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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि संशोधित राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम (एनपीडीडी) को मंजूरी दिए जाने के केन्द्रीय मंत्रिमंडल के फैसले से इस क्षेत्र में व्यापक बदलाव आएगा, किसानों के लिए बेहतर मूल्य सुनिश्चित करेगा और साथ ही रोजगार सृजन भी करेगा। मोदी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भारत के डेयरी क्षेत्र को बड़ी मजबूती! संशोधित राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम के लिए मंत्रिमंडल की मंजूरी इस क्षेत्र के परिवर्तन में योगदान देगी, जिससे किसानों के लिए बेहतर मूल्य निर्धारण, रोजगार सृजन और बहुत कुछ सुनिश्चित होगा।'' प्रधानमंत्री ने पशुधन क्षेत्र में विकास को बढ़ावा देने के लिए संशोधित राष्ट्रीय गोकुल मिशन (आरजीएम) को मंजूरी दिए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे दूध उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, स्वदेशी नस्लों में सुधार होगा और कई डेयरी किसानों को सशक्त बनाया जाएगा। उन्होंने इसे पशुधन क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम करार दिया।
प्रधानमंत्री ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए ‘व्यक्ति से व्यापारी (पी2एम) तक कम मूल्य वाले भीम-यूपीआई लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए ‘प्रोत्साहन योजना' को मंजूरी दिए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि यह डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहित करेगा और 'जीवन की सुगमता' को बढ़ावा देगा। मोदी ने महाराष्ट्र में जेएनपीए पोर्ट (पगोटे) से चौक (29.219 किमी) तक 6-लेन पहुंच नियंत्रित ग्रीनफील्ड राजमार्ग के निर्माण संबंधी केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसले को ‘पीएम गतिशक्ति' के दृष्टिकोण के अनुरूप बताया और कहा कि यह परियोजना मुंबई और पुणे के आसपास के क्षेत्रों के विकास को गति देगी। ब्रह्मपुत्र वैली फर्टिलाइजर कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीवीएफसीएल), नामरूप असम के मौजूदा परिसर में 12.7 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) वार्षिक यूरिया उत्पादन क्षमता का एक नया ब्राउनफील्ड अमोनिया-यूरिया कॉम्प्लेक्स स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने के फैसले को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे घरेलू यूरिया उत्पादन में वृद्धि होगी, पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में किसानों को लाभ होगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा, यह उर्वरक सुरक्षा सुनिश्चित करके और ऊर्जा कुशल उत्पादन को बढ़ावा देकर आत्मनिर्भर भारत के हमारे दृष्टिकोण को भी मजबूत करेगा। -
नयी दिल्ली. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि देश में छह महीनों के भीतर पेट्रोल और इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के दाम एकसमान हो जाएंगे। गडकरी ने बुधवार को 32वें कन्वर्जेंस इंडिया और 10वें स्मार्ट सिटीज इंडिया एक्सपो को संबोधित करते हुए कहा कि 212 किलोमीटर लंबे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य अगले तीन माह में पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘छह महीने के भीतर ईवी की कीमत पेट्रोल वाहनों के बराबर हो जाएगी।''
मंत्री ने कहा कि सरकार की नीति आयात विकल्प, लागत दक्षता, प्रदूषण मुक्त और स्वदेशी उत्पादन की है। उन्होंने कहा कि देश को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के लिए बुनियादी ढांचे में सुधार जरूरी है। उन्होंने कहा, ‘‘अच्छी सड़कें बनाकर हम अपनी लॉजिस्टिक लागत को कम कर सकते हैं। गडकरी ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था का भविष्य बहुत अच्छा है और सरकार स्मार्ट शहरों और स्मार्ट परिवहन के प्रति प्रतिबद्ध है। गडकरी ने कहा कि सड़क निर्माण की लागत कम करने के लिए नई प्रौद्योगिकी और नवोन्मेषण को बढ़ावा देने की जरूरत है। -
नयी दिल्ली। सॉफ्टवेयर कंपनी माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की और प्रौद्योगिकी, नवाचार तथा स्थिरता सहित कई विषयों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि वह इस बात से प्रभावित हैं कि भारत में किस तरह नवाचार ‘‘स्थानीय और वैश्विक स्तर पर प्रगति'' को गति दे रहा है। गेट्स ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा से भी मुलाकात की। इस दौरान स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में सरकार और बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के बीच सहयोग की समीक्षा की गई। उन्होंने ‘रायसीना डायलॉग' से इतर विदेश मंत्री एस जयशंकर से भी मुलाकात की और इस दौरान उनके बीच विस्तृत बातचीत हुई। जयशंकर ने ‘एक्स' पर पोस्ट किया, ‘‘विकास चुनौतियों, नवाचार की संभावना और भारत की प्रासंगिकता पर चर्चा हुई।'' गेट्स ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के साथ भी बैठक की। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, कृषि और रोजगार सृजन के क्षेत्रों में सेवा वितरण में सुधार के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और पूर्वानुमान विश्लेषण का लाभ उठाने पर चर्चा की। मोदी से मुलाकात के बाद गेट्स ने ‘एक्स' पर पोस्ट किया, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ मेरी भारत के विकास, 2047 तक विकसित भारत के मार्ग और स्वास्थ्य, कृषि, एआई और अन्य क्षेत्रों में रोमांचक प्रगति के बारे में बहुत अच्छी चर्चा हुई, जो आज प्रभाव पैदा कर रही है। यह देखना प्रभावशाली है कि भारत में नवाचार किस तरह स्थानीय और वैश्विक स्तर पर प्रगति को गति दे रहा है।'' प्रधानमंत्री ने कहा,‘‘हमेशा की तरह, बिल गेट्स के साथ एक शानदार बैठक हुई। हमने आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर भविष्य बनाने की दिशा में तकनीक, नवाचार और स्थिरता सहित विविध मुद्दों पर चर्चा की।'' नड्डा ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में गेट्स फाउंडेशन के सहयोग से मातृ स्वास्थ्य, टीकाकरण और स्वच्छता जैसे क्षेत्रों में भारत द्वारा की गई प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, ‘‘हम अपने सहयोग ज्ञापन को नवीनीकृत करने तथा सभी नागरिकों के लिए किफायती, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने की अपनी साझा प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाने के लिए तत्पर हैं।'' गेट्स के साथ अपनी बैठक के बाद नायडू ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में राज्य के दीर्घकालिक विकास लक्ष्य ‘स्वर्ण आंध्र प्रदेश 2047' के दृष्टिकोण को साकार करने में गेट्स फाउंडेशन की भूमिका की सराहना की। नायडू ने कहा, ‘‘हमारा मानना है कि गेट्स फाउंडेशन के साथ यह साझेदारी हमारे लोगों को सशक्त बनाने और इस लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।'' गेट्स ने बुधवार को संसद परिसर का भी दौरा किया जहां वर्तमान में बजट सत्र चल रहा है।
गेट्स ने सोमवार को कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की थी। बैठक के बाद एक बयान में चौहान ने कहा था, ‘‘बिल फाउंडेशन पहले से ही कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय के सहयोग से भारत सरकार के साथ काम कर रहा है और आज फिर हमने चर्चा की कि हम किन क्षेत्रों में मिलकर काम कर सकते हैं। -
