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नई दिल्ली। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी-एनटीए ने आज सुबह संयुक्त प्रवेश परीक्षा-जेईई मेन 2025 के दूसरे सत्र के परिणाम जारी कर दिए हैं। इस बार, कुल 24 विद्यार्थियों ने 100 का परफेक्ट एनटीए स्कोर प्राप्त किया है। सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वालों में राजस्थान के मोहम्मद अनस और आयुष सिंघल, दिल्ली के दक्ष और हर्ष झा, पश्चिम बंगाल के देवदत्त माझी और महाराष्ट्र के आयुष रवि चौधरी शामिल हैं। कट-ऑफ के साथ परिणाम जेईई मेन की आधिकारिक वेबसाइट – जेईई मेन डॉट एनटीए डॉट एन आई सी डॉट आई एन jeemain.nta.nic.in पर उपलब्ध है।
इस परीक्षा में कुल 9 लाख 92 हजार 350 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। इनमें 6 लाख 81 हजार 871 महिलाएं और 3 लाख 10 हजार 479 पुरुष शामिल हैं।एनटीए ने 2 से 9 अप्रैल के बीच यह परीक्षा आयोजित की थी। इस वर्ष जेईई मेन 2025 दो सत्र में जनवरी और अप्रैल में आयोजित की गई थी। -
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को स्पष्टीकरण जारी करते हुए उन रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया, जिसमें एक मई से राष्ट्रीय स्तर पर सैटेलाइट आधारित टोलिंग सिस्टम लागू करने की बात कही गई थी। सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया कि कुछ मीडिया हाउस की रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि एक मई से राष्ट्रीय स्तर पर सैटेलाइट आधारित टोलिंग सिस्टम लागू हो जाएगा और यह मौजूदा फास्टैग आधारित टोल कलेक्शन सिस्टम को रिप्लेस करेगा।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा सैटेलाइट आधारित टोलिंग सिस्टम एक मई से लागू करने को लेकर कोई फैसला नहीं लिया गया हैमंत्रालय ने आगे कहा, “हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय या भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा सैटेलाइट आधारित टोलिंग सिस्टम एक मई से लागू करने को लेकर कोई फैसला नहीं लिया गया है।” टोल प्लाजा पर वाहनों की निर्बाध, बिना किसी परेशानी के आवाजाही को सक्षम करने और यात्रा के समय को कम करने के लिए चुनिंदा टोल प्लाजा पर ‘एएनपीआर-फास्टैग बेस्ट बैरियर-लैस टोलिंग सिस्टम’ लागू किया जाएगा।एडवांस टोलिंग सिस्टम के तहत वाहनों से टोल हाई परफॉर्मेंस वाले एएनपीआर कैमरा और फास्टैग रीडर्स के माध्यम से लिया जाएगा, जिसमें वाहनों को टोल प्लाजा पर रुकने की आवश्यकता नहीं होगीमंत्रालय ने बताया कि यह एडवांस टोलिंग सिस्टम ‘ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन’ (एएनपीआर) टेक्नोलॉजी, जिसमें नंबर प्लेट से वाहनों की पहचान की जाती है और ‘फास्टैग सिस्टम’, जो कि रेडियो-फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) पर काम करता है, दोनों का मिश्रण होगा। इस सिस्टम के तहत वाहनों से टोल हाई परफॉर्मेंस वाले एएनपीआर कैमरा और फास्टैग रीडर्स के माध्यम से लिया जाएगा, जिसमें वाहनों को टोल प्लाजा पर रुकने की आवश्यकता नहीं होगी।अगर वाहन चालक टोल पर भुगतान नहीं करते हैं तो उन्हें ई-नोटिस दिया जाएगा और उनका फास्टैग रद्द करने के साथ जुर्माना भी लगाया जा सकता हैमंत्रालय के मुताबिक, अगर वाहन चालक टोल पर भुगतान नहीं करते हैं तो उन्हें ई-नोटिस दिया जाएगा और उनका फास्टैग भी रद्द किया जा सकता है और जुर्माना भी लगाया जा सकता है। भारत के राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क पर करीब 855 प्लाजा हैं, जिनमें से 675 सरकारी हैं, जबकि 180 या उससे अधिक निजी ऑपरेटरों द्वारा मैनेज किए जाते हैं। इस महीने की शुरुआत में, एनएचएआई ने बढ़ती लागतों के कारण देश भर में राजमार्गों और एक्सप्रेसवे के टोल शुल्क में औसतन 4 से 5 प्रतिशत की वृद्धि की थी। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘श्रीमद्भगवद्गीता’ और भरत मुनि के ‘नाट्यशास्त्र’ को यूनेस्को के ‘मेमोरी ऑफ द वर्ल्ड रजिस्टर’ में शामिल किए जाने पर खुशी जाहिर की। उन्होंने इसे प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का क्षण बताया। दरअसल, शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिए जानकारी दी कि ‘गीता’ और ‘नाट्यशास्त्र’ को यूनेस्को के ‘मेमोरी ऑफ द वर्ल्ड रजिस्टर’ में शामिल किया गया है।
गीता और नाट्यशास्त्र ने सदियों से सभ्यता और चेतना का पोषण किया हैकेंद्रीय मंत्री शेखावत के इसी पोस्ट का जवाब देते हुए पीएम मोदी ने लिखा, ”समूचे विश्व में प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का क्षण। गीता और नाट्यशास्त्र को यूनेस्को के ‘मेमोरी ऑफ द वर्ल्ड रजिस्टर’ में शामिल किया जाना हमारे शाश्वत ज्ञान और समृद्ध संस्कृति को वैश्विक मान्यता प्रदान किया जाना है। गीता और नाट्यशास्त्र ने सदियों से सभ्यता और चेतना का पोषण किया है। उनकी अंतर्दृष्टि दुनिया को प्रेरित करना जारी रखे हुए है।”भारत की सभ्यतागत विरासत के लिए एक ऐतिहासिक क्षणइससे पहले केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”भारत की सभ्यतागत विरासत के लिए एक ऐतिहासिक क्षण। श्रीमद्भगवद्गीता और भरत मुनि का नाट्यशास्त्र अब यूनेस्को के ‘मेमोरी ऑफ द वर्ल्ड रजिस्टर’ में शामिल किया गया हैं। यह वैश्विक सम्मान भारत की शाश्वत बुद्धिमत्ता और कलात्मक प्रतिभा का जश्न मनाता है।”अब इस अंतर्राष्ट्रीय रजिस्टर में हमारे देश के 14 अभिलेख शामिल हो गए हैंउन्होंने आगे लिखा, ”ये कालातीत रचनाएं साहित्यिक खजाने से कहीं अधिक हैं, ये दार्शनिक और सौंदर्यपरक आधार हैं, जिन्होंने भारत के विश्व-दृष्टिकोण और हमारे सोचने, महसूस करने, जीने और अभिव्यक्ति के तरीके को आकार दिया है। इसके साथ ही, अब इस अंतर्राष्ट्रीय रजिस्टर में हमारे देश के 14 अभिलेख शामिल हो गए हैं।”मेमोरी ऑफ द वर्ल्ड रजिस्टर यूनेस्को की तरफ से शुरू किया गया एक प्रोग्राम है‘मेमोरी ऑफ द वर्ल्ड रजिस्टर’ यूनेस्को की तरफ से शुरू किया गया एक प्रोग्राम है, जिसका मकसद विश्वभर के महत्वपूर्ण दस्तावेजी विरासत को संरक्षित करना है। इसके साथ ही इसे आसानी से लोगों तक पहुंचाना होता है। इस कार्यक्रम की शुरुआत 1992 में हुई थी।विश्व धरोहर सम्मेलन 1972 में यूनेस्को द्वारा किया गया एक अंतर्राष्ट्रीय समझौता हैसांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर के सम्मान और संरक्षण के लिए हर साल 18 अप्रैल को ‘विश्व धरोहर दिवस’ मनाया जाता है। विश्व धरोहर सम्मेलन 1972 में यूनेस्को द्वारा किया गया एक अंतर्राष्ट्रीय समझौता है। विश्व धरोहर सम्मेलन को दुनिया भर के देशों ने महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और प्राकृतिक स्थलों की सुरक्षा के लिए अपनाया था।( -
नई दिल्ली। अगले महीने निर्धारित अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष मिशन में एक भारतीय अंतरिक्ष यात्री के शामिल होने के साथ ही भारत अपनी अंतरिक्ष यात्रा में एक निर्णायक अध्याय लिखने के लिए तैयार है। इसरो के अध्यक्ष डॉ. वी. नारायणन ने जानकारी दी कि भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला मई में एक्सिओम स्पेस के एएक्स-4 मिशन के हिस्से के रूप में अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) के लिए उड़ान भरेंगे।
