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- नयी दिल्ली. ।रेल मंत्रालय एक अक्टूबर से किसी भी ट्रेन के लिए बुकिंग आरंभ होने पर शुरूआती 15 मिनट के दौरान केवल आधार-प्रमाणित उपयोगकर्ताओं को ही आईआरसीटीसी वेबसाइट या ऐप के माध्यम से आरक्षित सामान्य टिकट बुक करने की अनुमति देगा। वर्तमान में, यह प्रतिबंध केवल तत्काल बुकिंग पर लागू है। मंत्रालय के एक परिपत्र में सोमवार को कहा गया, ‘‘यह सुनिश्चित करने के लिए कि आरक्षण प्रणाली का लाभ आम उपयोगकर्ता तक पहुंचे और बेईमान तत्वों द्वारा इसका दुरुपयोग न हो, यह निर्णय लिया गया है कि एक अक्टूबर 2025 से सामान्य आरक्षण के शुरूआती 15 मिनट के दौरान, आरक्षित सामान्य टिकट केवल आधार प्रमाणित उपयोगकर्ताओं द्वारा ही भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) की वेबसाइट/इसके ऐप के माध्यम से बुक की जा सकेंगी।'' मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि 15 मिनट के बाद अधिकृत टिकट एजेंटों को ऑनलाइन आरक्षण बुक करने की अनुमति दी जाएगी। इसने कहा, ‘‘सामान्य आरक्षण खुलने के 10 मिनट के प्रतिबंध के समय में भी कोई बदलाव नहीं होगा, जिसके दौरान भारतीय रेलवे के अधिकृत टिकट एजेंटों को उद्घाटन दिवस के आरक्षित टिकट बुक करने की अनुमति नहीं होगी।'' अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि रेल मंत्रालय ने पहले ही काउंटर से सामान्य आरक्षण बुक करने के लिए एजेंटों पर 10 मिनट का प्रतिबंध लगा दिया है। इस संबंध में एक अधिकारी ने कहा, ‘‘परिपत्र में उक्त प्रतिबंध को बरकरार रखा गया है।''परिपत्र में कहा गया है, ‘‘सीआरआईएस और आईआरसीटीसी सभी क्षेत्रीय रेलवे के साथ-साथ इस कार्यालय को सूचित करते हुए प्रणाली में आवश्यक संशोधन करेंगे।''
- नयी दिल्ली.। रेलवे बोर्ड ने नयी परियोजनाओं के व्यवहार्यता अध्ययन और अंतिम स्थान सर्वेक्षण को मंजूरी देने के लिए विभिन्न जोन को पहले दिये गए अधिकार वापस ले लिये हैं। रेलवे बोर्ड ने यह कदम बोर्ड के साथ समय पर संचार में देरी का हवाला देते हुए उठाया, जिसके कारण संसदीय प्रश्नों और अन्य महत्वपूर्ण संदर्भों के उत्तर देने में विलंब हुआ। सभी जोन के महाप्रबंधकों (जीएम) को संबोधित एक हालिया पत्र में बोर्ड ने कहा, "यह देखा गया है कि जोनल रेलवे, व्यवहार्यता अध्ययन और अंतिम स्थान सर्वेक्षण (एफएलएस) को मंजूरी देने के बाद, रेलवे बोर्ड को समय पर मंजूरी आदेश नहीं भेज रहे हैं, जिसके कारण संसदीय प्रश्नों और अन्य वीआईपी संदर्भों के उत्तर देने में देरी हो रही है। इसमें कहा गया है, ‘‘इसके अलावा, यह भी देखा गया है कि जोनल रेलवे व्यवहार्यता अध्ययन और अंतिम स्थान सर्वेक्षण की मंजूरी के बाद अतिरिक्त धनराशि के लिए रेलवे बोर्ड से बार-बार संपर्क कर रहे हैं।'' इसमें कहा गया है कि इन मुद्दों को देखते हुए, ‘‘संदर्भित पत्रों के माध्यम से क्षेत्रीय रेलवे को दी गई व्यवहार्यता अध्ययन (पीईटी/आरईटी सर्वेक्षण) और अंतिम स्थान सर्वेक्षण को मंजूरी देने की शक्ति वापस ली जा सकती है और रेलवे बोर्ड को बहाल की जा सकती है।'' नयी परियोजनाओं की मंजूरी और क्रियान्वयन में तेजी लाने के लिए, बोर्ड ने अक्टूबर 2022 में महाप्रबंधकों (जीएम) और मंडल रेलवे प्रबंधकों (डीआरएम) को इन सर्वेक्षणों और अध्ययनों को मंजूरी देने का अधिकार दिया था।
- नयी दिल्ली.। उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रल्हाद जोशी ने सोमवार को कहा कि भारत जल्द ही राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला (एनपीएल) और इसरो के सहयोग से देश भर के पांच स्थानों से सटीक भारतीय मानक समय के प्रसार के लिए परियोजना शुरू करेगा। यह घोषणा जोशी ने यहां अंतरराष्ट्रीय इलेक्ट्रोटेक्निकल आयोग (आईईसी) की 89वीं आम बैठक के उद्घाटन के दौरान की। उन्होंने कहा कि भारत एक ‘व्यापक तकनीकी और औद्योगिक कायापलट' का गवाह बन रहा है, जहां इसका विनिर्माण क्षेत्र स्वचालन और उद्योग 4.0 (अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी) को अपना रहा है। जोशी ने आयोग के उद्घाटन सत्र में 2,000 से अधिक वैश्विक विशेषज्ञों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘भारत आज व्यापक स्तर पर प्रौद्योगिकी और औद्योगिक कायापलट का गवाह बन रहा है। हमारा विनिर्माण क्षेत्र उत्पादकता बढ़ाने के लिए स्वचालन को अपना रहा है।'' सटीक समय-निर्धारण परियोजना राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के साथ साझेदारी में देश भर के पांच रणनीतिक स्थानों पर लागू की जाएगी। यह भारत की प्रौद्योगिकी क्षेत्र में प्रगति में एक और कदम है। जोशी ने कहा कि भारत वैश्विक स्तर पर दूसरे सबसे बड़े मोबाइल फोन विनिर्माता के रूप में उभरा है और इलेक्ट्रिक वाहनों तथा सौर प्रौद्योगिकियों के लिए सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में से एक है। मंत्री ने कहा कि भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) पिछले 11 वर्षों में ‘एक तकनीकी नियामक से राष्ट्र निर्माण में एक सच्चा भागीदार' बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन, पीएम-कुसुम, पीएम सूर्य घर योजना और फेम इंडिया जैसी सरकारी पहल ‘एक स्वच्छ, हरित और अधिक आत्मनिर्भर भविष्य की दिशा में रणनीतिक खाका' का प्रतिनिधित्व करती हैं। जोशी ने कहा कि भारत ओआईएमएल (अंतरराष्ट्रीय विधिक मापविज्ञान संगठन) पैटर्न अनुमोदन प्रमाणपत्र जारी करने वाला दुनिया का 13वां देश बन गया है, जो विधिक मापविज्ञान में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
- अहमदाबाद.। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 20 सितंबर को गुजरात के भावनगर शहर की अपनी यात्रा के दौरान एक जनसभा को संबोधित करेंगे और कई परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे। भावनगर के कलेक्टर मनीष कुमार बंसल ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी 20 सितंबर को भावनगर आएंगे। वह जवाहर मैदान में लोगों को संबोधित करेंगे। इस अवसर पर वह बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय, गुजरात समुद्री बोर्ड और अन्य राज्यों के समुद्री बोर्ड की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।'' उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री द्वारा इस क्षेत्र से संबंधित एक नीति की भी शुरुआत करने का कार्यक्रम है।'' उन्होंने बताया कि इस दौरान इस क्षेत्र की सरकारी और निजी संस्थाओं के बीच समझौता ज्ञापनों पर भी हस्ताक्षर किए जाएंगे।''
- पूर्णिया।. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को बिहार के पूर्णिया जिले में करीब 40,000 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं की शुरुआत की और कहा कि ‘‘रेलवे, हवाईअड्डे, बिजली और पानी'' से जुड़ी ये परियोजनाएं सीमांचल क्षेत्र की आकांक्षाओं को पूरा करने का साधन बनेंगी। प्रधानमंत्री ने पूर्णिया हवाईअड्डे के नवनिर्मित टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया, जिससे क्षेत्र में यात्रियों को संभालने की क्षमता बढ़ेगी। मोदी ने पूर्णिया-कोलकाता मार्ग पर पहली उड़ान को हरी झंडी दिखाई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और कई केंद्रीय एवं राज्य मंत्री इस कार्यक्रम में मौजूद थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि पूर्णिया हवाईअड्डे का टर्मिनल भवन रिकॉर्ड समय, यानी पांच महीने से भी कम में बनाया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘नये हवाईअड्डे के शुरू होने के साथ ही पूर्णिया अब देश के हवाई मानचित्र पर आ गया है।'' इससे पूर्णिया और सीमांचल की सीधी कनेक्टिविटी देश के बड़े शहरों और प्रमुख वाणिज्यिक केंद्रों से हो जाएगी। सीमांचल क्षेत्र में पूर्णिया, कटिहार, अररिया और किशनगंज जिले शामिल हैं।