नयी दिल्ली. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को मशहूर हस्तियों, राजनेताओं, वैज्ञानिकों और अन्य लोगों के साथ नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स के नौ महीने बाद पृथ्वी पर लौटने पर प्रसन्नता जाहिर की और उन्हें आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बताया तथा उनके दृढ़ संकल्प की सराहना की। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के विलियम्स, बुच विल्मोर और निक हेग, तथा रूसी अंतरिक्ष एजेंसी ‘रोस्कोस्मोस' के अंतरिक्ष यात्री अलेक्जेंडर गोरबुनोव, स्पेसएक्स के ड्रैगन अंतरिक्ष यान से पृथ्वी पर वापस लौटे, जो अमेरिका में फ्लोरिडा के तल्हासी तट के पास समुद्र में उतरा। विलियम्स और विल्मोर नौ महीने पहले बोइंग की एक परीक्षण उड़ान के जरिये अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचे थे। दोनों अंतरिक्षयात्री पांच जून 2024 को बोइंग के नए स्टारलाइनर क्रू यान में सवार होकर अंतरिक्ष में गए थे और उनके एक सप्ताह बाद ही लौटने की उम्मीद थी। अंतरिक्ष स्टेशन के रास्ते में इतनी सारी समस्याएं आईं कि नासा को अंततः स्टारलाइनर को खाली वापस धरती पर लाना पड़ा और अंतरिक्ष यात्रियों की वापसी में देरी हुई। राष्ट्रपति मुर्मू ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘नासा के ‘क्रू9' मिशन की धरती पर सुरक्षित वापसी को सफल बनाने वाली पूरी टीम को बधाई। भारत की बेटी सुनीता विलियम्स और उनके साथी अंतरिक्षयात्रियों ने अपनी दृढ़ता, समर्पण और कभी हार न मानने की भावना से सभी को प्रेरित किया है।'' प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘यह धैर्य, साहस और असीम मानवीय भावना की परीक्षा थी। सुनीता विलियम्स और ‘क्रू़9' अंतरिक्ष यात्रियों ने एक बार फिर हमें दिखाया कि दृढ़ता का असली मतलब क्या है। विशाल अज्ञात के सामने उनका अडिग दृढ़ संकल्प हमेशा लाखों लोगों को प्रेरित करेगा।'' उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष अन्वेषण का मतलब मानवीय क्षमता की सीमाओं को आगे बढ़ाना, सपने देखने का साहस करना और उन सपनों को हकीकत में बदलने का साहस रखना है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘पथप्रदर्शक और आदर्श सुनीता विलियम्स ने अपने पूरे करियर में इस भावना का उदाहरण पेश किया है। हमें उन सभी पर गर्व है, जिन्होंने उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए अथक परिश्रम किया। उन्होंने दिखाया है कि जब सटीकता जुनून से मिलती है और प्रौद्योगिकी दृढ़ता से मिलती है, तो क्या होता है।'' भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने कहा कि विलियम्स की सुरक्षित वापसी एक उल्लेखनीय उपलब्धि है और यह नासा, स्पेसएक्स तथा अंतरिक्ष अभियान के प्रति अमेरिका की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। इसरो के पूर्व वैज्ञानिक नंबी नारायणन ने अंतरिक्ष यात्रियों को वापस लाने के लिए नासा और स्पेसएक्स की सार्वजनिक-निजी साझेदारी की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, ‘‘मैं यह अभियान देख रहा था, यह बहुत बढ़िया था। निजी भागीदारी के साथ, हम इस अनुभव से सीख सकते हैं... इस तरह का अभियान केवल निजी भागीदारी से ही सफल हो सकता है।'' भारतीय खगोलभौतिकी संस्थान (आईआईए) के प्रोफेसर रमेश कपूर ने कहा कि उन्हें अंतरिक्ष यात्रियों के शीघ्र स्वस्थ होने की आशा है। उन्होंने कहा, ‘‘वे अंतरिक्ष में हानिकारक विकिरणों के संपर्क में रहे हैं और उनकी मांसपेशियों में दिक्कतें हुई हैं तथा हड्डियों का घनत्व भी कम हुआ है। सामान्यतः उन्हें ठीक होने में कई महीने लगते हैं, लेकिन हम सभी को आशा है कि वे शीघ्र स्वस्थ हो जाएंगे। उन्हें बहुत प्रसन्न देखकर तथा आस-पास मौजूद सभी लोगों की ओर हाथ हिलाकर अभिवादन करते देखकर मुझे बहुत अच्छा लगा।'' केंद्रीय मंत्री अमित शाह, राजनाथ सिंह और पीयूष गोयल के साथ-साथ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने भी विलियम्स को बधाई दी। शाह ने कहा, ‘‘एक चुनौतीपूर्ण अंतरिक्ष अभियान को पूरा करते हुए क्रू9 का सफल प्रक्षेपण, मानवीय जीवटता का प्रमाण है। यह इस बात का प्रेरक प्रदर्शन है कि किस तरह साहस, धैर्य और समर्पण के साथ सबसे कठिन बाधाओं को भी पार किया जा सकता है।'' सिंह ने सुनीता विलियम्स और क्रू-9 के उनके सहयोगी सदस्यों की वापसी पर प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि उन्होंने अंतरिक्ष में मानवीय जीवटता और दृढ़ता का इतिहास फिर से लिख दिया है। गोयल ने अपने पोस्ट में कहा, ‘‘यह अविश्वसनीय क्षण मानवीय दृढ़ता की जीत के रूप में हमारे मन में हमेशा के लिए अंकित रहेगा...।'' खरगे ने ‘एक्स' पर पोस्ट किया, ‘‘पृथ्वी पर पुनः आपका स्वागत है, सुनीता विलियम्स! कांग्रेस की ओर से, मैं नासा के अंतरिक्ष यात्री बुच विल्मोर के साथ आपकी सुरक्षित और सफल वापसी पर हार्दिक बधाई एवं हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। आपके विस्तारित मिशन के सुरक्षित समापन से भारत के 1.4 अरब नागरिकों को राहत और प्रसन्नता की अनुभूति हुई है, जो आपकी उपलब्धियों पर बेहद गर्व महसूस करते हैं।'' तमिलनाडु के राज्यपाल आर एन रवि ने कहा कि विलियम्स की अंतरिक्ष स्टेशन में वैज्ञानिक मिशन के समापन पर धरती पर वापसी महत्वपूर्ण है लेकिन यह इससे भी आगे, दृढ़ता की ऐतिहासिक जीत है जिसने साबित किया कि दृढ़ संकल्प और साहस प्रतिकूल परिस्थितियों को उपलब्धि में बदल देते हैं। विलियम्स और बुच विल्मोर की तारीफ करते हुए झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार ने कहा कि उनके धैर्य, साहस और आत्मविश्वास ने प्रेरणा का एक नया उदाहरण स्थापित किया है। विलियम्स को ‘‘भारत की बेटी'' बताते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अंतरिक्ष यात्रियों की वापसी की सराहना की। बनर्जी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर का इतने दिनों के बाद धरती पर वापस आने पर स्वागत है। भारत की हमारी बेटी हमारे पास वापस आ गई है और हम बेहद खुश और उत्साहित हैं। हम बुच विल्मोर के लिए भी बेहद खुश हैं। उनके साहस, उनकी वापसी, मानवीय जीवटता की सराहना करती हूं।'' मुख्यमंत्री बनर्जी ने कहा, ‘‘मैं टीम को उनके जबरदस्त सहयोग और सफलता के लिए बधाई देती हूं।''
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने कहा कि विलियम्स के देश से जुड़ाव पर सभी भारतीय को बहुत गर्व है। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने भी अंतरिक्ष यात्रियों की वापसी को मानवीय दृढ़ संकल्प का उदाहरण बताया। असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने अंतरिक्ष यात्रियों के जज्बे की प्रशंसा की। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि विलियम्स की अंतरिक्ष में नौ महीने की अविश्वसनीय यात्रा वास्तव में प्रेरणादायक रही है। केरल विधानसभा के अध्यक्ष ए एन शमसीर ने कहा कि विलियम्स की उपलब्धि भारतीय मूल के व्यक्ति के साहस और समर्पण का एक ‘‘शानदार उदाहरण'' है, इसलिए यह देश के लिए भी गौरव का क्षण है। शमसीर ने कहा, ‘‘यह मिशन दर्शाता है कि सपनों की कोई सीमा नहीं होती। हम (विधानसभा) सुनीता विलियम्स और यात्रा में उनकी मदद करने वाले सभी को हार्दिक बधाई देते हैं।'' पुडुचेरी विधानसभा के अध्यक्ष आर सेल्वम ने सदन में विलियम्स और अन्य अंतरिक्ष यात्रियों की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा अंतरिक्ष यात्री की बहादुरी की सराहना का उल्लेख किया। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स की धरती पर सुरक्षित वापसी पर खुशी जताई। विधानसभा में स्टालिन ने अंतरिक्ष यात्री बुच विल्मोर और सुनीता विलियम्स के लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर रहने और उनके सामने आई समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी सुरक्षित वापसी से ‘‘हम सभी खुश हैं।'' उन्होंने सुनीता विलियम्स और अन्य अंतरिक्ष यात्री को सुरक्षित घर वापस लाने के लिए जिम्मेदार सभी लोगों की सराहना और आभार व्यक्त किया। तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और अन्नाद्रमुक महासचिव के पलानीस्वामी ने एक पोस्ट में कहा, ‘‘अनिश्चितता और चुनौतियों का सामना करते हुए अंतरिक्ष में नौ महीने तक रहने के लिए सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर की जीवटता को सलाम।'' ओडिशा के राज्यपाल हरी बाबू कंभमपति, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने विलियम्स और बुच विल्मोर की अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर नौ महीने रहने के बाद पृथ्वी पर सुरक्षित वापसी पर शुभकामनाएं दीं। माझी ने कहा, ‘‘सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर को विस्तारित मिशन के बाद पृथ्वी पर सुरक्षित वापसी पर बधाई। उनका समर्पण और जज्बा हम सभी को प्रेरित करता है।'' पटनायक ने कहा कि सुनीता और बुच की वापसी के बारे में जानकर उन्हें बहुत खुशी मिली है। उन्होंने अंतरिक्ष यात्रियों की सराहना करते हुए कहा, ‘‘बाहरी अंतरिक्ष में अनिश्चितता का सामना करने में आपका धैर्य और उल्लेखनीय धैर्य मानवीय भावना की जीत है। आपका ऐतिहासिक प्रवास लाखों लोगों को प्रेरित करता रहेगा।'' महिंद्रा समूह के अध्यक्ष आनंद महिंद्रा ने कहा कि विलियम्स की धरती पर वापसी से उन्हें ‘‘बहुत राहत'' मिली है। महिंद्रा ने विलियम्स के साथ एक पुरानी तस्वीर साझा करते हुए लिखा, ‘‘वह साहस की प्रतिमूर्ति हैं और उनका हमारे बीच वापस आना अच्छा है। स्वागतम, सुनीता।'' अभिनेता चिरंजीवी और आर माधवन ने विलियम्स को पृथ्वी पर लौटने पर बधाई दी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में चिरंजीवी ने दोनों की पृथ्वी पर वापसी को ‘‘ऐतिहासिक'' और ‘‘साहसपूर्ण'' बताया। अभिनेता जैकी श्रॉफ ने पोस्ट किया, ‘‘अंतरिक्ष में नौ महीने तक टिके रहने के लिए असाधारण धैर्य, अटूट लचीलापन और खोज की अदम्य भावना की आवश्यकता होती है।
