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छतरपुर .मध्यप्रदेश के छतरपुर शहर में बृहस्पतिवार देर शाम एक थाना प्रभारी (एसएचओ) ने अपनी सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मारकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। छतरपुर के पुलिस उप महानिरीक्षक ललित शाक्यवार ने संवाददाताओं को बताया कि कोतवाली पुलिस एसएचओ अरविंद कुजूर ने ओरछा रोड पुलिस थाना क्षेत्र में अपनी दाहिनी कनपटी में गोली मार ली और उनकी तुरंत मौत हो गई। वह यहां किराए के मकान में रहते थे। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि एसएचओ ने यह कदम क्यों उठाया।
कुजूर के परिचितों के अनुसार, वह किराए के मकान में अकेले रह रहे थे, क्योंकि उनकी पत्नी दो बच्चों के साथ छतरपुर से 165 किलोमीटर दूर सागर जिले में रहती हैं और वहां नौकरी करती हैं। -
देहरादून. देहरादून स्थित ऐतिहासिक राष्ट्रपति आशियाना परिसर की 132 एकड़ भूमि में अत्याधुनिक सुविधाओं वाला पार्क बनाया जाएगा जिसकी आधारशिला आगामी 20 जून को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू रखेंगी। राष्ट्रपति के अपर सचिव डॉ.राकेश गुप्ता की अध्यक्षता में उत्तराखंड सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बृहस्पतिवार को यहां राजपुर रोड स्थित राष्ट्रपति आशियाना में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में यह जानकारी साझा की गई। उन्होंने बताया कि पार्क की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जा रही है। पार्क का पूर्ण विकास होने के बाद राष्ट्रपति द्वारा 2026 में यह पार्क उत्तराखंड की जनता को समर्पित किया जाएगा। अपर सचिव ने बताया कि इस पार्क में साइकिल के समर्पित मार्ग, खेल सुविधाएं, बच्चों के खेल क्षेत्र, ‘पिकनिक लॉन', पैदल मार्ग, वन प्रकृति पथ जैसी अनेक विश्वस्तरीय सुविधाएं होंगी और यह हरियाली, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए एक केंद्र के रूप में काम करेगा। उन्होंने कहा कि यह पहल भागीदारीपूर्ण शासन और समुदाय-संचालित विकास के प्रति माननीय राष्ट्रपति की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। अपर सचिव ने सभी संबंधित अधिकारियों से अपेक्षा की कि पार्क की अवस्थापना सुविधाओं के विकास के साथ सड़क, बिजली, पानी, यातायात, पार्किंग, संचार, सुरक्षा, शांति व्यवस्था आदि से संबंधित व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण कर ली जाए। उन्होंने बैठक में सभी अधिकारियों से पार्क के विकास तथा इसे और अधिक जनोपयोगी बनाये जाने के लिये अपने सुझाव भी देने को कहा। उन्होंने अधिकारियों द्वारा दिये गये सुझावों को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट में सम्मिलित किये जाने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिये। डॉ गुप्ता ने बताया कि पार्क का विकास देहरादून के लोगों की इच्छाओं और आकांक्षाओं के अनुरूप हो, इसके लिए सभी के सुझाव आमंत्रित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति भवन की आधिकारिक वेबसाइट पर एक सार्वजनिक सुझाव फॉर्म के जरिए छह अप्रैल तक सुझाव दिए जा सकते हैं।
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चंडीगढ़. पंजाब पुलिस ने बृहस्पतिवार को कहा कि मादक पदार्थों के खतरे के खिलाफ जारी अभियान के तहत उसने 501 स्थानों पर छापे मारे और 75 तस्करों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि राज्यभर में 53 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। उसने बताया कि 75 तस्करों को गिरफ्तार किये जाने के साथ, छह दिन में गिरफ्तार किए गए मादक पदार्थ तस्करों की कुल संख्या 622 तक पहुंच गई है। पुलिस के अनुसार छापेमारी के दौरान गिरफ्तार किये गये मादक पदार्थ तस्करों के कब्जे से 8.2 किलोग्राम हेरोइन, 4.5 किलोग्राम अफीम, 1,294 नशीली गोलियां या इंजेक्शन और 1.04 लाख रुपये नकद बरामद किये गये। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव के निर्देश पर राज्य के सभी जिलों में यह अभियान चलाया गया।
पिछले सप्ताह पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य को नशा मुक्त बनाने के लिए तीन महीने की समय सीमा तय की थी। राज्य सरकार द्वारा मादक पदार्थों की समस्या के विरुद्ध नए सिरे से चलाए जा रहे अभियान के तहत मादक पदार्थों के तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और कुछ स्थानों पर उनकी संपत्तियों को भी ध्वस्त किया गया है। राज्य सरकार ने मादक पदार्थों के खतरे के खिलाफ कार्रवाई की निगरानी के लिए एक कैबिनेट उप-समिति भी गठित की। विशेष पुलिस महानिदेशक अर्पित शुक्ला ने बताया कि 1,700 से अधिक पुलिसकर्मियों वाले 250 से अधिक पुलिस दलों ने पूरे राज्य में छापेमारी की और दिनभर चले अभियान के दौरान 635 संदिग्ध व्यक्तियों की जांच की। इस बीच, अमृतसर नगर निगम ने पंजाब पुलिस के सहयोग से मादक पदार्थ तस्करों द्वारा बनाये गये दो मंजिला मकानों और दुकानों को ध्वस्त कर दिया। अमृतसर के पुलिस आयुक्त गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि ध्वस्त की गई संपत्तियां दो कुख्यात मादक पदार्थ तस्करों की थीं। कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि इस अपराध में शामिल लोगों या अपराधियों को बचाने का प्रयास करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे उनका पद या प्रभाव कुछ भी हो -
नयी दिल्ली. इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बृहस्पतिवार को कहा कि इंडियाएआई कंप्यूट पोर्टल पर जीपीयू (ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट) 67 रुपये प्रति घंटे की दर से उपलब्ध होंगे। वैष्णव ने देश में कृत्रिम मेधा (एआई) के लिए अनुकूल हालात बनाने के लिए शुरू किए गए इंडियाएआई मिशन की पहली वर्षगांठ पर इंडियाएआई कंप्यूट पोर्टल और डेटासेट मंच एआईकोष सहित कई पहल की शुरुआत की। इनका उद्देश्य एआई तक पहुंच को लोकतांत्रिक बनाना और नवाचार को आगे बढ़ाना है। इंडियाएआई कंप्यूट पोर्टल छात्रों, स्टार्टअप, शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों और सरकारी विभागों को 18,000 से अधिक जीपीयू, क्लाउड स्टोरेज और अन्य एआई सेवाओं तक पहुंच प्रदान करेगा। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘आज हमारे पास 14,000 जीपीयू के लिए एक समान कंप्यूटिंग सुविधा है, जो हमारे लक्ष्य से कहीं अधिक है। हमने 10,000 जीपीयू का लक्ष्य रखा था। हमारे पास पहले से ही 14,000 जीपीयू मौजूद हैं और अभी 4,000 अन्य निर्माणाधीन हैं। आगामी तिमाहियों में और भी बहुत कुछ आएगा।'' उन्होंने बताया कि इन जीपीयू का उपयोग करने की लागत ऐतिहासिक रूप से बेहद कम महज 67 रुपये प्रति घंटे है। इससे स्टार्टअप, एप्लिकेशन डेवलपर, शोधकर्ताओं और छात्रों को बहुत फ़ायदा होगा। वैष्णव ने कहा कि इंडियाएआई कंप्यूट पोर्टल का उपयोग भारत के अपने आधारभूत मॉडल को विकसित करने के लिए किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत के अपने आधारभूत मॉडल के लिए तैयारी अच्छी तरह से आगे बढ़ रही है और इसके लिए कुल 67 आवेदन प्राप्त हुए हैं। उन्होंने भारत के किफायती चंद्र अभियान का हवाला देते हुए कहा कि आधारभूत एआई मॉडल के लिए भी यही तरीका अपनाया जाएगा और भारत इसे अन्य देशों की तुलना में बहुत कम लागत पर बनाएगा। वैष्णव ने इस अवसर पर एआईकोष की भी शुरुआत की जो एक ‘ऑल-इन-वन' डेटासेट मंच है जो संभावित विचारों को उद्योग समाधानों में बदलने में मदद करने के लिए संसाधन, उपकरण और विशेषज्ञ सलाह प्रदान करता है। ये डेटासेट मॉडल बिल्डर और डेवलपर के लिए उपलब्ध होंगे, ताकि वे भारत-विशिष्ट एआई मॉडल के साथ काम कर सकें और उन्हें पेश कर सकें। इस मौके पर इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी सचिव एस कृष्णन ने कहा कि कंप्यूट पोर्टल की पेशकश से देशभर में एआई को लागू करने और लागू करने के तरीके में सुधार होगा। कृष्णन ने कहा, ‘‘एआई कंप्यूट पोर्टल भारत एआई मिशन का सबसे बड़ा घटक है। इस मिशन का लगभग 45 प्रतिशत कोष उस विशेष क्षेत्र के लिए निर्धारित है।'' इसके अलावा मंत्रालय ने एआई और सार्वजनिक क्षेत्र के अधिकारियों के लिए एक योग्यता ढांचा और इंडिया एआई स्टार्टअप्स ग्लोबल एक्सेलेरेशन कार्यक्रम शुरू किया। मंत्रालय ने इंडिया एआई फेलोशिप कार्यक्रम के तहत छात्रों को पुरस्कृत भी किया और 30 चयनित एआई अनुप्रयोगों को मान्यता दी। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले साल मार्च में 10,371.92 करोड़ रुपये के बजट परिव्यय के साथ इंडिया एआई मिशन को मंजूरी दी थी। इसका उद्देश्य सार्वजनिक-निजी भागीदारी के माध्यम से एआई नवाचार को उत्प्रेरित करने वाला एक व्यापक पारिस्थितिकी ढांचा खड़ा करना है।
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तिरुपति. आंध्र प्रदेश के विश्व प्रसिद्ध भगवान वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर के आधिकारिक संरक्षक तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) ने बृहस्पतिवार से अपने ‘अन्न प्रसादम' (श्रद्धालुओं के लिए मुफ्त भोजन) सेवा के तहत अल्पाहार के तौर पर ‘मसाला वड़ा' परोसने की शुरुआत की। टीटीडी के चेयरमैन बीआर नायडू और अन्य अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को तिरुमाला के तारिगोंडा वेंगामम्बा अन्ना प्रसादम भवन में ‘मसाला वड़ा' परोसने का कार्यक्रम शुरू किया। टीटीडी के चेयरमैन के मुताबिक अन्न प्रसादम के तहत परोसे जाने वाले व्यंजनों की सूची में एक अतिरिक्त व्यंजन जोड़ने का विचार मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के समक्ष रखा गया, जिसपर उन्होंने अपनी मुहर लगा दी। टीटीडी के मुताबिक प्रतिदिन पूर्वाह्न 10.30 बजे से शाम चार बजे तक अन्न प्रसाद केंद्र में भक्तों को 35,000 मसाला वड़ा परोसे जाएंगे। टीटीडी चेयरमैन ने कहा कि भविष्य में व्यंजन की इस मात्रा को और बढ़ाया जाएगा तथा श्रद्धालुओं को स्वादिष्ट भोजन परोसा जाएगा।
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नयी दिल्ली. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने संशोधित चिकित्सा शिक्षा पाठ्यक्रम में नवीनतम प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), ‘टेलीमेडिसिन' (आमतौर पर टेलीफोन या इंटरनेट के जरिए चिकित्सा संबंधी परामर्श देने की सुविधा) को शामिल किए जाने का समर्थन किया है। नड्डा ने बजट के बाद बुधवार को स्वास्थ्य मंत्राालय द्वारा आयोजित वेबिनार श्रृंखला में एक ऐसा पाठ्यक्रम बनाए जाने की बात की जो अधिक जीवंत, सार्थक और वर्तमान चुनौतियों के अनुकूल हो तथा मौजूदा बुनियादी ढांचे और चिकित्सा संकाय का इष्टतम उपयोग कर सके। उन्होंने मेडिकल छात्रों में सहानुभूति, नैतिकता और संचार कौशल को बढ़ावा देने के लिए ‘सॉफ्ट स्किल्स' को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाए जाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि ‘‘सबसे बड़ा निवेश लोगों में किया जाने वाला निवेश है।'' नड्डा ने रेखांकित किया कि सरकार ऐसे ‘‘समग्र दृष्टिकोण'' के साथ काम कर रही है जो न केवल उपचार संबंधी पहलू पर बल्कि रोगी की देखभाल के लिए निवारक, पीड़ा को कम करने और पुनर्वास संबंधी दृष्टिकोण पर भी ध्यान केंद्रित करता है। उन्होंने कहा, ‘‘हम लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवा की उपलब्धता और पहुंच सुनिश्चित करने के मकसद से आयुष और अन्य चिकित्सा प्रणालियों को भी शामिल करने का प्रयास कर रहे हैं।'' नड्डा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘चूंकि कैंसर का उपचार एक लंबी प्रक्रिया है, जिसमें कीमोथैरेपी का लंबा चक्र शामिल है, इसलिए सरकार कीमोथैरेपी सत्रों के बाद मरीजों की देखभाल सुनिश्चित करने के लिए बड़े अस्पतालों के बजाय ‘डे केयर कैंसर केंद्रों' पर ध्यान केंद्रित कर रही है।'' उन्होंने कहा कि सरकार अगले तीन वर्ष में सभी जिला अस्पतालों में ‘डे केयर कैंसर' केंद्र स्थापित करेगी और इनमें से 200 केंद्र इसी वर्ष स्थापित किए जाएंगे। नड्डा ने चिकित्सा स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने के महत्व को रेखांकित करते हुए मेडिकल कॉलेजों में नयी सीट सृजन की बजट घोषणाओं को दोहराया और 1.75 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से लोगों के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा की उपलब्धता और पहुंच सुनिश्चित करने के सरकार के प्रयासों पर प्रकाश डाला। मंत्री ने कहा कि मेडिकल कॉलेज की संख्या 2014 में 387 से बढ़कर अब 780 हो गई है और इस दौरान स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए सीट की संख्या में 130 प्रतिशत और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए सीट की संख्या में 135 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तेलंगाना विधान परिषद चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को 'अभूतपूर्व समर्थन' देने के लिए बृहस्पतिवार को राज्य की जनता को धन्यवाद दिया और बड़ी लगन के साथ लोगों के बीच काम करने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं की प्रशंसा की। भाजपा ने तेलंगाना विधान परिषद (एमएलसी) की तीन सीट में से दो पर जीत दर्ज की है।
मोदी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''मैं तेलंगाना के लोगों को एमएलसी चुनाव में इस तरह के अभूतपूर्व समर्थन के लिए धन्यवाद देता हूं। हमारे नवनिर्वाचित उम्मीदवारों को बधाई।" उन्होंने कहा, ''मुझे गर्व है कि पार्टी के कार्यकर्ता बहुत परिश्रम के साथ लोगों के बीच काम कर रहे हैं।" एक अन्य पोस्ट में, प्रधानमंत्री मोदी ने आंध्र प्रदेश में एमएलसी (स्नातक) चुनावों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) उम्मीदवारों की जीत का स्वागत किया। मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के एक पोस्ट के जवाब में प्रधानमंत्री ने कहा, "विजयी उम्मीदवारों को बधाई। केंद्र और आंध्र प्रदेश में राजग की सरकारें राज्य के लोगों की सेवा करती रहेंगी और राज्य की विकास यात्रा को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगी।" आंध्र प्रदेश में एमएलसी चुनाव (स्नातक) में राजग उम्मीदवार ए राजेंद्र प्रसाद और पी राजशेखरम ने जीत हासिल की, जबकि एक निर्दलीय उम्मीदवार ने एमएलसी चुनाव (शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र) में जीत हासिल की। - मुखबा (उत्तराखंड) देहरादून,। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को उत्तरकाशी जिले में स्थित देवी गंगा के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा में पूजा अर्चना की और देशवासियों की सुख—समृद्धि की कामना की । अपने एक दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि विधान से देवी गंगा की पूजा कर उनकी प्रतिमा को भोग अर्पित किया । इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी देहरादून के निकट जौलीग्रांट हवाई अड्डे पर पहुंचे जहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी भूषण तथा अन्य लोगों ने उनका स्वागत किया। यहां से प्रधानमंत्री हेलीकॉप्टर से हरसिल में उतरे और सीधे मुखबा रवाना हो गए । मां गंगा का मायका माने जाने वाले मुखबा में मां गंगा की शीतकालीन पूजा की जाती है। गर्मियों में मां गंगा की पूजा गंगोत्री मंदिर में की जाती है और सर्दियों के दौरान कपाट बंद होने के बाद उनकी मूर्ति को मुखबा लाया जाता है। मुखबा गंगोत्री मंदिर के रास्ते में स्थित है। प्रधानमंत्री के तौर पर पहली बार मुखबा पहुंचने पर प्रधानमंत्री का पारंपरिक परिधानों में सजे स्थानीय लोगों ने गर्मजोशी से स्वागत किया । इस मौके पर उन्होंने प्रधानमंत्री को घेरकर उनके चारों तरफ रांसो नृत्य किया । इस दौरान प्रधानमंत्री गोल चक्कर के भीतर चेहरे पर मुस्कान लिए हाथ जोड़कर खड़े रहे । उन्होंने मुखबा में खड़े होकर चारों तरफ बर्फ से लदी हिमालयी पहाड़ों की खूबसूरत चोटियों के भी दीदार किए । प्रधानमंत्री काफी देर तक व्यू प्वाइंट से पहाड़ की चोटियों के साथ ही हरसिल घाटी से बहती भागीरथी नदी की सुंदरता को निहारते रहे । इसके बाद वह सड़क मार्ग से वापस हरसिल पहुंचे और जनसभा को संबोधित करने से पहले शीतकालीन यात्रा पर आधारित एक प्रदर्शनी देखी और उसे सराहा । इस प्रदर्शनी में उत्तराखंड के प्रमुख शीतकालीन पर्यटन स्थलों को दर्शाया गया है । इस मौके पर उन्होंने एक ट्रेक और बाइक रैली को भी झंडी दिखाकर रवाना किया । माना जा रहा है कि मुखबा और हरसिल की प्रधानमंत्री की इस यात्रा से शीतकालीन चारधाम यात्रा तथा पर्यटन को बहुत बढ़ावा मिलेगा । उत्तराखंड सरकार शीतकालीन चारधाम यात्रा तथा सर्दियों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रयास कर रही है जिससे क्षेत्र में स्थानीय अर्थव्यवस्था, होमस्टे तथा अन्य प्रकार के रोजगार बढ़ें । प्रधानमंत्री के दौरे से एक दिन पहले उनकी अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने केदारनाथ और हेमकुंड साहिब के लिए 6,000 करोड़ रुपये से अधिक की दो प्रमुख रोपवे परियोजनाओं को मंजूरी दी थी। मुख्यमंत्री धामी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर लिखा, ‘मां गंगा के शीतकालीन निवास स्थल मुखबा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का हार्दिक स्वागत व अभिनंदन किया ।'' प्रधानमंत्री के आगमन को एक ऐतिहासिक क्षण बताते हुए धामी ने कहा, ‘'मुखीमठ (मुखबा) को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने और प्रदेश की सांस्कृतिक व धार्मिक विरासत को सशक्त बनाने की दिशा में प्रधानमंत्री की यह यात्रा अत्यंत महत्वपूर्ण है ।''
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उत्तरकाशी । एक दिवसीय शीतकालीन यात्रा पर उत्तरकाशी पहुंचे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को मुखवा और हर्षिल से उत्तराखंड में शीतकालीन तीर्थाटन और पर्यटन की जोरदार ब्रांडिंग की। पीएम ने तीर्थयात्रियों, पर्यटकों से लेकर कॉरपोरेट और फिल्म उद्योग तक को विंटर सीजन में उत्तराखंड आने का निमंत्रण दिया। पीएम मोदी ने उत्तराखंड के विंटर टूरिज्म की ‘घाम तापो टूरिज्म’ के तौर पर ब्रांडिंग की है।
‘मां गंगा ने ही काशी बुलाया’गुरुवार को हर्षिल में जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने सबसे पहले बीते दिनों माणा में हुए हिमस्खलन में दिवंगत लोगों के प्रति दुख व्यक्त किया। इसके बाद उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की यह भूमि आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत है। पीएम ने उत्तराखंड से अपना आत्मीय लगाव व्यक्त करते हुए कहा कि वो जीवनदायनी मां गंगा के शीतकालीन गद्दी स्थल पर अपने परिवारजनों के बीच पहुंचकर धन्य महसूस कर रहे हैं। मां गंगा की कृपा से ही उन्हें दशकों तक उत्तराखंड की सेवा का सौभाग्य मिला। मां गंगा के आशीर्वाद से ही वो काशी पहुंचकर सांसद के रूप में काशी की सेवा कर रहे हैं, इसलिए उन्होंने कहा था कि मां गंगा ने ही उन्हें काशी बुलाया है।‘मां गंगा ने उन्हें गोद ले लिया’पीएम मोदी ने दार्शनिक अंदाज में कहा कि उन्हें कुछ महीने पहले अनुभूति हुई कि जैसे मां गंगा ने उन्हें गोद ले लिया है, अब अपने बच्चे के प्रति मां गंगा का दुलार ही है कि वो आज खुद मुखवा गांव पहुंच पाए हैं। उन्होंने कहा कि वो हर्षिल की धरती पर आकर, अपनी दीदी भुलियों को भी याद कर रहे हैं, क्योंकि वो उन्हें हर्षिल की राजमा और अन्य लोकल प्रोडक्ट भी भेजती रहती हैं।ये दशक अब उत्तराखंड का बन रहाउन्होंने कहा कि कुछ साल पहले जब वो बाबा केदार के दर्शन के लिए आए थे तो बाबा के दर्शन के बाद उनके मुंह से अचानक ही भाव प्रकट हुआ कि ये दशक उत्तराखंड का होने जा रहा है। ये भाव भले ही उनके थे, लेकिन इसके पीछे सामर्थ्य देने की शक्ति बाबा केदार की थी। अब बाबा के आशीर्वाद से ये शब्द धीरे-धीरे सच्चाई में बदल रहे हैं। ये दशक अब उत्तराखंड का बन रहा है। उत्तराखंड की प्रगति के लिए, नए-नए रास्ते खुल रहे हैं, जिन आकांक्षाओं को लेकर उत्तराखंड का जन्म हुआ था, उत्तराखंड नित्य नए लक्ष्य और संकल्प लेते हुए, उन्हें पूरा कर रहा है।उत्तराखंड में 356 दिन पर्यटन जरूरी, हर सीजन में टूरिज्म ऑनपीएम मोदी ने शीतकालीन तीर्थाटन-पर्यटन पर जोर देते हुए कहा कि इसके माध्यम से उत्तराखंड के आर्थिक सामर्थ्य को साकार करने में बहुत बड़ी मदद मिलेगी। उन्होंने इस अभिनव पहल के लिए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को बधाई देते हुए कहा कि उत्तराखंड के लिए अपने टूरिज्म सेक्टर को बहुआयामी या बारामासी बनाना बहुत जरूरी है। उत्तराखंड में 356 दिन का पर्यटन जरूरी है। वो चाहते हैं कि उत्तराखंड में कोई भी पर्यटन सीजन ऑफ नहीं रहे, बल्कि हर सीजन में टूरिज्म ऑन रहे।विंटर टूरिज्म में ट्रैकिंग, स्कीइंग जैसी एक्टिविटी का रोमांच मिलेगाउन्होंने कहा कि अभी पहाड़ों पर मार्च से जून के बीच ही ज्यादातर पर्यटक आते हैं, जबकि इसके बाद पर्यटकों की संख्या बहुत कम हो जाती है। अभी सर्दियों के सीजन में होटल, रिजॉर्ट, होम स्टे खाली पड़े रहते हैं। ये असंतुलन साल के बड़े हिस्से में उत्तराखंड की आर्थिकी को सुस्त कर देता है। सच्चाई यह है कि अगर देश-विदेश के लोग, सर्दियों में यहां आएं तो उन्हें सच्चे अर्थ में देवभूमि की आभा के दर्शन होंगे। विंटर टूरिज्म में यहां लोगों को ट्रैकिंग, स्कीइंग जैसी एक्टिविटी का रोमांच मिलेगा।