भारत के अंतरिक्ष विभाग के अनुसार, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के आने वाले महीनों की प्रमुख योजनाओं की समीक्षा के लिए आयोजित एक उच्च-स्तरीय बैठक के बाद यह घोषणा करते हुए केंद्रीय अंतरिक्ष मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह मिशन अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) का दौरा करने वाले पहले भारतीय और राकेश शर्मा की 1984 की सोवियत सोयुज अंतरिक्ष यान की प्रतिष्ठित उड़ान के चार दशकों से अधिक समय बाद अंतरिक्ष की यात्रा करने वाले पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री के तौर पर दर्ज किया जाएगा।भारत अपने अगले अंतरिक्ष कीर्तिमान के लिए तैयार हैडॉ. जितेंद्र सिंह ने आगामी मानव अंतरिक्ष उड़ान और इसरो के कई महत्वपूर्ण मिशनों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, “भारत अपने अगले अंतरिक्ष कीर्तिमान के लिए तैयार है।” उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय भागीदारों के साथ सहयोग और गगनयान जैसी परियोजनाओं की रणनीतिक रफ्तार भारत की अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में एक वैश्विक लीडर बनने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।केंद्रीय विज्ञान एवं अंतरिक्ष मंत्री ने जोर देते हुए कहा कि ये प्रयास न केवल वैज्ञानिक प्रकृति के हैं बल्कि एक विकसित और आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप भी हैं।बैठक के दौरान, इसरो ने डॉ. जितेंद्र सिंह को जनवरी 2025 के बाद के कई महत्वपूर्ण घटनाक्रमों की जानकारी दी। इनमें आदित्य एल1 सौर मिशन से डेटा का सार्वजनिक विमोचन, डॉकिंग और अनडॉकिंग प्रौद्योगिकियों का सफल प्रदर्शन, भारत में विकसित उच्चतम थ्रस्ट लिक्विड इंजन का परीक्षण, और श्रीहरिकोटा से ऐतिहासिक 100वां प्रक्षेपण (जीएसएलवी-एफ15) शामिल हैं। आपको बता दें, इसरो ने कुंभ मेला 2025 जैसे राष्ट्रीय आयोजनों में सैटेलाइट-आधारित निगरानी के माध्यम से सहयोग दिया और विकास इंजन को सफलतापूर्वक पुन: आरंभ करने का प्रदर्शन किया, जो भविष्य के लॉन्च वाहन रिकवरी मिशनों के लिए महत्वपूर्ण है।दरअसल, यह घोषणा आने वाले महीनों में महत्वाकांक्षी मिशनों की श्रंखला के लिए तैयार भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में तेजी से चल रही गतिविधियों के बीच आई है।अंतरिक्ष विभाग के सचिव और इसरो के अध्यक्ष नारायणन ने आने वाले दिनों के विभिन्न अंतरिक्ष मिशनों की स्थिति का विवरण देते हुए एक प्रस्तुति दी।आने वाले दिनों के भारत के विभिन्न अंतरिक्ष मिशनमई 2025 के लिए निर्धारित ग्रुप कैप्टन शुक्ला का मिशन भारत के बढ़ते अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष सहयोग में एक कीर्तिमान है। वह भारतीय वायुसेना के एक सम्मानित टेस्ट पायलट हैं जिन्हें इसरो के मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम (एचएसपी) के तहत चुना गया था और वे भारत की पहली स्वदेशी मानवयुक्त आर्बिटल उड़ान, गगनयान मिशन के शीर्ष दावेदारों में से एक हैं।एएक्स-4 मिशन पर उनकी यात्रा से अंतरिक्ष उड़ान संचालन, लॉन्च प्रोटोकॉल, माइक्रोग्रैविटी अनुकूलन और आपातकालीन तैयारी में महत्वपूर्ण व्यावहारिक अनुभव मिलने की उम्मीद है – जो भारत की मानवयुक्त अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाओं के लिए आवश्यक है। इसका रणनीतिक महत्व शुक्ला के मिशन को खास बनाता है।भारत की पहली मानव अंतरिक्ष उड़ान के प्रतीकात्मक महत्व के उलट इस बार ध्यान परिचालन तत्परता और वैश्विक एकीकरण पर है।इसरो अत्याधुनिक ईओएस-09 उपग्रह ले जाने वाले पीएसएलवी-सी61 मिशन को लॉन्च करेगामई से जुलाई 2025 के लिए निर्धारित बड़े मिशनों में, इसरो अत्याधुनिक ईओएस-09 उपग्रह ले जाने वाले पीएसएलवी-सी61 मिशन को लॉन्च करेगा। सी-बैंड सिंथेटिक एपर्चर रडार से लैस, ईओएस-09 सभी मौसम की स्थिति, दिन या रात में पृथ्वी की सतह की उच्च-रिज़ॉल्यूशन वाली तस्वीरें लेने में सक्षम होगा। एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि टेस्ट व्हीकल-डी2 (टीवी-डी2) मिशन होगा, जिसे एक एबॉर्ट परिदृश्य का अनुकरण करने और गगनयान क्रू एस्केप सिस्टम का प्रदर्शन करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस मिशन में क्रू मॉड्यूल के लिए समुद्री रिकवरी ऑपरेशन शामिल हैं, जो भारत की पहली मानव अंतरिक्ष उड़ान के लिए नियोजित प्रक्रियाओं की नकल करता है।जून में बहुप्रतीक्षित निसार उपग्रह का जीएसएलवी-एफ16 पर प्रक्षेपण होगावहीं, जून में बहुप्रतीक्षित निसार उपग्रह का जीएसएलवी-एफ16 पर प्रक्षेपण होगा। नासा-इसरो का यह सहयोग नासा के एल-बैंड पेलोड को इसरो के एस-बैंड योगदान के साथ जोड़कर दोहरी-फ्रीक्वेंसी रडार डेटा के माध्यम से पृथ्वी के ईकोसिस्टम और प्राकृतिक खतरों का अध्ययन करना है।इसके अतिरिक्त जुलाई के लिए निर्धारित एलवीएम3-एम5 मिशन, न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड के वाणिज्यिक कार्यक्रम के तहत ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 उपग्रहों को लॉन्च करते हुए, यूएसए की एएसटी स्पेसमोबाइल इंक. के साथ एक वाणिज्यिक अनुबंध को पूरा करेगा। -
नई दिल्ली। दिल्ली के मुस्तफाबाद इलाके में आज शनिवार तड़के एक इमारत गिरने से चार लोगों की मौत हो गई और कई के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने बताया कि यह घटना सुबह करीब 3 बजे हुई।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि आज सुबह दिल्ली के मुस्तफाबाद इलाके में एक इमारत गिरने से चार लोगों की मौत हो गई। उत्तर पूर्वी जिले के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त संदीप लांबा ने बताया कि 14 लोगों को बचा लिया गया है। लांबा ने कहा कि 14 लोगों को बचा लिया गया, लेकिन उनमें से चार की मौत हो गई। यह चार मंजिला इमारत थी, बचाव अभियान जारी है। अभी भी आठ से दस लोगों के फंसे होने की आशंका है।राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), पुलिस और डॉग स्क्वायड की टीमें मौके पर मौजूद हैं और राहत-बचाव का कार्य किया जा रहा है।चार मंजिला इमारत में 20 से 25 लोग रह रहे थे। अब तक 8 लोगों को बचा लिया गया है और उन्हें इलाज के लिए जीटीबी अस्पताल ले जाया गया है। इमारत ढहने का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं है।डिवीजनल फायर ऑफिसर राजेंद्र अटवाल ने बताया कि अग्निशमन विभाग को सुबह करीब 2:50 बजे एक कॉल मिली। उन्होंने कहा, ” हमें सुबह करीब 2:50 बजे एक घर ढहने की सूचना मिली। हम मौके पर पहुंचे और पाया कि पूरी इमारत ढह गई है और लोग मलबे में फंसे हुए हैं। एनडीआरएफ, दिल्ली फायर सर्विस लोगों को बचाने के लिए काम कर रही है।”शुक्रवार रात राजधानी दिल्ली के मौसम में अचानक आए बदलाव के कुछ ही घंटों बाद घर ढहने की घटना हुई। ( -