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नयी दिल्ली. सरकार ने बुधवार को राज्यसभा में कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों द्वारा पेट्रोल में इथेनॉल का मिश्रण करने का स्तर, फरवरी में 19.68 प्रतिशत पर पहुंच गया। राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में, खाद्य और उपभोक्ता मामलों के राज्य मंत्री निमूबेन जयंतीभाई बंभानिया ने कहा कि वर्तमान में, पेट्रोल में मिश्रण के लिए इथेनॉल मुख्य रूप से गन्ना रस, चीनी, चीनी उप-उत्पाद (शीरा) और अनाजों से उत्पादित होता है।'' पेट्रोल और अन्य औद्योगिक उपयोगों में मिश्रण के लिए इथेनॉल का उपयोग किया जा रहा है। इथेनॉल आपूर्ति वर्ष नवंबर से अक्टूबर तक चलता है। मंत्री ने कहा, ‘‘फरवरी 2025 के लिए, सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों द्वारा 19.68 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण हासिल किया गया।
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नई दिल्ली। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में बताया कि भारतीय रेलवे वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और दिव्यांग यात्रियों को लोअर बर्थ (निचली बर्थ) पर यात्रा की विशेष सुविधा दे रहा है। रेलवे ने इन यात्रियों की सुविधा के लिए कोटा तय किया है, जिससे उन्हें यात्रा में अधिक आराम मिले।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि वरिष्ठ नागरिकों, 45 वर्ष और उससे अधिक उम्र की महिलाओं और गर्भवती महिलाओं को टिकट बुकिंग के समय, उपलब्धता के अनुसार, स्वचालित रूप से लोअर बर्थ दी जाती है, भले ही उन्होंने बुकिंग के दौरान इसका विकल्प न चुना हो।रेलवे ने सभी ट्रेनों में विशेष कोटा तय किया है। स्लीपर क्लास में प्रति कोच 6-7 लोअर बर्थ, एसी 3 टियर (3AC) में 4-5 लोअर बर्थ, और एसी 2 टियर (2AC) में 3-4 लोअर बर्थ वरिष्ठ नागरिकों के लिए आरक्षित होती हैं। इसके अलावा, मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों, राजधानी और शताब्दी जैसी प्रीमियम ट्रेनों में भी दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष कोटा उपलब्ध है, चाहे वे रियायत का लाभ लें या नहीं। इसके अलावा, स्लीपर क्लास में 4 बर्थ (जिसमें 2 लोअर बर्थ शामिल), 3AC/3E में 4 बर्थ (जिसमें 2 लोअर बर्थ शामिल), और आरक्षित सेकंड सिटिंग (2S) या एसी चेयर कार (CC) में 4 सीटें दिव्यांग यात्रियों के लिए आरक्षित होती हैं।यात्रा के दौरान यदि लोअर बर्थ खाली रहती है, तो इसे पहले वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग यात्रियों और गर्भवती महिलाओं को दी जाती है, भले ही उन्हें शुरुआत में मिडिल या अपर बर्थ आवंटित की गई हो। रेल मंत्री ने कहा कि रेलवे का लक्ष्य सभी यात्रियों को सुविधाजनक और आरामदायक सफर कराना है। उन्होंने यात्रियों से इन सुविधाओं का लाभ उठाने की अपील की ताकि उनकी यात्रा सुरक्षित और सुखद हो सके। -
नई दिल्ली। गेट्स फाउंडेशन के अध्यक्ष और बोर्ड सदस्य बिल गेट्स ने बुधवार को कहा कि भारत न केवल अपने नागरिकों को सशक्त बनाने के लिए डिजिटल इनोवेशन का निर्माण कर रहा है, बल्कि ऐसे समाधान भी बना रहा है, जिनमें ग्लोबल हेल्थ और विकास को बदलने की क्षमता है।
बिल गेट्स ने हेल्थ और सस्टेनेबिलिटी में भारत के लीडरशिप की सराहना कीगेट्स फाउंडेशन और महिला सामूहिक मंच के सहयोग से सीआईआई द्वारा आयोजित एक वैश्विक मंच पर बोलते हुए, बिल गेट्स ने इनोवेशन, हेल्थ और सस्टेनेबिलिटी में भारत के लीडरशिप की सराहना की। इस मंच के साथ वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए स्केलेबल, सस्टेनेबल और टेक-ड्रिवन सॉल्यूशन को आगे बढ़ाने में भारत की बढ़ती भूमिका के मद्देनजर ग्लोबल इंडस्ट्री लीडर, पॉलिसी मेकर्स और इन्वेस्टर्स एक साथ आए।वैश्विक स्तर पर भारत के इनोवेटिव सॉल्यूशन को बढ़ाने पर दिया जोरगेट्स ने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत किफायती स्वास्थ्य सेवा, एआई-संचालित निदान और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर में अपनी लीडिंग भूमिका के साथ भविष्य का निर्माण कर रहा है। उन्होंने उभरती अर्थव्यवस्थाओं में दबाव वाली चुनौतियों का समाधान करने के लिए वैश्विक स्तर पर भारत के इनोवेटिव सॉल्यूशन को बढ़ाने के महत्व पर जोर दिया।भारत ने कम लागत वाले इनोवेशन के जरिए स्वास्थ्य और विकास में महत्वपूर्ण प्रगति की हैगेट्स ने भारत की तीव्र प्रगति पर भी प्रकाश डालते हुए देश के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, इंक्लूसिव आर्थिक विकास और तकनीकी सफलताओं को दुनिया के लिए एक मॉडल बताया। उन्होंने कहा, “भारत ने कम लागत वाले इनोवेशन के जरिए स्वास्थ्य और विकास में महत्वपूर्ण प्रगति की है।” भविष्य की ओर देखते हुए, गेट्स ने वैश्विक स्तर पर एआई, स्वास्थ्य सेवा और सस्टेनेबल डेवलपमेंट में सफलताओं को बढ़ाने के लिए भारतीय इनोवेटर्स, पॉलिसी मेकर्स और उद्यमियों के साथ मिलकर काम करने के लिए अपने फाउंडेशन के कमिटमेंट की पुष्टि की।स्मृति ईरानी ने फाउंडेशन और गेट्स के नेतृत्व की सराहना कीअलायंस फॉर ग्लोबल गुड जेंडर इक्विटी एंड इक्वालिटी की अध्यक्ष स्मृति ईरानी ने फाउंडेशन और गेट्स के नेतृत्व की सराहना की। साथ ही सोशल इनोवेशन के लिए निवेश की भी महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। ईरानी ने कम लागत वाले, टेक्नोलॉजी-ड्रिवन समाधान लाने में भारत की शक्ति के बारे में बात की, जो स्वास्थ्य, पोषण और खाद्य सुरक्षा जैसी महत्वपूर्ण वैश्विक चुनौतियों का समाधान कर रहे हैं।सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर में भारत की लीडिंग भूमिका पर जोर दियासीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर में भारत की लीडिंग भूमिका पर जोर दिया और इसे ग्लोबल साउथ के लिए एक ब्लू प्रिंट बताया। सीआईआई के अध्यक्ष संजीव पुरी ने कहा, “आयुष्मान भारत स्वास्थ्य कार्यक्रम और डिजिटल फाइनेंशियल इंक्लूजन, एआई-पावर्ड कृषि समाधान जैसी पहलों की सफलता यह साबित करती है कि जब नीति और टेक्नोलॉजी एक साथ आती है तो हम ऐसे स्केलेबल, सस्टेनेबल सॉल्यूशन बना सकते हैं जो ग्लोबल बेंचमार्क के रूप में काम करते हैं।” -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने महाराष्ट्र में जेएनपीए पोर्ट (पागोटे) से चौक तक एक छह-लेन हाई-स्पीड ग्रीनफील्ड राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण को मंजूरी दी है। 29.219 किमी लंबी सड़क को बिल्ड,ऑपरेट और ट्रांसफर (BOT) मॉडल के तहत बनाया जाएगा। इस परियोजना पर कुल 4,500.62 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह हाईवे, मुंबई के पास स्थित जेएनपीए पोर्ट और जल्द शुरू होने वाले नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। बढ़ते कंटेनर यातायात और नए एयरपोर्ट के कारण इस क्षेत्र में तेज और सीधा कनेक्शन की जरूरत महसूस की जा रही थी।
फिलहाल, जेएनपीए पोर्ट से मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और NH-48 (गोल्डन क्वाड्रिलैटरल सेक्शन) तक पहुंचने में 2-3 घंटे लगते हैं, क्योंकि मार्ग में पलासपे फाटा, डी-पॉइंट, कलंबोली जंक्शन और पनवेल जैसे शहरी इलाकों में भारी ट्रैफिक जाम रहता है। इस रूट पर रोजाना करीब 1.8 लाख वाहन (पैसेंजर कार यूनिट्स – PCU) गुजरते हैं। इसी साल जब नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट चालू होगा, तो इस मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव और बढ़ेगा। ऐसे में नया हाईवे इस भीड़भाड़ को कम करेगा और जेएनपीए पोर्ट से एयरपोर्ट तक तेज और सीधा संपर्क प्रदान करेगा।इस हाईवे को और सुगम बनाने के लिए सह्याद्री पहाड़ियों में दो सुरंग मार्ग बनाए जाएंगे। इससे गाड़ियों को घाट सेक्शन पार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे भारी कंटेनर ट्रकों और अन्य वाणिज्यिक वाहनों की आवाजाही तेज और सुगम हो जाएगी।यह 6-लेन ग्रीनफील्ड हाईवे कॉरिडोर महाराष्ट्र में बंदरगाहों से माल ढुलाई को तेज और सुरक्षित बनाएगा। इससे लॉजिस्टिक्स प्रणाली मजबूत होगी, माल परिवहन का समय कम होगा और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को संशोधित राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम (NPDD) को मंजूरी दे दी। इस कार्यक्रम के लिए केंद्र सरकार ने 1,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट स्वीकृत किया है, जिससे इसकी कुल लागत बढ़कर 2,790 करोड़ रुपये हो गई है। यह बजट 2021-22 से 2025-26 की अवधि के लिए तय किया गया है। इस योजना का उद्देश्य देश में डेयरी सेक्टर का आधुनिकीकरण और विस्तार करना है, जिससे दूध की खरीद, प्रसंस्करण क्षमता और गुणवत्ता नियंत्रण में सुधार होगा। इसके जरिए किसानों को बेहतर बाजार पहुंच और उचित दाम मिलेंगे जिससे ग्रामीण विकास को बढ़ावा मिलेगा।
