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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 फरवरी को कश्मीर घाटी के लिए वंदे भारत ट्रेन का उद्घाटन करेंगे। इसी के साथ कश्मीर घाटी में रेल सेवा के 70 साल से भी अधिक पुराने सपने को पूरा किया जा सकेगा।
दुनिया की सबसे कठिन और चुनौतीपूर्ण पटरियों में से एक पर चलेगी वंदे भारत ट्रेनजी हां, पीएम मोदी द्वारा कॉमर्शियल उद्घाटन के साथ, वंदे भारत ट्रेन भारत में अब तक बनी सबसे महत्वाकांक्षी रेलवे परियोजना और दुनिया की सबसे कठिन और चुनौतीपूर्ण पटरियों में से एक पर चलेगी।चिनाब रेलवे ब्रिज इस सफर को बनाएगा और भी रोमांचकजानकारी के लिए बताना चाहेंगे, उधमपुर-श्रीनगर-बारामुल्ला रेल लिंक (USBRL) परियोजना एक तकनीकी चमत्कार कहलाती है। दरअसल, इसमें न केवल भारत का पहला केबल-स्टेड अंजी खाद पुल जिसकी ऊंचाई 331 मीटर है आता है बल्कि चिनाब रेलवे ब्रिज भी शामिल है। चिनाब रेलवे ब्रिज दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे ब्रिज है, जो नदी तल से 359 मीटर ऊपर है। यह ब्रिज दुनिया का सबसे ऊंचा आर्च ब्रिज भी है। यह इस सफर को और भी रोमांचक बनाते हैं।दो दर्जन से अधिक छोटी-बड़ी सुरंगें यात्रा में बचाएगी समयइसके अलावा उधमपुर-श्रीनगर-बारामुल्ला रेल लिंक में दो दर्जन से अधिक छोटी और बड़ी सुरंगें शामिल हैं, जो वंदे भारत ट्रेन के लिए यात्रा को छोटा बनाती हैं, जिसे जलवायु-अनुकूल तकनीक के साथ डिजाइन किया गया है।ट्रेन में मिलेंगी तमाम सुविधाएंइसका एयर-ब्रेक सिस्टम शून्य से नीचे के तापमान में अधिकतम प्रभावकारिता के लिए अनुकूलित है। इस ट्रेन में पूरी तरह से वातानुकूलित कोच, स्वचालित प्लग डोर, मोबाइल चार्जिंग सॉकेट, भोजन ऑर्डर करने की सुविधा और ड्राइवर की विंडशील्ड के लिए एक विशेष डिफ्रॉस्टिंग मैकेनिज्म सहित कई अन्य सुविधाएं होंगी।घाटी और देश के बाकी हिस्सों के बीच रेल संपर्क का सपना होगा साकारसोनमर्ग सुरंग का उद्घाटन करते हुए, पीएम मोदी ने जम्मू और कश्मीर के लोगों से वादा किया था कि वह जल्द ही घाटी और देश के बाकी हिस्सों के बीच रेल संपर्क के सपने को साकार करेंगे।सभी मौसमों में रहेगा रेल संपर्कसभी मौसमों में रेल संपर्क के साथ, वर्तमान जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग को प्रभावित करने वाली जलवायु की अनिश्चितताएं अतीत की बात हो जाएंगी। कश्मीर घाटी के लिए ट्रेन पर्यटन, बागवानी, उद्योग, शिक्षा को बढ़ावा देगी और नागरिकों को भी लाभान्वित करेगी।दिल्ली से श्रीनगर तक ट्रेन की यात्रा में लगेंगे महज 13 घंटेइसके बाद दिल्ली से श्रीनगर तक ट्रेन की यात्रा में महज 13 घंटे लगेंगे। इसी के साथ कटरा रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को उतरने की वर्तमान अनिवार्यता इस वर्ष अगस्त में समाप्त हो जाएगी। वहीं जम्मू में रेलवे स्टेशन का नवीनीकरण और उन्नयन कार्य अत्याधुनिक वंदे भारत ट्रेन सेवा की आवश्यकताओं के अनुरूप पूरा हो जाएगा। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस में ‘एआई एक्शन समिट’ के दौरान अपने संबोधन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और बहुत सी चीजों को बेहतर बना कर लाखों लोगों के जीवन को बदलने में मदद कर सकता है।
संसाधन और प्रतिभाओं को एक साथ लाने की जरूरतपेरिस के ग्रैंड पैलेस में आयोजित सम्मेलन में पीएम मोदी ने कहा, “शासन का मतलब सभी के लिए पहुंच सुनिश्चित करना भी है, खास तौर पर ग्लोबल साउथ में। एआई स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और बहुत सी चीजों को बेहतर करके लाखों लोगों के जीवन को बदलने में मदद कर सकता है।’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘एआई एक ऐसी दुनिया बनाने में मदद कर सकता है जिसमें विकास लक्ष्यों की यात्रा आसान और तेज हो जाए। ऐसा करने के लिए, हमें संसाधनों और प्रतिभाओं को एक साथ लाना होगा। हमें ओपन-सोर्स सिस्टम विकसित करना होगा जो विश्वास और पारदर्शिता को बढ़ाए। हमें पूर्वाग्रहों से मुक्त गुणवत्तापूर्ण डाटा सेट बनाना होगा…”पीएम मोदी ने वांस को अमेरिकी उपराष्ट्रपति चुनाव में उनकी जीत पर बधाई दीप्रधानमंत्री मोदी, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ एआई एक्शन शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता कर रहे हैं। इससे पहले पीएम मोदी सोमवार को पेरिस पहुंचे। ओर्ली एयरपोर्ट पर उतरने के बाद वह राष्ट्रपति मैक्रों की ओर से आयोजित रात्रि भोज के लिए एलिसी पैलेस रवाना हुए।फ्रांसीसी नेता ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया। रात्रि भोज में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वांस सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे। पीएम मोदी ने वांस को अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों में उनकी जीत पर बधाई दी। बता दें पीएम मोदी पेरिस से अमेरिका के लिए रवाना होंगे।राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि भारत और फ्रांस दो महान शक्तियां हैं और हमारे बीच विशेष संबंध हैंपीएम मोदी के पेरिस पहुंचने से पहले एक वेबसाइट को दिए इंटरव्यू में राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि वह और प्रधानमंत्री मोदी ‘तकनीकी संप्रभुता’ के लिए प्रयास करेंगे। फ्रांस के राष्ट्रपति ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी की तरह हमारा भी दृढ़ विश्वास है कि भारत और फ्रांस दो महान शक्तियां हैं और हमारे बीच विशेष संबंध हैं। हम अमेरिका का सम्मान करते हैं और उसके साथ काम करना चाहते हैं, हम चीन के साथ भी काम करना चाहते हैं, लेकिन किसी पर निर्भर नहीं रहना चाहते हैं।”मैक्रों ने कहा, “भारत और फ्रांस अग्रणी हैं लेकिन अमेरिका और चीन हमसे बहुत आगे हैं। हम एआई पर एक साथ काम करना चाहते हैं। पीएम मोदी भी नई टेक्नोलॉजी का फायदा उठाना चाहते हैं। लेकिन वह चाहते हैं कि यह भारत में भी हो।'( - प्रयागराज। मां गंगा, मां यमुना और अदृश्य मां सरस्वती के पवित्र संगम में श्रद्धा और आस्था से ओत-प्रोत साधु-संतों, श्रद्धालुओं, कल्पवासियों, स्नानार्थियों और गृहस्थों का स्नान अब उस शिखर पर पहुंच गया है, जिसकी महाकुंभ से पहले ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उम्मीद जताई थी। सीएम योगी ने पहले ही अनुमान जताया था कि इस बार जो भव्य और दिव्य महाकुंभ का आयोजन हो रहा है, वह स्नानार्थियों की संख्या का नया रिकॉर्ड स्थापित करेगा। उन्होंने शुरुआत में ही 45 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई थी। उनका यह आंकलन महाकुंभ के समापन से 15 दिन पहले ही सच साबित हो गया। मंगलवार की सुबह 8 बजे ही महाकुंभ में 45 करोड़ स्नानार्थियों की संख्या पार हो गई।आज मंगलवार को सुबह 8 बजे तक करीब 50 लाख श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम में पावन डुबकी लगाई, जिसके साथ ही महाकुंभ में स्नानार्थियों की संख्या 45 करोड़ पार हो गई। अभी महाकुंभ को 15 दिन और दो महत्वपूर्ण स्नान पर्व शेष हैं। पूरी उम्मीद है कि स्नानार्थियों की संख्या 50-55 करोड़ के ऊपर जा सकती है।अगला अमृत स्नान 12 फरवरी कोआध्यात्मिक महत्व, भव्य अनुष्ठानों और अत्याधुनिक तकनीकी हस्तक्षेपों के मिश्रण के साथ, इस कुंभ मेले ने भीड़ प्रबंधन, स्वच्छता और डिजिटल सुविधा में नए मानक स्थापित किए हैं। आगंतुकों की संख्या 45 करोड़ से अधिक होने के साथ, भीड़ प्रबंधन एक प्रमुख फोकस रहा है। अगला अमृत स्नान 12 फरवरी, 2025 को माघ पूर्णिमा स्नान है।