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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं को विकसित भारत का आधार बताया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सशक्त करने के लिए बहुत जरूरी है कि उनकी जिंदगी से हर प्रकार की मुश्किलें कम हों। ये बातें उन्होंने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बिहार की महिलाओं को संबोधित करते हुए कहीं।
पीएम मोदी ने कहा- बिहार की माताओं-बहनों को एक नई सुविधा मिलने जा रही है: जीविका निधि साख सहकारी संघपीएम मोदी ने ‘बिहार राज्य जीविका निधि साख सहकारी संघ लिमिटेड’ के उद्घाटन अवसर पर कहा, “आज मंगलवार के दिन बहुत मंगल काम की शुरुआत हो रही है। बिहार की माताओं-बहनों को आज एक नई सुविधा मिलने जा रही है: जीविका निधि साख सहकारी संघ। इससे गांव-गांव में जीविका से जुड़ी बहनों को अब और आसानी से पैसा मिलेगा, उन्हें आर्थिक मदद मिलेगी। इससे वो जो काम या व्यवसाय करती हैं, उसे आगे बढ़ाने में बहुत मदद मिलेगी। मुझे ये देखकर भी बहुत खुशी है कि जीविका निधि की व्यवस्था पूरी तरह डिजिटल है।”विकसित भारत का बहुत बड़ा आधार है, भारत की सशक्त महिलाएंउन्होंने कहा, “विकसित भारत का बहुत बड़ा आधार है, भारत की सशक्त महिलाएं। महिलाओं को सशक्त करने के लिए बहुत जरूरी है कि उनकी जिंदगी से हर प्रकार की मुश्किलें कम हों। इसलिए, हम माताओं-बहनों-बेटियों की जिंदगी को आसान बनाने के लिए अनेक काम कर रहे हैं। हमने महिलाओं के लिए करोड़ों शौचालय बनवाए, ताकि उन्हें खुले में शौच की मजबूरी से मुक्ति मिले। हमने पीएम आवास योजना के अंतर्गत पक्के घर बनवाए और इसमें ये भी ध्यान रखा कि वो घर हो सके तो महिलाओं के नाम पर हो। महिला जब घर की मालकिन होती है, तो उसकी आवाज का भी वजन बढ़ जाता है।”केंद्र सरकार की योजनाओं का किया जिक्रप्रधानमंत्री मोदी ने केंद्र सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा, “केंद्र सरकार आज मुफ्त राशन की योजना भी चला रही है। इस योजना ने हर मां को इस चिंता से मुक्ति दिलाई है कि आज घर में बच्चों का पेट कैसे भरेगा। महिलाओं की आमदनी बढ़ाने के लिए हम उन्हें लखपति दीदी, ड्रोन दीदी और बैंक सखी भी बना रहे हैं। ये सारी योजनाएं माताओं-बहनों की सेवा का एक बहुत बड़ा महायज्ञ हैं। आज इस कार्यक्रम में मैं आपको ये भरोसा देता हूं कि आने वाले महीनों में बिहार की एनडीए सरकार इस अभियान को और तेज करने जा रही है।”हमारी सरकार के लिए मां की गरिमा, उसका सम्मान, उसका स्वाभिमान बहुत बड़ी प्राथमिकताउन्होंने कहा, “कुछ दिनों बाद नवरात्र का पावन पर्व शुरू होने वाला है। पूरे देश में नवदुर्गा की पूजा होगी, यानी मां के नौ रूपों की पूजा होगी, लेकिन बिहार और पुरबिया इलाके में नवदुर्गा के साथ सतबहिनी पूजा की परंपरा भी पीढ़ियों से है। मां के रूप में सात बहनों की पूजा की परंपरा, मां के प्रति श्रद्धा और विश्वास, ये बिहार की पहचान है। हमारी सरकार के लिए मां की गरिमा, उसका सम्मान, उसका स्वाभिमान बहुत बड़ी प्राथमिकता है। मां ही तो हमारा संसार होती है, मां ही हमारा स्वाभिमान होती है।” - नई दिल्ली। देशभर में राष्ट्रीय पोषण सप्ताह 2025 का आयोजन 1 से 7 सितंबर तक किया जा रहा है। इस साल की थीम है ‘ईट राइट फॉर ए बेटर लाइफ’ यानी बेहतर जीवन के लिए सही खानपान अपनाएं। इसका उद्देश्य लोगों को संतुलित आहार, सही खानपान की आदतें अपनाने, कुपोषण रोकने और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक करना है।इस बीच डॉ. एम.के. दीक्षित ने कहा कि आजकल बच्चे या तो कमजोर हो रहे हैं या मोटापे की समस्या से जूझ रहे हैं, क्योंकि वे ज्यादातर जंक फूड और बाहर का खाना पसंद करते हैं। उन्होंने बताया कि पारंपरिक भोजन जैसे दाल, चावल, सब्जी और रोटी में लगभग सभी जरूरी पोषक तत्व मिल जाते हैं। अगर साथ में मौसमी फल और सलाद भी शामिल किया जाए तो भोजन संतुलित बन जाता है। डॉ. दीक्षित ने कहा कि स्वाद से ज्यादा स्वास्थ्य पर ध्यान देना जरूरी है और घर के बने खाने को रोजाना के भोजन का हिस्सा बनाना चाहिए।वहीं डॉ. अंकित ओम ने बताया कि संतुलित आहार स्वस्थ शरीर और मस्तिष्क के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि शिशु अवस्था से लेकर किशोरावस्था, गर्भावस्था और वृद्धावस्था तक सभी के लिए पोषण अनिवार्य है। सही आहार लेने से डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव किया जा सकता है। उनका कहना था कि राष्ट्रीय पोषण सप्ताह का मुख्य उद्देश्य लोगों को जागरूक कर संतुलित आहार अपनाने के लिए प्रेरित करना है।डॉ. मीरा पाठक ने कहा कि इस साल की थीम संतुलित आहार, माइंडफुल ईटिंग, प्रोसेस्ड फूड का कम उपयोग और पोषण शिक्षा को बढ़ावा देती है। उन्होंने पांच सुझाव दिए: नाश्ता न छोड़ें और भोजन का समय नियमित रखें, दिन में तीन बड़े और तीन छोटे भोजन लें, थाली का आधा हिस्सा फल और सब्जियों, 25 प्रतिशत प्रोटीन और 25 प्रतिशत साबुत अनाज से भरें, साथ ही दूध और दही शामिल करें। उन्होंने रिफाइंड फूड, अधिक तेल, नमक और चीनी से बचने की सलाह दी।दिल्ली एम्स के पूर्व रेसिडेंट डॉ. राकेश ने बताया कि इस सप्ताह को हर साल किसी खास थीम के साथ मनाया जाता है ताकि सही खानपान का महत्व समझाया जा सके। बच्चों में कुपोषण रोकने के लिए जन्म के बाद पहले छह महीने केवल मां का दूध देना जरूरी है। बड़े बच्चों और वयस्कों को फल, हरी सब्जियां, दाल, पनीर, सोयाबीन, अंडा और मछली शामिल करनी चाहिए। नमक कम करें, पानी अधिक पीएं और तैलीय भोजन व बार-बार इस्तेमाल किए गए तेल से परहेज करें।डॉ. निर्माल्य ने कहा कि इस वर्ष की थीम का मतलब पेट भरने पर नहीं, बल्कि सही खानपान पर जोर देने का है। सही खानपान से डायबिटीज, हृदय रोग, स्ट्रोक और किडनी की बीमारियों को रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि कम तेल, कम नमक और कम चीनी का उपयोग करना हर व्यक्ति के लिए जरूरी है।
- नई दिल्ली। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने सोमवार को इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) 2025 के लिए एक एआई-आधारित मोबाइल ऐप लॉन्च किया। उन्होंने इसे “कनेक्शन, सहयोग और परिणामों का द्वार” बताते हुए कहा कि यह ऐप प्रतिभागियों के लिए अनुभव को और बेहतर बनाएगा। बता दें कि इंडिया मोबाइल कांग्रेस का 9वां संस्करण 8 से 11 अक्टूबर तक नई दिल्ली के द्वारका स्थित यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर में आयोजित होगा। इस बार इसका थीम-“इनोवेट टू ट्रांसफॉर्म” रखा गया है।यह नया मोबाइल ऐप कई आधुनिक फीचर्स से लैस है। इसमें लाइव स्ट्रीमिंग, एआई-आधारित व्यक्तिगत सुझाव, स्टार्टअप्स और प्रतिभागियों के लिए नेटवर्किंग टूल, और तुरंत सहायता के लिए बिल्ट-इन चैटबॉट शामिल है। साथ ही इसमें छोटे एआई-जनरेटेड वीडियो हाइलाइट्स, लाइव पोल, प्रतियोगिताएं और इंटरएक्टिव फोटो बूथ की सुविधा भी होगी। लॉन्च के दौरान सिंधिया ने कहा, “इंडिया मोबाइल कांग्रेस सिर्फ एक आयोजन नहीं बल्कि संभावनाओं का मंच है। इस ऐप के जरिए हम इन संभावनाओं को वास्तविक परिणामों में बदल रहे हैं।”इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2025 में 5G/6G, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर्स, क्लीन टेक्नोलॉजी और स्मार्ट मोबिलिटी से जुड़े 1,000 से अधिक यूज केस प्रदर्शित किए जाएंगे। यह आयोजन दूरसंचार विभाग (DoT) और सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (COAI) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा है। प्रतिनिधियों, स्टार्टअप्स, छात्रों, मीडिया और शैक्षणिक संस्थानों के लिए रजिस्ट्रेशन आधिकारिक IMC वेबसाइट पर शुरू हो चुके हैं।