इस कार्यक्रम में दो प्रमुख घटक शामिल हैं। घटक A के तहत डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जाएगा, जिसमें दूध ठंडा करने वाले संयंत्र, उन्नत दूध परीक्षण प्रयोगशालाएं और प्रमाणन प्रणाली बनाई जाएंगी। साथ ही, उत्तर-पूर्व, पहाड़ी क्षेत्रों और केंद्र शासित प्रदेशों में नई गांव स्तरीय डेयरी सहकारी समितियों का गठन होगा। इसके अलावा, इस घटक के तहत दो मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियों (MPC) का निर्माण किया जाएगा, जिन्हें सरकार वित्तीय सहायता देगी।घटक B को “डेयरी थ्रू कोऑपरेटिव्स (DTC)” नाम दिया गया है, जो जापान सरकार और जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) के सहयोग से संचालित होगा। इसका उद्देश्य 9 राज्यों (आंध्र प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, तेलंगाना, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल) में डेयरी सहकारी समितियों का विकास और दूध उत्पादन, प्रसंस्करण और खरीद-बिक्री ढांचे को मजबूत करना है।अब तक, इस कार्यक्रम से 18.74 लाख किसान लाभान्वित हो चुके हैं। इससे 30,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियां पैदा हुई हैं और दूध खरीदने की क्षमता में 100.95 लाख लीटर प्रति दिन की वृद्धि हुई है। देशभर में 51,777 गांव स्तर की दूध परीक्षण प्रयोगशालाओं को अपग्रेड किया गया है। साथ ही, 5,123 बल्क मिल्क कूलर लगाए गए हैं, जिनकी कुल क्षमता 123.33 लाख लीटर है। इसके अलावा, 169 लैब्स को फूरियर ट्रांसफॉर्म इंफ्रारेड (FTIR) मिल्क एनालाइजर से लैस किया गया है, जिससे दूध में मिलावट की जांच आसान हो गई है। 232 डेयरी प्लांट्स में भी उन्नत गुणवत्ता परीक्षण प्रणाली लगाई गई है।देशभर में 10,000 नई डेयरी सहकारी समितियों का होगा गठनसंशोधित NPDD के तहत देशभर में 10,000 नई डेयरी सहकारी समितियों का गठन किया जाएगा और उत्तर-पूर्व में दूध प्रसंस्करण सुविधाओं का विस्तार होगा। इससे करीब 3.2 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मिलेंगे। खास बात यह है कि इसमें 70% महिलाएं लाभान्वित होंगी, जो डेयरी क्षेत्र की मुख्य कार्यबल हैं।सरकार का मानना है कि यह कार्यक्रम व्हाइट रेवोल्यूशन 2.0 को गति देगा और देश में आधुनिक डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करेगा। इससे किसानों की आय बढ़ेगी, ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और देश का डेयरी क्षेत्र अधिक आत्मनिर्भर और सशक्त बनेगा। -
नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ का कहना है कि प्रलोभन तंत्रों पर, तुष्टिकरण पर, जिसे अक्सर ‘फ्रीबीज’ के रूप में जाना जाता है, सदन को विचार करने की आवश्यकता है क्योंकि देश तभी प्रगति करता है जब पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) उपलब्ध हो।
चुनावी प्रक्रिया “चुनावी प्रलोभन” बन गए हैंराज्यसभा में बुधवार को उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया ऐसी हो गई है कि ये “चुनावी प्रलोभन” बन गए हैं। इसके बाद सत्ता में आई सरकारों को इतनी असहज स्थिति का सामना करना पड़ा कि वे अपनी सोच पर पुनर्विचार करना चाहती थीं। एक राष्ट्रीय नीति की अत्यंत आवश्यकता है ताकि सरकार के सभी निवेश किसी भी रूप में बड़े हित में उपयोग किए जाएं।इससे पहले राज्यसभा में समाजवादी पार्टी के सांसद राम गोपाल यादव ने सांसद निधि को बढ़ाकर 20 करोड़ रुपये प्रति वर्ष किए जाने की मांग सदन में रखी थी। उन्होंने यह भी कहा कि सांसद निधि को जीएसटी के दायरे से बाहर रखा जाए। उनका कहना था कि यदि यह संभव नहीं है तो फिर सांसद निधि के प्रावधान को ही खत्म कर दिया जाना चाहिए। सपा सदस्य का कहना था कि मौजूदा सांसद निधि नाकाफी है, जिसके कारण जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र में काम नहीं करवा पाते हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि एक संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले विभिन्न विधायकों को कुल मिलाकर सांसद से कहीं ज्यादा निधि मिलती है।ये ऐसे मुद्दे हैं जिन्हें कानून के माध्यम से हल किया जा सकता हैइस वक्तव्य के बाद सभापति ने ‘फ्रीबीज’ के मुद्दे पर सदन को विचार करने की आवश्यकता की बात कही। सभापति ने कहा, “हमारे संविधान में विधायिका, सांसदों, विधायकों के लिए प्रावधान किया गया था, लेकिन एक समान तंत्र नहीं था। इसलिए, आप देखेंगे कि कई राज्यों में विधानसभाएं सदस्यों को सांसदों की तुलना में अधिक भत्ते और वेतन देती हैं, और यहां तक कि पूर्व विधायकों की पेंशन में भी एक से 10 तक का अंतर है। यदि एक राज्य में किसी को एक रुपया मिलता है, तो दूसरे राज्य में पेंशन 10 गुना हो सकती है। ये ऐसे मुद्दे हैं जिन्हें कानून के माध्यम से हल किया जा सकता है और इससे राजनेताओं, सरकार, कार्यपालिका को लाभ होगा और यह उच्च गुणवत्ता वाले निवेश को भी सुनिश्चित करेगा।”उन्होंने कहा, “यदि कृषि क्षेत्र जैसी आवश्यकताओं के लिए सब्सिडी की जरूरत है, तो इसे सीधे प्रदान किया जाना चाहिए, और यही विकसित देशों में प्रचलित है। मैंने अमेरिकी प्रणाली की जांच की। अमेरिका में हमारे देश की तुलना में 20 प्रतिशत कृषि परिवार हैं, लेकिन वहां कृषि परिवार की औसत आय अमेरिका के सामान्य परिवार की आय से अधिक है। इसका कारण यह है कि वहां किसानों को दी जाने वाली सब्सिडी सीधी, पारदर्शी और बिना किसी बिचौलिए के दी जाती है।” -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत कैंसर पीड़ितों का हुआ इलाज, ग्रामीण क्षेत्रों को हुआ 75 फीसदी से ज्यादा लाभ
भारत के 68 लाख कैंसर मरीजों ने प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) के जरिए इलाज कराया है और इसमें ग्रामीण भारत की हिस्सेदारी 75 फीसदी है। यह जानकारी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने संसद में दी।आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना के अंतर्गत अब तक देशभर में 68 लाख से अधिक कैंसर मरीजों के उपचार किए जा चुके हैंकेंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना के अंतर्गत अब तक देशभर में 68 लाख से अधिक कैंसर मरीजों के उपचार किए जा चुके हैं, जिनकी कुल लागत 13,000 करोड़ रुपये से अधिक है। इनमें से 4.5 लाख से अधिक टारगेटेड उपचार हुआ है, जिनकी लागत लगभग 985 करोड़ रुपये है। कुल लाभार्थियों में से 76.32 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्रों से हैं।मधुमेह, हाइपरटेंशन और कैंसर की रोकथाम और प्रबंधन के लिए हाल ही में राष्ट्रव्यापी स्क्रीनिंग अभियान शुरूकेंद्रीय मंत्री ने गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) जैसे मधुमेह, हाइपरटेंशन और कैंसर की रोकथाम और प्रबंधन के लिए हाल ही में शुरू किए गए राष्ट्रव्यापी स्क्रीनिंग अभियान का भी जिक्र किया। यह अभियान 31 मार्च तक चलेगा और 30 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों की 100 प्रतिशत स्क्रीनिंग करने का लक्ष्य रखा गया है। इसे आयुष्मान आरोग्य मंदिर और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से एनपी-एनसीडी फ्रेमवर्क के तहत संचालित किया जा रहा है।पीएमजेएवाई योजना के तहत ब्रेस्ट, माउथ और सर्वाइकल कैंसर सहित विभिन्न कैंसर का उपचार उपलब्धपीएमजेएवाई योजना के तहत ब्रेस्ट, माउथ और सर्वाइकल कैंसर सहित विभिन्न कैंसर का उपचार उपलब्ध है। योजना में मेडिकल ऑन्कोलॉजी, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी और पैलिएटिव मेडिसिन के 500 से अधिक उपचार प्रक्रियाओं वाले 200 से अधिक पैकेज शामिल हैं। इनमें से 37 पैकेज टारगेटेड इलाज से जुड़े हैं।स्वास्थ्य मंत्री कैंसर रोगी कोष के तहत एक बार की वित्तीय सहायता के रूप में 15 लाख रुपये तक प्राप्त कर सकते हैंस्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि जो लोग कैंसर से पीड़ित हैं और गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) हैं, वे स्वास्थ्य मंत्री कैंसर रोगी कोष (एचएमसीपीएफ) के तहत एक बार की वित्तीय सहायता के रूप में 15 लाख रुपये तक प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि जनऔषधि स्टोर्स और 217 अमृत फार्मेसी के माध्यम से ब्रांडेड दवाओं की तुलना में 50 प्रतिशत से 80 प्रतिशत सस्ती दरों पर जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। कुल 289 ऑन्कोलॉजी दवाएं बाजार मूल्य से आधे दाम पर दी जा रही हैं।वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बजट में 200 डे-केयर कैंसर केंद्रों की स्थापना का प्रावधान किया गया हैवित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बजट में 200 डे-केयर कैंसर केंद्रों की स्थापना का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग रोकथाम एवं नियंत्रण कार्यक्रम के तहत देशभर में 770 जिला एनसीडी क्लीनिक, 233 कार्डियक केयर यूनिट, 372 जिला डे-केयर सेंटर और 6,410 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एनसीडी क्लीनिक स्थापित किए गए हैं।देशभर में 19 राज्य कैंसर संस्थान और 20 तृतीयक कैंसर देखभाल केंद्र स्थापित किए गए हैंबताया गया कि देशभर में 19 राज्य कैंसर संस्थान और 20 तृतीयक कैंसर देखभाल केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां एडवांस कैंसर देखभाल सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। देशभर में 372 जिला डे-केयर केंद्रों के माध्यम से कीमोथेरेपी सेवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। -
