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- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुरुवार को उत्तराखंड के दौरे पर जाएंगे। वह मुखवा में मां गंगा के शीतकालीन प्रवास स्थल पर दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगे। पीएम मोदी एक पैदल यात्रा और बाइक रैली को हरी झंडी दिखाएंगे। वह हर्षिल में एक सार्वजनिक समारोह में जनसमूह को संबोधित भी करेंगे।उत्तराखंड सरकार ने इस साल शीतकालीन पर्यटन कार्यक्रम शुरू किया है। हज़ारों श्रद्धालु पहले ही गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ के शीतकालीन स्थलों की यात्रा कर चुके हैं। इस कार्यक्रम का उद्देश्य धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना और स्थानीय अर्थव्यवस्था, होमस्टे सहित पर्यटन व्यवसाय को बढ़ावा देना है।प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार पीएम मोदी गुरुवार को सुबह करीब 9:30 बजे मुखवा में मां गंगा के शीतकालीन प्रवास स्थल पर दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगे।वह श्री गंगोत्री धाम के शीतकालीन प्रवास पारंपरिक पोशाक ‘चपकन’ पहनकर उत्तरकाशी के मुखबा में गंगा नदी पर पूजा-अर्चना करेंगे। गंगोत्री मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल ने मीडिया को बताया कि ये कपड़े गंगोत्री मंदिर समिति की ओर से प्रधानमंत्री को भेंट किए जाएंगे। मुखबा में पुजारी चपकन पहनकर पूजा करते हैं।पीएम मोदी सुबह करीब 10:40 बजे वे एक पैदल यात्रा और बाइक रैली को हरी झंडी दिखाएंगे। वह हर्षिल में एक सार्वजनिक समारोह में जनसमूह को संबोधित भी करेंगे।इस दौरान हर्षिल में प्रधानमंत्री को पारंपरिक पोशाक ‘मिरजई’ भी भेंट की जाएगी उपरोक्त सभी कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी प्रधानमंत्री मोदी के साथ उपस्थित रहेंगे।
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नई दिल्ली। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि भारत में पिछले छह वर्षों में महिला बेरोजगारी दर तेजी से घटकर मात्र 3.2 प्रतिशत रह गई है। देश में महिला कार्यबल की भागीदारी में सुधार लाने के लिए मसूरी में आयोजित दो दिवसीय विचार-विमर्श में मंत्रालय की सचिव सुमिता डावरा ने कहा कि यह अधिक समावेशिता और आर्थिक सशक्तिकरण की ओर बदलाव को दर्शाता है।
महिला कार्यबल भागीदारी में देखने को मिल रहा सकारात्मक रुझानडावरा ने बताया कि पिछले छह वर्षों में भारत में महिला कार्यबल भागीदारी में सकारात्मक रुझान देखा गया है, जिसमें आर्थिक भागीदारी बढ़ी है, बेरोजगारी घटी है और अधिक शिक्षित महिलाएं कार्यबल में शामिल हो रही हैं। डावरा ने कहा, “15 वर्ष और उससे अधिक आयु की महिलाओं के लिए श्रमिक जनसंख्या अनुपात (डब्ल्यूपीआर) 2017-18 में 22.0 प्रतिशत से बढ़कर 2023-24 में 40.3 प्रतिशत हो गया है, जबकि इसी अवधि में महिलाओं के लिए श्रम बल भागीदारी दर (एलएफपीआर) 23.3 प्रतिशत से बढ़कर 41.7 प्रतिशत हो गई है।”सरकार ने विकसित भारत 2047 के तहत महिला कार्यबल भागीदारी 70 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा हैउन्होंने आगे कहा, “देश में महिला बेरोजगारी दर 5.6 प्रतिशत से गिरकर 3.2 प्रतिशत रह गई है।” सरकार ने विकसित भारत 2047 के तहत महिला कार्यबल भागीदारी 70 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा है। इस विचार-विमर्श में उद्योग की मांग के अनुसार कौशल विकास पहलों को संरेखित करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया, जिससे उच्च विकास वाले क्षेत्रों में महिलाओं की पहुंच सुनिश्चित की जा सके।न्यायसंगत नीतियों और लिंग-संवेदनशील श्रम कानूनों को मजबूत करना भी है प्राथमिकताइसके अतिरिक्त, कार्यस्थल सुरक्षा, न्यायसंगत नीतियों और लिंग-संवेदनशील श्रम कानूनों को मजबूत करना भी प्राथमिकता के रूप में उभरा। वहीं, इस कार्यक्रम में अनुपालन तंत्र, जेंडर ऑडिट और पोओएसएच को लागू करने की आवश्यकता को भी जरूरी बताया गया।कौशल कार्यक्रमों को एकीकृत करने से भविष्य के काम में महिलाओं की समान भागीदारी भी सुनिश्चित होगीइसके अलावा, सरकार डिजिटल रोजगार प्लेटफार्मों का लाभ उठाने पर ध्यान केंद्रित करेगी, जो महिलाओं की डिजिटल साक्षरता को बढ़ाने में मदद करेगा। एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) संचालित कौशल कार्यक्रमों को एकीकृत करने से भविष्य के काम में महिलाओं की समान भागीदारी भी सुनिश्चित होगी। -
नई दिल्ली। योग के प्रचार और विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले व्यक्तियों और संगठनों को सम्मानित करने के लिए प्रधानमंत्री योग पुरस्कार 2025 के आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह पुरस्कार योग के प्रति समर्पण और इसके वैश्विक प्रसार में योगदान करने वालों को मान्यता प्रदान करता है। पुरस्कार उन व्यक्तियों और संगठनों को दिए जाएंगे जिन्होंने योग के प्रचार-प्रसार और इसके विकास में महत्वपूर्ण और लगातार योगदान दिया है, चाहे वह राष्ट्रीय स्तर पर हो या अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर।
माई गवर्नमेंट ऑफ इंडिया ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पोस्ट पर लिखा, “योग की परिवर्तनकारी शक्ति का जश्न मनाएं। पीएम योग पुरस्कार 2025 योग के प्रचार और विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले व्यक्तियों और संगठनों को सम्मानित करता है। माई गवर्नमेंट ऑफ इंडिया पर योग्य उम्मीदवार आवेदन करें।”योग प्राचीन भारतीय परंपरा का एक अमूल्य उपहार है, जो न केवल भारत, बल्कि पूरे विश्व में शारीरिक, मानसिक और आत्मिक स्वास्थ्य के लिए एक शक्तिशाली साधन के रूप में जाना जाता है। “योग” शब्द संस्कृत के युज से लिया गया है, जिसका अर्थ है “जुड़ना”, “जोड़ना” या “एकजुट होना”। यह शब्द मन और शरीर की एकता का प्रतीक है, जिसमें विचार और क्रिया, संयम और पूर्ति, मानव और प्रकृति के बीच सामंजस्य, तथा स्वास्थ्य और कल्याण के लिए एक समग्र दृष्टिकोण शामिल है।आयुष मंत्रालय के अनुसार ये पुरस्कार राष्ट्रीय व्यक्ति, राष्ट्रीय संगठन, अंतर्राष्ट्रीय व्यक्ति और अंतर्राष्ट्रीय संगठन श्रेणियों में प्रदान किए जाएंगे, जिसके तहत प्रत्येक विजेता को ट्रॉफी, प्रमाण पत्र और 25 लाख रुपये के नकद पुरस्कार से नवाजा जाएगा। पुरस्कार के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति की आयु 40 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए और योग के प्रचार में कम से कम 20 वर्षों का समर्पित अनुभव होना चाहिए। आवेदन और नामांकन MyGov प्लेटफॉर्म (https://innovateindia.mygov.in/pm-yoga-awards-2025/) के माध्यम से 31 मार्च, 2025 तक या उससे पहले जमा किए जा सकते हैं।यह लिंक आयुष मंत्रालय की वेबसाइट और इसके स्वायत्त निकायों की वेबसाइटों पर भी उपलब्ध हैं। संस्थाएं सीधे आवेदन कर सकती हैं या किसी प्रमुख योग संगठन द्वारा नामांकित हो सकती हैं। प्रत्येक आवेदक/नामांकित व्यक्ति प्रति वर्ष केवल एक श्रेणी (राष्ट्रीय या अंतर्राष्ट्रीय) के लिए आवेदन कर सकता है।इन पुरस्कारों का उद्देश्य उन योगदानों को सराहना है जो योग को वैश्विक स्तर पर एक समृद्ध और प्रभावशाली जीवनशैली के रूप में स्थापित करने में सहायक रहे हैं। यह पुरस्कार उन लोगों को प्रोत्साहित करेगा जो योग के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था,” यह पुरस्कार योग के प्रति समर्पण और इसके माध्यम से शारीरिक, मानसिक और आत्मिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए किए गए अथक प्रयासों को सम्मानित करने का एक महत्वपूर्ण कदम है।” उन्होंने यह भी कहा कि योग न केवल भारत में बल्कि दुनिया भर में लोगों को स्वास्थ्य और शांति की दिशा में एक नया रास्ता दिखा रहा है।दरअसल, योग की सार्वभौमिक अपील को मान्यता देते हुए 11 दिसंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने एक ऐतिहासिक प्रस्ताव (संकल्प 69/131) पारित किया, जिसमें 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में घोषित किया गया। इस प्रस्ताव का उद्देश्य दुनिया भर में योग के लाभों को फैलाना और इसकी प्राचीन परंपरा को संजीवनी शक्ति के रूप में सम्मानित करना था। -
नई दिल्ली। पंचायती राज राज्य मंत्री प्रोफेसर एस. पी. सिंह बघेल तथा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने आज बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित एक राष्ट्रीय सम्मेलन में पंचायती राज मंत्रालय की आदर्श महिला हितैषी ग्राम पंचायत पहल की शुरुआत की।