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नयी दिल्ली. पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ पद से इस्तीफा देने के छह हफ्ते बाद, अपने सरकारी आवास से दक्षिणी दिल्ली के छतरपुर इलाके में स्थित एक निजी फार्महाउस में चले गए। एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि छतरपुर के गदाईपुर इलाके में स्थित यह फार्महाउस इनेलो (इंडियन नेशनल लोकदल) नेता अभय चौटाला का है। अधिकारी ने बताया कि धनखड़ अंतरिम व्यवस्था के तहत इस निजी फार्महाउस में तब तक रहेंगे जब तक उन्हें टाइप-8 का सरकारी आवास आवंटित नहीं कर दिया जाता, जिसके वह पूर्व उपराष्ट्रपति होने के नाते हकदार हैं। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय आवासन एवं शहरी मामलों के मंत्रालय को अब तक सरकारी बंगले के आवंटन के लिए धनखड़ से कोई औपचारिक अनुरोध प्राप्त नहीं हुआ है। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओ पी चौटाला के बेटे अभय चौटाला ने पुष्टि की कि पूर्व उपराष्ट्रपति छत्तरपुर में स्थित फार्महाउस में चले गए हैं। चौटाला ने कहा, ‘‘हमारे पुराने पारिवारिक संबंध हैं। वह परिवार के एक सदस्य की तरह हैं। मुझे उन्हें हमारे घर में रहने की पेशकश करने की ज़रूरत नहीं है, यह उनका अपना घर है।'' चौटाला परिवार के साथ पूर्व उपराष्ट्रपति के साथ करीबी संबंधों पर प्रकाश डालते हुए अभय चौतला ने कहा, ‘‘हम नियमित अंतराल पर एक-दूसरे से बात करते रहते हैं और इसी दौरान आवास खाली करने की बात सामने आई।'' चौटाला ने कहा, ‘‘इस पर मैंने उनसे कहा कि जब तक उनका अपना घर तैयार नहीं हो जाता है, तब तक छतरपुरपुर फार्महाउस भी उनका अपना ही घर है और उन्हें कहीं और नहीं जाना चाहिये।'' धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए संसद के मानसून सत्र के पहले दिन 21 जुलाई को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था और तब से वह जनता की नजरों से दूर हैं। वह अब तक संसद भवन के पास उपराष्ट्रपति एन्क्लेव में रह रहे थे। धनखड़ के करीबी सूत्रों ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ समय बिता रहे हैं, टेबल टेनिस खेल रहे हैं और योग का अभ्यास कर रहे हैं। उनके उत्तराधिकारी के चयन के लिए नौ सितंबर को चुनाव होना है। उपराष्ट्रपति पद के चुनाव में, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के उम्मीदवार और महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन का मुकाबला विपक्ष के उम्मीदवार एवं उच्च्तम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी के बीच है। उपराष्ट्रपति के रूप में धनखड़ का कार्यकाल 10 अगस्त 2027 को समाप्त होना था।
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जम्मू/ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को ‘डेटा एनालिटिक्स' और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का उपयोग करके बादल फटने के कारणों का अध्ययन करने तथा हिमनद झीलों के फटने के चलते आने वाली बाढ़ की पूर्व चेतावनी प्रणाली की समीक्षा करने की आवश्यकता को रेखांकित किया। उन्होंने हाल की आपदाओं में हुई जनहानि पर दुख व्यक्त किया।
केंद्र शासित प्रदेश में 14 अगस्त से लगातार आई आपदाओं से सर्वाधिक प्रभावित इलाकों का दौरा करने के बाद राजभवन में एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए शाह ने लोगों को आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी है और उन्हें तुरंत राहत और वित्तीय सहायता प्रदान कर रही। ताजा स्थिति की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक में, शाह ने सभी एजेंसियों के प्रयासों की सराहना की और कहा कि जम्मू कश्मीर सरकार ने बचाव अभियान तेजी से चलाया। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि 80 प्रतिशत से अधिक बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है और लोगों को शुद्ध पेयजल भी मिलने लगा है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला तथा केंद्र और जम्मू कश्मीर सरकार के वरिष्ठ अधिकारी बैठक में शामिल हुए। शाह ने हाल की घटनाओं में हुई जनहानि पर दुख व्यक्त किया और कहा, ‘‘संकट की इस घड़ी में, पहले दिन से ही, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री से बात की है। केंद्र सरकार ने बचाव कार्यों में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।'' उन्होंने कहा, ‘‘केंद्र शासित प्रदेश और सभी एजेंसियों ने मिलकर संभावित नुकसान को काफी कम किया है और समन्वित प्रयासों से हमने कई लोगों की जान सफलतापूर्वक बचाई है।'' उन्होंने सभी प्रारंभिक चेतावनी ऐप (ईडब्ल्यूए), उनकी सटीकता और जमीनी स्तर तक उनकी पहुंच के गहन विश्लेषण की आवश्यकता को रेखांकित किया। शाह ने कहा कि गहन विश्लेषण के माध्यम से प्रणालियों में सुधार ही हताहतों की संख्या शून्य करने की दिशा में आगे बढ़ने का एकमात्र तरीका है। केंद्रीय गृह मंत्री ने ‘ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड' (जीएलओएफ) पूर्व चेतावनी प्रणाली की समीक्षा की आवश्यकता को रेखांकित किया और कहा कि मौसम विभाग और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को बादल फटने की प्रवृत्तियों और बादलों में नमी की मात्रा के बीच संबंधों का संयुक्त रूप से अध्ययन करना चाहिए, कारणों का पता लगाना चाहिए और एक पूर्व चेतावनी प्रणाली स्थापित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय को ‘डेटा एनालिटिक्स' और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का लाभ उठाकर इस दिशा में कदम उठाने चाहिए। शाह ने यह भी कहा कि भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) को अतिरिक्त राशन की व्यवस्था करनी चाहिए और 10 दिनों में कनेक्टिविटी का आकलन करने के बाद राशन वितरण पर निर्णय लिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय की सर्वेक्षण टीमें नुकसान का आकलन करेंगी और सहायता प्रदान की जाएगी।
गृह मंत्री ने कहा, ‘‘केंद्र सरकार और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन के संबंधित विभागों और केंद्रीय गृह सचिव की एक बैठक एक-दो दिन में होगी।'' उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय और केंद्र शासित प्रदेश सरकार की टीमों को नुकसान के आकलन को प्राथमिकता देनी चाहिए। शाह ने कहा कि स्वास्थ्य और जल विभाग को जलापूर्ति और स्वास्थ्य सेवाओं पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, जबकि सेना, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल और वायुसेना की चिकित्सा इकाइयों को भी सहायता प्रदान करनी चाहिए। उन्होंने रेखांकित किया कि राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) के लिए 209 करोड़ रुपये केंद्र के हिस्से के रूप में जम्मू कश्मीर के लिए आवंटित किए गए हैं। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि अधिकतर सड़कों पर यातायात शुरू हो गया है और जरूरत पड़ने पर राहत सामग्री भी पहुंच रही है। उन्होंने बताया कि एहतियात के तौर पर 5,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। एनडीआरएफ की 17 टीमें, सेना की 23 टुकड़ियां, वायुसेना के हेलीकॉप्टर, जम्मू कश्मीर पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के जवान अभियान में लगे हुए हैं। -