नई दिल्ली। वित्त मंत्रालय ने बताया कि प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत 7 मार्च 2025 तक कुल 55.02 करोड़ जन-धन खाते खोले जा चुके हैं, जिनमें से 36.63 करोड़ खाते ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में हैं। वहीं, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के अंतर्गत 7 मार्च 2025 तक कुल 50.30 करोड़ नामांकन हैं। इसके अलावा अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, स्टैंड अप इंडिया योजना और अन्य वित्तीय समावेशन योजनाओं में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया, केंद्र सरकार ने अगस्त, 2014 में प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई) के नाम से राष्ट्रीय वित्तीय समावेशन मिशन (एनएमएफआई) की शुरुआत की थी, जिसका उद्देश्य बैंकिंग सुविधा से वंचित हर वयस्क को बैंकिंग सुविधाएं प्रदान करना, असुरक्षित को सुरक्षित करना, अवित्तपोषित को वित्तपोषित करना और वंचित व कम सुविधा वाले क्षेत्रों में सेवा प्रदान करना है।उन्होंने पीएमजेडीवाई के अलावा अन्य वित्तीय समावेशन योजनाओं के बारे में बताया। विशेष रूप से हाशिए पर रह रहे और कम सुविधा वाले लोगों को सस्ती वित्तीय सेवाएं प्रदान करने के लिए निम्नलिखित योजनाएं भी शुरू की गई हैं, जो इस प्रकार हैं।प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई)-यह योजना एक-वर्षीय व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना है, जिसे हर साल नवीनीकृत किया जा सकता है। इसमें दुर्घटना के कारण मृत्यु या स्थायी पूर्ण विकलांगता के लिए 2 लाख रुपये और स्थायी आंशिक विकलांगता के लिए 1 लाख रुपये का कवरेज 20 रुपये प्रति वर्ष के प्रीमियम पर दिया जाता है। यह योजना 18 से 70 वर्ष की आयु के उन लोगों के लिए है, जिनके पास बैंक खाता है और जो इस योजना में शामिल होने के लिए अपनी सहमति देते हैं। अब तक पीएमएसबीवाई के अंतर्गत कुल नामांकन 50.30 करोड़ हैं।प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई)– यह योजना एक-वर्षीय जीवन बीमा योजना है, जिसे हर साल नवीनीकृत किया जा सकता है। इसमें किसी भी कारण से मृत्यु होने पर 436 रुपये प्रति वर्ष के प्रीमियम पर दो लाख रुपये का कवरेज दिया जाता है। यह योजना 18 से 50 वर्ष की आयु के उन लोगों के लिए है, जिनके पास बैंक खाता है और जो इस योजना में शामिल होने के लिए अपनी सहमति देते हैं। अब तक पीएमजेजेबीवाई के अंतर्गत कुल नामांकन 23.21 करोड़ हैं।अटल पेंशन योजना– इस योजना का उद्देश्य 18 से 40 वर्ष की आयु के पात्र ग्राहकों को मासिक पेंशन प्रदान करना है, जो किसी भी संगठित पेंशन योजना के अंतर्गत नहीं आते हैं। इस योजना के अंतर्गत, ग्राहकों को योगदान के आधार पर 60 वर्ष की आयु में 1000 रुपये, 2000 रुपये, 3000 रुपये, 4000 रुपये और 5000 रुपये प्रति माह की निर्धारित न्यूनतम पेंशन मिलेगी। इस योजना के अंतर्गत अबतक कुल नामांकन 7.49 करोड़ हैं।प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई)-यह योजना विनिर्माण, व्यापार, सेवाओं, कृषि से संबंधित गतिविधियों जैसी आय निर्माण गतिविधियों के लिए सूक्ष्म/ लघु व्यवसाय इकाइयों को 20 लाख रुपये तक के संस्थागत वित्त तक पहुंच प्रदान करती है। योजना की शुरुआत से लेकर अब तक 28.02.2025 तक 33.19 लाख करोड़ रुपये की राशि के 52.07 करोड़ लोन स्वीकृत किए जा चुके हैं।स्टैंड अप इंडिया योजना (एसयूपीआई)-इस योजना का उद्देश्य अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति के लोगों और महिलाओं के बीच उद्यमशीलता को प्रोत्साहन देना है। यह योजना व्यापार, विनिर्माण और सेवा क्षेत्र में ग्रीनफील्ड उद्यम स्थापित करने के लिए अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों की प्रत्येक शाखा से एक अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति उधारकर्ता और एक महिला उधारकर्ता को 10 लाख रुपये से 1 करोड़ रुपये के बीच बैंक ऋण की सुविधा प्रदान करती है। 7 मार्च 2025 तक, योजना की शुरुआत से लेकर अब तक 60,504 करोड़ रुपये की राशि के 2.67 लाख लोन स्वीकृत किए जा चुके हैं।पीएम विश्वकर्मा योजना-यह योजना 17 सितम्बर, 2023 को शुरू की गई थी। इस योजना का संचालन लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) तथा कौशल विकास एवं उद्यम मंत्रालय और वित्तीय सेवाएं विभाग की ओर से संयुक्त रूप से किया जा रहा है। इसका उद्देश्य कौशल प्रशिक्षण, संपार्श्विक-मुक्त ऋण, आधुनिक उपकरण, बाजार संपर्क सहायता और डिजिटल लेन-देन के लिए प्रोत्साहन तक पहुंच के जरिए 18 चिह्नित व्यवसायों में लगे पारंपरिक कलाकारों और शिल्पकारों को संपूर्ण सहयोग देना है।प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि(पीएमस्वानिधि): इस योजना का संचालन आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय (एमओएचयूए) की ओर से किया जा रहा है। इसे 1 जून, 2020 को कोविड-19 लॉकडाउन से प्रभावित स्ट्रीट वेंडर्स को राहत प्रदान करने के मुख्य उद्देश्य से लॉन्च किया गया था। इस योजना का उद्देश्य न केवल स्ट्रीट वेंडर्स को लोन देकर उन्हें सशक्त बनाना है, बल्कि उनके समग्र आर्थिक विकास के लिए भी काम करना है।वहीं दूसरी ओर समय-समय पर विभिन्न वित्तीय समावेशन योजनाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने और इन योजनाओं के तहत अधिक लोगों को नामांकित करने के लिए ग्राम स्तर पर शिविर आयोजित किए जाते हैं। -
नई दिल्ली। नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स के गुजरात के मेहसाणा जिले में उनके पैतृक गांव झूलासन में लोगों ने बुधवार को आरती उतारकर और प्रार्थना करके उनके पृथ्वी पर सुरक्षित लौटने का जश्न मनाया। यह उत्सव ड्रैगन अंतरिक्ष यान के सफलतापूर्वक उतरने के बाद शुरू हुआ, जिससे सुनीता विलियम्स, क्रू-9 के सदस्य बुच विल्मोर, निक हेग और रूसी अंतरिक्ष यात्री अलेक्जेंडर गोर्बुनोव के साथ पृथ्वी पर वापस आ गए।
इससे पहले, नासा अंतरिक्ष यात्री के चचेरे भाई दिनेश रावल ने उनकी सुरक्षित वापसी के लिए प्रार्थना करने हेतु मंगलवार को अहमदाबाद में एक ‘यज्ञ’ का आयोजन किया था। अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स के पैतृक गांव में आज बुधवार को सीपी गज्जर हाई स्कूल के छात्रों ने पृथ्वी पर उनकी सुरक्षित वापसी का जश्न मनाने के लिए गरबा प्रदर्शन भी किया गया।अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर, साथ ही नासा के निक हैग और रूसी अंतरिक्ष यात्री अलेक्जेंडर गोर्बुनोव, नौ महीने के लंबे मिशन के बाद पृथ्वी पर वापस लौटे हैं। एस्ट्रोनॉट्स को स्पेसएक्स के ड्रैगन अंतरिक्ष यान द्वारा सुरक्षित रूप से फ्लोरिडा के तट पर उतारा गया।धरती पर लौटे अंतरिक्ष यात्रियों को एक सुंदर और अप्रत्याशित अनुभव हुआ। उनका स्वागत डॉल्फिन ने किया। ड्रैगन कैप्सूल के समुद्र में उतरते ही डॉल्फिन कैप्सूल के आसपास तैरते हुए देखे गए। स्पेसएक्स ने अंतरिक्ष यान के उतरने की पुष्टि की तथा नासा के अंतरिक्ष यात्री निक हेग ने बताया कि सुरक्षित वापसी के बाद चालक दल के सदस्य खुश थे।स्पेसएक्स ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “ड्रैगन के स्पलैशडाउन की पुष्टि हुई – निक, सुनीता, बुच और एलेक्स, धरती पर स्वागत है!”वहीं, नासा की टिप्पणीकार सैंड्रा जोन्स ने लैंडिंग दृश्य का वर्णन करते हुए कहा, “वहां शांत, कांच जैसे महासागर का अद्भुत दृश्य था।”यह एक लगभग जादुई क्षण था जब डॉल्फिन ने ड्रैगन कैप्सूल के चारों ओर चक्कर लगाया, इससे पहले कि इसे रिकवरी पोत पर रखा जाता। रिकवरी टीम ने कैप्सूल के साइड हैच को सावधानी से खोला, जो सितंबर के बाद से पहली बार खुला था। अंतरिक्ष यात्रियों को कैप्सूल से बाहर निकाला गया और 45 दिनों के पुनर्वास कार्यक्रम के लिए ह्यूस्टन ले जाया गया। क्रू-9 की पृथ्वी पर वापसी में अपनी चुनौतियां थीं।वहीं, सुनीता विलियम्स के वापस आने की खबर से परिवार में खुशी का माहौल है। झुलासन गांव के रहने वाले ग्रामीण भी काफी खुश हैं। सुनीता विलियम्स के इस गांव में उनके स्वागत के लिए तैयारियां की जा रही हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि सुनीता गांव में जरूर आएंगी। ग्रामीणों के अनुसार, वह सुनीता का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। वह तीन बार गांव आ चुकी हैं, पहली बार साल 2006 और इसके बाद साल 2012 में आई थीं। अन्य ग्रामीणों ने बताया है कि वह सुनीता विलियम्स का भव्य स्वागत करेंगे। -