प्रधानमंत्री ने कहा कि मखाना की खेती बिहार के किसानों की आय का स्रोत रही है, लेकिन पिछली सरकारों ने न तो इस फसल को और न ही किसानों को महत्व दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने ही मखाना को उसका वाजिब दर्जा दिया है।मोदी ने कहा, ‘‘मैंने बिहार की जनता से राष्ट्रीय मखाना बोर्ड के गठन का वादा किया था। केंद्र सरकार ने रविवार को इसके गठन की अधिसूचना जारी कर दी। बोर्ड किसानों को बेहतर कीमत दिलाने और इस क्षेत्र में प्रौद्योगिकी के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम करेगा।'' उन्होंने बताया कि मखाना क्षेत्र के विकास के लिए करीब 475 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी गई है। प्रधानमंत्री ने भागलपुर के पीरपैंती में 25,000 करोड़ रुपये की लागत वाली 3x800 मेगावाट की थर्मल पावर परियोजना की आधारशिला रखी। इसमें राज्य का निजी क्षेत्र का सबसे बड़ा निवेश है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह परियोजना अल्ट्रा-सुपर क्रिटिकल, कम उत्सर्जन तकनीक पर आधारित है। इससे बिहार को बिजली आपूर्ति होगी और ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी। प्रधानमंत्री ने 2,680 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले कोसी-मेची अंतर-राज्यीय नदी जोड़ परियोजना के पहले चरण की भी आधारशिला रखी। उन्होंने कहा, ‘‘परियोजना के तहत नहर का उन्नयन किया जाएगा, जिसमें गाद हटाना, क्षतिग्रस्त संरचनाओं का पुनर्निर्माण, सेटलिंग बेसिन का नवीनीकरण और जल निकासी क्षमता को 15,000 क्यूसेक से बढ़ाकर 20,000 क्यूसेक करना शामिल है।'' अधिकारी ने बताया कि इस परियोजना से बिहार के उत्तर-पूर्वी जिलों में सिंचाई का विस्तार, बाढ़ नियंत्रण और कृषि लचीलापन बढ़ेगा। प्रधानमंत्री ने दिन में बिहार में विभिन्न रेल परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया तथा कई ट्रेनों को हरी झंडी दिखायी। उन्होंने 2,170 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली विक्रमशिला-कटरिया रेल लाइन की आधारशिला रखी, जिससे गंगा नदी के आर-पार सीधी रेल कनेक्टिविटी मिलेगी। प्रधानमंत्री ने 4,410 करोड़ रुपये की लागत से बनी अररिया-गलगलिया नई रेल लाइन का उद्घाटन भी किया। उन्होंने अररिया-गलगलिया (ठाकुरगंज) खंड में ट्रेन को हरी झंडी दिखाई, जिससे अररिया और किशनगंज जिलों के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी स्थापित होगी और उत्तर-पूर्वी बिहार में आवाजाही की सुविधा में उल्लेखनीय सुधार होगा। उन्होंने जोगबनी-दानापुर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की शुरुआत की, जिससे अररिया, पूर्णिया, मधेपुरा, सहरसा, खगड़िया, बेगूसराय, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, वैशाली और पटना जैसे जिलों को सीधा लाभ मिलेगा। सहरसा-छेहरटा (अमृतसर) और जोगबनी-इरोड के बीच अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाई गई।अधिकारी ने कहा कि ये ट्रेनें विभिन्न क्षेत्रों के बीच आर्थिक, सांस्कृतिक और सामाजिक एकीकरण को मजबूत करेंगी। मोदी ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत 35,000 ग्रामीण लाभार्थियों और प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के अंतर्गत 5,920 लाभार्थियों के गृह प्रवेश समारोह में भी भाग लिया तथा कुछ लाभार्थियों को चाबियां सौंपीं। उन्होंने दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत बिहार में क्लस्टर स्तर महासंघों को करीब 500 करोड़ रुपये के सामुदायिक निवेश कोष वितरित किए और कुछ महासंघ प्रमुखों को चेक सौंपे। उन्होंने दीनदयाल अंत्योदय योजना- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत बिहार में क्लस्टर-स्तरीय महासंघों को लगभग 500 करोड़ रुपये के सामुदायिक निवेश कोष भी वितरित किए और कुछ क्लस्टर-स्तरीय महासंघों (सीएलएफ) के प्रमुखों को चेक सौंपे।
- ग्वालियर.। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोमवार को मध्यप्रदेश के ग्वालियर में विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को उन परियोजनाओं को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया, जिनमें देरी हो रही है। ग्वालियर कलेक्ट्रेट में आयोजित इस समीक्षा बैठक के दौरान केंद्रीय संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री सिंधिया ने लंबित परियोजनाओं को पूरा करने के लिए समय सीमा भी निर्धारित की। अधिकारियों के अनुसार इनमें से कई परियोजनाएं लंबे समय से अटकी हुई हैं, जिससे लोगों को परेशानी हो रही है। सिंधिया ने बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "ग्वालियर की सड़कों की हालत खराब है। इन्हें लाल, पीला और हरा क्षेत्र में बांटा जाएगा। लाल श्रेणी का मतलब बहुत खराब स्थिति, पीला पानी खराब या फिर सीवरेज के कारण सड़क की हालत को दर्शाता है और हरे रंग का मतलब है कि सड़कें ठीक हैं।" सिंधिया ने कहा कि अगली बैठक में आवश्यक धन के साथ एक पूरी योजना तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक प्रतिनिधि शहर के विकास के लिए काम करने के लिए एकजुट हैं। उन्होंने मीडिया से मुद्दों पर 'सकारात्मक' रिपोर्ट देने को भी कहा। इससे पहले, बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ग्वालियर क्षेत्र ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत वाला केंद्र है जिसमें विकास की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा, "ऐसे में बुनियादी अवसंरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, साफ-सफाई और जन सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाओं में तेजी लाना समय की मांग है। काम की गुणवत्ता पर कोई समझौता नहीं किया जाना चाहिए।" केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में ग्वालियर को एक आदर्श जिले के रूप में स्थापित किया जा सकता है। बैठक में ग्वालियर में चंबल का पानी लाने, एलिवेटेड रोड परियोजना, सीवरेज की समस्या और सड़क मरम्मत पर ध्यान केंद्रित किया गया। बैठक के दौरान, ग्वालियर एलिवेटेड रोड के दोनों चरणों सहित कई परियोजनाओं के लिए समय सीमा तय की गई, जिसका उद्देश्य शहर में यातायात की स्थिति को आसान बनाना है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एलिवेटेड सड़क परियोजना के पहले 10 किलोमीटर के हिस्से को जून 2022 में मंजूरी दी गई थी और इसे अगस्त 2025 में पूरा किया जाना था, इसमें देरी हुई है और अब अक्टूबर 2026 तक इसकी उम्मीद है। उन्होंने कहा कि फूलबाग से गिरवई नाका तक का दूसरा 13 किलोमीटर का खंड, जिसे दिसंबर 2024 में शुरू किया गया था, को नवंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि पहले चरण की लागत 446.92 करोड़ रुपये है, जबकि दूसरे चरण की लागत 926.21 करोड़ रुपये है। सिंधिया ने कहा कि महाराज बाड़ा में 82 करोड़ रुपये की लागत से 2021 में शुरू हुई बहुस्तरीय पार्किंग परियोजना 2026 तक पूरी हो सकती है। उन्होंने कहा कि जल्द ही एक अस्पताल के पास एक अंडरपास का भी निर्माण किया जाएगा, जबकि शहर के चार नियोजित प्रवेश द्वारों में से एक लंबित है। सिंधिया ने कहा कि ग्वालियर रेलवे स्टेशन का 534.70 करोड़ रुपये का नवीनीकरण कार्य अप्रैल 2026 तक पूरा हो जाएगा और इसमें सभी विरासत पहलुओं को सुनिश्चित करते हुए नए प्लेटफॉर्म और आधुनिक यात्री सुविधाएं शामिल होंगी। उन्होंने कहा कि आगरा-ग्वालियर एक्सप्रेस-वे के लिए 4613 करोड़ रुपये की लागत से भूमि अधिग्रहण का काम शुरू हो गया है। इस परियोजना से औद्योगिक और वाणिज्यिक विकास में तेजी आएगी। बैठक में केंद्रीय मंत्री ने एलिवेटेड रोड, आगरा एक्सप्रेसवे और वेस्टर्न बाईपास के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने ग्वालियर स्टेशन के जीर्णोद्धार के लिए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, जलापूर्ति परियोजनाओं के लिए आवास एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर और आंबेडकर धाम के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव को धन्यवाद दिया। सिंधिया ने कहा, "केंद्र और राज्य सरकारों के संयुक्त प्रयासों से ग्वालियर आने वाले समय में और अधिक समृद्ध, मजबूत और आधुनिक रूप में उभरेगा।