11 फरवरी, 2025 की सुबह से मेला क्षेत्र को ‘नो व्हीकल जोन’ घोषितमाघ पूर्णिमा स्नान के दौरान सुचारू भीड़ प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने 11 फरवरी, 2025 की सुबह से मेला क्षेत्र को ‘नो व्हीकल जोन’ के रूप में नामित किया है, जिसमें केवल आवश्यक और आपातकालीन सेवाओं की अनुमति है।भारतीय रेलवे भी पूरी क्षमता से काम कर रहा हैमहाकुंभ 2025 की भीड़ को प्रबंधित करने के लिए भारतीय रेलवे भी पूरी क्षमता से काम कर रहा है। 9 फरवरी को लगभग 330 ट्रेनों ने 12.5 लाख तीर्थयात्रियों को पहुंचाया, 10 फरवरी को दोपहर 3 बजे तक 130 और ट्रेनें रवाना हुईं।अधिकारियों और केंद्रीय मंत्रियों ने अमृत स्नान की तैयारियों की समीक्षा कीअधिकारियों और केंद्रीय मंत्री द्वारा आगामी 12 फरवरी 2025 को होने वाले अमृत स्नान की तैयारियों की समीक्षा की गई। प्रयागराज जंक्शन सहित सभी आठ स्टेशन पूरी तरह से चालू हैं, जबकि भीड़ प्रबंधन के लिए प्रमुख स्नान तिथियों के आसपास प्रयागराज संगम स्टेशन अस्थायी रूप से बंद है। राज्य सरकार ने विभिन्न एजेंसियों के सहयोग से एक बहुस्तरीय सुरक्षा और निगरानी प्रणाली लागू की है। एआई-संचालित सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन निगरानी और वास्तविक समय विश्लेषण के नेटवर्क ने निर्दिष्ट क्षेत्रों में तीर्थयात्रियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की है।प्रशासन ने भीड़भाड़ को कम करने के लिए स्नान घाटों तक पहुंच को सुव्यवस्थित करने के लिए एक डिजिटल टोकन प्रणाली भी शुरू की। वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए विशेष प्रावधान किए गए, जिससे यह सुनिश्चित हुआ कि कुंभ एक समावेशी आध्यात्मिक अनुभव बना रहे।श्रद्धालुओं और स्नानार्थियों के जोश और उत्साह में कोई कमी नहींवहीं दूसरी ओर प्रयागराज में तीनों अमृत स्नान (मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या और बसंत पंचमी) के बाद भी श्रद्धालुओं और स्नानार्थियों के जोश और उत्साह में कोई कमी नहीं दिख रही है। देश और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से पवित्र त्रिवेणी में श्रद्धा और आस्था के साथ डुबकी लगाकर पुण्य प्राप्त करने के लिए श्रद्धालु प्रतिदिन लाखों, करोड़ों की संख्या में प्रयागराज पहुंच रहे हैं।श्रद्धा का जबरदस्त उत्साह लोगों को संगम तट तक खींचकर ला रहा हैबसंत पंचमी के अंतिम अमृत स्नान पर्व के बाद भी श्रद्धा का जबरदस्त उत्साह लोगों को संगम तट तक खींचकर ला रहा है। स्नानार्थियों में 10 लाख कल्पवासियों के साथ-साथ देश-विदेश से आए श्रद्धालु एवं साधु-संत शामिल रहे।यदि अब तक के कुल स्नानार्थियों की संख्या का विश्लेषण करें तो सर्वाधिक 8 करोड़ श्रद्धालुओं ने मौनी अमावस्या पर स्नान किया था, जबकि 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने मकर संक्रांति के अवसर पर अमृत स्नान किया था। एक फरवरी और 30 जनवरी को 2-2 करोड़ से ज्यादा और पौष पूर्णिमा पर 1.7 करोड़ श्रद्धालुओं ने पुण्य डुबकी लगाई। इसके अलावा बसंत पंचमी पर 2.57 करोड़ श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी में आस्था की डुबकी लगाई थी।माघ पूर्णिमा से पहले भी प्रतिदिन एक करोड़ से अधिक श्रद्धालु संगम तट पर पवित्र स्नान के लिए पहुंच रहे हैं। वहीं, महाशिवरात्रि पर भी लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। महाकुंभ का समापन 26 फरवरी को होना है।
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नई दिल्ली। अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस ने डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (डीआरडीओ) के साथ मंगलवार को ‘एयरो इंडिया 2025’ में व्हीकल-माउंटेड काउंटर-ड्रोन सिस्टम का अनावरण किया। कंपनी ने अपने बयान में कहा, “यह अत्याधुनिक प्रणाली उभरते हवाई खतरों के खिलाफ भारत की रक्षा तैयारियों को बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण कदम है। आधुनिक युद्ध में टोही और आक्रामक अभियानों के लिए ड्रोन के बढ़ते उपयोग के कारण एक मजबूत एंटी-ड्रोन सिस्टम की आवश्यकता अनिवार्य हो गई है।”
अदाणी डिफेंस और एयरोस्पेस के सीईओ आशीष राजवंशी ने कहा कि यह भारत के डिफेंस इनोवेशन इकोसिस्टम की क्षमता को दिखाता है। यह डीआरडीओ के वर्ल्ड क्लास आरएंडडी और टेक्नोलॉजी फ्रेमवर्क के हस्तांतरण से संचालित है।उन्होंने आगे कहा कि हमें ये बताकर खुशी हो रही है कि अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस सफलतापूर्वक डीआरडीओ की टेक्नोलॉजी को ऑपरेशनल रेडी सॉल्यूशंस में बदलने में सफल रहा है। इससे हमारी सेनाओं की क्षमता बढ़ेगी।राजवंशी के मुताबिक, अपनी उन्नत विनिर्माण क्षमताओं का लाभ उठाकर, हम यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि हमारे सशस्त्र बलों के पास देश के रणनीतिक हितों की रक्षा के लिए सबसे उन्नत, स्वदेशी रक्षा टेक्नोलॉजी तक पहुंच हो।इस प्लेटफॉर्म को डीआरडीओ के महानिदेशक (इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार प्रणाली) डॉ. बीके. दास ने रक्षा विशेषज्ञों और उद्योग भागीदारों की उपस्थिति में लॉन्च किया। व्हीकल-माउंटेड काउंटर-ड्रोन सिस्टम लंबी दूरी की सुरक्षा, चपलता और सटीकता सुनिश्चित करता है, जो इसे आधुनिक रक्षा बलों के लिए एक महत्वपूर्ण संपत्ति बनाता है। यह उन्नत सेंसर क्षमताओं के माध्यम से निर्बाध सुरक्षा प्रदान करता है, जिसमें ड्रोन का ऑटोमेटिक डिटेक्शन, वर्गीकरण और निष्क्रिय करना शामिल है।इस ड्रोन को सिंगल 4×4 व्हीकल के साथ एकीकृत किया गया है। इसमें किसी ड्रोन को मार गिराने के लिए हाई-एनर्जी लेजर सिस्टम लगा हुआ है। इसमें 7.62 एमएम गन और एडवांस रडार है। यह 10 किलोमीटर की रेंज में टारगेट को हिट कर सकता है। -
नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को संसद में बोडो, डोगरी, मैथिली, मणिपुरी, उर्दू और संस्कृत सहित छह नई भाषाओं में अनुवाद सेवाओं के विस्तार की घोषणा की। सदन को संबोधित करते हुए बिरला ने कहा कि पहले, अनुवाद सेवाएं हिंदी और अंग्रेजी के अलावा असमिया, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, मराठी, उड़िया, पंजाबी, तमिल और तेलुगु सहित 10 भाषाओं में उपलब्ध थीं।