नई दिल्ली। नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) से संबद्ध भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर अंतरिक्ष से धरती पर वापस लौट आए हैं। अंतरिक्ष से उनकी सुरक्षित वापसी पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुशी व्यक्त की है। इस संबंध में राष्ट्रपति मुर्मु ने नासा के क्रू 9 मिशन की धरती पर सुरक्षित वापसी के लिए पूरी टीम को बधाई दी है।
राष्ट्रपति मुर्मु ने लिखा- नासा के क्रू 9 मिशन की धरती पर सुरक्षित वापसी के लिए पूरी टीम को बधाई!राष्ट्रपति मुर्मु ने एक्स पर लिखा कि ”नासा के क्रू 9 मिशन की धरती पर सुरक्षित वापसी के लिए पूरी टीम को बधाई! भारत की बेटी सुनीता विलियम्स और उनके साथी अंतरिक्ष यात्रियों ने अपनी दृढ़ता, समर्पण और कभी हार न मानने की भावना से सभी को प्रेरित किया है। उनकी ऐतिहासिक यात्रा दृढ़ संकल्प, टीम वर्क और असाधारण साहस की कहानी है। मैं उनके दृढ़ संकल्प को सलाम करती हूं और उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना करती हूं!”पीएम मोदी ने कहा- सुनीता विलियम्स, एक पथ प्रदर्शक और एक आइकनवहीं प्रधानमंत्री मोदी ने खुशी जताते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सुनिता विलियम्स के साथ की एक तस्वीर साझा कर लिखा- आपका स्वागत है, क्रू-9! धरती ने आपको मिस किया। यह धैर्य, साहस और असीम मानवीय भावना की परीक्षा रही है। सुनीता विलियम्स और क्रू-9 अंतरिक्ष यात्रियों ने एक बार फिर हमें दिखाया है कि दृढ़ता का वास्तव में क्या मतलब है। विशाल अज्ञात के सामने उनका अटूट दृढ़ संकल्प हमेशा लाखों लोगों को प्रेरित करेगा।अंतरिक्ष अन्वेषण का मतलब है मानवीय क्षमता की सीमाओं को आगे बढ़ाना, सपने देखने का साहस करना और उन सपनों को हकीकत में बदलने का साहस रखना। सुनीता विलियम्स ने एक पथप्रदर्शक और एक आइकन के तौर पर अपने पूरे करियर में इस भावना का उदाहरण दिया है।हमें उन सभी पर बहुत गर्व है जिन्होंने उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए अथक परिश्रम किया। उन्होंने दिखाया है कि जब सटीकता जुनून से मिलती है और तकनीक दृढ़ता से मिलती है तो क्या होता है।ज्ञात हो, अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर की फ्लोरिडा के तट पर सफल लैंडिंग हुई। दोनों अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर स्पेसएक्स क्रू-9 वापस धरती पर आ गया। नासा के ये दोनों अंतरिक्ष यात्री मात्र आठ दिन के मिशन पर गए थे। लेकिन तकनीकी खराबी के कारण दोनों नौ माह और 13 दिन तक अंतरिक्ष में फंसे रहे। इस संबंध में नासा ने अपनी वेबसाइट पर लिखा है-”घर में आपका स्वागत है! नासा का स्पेसएक्स क्रू-9 विज्ञान मिशन के बाद धरती पर वापस आ गया है।’ - नयी दिल्ली. संसद से जुड़े कार्यों के संचालन में विभिन्न भाषाओं की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जल्द ही एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) सुविधा प्रदान की जाएगी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव की उपस्थिति में एआई समाधान के लिए लोकसभा सचिवालय तथा इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। लोकसभा सचिवालय की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, "संसद भाषिणी" का उद्देश्य संसद से जुड़े कार्यों के संचालन में विभिन्न भाषाओं की सुविधा प्रदान करने और इससे जुड़ी प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक ‘‘आंतरिक एआई समाधान'' प्रदान करना है। इसमें कहा गया है कि ‘‘संसद भाषिणी'' से एआई और त्वरित अनुवाद के जरिए संसदीय प्रलेखन में क्रांतिकारी बदलाव आएंगे। इस पहल से सांसदों, शोधकर्ताओं और शिक्षाविदों को संसदीय वाद-विवाद और अभिलेखों के विशाल संग्रह कई भाषाओं में उपलब्ध होंगे ।
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नयी दिल्ली. भारत ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के एक पॉडकास्ट के दौरान जम्मू-कश्मीर पर टिप्पणी पर प्रतिक्रिया के लिए इस्लामाबाद पर निशाना साधते हुए कहा कि पाकिस्तान को ‘‘झूठ फैलाने'' के बजाय अपने ‘‘अवैध'' कब्जे वाले भारतीय क्षेत्र को खाली कर देना चाहिए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि दुनिया जानती है कि जम्मू-कश्मीर में असली मुद्दा पाकिस्तान द्वारा सीमा पार से आतंकवाद को “सक्रिय रूप से बढ़ावा देना और प्रायोजित करना” है। लेक्स फ्रीडमैन के साथ पॉडकास्ट के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था, “पाकिस्तान के साथ शांति को बढ़ावा देने के हर प्रयास का जवाब शत्रुता और विश्वासघात से मिला है” और उन्हें उम्मीद है, “द्विपक्षीय संबंधों को सुधारने के लिए पाकिस्तानी नेतृत्व को सद्बुद्धि आए”। पाकिस्तान ने सोमवार को इस टिप्पणी को “भ्रामक और एकतरफा” बताकर खारिज कर दिया था। जायसवाल ने कहा, “हमने पाया है कि पाकिस्तान ने एक बार फिर भारत के केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के बारे में कुछ टिप्पणियां की हैं।” उन्होंने कहा, “दुनिया जानती है कि असली मुद्दा पाकिस्तान द्वारा सीमा पार आतंकवाद को सक्रिय रूप से बढ़ावा देना और प्रायोजित करना है। वास्तव में यह क्षेत्र में शांति और सुरक्षा के लिए सबसे बड़ी बाधा है।” जायसवाल ने कहा, “झूठ फैलाने के बजाय पाकिस्तान को अपने अवैध और जबरन कब्जे वाले भारतीय क्षेत्र को खाली कर देना चाहिए।
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आयोजित प्रयागराज महाकुंभ की भव्य सफलता पर उनका आभार जताया और कहा कि महाकुंभ ने दुनिया को ‘वसुधैव कुटुम्बकम्' का आत्मीय संदेश दिया है। योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को ‘एक्स' पर पोस्ट किया,‘‘आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के यशस्वी मार्गदर्शन में एकता के महायज्ञ 'महाकुंभ-2025, प्रयागराज' के स्वच्छ, सुरक्षित, व्यवस्थित और ऐतिहासिक आयोजन ने ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत-सर्वसमावेशी भारत' के साथ ही ‘वसुधैव कुटुम्बकम्' का आत्मीय संदेश पूरी दुनिया को दिया है।'' योगी ने कहा, ‘आस्था' आजीविका का माध्यम हो सकती है। 'संस्कृति' राष्ट्र की समृद्धि का कारक बन सकती है। महाकुंभ-2025, प्रयागराज ने यह उदाहरण भी प्रस्तुत किया है। महाकुंभ-2025, प्रयागराज के आयोजन से जुड़े सभी लोगों को मेरा अभिनंदन और आदरणीय प्रधानमंत्री जी का हार्दिक आभार है।'' प्रधानमंत्री मोदी ने संसद के चालू बजट सत्र के दूसरे चरण की कार्यवाही के दौरान मंगलवार को लोकसभा में कहा कि पूरे विश्व ने महाकुंभ के रूप में भारत के विराट स्वरूप के दर्शन किए तथा यह जनता -जनार्दन का और जनता के संकल्पों के लिए और जनता की श्रद्धा से प्रेरित महाकुंभ था। मोदी ने कहा,‘‘ महाकुंभ में हमने राष्ट्रीय चेतना के जागरण के विराट दर्शन किए हैं। यह राष्ट्रीय चेतना नए संकल्पों के सिद्धि के लिए प्रेरित करती है।'' मुख्यमंत्री ने इसके लिए प्रधानमंत्री का आभार जताते हुए महाकुंभ आयोजन की सफलता का श्रेय उन्हें दिया।