नयी दिल्ली. भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी संजय सिंघल ने सोमवार को सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के नये महानिदेशक (डीजी) के रूप में कार्यभार संभाला। एसएसबी नेपाल और भूटान के साथ लगती भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमा की चौकसी करता है।
एसएसबी के प्रवक्ता ने बताया कि 57-वर्षीय सिंघल ने यहां आर के पुरम में बल के मुख्यालय में अपना कार्यभार संभाला। उन्हें जवानों द्वारा औपचारिक सलामी गारद दी गई। एसएसबी में करीब 80,000 कर्मी हैं। एसएसबी के इस शीर्ष पद पर यह रिक्ति 31 अगस्त को पूर्व महानिदेशक ए एम प्रसाद की सेवानिवृत्ति के बाद उत्पन्न हुई थी। केंद्र सरकार ने 29 जुलाई को एक आदेश जारी कर सिंघल को नया एसएसबी प्रमुख नियुक्त किया था। एसएसबी गृह मंत्रालय के अंतर्गत आता है तथा उसे मुख्यत: नेपाल (1751 किलोमीटर) तथा भूटान (699किलोमीटर) से लगती बिना बाड़ की अंतरराष्ट्रीय सीमा की रखवाली करना होता है। उसे देश की अंदरूनी सुरक्षा के सिलसिल में भी विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी जाती हैं। उत्तर प्रदेश कैडर के 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी सिंघल केंद्र में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में सेवा देने के अलावा, अपने गृह राज्य में विभिन्न पदों पर कार्य कर चुके हैं। वह पिछली बार यहां बीएसएफ मुख्यालय में विशेष महानिदेशक के पद पर तैनात थे। मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक (बीई) सिंघल को 2009 में पुलिस वीरता पदक से सम्मानित किया गया था। वह दिसंबर 2028 में सेवानिवृत्त होंगे। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सोमवार को चीन के तियानजिन में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) सम्मेलन के फोटो सेशन में विश्व नेताओं के साथ हिस्सा लिया, जो क्षेत्रीय शिखर सम्मेलन से पहले एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक क्षण रहा। इस तस्वीर में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अन्य सदस्य देशों के नेता शामिल थे।
पीएम मोदी ने फोटो सेशन से जुड़ी तस्वीर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किया। उन्होंने लिखा, “तियानजिन में एससीओ शिखर सम्मेलन में।”एससीओ शिखर सम्मेलन की मेजबानी इस साल चीन कर रहा है। इस समूह में 8 सदस्य देश शामिल हैं। इसका फोकस यूरेशियाई क्षेत्र में राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा सहयोग पर केंद्रित है। यह पहला मौका है, जब प्रधानमंत्री मोदी सात साल बाद चीन पहुंचे हैं, जो भारत और चीन के बीच 2020 के सीमा विवाद के बाद जटिल द्विपक्षीय संबंधों के बीच विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी, राष्ट्रपति शी और पुतिन के साथ बातचीत करते नजर आए, जो सक्रिय कूटनीति की वापसी का संकेत देता है। खासकर, पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच गर्मजोशी भरी मुलाकात ध्यान आकर्षित करने वाली थी, जिसमें दोनों ने गले लगकर और हाथ पकड़कर आपसी मित्रता का प्रदर्शन किया।प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर इस मुलाकात की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, “राष्ट्रपति पुतिन से मिलना हमेशा खुशी की बात है।” राष्ट्रपति शी जिनपिंग और उनकी पत्नी फंग लियुआन ने रविवार को तियानजिन में एक भोज का आयोजन किया, जिसमें शिखर सम्मेलन के 25वें संस्करण से पहले अंतरराष्ट्रीय मेहमानों का स्वागत किया गया।इससे पहले कल रविवार को प्रधानमंत्री मोदी ने दस महीने बाद पहली बार चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने संबंधों को स्थिर करने और विशेष रूप से वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के आसपास के लंबित मुद्दों को हल करने की प्रतिबद्धता जताई।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि संबंध ‘सार्थक दिशा’ में आगे बढ़ रहे हैं और ‘विसंघर्ष’ के बाद सीमाओं पर शांति का माहौल है।”चीनी सरकारी प्रसारक सीसीटीवी के अनुसार, राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने उम्मीद जताई कि तियानजिन में हुई यह बैठक ‘द्विपक्षीय संबंधों को और ऊंचाई पर ले जाएगी’ और ‘इनके सतत, स्वस्थ और स्थिर विकास’ को बढ़ावा देगी। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के समापन के बाद द्विपक्षीय बैठक के लिए एक ही कार में सवार होकर मीटिंग में पहुंचे। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक तस्वीर शेयर कर इस मुलाकात की जानकारी दी।
पीएम मोदी ने फोटो की शेयरपीएम मोदी ने फोटो शेयर करते हुए लिखा, “एससीओ शिखर सम्मेलन के बाद मैं और राष्ट्रपति पुतिन साथ में द्विपक्षीय बैठक के स्थान पर गए। उनके साथ बातचीत हमेशा ज्ञानवर्धक होती है।”यह मुलाकात दोनों देशों के बीच मजबूत कूटनीतिक संबंधों को दर्शाती है।इससे पहले पीएम मोदी, चीनी और रूसी राष्ट्रपति की तस्वीरें आईं थी सामनेइससे पहले दिन में, पीएम मोदी, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और राष्ट्रपति पुतिन के बीच अनौपचारिक बातचीत की तस्वीरें सामने आईं, जो एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान तीनों नेताओं के बीच हल्के-फुल्के पल को दर्शाती हैं।इन तस्वीरों में तीनों नेता मुस्कुराते और बातचीत करते नजर आएइन तस्वीरों में तीनों नेता मुस्कुराते और बातचीत करते नजर आए, जो रूस के कजान में हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की एक समान तस्वीर की याद दिलाती हैं।ताजा तस्वीर में पुतिन बायीं ओर, बीच में प्रधानमंत्री मोदी और दायीं ओर शी जिनपिंग एक साथ चलते हुए एससीओ फैमिली फोटो के लिए पोज देते दिखे।तस्वीर को साझा करते हुए पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा…इस तस्वीर को साझा करते हुए पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, “तियानजिन में मुलाकातें जारी। एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति पुतिन और राष्ट्रपति शी के साथ विचारों का आदान-प्रदान किया।”प्रधानमंत्री ने एक अन्य तस्वीर भी साझा की, जिसमें वह और राष्ट्रपति पुतिन एक-दूसरे से हाथ मिलाते और गले मिलते नजर आए। इस तस्वीर के साथ पीएम मोदी ने लिखा, “राष्ट्रपति पुतिन से मिलना हमेशा खुशी की बात है।”इसके अलावा, सोमवार को पीएम मोदी और पुतिन को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के पास से गुजरते हुए देखा गया, जो उस समय अकेले खड़े थे। दोनों नेता अनौपचारिक बातचीत में मशगूल थे, जबकि शरीफ उदास दिख रहे थे। यह क्षण तब हुआ, जब एससीओ सदस्य देशों के नेता तियानजिन में फोटो सेशन के लिए इकट्ठा हुए थे। -