ओम बिरला ने कहा कि अब हमने छह और भाषाओं – बोडो, डोगरी, मैथिली, मणिपुरी, उर्दू और संस्कृत को भी शामिल किया है। इसके साथ ही अतिरिक्त 16 भाषाओं के लिए जैसे-जैसे मानव संसाधन उपलब्ध होंगे हम उनमें भी एक साथ अनुवाद प्रदान करने का प्रयास कर रहे हैं। भारत की संसदीय प्रणाली एक लोकतांत्रिक ढांचा है, जो कई भाषाओं में अनुवाद प्रदान करती है।लोकसभा अध्यक्ष ने कहा, “जब मैंने वैश्विक स्तर पर चर्चा की कि हम भारत में 22 भाषाओं में यह प्रयास कर रहे हैं तो अंतरराष्ट्रीय मंच पर सभी ने इसकी सराहना की। ओम बिरला ने कहा, हमारा प्रयास है कि जिन 22 भाषाओं को आधिकारिक मान्यता प्राप्त है उन्हें भविष्य में भी शामिल करना हमारा लक्ष्य है।”वहीं, डीएमके सांसद दयानिधि मारन ने लोकसभा अध्यक्ष की घोषणा पर आपत्ति जताते हुए पूछा कि संस्कृत में एक साथ अनुवाद पर जनता का पैसा क्यों बर्बाद किया जा रहा है, जिसे जनगणना के अनुसार केवल 70,000 लोग बोलते हैं। उन्होंने कहा कि संस्कृत देश के किसी भी राज्य में नहीं बोली जा रही है। दयानिधि मारन ने तर्क देते हुए पूछा कि आपकी आरएसएस विचारधाराओं के कारण करदाताओं का पैसा क्यों बर्बाद किया जाना चाहिए ?इस पर प्रतिक्रिया देते हुए स्पीकर ने उनकी खिंचाई की और पूछा कि वह किस देश में रह रहे हैं ?“यह भारत है, जिसकी “मूल भाषा” संस्कृत रही है इसीलिए हमने सिर्फ संस्कृत नहीं बल्कि 22 भाषाओं का जिक्र किया। आपको संस्कृत से दिक्कत क्यों है?” - नयी दिल्ली। सरकार ने सोमवार को राज्यसभा में कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट के कारण भारत में स्वच्छता अभियान के कारण तीन लाख बच्चों की जान बची है। जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक सवालों के जवाब में यह जानकारी दी। स्वच्छता अभियान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अब तक 12 करोड़ शौचालय बनाए गए हैं और करीब 60 करोड़ लोग उन शौचालयों का उपयोग कर रहे हैं। पाटिल ने कहा कि शौचालयों के निर्माण से महिलाओं को विशेष रूप से फायदा हुआ है और उन्हें अब अंधेरे की प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ती जिससे उनकी सुरक्षा भी बढ़ी है वहीं उनके स्वास्थ पर भी अच्छा असर हुआ है। उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि भारत में स्वच्छता अभियान के कारण तीन लाख बच्चों की जान बची है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान एक सतत अभियान है।
- बलिया । उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के खेजुरी क्षेत्र में एक कोचिंग संचालक और उनकी पत्नी की धारदार हथियार से कथित तौर पर हत्या कर दी गयी। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक (एसपी) ओमवीर सिंह ने सोमवार को बताया कि रविवार रात खेजुरी थाना क्षेत्र के मासूमपुर गांव में कोचिंग संचालक श्याम लाल चौरसिया (55) और उनकी पत्नी बासमती चौरसिया (50) की धारदार हथियार से हत्या कर दी गयी। उन्होंने बताया कि देर रात करीब 10 बजे पुलिस को मासूमपुर गांव में सड़क के किनारे एक घर में एक पुरुष और एक महिला का शव पड़े होने की सूचना मिली थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर देखा तो चौरसिया और उसकी पत्नी के शव घर के बाहर पड़े थे। पुलिस अधीक्षक के मुताबिक ऐसा लगता है कि दोनों पर धारदार हथियार से हमला किया गया था। पुलिस ने दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिये हैं। सिंह ने कहा कि पुलिस हत्या के कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है। इस मामले में मृतक के भाई राधेश्याम चौरसिया की शिकायत पर अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि श्याम लाल चौरसिया अपने मकान में कोचिंग चलाते थे। मामले की जांच की जा रही है।
- हैदराबाद,। तेलंगाना के सड़क व भवन मंत्री कोमाटीरेड्डी वेंकट रेड्डी ने सोमवार को प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में डुबकी लगाई। उन्होंने बताया कि उन्होंने राज्य सरकार व राज्य के लोगों की कल्याण के लिए प्रार्थना की। उन्होंने प्रयागराज में संगम की अपनी यात्रा का एक वीडियो पोस्ट कर 'एक्स' पर लिखा, "तेलंगाना के लोगों की खुशी, समृद्धि और कल्याण तथा गरीबों की सेवा करने के लिए हमारी सरकार की शक्ति के लिए गंगाम्मा से प्रार्थना की।" उन्होंने यह भी कहा कि यह एक गहन आध्यात्मिक अनुभव था जिसने उन्हें इसमें भाग लेने वाले करोड़ों तीर्थयात्रियों की तरह भक्ति से भर दिया। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने छह दिसंबर 2024 को तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी से मुलाकात कर उन्हें महाकुंभ में आने का निमंत्रण दिया था।
- बेंगलुरु,। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को कहा कि युद्ध की तेजी से बदल रही प्रकृति के चलते लगातार समाधान अपनाने और उनमें सुधार करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि रक्षा विनिर्माण में प्रयासों को उभरते क्षेत्रों के लिए जवाबी उपाय बनाने पर ध्यान केंद्रित करना होगा। मूल उपकरण निर्माताओं (ओईएम) के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों से आगे आने और विस्तारित भारतीय रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र द्वारा पेश किए गए अवसरों का उपयोग करने का आग्रह करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘ये अवसर रक्षा उत्पादन में हमारी आत्मनिर्भरता की नीतियों से प्रेरित हैं एवं अनुकूल नीति व्यवस्था द्वारा सुगम बनाए गए हैं।'' रक्षा मंत्री ने ‘एयरो इंडिया' के 15वें संस्करण के तहत सीईओ गोलमेज सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही। सिंह ने कहा, ‘‘इस सम्मेलन का सार यह है कि भारत को वैश्विक स्तर पर अग्रणी रक्षा निर्माता और सेवा प्रदाता बनाने के लिए कैसे हाथ मिलाया जाए। यह सब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम तकनीक और अन्य नयी तकनीकी क्रांतियों की पृष्ठभूमि में देखा जाना चाहिए।'' उन्होंने कहा, ‘‘चूंकि युद्ध की प्रकृति तेजी से बदल रही है, इसलिए हमें लगातार समाधान अपनाने और उनमें सुधार करने की जरूरत है।'' सिंह ने कहा, ‘‘उदाहरण के लिए, पहले विशुद्ध सैन्य उपकरण आधारित प्रणालियों पर निर्भरता थी। अब सॉफ्टवेयर आधारित प्रणालियां इसकी जगह ले रही हैं। आज, सैन्य अभियानों में संचार और डेटा साझा करने की प्रकृति बहुत अधिक जटिल होती जा रही है। अंतरिक्ष आधारित दिशासूचक प्रणाली, अंतरिक्ष आधारित संचार और निगरानी पर हमारी निर्भरता का अर्थ है कि अंतरिक्ष आधारित परिसंपत्तियों को हमारी परिचालन योजनाओं में एकीकृत करना होगा।'' रक्षा मंत्री ने कहा कि हाल के संघर्षों में ड्रोन के इस्तेमाल से यह संकेत मिलता है कि भविष्य मानवयुक्त, मानवरहित और स्वायत्त युद्ध प्रणालियों के एकीकृत प्रयासों पर निर्भर करेगा, इसलिए रक्षा विनिर्माण में हमारे प्रयासों को इन उभरते क्षेत्रों के लिए जवाबी उपाय बनाने पर ध्यान केंद्रित करना होगा।
- नयी दिल्ली,। सरकार ने सोमवार को संसद में कहा कि पिछले तीन साल में एयरलाइनों द्वारा 255 यात्रियों को विभिन्न कारणों से 'नो फ्लाई लिस्ट' में रखा गया है। इन कारणों में दुर्व्यवहार, झगड़े और चालक दल के सदस्यों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं शामिल हैं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 में कुल 82 लोगों को इस सूची में रखा गया था, जबकि वर्ष 2023 में यह संख्या 110 और वर्ष 2022 में यह संख्या 63 थी। एक प्रश्न के लिखित उत्तर में, नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने राज्यसभा में कहा कि यात्रियों को अन्य कारणों के अलावा दुर्व्यवहार, झगड़े और चालक दल के सदस्यों के साथ मारपीट की घटनाओं के कारण 'नो फ्लाई लिस्ट' (उड़ान नहीं भरने देने वाली सूची) में रखा गया था। ऐसा व्यक्ति जिसे इस प्रकार की सूची में शामिल किया गया है, वह आदेश जारी होने की तिथि से 60 दिनों के भीतर मंत्रालय द्वारा गठित अपीलीय समिति के समक्ष अपील कर सकता है।