- नयी दिल्ली. ।संसद भवन परिसर की सुरक्षा अब और भी चाक-चौबंद होने जा रही है। संसद भवन के चारों ओर की बाहरी परिधि में न सिर्फ विशेष प्रकाश की व्यवस्था की जाएगी बल्कि वहां बिजली युक्त बाड़ (इलेक्ट्रिक पावर फेंस) भी लगायी जाएगी। इतना ही नहीं, इस सुरक्षा कवच को और मजबूत बनाने के लिए परिसर को अत्याधुनिक ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क और घुसपैठ का पता लगाने वाली उन्नत प्रणाली से भी लैस किया जाएगा। इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरों की चौकस निगाहें भी परिसर की हर गतिविधि पर चौबीसों घंटे नजर रखेंगी। केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) ने अपनी वेबसाइट पर इस संबंध में एक निविदा जारी कर दी है। इसके अनुसार, इस कार्य की अनुमानित लागत 14.62 करोड़ रुपये से अधिक रखी गई है और निविदा की बोली 18 सितंबर 2025 को खोली जाएगी। सीपीडब्ल्यूडी ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस परियोजना में संयुक्त उद्यम की अनुमति नहीं दी जाएगी।संसद की सुरक्षा को लेकर यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब हाल के वर्षों में कुछ घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे। पिछले महीने एक व्यक्ति संसद की दीवार फांदकर अंदर घुसने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया था। इससे पहले लोकसभा कक्ष में 13 दिसंबर 2023 को दो व्यक्तियों ने सुरक्षा में सेंध लगाते हुए दर्शक दीर्घा से छलांग लगाकर एक कैन फेंकी थी, जिसमें से रंगीन धुआं निकला था जबकि दो अन्य ने परिसर के बाहर भी ऐसा ही कृत्य किया था। इन घटनाओं के मद्देनजर संसद भवन की सुरक्षा को और चाक-चौबंद करने की तैयारी की जा रही है।सीपीडब्ल्यूडी की वेबसाइट पर जारी निविदा के ब्यौरे के अनुसार, पात्र एजेंसियों / ठेकेदारों से संसद भवन परिसर की बाहरी परिधि को विशेष प्रकाश व्यवस्था और बिजली युक्त बाड़बंदी (इलेक्ट्रिक पावर फेंस) से लैस करने, ऑप्टिकल फाइबर एवं घुसपैठ का पता लगाने वाली प्रणाली से सुसज्जित करने तथा सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था से युक्त बनाने का कार्य चार महीने में पूरा करने की अपेक्षा की जाती है।
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नयी दिल्ली. भारतीय नौसेना के बेड़े में एक स्वदेश निर्मित पनडुब्बी रोधी युद्धपोत के शामिल होने से हिंद महासागर क्षेत्र में चीन की बढ़ती गतिविधियों के मद्देनजर नौसेना की समुद्री क्षमताओं में वृद्धि होने की उम्मीद है। ‘अंद्रोथ' उथले जल में संचालित आठ पनडुब्बी रोधी युद्धपोतों (एएसडब्ल्यू-एसडब्ल्यूसी) में से दूसरा युद्धपोत है, जिसका निर्माण कोलकाता के ‘गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स' (जीआरएसई) द्वारा किया गया है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, यह जहाज शनिवार को भारतीय नौसेना को सौंप दिया गया, जो रक्षा विनिर्माण में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और कदम है। भारतीय नौसेना की पनडुब्बी-रोधी और तटीय निगरानी क्षमताओं को मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से ‘एएसडब्ल्यू-एसडब्ल्यूसी' जहाजों को शामिल किया जा रहा है। 'अंद्रोथ' नाम का रणनीतिक और प्रतीकात्मक महत्व है क्योंकि यह लक्षद्वीप द्वीपसमूह के ‘अंद्रोथ' द्वीप से लिया गया है, जो भारत की अपने विशाल समुद्री क्षेत्रों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। अधिकारियों ने बताया कि लगभग 77 मीटर लंबाई वाले ये जहाज ‘डीजल इंजन-वॉटरजेट' के संयोजन से संचालित होने वाले सबसे बड़े भारतीय नौसेना के युद्धपोत हैं, जो अत्याधुनिक हल्के ‘टॉरपीडो' और स्वदेशी पनडुब्बी रोधी युद्ध रॉकेटों से लैस हैं। नौसेना ने अपने वक्तव्य में कहा, ‘‘‘अंद्रोथ' की सुपुर्दगी भारतीय नौसेना की स्वदेशी युद्धपोत निर्माण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जो सरकार के 'आत्मनिर्भर भारत' के दृष्टिकोण को समर्थन देती है। यह युद्धपोत 80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री के साथ न केवल घरेलू क्षमताओं के बढ़ते स्तर का प्रमाण है बल्कि आयात पर निर्भरता को कम करने की दिशा में भी एक बड़ा संकेत है।
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नयी दिल्ली. देश में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों की बेरोजगारी दर में लगातार दूसरे महीने कमी आई है। अगस्त में यह घटकर 5.1 प्रतिशत रही। सोमवार को जारी एक सरकारी सर्वेक्षण में यह कहा गया। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) के अनुसार, जुलाई में बेरोजगारी दर 5.2 प्रतिशत रही थी। मई और जून दोनों में यह 5.6 प्रतिशत थी। मई 2025 में जारी पहले पीएलएफएस बुलेटिन के अनुसार, अप्रैल में बेरोजगारी दर 5.1 प्रतिशत थी।
आधिकारिक बयान में कहा गया है, ‘‘कुल मिलाकर बेरोजगारी दर (15 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों के लिए) लगातार दूसरे महीने घटकर अगस्त 2025 में 5.1 प्रतिशत रही।'' वर्तमान साप्ताहिक स्थिति (सीडब्ल्यूएस) में एकत्र किए गए नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों के लिए बेरोजगारी दर 5.1 प्रतिशत रही। पुरुषों की बेरोजगारी दर अगस्त में पांच महीनों में सबसे कम पांच प्रतिशत रही। अप्रैल में यह 5.2 प्रतिशत, मई और जून में 5.6 प्रतिशत और जुलाई में 5.3 प्रतिशत थी। इसका कारण शहरी क्षेत्रों में पुरुषों की बेरोजगारी दर में गिरावट है। बीते महीने घटकर यह 5.9 प्रतिशत पर रही जो जुलाई में 6.6 प्रतिशत थी। ग्रामीण पुरुषों की बेरोजगारी दर भी अगस्त 2025 में घटकर 4.5 प्रतिशत रही, जो पिछले चार महीनों की बेरोजगारी दर से कम है। कुल मिलाकर, ग्रामीण बेरोजगारी दर लगातार तीन महीनों से घट रही है। मई 2025 में यह 5.1 प्रतिशत थी जबकि अगस्त में कम होकर 4.3 प्रतिशत रही। महिलाओं में श्रमिक जनसंख्या अनुपात (डब्ल्यूपीआर) में लगातार दो महीनों से वृद्धि देखी गई है और यह अगस्त में बढ़कर 32 प्रतिशत हो गया जो जून में 30.2 था। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में डब्ल्यूपीआर में वृद्धि से समग्र श्रमिक जनसंख्या अनुपात में सुधार हुआ है और यह बढ़कर अगस्त में 52.2 प्रतिशत हो गया जबकि जून 2025 में यह 51.2 प्रतिशत था। पंद्रह वर्ष और उससे अधिक आयु की महिलाओं में श्रम बल भागीदारी दर (एलएफपीआर) बढ़कर अगस्त में 33.7 प्रतिशत हो गई है, जबकि जून में यह 32 प्रतिशत थी। इसका कारण ग्रामीण महिलाओं में श्रम बल भागीदारी दर बढ़कर अगस्त में 37.4 प्रतिशत हो गयी जो जून में 35.2 प्रतिशत थी। इसी अवधि के दौरान शहरी क्षेत्रों में यह 25.2 प्रतिशत से बढ़कर 26.1 प्रतिशत हो गयी। इसमें कहा गया है कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में महिला श्रम बल भागीदारी दर में लगातार दूसरे महीने वृद्धि हुई है। 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों के लिए समग्र एलएफपीआर बढ़कर अगस्त 2025 में 55 प्रतिशत हो गयी है जो जून में 54.2 प्रतिशत थी। अखिल भारतीय स्तर पर, यह अनुमान 3,76,839 व्यक्तियों के बीच किए गए सर्वेक्षण से प्राप्त जानकारी पर आधारित है। -