धार्मिक यात्रा के लिए भी उत्तराखंड में सर्दियों का समय बेहद खासउन्होंने कहा कि धार्मिक यात्रा के लिए भी उत्तराखंड में सर्दियों का समय बेहद खास होता है। यहां इस समय कई तीर्थ स्थलों पर विशेष अनुष्ठान होते हैं। यहां मुखवा गांव में ही जो अनुष्ठान किया जाता है, वो हमारी प्राचीन परंपरा का हिस्सा है, इसलिए उत्तराखंड सरकार का बारामासी पर्यटन का विजन, लोगों को दिव्य अनुभूति से जोड़ेगा। इससे यहां साल भर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।ऑल वेदर रोड आधुनिक एक्सप्रेसवे से लेकर सेवाओं का विस्तारपीएम मोदी ने कहा कि डबल इंजन की सरकार उत्तराखंड को विकसित राज्य बनाने के लिए मिलकर काम कर रही है। राज्य में चारधाम, ऑल वेदर रोड आधुनिक एक्सप्रेसवे से लेकर रेलवे और हेली सेवाओं का विस्तार हो रहा है। एक दिन पहले ही केंद्र सरकार ने केदारनाथ और हेमकुंड साहिब के लिए रोपवे को मंजूरी प्रदान की है। केदारनाथ रोपवे के जरिए आठ से नौ घंटे की पैदल यात्रा 30 मिनट में पूरी हो जाएगी। इससे बुजुर्ग, महिलाओं और बच्चों की यात्रा सुगम हो सकेगी।उत्तराखंड में 50 टूरिस्ट डेस्टिनेशन विकसित किए जा रहेउन्होंने कहा कि उत्तराखंड में पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, 2014 से पहले चार धाम यात्रा पर प्रतिवर्ष 18 लाख यात्री ही आते थे, अब हर साल 50 लाख से अधिक यात्री आ रहे हैं। इस साल के बजट में 50 टूरिस्ट डेस्टिनेशन विकसित किए जा रहे हैं। इसके जरिए सरकार का प्रयास है कि उत्तराखंड के बॉर्डर वाले इलाकों में पर्यटक पहुंचे। पहले सीमावर्ती गांवों को आखिरी गांव कहा जाता था, लेकिन अब उन्हें पहला गांव कहा जा रहा है। इसी क्रम में सीमावर्ती गांवों के विकास के लिए वाइब्रेंट विलेज योजना शुरू की गई है, इसके जरिए नेलांग और जादुंग गांव फिर से बसाए जा रहे हैं। उत्तराखंड के टिम्मबरसैंण, महादेवसैंण, माणा और जादुंग गांव में पर्यटकों के लिए आधारभूत सुविधाएं जोड़ी जा रही हैं। जादुंग को 1962 में चीन युद्ध के समय खाली करा दिया गया था, अब 70 साल बाद सरकार इस गांव को फिर से बसा रही है।सर्दियों में उत्तराखंड आने का आह्वानपीएम मोदी ने देशभर के लोगों खासकर युवाओं से सर्दियों में उत्तराखंड आने का आह्वान करते हुए कहा कि सर्दियों में जब देश के बड़े हिस्से में कोहरा होता है, तो पहाड़ों में आप धूप का आनंद ले सकते हैं। गढ़वाली में इसे ‘घाम तापो पयर्टन’ कहते हैं। उन्होंने देश के कॉरपोरेट से उत्तराखंड में विंटर टूरिज्म से जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि कॉरपोरेट की मीटिंग, कॉन्फ्रेंस, सेमिनार, एग्जीबिशन के लिए देवभूमि से अच्छी जगह नहीं हो सकती है। यहां आकर योग और आयुर्वेद के जरिए आप खुद को रिचार्ज कर सकते हैं। इसी तरह कॉलेज, यूनिवर्सिटी, स्कूलों के नौजवान विंटर ट्रिप के लिए उत्तराखंड आ सकते हैं।‘वेड इन इंडिया’ के तहत देश में ही शादियां करने की अपीलपीएम मोदी ने कहा कि हमारे यहां हजारों करोड़ रुपए की वेडिंग इकोनॉमी है। उन्होंने देशवासियों से ‘वेड इन इंडिया’ के तहत देश में ही शादियां करने की अपील की थी। सर्दियों के सीजन में वेडिंग डेस्टिनेशन के लिए देशवासी उत्तराखंड को प्राथमिकता दे सकते हैं। इसी तरह भारत की फिल्म इंडस्ट्री उत्तराखंड का रुख कर सकती है, उत्तराखंड को मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट का पुरस्कार मिल चुका है। यहां फिल्म शूटिंग के लिए शानदार सुविधाएं विकसित हो रही हैं। दुनिया के कई देश विंटर टूरिज्म के लिए जाने जाते हैं, उत्तराखंड उनसे बहुत कुछ सीख सकता है। इसके लिए उत्तराखंड टूरिज्म के सभी स्टेक होल्डर मिलकर अध्ययन करें। उत्तराखंड में कई जगह हॉट स्प्रिंग हैं, इन्हें वेलनेस स्पा के रूप में विकसित किया जा सकता है। यहां धार्मिक, आध्यात्मिक और योग जगत के दिग्गज सर्दियों में विशेष योगा कैंप लगा सकते हैं।उन्होंने हर्षिल में विंटर टूरिज्म पर लगाई गई प्रदर्शनी का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका मन कर रहा था कि वो पचास साल पुराने दिनों में लौटकर इन सभी जगहों पर कुछ दिन बिता सकें। हमें उत्तराखंड के विंटर टूरिज्म की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए कंटेंट क्रिएटर की मदद लेनी चाहिए, इसके लिए एक प्रतियोगिता आयोजित की जा सकती है। उन्होंने ‘गंगा मैया की जय’ नारे के साथ अपने संबोधन का समापन किया। - -8 मार्च, 2025 को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा ‘नारी शक्ति से विकसित भारत’ विषय पर राष्ट्रीय स्तर का सम्मेलन आयोजित किया जा रहा हैउद्घाटन सत्र के बाद उच्च स्तरीय पैनल चर्चा होगीतीन तकनीकी सत्रों का आयोजन किया जाएगा जिसमें एसटीईएम, व्यापार, खेल, मीडिया और शासन से जुड़ी प्रतिष्ठित महिला नेता एक मंच पर होंगीचर्चाओं व मल्टीमीडिया प्रदर्शनों के माध्यम से प्रगतिशील भारत को आकार देने में महिलाओं के योगदान को प्रदर्शित करने के लिए अद्वितीय डिजिटल मीडिया और इंटरैक्टिव ज़ोन होगानई दिल्ली। । केंद्र सरकार 8 मार्च, 2025 को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाएगी। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, नई दिल्ली के विज्ञान भवन में ‘नारी शक्ति से विकसित भारत’ विषय पर एक राष्ट्रीय स्तर का सम्मेलन आयोजित कर रहा है। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु इस राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करेंगी। इस कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी और राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर के साथ-साथ वरिष्ठ अधिकारी और विशिष्ट अतिथि भी शामिल होंगे। इस अवसर पर #SheBuildsBharat के माध्यम से एक व्यापक अभियान भी चलाया जा रहा है।इस कार्यक्रम में सशस्त्र बलों और अर्धसैनिक बलों तथा दिल्ली पुलिस की महिला अधिकारियों के साथ-साथ ‘मेरा युवा भारत’ के स्वयंसेवक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता, स्वयं सहायता समूह की सदस्य आदि भाग लेंगी। इसके अतिरिक्त, विभिन्न मंत्रालयों/विभागों की महिला अधिकारियों को भी इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। इस कार्यक्रम में विश्व बैंक, यूनिसेफ, यूएन महिला, यूएनडीपी, यूएनएफपीए जैसे अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।उद्घाटन सत्र के बाद, दिनभर उच्च स्तरीय पैनल चर्चा कार्यक्रम जारी रहेगा। इस दौरान, तीन तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें एसटीईएम, व्यवसाय, खेल, मीडिया और शासन से जुड़ी प्रतिष्ठित महिला नेता एक साथ मंच पर मौजूद रहेंगी।अग्रणी और प्रखर व्यक्तित्व-अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की 50वीं वर्षगांठ पर अतीत को झांकना और आगे बढ़नाइस सत्र में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, व्यापार, खेल, मीडिया और शासन से जुड़ी प्रतिष्ठित महिला नेता अपने अनुभव साझा करेंगी और भावी पीढ़ियों को प्रेरित करेंगी।महिला शक्ति का लाभ उठाना–वित्तीय समावेशन में सफलतायह सत्र वित्तीय समावेशन, उद्यमशीलता और अर्थव्यवस्था में महिलाओं के सशक्तिकरण पर केंद्रित होगा।नेतृत्व में महिलाएं-पंचायत से संसद तकराजनीतिक नेतृत्व के माध्यम से लैंगिक समानता में तेजी लाने के लिए नीतियों और रूपरेखा पर आधारित चर्चा।एक अद्वितीय डिजिटल मीडिया और इंटरैक्टिव जोन वास्तविक समय की चर्चाओं, मल्टीमीडिया प्रदर्शनों और कहानियों के माध्यम से प्रतिभागियों को जोड़ेगा तथा प्रगतिशील भारत के निर्माण में महिलाओं के योगदान को प्रदर्शित करेगा।व्यापक पहुंच और सहभागिता के लिए इस कार्यक्रम का दूरदर्शन, वेबकास्ट लिंक, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और विश्व बैंक लाइव पर सीधा प्रसारण किया जाएगा।प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत सरकार परिवर्तनकारी नीतियों और पहलों के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने के अपने संकल्प में दृढ़ है। जैसे-जैसे भारत विकास के पथ पर आगे बढ़ेगा, नारी शक्ति आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत की आधारशिला बनी रहेगी।