इसका उद्देश्य प्रत्येक जिले में कम से कम एक आदर्श महिला हितैषी ग्राम पंचायत की स्थापना करनायह पहल मंत्रालय के अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2025 समारोह का एक हिस्सा है। इसका उद्देश्य प्रत्येक जिले में कम से कम एक आदर्श महिला हितैषी ग्राम पंचायत की स्थापना करना है। इस कार्यक्रम में विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।ग्रामीण शासन पर स्थायी प्रभाव पड़ने की उम्मीदइसका ग्रामीण शासन पर स्थायी प्रभाव पड़ने की उम्मीद है, जिससे देशभर की ग्राम पंचायतों में महिलाओं और लड़कियों के लिए सुरक्षा, समावेशिता और लैंगिक समानता सुनिश्चित होगी।विकसित पंचायतों के माध्यम से विकसित भारत के लक्ष्य में मिलेगा योगदानबताना चाहेंगे ये आदर्श पंचायतें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सुरक्षित, अधिक समावेशी और सामाजिक रूप से न्यायपूर्ण ग्राम पंचायत बनाने के दृष्टिकोण का उदाहरण होंगी, जो विकसित पंचायतों के माध्यम से विकसित भारत को प्राप्त करने के बड़े लक्ष्य में योगदान देंगी। राष्ट्रीय सम्मेलन के बाद मंत्रालय 8 मार्च 2025 को राष्ट्रव्यापी महिला ग्राम सभाओं का आयोजन भी करेगा, जो अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आदर्श महिला-हितैषी ग्राम पंचायत पहल के जमीनी स्तर पर शुभारंभ का प्रतीक होगा। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने बुधवार को उत्तराखंड में गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब जी तक 12.4 किलोमीटर रोपवे परियोजना के निर्माण को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना पर 2,730.13 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
यह प्रतिदिन 11,000 यात्रियों को ले जाएगाआधिकारिक बयान के अनुसार रोपवे को सार्वजनिक-निजी भागीदारी में विकसित करने की योजना है। यह गोविंदघाट से घांघरिया (10.55 किमी) तक मोनोकेबल डिटैचेबल गोंडोला (एमडीजी) पर आधारित होगा, जिसे घांघरिया से हेमकुंड साहिब जी (1.85 किमी) तक सबसे उन्नत ट्राइकेबल डिटैचेबल गोंडोला (3 एस) तकनीक से जोड़ा जाएगा, इसका डिजाइन इस तरीके से तैयार किया जाएगा जिससे इसकी क्षमता प्रति घंटे प्रति दिशा 1,100 यात्री (पीपीएचपीडी) होगी और यह प्रतिदिन 11,000 यात्रियों को ले जाएगा।हेमकुंड साहिब जी एक अत्यंत श्रद्धेय तीर्थ स्थलहेमकुंड साहिब जी उत्तराखंड राज्य के चमोली जिले में 15,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित एक अत्यंत श्रद्धेय तीर्थ स्थल है। इस पवित्र स्थल पर स्थापित गुरुद्वारा मई से सितम्बर के बीच साल में लगभग 5 महीने के लिए खुला रहता है और हर साल लगभग 1.5 से 2 लाख तीर्थयात्री यहां आते हैं।वहीं, हेमकुंड साहिब जी की यात्रा फूलों की प्रसिद्ध घाटी के प्रवेश द्वार के रूप में भी काम करती है, जो प्राचीन गढ़वाल हिमालय में स्थित एक राष्ट्रीय उद्यान है जिसे यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त है।गोविंदघाट से 21 किलोमीटर की चुनौतीपूर्ण चढ़ाईवर्तमान में हेमकुंड साहिब जी की यात्रा गोविंदघाट से 21 किलोमीटर की चुनौतीपूर्ण चढ़ाई है और इसे पैदल या टट्टू या पालकी द्वारा पूरा किया जाता है। वहीं, रोपवे परियोजना का विकास संतुलित सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देने, तीर्थयात्रियों के लिए अंतिम मील तक कनेक्टिविटी बढ़ाने और क्षेत्र के तीव्र आर्थिक विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।फूलों की घाटी में आने वाले पर्यटकों को मिलेगी सुविधागौरतलब हो, प्रस्तावित रोपवे की योजना हेमकुंड साहिब जी के दर्शन करने वाले तीर्थयात्रियों और फूलों की घाटी में आने वाले पर्यटकों को सुविधा प्रदान करने के लिए बनाई गई है और यह गोविंदघाट और हेमकुंड साहिब जी के बीच हर मौसम में अंतिम मील की कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगी।रोपवे परियोजना निर्माण और परिचालन के दौरान और साथ ही पूरे वर्ष आतिथ्य, यात्रा, खाद्य और पेय (एफ एंड बी) और पर्यटन जैसे संबद्ध पर्यटन उद्योगों में रोजगार के पर्याप्त अवसर पैदा करेगी। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण कार्यक्रम (एलएचडीसीपी) के संशोधन को मंजूरी प्रदान की गई।इस योजना के तीन घटक हैं, जिसमें राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम (एनएडीसीपी), एलएचएंडडीसी और पशु औषधि शामिल है।
एलएचएंडडीसी के भी तीन उप-घटक हैं, जिसमें गंभीर पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम (सीएडीसीपी), मौजूदा पशु चिकि त्सा अस्पतालों और औषधालयों की स्थापना और सुदृढ़ीकरण – मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई (ईएसवीएचडी-एमवीयू) और पशु रोगों के नियंत्रण के लिए राज्यों को सहायता (एएससीएडी) शामिल है। पशु औषधि एलएचडीसीपी योजना में जोड़ा गया नया घटक है।केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंत्रिमंडल की बैठक में किए गए निर्णय की जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना पर कुल परिव्यय दो वर्षों अर्थात 2024-25 और 2025-26 के लिए 3,880 करोड़ रुपये है। इसमें पशु औषधि घटक के तहत अच्छी गुणवत्ता और सस्ती जेनेरिक पशु चिकित्सा दवा उपलब्ध कराने और दवाओं की बिक्री हेतु प्रोत्साहन के लिए 75 करोड़ रुपये का प्रावधान शामिल है।खुरपका-मुंहपका रोग (एफएमडी), ब्रुसेलोसिस, पेस्ट डेस पेटिट्स रूमिनेंट्स (पीपीआर), सेरेब्रोस्पाइनल फ्लूइड (सीएसएफ), लम्पी स्किन डिजीज आदि बीमारियों के कारण पशुधन की उत्पादकता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। एलएचडीसीपी के कार्यान्वयन से टीकाकरण के माध्यम से बीमारियों की रोकथाम करके इन नुकसानों को कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि यह योजना मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों (ईएसवीएचडी-एमवीयू) के उप-घटकों के माध्यम से पशुधन स्वास्थ्य देखभाल की डोर-स्टेप डिलीवरी और पीएम-किसान समृद्धि केंद्र और सहकारी समितियों के नेटवर्क के माध्यम से जेनेरिक पशु चिकित्सा दवा- पशु औषधि की उपलब्धता में सुधार का भी समर्थन करती है।इस प्रकार यह योजना टीकाकरण, निगरानी और स्वास्थ्य सुविधाओं के उन्नयन के माध्यम से पशुधन रोगों की रोकथाम और नियंत्रण में मदद करेगी। साथ ही, यह योजना उत्पादकता में सुधार करेगी, रोजगार पैदा करेगी, ग्रामीण क्षेत्र में उद्यमशीलता को प्रोत्साहित करेगी और बीमारी के बोझ के कारण किसानों को होने वाले आर्थिक नुकसान को रोकेगी। -
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को उत्तराखंड में सोनप्रयाग से केदारनाथ तक 12.9 किमी रोपवे परियोजना के निर्माण को मंजूरी दे दी है। केदारनाथ 12 पवित्र ज्योतिर्लिंगों में से एक है जो रुद्रप्रयाग जिले में 3,583 मीटर (11968 फीट) की ऊंचाई पर स्थित है। यह मंदिर साल में अक्षय तृतीया (अप्रैल-मई) से दीपावली (अक्टूबर-नवंबर) तक लगभग 6 से 7 महीने तीर्थयात्रियों के लिए खुला रहता है और इस मौसम के दौरान सालाना लगभग 20 लाख तीर्थयात्री यहां आते हैं।
इस प्रोजेक्ट को 4,081.28 करोड़ रुपए की कुल पूंजी लागत पर विकसित किया जाएगा। रोपवे को सार्वजनिक-निजी भागीदारी में विकसित करने की योजना है और यह सबसे उन्नत ट्राई-केबल डिटेचेबल गोंडोला (3एस) तकनीक पर आधारित होगा। इसकी डिजाइन क्षमता 1,800 यात्री प्रति घंटे प्रति दिशा (पीपीएचपीडी) होगी, जो प्रति दिन 18,000 यात्रियों को ले जाएगी।केदारनाथ मंदिर तक की यात्रा गौरीकुंड से 16 किमी की चुनौतीपूर्ण चढ़ाई है और वर्तमान में इसे पैदल या टट्टू, पालकी और हेलीकॉप्टर द्वारा तय किया जाता है।प्रस्तावित रोपवे की योजना मंदिर में आने वाले तीर्थयात्रियों को सुविधा प्रदान करने और सोनप्रयाग तथा केदारनाथ के बीच हर मौसम में कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई है।रोपवे परियोजना केदारनाथ आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए वरदान होगी क्योंकि यह पर्यावरण-अनुकूल, आरामदायक और तेज़ कनेक्टिविटी प्रदान करेगी और एक दिशा में यात्रा का समय लगभग 8 से 9 घंटे से घटाकर लगभग 36 मिनट कर देगी।रोपवे परियोजना निर्माण और संचालन के साथ-साथ आतिथ्य, यात्रा, खाद्य और पेय पदार्थ (एफ एंड बी) और पर्यटन जैसे संबद्ध पर्यटन उद्योगों में पूरे वर्ष रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराएगी।यह रोपवे प्रोजेक्ट पहाड़ी क्षेत्रों में लास्ट मील कनेक्टिविटी को बढ़ाने और तेजी से आर्थिक विकास को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। -