नयी दिल्ली. आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने की अंतिम तारीख होने का कारण कर विभाग के पोर्टल पर सोमवार को बड़ी संख्या में लोगों ने लॉगइन किया। इस कारण उपयोगकर्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ा और उन्होंने सोशल मीडिया पर गड़बड़ियों की शिकायत की। बड़ी संख्या में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं ने आईटीआर दाखिल करने की समयसीमा 15 सितंबर से आगे बढ़ाने की मांग की। दूसरी ओर विभाग ने कहा कि पोर्टल ठीक से काम कर रहा है और व्यक्तियों, एचयूएफ और उन लोगों द्वारा आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने की समयसीमा बढ़ाने का कोई संकेत नहीं दिया, जिन्हें वित्त वर्ष 2024-25 (आकलन वर्ष 2025-26) के लिए अपने खातों का ऑडिट नहीं कराना है। वित्त वर्ष 2024-25 में अर्जित आय के लिए बिना जुर्माने के आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर है। पिछले कुछ दिनों में कई चार्टर्ड अकाउंटेंट और अन्य लोगों ने सोशल मीडिया पर दावा किया है कि आयकर पोर्टल पर कर भुगतान और एआईएस (वार्षिक सूचना विवरण) डाउनलोड करते समय गड़बड़ियां आ रही हैं। इंटरनेट उपयोगकर्ताओं ने सोमवार को यह भी शिकायत की कि वे ई-फाइलिंग पोर्टल में लॉग इन नहीं कर पा रहे हैं। दूसरी ओर आयकर विभाग ने स्पष्ट किया कि आकलन वर्ष 2025-26 के लिए आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर है और इसे आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। विभाग ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर चल रही खबरों के विपरीत उसने आयकर रिटर्न (आईटीआर) भरने की अंतिम तारीख को आगे नहीं बढ़ाया है। आयकर विभाग ने ‘एक्स' पर पोस्ट में सोशल मीडिया पर प्रसारित एक बयान को फर्जी करार दिया, जिसमें कहा गया था कि आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तारीख 30 सितंबर, 2025 तक बढ़ा दी गई है। विभाग ने करदाताओं से किसी भी सूचना के लिए केवल @IncomeTaxIndia हैंडल पर भरोसा करने का अनुरोध किया। विभाग ने कहा, ‘‘आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तारीख 15 सितंबर 2025 ही है।'' आयकर विभाग ने सोमवार सुबह ऐसी ही एक पोस्ट के जवाब में कहा, ‘‘ई-फाइलिंग पोर्टल ठीक काम कर रहा है। कृपया अपना ब्राउजर साफ करें या किसी दूसरे ब्राउजर से पोर्टल पर पहुंचने की कोशिश करें।'' आयकर विभाग ने कहा कि करदाताओं को आईटीआर दाखिल करने, कर भुगतान और अन्य संबंधित सेवाओं में मदद के लिए उसकी हेल्पडेस्क लगातार काम कर रही है, और फोन, लाइव चैट, वेबएक्स सत्र और एक्स के जरिये करदाताओं की मदद की जा रही है।
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कोलकाता. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को ऑपरेशन सिंदूर में अनुकरणीय भूमिका के लिए भारतीय सशस्त्र बलों की सराहना की और राष्ट्र निर्माण में उनके महत्वपूर्ण योगदान पर प्रकाश डाला। एक रक्षा बयान में यह जानकारी दी गयी। मोदी ने यहां विजय दुर्ग (पूर्व में फोर्ट विलियम) स्थित भारतीय सेना के पूर्वी कमान मुख्यालय में तीन दिवसीय संयुक्त कमांडर सम्मेलन का उद्घाटन करने के बाद ‘‘भारतीय सशस्त्र बल विजन 2047'' दस्तावेज भी जारी किया। बयान में कहा गया है कि यह दस्तावेज भविष्य के लिए तैयार भारतीय सशस्त्र बलों का मार्ग प्रशस्त करता है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में शामिल हुए, जो ऑपरेशन सिंदूर के बाद इस तरह का पहला सम्मेलन है। एक रक्षा अधिकारी ने बताया कि नियंत्रण रेखा के पार और पाकिस्तान के भीतर आतंकी ढांचे को ध्वस्त करने के लिए चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर' ने सटीकता, व्यावसायिकता और उद्देश्य को मूर्त रूप देते हुए तीनों सेनाओं की संतुलित प्रतिक्रिया प्रदर्शित की। सम्मेलन में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और भारतीय सशस्त्र बलों के तीनों प्रमुखों ने भी भाग लिया। रक्षा मंत्रालय के बयान में कहा गया है, ‘‘रणनीतिक मुद्दों की एक विस्तृत शृंखला पर विचार-विमर्श किया जा रहा है, जिसमें सेना का आधुनिकीकरण, संयुक्तता, एकीकरण और बहु-क्षेत्रीय युद्ध के लिए परिचालन तत्परता को बढ़ाना शामिल है।'' यह द्विवार्षिक सम्मेलन सशस्त्र बलों का शीर्ष विचार-मंथन मंच है, जो देश के शीर्ष नागरिक और सैन्य नेतृत्व को वैचारिक और रणनीतिक स्तर पर विचारों का आदान-प्रदान करने के लिए एक साथ लाता है। साथ ही इसमें विभिन्न रैंक के अधिकारियों के साथ संवाद सत्र भी होते हैं। इस वर्ष 16वां सम्मेलन आयोजित किया जा रहाहै जिसमें सुधारों, परिवर्तन, बदलाव और अभियानगत तैयारियों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसका विषय है ‘सुधारों का वर्ष - भविष्य के लिए परिवर्तन'। रक्षा अधिकारी ने कहा, ‘‘सम्मेलन का ध्यान संस्थागत सुधारों, गहन एकीकरण और तकनीकी आधुनिकीकरण के प्रति सशस्त्र बलों की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। साथ ही बहु-क्षेत्रीय अभियानगत तैयारियों के उच्च स्तर को बनाए रखना भी इसमें शामिल है।'' आखिरी संयुक्त कमांडर सम्मेलन 2023 में भोपाल में हुआ था। पिछले पांच महीनों में मोदी का यह चौथा और एक महीने के भीतर दूसरा बंगाल दौरा है।
प्रधानमंत्री असम से रविवार शाम कोलकाता पहुंचे। वह राजभवन से सुबह करीब साढ़े नौ बजे विजय दुर्ग पहुंचे। उन्होंने राजभवन में रात्रि विश्राम किया था। मोदी ने सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में लगभग चार घंटे बिताए। वह दोपहर करीब डेढ़ बजे कार्यक्रम स्थल से निकले और कलकत्ता रेसकोर्स से हेलीकॉप्टर द्वारा एनएससी बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे, जहां से उन्होंने बिहार के पूर्णिया के लिए उड़ान भरी।
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कोच्चि. कैंसर के नये टीकों का उद्देश्य स्वस्थ व्यक्तियों में कैंसर की शुरुआत को रोकना नहीं है बल्कि यह पहले से इस बीमारी का इलाज करा चुके लोगों में इसको (कैंसर) दोबारा होने से रोकने के लिए हैं। चिकित्सा विशेषज्ञ ने यह जानकारी दी। केरल स्थित ‘इंडियन मेडिकल एसोसिएशन' (आईएमए) के अनुसंधान प्रकोष्ठ के संयोजक एवं कोच्चि स्थित आईएमए के वैज्ञानिक समिति के चैयरमेन डॉ. राजीव जयदेवन ने कहा, ‘‘ये चिकित्सीय कैंसर टीके हैं जो पहले से कैंसर से पीड़ित लोगों में रोग को दोबारा होने से रोकने के लिए बनाए गए हैं न कि स्वस्थ लोगों में इसकी शुरुआत को रोकने के लिए।'' उन्होंने कोच्चि में आयोजित ‘गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ऑन्कोलॉजी सोसायटी' (जीआईओएस) के दूसरे वार्षिक सम्मेलन की शुरूआत के मौके पर यह बात कही। जयदेवन ने एक बयान में कैंसर के टीकों के निर्माण सहित इससे होने वाले लाभ के बारे में बताया।