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नयी दिल्ली. सरकार ने सोमवार को संसद में कहा कि देश भर में करीब 18 लाख एकड़ रक्षा भूमि में से करीब 10,249 एकड़ भूमि पर अतिक्रमण है। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में राज्यसभा को यह जानकारी दी। उनसे देश में रक्षा भूमि पर अतिक्रमण को लेकर सवाल किया गया था। मंत्री ने अपने उत्तर में कहा, ‘‘देश भर में करीब 18 लाख एकड़ रक्षा भूमि में से करीब 10,249 एकड़ भूमि पर अतिक्रमण है।'' उन्होंने रक्षा भूमि पर अतिक्रमण का राज्यवार विवरण भी साझा किया।
एक अन्य प्रश्न में सरकार से पूछा गया था कि क्या उसे इस तथ्य की जानकारी है कि रक्षा भूमि निजी और अन्य संस्थाओं को पट्टे पर दिए गए हैं या उन पर अतिक्रमण है। सेठ ने कहा कि छावनी के भीतर रक्षा भूमि के पट्टे ऐतिहासिक रूप से 1899 और 1912 की छावनी संहिताओं के तहत विभिन्न उद्देश्यों के लिए लोगों, संस्थानों और सरकारी निकायों को दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इसके अलावा छावनी भूमि प्रशासन नियम 1925 और 1937 के तहत भूमि दी गयी। उन्होंने अपने जवाब में कहा, ‘‘ये पट्टे आम तौर पर या तो हमेशा के लिए या कुल 90 साल की पट्टा अवधि के लिए दिए गए थे।'' मंत्री ने कहा कि इस संबंध में आगे के कदम के लिए मंत्रालय ने 10 मार्च, 2017 को एक अंतरिम नीति जारी की थी, जिसे 31 दिसंबर, 2025 तक बढ़ा दिया गया है। -
महाकुंभ नगर. महाकुंभ क्षेत्र में बने सेंट्रल हॉस्पिटल में अभी तक कुल 12 बच्चों का जन्म हुआ है और इनके माता पिता में से किसी ने अपने बच्चे का नाम गंगा, किसी ने जमुना, किसी ने भोले नाथ तो किसी ने बजरंगी रखा है। सेक्टर दो स्थित सेंट्रल हॉस्पिटल की मैटर्न रमा सिंह ने बताया कि कल रात में ही फूलपुर तहसील के सराय चंडी से आई नेहा सिंह ने एक बेटे को जन्म दिया और बेटे के पिता दीपक अपने बेटे का नाम कुंभ रखने पर अड़े हैं। हमने कहा कि कुंभ नाम 29 दिसंबर को जन्मे एक बच्चे का पहले ही रखा जा चुका है। हमने इस बच्चे को कुंभ-2 नाम दिया है। बेटे के पिता दीपक ने बताया, “मैं हरियाणा में नौकरी करता हूं और सेक्टर 18 में मेरी मां कल्पवास कर रही हैं। उनकी सेवा के लिए मैं छुट्टी लेकर अपनी पत्नी नेहा के साथ यहां आया था। कल रात प्रसव पीड़ा उठने पर मैंने एंबुलेंस को फोन लगाया और पत्नी को सेंट्रल हॉस्पिटल लाया जहां रात करीब दो बजे उसने एक लड़के को जन्म दिया।” दीपक ने कहा, “भले ही अस्पताल वाले मेरे बेटे का नाम कुंभ नहीं रख रहे हैं, मैं उसका नाम कुंभ ही रखूंगा क्योंकि वह इस महाकुंभ में पैदा हुआ है।” रमा सिंह ने बताया कि बसंत पंचमी को रात में एक महिला ने बेटे को जन्म दिया जिसका नाम बसंत रखा गया। वहीं, इसी स्नान पर्व पर एक महिला ने बेटी को जन्म दिया जिसका नाम बसंती रखा गया। सेंट्रल हॉस्पिटल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डाक्टर मनोज कौशिक ने बताया कि सेंट्रल हॉस्पिटल में अभी तक कुल 12 बच्चों का जन्म हो चुका है। सभी प्रसव सामान्य तरीके से कराए गए। उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों जैसे जहांगीराबाद (बाराबंकी), चित्रकूट, कौशांबी और कई प्रदेशों जैसे झारखंड, मध्य प्रदेश आदि की महिलाओं का प्रसव कराया गया। रमा सिंह बताया कि प्रसव उपरांत ज्यादातर लोग जल्दी छुट्टी मांगते हैं, लेकिन हमें 24 घंटे तक प्रसूती को निगरानी में रखना पड़ता है जिसके बाद ही हम छुट्टी देते हैं। उन्होंने बताया कि बहुत सी महिलाएं प्रसव की तिथि नजदीक होने के बावजूद मेले में इस आस्था के साथ आती हैं कि कुंभ मेले में जन्मा बच्चा भाग्यशाली होगा। रमा सिंह ने बताया कि एक महिला मध्य प्रदेश के ग्वालियर से आई थी और जैसे ही वह घाट पर स्नान के लिए पहुंची, उसे प्रसव पीड़ा शुरू हो गई और परिजनों ने तत्काल एंबुलेंस को फोन कर इसकी जानकारी दी। महिला ने अस्पताल में बेटी को जन्म दिया और बच्ची का नाम सरस्वती रखा गया। उन्होंने बताया कि इसी तरह यहां पैदा हुए बच्चों के नाम भोले नाथ, गंगा, जमुना, सरस्वती, नंदी आदि रखे गए हैं। महाकुंभ नगर में सेक्टर 2 स्थित सेंट्रल हॉस्पिटल उन 13 अस्पतालों में से एक है जिन्हें महाकुंभ मेला आने वाले श्रद्धालुओं की जरूरतें पूरी करने के लिए स्थापित किया गया है। महाकुंभ मेला 13 जनवरी से शुरू हुआ लेकिन लोग यहां दिसंबर, 2024 से ही जुटना शुरू हो गए थे। इस अस्पताल में पहला प्रसव कौशांबी से आई महिला सोनम का 29 दिसंबर को हुआ जिसने एक बेटे को जन्म दिया और बच्चे का नाम कुंभ रखा गया। प्रसव उपरांत प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक ने इस परिवार को बधाई दी थी।
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नयी दिल्ली. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रयागराज स्टेशन बंद होने की खबरों को महज अफवाह करार देते हुए सोमवार को कहा कि क्षेत्र के सभी आठ स्टेशनों से रेलगाड़ियों का परिचालन सुचारू और सुव्यवस्थित तरीके से हो रहा है। वैष्णव ने यहां रेल भवन में मीडिया से कहा कि श्रद्धालुओं को स्टेशन बंद होने की अफवाहों पर भरोसा नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘प्रयागराज के सभी आठ स्टेशनों पर रेलगाड़ियों का परिचालन सुचारू और बहुत सुव्यवस्थित है। रेलवे राज्य प्रशासन के साथ बहुत ही समन्वित तरीके से काम कर रहा है।'' उन्होंने कहा, ‘‘कल प्रयागराज महाकुंभ क्षेत्र स्टेशन से देश के विभिन्न स्थानों के लिए 330 रेलगाड़ियां रवाना हुईं। इन रेलगाड़ियों में कुल 12.5 लाख श्रद्धालुओं ने यात्रा की।'' वैष्णव महाकुंभ मेला शुरू होने से पहले रेल भवन में स्थापित ‘वॉर रूम' भी गये ताकि स्टेशनों की निगरानी और रेल सेवाओं तथा यात्री सुविधाओं की समीक्षा की जा सके। स्टेशन बंद होने की अफवाहों के कारणों के बारे में बात करते हुए उत्तर मध्य रेलवे (जिसके अंतर्गत प्रयागराज मंडल आता है) के अधिकारियों ने कहा कि समान नाम वाले दो स्टेशन हैं - प्रयागराज जंक्शन और प्रयागराज संगम। एक रेलवे अधिकारी ने कहा, ‘‘प्रयागराज जंक्शन मुख्य स्टेशन है जहां से सभी रेलगाड़ियां का परिचालन होता है जबकि मेला क्षेत्र के नजदीक प्रयागराज संगम एक छोटा स्टेशन है जहां दिन में केवल दो से तीन रेलगाड़ियां चलती हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘भारी भीड़ के दौरान, हम इस स्टेशन को बंद कर देते हैं ताकि हर कोई प्रयागराज जंक्शन पर चला जाए क्योंकि यहां रेलगाड़ियों का परिचालन बहुत सीमित है जिससे भीड़ को संभालने में दिक्कत होती है। कल हमने इसे बंद कर दिया था, लेकिन कुछ नई वेबसाइट ने प्रयागराज जंक्शन को बंद बता दिया। लोगों ने प्रयागराज जंक्शन को प्रयागराज संगम समझ लिया।'' अधिकारी के अनुसार संगम स्टेशन के बंद होने से रेल सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
रेलवे बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया, सोमवार अपराह्न तीन बजे तक प्रयागराज के सभी आठ स्टेशनों से 8.18 लाख लोगों को लेकर 191 रेलगाड़ियां देश के विभिन्न स्थानों के लिए रवाना हुईं। -
