच संवाद को हमेशा प्राथमिकता दी। निधन से ठीक एक दिन पहले, 20 अप्रैल 2025 को उन्होंने सेंट पीटर्स बेसिलिका की बालकनी से हजारों लोगों को संबोधित करते हुए ईस्टर उपदेश भी दिया था। यह उनका अंतिम सार्वजनिक संदेश था। उनकी मृत्यु के बाद पूरी दुनिया में शोक की लहर है और लाखों श्रद्धालु वेटिकन पहुंचने लगे हैं। -
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को झारखंड में नक्सल उन्मूलन अभियान में एक करोड़ के इनामी सहित आठ माओवादियों को ढेर किए जाने पर सुरक्षा बलों की सराहना करते हुए कहा कि नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ने के लिए हमारा अभियान निरंतर जारी है।
झारखंड के बोकारो में लुगु हिल्स में मुठभेड़ में 8 माओवादी मारे गएइस संबंध में गृह मंत्री कार्यालय (एचएमओ) द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया गया है जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि “नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ने के लिए हमारा अभियान निरंतर जारी है। आज सुरक्षा बलों को नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ने के लिए चल रहे अभियान में एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली। झारखंड के बोकारो में लुगु हिल्स में मुठभेड़ में 8 माओवादी मारे गए, जिनमें एक शीर्ष स्तर का नक्सली नेता विवेक, जिस पर 1 करोड़ रुपये का इनाम था, और दो अन्य कुख्यात नक्सली शामिल हैं। अभियान जारी है। हमारे सुरक्षा बलों की सराहना करें।”विशेष संयुक्त अभियान में सुरक्षाबलों को मिली बड़ी सफलताउल्लेखनीय है कि झारखंड के बोकारो जिले के लुगु पहाड़ क्षेत्र में 209 कोबरा बटालियन, बोकारो पुलिस, झारखंड जगुआर और सीआरपीएफ के एक विशेष संयुक्त अभियान में सुरक्षाबलों को सोमवार को बड़ी सफलता मिली है। मुठभेड़ में मारे गए आठ नक्सलियों के शव बरामद किए जा चुके हैं। इनमें से तीन की शिनाख्त हो चुकी है। मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों में केंद्रीय कमेटी सदस्य एक करोड़ का इनामी विवेक उर्फ प्रयाग मांझी, स्पेशल एरिया कमेटी सदस्य अरविंद यादव और जोनल कमेटी मेंबर 10 लाख का इनामी साहब राम मांझी है। घटनास्थल से चार इंसास राइफल, एक एसएलआर और एक रिवॉल्वर बरामद की गई है। - अमरावती. आंध्र प्रदेश की नई बनने वाली राजधानी अमरावती इतिहास रचने के लिए तैयार है, क्योंकि इसका लक्ष्य पूरी तरह से नवीकरणीय ऊर्जा से चलने वाला दुनिया का पहला शहर बनने का है। शहर के योजनाकार एक अत्याधुनिक लेकिन पर्यावरण की दृष्टि से अनुकूल ‘जनता की राजधानी' बनाने की योजना बना रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि 2,700 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा का दोहन करने की महत्वाकांक्षी योजना के साथ, शहर का लक्ष्य सौर, पवन और पनबिजली जैसे पर्यावरण अनुकूल (टिकाऊ) स्रोतों के माध्यम से अपनी सभी बिजली की जरूरतों को पूरा करना है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू की पसंदीदा नई राजधानी शहर परियोजना भारत की नवीकरणीय ऊर्जा और जलवायु कार्रवाई के प्रति व्यापक प्रतिबद्धता के साथ मजबूती से जुड़ी हुई है। कृष्णा नदी के तट पर नई राजधानी शहर की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा इसी महीने रखी जाने की उम्मीद है। 65,000 करोड़ रुपये की यह परियोजना 217 वर्ग किलोमीटर में फैली हुई है, जिसमें आंध्र प्रदेश राजधानी क्षेत्र 8,352 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। उन्होंने कहा कि विजयवाड़ा और गुंटूर के बीच बनने वाली देश की सबसे नई राजधानी न केवल हरित शहरी नियोजन में भारत के नवाचार को प्रदर्शित करेगी, बल्कि वैश्विक स्वच्छ ऊर्जा बदलाव में इसके नेतृत्व को भी मजबूत करेगी। नायडू ने कहा कि यह 2,700 मेगावाट क्षमता न केवल जीवाश्म ईंधन पर शून्य निर्भरता सुनिश्चित करेगी, बल्कि शहरी स्थिरता के लिए एक वैश्विक मानक भी स्थापित करेगी। अपने स्मार्ट सिटी डिज़ायन में अत्याधुनिक ऊर्जा अवसंरचना को एकीकृत करके, अमरावती दुनिया भर के भविष्य के शहरों के लिए एक मॉडल बनने की स्थिति में है। अधिकारियों ने बताया कि 2050 तक अमरावती को 2,700 मेगावाट (2.7 गीगावाट) बिजली की आवश्यकता होगी, जिसमें से न्यूनतम 30 प्रतिशत सौर और पवन ऊर्जा सहित नवीकरणीय ऊर्जा से प्राप्त होगी।















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