उन्होंने बताया, ‘‘यह एक प्रकार की ‘इम्यूनोथेरेपी' है, जो शरीर की अपनी प्रतिरक्षा प्रणाली को इस तरह प्रशिक्षित करती है कि वह कैंसर कोशिकाओं को पहचान कर उन्हें नष्ट कर सके।'' आयोजकों ने बताया कि तीन दिवसीय सम्मेलन कोलोरेक्टल कैंसर (सीआरसी) पर केंद्रित है, जो एक ऐसी बीमारी है जिसके मामले वैश्विक स्तर पर बढ़ रहे हैं। कोलोरेक्टल कैंसर बड़ी आंत (कोलन) या मलाशय में शुरू होता है। - जयपुर. वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी को राजस्थान सरकार के भाषा एवं पुस्तकालय विभाग की ओर से रविवार को हिन्दी सेवा पुरस्कार दिया गया। हिन्दी दिवस के अवसर पर सवाई मानसिंह चिकित्सा महाविद्यालय में आयोजित समारोह में डॉ. सोनी को कला, संस्कृति एवं पर्यटन श्रेणी में हिंदी सेवा पुरस्कार दिया गया। उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने उन्हें पुरस्कार प्रदान किया। भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी सोनी की हिन्दी एवं राजस्थानी में लगभग पन्द्रह मौलिक, अनूदित और संपादित पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। राजस्थानी काव्य संग्रह ‘रणखार' के लिए इन्हें साहित्य अकादमी (नयी दिल्ली) का ‘साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार' मिला है। पुरस्कार समारोह में बैरवा ने हिन्दी साहित्य (कथा) में डॉ. कृष्ण कुमार कुमावत को उनके उपन्यास ‘लक्ष्य', हिन्दी साहित्य (कथेतर) में डॉ. मूलचंद बोहरा को उनके शैक्षिक निबन्ध संग्रह ‘समझ गए ना!', संविधान एवं विधि में डॉ. अनुपम चतुर्वेदी एवं डॉ. दीप्ति चतुर्वेदी को संयुक्त रूप से उनकी पुस्तक ‘भारतीय राजनीतिक व्यवस्था', विज्ञान तकनीकी एवं अभियांत्रिकी में प्रो. पूर्णेन्दु घोष को ‘वैज्ञानिक विचार द्वीपों के बीच', चिकित्सा विज्ञान एवं स्वास्थ्य (भारतीय चिकित्सा पद्धति) में डॉ. हिमांशु भाटिया को उनकी पुस्तक ‘सेरेब्रल पाल्सी: व्यथा, कथा एवं कानून', दर्शन, योग एवं अध्यात्म में मनोज गट्टानी को उनकी पुस्तक ‘मन सनातन' एवं जनसंचार, पत्रकारिता एवं सिनेमा में डॉ. विजय विप्लवी एवं डॉ. कुंजन आचार्य को संयुक्त रूप से लिखी उनकी पुस्तक ‘पत्रकार दीनदयाल उपाध्याय' के लिए हिंदी सेवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर बैरवा ने कहा ,‘‘ हिंदी संवाद की भाषा ही नहीं बल्कि भारतीयता का गौरव और हमारी सांस्कृतिक धरोहर है। भारतीय सभ्यता, संस्कृति और संस्कारों की अविरल धारा को जीवंत एवं सुरक्षित रखने में हिंदी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।'' उन्होंने कहा कि हिंदी बोलने में संकोच नहीं बल्कि गर्व का अनुभव करना चाहिए।
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जौनपुर/ उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में मुंगराबादशाहपुर थाना क्षेत्र के रामनगर में दो भाइयों की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार यह घटना शनिवार रात करीब दस बजे हुई और घटना की सूचना पर आला अधिकारी मौके पर पहुंचे।
पुलिस अधीक्षक डॉ कौस्तुभ ने बताया कि मझगवां निवासी शाहजहां (60) और जहांगीर (48) दोनों सगे भाई थे और मोटरसाइकिल से मुंगरा बादशाहपुर आए थे। वह शनिवार देर रात वापस अपने घर जा रहे थे, तभी करीब दस बजे रास्ते में रामनगर के पास पहले से ही घात लगाए मोटरसाइकिल सवार बदमाश ने उन पर गोलियां चलाईं। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस हमले में शाहजहां की मौके पर ही मौत हो गई जबकि जहांगीर ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर शवों को कब्जे में ले लिया और घटना की जांच शुरू कर दी है। -
कोलकाता. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 15 सितंबर को पूर्वी कमान मुख्यालय में सशस्त्र बल कमांडरों के तीन दिवसीय संयुक्त सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। सुधारों, परिवर्तन और अभियानगत तैयारियों पर केंद्रित इस वर्ष के सम्मेलन का विषय 'सुधारों का वर्ष - भविष्य के लिए परिवर्तन' है। एक अधिकारी ने कहा, ‘‘सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य संस्थागत सुधारों, गहन एकीकरण और तकनीकी आधुनिकीकरण के प्रति सशस्त्र बलों की प्रतिबद्धता को दर्शाना और उच्च स्तर की बहु-क्षेत्रीय अभियानगत तत्परता बनाए रखना है।'' प्रधानमंत्री मोदी रविवार शाम असम के जोरहाट से कोलकाता पहुंचेंगे और राजभवन में रात्रि विश्राम करेंगे। अधिकारी ने बताया कि एक महीने से भी कम समय में दूसरी बार कोलकाता का दौरा कर रहे मोदी सोमवार सुबह भारतीय सेना के पूर्वी कमान मुख्यालय विजय दुर्ग में सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। विजय दुर्ग को पहले फोर्ट विलियम कहा जाता था। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री सोमवार दोपहर कोलकाता से बिहार के पूर्णिया के लिए रवाना होंगे।
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जयपुर। जयपुर में शनिवार देर रात एक कार अनियंत्रित होकर रिंग रोड से नीचे पानी से भरे अंडरपास में गिर गई। हादसे में कार में सवार दो बच्चों समेत सात लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने रविवार को बताया कि मारे गए लोग दो परिवारों के सदस्य हैं। अधिकारियों ने बताया कि यह दुर्घटना शिवदासपुरा थाना क्षेत्र में प्रह्लादपुरा के पास हुई। एक तेज रफ्तार कार संभवत: डिवाइडर से टकराकर रिंग रोड से लगभग 16 फुट नीचे जा गिरी। कार एक अंडरपास में गिरी जिसमें पानी भरा हुआ था। स्थानीय लोगों ने रविवार दोपहर दुर्घटनाग्रस्त कार को पानी से भरे अंडरपास में उलटी पड़ी देखा। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और क्रेन की मदद से कार को बाहर निकाला। शिवदासपुरा के थानाधिकार सुरेंद्र सैनी ने कहा, "कार में सवार सभी सात लोग मृत पाए गए। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।" मृतकों की पहचान वाटिका सांगानेर निवासी रामराज वैष्णव, उनकी पत्नी मधु, उनके बेटे रुद्र के रूप में हुई है। इसके अलावा रामराज के रिश्तेदार कालूराम, कालूराम की पत्नी सीमा, उनके बेटे रोहित और गजराज की भी हादसे में मौत हो गई जो केकड़ी अजमेर के रहने वाले थे। सैनी ने बताया कि ऐसा लगता है कि हादसा शनिवार देर रात हुआ। हालांकि सही समय का पता नहीं चल पाया है। उन्होंने आगे कहा, "हादसे का पता तो रविवार दोपहर को चला जब दुर्घटनाग्रस्त कार अंडरपास में दिखी।" पुलिस के अनुसार टैक्सी चालक रामराज, कालूराम और उनके परिवार के सदस्य एक रिश्तेदार की अस्थियां विसर्जित करने हरिद्वार गए थे और जयपुर लौट रहे थे।
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विशाखापत्तनम. भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने रविवार को कहा कि 14 करोड़ सदस्यों के साथ भाजपा दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बन गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा में दो करोड़ सक्रिय सदस्य हैं। नड्डा ने बताया कि पार्टी के देश भर में 240 लोकसभा सदस्य, लगभग 1,500 विधायक और विधान परिषदों में 170 से ज्यादा सदस्य हैं। केंद्रीय मंत्री ने यहां पार्टी की एक रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार की सराहना की। उन्होंने कहा, “हम (भाजपा) 14 करोड़ सदस्यों के साथ दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी हैं। भारत के 20 राज्यों में राजग और 13 राज्यों में भाजपा की सरकारें हैं। हम देश की सबसे बड़ी प्रतिनिधि पार्टी हैं। हमारे 240 सांसद (लोकसभा) हैं। हमारे लगभग 1,500 विधायक हैं। हमारे विधान परिषदों में 170 से ज्यादा सदस्य हैं।” नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 11 साल में कार्य-निष्पादन और जवाबदेह सरकार की राजनीति हुई है जबकि पिछली सरकारों में अकार्य-निष्पादन की राजनीति थी और उन्होंने विकास कार्य नहीं किए। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारें घोषणापत्रों में किए गए वादों को भी भूल गई थीं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पहले परिवारवाद, भ्रष्टाचार और तुष्टीकरण की राजनीति थी। भाजपा अध्यक्ष ने कहा, “हम एक ऐसी पार्टी से आते हैं जिसका एक वैचारिक आधार है।
नड्डा ने आंध्र प्रदेश में किए गए विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र ने राजधानी अमरावती के निर्माण के लिए 15,000 करोड़ रुपये प्रदान किए हैं।