- नयी दिल्ली. आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने मंगलवार को देश के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए कहा कि सरकार अमेरिका द्वारा शुल्क लगाए जाने से उत्पन्न चुनौतियों को रणनीतिक लाभ में बदल देगी। नायडू ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘कुछ समस्याएं तो हमेशा रहेंगी ही। अब मुद्दा यह है कि हम सभी समस्याओं का अपने फायदे के लिए कैसे उपयोग करें। मुझे पूरा विश्वास है कि हमारे प्रधानमंत्री बहुत सक्षम हैं। वह संकट का लाभ उठाकर उसे अवसर में बदल देंगे।'' मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी अमेरिका द्वारा प्रमुख व्यापारिक साझेदारों पर शुल्क लगाने के फैसले के मद्देनजर आई है, जो भारत के लिए कूटनीतिक और आर्थिक चुनौती का संकेत है।
- नयी दिल्ली. साहित्य अकादमी के इस शुक्रवार से शुरू हो रहे छह दिवसीय वार्षिक साहित्योत्सव के दौरान 100 से अधिक सत्रों में 700 से ज्यादा विख्यात लेखक और विद्वान भाग लेंगे। अकादमी के सचिव के. श्रीनिवास राव ने यहां एक प्रेस वार्ता में बुधवार को बताया कि सात मार्च को इस साहित्योत्सव का उद्घाटन केंद्रीय संस्कृति एवं पयर्टन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत करेंगे। उन्होंने बताया कि इस उत्सव में भारत के पूर्व प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा और बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान एवं गोवा के राज्यपाल पी.एस. श्रीधरन पिल्लै विशेष रूप से भाग ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि 12 मार्च तक आयोजित किए जाने वाले इस साहित्योत्सव के दौरान 100 से अधिक सत्रों में 700 से ज्यादा प्रसिद्ध लेखक और विद्वान भाग ले रहे हैं तथा इसमें देश की 50 से अधिक भाषाओं का भी प्रतिनिधित्व होगा। राव ने इसे एशिया का सबसे बड़ा साहित्य उत्सव बताते हुए कहा कि इस बार की राष्ट्रीय संगोष्ठी का विषय है – “भारतीय साहित्यिक परंपराएं: विरासत और विकास” है। उनके अनुसार, साहित्योत्सव के तहत साहित्य अकादमी पुरस्कार 2024 का वितरण किया जाएगा और इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अंग्रेज़ी नाटककार महेश दत्तानी होंगे। सचिव ने बताया कि इस बार 23 भारतीय भाषाओं के रचनाकारों को पुरस्कृत किया जाएगा और तकनीकी कारणों से बांग्ला भाषा में पुरस्कार नहीं दिया जाएगा। अकादमी हर साल 24 भारतीय भाषाओं के रचनाकारों को उनकी कृति के लिए सम्मानित करती है। अकादमी ने पिछले साल दिसंबर में हिंदी के लिए गगन गिल और अंग्रेजी के लिए ईस्टरिन किरे समेत अन्य भारतीय भाषाओं के रचनाकारों को वर्ष 2024 का प्रतिष्ठित साहित्य अकादमी पुरस्कार देने की घोषणा की थी। साहित्योत्सव के कार्यक्रम के बारे में बताते हुए राव ने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अंतर्गत राकेश चौरसिया द्वारा बांसुरी वादन, फ़ौज़िया दास्तानगो द्वारा दास्तान-ए-महाभारत तथा नलिनी जोशी द्वारा हिंदुस्तानी गायन प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके अलावा बहुभाषी कविता-पाठ, युवा साहिती और एलजीबीटीक्यू लेखक सम्मेलन के साथ-साथ भारत की साहित्यिक कृतियों में लुप्त होता ग्रामीण समाज, विभाजन पर केंद्रित भारतीय साहित्य व सिनेमा के लिए फिल्माई गई साहित्यिक कृतियां आदि विषयों पर चर्चा होगी।
- नयी दिल्ली. भारत ने बुधवार को कहा कि ‘ग्लोबल वार्मिंग' को 1.5 डिग्री सेल्सियस की सीमा के भीतर रखना अब भी संभव है लेकिन इसके लिए विकसित देशों को वित्तीय और प्रौद्योगिकी सहायता पर अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करना होगा। टेरी के विश्व सतत विकास शिखर सम्मेलन में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव ने यह भी कहा कि वर्तमान बहुपक्षीय प्रणाली जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने में विफल रही है। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए वैश्विक शासन में तत्काल सुधार का आह्वान किया कि समानता, न्याय और कार्रवाई जलवायु वार्ता के केंद्र में रहें। यादव ने 2024 यूएनईपी उत्सर्जन अंतर रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा, ‘‘हमारे लिए 1.5 डिग्री सेल्सियस के मार्ग पर बने रहना अभी भी तकनीकी रूप से संभव है, सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और वनों में उत्सर्जन में महत्वपूर्ण एवं तेजी से कमी लाने की व्यापक क्षमता है।'' मंत्री ने कहा, ‘‘हालांकि, इस क्षमता का पूरी तरह से लाभ प्राप्त करने के लिए हमें तत्परता से कार्य करना चाहिए और विकसित देशों को विशेष रूप से कार्यान्वयन के साधनों पर अपने दायित्वों का सम्मान करना चाहिए एवं उन्हें पूरा करना चाहिए।
- नयी दिल्ली. अदाणी फाउंडेशन ने बुधवार को 1,000 से अधिक ‘लखपति दीदी को सम्मानित किया और महिलाओं की समुचित भागीदारी वाला कार्यबल एवं समाज बनाने की प्रतिबद्धता जताई। ‘लखपति दीदी' किसी स्वयं-सहायता समूह की सदस्य होती हैं, जिनकी वार्षिक घरेलू आय एक लाख रुपये या उससे अधिक होती है। अदाणी समूह की सामाजिक कल्याण और विकास शाखा अदाणी फाउंडेशन ने एक बयान में कहा कि इसने 850 से अधिक महिलाओं को उनका उद्यमिता कौशल बढ़ाकर आत्मनिर्भर बनने में मदद की है। बयान के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस से पहले अदाणी फाउंडेशन ने गुजरात के मुंद्रा में आयोजित एक कार्यक्रम में 1,000 से अधिक ‘लखपति दीदी' को सम्मानित किया। यह स्त्री-पुरुष समानता पर आधारित समाज बनाने और महिलाओं की आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दोहराता है।'' फाउंडेशन ने कहा कि वह कच्छ और अन्य इलाकों में महिलाओं को सशक्त बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए अथक प्रयास कर रहा है। अदाणी फाउंडेशन की गुजरात इकाई की सीएसआर प्रमुख पंक्ति शाह ने कहा, ‘‘महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए परिवार, समुदाय और कॉरपोरेट क्षेत्र का समर्थन जरूरी है। जब महिलाओं को अपने पेशेवर एवं व्यक्तिगत जीवन को संतुलित करने के लिए सशक्त बनाया जाता है, तो वे न केवल अपने करियर में उत्कृष्टता प्राप्त करती हैं, बल्कि अपने परिवार और समाज में सकारात्मक बदलाव भी लाती हैं।''