इंदौर. मध्यप्रदेश के इंदौर में ‘‘डिजिटल अरेस्ट'' के नाम पर ठग गिरोह ने एक सेवानिवृत्त प्रोफेसर को जाल में फंसाया और उसे 33 लाख रुपये का चूना लगा दिया। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। "डिजिटल अरेस्ट" साइबर ठगी का नया तरीका है। ऐसे मामलों में ठग खुद को कानून प्रवर्तन अधिकारी बताकर लोगों को ऑडियो या वीडियो कॉल करके धमकाते हैं और उन्हें पूछताछ के नाम पर डिजिटल रूप से बंधक बना लेते हैं। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजेश दंडोतिया ने बताया कि ठग गिरोह के एक सदस्य ने शहर के एक सेवानिवृत्त प्रोफेसर को वीडियो कॉल किया और अपना परिचय दिल्ली पुलिस की साइबर अपराध शाखा के अधिकारी के रूप में दिया। उन्होंने बताया कि ठग ने सेवानिवृत्त प्रोफेसर से कहा कि उसका आधार कार्ड ऐसे कई बैंक खातों से जुड़ा पाया गया है, जिनका इस्तेमाल करोड़ों रुपये के धनशोधन में किया गया है। दंडोतिया ने बताया कि ठग ने वीडियो कॉल पर सेवानिवृत्त प्रोफेसर को ‘‘डिजिटल अरेस्ट'' किए जाने का झांसा दिया और फर्जी पूछताछ के दौरान उसे धमकाकर अलग-अलग निर्देश देता रहा। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त ने बताया कि घबराया बुजुर्ग ठग के निर्देश मानता रहा और उसने अपनी जमा-पूंजी के 33 लाख रुपये उसके बताए अलग-अलग बैंक खातों में भेज दिए। दंडोतिया के मुताबिक, ‘‘पुलिस ने पीड़ित व्यक्ति की शिकायत पर उसे 26.45 लाख रुपये वापस दिलाए हैं। इस रकम से उसने पुणे में अपना लिवर प्रत्यारोपण कराया है।'' अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त ने बताया कि सेवानिवृत्त प्रोफेसर से ठगी में इस्तेमाल 49 बैंक खातों से लेन-देन पर रोक लगा दी गई है और उसे बाकी रकम वापस दिलाने की कोशिश की जा रही है।
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नयी दिल्ली. लोकसभा सांसद के निजी सचिव अपने रेल टिकट की स्थिति की जानकारी के दौरान साइबर ठगों का शिकार बन गए जिन्होंने उन्हें एक लाख रुपये की चपत लगा दी। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार निजी सचिव ने जिस हेल्पलाइन नंबर पर फोन किया था वह फर्जी था।
पुलिस ने बताया कि घटना चार जनवरी को हुई थी जिसमें लुटियन दिल्ली निवासी पीड़ित अपनी बेटी के लिए ट्रेन टिकट 'बुक' करने की कोशिश करते समय साइबर धोखाधड़ी का शिकार हुए और उन्हें 1,28,202 लाख रुपये की चपत लगी। पुलिस के अनुसार निजी सचिव एक मोबाइल ऐप के जरिये चेन्नई से तमिलाडु के कुंभकोणम के लिए ट्रेन टिकट आरक्षित करने का प्रयास कर रहे थे। पुलिस ने कहा कि पीड़ित ने शिकायत में दावा किया कि उन्होंने टिकट के लिए भुगतान तो कर दिया लेकिन टिकट नहीं मिला। भुगतान के बाद उन्होंने मोबाइल पर ऑनलाइन हेल्पलाइन नंबर खोजा और पूछताछ के लिए फोन किया। पुलिस ने बताया कि इसके बाद जालसाजों ने उनके बैंक खातों से तीन बार रकम आहरित कर ली।
पुलिस ने कहा कि जब निजी सचिव को अहसास हुआ कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है तो उन्होंने तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद शिकायत को जांच के लिए नयी दिल्ली स्थित साइबर पुलिस थाने को भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि निजी सचिव ने पांच जनवरी को औपचारिक रूप से लिखित शिकायत दी, जिसके बाद मामले की जांच की गई। प्रारंभिक जांच के बाद साइबर पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। -
नयी दिल्ली. भारतीय परिवारों में चुपके से एक ऐसी बीमारी तेजी से अपने पैर पसार रही है, जिसे सामान्यतः लोग नजर अंदाज कर देते हैं या इसे लेकर 'खाते-पीते घर का' जैसी शेखी बघारते हैं। यह बीमारी है मोटापा (ओबेसिटी)। चिकित्सकों के अनुसार मोटापा महज एक रोग नहीं, बल्कि हृदय रोग, रक्तचाप, हाइपरटेंशन, टाइप-टू मधुमेह जैसी कई बीमारियों की जड़ है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस)-5 (2019-21) के अनुसार , 24 प्रतिशत भारतीय महिलाएं और 23 प्रतिशत भारतीय पुरुष अधिक वजन या मोटापे से ग्रस्त हैं। एनएफएचएस-5 के अनुसार दिल्ली-एनसीआर में 80.7 प्रतिशत लोग मोटापे के शिकार हैं, लेकिन 78.5 प्रतिशत लोग अब भी खुद को सामान्य वजन वाला मानते हैं। विश्व मोटापा दिवस पर "भाषा'' से विशेष बातचीत में मिनिमल एक्सेस स्मार्ट सर्जरी हॉस्पिटल (मैश) के सर्जन डॉ. सचिन अंबेकर ने कहा, '' मोटापा केवल एक सौंदर्य से जुड़ी समस्या नहीं है, बल्कि गंभीर चिकित्सकीय स्थिति है,क्योंकि यह (मोटापा) केवल शरीर की बनावट को प्रभावित नहीं करता है, बल्कि इसका बीमारियों से रिश्ता 'आग और घी' जैसा है।'' मोटापा कम करने में कारगर मिनिमल एक्सेस सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. अंबेकर ने कहा, ''मोटापा न केवल हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर, टाइप-2 मधुमेह, बांझपन और ऑस्टियोआर्थराइटिस जैसी बीमारियों का कारण बन सकता है, बल्कि इससे स्तन, पेट, कोलन और किडनी कैंसर का खतरा भी बढ़ जाता है। यह मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर डालता है, जिससे तनाव और एंग्जायटी (उद्विग्नता) जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।'' अंबेकर ने कहा कि भारत में मोटापे की दर कोविड-19 महामारी के बाद तेज़ी से बढ़ी है और इसका सबसे बड़ा कारण इस दौरान मोबाइल, लैपटॉप और टीवी पर बढ़ा 'स्क्रीन' टाइम और एक क्लिक पर घर पर उपलब्ध 'फूड' जैसे जीवन शैली से जुड़े बदलाव हैं। तनाव और नींद की कमी भी इन कारणों में शामिल हैं। डॉ. अंबेकर ने कहा कि ओवरवेट (अधिक वजन) ओबेसिटी (मोटापे) का पहला चरण है। अगर इसी अवस्था में व्यक्ति सजग हो जाए तो वह खुद को मोटापे की चपेट में आने से बचा सकता है। इसके लिए जरूरी है कि वह अपने बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) पर नजर रखे। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के दिशानिर्देशों के अनुसार सामान्य बीएमआई 18.5 और 24.9 के बीच होती है। बीएमआई की गणना किसी व्यक्ति के किलोग्राम में वजन को मीटर वर्ग में उसकी ऊंचाई (किलोग्राम/मी²) से विभाजित करके की जाती है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश की पूर्व कैंसर आहार विशेषज्ञ डॉ. अनु अग्रवाल ने कहा कि मोटापा जीवनशैली से जुड़ा रोग है जिससे छोटे-छोटे उपायों को दैनिक जीवन में अपनाकर बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि इन उपायों में संतुलित और समय पर भोजन और दैनिक व्यायाम सबसे उपयोगी हैं। डॉ अग्रवाल ने कहा, ''सुबह का नाश्ता, दोपहर और रात के भोजन का समय निर्धारित करें और इनके बीच कभी भी चार से पांच घंटे से अधिक का अंतराल नहीं होना चाहिए।'' उन्होंने कहा कि सुबह का नाश्ता जरूर करना चाहिए क्योंकि जब हम इसे 'स्किप' करते हैं तो दोपहर में अधिक खाते हैं जो वजन बढ़ने का कारण बनता हैं। डॉ. अग्रवाल ने कहा, '' भोजन में जंकफूड और प्रोस्सेड फूड के बजाय पारंपरिक भोजन दाल, सब्जी, चपाती और चावल लेना चाहिए। श्रीअन्न रागी, ज्वार और बाजारा को अपने अहार में शामिल करना चाहिए।'' डॉ. अग्रवाल ने कहा कि मोटापे से बचने के लिए खुद को शारीरिक रूप से सक्रिय बनाये रखना बेहद जरूरी है और इसके लिए प्रतिदिन 30 मिनट व्यायाम या कम से कम 10 हजार कदम चलें। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी हाल में 'मन की बात' कार्यक्रम में देश में मोटापा की बढ़ती समस्या पर चिंता जताते हुए इस चुनौती से निपटने के लिए जीवनशैली में बदलाव पर जोर दिया था। प्रधानमंत्री ने कहा था कि खाद्य तेल के उपभोग में 10 फीसदी की कटौती जैसे छोटे-छोटे प्रयास बेहद कारगर हो सकते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने भोजन में तेल में 10 फीसदी की कमी को लेकर एक अभियान की शुरुआत करते हुए उद्योगपति आनंद महिंद्रा, ओलंपियन मनु भाकर और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला समेत दस लोगों को 'चैलेंज' भी दिया।