नयी दिल्ली. केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने रविवार को कहा कि पूर्वोत्तर और देश के अन्य क्षेत्रों के आदिवासियों को प्रस्तावित समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के दायरे से बाहर रखा जाएगा ताकि वे अपनी व्यवस्था के अनुसार ‘‘मुक्त रूप से'' जीवन जी सकें। आरएसएस से संबद्ध वनवासी कल्याण आश्रम द्वारा यहां आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि कुछ लोग इन दिनों सोशल मीडिया पर एक विचित्र माहौल बना रहे हैं और केंद्र के खिलाफ एक विमर्श गढ़ रहे हैं। मंत्री ने कहा, "केंद्रीय मंत्री होने के नाते मैं अपनी सरकार का रुख साझा करना चाहता हूं। हमारी सरकार और पार्टी (भाजपा) संविधान के अनुसार देश में समान नागरिक संहिता (लाने) के बारे में सोच रही है। जब फौजदारी कानून सभी के लिए समान है, तो नागरिक कानून भी (सभी के लिए समान) क्यों नहीं होना चाहिए।" उन्होंने कहा कि कुछ राज्यों ने इस संबंध में काम शुरू कर दिया है। मंत्री ने कहा, "लेकिन हमने स्पष्ट रूप से कहा है कि आदिवासियों को इससे छूट दी जाएगी। आदिवासियों को अपने तरीके से जीने की आज़ादी दी जाए। यह (समान नागरिक संहिता) अनुसूची 6, अनुसूची 5, पूर्वोत्तर और देश के अन्य आदिवासी इलाकों में लागू नहीं होगी।" यूसीसी के मुद्दे पर वर्तमान में विधि आयोग द्वारा विचार किया जा रहा है। उत्तराखंड ने राज्य में यूसीसी लागू कर दिया है। भगवान बिरसा मुंडा भवन में जनजातीय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र के उद्घाटन के अवसर पर रीजीजू ने कांग्रेस पर परोक्ष रूप से हमला करते हुए कहा कि एक समय था जब "दिल्ली में अधिवक्ताओं के लिए कोई बड़ा संस्थान या स्थान नहीं था।" उन्होंने कहा कि उस समय केंद्र की मंत्रिपरिषद में आदिवासी समुदायों के निर्वाचित सांसदों का प्रतिनिधित्व भी अपर्याप्त था। रीजीजू ने उपस्थित लोगों से कहा, "अविभाजित मध्यप्रदेश के एक बहुत वरिष्ठ नेता अरविंद नेताम उस समय राज्य मंत्री थे। जब मैंने उनसे मुलाकात की और पूछा कि अनुसूचित जनजातियों के और कितने नेता केंद्र सरकार में वरिष्ठ मंत्री या राज्य मंत्री हैं, तो उन्होंने कहा कि केवल एक या दो।" रीजीजू ने कहा, "उन्होंने (नेताम) मुझे बताया कि वे कई बार संसदीय चुनाव जीते, लेकिन उन्हें सिर्फ़ राज्य मंत्री बनाया गया। वे अपनी पीड़ा व्यक्त कर रहे थे।" केंद्रीय मंत्री ने देश में आदिवासियों के कल्याण और उत्थान के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में किए गए कार्यों की सराहना की।
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मुंबई. लोकप्रिय टेलीविजन धारावाहिक 'रामायण' के निर्देशक रामानंद सागर के बेटे प्रेम सागर का रविवार सुबह निधन हो गया। वह 81 वर्ष के थे और वृद्धावस्था से जुड़ी स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से पीड़ित थे। उनके छोटे भाई मोती सागर ने यह जानकारी दी। मोती सागर ने कहा, ‘‘वह काफी समय से बीमार थे। उन्हें लगभग तीन हफ़्ते तक ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कल (शनिवार) उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई क्योंकि उनके खून में संक्रमण फैल गया था। चिकित्सकों ने उन्हें घर वापस ले जाने की सलाह दी थी। सुबह करीब 10 बजे उनका निधन हो गया।'' एफटीआईआई (फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया) से स्नातक प्रेम सागर ने 'चरस' और 'ललकार' जैसी फिल्मों में छायाकार के रूप में काम किया। प्रेम सागर ने “अलिफ लैला” और “विक्रम और बेताल” जैसे लोकप्रिय टेलीविजन शो का निर्माण और निर्देशन किया था। उन्होंने 'निश्चय', 'एक लड़का एक लड़की', 'जवानी जिंदाबाद', 'सागर संगम' और 'नमक हलाल' जैसी कुछ फिल्मों में अभिनय भी किया। टेलीविजन धारावाहिक 'रामायण' में भगवान राम की भूमिका निभाने वाले अभिनेता एवं सांसद अरुण गोविल ने प्रेम सागर के निधन पर शोक व्यक्त किया। अरुण गोविल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘स्वर्गीय श्री रामानंद सागर जी के पुत्र श्री प्रेम सागर जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। प्रभु श्रीराम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिवार को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। ओम शांति।'' प्रेम सागर का अंतिम संस्कार अपराह्न करीब तीन बजे उपनगरीय जुहू स्थित पवन हंस श्मशान घाट पर किया गया। उनके परिवार में पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा है।
- नयी दिल्ली. एथर एनर्जी लिमिटेड ने कहा कि भारत में वित्त वर्ष 2030-31 तक इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की हिस्सेदारी लगभग 40 प्रतिशत तक हो सकती है। कंपनी ने बताया कि इस समय तक कुल दोपहिया वाहन उद्योग आठ प्रतिशत की दर से बढ़ते हुए सालाना 3-3.1 करोड़ इकाइयों तक पहुंच सकता है। कंपनी ने 2024-25 की अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कहा कि यह वृद्धि इलेक्ट्रिक वाहनों की पेशकश में बढ़ोतरी, मजबूत सरकारी समर्थन, बुनियादी ढांचे के तेज विकास, बैटरी की कम कीमतों और उपभोक्ताओं की पसंद में तेजी से बदलाव से प्रेरित होगी। एथर एनर्जी ने कहा कि तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रिक वाहन बाजार, पुरानी कंपनियों द्वारा अपने इलेक्ट्रिक वाहन पोर्टफोलियो में वृद्धि और नयी कंपनियों के आने से यह क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है। इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में स्थापित ब्रांडों के प्रवेश से महत्वपूर्ण गति मिलने की उम्मीद है।
- मुजफ्फरनगर (उप्र). शामली के झिंझाना थाना इलाके में भूसा खरीदने गए एक व्यापारी की कथित तौर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक गांव केरटू में कथित तौर पर अज्ञात कारणों से कुछ लोगों ने भूसा व्यापारी अंकुश कुमार (27) की पीट-पीटकर हत्या कर दी। अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) संतोष कुमार सिंह ने मृतक के परिवार की शिकायत के हवाले से संवाददाताओं को बताया कि अंकुश कुमार मुजफ्फरनगर जिले के अपने गांव नगला से मोटरसाइकिल पर गांव केरटू भूसा खरीदने गया था।उन्होंने बताया कि उनका शव गांव के पास मेरठ-करनाल राजमार्ग पर एक ढाबे के बाहर मिला। परिजनों ने अंकुश की पीट-पीटकर हत्या का आरोप लगाया है। एएसपी ने बताया कि पुलिस ने तहरीर के आधार पर तीन आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। उन्होंने बताया कि सभी आरोपी फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है। एएसपी ने बताया कि पुलिस मामले की छानबीन कर रही है और जल्द ही आरोपी पकड़े जाएंगे।