नई दिल्ली। विश्व लीवर दिवस के अवसर पर आज शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सभी नागरिकों से संयमित खान-पान की आदतें अपनाने और स्वस्थ जीवनशैली को प्राथमिकता देने को कहा। छोटे लेकिन प्रभावी बदलावों के महत्व पर जोर देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि तेल का सेवन कम करने जैसे उपाय समग्र स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, इस #WorldLiverDay पर अपने खाने के तेल के सेवन को कम से कम 10% तक कम करने और एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लें। जब हम भोजन को दवा की तरह इस्तेमाल करते हैं तो छोटे-छोटे बदलाव बड़े नतीजे दे सकते हैं।एक्स पोस्ट में उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के आह्वान के जवाब में, आइए मोटापे और हमारे समाज पर इसके बढ़ते प्रभाव के बारे में जागरूकता बढ़ाने का भी संकल्प लें।वहीं, जेपी नड्डा द्वारा एक्स पर किए गए पोस्ट का जवाब देते हुए पीएम मोदी ने कहा, “#WorldLiverDay को संयमित खान-पान और स्वस्थ जीवन जीने के आह्वान के साथ मनाने का सराहनीय प्रयास। तेल का सेवन कम करने जैसे छोटे उपाय बहुत बड़ा बदलाव ला सकते हैं। आइए, हम सब मिलकर मोटापे के बारे में जागरूकता बढ़ाकर एक स्वस्थ और तंदुरुस्त भारत का निर्माण करें। #StopObesity”दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी ने फरवरी, 2025 में अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 119वें एपिसोड में लोगों में बढ़ते मोटापे पर चिंता जाहिर की थी, जो लोगों के स्वास्थ्य पर प्रभाव डाल रहा है। उन्होंने मोटापे को समस्या बताते हुए लोगों को इससे बचने का मंत्र भी दिया था।इसके बाद इस महीने, 7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर एक वीडियो संदेश साझा किया, जिसमें उन्होंने भारत में बढ़ते मोटापे के संकट पर चिंता जताते हुए सदियों पुरानी कहावत पर जोर दिया कि “आरोग्य ही परम भाग्य और परम धन है”। उन्होंने कहा बेहतर स्वास्थ्य बेहतर विश्व का मार्ग बनाता है।उन्होंने कहा “आप सभी जानते हैं कि आज हमारी जीवनशैली हमारे आरोग्य के लिए एक बड़ा खतरा बन रही है। अभी हाल ही में मोटापे की समस्या पर एक रिपोर्ट आई है। ये रिपोर्ट कहती है कि 2050 तक 44 करोड़ से ज्यादा भारतीय मोटापे से ग्रस्त हो जाएंगे। यह आंकड़ा डराने वाला है। यह कितना बड़ा संकट हो सकता है?”अपने संदेश में, पीएम मोदी ने दोहराया कि हमें अभी से ऐसी स्थिति को टालने का प्रयास करना ही होगा। स्वस्थ खाने की आदतें अपनाना, जैसे कि तेल का उपयोग कम करना, सिर्फ एक व्यक्तिगत निर्णय नहीं है, बल्कि एक सामाजिक जिम्मेदारी है।आज एक बार फिर पीएम मोदी ने देशवासियों से मोटापे के बारे में जागरूकता बढ़ाकर एक स्वस्थ और तंदुरुस्त भारत का निर्माण करने का आग्रह किया हैं। - -छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में विभिन्न ऑपरेशन्स में कोबरा कमांडो व छत्तीसगढ़ पुलिस ने 22 कुख्यात नक्सलियों को आधुनिक हथियारों और विस्फोटक सामग्रियों के साथ गिरफ्तार किया-सुकमा में 33 नक्सलियों ने सरेंडर कर मोदी सरकार की आत्मसमर्पण नीति पर विश्वास जताया-सुकमा की बडेसेट्टी पंचायत में 11 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, जिससे यह पहला नक्सलवाद सदस्य मुक्त पंचायत (इलवद पंचायत) बना-31 मार्च 2026 से पहले हम देश को नक्सलवाद के दंश से मुक्त करने के लिए संकल्पित हैंनई दिल्ली। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के बीजापुर में 22 कुख्यात नक्सलियों नक्सलियों की गिरफ्तारी और सुकमा जिले में 33 नक्सलियों के आत्मसमर्पण पर सुरक्षा बल के जवानों व छत्तीसगढ़ पुलिस को बधाई दी है।केन्द्रीय गृह मंत्री ने ‘X’ पर पोस्ट में कहा कि छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में विभिन्न ऑपरेशन्स में कोबरा कमांडो और छत्तीसगढ़ पुलिस ने 22 कुख्यात नक्सलियों को आधुनिक हथियारों और विस्फोटक सामग्रियों के साथ गिरफ्तार किया है। उन्होंने कहा कि सुकमा में 33 नक्सलियों ने सरेंडर कर मोदी सरकार की आत्मसमर्पण नीति पर विश्वास जताया है।श्री अमित शाह ने कहा कि सुकमा की बडेसेट्टी पंचायत में 11 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, जिससे यह पहला नक्सलवाद सदस्य मुक्त पंचायत (इलवद पंचायत) बन गया है। साथ ही, सुकमा में अन्य 22 नक्सलियों ने भी आत्मसमर्पण किया, जिससे सरेंडर करने वालों की कुल संख्या बढ़कर 33 हो गई है।गृह मंत्री ने छिपे हुए नक्सलियों से अपील की कि वे मोदी सरकार की आत्मसमर्पण नीति को अपनाकर यथाशीघ्र हथियार डालें और मुख्यधारा में शामिल हों। उन्होंने कहा कि 31 मार्च 2026 से पहले हम देश को नक्सलवाद के दंश से मुक्त करने के लिए संकल्पित हैं। गृह मंत्री ने नक्सलमुक्त भारत अभियान की दिशा में इस सफलता के लिए सुरक्षा बल के जवानों और छत्तीसगढ़ पुलिस को बधाई दी।
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नई दिल्ली। ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों की 15वीं बैठक में शुक्रवार को भारत ने समावेशी, न्यायसंगत और सतत कृषि के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छोटे और सीमांत किसानों के कल्याण को वैश्विक कृषि रणनीति के केंद्र में रखने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया और स्पष्ट किया कि कृषि भारत के लिए केवल एक आर्थिक गतिविधि नहीं बल्कि करोड़ों परिवारों के लिए आजीविका, भोजन और गरिमा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि जब तक छोटे किसानों को संरक्षित और सशक्त नहीं किया जाएगा, तब तक वैश्विक खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण विकास का लक्ष्य अधूरा रहेगा।
शिवराज सिंह चौहान ने इस बात पर बल दिया कि दुनिया के 510 मिलियन छोटे किसान वैश्विक खाद्य प्रणाली की रीढ़ हैं और जलवायु परिवर्तन, मूल्य अस्थिरता तथा संसाधनों की कमी के बीच वे सबसे अधिक संवेदनशील हैं।उन्होंने कहा कि हम छोटे किसानों को इन चुनौतियों से लड़ने में अकेला नहीं छोड़ सकते, उन्हें हमारी नीतिगत सहायता की आवश्यकता है। उन्होंने क्लस्टर आधारित खेती, किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ), सहकारी मॉडल और प्राकृतिक खेती को छोटे किसानों के सामूहिक सशक्तिकरण और बाजार तक बेहतर पहुंच का प्रभावी माध्यम बताया।इस दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने सार्वजनिक खाद्य भंडारण व्यवस्था, न्यूनतम समर्थन मूल्य, और छोटे किसानों को सीधे जोड़ने वाले मूल्य श्रृंखलाओं को बढ़ावा देने की आवश्यकता को दोहराया। उन्होंने COVID-19 संकट के दौरान भारत की खाद्य भंडारण क्षमता को एक उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया, जिसके माध्यम से 80 करोड़ नागरिकों तक मुफ्त राशन पहुंचाया गया।उन्होंने अपनी तकनीकी पहलों – डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन, एग्री-स्टैक, ड्रोन तकनीक और क्लाइमेट रेजिलिएंट विलेजेज को साझा करते हुए बताया कि इन नवाचारों ने योजनाओं की पहुंच, पारदर्शिता और किसानों की आय में उल्लेखनीय सुधार लाया है। उन्होंने ‘लखपति दीदी’ और ‘ड्रोन दीदी’ जैसी पहलों का उल्लेख कर ग्रामीण महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। चौहान ने कहा कि भारत के लिए महिलाओं का सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक सशक्तिकरण एक मिशन है।बैठक के दौरान जलवायु परिवर्तन के खिलाफ साझा लड़ाई के लिए केंद्रीय मंत्री चौहान ने अपने कार्यक्रमों – एनएमएसए, एनआईसीआरए, वेस्ट टू वेल्थ, सर्कुलर इकोनॉमी, जैव उर्वरक और पारंपरिक खेती को साझा करते हुए सहयोग को और सशक्त बनाने का आह्वान किया।इस संदर्भ में, ब्रिक्स कृषि मंत्रियों ने “ब्रिक्स लैंड रिस्टोरेशन पार्टनरशिप” की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य भूमि क्षरण, मरुस्थलीकरण और मिट्टी की उर्वरता में कमी से निपटना है। चौहान ने इस पहल का समर्थन करते हुए कहा कि यह पारंपरिक ज्ञान और वैज्ञानिक नवाचारों के संगम से छोटे किसानों, आदिवासी समुदायों और स्थानीय कृषकों को लाभ पहुंचाएगी।शिवराज सिंह चौहान ने BRICS देशों को ‘वर्ल्ड फूड इंडिया 2025’ और ‘वर्ल्ड ऑडियो-विजुअल एंटरटेनमेंट समिट 2025’ में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया ताकि यह मंच नवाचार, साझेदारी और वैश्विक सहयोग को आगे बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो। वहीं दूसरी ओर घोषणा पत्र के अंतर्गत ब्रिक्स-BRICS देशों ने एकजुट होकर वैश्विक कृषि-खाद्य प्रणाली को न्यायसंगत, समावेशी, नवाचारी और सतत बनाने के संकल्प को दोहराया। -