विदिशा .मध्यप्रदेश के विदिशा जिले में शादी में मंच पर नाच रही एक 23 वर्षीय महिला की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शनिवार रात विदिशा बाईपास रोड पर एक होटल में अपने चचेरे भाई के संगीत समारोह में महिला परनीता जैन डांस कर रही थी, तभी वह कार्यक्रम के बीच में ही बेहोश होकर गिर पड़ी। स्थानीय जैन समुदाय के नेता सचिन जैन ने एक न्यूज़ एजेंसी बताया कि इंदौर निवासी परनीता की मौत संभवतः हृदयाघात के कारण हुई। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें महिला नाच रही है और नाचते नाचते वह अचानक मंच पर गिर जाती है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोग मंच पर पहुंचे और उसे प्राथमिक उपचार दिया लेकिन उसके शरीर में कोई हरकत नहीं हुई। इसके बाद उसे एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जैन ने बताया कि परनीता के जुड़वा भाई की 12 साल पहले साइकिल चलाते समय दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी। रविवार शाम को विदिशा में बिना पोस्टमार्टम के उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। सांची थाने के प्रभारी नितिन अहिरवार ने कहा कि मामले में कोई विवाद नहीं था और मामले की सूचना पुलिस को नहीं मिली।
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महाकुंभ नगर/ फिल्म जगत से अध्यात्म के क्षेत्र में आईं और हाल ही में किन्नर अखाड़ा में महामंडलेश्वर पद पर आसीन हुईं ममता कुलकर्णी ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर कौशल्या नंद गिरि उर्फ टीना मां ने ' एक न्यूज़ एजेंसी' से ममता कुलकर्णी के महामंडलेश्वर पद से इस्तीफा देने की पुष्टि की। ममता कुलकर्णी ने एक वीडियो संदेश में कहा, “मैं महामंडलेश्वर यमाई ममता नंद गिरि अपने पद से इस्तीफा देती हूं। किन्नर अखाड़े और दूसरे संतों के बीच मुझे महामंडलेश्वर बनाए जाने को लेकर दिक्कत हो रही है।” उन्होंने कहा, “पच्चीस साल तपस्या के बाद मुझे यह सम्मान दिया गया था। मैंने देखा कि मुझे महामंडलेश्वर पद दिए जाने से कई लोगों को आपत्ति हुई। मैंने चैतन्य गगन गिरि महाराज के सानिध्य में 25 साल घोर तपस्या की।”
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नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने सोमवार को नई दिल्ली में लिम्फेटिक फाइलेरिया (एलएफ) बीमारी से प्रभावित 13 चिन्हित राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए, बीमारी के उन्मूलन के लिए वार्षिक राष्ट्रीय सार्वजनिक औषधि वितरण (एमडीए) अभियान का शुभारंभ किया। इस अभियान में 13 राज्यों के 111 प्रभावित जिलों को शामिल किया जाएगा, जिसमें घर-घर जाकर फाइलेरिया की रोकथाम के लिए दवाइयां दी जाएंगी।
प्रतिभागियों को अभियान के संक्षिप्त विवरण, इसके उद्देश्यों, अभियान के दौरान की जा रही प्रमुख रणनीतिक गतिविधियों और एमडीए कार्यक्रम के साथ उच्च कवरेज तथा अनुपालन सुनिश्चित करने में भाग लेने वाले राज्यों की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में जानकारी दी गई।जेपी नड्डा ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आग्रह कियाइस अवसर पर जेपी नड्डा ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आग्रह किया कि वे पीड़ित लोगों का शीघ्र निदान सुनिश्चित करने के लिए राज्य स्तर पर अभियान की निगरानी करें। उन्होंने इसके लिए चिन्हित राज्य/जिला स्तर पर राजनीतिक और प्रशासनिक नेतृत्व की व्यक्तिगत भागीदारी का भी आह्वान किया।उन्होंने कहा कि बेहतर स्व-देखभाल तक पहुंच के लिए आयुष्मान आरोग्य मंदिर (एएएम) सुविधाओं में एमएमडीपी सेवाओं को पूरी तरह से शामिल करने के प्रयास चल रहे हैं और लगभग 50 प्रतिशत लिम्फोडेमा मामलों में सालाना रुग्णता प्रबंधन और विकलांगता रोकथाम (एमएमडीपी) किट प्राप्त होती हैं।केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि एनएचएम के तहत, हाइड्रोसेलेक्टोमी सर्जरी का प्रावधान है और पीएमजेएवाई योजना में भी लाभार्थियों के लिए हाइड्रोसेलेक्टोमी का विकल्प है। उन्होंने बताया कि 2024 में लगभग 50 प्रतिशत हाइड्रोसेले सर्जरी चिन्हित राज्यों में की गई थी।संक्रमित मच्छरों से फैलने वाला एक परजीवी रोग है फाइलेरियालिम्फेटिक फाइलेरिया को आमतौर पर “हाथी पांव” के रूप में जाना जाता है जो संक्रमित मच्छरों से फैलने वाला एक परजीवी रोग है। यह लिम्फोएडेमा (अंगों की सूजन) और हाइड्रोसील (अंडकोष की सूजन) जैसी शारीरिक दिव्यांगताओं को जन्म दे सकता है और प्रभावित लोगों और परिवारों पर दीर्घकालिक बोझ डाल सकता है।एमडीए अभियान भारत की लिम्फेटिक फाइलेरिया उन्मूलन रणनीति का मुख्य घटक है, जिसे स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीवीबीडीसी) चलाता है। यह कार्यक्रम घर-घर जाकर फाइलेरिया रोधी दवा वितरण पर केंद्रित है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इस बीमारी से पीड़ित हर व्यक्ति इस रोग को फैलने से रोकने के लिए निर्धारित दवा का सेवन करे।13 राज्यों में चलाया जाएगा मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन अभियानएमडीए अभियान में 13 राज्यों- आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के 111 जिलों को शामिल किया जाएगा।दवा उपचार में शामिल हैं-मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) अभियान में एलएफ-पीड़ित क्षेत्रों में सभी पात्र लोगों को एंटी-फाइलेरिया दवाएं उपलब्ध कराना शामिल है, भले ही उनमें लक्षण दिखाई दें या नहीं। दवा उपचार में शामिल हैं:--डबल ड्रग रेजिमेन (डीए): डायइथाइलकार्बामेज़िन साइट्रेट (डीईसी) और एल्बेंडाज़ोल-ट्रिपल ड्रग रेजिमेन (आईडीए): आइवरमेक्टिन, डायथाइलकार्बामेज़िन साइट्रेट (डीईसी), और एल्बेंडाज़ोलएमडीए का लक्ष्य संक्रमित लोगों के रक्तप्रवाह में मौजूद सूक्ष्म फाइलेरिया परजीवियों को नष्ट करके एलएफ के प्रसार को कम करना है, जिससे मच्छरों द्वारा आगे संक्रमण को रोका जा सके। जबकि एमडीए दवा अत्यंत सुरक्षित और प्रभावी है, इसे खाली पेट नहीं लिया जाना चाहिए।निम्नलिखित समूह के लोगों को दवाओं का सेवन नहीं करना चाहिए-– 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चे– गर्भवती महिलाएं– गंभीर रूप से बीमार व्यक्तिवहीं, अन्य सभी पात्र लोगों को उचित उपभोग सुनिश्चित करने तथा अपव्यय या दुरुपयोग से बचने के लिए प्रशिक्षित स्वास्थ्य कार्यकर्ता की उपस्थिति में दवा का सेवन करना चाहिए। - प्रयागराज । प्रयागराज में देश की प्रथम नागरिक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पहुंचकर पवित्र त्रिवेणी संगम में स्नान किया। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चारण और श्लोकों के बीच उन्होंने संगम स्थल पर पूजा-अर्चना की और संगम की आरती भी उतारी। राष्ट्रपति यहां महाकुंभ की भव्यता और दिव्यता की साक्षी बनीं।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अक्षयवट और सरस्वती कूप के दर्शन किए, साथ ही बड़े हनुमान मंदिर पहुंचकर श्रद्धाभाव से पूजन-अर्चन किया। इस दौरान प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संगम में पवित्र स्नान के उपरांत धार्मिक आस्था को और अधिक मजबूती देने के लिए अक्षयवट का दर्शन-पूजन किया। सनातन संस्कृति में अक्षयवट को अमरता का प्रतीक माना जाता है। यह हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण स्थल है, जिसकी महत्ता पुराणों में भी वर्णित है।इसके अलावा वे यहां सरस्वती कूप के दर्शन को भी पहुंचीं। उन्होंने बड़े हनुमान मंदिर में भी दर्शन-पूजन किया और देशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर के महंत और बाघंबरी पीठ के पीठाधीश्वर बलबीर गिरि ने पूरे विधि विधान से पूजन संपन्न कराया और राष्ट्रपति को मंदिर की प्रतिकृति भेंट की।आधुनिक भारत और डिजिटल युग के साथ धार्मिक आयोजनों को जोड़ने की पीएम मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी समर्थन दिया। वे डिजिटल महाकुंभ अनुभूति केंद्र का अवलोकन करने पहुंचीं, जिसमें महाकुंभ मेले की विस्तृत जानकारी तकनीकी माध्यमों से उपलब्ध कराई जा रही है।देश-विदेश के श्रद्धालुओं को महाकुंभ के अद्भुत आयोजन को और अधिक निकटता से अनुभव करने के लिए इसे स्थापित किया गया है। राष्ट्रपति ने स्वयं इसका अनुभव किया। वहीं, मुख्यमंत्री ने उन्हें केंद्र की विशेषताओं से अवगत कराया।इससे पहले राष्ट्रपति मुर्मू के सोमवार सुबह प्रयागराज पहुंचने पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और सीएम योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया। यहां से राष्ट्रपति अरैल घाट पहुंचीं, जहां से क्रूज पर सवार होकर वह त्रिवेणी संगम पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने डेक पर खड़े होकर नौका विहार का आनंद भी लिया और अपने हाथों से पक्षियों को दाना खिलाया।