- हमीरपुर (उप्र). हमीरपुर जिले के दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में सड़क हादसों में तीन युवकों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, हमीरपुर-राठ बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे की सर्विस लेन पर आमने-सामने दो मोटरसाइकिलों की टक्कर में दो युवकों की मौत हो गई और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। उसने बताया कि यह दुर्घटना शनिवार रात इटालया बाजा के पास हुई और हादसे में मोटरसाइकिल सवार जिले के बिलगांव निवासी रवि निषाद (30), हरदुआ निवासी सनी (20) मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि उनके साथ सवार भगत सिंह (22) और अभय (12) गंभीर रूप से घायल हो गए।चिकसी थाना प्रभारी संतोष कुमार ने बताया कि घायलों को राठ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया गया है और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, दूसरी घटना मौदहा क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-34 पर हुई, जहां एक अज्ञात वाहन की टक्कर से मोटरसाकिल सवार युवक की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, शनिवार रात कुरारा निवासी उपेंद्र (35) मोटरसाइकिल से अपनी ससुराल मकराव जा रहा था तभी रास्ते में बहेरेला मोड़ के पास किसी अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मार दी। मौके पर पहुंची मौदहा पुलिस ने उपेंद्र को तत्काल एम्बुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भेजा, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मौदहा थाना प्रभारी निरीक्षक उमेश सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि सीसीटीवी फुटेज की मदद से अज्ञात वाहन की तलाश की जा रही है।
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पटना । पटना के परसा बाजार इलाके में शनिवार को पांच साल का एक बच्चा पिस्तौल से खेलते समय गोली लगने से घायल हो गया। यह जानकारी पुलिस ने दी। सदर के अनुविभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ-द्वितीय) रंजन कुमार ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘शनिवार सुबह पुलिस को सूचना मिली कि शिवनगर इलाके में पांच वर्षीय एक बच्चे को एक रिश्तेदार की पिस्तौल से खेलते समय गोली लग गई है।'' उन्होंने कहा, ‘‘जब तक पुलिस मौके पर पहुंची, बच्चे के पिता बच्चे को नजदीकी अस्पताल ले जा चुके थे। उसकी मां ने पुलिस को बताया कि यह घटना तब हुई जब बच्चा अपने रिश्तेदार की भरी हुई पिस्तौल से खेल रहा था। गोली उसके जबड़े में लगी।'' उन्होंने बताया कि बच्चे की हालत खतरे से बाहर बतायी गई है।एसडीपीओ ने कहा, ‘‘आगे की जांच की जा रही है और हम पिस्तौल बरामद करने की कोशिश कर रहे हैं।''उन्होंने कहा कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। file photo
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रामपुर (उप्र)। अमेरिका के भारत से आयातित सामानों पर लगाए गए 50 प्रतिशत शुल्क के कारण मेंथा तेल उद्योग एक बड़े संकट का सामना कर रहा है। निर्यातकों ने कहा कि इस शुल्क के कारण उद्योग पर निर्भर हजारों किसानों और श्रमिकों की आजीविका पर भी खतरा मंडरा रहा है। मेंथा तेल एक सुगंधित यौगिक है जिसका उपयोग विभिन्न प्रकार के उत्पाद बनाने के लिए कच्चे माल के रूप में किया जाता है। एक प्रमुख निर्यातक अमृत कपूर ने बताया कि कई ऑर्डर रोक दिए गए हैं या रद्द कर दिए गए हैं। उन्होंने लागत पर पड़ने वाले सीधे असर के बारे में कहा, ''हमारा एक उत्पाद जिसकी कीमत 20 डॉलर है, 50 प्रतिशत शुल्क के कारण रातों रात 30 डॉलर का हो गया। वहां के खरीदार यह नहीं समझ पा रहे हैं कि भारत से 30 डॉलर का उत्पाद कैसे खरीदा जाए। इसलिए, ऑर्डर रुके हुए हैं। कारखाने में माल बन रहा है, और हमें नहीं पता कि यह कब बाहर जाएगा।'' कपूर ने किसानों और श्रमिकों पर पड़ने वाले व्यापक प्रभावों को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा, ''10 लाख से ज्यादा किसान भाई इस उद्योग से जुड़े हैं। उन्हें पर्याप्त पैसा नहीं मिल पाएगा, और मुझे लगता है कि उन्हें अपनी लागत भी वापस नहीं मिलेगी।'' उन्होंने रोजगार के बारे में भी चिंता जताते हुए कहा, ''अगर अमेरिका का यह व्यवहार जारी रहता है और हमारा उत्पादन कम होता है, तो हो सकता है कि आने वाले समय में हमें कारखानों में श्रमिकों की संख्या कम करनी पड़े।'' भारतीय उद्योग महासंघ की रामपुर इकाई के अध्यक्ष शिरीष गुप्ता ने इस शुल्क को दबाव बनाने की रणनीति बताया और सरकार की प्रतिक्रिया पर विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने कहा, ''सरकार को उन उद्योगों के लिए योजनाएं बनानी चाहिए जो शुल्क के कारण खतरे में हैं, ताकि वे बंद न हों और लोगों की आजीविका पर संकट न आए।'' उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें विश्वास है कि यह एक अस्थायी चरण है और जल्द ही एक सकारात्मक परिणाम सामने आएगा।
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नोएडा। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को ड्रोन को आधुनिक युद्ध रणनीति के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए उन्हें युद्ध नीति में शामिल करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा, ‘‘आमतौर पर जब हम 'एयरक्राफ्ट' शब्द सुनते हैं, तो हमारे दिमाग में तेजस, राफेल और लड़ाकू विमानों की तस्वीरें आती हैं। यह स्वाभाविक भी है, क्योंकि ये सभी लड़ाकू विमान हैं। हालांकि, आज के बदलते समय में, ड्रोन इस क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण शक्ति के रूप में उभरे हैं। ड्रोन अब उन क्षेत्रों में भी तैनात किए जा रहे हैं, जहां बड़े उपकरण नहीं पहुंच सकते।'' सिंह ने कहा, ‘‘यदि आप रूस-यूक्रेन संघर्ष को करीब से देखें, तो आप पाएंगे कि ड्रोन का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया है - पहले भी, अब भी और लगातार भी। इससे साबित होता है कि ड्रोन के महत्व को समझना और उन्हें हमारी युद्ध नीति में शामिल करना बेहद जरूरी हो गया है।'' वह नोएडा में राफे एमफाइबर प्राइवेट लिमिटेड के रक्षा उपकरण और इंजन परीक्षण केंद्र के उद्घाटन के अवसर पर बोल रहे थे। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उपस्थित थे। सिंह ने निजी इकाई का उद्घाटन करने के बाद कहा, "आज यहां आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण की एक सशक्त झलक देखने को मिली।" ड्रोन के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए सिंह ने कहा कि शुरुआती दिनों में इनका इस्तेमाल केवल निगरानी और टोह लेने के लिए किया जाता था। उन्होंने कहा, "बाद में, कुछ देशों ने लड़ाकू ड्रोन विकसित करना शुरू किया और कई देशों ने सीमा संघर्षों में इनका इस्तेमाल शुरू कर दिया।'' सिंह ने कहा, ‘‘जिन देशों ने ड्रोन तकनीक में निवेश किया है, उन्होंने इस क्षेत्र में उल्लेखनीय बढ़त हासिल की है, जबकि कई अन्य पीछे छूट गए हैं। अपने छह से साढ़े छह साल के अनुभव (रक्षा मंत्री के रूप में) से, मैं कह सकता हूं कि आज के रक्षा क्षेत्र की वास्तविकता विमान तकनीक और ड्रोन पर टिकी है।'' रक्षामंत्री सिंह ने कहा कि यह बहुत गर्व की बात है कि भारत इस क्षेत्र में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘पहले हमें ड्रोन आयात करने पड़ते थे, लेकिन आज हम उन्हें घरेलू स्तर पर डिजाइन, विकसित और निर्मित कर रहे हैं।'' सिंह ने कहा, ‘‘देश के कई उद्यमी इस प्रगति में योगदान दे रहे हैं और उनके प्रयासों की जितनी प्रशंसा की जाए कम है।''