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कोलकाता. कोलकाता के कस्बा इलाके में मंगलवार को एक बच्चे समेत एक परिवार के तीन सदस्य अपने घर में मृत पाए गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मृतकों की पहचान सोमनाथ रॉय (40), उनकी पत्नी सुमित्रा (35) और उनके ढाई साल के बेटे रुद्रनील के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि घर से कथित तौर पर रॉय द्वारा लिखा गया एक नोट बरामद किया गया है, लेकिन इसकी सामग्री का खुलासा अभी नहीं किया गया है। अधिकारी ने बताया कि रॉय और उनकी पत्नी फंदे से लटके मिले, जबकि नाबालिग का शव उसके पिता से बंधा हुआ मिला। पुलिस ने बताया कि सोमनाथ ऑटो-रिक्शा चालक था और उसका परिवार हल्टू पुरबा पल्ली इलाके में एक मकान में रहता था। स्थानीय लोगों द्वारा सूचना दिए जाने पर कस्बा थाने की एक टीम मौके पर पहुंची और शवों को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अधिकारी ने कहा, "शुरुआती जांच से पता चलता है कि यह आत्महत्या का मामला है, जो संभवतः आर्थिक तंगी के कारण की गई है। हालांकि, हम अन्य आशंकाओं से भी इनकार नहीं कर रहे हैं। हम मृतक के परिवार के सदस्यों और पड़ोसियों से बात कर रहे हैं। जांच जारी है।" परिवार के एक रिश्तेदार ने दावा किया कि रॉय का संपत्ति विवाद चल रहा था।
उन्होंने कहा कि जांचकर्ता इस बात की तफ्तीश कर रहे हैं कि क्या संपत्ति विवाद का इन मौतों से कोई संबंध है। यह घटना कोलकाता के तंगरा इलाके में एक परिवार के तीन सदस्यों के 19 फरवरी को अपने घर में मृत पाए जाने के कुछ सप्ताह बाद सामने आई है। -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को भारतीय उद्योग जगत से ऐसे समय में वैश्विक अवसरों का लाभ लेने के लिए ‘बड़े कदम' उठाने का आह्वान किया, जब दुनिया भारत को एक भरोसेमंद साझेदार के रूप में देख रही है। उन्होंने कहा कि सरकार विनिर्माण और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए दो मिशन शुरू करेगी। नियामकीय, निवेश और कारोबारी सुगमता के सुधारों पर बजट-बाद वेबिनार को संबोधित करते हुए मोदी ने उद्योग जगत से ऐसे नए उत्पादों की पहचान करने को कहा, जिनका विनिर्माण देश में किया जा सके और वैश्विक मांग को पूरा किया जा सके। मोदी ने उद्योग जगत से कहा, “हमारा देश ये करने में सक्षम है, आप सभी (उद्योग जगत) सक्षम हैं, ये हमारे लिए बहुत बड़ा अवसर है। मैं चाहता हूं कि हमारा उद्योग जगत दुनिया की इन अपेक्षाओं को सिर्फ दर्शक बनकर न देखे। हम दर्शक बनकर नहीं रह सकते, आपको इसमें अपनी भूमिका तलाशनी होगी, आपको अपने लिए अवसर तलाशने होंगे।” प्रधानमंत्री ने देशभर में छह करोड़ से अधिक सूक्ष्म, लघु और मझोली इकाइयों को समय पर और कम लागत वाले धन तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए ऋण वितरण के नए तरीके विकसित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि पहली बार उद्यम शुरू कर रही पांच लाख महिलाओं, अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के उद्यमियों को दो करोड़ रुपये तक का कर्ज दिया जाएगा। मोदी ने कहा, “आज भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए वृद्धि का इंजन है। भारत ने कठिन समय में भी अपनी जुझारू क्षमता साबित की है... आज हर देश भारत के साथ अपनी आर्थिक साझेदारी को मजबूत करना चाहता है। हमारे विनिर्माण क्षेत्र को इस साझेदारी का लाभ उठाना चाहिए।” प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार की निरंतरता और सुधारों के प्रति भरोसे के कारण उद्योग जगत को नया आत्मविश्वास मिला है। मोदी ने कहा, “मैं विनिर्माण और निर्यात क्षेत्र के हितधारकों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि आने वाले वर्षों में भी यह जारी रहेगा। मैं आपसे आग्रह करता हूं कि आप आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें और बड़े कदम उठाएं। देश के विनिर्माण और निर्यात क्षेत्र के लिए नए रास्ते खुले हैं।” प्रधानमंत्री ने कहा कि एमएसएमई को न केवल कर्ज, बल्कि मार्गदर्शन की भी जरूरत है। उन्होंने सुझाव दिया कि उद्योगों को उनके समर्थन के लिए मार्गदर्शन कार्यक्रम शुरू करने चाहिए। मोदी ने कहा कि किसी भी देश की प्रगति के लिए स्थिर नीति और बेहतर कारोबारी माहौल महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सरकार ने केंद्र और राज्य स्तर पर 40,000 से अधिक अनुपालन समाप्त कर दिए हैं और जन विश्वास 2.0 विधेयक पर काम कर रही है। मोदी ने कहा, “हम जन विश्वास 2.0 विधेयक पर काम कर रहे हैं। हमने गैर-वित्तीय क्षेत्र के नियमों की समीक्षा के लिए एक समिति गठित करने का निर्णय लिया है। हमारा प्रयास उन्हें आधुनिक, मजबूत, लोगों के अनुकूल और विश्वास आधारित बनाना है।” उन्होंने कहा कि सरकार विनिर्माण और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए दो मिशन शुरू करेगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि बेहतर प्रौद्योगिकी और गुणवत्तापूर्ण उत्पादों पर ध्यान केन्द्रित किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी हितधारकों से वैश्विक स्तर पर मांग वाले नए उत्पादों की पहचान करने का आग्रह किया, जिन्हें भारत में बनाया जा सके। उन्होंने हितधारकों को निर्यात क्षमता वाले देशों से रणनीतिक रूप से संपर्क करने के लिए प्रोत्साहित किया। प्रधानमंत्री ने कहा, “दुनिया इस समय राजनीतिक अनिश्चितता का सामना कर रही है और पूरा विश्व भारत को वृद्धि केंद्र के रूप में देख रहा है।” उन्होंने कहा कि कोविड महामारी संकट के दौरान, जब वैश्विक अर्थव्यवस्था सुस्त हो गई, उस समय भारत ने वैश्विक वृद्धि को गति दी। मोदी ने कहा कि अगले वित्त वर्ष (2025-26) के बजट में एमएसएमई की परिभाषा को और विस्तृत किया गया है ताकि निरंतर वृद्धि में उनका विश्वास पैदा हो सके। इससे युवाओं के लिए रोजगार के अधिक अवसर पैदा होंगे। हालांकि, एमएसएमई के सामने सबसे बड़ी समस्या ऋण प्राप्त करने में कठिनाई थी। उन्होंने कहा कि 10 साल पहले एमएसएमई को लगभग 12 लाख करोड़ रुपये का ऋण मिला था, जो अब बढ़कर लगभग 30 लाख करोड़ रुपये हो गया है। -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को वन्यजीव संरक्षण, बचाव और पुनर्वास की अनूठी पहल ‘वनतारा' की सराहना करते हुए लोगों से जानवरों के प्रति दया का भाव रखने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने रविवार को गुजरात के जामनगर जिले में पशु बचाव, संरक्षण और पुनर्वास केंद्र वनतारा का दौरा किया था करीब 3,000 एकड़ क्षेत्र में फैला वनतारा, रिलायंस इंडस्ट्रीज के जामनगर रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स में स्थित है। यह हाथियों और वन्यजीवों के कल्याण के लिए समर्पित एक बचाव केंद्र है, जो दुर्व्यवहार और शोषण से बचाए गए जानवरों को अभयारण्य, पुनर्वास और चिकित्सा देखभाल प्रदान करता है। मोदी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘वनतारा नामक एक अनूठी वन्यजीव संरक्षण, बचाव और पुनर्वास पहल का उद्घाटन किया, जो पारिस्थितिकी स्थिरता और वन्यजीव कल्याण को बढ़ावा देते हुए जीव-जन्तुओं के लिए एक सुरक्षित पर्यावास प्रदान करती है।'' उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस अत्यंत सहानुभूतिशील प्रयास के लिए अनंत अंबानी और उनकी पूरी टीम की सराहना करता हूं। वनतारा जैसा प्रयास वाकई सराहनीय है, यह हमारे सदियों पुराने लोकाचार का जीवंत उदाहरण है कि हम उन जीव-जन्तुओं की भी रक्षा करते हैं, जो इस पृथ्वी पर हमारे साथ रहते हैं।'' मोदी ने कहा कि वनतारा में उन्होंने एक हाथी को देखा, जो तेजाब हमले का शिकार हुआ था।
उन्होंने कहा, ‘‘हाथी का बेहद सावधानी से इलाज किया जा रहा था। अन्य हाथी भी थे, जिन्हें अंधा कर दिया गया था और वह भी, विडंबना यह है कि उनके महावत द्वारा। एक अन्य हाथी को तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी थी। यह एक महत्वपूर्ण सवाल को रेखांकित करता है कि लोग इतने लापरवाह और क्रूर कैसे हो सकते हैं?'' उन्होंने कहा, ‘‘आइए हम इस तरह की गैरजिम्मेदारी को खत्म करें और जानवरों के प्रति दया पर ध्यान दे।
मोदी ने कहा कि एक वाहन की चपेट में आने के बाद एक शेरनी को रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट आई थी।
उन्होंने कहा, ‘‘उसे उचित देखभाल मिल रही थी। अपने परिवार द्वारा छोड़े गए तेंदुए के शावक को उचित पोषण देखभाल के साथ नया जीवन मिला है। मैं वनतारा की टीम को ऐसे कई जानवरों की देखभाल के लिए बधाई देता हूं।'' वनतारा 2,000 से अधिक प्रजातियों और 1.5 लाख से अधिक बचाए गए, लुप्तप्राय और खतरे वाले जानवरों का घर है। मोदी ने केंद्र में विभिन्न सुविधाओं का पता लगाया और वहां पुनर्वास किए गए जानवरों की विभिन्न प्रजातियों के साथ समय बिताया। प्रधानमंत्री ने अपने इस दौरे से जुड़ी कई तस्वीरें भी साझा कीं। -