नई दिल्ली। वित्त मंत्रालय की ओर से यह स्पष्ट कर दिया गया है कि सरकार 2,000 रुपए से अधिक के यूपीआई ट्रांजैक्शन पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लगाने के किसी प्रस्ताव पर विचार नहीं कर रही है। वित्त मंत्रालय ने कहा, “यह दावा कि सरकार 2,000 रुपए से अधिक के यूपीआई ट्रांजैक्शन पर जीएसटी लगाने पर विचार कर रही है, पूरी तरह से गलत, भ्रामक और निराधार है। फिलहाल सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है।”
किसी खास इंस्ट्रूमेंट्स का इस्तेमाल कर की जाने वाली पेमेंट से जुड़े मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) जैसे चार्जेस पर लगाया जाता है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने पर्सन-टू-मर्चेंट (पीटूएम) यूपीआई ट्रांजैक्शन से 30 दिसंबर, 2019 की गैजेट नोटिफिकेशन के जरिए एमडीआर को हटा दिया है। सीबीडीटी का यह निर्णय जनवरी 2020 से प्रभावी है।मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि वर्तमान में यूपीआई ट्रांजैक्शन पर एमडीआर नहीं लगाया जाता है इसलिए इन ट्रांजैक्शन पर किसी तरह जीएसटी लागू नहीं है।सरकार यूपीआई के जरिए डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।यूपीआई के विकास को समर्थन देने और बनाए रखने के लिए, वित्त वर्ष 2021-22 से एक प्रोत्साहन योजना चालू की गई है। आधिकारिक बयान में बताया गया है कि यह योजना विशेष रूप से कम मूल्य वाले यूपीआई (पीटूएम) ट्रांजैक्शन को टारगेट करती है। योजना के तहत ट्रांजैक्शन लागत को कम करने के साथ डिजिटल पेमेंट में भागीदारी और इनोवेशन को बढ़ावा देकर छोटे व्यापारियों को लाभ होता है।पिछले कुछ वर्षों में इस योजना के तहत आवंटन में वित्त वर्ष 2021-22 के लिए 1,389 करोड़ रुपये, वित्त वर्ष 2022-23 के लिए 2,210 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2023-24 के लिए 3,631 करोड़ रुपये शामिल हैं।इन उपायों ने भारत के मजबूत डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।वहीं, एसीआई वर्ल्डवाइड रिपोर्ट 2024 के अनुसार,2023 में ग्लोबल रियल-टाइम ट्रांजैक्शन में भारत की भागीदारी 49 प्रतिशत थी, जो डिजिटल पेमेंट इनोवेशन में ग्लोबल लीडर के रूप में देश की मजबूत स्थिति को दिखाता है। यूपीआई ट्रांजैक्शन वैल्यू में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई है, जो वित्त वर्ष 2019-20 में 21.3 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर मार्च 2025 तक 260.56 लाख करोड़ रुपये हो गई है। बयान में कहा गया कि विशेष रूप से, पीटूएम लेनदेन 59.3 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो डिजिटल पेमेंट मेथड में बढ़ते ‘मर्चेंट अडॉप्शन’ और उपभोक्ता विश्वास को दर्शाता है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को नई दिल्ली में लोक सेवा दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। पीएम मोदी लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए अधिकारियों को प्रधानमंत्री पुरस्कार प्रदान करेंगे।
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, पीएम मोदी 17वें लोक सेवा दिवस के अवसर पर 21 अप्रैल को प्रात: लगभग 11 बजे विज्ञान भवन, नई दिल्ली में लोक सेवकों को संबोधित करेंगे। भारत सरकार हर साल 21 अप्रैल को लोक सेवा दिवस के रूप में मनाती है।पीएम मोदी ने सदैव देश भर के लोक सेवकों को नागरिकों के हित में समर्पित होने, जन सेवा के लिए प्रतिबद्ध होने और अपने काम में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया है। वह लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए उन्हें प्रधानमंत्री पुरस्कार भी प्रदान करेंगे।इस वर्ष प्रधानमंत्री मोदी लोक सेवकों को जिलों के समग्र विकास, आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम और नवाचार की श्रेणियों में 16 पुरस्कार प्रदान करेंगे। लोक सेवकों को इसके माध्यम से आम नागरिकों के कल्याण के लिए किए गए कार्यों के लिए सम्मानित किया जाएगा। - नयी दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी के कुछ हिस्सों में शुक्रवार शाम को तेज हवाओं के साथ बारिश हुई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। मध्य, दक्षिण और पश्चिमी दिल्ली सहित कुछ हिस्सों में शाम को बारिश हुई।मौसम विभाग के अनुसार, बुराड़ी, रोहिणी, बादली, मॉडल टाउन, करावल नगर, आजादपुर, पीतमपुरा, दिल्ली विश्वविद्यालय, सिविल लाइंस, दिलशाद गार्डन, सीमापुरी, मुंडका, पश्चिम विहार, पंजाबी बाग, कश्मीरी गेट, सीलमपुर, शाहदरा, विवेक विहार, राजौरी गार्डन, पटेल नगर, लाल किला, प्रीत विहार, बुद्ध जयंती पार्क, राष्ट्रपति भवन, राजीव चौक और आईटीओ सहित कई क्षेत्रों में गरज, बिजली और तेज हवाओं (30-40 किमी प्रति घंटे) के साथ हल्की से मध्यम बारिश हुई। साथ ही राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के कुछ हिस्सों में भी वर्षा हुई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, दिल्ली में अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस मौसम के सामान्य तापमान से 4.2 डिग्री अधिक है। मौसम विभाग ने बताया कि राजधानी में न्यूनतम तापमान सामान्य से चार डिग्री अधिक 25.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिल्ली में दिन के दौरान आर्द्रता का स्तर 57 प्रतिशत से 35 प्रतिशत के बीच रही।आईएमडी के अनुसार, राजधानी में शनिवार को ‘आंशिक रूप से बादल छाए' रहने की संभावना है।मौसम विभाग ने बताया कि दिल्ली में शनिवार को बहुत हल्की वर्षा या बूंदाबांदी तथा गरज के साथ छींटे पड़ने, बिजली चमकने और धूल भरी आंधी आने की संभावना है। इसने बताया कि शाम के समय 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं और यह बढ़कर 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक भी हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, राजधानी में शनिवार को अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमश: 38 डिग्री सेल्सियस और 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। इस बीच, दिल्ली में शुक्रवार को शाम चार बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 219 दर्ज किया गया, जो ‘खराब' श्रेणी में आता है। शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को ‘अच्छा', 51 से 100 के बीच को ‘संतोषजनक', 101 से 200 के बीच को ‘मध्यम', 201 से 300 के बीच को ‘खराब', 301 से 400 के बीच को ‘बहुत खराब' और 401 से 500 के बीच को ‘गंभीर' माना जाता है।
- नयी दिल्ली. केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार को कहा कि भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला अगले महीने ‘एक्सिओम-4' मिशन के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की यात्रा करेंगे। यह यात्रा राकेश शर्मा की रूस के सोयूज अंतरिक्ष यान से अंतरिक्ष में जाने की ऐतिहासिक यात्रा के चार दशक बाद होगी। सिंह ने यहां अंतरिक्ष विभाग और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के कार्यों की समीक्षा के बाद यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा, ‘‘ग्रुप कैप्टन शुक्ला की यात्रा महज एक उड़ान नहीं है - यह एक संकेत है कि भारत अंतरिक्ष अन्वेषण के एक नए युग में साहस के साथ कदम रख रहा है।'' भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष वी. नारायणन ने विभिन्न आगामी अंतरिक्ष अभियानों पर एक प्रस्तुति दी। सिंह ने कहा कि इसरो जून में जीएसएलवी-मार्क 2 रॉकेट के जरिए नासा के साथ संयुक्त रूप से विकसित निसार उपग्रह को प्रक्षेपित करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि जुलाई में अंतरिक्ष एजेंसी भारी-भरकम एलवीएम-3 रॉकेट का उपयोग करके अमेरिका स्थित एएसटी स्पेसमोबाइल इंक के ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 उपग्रहों को कक्षा में स्थापित करेगी। सिंह ने कहा कि मई में निर्धारित ग्रुप कैप्टन शुक्ला का मिशन भारत के बढ़ते अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष सहयोग में एक मील का पत्थर है। भारतीय वायु सेना के पायलट ग्रुप कैप्टन शुक्ला को इसरो के मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम के तहत चुना गया था और वह गगनयान मिशन के शीर्ष दावेदारों में से एक हैं। आधिकारिक बयान में कहा गया कि एक्सिओम-4 मिशन पर उनकी यात्रा से अंतरिक्ष उड़ान संचालन, प्रक्षेपण प्रोटोकॉल, सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण अनुकूलन और आपातकालीन तैयारियों में महत्वपूर्ण व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होने की उम्मीद है, जो भारत की अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाओं के लिए आवश्यक है।