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तेलंगाना विधान परिषद चुनाव में विजयी हुए भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों को बधाई दी। कांग्रेस को बड़ा झटका देते हुए भाजपा ने तेलंगाना में विधान परिषद की तीन में से दो सीटें जीत ली है। प्रधानमंत्री मोदी ने भाजपा का समर्थन करने के लिए तेलंगाना के लोगों को धन्यवाद दिया है। साथ ही भाजपा कार्यकर्ताओं का आभार जताया है। तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में 27 फरवरी को एमएलसी चुनाव हुए थे और 3 मार्च को वोटों की गिनती हुई थी।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “मैं तेलंगाना के लोगों को एमएलसी चुनावों में भाजपा के अभूतपूर्व समर्थन के लिए धन्यवाद देता हूं। हमारे नवनिर्वाचित उम्मीदवारों को बधाई। मुझे अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर बहुत गर्व है, जो लोगों के बीच बड़ी मेहनत से काम कर रहे हैं।”केंद्रीय मंत्री और तेलंगाना भाजपा इकाई के प्रमुख जी किशन रेड्डी ने इस जीत को जनता और कार्यकर्ताओं की जीत बताया। उन्होंने कहा कि चुनाव में भाजपा की सफलता, जनता के बढ़ते समर्थन और मौजूदा राज्य सरकार के प्रति बढ़ते असंतोष को दर्शाता है।भाजपा ने तेलंगाना में विधान परिषद (एमएलसी) की तीन में से दो सीटें जीतकर बेहतर प्रदर्शन किया है, जिससे राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी को बड़ा झटका लगा। मेडक- करीमनगर- आदिलाबाद- निजामाबाद (शिक्षक) निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के मलका कोमारैया विजयी हुए। वहीं, चिन्नामेल अंजी रेड्डी ने करीमनगर- निजामाबाद- आदिलाबाद- मेडक (स्नातक) निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की। वारंगल- खम्मम- नलगोंडा शिक्षक एमएलसी चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार श्रीपाल रेड्डी पिंगिली ने जीत हासिल की है।तेलंगाना विधान परिषद में दो अध्यापक निर्वाचन क्षेत्रों और एक स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 27 फरवरी को मतदान हुआ था। इन तीन सीटों में मेडक-निजामाबाद-आदिलाबाद-करीमनगर स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र तथा वारंगल-खम्मम-नलगोंडा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल थे। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 56 उम्मीदवार मैदान में थे, जबकि मेडक-निजामाबाद-आदिलाबाद-करिमनगर शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से 15 और वारंगल-खम्मम-नलगोंडा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से 19 प्रत्याशियों ने अपनी किस्मत आजमाई। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तीनों सीटों पर चुनाव लड़ा, जबकि कांग्रेस ने केवल स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से अपना उम्मीदवार उतारा था। वहीं, भारत राष्ट्रीय समिति (बीआरएस) ने चुनाव से दूरी बनाई थी।एक अन्य पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी ने आंध्र प्रदेश में स्नातक एमएलसी चुनावों में एनडीए उम्मीदवारों की जीत पर भी प्रसन्नता व्यक्त की। चुनावों में एनडीए उम्मीदवारों की जीत पर मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के एक पोस्ट का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “विजेता उम्मीदवारों को बधाई। केंद्र और आंध्र प्रदेश में एनडीए सरकारें राज्य के लोगों की सेवा करती रहेंगी और राज्य की विकास यात्रा को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगी।”एनडीए उम्मीदवार ए राजेंद्र प्रसाद और पी राजशेखरम ने आंध्र प्रदेश में स्नातक एमएलसी चुनाव जीता, जबकि एक स्वतंत्र उम्मीदवार ने शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र एमएलसी चुनाव में जीत हासिल की। -
नर्ई दिल्ली। नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रमण्यम ने कहा कि टेक्नोलॉजी हमारी विकास दर को 2 से 3 प्रतिशत तक बढ़ा सकती है और हमें स्किल बढ़ाने के लिए अधिक निवेश करना होगा। भारत को एक टेक केंद्रित देश बनाने के लिए नीति आयोग ने नीति फ्रंटियर टेक हब (नीति-एफटीएच) को लॉन्च किया है, जो कि फ्रंटियर टेक एक्शन टैंक होगा।
इसका उद्देश्य विकसित भारत की दिशा में तेज आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए एडवांस टेक्नोलॉजी इनोवेशन और उसके उपयोग को बढ़ाने के लिए देश को सक्षम बनाना है। साथ ही मानवता और पर्यावरण को लाभ पहुंचाने वाली उभरती टेक्नोलॉजी के विकास और अपनाने को आगे बढ़ाकर दुनिया भर में भारत के मानव-केंद्रित दृष्टिकोण का समर्थन करना है।नीति आयोग के सीईओ ने कहा कि आज के समय में दुनिया को हिला देने वाली टेक्नोलॉजी सामने आ रही है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), क्वांटम और बायोलॉजिकल शामिल हैं। हम उनका इस्तेमाल व्यक्तिगत रूप से – शिक्षा, रोजगार या नौकरी ढूंढने में कर सकते हैं। इसके अलावा उन्होंने कहा कि कृषि, मैन्युफैक्चरिंग और सरकार में भी इन टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जा सकता है। इससे हमारी क्षमता और दक्षता दोनों बढ़ेगी और विकास को भी रफ्तार मिलेगी।उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में हम दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हैं और आने वाले कुछ वर्षों में हम अमेरिका, चीन के बाद तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होंगे। इसी के हिसाब से हमें टेक्नोलॉजी में भी लीड लेनी होगी। सुब्रह्मण्यम ने आगे कहा कि सरकार का फोकस मानव-केंद्रित टेक्नोलॉजी विकसित करने को लेकर है कि कैसे टेक्नोलॉजी से आम आदमी के जीवन में सुधार आए और आय में इजाफा होने के साथ जीवन भी आसान बने। -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बृहस्पतिवार को उत्तराखंड का दौरा करेंगे और मुखबा में मां गंगा की शीतकालीन पीठ पर पूजा-अर्चना करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने बुधवार को एक बयान में कहा कि मोदी इस अवसर पर सुबह एक ट्रेक और बाइक रैली को हरी झंडी दिखाएंगे और हर्षिल में एक जनसभा को संबोधित करेंगे। पीएमओ ने बयान में कहा कि उत्तराखंड सरकार ने इस वर्ष शीतकालीन पर्यटन कार्यक्रम शुरू किया है। बयान में कहा गया है, "गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ की शीतकालीन पीठों में हजारों श्रद्धालु पहले ही दर्शन कर चुके हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना और स्थानीय अर्थव्यवस्था, होमस्टे, पर्यटन व्यवसायों को मजबूती देना है।" मुखबा मां गंगा का शीतकालीन प्रवास व पूजा स्थल है। इसे मुखीमठ भी कहा जाता है। यह उन चार मठों में से एक है जहां शीतकाल के दौरान चारधाम के देवों की पूजा-अर्चना की जाती है। समुद्रतल से 8,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित मुखबा को शीतकालीन प्रवास स्थल होने के कारण गंगा का मायका भी कहा जाता है।