भोपाल. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने मंगलवार को कहा कि भारत ही एकमात्र ध्रुव तारा है जो विश्व में हो रहे सामाजिक, सांस्कृतिक और वैचारिक परिवर्तनों को सही दिशा दे सकता है। उन्होंने ऐसे समाज के निर्माण का आह्वान भी किया जो केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित न हो, बल्कि मानवता, करुणा और सत्य जैसे मूलभूत सिद्धांतों पर आधारित हो। भागवत यहां शारदा विहार स्थित सरस्वती विद्या मंदिर आवासीय विद्यालय में आरएसएस की शैक्षणिक शाखा विद्या भारती शिक्षा संस्थान के पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं के पांच दिवसीय प्रशिक्षण के उद्घाटन के अवसर पर बोल रहे थे। एक विज्ञप्ति में भागवत के हवाले से कहा गया, ‘‘विश्व में हो रहे सामाजिक, सांस्कृतिक और वैचारिक परिवर्तनों को भारत की सनातन परंपरा के आलोक में दिशा देने की जरूरत है और आज जब वैश्विक परिदृश्य में कई विकृतियां उभर रही हैं, तो भारत ही एकमात्र ध्रुव तारा है जो सही दिशा दे सकता है।'' उन्होंने कहा, ‘‘इसके लिए समाज और राष्ट्र के सर्वांगीण विकास के लिए भारतीय परंपराओं पर आधारित शिक्षा, संस्कृति और नीति-निर्माण को बढ़ावा देना आवश्यक है।'' भागवत ने समाज में नैतिक और सांस्कृतिक मूल्यों को पुनर्स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘हमें केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि मानवता, करुणा और सत्य जैसे मूलभूत सिद्धांतों पर आधारित समाज का निर्माण करना चाहिए।'' आरएसएस प्रमुख ने कहा कि आने वाले समय में भारत को एक आदर्श सामाजिक मॉडल के रूप में प्रस्तुत करना होगा, जो पूरे विश्व को शांति और सद्भाव की ओर ले जाने में सक्षम हो। विद्या भारती की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि इसके द्वारा किए जा रहे कार्यों को वैश्विक स्तर पर देखा जा रहा है और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने भी इसकी व्यापकता को स्वीकार किया है। उन्होंने कहा, ‘‘इससे यह साबित होता है कि संघ और उसके सहयोगी संगठनों का काम केवल भारत तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसका वैश्विक महत्व भी है।'' आरएसएस प्रमुख ने सभी कार्यकर्ताओं से अपने विचारों और कार्यों के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निरंतर काम करने का आह्वान भी किया। उन्होंने पंच परिवर्तन, विमर्श परिवर्तन और सज्जन शक्ति जागरण को संघ के आगामी कार्यक्रमों का अहम हिस्सा बताया। इस अवसर पर सह-सरकार्यवाह डॉ कृष्ण गोपाल, विद्या भारती के अध्यक्ष डी रामकृष्ण राव, महासचिव अवनीश भटनागर सहित आरएसएस के कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे। - प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज शहर में एक प्राचीन शिव मंदिर है, जहां देश के विभन्न कोनों से आए श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं की पूर्ती के लिए फूल, प्रसाद और ताले चढ़ाते हैं। मनोकामना पूरी होने पर श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर ताला खोलते हैं और उसे अपने साथ घर ले जाते हैं। शहर के बीचोंबीच मुट्ठीगंज इलाके की एक संकरी गली में स्थित हैं ‘श्री नाथेश्वर महादेव मंदिर' , जहां स्थापित देवता को ‘ताले वाले महादेव' के नाम से जाना जाता है। मेले के दौरान देश-दुनिया से आए कई तीर्थयात्रियों और कुछ पुलिसकर्मियों ने भी मंदिर में ताला लगाकर मन्नत मांगी। मंदिर कक्ष के अंदर-बाहर की दीवारों, रॉड और रेलिंग पर चमकदार तालों की कतारें दिखाई देती हैं, जिनमें से कई पर नाम उकेरे हुए हैं, जबकि कई को पहचान के लिए अलग-अलग रंगों से रंगा गया है। गर्भगृह में स्थापित शिवलिंग इन तालों का दिव्य संरक्षक प्रतीत होता है। श्री नाथेश्वर महादेव मंदिर में लगाए गए मन्नत वाले तालों की कोई आधिकारिक गणना उपलब्ध नहीं है, लेकिन मंदिर के महंत शिवम मिश्र का कहना है कि वहां लगभग “50,000 ताले” होंगे। मिश्र ने ‘ कहा, “भारत का शायद ही ऐसा कोई राज्य होगा, जहां के किसी श्रद्धालु ने इस मंदिर में मन्नत वाला ताला न लगाया हो। रोजाना औसतन 100 से 150 ताले लटकाए जाते हैं।” मिश्र ने दावा किया कि थाईलैंड और ब्रिटेन के एक-एक श्रद्धालु ने भी श्री नाथेश्वर महादेव मंदिर में मन्नत वाला ताला लगाया है। उन्होंने कहा, “मंदिर बहुत प्राचीन है और इसके गर्भगृह की पिछली दीवार पर एक पट्टिका पर बहुत पुराना शिलालेख भी अंकित है। हमें नहीं पता कि इस मंदिर का निर्माण कब हुआ था। इसलिए मैं उत्तर प्रदेश सरकार से अपील करता हूं कि वह इसके पत्थरों का पुरातात्विक अध्ययन कराए।” श्री नाथेश्वर महादेव मंदिर पवित्र ‘त्रिवेणी संगम' से लगभग छह किलोमीटर दूर है, जहां गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती नदी मिलती हैं।महंत मिश्र के मुताबिक, “2020 में यह मंदिर अच्छी स्थिति में नहीं था। फिर भगवान की कृपा और अनेक गुरुओं के मार्गदर्शन से इसके जीर्णोद्धार का काम शुरू हुआ।” उन्होंने बताया कि 26 फरवरी को महाकुंभ मेले के आखिरी स्नान पर्व महाशिवरात्रि के मौके पर मंदिर में भव्य ‘रुद्राभिषेक' और ‘महा-आरती' का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। मिश्र के अनुसार, उन्होंने 2023 में मंदिर में मन्नत वाला “पहला ताला” लगाया था, जिसके बाद वहां ऐसे तालों की संख्या तेजी से बढ़ती गई और यह मंदिर ‘ताले वाले महादेव मंदिर' के रूप में पहचाना जाने लगा। उन्होंने दावा किया, “साधना के दौरान मुझे काठमांडू के पशुपति नाथ से यह दिव्य आदेश मिला था कि मैं मंदिर में पहला ताला लगाऊं और मैंने ऐसा ही किया। मैं हर साल पशुपति नाथ के दर्शन के लिए जाता हूं।” उन्होंने कहा कि वह हर महीने मंदिर में एक ताला लगाते हैं, लेकिन इससे कोई “मन्नत” नहीं जुड़ी हुई होती है। मिश्र के मुताबिक, 2023 में वहां केवल 150 ताले ही बचे थे। उन्होंने कहा कि मंदिर में तालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, जबकि कई ताले खुल चुके हैं, जिसका मतलब है कि मनोकामनाएं पूरी हुई हैं। महंत के अनुसार, मंदिर में मछली के आकार और भगवान गणेश के चित्र वाले ताले भी लगाए गए हैं।उन्होंने कहा, “कुछ ताले खुले हुए हैं, जिनमें चाबी भी लगी हुई है। ये ताले ‘मन्नत' के तौर पर नहीं लगाए जाते हैं, बल्कि बाबा को ‘शृंगार' के रूप में अर्पित किए जाते हैं।”
- नयी दिल्ली। केंद्रीय मंत्रियों ने मंगलवार को विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए महिला सशक्तीकरण की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि महिला प्रतिनिधियों को स्थानीय निकायों का नेतृत्व करने के लिए आत्मविश्वास और क्षमता निर्माण की पहलों की आवश्यकता है। केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने 'सशक्त पंचायत नेत्री अभियान' को संबोधित करते हुए शासन, आर्थिक विकास और सामाजिक विकास में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘लोकतंत्र की शुरुआत जमीनी स्तर पर पंचायतों से होती है। आप वहां से विजयी होकर उभरे हैं। चुनाव जितना छोटा होता है, उतना ही चुनौतीपूर्ण होता है।''मंत्री ने कहा, ‘‘महिला प्रतिनिधियों में आत्मविश्वास और क्षमता निर्माण पहलों की आवश्यकता है। जब उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा, तो जिस तरह महिलाएं अपने परिवारों का सफलतापूर्वक प्रबंधन करती हैं, उसी तरह वे पंचायतों का भी प्रभावी ढंग से नेतृत्व कर सकेंगी।'' ‘सशक्त पंचायत-नेत्री अभियान' एक रणनीतिक पहल है जिसका उद्देश्य पंचायती राज संस्थाओं की महिला निर्वाचित प्रतिनिधियों के लिए क्षमता निर्माण हस्तक्षेप को मजबूत करना है। यह उनकी नेतृत्व क्षमता को धार देने, उनकी निर्णय लेने की क्षमताओं को बढ़ाने और जमीनी स्तर पर शासन में उनकी भूमिका को मजबूत करने पर केंद्रित है। सिंह ने कहा कि महिला सशक्तीकरण के बिना 'विकसित भारत' और 'आत्मनिर्भर भारत' का लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, ‘‘बिहार जैसे कई राज्यों ने (पंचायती राज संस्थाओं में) महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया है। आज, बिहार में 54 प्रतिशत से अधिक महिलाएं प्रदान किए गए आरक्षण से परे सीट जीत रही हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘देश के 20 से अधिक राज्यों में स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण है। महिला सशक्तीकरण के बिना विकसित भारत असंभव है।'' उन्होंने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में