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महाकुंभ नगर। प्रयागराज महाकुंभ में विभिन्न अखाड़ों में 7,000 से अधिक महिलाओं ने संन्यास की दीक्षा ली। आधिकारिक बयान के मुताबिक, जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी, श्री पंचदशनाम आवाहन अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अरुण गिरी और वैष्णव संतों के धर्माचार्यों के अंतर्गत सनातन से जुड़ने वालों में महिलाओं की संख्या अधिक रही। सभी प्रमुख अखाड़ों में इस बार 7,000 से अधिक महिलाओं ने गुरु दीक्षा ली और सनातन की सेवा का संकल्प लिया। संन्यासिनी श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े की अध्यक्ष डॉ. देव्या गिरी ने कहा, “इस बार महाकुंभ में 246 महिलाओं को नागा संन्यासिनी को दीक्षा दी गई। इससे पूर्व 2019 के कुंभ में 210 महिलाओं को नागा संन्यासिनी की दीक्षा दी गई थी।” देव्या गिरी ने बताया कि जिन महिलाओं को दीक्षा दी गई उनमें अधिक संख्या उच्च शिक्षित और आत्म चिंतन के लिए जुड़ने वाली महिलाओं की है। उन्होंने कहा कि महाकुंभ जैसे धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजन से जन मानस को सनातन को समझने और इससे जुड़ने का अवसर मिलता है। महाकुंभ में युवाओं की भूमिका को लेकर शोध करने आई दिल्ली विश्वविद्यालय की शोध छात्रा इप्शिता होलकर ने बताया कि महाकुंभ के प्रथम स्नान पर्व- पौष पूर्णिमा से लेकर बसंत पंचमी तक विभिन्न प्रवेश द्वारों पर किए गए सर्वेक्षण में महाकुंभ में आ रहे हर 10 आगंतुकों में चार महिलाएं देखी गईं जिसमें नई पीढ़ी की संख्या 40 फीसदी है। गोविंद वल्लभ पंत सामाजिक विज्ञान संस्थान की तरफ से इस विषय पर किए जा रहे सर्वे और शोध में भी इस बात के संकेत मिल रहे हैं कि नई पीढ़ी में सनातन को समझने की ललक तेजी से बढ़ी है।
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इंफाल। मणिपुर के मुख्यमंत्री के रूप में नोंगथोम्बम बीरेन सिंह का कार्यकाल मुख्य रूप से जातीय हिंसा से निपटने, संघर्ष भड़काने के आरोपों समेत कई विवादों से घिरा रहा। फुटबॉल खिलाड़ी रहे सिंह राजनीति में प्रवेश करने से पहले पत्रकार थे। वह पहली बार 2017 में मुख्यमंत्री बने। उनका दूसरा कार्यकाल 2022 में शुरू हुआ। वह इंफाल ईस्ट जिले में हीनगांग विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। सिंह ने 2002 में राजनीति में प्रवेश किया, जब वह डेमोक्रेटिक रिवोल्यूशनरी पीपुल्स पार्टी में शामिल हुए और विधानसभा चुनाव जीते। वह 2003 में कांग्रेस में शामिल हो गए। उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ते हुए 2007 में सीट बरकरार रखी। कुछ ही समय में सिंह तत्कालीन मुख्यमंत्री इबोबी सिंह के भरोसेमंद सहयोगियों में से एक बन गए और उन्हें सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण, युवा मामले एवं खेल, तथा उपभोक्ता मामले एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री बनाया गया। सिंह ने 2012 में लगातार तीसरी बार अपनी सीट बरकरार रखी, लेकिन उनका इबोबी सिंह के साथ मतभेद हो गया। आखिरकार, पद पर बने रहना मुश्किल होने पर उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया और अक्टूबर 2016 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए। मार्च 2017 के चुनावों में, कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी, लेकिन उसके पास पर्याप्त संख्याबल नहीं था जिसके कारण भाजपा ने गठबंधन सरकार बनाई और बीरेन सिंह नए मुख्यमंत्री बने। वह 2022 में मुख्यमंत्री के रूप में दूसरा कार्यकाल पाने के लिए अपनी पार्टी का भरोसा जीतने में कामयाब रहे। तब से अब तक उनका सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा है। सिंह के कार्यकाल का सबसे बड़ा विवाद मई 2023 में शुरू हुआ जब राज्य में जातीय हिंसा भड़क उठी।
जातीय संघर्ष में इंफाल घाटी में बहुसंख्यक मेइती समुदाय और आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों में बसे कुकी-जो आदिवासी समूहों के बीच गंभीर झड़पें हुईं। इन झड़पों के परिणामस्वरूप 250 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई और हजारों लोग विस्थापित हो गए। हिंसा को रोकने में सरकार की नाकामी ने सिंह के नेतृत्व को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दीं। हिंसा को लेकर सिंह ने दिसंबर 2023 में सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने राज्य में अशांति के कारण हुई मौतों और विस्थापन के लिए अफसोस जताया। सिंह ने विभिन्न समुदायों के बीच मेल-मिलाप का आह्वान किया तथा अतीत की गलतियों को माफ करने तथा शांतिपूर्ण मणिपुर के पुनर्निर्माण के लिए काम करने का आग्रह किया। फरवरी में, एक नया विवाद तब खड़ा हो गया जब सिंह से संबंधित ऑडियो टेप लीक हो गए, जिसमें उन्हें कथित तौर पर यह चर्चा करते हुए सुना गया कि किस प्रकार कथित रूप से उनकी मंजूरी से जातीय हिंसा भड़काई गई। जातीय संघर्ष से निपटने में सिंह के रवैये की मुखर आलोचक ‘कुकी ऑर्गेनाइजेशन फॉर ह्यूमन राइट्स ट्रस्ट' (कोहूर) ने ऑडियो टेप की प्रामाणिकता की जांच अदालत की निगरानी में कराने की मांग की। मामले में उच्चतम न्यायालय ने केंद्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (सीएफएसएल) को टेप की प्रामाणिकता की पुष्टि करने और एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया। -
नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को कर्नाटक के बेंगलुरु में येलहंका एयरफोर्स स्टेशन पर एयरो इंडिया के 15वें संस्करण का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण और अग्रणी प्रौद्योगिकियों का संगम, एयरो इंडिया 2025, आज की अनिश्चितताओं से निपटने के लिए आपसी सम्मान, आपसी हित और आपसी लाभ के आधार पर समान विचारधारा वाले देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करने के लिए एक मंच प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि स्थायी शांति तभी प्राप्त की जा सकती है जब राष्ट्र एक साथ मजबूत बनें और बेहतर विश्व व्यवस्था की दिशा में कार्य करें।