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नयी दिल्ली। देश के शहरी क्षेत्रों में किफायती घरों की कमी एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में किफायती मकानों की मांग तो बढ़ रही है, लेकिन उन्हें बनाने की रफ्तार बहुत धीमी हो गई है, जिससे इस क्षेत्र में एक बड़ा असंतुलन पैदा हो गया है। रियल एस्टेट की परामर्शदाता कंपनी नाइट फ्रैंक इंडिया और नेशनल रियल एस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल (नारेडको) की एक रिपोर्ट में बताया गया कि देश के आठ बड़े शहरों (मुंबई, दिल्ली-एनसीआर, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई, पुणे, कोलकाता और अहमदाबाद) में हालात चिंताजनक हैं। पहले 2019 में जहां हर एक घर की मांग पर एक से ज्यादा घर बन रहे थे, वहीं 2025 की पहली छमाही (जून तक) में यह आंकड़ा गिरकर 0.36 रह गया है। इसका मतलब है कि मांग के मुकाबले सिर्फ एक-तिहाई घर ही बन रहे हैं। रिपोर्ट में बताया गया कि देश में शहरी किफायती घरों की वर्तमान कमी 94 लाख इकाई है। तेजी से बढ़ते शहरीकरण के कारण 2030 तक यह कमी बढ़कर तीन करोड़ इकाई तक पहुंच सकती है। नारेडको के अध्यक्ष जी हरि बाबू ने कहा कि नाइट फ्रैंक और नारेडको की रिपोर्ट से भारत में सस्ते मकानों की कमी की समस्या एक बार फिर सामने आई है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में देश में 94 लाख मकानों की कमी है, जो 2030 तक बढ़कर तीन करोड़ हो सकती है। हरि बाबू ने कहा कि यह चिंता की बात है कि किफायती मकानों की मांग तो बढ़ रही है, लेकिन उनकी संख्या घट रही है। इसके अलावा निजी कंपनियों का निवेश भी बहुत कम है, जिससे यह समस्या और बढ़ रही है। नाइट फ्रैंक इंडिया के चेयरमैन शिशिर बैजल ने कहा, "किफायती मकान सिर्फ एक सामाजिक जरूरत नहीं है, बल्कि एक आर्थिक आवश्यकता भी है। मांग के पक्ष में सरकारी समर्थन सराहनीय रहा है, लेकिन अब आपूर्ति की बाधाओं को दूर करना बेहद जरूरी है।"
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नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 26 अगस्त को माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर अर्धकुंवारी के पास हुए भूस्खलन हादसे की गंभीरता को देखते हुए एक उच्च स्तरीय तीन-सदस्यीय जांच समिति के गठन का आदेश दिया है। इस भयानक घटना ने तीर्थयात्रियों और स्थानीय प्रशासन को झकझोर दिया और अब इसकी तह तक जाने के लिए यह समिति बनाई गई है।
यह कमेटी जल शक्ति विभाग के अपर मुख्य सचिव शलीन काबरा की अध्यक्षता में गठित की गई है। इसके दो अन्य सदस्य जम्मू संभाग के मंडलीय आयुक्त और जम्मू के पुलिस महानिरीक्षक होंगे। राजभवन, श्रीनगर से जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, यह समिति तीन महत्वपूर्ण बिंदुओं पर काम करेगी।घटना के कारणों की विस्तृत जांच करेगी और यह पता लगाएगी कि कहीं कोई लापरवाही या चूक तो नहीं हुई।घटना के बाद राहत एवं बचाव कार्यों का मूल्यांकन किया जाएगा, जिससे यह समझा जा सके कि मौके पर क्या-क्या कदम उठाए गए। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए उचित मानक संचालन प्रक्रियाएं और सुरक्षा उपाय सुझाए जाएंगे। यह समिति दो हफ्तों के भीतर अपनी रिपोर्ट माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष, जो कि उपराज्यपाल स्वयं हैं, को सौंपेगी।विशेष सचिव कृष्ण लाल द्वारा हस्ताक्षरित आदेश में कहा गया है कि यह कदम श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और प्रशासनिक जवाबदेही तय करने के उद्देश्य से उठाया गया है।गौरतलब है कि 26 अगस्त को जिला रियासी में वैष्णो देवी यात्रा मार्ग के एक हिस्से पर अचानक भूस्खलन हुआ था, जिसमें कई लोग घायल हो गए और यात्रा भी कुछ समय के लिए बाधित रही।बता दें कि यह घटना उस समय हुई जब श्रद्धालुओं का एक समूह वैष्णो देवी भवन की ओर बढ़ रहा था। हादसे के तुरंत बाद बचाव दल, एनडीआरएफ, श्राइन बोर्ड के कर्मचारी और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंच गए और बचाव कार्य शुरू कर दिया था। -
जयपुर. राजस्थान के टोंक जिले में शनिवार सुबह राजमार्ग पर केलों से भरा एक ट्रक पलट गया जिसके बाद स्थानीय लोग कुछ ही घंटों में सारे केले ले गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि यह घटना नगरफोर्ट थाना क्षेत्र के समरावता गांव के पास हुई, मध्य प्रदेश से जयपुर जा रहा ट्रक पलट गया। उसने बताया कि घटना के बाद ट्रक चालक समीर राहगीरों की मदद से बाहर निकलने में कामयाब रहा हालांकि इसके तुरंत बाद आस-पास के इलाकों से लोग मोटरसाइकिल और टेंपो पर सवार होकर आए और केले ले गए। सोशल मीडिया पर घटना के वीडियो भी सामने आए हैं। पुलिस ने कहा कि रिपोर्ट दर्ज होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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नई दिल्ली। अमेरिका में एक संघीय अपील अदालत ने भारत के लिए संभावित राहत देते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए व्यापार शुल्क (टैरिफ) को गैरकानूनी करार दिया है। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि ट्रंप के पास ऐसे व्यापक अधिकार नहीं थे कि वे इस तरह के शुल्क लगा सकें।हालांकि, अदालत ने टैरिफ को 14 अक्टूबर तक जारी रहने की अनुमति दी है, ताकि ट्रंप प्रशासन को सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का मौका मिल सके।
शुक्रवार दोपहर फैसला आने के तुरंत बाद, ट्रंप ने इसे “बहुत पक्षपाती” बताते हुए इसकी आलोचना की और कहा कि वे इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे, जहां उन्हें “मदद मिलने” की उम्मीद है। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, ‘यदि इसे ऐसे ही रहने दिया गया तो यह निर्णय सचमुच संयुक्त राज्य अमेरिका को नष्ट कर देगा।'”
वहीं, व्हाइट हाउस के उप प्रेस सचिव कुश देसाई ने अस्थायी रोक का ज़िक्र करते हुए कहा कि राष्ट्रपति द्वारा लगाए गए टैरिफ अभी भी लागू रहेंगे और उन्हें उम्मीद है कि सरकार यह मामला अंत में जीत जाएगी।यह फैसला उन टैक्स पर लागू होता है जो अंतरराष्ट्रीय आर्थिक आपातकाल के कानून के तहत लगाए गए थे, न कि सुरक्षा से जुड़े टैक्सों पर।
अगर भारत सुप्रीम कोर्ट में कानूनी चुनौती से बच जाता है, तो उस पर लगाया गया 25 फीसद टैरिफ जरूर हटा दिया जाएगा। हालांकि, यह साफ नहीं है कि रूस से तेल खरीदने पर लगाया गया 25 फीसद दंडात्मक शुल्क भी इस फैसले में शामिल है या नहीं, क्योंकि होमलैंड सिक्योरिटी सचिव क्रिस्टी नोएम का कहना है कि यह शुल्क रूस से अमेरिका को होने वाले खतरे से निपटने के लिए लगाया गया था।
न्यायालय के फैसले में उन शुल्कों को शामिल नहीं किया गया है जो राष्ट्रीय सुरक्षा के कारण स्टील, एल्युमीनियम और तांबे पर लगाए गए हैं। इसलिए, ऐसा लगता है कि तेल पर लगने वाला टैरिफ अभी भी जारी रह सकता है। अमेरिकी कोर्ट ऑफ अपील्स ने 7-4 के बहुमत से यह फैसला सुनाया है कि टैरिफ लगाने का अधिकार मुख्य रूप से कांग्रेस के पास है, न कि राष्ट्रपति के पास। यह फैसला ट्रंप के टैरिफ संबंधी फैसले के खिलाफ है। कोर्ट ने कहा कि संविधान में टैरिफ लगाने की शक्ति विशेष रूप से कांग्रेस को दी गई है।