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लखनऊ.त्यौहारों के मद्देनजर खरीदारी के मौसम में उपभोक्ताओं को ऑनलाइन ठगी और धोखाधड़ी के बढ़ते खतरे से बचाने के लिए गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) और ‘अमेजन इंडिया' ने रविवार को 'स्कैम स्मार्ट इंडिया' नामक एक राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया। हाल के वर्षों में त्यौहारों से पहले भारतीयों द्वारा ऑनलाइन खरीदारी के सिलसिले में तेजी आयी है और और इसी के साथ ऑनलाइन ठगी और धोखाधड़ी के मामले भी बढ़ने लगे हैं। आई4सी और अमेजन की इस संयुक्त पहल का मकसद ऐसी धोखाधड़ी का पता लगाने और लोगों को इसका शिकार होने से बचाने के तरीके के बारे में जागरूक करना है। देश के सबसे अधिक आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश के लिए यह अभियान खास मायने रखता है। हाल में राज्य के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने साइबर अपराध की बढ़ती घटनाओं से निपटने की रणनीति बनाने के लिए आई4सी और गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की थी। इसी पृष्ठभूमि में इस अभियान को और अहम माना जा रहा है। अभियान से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि राज्य के गृह विभाग, साइबर अपराध पुलिस, उपभोक्ता मामलों की टीमों और ई-कॉमर्स मंच अमेजन के साथ इस तरह के परामर्श से धोखाधड़ी की रोकथाम के लिये समन्वय और मजबूत होगा। उन्होंने बताया कि 'स्कैम स्मार्ट इंडिया' अभियान का उद्देश्य उत्तर प्रदेश और उसके बाहर के खरीदारों को सुरक्षित ऑनलाइन खरीदारी के तरीकों से लैस करना, खरीदारों की सुरक्षा के लिए एक मजबूत प्रान्तीय और राष्ट्रीय ढांचा तैयार करना और धोखाधड़ी-मुक्त त्यौहारी सीजन सुनिश्चित करना है। आई4सी के निदेशक निशांत कुमार ने रविवार को यहां एक बयान में कहा, ''त्यौहारों के मौसम में खरीदारी करना हर भारतीय परिवार की आदत का स्वाभाविक हिस्सा बन गया है। यह ऑनलाइन ठगी करने वाले लोगों की गतिविधियों में भी वृद्धि का समय है। वे उपभोक्ताओं, विशेष रूप से पहली बार इंटरनेट का उपयोग करने वालों और वरिष्ठ नागरिकों जैसे कमजोर समूहों को ठगने की कोशिश करते हैं।'' उन्होंने कहा, ''अमेजन के साथ यह साझेदारी उपभोक्ताओं को धोखाधड़ी का पता लगाने और उन्हें इसका शिकार बनने से बचने के तरीकों के बारे में जागरूक करेगी। इस अभियान के तहत आई4सी और अमेजन आने वाले महीनों में राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर कई पहल को संयुक्त रूप से संचालित करेंगे।” कुमार ने बताया कि इस पहल के तहत जागरूकता और तकनीक-आधारित रोकथाम के जरिये धोखाधड़ी के प्रति जागरूकता को जमीनी स्तर तक पहुंचाकर इसे सुलभ, प्रासंगिक और कार्रवाई योग्य बनाया जाएगा। ‘अमेजन इंडिया' के उपाध्यक्ष (विधिक) राकेश बख्शी ने कहा, ''ऑनलाइन ठगी करने वाले लोग ग्राहकों को लुभाने के लिए जाने-माने ब्रांडों के नामों का दुरुपयोग करते हैं। ऐसे करके वे न केवल व्यवसायों को नुकसान पहुंचाते हैं बल्कि देश की संपूर्ण डिजिटल अर्थव्यवस्था में उपभोक्ताओं के विश्वास पर भी चोट करते हैं।'' उन्होंने कहा, ''आई4सी के साथ अपनी साझेदारी के जरिये हम व्यावहारिक समाधान तैयार करने के लिए सक्रिय कदम उठाना चाहते हैं। ऐसे कदम जो खरीदारों को ठगी को पहचानने, उनसे बचने और रिपोर्ट करने में सक्षम बनाएं।'' आई4सी और ‘अमेज़न' की यह पहल इसलिए अहम है क्योंकि मैकएफी की ‘ग्लोबल फेस्टिव शॉपिंग सर्वे'-2024 रिपोर्ट के मुताबिक भारत में होने वाली ठगी की आधे से ज्यादा घटनाएं ऑनलाइन होती हैं। त्योहारों के समय खरीदारी बढ़ने के साथ-साथ ऐसे ऑनलाइन धोखाधड़ी का खतरा और भी ज्यादा हो जाता है। आई4सी द्वारा संकलित आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि 2025 के शुरुआती पांच महीनों में भारतीयों को ऑनलाइन ठगी में लगभग सात हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इस राशि का आधे से ज़्यादा हिस्सा कंबोडिया और म्यांमा, वियतनाम, लाओस और थाईलैंड जैसे अन्य दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में बैठकर काम कर रहे ठगों के हाथों में गया। ये घोटाले अक्सर उच्च सुरक्षा वाले स्थानों से संचालित किये जाते हैं।
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नई दिल्ली। आयुष मंत्रालय ने आज रविवार को घोषणा की कि वह 17 सितंबर से शुरू होने वाले राष्ट्रीय महिला स्वास्थ्य अभियान ‘स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान’ में भाग लेगा। यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन के अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से शुरू किया जा रहा है। इस अभियान को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन, आयुष की अनुसंधान व शैक्षणिक संस्थाओं, उद्योगों, स्वयंसेवी संगठनों, संघों और सहकारी समितियों के सहयोग से चलाया जाएगा। इसके तहत महिलाओं के स्वास्थ्य को बढ़ावा देने और बीमारियों की जांच पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। मंत्रालय ने बताया कि इस दौरान महिलाओं को घरेलू नुस्खे और पोषण किट वितरित की जाएंगी। साथ ही औषधीय पौधों और हर्बल चाय के फायदों पर जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे।
अभियान में कॉर्पोरेट महिलाओं के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए आयुर्वेद आधारित वेलनेस कार्यक्रम और योग पर आधारित माइंडफुलनेस प्रैक्टिस आयोजित की जाएंगी। कुल 16 दिनों तक चलने वाले इस अभियान में विभिन्न गतिविधियां शामिल होंगी। इनमें महिलाओं के लिए स्वास्थ्य जांच और स्क्रीनिंग कैंप होंगे, जहां गैर-संचारी रोग, कैंसर, एनीमिया, टीबी और सिकल सेल रोग की जांच की जाएगी। साथ ही मातृ और शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, पोषण और स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम तथा स्वैच्छिक रक्तदान शिविर भी होंगे।आयुष मंत्रालय ने बताया कि अभियान के दौरान एनीमिया, NCDs (गैर-संचारी रोग) और PCOD (पॉलीसिस्टिक ओवरी डिजीज) के लिए आयुष पद्धति से उपचार पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। इसके अलावा जीवनशैली परामर्श के लिए विशेष कियोस्क, योग सत्र और ‘प्रकृति परीक्षण’ जैसी सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। राज्य और केंद्र शासित प्रदेश स्तर पर स्कूलों में जागरूकता शिविर लगाए जाएंगे। रेडियो, टीवी और सोशल मीडिया के जरिए संदेश फैलाया जाएगा। वहीं पंचायत स्तर पर महिला स्वयं सहायता समूह रैलियां और शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित करेंगे ताकि अधिक से अधिक लोगों को जोड़ा जा सके।इस अभियान के तहत महिलाओं की स्वास्थ्य सेवाओं को गर्भावस्था से लेकर पेलिएटिव केयर (दीर्घकालिक देखभाल) तक कवर किया जाएगा। इस दौरान हर दिन सोशल मीडिया पर आयुष हेल्थ टिप्स साझा की जाएंगी। इनमें एनीमिया मुक्त महिलाएं, मातृ स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन, हर्बल न्यूट्रिशन और हड्डियों की मजबूती जैसे विषय शामिल होंगे। इन जानकारियों का उद्देश्य महिलाओं को अपने स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों को बेहतर ढंग से समझने और उनका समाधान करने में मदद करना है। -
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने कहा है कि हाल ही में किए गए जीएसटी सुधारों से देशभर के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को बड़ा लाभ होगा। ऑटोमोबाइल, खाद्य प्रसंस्करण, परिधान, लॉजिस्टिक्स, हस्तशिल्प और निर्माण क्षेत्र पर जीएसटी दरें घटाने से आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होगी, स्थानीय विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा और विशेष रूप से महिलाओं, ग्रामीण उद्यमियों और अनौपचारिक क्षेत्र के श्रमिकों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