- भोपाल. दक्षिण अफ्रीका के बोत्सवाना से आठ चीतों को दो चरणों में भारत लाया जाएगा। इनमें से चार को तो मई महीने में ही लाया जाएगा। मध्यप्रदेश सरकार की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया कि राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के अधिकारियों ने यह जानकारी दी है। इन अधिकारियों ने केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव की उपस्थिति में चीता परियोजना की समीक्षा बैठक में भाग लिया। विज्ञप्ति में एनटीसीए के अधिकारियों के हवाले से कहा गया, ‘‘दक्षिण अफ्रीका, बोत्सवाना और केन्या से अधिक चीतों को भारत लाने के प्रयास जारी हैं। आठ चीतों को दो चरणों में भारत लाया जाएगा। मई 2025 तक बोत्सवाना से चार चीतों को भारत लाने की योजना है। इसके बाद चार और चीतों को लाया जाएगा। वर्तमान में, भारत और केन्या के बीच एक समझौते पर सहमति बनायी जा रही है।'' बैठक में एनटीसीए के अधिकारियों ने बताया कि देश में चीता परियोजना पर अब तक 112 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए हैं, जिसमें से 67 प्रतिशत मध्यप्रदेश में चीता पुनर्वास में खर्च किया गया है। ‘प्रोजेक्ट चीता' के तहत चीतों को अब गांधी सागर अभयारण्य में भी चरणबद्ध तरीके से स्थानांतरित किया जाएगा। गांधी सागर अभयारण्य राजस्थान की सीमा से सटा हुआ है, इसलिए मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच अंतरराज्यीय चीता संरक्षण क्षेत्र स्थापित करने के लिए सैद्धांतिक समझौता किया गया है। वर्तमान में ‘चीता मित्रों' की क्षमता बढ़ाने के लिये उन्हें कूनो राष्ट्रीय उद्यान और गांधी सागर अभयारण्य में विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बैठक में वन अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में कूनो राष्ट्रीय उद्यान (केएनपी) में 26 चीते हैं, जिनमें से 16 खुले जंगल में और 10 पुनर्वास केंद्र (बाड़ों) में हैं। अधिकारियों ने कहा कि चीतों की निगरानी के लिए ‘सैटेलाइट कॉलर आईडी' का उपयोग करके 24 घंटे निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि मादा चीता ज्वाला, आशा, गामिनी और वीरा ने शावकों को जन्म दिया है। इतना ही नहीं, केएनपी में पर्यटकों की संख्या दो साल में दोगुनी हो गई है। अधिकारियों ने कहा, ‘‘राज्य सरकार ने उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर कर कूनो में चीता सफारी शुरू करने की अनुमति मांगी है। वन क्षेत्रों या ईको सेंसिटिव जोन में सफारी शुरू करने के लिए यह अनुमति जरूरी है। इस याचिका पर फैसला होना बाकी है।'' अधिकारियों के मुताबिक पांच मादा और तीन नर सहित आठ नामीबियाई चीतों को 17 सितंबर, 2022 को केएनपी में छोड़ा गया था। उनके मुताबिक फरवरी 2023 में, 12 और चीतों को दक्षिण अफ्रीका से केएनपी में स्थानांतरित किया गया। वर्तमान में, केएनपी में 26 चीते हैं, जिनमें भारत में जन्मे 14 शावक शामिल हैं।
- प्रेम संबंधों के बाद समधी-समधन फरार...!बदायूं (उप्र). बदायूं जिले में एक महिला को अपनी बेटी की शादी के तीन साल बाद उसके ससुर से प्यार हो गया और समधी-समधन घर से फरार हो गए। पुलिस ने शुक्रवार को मामले की पुष्टि की। बदायूं में अलीगढ़ जैसा मामला सामने आया है, जहां एक महिला अपनी बेटी की शादी होने से पहले ही अपने होने वाले दामाद के साथ फरार हो गयी। जबकि बदायूं में समधन अपने समधी के साथ घर छोड़कर चली गयी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, चार बच्चों की मां महिला(43) जिला मुख्यालय के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के निवासी अपने समधी (अपनी बेटी के ससुर) (46) के साथ कथित तौर पर घर छोड़कर चली गई। दातागंज कोतवाली क्षेत्र के कस्बा डहरपुर निवासी महिला के पति ने बताया कि वह ट्रक चालक है और जिस कारण लंबे समय तक घर से बाहर रहता है। महिला के पति ने बताया कि 11 अप्रैल को मेरी पत्नी अपने समधी को बुलाया और उसके साथ फरार हो गयी।उन्होंने आरोप लगाया कि वह घर में रखा सारा जेवर और रुपये लेकर चली गयी है। महिला के पति ने बताया कि उन्होंने पुलिस को तहरीर दी है जिसमें अपनी पत्नी व समधी खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। इस मामले में दातागंज के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) के.के. तिवारी ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। सीओ ने कहा कि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 24 अप्रैल से मुंबई में शुरू होने वाले ‘इंडिया स्टील-2025' कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे। बृहस्पतिवार को एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। इस्पात मंत्रालय के अनुसार, तीन दिवसीय कार्यक्रम में 12,000 से अधिक व्यापारिक आगंतुक, 250 प्रदर्शक और विभिन्न क्षेत्रों, सरकारी विभागों, राज्य सरकारों, देश के प्रतिनिधिमंडलों और भारत और विदेशों से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों का प्रतिनिधित्व करने वाले 1,200 सम्मेलन प्रतिनिधि भाग लेंगे। मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 24 अप्रैल को इस्पात उद्योग के इस प्रमुख कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे। वह इस्पात एवं भारी उद्योग मंत्री एच डी कुमारस्वामी और इस्पात एवं भारी उद्योग राज्यमंत्री श्री भूपति राजू श्रीनिवास वर्मा की उपस्थिति में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभा को संबोधित करेंगे। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। दो साल में होने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी और सम्मेलन के इस छठे संस्करण में वैश्विक इस्पात मूल्य शृंखला के अग्रणी हितधारक इस क्षेत्र के भविष्य की वृद्धि पर चर्चा करने के लिए एक साथ आएंगे। -
नयी दिल्ली. अमेरिका की साप्ताहिक समाचार पत्रिका ‘न्यूजवीक' और जर्मनी की संस्था ‘स्टेटिस्टा' द्वारा विश्व के 2024 के सर्वश्रेष्ठ अस्पतालों की रैंकिंग में दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) को वैश्विक स्तर पर 97वें सर्वश्रेष्ठ अस्पताल के रूप में चुना गया है। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। बयान के अनुसार, चिकित्सा अनुसंधान संस्थान और अस्पताल को इसकी स्वास्थ्य देखभाल, उन्नत चिकित्सा अनुसंधान और किफायती उपचार के लिए मान्यता दी गई है। ‘न्यूजवीक-स्टेटिस्टा' की रैंकिंग के छठे संस्करण में 30 देशों के 2,400 से अधिक अस्पतालों का विभिन्न आधारों पर मूल्यांकन किया गया है। भारत के दो अन्य अस्पतालों को भी वैश्विक सूची में स्थान मिला है।