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बस्ती/ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बम विस्फोट कर उड़ाने की धमकी देने संबंधी वीडियो पोस्ट करने के आरोप में एक व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस सूत्रों ने यह जानकारी दी। पुलिस सूत्रों ने बुधवार को बताया कि यह मुकदमा व्हाट्सऐप समूह “सनातन धर्म सर्वोपरी” के संचालक (एडमिन) अभिषेक दुबे ने गौर पुलिस थाने में मंगलवार को दर्ज कराया। समूह में एक सदस्य ने वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें उसने कहा था कि वह मुख्यमंत्री को बम से उड़ा देगा। सूत्रों ने बताया कि यह प्राथमिकी भारतीय न्याय संहिता की धारा 353 (1) (सार्वजनिक उपद्रव करने वाला बयान), 351 (4) (आपराधिक धमकी) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 के तहत दर्ज की गई है। गौर थानाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि वीडियो में जिस नंबर से वह पोस्ट किया गया है वह कासगंज का है और पुलिस उस व्यक्ति का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
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नयी दिल्ली. दिल्ली के सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री प्रवेश वर्मा ने बुधवार को नाव से यमुना का निरीक्षण किया और कहा कि पिछले 10 दिन में नदी से 1,300 मीट्रिक टन कचरा निकाला गया है। बाद में, उन्होंने सफाई कार्यों की प्रगति का आकलन करने के लिए अधिकारियों के साथ एक बैठक की और कहा, ‘‘दिल्ली के सभी नालों को सीवेज उपचार संयंत्रों (एसटीपी) से जोड़ा जाएगा और उनकी क्षमता बढ़ाई जाएगी ताकि अपशिष्ट जल को नदी में बहने से रोका जा सके।'' भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने हाल में संपन्न दिल्ली विधानसभा चुनाव में यमुना की सफाई का वादा किया था। उन्होंने लोगों को आश्वासन दिया कि सीवेज उपचार संयंत्र से संबंधित शिकायतों का समाधान किया जायेगा और दो साल के भीतर सभी एसटीपी स्थापित किए जाने की उम्मीद है। वर्मा ने कहा, “2023 में दिल्ली को बाढ़ का सामना करना पड़ा। पहले सभी जलद्वार बंद कर दिए गए थे, लेकिन अब भविष्य में बाढ़ को रोकने के लिए उनकी मरम्मत कर दी गई है और उन्हें ऊंचा कर दिया गया है।” मंत्री ने कहा, “ हमारी सबसे बड़ी प्रतिबद्धता यमुना को पूरी तरह से साफ करना और उसका पुनरुद्धार करना है। पिछले 10 दिन में 1,300 मीट्रिक टन कचरा निकाला जा चुका है। दिल्ली विकास प्राधिकरण नदी के तल को बहाल करेगा और अतिक्रमण हटाया जा रहा है।” भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करते हुए वर्मा ने कहा कि रासायनिक अपशिष्टों का उचित निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए औद्योगिक क्षेत्रों में सामान्य उपचार संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। मंत्री ने कहा कि इसके अलावा, बाढ़ को रोकने के लिए आईटीओ बैराज द्वारों पर सुरक्षा दीवारों की मरम्मत और ऊंचाई बढ़ाने का काम भी जारी है। उन्होंने कहा कि नदी तटों की सफाई और हरित क्षेत्र विकसित करने के लिए विशेष अभियान भी चलाए जा रहे हैं। वर्मा ने कहा, ‘‘हमने दिल्ली विकास प्राधिकरण को यमुना रिवरफ्रंट विकसित करने का निर्देश दिया है, जिससे नदी तट एक पर्यटन और सांस्कृतिक केंद्र में बदल जायेगा।'' उन्होंने दावा किया कि पिछले दशक में नदी की सफाई के लिए कोई महत्वपूर्ण काम नहीं किया गया, यहां तक कि ‘‘कागजों पर भी कुछ नहीं'' किया गया। वर्मा ने कहा, ‘‘पिछली सरकार को यमुना के लिए काम करने का ख्याल भी नहीं आया। लेकिन अब, न केवल दिल्ली सरकार बल्कि खुद प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) भी इसमें शामिल है।''
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को जापान के एक व्यापार प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की और कहा कि वह भारत के विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक साझेदार जापान के साथ आर्थिक सहयोग को गहरा बनाने को लेकर आशान्वित हैं। जापानी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद मोदी ने कहा कि वह भारत में इनके विस्तार की योजना और 'मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड' के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता से उत्साहित हैं। उन्होंने ‘एक्स' पर पोस्ट में कहा, "तत्सुओ यासुनागा के नेतृत्व में आज जापानी व्यापार प्रतिनिधिमंडल से मिलकर प्रसन्नता हुई। भारत में उनकी विस्तार योजनाओं और ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड' के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता से उत्साहित हूं।'' प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हम विशेष सामरिक एवं वैश्विक साझेदार जापान के साथ आर्थिक सहयोग प्रगाढ़ बनाने को लेकर आशान्वित हैं।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण कार्यक्रम (एलएचडीसीपी) में संशोधन को केंद्रीय मंत्रिमंडल की ओर से मंजूरी दिया जाना किसानों के लिए बेहतर पशु स्वास्थ्य, उच्च उत्पादकता और समृद्धि की दिशा में एक बड़ा कदम है। मोदी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "संशोधित पशुधन स्वास्थ्य और रोग नियंत्रण कार्यक्रम (एलएचडीसीपी) के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी रोग नियंत्रण में सहायता करेगी, टीकाकरण कवरेज को बढ़ावा देगी, अधिक मोबाइल पशु चिकित्सक इकाइयों को शामिल करेगी और पशुओं के लिए सस्ती दवाएं सुनिश्चित करेगी।" उन्होंने कहा, "यह किसानों के लिए बेहतर पशु स्वास्थ्य, उच्च उत्पादकता और समृद्धि की दिशा में एक बड़ा कदम है।" केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने इससे पहले एलएचडीसीपी में संशोधन को मंजूरी दी।
इस योजना के तीन घटक हैं - राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम (एनएडीसीपी), पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण (एलएचएंडडीसी) और पशु औषधि। एलएचएंडडीसी के तीन उप-घटक हैं: गंभीर पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम (सीएडीसीपी), मौजूदा पशु चिकित्सा अस्पतालों और औषधालयों की स्थापना और सुदृढ़ीकरण-मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई (ईएसवीएचडी-एमवीयू) और पशु रोगों के नियंत्रण के लिए राज्यों को सहायता (एएससीएडी)। एक बयान में कहा गया कि एलएचडीसीपी योजना में पशु औषधि को एक नए घटक के रूप में जोड़ा गया है। 2024-25 और 2025-26 के लिए योजना का कुल परिव्यय 3880 करोड़ रुपये है, जिसमें पशु औषधि घटक के तहत अच्छी गुणवत्ता वाली और सस्ती जेनेरिक पशु चिकित्सा दवा तथा दवाओं की बिक्री के लिए प्रोत्साहन प्रदान करने के वास्ते 75 करोड़ रुपये का प्रावधान शामिल है। -
नयी दिल्ली. रेल मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण कदम के तहत रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) को सभी विभागीय पदोन्नति परीक्षाएं एक केंद्रीकृत कंप्यूटर आधारित परीक्षा के माध्यम से आयोजित करने के लिए कहा है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब एक दिन पहले ही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने उत्तर प्रदेश के मुगलसराय में पूर्व मध्य रेलवे के 26 रेलवे अधिकारियों को विभागीय परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक करने के आरोप में गिरफ्तार किया था और छापेमारी के दौरान 1.17 करोड़ रुपये नकद जब्त किए थे। मंत्रालय के निर्णय से पहले विभागीय पदोन्नति परीक्षाएं रेलवे मंडलों और जोन द्वारा आंतरिक रूप से आयोजित की जाती थीं और हाल में इन परीक्षाओं में भ्रष्टाचार और अनुचित साधनों के प्रयोग के कई आरोप सामने आए थे।