सरकार के मुताबिक दोपहिया वाहन, कार, बस और ट्रैक्टर पर जीएसटी दरें घटने से मांग बढ़ेगी। इसका सीधा फायदा टायर, बैट्री, कांच, प्लास्टिक और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में काम करने वाले एमएसएमई को मिलेगा। ट्रैक्टरों (1800 सीसी से कम) पर जीएसटी घटाकर 5% कर दिया गया है, जिससे भारत की वैश्विक ट्रैक्टर निर्माण में अग्रणी स्थिति और मजबूत होगी। वाणिज्यिक वाहनों (ट्रक और डिलीवरी वैन) पर जीएसटी 28% से घटाकर 18% कर दिया गया है। इससे परिवहन लागत और महंगाई का दबाव कम होगा और एमएसएमई ट्रक मालिकों को राहत मिलेगी। बसों (10+ सीटों वाली) पर जीएसटी 28% से घटाकर 18% कर दिया गया है, जिससे स्कूलों और श्रमिकों के लिए यात्रा सस्ती होगी।खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में भी जीएसटी दरों में बड़ी कटौती की गई है। अधिकांश खाद्य पदार्थों पर जीएसटी 12%/18% से घटाकर 5% या शून्य कर दिया गया है। दूध और पनीर पर जीएसटी शून्य, जबकि मक्खन और घी पर 12% से घटाकर 5% कर दिया गया है। दूध के डिब्बों पर जीएसटी 12% से घटाकर 5% कर दिया गया है। इन सुधारों से किसानों, स्वयं सहायता समूहों और महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों को सीधा फायदा होगा। छोटे मिठाई और चॉकलेट निर्माताओं की बिक्री भी बढ़ेगी।वस्त्र और परिधान क्षेत्र में भी राहत दी गई है। मानव निर्मित रेशों पर जीएसटी 12% से घटाकर 5% कर दिया गया है। 2,500 रुपए तक के रेडीमेड गारमेंट्स पर जीएसटी 5% कर दिया गया है। इससे छोटे शहरों में मांग बढ़ेगी और महिलाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। फुटवियर (2,500 रुपए प्रति जोड़ी से कम) पर जीएसटी 12% से घटाकर 5% कर दिया गया है, जिससे चमड़ा उद्योग से जुड़े एमएसएमई को फायदा होगा।निर्माण क्षेत्र में सीमेंट पर जीएसटी 28% से घटाकर 18% कर दिया गया है। इससे आवास की लागत कम होगी और प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) को मजबूती मिलेगी। इससे खनन, विनिर्माण और लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों में नौकरियां भी बढ़ेंगी। इसी तरह, कृषि आधारित लकड़ी के उत्पादों (जैसे चावल की भूसी की बोर्ड और बांस की फर्श) पर जीएसटी 12% से घटाकर 5% कर दिया गया है।सरकार ने कहा कि इन जीएसटी सुधारों से आवश्यक वस्तुएं और कच्चा माल अधिक सुलभ हो गया है। इससे एमएसएमई और स्टार्टअप्स को अपने कारोबार का विस्तार करने, नवाचार पर निवेश करने और घरेलू व वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की ताकत मिलेगी। यह सुधार महिला-नेतृत्व वाले और श्रम-प्रधान उद्योगों को सहारा देंगे और ग्रामीण व अर्ध-शहरी क्षेत्रों के आर्थिक विकास को गति देंगे।- -
नई दिल्ली। कि हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है। यह दिन 1949 की उस ऐतिहासिक घटना की याद दिलाता है जब संविधान सभा ने हिंदी को भारत की आधिकारिक भाषाओं में से एक के रूप में अपनाने पर सहमति दी थी।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “आप सभी को हिंदी दिवस की अनंत शुभकामनाएं। हिंदी केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी पहचान और संस्कारों की जीवंत धरोहर है।” उन्होंने देशवासियों से आह्वान किया कि हिंदी के साथ-साथ सभी भारतीय भाषाओं को समृद्ध बनाएं और उन्हें गर्व के साथ आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाएं। पीएम मोदी ने कहा, “विश्व पटल पर हिंदी का बढ़ता सम्मान हम सबके लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है।”इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने भी देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, “निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल। बिन निज भाषा-ज्ञान के, मिटत न हिय को सूल। सभी को हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।” नड्डा ने कहा कि हिंदी मात्र एक भाषा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की प्रतीक है। यह भारतीय संस्कारों, जीवन मूल्यों और आदर्शों की संवाहक है। स्वतंत्रता आंदोलन में भी हिंदी ने देश को एक सूत्र में बांधने में अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने कहा कि भारत की विविध भाषाओं के साथ मिलकर हिंदी भाषा आगे भी राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाती रहेगी। - नयी दिल्ली ।मुख्य सूचना आयुक्त हीरालाल समारिया के शनिवार को पद छोड़ने के बाद केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) एक बार फिर बिना प्रमुख के रह गया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 2014 के बाद से यह छठी बार है।उन्होंने बताया कि आयोग में आठ रिक्तियों के मुकाबले केवल दो सूचना आयुक्त (आनंदी रामलिंगम और विनोद कुमार तिवारी) हैं। आयोग द्वारा जारी कार्यालय आदेश के अनुसार, समारिया को 65 वर्ष की आयु प्राप्त करने पर पद छोड़ना पड़ा। वह छह नवंबर 2023 को मुख्य सूचना आयुक्त बने थे। आरटीआई से संबंधित शिकायतों और अपीलों पर निर्णय देने वाला सर्वोच्च अपीलीय प्राधिकरण, राजीव माथुर की सेवानिवृत्ति के बाद अगस्त 2014 में पहली बार बिना अध्यक्ष के हो गया था। अब यह छठी बार है कि यह मुख्य सूचना आयुक्त के बिना होगा।
- नयी दिल्ली। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (एनएएलएसए) ने शनिवार को 29 राज्यों और आठ केंद्र शासित प्रदेशों के तालुकों, जिलों और उच्च न्यायालयों में 2025 की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया। एक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई है। इसमें कहा गया है कि लोक अदालत में विवादों की एक विस्तृत श्रृंखला पर विचार किया गया, जिसमें मुकदमे से पूर्व के मामले और लंबित मामले शामिल थे। विज्ञप्ति में कहा गया है, "शाम 6:30 बजे तक प्राप्त प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, 2,42,55,036 मामलों का निपटारा किया जा चुका है, जिनमें 2,10,44,809 मुकदमे-पूर्व मामले और 32,10,227 लंबित मामले शामिल हैं, जिनका निपटान मूल्य 7,817.62 करोड़ रुपये से अधिक है।" इसमें कहा गया कि लोक अदालत ने नागरिकों को त्वरित, किफायती और सौहार्दपूर्ण न्याय प्रदान करके "परिवर्तनकारी राहत" प्रदान की है।
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आइजोल. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि पूर्वोत्तर को ‘वोट बैंक' की राजनीति के कारण पहले भारी नुकसान उठाना पड़ा, लेकिन केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार के प्रयासों से क्षेत्र अब देश के विकास के इंजन में तब्दील हो रहा है। साल 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद दूसरी बार मिजोरम पहुंचे मोदी ने 9,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की शुरुआत की और आइजोल के पास लेंगपुई हवाई अड्डे से एक जनसभा को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संबोधित किया, क्योंकि भारी बारिश के कारण वह शहर के बीचोंबीच स्थित कार्यक्रम स्थल लामुआल मैदान नहीं जा पाए। मोदी ने आइजोल और दिल्ली के बीच पहली राजधानी एक्सप्रेस को भी हरी झंडी दिखाई। उन्होंने रेल, राजमार्ग, ऊर्जा और खेल अवसंरचना को बढ़ावा देने वाली विभिन्न परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री ने कहा, “हमारे देश में कुछ राजनीतिक दल लंबे समय से ‘वोट बैंक' की राजनीति करते आए हैं। उनका ध्यान हमेशा उन जगहों पर रहा, जहां ज्यादा वोट और सीट थीं।