बयान में कहा गया कि गुड़गांव के मेदांता अस्पताल को इस सूची में 146वां पायदान मिला है। इसे हृदयरोग, कैंसर और अंग प्रतिरोपण जैसी विशेषताओं में अत्याधुनिक तकनीक और विशेषज्ञता के लिए मान्यता दी गई है। इसमें कहा गया कि चंडीगढ़ स्थित स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (पीजीआईएमईआर) को 228वां स्थान मिला है।
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नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की दिल्ली इकाई के नेता और पूर्व विधायक विजय जौली ने दावा किया कि साइबर अपराधियों ने एक फर्जी वेबसाइट के जरिए अयोध्या में कमरे बुक करने का झांसा देकर उनसे हजारों रुपये ठग लिए। संगम विहार से भाजपा के पूर्व विधायक जॉली ने 23 अप्रैल, 2023 को अयोध्या में राम मंदिर के ‘जलाभिषेक' के लिए दुनिया भर की 156 नदियों से जल की व्यवस्था की थी। जॉली ने एक बयान में कहा कि उनकी एनजीओ ‘दिल्ली स्टडी ग्रुप' इस साल 23 अप्रैल को 100 लोगों को अयोध्या में राम मंदिर के दर्शन कराने के लिए लेकर जा रहा है। भाजपा नेता ने कहा कि जालसाजों ने अयोध्या स्थित एक लोकप्रिय धर्मशाला के नाम पर एक फर्जी वेबसाइट बनाई और उनसे ‘‘हजारों रुपये ठग लिए गए।'' जॉली ने कहा कि उन्होंने दिल्ली पुलिस की साइबर अपराध इकाई में शिकायत दर्ज कराई है।
- नयी दिल्ली. भारत ने बृहस्पतिवार को कहा कि यह ‘‘बहुत सकारात्मक'' बात है कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे डी वेंस की आगामी यात्रा से भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों को ‘‘और बढ़ावा'' मिलेगा तथा ‘‘सभी प्रासंगिक मुद्दों'' पर चर्चा होगी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने यह टिप्पणी करते हुए संकेत दिया कि भारतीय नेताओं के साथ वेंस की वार्ता के दौरान व्यापार और शुल्क (टैरिफ) से संबंधित मुद्दों पर चर्चा होगी। वेंस 21 अप्रैल से भारत की चार दिवसीय यात्रा पर आएंगे। इस दौरान वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ वार्ता करेंगे, जिसमें प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते को शीघ्र अंतिम रूप देने और भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने के तरीकों पर ध्यान केंद्रित किया जा सकता है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति के साथ उनकी पत्नी उषा, उनके तीन बच्चे - इवान, विवेक और मीराबेल तथा अमेरिकी प्रशासन के वरिष्ठ सदस्य भी आएंगे। जायसवाल ने कहा, ‘‘यह एक आधिकारिक यात्रा है। वह प्रधानमंत्री से मिलेंगे। अमेरिका के साथ हमारी व्यापक रणनीतिक वैश्विक साझेदारी है। जब आपकी किसी देश के साथ उस स्तर की साझेदारी होगी तो जाहिर है, आप सभी प्रासंगिक मुद्दों पर चर्चा करेंगे।'' उन्होंने कहा, ‘‘अमेरिका के साथ हमारा रिश्ता ऐसा है कि हम जो कुछ भी कर रहे हैं वह मानवीय प्रयास का हिस्सा है।'' जायसवाल ने अपनी साप्ताहिक प्रेस वार्ता में एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘सभी द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की जाएगी तथा हम बहुत सकारात्मक हैं कि यह यात्रा हमारे द्विपक्षीय संबंधों को और बढ़ावा देगी।'' वेंस राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शुल्क विवाद पर बढ़ती वैश्विक चिंताओं के बीच भारत की यात्रा पर आ रहे हैं और दोनों पक्ष प्रस्तावित व्यापार समझौते को मजबूत करने पर विचार-विमर्श कर सकते हैं जिसका उद्देश्य शुल्क, बाजार पहुंच और आपूर्ति श्रृंखला से संबंधित मुद्दों का समाधान करना है। मामले से परिचित लोगों ने बताया कि आगमन के तुरंत बाद वेंस और उनके परिवार के लालकिला जाने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि दोपहर में वेंस राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, विदेश मंत्री एस जयशंकर और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात करेंगे। सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी वेंस और उनके परिवार से बातचीत करेंगे तथा शाम को उनके लिए औपचारिक रात्रिभोज का आयोजन करेंगे। उन्होंने कहा कि वेंस 22 अप्रैल को जयपुर जाएंगे और प्रमुख पर्यटक स्थलों का दौरा करेंगे तथा कुछ कार्यक्रमों में भाग लेंगे। सूत्रों ने बताया कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति और उनका परिवार अगले दिन ताजमहल देखने के लिए आगरा जाएंगे।इस महीने पारस्परिक शुल्क लागू होने के कुछ दिन बाद ट्रंप ने चीन को छोड़कर सभी देशों के लिए इस पर 90 दिन की रोक की घोषणा की। अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड की भारत यात्रा के कुछ सप्ताह बाद वेंस की यह यात्रा हो रही है। गबार्ड ने प्रधानमंत्री मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार डोभाल के साथ अलग-अलग बैठकें की थीं.
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नयी दिल्ली. वित्तीय खुफिया इकाई-भारत (एफआईयू-आईएनडी) और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बेहतर समन्वय, सूचनाओं के आदान-प्रदान और धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) नियमों के अनुपालन के लिए बृहस्पतिवार को एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। वित्त मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। समझौता ज्ञापन (एमओयू) के अनुसार, एफआईयू-आईएनडी और आरबीआई एक-दूसरे के साथ सहयोग करेंगे, प्रासंगिक खुफिया जानकारी और सूचना साझा करेंगे, साथ ही संदिग्ध लेनदेन के लिए ‘खतरों' की पहचान भी करेंगे। वित्त मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, दोनों संगठन प्रक्रिया और तरीके तय करेंगे, जिसके तहत विनियमित संस्थाएं/रिपोर्टिंग इकाइयां धन शोधन रोधक (पीएमएल) नियमों के तहत एफआईयू-आईएनडी को रिपोर्ट करेंगी। वे आरबीआई द्वारा विनियमित संस्थाओं/रिपोर्टिंग संस्थाओं में धन शोधन रोधक/आतंकवाद के वित्तपोषण का मुकाबला करने (एएमएल/सीएफटी) के कौशल के उन्नयन की दिशा में काम करेंगे। एमओयू पर एफआईयू-आईएनडी के निदेशक विवेक अग्रवाल और आरबीआई के विनियमन विभाग के कार्यकारी निदेशक आरएलके राव ने हस्ताक्षर किए। एफआईयू-आईएनडी और आरबीआई, दोनों ही आपसी हितों के मुद्दों पर चर्चा और जानकारी साझा करने के लिए हर तिमाही में एक बार मिलेंगे। बयान में कहा गया, “यह समझौता ज्ञापन धन शोधन रोधक अधिनियम और इसके तहत बनाए गए नियमों के प्रभावी अनुपालन की दिशा में समन्वित प्रयासों को सुगम बनाएगा।”
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नई दिल्ली। साल 2024 में गुजरात के 18 हेरिटेज स्थलों का 36 लाख से अधिक पर्यटकों ने दीदार किया। गुरुवार को साझा किए गए सरकारी आंकड़ों के अनुसार 18 हेरिटेज स्थलों पर 36.95 लाख से अधिक देशी और विदेशी पर्यटकों ने दौरा किया। गुजरात के चार यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों को देखने के लिए भी पर्यटक बड़ी संख्या में पहुंचे। अहमदाबाद ने सबसे अधिक 7.15 लाख पर्यटकों को आकर्षित किया। इसके बाद पाटन में स्थित रानी की वाव में 3.64 लाख पर्यटक, कच्छ के धोलावीरा में 1.6 लाख और चंपानेर-पावागढ़ में 47,000 से अधिक पर्यटक आए।