जब ट्रंप सरकार ने ट्रेड वॉर शुरू किया, तो उन्होंने आईईईपीए कानून का इस्तेमाल करते हुए कहा था कि व्यापार घाटे की वजह से देश में आर्थिक आपातकाल की स्थिति बन गई है। इसी के आधार पर उन्होंने सामानों पर टैरिफ यानी सीमा शुल्क लगा दिया था।अदालत ने कहा कि कानून में साफ तौर पर टैरिफ या टैक्स लगाने का अधिकार नहीं दिया गया है। पूर्व कार्यवाहक सॉलिसिटर जनरल नील कटियाल डेमोक्रेटिक राज्यों और छोटे कारोबार के समूह के प्रमुख वकीलों में से थे, जिन्होंने ट्रंप के टैरिफ लगाने के अधिकार को अदालत में चुनौती दी थी। -
मुंबई. गणेश उत्सव कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए मुंबई पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शनिवार को राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के आवास गए और बाद में उन्होंने अपने परिजन के साथ प्रसिद्ध लालबागचा राजा गणपति के दर्शन किए। शाह ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं के साथ बैठक की। शाह शुक्रवार रात शहर पहुंचे थे। शाह ने शनिवार सुबह दक्षिण मुंबई स्थित राज्य सरकार के ‘सह्याद्री' अतिथि गृह में शिंदे से मुलाकात की। उन्होंने ‘सह्याद्री' में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के संयुक्त महासचिव अतुल लिमये, भाजपा की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण और नवनियुक्त मुंबई भाजपा प्रमुख अमित साटम से भी बातचीत की। पार्टी सूत्रों ने बताया कि बाद में शाह मुख्यमंत्री फडणवीस के आधिकारिक आवास ‘वर्षा' गए।
इसके बाद शाह गणेश चतुर्थी संबंधी अपनी वार्षिक परंपरा का पालन करते हुए अपने परिवार के साथ प्रसिद्ध लालबागचा राजा गणेश मंडल गए। मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री शिंदे भी उनके साथ थे। शाह बांद्रा पश्चिम और अंधेरी पूर्व में दो अन्य पंडालों में भी दर्शन करेंगे। पार्टी सूत्रों ने बताया कि शाह के शहर पहुंचने के बाद, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावडे ने शुक्रवार रात यहां ‘सह्याद्री' में शाह से मुलाकात की। उन्होंने आगामी उपराष्ट्रपति चुनाव, बिहार विधानसभा चुनाव एवं संगठनात्मक मामलों पर चर्चा की।
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नयी दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को कहा कि अप्रैल-जून में भारत की अर्थव्यवस्था के उम्मीद से अधिक 7.8 प्रतिशत की दर से विकास करने को दर्शाने वाले नवीनतम आंकड़ों को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के लिए ‘‘वास्तविकता का सबसे कड़ा तमाचा'' बताया, जिन्होंने हाल ही में भारत को ‘‘मृत अर्थव्यवस्था'' करार दिया था। जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-जून में भारतीय अर्थव्यवस्था 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ी जो अमेरिका द्वारा विनाशकारी शुल्क लगाए जाने से पहले की पांच तिमाहियों में सबसे अधिक थी। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि मुख्य रूप से कृषि क्षेत्र के अच्छे प्रदर्शन के कारण हुई। जीडीपी आंकड़ों पर टिप्पणी करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज चौहान ने कहा, ‘‘जो लोग इसे ‘मृत अर्थव्यवस्था' कहते हैं, उन्हें अब यह समझ लेना चाहिए कि भारत एक ‘दीर्घजीवी अर्थव्यवस्था' है, जो एक विकसित और पूरी तरह से आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने की राह पर है।'' मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत एक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए, भाजपा के आईटी प्रकोष्ठ के प्रमुख अमित मालवीय ने कहा, ‘‘कड़वा बोलने वाले, भ्रमित, निराश और खारिज किए गए राहुल गांधी के लिए, वही व्यक्ति जिसने भारत को ‘मृत अर्थव्यवस्था' करार दिया था, जीडीपी के नवीनतम आंकड़े वास्तविकता का सबसे कड़ा तमाचा हैं।'' मालवीय ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भारत ने वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में जीडीपी विकास दर 7.8 प्रतिशत दर्ज किया है, जो दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अग्रणी है।'' उन्होंने दावा किया कि केवल एक चीज ‘‘मृत'' है, जो है राहुल गांधी की विश्वसनीयता। मालवीय ने ‘एक्स' पर एक अन्य पोस्ट में कहा कि भारत न केवल विकास कर रहा है, बल्कि तिमाही दर तिमाही, विनाश की भविष्यवाणी करने वालों को गलत साबित कर रहा है।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा के साथ सेंडाई शहर तक बुलेट ट्रेन से यात्रा की। पीएम मोदी 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए दो दिवसीय जापान यात्रा पर हैं। आज जापान के सेंडाई शहर में प्रधानमंत्री मोदी का ज़ोरदार स्वागत हुआ। जापानी लोगों ने ‘मोदी-सान, वेलकम !’ के नारों लगाए ।
पीएम मोदी के जापान यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण समझौते हो रहे हैं। इसी बीच जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा ने आज शनिवार को जेआर ईस्ट प्रशिक्षण ले रहे भारतीय रेल चालकों का अभिवादन किया।इसकी जानकारी पीएम मोदी ने भी सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट में दी और तस्वीरें भी साझा की। उन्होंने एक्स पर कहा -“सेंडाइ पहुंच चुके हैं। प्रधानमंत्री इशिबा के साथ शिंकानसेन से इस शहर की यात्रा की।”वहीं, जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर तस्वीरें पोस्ट की हैं, जिनमें वे और प्रधानमंत्री मोदी जेआर ईस्ट में प्रशिक्षण ले रहे भारतीय रेल चालकों से मिलते हुए दिख रहे हैं। उन्होंने लिखा, “जेआर ईस्ट में प्रशिक्षण ले रहे भारतीय रेल चालकों से मेरा नमस्कार।”एक अन्य पोस्ट में वे प्रधानमंत्री मोदी के साथ सफर करते हुए दिख रहे हैं। उन्होंने सेंडाई जाने का जिक्र करते हुए लिखा, “प्रधानमंत्री मोदी के साथ सेंडाई जा रहा हूं। मैं कार में साथ रहूंगा।”प्रधानमंत्री शुक्रवार को जापान के टोक्यो पहुंचे थे, जहां वे 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग ले रहे हैं। दौरे के दौरान, जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा ने पीएम मोदी का औपचारिक स्वागत किया।दोनों नेता भारत-जापान विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा को लेकर कई बैठक कर रहे हैं, जिसमें रक्षा और सुरक्षा, व्यापार और निवेश, डिजिटल प्रौद्योगिकी, पर्यावरण पर एक्शन और नवाचार जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।यह पीएम मोदी की 8वीं जापान यात्रा है, जो भारत द्वारा टोक्यो के साथ साझेदारी को दी जाने वाली अहमियत को दर्शाता है। पीएम मोदी ने आखिरी बार मई 2023 में जापान का दौरा किया था। वे और पीएम इशिबा ने जून 2025 में कनाडा के कनानास्किस में जी7 शिखर सम्मेलन और 2024 में वियतनाम के वियनतियाने में आसियान-भारत शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात की थी। जापान में अपनी व्यस्तताएं पूरी करने के बाद, पीएम मोदी शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के 25वें राष्ट्राध्यक्ष परिषद की बैठक में भाग लेने के लिए चीन रवाना होंगे। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को जापान के राज्यपालों के साथ एक विशेष संवाद में भारत-जापान के ऐतिहासिक संबंधों को मजबूत करने और दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह मुलाकात उनके लिए खुशी का मौका है, क्योंकि जापान के राज्यपाल उनकी विविधता और ऊर्जा के जीवंत प्रतीक हैं।