रेलवे मंत्रालय की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया, रेलवे बोर्ड ने आज एक उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सभी विभागीय पदोन्नति परीक्षाएं आरआरबी/केंद्रीकृत परीक्षा सीबीटी के माध्यम से होंगी।'' इसमें कहा गया है, सभी क्षेत्रीय रेलवे परीक्षा के लिए एक कैलेंडर बनाया जायेगा। सभी परीक्षाएं कैलेंडर के आधार पर ही आयोजित की जाएंगी।
मंत्रालय ने कहा कि हाल के वर्षों में आयोजित पारदर्शी और निष्पक्ष परीक्षाओं के अपने लंबे अनुभव को ध्यान में रखते हुए आरआरबी को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसने कहा, ‘‘परीक्षा केंद्रों में अभ्यर्थियों की जांच और तलाशी मेटल डिटेक्टर से की जाती है। -
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने राजभवन में श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) की 48वीं बोर्ड बैठक की अध्यक्षता की। इस वर्ष श्री अमरनाथ जी यात्रा 3 जुलाई को अनंतनाग जिले के पहलगाम ट्रैक और गांदेरबल जिले के बालटाल दोनों मार्गों से एक साथ शुरू होगी और 9 अगस्त 2025 को रक्षाबंधन के दिन इसका समापन होगा।
बोर्ड ने श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं और सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए विभिन्न उपायों और हस्तक्षेपो का प्रस्ताव रखा। श्री अमरनाथ जी यात्रा-2025 के लिए तीर्थयात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बैठक में जम्मू, श्रीनगर और अन्य स्थानों पर ठहरने की क्षमता बढ़ाने, ई-केवाईसी के लिए यात्री सुविधा केंद्रों का संचालन, आरएफआईडी कार्ड जारी करने, नौगाम और कटरा रेलवे स्टेशनों सहित कई स्थानों पर तीर्थयात्रियों का मौके पर ही पंजीकरण करने के उपायों पर चर्चा की गई। इस दौरान यह भी चर्चा की गई कि बालटाल, पहलगाम, नुनवान, पंथा चौक श्रीनगर में भी आवश्यकतानुसार इन सुविधाओं को बढ़ाया जाना चाहिए। संबंधित विभागों द्वारा किए जा रहे विभिन्न कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए उपराज्यपाल ने यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर पर्याप्त व्यवस्था और अपेक्षित सुविधाएं सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने यात्री निवास, पंथा चौक, श्रीनगर में क्षमता बढ़ाने का भी आह्वान किया। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उत्तराखंड दौरे से पहले केंद्र सरकार ने देवभूमि को बड़ी सौगात दी। पीएम मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में सोनप्रयाग से केदारनाथ (12.9 किमी) और गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक 12.4 किलोमीटर तक रोपवे परियोजना के निर्माण की मंजूरी दी गई। कैबिनेट के फैसले पर पीएम मोदी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में दो नए रोपवे को मंजूरी मिलने से श्रद्धालुओं का वक्त बचेगा। साथ ही उनकी यात्रा और सुगम होगी।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर एक के बाद एक कई पोस्ट किए। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”आज कैबिनेट ने दो महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए देवभूमि उत्तराखंड में दो नए रोपवे को मंजूरी दी है। सोनप्रयाग से केदारनाथ और गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक इनके निर्माण से जहां श्रद्धालुओं का समय बचेगा, वहीं उनकी यात्रा और सुगम होगी। देवभूमि उत्तराखंड में पर्यटन को बढ़ावा देकर राज्य की अर्थव्यवस्था को और सशक्त बनाने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। इसी कड़ी में गुरुवार सुबह करीब 9:30 बजे मुखवा में मां गंगा की पूजा-अर्चना का सौभाग्य मिलेगा। इसके बाद हर्षिल में अपने परिवारजनों से संवाद करूंगा।”उन्होंने आगे लिखा, ”मुखवा में पतित पावनी मां गंगा के शीतकालीन प्रवास स्थल के दर्शन को लेकर मैं बहुत उत्सुक हूं। यह पावन स्थल अपने आध्यात्मिक माहात्म्य और अद्भुत सौंदर्य के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। इतना ही नहीं, यह ‘विरासत भी और विकास भी’ के हमारे संकल्प का एक अनुपम उदाहरण है।”पीएम मोदी ने आखिर में लिखा, ”मुझे बहुत प्रसन्नता है कि देवभूमि उत्तराखंड की डबल इंजन सरकार ने इस साल शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने का एक विशेष कार्यक्रम शुरू किया है। इससे जहां धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहन मिल रहा है, वहीं होम स्टे सहित कई स्थानीय व्यवसायों को भी फलने-फूलने के अवसर प्राप्त हो रहे हैं।”वहीं, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के लिए दो अलग-अलग रोपवे परियोजनाओं के निर्माण को मंजूरी देने पर पीएम मोदी का आभार व्यक्त किया।उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”बधाई हो उत्तराखंड। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पर्वतमाला परियोजना के तहत 4,081.28 करोड़ रुपए की धनराशि से सोनप्रयाग से केदारनाथ (12.9 किमी) और 2,730.13 करोड़ रुपए की धनराशि से गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक (12.4 किमी) रोपवे परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान करने के लिए समस्त प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक आभार। यह परियोजनाएं तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगी, जिससे यात्रा आसान और सुगम होगी। इससे यात्रा में लगने वाला समय भी बहुत कम होगा, जिससे तीर्थयात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।” - लखनऊ।. उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने बुधवार को विधानसभा परिसर में गुटखा और पान मसाला पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की। इससे एक दिन पहले महाना ने विधानसभा परिसर में कार्यवाही के दौरान एक सदस्य द्वारा पान मसाला थूके जाने की घटना पर अपनी नाराजगी व्यक्त की थी। विधानसभा अध्यक्ष ने कथित तौर पर कर्मचारियों से गंदगी साफ करने को कहा था। हालांकि महाना ने विधायक का नाम नहीं बताया, लेकिन कहा कि उन्हें पता है कि ऐसा करने वाला कौन है। महाना ने सभी सदस्यों को जनता द्वारा चुने गए विधायकों के रूप में स्वच्छता के प्रति उनकी जिम्मेदारी की याद दिलाई। बुधवार को प्रश्नकाल के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने घोषणा की, ‘‘तत्काल प्रभाव से विधानसभा परिसर के अंदर पान मसाला और गुटखा के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया जाता है।'' उन्होंने कहा, ‘‘विधानसभा परिसर में गुटखा या पान मसाला खाते हुए पाए जाने वाले कर्मचारियों, अधिकारियों या किसी अन्य व्यक्ति पर 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।'' विधानसभा में मौजूद कुछ सदस्यों ने सुझाव दिया कि महंगाई के कारण जुर्माने की राशि बढ़ाई जानी चाहिए।इस पर महाना ने चुटकी लेते हुए कहा, ‘‘उन माननीय सदस्यों के नाम नोट कर लीजिए जो अधिक जुर्माना मांग रहे हैं। अगर वे थूकते हुए पकड़े गए तो हम उनसे अतिरिक्त जुर्माना वसूलेंगे।'' उनकी इस टिप्पणी पर विधानसभा में ठहाके गूंज उठे।

























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