मिजोरम सहित पूरे पूर्वोत्तर को इस रवैये के कारण बहुत नुकसान उठाना पड़ा है।” उन्होंने कहा, “लेकिन हमारा नजरिया बिल्कुल अलग है। जो पहले उपेक्षित थे, वे अब सबसे आगे हैं। जो पहले हाशिये पर थे, वे अब मुख्यधारा में हैं। हम पिछले 11 वर्षों से पूर्वोत्तर के विकास के लिए काम कर रहे हैं और यह क्षेत्र भारत के विकास का इंजन बन रहा है।” मोदी ने कहा कि मिजोरम केंद्र सरकार की ‘एक्ट ईस्ट' नीति में एक प्रमुख भूमिका निभाता है और कलादान मल्टीमॉडल ट्रांजिट परियोजना तथा रेल लाइन राज्य को दक्षिण-पूर्व एशिया से जोड़ेंगी। प्रधानमंत्री ने 8,070 करोड़ रुपये की लागत वाली बैराबी-सैरंग लाइन की शुरुआत की, जिससे चारों तरफ से भूमि से घिरा मिजोरम देश के रेल नेटवर्क से पूरी तरह से एकीकृत हो गया। उन्होंने कहा कि यह मिजोरम के लिए एक ऐतिहासिक दिन है, क्योंकि 51.38 किलोमीटर लंबी यह रेल लाइन राज्य की राजधानी आइजोल को प्रमुख महानगरों से जोड़ेगी। मोदी ने कहा कि विभिन्न चुनौतियों और दुर्गम इलाकों को पार करते हुए क्रियान्वित की गई यह परियोजना राज्य के लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव लाएगी तथा परिवहन के लिए जीवन रेखा साबित होगी। प्रधानमंत्री ने आइजोल को दिल्ली, गुवाहाटी और कोलकाता से जोड़ने वाली तीन नयी एक्सप्रेस ट्रेन को भी हरी झंडी दिखाई। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ रेल कनेक्टिविटी नहीं है, बल्कि बदलाव की जीवन रेखा है। मिजोरम के किसान और व्यवसाय देशभर में अधिक बाजारों तक पहुंच स्थापित कर सकेंगे। लोगों को शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल के ज्यादा विकल्प मिलेंगे। इससे पर्यटन, परिवहन और आतिथ्य क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।” मोदी ने कहा, “चाहे आजादी का आंदोलन हो या राष्ट्र निर्माण, मिजोरम के लोग हमेशा योगदान देने के लिए आगे आते रहे हैं। आज यह राज्य भारत की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।” उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पूर्वोत्तर में चौतरफा कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया है-चाहे वह इंटरनेट हो, बिजली हो, बुनियादी ढांचा हो या हवाई कनेक्टिविटी हो। प्रधानमंत्री ने कहा, “मिजोरम को ‘उड़ान' योजना का भी लाभ मिलेगा। जल्द ही यहां हेलीकॉप्टर सेवाएं शुरू की जाएंगी। इससे राज्य के दूरदराज के इलाकों तक पहुंच में सुधार होगा।” उन्होंने कहा कि मिजोरम ने कई दिग्गज खिलाड़ी दिए हैं और राष्ट्रीय खेल नीति राज्य के खिलाड़ियों के लिए अवसरों के द्वार खोलेगी।
मोदी ने कहा, “भारत वैश्विक खेलों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभर रहा है। इससे देश में खेल अर्थव्यवस्था का भी निर्माण हो रहा है। मिजोरम में खेलों की अद्भुत परंपरा रही है, जिसने फुटबॉल और अन्य खेलों में कई चैंपियन पैदा किए हैं।” उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर उद्यमशीलता का एक प्रमुख केंद्र बन रहा है, जहां 4,500 स्टार्टअप और 25 ‘इनक्यूबेटर' संचालित हो रहे हैं। ‘इनक्यूबेटर' प्रारंभिक चरण या यहां तक कि विचार-चरण वाली कंपनियों को मार्गदर्शन, कार्यालय स्थान, प्रशिक्षण और संभावित वित्तपोषण तक पहुंच जैसे संसाधन मुहैया कराकर आगे बढ़ने में मदद देता है। मोदी ने कहा कि सरकार का ध्यान शिक्षा के बुनियादी ढांचे को भी बढ़ाने पर है और मिजोरम में पहले से मौजूद 11 एकलव्य स्कूलों के अलावा छह और एकलव्य स्कूलों की स्थापना के जरिये उन्हें सशक्त बनाने का काम शुरू हो गया है। उन्होंने कहा, “मैं निवेशकों से ‘राइजिंग नॉर्थ ईस्ट' शिखर सम्मेलन में इस क्षेत्र की क्षमता का दोहन करने का आग्रह करता हूं... ‘लोकल फॉर वोकल' पहल के तहत, मिजोरम के बांस, जैविक अदरक, हल्दी और केले के विपणन को बढ़ावा देने के प्रयास जारी हैं।” वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की नयी दरों के बारे में मोदी ने कहा कि इन सुधारों से कई उत्पादों पर कर कम हुए हैं, जिससे आम लोगों का जीवन आसान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इन सुधारों से कैंसर जैसी बीमारियों की दवाइयां सस्ती होंगी और वाहनों की कीमतों में भी कमी देखी जा रही है। प्रधानमंत्री ने कहा, “2014 से पहले टूथपेस्ट, साबुन और तेल जैसी रोजमर्रा के इस्तेमाल वाली चीजों पर 27 प्रतिशत जीएसटी लगता था। आज केवल पांच प्रतिशत टैक्ट लागू किया गया है। कांग्रेस के शासनकाल में दवाइयों, जांच किट और बीमा पॉलिसी पर भारी टैक्स लगता था। इसीलिए स्वास्थ्य सेवाएं महंगी थीं और (स्वास्थ्य) बीमा आम परिवारों की पहुंच से बाहर था। लेकिन आज ये सब चीजें सस्ती हो गई हैं।” मोदी ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में भारत की अर्थव्यवस्था 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ी। उन्होंने कहा कि इसका मतलब यह है कि भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था है। प्रधानमंत्री ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर के दौरान आप सभी ने देखा कि कैसे हमारे सैनिकों ने आतंक को प्रायोजित करने वालों को सबक सिखाया। पूरा देश हमारे सशस्त्र बलों के लिए गर्व की भावना से भर गया। ऑपरेशन के दौरान, ‘मेड इन इंडिया' हथियारों ने हमारे देश की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हमारी अर्थव्यवस्था और विनिर्माण क्षेत्र का विकास हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।” जनसभा के दौरान मिजोरम के राज्यपाल वीके सिंह, मुख्यमंत्री लालदुहोमा और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव लामुअल मैदान में मौजूद थे। मोदी ने आइजोल बाईपास रोड, थेनजोल-सियालसुक रोड और खानकां-रोंगुरा रोड समेत कई सड़क परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी। लगभग 500 करोड़ रुपये की लागत वाली 45 किलोमीटर लंबी आइजोल बाईपास मार्ग का उद्देश्य आइजोल में भीड़भाड़ कम करना और लुंगलेई, सियाहा, लॉन्गतलाई, लेंगपुई हवाई अड्डे व सैरंग रेलवे स्टेशन आदि से कनेक्टिविटी में सुधार करना है। इससे दक्षिणी जिलों से आइजोल तक यात्रा का समय लगभग डेढ़ घंटे कम हो जाएगा।
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आइजोल. मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने शनिवार को कहा कि आज का दिन राज्य के लिए ऐतिहासिक दिन है क्योंकि राज्य देश के रेल नेटवर्क से जुड़ गया है। उन्होंने कहा कि इसका दूरगामी प्रभाव होगा क्योंकि यह राज्य और भारत के बीच सपनों और वास्तविकताओं का सेतु बनेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा मिजोरम की पहली रेल लाइन का उद्घाटन करने और आइजोल को दिल्ली से जोड़ने वाली राज्य की पहली राजधानी एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाए जाने के अवसर पर लालदुहोमा एक सभा को संबोधित कर रहे थे। लालदुहोमा ने कहा, ‘‘आज हमारे राज्य के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। यह प्रगति की हमारी यात्रा में एक नया अध्याय शुरू करता है... रेलवे परियोजनाएं केवल बुनियादी ढांचा नहीं हैं; ये हमारे बच्चों के भविष्य, हमारे नागरिकों के सम्मान और हमारे राज्य की आर्थिक मजबूती में निवेश हैं। इन परियोजनाओं का प्रभाव दूरगामी होगा, जो मिजोरम और भारत के बीच सपनों और वास्तविकताओं का सेतु बनेगा।'' लालदुहोमा ने कहा कि नयी रेल लाइन एक तकनीकी चमत्कार और इंजीनियरिंग उत्कृष्टता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि 51.38 किलोमीटर लंबे इस मार्ग में देश के कुछ सबसे दुर्गम क्षेत्र शामिल हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में प्रधानमंत्री की उपस्थिति पूर्वोत्तर के विकास की अटूट प्रतिबद्धता का एक शक्तिशाली प्रतीक है।

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