रेखा गुप्ता का चुनाव यह संदेश देता है कि महिलाएं राज्यों के साथ-साथ देश का नेतृत्व भी कर सकती हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि महिला सशक्तीकरण का मतलब सिर्फ समानता नहीं है, बल्कि यह आर्थिक, सामाजिक और प्रशासनिक प्रगति में एक महत्वपूर्ण कारक है। महिला सशक्तीकरण को सिर्फ नारा नहीं बल्कि इस सरकार की विचारधारा बताते हुए उन्होंने कहा, ‘‘हम हर क्षेत्र में महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। महिलाओं के नेतृत्व में विकास अब एक विकल्प नहीं बल्कि भारत के विकास के लिए एक आवश्यकता है।'' देवी ने एक व्यापक महिला विकास मॉडल के साथ ही हितधारकों से नीतियों को जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन से जोड़ने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, ‘‘हम आपसे महिलाओं की शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह करते हैं। भारत की प्रगति के लिए महिला नीत विकास बहुत जरूरी है।'' केंद्रीय युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा निखिल खडसे ने राजनीति में अपने सफर को साझा किया, जिसकी शुरुआत 20 साल की उम्र में ग्राम पंचायत सदस्य के रूप में हुई थी। उन्होंने कहा, ‘‘अक्सर महिला प्रतिनिधियों को नाममात्र की भूमिकाओं तक सीमित रखा जाता है, जबकि उनके परिवार के सदस्य वास्तविक काम संभालते हैं। यह बंद होना चाहिए। आरक्षण ने हमें यह साबित करने का अवसर दिया है कि हम अपने गांवों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व कर सकती हैं।'' खडसे ने कहा, ‘‘मेरा दृढ़ विश्वास है कि इस देश की महिलाएं भारत को आगे ले जाएंगी।''केंद्रीय पंचायती राज राज्य मंत्री एस पी सिंह बघेल ने नेतृत्व की भूमिकाओं में महिलाओं के सामने आने वाली चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, ‘‘बिहार में, मुखिया पति है, उत्तर प्रदेश में प्रधान पति और मध्य प्रदेश में सरपंच पति हैं। परिवार के पुरुष सदस्य अक्सर महिलाओं के नेतृत्व को कमतर आंकते हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘निर्वाचित प्रतिनिधियों के रूप में अपनी भूमिका के पांच वर्षों में, महिलाओं को अपना आत्मविश्वास बढ़ाने का मौका मिलता है, जिससे सार्वजनिक रूप से बोलने को लेकर उनका भय कम हो जाता है और वे सार्वजनिक कार्यों में सक्रिय रूप से भाग लेती हैं।''
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को बेल्जियम की राजकुमारी एस्ट्रिड से मुलाकात की। पीएम ने भारत में 300 सदस्यीय आर्थिक मिशन का नेतृत्व करने की राजकुमारी एस्ट्रिड की पहल की सराहना की।इसे लेकर पीएम मोदी ने कहा कि वह व्यापार, प्रौद्योगिकी, रक्षा और कृषि में नई साझेदारी के माध्यम से दोनों देशों के लोगों के लिए असीमित अवसरों के द्वार खोलने के लिए तत्पर हैं।
पीएम ने मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर साझा करते हुए लिखा, “बेल्जियम की राजकुमारी एस्ट्रिड से मिलकर प्रसन्नता हुई। भारत में 300 सदस्यीय आर्थिक मिशन का नेतृत्व करने की उनकी पहल का मैं तहेदिल से सराहना करता हूं। व्यापार, प्रौद्योगिकी, रक्षा, कृषि, जीवन विज्ञान, नवाचार, कौशल और शैक्षणिक आदान-प्रदान में नई साझेदारी के माध्यम से हमारे लोगों के लिए असीमित अवसरों को खोलने की आशा करता हूं।”बता दें कि एस्ट्रिड 2 से 8 मार्च तक भारत की यात्रा पर हैं। भारत में रविवार को उनके आगमन पर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने उनका स्वागत किया था। इसके बाद सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राजुकमारी से मुलाकात की थी। -
नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी वाणिज्यिक वाहन निर्माता कंपनी टाटा मोटर्स ने जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए पहल की है। टाटा मोटर्स ने देश के हरित अभियान के अनुरूप भारतीय सड़कों पर हाइड्रोजन से चलने वाले भारी-भरकम ट्रकों का पहला ट्रायल शुरू किया है। यह ऐतिहासिक ट्रायल सस्टेनेबल लंबी दूरी के माल परिवहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस ट्रायल को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रहलाद जोशी ने हरी झंडी दिखाई।
24 महीने तक चलेगा ट्रायलट्रायल का यह चरण 24 महीने तक चलेगा और इसमें अलग-अलग कॉन्फिगरेशन और पेलोड क्षमताओं वाले 16 एडवांस्ड हाइड्रोजन से चलने वाले वाहनों की लाना शामिल है। नए युग के हाइड्रोजन आंतरिक दहन इंजन (एच2-आईसीई) और ईंधन सेल (एच2-एफसीईवी) तकनीकों से लैस इन ट्रकों का ट्रायल भारत के सबसे प्रमुख मालवाहक मार्गों पर किया जाएगा, जिनमें मुंबई, पुणे, दिल्ली-एनसीआर, सूरत, वडोदरा, जमशेदपुर और कलिंगनगर शामिल हैं।टाटा मोटर्स को दिया गया था टेंडरइस ट्रायल के लिए टाटा मोटर्स को टेंडर दिया गया था, जिसे राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा वित्त पोषित किया जाता है। ऑटो प्रमुख ने कहा, “इस अग्रणी पहल के माध्यम से, टाटा मोटर्स सस्टेनेबल मोबिलिटी सॉल्यूशन में आगे बने रहते हुए भारत के व्यापक हरित ऊर्जा लक्ष्यों के साथ अपने कमिटमेंट को जोड़ता है।हाइड्रोजन भविष्य का ईंधनट्रायल को हरी झंडी दिखाते हुए, केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा, “हाइड्रोजन भविष्य का ईंधन है, जिसमें उत्सर्जन को कम करके और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ाकर भारत के परिवहन क्षेत्र को बदलने की अपार क्षमता है। इस तरह की पहल भारी-भरकम ट्रकिंग में सस्टेनेबल मोबिलिटी में बदलाव को गति प्रदान करेगी और हमें एक कुशल, कम कार्बन वाले भविष्य के करीब ले जाएगी।”उन्होंने कहा, “मुझे यहां मौजूद लोगों को प्रदूषण के बारे में समझाने की जरूरत नहीं है, क्योंकि दिल्ली में हम जिस तरह से वायु प्रदूषण की समस्या का सामना कर रहे हैं, आप सभी इसका अनुभव ले रहे हैं। इसलिए हमारी नीतियां आयात विकल्प, लागत प्रभावी, प्रदूषण मुक्त और स्वदेशी हैं।”भारत तीसरा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता और चौथा सबसे बड़ा कच्चा तेल आयातककेंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा, “भारत के सस्टेनेबल और जीरो कार्बन भविष्य में बदलाव के लिए हाइड्रोजन एक महत्वपूर्ण ईंधन है। इस ट्रायल की शुरुआत भारत के परिवहन क्षेत्र को कार्बन मुक्त बनाने में हरित हाइड्रोजन की क्षमता को प्रदर्शित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रकों के ट्रायल की शुरुआत को भारत के मोबिलिटी सेक्टर में एक क्रांतिकारी बदलाव बताया, जिससे जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम होगी और ऊर्जा सुरक्षा बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि भारत तीसरा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता और चौथा सबसे बड़ा कच्चा तेल आयातक है और हाइड्रोजन तकनीक इस निर्भरता को कम करने में अहम भूमिका निभाएगी। हाइड्रोजन से चलने वाले तीन हेवी-ड्यूटी ट्रकों का पहला बैच फरीदाबाद-दिल्ली एनसीआर और अहमदाबाद-सूरत-वडोदरा मार्गों पर चलेगा। इस बदलाव का समर्थन करने के लिए इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड फरीदाबाद, वडोदरा, पुणे और बालासोर में हाइड्रोजन ईंधन भरने वाले स्टेशन स्थापित कर रहा है। - मथुरा। मथुरा के बरसाने की लठमार होली का अपना एक अलग महत्व है। इसे लोग बड़े उत्साह से मनाते हैं। इसमें शामिल होने के लिए पूरे विश्व से लोग आते हैं। इस बार भी इसकी बड़े स्तर पर तैयारी की जा रही है। सुरक्षा के व्यापक इंतजाम हैं। वहीं, पुलिस भीड़ मैनेजमेंट और अपराध रोकने के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने जा रही है।डीआईजी शैलेश पांडेय ने मंगलवार को ब्रज में होली की तैयारियों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि हम सभी अवगत हैं, ब्रज में होली का विश्व प्रसिद्ध कार्यक्रम आयोजित होता है। यहां पर विभिन्न देवस्थानों में अलग-अलग तिथियों पर कार्यक्रम आयोजित होते हैं।उन्होंने बताया कि अभी 7, 8 और 9 मार्च को बरसाने की लठमार होली और नंदगांव की लठमार होली आयोजित होनी है। उसके बाद वृंदावन में बांके बिहारी मंदिर की होली है। रंगभरी एकादशी के दिन परिक्रमा होगी। गोकुल और दाऊ जी में होली के कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसे देखते हुए पर्याप्त पुलिस बल की व्यवस्था की गई है।उन्होंने कहा कि इस बार होली के पर्व में हम टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रहे हैं। पार्किंग के लिए क्यूआर कोड जारी कर रहे हैं। जिससे लोगों को पार्किंग स्थल पर जाने का डायरेक्शन मिलेगा। इसके अलावा सिविल पुलिस और पीएसी की विभिन्न जोनों में आवश्यकता के मुताबिक व्यवस्था की गई है। सादे वर्दी में सूचना संकलन के लिए पुलिस वाले लगाए जा रहे हैं। अपराध नियंत्रण के लिए भी पुख्ता तैयारी है।उन्होंने कहा कि यहां पर जो श्रद्धालु आ रहे हैं, सभी सुगम तरीके से दर्शन करें, इसकी व्यवस्था की जा रही है। ड्रोन और सीसीटीवी के माध्यम से भीड़ मूवमेंट और अपराध नियंत्रण किया जाएगा। अभी तो बरसाने का कार्यक्रम है। सभी जगह ऐसी व्यवस्था लागू होगी।