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मेहसाणा. नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स के गुजरात स्थित पैतृक गांव के निवासी धरती पर उनकी सुरक्षित वापसी की उत्सुकता से प्रतीक्षा कर रहे हैं और इसके लिए प्रार्थना कर रहे हैं। गांववालों ने विलियम्स की धरती पर वापसी होने पर बुधवार सुबह दिवाली जैसा उत्सव मनाने की योजना बनायी है। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर नौ महीने रहने के बाद विलियम्स का पृथ्वी पर लौटने का कार्यक्रम है। विलियम्स के पैतृक गांव के निवासी उनकी सुरक्षित वापसी की उत्सुकता से प्रतीक्षा कर रहे हैं और इसके लिए प्रार्थना कर रहे हैं। मेहसाणा जिले में झूलासण गांव के निवासी उत्साह से भरे हुए हैं। यह गांव विलियम्स के पिता दीपक पांड्या का पैतृक गांव है। गांव वाले विलियम्स की सुरक्षा के लिए प्रार्थना कर रहे हैं तथा उस 'अखंड ज्योत' की देखरेख कर रहे हैं, जिसे करीब नौ महीने पहले उनके अंतरिक्ष में जाने के तुरंत बाद उनकी सुरक्षित वापसी के लिए जलाया गया था। विलियम्स के चचेरे भाई नवीन पांड्या के अनुसार, विलियम्स के सम्मान में एक भव्य जुलूस निकाला जाएगा, जिसमें प्रार्थना और आतिशबाजी के साथ दिवाली और होली जैसा उत्सवी माहौल होगा। जुलूस में लोग विलियम्स की तस्वीर लेकर चलेंगे। पांड्या ने मंगलवार को कहा, ‘‘उनकी तस्वीर के साथ जुलूस एक स्कूल से मंदिर तक निकाला जाएगा, जहां 'अखंड ज्योत' रखी गई है, जिसमें छात्र भी शामिल होंगे। हम मंदिर में प्रार्थना करेंगे।'' उन्होंने कहा कि ग्रामीण अंतरिक्ष यात्री की सुरक्षित वापसी के लिए प्रार्थना कर रहे हैं और अखंड ज्योत जलायी है। उन्होंने कहा, ‘‘विलियम्स के बुधवार को पृथ्वी पर सुरक्षित पहुंचने तक अखंड ज्योत जलती रहेगी।'' पांड्या ने कहा, ‘‘यहां उत्सव का माहौल है और हर कोई उनकी वापसी का बेसब्री से इंतजार कर रहा है। हम भविष्य में उन्हें झूलासण आने के लिए जरूर आमंत्रित करेंगे। उनका अपने पैतृक गांव में हमारे बीच होना हमारे लिए सम्मान की बात होगी।'' सुनीता विलियम्स के पिता दीपक पांड्या मूल रूप से झूलासण के रहने वाले हैं, जो 1957 में अमेरिका चले गए थे। विलियम्स, अंतरिक्ष यात्री बुच विल्मोर के साथ, अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर नौ महीने से अधिक समय बिताने के बाद पृथ्वी पर लौट रही हैं। झूलासण प्राथमिक विद्यालय के प्राचार्य विशाल पंचाल ने कहा कि समारोह के लिए विस्तृत व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा, ‘‘सुनीता विलियम्स हमारे गांव की बेटी हैं। वह हमारे गांव, भारत और दुनिया का गौरव हैं।" पंचाल के अनुसार, प्राथमिक और उच्च विद्यालयों के छात्र पिछले 15 दिनों से विलियम्स की सुरक्षित वापसी के लिए प्रार्थना कर रहे हैं और 'राम धुन' का जाप कर रहे हैं। विलियम्स के एक अन्य चचेरे भाई किशोर पांड्या ने कहा कि वे 2006 और 2013 में विलियम्स से झूलासण गांव की उनकी यात्राओं के दौरान दो बार मिल चुके हैं।
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नयी दिल्ली. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को लोकसभा में कहा कि अपने बेटों की शादी के बाद अब वह वानप्रस्थ आश्रम में जा रहे हैं और अपना पूरा समय किसानों की सेवा में लगाएंगे। चौहान ने प्रश्नकाल में सदस्यों के पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा, ‘‘आज से मैं गृहस्थ से वानप्रस्थ आश्रम में जा रहा हूं। आज मेरे बेटों की शादी के बाद ‘रिसेप्शन' है। मैंने सभी को निमंत्रित किया है। कल से मैं वानप्रस्थी हो जाऊंगा और अपना पूरा समय किसानों की सेवा में लगाऊंगा क्योंकि उनकी सेवा ही मेरे लिए भगवान की पूजा है।'' उन्होंने फसल बीमा योजना संबंधी पूरक प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि मोदी सरकार से पहले फसल के नुकसान के लिए मुआवजे की सबसे छोटी इकाई तहसील होती थी और जब तक पूरी तहसील में फसल बर्बाद नहीं हो, किसानों को मुआवजा नहीं मिलता था। चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार में गांव को सबसे छोटी इकाई बनाया गया और एक गांव में फसल को नुकसान होने पर भी किसानों को राहत मिलती है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा कि यदि देश का नेता दूरदृष्टा हो तो व्यवस्थाएं अपने आप बदलने लगती हैं। चौहान ने कहा कि किसानों की हालत एक दशक पहले बहुत खराब थी, लेकिन इस सरकार के आने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एक नहीं, अनेक उपाय किए गए हैं जिसके कारण किसानों की हालत लगातार सुधर रही है। उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार किसानों की हालत सुधारने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी के उनके संसदीय क्षेत्र वायनाड (केरल) के संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्न के उत्तर में कृषि मंत्री ने कहा, किसान चाहे केरल का हो या कर्नाटक का, किसान होता है। हम सब भारत मां के लाल हैं और भेदभाव का कोई सवाल नहीं है।'' उन्होंने कहा कि जब भी प्राकृतिक आपदाएं आती हैं तो नीति आयोग की सिफारिश के अनुसार केंद्र सरकार राज्यों को धन देती है और कोई बड़ी प्राकृतिक आपदा हो तो केंद्र सरकार विशेष दल भेजकर अतिरिक्त राशि भी देती है। चौहान ने कहा, ‘‘केरल को भी एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा राहत कोष) के तहत 138 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए। आपके माध्यम से मैं सदस्य (प्रियंका गांधी) को आश्वस्त करना चाहता हूं कि कहीं भी संकट आएगा तो केंद्र बिना भेदभाव के राज्य के साथ खड़ा रहेगा।'' उन्होंने कहा कि जहां भी किसानों पर प्राकृतिक संकट आएगा, वे चाहे किसी भी राज्य के, गांव के हों.. भारत सरकार उनके साथ खड़ी रहेगी।
- नयी दिल्ली. । अमेरिका की राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड ने मंगलवार को कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ‘अमेरिका प्रथम' की नीति को ‘‘केवल अमेरिका'' के रूप में नहीं समझा जाना चाहिए। गबार्ड ने ‘रायसीना डायलॉग' के एक सत्र में अपने संबोधन में कहा कि मौजूदा समय भारत-अमेरिका संबंधों को प्रगाढ़ करने और नयी ऊंचाइयों पर ले जाने का बहुत बड़ा अवसर है। उन्होंने कहा कि इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप ने पिछले महीने वाशिंगटन डीसी में अपनी बैठक में दोनों देशों के बीच समग्र द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने के लिए दृष्टिकोण प्रस्तुत किया था। गबार्ड ने कहा कि ट्रंप की ‘अमेरिका प्रथम' नीति की तरह ही प्रधानमंत्री मोदी भी ‘इंडिया प्रथम' दृष्टिकोण को लेकर प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि यह गलतफहमी नहीं होनी चाहिए कि ‘अमेरिका प्रथम' का मतलब केवल अमेरिका है।अमेरिका की राष्ट्रीय खुफिया निदेशक ने कहा, ‘‘मुझे विश्वास है कि हमारे दोनों देशों के बीच यह साझेदारी और मित्रता लगातार बढ़ती रहेगी।'' गबार्ड ने वाशिंगटन डीसी में मोदी-ट्रंप की बैठक को ‘‘दो पुराने दोस्तों का फिर से मिलना'' बताया।
- बरेली . जिले के मीरगंज थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक अज्ञात वाहन की टक्कर से मोटरसाइकिल सवार एक युवक की मौत हो गयी जबकि उसका छोटा भाई गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उसने बताया कि मृत युवक की पहचान बहराइच जिले के केसरगंज थानाक्षेत्र के रामूआपुर रघुवीर गांव के निवासी संजय (28) के रूप में हुई है तथा घायल युवक की पहचान उसके भाई रिंकू (22) के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक पंजाब में काम करने वाला संजय पत्नी की मौत की खबर सुनकर जल्दबाजी में अपने छोटे भाई रिंकू के साथ मोटरसाइकिल से घर के लिए निकला था, लेकिन रास्ते में ही सड़क हादसे में उसकी जान चली गयी। उत्तरी क्षेत्र के अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) मुकेश चंद्र मिश्रा ने मंगलवार को बताया कि संजय और रिंकू पंजाब में मजदूरी करते थे। उन्होंने बताया कि संजय की बरेली जिले के मीरगंज थाना क्षेत्र में सड़क दुर्घटना में मौत हो गयी। उन्होंने संजय के परिजनों के हवाले से बताया कि संजय की शादी छह साल पहले पूजा से हुई थी और उसकी चार साल की एक बेटी भी है। मिश्रा के मुताबिक संजय का परिवार खुश था क्योंकि सोमवार को पूजा का दूसरा प्रसव होना था। परिजनों ने पूजा को बहराइच के अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन प्रसव के दौरान उसकी मौत हो गयी। परिजनों ने तुरंत यह दुखद खबर संजय को दी। अपर पुलिस अधीक्षक के अनुसार पत्नी की मौत की सूचना मिलते ही संजय बेचैन हो उठा और जल्द से जल्द घर पहुंचने के लिए अपने छोटे भाई रिंकू के साथ मोटर साइकिल से पंजाब से बहराइच के लिए रवाना हो गया। तभी सोमवार की रात यह हादसा हो गया। पुलिस का कहना है कि दोनों घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने संजय को मृत घोषित कर दिया। रिंकू की हालत गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज बरेली के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। संजय का शव मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद बहराइच को भेज दिया गया । परिजनों ने जानकारी दी कि संजय और उसकी पत्नी का अंतिम संस्कार एक साथ किया जाएगा।एएसपी ने बताया कि मीरगंज पुलिस ने अज्ञात वाहन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश में जुट गई है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि टक्कर मारने वाले वाहन का पता लगाया जा सके।
- नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को वैश्विक स्तर पर भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए जर्मन गायिका कैसमै की प्रशंसा की। उन्होंने आकाशवाणी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात' में कैसमै के भजन और आध्यात्मिक गीतों को रेखांकित किया था। मोदी ने ‘मन की बात' नामक ‘एक्स' हैंडल पर की गई टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उक्त बात कही।इस पोस्ट में बताया गया था कि जब प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात' कार्यक्रम में जर्मन गायिका का उल्लेख किया तो उनका जीवन हमेशा के लिए बदल गया। पोस्ट में कैसमै के हवाले से कहा गया, ‘‘मुझे इस पर विश्वास नहीं हो रहा था।''उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की ओर से उनका जिक्र किए जाने के बाद मीडिया का ध्यान उनकी ओर गया।कैसमै जन्म से दृष्टिहीन हैं और वह 12 भाषाएं जानती हैं।प्रधानमंत्री ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भारतीय संस्कृति के बारे में विश्व की जिज्ञासा लगातार बढ़ रही है और कैसमै जैसे कलाकारों ने इस सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ाने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है।'' उन्होंने कहा, ‘‘समर्पित प्रयासों के माध्यम से उन्होंने कई अन्य लोगों के साथ मिलकर भारतीय विरासत की समृद्धि, गहराई और विविधता को प्रदर्शित करने में मदद की है।''
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को लोकसभा में राम मंदिर और प्रयागराज में हुए महाकुंभ पर बयान दिया। पीएम मोदी ने राम मंदिर और महाकुंभ का जिक्र करते हुए भारतीय संस्कृति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष अयोध्या के राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह ने हम सभी को यह एहसास कराया कि देश अगले 1000 वर्षों के लिए कैसे तैयार हो रहा है।महाकुंभ ने हमारी सोच को किया और मजबूतपीएम मोदी ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि इस वर्ष महाकुंभ ने हमारी सोच को और मजबूत किया है और देश की सामूहिक चेतना हमें देश के सामर्थ्य के बारे में बताती है। उन्होंने कहा, “आज मैं इस सदन के माध्यम से कोटि-कोटि देशवासियों को नमन करता हूं, जिनकी वजह से महाकुंभ का सफल आयोजन हुआ।”महाकुंभ की सफलता में अनेक लोगों का योगदानप्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि महाकुंभ की सफलता में अनेक लोगों का योगदान है। मैं सरकार के, समाज के सभी कर्मयोगियों का अभिनंदन करता हूं। मैं देशभर के श्रद्धालुओं को, यूपी की जनता विशेषतौर पर प्रयागराज की जनता का धन्यवाद करता हूं।गंगाजी को धरती पर लाने के लिए किया गया था भगीरथ प्रयासलोकसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने आगे कहा कि हम सब जानते हैं, गंगा जी को धरती पर लाने के लिए एक भगीरथ प्रयास किया गया था, वैसा ही महान प्रयास इस महाकुंभ के भव्य आयोजन में भी हमने देखा है। मैंने लाल किले से ‘सबका प्रयास’ के महत्व पर जोर दिया था। पूरे विश्व ने महाकुंभ के रूप में भारत के विराट स्वरूप के दर्शन किए। सबका प्रयास का यही साक्षात स्वरूप है। ये जनता जनार्दन का, जनता जनार्दन के संकल्पों के लिए जनता जनार्दन की श्रद्धा से प्रेरित महाकुंभ था।मॉरीशस यात्रा के दौरान देखने को मिला भारतीय संस्कृति का जश्नपीएम मोदी ने आगे अपनी मॉरीशस यात्रा के बारे में कहा कि पिछले हफ्ते मैं मॉरीशस में था, जहां मैं महाकुंभ के दौरान त्रिवेणी संगम से पवित्र जल ले गया था। जब इसे मॉरीशस के गंगा तालाब में मिलाया गया, तो वह नजारा देखने लायक था। इससे पता चला कि हमारी संस्कृति का जश्न मनाया जा रहा है।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में लोकप्रिय अमेरिकी पॉडकास्टर लेक्स फ्रिडमैन के साथ साक्षात्कार में बताया कि उनकी सरकार ने देश में जनकल्याण योजनाओं के फंड की बर्बादी को रोककर सरकारी तंत्र की दक्षता बढ़ाने का काम पहले ही कर दिया है। यह ठीक वैसा ही है जैसा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हाल ही में शुरू किए गए डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी (डीओजीई) का लक्ष्य है।
पहले बिचौलियों द्वारा सिस्टम से भारी मात्रा में धन निकाला जा रहा थापीएम मोदी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि जब वह सत्ता में आए, तो उन्होंने सामाजिक कल्याण के लिए प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) प्रणाली शुरू की, जिसने विभिन्न योजनाओं के फर्जी, अस्तित्वहीन लाभार्थियों को खत्म कर दिया। पहले भ्रष्ट बिचौलियों द्वारा सिस्टम से भारी मात्रा में धन निकाला जा रहा था।मोदी सरकार के मॉडल ने लगभग 3.48 लाख करोड़ रुपये बचाएपीएम मोदी ने फ्रिडमैन से कहा, “2014 में पदभार संभालने के बाद, मैंने देखा कि उस समय हम कई वैश्विक चर्चाओं का हिस्सा नहीं थे, जैसा कि आज अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और डीओजीई के बारे में बात की जा रही है। लेकिन मैं आपको एक उदाहरण देता हूं ताकि आप देख सकें कि किस तरह का काम किया गया था। मैंने देखा कि कुछ सरकारी योजनाओं, विशेष रूप से कल्याण कार्यक्रमों का लाभ उन लोगों द्वारा उठाया जा रहा था, जो वास्तविक जीवन में कभी अस्तित्व में ही नहीं थे।” वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, मार्च 2023 तक, डीबीटी के माध्यम से सामाजिक कल्याण निधि आवंटित करने के मोदी सरकार के मॉडल ने लगभग 3.48 लाख करोड़ रुपये बचाए थे।अब हर साल लगभग 64,000 करोड़ रुपये की बचत हो रहीएक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भ्रष्ट एलिमेंट द्वारा फर्जी निकासी के कारण होने वाले लीकेज को रोकने के साथ अब हर साल लगभग 64,000 करोड़ रुपये की बचत हो रही है। इसी के साथ कुल बचत अब लगभग 5 लाख करोड़ रुपये हो गई है। यह ठीक वैसा ही है जो एलन मस्क के नेतृत्व वाले डीओजीई कार्यक्रम ने अमेरिका में पाया है, जहां सामाजिक सुरक्षा लाभ ऐसे लोगों को दिए जा रहे थे जो अब जीवित नहीं हैं। आधार आधारित बैंक खातों में सीधे पैसे ट्रांसफर करने पर आधारित डीबीटी मॉडल ने बिचौलियों को खत्म कर दिया है और यह सुनिश्चित किया है कि पैसा सीधे लाभार्थियों तक पहुंचे।मनरेगा में 7.1 लाख नकली जॉब कार्ड को खत्म कर 42,534 करोड़ रुपये बचाए गएवरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, सब्सिडी का दावा करने के लिए नकली एलपीजी कनेक्शन, नकली राशन कार्ड और मनरेगा ग्रामीण रोजगार योजना के तहत जॉब कार्ड में बचत स्पष्ट है। उदाहरण के लिए, 2022-23 में मनरेगा में 7.1 लाख नकली जॉब कार्ड को खत्म कर 42,534 करोड़ रुपये बचाए गए। इसी तरह, 4.15 करोड़ डुप्लीकेट, फेक, गैर-मौजूद और निष्क्रिय एलपीजी कनेक्शन को खत्म कर 73,443 करोड़ रुपये बचाए गए। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स को एक भावुक पत्र लिखा है। सुनीता, जो करीब नौ महीने से इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर थीं, अब जल्द ही धरती पर लौटने वाली हैं। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि पीएम मोदी ने 1 मार्च को यह पत्र लिखा था, जिसे अंतरिक्ष यात्री माइक मैसिमिनो के जरिए सुनीता तक पहुंचाया गया। हाल ही में पीएम मोदी की मैसिमिनो से मुलाकात हुई थी, जहां उन्होंने विशेष रूप से यह अनुरोध किया कि यह पत्र सुनीता तक जरूर पहुंचे।
पीएम मोदी ने पत्र में लिखा कि 1.4 अरब भारतीय उनकी हिम्मत और समर्पण पर गर्व महसूस करते हैं। उन्होंने लिखा, “आप भले ही हजारों मील दूर हो, लेकिन हमारे दिलों के करीब हैं। भारत के लोग आपकी सफलता और सुरक्षित वापसी के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।” प्रधानमंत्री ने सुनीता के माता-पिता को भी याद किया। उन्होंने कहा कि उनकी मां, बॉनी पंड्या, जरूर बेसब्री से उनकी वापसी का इंतजार कर रही होंगी। पीएम मोदी ने उनके दिवंगत पिता को भी याद करते हुए कहा कि उनकी आशीर्वाद हमेशा सुनीता के साथ है।उन्होंने लिखा कि भारत में सुनीता का स्वागत करने का सभी को इंतजार रहेगा और उन्हें “भारत की गौरवशाली बेटी” बताया। पीएम मोदी ने उनके पति माइकल विलियम्स और साथी यात्री बैरी विलमोर के लिए भी शुभकामनाएं दीं। सुनीता विलियम्स और बैरी विलमोर 5 जून 2024 को बोइंग स्टारलाइनर यान से ISS के लिए रवाना हुए थे, लेकिन तकनीकी खराबी के चलते उन्हें वहां योजना से अधिक समय तक रुकना पड़ा। सितंबर 2024 में, नासा ने स्टारलाइनर को बिना क्रू के पृथ्वी पर वापस भेज दिया ताकि ISS पर अन्य यानों के लिए जगह बनाई जा सके।अब, नौ महीने बाद, सुनीता और विलमोर धरती पर लौट रहे हैं। उनके साथ अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री निक हेग और रूसी कॉस्मोनॉट अलेक्जेंडर गोरबुनोव भी हैं। उनकी वापसी मंगलवार शाम को होने की उम्मीद है। इस मिशन को लेकर अमेरिका में भी राजनीतिक हलचल रही। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एलन मस्क से अंतरिक्ष यात्रियों को जल्द बचाने की अपील की थी।






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