रक्षा मंत्री ने कहा कि पांच दिवसीय इस कार्यक्रम में विश्व भर से सरकारी प्रतिनिधि, उद्योग प्रमुख, वायु सेना के अधिकारी, वैज्ञानिक, रक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञ, स्टार्ट-अप, शिक्षाविद और अन्य हितधारक भाग लेंगे तथा यह संगम भारत के साझेदारों को सभी के लाभ के लिए करीब लाएगा।राजनाथ सिंह ने कहा कि हम अक्सर खरीदार और विक्रेता के रूप में वार्तालाप करते हैं, जहां हमारे संबंध लेन-देन के स्तर पर होते हैं। हालांकि, दूसरे स्तर पर, हम अपनी साझेदारी को खरीदार-विक्रेता संबंध से आगे औद्योगिक सहयोग के स्तर तक ले जाते हैं। हमारे पास समान विचारधारा वाले देशों के साथ सह-उत्पादन और सह-विकास के कई सफल उदाहरण हैं। हमारे लिए, भारतीय सुरक्षा या भारतीय शांति अलग नहीं है। सुरक्षा, स्थिरता और शांति साझा निर्माण हैं जो राष्ट्रीय सीमाओं से परे हैं। हमारे विदेशी मित्रों की उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि हमारे साझेदार एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य के हमारे दृष्टिकोण को साझा करते हैं।रक्षा मंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत एक परिवर्तनकारी दौर से गुजर रहा है, जो तेजी से विकासशील से विकसित राष्ट्र की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार द्वारा एक ठोस, सतत और सुविचारित प्रारूप के कारण देश में एक जीवंत और संपन्न रक्षा उद्योग पारिस्थितिकी व्यवस्था बनाई गई है। उन्होंने कहा कि रक्षा औद्योगिक क्षेत्र, जिसे पहले राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के घटक के रूप में नहीं देखा जाता था, आज समग्र अर्थव्यवस्था के साथ पूरी तरह से एकीकृत हो गया है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र अब एक मोटर की तरह है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास इंजन को शक्ति प्रदान कर रहा है।रक्षा मंत्री ने कहा कि केंद्रीय बजट 2025-26 में रक्षा मंत्रालय को 6.81 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड आवंटन, जिसमें पूंजी अधिग्रहण के लिए 1.80 लाख करोड़ रुपये शामिल हैं, इस बात का प्रमाण है कि सरकार रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता वाला क्षेत्र मानती है।रक्षा मंत्री द्वारा उद्घाटन किए गए एशिया के सबसे बड़े एयरोस्पेस और रक्षा प्रदर्शनी के 15वें संस्करण में अगले पांच दिनों में भारत की हवाई शक्ति और स्वदेशी अत्याधुनिक नवाचारों के साथ-साथ वैश्विक एयरोस्पेस कंपनियों के अत्याधुनिक उत्पादों का प्रदर्शन किया जाएगा।गौरतलब हो, 10 से 12 फरवरी को व्यावसायिक दिवस के रूप में आरक्षित किया गया है, जबकि 13 और 14 फरवरी को आम लोगों के लिए शो देखने के लिए सार्वजनिक दिन निर्धारित किए गए हैं। इस कार्यक्रम में रक्षा मंत्रियों का सम्मेलन, सीईओ गोलमेज, भारत और आईडीईएक्स मंडपों का उद्घाटन, मंथन आईडीईएक्स कार्यक्रम, सामर्थ्य स्वदेशीकरण कार्यक्रम, समापन समारोह, सेमिनार, शानदार एयरशो और एयरोस्पेस कंपनियों की प्रदर्शनी शामिल है। - नई दिल्ली। सुरक्षा बलों ने छत्तीसगढ़ के बीजापुर में 31 नक्सलियों को मार गिराया है। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसे नक्सल मुक्त भारत बनाने की दिशा में सुरक्षा बलों की एक बडी सफलता बताया है। अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि 31 मार्च 2026 से पहले हम देश से नक्सलवाद को जड़ से समाप्त कर देंगे, ताकि देश के किसी भी नागरिक को इसके कारण अपनी जान न गँवानी पड़े।छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों और नक्सलियों की मुठभेड़ नेशनल पार्क इलाके में हुई जिसे नक्सलियों का गढ़ माना जाता था। इस अभियान में 650 से अधिक सुरक्षाबलों ने हिस्सा लिया और चारों तरफ से घेराबंदी कर नक्सलियों के ठिकानों पर हमला किया। हालांकि इस कार्रवाई में दो जवान शहीद हो गए और दो अन्य घायल हो गए जिन्हें एयरलिफ्ट कर अस्पताल भेजा गया है।केन्द्रीय गृह मंत्री ने एक्स (X) पर अपनी एक पोस्ट कहा कि नक्सल मुक्त भारत बनाने की दिशा में सुरक्षा बलों ने छत्तीसगढ़ के बीजापुर में बड़ी सफलता हासिल की है। इस ऑपरेशन में 31 नक्सलियों को ढेर करने के साथ ही भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री भी बरामद की गयी है।केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने बताया कि मानवता विरोधी नक्सलवाद को समाप्त करने में आज हमने अपने दो बहादुर जवानों को खोया है। यह देश इन वीरों का सदा ऋणी रहेगा। शहीद जवानों के परिजनों के प्रति भावपूर्ण संवेदनाएँ व्यक्त करी।गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने पुनः यह संकल्प दोहराया कि 31 मार्च 2026 से पहले हम देश से नक्सलवाद को जड़ से समाप्त कर देंगे, ताकि देश के किसी भी नागरिक को इसके कारण अपनी जान न गँवानी पड़े।वहीं, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जवानों की शहादत पर गहरा दुख जताया और कहा कि “जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।” उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद से मुक्त कर दिया जाएगा।
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प्रयागराज। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने परिवार के साथ उत्तर प्रदेश के प्रयागराज पहुंचे, जहां उन्होंने आज (सोमवार) सुबह चल रहे महाकुंभ 2025 के दौरान त्रिवेणी संगम में पवित्र डुबकी लगाई। सीएम धामी के साथ उनकी पत्नी, मां और बेटा भी पवित्र अनुष्ठान के लिए मौजूद थे। पवित्र डुबकी लगाने के बाद धामी ने त्रिवेणी संगम में पक्षियों को दाना भी डाला।
इसके बाद मीडिया से बातचीत के दौरान पुष्कर धामी ने इस अवसर के लिए आभार व्यक्त किया और खुद को यहां आकर पवित्र डुबकी लगाने के लिए “सौभाग्यशाली” बताया। उन्होंने यह भी दोहराया कि हरिद्वार में कुंभ मेला 2027 की तैयारियां पहले से ही चल रही हैं।आपको बता दें, इससे पहले कल रविवार को उन्होंने महाकुंभ 2025 के लिए स्थापित उत्तराखंड मंडपम का निरीक्षण किया था। जिसकी जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने बताया कि अपने दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड मंडपम में ठहरे तीर्थयात्रियों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना।आधिकारिक बयान में कहा गया है सीएम धामी के निर्देशों के तहत उत्तराखंड सरकार ने प्रयागराज महाकुंभ 2025 में यह सुविधा स्थापित की है। इस दौरान उन्होंने उत्तराखंड के तीर्थयात्रियों के लिए उपलब्ध कराए जा रहे आवास और भोजन व्यवस्था की भी समीक्षा की। पुष्कर धामी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि उत्तराखंड मंडपम देश और दुनिया भर के भक्तों के लिए प्रदेश की संस्कृति का अनुभव करने के लिए एक मंच के रूप में कार्य करता है। आवास की पेशकश के अलावा उत्तराखंड मंडपम आगंतुकों को महाकुंभ के भीतर राज्य को समझने का भी मौका देता है।मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि उत्तराखंड मंडपम राज्य के पारंपरिक उत्पादों को बढ़ावा देने की सुविधा प्रदान कर रहा है। आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, उत्तराखंड की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने के अलावा क्षेत्र की कला, संस्कृति और विशेष उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री की व्यवस्था की गई है।