भारत और जापान का रिश्ता हजारों साल पुरानापीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, “मैं अनुभव कर रहा हूं कि इस कमरे में सैतामा की रफ्तार है, मियागी की मजबूती है, फुकुओका की जीवंतता है और नारा की विरासत की खुशबु है। आप सभी में कुमामोतो की गर्मजोशी है, नागानो की ताजगी है, शिज़ुओका की सुंदरता है, और नागासाकी की धड़कन है। आप सभी, माउंटी फूजी की ताकत है और साकुरा की आत्मा के प्रतीक हैं, जो जापान को टाइमलेस बनाते हैं। भारत और जापान का रिश्ता हजारों साल पुराना है, जो भगवान बुद्ध की करुणा और राधाबिनोद पाल जैसे नायकों के साहस से जुड़ा है।”बीती सदी में गुजराती हीरे के व्यापारी कोबे आए थेउन्होंने अपने गृह राज्य गुजरात का उदाहरण देते हुए बताया कि बीती सदी में गुजराती हीरे के व्यापारी कोबे आए थे, जबकि हमा-मात्सु की कंपनियों ने भारत के ऑटोमोबाइल क्षेत्र में क्रांति लाई। यह उद्यमशीलता दोनों देशों को जोड़ती है। आज ट्रेड, टेक्नोलॉजी, पर्यटन, सुरक्षा, स्किल और संस्कृति के क्षेत्र में नए अध्याय लिखे जा रहे हैं, जो केवल टोक्यो या दिल्ली तक सीमित नहीं, बल्कि राज्यों और प्रांतों की सोच में जीवंत हैं।वाइब्रेंट विलेज प्रोग्रामप्रधानमंत्री ने अपने 15 साल के गुजरात मुख्यमंत्री कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने नीति-आधारित शासन, उद्योग को बढ़ावा, मजबूत बुनियादी ढांचा और निवेश के लिए माहौल बनाने पर ध्यान दिया, जो आज “गुजरात मॉडल” के नाम से जाना जाता है। 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने इस सोच को राष्ट्रीय नीति में शामिल किया। राज्यों में प्रतिस्पर्धा की भावना जगाई और उन्हें राष्ट्रीय विकास का मंच बनाया। जापान के प्रांतों की तरह भारत के हर राज्य की अपनी पहचान है, कहीं समुद्र तट, कहीं पहाड़। इस विविधता को लाभ में बदलने के लिए ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ अभियान, आकांक्षी जिले-ब्लॉक कार्यक्रम, और दूरदराज गांवों को मुख्यधारा में लाने के लिए ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ शुरू किया गया, जो अब विकास के केंद्र बन रहे हैं।जापान के राज्यपालों की जिम्मेदारी को महत्वपूर्णउन्होंने जापान के राज्यपालों की जिम्मेदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि उनके प्रांत टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग और नवाचार के केंद्र हैं, कई की अर्थव्यवस्था कई देशों से बड़ी है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग का भविष्य उनके हाथों में है। पहले से चली आ रही साझेदारियों गुजरात-शिजुओका, उत्तर प्रदेश-यमानाशी, महाराष्ट्र-वकायामा, आंध्र प्रदेश-तोयामा को उन्होंने कागज से निकालकर लोगों और समृद्धि तक ले जाने की बात कही।पीएम मोदी ने जापान के राज्यपालों को भारत आने का निमंत्रण दियाप्रधानमंत्री इशिबा के साथ लॉन्च की गई ‘स्टेट-प्रांत साझेदारी पहल’ के तहत हर साल तीन भारतीय राज्य और तीन जापानी प्रांतों के प्रतिनिधिमंडल एक-दूसरे का दौरा करेंगे। उन्होंने राज्यपालों को भारत आने का निमंत्रण दिया और साझा प्रगति के लिए सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि जापान और भारत के छोटे शहरों के स्टार्टअप्स और एमएसएमई मिलकर विचारों का आदान-प्रदान, नवाचार, और अवसर पैदा कर सकते हैं। इसी सोच के साथ कानसाई में बिजनेस एक्सचेंज फोरम शुरू हो रहा है, जो निवेश, स्टार्टअप साझेदारी और कुशल पेशेवरों के लिए नए रास्ते खोलेगा।पीएम मोदी ने युवाओं के कनेक्शन पर दिया जोरप्रधानमंत्री ने युवाओं के कनेक्शन पर जोर देते हुए कहा कि जापान की विश्व प्रसिद्ध यूनिवर्सिटीज में भारतीय छात्रों को लाने और अगले पांच साल में पांच लाख लोगों के आदान-प्रदान के लिए एक एक्शन प्लान लॉन्च किया गया है। साथ ही, 50,000 भारतीय कुशल पेशेवरों को जापान भेजने की योजना है, जिसमें प्रांतों की अहम भूमिका होगी। उन्होंने आशा जताई कि टोक्यो और दिल्ली नेतृत्व करेंगे और कानागावा-कर्नाटक, आइची-असम, और ओकायामा-ओडिशा मिलकर नई इंडस्ट्री, स्किल, और अवसर बनाएंगे। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा के साथ मियागी प्रांत के सेंडाई शहर का दौरा किया। इस दौरान दोनों नेताओं ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र की अग्रणी कंपनी टोक्यो इलेक्ट्रॉन मियागी लिमिटेड (टीईएल मियागी) का दौरा किया। कारखाने में उन्हें टीईएल की वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में भूमिका, उन्नत मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और भारत के साथ वर्तमान व भविष्य के सहयोग के बारे में जानकारी दी गई। इस दौरे से दोनों देशों के बीच सेमीकंडक्टर निर्माण, टेस्टिंग और सप्लाई चेन में सहयोग के अवसरों की व्यावहारिक समझ बनी।
जापान-भारत सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन साझेदारीपीएम मोदी की जापान यात्रा भारत के उभरते सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम और जापान की उन्नत तकनीक के बीच सामंजस्य को रेखांकित करती है। दोनों नेताओं ने इस क्षेत्र में सहयोग गहन करने, जापान-भारत सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन साझेदारी के लिए सहमति को आगे बढ़ाने तथा भारत-जापान औद्योगिक प्रतिस्पर्धा व आर्थिक सुरक्षा वार्ता को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई। इस दौरान मजबूत, लचीली और भरोसेमंद सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन विकसित करने के साझा लक्ष्य पर भी जोर दिया गया।भारत की जापान के साथ सेमीकंडक्टर जैसे रणनीतिक क्षेत्र में काम करने की इच्छाप्रधानमंत्री मोदी ने पीएम इशिबा का इस यात्रा के लिए धन्यवाद किया और सेमीकंडक्टर जैसे रणनीतिक क्षेत्र में जापान के साथ मिलकर काम करने की भारत की इच्छा दोहराई। पीएम इशिबा ने सेंडाई में प्रधानमंत्री मोदी के सम्मान में दोपहर का भोजन आयोजित किया, जिसमें मियागी के गवर्नर और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।दोनों देशों के बीच तकनीकी साझेदारी को नई दिशा मिलने की उम्मीदगौरतलब है कि इस मुलाकात से दोनों देशों के बीच तकनीकी साझेदारी को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। भारत में सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए जापान का सहयोग अहम माना जा रहा है। स्थानीय लोगों ने इस उच्च स्तरीय मुलाकात को सेंडाई के लिए सम्मान की बात बताया। आने वाले दिनों में इस साझेदारी से दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को फायदा होने की संभावना है।



















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