चंपानेर-पावागढ़, कालिका माता मंदिर, रानी की वाव विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त महत्वपूर्ण सांस्कृतिक स्थल हैंदरअसल, विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त ये चार स्थल महत्वपूर्ण सांस्कृतिक स्थल हैं। 2004 में सूचीबद्ध हुए चंपानेर-पावागढ़ को हिंदू और इस्लामी वास्तुकला के मिश्रण और पवित्र कालिका माता मंदिर के लिए जाना जाता है। रानी की वाव को साल 2014 में यूनेस्को सूची में शामिल किया गया था, जो 11वीं सदी की एक शानदार बावड़ी है, जिसमें विस्तृत मूर्तियां हैं और यह भारत के 100 रुपये के नोट पर भी चित्रित है।अहमदाबाद को साल 2017 में भारत का पहला यूनेस्को विश्व धरोहर शहर घोषित किया गया थाइसके अलावा, अहमदाबाद को साल 2017 में भारत का पहला यूनेस्को विश्व धरोहर शहर घोषित किया गया था, जो 600 साल से अधिक के इतिहास को दर्शाता है, जिसमें प्राचीन हवेलियां, मस्जिदें, मंदिर और पोल शामिल हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, सिंधु घाटी सभ्यता का एक प्राचीन शहर और यूनेस्को की साइट धोलावीरा साल 2021 से यूनेस्को स्थल घोषित है, जो उन्नत प्राचीन शहरी योजना और जल संरक्षण तकनीकों की एक झलक पेश करती है।गुजरात के कई कम-ज्ञात, लेकिन सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थल भी पर्यटकों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैंइसके साथ, गुजरात के कई कम-ज्ञात, लेकिन सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थल भी पर्यटकों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं, जिन्हें स्थायी पर्यटन पहलों और बेहतर पहुंच से सहायता मिल रही है। राज्य की धरोहर पर्यटन नीति पुराने किलों, महलों और ग्रामीण तथा अर्ध-शहरी क्षेत्रों की धरोहर इमारतों के पुनर्जनन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह नीति धरोहर संपत्तियों के अनुकूली पुन: उपयोग को बढ़ावा देती है और क्षेत्र की वास्तुकला विरासत को संरक्षित व प्रदर्शित करने के लिए सार्वजनिक-निजी साझेदारी को प्रोत्साहित करती है।18 अप्रैल को विश्व धरोहर दिवस के रूप में मनाया जाता है, जो सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व के स्थलों को संरक्षित करने के महत्व को रेखांकित करता हैविश्व धरोहर दिवस को हर साल 18 अप्रैल को मनाया जाता है, जो सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व के स्थलों को संरक्षित करने के महत्व को रेखांकित करता है। इस साल की थीम “आपदा और संघर्ष से जोखिम में धरोहर: भविष्य की तैयारी” है, जिसे आईसीओएमओएस ने घोषित किया है। यह थीम गुजरात के दृष्टिकोण से मेल खाती है, जो संरक्षण और आधुनिक चुनौतियों के सामने लचीलापन दोनों पर जोर देती है। -
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि नया ‘अनुसंधान’ राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (एएनआरएफ) सरकार के सभी विज्ञान मंत्रालयों और विभागों के लिए एक महत्वपूर्ण संगठन है। एएनआरएफ की जरूरत बेहतर सहयोग के लिए निजी कंपनियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए समझी गई थी।
बैठक में देश की जरूरतों, प्राइवेट कंपनियों की भागीदारी और बाजार की मांग के अनुरूप एक दृष्टिकोण प्रस्तुत कियाराष्ट्रीय विज्ञान केंद्र में सभी विज्ञान मंत्रालयों और विभागों की एक उच्च स्तरीय संयुक्त बैठक की अध्यक्षता करते हुए, केंद्रीय मंत्री ने अलग-अलग विभागों में जो भी रिसर्च हो रही है, उसे देश की जरूरतों, प्राइवेट कंपनियों की भागीदारी और बाजार की मांग के हिसाब से किए जाने के लिए एक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया।मार्केट-रिलेवेंट और पब्लिक-गुड प्रोडक्ट्स डिलीवर करने के इरादे से काम करने की जरूरतजितेंद्र सिंह ने कहा कि इस बदलाव का मुख्य कारण एक ऐसी साझा रिसर्च योजना बनाना है, जो अवरोधों को समाप्त करें, एक ही तरह का काम बार-बार न हो, और समाज को ऐसे फायदे मिलें जो ठोस और व्यापक हों। उन्होंने जोर देते हुए कहा, “सभी विज्ञान मंत्रालयों को मार्केट-रिलेवेंट और पब्लिक-गुड प्रोडक्ट्स डिलीवर करने के इरादे से काम करना चाहिए। एएनआरएफ सिर्फ समन्वय का काम नहीं करेगा, बल्कि निजी क्षेत्र के निवेश और नए विचारों को बढ़ावा भी देगा।”एएनआरएफ के सीईओ डॉ. शिवकुमार कल्याणरमन ने एक बोल्ड रोडमैप की रूपरेखा तैयार की, जिसमें फंडिंग मॉडल, निजी क्षेत्र का इंटीग्रेशन को शामिल किया गयाएएनआरएफ के सीईओ डॉ. शिवकुमार कल्याणरमन ने एक बोल्ड रोडमैप की रूपरेखा तैयार की, जिसमें फंडिंग मॉडल, निजी क्षेत्र का इंटीग्रेशन और एआई-लेड वैज्ञानिक गति को शामिल किया गया है। एजेंसी आर्थिक विकास और सामाजिक प्रभाव को केंद्र में रखकर अपने काम को एनएसएफ और डीएआरपीए जैसी वैश्विक रूप से सफल संस्थाओं की तरह बना रही है और क्रॉस-मिनिस्ट्रियल मिशन शुरू कर रही है।प्रोग्राम का उद्देश्य रियल-वर्ल्ड एप्लीकेशन के लिए टेक्नोलॉजी के बेहतर इस्तेमाल में स्टार्टअप और एमएसएमई को सपोर्ट करना है‘एएनआरएफ’ विश्व के बेहतरीन उदारहणों से प्रेरित होकर एक ‘स्मॉल बिजनेस डीप टेक इनोवेशन’ प्रोग्राम शुरू करने के लिए तैयार है। इस प्रोग्राम का उद्देश्य रियल-वर्ल्ड एप्लीकेशन के लिए टेक्नोलॉजी के बेहतर इस्तेमाल में स्टार्टअप और एमएसएमई को सपोर्ट करना है।‘एएनआरएफ’ नेशनल रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने के लिए ‘क्लाउड ऑफ रिसर्च एंड इनोवेशन इंफ्रास्ट्रक्चर’ को भी रोलआउट करेगा‘एएनआरएफ’ नेशनल रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने के लिए ‘क्लाउड ऑफ रिसर्च एंड इनोवेशन इंफ्रास्ट्रक्चर’ को भी रोलआउट करेगा, जिसकी मदद से डीप-टेक स्टार्टअप और संस्थान देश भर में कम इस्तेमाल किए जाने वाले इक्विप्मेंट तक अपनी पहुंच बना सकेंगे। फाउंडेशन की ‘एआई फॉर साइंस’ पहल एक मुख्य आकर्षण है, जो फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी में साइंटिफिक इक्वेश्चन को मॉडल करने के लिए एआई का इस्तेमाल करती है।केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने महंगे विदेशी पायलट प्रशिक्षण पर भारत की निर्भरता को कम करने की परियोजना की क्षमता को उजागर किया और बेंगलुरु से आगे उत्पादन बढ़ाने के लिए निजी एयरलाइंस और एयरोस्पेस कम्पोनेंट मैन्युफैक्चरर्स को शामिल करने का सुझाव दिया। -
नई दिल्ली। नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने कहा कि वर्तमान में दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था ‘भारत’ आने वाले तीन वर्षों में जापान और जर्मनी से आगे निकलकर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि ‘विकसित भारत’ का सपना पूरा होने के साथ ही देश 2047 में 30 ट्रिलियन डॉलर की विश्व की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में पहचाना जाएगा।
भारत दुनिया के लिए शिक्षा का केंद्र बन सकता हैएक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुब्रह्मण्यम ने कहा कि भारत दुनिया के लिए शिक्षा का केंद्र बन सकता है, क्योंकि देश का लोकतांत्रिक होना इसे दूसरे देशों से कई मायनों में अलग बनाता है। उन्होंने कहा कि भारत अगले वर्ष के अंत तक पांचवीं से चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा और इसके बाद देश अपने विकास की गति को तेज करते हुए तीसरा और दूसरा स्थान भी पा लेगा।सुब्रह्मण्यम ने लॉ और अकाउंटिंग फर्म सहित सभी भारतीय कंपनियों से दुनिया का नेतृत्व करने की आकांक्षा को जगाने का आग्रह कियाआईएमएफ के ताजा अनुमानों के अनुसार, भारत की रियल जीडीपी 4.3 ट्रिलियन डॉलर की है, जो जापान के 4.4 ट्रिलियन डॉलर और जर्मनी के 4.9 ट्रिलियन डॉलर से कुछ ही मामूली अंतर को दर्शाती है। नीति आयोग के सीईओ सुब्रह्मण्यम ने लॉ और अकाउंटिंग फर्म सहित सभी भारतीय कंपनियों से दुनिया का नेतृत्व करने की आकांक्षा को जगाने का आग्रह किया।भारत दुनिया में कामकाजी आयु वर्ग के लोगों का एक स्थिर सप्लायर होगा जो कि हमारी सबसे बड़ी ताकत होगीउन्होंने मध्य-आय वाले देशों द्वारा झेली जाने वाली परेशानियों को कम-आय वाले देशों द्वारा झेली जाने वाली परेशानियों से अलग बताया। उन्होंने कहा, “यह गरीब को खाना खिलाने और निर्वस्त्र को कपड़े पहनाने से जुड़ा नहीं है, यह इस बारे में है कि आप किस तरह एक नॉलेज इकोनॉमी बनते हैं।” सुब्रह्मण्यम ने बताया कि जापान 15,000 भारतीय नर्सों और जर्मनी 20,000 स्वास्थ्य कर्मियों को ले रहा है। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि इन दोनों ही देशों के पास लोगों की कमी है और वहां पारिवारिक व्यवस्थाएं टूट गई हैं। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया में कामकाजी आयु वर्ग के लोगों का एक स्थिर सप्लायर होगा, जो कि हमारी सबसे बड़ी ताकत होगी। -