इस बीच सीएम धामी ने निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि और परमार्थ निकेतन प्रमुख चिदानंद सरस्वती के साथ ‘समानता के साथ समरसता’ कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने ज्ञान महाकुंभ में आयोजित ‘भारतीय शिक्षा: राष्ट्रीय संकल्पना’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया।वहीं,उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा कि रविवार को लगभग 8.429 मिलियन भक्तों ने महाकुंभ 2025 में पवित्र स्नान किया। महाकुंभ 2025 में अब तक 42 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा चुके हैं। महाकुंभ 2025 पौष पूर्णिमा (13 जनवरी, 2025) को शुरू हुआ था। यह दुनिया का सबसे बड़ा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजन है, जो दुनिया भर से भक्तों को आकर्षित करता है। भव्य आयोजन 26 फरवरी महाशिवरात्रि तक चलेगा।इस आयोजन ने पहले ही देश और दुनिया भर से लाखों भक्तों को आकर्षित किया है और उम्मीद है कि यह उपस्थिति और भागीदारी के नए रिकॉर्ड बनाएगा। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को फ्रांस और अमेरिका दौरे के लिए रवाना हो गए। वह पेरिस में एआई एक्शन समिट में हिस्सा लेंगे। पीएम मोदी फ्रांस में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और अमेरिका में प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे।
भारत-फ्रांस संबंध मजबूत करने के लिए राष्ट्रपति मैक्रों के साथ करेंगे द्विपक्षीय बैठकेंप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी यात्रा के बारे में जानकारी देते हुए एक्स पर लिखा, “अगले कुछ दिनों में मैं विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के लिए फ्रांस और अमेरिका में रहूंगा। फ्रांस में मैं एआई एक्शन समिट में हिस्सा लूंगा, जहां भारत सह-अध्यक्ष है। मैं भारत-फ्रांस संबंधों को मजबूत करने के लिए राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ बातचीत करूंगा। हम वहां वाणिज्य दूतावास का उद्घाटन करने के लिए मार्सिले भी जाएंगे।”पीएम मोदी ने कहा- ‘राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलने के लिए उत्सुक’पीएम मोदी ने कहा, “वाशिंगटन डीसी में, मैं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलने के लिए उत्सुक हूं। यह यात्रा भारत-अमेरिका की दोस्ती को मजबूत करेगी और विभिन्न क्षेत्रों में संबंधों को बढ़ावा देगी। मुझे प्रेसिडेंट ट्रंप के साथ उनके पहले कार्यकाल के दौरान काम करना अच्छी तरह याद है। मुझे यकीन है कि हमारी बातचीत उस समय की गई चर्चाओं पर आधारित होगी।”यात्रा के पहले चरण में 10 से 12 फरवरी तक फ्रांस में रहेंगे पीएमयात्रा के पहले चरण में पीएम मोदी 10 फरवरी (सोमवार) से 12 फरवरी तक फ्रांस में रहेंगे। वह 10 फरवरी को पेरिस पहुंचेंगे। शाम को राष्ट्रपति मैक्रों की ओर से एलिसी पैलेस में सरकार और राष्ट्राध्यक्षों के सम्मान में आयोजित डिनर में शामिल होंगे।डिनर में तकनीकी क्षेत्र के कई सीईओ और शिखर सम्मेलन में आमंत्रित अन्य कई गणमान्य व्यक्तियों के भी शामिल होने की संभावना है।मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अगले दिन 11 फरवरी को प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति मैक्रों के साथ एआई एक्शन शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता करेंगे।12 फरवरी को दोनों नेता मार्सिले शहर का दौरा करेंगे और वहां भारतीय वाणिज्य दूतावास का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद वे दोनों मार्सिले में मजारग्यूज वॉर सिमेट्री भी जाएंगे और प्रथम विश्व युद्ध में शहीद हुए भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि देंगे। वॉर सिमेट्री का निर्माण कॉमनवेल्थ वॉर ग्रेव कमीशन ने किया है।12 से 14 फरवरी तक अमेरिका जाएंगे पीएम मोदीपीएम मोदी 12 से 14 फरवरी तक दो दिवसीय कार्य यात्रा पर अमेरिका जाएंगे। इस यात्रा के दौरान वह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। वह व्यापारिक नेताओं और भारतीय समुदाय के सदस्यों से बातचीत करेंगे।पीएम मोदी की अमेरिका यात्रा अमेरिका से 100 से अधिक भारतीयों को ‘अमानवीय’ तरीके से वापस भेजे जाने के मामले पर राजनीतिक विवाद के बीच हो रही है।पिछले सप्ताह एक विशेष ब्रीफिंग में विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा इस ‘महत्वपूर्ण साझेदारी’ को और दिशा व गति प्रदान करेगी।विदेश सचिव ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप के शपथ ग्रहण के कुछ सप्ताह बाद उनके निमंत्रण पर पीएम मोदी की अमेरिका यात्रा ‘भारत-अमेरिका साझेदारी के महत्व और अमेरिका में इस साझेदारी को मिल रहे द्विदलीय समर्थन को भी दर्शाती है।’ -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘परीक्षा पे चर्चा’ के दौरान स्कूली बच्चों को नेतृत्व क्षमता के गुर सिखाए। गंभीर मुद्दों को बड़ी सरलता और सहजता से समझाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि लीडर के लिए टीम वर्क सीखना बहुत जरूरी है।
आपके व्यवहार से लोग आपको लीडर के तौर पर स्वीकार करेंगेपीएम मोदी छात्रों से बातचीत में कहा कि मॉनिटर कहे कि आप समय पर आइए, फिर मैं आऊंगा, तो? उसे खुद वक्त पर आना होगा, उसे होमवर्क करना होगा। उसे सभी की मदद करनी होगी, कठिनाइयां समझनी होंगी, देखभाल करनी होगी। लोग सोचेंगे कि ये तो मेरा ख्याल रखता है। आपको रिस्पेक्ट देगा। आपको खुद, अपने व्यवहार को बदलना होगा। आपको अगल-बगल के लोग स्वीकार करेंगे लीडर के तौर पर।लोगों का विश्वास ही आपकी लीडरशिप को मान्यता देगाप्रधानमंत्री ने छात्रों को नेतृत्व करने के गुण भी बताए। प्रधानमंत्री ने बताया कि लीडर को टीम वर्क सीखना बहुत जरूरी है। अगर किसी को काम दिया, तो उसकी कठिनाई पता करनी होगी। सिद्धांत बनाइए- जहां कम, वहां हम। लोगों का विश्वास ही आपकी लीडरशिप को मान्यता देगा।प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों को दिया चुनौतियों से लड़ने का मंत्रप्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों को चुनौतियों से लड़ने का मंत्र भी दिया। बोले, “आपके अपने अंदर की चुनौतियों से लड़ना होगा। मान लीजिए, अगर पिछली बार आपके 30 अंक आए थे, तो आपको इस बार कोशिश करनी चाहिए कि आप इस बार 35 अंक लेकर आए। ऐसा करके आपको अपने लक्ष्य की सीमा को बढ़ाना चाहिए। यह आपके लिए एक चुनौती है। इसके लिए आपको खुद की चुनौतियों से लड़ना होगा।”पीएम मोदी ने अभिभावकों से भी शेयर किए कुछ टिप्सउन्होंने छात्रों को सलाह दी, “आपको अपने मन को स्थिर रखना है। अगर आप अपने मन को स्थिर रखेंगे, तो निश्चित तौर पर आप अपने लक्ष्य को प्राप्त कर पाएंगे।” पीएम मोदी ने अभिभावकों को भी कुछ टिप्स दिए। उन्होंने कहा कि पेरेंट्स को यह समझना चाहिए कि उनके बच्चे की दिलचस्पी किसमें है। अगर उनके बच्चे का खेल में इंटरेस्ट है, तो पेरेंट्स को कोशिश करनी चाहिए कि उसे किसी खेल इवेंट में ले जाएं।प्रधानमंत्री ने छात्रों को सलाह दी कि आप खुद से प्रतिस्पर्धा कीजिए। उन्होंने छात्रों को बताया कि ज्यादातर लोग अपने से कम लोगों से प्रतिस्पर्धा करते हैं, लेकिन आपको ऐसा नहीं करना चाहिए। आपको खुद से प्रतिस्पर्धा करना चाहिए। ऐसा करके आप खुद को आगे बढ़ा सकेंगे।






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