- वाराणसी। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आज मंगलवार को क्रिकेट वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल मुकाबले को लेकर काशी में जबरदस्त उत्साह और जोश देखा जा रहा है। सुबह से ही काशी के घाटों पर महिलाएं और पुरुष रंगोली बना कर टीम इंडिया को शुभकामनाएं दे रहे हैं। घाटों पर श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है, और साथ ही मां गंगा की पूजा अर्चना भी जोरों से हो रही है।इस मौके पर काशी के लोग मां गंगा की आरती कर रहे हैं और साथ ही महादेव से भी टीम इंडिया की जीत की कामना कर रहे हैं। काशी की गलियों और घाटों पर उत्सव का माहौल है, जहां हर कोई अपने तरीके से भारतीय क्रिकेट टीम की जीत की कामना कर रहा है। लोग भारतीय टीम के समर्थन में नारे लगा रहे हैं और क्रिकेट प्रेमियों का उत्साह देखते ही बनता है।किरण पांडे ने कहा कि हम लोगों में मैच को लेकर उत्साह है। हम इंडिया टीम की जीत की कामना करते हैं। हम मां गंगे की शरण में हैं। हमें उम्मीद है कि इंडिया टीम जीत दर्ज करेगी।रेणु जायसवाल ने कहा कि इंडिया का प्रदर्शन अभी तक का अच्छा रहा है। हमें उम्मीद है कि हम बड़ी जीत दर्ज करेंगे। विराट कोहली से हम लोगों को काफी ज्यादा उम्मीदें हैं। मां गंगा से प्रार्थना है कि इंडिया टीम जीत दर्ज करे। आज हम लोग पूरे उत्साह से मैच देखेंगे।रश्मि साहू ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाला यह मुकाबला बहुत ही महत्वपूर्ण है और काशी में हम सभी लोग मां गंगे की शरण में हैं। हमें पूरी उम्मीद है कि भारतीय क्रिकेट टीम इस मुकाबले में जीत दर्ज करेगी। काशी के लोग अपने तरीके से इस महत्वपूर्ण मैच के लिए आशीर्वाद और शुभकामनाएं भेज रहे हैं, ताकि टीम इंडिया विजयी हो।रंगोली आर्टिस्ट चांदनी विश्वकर्मा ने कहा कि यह मुकाबला हमारे लिए बहुत खास है। हम सब टीम इंडिया के समर्थन में रंगोली बना रहे हैं, ताकि हमारी शुभकामनाएं और आशीर्वाद भारतीय क्रिकेट टीम तक पहुंचे। हमें पूरा विश्वास है कि भारतीय टीम इस सेमीफाइनल में जीत हासिल करेगी।नमामि गंगे के जिला संयोजक शिवम अग्रहरि ने कहा कि हमने मां गंगा और बाबा विश्वनाथ से प्रार्थना की है कि भारतीय क्रिकेट टीम इस महत्वपूर्ण सेमीफाइनल मुकाबले में जीत दर्ज करे। आज हम लोग पूरे उत्साह के साथ मैच देखेंगे और भारतीय टीम को पूरी तरह से समर्थन देंगे। काशीवासियों का दिल हमेशा टीम इंडिया के साथ है, और हम सभी की शुभकामनाएं टीम के साथ हैं। (भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आज मंगलवार को क्रिकेट वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल मुकाबले को लेकर काशी में जबरदस्त उत्साह और जोश देखा जा रहा है। सुबह से ही काशी के घाटों पर महिलाएं और पुरुष रंगोली बना कर टीम इंडिया को शुभकामनाएं दे रहे हैं। घाटों पर श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है, और साथ ही मां गंगा की पूजा अर्चना भी जोरों से हो रही है।इस मौके पर काशी के लोग मां गंगा की आरती कर रहे हैं और साथ ही महादेव से भी टीम इंडिया की जीत की कामना कर रहे हैं। काशी की गलियों और घाटों पर उत्सव का माहौल है, जहां हर कोई अपने तरीके से भारतीय क्रिकेट टीम की जीत की कामना कर रहा है। लोग भारतीय टीम के समर्थन में नारे लगा रहे हैं और क्रिकेट प्रेमियों का उत्साह देखते ही बनता है।किरण पांडे ने कहा कि हम लोगों में मैच को लेकर उत्साह है। हम इंडिया टीम की जीत की कामना करते हैं। हम मां गंगे की शरण में हैं। हमें उम्मीद है कि इंडिया टीम जीत दर्ज करेगी।रेणु जायसवाल ने कहा कि इंडिया का प्रदर्शन अभी तक का अच्छा रहा है। हमें उम्मीद है कि हम बड़ी जीत दर्ज करेंगे। विराट कोहली से हम लोगों को काफी ज्यादा उम्मीदें हैं। मां गंगा से प्रार्थना है कि इंडिया टीम जीत दर्ज करे। आज हम लोग पूरे उत्साह से मैच देखेंगे।रश्मि साहू ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाला यह मुकाबला बहुत ही महत्वपूर्ण है और काशी में हम सभी लोग मां गंगे की शरण में हैं। हमें पूरी उम्मीद है कि भारतीय क्रिकेट टीम इस मुकाबले में जीत दर्ज करेगी। काशी के लोग अपने तरीके से इस महत्वपूर्ण मैच के लिए आशीर्वाद और शुभकामनाएं भेज रहे हैं, ताकि टीम इंडिया विजयी हो।रंगोली आर्टिस्ट चांदनी विश्वकर्मा ने कहा कि यह मुकाबला हमारे लिए बहुत खास है। हम सब टीम इंडिया के समर्थन में रंगोली बना रहे हैं, ताकि हमारी शुभकामनाएं और आशीर्वाद भारतीय क्रिकेट टीम तक पहुंचे। हमें पूरा विश्वास है कि भारतीय टीम इस सेमीफाइनल में जीत हासिल करेगी।नमामि गंगे के जिला संयोजक शिवम अग्रहरि ने कहा कि हमने मां गंगा और बाबा विश्वनाथ से प्रार्थना की है कि भारतीय क्रिकेट टीम इस महत्वपूर्ण सेमीफाइनल मुकाबले में जीत दर्ज करे। आज हम लोग पूरे उत्साह के साथ मैच देखेंगे और भारतीय टीम को पूरी तरह से समर्थन देंगे। काशीवासियों का दिल हमेशा टीम इंडिया के साथ है, और हम सभी की शुभकामनाएं टीम के साथ हैं।
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर कुछ चुनिंदा महिलाओं को एक दिन के लिए उनके डिजिटल सोशल मीडिया अकाउंट्स को संभालने का अवसर मिलेगा। कल सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “मैं नमो ऐप ओपन फोरम पर बहुत ही प्रेरणादायक जीवन यात्राएं साझा होते देख रहा हूं, जिसमें से कुछ महिलाओं को 8 मार्च को महिला दिवस पर मेरे डिजिटल सोशल मीडिया अकाउंट्स को संभालने के लिए चुना जाएगा। मैं ऐसी और भी जीवन यात्राएं साझा करने का अनुरोध करता हूं।”इससे पहले 23 फरवरी को ‘मन की बात’ की 119वीं कड़ी में पीएम मोदी ने अपने सम्बोधन में कहा, “अगले महीने 8 मार्च को ‘अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस’ है। यह हमारी नारी-शक्ति को नमन करने का एक विशेष अवसर होता है। देवी माहात्म्य में कहा गया है –विद्या: समस्ता: तव देवि भेदा:स्त्रीय: समस्ता: सकला जगत्सु।अर्थात सभी विद्याएं, देवी के ही विभिन्न स्वरूपों की अभिव्यक्ति हैं और जगत की समस्त नारी-शक्ति में भी उनका ही प्रतिरूप है। हमारी संस्कृति में बेटियों का सम्मान सर्वोपरि रहा है।पीएम मोदी ने कहा, “आप किसी भी क्षेत्र पर नजर डालें तो पाएंगे कि महिलाओं का योगदान कितना व्यापक है। साथियो, इस बार महिला दिवस पर मैं एक ऐसी पहल करने जा रहा हूँ, जो हमारी नारी-शक्ति को समर्पित होगी। इस विशेष अवसर पर मैं अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स जैसे एक्स, इंस्टाग्राम के एकाउंट्स को देश की कुछ प्रेरणादायी महिलाओं को, एक दिन के लिए सौंपने जा रहा हूँ। ऐसी महिलाएं जिन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों में उपलब्धियां हासिल की हैं, नवाचार किया है, अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। 8 मार्च को, वो, अपने कार्य और अनुभवों को देशवासियों के साथ साझा करेंगी।”उन्होंने कहा कि प्लेटफॉर्म भले ही मेरा होगा, लेकिन वहां उनके अनुभव, उनकी चुनौतियाँ और उनकी उपलब्धियों की बात होगी। यदि आप चाहती हैं कि ये अवसर आपको मिले, तो, नमो ऐप पर बनाए गए विशेष फोरम के माध्यम से, इस प्रयोग का हिस्सा बनें और मेरे एक्स और इंस्टाग्राम अकाउंट से, पूरी दुनिया तक, अपनी बात पहुंचाएँ,