जयपुर. राजस्थान के उदयपुर जिले में एक कच्चे मकान में आग लगने से दो बच्चे जिंदा जल गए और दो अन्य घायल हो गए। पुलिस के अनुसार यह हादसा जिले के छतरी गांव में बुधवार रात हुआ। पाटिया के थानाधिकारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं है।
उन्होंने बताया, "प्रभुलाल गमेती के घर में अचानक आग लग गई, जिसमें उनके चार बच्चे फंस गए। प्रभुलाल और उनकी पत्नी पुष्पा घर के अंदर भागे और दो बच्चों को बचाने में सफल रहे, जबकि दो बच्चे जल गए।" आग लगने की घटना में उनकी बेटी जीनल (14) और बेटे सिद्धार्थ (8) की मौत हो गई। -
नयी दिल्ली. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बृहस्पतिवार को कहा कि इस साल भारत का रक्षा उत्पादन 1.60 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने की उम्मीद है और 2029 तक तीन लाख करोड़ रुपये मूल्य के सैन्य उपकरणों के निर्माण का लक्ष्य है। राजनाथ ने कहा कि भारत रक्षा उपकरणों के आयात पर अपनी निर्भरता कम करेगा और एक रक्षा औद्योगिक परिवेशी तंत्र बनाएगा, जो न केवल देश की जरूरतों को पूरा करेगा बल्कि रक्षा निर्यात की क्षमता को भी मजबूत करेगा। रक्षा मंत्री ने 'द वीक' पत्रिका द्वारा आयोजित 'डिफेंस कॉन्क्लेव 2025 - फोर्स ऑफ द फ्यूचर' में अपने संबोधन में यह बात कही। उन्होंने कहा, ‘‘वह दिन दूर नहीं जब भारत न केवल विकसित देश के रूप में उभरेगा, बल्कि हमारी सैन्य शक्ति भी विश्व में शीर्ष पर होगी। इस वर्ष रक्षा उत्पादन 1.60 लाख करोड़ रुपये को पार कर जाना चाहिए, जबकि हमारा लक्ष्य वर्ष 2029 तक तीन लाख करोड़ रुपये मूल्य के रक्षा उपकरण तैयार करना है।'' रक्षा मंत्री ने कहा कि जहां भारत की रक्षा विनिर्माण क्षमताएं राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक स्वायत्तता पर केंद्रित हैं, वहीं वे विनिर्माण को वैश्विक 'आपूर्ति बाधाओं' से भी बचा रही हैं। उन्होंने घोषणा की, ‘‘ हमारा रक्षा निर्यात इस वर्ष 30,000 करोड़ रुपये और वर्ष 2029 तक 50,000 करोड़ रुपये तक पहुंच जाना चाहिए।'' सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता का उद्देश्य विवादों और संघर्षों को भड़काना नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत की रक्षा क्षमताएं क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए एक विश्वसनीय प्रतिरोधक शक्ति की तरह हैं और शांति तभी संभव है जब भारत मजबूत बना रहे। सिंह ने अपने संबोधन में स्वदेशीकरण, नवाचार और वैश्विक नेतृत्व पर ध्यान केंद्रित करते हुए रक्षा क्षेत्र में 'आत्मनिर्भर तथा भविष्य के लिए तैयार' भारत के लक्ष्य हेतु एक आकर्षक दृष्टिकोण भी प्रस्तुत किया। रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत न केवल अपनी सीमाओं को सुरक्षित कर रहा है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय रक्षा परिवेशी तंत्र में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में भी अपनी स्थिति बना रहा है। सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में रक्षा क्षेत्र का पुनरुद्धार और सुदृढ़ीकरण सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने कहा कि सरकार की पहली और सबसे बड़ी चुनौती इस मानसिकता को बदलना है कि भारत अपनी रक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए केवल आयात करेगा। सिंह ने कहा, ‘‘आज, जहां भारत का रक्षा क्षेत्र आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ रहा है, वहीं वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को लचीला बनाने में भी बहुत बड़ी भूमिका निभाने के लिए तैयार है।'' उन्होंने कहा कि 'मेक इन इंडिया' कार्यक्रम न केवल देश के रक्षा उत्पादन को मजबूत कर रहा है, बल्कि इसमें वैश्विक रक्षा आपूर्ति श्रृंखला को लचीला और सुदृढ़ बनाने की क्षमता भी है। सिंह ने युद्ध की बदलती हुई प्रकृति पर जोर देते हुए कहा कि आने वाले दिनों में संघर्ष और युद्ध अधिक हिंसक और अप्रत्याशित होंगे तथा साइबर और अंतरिक्ष क्षेत्र तेजी से नए युद्धक्षेत्र के रूप में उभर रहे हैं और इसके साथ ही, पूरी दुनिया में कथानक और धारणा का युद्ध भी लड़ा जा रहा है। सिंह ने रक्षा क्षेत्र में सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि 200 वर्ष से अधिक पुराने आयुध कारखानों का निगमीकरण एक साहसिक लेकिन आवश्यक कदम था। रक्षा मंत्री ने कहा, ‘‘ आज आयुध कारखाने अपने नए स्वरूप में बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और लाभ कमाने वाली इकाइयां बन गए हैं। मेरा मानना है कि 200 वर्ष से भी अधिक पुराने ढांचे को बदलना इस सदी का बहुत बड़ा सुधार है।'' रक्षा मंत्री ने सरकार के स्वदेशीकरण अभियान को रेखांकित किया तथा सशस्त्र बलों द्वारा पांच तथा रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (डीपीएसयू) द्वारा पांच सकारात्मक स्वदेशीकरण सूचियां जारी किए जाने का उल्लेख किया। उन्होंने रक्षा बजट का 75 प्रतिशत हिस्सा घरेलू कम्पनियों से खरीद के लिए आरक्षित करने के सरकार के निर्णय का भी जिक्र किया।
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मुंबई. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बृहस्पतिवार को कहा कि संरक्षणवादी नीतियों के बढ़ने से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला बाधित होने की आशंका है, लेकिन भारत उपयुक्त नीतियों और दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ वैश्विक व्यवधानों से निपट लेगा। वैश्विक व्यापार युद्ध को लेकर चिंताओं बीच सीतारमण ने कहा कि सरकार का ध्यान मजबूत घरेलू आधार बनाने पर रहेगा। बीएसई के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा, ‘‘ हम उपयुक्त नीतियों और दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ वैश्विक व्यवधानों से निपटेंगे... व्यापार पर पुनर्संतुलन के प्रयास बहुत ही चुनौतीपूर्ण हैं।'' वित्त मंत्री ने कहा कि हाल की वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत के वित्तीय बाजारों ने उल्लेखनीय रूप जुझारू क्षमता का प्रदर्शन किया है। उन्होंने बाजारों में खुदरा निवेशकों के भरोसे की सराहना भी की।
घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) का भारतीय बाजारों में सहायक से प्रमुख भूमिका में आना भारत के पूंजी बाजार की बढ़ती परिपक्वता तथा गहराई को रेखांकित करता है। इस महीने की शुरुआत में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत सहित अधिकतर देशों पर शुल्क लगाने की घोषणा के बाद से वैश्विक स्तर पर शेयर बाजारों में उथल-पुथल मची हुई है। हालांकि, अमेरिकी सरकार के जवाबी शुल्क लागू करने पर 90 दिन की रोक लगाने की घोषणा के बाद बाजारों में कुछ सुधार हुआ है।




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