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पटना. बिहार की नीतीश कुमार सरकार ने साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव के पहले सोमवार को 3.17 लाख करोड़ रुपये का अपना अंतिम बजट पेश किया। उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्रालय के प्रभारी सम्राट चौधरी ने राज्य विधानसभा में वित्त वर्ष 2025-26 का बजट पेश करते हुए दावा किया कि “वर्षों की अराजकता” के बाद बिहार को विकास के पथ पर लाने के लिए पिछले लगभग दो दशकों से नीतीश सरकार ने सफलतापूर्वक प्रयास किया है। चौधरी ने कहा कि इस बजट का आकार “पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 38,169 करोड़ रुपये अधिक है। उन्होंने सदन को बताया कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी के कुशल नेतृत्व की शक्ति एवं दृष्टि है। उन्होंने कहा, “समृद्ध और सशक्त भारत निर्माण के लिए निर्धारित विजन-2047 के साथ समृद्ध बिहार की परिकल्पना को साकार करने के हमारे प्रयासों को द्रुत गति प्रदान करने के उद्देश्य से मैं बिहार सरकार का बजट पेश कर रहा हूं। आप अवगत हैं कि वर्षों की अराजकता के बाद राज्य को विकास के पथ पर लाने हेतु पिछले लगभग दो दशकों से नीतीश सरकार ने सफलतापूर्वक प्रयास किया है।" वरिष्ठ भाजपा नेता चौधरी का इशारा विपक्षी राजद-कांग्रेस गठबंधन की तरफ था।
चौधरी ने कहा, "आज बिहार के विकास के लिए हमारे प्रयासों को राज्य की जनता ने जनसमर्थन देकर सराहा है। इसके लिए हम उनका अभिनन्दन करते हैं। साथ ही, हमें अहसास है कि हमारी सरकार द्वारा वर्षों के अथक प्रयास से तैयार किए गए राज्य के विकास के लिए जरूरी मजबूत ढाँचा के आधार पर नये बिहार के निर्माण के लिए और अधिक प्रयास करने की जरूरत है।" उन्होंने कहा, "राज्य के विकास के लिए आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा दिए गए मंत्र "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास" बहुत महत्वपूर्ण है। साथ ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी का संकल्प "न्याय के साथ विकास" हमारे लिए प्रेरणादायी शक्ति का कार्य करती है।" चौधरी ने कहा, "इस साल पेश केंद्र सरकार के बजट में बिहार को प्राथमिकता देने के लिए हम आदरणीय प्रधानमंत्री जी का विशेष आभार व्यक्त करते हैं। पिछले वर्ष के केन्द्रीय बजट में देश के विकास के लिए पूर्वोदय की जो अवधारणा प्रस्तुत की गई, उसमें बिहार के विकास के लिए कई प्रावधान किए गए थे। केंद्र और राज्य के डबल इंजन की सरकार के समेकित सहयोग से बिहार समग्र विकास के लिए और तेज गति से आगे बढ़ेगा, ऐसा हमारा पूर्ण विश्वास है।" उन्होंने कहा कि शिक्षा क्षेत्र के लिए 60,964 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो कि घनी आबादी वाले राज्य में बेहद महत्वपूर्ण है, जहां की जनसांख्यिकी अपेक्षाकृत युवा है। उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 20,335 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जबकि गृह विभाग के लिए 17,831 करोड़ रुपये प्रावधान किया गया है। बजट के भीतर पटना में एक “महिला हाट” (महिलाओं का बाजार) स्थापित करने का प्रस्ताव किया गया है। इसके अलावा सभी जिलों में “पिंक शौचालय” और सभी प्रमुख शहरों में “पिंक बसें” भी प्रस्तावित की गई हैं। चौधरी ने कहा, “हम सभी पंचायतों में कन्या विवाह मंडप स्थापित करने का भी प्रस्ताव करते हैं, जो विवाह-योग्य लड़कियों वाले गरीब ग्रामीण परिवारों की ज़रूरतें पूरी करेगा।” उन्होंने यह भी कहा कि भागलपुर जिले के सुल्तानगंज और पूर्व चंपारण जिले के रक्सौल में नए हवाई अड्डे बनाए जाएंगे जबकि पूर्णिया में हवाई अड्डा अब से तीन महीने में चालू हो जाएगा। बजट में राज्य में स्वास्थ्य नेटवर्क को मजबूत करने के लिए बेगूसराय जिले के लिए एक कैंसर अस्पताल का प्रस्ताव भी रखा गया है। बजट में राज्य में संपत्ति के पंजीकरण को “कागज रहित” बनाने के सरकार के संकल्प की भी बात की गई है। बजट पेश होने के बाद चौधरी के बगल में बैठे मुख्यमंत्री ने खडे होकर उन्हें शाबाशी दी।
इस बारे में पूछे जाने पर चौधरी ने संवाददाताओं से कहा कि नीतीश जी अभिभावक और पिता-तुल्य हैं इसलिए वह उन्हें अपना आशीर्वाद दे रहे थे। -
नयी दिल्ली. सरकार ने सोमवार को आईआरसीटीसी और आईआरएफसी को नवरत्न केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम (सीपीएसई) का दर्जा देने को मंजूरी दी। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) रेल मंत्रालय का एक उपक्रम है। वित्त वर्ष 2023-24 में इसका वार्षिक कारोबार 4,270.18 करोड़ रुपये और कर पश्चात लाभ 1,111.26 करोड़ रुपये था। बयान में कहा गया कि आईआरएफसी (भारतीय रेलवे वित्त निगम) रेल मंत्रालय का एक उपक्रम है। वित्त वर्ष 2023-24 में इसका वार्षिक कारोबार 26,644 करोड़ रुपये और कर पश्चात लाभ 6,412 करोड़ रुपये था। दोनों सीपीएसई को बधाई देते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक्स पर पोस्ट किया, ‘‘नवरत्न का दर्जा मिलने पर आईआरसीटीसी और आईआरएफसी को बधाई।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘विश्व वन्यजीव दिवस’ पर गुजरात के जूनागढ़ जिले स्थित ‘गिर वन्यजीव अभयारण्य’ में जंगल सफारी का आनंद लिया और एशियाई शेरों को करीब से देखा। पीएम मोदी डीएसएलआर कैमरे से शेरों की तस्वीरें खींचते नजर आ रहे हैं। एक अन्य तस्वीर में पीएम मोदी हाथ में कैमरा पकड़े शेरों की ओर देख रहे हैं। एक ऐसी भी तस्वीर है जिसमें मादा शेरनी शावक को दुलारती दिख रही है।
बैठक के बाद पीएम मोदी सासन में महिला वन कर्मचारियों से भी बातचीत करेंगेप्रधानमंत्री मोदी सोमवार शाम राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (एनबीडब्ल्यूएल) की सातवीं बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में 47 सदस्य भाग लेंगे, जिनमें सेना प्रमुख, विभिन्न राज्यों के सदस्य, इस क्षेत्र में काम करने वाले गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि, मुख्य वन्यजीव वार्डन और विभिन्न राज्यों के सचिव शामिल हैं। बैठक के बाद पीएम मोदी सासन में महिला वन कर्मचारियों से भी बातचीत करेंगे।वन्यजीवों के संरक्षण और सुरक्षा में भारत के योगदान पर हमें गर्वबता दें कि अभ्यारण्य जाने से पहले उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक वीडियो शेयर किया था। उन्होंने एक्स पर लिखा, “विश्व वन्यजीव दिवस पर, आइए हम अपने ग्रह की अविश्वसनीय जैव विविधता की रक्षा और संरक्षण के लिए अपनी प्रतिबद्धता को दोहराएं। हर प्रजाति एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है – आइए आने वाली पीढ़ियों के लिए उनके भविष्य की रक्षा करें! हम वन्यजीवों के संरक्षण और सुरक्षा में भारत के योगदान पर भी गर्व करते हैं।”भारत इकोलॉजी और अर्थव्यवस्था के बीच संघर्ष में विश्वास नहीं करता, बल्कि वह दोनों के सह-अस्तित्व को समान महत्व देता हैइस पोस्ट के साथ एक वीडियो क्लिप भी है, जिसमें पीएम मोदी भारत की परंपरा में जैव विविधता के प्रति स्वाभाविक आग्रह का जिक्र कर रहे हैं। यह क्लिप 2023 का है। कर्नाटक के मैसूर में ‘प्रोजेक्ट टाइगर के 50 वर्ष पूरे होने के स्मरणोत्सव’ कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने वाइल्ड लाइफ पर विचार रखे थे। दुनिया भर के वन्यजीव प्रेमियों के मन में अन्य देशों, जहां बाघों की आबादी या तो स्थिर है या फिर उसमें गिरावट हो रही है, की तुलना में भारत में बाघों की बढ़ती आबादी के बारे में उठने वाले सवालों को दोहराते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा था, “भारत इकोलॉजी और अर्थव्यवस्था के बीच संघर्ष में विश्वास नहीं करता, बल्कि वह दोनों के सह-अस्तित्व को समान महत्व देता है।” - गुना/ मध्यप्रदेश पुलिस ने शादी के अगले दिन अपने पति के साथ राजस्थान के सवाई माधोपुर स्थित अपने ससुराल जा रही एक महिला का कथित रूप से अपहरण करने को लेकर रविवार को पांच व्यक्तियों को गिरफ्तार किया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दंपति की शनिवार रात शादी हुई थी।पुलिस की अनुविभागीय अधिकारी (एसडीओपी) दीपा डुडवे ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘यह घटना आज सुबह साढ़े नौ बजे गुना जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर राष्ट्रीय राजमार्ग 46 पर रुठियाई इलाके में हुई। यह घटना उस समय घटी जब दंपति अशोकनगर से निकला था। आरोपियों ने कार के शीशे तोड़ दिए, दूल्हे पर हमला किया और दुल्हन को एसयूवी कार में लेकर भाग गए।'' उन्होंने कहा, ‘‘ सूचना मिलने के बाद पुलिस की टीम ने दुल्हन को बचाया और सात आरोपियों में से पांच को गिरफ्तार कर लिया। चार को इंदौर से और एक को देवास से पकड़ा गया। सभी आरोपी 20 साल के आसपास हैं और देवास के रहने वाले हैं। दो लोग फरार हैं।'' एसडीओपी ने बताया कि आरोपियों ने महिला का अपहरण क्यों किया, इस बारे में अधिक जानकारी तब पता चलेगी जब उन्हें गुना वापस लाया जाएगा।















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